३९

अज़-ज़ुमर

मक्की ७५ आयतें पारा १
الزمر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३९:१
تَنزِيلُ नाज़िल करना हैं tanzīlu
नाज़िल करना हैं
ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का
مِنَ (is) from mina
(is) from
ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से
ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمِ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmi
ख़ूब हिकमत वाला है
١ (1)
(1)
इस पुस्तक का उतारना अल्लाह की ओर से है, जो अत्यंत प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३९:२
إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम
أَنزَلْنَآ नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
فَٱعْبُدِ पस इबादत कीजिए fa-uʿ'budi
पस इबादत कीजिए
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
مُخْلِصًۭا ख़ालिस करते हुए mukh'liṣan
ख़ालिस करते हुए
لَّهُ उसके लिए lahu
उसके लिए
ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को
٢ (2)
(2)
निःसंदेह हमने आपकी ओर यह पुस्तक सत्य के साथ उतारी है। अतः आप अल्लाह की इबादत इस तरह करें कि धर्म को उसी के लिए खालिस करने वाले हों।
३९:३
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है
ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन
ٱلْخَالِصُ ۚ ख़ालिस l-khāliṣu
ख़ालिस
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
ٱتَّخَذُوا۟ बना रखे हैं ittakhadhū
बना रखे हैं
مِن besides Him min
besides Him
دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
أَوْلِيَآءَ सरपरस्त awliyāa
सरपरस्त
مَا नहीं
नहीं
نَعْبُدُهُمْ हम इबादत करते उनकी naʿbuduhum
हम इबादत करते उनकी
إِلَّا मगर illā
मगर
لِيُقَرِّبُونَآ ताकि वो क़रीब कर दें हमें liyuqarribūnā
ताकि वो क़रीब कर दें हमें
إِلَى to ilā
to
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के
زُلْفَىٰٓ क़रीब करना zul'fā
क़रीब करना
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَحْكُمُ वो फ़ैसला करेगा yaḥkumu
वो फ़ैसला करेगा
بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
فِى in
in
مَا उसमें जो
उसमें जो
هُمْ वो hum
वो
فِيهِ जिस में fīhi
जिस में
يَخْتَلِفُونَ ۗ वो इख़्तिलाफ़ करते हैं yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते हैं
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
لَا (does) not
(does) not
يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता
مَنْ उसे जो है man
उसे जो है
هُوَ वो huwa
वो
كَـٰذِبٌۭ झूठा kādhibun
झूठा
كَفَّارٌۭ बहुत नाशुक्रा kaffārun
बहुत नाशुक्रा
٣ (3)
(3)
सुन लो! ख़ालिस (विशुद्ध) धर्म केवल अल्लाह ही के लिए है। तथा जिन लोगों ने अल्लाह के सिवा अन्य संरक्षक बना रखे हैं (वे कहते हैं कि) हम उनकी पूजा केवल इसलिए करते हैं कि वे हमें अल्लाह से क़रीब1 कर दें। निश्चय अल्लाह उनके बीच उसके बारे में निर्णय करेगा, जिसमें वे मतभेद कर रहे हैं। निःसंदेह अल्लाह उसे मार्गदर्शन नहीं करता, जो झूठा, बड़ा नाशुक्रा हो।
३९:४
لَّوْ अगर law
अगर
أَرَادَ चाहता arāda
चाहता
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَن कि an
कि
يَتَّخِذَ वो बना ले yattakhidha
वो बना ले
وَلَدًۭا औलाद waladan
औलाद
لَّٱصْطَفَىٰ अलबत्ता वो चुन लेता la-iṣ'ṭafā
अलबत्ता वो चुन लेता
مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
يَخْلُقُ वो पैदा करता है yakhluqu
वो पैदा करता है
مَا जो
जो
يَشَآءُ ۚ वो चाहता yashāu
वो चाहता
سُبْحَـٰنَهُۥ ۖ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो
هُوَ वो huwa
वो
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْوَٰحِدُ एक है l-wāḥidu
एक है
ٱلْقَهَّارُ बहुत ज़बरदस्त है l-qahāru
बहुत ज़बरदस्त है
٤ (4)
(4)
यदि अल्लाह चाहता कि (किसी को) संतान बनाए, तो वह उनमें से जिन्हें वह पैदा करता है, जिसे चाहता अवश्य चुन लेता, वह पवित्र है! वह तो अल्लाह है, जो अकेला है, बहुत प्रभुत्व वाला है।
३९:५
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
يُكَوِّرُ वो लपेटता है yukawwiru
वो लपेटता है
ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को
عَلَى over ʿalā
over
ٱلنَّهَارِ दिन पर l-nahāri
दिन पर
وَيُكَوِّرُ और वो लपेटता है wayukawwiru
और वो लपेटता है
ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को
عَلَى over ʿalā
over
ٱلَّيْلِ ۖ रात पर al-layli
रात पर
وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्खर कर रखा है wasakhara
और उसने मुसख़्खर कर रखा है
ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज
وَٱلْقَمَرَ ۖ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को
كُلٌّۭ हर एक kullun
हर एक
يَجْرِى चल रहा है yajrī
चल रहा है
لِأَجَلٍۢ एक वक़्त के लिए li-ajalin
एक वक़्त के लिए
مُّسَمًّى ۗ मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त
ٱلْغَفَّـٰرُ बहुत बख़्शिश फ़रमाने वाला l-ghafāru
बहुत बख़्शिश फ़रमाने वाला
٥ (5)
(5)
उसने आकाशों तथा धरती को सत्य के साथ पैदा किया। वह रात को दिन पर लपेटता है तथा दिन को रात पर लपेटता है। तथा उसने सूर्य और चन्द्रमा को वशीभूत कर रखा है। प्रत्येक, एक नियत समय के लिए चल रहा है। सावधान! वही सब पर प्रभुत्वशाली, अत्यंत क्षमाशील है।
३९:६
خَلَقَكُم उसने पैदा किया तुम्हें khalaqakum
उसने पैदा किया तुम्हें
مِّن from min
from
نَّفْسٍۢ जान से nafsin
जान से
وَٰحِدَةٍۢ एक ही wāḥidatin
एक ही
ثُمَّ फिर thumma
फिर
جَعَلَ उसने बनाया jaʿala
उसने बनाया
مِنْهَا उससे min'hā
उससे
زَوْجَهَا जोड़ा उसका zawjahā
जोड़ा उसका
وَأَنزَلَ और उसने उतारे wa-anzala
और उसने उतारे
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنَ of mina
of
ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों में से l-anʿāmi
मवेशियों में से
ثَمَـٰنِيَةَ आठ thamāniyata
आठ
أَزْوَٰجٍۢ ۚ जोड़े azwājin
जोड़े
يَخْلُقُكُمْ वो तख़लीक़ करता है तुम्हारी yakhluqukum
वो तख़लीक़ करता है तुम्हारी
فِى in
in
بُطُونِ पेटों में buṭūni
पेटों में
أُمَّهَـٰتِكُمْ तुम्हारी माँओं के ummahātikum
तुम्हारी माँओं के
خَلْقًۭا एक तख़लीक़ khalqan
एक तख़लीक़
مِّنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
خَلْقٍۢ दूसरी (तख़लीक़ के) khalqin
दूसरी (तख़लीक़ के)
فِى in
in
ظُلُمَـٰتٍۢ अंधेरों में ẓulumātin
अंधेरों में
ثَلَـٰثٍۢ ۚ तीन thalāthin
तीन
ذَٰلِكُمُ ये है dhālikumu
ये है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा
لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
ٱلْمُلْكُ ۖ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत
لَآ नहीं
नहीं
إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़)
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही
فَأَنَّىٰ तो किस तरह fa-annā
तो किस तरह
تُصْرَفُونَ तुम फेरे जाते हो tuṣ'rafūna
तुम फेरे जाते हो
٦ (6)
(6)
उसने तुम्हें एक जान से पैदा किया, फिर उसी से उसका जोड़ा बनाया, तथा तुम्हारे लिए पशुओं में से आठ प्रकार (नर-मादा) उतारे। वह तुम्हें तुम्हारी माताओं के पेटों में, तीन अंधेरों में, एक रचना के बाद दूसरी रचना में, पैदा करता है। यही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है। उसी का राज्य है। उसके सिवा कोई (सच्चा) पूज्य नहीं। फिर तुम किस तरह फेरे जाते हो?
३९:७
إِن अगर in
अगर
تَكْفُرُوا۟ तुम नाशुक्री करोगे takfurū
तुम नाशुक्री करोगे
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है
عَنكُمْ ۖ तुमसे ʿankum
तुमसे
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَرْضَىٰ वो पसंद करता yarḍā
वो पसंद करता
لِعِبَادِهِ अपने बन्दों के लिए liʿibādihi
अपने बन्दों के लिए
ٱلْكُفْرَ ۖ नाशुक्री को l-kuf'ra
नाशुक्री को
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
تَشْكُرُوا۟ तुम शुक्र करोगे tashkurū
तुम शुक्र करोगे
يَرْضَهُ वो पसंद करता है उसे yarḍahu
वो पसंद करता है उसे
لَكُمْ ۗ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
تَزِرُ बोझ उठाएगी taziru
बोझ उठाएगी
وَازِرَةٌۭ कोई बोझ उठाने वाली wāziratun
कोई बोझ उठाने वाली
وِزْرَ बोझ wiz'ra
बोझ
أُخْرَىٰ ۗ दूसरी का ukh'rā
दूसरी का
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِلَىٰ to ilā
to
رَبِّكُم तरफ़ अपने रब ही के rabbikum
तरफ़ अपने रब ही के
مَّرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा
فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बताएगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बताएगा तुम्हें
بِمَا वो जो bimā
वो जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْمَلُونَ ۚ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِذَاتِ of what (is) in the breasts bidhāti
of what (is) in the breasts
ٱلصُّدُورِ सीनों के (भेद) l-ṣudūri
सीनों के (भेद)
٧ (7)
(7)
यदि तुम नाशुक्री करो, तो अल्लाह तुमसे बहुत बेनियाज़ है और वह अपने बंदों के लिए नाशुक्री पसंद नहीं करता, और यदि तुम शुक्रिया अदा करो, तो वह उसे तुम्हारे लिए पसंद करेगा। और कोई बोझ उठाने वाला किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा। फिर तुम्हारा लौटना तुम्हारे पालनहार ही की ओर है। तो वह तुम्हें बतलाएगा जो कुछ तुम किया करते थे। निश्चय वह दिलों के भेदों को भली-भाँति जानने वाला है।
३९:८
۞ وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
مَسَّ पहुँचती है massa
पहुँचती है
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
ضُرٌّۭ कोई तक्लीफ़ ḍurrun
कोई तक्लीफ़
دَعَا वो पुकारता है daʿā
वो पुकारता है
رَبَّهُۥ अपने रब को rabbahu
अपने रब को
مُنِيبًا रुजूअ करते हुए munīban
रुजूअ करते हुए
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِذَا जब idhā
जब
خَوَّلَهُۥ वो अता कर देता है उसे khawwalahu
वो अता कर देता है उसे
نِعْمَةًۭ कोई नेअमत niʿ'matan
कोई नेअमत
مِّنْهُ अपने पास से min'hu
अपने पास से
نَسِىَ वो भूल जाता है nasiya
वो भूल जाता है
مَا उसे जो
उसे जो
كَانَ था वो kāna
था वो
يَدْعُوٓا۟ वो पुकारता yadʿū
वो पुकारता
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
مِن before min
before
قَبْلُ उससे पहले qablu
उससे पहले
وَجَعَلَ और वो बना देता है wajaʿala
और वो बना देता है
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
أَندَادًۭا कुछ शरीक andādan
कुछ शरीक
لِّيُضِلَّ ताकि वो भटका दे liyuḍilla
ताकि वो भटका दे
عَن from ʿan
from
سَبِيلِهِۦ ۚ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
تَمَتَّعْ फ़ायदा उठा ले tamattaʿ
फ़ायदा उठा ले
بِكُفْرِكَ साथ अपने कुफ़्र के bikuf'rika
साथ अपने कुफ़्र के
قَلِيلًا ۖ थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा
إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू
مِنْ (are) of min
(are) of
أَصْحَـٰبِ (the) companions aṣḥābi
(the) companions
ٱلنَّارِ आग वालों में से है l-nāri
आग वालों में से है
٨ (8)
(8)
तथा जब मनुष्य को कोई कष्ट पहुँचता है, तो वह अपने पालनहार को पुकारता है, इस हाल में कि उसी की ओर एकाग्र, ध्यानमग्न होता है। फिर जब वह उसे अपनी ओर से कोई सुख प्रदान करता है, तो वह उसे भूल जाता है, जिसे वह इससे पहले पुकार रहा था, तथा वह अल्लाह का साझी बना लेता है, ताकि उसके मार्ग से गुमराह कर दे। आप कह दें कि अपने कुफ़्र का थोड़ा सा लाभ उठा लो। निश्चय तुम जहन्नमियों में से हो।
३९:९
أَمَّنْ Is (one) who amman
Is (one) who
هُوَ क्या भला वो जो huwa
क्या भला वो जो
قَـٰنِتٌ बन्दगी करने वाला है qānitun
बन्दगी करने वाला है
ءَانَآءَ घड़ियों में ānāa
घड़ियों में
ٱلَّيْلِ रात की al-layli
रात की
سَاجِدًۭا सजदा करने वाला है sājidan
सजदा करने वाला है
وَقَآئِمًۭا और क़याम करने वाला है waqāiman
और क़याम करने वाला है
يَحْذَرُ डरता है yaḥdharu
डरता है
ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत से l-ākhirata
आख़िरत से
وَيَرْجُوا۟ और उम्मीद रखता है wayarjū
और उम्मीद रखता है
رَحْمَةَ रहमत की raḥmata
रहमत की
رَبِّهِۦ ۗ अपने रब की rabbihi
अपने रब की
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
هَلْ क्या hal
क्या
يَسْتَوِى बराबर हो सकते हैं yastawī
बराबर हो सकते हैं
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
يَعْلَمُونَ इल्म रखते हैं yaʿlamūna
इल्म रखते हैं
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ ۗ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ते हैं yatadhakkaru
नसीहत पकड़ते हैं
أُو۟لُوا۟ those of understanding ulū
those of understanding
ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले
٩ (9)
(9)
(क्या यह बेहतर) या वह व्यक्ति जो रात की घड़ियों में सजदा करते हुए तथा क़ियाम करते हुए इबादत करने वाला है। आख़िरत का भय रखता है तथा अपने पालनहार की दया की आशा रखता है? आप कह दें कि क्या समान हैं वे लोग जो ज्ञान रखते हों तथा वे जो ज्ञान नहीं रखते? उपदेश तो वही ग्रहण करते हैं, जो बुद्धि वाले हैं।
३९:१०
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
يَـٰعِبَادِ ऐ मेरे बन्दो yāʿibādi
ऐ मेरे बन्दो
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो
رَبَّكُمْ ۚ अपने रब से rabbakum
अपने रब से
لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने
أَحْسَنُوا۟ अच्छा किया aḥsanū
अच्छा किया
فِى in
in
هَـٰذِهِ this hādhihi
this
ٱلدُّنْيَا इस दुनिया में l-dun'yā
इस दुनिया में
حَسَنَةٌۭ ۗ भलाई है ḥasanatun
भलाई है
وَأَرْضُ और ज़मीन wa-arḍu
और ज़मीन
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
وَٰسِعَةٌ ۗ वसीअ है wāsiʿatun
वसीअ है
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يُوَفَّى पूरा-पूरा दिए जाऐंगे yuwaffā
पूरा-पूरा दिए जाऐंगे
ٱلصَّـٰبِرُونَ सब्र करने वाले l-ṣābirūna
सब्र करने वाले
أَجْرَهُم अजर अपना ajrahum
अजर अपना
بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर
حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के
١٠ (10)
(10)
(ऐ रसूल!) आप कह दें : ऐ मेरे बंदो, जो ईमान लाए हो! अपने पालनहार से डरो। उन लोगों के लिए जिन्होंने इस दुनिया में अच्छे कार्य किए, बड़ी भलाई है। तथा अल्लाह की धरती विस्तृत है। केवल सब्र करने वालों ही को उनका बदला बिना किसी हिसाब (शुमार) के दिया जाएगा।
३९:११
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أُمِرْتُ हुक्म दिया गया हूँ मैं umir'tu
हुक्म दिया गया हूँ मैं
أَنْ कि an
कि
أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
مُخْلِصًۭا ख़ालिस करते हुए mukh'liṣan
ख़ालिस करते हुए
لَّهُ उसके लिए lahu
उसके लिए
ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को
١١ (11)
(11)
आप कह दें : निःसंदेह मुझे आदेश दिया गया है कि मैं अल्लाह की इबादत करूँ, इस हाल में कि धर्म को उसी के लिए ख़ालिस (विशुद्ध) करने वाला हूँ।
३९:१२
وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया हूँ मैं wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया हूँ मैं
لِأَنْ ये कि li-an
ये कि
أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ
أَوَّلَ सबसे पहला awwala
सबसे पहला
ٱلْمُسْلِمِينَ फ़रमाबरदारों में से l-mus'limīna
फ़रमाबरदारों में से
١٢ (12)
(12)
तथा मुझे आदेश दिया गया है कि आज्ञाकारियों में से पहला मैं बनूँ।
३९:१३
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ
إِنْ अगर in
अगर
عَصَيْتُ नाफ़रमानी की मैं ने ʿaṣaytu
नाफ़रमानी की मैं ने
رَبِّى अपने रब की rabbī
अपने रब की
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day
عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के
١٣ (13)
(13)
आप कह दें : निःसंदेह मैं एक बहुत बड़े दिन की यातना से डरता हूँ, यदि मैं अपने पालनहार की अवज्ञा करूँ।
३९:१४
قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए
ٱللَّهَ अल्लाह ही की l-laha
अल्लाह ही की
أَعْبُدُ मैं इबादत करता हूँ aʿbudu
मैं इबादत करता हूँ
مُخْلِصًۭا ख़ालिस करते हुए mukh'liṣan
ख़ालिस करते हुए
لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
دِينِى अपने दीन को dīnī
अपने दीन को
١٤ (14)
(14)
आप कह दें : मैं अल्लाह ही की इबादत करता हूँ, इस हाल में कि उसी के लिए अपने धर्म को विशुद्ध (ख़ालिस) करने वाला हूँ।
३९:१५
فَٱعْبُدُوا۟ पस तुम इबादत करो fa-uʿ'budū
पस तुम इबादत करो
مَا जिसकी
जिसकी
شِئْتُم चाहो तुम shi'tum
चाहो तुम
مِّن besides Him min
besides Him
دُونِهِۦ ۗ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले l-khāsirīna
ख़सारा पाने वाले
ٱلَّذِينَ वो हैं जिन्होंने alladhīna
वो हैं जिन्होंने
خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला
أَنفُسَهُمْ अपने आपको anfusahum
अपने आपको
وَأَهْلِيهِمْ और अपने घरवालों को wa-ahlīhim
और अपने घरवालों को
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है
هُوَ वो huwa
वो
ٱلْخُسْرَانُ ख़सारा l-khus'rānu
ख़सारा
ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला
١٥ (15)
(15)
अतः तुम उसके सिवा जिसकी चाहो इबादत करो। आप कह दें : निःसंदेह वास्तविक घाटे में पड़ने वाले तो वे हैं, जिन्होंने क़ियामत के दिन खुद को तथा अपने घर वालों को घाटे में डाला। सुन लो! यही खुला घाटा है।
३९:१६
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّن from min
from
فَوْقِهِمْ उनके ऊपर से fawqihim
उनके ऊपर से
ظُلَلٌۭ छतरियाँ हैं ẓulalun
छतरियाँ हैं
مِّنَ of mina
of
ٱلنَّارِ आग की l-nāri
आग की
وَمِن and from wamin
and from
تَحْتِهِمْ और उनके नीचे से taḥtihim
और उनके नीचे से
ظُلَلٌۭ ۚ छतरियाँ हैं ẓulalun
छतरियाँ हैं
ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है
يُخَوِّفُ डराता है yukhawwifu
डराता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
عِبَادَهُۥ ۚ अपने बन्दों को ʿibādahu
अपने बन्दों को
يَـٰعِبَادِ ऐ मेरे बन्दो yāʿibādi
ऐ मेरे बन्दो
فَٱتَّقُونِ पस डरो मुझसे fa-ittaqūni
पस डरो मुझसे
١٦ (16)
(16)
उनके लिए उनके ऊपर से आग के छत्र होंगे तथा उनके नीचे से भी छत्र होंगे। यही वह चीज़ है, जिससे अल्लाह अपने बंदों को डराता है। ऐ मेरे बंदो! अतः तुम मुझसे डरो।
३९:१७
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
ٱجْتَنَبُوا۟ इज्तिनाब किया ij'tanabū
इज्तिनाब किया
ٱلطَّـٰغُوتَ ताग़ूत से l-ṭāghūta
ताग़ूत से
أَن कि an
कि
يَعْبُدُوهَا वो इबादत करें उसकी yaʿbudūhā
वो इबादत करें उसकी
وَأَنَابُوٓا۟ और रुजूअ किया wa-anābū
और रुजूअ किया
إِلَى to ilā
to
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلْبُشْرَىٰ ۚ ख़ुशख़बरी है l-bush'rā
ख़ुशख़बरी है
فَبَشِّرْ पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए fabashir
पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए
عِبَادِ मेरे बन्दों को ʿibādi
मेरे बन्दों को
١٧ (17)
(17)
तथा जो लोग 'ताग़ूत'1 की पूजा करने से बचे रहे और अल्लाह की ओर ध्यानमग्न हो गए, उन्हीं के लिए शुभ सूचना है। अतः आप मेरे बंदों को शुभ सूचना सुना दें।
३९:१८
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يَسْتَمِعُونَ ग़ौर से सुनते हैं yastamiʿūna
ग़ौर से सुनते हैं
ٱلْقَوْلَ बात को l-qawla
बात को
فَيَتَّبِعُونَ फिर वो पैरवी करते हैं fayattabiʿūna
फिर वो पैरवी करते हैं
أَحْسَنَهُۥٓ ۚ उसके बेहतरीन (हिस्से) की aḥsanahu
उसके बेहतरीन (हिस्से) की
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
هَدَىٰهُمُ हिदायत दी उन्हें hadāhumu
हिदायत दी उन्हें
ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं
هُمْ वो hum
वो
أُو۟لُوا۟ the men of understanding ulū
the men of understanding
ٱلْأَلْبَـٰبِ जो अक़्ल वाले हैं l-albābi
जो अक़्ल वाले हैं
١٨ (18)
(18)
वे जो ध्यान से बात सुनते हैं, फिर उसमें से सबसे अच्छी बात का अनुसरण करते हैं। यही लोग हैं, जिन्हें अल्लाह ने मार्गदर्श प्रदान किया है तथा यही बुद्धि वाले हैं।
३९:१९
أَفَمَنْ क्या भला जो afaman
क्या भला जो
حَقَّ साबित हो गई ḥaqqa
साबित हो गई
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
كَلِمَةُ बात kalimatu
बात
ٱلْعَذَابِ अज़ाब की l-ʿadhābi
अज़ाब की
أَفَأَنتَ क्या भला आप afa-anta
क्या भला आप
تُنقِذُ आप बचाऐंगे tunqidhu
आप बचाऐंगे
مَن उसे जो man
उसे जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلنَّارِ आग में है l-nāri
आग में है
١٩ (19)
(19)
तो क्या वह व्यक्ति जिसपर यातना की बात सिद्ध हो चुकी, फिर क्या आप उसे बचा लेंगे, जो आग में है?
३९:२०
لَـٰكِنِ लेकिन lākini
लेकिन
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
ٱتَّقَوْا۟ तक़्वा किया ittaqaw
तक़्वा किया
رَبَّهُمْ अपने रब का rabbahum
अपने रब का
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
غُرَفٌۭ बालाख़ाने है ghurafun
बालाख़ाने है
مِّن above them min
above them
فَوْقِهَا उनके ऊपर fawqihā
उनके ऊपर
غُرَفٌۭ (और) बालाख़ाने है ghurafun
(और) बालाख़ाने है
مَّبْنِيَّةٌۭ बनाए हुए mabniyyatun
बनाए हुए
تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं
مِن from min
from
تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से
ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें
وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
لَا Not
Not
يُخْلِفُ ना ख़िलाफ़ करेगा yukh'lifu
ना ख़िलाफ़ करेगा
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْمِيعَادَ वादे को l-mīʿāda
वादे को
٢٠ (20)
(20)
किंतु जो लोग अपने पालनहार से डरते रहे, उनके लिए उच्च भवन हैं। जिनके ऊपर निर्मित भवन हैं। जिनके नीचे से नहरें प्रवाहित हैं। यह अल्लाह का वादा है और अल्लाह अपने वादे का उल्लंघन नहीं करता।
३९:२१
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा
أَنَّ बेशक anna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने
أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۭ पानी māan
पानी
فَسَلَكَهُۥ फिर उसने चलाया उसे fasalakahu
फिर उसने चलाया उसे
يَنَـٰبِيعَ चश्मे (बना कर) yanābīʿa
चश्मे (बना कर)
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يُخْرِجُ वो निकालता है yukh'riju
वो निकालता है
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
زَرْعًۭا खेती को zarʿan
खेती को
مُّخْتَلِفًا मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifan
मुख़्तलिफ़ हैं
أَلْوَٰنُهُۥ रंग उसके alwānuhu
रंग उसके
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَهِيجُ वो ख़ुश्क हो जाती है yahīju
वो ख़ुश्क हो जाती है
فَتَرَىٰهُ फिर तुम देखते हो उसे fatarāhu
फिर तुम देखते हो उसे
مُصْفَرًّۭا ज़र्द muṣ'farran
ज़र्द
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَجْعَلُهُۥ वो कर देता है उसे yajʿaluhu
वो कर देता है उसे
حُطَـٰمًا ۚ रेज़ा-रेज़ा ḥuṭāman
रेज़ा-रेज़ा
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَذِكْرَىٰ अलबत्ता नसीहत है ladhik'rā
अलबत्ता नसीहत है
لِأُو۟لِى for those of understanding li-ulī
for those of understanding
ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वालों के लिए l-albābi
अक़्ल वालों के लिए
٢١ (21)
(21)
क्या तुमने नहीं देखा1 कि अल्लाह ने आकाश से कुछ पानी उतारा। फिर उसे स्रोतों के रूप में धरती में चलाया। फिर वह उसके साथ विभिन्न रंगों की खेती निकालता है। फिर वह सूख जाती है, तो तुम उसे पीली देखते हो। फिर वह उसे चूरा-चूरा कर देता है। निःसंदेह इसमें बुद्धि वालों के लिए निश्चय बड़ी सीख है।
३९:२२
أَفَمَن क्या भला वो जो afaman
क्या भला वो जो
شَرَحَ खोल दिया sharaḥa
खोल दिया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
صَدْرَهُۥ सीना उसका ṣadrahu
सीना उसका
لِلْإِسْلَـٰمِ इस्लाम के लिए lil'is'lāmi
इस्लाम के लिए
فَهُوَ पस वो है fahuwa
पस वो है
عَلَىٰ (is) upon ʿalā
(is) upon
نُورٍۢ एक नूर पर nūrin
एक नूर पर
مِّن from min
from
رَّبِّهِۦ ۚ अपने रब की तरफ़ से rabbihi
अपने रब की तरफ़ से
فَوَيْلٌۭ तो हलाकत है fawaylun
तो हलाकत है
لِّلْقَـٰسِيَةِ उनके लिए कि सख़्त हैं lil'qāsiyati
उनके लिए कि सख़्त हैं
قُلُوبُهُم दिल जिनके qulūbuhum
दिल जिनके
مِّن from min
from
ذِكْرِ (the) remembrance of Allah dhik'ri
(the) remembrance of Allah
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की याद से l-lahi
अल्लाह की याद से
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
فِى (are) in
(are) in
ضَلَـٰلٍۢ error ḍalālin
error
مُّبِينٍ खुली गुमराही में mubīnin
खुली गुमराही में
٢٢ (22)
(22)
तो क्या वह व्यक्ति जिसका सीना अल्लाह ने इस्लाम के लिए खोल दिया है, तो वह अपने पालनहार की ओर से एक प्रकाश पर है (किसी कठोर हृदय काफ़िर के समान हो सकता है?) अतः उनके लिए विनाश है, जिनके दिल अल्लाह के स्मरण के प्रति कठोर हैं। ये लोग खुली गुमराही में हैं।
३९:२३
ٱللَّهُ अल्लाह ने al-lahu
अल्लाह ने
نَزَّلَ नाज़िल की nazzala
नाज़िल की
أَحْسَنَ बेहतरीन aḥsana
बेहतरीन
ٱلْحَدِيثِ बात l-ḥadīthi
बात
كِتَـٰبًۭا ऐसी किताब kitāban
ऐसी किताब
مُّتَشَـٰبِهًۭا आपस में मिलती जुलती है mutashābihan
आपस में मिलती जुलती है
مَّثَانِىَ दोहराई जाने वाली है mathāniya
दोहराई जाने वाली है
تَقْشَعِرُّ लरज़ने लगती हैं taqshaʿirru
लरज़ने लगती हैं
مِنْهُ उससे min'hu
उससे
جُلُودُ जिल्दें julūdu
जिल्दें
ٱلَّذِينَ उन लोगों की जो alladhīna
उन लोगों की जो
يَخْشَوْنَ डरते हैं yakhshawna
डरते हैं
رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تَلِينُ नर्म हो जाती हैं talīnu
नर्म हो जाती हैं
جُلُودُهُمْ जिल्दें उनकी julūduhum
जिल्दें उनकी
وَقُلُوبُهُمْ और दिल उनके waqulūbuhum
और दिल उनके
إِلَىٰ at ilā
at
ذِكْرِ (the) remembrance dhik'ri
(the) remembrance
ٱللَّهِ ۚ तरफ़ अल्लाह की याद के l-lahi
तरफ़ अल्लाह की याद के
ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है
هُدَى हिदायत hudā
हिदायत
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَمَن और जिसे waman
और जिसे
يُضْلِلِ गुमराह कर दे yuḍ'lili
गुमराह कर दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِنْ any min
any
هَادٍ कोई हिदायत देने वाला hādin
कोई हिदायत देने वाला
٢٣ (23)
(23)
अल्लाह ने सबसे अच्छी बात (क़ुरआन) अवतरित की, ऐसी पुस्तक जो परस्पर मिलती-जुलती, (जिसकी आयतें) बार-बार दोहराई जाने वाली हैं। इससे उन लोगों की खालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं, जो अपने पालनहार से डरते हैं। फिर उनकी खालें तथा उनके दिल अल्लाह के स्मरण की ओर कोमल हो जाते हैं। यह अल्लाह का मार्गदर्शन है, जिसके द्वारा वह जिसे चाहता है, संमार्ग पर लगा देता है, और जिसे अल्लाह गुमराह कर दे, तो उसे कोई राह पर लाने वाला नहीं।
३९:२४
أَفَمَن क्या भला वो जो afaman
क्या भला वो जो
يَتَّقِى बचेगा yattaqī
बचेगा
بِوَجْهِهِۦ साथ अपने चेहरे के biwajhihi
साथ अपने चेहरे के
سُوٓءَ बुरे sūa
बुरे
ٱلْعَذَابِ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
وَقِيلَ और कहा जाएगा waqīla
और कहा जाएगा
لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों से lilẓẓālimīna
ज़ालिमों से
ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो
مَا जो
जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَكْسِبُونَ तुम कमाई करते taksibūna
तुम कमाई करते
٢٤ (24)
(24)
तो क्या जो व्यक्ति क़ियामत के दिन अपने चेहरे1 के साथ, बुरी यातना से, अपनी रक्षा करेगा? तथा अत्याचारियों से कहा जाएगा : उसे चखो, जो तुम किया करते थे।
३९:२५
كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
فَأَتَىٰهُمُ तो आया उनके पास fa-atāhumu
तो आया उनके पास
ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब
مِنْ from min
from
حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से
لَا not
not
يَشْعُرُونَ ना वो शऊर रखते थे yashʿurūna
ना वो शऊर रखते थे
٢٥ (25)
(25)
इनसे पहले के लोगों ने भी झुठलाया, तो उनपर वहाँ से यातना आई कि वे सोचते भी न थे।
३९:२६
فَأَذَاقَهُمُ तो चखाई उन्हें fa-adhāqahumu
तो चखाई उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
ٱلْخِزْىَ रुस्वाई l-khiz'ya
रुस्वाई
فِى in
in
ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में
ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
وَلَعَذَابُ और अलबत्ता अज़ाब walaʿadhābu
और अलबत्ता अज़ाब
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का
أَكْبَرُ ۚ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है
لَوْ काश law
काश
كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो
يَعْلَمُونَ वो जानते yaʿlamūna
वो जानते
٢٦ (26)
(26)
तो अल्लाह ने उन्हें सांसारिक जीवन में अपमान चखाया और निश्चय आख़िरत (परलोक) की यातना अत्यधिक बड़ी है। काश! वे जानते होते।
३९:२७
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
ضَرَبْنَا बयान की हमने ḍarabnā
बयान की हमने
لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए
فِى in
in
هَـٰذَا this hādhā
this
ٱلْقُرْءَانِ इस क़ुरआन में l-qur'āni
इस क़ुरआन में
مِن of min
of
كُلِّ हर क़िस्म की kulli
हर क़िस्म की
مَثَلٍۢ मिसाल mathalin
मिसाल
لَّعَلَّهُمْ शायद की वो laʿallahum
शायद की वो
يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें
٢٧ (27)
(27)
और निःसंदेह हमने इस क़ुरआन में लोगों के लिए हर प्रकार के उदाहरण दिए हैं, ताकि वे उपदेश ग्रहण करें।
३९:२८
قُرْءَانًا क़ुरआन qur'ānan
क़ुरआन
عَرَبِيًّا अर्बी ʿarabiyyan
अर्बी
غَيْرَ नहीं है ghayra
नहीं है
ذِى any dhī
any
عِوَجٍۢ टेढ़ वाला ʿiwajin
टेढ़ वाला
لَّعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो
يَتَّقُونَ वो डरें yattaqūna
वो डरें
٢٨ (28)
(28)
अरबी भाषा में क़ुरआन, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं है, ताकि वे अल्लाह से डरें।
३९:२९
ضَرَبَ बयान की ḍaraba
बयान की
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مَثَلًۭا मिसाल mathalan
मिसाल
رَّجُلًۭا एक आदमी की rajulan
एक आदमी की
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
شُرَكَآءُ कई शरीक हैं shurakāu
कई शरीक हैं
مُتَشَـٰكِسُونَ बाहम झगड़ने वाले mutashākisūna
बाहम झगड़ने वाले
وَرَجُلًۭا और एक शख़्स warajulan
और एक शख़्स
سَلَمًۭا जो सालिम/ पूरा है salaman
जो सालिम/ पूरा है
لِّرَجُلٍ एक ही शख़्स के लिए lirajulin
एक ही शख़्स के लिए
هَلْ क्या hal
क्या
يَسْتَوِيَانِ वो दोनों बराबर हो सकते है yastawiyāni
वो दोनों बराबर हो सकते है
مَثَلًا ۚ मिसाल में mathalan
मिसाल में
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
٢٩ (29)
(29)
अल्लाह ने एक व्यक्ति का उदाहरण दिया है, जिसमें कई परस्पर विरोधी साझी हैं तथा एक और व्यक्ति का, जो पूरा एक ही व्यक्ति का (दास) है। क्या दोनों की स्थिति समान हैं? सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है। बल्कि उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
३९:३०
إِنَّكَ बेशक आप innaka
बेशक आप
مَيِّتٌۭ मरने वाले हैं mayyitun
मरने वाले हैं
وَإِنَّهُم और बेशक वो भी wa-innahum
और बेशक वो भी
مَّيِّتُونَ मरने वाले हैं mayyitūna
मरने वाले हैं
٣٠ (30)
(30)
(ऐ नबी!) निःसंदेह आप मरने वाले हैं तथा निःसंदेह वे भी मरने वाले हैंl1
३९:३१
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
عِندَ पास ʿinda
पास
رَبِّكُمْ अपने रब के rabbikum
अपने रब के
تَخْتَصِمُونَ तुम झगड़ा करोगे takhtaṣimūna
तुम झगड़ा करोगे
٣١ (31)
(31)
फिर निःसंदेह तुम क़ियामत के दिन अपने पालनहार के पास झगड़ोगे।
३९:३२
۞ فَمَنْ फिर कौन faman
फिर कौन
أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है
مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो
كَذَبَ झूठ बोले kadhaba
झूठ बोले
عَلَى against ʿalā
against
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
وَكَذَّبَ और वो झुठलाए wakadhaba
और वो झुठलाए
بِٱلصِّدْقِ सच्चाई को bil-ṣid'qi
सच्चाई को
إِذْ जब idh
जब
جَآءَهُۥٓ ۚ वो आ जाए उसके पास jāahu
वो आ जाए उसके पास
أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है
فِى in
in
جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में
مَثْوًۭى ठिकाना mathwan
ठिकाना
لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए
٣٢ (32)
(32)
तथा उससे अधिक अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह पर झूठ गढ़े या जब सच उसके पास आ जाए, तो उसे झुठलाए? तो क्या जहन्नम में काफ़िरों का आवास नहीं होगा?
३९:३३
وَٱلَّذِى और वो जो wa-alladhī
और वो जो
جَآءَ लाया jāa
लाया
بِٱلصِّدْقِ सच्चाई को bil-ṣid'qi
सच्चाई को
وَصَدَّقَ और उसने तस्दीक़ की waṣaddaqa
और उसने तस्दीक़ की
بِهِۦٓ ۙ उसकी bihi
उसकी
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْمُتَّقُونَ जो मुत्तक़ी हैं l-mutaqūna
जो मुत्तक़ी हैं
٣٣ (33)
(33)
तथा जो सत्य लेकर आया1 और जिसने उसे सच माना, तो वही (यातना से) सुरक्षित रहने वाले लोग हैं।
३९:३४
لَهُم उनके लिए है lahum
उनके लिए है
مَّا जो
जो
يَشَآءُونَ वो चाहेंगे yashāūna
वो चाहेंगे
عِندَ पास ʿinda
पास
رَبِّهِمْ ۚ उनके रब के rabbihim
उनके रब के
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
جَزَآءُ बदला है jazāu
बदला है
ٱلْمُحْسِنِينَ नेकोकारों का l-muḥ'sinīna
नेकोकारों का
٣٤ (34)
(34)
उनके लिए उनके पालनहार के यहाँ वह सब कुछ होगा, जो वे चाहेंगे। और यही सदाचारियों का प्रतिफल है।
३९:३५
لِيُكَفِّرَ ताकि दूर कर दे liyukaffira
ताकि दूर कर दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे
أَسْوَأَ बदतरीन aswa-a
बदतरीन
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए
وَيَجْزِيَهُمْ और वो बदले में दे उन्हें wayajziyahum
और वो बदले में दे उन्हें
أَجْرَهُم अजर उनके ajrahum
अजर उनके
بِأَحْسَنِ बेहतरीन bi-aḥsani
बेहतरीन
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
٣٥ (35)
(35)
ताकि जो बुरे कर्म उन्होंने किए हैं, उन्हें अल्लाह क्षमा कर दे तथा उनके अच्छे कर्मों के बदले, जो वे कर रहे थे, उन्हें उनका प्रतिफल प्रदान करे।
३९:३६
أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بِكَافٍ काफ़ी bikāfin
काफ़ी
عَبْدَهُۥ ۖ अपने बन्दे को ʿabdahu
अपने बन्दे को
وَيُخَوِّفُونَكَ और वो डराते हैं आप को wayukhawwifūnaka
और वो डराते हैं आप को
بِٱلَّذِينَ उनसे जो bi-alladhīna
उनसे जो
مِن besides Him min
besides Him
دُونِهِۦ ۚ उसके सिवा हैं dūnihi
उसके सिवा हैं
وَمَن और जिसे waman
और जिसे
يُضْلِلِ भटका दे yuḍ'lili
भटका दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِنْ any min
any
هَادٍۢ कोई हिदायत देने वाला hādin
कोई हिदायत देने वाला
٣٦ (36)
(36)
क्या अल्लाह अपने बंदे के लिए काफ़ी नहीं है? तथा वे आपको उन (झूठे पूज्यों) से डराते हैं, जो उसके सिवा हैं। तथा जिसे अल्लाह राह से हटा दे, उसे कोई राह पर लाने वाला नहीं है।
३९:३७
وَمَن और जिसे waman
और जिसे
يَهْدِ हिदायत दे yahdi
हिदायत दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِن any min
any
مُّضِلٍّ ۗ कोई भटकाने वाला muḍillin
कोई भटकाने वाला
أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بِعَزِيزٍۢ बहुत ज़बरदस्त biʿazīzin
बहुत ज़बरदस्त
ذِى All-Able of retribution dhī
All-Able of retribution
ٱنتِقَامٍۢ इन्तिक़ाम लेने वाला intiqāmin
इन्तिक़ाम लेने वाला
٣٧ (37)
(37)
और जिसे अल्लाह सीधी राह पर लगा दे, उसे कोई राह से भटका नहीं सकता। क्या अल्लाह प्रभुत्वशाली, बदला लेने वाला नहीं है?
३९:३८
وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
سَأَلْتَهُم पूछें आप उनसे sa-altahum
पूछें आप उनसे
مَّنْ किस ने man
किस ने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे
ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَفَرَءَيْتُم क्या फिर देखा तुमने afara-aytum
क्या फिर देखा तुमने
مَّا जिन्हें
जिन्हें
تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो
مِن besides min
besides
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِنْ अगर in
अगर
أَرَادَنِىَ इरादा करे मेरे साथ arādaniya
इरादा करे मेरे साथ
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بِضُرٍّ किसी तक्लीफ़ का biḍurrin
किसी तक्लीफ़ का
هَلْ क्या hal
क्या
هُنَّ वो सब hunna
वो सब
كَـٰشِفَـٰتُ दूर करने वाली हैं kāshifātu
दूर करने वाली हैं
ضُرِّهِۦٓ उसकी तक्लीफ़ को ḍurrihi
उसकी तक्लीफ़ को
أَوْ या aw
या
أَرَادَنِى वो इरादा करे मेरे साथ arādanī
वो इरादा करे मेरे साथ
بِرَحْمَةٍ किसी रहमत का biraḥmatin
किसी रहमत का
هَلْ क्या hal
क्या
هُنَّ वो सब hunna
वो सब
مُمْسِكَـٰتُ रोकने वाली हैं mum'sikātu
रोकने वाली हैं
رَحْمَتِهِۦ ۚ उसकी रहमत को raḥmatihi
उसकी रहमत को
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
حَسْبِىَ काफ़ी है मुझे ḥasbiya
काफ़ी है मुझे
ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَلَيْهِ उसी पर ʿalayhi
उसी पर
يَتَوَكَّلُ तवक्कुल करते है yatawakkalu
तवक्कुल करते है
ٱلْمُتَوَكِّلُونَ तवक्कुल करने वाले l-mutawakilūna
तवक्कुल करने वाले
٣٨ (38)
(38)
और यदि आप उनसे पूछें कि आकाशों तथा धरती को किसने पैदा किया है? तो वे अवश्य कहेंगे कि अल्लाह ने। आप कह दीजिए कि तुम बताओ कि जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो, यदि अल्लाह मुझे कोई हानि पहुँचाना चाहे, तो क्या ये उसकी हानि दूर कर सकते हैं? या मेरे साथ दया करना चाहे, तो क्या ये उसकी दया को रोक सकते हैं? आप कह दें कि मेरे लिए अल्लाह ही काफ़ी है। उसीपर भरोसा करने वाले भरोसा करते हैं।
३९:३९
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
ٱعْمَلُوا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो
عَلَىٰ (according) to ʿalā
(according) to
مَكَانَتِكُمْ अपनी जगह पर makānatikum
अपनी जगह पर
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
عَـٰمِلٌۭ ۖ अमल करने वाला हूँ ʿāmilun
अमल करने वाला हूँ
فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब
تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे
٣٩ (39)
(39)
आप कह दें कि ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम काम करो अपने स्थान पर, मैं भी काम कर रहा हूँ। फिर शीघ्र ही तुम्हें पता चल जाएगा।
३९:४०
مَن कौन है man
कौन है
يَأْتِيهِ आता है उसके पास yatīhi
आता है उसके पास
عَذَابٌۭ ऐसा अज़ाब ʿadhābun
ऐसा अज़ाब
يُخْزِيهِ जो रुस्वा करदे उसे yukh'zīhi
जो रुस्वा करदे उसे
وَيَحِلُّ और उतरता है wayaḥillu
और उतरता है
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
مُّقِيمٌ क़ायम रहने वाला/ दायमी muqīmun
क़ायम रहने वाला/ दायमी
٤٠ (40)
(40)
कि कौन है वह व्यक्ति, जिसपर अपमानकारी यातना आएगी और उसपर स्थायी अज़ाब उतरेगा?
३९:४१
إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम
أَنزَلْنَا नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने
عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर
ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब
لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए
بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
فَمَنِ तो जो famani
तो जो
ٱهْتَدَىٰ हिदायत पा जाए ih'tadā
हिदायत पा जाए
فَلِنَفْسِهِۦ ۖ तो उसके अपने ही लिए है falinafsihi
तो उसके अपने ही लिए है
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
ضَلَّ भटके ḍalla
भटके
فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक
يَضِلُّ वो भटकता है yaḍillu
वो भटकता है
عَلَيْهَا ۖ अपने ख़िलाफ़ ʿalayhā
अपने ख़िलाफ़
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتَ आप anta
आप
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
بِوَكِيلٍ कोई ज़िम्मेदार biwakīlin
कोई ज़िम्मेदार
٤١ (41)
(41)
वास्तव में, हमने ही आपपर यह पुस्तक लोगों के लिए सत्य के साथ उतारी है। अब जिसने सीधा मार्ग ग्रहण किया, तो अपने लिए, तथा जो भटका, तो वह भटककर अपना नुकसान करता है। तथा आप उनके ज़िम्मेवार नहीं हैं।
३९:४२
ٱللَّهُ अल्लाह al-lahu
अल्लाह
يَتَوَفَّى वो फ़ौत करता है yatawaffā
वो फ़ौत करता है
ٱلْأَنفُسَ जानों को l-anfusa
जानों को
حِينَ वक़्त पर ḥīna
वक़्त पर
مَوْتِهَا उनकी मौत के mawtihā
उनकी मौत के
وَٱلَّتِى और वो जो wa-allatī
और वो जो
لَمْ ना lam
ना
تَمُتْ वो मरें tamut
वो मरें
فِى in
in
مَنَامِهَا ۖ अपनी नींद में manāmihā
अपनी नींद में
فَيُمْسِكُ पस वो रोक लेता है fayum'siku
पस वो रोक लेता है
ٱلَّتِى उसको allatī
उसको
قَضَىٰ उसने फ़ैसला किया qaḍā
उसने फ़ैसला किया
عَلَيْهَا जिस पर ʿalayhā
जिस पर
ٱلْمَوْتَ मौत का l-mawta
मौत का
وَيُرْسِلُ और वो भेज देता है wayur'silu
और वो भेज देता है
ٱلْأُخْرَىٰٓ दूसरी (रूहों )को l-ukh'rā
दूसरी (रूहों )को
إِلَىٰٓ for ilā
for
أَجَلٍۢ एक वक़्त तक ajalin
एक वक़्त तक
مُّسَمًّى ۚ जो मुक़र्रर है musamman
जो मुक़र्रर है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौर व फ़िक्र करते है yatafakkarūna
जो ग़ौर व फ़िक्र करते है
٤٢ (42)
(42)
अल्लाह ही प्राणों को उनकी मौत के समय क़ब्ज़ करता है, तथा जिसकी मौत का समय नहीं आया, उसकी नींद की अवस्था में। फिर (उसे) रोक लेता है, जिसके बारे में मौत का निर्णय कर दिया हो तथा अन्य को एक निर्धारित समय तक के लिए भेज देता है। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय कई निशानियाँ हैं, जो मनन-चिंतन1 करते हैं।
३९:४३
أَمِ क्या ami
क्या
ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना रखे हैं ittakhadhū
उन्होंने बना रखे हैं
مِن besides min
besides
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
شُفَعَآءَ ۚ कुछ सिफ़ारिशी shufaʿāa
कुछ सिफ़ारिशी
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَوَلَوْ क्या भला अगर awalaw
क्या भला अगर
كَانُوا۟ हों वो kānū
हों वो
لَا not
not
يَمْلِكُونَ ना वो मिल्कियत रखते yamlikūna
ना वो मिल्कियत रखते
شَيْـًۭٔا किसी चीज़ की shayan
किसी चीज़ की
وَلَا और ना walā
और ना
يَعْقِلُونَ वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
वो अक़्ल रखते
٤٣ (43)
(43)
क्या उन्होंने अल्लाह के अतिरिक्त बहुत-से सिफ़ारिशी बना लिए हैं? आप कह दें: क्या यदि वे किसी चीज़ का अधिकार न रखते हों और न कुछ समझते हों तो भी (वे सिफ़ारिश करेंगे)?
३९:४४
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
لِّلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है
ٱلشَّفَـٰعَةُ शफ़ाअत/ सिफ़ारिश l-shafāʿatu
शफ़ाअत/ सिफ़ारिश
جَمِيعًۭا ۖ सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी
لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के
تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे
٤٤ (44)
(44)
आप कह दें कि सिफ़ारिश तो सब अल्लाह के अधिकार में है। उसी के लिए है आकाशों तथा धरती का राज्य। फिर उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।
३९:४५
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ذُكِرَ ज़िक्र किया जाता है dhukira
ज़िक्र किया जाता है
ٱللَّهُ अल्लाह का l-lahu
अल्लाह का
وَحْدَهُ अकेले उसी का waḥdahu
अकेले उसी का
ٱشْمَأَزَّتْ नफ़रत करते हैं ish'ma-azzat
नफ़रत करते हैं
قُلُوبُ दिल qulūbu
दिल
ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
بِٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ذُكِرَ ज़िक्र किया जाता है dhukira
ज़िक्र किया जाता है
ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो
مِن besides Him min
besides Him
دُونِهِۦٓ उसके अलावा हैं dūnihi
उसके अलावा हैं
إِذَا यकायक idhā
यकायक
هُمْ वो hum
वो
يَسْتَبْشِرُونَ वो ख़ुश हो जाते हैं yastabshirūna
वो ख़ुश हो जाते हैं
٤٥ (45)
(45)
तथा जब अकेले अल्लाह का ज़िक्र किया जाता है, तो उन लोगों के दिल संकीर्ण होने लगते हैं, जो आख़िरत1 पर ईमान नहीं रखते तथा जब उसके सिवा अन्य पूज्यों का ज़िक्र आता है, तो वे सहसा प्रसन्न हो जाते हैं।
३९:४६
قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए
ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह
فَاطِرَ ऐ पैदा करने वाले fāṭira
ऐ पैदा करने वाले
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के
عَـٰلِمَ ऐ जानने वाले ʿālima
ऐ जानने वाले
ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब
وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर के wal-shahādati
और हाज़िर के
أَنتَ तू ही anta
तू ही
تَحْكُمُ तू फ़ैसला करेगा taḥkumu
तू फ़ैसला करेगा
بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान
عِبَادِكَ अपने बन्दों के ʿibādika
अपने बन्दों के
فِى in
in
مَا उसमें जो
उसमें जो
كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते
٤٦ (46)
(46)
(ऐ नबी!) आप कह दें: ऐ अल्लाह, आकाशों तथा धरती के पैदा करने वाले, परोक्ष तथा प्रत्यक्ष के जानने वाले! तू ही अपने बंदों के बीच उस बात के बारे में निर्णय करेगा, जिसमें वे झगड़ रहे थे।
३९:४७
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
أَنَّ बेशक हो anna
बेशक हो
لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
جَمِيعًۭا सब का सब jamīʿan
सब का सब
وَمِثْلَهُۥ और उसकी मानिन्द wamith'lahu
और उसकी मानिन्द
مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
لَٱفْتَدَوْا۟ अलबत्ता वे फ़िदये में दे दें la-if'tadaw
अलबत्ता वे फ़िदये में दे दें
بِهِۦ उसे bihi
उसे
مِن from min
from
سُوٓءِ (the) evil sūi
(the) evil
ٱلْعَذَابِ (बचने के लिए) बुरे अज़ाब से l-ʿadhābi
(बचने के लिए) बुरे अज़ाब से
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
وَبَدَا और ज़ाहिर हो जाएगा wabadā
और ज़ाहिर हो जाएगा
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّنَ from mina
from
ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से
مَا जो
जो
لَمْ ना lam
ना
يَكُونُوا۟ थे वो yakūnū
थे वो
يَحْتَسِبُونَ वो गुमान रखते yaḥtasibūna
वो गुमान रखते
٤٧ (47)
(47)
और जिन लोगों ने अत्याचार किया है, अगर धरती की सारी चीज़ें उनकी हो जाएँ, और उनके साथ उतना ही और भी, तो वे क़ियामत के दिन बुरी यातना से बचने के लिए इन सारी चीज़ों को फ़िदया में दे देंगे।1 तथा अल्लाह की ओर से उनके लिए वह बात खुल जाएगी, जिसका वे गुमान भी न करते थे।
३९:४८
وَبَدَا और ज़ाहिर हो जाऐंगी wabadā
और ज़ाहिर हो जाऐंगी
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
سَيِّـَٔاتُ बुराइयाँ sayyiātu
बुराइयाँ
مَا उन (आमाल)की जो
उन (आमाल)की जो
كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाए kasabū
उन्होंने कमाए
وَحَاقَ और घेर लेगा waḥāqa
और घेर लेगा
بِهِم उन्हें bihim
उन्हें
مَّا वो जो
वो जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
بِهِۦ उसका bihi
उसका
يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते
٤٨ (48)
(48)
और उनके कुकर्मों की बुराइयाँ उनके सामने आ जाएँगी और उन्हें वह यातना घेर लेगी, जिसका वे मज़ाक उड़ाया करते थे।
३९:४९
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
مَسَّ पहुँचता है massa
पहुँचता है
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
ضُرٌّۭ कोई नुक़्सान ḍurrun
कोई नुक़्सान
دَعَانَا वो पुकारता है हमें daʿānā
वो पुकारता है हमें
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِذَا जब idhā
जब
خَوَّلْنَـٰهُ हम अता करते हैं उसे khawwalnāhu
हम अता करते हैं उसे
نِعْمَةًۭ कोई नेअमत niʿ'matan
कोई नेअमत
مِّنَّا अपने पास से minnā
अपने पास से
قَالَ वो कहता है qāla
वो कहता है
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أُوتِيتُهُۥ दिया गया हूँ मैं उसे ūtītuhu
दिया गया हूँ मैं उसे
عَلَىٰ for ʿalā
for
عِلْمٍۭ ۚ इल्म की बिना पर ʿil'min
इल्म की बिना पर
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
هِىَ वो hiya
वो
فِتْنَةٌۭ एक फ़ितना है fit'natun
एक फ़ितना है
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
٤٩ (49)
(49)
और जब इनसान को कोई दुःख पहुँचाता है, तो हमें पुकारता है। फिर जब हम उसे अपनी ओर से कोई सुख प्रदान करते हैं, तो कहता हैः "यह तो मुझे ज्ञान के कारण प्राप्त हुआ है।" बल्कि, यह एक परीक्षा है। किन्तु, उनमें से अधिकतर लोग (इसे) नहीं जानते।
३९:५०
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
قَالَهَا कहा था उसे qālahā
कहा था उसे
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن before them min
before them
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
فَمَآ तो ना famā
तो ना
أَغْنَىٰ काम आया aghnā
काम आया
عَنْهُم उनके ʿanhum
उनके
مَّا जो
जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते
٥٠ (50)
(50)
यही बात, उन लोगों ने भी कही थी, जो इनसे पूर्व थे। तो नहीं काम आया उनके, जो कुछ वे कमा रहे थे।
३९:५१
فَأَصَابَهُمْ तो पहुँचीं उन्हें fa-aṣābahum
तो पहुँचीं उन्हें
سَيِّـَٔاتُ बुराइयाँ sayyiātu
बुराइयाँ
مَا उन (आमाल)की जो
उन (आमाल)की जो
كَسَبُوا۟ ۚ उन्होंने कमाए kasabū
उन्होंने कमाए
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
مِنْ of min
of
هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों में से hāulāi
उन लोगों में से
سَيُصِيبُهُمْ अनक़रीब पहुँचेंगी उन्हें sayuṣībuhum
अनक़रीब पहुँचेंगी उन्हें
سَيِّـَٔاتُ बुराइयाँ sayyiātu
बुराइयाँ
مَا उन (आमाल)की जो
उन (आमाल)की जो
كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाए kasabū
उन्होंने कमाए
وَمَا और नहीं हैं wamā
और नहीं हैं
هُم वो hum
वो
بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले
٥١ (51)
(51)
तो उनपर उनके कर्मों की बुराइयाँ आ पड़ीं। और इनमें से जिन लोगों ने अत्याचार किया, उनपर उनके कर्मों की बुराइयाँ आ पड़ेंगी। और वे (हमें) विवश करने वाले नहीं हैं।
३९:५२
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
يَعْلَمُوٓا۟ उन्होंने जाना yaʿlamū
उन्होंने जाना
أَنَّ बेशक anna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَبْسُطُ वो कुशादा करता है yabsuṭu
वो कुशादा करता है
ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ l-riz'qa
रिज़्क़
لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَقْدِرُ ۚ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं
٥٢ (52)
(52)
क्या उन्हें मालूम नहीं कि अल्लाह जिसके लिए चाहता है, रोज़ी कुशादा कर देता है, और (जिसे चाहता है) नापकर देता है? निश्चय इसमें बहुत-सी निशानियाँ हैं, उन लोगों के लिए, जो ईमान लाते हैं।
३९:५३
۞ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
يَـٰعِبَادِىَ ऐ मेरे बन्दो yāʿibādiya
ऐ मेरे बन्दो
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
أَسْرَفُوا۟ ज़्यादती की asrafū
ज़्यादती की
عَلَىٰٓ against ʿalā
against
أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर
لَا (do) not
(do) not
تَقْنَطُوا۟ ना तुम मायूस हो taqnaṭū
ना तुम मायूस हो
مِن of min
of
رَّحْمَةِ रहमत से raḥmati
रहमत से
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَغْفِرُ वो बख़्श देता है yaghfiru
वो बख़्श देता है
ٱلذُّنُوبَ गुनाहों को l-dhunūba
गुनाहों को
جَمِيعًا ۚ सब के सब को jamīʿan
सब के सब को
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला
٥٣ (53)
(53)
(ऐ नबी!) आप मेरे उन बंदों से कह दें, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किए हैं कि तुम अल्लाह की दया से निराश न हो।1 निःसंदेह अल्लाह सब पापों को क्षमा कर देता है। निःसंदेह वही तो अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
३९:५४
وَأَنِيبُوٓا۟ और रुजूअ करो wa-anībū
और रुजूअ करो
إِلَىٰ to ilā
to
رَبِّكُمْ तरफ़ अपने रब के rabbikum
तरफ़ अपने रब के
وَأَسْلِمُوا۟ और फ़रमाबरदार बन जाओ wa-aslimū
और फ़रमाबरदार बन जाओ
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِن before min
before
قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले
أَن कि an
कि
يَأْتِيَكُمُ आ जाए तुम्हारे पास yatiyakumu
आ जाए तुम्हारे पास
ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَا not
not
تُنصَرُونَ ना तुम मदद किए जाओ tunṣarūna
ना तुम मदद किए जाओ
٥٤ (54)
(54)
तथा अपने पालनहार की ओर झुक पड़ो और उसके आज्ञाकारी हो जाओ, इससे पहले कि तुमपर यातना आ जाए, फिर तुम्हारी सहायता न की जाए।
३९:५५
وَٱتَّبِعُوٓا۟ और पैरवी करो wa-ittabiʿū
और पैरवी करो
أَحْسَنَ बेहतरीन की aḥsana
बेहतरीन की
مَآ जो
जो
أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया
إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे
مِّن from min
from
رَّبِّكُم तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से
مِّن before min
before
قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले
أَن कि an
कि
يَأْتِيَكُمُ आ जाए तुम्हारे पास yatiyakumu
आ जाए तुम्हारे पास
ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब
بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक
وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम
لَا (do) not
(do) not
تَشْعُرُونَ ना तुम शऊर रखते हो tashʿurūna
ना तुम शऊर रखते हो
٥٥ (55)
(55)
तथा उस सबसे उत्तम वाणी का पालन करो, जो अल्लाह की ओर से तुम्हारी तरफ़ उतारी गई है, इससे पूर्व कि तुमपर यातना आ पड़े और तुम्हें एहसास तक न हो।
३९:५६
أَن (ऐसा ना हो) कि an
(ऐसा ना हो) कि
تَقُولَ कहे taqūla
कहे
نَفْسٌۭ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स
يَـٰحَسْرَتَىٰ ऐ हसरत yāḥasratā
ऐ हसरत
عَلَىٰ over ʿalā
over
مَا उस पर जो
उस पर जो
فَرَّطتُ कमी/ कोताही की मैं ने farraṭtu
कमी/ कोताही की मैं ने
فِى in
in
جَنۢبِ हक़ में janbi
हक़ में
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक
كُنتُ था मैं kuntu
था मैं
لَمِنَ surely, among lamina
surely, among
ٱلسَّـٰخِرِينَ अलबत्ता मज़ाक़ उड़ाने वालों में से l-sākhirīna
अलबत्ता मज़ाक़ उड़ाने वालों में से
٥٦ (56)
(56)
(ऐसा न हो कि) कोई व्यक्ति कहे कि अफ़सोस है उस कोताही पर, जो मैंने अल्लाह के हक में की तथा मैं उपहास करने वालों में रह गया।
३९:५७
أَوْ या aw
या
تَقُولَ वो कहे taqūla
वो कहे
لَوْ काश law
काश
أَنَّ ये कि anna
ये कि
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
هَدَىٰنِى हिदायत देता मुझे hadānī
हिदायत देता मुझे
لَكُنتُ अलबत्ता होता मैं lakuntu
अलबत्ता होता मैं
مِنَ among mina
among
ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों में से l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों में से
٥٧ (57)
(57)
या फिर कहे कि यदि अल्लाह मुझे सीधा रास्ता दिखाता, तो मैं डरने वालों में से हो जाता।
३९:५८
أَوْ या aw
या
تَقُولَ वो कहे taqūla
वो कहे
حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त
تَرَى वो देखे tarā
वो देखे
ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब
لَوْ काश law
काश
أَنَّ ये कि (हो) anna
ये कि (हो)
لِى मेरे लिए
मेरे लिए
كَرَّةًۭ एक बार पलटना karratan
एक बार पलटना
فَأَكُونَ तो मैं हो जाऊँ fa-akūna
तो मैं हो जाऊँ
مِنَ among mina
among
ٱلْمُحْسِنِينَ नेकोकारों में से l-muḥ'sinīna
नेकोकारों में से
٥٨ (58)
(58)
या जब यातना को देख ले, तो कहने लगे कि अगर मुझे (संसार की ओर) वापस जाने का अवसर मिले, तो मैं अवश्य सदाचारियों में से हो जाऊँगा।
३९:५९
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
جَآءَتْكَ आईं तेरे पास jāatka
आईं तेरे पास
ءَايَـٰتِى आयात मेरी āyātī
आयात मेरी
فَكَذَّبْتَ तो झुठला दिया तू ने fakadhabta
तो झुठला दिया तू ने
بِهَا उन्हें bihā
उन्हें
وَٱسْتَكْبَرْتَ और तकब्बुर किया तू ने wa-is'takbarta
और तकब्बुर किया तू ने
وَكُنتَ और था तू wakunta
और था तू
مِنَ among mina
among
ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों में से l-kāfirīna
काफ़िरों में से
٥٩ (59)
(59)
हाँ, तुम्हारे पास मेरी निशानियाँ आईं, तो तुमने उन्हें झुठला दिया और अभिमान किया तथा तुम थे ही काफ़िरों में से।
३९:६०
وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
تَرَى आप देखेंगे tarā
आप देखेंगे
ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने
كَذَبُوا۟ झूठ बोला kadhabū
झूठ बोला
عَلَى about ʿalā
about
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
وُجُوهُهُم चेहरे उनके wujūhuhum
चेहरे उनके
مُّسْوَدَّةٌ ۚ सयाह होंगे mus'waddatun
सयाह होंगे
أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है
فِى in
in
جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में
مَثْوًۭى कोई ठिकाना mathwan
कोई ठिकाना
لِّلْمُتَكَبِّرِينَ तकब्बुर करने वालों के लिए lil'mutakabbirīna
तकब्बुर करने वालों के लिए
٦٠ (60)
(60)
और क़ियामत के दिन आप उन लोगों को देखेंगे, जिन्होंने अल्लाह पर झूठ बोला कि उनके चेहरे काले होंगे। तो क्या अभिमानियों का ठिकाना जहन्नम में नहीं है?
३९:६१
وَيُنَجِّى और निजात देगा wayunajjī
और निजात देगा
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने
ٱتَّقَوْا۟ तक़्वा किया ittaqaw
तक़्वा किया
بِمَفَازَتِهِمْ बवजह उनकी कामयाबी के bimafāzatihim
बवजह उनकी कामयाबी के
لَا not
not
يَمَسُّهُمُ नहीं पहुँचेगी उन्हें yamassuhumu
नहीं पहुँचेगी उन्हें
ٱلسُّوٓءُ कोई बुराई l-sūu
कोई बुराई
وَلَا और ना walā
और ना
هُمْ वो hum
वो
يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे
٦١ (61)
(61)
तथा अल्लाह उन लोगों को उनकी सफलता के साथ बचा लेगा, जो आज्ञाकारी रहे। न उन्हें कोई तकलीफ छुएगी और न वे शोकाकुल होंगे।
३९:६२
ٱللَّهُ अल्लाह al-lahu
अल्लाह
خَـٰلِقُ ख़ालिक़ है khāliqu
ख़ालिक़ है
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ ۖ चीज़ का shayin
चीज़ का
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
وَكِيلٌۭ निगरान है wakīlun
निगरान है
٦٢ (62)
(62)
अल्लाह ही प्रत्येक वस्तु का पैदा करने वाला है तथा वही प्रत्येक वस्तु का संरक्षक है।
३९:६३
لَّهُۥ उसी के लिए हैं lahu
उसी के लिए हैं
مَقَالِيدُ कुंजियाँ maqālīdu
कुंजियाँ
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْخَـٰسِرُونَ जो नुक़्सान उठाने वाले हैं l-khāsirūna
जो नुक़्सान उठाने वाले हैं
٦٣ (63)
(63)
आकाशों तथा धरती की कुंजियाँ1 उसी के पास हैं तथा जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों का इनकार किया, वही लोग घाटा उठाने वाले हैं।
३९:६४
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَفَغَيْرَ क्या फिर ग़ैर afaghayra
क्या फिर ग़ैर
ٱللَّهِ अल्लाह के (बारे में ) l-lahi
अल्लाह के (बारे में )
تَأْمُرُوٓنِّىٓ तुम हुक्म देते मुझे tamurūnnī
तुम हुक्म देते मुझे
أَعْبُدُ कि मैं इबादत करूँ aʿbudu
कि मैं इबादत करूँ
أَيُّهَا ayyuhā
ٱلْجَـٰهِلُونَ जाहिलो l-jāhilūna
जाहिलो
٦٤ (64)
(64)
आप कह दें के ऐ अज्ञानो! क्या तुम मुझे आदेश देते हो कि मैं अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत (वंदना) करूँ?
३९:६५
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أُوحِىَ वही किया गया ūḥiya
वही किया गया
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
وَإِلَى and to wa-ilā
and to
ٱلَّذِينَ और तरफ़ उन लोगों के जो alladhīna
और तरफ़ उन लोगों के जो
مِن (were) before you min
(were) before you
قَبْلِكَ आप से पहले थे qablika
आप से पहले थे
لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर
أَشْرَكْتَ शिर्क किया आपने ashrakta
शिर्क किया आपने
لَيَحْبَطَنَّ यक़ीनन ज़रूर ज़ाय हो जाऐगा layaḥbaṭanna
यक़ीनन ज़रूर ज़ाय हो जाऐगा
عَمَلُكَ अमल आपका ʿamaluka
अमल आपका
وَلَتَكُونَنَّ और यक़ीनन ज़रूर आप हो जाऐंगे walatakūnanna
और यक़ीनन ज़रूर आप हो जाऐंगे
مِنَ among mina
among
ٱلْخَـٰسِرِينَ नुक़्सान उठाने वालों में से l-khāsirīna
नुक़्सान उठाने वालों में से
٦٥ (65)
(65)
और निःसंदेह तुम्हारी ओर एवं तुमसे पहले के नबियों की ओर वह़्य की गई है कि यदि तुमने शिर्क किया, तो निश्चय तुम्हारा कर्म अवश्य नष्ट हो जाएगा और तुम निश्चित रूप से हानि उठाने वालों में से हो जाओगे।1
३९:६६
بَلِ बल्कि bali
बल्कि
ٱللَّهَ अल्लाह ही की l-laha
अल्लाह ही की
فَٱعْبُدْ पस आप इबादत कीजिए fa-uʿ'bud
पस आप इबादत कीजिए
وَكُن और हो जाइए wakun
और हो जाइए
مِّنَ among mina
among
ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र गुज़ारों में से l-shākirīna
शुक्र गुज़ारों में से
٦٦ (66)
(66)
बल्कि आप अल्लाह ही की इबादत (वंदना) करें तथा शुक्र करने वालों में से हो जाएँ।
३९:६७
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
قَدَرُوا۟ उन्होंने क़द्र की qadarū
उन्होंने क़द्र की
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
حَقَّ जैसे हक़ था ḥaqqa
जैसे हक़ था
قَدْرِهِۦ उसकी क़द्र का qadrihi
उसकी क़द्र का
وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन
جَمِيعًۭا सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी
قَبْضَتُهُۥ उसकी मुट्ठी में होगी qabḍatuhu
उसकी मुट्ठी में होगी
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
وَٱلسَّمَـٰوَٰتُ और आसमान wal-samāwātu
और आसमान
مَطْوِيَّـٰتٌۢ लपटे हुए होंगे maṭwiyyātun
लपटे हुए होंगे
بِيَمِينِهِۦ ۚ उसके दाऐं हाथ में biyamīnihi
उसके दाऐं हाथ में
سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो
وَتَعَـٰلَىٰ और बुलन्दतर है wataʿālā
और बुलन्दतर है
عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो
يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं
٦٧ (67)
(67)
तथा उन्होंने अल्लाह का सम्मान नहीं किया, जैसे उसका सम्मान करना चाहिए था और क़ियामत के दिन पूरी धरती उसकी एक मुट्ठी में होगी, तथा आकाश उसके दाएँ हाथ1 में लिपटे होंगे। वह उस शिर्क से पवित्र तथा उच्च है, जो वे कर रहे हैं।
३९:६८
وَنُفِخَ और फ़ूँका जाएगा wanufikha
और फ़ूँका जाएगा
فِى [in]
[in]
ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में
فَصَعِقَ तो बेहोश हो जाएगा faṣaʿiqa
तो बेहोश हो जाएगा
مَن जो कोई man
जो कोई
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
فِى (is) on
(is) on
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में (होगा) l-arḍi
ज़मीन में (होगा)
إِلَّا मगर illā
मगर
مَن जिसे man
जिसे
شَآءَ चाहे shāa
चाहे
ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ثُمَّ फिर thumma
फिर
نُفِخَ फ़ूँका जाएगा nufikha
फ़ूँका जाएगा
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
أُخْرَىٰ दूसरी मर्तबा ukh'rā
दूसरी मर्तबा
فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक
هُمْ वो hum
वो
قِيَامٌۭ खड़े qiyāmun
खड़े
يَنظُرُونَ वो देख रहें होंगे yanẓurūna
वो देख रहें होंगे
٦٨ (68)
(68)
तथा सूर (नरसिंघा) में फूँक1 मारी जाएगी, तो जो कोई आकाशों और धरती में होगा, बेहोश हो जाएगा। सिवाय उसके, जिसको अल्लाह चाहे। फिर उसमें पुनः फूँक मारी जाएगी, तो अचानक सब खड़े होकर देखने लगेंगे।
३९:६९
وَأَشْرَقَتِ और चमक उठेगी wa-ashraqati
और चमक उठेगी
ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन
بِنُورِ नूर से binūri
नूर से
رَبِّهَا अपने रब की rabbihā
अपने रब की
وَوُضِعَ और रखदी जाएगी wawuḍiʿa
और रखदी जाएगी
ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब
وَجِا۟ىٓءَ और लाए जाऐंगे wajīa
और लाए जाऐंगे
بِٱلنَّبِيِّـۧنَ अम्बिया bil-nabiyīna
अम्बिया
وَٱلشُّهَدَآءِ और गवाह wal-shuhadāi
और गवाह
وَقُضِىَ और फ़ैसला कर दिया जाएगा waquḍiya
और फ़ैसला कर दिया जाएगा
بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَهُمْ और वो wahum
और वो
لَا will not be wronged
will not be wronged
يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे
٦٩ (69)
(69)
तथा धरती अपने पालनहार की ज्योति से जगमगाने लगेगी, और कर्मलेख (खोलकर लोगों के आगे) रख दिए जाएँगे, तथा नबियों और साक्षियों को लाया जाएगा, और उनके बीच सत्य के साथ निर्णय कर दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
३९:७०
وَوُفِّيَتْ और पूरा-पूरा दिया जाएगा wawuffiyat
और पूरा-पूरा दिया जाएगा
كُلُّ हर kullu
हर
نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को
مَّا जो
जो
عَمِلَتْ उसने अमल किया ʿamilat
उसने अमल किया
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है
بِمَا जो कुछ bimā
जो कुछ
يَفْعَلُونَ वो करते हैं yafʿalūna
वो करते हैं
٧٠ (70)
(70)
तथा प्रत्येक प्राणी को उसके कर्म का पूरा-पूरा फल दिया जाएगा। तथा वह भली-भाँति जानता है उसे, जो वे करते हैं।
३९:७१
وَسِيقَ और हाँके जाऐंगे wasīqa
और हाँके जाऐंगे
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
إِلَىٰ to ilā
to
جَهَنَّمَ तरफ़ जहन्नम के jahannama
तरफ़ जहन्नम के
زُمَرًا ۖ गिरोह दर गिरोह zumaran
गिरोह दर गिरोह
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
جَآءُوهَا वो आ जाऐंगे उसके पास jāūhā
वो आ जाऐंगे उसके पास
فُتِحَتْ खोल दिए जाऐंगे futiḥat
खोल दिए जाऐंगे
أَبْوَٰبُهَا दरवाज़े उसके abwābuhā
दरवाज़े उसके
وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे
لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें
خَزَنَتُهَآ दरबान उसके khazanatuhā
दरबान उसके
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
يَأْتِكُمْ आए थे तुम्हारे पास yatikum
आए थे तुम्हारे पास
رُسُلٌۭ कुछ रसूल rusulun
कुछ रसूल
مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
يَتْلُونَ जो पढ़ते yatlūna
जो पढ़ते
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
ءَايَـٰتِ आयात āyāti
आयात
رَبِّكُمْ तुम्हारे रब की rabbikum
तुम्हारे रब की
وَيُنذِرُونَكُمْ और डराते तुम्हें wayundhirūnakum
और डराते तुम्हें
لِقَآءَ मुलाक़ात से liqāa
मुलाक़ात से
يَوْمِكُمْ (of) your Day yawmikum
(of) your Day
هَـٰذَا ۚ तुम्हारे इस दिन की hādhā
तुम्हारे इस दिन की
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन
حَقَّتْ साबित हो गई ḥaqqat
साबित हो गई
كَلِمَةُ बात kalimatu
बात
ٱلْعَذَابِ अज़ाब की l-ʿadhābi
अज़ाब की
عَلَى against ʿalā
against
ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर
٧١ (71)
(71)
तथा जो लोग काफ़िर होंगे, वे जहन्नम की ओर गिरोह के गिरोह हाँके जाएँगे। यहाँ तक कि जब वे उसके पास आएँगे, तो उसके द्वार खोल दिए जाएँगे तथा उसके रक्षक उनसे कहेंगेः "क्या तुम्हारे पास तुम्हीं में से रसूल नहीं आए थे, जो तुम्हें तुम्हारे पालनहार की आयतें सुनाते रहे तथा तुम्हें अपने इस दिन का सामना करने से सचेत करते रहे?" वे कहेंगेः "क्यों नहीं? परन्तु, काफ़िरों पर यातना की बात सिद्ध हो चुकी है।"
३९:७२
قِيلَ कहा जाएगा qīla
कहा जाएगा
ٱدْخُلُوٓا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ
أَبْوَٰبَ दरवाज़ों में abwāba
दरवाज़ों में
جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले
فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें
فَبِئْسَ तो कितना बुरा है fabi'sa
तो कितना बुरा है
مَثْوَى ठिकाना mathwā
ठिकाना
ٱلْمُتَكَبِّرِينَ तकब्बुर करने वालों का l-mutakabirīna
तकब्बुर करने वालों का
٧٢ (72)
(72)
उनसे कहा जाएगाः जहन्नम के द्वारों में प्रवेश कर जाओ। उसमें सदावासी रहोगे। अतः क्या ही बुरा है अभिमानियों का ठिकाना!
३९:७३
وَسِيقَ और ले जाए जाऐंगे wasīqa
और ले जाए जाऐंगे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
ٱتَّقَوْا۟ डरे ittaqaw
डरे
رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से
إِلَى to ilā
to
ٱلْجَنَّةِ तरफ़ जन्नत के l-janati
तरफ़ जन्नत के
زُمَرًا ۖ गिरोह दर गिरोह zumaran
गिरोह दर गिरोह
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
جَآءُوهَا वो आ जाऐंगे उसके पास jāūhā
वो आ जाऐंगे उसके पास
وَفُتِحَتْ और खोल दिए जाऐंगे wafutiḥat
और खोल दिए जाऐंगे
أَبْوَٰبُهَا दरवाज़े उसके abwābuhā
दरवाज़े उसके
وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे
لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें
خَزَنَتُهَا दरबान उसके khazanatuhā
दरबान उसके
سَلَـٰمٌ सलामती हो salāmun
सलामती हो
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
طِبْتُمْ तुम अच्छे रहे ṭib'tum
तुम अच्छे रहे
فَٱدْخُلُوهَا पस दाख़िल हो जाओ उनमें fa-ud'khulūhā
पस दाख़िल हो जाओ उनमें
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले
٧٣ (73)
(73)
तथा जो लोग अपने पालनहार से डरते रहे, वे जन्नत की ओर गिरोह के गिरोह ले जाए जाएँगे। यहाँ तक कि जब वे उसके पास पहुँच जाएँगे तथा उसके द्वार खोल दिए जाएँगे और उसके रक्षक उनसे कहेंगेः सलाम है तुमपर। तुम पवित्र हो। सो तुम इसमें हमेशा रहने को प्रवेश कर जाओ।
३९:७४
وَقَالُوا۟ और वो कहेंगे waqālū
और वो कहेंगे
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
صَدَقَنَا सच्चा किया हम से ṣadaqanā
सच्चा किया हम से
وَعْدَهُۥ वादा अपना waʿdahu
वादा अपना
وَأَوْرَثَنَا और वारिस बना दिया हमें wa-awrathanā
और वारिस बना दिया हमें
ٱلْأَرْضَ ज़मीन का l-arḍa
ज़मीन का
نَتَبَوَّأُ हम जगह बना सकते है natabawwa-u
हम जगह बना सकते है
مِنَ [from] mina
[from]
ٱلْجَنَّةِ जन्नत में से l-janati
जन्नत में से
حَيْثُ जहाँ ḥaythu
जहाँ
نَشَآءُ ۖ हम चाहें nashāu
हम चाहें
فَنِعْمَ तो कितना अच्छा है faniʿ'ma
तो कितना अच्छा है
أَجْرُ अजर ajru
अजर
ٱلْعَـٰمِلِينَ अमल करने वालों का l-ʿāmilīna
अमल करने वालों का
٧٤ (74)
(74)
तथा वे कहेंगे : सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने हमसे किया हुआ अपना वचन सच कर दिखाया, तथा हमें इस धरती का उत्तराधिकारी बना दिया। हम स्वर्ग के अंदर जहाँ चाहें, रहें। क्या ही अच्छा बदला है कर्म करने वालों का।1
३९:७५
وَتَرَى और आप देखेंगे watarā
और आप देखेंगे
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को
حَآفِّينَ घेरा डाले हुए ḥāffīna
घेरा डाले हुए
مِنْ [from] min
[from]
حَوْلِ इर्द-गिर्द ḥawli
इर्द-गिर्द
ٱلْعَرْشِ अर्श के l-ʿarshi
अर्श के
يُسَبِّحُونَ वो तस्बीह कर रहे होंगे yusabbiḥūna
वो तस्बीह कर रहे होंगे
بِحَمْدِ साथ तारीफ़ के biḥamdi
साथ तारीफ़ के
رَبِّهِمْ ۖ अपने रब की rabbihim
अपने रब की
وَقُضِىَ और फ़ैसला कर दिया जाएगा waquḍiya
और फ़ैसला कर दिया जाएगा
بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَقِيلَ और कह दिया जाएगा waqīla
और कह दिया जाएगा
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है
رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है
ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का
٧٥ (75)
(75)
तथा आप फ़रिश्तों को अर्श (सिंहासन) के चारों ओर से उसे घेरे हुए देखेंगे। वे अपने पालनहार की पवित्रता गान कर रहे होंगे, उसकी प्रशंसा के साथ। और लोगों के बीच सत्य के साथ निर्णय कर दिया जाएगा। तथा कह दिया जाएगा कि सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो सारे संसार का पालनहार है।1