१०२
अत-तकासुर
التكاثر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१०२:१
أَلْهَىٰكُمُ
गाफ़िल कर दिया तुम्हें
alhākumu
गाफ़िल कर दिया तुम्हें ٱلتَّكَاثُرُ कसरत की तलब ने l-takāthuru
कसरत की तलब ने ١ (1)
(1)
गाफ़िल कर दिया तुम्हें ٱلتَّكَاثُرُ कसरत की तलब ने l-takāthuru
कसरत की तलब ने ١ (1)
(1)
तुम्हें (धन, संतान की) बहुतायत पर गर्व ने ग़ाफ़िल कर दिया।
१०२:२
حَتَّىٰ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि زُرْتُمُ जा पहुँचे तुम zur'tumu
जा पहुँचे तुम ٱلْمَقَابِرَ क़ब्रों मे l-maqābira
क़ब्रों मे ٢ (2)
(2)
यहाँ तक कि زُرْتُمُ जा पहुँचे तुम zur'tumu
जा पहुँचे तुम ٱلْمَقَابِرَ क़ब्रों मे l-maqābira
क़ब्रों मे ٢ (2)
(2)
यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।1
१०२:३
كَلَّا
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ٣ (3)
(3)
हरगिज़ नहीं سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ٣ (3)
(3)
कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
१०२:४
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर كَلَّا हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ٤ (4)
(4)
फिर كَلَّا हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ٤ (4)
(4)
फिर कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
१०२:५
كَلَّا
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं لَوْ काश law
काश تَعْلَمُونَ तुम जान लेते taʿlamūna
तुम जान लेते عِلْمَ जानना ʿil'ma
जानना ٱلْيَقِينِ यक़ीन का l-yaqīni
यक़ीन का ٥ (5)
(5)
हरगिज़ नहीं لَوْ काश law
काश تَعْلَمُونَ तुम जान लेते taʿlamūna
तुम जान लेते عِلْمَ जानना ʿil'ma
जानना ٱلْيَقِينِ यक़ीन का l-yaqīni
यक़ीन का ٥ (5)
(5)
कदापि नहीं, यदि तुम निश्चित ज्ञान के साथ जान लेते (तो ऐसा न करते)।1
१०२:६
لَتَرَوُنَّ
अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे
latarawunna
अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे ٱلْجَحِيمَ जहन्नम को l-jaḥīma
जहन्नम को ٦ (6)
(6)
अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे ٱلْجَحِيمَ जहन्नम को l-jaḥīma
जहन्नम को ٦ (6)
(6)
निश्चय तुम अवश्य जहन्नम को देखोगे।
१०२:७
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर لَتَرَوُنَّهَا अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे उसे latarawunnahā
अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे उसे عَيْنَ आँख से ʿayna
आँख से ٱلْيَقِينِ यक़ीन की l-yaqīni
यक़ीन की ٧ (7)
(7)
फिर لَتَرَوُنَّهَا अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे उसे latarawunnahā
अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे उसे عَيْنَ आँख से ʿayna
आँख से ٱلْيَقِينِ यक़ीन की l-yaqīni
यक़ीन की ٧ (7)
(7)
फिर निश्चय तुम उसे अवश्य विश्वास की आँख से देखोगे।
१०२:८
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर لَتُسْـَٔلُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर पूछे जाओगे latus'alunna
अलबत्ता तुम ज़रूर पूछे जाओगे يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन عَنِ about ʿani
about ٱلنَّعِيمِ नेअमतों के बारे में l-naʿīmi
नेअमतों के बारे में ٨ (8)
(8)
फिर لَتُسْـَٔلُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर पूछे जाओगे latus'alunna
अलबत्ता तुम ज़रूर पूछे जाओगे يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन عَنِ about ʿani
about ٱلنَّعِيمِ नेअमतों के बारे में l-naʿīmi
नेअमतों के बारे में ٨ (8)
(8)
फिर निश्चय तुम उस दिन नेमतों के बारे में अवश्य पूछे जाओगे।1