८१

अत-तकवीर

मक्की २९ आयतें पारा ३०
التكوير
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८१:१
إِذَا जब idhā
जब
ٱلشَّمْسُ सूरज l-shamsu
सूरज
كُوِّرَتْ लपेट दिया जाएगा kuwwirat
लपेट दिया जाएगा
١ (1)
(1)
जब सूर्य लपेट दिया जाएगा।
८१:२
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلنُّجُومُ सितारे l-nujūmu
सितारे
ٱنكَدَرَتْ बेनूर हो जाऐंगे inkadarat
बेनूर हो जाऐंगे
٢ (2)
(2)
और जब सितारे प्रकाश रहित हो जाएँगे।
८१:३
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़
سُيِّرَتْ चला दिए जाऐंगे suyyirat
चला दिए जाऐंगे
٣ (3)
(3)
और जब पर्वत चलाए जाएँगे।
८१:४
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْعِشَارُ दस माह की हामिला ऊँटनियाँ l-ʿishāru
दस माह की हामिला ऊँटनियाँ
عُطِّلَتْ बेकार छोड़ दी जाऐंगी ʿuṭṭilat
बेकार छोड़ दी जाऐंगी
٤ (4)
(4)
और जब गाभिन ऊँटनियाँ छोड़ दी जाएँगी।
८१:५
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْوُحُوشُ वहशी जानवर l-wuḥūshu
वहशी जानवर
حُشِرَتْ इकट्ठे कर दिए जाऐंगे ḥushirat
इकट्ठे कर दिए जाऐंगे
٥ (5)
(5)
और जब जंगली जानवर एकत्रित किए जाएँगे।
८१:६
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْبِحَارُ समुन्दर l-biḥāru
समुन्दर
سُجِّرَتْ भड़का दिए जाऐंगे sujjirat
भड़का दिए जाऐंगे
٦ (6)
(6)
और जब सागर भड़काए जाएँगे।1
८१:७
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلنُّفُوسُ जानें l-nufūsu
जानें
زُوِّجَتْ जोड़ दी जाऐंगी zuwwijat
जोड़ दी जाऐंगी
٧ (7)
(7)
और जब प्राण मिला दिए जाएँगे।
८१:८
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْمَوْءُۥدَةُ ज़िन्दा गाड़ी हुई लड़की l-mawūdatu
ज़िन्दा गाड़ी हुई लड़की
سُئِلَتْ पूछी जाएगी su-ilat
पूछी जाएगी
٨ (8)
(8)
और जब जीवित गाड़ी गई लड़की से पूछा जाएगा।
८१:९
بِأَىِّ बवजह किस bi-ayyi
बवजह किस
ذَنۢبٍۢ गुनाह के dhanbin
गुनाह के
قُتِلَتْ वो मारी गई qutilat
वो मारी गई
٩ (9)
(9)
कि वह किस अपराध के कारण मारी गई?
८१:१०
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلصُّحُفُ आमाल नामे l-ṣuḥufu
आमाल नामे
نُشِرَتْ फैला दिए जाऐंगे nushirat
फैला दिए जाऐंगे
١٠ (10)
(10)
तथा जब कर्मपत्र (आमाल नामे) फैला दिए जाएँगे।
८१:११
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान
كُشِطَتْ खाल उतार दी जाएगी (उसकी ) kushiṭat
खाल उतार दी जाएगी (उसकी )
١١ (11)
(11)
और जब आकाश उधेड़ दिया जाएगा।
८१:१२
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْجَحِيمُ जहन्नम l-jaḥīmu
जहन्नम
سُعِّرَتْ भड़का दी जाएगी suʿʿirat
भड़का दी जाएगी
١٢ (12)
(12)
और जब जहन्नम दहकाई जाएगी।
८१:१३
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत
أُزْلِفَتْ क़रीब ले आई जाएगी uz'lifat
क़रीब ले आई जाएगी
١٣ (13)
(13)
और जब जन्नत क़रीब लाई जाएगी।
८१:१४
عَلِمَتْ जान लेगा ʿalimat
जान लेगा
نَفْسٌۭ हर नफ़्स nafsun
हर नफ़्स
مَّآ जो
जो
أَحْضَرَتْ उसने हाज़िर किया aḥḍarat
उसने हाज़िर किया
١٤ (14)
(14)
तो प्रत्येक प्राणी जान लेगा कि वह क्या लेकर आया है।1
८१:१५
فَلَآ पस नहीं falā
पस नहीं
أُقْسِمُ मैं क़सम खाता हूँ uq'simu
मैं क़सम खाता हूँ
بِٱلْخُنَّسِ पीछे हटने वाले bil-khunasi
पीछे हटने वाले
١٥ (15)
(15)
मैं क़सम खाता हूँ पीछे हटने वाले सितारों की।
८१:१६
ٱلْجَوَارِ चलने वाले al-jawāri
चलने वाले
ٱلْكُنَّسِ छुप जाने वाले (सितारों की ) l-kunasi
छुप जाने वाले (सितारों की )
١٦ (16)
(16)
चलने वाले, छिप जाने वाले तारों की।
८१:१७
وَٱلَّيْلِ और रात की wa-al-layli
और रात की
إِذَا जब idhā
जब
عَسْعَسَ वो रुख़्सत होती है ʿasʿasa
वो रुख़्सत होती है
١٧ (17)
(17)
और रात की (क़सम), जब वह आती और जाती है।
८१:१८
وَٱلصُّبْحِ और सुबह की wal-ṣub'ḥi
और सुबह की
إِذَا जब idhā
जब
تَنَفَّسَ वो साँस लेती है tanaffasa
वो साँस लेती है
١٨ (18)
(18)
तथा सुबह की, जब वह रौशन होने लगे।
८१:१९
إِنَّهُۥ बेशक वो (क़ुरआन) innahu
बेशक वो (क़ुरआन)
لَقَوْلُ यक़ीनन क़ौल है laqawlu
यक़ीनन क़ौल है
رَسُولٍۢ एक पयामबर rasūlin
एक पयामबर
كَرِيمٍۢ मुअज़्ज़िज़ का karīmin
मुअज़्ज़िज़ का
١٩ (19)
(19)
निःसंदेह यह (क़ुरआन) एक आदरणीय संदेशवाहक की लाई हुई वाणी है।
८१:२०
ذِى Possessor of dhī
Possessor of
قُوَّةٍ जो क़ुव्वत वाला है quwwatin
जो क़ुव्वत वाला है
عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक
ذِى (the) Owner of dhī
(the) Owner of
ٱلْعَرْشِ अर्श वाले के l-ʿarshi
अर्श वाले के
مَكِينٍۢ बुलन्द मरतबा है makīnin
बुलन्द मरतबा है
٢٠ (20)
(20)
जो शक्तिशाली है, अर्श (सिंहासन) वाले के पास उच्च पद वाला है।
८१:२१
مُّطَاعٍۢ इताअत किया जाता है muṭāʿin
इताअत किया जाता है
ثَمَّ वहाँ thamma
वहाँ
أَمِينٍۢ अमानतदार है amīnin
अमानतदार है
٢١ (21)
(21)
उसकी वहाँ (आसमानों में) बात मानी जाती है और बड़ा विश्वसनीय है।1
८१:२२
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
صَاحِبُكُم साथी तुम्हारा ṣāḥibukum
साथी तुम्हारा
بِمَجْنُونٍۢ कोई मजनून bimajnūnin
कोई मजनून
٢٢ (22)
(22)
और तुम्हारा साथी कोई दीवाना नहीं हैं।
८१:२३
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
رَءَاهُ उसने देखा उसे raāhu
उसने देखा उसे
بِٱلْأُفُقِ आसमान के किनारे पर bil-ufuqi
आसमान के किनारे पर
ٱلْمُبِينِ खुले l-mubīni
खुले
٢٣ (23)
(23)
और निश्चय उन्होंने उस (जिबरील) को स्पष्ट क्षितिज पर देखा है।
८१:२४
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
هُوَ वो huwa
वो
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْغَيْبِ ग़ैब पर l-ghaybi
ग़ैब पर
بِضَنِينٍۢ हरगिज़ बख़ील biḍanīnin
हरगिज़ बख़ील
٢٤ (24)
(24)
और वह परोक्ष (ग़ैब) की बातें बताने में कृपण नहीं हैं।1
८१:२५
وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है
هُوَ वो huwa
वो
بِقَوْلِ क़ौल biqawli
क़ौल
شَيْطَـٰنٍۢ शैतान shayṭānin
शैतान
رَّجِيمٍۢ मरदूद का rajīmin
मरदूद का
٢٥ (25)
(25)
और यह (क़ुरआन) किसी धिक्कारे हुए शैतान की वाणी नहीं है।
८१:२६
فَأَيْنَ फिर किधर fa-ayna
फिर किधर
تَذْهَبُونَ तुम जा रहे हो tadhhabūna
तुम जा रहे हो
٢٦ (26)
(26)
फिर तुम कहाँ जा रहे हो?
८१:२७
إِنْ नहीं है in
नहीं है
هُوَ वो huwa
वो
إِلَّا मगर illā
मगर
ذِكْرٌۭ एक नसीहत dhik'run
एक नसीहत
لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए
٢٧ (27)
(27)
यह तो समस्त संसार वालों के लिए एक उपदेश है।
८१:२८
لِمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो
شَآءَ चाहे shāa
चाहे
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
أَن ये कि an
ये कि
يَسْتَقِيمَ वो सीधा चले yastaqīma
वो सीधा चले
٢٨ (28)
(28)
उसके लिए, जो तुममें से सीधे मार्ग पर चलना चाहे।
८१:२९
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
تَشَآءُونَ तुम चाहते tashāūna
तुम चाहते
إِلَّآ मगर illā
मगर
أَن ये कि an
ये कि
يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
رَبُّ जो रब है rabbu
जो रब है
ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का
٢٩ (29)
(29)
तथा तुम कुछ नहीं चाह सकते, सिवाय इसके कि सर्व संसार का पालनहार अल्लाह चाहे।1