३१
लुक़मान
لقمان
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३१:१
الٓمٓ
ا ل م
alif-lam-meem
ا ل م ١ (1)
(1)
ا ل م ١ (1)
(1)
अलिफ़, लाम, मीम।
३१:२
تِلْكَ
ये
til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ किताब l-kitābi
किताब ٱلْحَكِيمِ हिकमत वाली की l-ḥakīmi
हिकमत वाली की ٢ (2)
(2)
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ किताब l-kitābi
किताब ٱلْحَكِيمِ हिकमत वाली की l-ḥakīmi
हिकमत वाली की ٢ (2)
(2)
ये हिकमत वाली किताब की आयतें हैं।
३१:३
هُدًۭى
हिदायत
hudan
हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है لِّلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन/नेकोकारों के लिए lil'muḥ'sinīna
मोहसिनीन/नेकोकारों के लिए ٣ (3)
(3)
हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है لِّلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन/नेकोकारों के लिए lil'muḥ'sinīna
मोहसिनीन/नेकोकारों के लिए ٣ (3)
(3)
नेकी करने वालों के लिए मार्गदर्शन तथा दया है।
३१:४
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर هُمْ वो hum
वो يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
वो यक़ीन रखते हैं ٤ (4)
(4)
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर هُمْ वो hum
वो يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
वो यक़ीन रखते हैं ٤ (4)
(4)
जो नमाज़ क़ायम करते तथा ज़कात देते हैं और वही हैं, जो आख़िरत (परलोक) पर विश्वास रखते हैं।
३१:५
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on هُدًۭى हिदायत पर hudan
हिदायत पर مِّن from min
from رَّبِّهِمْ ۖ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٥ (5)
(5)
यही लोग हैं عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on هُدًۭى हिदायत पर hudan
हिदायत पर مِّن from min
from رَّبِّهِمْ ۖ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٥ (5)
(5)
यही लोग अपने पालनहार की ओर से मार्गदर्शन पर हैं तथा यही लोग सफल होने वाले हैं।
३१:६
وَمِنَ
And of
wamina
And of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يَشْتَرِى ख़रीदता है yashtarī
ख़रीदता है لَهْوَ खेल तमाशा (वाली) lahwa
खेल तमाशा (वाली) ٱلْحَدِيثِ बात l-ḥadīthi
बात لِيُضِلَّ ताकि वो भटकाए liyuḍilla
ताकि वो भटकाए عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) path sabīli
(the) path ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ इल्म के ʿil'min
इल्म के وَيَتَّخِذَهَا और वो बनाता है उसे wayattakhidhahā
और वो बनाता है उसे هُزُوًا ۚ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ ज़लील करने वाला muhīnun
ज़लील करने वाला ٦ (6)
(6)
And of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يَشْتَرِى ख़रीदता है yashtarī
ख़रीदता है لَهْوَ खेल तमाशा (वाली) lahwa
खेल तमाशा (वाली) ٱلْحَدِيثِ बात l-ḥadīthi
बात لِيُضِلَّ ताकि वो भटकाए liyuḍilla
ताकि वो भटकाए عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) path sabīli
(the) path ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ इल्म के ʿil'min
इल्म के وَيَتَّخِذَهَا और वो बनाता है उसे wayattakhidhahā
और वो बनाता है उसे هُزُوًا ۚ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ ज़लील करने वाला muhīnun
ज़लील करने वाला ٦ (6)
(6)
तथा लोगों में कोई ऐसा (भी) है, जो असावधान करने वाली बात1 खरीदता है, ताकि बिना ज्ञान के (लोगों को) अल्लाह के मार्ग (इस्लाम) से गुमराह करे और अल्लाह की आयतों का उपहास करे। यही लोग हैं, जिनके लिए अपमानकारी यातना है।
३१:७
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी وَلَّىٰ वो मुँह मोड़ लेता है wallā
वो मुँह मोड़ लेता है مُسْتَكْبِرًۭا तकब्बुर करते हुए mus'takbiran
तकब्बुर करते हुए كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَسْمَعْهَا उसने सुना उन्हें yasmaʿhā
उसने सुना उन्हें كَأَنَّ गोया कि ka-anna
गोया कि فِىٓ in fī
in أُذُنَيْهِ उसके दोनों कानों में udhunayhi
उसके दोनों कानों में وَقْرًۭا ۖ कोई बोझ है waqran
कोई बोझ है فَبَشِّرْهُ तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे fabashir'hu
तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٧ (7)
(7)
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी وَلَّىٰ वो मुँह मोड़ लेता है wallā
वो मुँह मोड़ लेता है مُسْتَكْبِرًۭا तकब्बुर करते हुए mus'takbiran
तकब्बुर करते हुए كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَسْمَعْهَا उसने सुना उन्हें yasmaʿhā
उसने सुना उन्हें كَأَنَّ गोया कि ka-anna
गोया कि فِىٓ in fī
in أُذُنَيْهِ उसके दोनों कानों में udhunayhi
उसके दोनों कानों में وَقْرًۭا ۖ कोई बोझ है waqran
कोई बोझ है فَبَشِّرْهُ तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे fabashir'hu
तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٧ (7)
(7)
और जब उसके समक्ष हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं, तो घमंड करते हुए मुँह फेर लेता है, जैसे उसने उन्हें सुना ही नहीं, मानो उसके दोनों कानों में बहरापन है। तो आप उसे दुःखदायी यातना की शुभसूचना दे दें।
३१:८
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात हैं jannātu
बाग़ात हैं ٱلنَّعِيمِ नेअमतों वाले l-naʿīmi
नेअमतों वाले ٨ (8)
(8)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात हैं jannātu
बाग़ात हैं ٱلنَّعِيمِ नेअमतों वाले l-naʿīmi
नेअमतों वाले ٨ (8)
(8)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने अच्छे कर्म किए, उनके लिए नेमत के बाग़ हैं।
३१:९
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۖ उनमें fīhā
उनमें وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقًّۭا ۚ सच्चा ḥaqqan
सच्चा وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٩ (9)
(9)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۖ उनमें fīhā
उनमें وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقًّۭا ۚ सच्चा ḥaqqan
सच्चा وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٩ (9)
(9)
वे उनमें सदैव रहेंगे। यह अल्लाह का सच्चा वादा है। और वह अत्यंत प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३१:१०
خَلَقَ
उसने पैदा किया
khalaqa
उसने पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عَمَدٍۢ सुतूनों के ʿamadin
सुतूनों के تَرَوْنَهَا ۖ तुम देखते हो उन्हें tarawnahā
तुम देखते हो उन्हें وَأَلْقَىٰ और उसने डाल दिए wa-alqā
और उसने डाल दिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में رَوَٰسِىَ पहाड़ rawāsiya
पहाड़ أَن कि an
कि تَمِيدَ ना वो ढुलक जाए tamīda
ना वो ढुलक जाए بِكُمْ तुम्हें लेकर bikum
तुम्हें लेकर وَبَثَّ और उसने फैला दिए wabatha
और उसने फैला दिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن from min
from كُلِّ हर क़िस्म के kulli
हर क़िस्म के دَآبَّةٍۢ ۚ जानदार dābbatin
जानदार وَأَنزَلْنَا और उतारा हमने wa-anzalnā
और उतारा हमने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَنۢبَتْنَا फिर उगाए हमने fa-anbatnā
फिर उगाए हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن of min
of كُلِّ हर क़िस्म के kulli
हर क़िस्म के زَوْجٍۢ जोड़े zawjin
जोड़े كَرِيمٍ उमदा karīmin
उमदा ١٠ (10)
(10)
उसने पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عَمَدٍۢ सुतूनों के ʿamadin
सुतूनों के تَرَوْنَهَا ۖ तुम देखते हो उन्हें tarawnahā
तुम देखते हो उन्हें وَأَلْقَىٰ और उसने डाल दिए wa-alqā
और उसने डाल दिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में رَوَٰسِىَ पहाड़ rawāsiya
पहाड़ أَن कि an
कि تَمِيدَ ना वो ढुलक जाए tamīda
ना वो ढुलक जाए بِكُمْ तुम्हें लेकर bikum
तुम्हें लेकर وَبَثَّ और उसने फैला दिए wabatha
और उसने फैला दिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن from min
from كُلِّ हर क़िस्म के kulli
हर क़िस्म के دَآبَّةٍۢ ۚ जानदार dābbatin
जानदार وَأَنزَلْنَا और उतारा हमने wa-anzalnā
और उतारा हमने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَنۢبَتْنَا फिर उगाए हमने fa-anbatnā
फिर उगाए हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن of min
of كُلِّ हर क़िस्म के kulli
हर क़िस्म के زَوْجٍۢ जोड़े zawjin
जोड़े كَرِيمٍ उमदा karīmin
उमदा ١٠ (10)
(10)
उसने आकाशों को बिना स्तंभों के पैदा किया, जिन्हें तुम देखते हो। और धरती में पर्वत डाल दिए, ताकि वह तुम्हें लेकर हिलने-डुलने न लगे। और उसके ऊपर हर प्रकार के जीव फैला दिए। तथा हमने आकाश से पानी उतारा, फिर उसमें हर तरह की अच्छी क़िस्म उगाई।
३१:११
هَـٰذَا
ये है
hādhā
ये है خَلْقُ तख़लीक़ khalqu
तख़लीक़ ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَأَرُونِى तो दिखाओ मुझे fa-arūnī
तो दिखाओ मुझे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ ۚ उसके सिवा हैं dūnihi
उसके सिवा हैं بَلِ बल्कि bali
बल्कि ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग فِى (are) in fī
(are) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में हैं ḍalālin
गुमराही में हैं مُّبِينٍۢ खुली-खुली mubīnin
खुली-खुली ١١ (11)
(11)
ये है خَلْقُ तख़लीक़ khalqu
तख़लीक़ ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَأَرُونِى तो दिखाओ मुझे fa-arūnī
तो दिखाओ मुझे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ ۚ उसके सिवा हैं dūnihi
उसके सिवा हैं بَلِ बल्कि bali
बल्कि ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग فِى (are) in fī
(are) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में हैं ḍalālin
गुमराही में हैं مُّبِينٍۢ खुली-खुली mubīnin
खुली-खुली ١١ (11)
(11)
यह अल्लाह की उत्पत्ति है। तो तुम मुझे दिखाओ कि उन लोगों ने जो उसके अतिरिक्त हैं, क्या पैदा किया है? बल्कि अत्याचारी लोग खुली गुमराही में हैं।
३१:१२
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने لُقْمَـٰنَ लुक़्मान को luq'māna
लुक़्मान को ٱلْحِكْمَةَ हिकमत l-ḥik'mata
हिकमत أَنِ ये कि ani
ये कि ٱشْكُرْ शुक्र करो ush'kur
शुक्र करो لِلَّهِ ۚ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَمَن और जो waman
और जो يَشْكُرْ शुक्र करे yashkur
शुक्र करे فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَشْكُرُ वो शुक्र करता है yashkuru
वो शुक्र करता है لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने ही नफ़्स के लिए linafsihi
अपने ही नफ़्स के लिए وَمَن और जो waman
और जो كَفَرَ नाशुक्री करे kafara
नाशुक्री करे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है حَمِيدٌۭ ख़ूब तारीफ़ वाला है ḥamīdun
ख़ूब तारीफ़ वाला है ١٢ (12)
(12)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने لُقْمَـٰنَ लुक़्मान को luq'māna
लुक़्मान को ٱلْحِكْمَةَ हिकमत l-ḥik'mata
हिकमत أَنِ ये कि ani
ये कि ٱشْكُرْ शुक्र करो ush'kur
शुक्र करो لِلَّهِ ۚ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَمَن और जो waman
और जो يَشْكُرْ शुक्र करे yashkur
शुक्र करे فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَشْكُرُ वो शुक्र करता है yashkuru
वो शुक्र करता है لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने ही नफ़्स के लिए linafsihi
अपने ही नफ़्स के लिए وَمَن और जो waman
और जो كَفَرَ नाशुक्री करे kafara
नाशुक्री करे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है حَمِيدٌۭ ख़ूब तारीफ़ वाला है ḥamīdun
ख़ूब तारीफ़ वाला है ١٢ (12)
(12)
और हमने लुक़मान को प्रबोध (हिकमत) प्रदान किया था कि अल्लाह के प्रति आभार प्रकट करो, तथा जो आभार प्रकट करता है, वह अपने ही (लाभ के) लिए आभार प्रकट करता है, और जो कृतघ्नता दिखाए, तो निश्चय अल्लाह बेनियाज़, सराहनीय है।
३१:१३
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा لُقْمَـٰنُ लुक़्मान ने luq'mānu
लुक़्मान ने لِٱبْنِهِۦ अपने बेटे से li-ib'nihi
अपने बेटे से وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो يَعِظُهُۥ वो नसीहत कर रहा था उसे yaʿiẓuhu
वो नसीहत कर रहा था उसे يَـٰبُنَىَّ ऐ मेरे बेटे yābunayya
ऐ मेरे बेटे لَا (Do) not lā
(Do) not تُشْرِكْ ना तू शरीक ठहरा tush'rik
ना तू शरीक ठहरा بِٱللَّهِ ۖ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشِّرْكَ शिर्क l-shir'ka
शिर्क لَظُلْمٌ यक़ीनन ज़ुल्म है laẓul'mun
यक़ीनन ज़ुल्म है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٣ (13)
(13)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा لُقْمَـٰنُ लुक़्मान ने luq'mānu
लुक़्मान ने لِٱبْنِهِۦ अपने बेटे से li-ib'nihi
अपने बेटे से وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो يَعِظُهُۥ वो नसीहत कर रहा था उसे yaʿiẓuhu
वो नसीहत कर रहा था उसे يَـٰبُنَىَّ ऐ मेरे बेटे yābunayya
ऐ मेरे बेटे لَا (Do) not lā
(Do) not تُشْرِكْ ना तू शरीक ठहरा tush'rik
ना तू शरीक ठहरा بِٱللَّهِ ۖ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشِّرْكَ शिर्क l-shir'ka
शिर्क لَظُلْمٌ यक़ीनन ज़ुल्म है laẓul'mun
यक़ीनन ज़ुल्म है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٣ (13)
(13)
तथा (याद करो) जब लुक़मान ने अपने बेटे से कहा, जबकि वह उसे समझा रहा था : ऐ मेरे बेटे! अल्लाह के साथ किसी को साझी न ठहराना। निःसंदेह शिर्क महा अत्याचार1 है।
३१:१४
وَوَصَّيْنَا
और ताकीद की हमने
wawaṣṣaynā
और ताकीद की हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को بِوَٰلِدَيْهِ साथ अपने वालिदैन के(एहसान की) biwālidayhi
साथ अपने वालिदैन के(एहसान की) حَمَلَتْهُ उठाया उसको ḥamalathu
उठाया उसको أُمُّهُۥ उसकी माँ ने ummuhu
उसकी माँ ने وَهْنًا (in) weakness wahnan
(in) weakness عَلَىٰ upon ʿalā
upon وَهْنٍۢ कमज़ोरी पर कमज़ोरी(सहते हुए) wahnin
कमज़ोरी पर कमज़ोरी(सहते हुए) وَفِصَـٰلُهُۥ और दूध छुड़ाना हुआ उसका wafiṣāluhu
और दूध छुड़ाना हुआ उसका فِى (is) in fī
(is) in عَامَيْنِ दो साल में ʿāmayni
दो साल में أَنِ कि ani
कि ٱشْكُرْ शुक्र करो ush'kur
शुक्र करो لِى मेरा lī
मेरा وَلِوَٰلِدَيْكَ और अपने वालिदैन का waliwālidayka
और अपने वालिदैन का إِلَىَّ तरफ़ मेरे ही ilayya
तरफ़ मेरे ही ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है ١٤ (14)
(14)
और ताकीद की हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को بِوَٰلِدَيْهِ साथ अपने वालिदैन के(एहसान की) biwālidayhi
साथ अपने वालिदैन के(एहसान की) حَمَلَتْهُ उठाया उसको ḥamalathu
उठाया उसको أُمُّهُۥ उसकी माँ ने ummuhu
उसकी माँ ने وَهْنًا (in) weakness wahnan
(in) weakness عَلَىٰ upon ʿalā
upon وَهْنٍۢ कमज़ोरी पर कमज़ोरी(सहते हुए) wahnin
कमज़ोरी पर कमज़ोरी(सहते हुए) وَفِصَـٰلُهُۥ और दूध छुड़ाना हुआ उसका wafiṣāluhu
और दूध छुड़ाना हुआ उसका فِى (is) in fī
(is) in عَامَيْنِ दो साल में ʿāmayni
दो साल में أَنِ कि ani
कि ٱشْكُرْ शुक्र करो ush'kur
शुक्र करो لِى मेरा lī
मेरा وَلِوَٰلِدَيْكَ और अपने वालिदैन का waliwālidayka
और अपने वालिदैन का إِلَىَّ तरफ़ मेरे ही ilayya
तरफ़ मेरे ही ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है ١٤ (14)
(14)
और हमने इनसान को उसके माता-पिता के संबंध में ताकीद की है, उसकी माँ ने उसे कमज़ोरी पर कमज़ोरी के बावजूद उठाए रखा और उसका दूध छुड़ाना दो वर्ष में है, कि मेरा आभार प्रकट कर और अपने माता-पिता का। मेरी ही ओर लौटकर आना है।
३१:१५
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर جَـٰهَدَاكَ दोनों कोशिश करें तुम्हारे साथ jāhadāka
दोनों कोशिश करें तुम्हारे साथ عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि تُشْرِكَ तुम शरीक करो tush'rika
तुम शरीक करो بِى मेरे साथ bī
मेरे साथ مَا उसे जो mā
उसे जो لَيْسَ नहीं laysa
नहीं لَكَ तुम्हें laka
तुम्हें بِهِۦ जिसका bihi
जिसका عِلْمٌۭ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म فَلَا तो ना falā
तो ना تُطِعْهُمَا ۖ तुम इताअत करो उन दोनों की tuṭiʿ'humā
तुम इताअत करो उन दोनों की وَصَاحِبْهُمَا और साथ रहो उन दोनों के waṣāḥib'humā
और साथ रहो उन दोनों के فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में مَعْرُوفًۭا ۖ भले तरीक़े से maʿrūfan
भले तरीक़े से وَٱتَّبِعْ और पैरवी करो wa-ittabiʿ
और पैरवी करो سَبِيلَ रास्ते की sabīla
रास्ते की مَنْ उसके जो man
उसके जो أَنَابَ रुजूअ करे anāba
रुजूअ करे إِلَىَّ ۚ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىَّ तरफ़ मेरे ही ilayya
तरफ़ मेरे ही مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَأُنَبِّئُكُم फिर मैं बताऊँगा तुम्हें fa-unabbi-ukum
फिर मैं बताऊँगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٥ (15)
(15)
और अगर جَـٰهَدَاكَ दोनों कोशिश करें तुम्हारे साथ jāhadāka
दोनों कोशिश करें तुम्हारे साथ عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि تُشْرِكَ तुम शरीक करो tush'rika
तुम शरीक करो بِى मेरे साथ bī
मेरे साथ مَا उसे जो mā
उसे जो لَيْسَ नहीं laysa
नहीं لَكَ तुम्हें laka
तुम्हें بِهِۦ जिसका bihi
जिसका عِلْمٌۭ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म فَلَا तो ना falā
तो ना تُطِعْهُمَا ۖ तुम इताअत करो उन दोनों की tuṭiʿ'humā
तुम इताअत करो उन दोनों की وَصَاحِبْهُمَا और साथ रहो उन दोनों के waṣāḥib'humā
और साथ रहो उन दोनों के فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में مَعْرُوفًۭا ۖ भले तरीक़े से maʿrūfan
भले तरीक़े से وَٱتَّبِعْ और पैरवी करो wa-ittabiʿ
और पैरवी करो سَبِيلَ रास्ते की sabīla
रास्ते की مَنْ उसके जो man
उसके जो أَنَابَ रुजूअ करे anāba
रुजूअ करे إِلَىَّ ۚ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىَّ तरफ़ मेरे ही ilayya
तरफ़ मेरे ही مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَأُنَبِّئُكُم फिर मैं बताऊँगा तुम्हें fa-unabbi-ukum
फिर मैं बताऊँगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٥ (15)
(15)
और यदि वे दोनों तुझपर दबाव डालें कि तू मेरे साथ उस चीज़ को साझी ठहराए, जिसका तुझे कोई ज्ञान नहीं, तो उन दोनों की बात मत मान1 और दुनिया में उनके साथ सुचारु रूप से रह2, तथा उसके मार्ग पर चल, जो मेरी ओर पलटता है। फिर मेरी ही ओर तुम्हें लौटकर आना है। तो मैं तुम्हें बताऊँगा, जो कुछ तुम किया करते थे।
३१:१६
يَـٰبُنَىَّ
ऐ मेरे बेटे
yābunayya
ऐ मेरे बेटे إِنَّهَآ बेशक वो innahā
बेशक वो إِن अगर in
अगर تَكُ हो वो(शै) taku
हो वो(शै) مِثْقَالَ वज़न बराबर mith'qāla
वज़न बराबर حَبَّةٍۢ दाने ḥabbatin
दाने مِّنْ of min
of خَرْدَلٍۢ राई के khardalin
राई के فَتَكُن फिर वो हो fatakun
फिर वो हो فِى in fī
in صَخْرَةٍ किसी चट्टान में ṣakhratin
किसी चट्टान में أَوْ या aw
या فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में أَوْ या aw
या فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में يَأْتِ ले आएगा yati
ले आएगा بِهَا उसे bihā
उसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَطِيفٌ बहुत बारीकबीन है laṭīfun
बहुत बारीकबीन है خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ١٦ (16)
(16)
ऐ मेरे बेटे إِنَّهَآ बेशक वो innahā
बेशक वो إِن अगर in
अगर تَكُ हो वो(शै) taku
हो वो(शै) مِثْقَالَ वज़न बराबर mith'qāla
वज़न बराबर حَبَّةٍۢ दाने ḥabbatin
दाने مِّنْ of min
of خَرْدَلٍۢ राई के khardalin
राई के فَتَكُن फिर वो हो fatakun
फिर वो हो فِى in fī
in صَخْرَةٍ किसी चट्टान में ṣakhratin
किसी चट्टान में أَوْ या aw
या فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में أَوْ या aw
या فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में يَأْتِ ले आएगा yati
ले आएगा بِهَا उसे bihā
उसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَطِيفٌ बहुत बारीकबीन है laṭīfun
बहुत बारीकबीन है خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ١٦ (16)
(16)
ऐ मेरे बेटे! निःसंदेह यदि वह (कार्य) राई के दाने के बराबर हो, फिर वह किसी पत्थर के भीतर, या आकाशों में, या धरती में हो, तो अल्लाह उसे ले आएगा।1 निःसंदेह अल्लाह अत्यंत सूक्ष्मदर्शी, पूरी ख़बर रखने वाला है।
३१:१७
يَـٰبُنَىَّ
ऐ मेरे बेटे
yābunayya
ऐ मेरे बेटे أَقِمِ क़ायम करो aqimi
क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَأْمُرْ और हुक्म दो wamur
और हुक्म दो بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَٱنْهَ और रोको wa-in'ha
और रोको عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَٱصْبِرْ और सब्र करो wa-iṣ'bir
और सब्र करो عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَآ जो mā
जो أَصَابَكَ ۖ पहुँचे तुझे aṣābaka
पहुँचे तुझे إِنَّ बेशक inna
बेशक ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है مِنْ (is) of min
(is) of عَزْمِ the matters requiring determination ʿazmi
the matters requiring determination ٱلْأُمُورِ हिम्मत के कामों में से l-umūri
हिम्मत के कामों में से ١٧ (17)
(17)
ऐ मेरे बेटे أَقِمِ क़ायम करो aqimi
क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَأْمُرْ और हुक्म दो wamur
और हुक्म दो بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَٱنْهَ और रोको wa-in'ha
और रोको عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَٱصْبِرْ और सब्र करो wa-iṣ'bir
और सब्र करो عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَآ जो mā
जो أَصَابَكَ ۖ पहुँचे तुझे aṣābaka
पहुँचे तुझे إِنَّ बेशक inna
बेशक ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है مِنْ (is) of min
(is) of عَزْمِ the matters requiring determination ʿazmi
the matters requiring determination ٱلْأُمُورِ हिम्मत के कामों में से l-umūri
हिम्मत के कामों में से ١٧ (17)
(17)
ऐ मेरे बेटे! नमाज़ क़ायम कर, भलाई का आदेश दे और बुराई से रोक, तथा जो कष्ट तुझे पहुँचे, उसपर धैर्य से काम ले। निश्चय यह अनिवार्य कामों में से है।
३१:१८
وَلَا
और ना
walā
और ना تُصَعِّرْ तुम मोड़ो tuṣaʿʿir
तुम मोड़ो خَدَّكَ अपना गाल khaddaka
अपना गाल لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से وَلَا और ना walā
और ना تَمْشِ तुम चलो tamshi
तुम चलो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَرَحًا ۖ अकड़ कर/इतरा कर maraḥan
अकड़ कर/इतरा कर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता كُلَّ हर kulla
हर مُخْتَالٍۢ ख़ुद पसंद mukh'tālin
ख़ुद पसंद فَخُورٍۢ फ़ख़्र जताने वाले को fakhūrin
फ़ख़्र जताने वाले को ١٨ (18)
(18)
और ना تُصَعِّرْ तुम मोड़ो tuṣaʿʿir
तुम मोड़ो خَدَّكَ अपना गाल khaddaka
अपना गाल لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से وَلَا और ना walā
और ना تَمْشِ तुम चलो tamshi
तुम चलो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَرَحًا ۖ अकड़ कर/इतरा कर maraḥan
अकड़ कर/इतरा कर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता كُلَّ हर kulla
हर مُخْتَالٍۢ ख़ुद पसंद mukh'tālin
ख़ुद पसंद فَخُورٍۢ फ़ख़्र जताने वाले को fakhūrin
फ़ख़्र जताने वाले को ١٨ (18)
(18)
और (घमंड के कारण) लोगों से अपना मुँह न फेर और धरती में अकड़कर न चल। निःसंदेह अल्लाह किसी अकड़ने वाले, गर्व करने वाले से प्रेम नहीं करता।1
३१:१९
وَٱقْصِدْ
और मयाना रवी इख़्तियार करो
wa-iq'ṣid
और मयाना रवी इख़्तियार करो فِى in fī
in مَشْيِكَ अपनी चाल में mashyika
अपनी चाल में وَٱغْضُضْ और पस्त रखो wa-ugh'ḍuḍ
और पस्त रखो مِن [of] min
[of] صَوْتِكَ ۚ अपनी आवाज़ को ṣawtika
अपनी आवाज़ को إِنَّ बेशक inna
बेशक أَنكَرَ सबसे ज़्यादा नापसंदीदा ankara
सबसे ज़्यादा नापसंदीदा ٱلْأَصْوَٰتِ आवाज़ों में से l-aṣwāti
आवाज़ों में से لَصَوْتُ अलबत्ता आवाज़ है laṣawtu
अलबत्ता आवाज़ है ٱلْحَمِيرِ गधे की l-ḥamīri
गधे की ١٩ (19)
(19)
और मयाना रवी इख़्तियार करो فِى in fī
in مَشْيِكَ अपनी चाल में mashyika
अपनी चाल में وَٱغْضُضْ और पस्त रखो wa-ugh'ḍuḍ
और पस्त रखो مِن [of] min
[of] صَوْتِكَ ۚ अपनी आवाज़ को ṣawtika
अपनी आवाज़ को إِنَّ बेशक inna
बेशक أَنكَرَ सबसे ज़्यादा नापसंदीदा ankara
सबसे ज़्यादा नापसंदीदा ٱلْأَصْوَٰتِ आवाज़ों में से l-aṣwāti
आवाज़ों में से لَصَوْتُ अलबत्ता आवाज़ है laṣawtu
अलबत्ता आवाज़ है ٱلْحَمِيرِ गधे की l-ḥamīri
गधे की ١٩ (19)
(19)
और अपनी चाल1 में मध्यमता रख तथा अपनी आवाज़ धीमी रख। निःसंदेह आवाज़ों में सबसे बुरी आवाज़ निश्चय गधे की आवाज़ है।
३१:२०
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَوْا۟ तुमने देखा taraw
तुमने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने سَخَّرَ मुसख़्खर किया sakhara
मुसख़्खर किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَأَسْبَغَ और उसने तमाम कर दीं wa-asbagha
और उसने तमाम कर दीं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर نِعَمَهُۥ नेअमतें अपनी niʿamahu
नेअमतें अपनी ظَـٰهِرَةًۭ ज़ाहिरी ẓāhiratan
ज़ाहिरी وَبَاطِنَةًۭ ۗ और बातिनी wabāṭinatan
और बातिनी وَمِنَ But of wamina
But of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يُجَـٰدِلُ झगड़ता है yujādilu
झगड़ता है فِى about fī
about ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ इल्म के ʿil'min
इल्म के وَلَا और बग़ैर walā
और बग़ैर هُدًۭى हिदायत के hudan
हिदायत के وَلَا और बग़ैर walā
और बग़ैर كِتَـٰبٍۢ किताबे kitābin
किताबे مُّنِيرٍۢ रौशन के munīrin
रौशन के ٢٠ (20)
(20)
क्या नहीं تَرَوْا۟ तुमने देखा taraw
तुमने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने سَخَّرَ मुसख़्खर किया sakhara
मुसख़्खर किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَأَسْبَغَ और उसने तमाम कर दीं wa-asbagha
और उसने तमाम कर दीं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर نِعَمَهُۥ नेअमतें अपनी niʿamahu
नेअमतें अपनी ظَـٰهِرَةًۭ ज़ाहिरी ẓāhiratan
ज़ाहिरी وَبَاطِنَةًۭ ۗ और बातिनी wabāṭinatan
और बातिनी وَمِنَ But of wamina
But of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يُجَـٰدِلُ झगड़ता है yujādilu
झगड़ता है فِى about fī
about ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ इल्म के ʿil'min
इल्म के وَلَا और बग़ैर walā
और बग़ैर هُدًۭى हिदायत के hudan
हिदायत के وَلَا और बग़ैर walā
और बग़ैर كِتَـٰبٍۢ किताबे kitābin
किताबे مُّنِيرٍۢ रौशन के munīrin
रौशन के ٢٠ (20)
(20)
क्या तुमने नहीं देखा कि अल्लाह ने, जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, सबको तुम्हारे लिए वशीभूत1 कर दिया है, तथा तुमपर अपनी खुली तथा छिपी नेमतें पूर्ण कर दी हैं?! और कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अल्लाह के विषय2 में बिना किसी ज्ञान, बिना किसी मार्गदर्शन और बिना किसी रोशन पुस्तक के विवाद करते हैं।
३१:२१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱتَّبِعُوا۟ पैरवी करो ittabiʿū
पैरवी करो مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि نَتَّبِعُ हम पैरवी करेंगे nattabiʿu
हम पैरवी करेंगे مَا उसकी जो mā
उसकी जो وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَابَآءَنَآ ۚ अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को أَوَلَوْ क्या भला अगर awalaw
क्या भला अगर كَانَ हो kāna
हो ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान يَدْعُوهُمْ वो बुलाता उन्हें yadʿūhum
वो बुलाता उन्हें إِلَىٰ to ilā
to عَذَابِ तरफ़ अज़ाब के ʿadhābi
तरफ़ अज़ाब के ٱلسَّعِيرِ भड़कती हुई आग के l-saʿīri
भड़कती हुई आग के ٢١ (21)
(21)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱتَّبِعُوا۟ पैरवी करो ittabiʿū
पैरवी करो مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि نَتَّبِعُ हम पैरवी करेंगे nattabiʿu
हम पैरवी करेंगे مَا उसकी जो mā
उसकी जो وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَابَآءَنَآ ۚ अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को أَوَلَوْ क्या भला अगर awalaw
क्या भला अगर كَانَ हो kāna
हो ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान يَدْعُوهُمْ वो बुलाता उन्हें yadʿūhum
वो बुलाता उन्हें إِلَىٰ to ilā
to عَذَابِ तरफ़ अज़ाब के ʿadhābi
तरफ़ अज़ाब के ٱلسَّعِيرِ भड़कती हुई आग के l-saʿīri
भड़कती हुई आग के ٢١ (21)
(21)
और जब उनसे कहा जाता है कि अल्लाह ने जो (क़ुरआन) उतारा है, उसका अनुसरण करो, तो कहते हैं कि हम तो उसी रास्ते पर चलेंगे, जिसपर अपने पूर्वजों को पाया है। क्या अगरचे शैतान उन्हें धधकती आग की यातना की ओर बुला रहा हो तो भी?
३१:२२
۞ وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يُسْلِمْ सुपुर्द कर दे yus'lim
सुपुर्द कर दे وَجْهَهُۥٓ चेहरा अपना wajhahu
चेहरा अपना إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُحْسِنٌۭ मोहसिन भी हो muḥ'sinun
मोहसिन भी हो فَقَدِ तो यक़ीनन faqadi
तो यक़ीनन ٱسْتَمْسَكَ उसने थाम लिया is'tamsaka
उसने थाम लिया بِٱلْعُرْوَةِ कड़ा bil-ʿur'wati
कड़ा ٱلْوُثْقَىٰ ۗ मज़बूत l-wuth'qā
मज़बूत وَإِلَى And to wa-ilā
And to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के عَـٰقِبَةُ अंजाम है ʿāqibatu
अंजाम है ٱلْأُمُورِ सब कामों का l-umūri
सब कामों का ٢٢ (22)
(22)
और जो कोई يُسْلِمْ सुपुर्द कर दे yus'lim
सुपुर्द कर दे وَجْهَهُۥٓ चेहरा अपना wajhahu
चेहरा अपना إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُحْسِنٌۭ मोहसिन भी हो muḥ'sinun
मोहसिन भी हो فَقَدِ तो यक़ीनन faqadi
तो यक़ीनन ٱسْتَمْسَكَ उसने थाम लिया is'tamsaka
उसने थाम लिया بِٱلْعُرْوَةِ कड़ा bil-ʿur'wati
कड़ा ٱلْوُثْقَىٰ ۗ मज़बूत l-wuth'qā
मज़बूत وَإِلَى And to wa-ilā
And to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के عَـٰقِبَةُ अंजाम है ʿāqibatu
अंजाम है ٱلْأُمُورِ सब कामों का l-umūri
सब कामों का ٢٢ (22)
(22)
और जो व्यक्ति अपना चेहरा अल्लाह की ओर झुका दे (समर्पित कर दे) और वह सत्कर्मी भी हो, तो उसने मज़बूत कड़ा थाम लिया। और समस्त कार्यों का परिणम अल्लाह ही की ओर है।
३१:२३
وَمَن
और जिसने
waman
और जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया فَلَا पस ना falā
पस ना يَحْزُنكَ ग़मगीन करे आपको yaḥzunka
ग़मगीन करे आपको كُفْرُهُۥٓ ۚ कुफ़्र उसका kuf'ruhu
कुफ़्र उसका إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ही ilaynā
तरफ़ हमारे ही مَرْجِعُهُمْ लौटना है उनका marjiʿuhum
लौटना है उनका فَنُنَبِّئُهُم फिर हम बताऐंगे उन्हें fanunabbi-uhum
फिर हम बताऐंगे उन्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो عَمِلُوٓا۟ ۚ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों के (भेद) l-ṣudūri
सीनों के (भेद) ٢٣ (23)
(23)
और जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया فَلَا पस ना falā
पस ना يَحْزُنكَ ग़मगीन करे आपको yaḥzunka
ग़मगीन करे आपको كُفْرُهُۥٓ ۚ कुफ़्र उसका kuf'ruhu
कुफ़्र उसका إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ही ilaynā
तरफ़ हमारे ही مَرْجِعُهُمْ लौटना है उनका marjiʿuhum
लौटना है उनका فَنُنَبِّئُهُم फिर हम बताऐंगे उन्हें fanunabbi-uhum
फिर हम बताऐंगे उन्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो عَمِلُوٓا۟ ۚ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों के (भेद) l-ṣudūri
सीनों के (भेद) ٢٣ (23)
(23)
तथा जिसने कुफ़्र किया, उसका कुफ़्र आपको शोकाकुल न करे। हमारी ही ओर उन्हें लौटकर आना है, फिर हम उन्हें बताएँगे, जो कुछ उन्होंने किया। निःसंदेह अल्लाह दिलों के भेदों को ख़ूब जानने वाला है।
३१:२४
نُمَتِّعُهُمْ
हम फ़ायदा देंगे उन्हें
numattiʿuhum
हम फ़ायदा देंगे उन्हें قَلِيلًۭا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ثُمَّ फिर thumma
फिर نَضْطَرُّهُمْ हम मजबूर करेंगे उन्हें naḍṭarruhum
हम मजबूर करेंगे उन्हें إِلَىٰ to ilā
to عَذَابٍ तरफ़ अज़ाब ʿadhābin
तरफ़ अज़ाब غَلِيظٍۢ सख़्त के ghalīẓin
सख़्त के ٢٤ (24)
(24)
हम फ़ायदा देंगे उन्हें قَلِيلًۭا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ثُمَّ फिर thumma
फिर نَضْطَرُّهُمْ हम मजबूर करेंगे उन्हें naḍṭarruhum
हम मजबूर करेंगे उन्हें إِلَىٰ to ilā
to عَذَابٍ तरफ़ अज़ाब ʿadhābin
तरफ़ अज़ाब غَلِيظٍۢ सख़्त के ghalīẓin
सख़्त के ٢٤ (24)
(24)
हम उन्हें थोड़े समय1 के लिए आनंद देंगे, फिर हम उन्हें कठोर यातना के लिए बाध्य करेंगे।
३१:२५
وَلَئِن
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर سَأَلْتَهُم पूछें आप उनसे sa-altahum
पूछें आप उनसे مَّنْ किसने man
किसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ वो इल्म नहीं रखते yaʿlamūna
वो इल्म नहीं रखते ٢٥ (25)
(25)
और अलबत्ता अगर سَأَلْتَهُم पूछें आप उनसे sa-altahum
पूछें आप उनसे مَّنْ किसने man
किसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ वो इल्म नहीं रखते yaʿlamūna
वो इल्म नहीं रखते ٢٥ (25)
(25)
और यदि आप उनसे प्रश्न करें कि आकाशों और धरती को किसने पैदा किया? तो वे अवश्य कहेंगे कि अल्लाह ने। आप कह दें कि सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, बल्कि उनमें अधिकतर नहीं जानते।1
३१:२६
لِلَّهِ
अल्लाह ही के लिए है
lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْغَنِىُّ बहुत बेनियाज़ l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़ ٱلْحَمِيدُ ख़ूब तारीफ़ वाला l-ḥamīdu
ख़ूब तारीफ़ वाला ٢٦ (26)
(26)
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْغَنِىُّ बहुत बेनियाज़ l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़ ٱلْحَمِيدُ ख़ूब तारीफ़ वाला l-ḥamīdu
ख़ूब तारीफ़ वाला ٢٦ (26)
(26)
आकाशों और धरती में जो कुछ है, अल्लाह ही का है। निःसंदेह अल्लाह सबसे बेनियाज़, सभी प्रशंसा के योग्य है।
३१:२७
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّمَا बेशक जो भी annamā
बेशक जो भी فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مِن of min
of شَجَرَةٍ दरख़्त हैं shajaratin
दरख़्त हैं أَقْلَـٰمٌۭ क़लमें हों aqlāmun
क़लमें हों وَٱلْبَحْرُ और समुन्दर (स्याही हो) wal-baḥru
और समुन्दर (स्याही हो) يَمُدُّهُۥ बढ़ाऐं उसको yamudduhu
बढ़ाऐं उसको مِنۢ after it min
after it بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके سَبْعَةُ सात sabʿatu
सात أَبْحُرٍۢ (और) समुन्दर abḥurin
(और) समुन्दर مَّا ना mā
ना نَفِدَتْ ख़त्म होंगे nafidat
ख़त्म होंगे كَلِمَـٰتُ कलिमात kalimātu
कलिमात ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٧ (27)
(27)
और अगर أَنَّمَا बेशक जो भी annamā
बेशक जो भी فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مِن of min
of شَجَرَةٍ दरख़्त हैं shajaratin
दरख़्त हैं أَقْلَـٰمٌۭ क़लमें हों aqlāmun
क़लमें हों وَٱلْبَحْرُ और समुन्दर (स्याही हो) wal-baḥru
और समुन्दर (स्याही हो) يَمُدُّهُۥ बढ़ाऐं उसको yamudduhu
बढ़ाऐं उसको مِنۢ after it min
after it بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके سَبْعَةُ सात sabʿatu
सात أَبْحُرٍۢ (और) समुन्दर abḥurin
(और) समुन्दर مَّا ना mā
ना نَفِدَتْ ख़त्म होंगे nafidat
ख़त्म होंगे كَلِمَـٰتُ कलिमात kalimātu
कलिमात ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٧ (27)
(27)
और यदि धरती में जितने वृक्ष हैं, सब क़लम बन जाएँ तथा समुद्र उसकी स्याही हो जाए, जिसके बाद सात समुद्र और हों, तो भी अल्लाह के शब्द समाप्त नहीं होंगे। निःसंदेह अल्लाह अत्यंत प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३१:२८
مَّا
नहीं
mā
नहीं خَلْقُكُمْ पैदा करना तुम्हारा khalqukum
पैदा करना तुम्हारा وَلَا और ना walā
और ना بَعْثُكُمْ दोबारा उठना तुम्हारा baʿthukum
दोबारा उठना तुम्हारा إِلَّا मगर illā
मगर كَنَفْسٍۢ as a soul kanafsin
as a soul وَٰحِدَةٍ ۗ एक जान की तरह wāḥidatin
एक जान की तरह إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌۢ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٨ (28)
(28)
नहीं خَلْقُكُمْ पैदा करना तुम्हारा khalqukum
पैदा करना तुम्हारा وَلَا और ना walā
और ना بَعْثُكُمْ दोबारा उठना तुम्हारा baʿthukum
दोबारा उठना तुम्हारा إِلَّا मगर illā
मगर كَنَفْسٍۢ as a soul kanafsin
as a soul وَٰحِدَةٍ ۗ एक जान की तरह wāḥidatin
एक जान की तरह إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌۢ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٨ (28)
(28)
तुम्हें पैदा करना और पुनः जीवित करके उठाना केवल एक प्राण के समान1 है। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है।
३१:२९
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُولِجُ वो दाख़िल करता है yūliju
वो दाख़िल करता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को فِى into fī
into ٱلنَّهَارِ दिन में l-nahāri
दिन में وَيُولِجُ और वो दाख़िल करता है wayūliju
और वो दाख़िल करता है ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को فِى into fī
into ٱلَّيْلِ रात में al-layli
रात में وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र कर दिया wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र कर दिया ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को كُلٌّۭ हर एक kullun
हर एक يَجْرِىٓ चल रहा है yajrī
चल रहा है إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ a term ajalin
a term مُّسَمًّۭى एक मुक़र्रर वक़्त तक musamman
एक मुक़र्रर वक़्त तक وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ٢٩ (29)
(29)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُولِجُ वो दाख़िल करता है yūliju
वो दाख़िल करता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को فِى into fī
into ٱلنَّهَارِ दिन में l-nahāri
दिन में وَيُولِجُ और वो दाख़िल करता है wayūliju
और वो दाख़िल करता है ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को فِى into fī
into ٱلَّيْلِ रात में al-layli
रात में وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र कर दिया wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र कर दिया ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को كُلٌّۭ हर एक kullun
हर एक يَجْرِىٓ चल रहा है yajrī
चल रहा है إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ a term ajalin
a term مُّسَمًّۭى एक मुक़र्रर वक़्त तक musamman
एक मुक़र्रर वक़्त तक وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ٢٩ (29)
(29)
क्या तुमने नहीं देखा1 कि अल्लाह रात को दिन में दाखिल करता है और दिन को रात में दाखिल2 करता है, तथा सूर्य और चाँद को वशीभूत कर दिया है, हर एक एक निर्धारित समय तक चल रहा है। और तुम जो कुछ कर रहे हो, अल्लाह उससे भली-भाँति अवगत है।
३१:३०
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِأَنَّ बवजह उसके कि bi-anna
बवजह उसके कि ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक مَا जिसे mā
जिसे يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن besides Him min
besides Him دُونِهِ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ٱلْبَـٰطِلُ बातिल है l-bāṭilu
बातिल है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْعَلِىُّ बुलन्दतर l-ʿaliyu
बुलन्दतर ٱلْكَبِيرُ बहुत बड़ा l-kabīru
बहुत बड़ा ٣٠ (30)
(30)
ये بِأَنَّ बवजह उसके कि bi-anna
बवजह उसके कि ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक مَا जिसे mā
जिसे يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن besides Him min
besides Him دُونِهِ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ٱلْبَـٰطِلُ बातिल है l-bāṭilu
बातिल है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْعَلِىُّ बुलन्दतर l-ʿaliyu
बुलन्दतर ٱلْكَبِيرُ बहुत बड़ा l-kabīru
बहुत बड़ा ٣٠ (30)
(30)
यह इसलिए है कि अल्लाह ही सत्य है, और यह कि उसके सिवा जिसे वेे पुकारते हैं, वह असत्य है, और यह कि अल्लाह ही सर्वोच्च, सबसे महान है।
३१:३१
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلْفُلْكَ कश्तियाँ l-ful'ka
कश्तियाँ تَجْرِى चलती हैं tajrī
चलती हैं فِى through fī
through ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में بِنِعْمَتِ साथ नेअमत के biniʿ'mati
साथ नेअमत के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لِيُرِيَكُم ताकि वो दिखाए तुम्हें liyuriyakum
ताकि वो दिखाए तुम्हें مِّنْ of min
of ءَايَـٰتِهِۦٓ ۚ अपनी निशानियों में से āyātihi
अपनी निशानियों में से إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर صَبَّارٍۢ बहुत सब्र करने वाले ṣabbārin
बहुत सब्र करने वाले شَكُورٍۢ बहुत शुक्र गुज़ार के shakūrin
बहुत शुक्र गुज़ार के ٣١ (31)
(31)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلْفُلْكَ कश्तियाँ l-ful'ka
कश्तियाँ تَجْرِى चलती हैं tajrī
चलती हैं فِى through fī
through ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में بِنِعْمَتِ साथ नेअमत के biniʿ'mati
साथ नेअमत के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لِيُرِيَكُم ताकि वो दिखाए तुम्हें liyuriyakum
ताकि वो दिखाए तुम्हें مِّنْ of min
of ءَايَـٰتِهِۦٓ ۚ अपनी निशानियों में से āyātihi
अपनी निशानियों में से إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर صَبَّارٍۢ बहुत सब्र करने वाले ṣabbārin
बहुत सब्र करने वाले شَكُورٍۢ बहुत शुक्र गुज़ार के shakūrin
बहुत शुक्र गुज़ार के ٣١ (31)
(31)
क्या तुमने नहीं देखा कि नाव समुद्र में अल्लाह के अनुग्रह से चलती है, ताकि वह (अल्लाह) तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाए। निःसंदेह इसमें हर बड़े धैर्यवान, बड़े कृतज्ञ के लिए कई निशानियाँ हैं।
३१:३२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब غَشِيَهُم छा जाती है उन पर ghashiyahum
छा जाती है उन पर مَّوْجٌۭ एक मौज mawjun
एक मौज كَٱلظُّلَلِ सायबानों की तरह kal-ẓulali
सायबानों की तरह دَعَوُا۟ वो पुकारते हैं daʿawū
वो पुकारते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले हो कर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले हो कर لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَجَّىٰهُمْ वो निजात देता है उन्हें najjāhum
वो निजात देता है उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْبَرِّ तरफ़ ख़ुशकी के l-bari
तरफ़ ख़ुशकी के فَمِنْهُم तो उनमें से बाज़ famin'hum
तो उनमें से बाज़ مُّقْتَصِدٌۭ ۚ सीधी राह पर क़ायम रहने वाले हैं muq'taṣidun
सीधी राह पर क़ायम रहने वाले हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَجْحَدُ इन्कार करता yajḥadu
इन्कार करता بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात का biāyātinā
हमारी आयात का إِلَّا मगर illā
मगर كُلُّ हर kullu
हर خَتَّارٍۢ बहुत अहद शिकन khattārin
बहुत अहद शिकन كَفُورٍۢ इन्तिहाई नाशुक्रा kafūrin
इन्तिहाई नाशुक्रा ٣٢ (32)
(32)
और जब غَشِيَهُم छा जाती है उन पर ghashiyahum
छा जाती है उन पर مَّوْجٌۭ एक मौज mawjun
एक मौज كَٱلظُّلَلِ सायबानों की तरह kal-ẓulali
सायबानों की तरह دَعَوُا۟ वो पुकारते हैं daʿawū
वो पुकारते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले हो कर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले हो कर لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَجَّىٰهُمْ वो निजात देता है उन्हें najjāhum
वो निजात देता है उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْبَرِّ तरफ़ ख़ुशकी के l-bari
तरफ़ ख़ुशकी के فَمِنْهُم तो उनमें से बाज़ famin'hum
तो उनमें से बाज़ مُّقْتَصِدٌۭ ۚ सीधी राह पर क़ायम रहने वाले हैं muq'taṣidun
सीधी राह पर क़ायम रहने वाले हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَجْحَدُ इन्कार करता yajḥadu
इन्कार करता بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात का biāyātinā
हमारी आयात का إِلَّا मगर illā
मगर كُلُّ हर kullu
हर خَتَّارٍۢ बहुत अहद शिकन khattārin
बहुत अहद शिकन كَفُورٍۢ इन्तिहाई नाशुक्रा kafūrin
इन्तिहाई नाशुक्रा ٣٢ (32)
(32)
और जब उनपर छत्रों के समान कोई लहर छा जाती है, तो वे अल्लाह को इस हाल में पुकारते हैं कि धर्म को उसी के लिए विशुद्ध करने वाले होते हैं। फिर जब वह उन्हें सुरक्षित थल तक पहुँचा देता है, तो उनमें से कुछ ही मध्यम-मार्ग पर क़ायम रहने वाले होते हैं। और हमारी निशानियों का इनकार केवल वही व्यक्ति करता है, जो अत्यंत विश्वासघाती, अति कृतघ्न है।
३१:३३
يَـٰٓأَيُّهَا
O
yāayyuhā
O ٱلنَّاسُ ऐ लोगों l-nāsu
ऐ लोगों ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से وَٱخْشَوْا۟ और डरो wa-ikh'shaw
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से لَّا not lā
not يَجْزِى ना काम आएगा yajzī
ना काम आएगा وَالِدٌ कोई बाप wālidun
कोई बाप عَن [for] ʿan
[for] وَلَدِهِۦ अपने बच्चे के waladihi
अपने बच्चे के وَلَا और ना ही walā
और ना ही مَوْلُودٌ कोई बच्चा mawlūdun
कोई बच्चा هُوَ वो huwa
वो جَازٍ काम आने वाला है jāzin
काम आने वाला है عَن [for] ʿan
[for] وَالِدِهِۦ अपने बाप की तरफ़ से wālidihi
अपने बाप की तरफ़ से شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ ۖ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है فَلَا तो ना falā
तो ना تَغُرَّنَّكُمُ हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें taghurrannakumu
हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَلَا और ना walā
और ना يَغُرَّنَّكُم हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें yaghurrannakum
हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में ٱلْغَرُورُ बड़ा धोके बाज़ l-gharūru
बड़ा धोके बाज़ ٣٣ (33)
(33)
O ٱلنَّاسُ ऐ लोगों l-nāsu
ऐ लोगों ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से وَٱخْشَوْا۟ और डरो wa-ikh'shaw
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से لَّا not lā
not يَجْزِى ना काम आएगा yajzī
ना काम आएगा وَالِدٌ कोई बाप wālidun
कोई बाप عَن [for] ʿan
[for] وَلَدِهِۦ अपने बच्चे के waladihi
अपने बच्चे के وَلَا और ना ही walā
और ना ही مَوْلُودٌ कोई बच्चा mawlūdun
कोई बच्चा هُوَ वो huwa
वो جَازٍ काम आने वाला है jāzin
काम आने वाला है عَن [for] ʿan
[for] وَالِدِهِۦ अपने बाप की तरफ़ से wālidihi
अपने बाप की तरफ़ से شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ ۖ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है فَلَا तो ना falā
तो ना تَغُرَّنَّكُمُ हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें taghurrannakumu
हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَلَا और ना walā
और ना يَغُرَّنَّكُم हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें yaghurrannakum
हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में ٱلْغَرُورُ बड़ा धोके बाज़ l-gharūru
बड़ा धोके बाज़ ٣٣ (33)
(33)
ऐ लोगो! अपने पालनहार से डरो तथा उस दिन से डरो, जिस दिन कोई पिता अपनी संतान के काम नहीं आएगा और न कोई पुत्र अपने पिता के कुछ काम आ सकेगा।1 निःसंदेह अल्लाह का वादा सच्चा है। अतः सांसारिक जीवन तुम्हें कदापि धोखे में न रखे और न धोखेबाज़ (शैतान) तुम्हें अल्लाह के बारे में धोखा देने पाए।
३१:३४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عِندَهُۥ उसके पास ʿindahu
उसके पास عِلْمُ इल्म है ʿil'mu
इल्म है ٱلسَّاعَةِ क़यामत का l-sāʿati
क़यामत का وَيُنَزِّلُ और वो बरसाता है wayunazzilu
और वो बरसाता है ٱلْغَيْثَ बारिश को l-ghaytha
बारिश को وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْحَامِ ۖ रहमों में है l-arḥāmi
रहमों में है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَدْرِى जानता tadrī
जानता نَفْسٌۭ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स مَّاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ تَكْسِبُ वो कमाई करेगा taksibu
वो कमाई करेगा غَدًۭا ۖ कल ghadan
कल وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَدْرِى जानता tadrī
जानता نَفْسٌۢ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स بِأَىِّ कि किस bi-ayyi
कि किस أَرْضٍۢ ज़मीन पर arḍin
ज़मीन पर تَمُوتُ ۚ वो मरेगा tamūtu
वो मरेगा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है خَبِيرٌۢ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ٣٤ (34)
(34)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عِندَهُۥ उसके पास ʿindahu
उसके पास عِلْمُ इल्म है ʿil'mu
इल्म है ٱلسَّاعَةِ क़यामत का l-sāʿati
क़यामत का وَيُنَزِّلُ और वो बरसाता है wayunazzilu
और वो बरसाता है ٱلْغَيْثَ बारिश को l-ghaytha
बारिश को وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْحَامِ ۖ रहमों में है l-arḥāmi
रहमों में है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَدْرِى जानता tadrī
जानता نَفْسٌۭ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स مَّاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ تَكْسِبُ वो कमाई करेगा taksibu
वो कमाई करेगा غَدًۭا ۖ कल ghadan
कल وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَدْرِى जानता tadrī
जानता نَفْسٌۢ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स بِأَىِّ कि किस bi-ayyi
कि किस أَرْضٍۢ ज़मीन पर arḍin
ज़मीन पर تَمُوتُ ۚ वो मरेगा tamūtu
वो मरेगा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है خَبِيرٌۢ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ٣٤ (34)
(34)
निःसंदेह अल्लाह ही के पास क़ियामत का ज्ञान1 है और वही वर्षा उतारता है, और वह जानता है जो कुछ गर्भाशयों में है, और कोई प्राणी नहीं जानता कि वह कल क्या कमाएगा, और कोई प्राणी नहीं जानता कि वह किस धरती में मरेगा। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला, हर चीज़ की ख़बर रखने वाला है।