१०२

अत-तकासुर

मक्की ८ आयतें पारा १
التكاثر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१०२:१
أَلْهَىٰكُمُ गाफ़िल कर दिया तुम्हें alhākumu
गाफ़िल कर दिया तुम्हें
ٱلتَّكَاثُرُ कसरत की तलब ने l-takāthuru
कसरत की तलब ने
١ (1)
(1)
तुम्हें (धन, संतान की) बहुतायत पर गर्व ने ग़ाफ़िल कर दिया।
१०२:२
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
زُرْتُمُ जा पहुँचे तुम zur'tumu
जा पहुँचे तुम
ٱلْمَقَابِرَ क़ब्रों मे l-maqābira
क़ब्रों मे
٢ (2)
(2)
यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।1
१०२:३
كَلَّا हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं
سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब
تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे
٣ (3)
(3)
कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
१०२:४
ثُمَّ फिर thumma
फिर
كَلَّا हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं
سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब
تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे
٤ (4)
(4)
फिर कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
१०२:५
كَلَّا हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं
لَوْ काश law
काश
تَعْلَمُونَ तुम जान लेते taʿlamūna
तुम जान लेते
عِلْمَ जानना ʿil'ma
जानना
ٱلْيَقِينِ यक़ीन का l-yaqīni
यक़ीन का
٥ (5)
(5)
कदापि नहीं, यदि तुम निश्चित ज्ञान के साथ जान लेते (तो ऐसा न करते)।1
१०२:६
لَتَرَوُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे latarawunna
अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे
ٱلْجَحِيمَ जहन्नम को l-jaḥīma
जहन्नम को
٦ (6)
(6)
निश्चय तुम अवश्य जहन्नम को देखोगे।
१०२:७
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَتَرَوُنَّهَا अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे उसे latarawunnahā
अलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे उसे
عَيْنَ आँख से ʿayna
आँख से
ٱلْيَقِينِ यक़ीन की l-yaqīni
यक़ीन की
٧ (7)
(7)
फिर निश्चय तुम उसे अवश्य विश्वास की आँख से देखोगे।
१०२:८
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَتُسْـَٔلُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर पूछे जाओगे latus'alunna
अलबत्ता तुम ज़रूर पूछे जाओगे
يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन
عَنِ about ʿani
about
ٱلنَّعِيمِ नेअमतों के बारे में l-naʿīmi
नेअमतों के बारे में
٨ (8)
(8)
फिर निश्चय तुम उस दिन नेमतों के बारे में अवश्य पूछे जाओगे।1