४०
ग़ाफ़िर
غافر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४०:१
حمٓ
ح م
hha-meem
ح م ١ (1)
(1)
ح م ١ (1)
(1)
ह़ा, मीम।
४०:२
تَنزِيلُ
नाज़िल करना है
tanzīlu
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का مِنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْعَلِيمِ ख़ूब इल्म वाला है l-ʿalīmi
ख़ूब इल्म वाला है ٢ (2)
(2)
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का مِنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْعَلِيمِ ख़ूब इल्म वाला है l-ʿalīmi
ख़ूब इल्म वाला है ٢ (2)
(2)
इस पुस्तक का अवतरण अति प्रभुत्वशाली, सब कुछ जानने वाले अल्लाह की ओर से है।
४०:३
غَافِرِ
बख़्शने वाला है
ghāfiri
बख़्शने वाला है ٱلذَّنۢبِ गुनाह का l-dhanbi
गुनाह का وَقَابِلِ और क़ुबूल करने वाल है waqābili
और क़ुबूल करने वाल है ٱلتَّوْبِ तौबा का l-tawbi
तौबा का شَدِيدِ सख़्त shadīdi
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा देने वाला l-ʿiqābi
सज़ा देने वाला ذِى Owner (of) the abundance dhī
Owner (of) the abundance ٱلطَّوْلِ ۖ बड़े फ़ज़ल वाला है l-ṭawli
बड़े फ़ज़ल वाला है لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है ٣ (3)
(3)
बख़्शने वाला है ٱلذَّنۢبِ गुनाह का l-dhanbi
गुनाह का وَقَابِلِ और क़ुबूल करने वाल है waqābili
और क़ुबूल करने वाल है ٱلتَّوْبِ तौबा का l-tawbi
तौबा का شَدِيدِ सख़्त shadīdi
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा देने वाला l-ʿiqābi
सज़ा देने वाला ذِى Owner (of) the abundance dhī
Owner (of) the abundance ٱلطَّوْلِ ۖ बड़े फ़ज़ल वाला है l-ṭawli
बड़े फ़ज़ल वाला है لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है ٣ (3)
(3)
जो पाप क्षमा करने वाला और तौबा स्वीकार करने वाला, कठोर दंड देने वाला, बड़ा अनुग्रहशील है। उसके सिवा कोई (सच्चा) पूज्य नहीं। उसी की ओर (सबको) जाना है।
४०:४
مَا
नहीं
mā
नहीं يُجَـٰدِلُ झगड़ा करते yujādilu
झगड़ा करते فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की إِلَّا मगर illā
मगर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَلَا तो ना falā
तो ना يَغْرُرْكَ धोखे में डाले आपको yaghrur'ka
धोखे में डाले आपको تَقَلُّبُهُمْ चलना फिरना उनका taqallubuhum
चलना फिरना उनका فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ٤ (4)
(4)
नहीं يُجَـٰدِلُ झगड़ा करते yujādilu
झगड़ा करते فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की إِلَّا मगर illā
मगर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَلَا तो ना falā
तो ना يَغْرُرْكَ धोखे में डाले आपको yaghrur'ka
धोखे में डाले आपको تَقَلُّبُهُمْ चलना फिरना उनका taqallubuhum
चलना फिरना उनका فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ٤ (4)
(4)
अल्लाह की आयतों के बारे में केवल वही लोग झगड़ा करते हैं, जो काफ़िर हैं। अतः आपको उनका नगरों में चलना-फिरना धोखे में न डाले।
४०:५
كَذَّبَتْ
झुठलाया
kadhabat
झुठलाया قَبْلَهُمْ उनसे पहले qablahum
उनसे पहले قَوْمُ क़ौमे qawmu
क़ौमे نُوحٍۢ नूह ने nūḥin
नूह ने وَٱلْأَحْزَابُ और गिरोहों ने wal-aḥzābu
और गिरोहों ने مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ ۖ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके وَهَمَّتْ और इरादा किया wahammat
और इरादा किया كُلُّ हर kullu
हर أُمَّةٍۭ उम्मत ने ummatin
उम्मत ने بِرَسُولِهِمْ अपने रसूल का birasūlihim
अपने रसूल का لِيَأْخُذُوهُ ۖ ताकि वो पकड़ें उसे liyakhudhūhu
ताकि वो पकड़ें उसे وَجَـٰدَلُوا۟ और उन्होंने झगड़ा किया wajādalū
और उन्होंने झगड़ा किया بِٱلْبَـٰطِلِ साथ बातिल के bil-bāṭili
साथ बातिल के لِيُدْحِضُوا۟ ताकि वो ख़त्म (ज़ाइल)कर दें liyud'ḥiḍū
ताकि वो ख़त्म (ज़ाइल)कर दें بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को فَأَخَذْتُهُمْ ۖ तो पकड़ लिया मैं ने उन्हें fa-akhadhtuhum
तो पकड़ लिया मैं ने उन्हें فَكَيْفَ तो कैसी fakayfa
तो कैसी كَانَ थी kāna
थी عِقَابِ सज़ा मेरी ʿiqābi
सज़ा मेरी ٥ (5)
(5)
झुठलाया قَبْلَهُمْ उनसे पहले qablahum
उनसे पहले قَوْمُ क़ौमे qawmu
क़ौमे نُوحٍۢ नूह ने nūḥin
नूह ने وَٱلْأَحْزَابُ और गिरोहों ने wal-aḥzābu
और गिरोहों ने مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ ۖ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके وَهَمَّتْ और इरादा किया wahammat
और इरादा किया كُلُّ हर kullu
हर أُمَّةٍۭ उम्मत ने ummatin
उम्मत ने بِرَسُولِهِمْ अपने रसूल का birasūlihim
अपने रसूल का لِيَأْخُذُوهُ ۖ ताकि वो पकड़ें उसे liyakhudhūhu
ताकि वो पकड़ें उसे وَجَـٰدَلُوا۟ और उन्होंने झगड़ा किया wajādalū
और उन्होंने झगड़ा किया بِٱلْبَـٰطِلِ साथ बातिल के bil-bāṭili
साथ बातिल के لِيُدْحِضُوا۟ ताकि वो ख़त्म (ज़ाइल)कर दें liyud'ḥiḍū
ताकि वो ख़त्म (ज़ाइल)कर दें بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को فَأَخَذْتُهُمْ ۖ तो पकड़ लिया मैं ने उन्हें fa-akhadhtuhum
तो पकड़ लिया मैं ने उन्हें فَكَيْفَ तो कैसी fakayfa
तो कैसी كَانَ थी kāna
थी عِقَابِ सज़ा मेरी ʿiqābi
सज़ा मेरी ٥ (5)
(5)
इनसे पहले नूह की जाति ने झुठलाया तथा उनके बाद के (दूसरे) समूहों ने भी (झुठलाया)। और प्रत्येक समुदाय के लोगों ने इरादा किया कि अपने रसूल को पकड़ लें। तथा उन्होंने असत्य के साथ झगड़ा किया ताकि उसके द्वारा सत्य को ग़लत ठहरा दें। अंततः मैंने उन्हें पकड़ लिया। तो मेरी सज़ा कैसी थी?
४०:६
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह حَقَّتْ साबित हो गई ḥaqqat
साबित हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की عَلَى against ʿalā
against ٱلَّذِينَ ऊपर उनके जिन्होंने alladhīna
ऊपर उनके जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَنَّهُمْ कि यक़ीनन वो annahum
कि यक़ीनन वो أَصْحَـٰبُ साथी हैं aṣḥābu
साथी हैं ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ٦ (6)
(6)
और इसी तरह حَقَّتْ साबित हो गई ḥaqqat
साबित हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की عَلَى against ʿalā
against ٱلَّذِينَ ऊपर उनके जिन्होंने alladhīna
ऊपर उनके जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَنَّهُمْ कि यक़ीनन वो annahum
कि यक़ीनन वो أَصْحَـٰبُ साथी हैं aṣḥābu
साथी हैं ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ٦ (6)
(6)
और इसी प्रकार आपके पालनहार की बात उन लोगों पर सिद्ध हो गई, जिन्होंने कुफ़्र किया कि वे जहन्नम वाले हैं।
४०:७
ٱلَّذِينَ
वो (फ़रिश्ते )जो
alladhīna
वो (फ़रिश्ते )जो يَحْمِلُونَ उठाए हुए हैं yaḥmilūna
उठाए हुए हैं ٱلْعَرْشَ अर्श को l-ʿarsha
अर्श को وَمَنْ और जो waman
और जो حَوْلَهُۥ उसके इर्द-गिर्द हैं ḥawlahu
उसके इर्द-गिर्द हैं يُسَبِّحُونَ वो तस्बीह कर रहे हैं yusabbiḥūna
वो तस्बीह कर रहे हैं بِحَمْدِ साथ तारीफ़ के biḥamdi
साथ तारीफ़ के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की وَيُؤْمِنُونَ और वो ईमान रखते हैं wayu'minūna
और वो ईमान रखते हैं بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَيَسْتَغْفِرُونَ और वो बख़्शिश माँगते हैं wayastaghfirūna
और वो बख़्शिश माँगते हैं لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَسِعْتَ घेर रखा है तू ने wasiʿ'ta
घेर रखा है तू ने كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को رَّحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत وَعِلْمًۭا और इल्म से waʿil'man
और इल्म से فَٱغْفِرْ पस बख़्श दे fa-igh'fir
पस बख़्श दे لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की سَبِيلَكَ तेरे रास्ते की sabīlaka
तेरे रास्ते की وَقِهِمْ और बचा उन्हें waqihim
और बचा उन्हें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٧ (7)
(7)
वो (फ़रिश्ते )जो يَحْمِلُونَ उठाए हुए हैं yaḥmilūna
उठाए हुए हैं ٱلْعَرْشَ अर्श को l-ʿarsha
अर्श को وَمَنْ और जो waman
और जो حَوْلَهُۥ उसके इर्द-गिर्द हैं ḥawlahu
उसके इर्द-गिर्द हैं يُسَبِّحُونَ वो तस्बीह कर रहे हैं yusabbiḥūna
वो तस्बीह कर रहे हैं بِحَمْدِ साथ तारीफ़ के biḥamdi
साथ तारीफ़ के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की وَيُؤْمِنُونَ और वो ईमान रखते हैं wayu'minūna
और वो ईमान रखते हैं بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَيَسْتَغْفِرُونَ और वो बख़्शिश माँगते हैं wayastaghfirūna
और वो बख़्शिश माँगते हैं لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَسِعْتَ घेर रखा है तू ने wasiʿ'ta
घेर रखा है तू ने كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को رَّحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत وَعِلْمًۭا और इल्म से waʿil'man
और इल्म से فَٱغْفِرْ पस बख़्श दे fa-igh'fir
पस बख़्श दे لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की سَبِيلَكَ तेरे रास्ते की sabīlaka
तेरे रास्ते की وَقِهِمْ और बचा उन्हें waqihim
और बचा उन्हें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٧ (7)
(7)
जो (फ़रिश्ते) अर्श (सिंहासन) को उठाए हुए हैं और जो उसके आस-पास हैं, वे अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता बयान करते हैं, तथा उसपर ईमान रखते हैं, और उन लोगों के लिए क्षमा याचना करते हैं1 जो ईमान लाए। (वे कहते हैं :) ऐ हमारे पालनहार! तूने हर चीज़ को (अपनी) दया और ज्ञान से घेर रखा है। अतः उन लोगों को क्षमा कर दे, जिन्होंने तौबा की और तेरे मार्ग का अनुसरण किया, तथा उन्हें भड़कती हुई आग की यातना से बचा।
४०:८
رَبَّنَا
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब وَأَدْخِلْهُمْ और दाख़िल कर उन्हें wa-adkhil'hum
और दाख़िल कर उन्हें جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में عَدْنٍ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो وَعَدتَّهُمْ वादा किया था तू ने उनसे waʿadttahum
वादा किया था तू ने उनसे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई صَلَحَ नेक हुए ṣalaḥa
नेक हुए مِنْ among min
among ءَابَآئِهِمْ उनके आबा ओ अजदाद में से ābāihim
उनके आबा ओ अजदाद में से وَأَزْوَٰجِهِمْ और उनकी बीवियों wa-azwājihim
और उनकी बीवियों وَذُرِّيَّـٰتِهِمْ ۚ और उनकी औलादों में से wadhurriyyātihim
और उनकी औलादों में से إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला ٨ (8)
(8)
ऐ हमारे रब وَأَدْخِلْهُمْ और दाख़िल कर उन्हें wa-adkhil'hum
और दाख़िल कर उन्हें جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में عَدْنٍ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो وَعَدتَّهُمْ वादा किया था तू ने उनसे waʿadttahum
वादा किया था तू ने उनसे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई صَلَحَ नेक हुए ṣalaḥa
नेक हुए مِنْ among min
among ءَابَآئِهِمْ उनके आबा ओ अजदाद में से ābāihim
उनके आबा ओ अजदाद में से وَأَزْوَٰجِهِمْ और उनकी बीवियों wa-azwājihim
और उनकी बीवियों وَذُرِّيَّـٰتِهِمْ ۚ और उनकी औलादों में से wadhurriyyātihim
और उनकी औलादों में से إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला ٨ (8)
(8)
ऐ हमारे पालनहार! तथा उन्हें उन स्थायी जन्नतों में दाखिल कर, जिनका तूने उनसे वादा किया है। तथा उनके सदाचारी बाप-दादाओं, पत्नियों और संतानों को भी। निःसंदेह तू प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
४०:९
وَقِهِمُ
और बचा उन्हें
waqihimu
और बचा उन्हें ٱلسَّيِّـَٔاتِ ۚ बुराइयों से l-sayiāti
बुराइयों से وَمَن और जिसे waman
और जिसे تَقِ तू बचा लेगा taqi
तू बचा लेगा ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुराइयों से l-sayiāti
बुराइयों से يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ رَحِمْتَهُۥ ۚ रहम किया तू ने उस पर raḥim'tahu
रहम किया तू ने उस पर وَذَٰلِكَ और यही है wadhālika
और यही है هُوَ वो huwa
वो ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٩ (9)
(9)
और बचा उन्हें ٱلسَّيِّـَٔاتِ ۚ बुराइयों से l-sayiāti
बुराइयों से وَمَن और जिसे waman
और जिसे تَقِ तू बचा लेगा taqi
तू बचा लेगा ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुराइयों से l-sayiāti
बुराइयों से يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ رَحِمْتَهُۥ ۚ रहम किया तू ने उस पर raḥim'tahu
रहम किया तू ने उस पर وَذَٰلِكَ और यही है wadhālika
और यही है هُوَ वो huwa
वो ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٩ (9)
(9)
तथा उन्हें बुराइयों (के दुष्परिणाम) से सुरक्षित रख। और जिसे तूने उस दिन बुराइयों के दुष्परिणाम से सुरक्षित रखा, तो निश्चय ही तूने उसपर दया की। और यही बड़ी सफलता है।
४०:१०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُنَادَوْنَ वो पुकारे जाऐंगे yunādawna
वो पुकारे जाऐंगे لَمَقْتُ यक़ीनन नाराज़गी lamaqtu
यक़ीनन नाराज़गी ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ी है akbaru
ज़्यादा बड़ी है مِن than min
than مَّقْتِكُمْ तुम्हारी नाराज़गी से maqtikum
तुम्हारी नाराज़गी से أَنفُسَكُمْ अपने आप पर anfusakum
अपने आप पर إِذْ जब idh
जब تُدْعَوْنَ तुम बुलाए जाते थे tud'ʿawna
तुम बुलाए जाते थे إِلَى to ilā
to ٱلْإِيمَـٰنِ तरफ़ ईमान के l-īmāni
तरफ़ ईमान के فَتَكْفُرُونَ तो तुम इन्कार करते थे fatakfurūna
तो तुम इन्कार करते थे ١٠ (10)
(10)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُنَادَوْنَ वो पुकारे जाऐंगे yunādawna
वो पुकारे जाऐंगे لَمَقْتُ यक़ीनन नाराज़गी lamaqtu
यक़ीनन नाराज़गी ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ी है akbaru
ज़्यादा बड़ी है مِن than min
than مَّقْتِكُمْ तुम्हारी नाराज़गी से maqtikum
तुम्हारी नाराज़गी से أَنفُسَكُمْ अपने आप पर anfusakum
अपने आप पर إِذْ जब idh
जब تُدْعَوْنَ तुम बुलाए जाते थे tud'ʿawna
तुम बुलाए जाते थे إِلَى to ilā
to ٱلْإِيمَـٰنِ तरफ़ ईमान के l-īmāni
तरफ़ ईमान के فَتَكْفُرُونَ तो तुम इन्कार करते थे fatakfurūna
तो तुम इन्कार करते थे ١٠ (10)
(10)
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्हें (क़ियामत के दिन) पुकारकर कहा जाएगा कि अल्लाह का क्रोध तुमपर उससे अधिक था, जितना तुम्हें आज अपने ऊपर क्रोध आ रहा है, जब तुम संसार में ईमान की ओर बुलाए1 जाते थे, तो तुम इनकार कर देते थे।
४०:११
قَالُوا۟
वो कहेंगे
qālū
वो कहेंगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَمَتَّنَا मौत दी तू ने हमें amattanā
मौत दी तू ने हमें ٱثْنَتَيْنِ दो बार ith'natayni
दो बार وَأَحْيَيْتَنَا और ज़िन्दगी बख़्शी तू ने हमें wa-aḥyaytanā
और ज़िन्दगी बख़्शी तू ने हमें ٱثْنَتَيْنِ दो बार ith'natayni
दो बार فَٱعْتَرَفْنَا तो एतराफ़ कर लिया हमने fa-iʿ'tarafnā
तो एतराफ़ कर लिया हमने بِذُنُوبِنَا अपने गुनाहों का bidhunūbinā
अपने गुनाहों का فَهَلْ तो क्या है fahal
तो क्या है إِلَىٰ to ilā
to خُرُوجٍۢ तरफ़ निकलने के khurūjin
तरफ़ निकलने के مِّن any min
any سَبِيلٍۢ कोई रास्ता sabīlin
कोई रास्ता ١١ (11)
(11)
वो कहेंगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَمَتَّنَا मौत दी तू ने हमें amattanā
मौत दी तू ने हमें ٱثْنَتَيْنِ दो बार ith'natayni
दो बार وَأَحْيَيْتَنَا और ज़िन्दगी बख़्शी तू ने हमें wa-aḥyaytanā
और ज़िन्दगी बख़्शी तू ने हमें ٱثْنَتَيْنِ दो बार ith'natayni
दो बार فَٱعْتَرَفْنَا तो एतराफ़ कर लिया हमने fa-iʿ'tarafnā
तो एतराफ़ कर लिया हमने بِذُنُوبِنَا अपने गुनाहों का bidhunūbinā
अपने गुनाहों का فَهَلْ तो क्या है fahal
तो क्या है إِلَىٰ to ilā
to خُرُوجٍۢ तरफ़ निकलने के khurūjin
तरफ़ निकलने के مِّن any min
any سَبِيلٍۢ कोई रास्ता sabīlin
कोई रास्ता ١١ (11)
(11)
वे कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! तूने हमें दो बार मारा1 तथा दो बार जीवित किया। अब हमने अपने पापों को स्वीकार किया। तो क्या (यहाँ से) निकलने का कोई रास्ता है?
४०:१२
ذَٰلِكُم
ये तुम्हारा(अंजाम)
dhālikum
ये तुम्हारा(अंजाम) بِأَنَّهُۥٓ इस लिए कि bi-annahu
इस लिए कि إِذَا जब idhā
जब دُعِىَ पुकारा जाता duʿiya
पुकारा जाता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَحْدَهُۥ अकेले उसी को waḥdahu
अकेले उसी को كَفَرْتُمْ ۖ इन्कार करते थे तुम kafartum
इन्कार करते थे तुम وَإِن और अगर wa-in
और अगर يُشْرَكْ शरीक ठहराया जाता yush'rak
शरीक ठहराया जाता بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके تُؤْمِنُوا۟ ۚ तो तुम मान जाते tu'minū
तो तुम मान जाते فَٱلْحُكْمُ पस फ़ैसला fal-ḥuk'mu
पस फ़ैसला لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْعَلِىِّ जो बहुत बुलन्द है l-ʿaliyi
जो बहुत बुलन्द है ٱلْكَبِيرِ बहुत बड़ा है l-kabīri
बहुत बड़ा है ١٢ (12)
(12)
ये तुम्हारा(अंजाम) بِأَنَّهُۥٓ इस लिए कि bi-annahu
इस लिए कि إِذَا जब idhā
जब دُعِىَ पुकारा जाता duʿiya
पुकारा जाता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَحْدَهُۥ अकेले उसी को waḥdahu
अकेले उसी को كَفَرْتُمْ ۖ इन्कार करते थे तुम kafartum
इन्कार करते थे तुम وَإِن और अगर wa-in
और अगर يُشْرَكْ शरीक ठहराया जाता yush'rak
शरीक ठहराया जाता بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके تُؤْمِنُوا۟ ۚ तो तुम मान जाते tu'minū
तो तुम मान जाते فَٱلْحُكْمُ पस फ़ैसला fal-ḥuk'mu
पस फ़ैसला لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْعَلِىِّ जो बहुत बुलन्द है l-ʿaliyi
जो बहुत बुलन्द है ٱلْكَبِيرِ बहुत बड़ा है l-kabīri
बहुत बड़ा है ١٢ (12)
(12)
तुम्हें यह (यातना) इस कारण है कि जब अकेले अल्लाह को पुकारा जाता था, तो तुम इनकार कर देते थे। और यदि उसके साथ साझी ठहराया जाता, तो तुम मान लेते थे। अतः अब फ़ैसला अल्लाह के अधिकार में है, जो सर्वोच्च, बड़ा महान है।
४०:१३
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُرِيكُمْ दिखाता है तुम्हें yurīkum
दिखाता है तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ निशानियाँ अपनी āyātihi
निशानियाँ अपनी وَيُنَزِّلُ और उतारता है wayunazzilu
और उतारता है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से رِزْقًۭا ۚ रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ता yatadhakkaru
नसीहत पकड़ता إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जो man
वो जो يُنِيبُ वो रुजूअ करता है yunību
वो रुजूअ करता है ١٣ (13)
(13)
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُرِيكُمْ दिखाता है तुम्हें yurīkum
दिखाता है तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ निशानियाँ अपनी āyātihi
निशानियाँ अपनी وَيُنَزِّلُ और उतारता है wayunazzilu
और उतारता है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से رِزْقًۭا ۚ रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ता yatadhakkaru
नसीहत पकड़ता إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जो man
वो जो يُنِيبُ वो रुजूअ करता है yunību
वो रुजूअ करता है ١٣ (13)
(13)
वही है जो तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाता है, तथा तुम्हारे लिए आकाश से रोज़ी उतारता है, और शिक्षा तो केवल वही ग्रहण करता है, जो (उसकी ओर) लौटता है।
४०:१४
فَٱدْعُوا۟
पस पुकारो
fa-id'ʿū
पस पुकारो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले हो कर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले हो कर لَهُ उसी के लिए lahu
उसी के लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर ١٤ (14)
(14)
पस पुकारो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले हो कर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले हो कर لَهُ उसी के लिए lahu
उसी के लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर ١٤ (14)
(14)
अतः तुम अल्लाह को, उसके लिए धर्म को विशुद्ध करते हुए पुकारो, यद्यपि काफ़िरों को बुरा लगे।
४०:१५
رَفِيعُ
बुलन्द
rafīʿu
बुलन्द ٱلدَّرَجَـٰتِ दर्जों वाला है l-darajāti
दर्जों वाला है ذُو Owner (of) the Throne dhū
Owner (of) the Throne ٱلْعَرْشِ अर्श वाला है l-ʿarshi
अर्श वाला है يُلْقِى वो डालता है yul'qī
वो डालता है ٱلرُّوحَ वही को l-rūḥa
वही को مِنْ of min
of أَمْرِهِۦ अपने हुक्म से amrihi
अपने हुक्म से عَلَىٰ upon ʿalā
upon مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से لِيُنذِرَ ताकि वो डराए liyundhira
ताकि वो डराए يَوْمَ दिन से yawma
दिन से ٱلتَّلَاقِ मुलाक़ात के l-talāqi
मुलाक़ात के ١٥ (15)
(15)
बुलन्द ٱلدَّرَجَـٰتِ दर्जों वाला है l-darajāti
दर्जों वाला है ذُو Owner (of) the Throne dhū
Owner (of) the Throne ٱلْعَرْشِ अर्श वाला है l-ʿarshi
अर्श वाला है يُلْقِى वो डालता है yul'qī
वो डालता है ٱلرُّوحَ वही को l-rūḥa
वही को مِنْ of min
of أَمْرِهِۦ अपने हुक्म से amrihi
अपने हुक्म से عَلَىٰ upon ʿalā
upon مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से لِيُنذِرَ ताकि वो डराए liyundhira
ताकि वो डराए يَوْمَ दिन से yawma
दिन से ٱلتَّلَاقِ मुलाक़ात के l-talāqi
मुलाक़ात के ١٥ (15)
(15)
वह उच्च श्रेणियों वाला, अर्श का स्वामी है। वह अपने आदेश से, अपने बंदों में से जिसपर चाहता है, वह़्य1 (प्रकाशना) उतारता है, ताकि वह मिलने के दिन से सचेत करे।
४०:१६
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन هُم वो hum
वो بَـٰرِزُونَ ۖ ज़ाहिर होंगे bārizūna
ज़ाहिर होंगे لَا ना lā
ना يَخْفَىٰ छुपी होगी yakhfā
छुपी होगी عَلَى from ʿalā
from ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مِنْهُمْ उन की min'hum
उन की شَىْءٌۭ ۚ कोई चीज़ shayon
कोई चीज़ لِّمَنِ किस के लिए है limani
किस के लिए है ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत ٱلْيَوْمَ ۖ आज के दिन l-yawma
आज के दिन لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْوَٰحِدِ जो एक है l-wāḥidi
जो एक है ٱلْقَهَّارِ सब पर ग़ालिब है l-qahāri
सब पर ग़ालिब है ١٦ (16)
(16)
जिस दिन هُم वो hum
वो بَـٰرِزُونَ ۖ ज़ाहिर होंगे bārizūna
ज़ाहिर होंगे لَا ना lā
ना يَخْفَىٰ छुपी होगी yakhfā
छुपी होगी عَلَى from ʿalā
from ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مِنْهُمْ उन की min'hum
उन की شَىْءٌۭ ۚ कोई चीज़ shayon
कोई चीज़ لِّمَنِ किस के लिए है limani
किस के लिए है ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत ٱلْيَوْمَ ۖ आज के दिन l-yawma
आज के दिन لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْوَٰحِدِ जो एक है l-wāḥidi
जो एक है ٱلْقَهَّارِ सब पर ग़ालिब है l-qahāri
सब पर ग़ालिब है ١٦ (16)
(16)
जिस दिन वे (अपने पालनहार के सामने) प्रकट होंगे। अल्लाह से उनकी कोई चीज़ छिपी न होगी। (अल्लाह पूछेगा :) आज1 किसका राज्य है? (फिर खुद ही फरमाएगा :) अकेले अल्लाह का, जो सब पर प्रभुत्वशाली है।
४०:१७
ٱلْيَوْمَ
आज के दिन
al-yawma
आज के दिन تُجْزَىٰ बदला दिया जाएगा tuj'zā
बदला दिया जाएगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۭ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَسَبَتْ ۚ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की لَا No lā
No ظُلْمَ नहीं कोई ज़ुल्म होगा ẓul'ma
नहीं कोई ज़ुल्म होगा ٱلْيَوْمَ ۚ आज के दिन l-yawma
आज के दिन إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ١٧ (17)
(17)
आज के दिन تُجْزَىٰ बदला दिया जाएगा tuj'zā
बदला दिया जाएगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۭ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَسَبَتْ ۚ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की لَا No lā
No ظُلْمَ नहीं कोई ज़ुल्म होगा ẓul'ma
नहीं कोई ज़ुल्म होगा ٱلْيَوْمَ ۚ आज के दिन l-yawma
आज के दिन إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ١٧ (17)
(17)
आज प्रत्येक प्राणी को उसके किए का बदला दिया जाएगा। आज कोई अत्याचार नहीं होगा। निःसंदेह अल्लाह अति शीघ्र हिसाब लेने वाला है।
४०:१८
وَأَنذِرْهُمْ
और आप डराऐं उन्हें
wa-andhir'hum
और आप डराऐं उन्हें يَوْمَ उस दिन से yawma
उस दिन से ٱلْـَٔازِفَةِ जो क़रीब आ लगा है l-āzifati
जो क़रीब आ लगा है إِذِ जब idhi
जब ٱلْقُلُوبُ दिल l-qulūbu
दिल لَدَى क़रीब(होंगे) ladā
क़रीब(होंगे) ٱلْحَنَاجِرِ हलक़ के l-ḥanājiri
हलक़ के كَـٰظِمِينَ ۚ ग़म से भरे हुए kāẓimīna
ग़म से भरे हुए مَا नहीं mā
नहीं لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए مِنْ any min
any حَمِيمٍۢ कोई गहरा दोस्त ḥamīmin
कोई गहरा दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٍۢ कोई सिफ़ारिशी shafīʿin
कोई सिफ़ारिशी يُطَاعُ जिस की बात मानी जाए yuṭāʿu
जिस की बात मानी जाए ١٨ (18)
(18)
और आप डराऐं उन्हें يَوْمَ उस दिन से yawma
उस दिन से ٱلْـَٔازِفَةِ जो क़रीब आ लगा है l-āzifati
जो क़रीब आ लगा है إِذِ जब idhi
जब ٱلْقُلُوبُ दिल l-qulūbu
दिल لَدَى क़रीब(होंगे) ladā
क़रीब(होंगे) ٱلْحَنَاجِرِ हलक़ के l-ḥanājiri
हलक़ के كَـٰظِمِينَ ۚ ग़म से भरे हुए kāẓimīna
ग़म से भरे हुए مَا नहीं mā
नहीं لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए مِنْ any min
any حَمِيمٍۢ कोई गहरा दोस्त ḥamīmin
कोई गहरा दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٍۢ कोई सिफ़ारिशी shafīʿin
कोई सिफ़ारिशी يُطَاعُ जिस की बात मानी जाए yuṭāʿu
जिस की बात मानी जाए ١٨ (18)
(18)
तथा आप उन्हें निकट आने वाले (क़ियामत के) दिन से सावधान कर दें, जब शोक से भरे हुए दिल गले को आ पहुँचेंगे। अत्याचारियों का न कोई मित्र होगा, न कोई सिफ़ारिशी जिसकी बात मानी जाए।
४०:१९
يَعْلَمُ
वो जानता है
yaʿlamu
वो जानता है خَآئِنَةَ ख़यानत khāinata
ख़यानत ٱلْأَعْيُنِ आँखों की l-aʿyuni
आँखों की وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تُخْفِى छुपाते हैं tukh'fī
छुपाते हैं ٱلصُّدُورُ सीने l-ṣudūru
सीने ١٩ (19)
(19)
वो जानता है خَآئِنَةَ ख़यानत khāinata
ख़यानत ٱلْأَعْيُنِ आँखों की l-aʿyuni
आँखों की وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تُخْفِى छुपाते हैं tukh'fī
छुपाते हैं ٱلصُّدُورُ सीने l-ṣudūru
सीने ١٩ (19)
(19)
वह आँखों की चोरी तथा सीने की छिपाई हुई बातों को जानता है।
४०:२०
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
और अल्लाह يَقْضِى वो फ़ैसला करता है yaqḍī
वो फ़ैसला करता है بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَٱلَّذِينَ और जिन्हें wa-alladhīna
और जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा لَا not lā
not يَقْضُونَ नहीं वो फ़ैसला करते yaqḍūna
नहीं वो फ़ैसला करते بِشَىْءٍ ۗ किसी चीज़ का bishayin
किसी चीज़ का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْبَصِيرُ ख़ूब देखने वाला l-baṣīru
ख़ूब देखने वाला ٢٠ (20)
(20)
और अल्लाह يَقْضِى वो फ़ैसला करता है yaqḍī
वो फ़ैसला करता है بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَٱلَّذِينَ और जिन्हें wa-alladhīna
और जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा لَا not lā
not يَقْضُونَ नहीं वो फ़ैसला करते yaqḍūna
नहीं वो फ़ैसला करते بِشَىْءٍ ۗ किसी चीज़ का bishayin
किसी चीज़ का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْبَصِيرُ ख़ूब देखने वाला l-baṣīru
ख़ूब देखने वाला ٢٠ (20)
(20)
अल्लाह ही सत्य (न्याय) के साथ निर्णय करता है तथा जिन्हें वे अल्लाह के अतिरिक्त पुकारते हैं, वे किसी भी चीज़ का निर्णय नहीं करते। निःसंदेह अल्लाह ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है।
४०:२१
۞ أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَسِيرُوا۟ वो चले फिरे yasīrū
वो चले फिरे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَيَنظُرُوا۟ तो वो देखते fayanẓurū
तो वो देखते كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो كَانُوا۟ थे kānū
थे مِن before them min
before them قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले qablihim
उनसे पहले كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो هُمْ वो hum
वो أَشَدَّ ज़्यादा शदीद ashadda
ज़्यादा शदीद مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَءَاثَارًۭا और आसार में waāthāran
और आसार में فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَأَخَذَهُمُ पस पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
पस पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِذُنُوبِهِمْ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था kāna
था لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِن any min
any وَاقٍۢ कोई बचाने वाला wāqin
कोई बचाने वाला ٢١ (21)
(21)
क्या भला नहीं يَسِيرُوا۟ वो चले फिरे yasīrū
वो चले फिरे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَيَنظُرُوا۟ तो वो देखते fayanẓurū
तो वो देखते كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो كَانُوا۟ थे kānū
थे مِن before them min
before them قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले qablihim
उनसे पहले كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो هُمْ वो hum
वो أَشَدَّ ज़्यादा शदीद ashadda
ज़्यादा शदीद مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَءَاثَارًۭا और आसार में waāthāran
और आसार में فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَأَخَذَهُمُ पस पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
पस पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِذُنُوبِهِمْ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था kāna
था لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِن any min
any وَاقٍۢ कोई बचाने वाला wāqin
कोई बचाने वाला ٢١ (21)
(21)
क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं, ताकि देखते कि उन लोगों का परिणाम कैसा रहा, जो इनसे पहले थे? वे इनसे अधिक शक्तिशाली थे तथा धरती में इनसे अधिक चिह्न भी छोड़ गए। तो अल्लाह ने उन्हें उनके पापों के कारण पकड़ लिया और उन्हें अल्लाह से बचाने वाला कोई न था।
४०:२२
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो كَانَت थे kānat
थे تَّأْتِيهِمْ आते उनके पास tatīhim
आते उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَكَفَرُوا۟ तो उन्होंने इन्कार किया fakafarū
तो उन्होंने इन्कार किया فَأَخَذَهُمُ फिर पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
फिर पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो قَوِىٌّۭ बहुत क़ुव्वत वाला है qawiyyun
बहुत क़ुव्वत वाला है شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢٢ (22)
(22)
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो كَانَت थे kānat
थे تَّأْتِيهِمْ आते उनके पास tatīhim
आते उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَكَفَرُوا۟ तो उन्होंने इन्कार किया fakafarū
तो उन्होंने इन्कार किया فَأَخَذَهُمُ फिर पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
फिर पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो قَوِىٌّۭ बहुत क़ुव्वत वाला है qawiyyun
बहुत क़ुव्वत वाला है شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢٢ (22)
(22)
यह इस कारण हुआ कि उनके रसूल उनके पास खुली निशानियाँ लाते थे, तो उन्होंने इनकार किया। अंततः अल्लाह ने उन्हें पकड़ लिया। निःसंदेह वह बड़ा शक्तिशाली, कठोर दंड देने वाला है।
४०:२३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को بِـَٔايَـٰتِنَا साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के وَسُلْطَـٰنٍۢ और दलील wasul'ṭānin
और दलील مُّبِينٍ वाज़ेह के mubīnin
वाज़ेह के ٢٣ (23)
(23)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को بِـَٔايَـٰتِنَا साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के وَسُلْطَـٰنٍۢ और दलील wasul'ṭānin
और दलील مُّبِينٍ वाज़ेह के mubīnin
वाज़ेह के ٢٣ (23)
(23)
और हमने मूसा को अपनी निशानियों (चमत्कारों) तथा स्पष्ट तर्क के साथ भेजा।
४०:२४
إِلَىٰ
To
ilā
To فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَهَـٰمَـٰنَ और हामान wahāmāna
और हामान وَقَـٰرُونَ और क़ारून के waqārūna
और क़ारून के فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा سَـٰحِرٌۭ जादूगर है sāḥirun
जादूगर है كَذَّابٌۭ बहुत झूठा kadhābun
बहुत झूठा ٢٤ (24)
(24)
To فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَهَـٰمَـٰنَ और हामान wahāmāna
और हामान وَقَـٰرُونَ और क़ारून के waqārūna
और क़ारून के فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा سَـٰحِرٌۭ जादूगर है sāḥirun
जादूगर है كَذَّابٌۭ बहुत झूठा kadhābun
बहुत झूठा ٢٤ (24)
(24)
फ़िरऔन और (उसके मंत्री) हामान तथा क़ारून के पास। तो उन्होंने कहा : यह तो बड़ा झूठा जादूगर है।
४०:२५
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَهُم वो लाया उनके पास jāahum
वो लाया उनके पास بِٱلْحَقِّ हक़ bil-ḥaqi
हक़ مِنْ from min
from عِندِنَا हमारे पास से ʿindinā
हमारे पास से قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ٱقْتُلُوٓا۟ क़त्ल कर दो uq'tulū
क़त्ल कर दो أَبْنَآءَ बेटों को abnāa
बेटों को ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके وَٱسْتَحْيُوا۟ और ज़िन्दा रहने दो wa-is'taḥyū
और ज़िन्दा रहने दो نِسَآءَهُمْ ۚ उनकी औरतों को nisāahum
उनकी औरतों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَيْدُ चाल kaydu
चाल ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में ٢٥ (25)
(25)
तो जब جَآءَهُم वो लाया उनके पास jāahum
वो लाया उनके पास بِٱلْحَقِّ हक़ bil-ḥaqi
हक़ مِنْ from min
from عِندِنَا हमारे पास से ʿindinā
हमारे पास से قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ٱقْتُلُوٓا۟ क़त्ल कर दो uq'tulū
क़त्ल कर दो أَبْنَآءَ बेटों को abnāa
बेटों को ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके وَٱسْتَحْيُوا۟ और ज़िन्दा रहने दो wa-is'taḥyū
और ज़िन्दा रहने दो نِسَآءَهُمْ ۚ उनकी औरतों को nisāahum
उनकी औरतों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَيْدُ चाल kaydu
चाल ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में ٢٥ (25)
(25)
फिर जब वह हमारी ओर से उनके पास सत्य लेकर आया, तो उन्होंने कहा : उसके साथ जो लोग ईमान लाए हैं, उनके बेटों को मार डालो और उनकी स्त्रियों को जीवित रहने दो। और काफ़िरों की चाल विफल ही हुआ करती है।1
४०:२६
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने ذَرُونِىٓ छोड़ दो मुझे dharūnī
छोड़ दो मुझे أَقْتُلْ मैं क़त्ल करूँ aqtul
मैं क़त्ल करूँ مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को وَلْيَدْعُ और चाहिए कि वो पुकारे walyadʿu
और चाहिए कि वो पुकारे رَبَّهُۥٓ ۖ अपने रब को rabbahu
अपने रब को إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يُبَدِّلَ वो बदल देगा yubaddila
वो बदल देगा دِينَكُمْ तुम्हारे दीन को dīnakum
तुम्हारे दीन को أَوْ या aw
या أَن ये कि an
ये कि يُظْهِرَ वो फैला देगा yuẓ'hira
वो फैला देगा فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में ٱلْفَسَادَ फ़साद l-fasāda
फ़साद ٢٦ (26)
(26)
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने ذَرُونِىٓ छोड़ दो मुझे dharūnī
छोड़ दो मुझे أَقْتُلْ मैं क़त्ल करूँ aqtul
मैं क़त्ल करूँ مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को وَلْيَدْعُ और चाहिए कि वो पुकारे walyadʿu
और चाहिए कि वो पुकारे رَبَّهُۥٓ ۖ अपने रब को rabbahu
अपने रब को إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يُبَدِّلَ वो बदल देगा yubaddila
वो बदल देगा دِينَكُمْ तुम्हारे दीन को dīnakum
तुम्हारे दीन को أَوْ या aw
या أَن ये कि an
ये कि يُظْهِرَ वो फैला देगा yuẓ'hira
वो फैला देगा فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में ٱلْفَسَادَ फ़साद l-fasāda
फ़साद ٢٦ (26)
(26)
और फ़िरऔन ने (अपने प्रमुखों से) कहा : मुझे छोड़ो, मैं मूसा को क़त्ल कर दूँ और उसे चाहिए कि अपने पालनहार को पुकारे। निःसंदेह मैं डरता हूँ कि वह तुम्हारे धर्म को बदल1 देगा या इस धरती (मिस्र) में बिगाड़ पैदा कर देगा।
४०:२७
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عُذْتُ पनाह ली मैंने ʿudh'tu
पनाह ली मैंने بِرَبِّى अपने रब की birabbī
अपने रब की وَرَبِّكُم और तुम्हारे रब की warabbikum
और तुम्हारे रब की مِّن from min
from كُلِّ every kulli
every مُتَكَبِّرٍۢ हर तकब्बुर करने वाले से mutakabbirin
हर तकब्बुर करने वाले से لَّا not lā
not يُؤْمِنُ जो नहीं ईमान रखता yu'minu
जो नहीं ईमान रखता بِيَوْمِ दिन पर biyawmi
दिन पर ٱلْحِسَابِ हिसाब के l-ḥisābi
हिसाब के ٢٧ (27)
(27)
और कहा مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عُذْتُ पनाह ली मैंने ʿudh'tu
पनाह ली मैंने بِرَبِّى अपने रब की birabbī
अपने रब की وَرَبِّكُم और तुम्हारे रब की warabbikum
और तुम्हारे रब की مِّن from min
from كُلِّ every kulli
every مُتَكَبِّرٍۢ हर तकब्बुर करने वाले से mutakabbirin
हर तकब्बुर करने वाले से لَّا not lā
not يُؤْمِنُ जो नहीं ईमान रखता yu'minu
जो नहीं ईमान रखता بِيَوْمِ दिन पर biyawmi
दिन पर ٱلْحِسَابِ हिसाब के l-ḥisābi
हिसाब के ٢٧ (27)
(27)
तथा मूसा ने कहा : निःसंदेह मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की हर उस अहंकारी से शरण ली है, जो हिसाब के दिन पर ईमान नहीं रखता।
४०:२८
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा رَجُلٌۭ एक मर्द rajulun
एक मर्द مُّؤْمِنٌۭ मोमिन ने mu'minun
मोमिन ने مِّنْ from min
from ءَالِ (the) family āli
(the) family فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन में से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन में से يَكْتُمُ जो छुपाता था yaktumu
जो छुपाता था إِيمَـٰنَهُۥٓ ईमान अपना īmānahu
ईमान अपना أَتَقْتُلُونَ क्या तुम क़त्ल कर दोगे ataqtulūna
क्या तुम क़त्ल कर दोगे رَجُلًا एक आदमी को rajulan
एक आदमी को أَن कि an
कि يَقُولَ वो कहता है yaqūla
वो कहता है رَبِّىَ मेरा रब rabbiya
मेरा रब ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ جَآءَكُم वो लाया है तुम्हारे पास jāakum
वो लाया है तुम्हारे पास بِٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह दलाइल bil-bayināti
वाज़ेह दलाइल مِن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُ है वो yaku
है वो كَـٰذِبًۭا झूठा kādhiban
झूठा فَعَلَيْهِ तो उसी पर है faʿalayhi
तो उसी पर है كَذِبُهُۥ ۖ झूठ उसका kadhibuhu
झूठ उसका وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُ है वो yaku
है वो صَادِقًۭا सच्चा ṣādiqan
सच्चा يُصِبْكُم पहुँचेगा तुम्हें yuṣib'kum
पहुँचेगा तुम्हें بَعْضُ बाज baʿḍu
बाज ٱلَّذِى वो जिसका alladhī
वो जिसका يَعِدُكُمْ ۖ वो वादा करता है तुम से yaʿidukum
वो वादा करता है तुम से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता مَنْ उसे जो हो man
उसे जो हो هُوَ वो huwa
वो مُسْرِفٌۭ हद से गुज़रने वाला mus'rifun
हद से गुज़रने वाला كَذَّابٌۭ सख़्त झूठा kadhābun
सख़्त झूठा ٢٨ (28)
(28)
और कहा رَجُلٌۭ एक मर्द rajulun
एक मर्द مُّؤْمِنٌۭ मोमिन ने mu'minun
मोमिन ने مِّنْ from min
from ءَالِ (the) family āli
(the) family فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन में से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन में से يَكْتُمُ जो छुपाता था yaktumu
जो छुपाता था إِيمَـٰنَهُۥٓ ईमान अपना īmānahu
ईमान अपना أَتَقْتُلُونَ क्या तुम क़त्ल कर दोगे ataqtulūna
क्या तुम क़त्ल कर दोगे رَجُلًا एक आदमी को rajulan
एक आदमी को أَن कि an
कि يَقُولَ वो कहता है yaqūla
वो कहता है رَبِّىَ मेरा रब rabbiya
मेरा रब ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ جَآءَكُم वो लाया है तुम्हारे पास jāakum
वो लाया है तुम्हारे पास بِٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह दलाइल bil-bayināti
वाज़ेह दलाइल مِن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُ है वो yaku
है वो كَـٰذِبًۭا झूठा kādhiban
झूठा فَعَلَيْهِ तो उसी पर है faʿalayhi
तो उसी पर है كَذِبُهُۥ ۖ झूठ उसका kadhibuhu
झूठ उसका وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُ है वो yaku
है वो صَادِقًۭا सच्चा ṣādiqan
सच्चा يُصِبْكُم पहुँचेगा तुम्हें yuṣib'kum
पहुँचेगा तुम्हें بَعْضُ बाज baʿḍu
बाज ٱلَّذِى वो जिसका alladhī
वो जिसका يَعِدُكُمْ ۖ वो वादा करता है तुम से yaʿidukum
वो वादा करता है तुम से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता مَنْ उसे जो हो man
उसे जो हो هُوَ वो huwa
वो مُسْرِفٌۭ हद से गुज़रने वाला mus'rifun
हद से गुज़रने वाला كَذَّابٌۭ सख़्त झूठा kadhābun
सख़्त झूठा ٢٨ (28)
(28)
तथा फ़िरऔन के घराने के एक ईमानवाले व्यक्ति ने, जो अपना ईमान छिपा रहा था, कहा : क्या तुम एक व्यक्ति को केवल इसलिए मार डालना चाहते हो कि वह कहता है कि मेरा पालनहार अल्लाह है, जबकि वह तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से खुली निशानियाँ लेकर आया है? और यदि वह झूठा है, तो उसका झूठ उसी के ऊपर है और यदि वह सच्चा है, तो तुम्हें उस (यातना) का कुछ अंश पहुँचकर रहेगा, जिसका वह तुमसे वादा कर रहा है। निःसंदेह अल्लाह उसका मार्गदर्शन नहीं करता, जो उल्लंघनकारी, बहुत झूठा है।
४०:२९
يَـٰقَوْمِ
ऐ मेरी क़ौम
yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَكُمُ तुम्हारे लिए है lakumu
तुम्हारे लिए है ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज ظَـٰهِرِينَ कि ग़ालिब हो ẓāhirīna
कि ग़ालिब हो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَمَن फिर कौन faman
फिर कौन يَنصُرُنَا मदद करेगा हमारी yanṣurunā
मदद करेगा हमारी مِنۢ from min
from بَأْسِ अज़ाब से basi
अज़ाब से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِن अगर in
अगर جَآءَنَا ۚ वो आ गया हमारे पास jāanā
वो आ गया हमारे पास قَالَ कहा qāla
कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने مَآ नहीं mā
नहीं أُرِيكُمْ मैं दिखाता तुम्हें urīkum
मैं दिखाता तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर مَآ जो mā
जो أَرَىٰ मैं देखता हूँ arā
मैं देखता हूँ وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَهْدِيكُمْ मैं दिखाता तुम्हें ahdīkum
मैं दिखाता तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلرَّشَادِ भलाई का l-rashādi
भलाई का ٢٩ (29)
(29)
ऐ मेरी क़ौम لَكُمُ तुम्हारे लिए है lakumu
तुम्हारे लिए है ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज ظَـٰهِرِينَ कि ग़ालिब हो ẓāhirīna
कि ग़ालिब हो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَمَن फिर कौन faman
फिर कौन يَنصُرُنَا मदद करेगा हमारी yanṣurunā
मदद करेगा हमारी مِنۢ from min
from بَأْسِ अज़ाब से basi
अज़ाब से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِن अगर in
अगर جَآءَنَا ۚ वो आ गया हमारे पास jāanā
वो आ गया हमारे पास قَالَ कहा qāla
कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने مَآ नहीं mā
नहीं أُرِيكُمْ मैं दिखाता तुम्हें urīkum
मैं दिखाता तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर مَآ जो mā
जो أَرَىٰ मैं देखता हूँ arā
मैं देखता हूँ وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَهْدِيكُمْ मैं दिखाता तुम्हें ahdīkum
मैं दिखाता तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلرَّشَادِ भलाई का l-rashādi
भलाई का ٢٩ (29)
(29)
ऐ मेरी जाति के लोगो! आज तुम्हारा राज्य है। तुम धरती में प्रभावशाली हो। यदि अल्लाह की यातना हमपर आ जाए, तो उससे बचाने के लिए कौन हमारी मदद करेगा? फ़िरऔन ने कहा : मैं तुम सब को वही समझा रहा हूँ, जिसे मैं उचित समझता हूँ और मैं तुम्हें सीधी राह ही दिखा रहा हूँ।
४०:३०
وَقَالَ
और कहा उसने
waqāla
और कहा उसने ٱلَّذِىٓ जो alladhī
जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द يَوْمِ दिन के yawmi
दिन के ٱلْأَحْزَابِ (गुज़िश्ता) गिरोहों के l-aḥzābi
(गुज़िश्ता) गिरोहों के ٣٠ (30)
(30)
और कहा उसने ٱلَّذِىٓ जो alladhī
जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द يَوْمِ दिन के yawmi
दिन के ٱلْأَحْزَابِ (गुज़िश्ता) गिरोहों के l-aḥzābi
(गुज़िश्ता) गिरोहों के ٣٠ (30)
(30)
तथा जो व्यक्ति ईमान लाया था, उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! निःसंदेह मैं तुमपर (अगले) समुदायों के दिन जैसे (दिन)1 से डरता हूँ।
४०:३१
مِثْلَ
मानिन्द
mith'la
मानिन्द دَأْبِ हालत dabi
हालत قَوْمِ क़ौमे qawmi
क़ौमे نُوحٍۢ नूह nūḥin
नूह وَعَادٍۢ और आद waʿādin
और आद وَثَمُودَ और समूद wathamūda
और समूद وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ ۚ बाद थे उनके baʿdihim
बाद थे उनके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُرِيدُ वो इरादा रखता yurīdu
वो इरादा रखता ظُلْمًۭا ज़ुल्म का ẓul'man
ज़ुल्म का لِّلْعِبَادِ बन्दों पर lil'ʿibādi
बन्दों पर ٣١ (31)
(31)
मानिन्द دَأْبِ हालत dabi
हालत قَوْمِ क़ौमे qawmi
क़ौमे نُوحٍۢ नूह nūḥin
नूह وَعَادٍۢ और आद waʿādin
और आद وَثَمُودَ और समूद wathamūda
और समूद وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ ۚ बाद थे उनके baʿdihim
बाद थे उनके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُرِيدُ वो इरादा रखता yurīdu
वो इरादा रखता ظُلْمًۭا ज़ुल्म का ẓul'man
ज़ुल्म का لِّلْعِبَادِ बन्दों पर lil'ʿibādi
बन्दों पर ٣١ (31)
(31)
नूह की जाति, तथा आद और समूद और उनके बाद होने वाले लोगों की स्थिति के समान। तथा अल्लाह अपने बंदों पर अत्याचार नहीं चाहता।
४०:३२
وَيَـٰقَوْمِ
और ऐ मेरी क़ौम
wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर يَوْمَ (the) Day yawma
(the) Day ٱلتَّنَادِ एक दूसरे को पुकारने के दिन से l-tanādi
एक दूसरे को पुकारने के दिन से ٣٢ (32)
(32)
और ऐ मेरी क़ौम إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर يَوْمَ (the) Day yawma
(the) Day ٱلتَّنَادِ एक दूसरे को पुकारने के दिन से l-tanādi
एक दूसरे को पुकारने के दिन से ٣٢ (32)
(32)
तथा ऐ मेरी जाति के लोगो! निःसंदेह मैं तुमपर एक-दूसरे को पुकारने के दिन1 से डरता हूँ।
४०:३३
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन تُوَلُّونَ तुम फिर जाओगे tuwallūna
तुम फिर जाओगे مُدْبِرِينَ पीठ फेरते हुए mud'birīna
पीठ फेरते हुए مَا नहीं (होगा) mā
नहीं (होगा) لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِنْ any min
any عَاصِمٍۢ ۗ कोई बचाने वाला ʿāṣimin
कोई बचाने वाला وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ भटकादे yuḍ'lili
भटकादे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنْ any min
any هَادٍۢ कोई हिदायत देने वाला hādin
कोई हिदायत देने वाला ٣٣ (33)
(33)
जिस दिन تُوَلُّونَ तुम फिर जाओगे tuwallūna
तुम फिर जाओगे مُدْبِرِينَ पीठ फेरते हुए mud'birīna
पीठ फेरते हुए مَا नहीं (होगा) mā
नहीं (होगा) لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِنْ any min
any عَاصِمٍۢ ۗ कोई बचाने वाला ʿāṣimin
कोई बचाने वाला وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ भटकादे yuḍ'lili
भटकादे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنْ any min
any هَادٍۢ कोई हिदायत देने वाला hādin
कोई हिदायत देने वाला ٣٣ (33)
(33)
जिस दिन तुम पीठ फेरकर भागोगे। तुम्हें अल्लाह से कोई बचाने वाला न होगा। तथा जिसे अल्लाह राह से भटका दे, उसे राह दिखाने वाला कोई नहीं।
४०:३४
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आया तुम्हारे पास jāakum
आया तुम्हारे पास يُوسُفُ यूसुफ़ yūsufu
यूसुफ़ مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَمَا but not famā
but not زِلْتُمْ तो मुसलसल रहे तुम zil'tum
तो मुसलसल रहे तुम فِى in fī
in شَكٍّۢ शक में shakkin
शक में مِّمَّا उससे चीज़ से जो mimmā
उससे चीज़ से जो جَآءَكُم वो लाया तुम्हारे पास jāakum
वो लाया तुम्हारे पास بِهِۦ ۖ उसे bihi
उसे حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब هَلَكَ वो फ़ौत हो गया halaka
वो फ़ौत हो गया قُلْتُمْ कहा तुम ने qul'tum
कहा तुम ने لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَبْعَثَ भेजेगा yabʿatha
भेजेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦ इसके बाद baʿdihi
इसके बाद رَسُولًۭا ۚ किसी रसूल को rasūlan
किसी रसूल को كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُضِلُّ भटकाता है yuḍillu
भटकाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَنْ उसे जो man
उसे जो هُوَ हो वो huwa
हो वो مُسْرِفٌۭ हद से बढ़ने वाला mus'rifun
हद से बढ़ने वाला مُّرْتَابٌ शक में पड़ने वाला mur'tābun
शक में पड़ने वाला ٣٤ (34)
(34)
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आया तुम्हारे पास jāakum
आया तुम्हारे पास يُوسُفُ यूसुफ़ yūsufu
यूसुफ़ مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَمَا but not famā
but not زِلْتُمْ तो मुसलसल रहे तुम zil'tum
तो मुसलसल रहे तुम فِى in fī
in شَكٍّۢ शक में shakkin
शक में مِّمَّا उससे चीज़ से जो mimmā
उससे चीज़ से जो جَآءَكُم वो लाया तुम्हारे पास jāakum
वो लाया तुम्हारे पास بِهِۦ ۖ उसे bihi
उसे حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब هَلَكَ वो फ़ौत हो गया halaka
वो फ़ौत हो गया قُلْتُمْ कहा तुम ने qul'tum
कहा तुम ने لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَبْعَثَ भेजेगा yabʿatha
भेजेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦ इसके बाद baʿdihi
इसके बाद رَسُولًۭا ۚ किसी रसूल को rasūlan
किसी रसूल को كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُضِلُّ भटकाता है yuḍillu
भटकाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَنْ उसे जो man
उसे जो هُوَ हो वो huwa
हो वो مُسْرِفٌۭ हद से बढ़ने वाला mus'rifun
हद से बढ़ने वाला مُّرْتَابٌ शक में पड़ने वाला mur'tābun
शक में पड़ने वाला ٣٤ (34)
(34)
तथा इससे पूर्व यूसुफ़ तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाणों के साथ आए, तो तुम उस चीज़ के बारे में बराबर संदेह में पड़े रहे, जो वह तुम्हारे पास लेकर आए। यहाँ तक कि जब वह मर गए, तो तुमने कहा कि अल्लाह उनके पश्चात् कोई रसूल1 हरगिज़ नहीं भेजेगा। इसी प्रकार अल्लाह उसे राह से भटका देता है, जो हद से बढ़ने वाला, संदेह करने वाला हो।
४०:३५
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يُجَـٰدِلُونَ झगड़ते हैं yujādilūna
झगड़ते हैं فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर سُلْطَـٰنٍ किसी दलील के sul'ṭānin
किसी दलील के أَتَىٰهُمْ ۖ जो आई हो उनके पास atāhum
जो आई हो उनके पास كَبُرَ बड़ी है kabura
बड़ी है مَقْتًا नाराज़गी की बात maqtan
नाराज़गी की बात عِندَ नज़्दीक ʿinda
नज़्दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَعِندَ और नज़्दीक waʿinda
और नज़्दीक ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो ءَامَنُوا۟ ۚ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَطْبَعُ मुहर लगा देता है yaṭbaʿu
मुहर लगा देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर (उस शख़्स के) kulli
हर (उस शख़्स के) قَلْبِ दिल के qalbi
दिल के مُتَكَبِّرٍۢ जो तकब्बुर करने वाला है mutakabbirin
जो तकब्बुर करने वाला है جَبَّارٍۢ सरकश है jabbārin
सरकश है ٣٥ (35)
(35)
वो लोग जो يُجَـٰدِلُونَ झगड़ते हैं yujādilūna
झगड़ते हैं فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर سُلْطَـٰنٍ किसी दलील के sul'ṭānin
किसी दलील के أَتَىٰهُمْ ۖ जो आई हो उनके पास atāhum
जो आई हो उनके पास كَبُرَ बड़ी है kabura
बड़ी है مَقْتًا नाराज़गी की बात maqtan
नाराज़गी की बात عِندَ नज़्दीक ʿinda
नज़्दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَعِندَ और नज़्दीक waʿinda
और नज़्दीक ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो ءَامَنُوا۟ ۚ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَطْبَعُ मुहर लगा देता है yaṭbaʿu
मुहर लगा देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर (उस शख़्स के) kulli
हर (उस शख़्स के) قَلْبِ दिल के qalbi
दिल के مُتَكَبِّرٍۢ जो तकब्बुर करने वाला है mutakabbirin
जो तकब्बुर करने वाला है جَبَّارٍۢ सरकश है jabbārin
सरकश है ٣٥ (35)
(35)
जो अल्लाह की आयतों के बारे में झगड़ते हैं, बिना किसी प्रमाण के, जो उनके पास आया हो। यह अल्लाह के निकट तथा उन लोगों के निकट, जो ईमान लाए हैं, बड़े क्रोध की बात है। इसी प्रकार, अल्लाह प्रत्येक अहंकारी अत्याचारी के दिल पर मुहर लगा देता है।
४०:३६
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने يَـٰهَـٰمَـٰنُ ऐ हामान yāhāmānu
ऐ हामान ٱبْنِ बना ib'ni
बना لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए صَرْحًۭا एक बुलन्द इमारत ṣarḥan
एक बुलन्द इमारत لَّعَلِّىٓ ताकि मैं laʿallī
ताकि मैं أَبْلُغُ मैं पहुँच सकूँ ablughu
मैं पहुँच सकूँ ٱلْأَسْبَـٰبَ रास्तों पर l-asbāba
रास्तों पर ٣٦ (36)
(36)
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने يَـٰهَـٰمَـٰنُ ऐ हामान yāhāmānu
ऐ हामान ٱبْنِ बना ib'ni
बना لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए صَرْحًۭا एक बुलन्द इमारत ṣarḥan
एक बुलन्द इमारत لَّعَلِّىٓ ताकि मैं laʿallī
ताकि मैं أَبْلُغُ मैं पहुँच सकूँ ablughu
मैं पहुँच सकूँ ٱلْأَسْبَـٰبَ रास्तों पर l-asbāba
रास्तों पर ٣٦ (36)
(36)
तथा फ़िरऔन ने कहा : ऐ हामान! मेरे लिए एक उच्च भवन बनाओ, ताकि मैं मार्गों तक पहुँच सकूँ।
४०:३७
أَسْبَـٰبَ
रास्तों पर
asbāba
रास्तों पर ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमान के l-samāwāti
आसमान के فَأَطَّلِعَ फिर मैं झाँक कर देखूँ fa-aṭṭaliʿa
फिर मैं झाँक कर देखूँ إِلَىٰٓ at ilā
at إِلَـٰهِ तरफ़ इलाह ilāhi
तरफ़ इलाह مُوسَىٰ मूसा के mūsā
मूसा के وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं لَأَظُنُّهُۥ अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ उसे la-aẓunnuhu
अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ उसे كَـٰذِبًۭا ۚ झूठा kādhiban
झूठा وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिया गया zuyyina
मुज़य्यन कर दिया गया لِفِرْعَوْنَ फ़िरऔन के लिए lifir'ʿawna
फ़िरऔन के लिए سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा عَمَلِهِۦ अमल उसका ʿamalihi
अमल उसका وَصُدَّ और वो रोक दिया गया waṣudda
और वो रोक दिया गया عَنِ from ʿani
from ٱلسَّبِيلِ ۚ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَيْدُ चाल kaydu
चाल فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in تَبَابٍۢ हलाकत में tabābin
हलाकत में ٣٧ (37)
(37)
रास्तों पर ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमान के l-samāwāti
आसमान के فَأَطَّلِعَ फिर मैं झाँक कर देखूँ fa-aṭṭaliʿa
फिर मैं झाँक कर देखूँ إِلَىٰٓ at ilā
at إِلَـٰهِ तरफ़ इलाह ilāhi
तरफ़ इलाह مُوسَىٰ मूसा के mūsā
मूसा के وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं لَأَظُنُّهُۥ अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ उसे la-aẓunnuhu
अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ उसे كَـٰذِبًۭا ۚ झूठा kādhiban
झूठा وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिया गया zuyyina
मुज़य्यन कर दिया गया لِفِرْعَوْنَ फ़िरऔन के लिए lifir'ʿawna
फ़िरऔन के लिए سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा عَمَلِهِۦ अमल उसका ʿamalihi
अमल उसका وَصُدَّ और वो रोक दिया गया waṣudda
और वो रोक दिया गया عَنِ from ʿani
from ٱلسَّبِيلِ ۚ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَيْدُ चाल kaydu
चाल فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in تَبَابٍۢ हलाकत में tabābin
हलाकत में ٣٧ (37)
(37)
आकाशों के मार्गों तक। फिर मैं मूसा के पूज्य को देख लूँ। और निश्चय ही मैं उसे झूठा समझता हूँ। इसी प्रकार, फ़िरऔन के लिए उसके बुरे कर्म को सुंदर बना दिया गया और उसे सत्य मार्ग से रोक दिया गया। और फ़िरऔन की चाल विनाश होकर रही।
४०:३८
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِىٓ उसने जो alladhī
उसने जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱتَّبِعُونِ पैरवी करो मेरी ittabiʿūni
पैरवी करो मेरी أَهْدِكُمْ मैं दिखाऊँगा तुम्हें ahdikum
मैं दिखाऊँगा तुम्हें سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلرَّشَادِ भलाई का l-rashādi
भलाई का ٣٨ (38)
(38)
और कहा ٱلَّذِىٓ उसने जो alladhī
उसने जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱتَّبِعُونِ पैरवी करो मेरी ittabiʿūni
पैरवी करो मेरी أَهْدِكُمْ मैं दिखाऊँगा तुम्हें ahdikum
मैं दिखाऊँगा तुम्हें سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلرَّشَادِ भलाई का l-rashādi
भलाई का ٣٨ (38)
(38)
तथा जो व्यक्ति ईमान लाया था, उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! मेरा अनुसरण करो, मैं तुम्हे भलाई का रास्ता दिखाऊँगा।
४०:३९
يَـٰقَوْمِ
ऐ मेरी क़ौम
yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक هَـٰذِهِ ये hādhihi
ये ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की مَتَـٰعٌۭ थोड़ा फ़ायदा है matāʿun
थोड़ा फ़ायदा है وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत l-ākhirata
आख़िरत هِىَ वो ही hiya
वो ही دَارُ घर है dāru
घर है ٱلْقَرَارِ क़रार का l-qarāri
क़रार का ٣٩ (39)
(39)
ऐ मेरी क़ौम إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक هَـٰذِهِ ये hādhihi
ये ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की مَتَـٰعٌۭ थोड़ा फ़ायदा है matāʿun
थोड़ा फ़ायदा है وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत l-ākhirata
आख़िरत هِىَ वो ही hiya
वो ही دَارُ घर है dāru
घर है ٱلْقَرَارِ क़रार का l-qarāri
क़रार का ٣٩ (39)
(39)
ऐ मेरी जाति के लोगो! यह सांसारिक जीवन तो मात्र कुछ दिनों का लाभ है और निःसंदेह स्थायी निवास का स्थान तो आख़िरत ही है।
४०:४०
مَنْ
जिस ने
man
जिस ने عَمِلَ अमल किया ʿamila
अमल किया سَيِّئَةًۭ बुरा sayyi-atan
बुरा فَلَا तो ना falā
तो ना يُجْزَىٰٓ वो बदला दिया जाएगा yuj'zā
वो बदला दिया जाएगा إِلَّا मगर illā
मगर مِثْلَهَا ۖ मानिन्द उसी के mith'lahā
मानिन्द उसी के وَمَنْ और जिसने waman
और जिसने عَمِلَ अमल किया ʿamila
अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक مِّن of min
of ذَكَرٍ कोई मर्द हो dhakarin
कोई मर्द हो أَوْ या aw
या أُنثَىٰ औरत unthā
औरत وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يَدْخُلُونَ जो दाख़िल होंगे yadkhulūna
जो दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में يُرْزَقُونَ वो रिज़्क़ दिए जाऐंगे yur'zaqūna
वो रिज़्क़ दिए जाऐंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٤٠ (40)
(40)
जिस ने عَمِلَ अमल किया ʿamila
अमल किया سَيِّئَةًۭ बुरा sayyi-atan
बुरा فَلَا तो ना falā
तो ना يُجْزَىٰٓ वो बदला दिया जाएगा yuj'zā
वो बदला दिया जाएगा إِلَّا मगर illā
मगर مِثْلَهَا ۖ मानिन्द उसी के mith'lahā
मानिन्द उसी के وَمَنْ और जिसने waman
और जिसने عَمِلَ अमल किया ʿamila
अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक مِّن of min
of ذَكَرٍ कोई मर्द हो dhakarin
कोई मर्द हो أَوْ या aw
या أُنثَىٰ औरत unthā
औरत وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يَدْخُلُونَ जो दाख़िल होंगे yadkhulūna
जो दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में يُرْزَقُونَ वो रिज़्क़ दिए जाऐंगे yur'zaqūna
वो रिज़्क़ दिए जाऐंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٤٠ (40)
(40)
जिसने बुरा काम किया, उसे उसी के जैसा बदला दिया जाएगा तथा जिसने अच्छा काम किया, वह नर हो अथवा नारी, जबकि वह ईमान वाला (एकेश्वरवादी) हो, तो ऐसे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे। वहाँ उन्हें बेहिसाब रोज़ी दी जाएगी।
४०:४१
۞ وَيَـٰقَوْمِ
और ऐ मेरी क़ौम
wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम مَا क्या है mā
क्या है لِىٓ मुझे lī
मुझे أَدْعُوكُمْ मैं बुलाता हूँ तुम्हें adʿūkum
मैं बुलाता हूँ तुम्हें إِلَى to ilā
to ٱلنَّجَوٰةِ तरफ़ निजात के l-najati
तरफ़ निजात के وَتَدْعُونَنِىٓ और तुम बुलाते हो मुझे watadʿūnanī
और तुम बुलाते हो मुझे إِلَى to ilā
to ٱلنَّارِ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के ٤١ (41)
(41)
और ऐ मेरी क़ौम مَا क्या है mā
क्या है لِىٓ मुझे lī
मुझे أَدْعُوكُمْ मैं बुलाता हूँ तुम्हें adʿūkum
मैं बुलाता हूँ तुम्हें إِلَى to ilā
to ٱلنَّجَوٰةِ तरफ़ निजात के l-najati
तरफ़ निजात के وَتَدْعُونَنِىٓ और तुम बुलाते हो मुझे watadʿūnanī
और तुम बुलाते हो मुझे إِلَى to ilā
to ٱلنَّارِ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के ٤١ (41)
(41)
तथा ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या बात है कि मैं तुम्हें मुक्ति की ओर बुला रहा हूँ और तुम मुझे आग (नरक) की ओर बुला रहे हो?
४०:४२
تَدْعُونَنِى
तुम बुलाते हो मुझे
tadʿūnanī
तुम बुलाते हो मुझे لِأَكْفُرَ कि मैं कुफ़्र करूँ li-akfura
कि मैं कुफ़्र करूँ بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के وَأُشْرِكَ और मैं शरीक ठहराऊँ wa-ush'rika
और मैं शरीक ठहराऊँ بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مَا उसको जो mā
उसको जो لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لِى मुझे lī
मुझे بِهِۦ उसका bihi
उसका عِلْمٌۭ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं أَدْعُوكُمْ मैं बुलाता हूँ तुम्हें adʿūkum
मैं बुलाता हूँ तुम्हें إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْعَزِيزِ बहुत ज़बरदस्त के l-ʿazīzi
बहुत ज़बरदस्त के ٱلْغَفَّـٰرِ बहुत बख़्शने वाले के l-ghafāri
बहुत बख़्शने वाले के ٤٢ (42)
(42)
तुम बुलाते हो मुझे لِأَكْفُرَ कि मैं कुफ़्र करूँ li-akfura
कि मैं कुफ़्र करूँ بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के وَأُشْرِكَ और मैं शरीक ठहराऊँ wa-ush'rika
और मैं शरीक ठहराऊँ بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مَا उसको जो mā
उसको जो لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لِى मुझे lī
मुझे بِهِۦ उसका bihi
उसका عِلْمٌۭ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं أَدْعُوكُمْ मैं बुलाता हूँ तुम्हें adʿūkum
मैं बुलाता हूँ तुम्हें إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْعَزِيزِ बहुत ज़बरदस्त के l-ʿazīzi
बहुत ज़बरदस्त के ٱلْغَفَّـٰرِ बहुत बख़्शने वाले के l-ghafāri
बहुत बख़्शने वाले के ٤٢ (42)
(42)
तुम मुझे इस बात की ओर बुला रहे हो कि मैं अल्लाह के साथ कुफ़्र करूँ और उसके साथ उसे साझी ठहराऊँ जिसका मुझे कोई ज्ञान नहीं, तथा मैं तुम्हें प्रभुत्वशाली, अत्यंत क्षमाशील (अल्लाह) की ओर बुला रहा हूँ।
४०:४३
لَا
No
lā
No جَرَمَ नहीं कोई शक jarama
नहीं कोई शक أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक تَدْعُونَنِىٓ तुम बुलाते हो मुझे tadʿūnanī
तुम बुलाते हो मुझे إِلَيْهِ जिसकी तरफ़ ilayhi
जिसकी तरफ़ لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए دَعْوَةٌۭ कोई पुकारा जाना daʿwatun
कोई पुकारा जाना فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक مَرَدَّنَآ पलटना हमारा maraddanā
पलटना हमारा إِلَى (is) to ilā
(is) to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के है l-lahi
तरफ़ अल्लाह के है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱلْمُسْرِفِينَ जो हद से बढ़ने वाले हैं l-mus'rifīna
जो हद से बढ़ने वाले हैं هُمْ वो ही हैं hum
वो ही हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ٤٣ (43)
(43)
No جَرَمَ नहीं कोई शक jarama
नहीं कोई शक أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक تَدْعُونَنِىٓ तुम बुलाते हो मुझे tadʿūnanī
तुम बुलाते हो मुझे إِلَيْهِ जिसकी तरफ़ ilayhi
जिसकी तरफ़ لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए دَعْوَةٌۭ कोई पुकारा जाना daʿwatun
कोई पुकारा जाना فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक مَرَدَّنَآ पलटना हमारा maraddanā
पलटना हमारा إِلَى (is) to ilā
(is) to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के है l-lahi
तरफ़ अल्लाह के है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱلْمُسْرِفِينَ जो हद से बढ़ने वाले हैं l-mus'rifīna
जो हद से बढ़ने वाले हैं هُمْ वो ही हैं hum
वो ही हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ٤٣ (43)
(43)
निःसंदेह तुम जिसकी ओर मुझे बुला रहे हो, वह न तो दुनिया में पुकारे जाने के योग्य1 है और न आख़िरत में। तथा यह कि निश्चय हमारा लौटना अल्लाह की ओर है और यह कि निश्चय हद से आगे बढ़ने वाले ही, आग में रहने वाले हैं।
४०:४४
فَسَتَذْكُرُونَ
पस अनक़रीब तुम याद करोगे
fasatadhkurūna
पस अनक़रीब तुम याद करोगे مَآ जो mā
जो أَقُولُ मैं कह रहा हूँ aqūlu
मैं कह रहा हूँ لَكُمْ ۚ तुम्हें lakum
तुम्हें وَأُفَوِّضُ और मैं सुपुर्द करता हूँ wa-ufawwiḍu
और मैं सुपुर्द करता हूँ أَمْرِىٓ मामला अपना amrī
मामला अपना إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ ۚ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِٱلْعِبَادِ बन्दों को bil-ʿibādi
बन्दों को ٤٤ (44)
(44)
पस अनक़रीब तुम याद करोगे مَآ जो mā
जो أَقُولُ मैं कह रहा हूँ aqūlu
मैं कह रहा हूँ لَكُمْ ۚ तुम्हें lakum
तुम्हें وَأُفَوِّضُ और मैं सुपुर्द करता हूँ wa-ufawwiḍu
और मैं सुपुर्द करता हूँ أَمْرِىٓ मामला अपना amrī
मामला अपना إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ ۚ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِٱلْعِبَادِ बन्दों को bil-ʿibādi
बन्दों को ٤٤ (44)
(44)
तो जो कुछ मैं तुमसे कह रहा हूँ, शीघ्र ही तुम उसे याद करोगे। तथा मैं अपना मामला अल्लाह के हवाले करता हूँ। निःसंदेह अल्लाह बंदों को देख रहा है।
४०:४५
فَوَقَىٰهُ
पस बचा लिया उसे
fawaqāhu
पस बचा लिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَيِّـَٔاتِ बुराइयों से sayyiāti
बुराइयों से مَا उसकी जो mā
उसकी जो مَكَرُوا۟ ۖ उन्होंने मकर किया makarū
उन्होंने मकर किया وَحَاقَ और घेर लिया waḥāqa
और घेर लिया بِـَٔالِ (the) people biāli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को سُوٓءُ बुरे sūu
बुरे ٱلْعَذَابِ अज़ाब ने l-ʿadhābi
अज़ाब ने ٤٥ (45)
(45)
पस बचा लिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَيِّـَٔاتِ बुराइयों से sayyiāti
बुराइयों से مَا उसकी जो mā
उसकी जो مَكَرُوا۟ ۖ उन्होंने मकर किया makarū
उन्होंने मकर किया وَحَاقَ और घेर लिया waḥāqa
और घेर लिया بِـَٔالِ (the) people biāli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को سُوٓءُ बुरे sūu
बुरे ٱلْعَذَابِ अज़ाब ने l-ʿadhābi
अज़ाब ने ٤٥ (45)
(45)
तो अल्लाह ने उसे उनकी चालों की बुराइयों से बचा लिया और फ़िरऔनियों को बुरी यातना ने घेर लिया।
४०:४६
ٱلنَّارُ
आग के
al-nāru
आग के يُعْرَضُونَ वो पेश किए जाते हैं yuʿ'raḍūna
वो पेश किए जाते हैं عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर غُدُوًّۭا सुब्ह ghuduwwan
सुब्ह وَعَشِيًّۭا ۖ और शाम waʿashiyyan
और शाम وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन تَقُومُ क़ायम होगी taqūmu
क़ायम होगी ٱلسَّاعَةُ क़यामत l-sāʿatu
क़यामत أَدْخِلُوٓا۟ (कहा जाएगा)कि दाख़िल करो adkhilū
(कहा जाएगा)कि दाख़िल करो ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को أَشَدَّ शदीद तरीन ashadda
शदीद तरीन ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में ٤٦ (46)
(46)
आग के يُعْرَضُونَ वो पेश किए जाते हैं yuʿ'raḍūna
वो पेश किए जाते हैं عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर غُدُوًّۭا सुब्ह ghuduwwan
सुब्ह وَعَشِيًّۭا ۖ और शाम waʿashiyyan
और शाम وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन تَقُومُ क़ायम होगी taqūmu
क़ायम होगी ٱلسَّاعَةُ क़यामत l-sāʿatu
क़यामत أَدْخِلُوٓا۟ (कहा जाएगा)कि दाख़िल करो adkhilū
(कहा जाएगा)कि दाख़िल करो ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को أَشَدَّ शदीद तरीन ashadda
शदीद तरीन ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में ٤٦ (46)
(46)
वे1 सुबह और शाम आग पर प्रस्तुत किए जाते हैं, तथा जिस दिन क़ियामत क़ायम होगी, (तो आदेश होगा) कि फ़िरऔनियों को सबसे कठोर यातना में डाल दो।
४०:४७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब يَتَحَآجُّونَ वो बाहम झाड़ेंगे yataḥājjūna
वो बाहम झाड़ेंगे فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में فَيَقُولُ तो कहेंगे fayaqūlu
तो कहेंगे ٱلضُّعَفَـٰٓؤُا۟ कमज़ोर लोग l-ḍuʿafāu
कमज़ोर लोग لِلَّذِينَ उनसे जिन्होंने lilladhīna
उनसे जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया था is'takbarū
तकब्बुर किया था إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम لَكُمْ तुम्हारे lakum
तुम्हारे تَبَعًۭا ताबेअ/ पैरवी करने वाले tabaʿan
ताबेअ/ पैरवी करने वाले فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّغْنُونَ दूर करने वाले हो mugh'nūna
दूर करने वाले हो عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे نَصِيبًۭا कुछ हिस्सा naṣīban
कुछ हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से ٤٧ (47)
(47)
और जब يَتَحَآجُّونَ वो बाहम झाड़ेंगे yataḥājjūna
वो बाहम झाड़ेंगे فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में فَيَقُولُ तो कहेंगे fayaqūlu
तो कहेंगे ٱلضُّعَفَـٰٓؤُا۟ कमज़ोर लोग l-ḍuʿafāu
कमज़ोर लोग لِلَّذِينَ उनसे जिन्होंने lilladhīna
उनसे जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया था is'takbarū
तकब्बुर किया था إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम لَكُمْ तुम्हारे lakum
तुम्हारे تَبَعًۭا ताबेअ/ पैरवी करने वाले tabaʿan
ताबेअ/ पैरवी करने वाले فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّغْنُونَ दूर करने वाले हो mugh'nūna
दूर करने वाले हो عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे نَصِيبًۭا कुछ हिस्सा naṣīban
कुछ हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से ٤٧ (47)
(47)
तथा (याद करो) जब वे नरक में आपस में झगड़ा करेंगे, तो कमज़ोर लोग बड़ा बनने वाले लोगों से कहेंगे : हम (दुनिया में) तुम्हारे अनुयायी थे। तो क्या तुम हमसे आग का कुछ भाग हटा सकते हो?
४०:४८
قَالَ
कहेंगे
qāla
कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया था is'takbarū
तकब्बुर किया था إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُلٌّۭ सब ही kullun
सब ही فِيهَآ उस में हैं fīhā
उस में हैं إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ حَكَمَ फ़ैसला कर चुका है ḥakama
फ़ैसला कर चुका है بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْعِبَادِ बन्दों के l-ʿibādi
बन्दों के ٤٨ (48)
(48)
कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया था is'takbarū
तकब्बुर किया था إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُلٌّۭ सब ही kullun
सब ही فِيهَآ उस में हैं fīhā
उस में हैं إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ حَكَمَ फ़ैसला कर चुका है ḥakama
फ़ैसला कर चुका है بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْعِبَادِ बन्दों के l-ʿibādi
बन्दों के ٤٨ (48)
(48)
वे बड़ा बनने वाले लोग कहेंगे : निःसंदेह हम सब इसी में हैं। निश्चय ही अल्लाह ने बंदों के बीच निर्णय कर दिया है।
४०:४९
وَقَالَ
और कहेंगे
waqāla
और कहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में (होंगे) l-nāri
आग में (होंगे) لِخَزَنَةِ दर्बानों से likhazanati
दर्बानों से جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के ٱدْعُوا۟ दुआ करो id'ʿū
दुआ करो رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से يُخَفِّفْ वो हल्का कर दे yukhaffif
वो हल्का कर दे عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे يَوْمًۭا एक दिन yawman
एक दिन مِّنَ of mina
of ٱلْعَذَابِ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से ٤٩ (49)
(49)
और कहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में (होंगे) l-nāri
आग में (होंगे) لِخَزَنَةِ दर्बानों से likhazanati
दर्बानों से جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के ٱدْعُوا۟ दुआ करो id'ʿū
दुआ करो رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से يُخَفِّفْ वो हल्का कर दे yukhaffif
वो हल्का कर दे عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे يَوْمًۭا एक दिन yawman
एक दिन مِّنَ of mina
of ٱلْعَذَابِ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से ٤٩ (49)
(49)
तथा जो लोग आग में होंगे, वे जहन्नम के रक्षकों से कहेंगे : अपने पालनहार से प्रार्थना करो कि वह हमसे एक दिन तो कुछ यातना हल्की कर दे।
४०:५०
قَالُوٓا۟
वो कहेंगे
qālū
वो कहेंगे أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं تَكُ थे taku
थे تَأْتِيكُمْ आए तुम्हारे पास tatīkum
आए तुम्हारे पास رُسُلُكُم रसूल तुम्हारे rusulukum
रसूल तुम्हारे بِٱلْبَيِّنَـٰتِ ۖ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे بَلَىٰ ۚ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे فَٱدْعُوا۟ ۗ पस तुम दुआ करो fa-id'ʿū
पस तुम दुआ करो وَمَا और नहीं wamā
और नहीं دُعَـٰٓؤُا۟ दुआ duʿāu
दुआ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in ضَلَـٰلٍ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में ٥٠ (50)
(50)
वो कहेंगे أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं تَكُ थे taku
थे تَأْتِيكُمْ आए तुम्हारे पास tatīkum
आए तुम्हारे पास رُسُلُكُم रसूल तुम्हारे rusulukum
रसूल तुम्हारे بِٱلْبَيِّنَـٰتِ ۖ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे بَلَىٰ ۚ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे فَٱدْعُوا۟ ۗ पस तुम दुआ करो fa-id'ʿū
पस तुम दुआ करो وَمَا और नहीं wamā
और नहीं دُعَـٰٓؤُا۟ दुआ duʿāu
दुआ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in ضَلَـٰلٍ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में ٥٠ (50)
(50)
जहन्नम के रक्षक कहेंगे : क्या तुम्हारे पास, तुम्हारे रसूल, स्पष्ट प्रमाण लेकर नहीं आए थे? काफ़िर लोग कहेंगे : क्यों नहीं? रक्षकगण कहेंगे : तो तुम ही प्रार्थना करो। और काफ़िरों की प्रार्थना व्यर्थ ही होगी।
४०:५१
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम لَنَنصُرُ अलबत्ता हम मदद करते हैं lananṣuru
अलबत्ता हम मदद करते हैं رُسُلَنَا अपने रसूलों की rusulanā
अपने रसूलों की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हैं āmanū
ईमान लाए हैं فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يَقُومُ खड़े होंगे yaqūmu
खड़े होंगे ٱلْأَشْهَـٰدُ गवाह l-ashhādu
गवाह ٥١ (51)
(51)
बेशक हम لَنَنصُرُ अलबत्ता हम मदद करते हैं lananṣuru
अलबत्ता हम मदद करते हैं رُسُلَنَا अपने रसूलों की rusulanā
अपने रसूलों की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हैं āmanū
ईमान लाए हैं فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يَقُومُ खड़े होंगे yaqūmu
खड़े होंगे ٱلْأَشْهَـٰدُ गवाह l-ashhādu
गवाह ٥١ (51)
(51)
निःसंदेह हम अपने रसूलों की और उन लोगों की जो ईमान लाए, सांसारिक जीवन में भी अवश्य सहायता करते हैं तथा उस दिन1 भी (करेंगे) जब साक्षी खड़े होंगे।
४०:५२
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन لَا not lā
not يَنفَعُ ना नफ़ा देगी yanfaʿu
ना नफ़ा देगी ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को مَعْذِرَتُهُمْ ۖ माज़रत उनकी maʿdhiratuhum
माज़रत उनकी وَلَهُمُ और उनके लिए है walahumu
और उनके लिए है ٱللَّعْنَةُ लाअनत l-laʿnatu
लाअनत وَلَهُمْ और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है سُوٓءُ बदतरीन sūu
बदतरीन ٱلدَّارِ घर l-dāri
घर ٥٢ (52)
(52)
जिस दिन لَا not lā
not يَنفَعُ ना नफ़ा देगी yanfaʿu
ना नफ़ा देगी ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को مَعْذِرَتُهُمْ ۖ माज़रत उनकी maʿdhiratuhum
माज़रत उनकी وَلَهُمُ और उनके लिए है walahumu
और उनके लिए है ٱللَّعْنَةُ लाअनत l-laʿnatu
लाअनत وَلَهُمْ और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है سُوٓءُ बदतरीन sūu
बदतरीन ٱلدَّارِ घर l-dāri
घर ٥٢ (52)
(52)
जिस दिन अत्याचारियों को उनका बहाना (सफ़ाई देना) कोई लाभ नहीं देगा तथा उनके लिए धिक्कार है और उनके लिए बुरा घर है।
४०:५३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत وَأَوْرَثْنَا और वारिस बनाया हमने wa-awrathnā
और वारिस बनाया हमने بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْكِتَـٰبَ किताब का l-kitāba
किताब का ٥٣ (53)
(53)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत وَأَوْرَثْنَا और वारिस बनाया हमने wa-awrathnā
और वारिस बनाया हमने بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْكِتَـٰبَ किताब का l-kitāba
किताब का ٥٣ (53)
(53)
तथा हमने मूसा को मार्गदर्शन प्रदान किया और इसराईल की संतान को पुस्तक (तौरात) का उत्तराधिकारी बनाया।
४०:५४
هُدًۭى
जो हिदायत
hudan
जो हिदायत وَذِكْرَىٰ और नसीहत थी wadhik'rā
और नसीहत थी لِأُو۟لِى for those li-ulī
for those ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वालों के लिए l-albābi
अक़्ल वालों के लिए ٥٤ (54)
(54)
जो हिदायत وَذِكْرَىٰ और नसीहत थी wadhik'rā
और नसीहत थी لِأُو۟لِى for those li-ulī
for those ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वालों के लिए l-albābi
अक़्ल वालों के लिए ٥٤ (54)
(54)
जो बुद्धि वालों के लिए मार्गदर्शन तथा उपदेश थी।
४०:५५
فَٱصْبِرْ
पस सब्र कीजिए
fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَٱسْتَغْفِرْ और बख़्शिश तलब कीजिए wa-is'taghfir
और बख़्शिश तलब कीजिए لِذَنۢبِكَ अपने गुनाह की lidhanbika
अपने गुनाह की وَسَبِّحْ और तस्बीह कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह कीजिए بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की بِٱلْعَشِىِّ शाम के वक़्त bil-ʿashiyi
शाम के वक़्त وَٱلْإِبْكَـٰرِ और सुब्ह के वक़्त wal-ib'kāri
और सुब्ह के वक़्त ٥٥ (55)
(55)
पस सब्र कीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَٱسْتَغْفِرْ और बख़्शिश तलब कीजिए wa-is'taghfir
और बख़्शिश तलब कीजिए لِذَنۢبِكَ अपने गुनाह की lidhanbika
अपने गुनाह की وَسَبِّحْ और तस्बीह कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह कीजिए بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की بِٱلْعَشِىِّ शाम के वक़्त bil-ʿashiyi
शाम के वक़्त وَٱلْإِبْكَـٰرِ और सुब्ह के वक़्त wal-ib'kāri
और सुब्ह के वक़्त ٥٥ (55)
(55)
अतः (ऐ नबी!) आप धैर्य रखें। निःसंदेह अल्लाह का वचन1 सत्य है। तथा अपने पापों2 की क्षमा माँगें और सायंकाल तथा प्रातःकाल अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का वर्णन करते रहें।
४०:५६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يُجَـٰدِلُونَ झगड़ते हैं yujādilūna
झगड़ते हैं فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर سُلْطَـٰنٍ किसी दलील के sul'ṭānin
किसी दलील के أَتَىٰهُمْ ۙ जो आई हो उनके पास atāhum
जो आई हो उनके पास إِن नहीं in
नहीं فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِهِمْ उनके सीनों में ṣudūrihim
उनके सीनों में إِلَّا मगर illā
मगर كِبْرٌۭ बड़ाई kib'run
बड़ाई مَّا नहीं mā
नहीं هُم वो hum
वो بِبَـٰلِغِيهِ ۚ पहुँचने वाले उसे bibālighīhi
पहुँचने वाले उसे فَٱسْتَعِذْ पस पनाह तलब कीजिए fa-is'taʿidh
पस पनाह तलब कीजिए بِٱللَّهِ ۖ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْبَصِيرُ ख़ूब देखने वाला l-baṣīru
ख़ूब देखने वाला ٥٦ (56)
(56)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يُجَـٰدِلُونَ झगड़ते हैं yujādilūna
झगड़ते हैं فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर سُلْطَـٰنٍ किसी दलील के sul'ṭānin
किसी दलील के أَتَىٰهُمْ ۙ जो आई हो उनके पास atāhum
जो आई हो उनके पास إِن नहीं in
नहीं فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِهِمْ उनके सीनों में ṣudūrihim
उनके सीनों में إِلَّا मगर illā
मगर كِبْرٌۭ बड़ाई kib'run
बड़ाई مَّا नहीं mā
नहीं هُم वो hum
वो بِبَـٰلِغِيهِ ۚ पहुँचने वाले उसे bibālighīhi
पहुँचने वाले उसे فَٱسْتَعِذْ पस पनाह तलब कीजिए fa-is'taʿidh
पस पनाह तलब कीजिए بِٱللَّهِ ۖ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْبَصِيرُ ख़ूब देखने वाला l-baṣīru
ख़ूब देखने वाला ٥٦ (56)
(56)
निःसंदेह जो लोग बिना किसी प्रमाण के, जो उनके पास आया हो1, अल्लाह की आयतों के बारे में झगड़ते हैं, उनके दिलों में बड़ाई के सिवा कुछ नहीं है, जिस तक वे पहुँचने वाले नहीं हैं। अतः आप अल्लाह की शरण लें। निःसंदेह वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
४०:५७
لَخَلْقُ
यक़ीनन पैदा करना
lakhalqu
यक़ीनन पैदा करना ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है مِنْ than min
than خَلْقِ पैदा करने से khalqi
पैदा करने से ٱلنَّاسِ इन्सानों के l-nāsi
इन्सानों के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٥٧ (57)
(57)
यक़ीनन पैदा करना ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है مِنْ than min
than خَلْقِ पैदा करने से khalqi
पैदा करने से ٱلنَّاسِ इन्सानों के l-nāsi
इन्सानों के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٥٧ (57)
(57)
निश्चय ही आकाशों तथा धरती को पैदा करना, मनुष्य को पैदा करने से अधिक बड़ा (कार्य) है। परंतु अधिकतर लोग नहीं जानते।1
४०:५८
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं يَسْتَوِى बराबर हो सकते yastawī
बराबर हो सकते ٱلْأَعْمَىٰ अंधा l-aʿmā
अंधा وَٱلْبَصِيرُ और देखने वाला wal-baṣīru
और देखने वाला وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمُسِىٓءُ ۚ बदकार l-musīu
बदकार قَلِيلًۭا कितना कम qalīlan
कितना कम مَّا (is) what mā
(is) what تَتَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते हो tatadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते हो ٥٨ (58)
(58)
और नहीं يَسْتَوِى बराबर हो सकते yastawī
बराबर हो सकते ٱلْأَعْمَىٰ अंधा l-aʿmā
अंधा وَٱلْبَصِيرُ और देखने वाला wal-baṣīru
और देखने वाला وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمُسِىٓءُ ۚ बदकार l-musīu
बदकार قَلِيلًۭا कितना कम qalīlan
कितना कम مَّا (is) what mā
(is) what تَتَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते हो tatadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते हो ٥٨ (58)
(58)
तथा अंधा और आँखों वाला बराबर नहीं हो सकते। तथा जो लोग ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, वे और बुरा कर्म करने वाला बराबर नहीं हो सकते। तुम (बहुत) कम ही शिक्षा ग्रहण करते हो।
४०:५९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत لَـَٔاتِيَةٌۭ अलबत्ता आने वाली है laātiyatun
अलबत्ता आने वाली है لَّا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान रखते yu'minūna
नहीं वो ईमान रखते ٥٩ (59)
(59)
बेशक ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत لَـَٔاتِيَةٌۭ अलबत्ता आने वाली है laātiyatun
अलबत्ता आने वाली है لَّا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान रखते yu'minūna
नहीं वो ईमान रखते ٥٩ (59)
(59)
निःसंदेह क़ियामत अवश्य आने वाली है। इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन अधिकतर लोग ईमान नहीं लाते।
४०:६०
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा رَبُّكُمُ तुम्हारे रब ने rabbukumu
तुम्हारे रब ने ٱدْعُونِىٓ दुआ करो मुझसे id'ʿūnī
दुआ करो मुझसे أَسْتَجِبْ मैं क़ुबूल करूँगा astajib
मैं क़ुबूल करूँगा لَكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَسْتَكْبِرُونَ तकब्बुर करते है yastakbirūna
तकब्बुर करते है عَنْ to ʿan
to عِبَادَتِى मेरी इबादत से ʿibādatī
मेरी इबादत से سَيَدْخُلُونَ अनक़रीब वो दाख़िल होंगे sayadkhulūna
अनक़रीब वो दाख़िल होंगे جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में دَاخِرِينَ ज़लील व ख़्वार हो कर dākhirīna
ज़लील व ख़्वार हो कर ٦٠ (60)
(60)
और कहा رَبُّكُمُ तुम्हारे रब ने rabbukumu
तुम्हारे रब ने ٱدْعُونِىٓ दुआ करो मुझसे id'ʿūnī
दुआ करो मुझसे أَسْتَجِبْ मैं क़ुबूल करूँगा astajib
मैं क़ुबूल करूँगा لَكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَسْتَكْبِرُونَ तकब्बुर करते है yastakbirūna
तकब्बुर करते है عَنْ to ʿan
to عِبَادَتِى मेरी इबादत से ʿibādatī
मेरी इबादत से سَيَدْخُلُونَ अनक़रीब वो दाख़िल होंगे sayadkhulūna
अनक़रीब वो दाख़िल होंगे جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में دَاخِرِينَ ज़लील व ख़्वार हो कर dākhirīna
ज़लील व ख़्वार हो कर ٦٠ (60)
(60)
तथा तुम्हारे पालनहार ने कहा है : तुम मुझे पुकारो। मैं तुम्हारी प्रार्थना1 स्वीकार करूँगा। निःसंदेह जो लोग मेरी इबादत से अहंकार करते हैं, वे शीघ्र ही अपमानित होकर जहन्नम में प्रवेश करेंगे।
४०:६१
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِتَسْكُنُوا۟ ताकि तुम सुकून पाओ litaskunū
ताकि तुम सुकून पाओ فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को مُبْصِرًا ۚ रौशन mub'ṣiran
रौशन إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَذُو (is) Full (of) Bounty ladhū
(is) Full (of) Bounty فَضْلٍ अलबत्ता फ़ज़ल वाला है faḍlin
अलबत्ता फ़ज़ल वाला है عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٦١ (61)
(61)
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِتَسْكُنُوا۟ ताकि तुम सुकून पाओ litaskunū
ताकि तुम सुकून पाओ فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को مُبْصِرًا ۚ रौशन mub'ṣiran
रौशन إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَذُو (is) Full (of) Bounty ladhū
(is) Full (of) Bounty فَضْلٍ अलबत्ता फ़ज़ल वाला है faḍlin
अलबत्ता फ़ज़ल वाला है عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٦١ (61)
(61)
अल्लाह ही ने तुम्हारे लिए रात बनाई, ताकि तुम उसमें विश्राम करो तथा दिन को प्रकाशमान बनाया।1 निःसंदेह अल्लाह लोगों पर बड़ा अनुग्रह वाला है। लेकिन अधिकतर लोग आभार प्रकट नहीं करते।
४०:६२
ذَٰلِكُمُ
ये है
dhālikumu
ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा خَـٰلِقُ पैदा करने वाला khāliqu
पैदा करने वाला كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ का shayin
चीज़ का لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही فَأَنَّىٰ तो क्हाँ से fa-annā
तो क्हाँ से تُؤْفَكُونَ तुम फेरे जाते हो tu'fakūna
तुम फेरे जाते हो ٦٢ (62)
(62)
ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा خَـٰلِقُ पैदा करने वाला khāliqu
पैदा करने वाला كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ का shayin
चीज़ का لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही فَأَنَّىٰ तो क्हाँ से fa-annā
तो क्हाँ से تُؤْفَكُونَ तुम फेरे जाते हो tu'fakūna
तुम फेरे जाते हो ٦٢ (62)
(62)
यही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है, प्रत्येक वस्तु का रचयिता, उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं। फिर तुम कहाँ बहकाए जाते हो?
४०:६३
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
kadhālika
इसी तरह يُؤْفَكُ फेरे जाते हैं yu'faku
फेरे जाते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो بِـَٔايَـٰتِ आयात से biāyāti
आयात से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते yajḥadūna
वो इन्कार करते ٦٣ (63)
(63)
इसी तरह يُؤْفَكُ फेरे जाते हैं yu'faku
फेरे जाते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो بِـَٔايَـٰتِ आयात से biāyāti
आयात से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते yajḥadūna
वो इन्कार करते ٦٣ (63)
(63)
इसी प्रकार वे लोग बहकाए जाते रहे हैं, जो अल्लाह की आयतों का इनकार किया करते थे।
४०:६४
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को قَرَارًۭا क़रार गाह qarāran
क़रार गाह وَٱلسَّمَآءَ और आसमान को wal-samāa
और आसमान को بِنَآءًۭ छत bināan
छत وَصَوَّرَكُمْ और उसने सूरतें बनाईं तुम्हारी waṣawwarakum
और उसने सूरतें बनाईं तुम्हारी فَأَحْسَنَ तो उसने अच्छी बनाईं fa-aḥsana
तो उसने अच्छी बनाईं صُوَرَكُمْ सूरतें तुम्हारी ṣuwarakum
सूरतें तुम्हारी وَرَزَقَكُم और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें warazaqakum
और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ ۚ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से ذَٰلِكُمُ ये है dhālikumu
ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ ۖ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा فَتَبَارَكَ पस बाबरकत है fatabāraka
पस बाबरकत है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّ जो रब है rabbu
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٦٤ (64)
(64)
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को قَرَارًۭا क़रार गाह qarāran
क़रार गाह وَٱلسَّمَآءَ और आसमान को wal-samāa
और आसमान को بِنَآءًۭ छत bināan
छत وَصَوَّرَكُمْ और उसने सूरतें बनाईं तुम्हारी waṣawwarakum
और उसने सूरतें बनाईं तुम्हारी فَأَحْسَنَ तो उसने अच्छी बनाईं fa-aḥsana
तो उसने अच्छी बनाईं صُوَرَكُمْ सूरतें तुम्हारी ṣuwarakum
सूरतें तुम्हारी وَرَزَقَكُم और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें warazaqakum
और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ ۚ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से ذَٰلِكُمُ ये है dhālikumu
ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ ۖ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा فَتَبَارَكَ पस बाबरकत है fatabāraka
पस बाबरकत है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّ जो रब है rabbu
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٦٤ (64)
(64)
अल्लाह ही है, जिसने धरती को तुम्हारे लिए निवास स्थान तथा आकाश को छत बनाया और तुम्हारा रूप बनाया, तो सुंदर रूप बनाया, तथा तुम्हें पाकीज़ा चीज़ों से जीविका प्रदान की। वही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है। तो सारे संसार का पालनहार अल्लाह बहुत बरकत वाला है।
४०:६५
هُوَ
वो
huwa
वो ٱلْحَىُّ ज़िन्दा है l-ḥayu
ज़िन्दा है لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही فَٱدْعُوهُ पस पुकारो उसे fa-id'ʿūhu
पस पुकारो उसे مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले हो कर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले हो कर لَهُ उसी के लिए lahu
उसी के लिए ٱلدِّينَ ۗ दीन को l-dīna
दीन को ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٦٥ (65)
(65)
वो ٱلْحَىُّ ज़िन्दा है l-ḥayu
ज़िन्दा है لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही فَٱدْعُوهُ पस पुकारो उसे fa-id'ʿūhu
पस पुकारो उसे مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले हो कर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले हो कर لَهُ उसी के लिए lahu
उसी के लिए ٱلدِّينَ ۗ दीन को l-dīna
दीन को ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٦٥ (65)
(65)
वही जीवित है, उसके सिवा कोई (सच्चा) पूज्य नहीं। अतः उसी को पुकारो, उसके लिए धर्म को विशुद्ध करते हुए। सब प्रशंसा सारे संसारों के पालनहार, अल्लाह के लिए है।
४०:६६
۞ قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نُهِيتُ रोका गया हूँ मैं nuhītu
रोका गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ ٱلَّذِينَ उनकी जिन्हें alladhīna
उनकी जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لَمَّا जबकि lammā
जबकि جَآءَنِىَ आ गईं मेरे पास jāaniya
आ गईं मेरे पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ مِن from min
from رَّبِّى मेरे रब की तरफ़ से rabbī
मेरे रब की तरफ़ से وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया है मुझे wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया है मुझे أَنْ कि an
कि أُسْلِمَ मैं फ़रमाबरदार हो जाऊँ us'lima
मैं फ़रमाबरदार हो जाऊँ لِرَبِّ रब के लिए lirabbi
रब के लिए ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٦٦ (66)
(66)
कह दीजिए إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نُهِيتُ रोका गया हूँ मैं nuhītu
रोका गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ ٱلَّذِينَ उनकी जिन्हें alladhīna
उनकी जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لَمَّا जबकि lammā
जबकि جَآءَنِىَ आ गईं मेरे पास jāaniya
आ गईं मेरे पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ مِن from min
from رَّبِّى मेरे रब की तरफ़ से rabbī
मेरे रब की तरफ़ से وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया है मुझे wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया है मुझे أَنْ कि an
कि أُسْلِمَ मैं फ़रमाबरदार हो जाऊँ us'lima
मैं फ़रमाबरदार हो जाऊँ لِرَبِّ रब के लिए lirabbi
रब के लिए ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٦٦ (66)
(66)
आप कह दें : निःसंदेह मुझे इस बात से रोक दिया गया है कि मैं उनकी इबादत करूँ, जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो, जबकि मेरे पास मेरे पालनहार की ओर से स्पष्ट प्रमाण आ गए। तथा मुझे आदेश दिया गया है कि मैं सारे संसारों के पालनहार का आज्ञाकारी रहूँ।
४०:६७
هُوَ
वो
huwa
वो ٱلَّذِى वो ही है जिसने alladhī
वो ही है जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from تُرَابٍۢ मिट्टी से turābin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर مِن from min
from نُّطْفَةٍۢ नुत्फ़े से nuṭ'fatin
नुत्फ़े से ثُمَّ फिर thumma
फिर مِنْ from min
from عَلَقَةٍۢ जमे हुए ख़ून से ʿalaqatin
जमे हुए ख़ून से ثُمَّ फिर thumma
फिर يُخْرِجُكُمْ वो निकालता है तुम्हें yukh'rijukum
वो निकालता है तुम्हें طِفْلًۭا बच्चा (बनाकर) ṭif'lan
बच्चा (बनाकर) ثُمَّ फिर thumma
फिर لِتَبْلُغُوٓا۟ ताकि तुम पहुँच जाओ litablughū
ताकि तुम पहुँच जाओ أَشُدَّكُمْ अपनी जवानी को ashuddakum
अपनी जवानी को ثُمَّ फिर thumma
फिर لِتَكُونُوا۟ ताकि तुम हो जाओ litakūnū
ताकि तुम हो जाओ شُيُوخًۭا ۚ बूढ़े shuyūkhan
बूढ़े وَمِنكُم और तुम में से waminkum
और तुम में से مَّن कोई है जो man
कोई है जो يُتَوَفَّىٰ फ़ौत कर दिया जाता है yutawaffā
फ़ौत कर दिया जाता है مِن before min
before قَبْلُ ۖ उससे पहले qablu
उससे पहले وَلِتَبْلُغُوٓا۟ और ताकि तुम पहुँचो walitablughū
और ताकि तुम पहुँचो أَجَلًۭا एक वक़्त को ajalan
एक वक़्त को مُّسَمًّۭى मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो ٦٧ (67)
(67)
वो ٱلَّذِى वो ही है जिसने alladhī
वो ही है जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from تُرَابٍۢ मिट्टी से turābin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर مِن from min
from نُّطْفَةٍۢ नुत्फ़े से nuṭ'fatin
नुत्फ़े से ثُمَّ फिर thumma
फिर مِنْ from min
from عَلَقَةٍۢ जमे हुए ख़ून से ʿalaqatin
जमे हुए ख़ून से ثُمَّ फिर thumma
फिर يُخْرِجُكُمْ वो निकालता है तुम्हें yukh'rijukum
वो निकालता है तुम्हें طِفْلًۭا बच्चा (बनाकर) ṭif'lan
बच्चा (बनाकर) ثُمَّ फिर thumma
फिर لِتَبْلُغُوٓا۟ ताकि तुम पहुँच जाओ litablughū
ताकि तुम पहुँच जाओ أَشُدَّكُمْ अपनी जवानी को ashuddakum
अपनी जवानी को ثُمَّ फिर thumma
फिर لِتَكُونُوا۟ ताकि तुम हो जाओ litakūnū
ताकि तुम हो जाओ شُيُوخًۭا ۚ बूढ़े shuyūkhan
बूढ़े وَمِنكُم और तुम में से waminkum
और तुम में से مَّن कोई है जो man
कोई है जो يُتَوَفَّىٰ फ़ौत कर दिया जाता है yutawaffā
फ़ौत कर दिया जाता है مِن before min
before قَبْلُ ۖ उससे पहले qablu
उससे पहले وَلِتَبْلُغُوٓا۟ और ताकि तुम पहुँचो walitablughū
और ताकि तुम पहुँचो أَجَلًۭا एक वक़्त को ajalan
एक वक़्त को مُّسَمًّۭى मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो ٦٧ (67)
(67)
वही है, जिसने तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य से, फिर जमे हुए रक्त से। फिर वह तुम्हें बच्चे के रूप में निकालता है। फिर (बड़ा करता है) ताकि तुम अपनी पूरी शक्ति को पहुँचो, फिर ताकि तुम बूढ़े हो जाओ, तथा तुममें कुछ इससे पहले ही मर जाते हैं। और (यह इसलिए होता है) ताकि तुम अपनी निश्चित आयु को पहुँच जाओ, तथा ताकि तुम समझो।1
४०:६८
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُحْىِۦ ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۖ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला करता है qaḍā
वो फ़ैसला करता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ٦٨ (68)
(68)
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُحْىِۦ ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۖ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला करता है qaḍā
वो फ़ैसला करता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ٦٨ (68)
(68)
वही है जो जीवित करता है और मारता है। फिर जब वह किसी काम का निर्णय कर लेता है, तो उसे मात्र यह कहता है कि "हो जा", तो वह हो जाता है।
४०:६९
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [to] ilā
[to] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो يُجَـٰدِلُونَ झगड़ते हैं yujādilūna
झगड़ते हैं فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَنَّىٰ कहाँ से annā
कहाँ से يُصْرَفُونَ वो फेरे जाते हैं yuṣ'rafūna
वो फेरे जाते हैं ٦٩ (69)
(69)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [to] ilā
[to] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो يُجَـٰدِلُونَ झगड़ते हैं yujādilūna
झगड़ते हैं فِىٓ concerning fī
concerning ءَايَـٰتِ आयात में āyāti
आयात में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَنَّىٰ कहाँ से annā
कहाँ से يُصْرَفُونَ वो फेरे जाते हैं yuṣ'rafūna
वो फेरे जाते हैं ٦٩ (69)
(69)
क्या आपने उन लोगों को नहीं देखा, जो अल्लाह की आयतों के बारे में झगड़ते1 हैं, वे कहाँ फेरे जा रहे हैं?
४०:७०
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِٱلْكِتَـٰبِ किताब को bil-kitābi
किताब को وَبِمَآ और उसे जो wabimā
और उसे जो أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके رُسُلَنَا ۖ अपने रसूलों को rusulanā
अपने रसूलों को فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे ٧٠ (70)
(70)
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِٱلْكِتَـٰبِ किताब को bil-kitābi
किताब को وَبِمَآ और उसे जो wabimā
और उसे जो أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके رُسُلَنَا ۖ अपने रसूलों को rusulanā
अपने रसूलों को فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे ٧٠ (70)
(70)
जिन्होंने पुस्तक को और जो कुछ हमने अपने रसूलों को देकर भेजा, उसे झुठला दिया। तो शीघ्र ही वे जान लेंगे।
४०:७१
إِذِ
जब
idhi
जब ٱلْأَغْلَـٰلُ तौक़ होंगे l-aghlālu
तौक़ होंगे فِىٓ (will be) around fī
(will be) around أَعْنَـٰقِهِمْ उनकी गर्दनों में aʿnāqihim
उनकी गर्दनों में وَٱلسَّلَـٰسِلُ और ज़नजीरें होंगी wal-salāsilu
और ज़नजीरें होंगी يُسْحَبُونَ वो घसीटे जाऐंगे yus'ḥabūna
वो घसीटे जाऐंगे ٧١ (71)
(71)
जब ٱلْأَغْلَـٰلُ तौक़ होंगे l-aghlālu
तौक़ होंगे فِىٓ (will be) around fī
(will be) around أَعْنَـٰقِهِمْ उनकी गर्दनों में aʿnāqihim
उनकी गर्दनों में وَٱلسَّلَـٰسِلُ और ज़नजीरें होंगी wal-salāsilu
और ज़नजीरें होंगी يُسْحَبُونَ वो घसीटे जाऐंगे yus'ḥabūna
वो घसीटे जाऐंगे ٧١ (71)
(71)
जब उनके गले में तौक़ होंगे तथा (पैरों में) बेड़ियाँ होंगी, वे घसीटे जाएँगे।
४०:७२
فِى
In
fī
In ٱلْحَمِيمِ खौलते पानी में l-ḥamīmi
खौलते पानी में ثُمَّ फिर thumma
फिर فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में يُسْجَرُونَ वो झोंके जाऐंगे yus'jarūna
वो झोंके जाऐंगे ٧٢ (72)
(72)
In ٱلْحَمِيمِ खौलते पानी में l-ḥamīmi
खौलते पानी में ثُمَّ फिर thumma
फिर فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में يُسْجَرُونَ वो झोंके जाऐंगे yus'jarūna
वो झोंके जाऐंगे ٧٢ (72)
(72)
खौलते पानी में (घसीटे जाएँगे)। फिर आग में झोंक दिए जाएँगे।
४०:७३
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर قِيلَ कहा जाएगा qīla
कहा जाएगा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं مَا वो जिन्हें mā
वो जिन्हें كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते ٧٣ (73)
(73)
फिर قِيلَ कहा जाएगा qīla
कहा जाएगा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं مَا वो जिन्हें mā
वो जिन्हें كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते ٧٣ (73)
(73)
फिर उनसे कहा जाएगा : कहाँ हैं वे, जिन्हें तुम साझी बनाया करते थे?
४०:७४
مِن
Other than
min
Other than دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे ضَلُّوا۟ वो गुम हो गए ḍallū
वो गुम हो गए عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे بَل बल्कि bal
बल्कि لَّمْ ना lam
ना نَكُن थे हम nakun
थे हम نَّدْعُوا۟ हम पुकारते nadʿū
हम पुकारते مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले شَيْـًۭٔا ۚ किसी भी चीज़ को shayan
किसी भी चीज़ को كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُضِلُّ भटकाता है yuḍillu
भटकाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को ٧٤ (74)
(74)
Other than دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे ضَلُّوا۟ वो गुम हो गए ḍallū
वो गुम हो गए عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे بَل बल्कि bal
बल्कि لَّمْ ना lam
ना نَكُن थे हम nakun
थे हम نَّدْعُوا۟ हम पुकारते nadʿū
हम पुकारते مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले شَيْـًۭٔا ۚ किसी भी चीज़ को shayan
किसी भी चीज़ को كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُضِلُّ भटकाता है yuḍillu
भटकाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को ٧٤ (74)
(74)
अल्लाह के सिवा? वे कहेंगे : वे हमसे गुम हो गए। बल्कि, हम इससे पहले किसी चीज़ को नहीं पुकारते थे। इसी प्रकार, अल्लाह काफ़िरों को गुमराह कर देता है।
४०:७५
ذَٰلِكُم
ये तुम्हारा (अंजाम)
dhālikum
ये तुम्हारा (अंजाम) بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَفْرَحُونَ तुम ख़ुश होते tafraḥūna
तुम ख़ुश होते فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَمْرَحُونَ तुम इतराते tamraḥūna
तुम इतराते ٧٥ (75)
(75)
ये तुम्हारा (अंजाम) بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَفْرَحُونَ तुम ख़ुश होते tafraḥūna
तुम ख़ुश होते فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَمْرَحُونَ तुम इतराते tamraḥūna
तुम इतराते ٧٥ (75)
(75)
यह यातना इसलिए है कि तुम धरती में नाहक़ बहुत प्रसन्न होते थे तथा इस कारण कि तुम अकड़ते फिरते थे।
४०:७६
ٱدْخُلُوٓا۟
दाख़िल हो जाओ
ud'khulū
दाख़िल हो जाओ أَبْوَٰبَ दरवाज़ों में abwāba
दरवाज़ों में جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें فَبِئْسَ तो कितना बुरा है fabi'sa
तो कितना बुरा है مَثْوَى ठिकाना mathwā
ठिकाना ٱلْمُتَكَبِّرِينَ तकब्बुर करने वालों का l-mutakabirīna
तकब्बुर करने वालों का ٧٦ (76)
(76)
दाख़िल हो जाओ أَبْوَٰبَ दरवाज़ों में abwāba
दरवाज़ों में جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें فَبِئْسَ तो कितना बुरा है fabi'sa
तो कितना बुरा है مَثْوَى ठिकाना mathwā
ठिकाना ٱلْمُتَكَبِّرِينَ तकब्बुर करने वालों का l-mutakabirīna
तकब्बुर करने वालों का ٧٦ (76)
(76)
जहन्नम के द्वारों में प्रवेश कर जाओ, उसमें सदैव रहने वाले हो। अतः अभिमानियों का ठिकाना बहुत बुरा है।
४०:७७
فَٱصْبِرْ
पस सब्र कीजिए
fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ ۚ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर نُرِيَنَّكَ हम दिखाऐं आपको nuriyannaka
हम दिखाऐं आपको بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो चीज़ जो alladhī
वो चीज़ जो نَعِدُهُمْ हम वादा करते हैं उनसे naʿiduhum
हम वादा करते हैं उनसे أَوْ या aw
या نَتَوَفَّيَنَّكَ हम फ़ौत कर दें आपको natawaffayannaka
हम फ़ौत कर दें आपको فَإِلَيْنَا तो तरफ़ हमारे ही fa-ilaynā
तो तरफ़ हमारे ही يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٧٧ (77)
(77)
पस सब्र कीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ ۚ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर نُرِيَنَّكَ हम दिखाऐं आपको nuriyannaka
हम दिखाऐं आपको بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो चीज़ जो alladhī
वो चीज़ जो نَعِدُهُمْ हम वादा करते हैं उनसे naʿiduhum
हम वादा करते हैं उनसे أَوْ या aw
या نَتَوَفَّيَنَّكَ हम फ़ौत कर दें आपको natawaffayannaka
हम फ़ौत कर दें आपको فَإِلَيْنَا तो तरफ़ हमारे ही fa-ilaynā
तो तरफ़ हमारे ही يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٧٧ (77)
(77)
अतः आप धैर्य रखें। निःसंदेह अल्लाह का वादा सच्चा है। फिर यदि हम आपको उस (यातना) का कुछ भाग दिखा दें, जिसका हम उनसे वादा करते हैं या हम आपको (उससे पहले ही) मृत्यु दे दें, तो वे हमारी ही ओर लौटाए जाएँगे।1
४०:७८
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजे हमने arsalnā
भेजे हमने رُسُلًۭا कई रसूल rusulan
कई रसूल مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले مِنْهُم उनमें से बाज वो हैं min'hum
उनमें से बाज वो हैं مَّن जिन्हें man
जिन्हें قَصَصْنَا बयान किया हमने qaṣaṣnā
बयान किया हमने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَمِنْهُم और उनमें से बाज़ वो हैं wamin'hum
और उनमें से बाज़ वो हैं مَّن जिन्हें man
जिन्हें لَّمْ नहीं lam
नहीं نَقْصُصْ हमने बयान किया naqṣuṣ
हमने बयान किया عَلَيْكَ ۗ आप पर ʿalayka
आप पर وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है لِرَسُولٍ किसी रसूल के लिए lirasūlin
किसी रसूल के लिए أَن कि an
कि يَأْتِىَ वो ले आए yatiya
वो ले आए بِـَٔايَةٍ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ गया jāa
आ गया أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का قُضِىَ फ़ैसला कर दिया गया quḍiya
फ़ैसला कर दिया गया بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَخَسِرَ और ख़सारे में पड़ गए wakhasira
और ख़सारे में पड़ गए هُنَالِكَ उस वक़्त hunālika
उस वक़्त ٱلْمُبْطِلُونَ अहले बातिल l-mub'ṭilūna
अहले बातिल ٧٨ (78)
(78)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजे हमने arsalnā
भेजे हमने رُسُلًۭا कई रसूल rusulan
कई रसूल مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले مِنْهُم उनमें से बाज वो हैं min'hum
उनमें से बाज वो हैं مَّن जिन्हें man
जिन्हें قَصَصْنَا बयान किया हमने qaṣaṣnā
बयान किया हमने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَمِنْهُم और उनमें से बाज़ वो हैं wamin'hum
और उनमें से बाज़ वो हैं مَّن जिन्हें man
जिन्हें لَّمْ नहीं lam
नहीं نَقْصُصْ हमने बयान किया naqṣuṣ
हमने बयान किया عَلَيْكَ ۗ आप पर ʿalayka
आप पर وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है لِرَسُولٍ किसी रसूल के लिए lirasūlin
किसी रसूल के लिए أَن कि an
कि يَأْتِىَ वो ले आए yatiya
वो ले आए بِـَٔايَةٍ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ गया jāa
आ गया أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का قُضِىَ फ़ैसला कर दिया गया quḍiya
फ़ैसला कर दिया गया بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَخَسِرَ और ख़सारे में पड़ गए wakhasira
और ख़सारे में पड़ गए هُنَالِكَ उस वक़्त hunālika
उस वक़्त ٱلْمُبْطِلُونَ अहले बातिल l-mub'ṭilūna
अहले बातिल ٧٨ (78)
(78)
तथा (ऐ नबी!) हम आपसे पहले बहुत-से रसूलों को भेज चुके हैं, जिनमें से कुछ ऐसे हैं जिनका हाल हम आपसे वर्णन कर चुके हैं तथा उनमें से कुछ ऐसे हैं जिनके हाल का वर्णन हमने आपसे नहीं किया है। तथा किसी रसूल के वश1 में यह नहीं था कि वह अल्लाह की अनुमति के बिना कोई आयत (चमत्कार) ले आए। फिर जब अल्लाह का आदेश आ गया, तो सत्य के साथ निर्णय कर दिया गया और उस समय झूठे लोग घाटे में रहे।
४०:७९
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने جَعَلَ बनाए jaʿala
बनाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَنْعَـٰمَ मवेशी l-anʿāma
मवेशी لِتَرْكَبُوا۟ ताकि तुम सवारी करो litarkabū
ताकि तुम सवारी करो مِنْهَا उनमें से बाज़ पर min'hā
उनमें से बाज़ पर وَمِنْهَا और उनमें से कुछ wamin'hā
और उनमें से कुछ تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो ٧٩ (79)
(79)
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने جَعَلَ बनाए jaʿala
बनाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَنْعَـٰمَ मवेशी l-anʿāma
मवेशी لِتَرْكَبُوا۟ ताकि तुम सवारी करो litarkabū
ताकि तुम सवारी करो مِنْهَا उनमें से बाज़ पर min'hā
उनमें से बाज़ पर وَمِنْهَا और उनमें से कुछ wamin'hā
और उनमें से कुछ تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो ٧٩ (79)
(79)
अल्लाह ही है, जिसने तुम्हारे लिए चौपाए बनाए, ताकि उनमें से कुछ पर तुम सवारी करो और उनमें से कुछ को तुम खाते हो।
४०:८०
وَلَكُمْ
और तुम्हारे लिए
walakum
और तुम्हारे लिए فِيهَا उनमें fīhā
उनमें مَنَـٰفِعُ फ़ायदे हैं manāfiʿu
फ़ायदे हैं وَلِتَبْلُغُوا۟ और ताकि तुम पहुँचो walitablughū
और ताकि तुम पहुँचो عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर حَاجَةًۭ हाजत को ḥājatan
हाजत को فِى (that is) in fī
(that is) in صُدُورِكُمْ जो तुम्हारे सीनों में है ṣudūrikum
जो तुम्हारे सीनों में है وَعَلَيْهَا और उन पर waʿalayhā
और उन पर وَعَلَى and upon waʿalā
and upon ٱلْفُلْكِ और कश्तियों पर l-ful'ki
और कश्तियों पर تُحْمَلُونَ तुम सवार किए जाते हो tuḥ'malūna
तुम सवार किए जाते हो ٨٠ (80)
(80)
और तुम्हारे लिए فِيهَا उनमें fīhā
उनमें مَنَـٰفِعُ फ़ायदे हैं manāfiʿu
फ़ायदे हैं وَلِتَبْلُغُوا۟ और ताकि तुम पहुँचो walitablughū
और ताकि तुम पहुँचो عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर حَاجَةًۭ हाजत को ḥājatan
हाजत को فِى (that is) in fī
(that is) in صُدُورِكُمْ जो तुम्हारे सीनों में है ṣudūrikum
जो तुम्हारे सीनों में है وَعَلَيْهَا और उन पर waʿalayhā
और उन पर وَعَلَى and upon waʿalā
and upon ٱلْفُلْكِ और कश्तियों पर l-ful'ki
और कश्तियों पर تُحْمَلُونَ तुम सवार किए जाते हो tuḥ'malūna
तुम सवार किए जाते हो ٨٠ (80)
(80)
तथा तुम्हारे लिए उनमें बहुत लाभ हैं। और ताकि उनपर सवार होकर तुम अपनी उस आवश्यकता तक पहुँचो, जो तुम्हारे दिलों में है। तथा उन (चौपायों) पर और नावों पर तुम सवार किए जाते हो।
४०:८१
وَيُرِيكُمْ
और वो दिखाता है तुम्हें
wayurīkum
और वो दिखाता है तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ निशानियाँ अपनी āyātihi
निशानियाँ अपनी فَأَىَّ पस कौन सी fa-ayya
पस कौन सी ءَايَـٰتِ (of the) Signs āyāti
(of the) Signs ٱللَّهِ अल्लाह की निशानियों का l-lahi
अल्लाह की निशानियों का تُنكِرُونَ तुम इन्कार करोगे tunkirūna
तुम इन्कार करोगे ٨١ (81)
(81)
और वो दिखाता है तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ निशानियाँ अपनी āyātihi
निशानियाँ अपनी فَأَىَّ पस कौन सी fa-ayya
पस कौन सी ءَايَـٰتِ (of the) Signs āyāti
(of the) Signs ٱللَّهِ अल्लाह की निशानियों का l-lahi
अल्लाह की निशानियों का تُنكِرُونَ तुम इन्कार करोगे tunkirūna
तुम इन्कार करोगे ٨١ (81)
(81)
तथा वह तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाता है। तो तुम अल्लाह की किन-किन निशानियों का इनकार करोगे?
४०:८२
أَفَلَمْ
क्या भला नहीं
afalam
क्या भला नहीं يَسِيرُوا۟ वो चले फिरे yasīrū
वो चले फिरे فِى through fī
through ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَيَنظُرُوا۟ तो वो देखते fayanẓurū
तो वो देखते كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلَّذِينَ उन लोगों का जो alladhīna
उन लोगों का जो مِن (were) before them min
(were) before them قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे وَأَشَدَّ और ज़्यादा शदीद wa-ashadda
और ज़्यादा शदीद قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَءَاثَارًۭا और आसार में waāthāran
और आसार में فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَمَآ पस ना famā
पस ना أَغْنَىٰ काम आया aghnā
काम आया عَنْهُم उन्हें ʿanhum
उन्हें مَّا जो कुछ mā
जो कुछ كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٨٢ (82)
(82)
क्या भला नहीं يَسِيرُوا۟ वो चले फिरे yasīrū
वो चले फिरे فِى through fī
through ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَيَنظُرُوا۟ तो वो देखते fayanẓurū
तो वो देखते كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلَّذِينَ उन लोगों का जो alladhīna
उन लोगों का जो مِن (were) before them min
(were) before them قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे وَأَشَدَّ और ज़्यादा शदीद wa-ashadda
और ज़्यादा शदीद قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَءَاثَارًۭا और आसार में waāthāran
और आसार में فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَمَآ पस ना famā
पस ना أَغْنَىٰ काम आया aghnā
काम आया عَنْهُم उन्हें ʿanhum
उन्हें مَّا जो कुछ mā
जो कुछ كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٨٢ (82)
(82)
तो क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं, ताकि देखते कि उन लोगों का परिणाम कैसा रहा, जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं? वे (धन में) इनसे अधिक तथा शक्ति और धरती में (छोड़ी हुई) निशानियों1 में अधिक बढ़कर थे। किंतु वे जो कुछ कमाते थे, वह उनके कुछ काम न आया।
४०:८३
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَرِحُوا۟ तो वो ख़ुश हुए fariḥū
तो वो ख़ुश हुए بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो عِندَهُم उनके पास था ʿindahum
उनके पास था مِّنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से وَحَاقَ और घेर लिया waḥāqa
और घेर लिया بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ٨٣ (83)
(83)
तो जब جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَرِحُوا۟ तो वो ख़ुश हुए fariḥū
तो वो ख़ुश हुए بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो عِندَهُم उनके पास था ʿindahum
उनके पास था مِّنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से وَحَاقَ और घेर लिया waḥāqa
और घेर लिया بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ٨٣ (83)
(83)
फिर जब उनके रसूल उनके पास स्पष्ट प्रमाण लेकर आए, तो वे उस ज्ञान1 पर इतराने लगे, जो उनके पास था, और उन्हें उस (यातना) ने घेर लिया, जिसका वे उपहास कर रहे थे।
४०:८४
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब رَأَوْا۟ उन्होंने देखा ra-aw
उन्होंने देखा بَأْسَنَا अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَحْدَهُۥ अकेले उसी पर waḥdahu
अकेले उसी पर وَكَفَرْنَا और इन्कार किया हमने wakafarnā
और इन्कार किया हमने بِمَا उनका जिन्हें bimā
उनका जिन्हें كُنَّا थे हम kunnā
थे हम بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مُشْرِكِينَ शरीक करते mush'rikīna
शरीक करते ٨٤ (84)
(84)
फिर जब رَأَوْا۟ उन्होंने देखा ra-aw
उन्होंने देखा بَأْسَنَا अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَحْدَهُۥ अकेले उसी पर waḥdahu
अकेले उसी पर وَكَفَرْنَا और इन्कार किया हमने wakafarnā
और इन्कार किया हमने بِمَا उनका जिन्हें bimā
उनका जिन्हें كُنَّا थे हम kunnā
थे हम بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مُشْرِكِينَ शरीक करते mush'rikīna
शरीक करते ٨٤ (84)
(84)
फिर जब उन्होंने हमारी यातना देखी, तो कहने लगे : हम अल्लाह अकेले पर ईमान लाए, तथा उसका इनकार किया, जिसे हम उसका साझी बनाया करते थे।
४०:८५
فَلَمْ
पस ना
falam
पस ना يَكُ था yaku
था يَنفَعُهُمْ कि नफ़ा देता उन्हें yanfaʿuhum
कि नफ़ा देता उन्हें إِيمَـٰنُهُمْ ईमान उनका īmānuhum
ईमान उनका لَمَّا जब lammā
जब رَأَوْا۟ उन्होंने देखा ra-aw
उन्होंने देखा بَأْسَنَا ۖ अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा سُنَّتَ तरीक़ा है sunnata
तरीक़ा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुका khalat
गुज़र चुका فِى among fī
among عِبَادِهِۦ ۖ उसके बन्दों में ʿibādihi
उसके बन्दों में وَخَسِرَ और ख़सारे में पड़ गए wakhasira
और ख़सारे में पड़ गए هُنَالِكَ उस वक़्त hunālika
उस वक़्त ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर ٨٥ (85)
(85)
पस ना يَكُ था yaku
था يَنفَعُهُمْ कि नफ़ा देता उन्हें yanfaʿuhum
कि नफ़ा देता उन्हें إِيمَـٰنُهُمْ ईमान उनका īmānuhum
ईमान उनका لَمَّا जब lammā
जब رَأَوْا۟ उन्होंने देखा ra-aw
उन्होंने देखा بَأْسَنَا ۖ अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा سُنَّتَ तरीक़ा है sunnata
तरीक़ा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुका khalat
गुज़र चुका فِى among fī
among عِبَادِهِۦ ۖ उसके बन्दों में ʿibādihi
उसके बन्दों में وَخَسِرَ और ख़सारे में पड़ गए wakhasira
और ख़सारे में पड़ गए هُنَالِكَ उस वक़्त hunālika
उस वक़्त ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर ٨٥ (85)
(85)
फिर यह न था कि जब उन्होंने हमारी यातना को देख लिया, तो उनका ईमान (लाना) उन्हें लाभ देता। यही अल्लाह की रीति है, जो उसके बंदों में गुज़र चुकी। और उस समय काफ़िर घाटे में पड़ गए।