३२
अस-सजदा
السجدة
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३२:१
الٓمٓ
ا ل م
alif-lam-meem
ا ل م ١ (1)
(1)
ا ل م ١ (1)
(1)
अलिफ़, लाम, मीम।
३२:२
تَنزِيلُ
नाज़िल करना है
tanzīlu
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ इसमें fīhi
इसमें مِن from min
from رَّبِّ रब की तरफ़ से है rabbi
रब की तरफ़ से है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٢ (2)
(2)
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ इसमें fīhi
इसमें مِن from min
from رَّبِّ रब की तरफ़ से है rabbi
रब की तरफ़ से है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٢ (2)
(2)
इस पुस्तक का अवतरण, जिसमें कोई संदेह नहीं, पूरे संसार के पालनहार की ओर से है।
३२:३
أَمْ
क्या
am
क्या يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ٱفْتَرَىٰهُ ۚ उसने घड़ लिया उसे if'tarāhu
उसने घड़ लिया उसे بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ वो huwa
वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لِتُنذِرَ ताकि आप डराऐं litundhira
ताकि आप डराऐं قَوْمًۭا उस क़ौम को qawman
उस क़ौम को مَّآ नहीं mā
नहीं أَتَىٰهُم आया उनके पास atāhum
आया उनके पास مِّن any min
any نَّذِيرٍۢ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَهْتَدُونَ वो हिदायत पा जाऐं yahtadūna
वो हिदायत पा जाऐं ٣ (3)
(3)
क्या يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ٱفْتَرَىٰهُ ۚ उसने घड़ लिया उसे if'tarāhu
उसने घड़ लिया उसे بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ वो huwa
वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لِتُنذِرَ ताकि आप डराऐं litundhira
ताकि आप डराऐं قَوْمًۭا उस क़ौम को qawman
उस क़ौम को مَّآ नहीं mā
नहीं أَتَىٰهُم आया उनके पास atāhum
आया उनके पास مِّن any min
any نَّذِيرٍۢ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَهْتَدُونَ वो हिदायत पा जाऐं yahtadūna
वो हिदायत पा जाऐं ٣ (3)
(3)
क्या वे कहते हैं कि उसने इसे स्वयं गढ़ लिया है? बल्कि वही आपके पालनहार की ओर से सत्य है, ताकि आप उन लोगों को सावधान करें, जिनके1 पास आपसे पहले कोई सावधान करने वाला नहीं आया। ताकि वे सीधी राह पर आ जाएँ।
३२:४
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ بَيْنَهُمَا दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छ: दिनों में ayyāmin
छ: दिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ ۖ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर مَا नहीं mā
नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٍ ۚ कोई सिफ़ारिशी shafīʿin
कोई सिफ़ारिशी أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَتَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tatadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٤ (4)
(4)
अल्लाह ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ بَيْنَهُمَا दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छ: दिनों में ayyāmin
छ: दिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ ۖ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर مَا नहीं mā
नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٍ ۚ कोई सिफ़ारिशी shafīʿin
कोई सिफ़ारिशी أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَتَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tatadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٤ (4)
(4)
अल्लाह वह है, जिसने आकाशों तथा धरती तथा उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों को छः दिनों में पैदा किया। फिर वह अर्श पर मुस्तवी (बुलंद) हुआ। उसके सिवा तुम्हारा न कोई संरक्षक है और न कोई सिफ़ारिश करने वाला। तो क्या तुम उपदेश ग्रहण नहीं करते?
३२:५
يُدَبِّرُ
वो तदबीर करता है
yudabbiru
वो तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ हर मामले की l-amra
हर मामले की مِنَ of mina
of ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ ज़मीन तक l-arḍi
ज़मीन तक ثُمَّ फिर thumma
फिर يَعْرُجُ वो चढ़ता है yaʿruju
वो चढ़ता है إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके فِى in fī
in يَوْمٍۢ एक दिन में yawmin
एक दिन में كَانَ है kāna
है مِقْدَارُهُۥٓ हिसाब/अंदाज़ा उसका miq'dāruhu
हिसाब/अंदाज़ा उसका أَلْفَ हज़ार alfa
हज़ार سَنَةٍۢ साल sanatin
साल مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَعُدُّونَ तुम शुमार करते हो taʿuddūna
तुम शुमार करते हो ٥ (5)
(5)
वो तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ हर मामले की l-amra
हर मामले की مِنَ of mina
of ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ ज़मीन तक l-arḍi
ज़मीन तक ثُمَّ फिर thumma
फिर يَعْرُجُ वो चढ़ता है yaʿruju
वो चढ़ता है إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके فِى in fī
in يَوْمٍۢ एक दिन में yawmin
एक दिन में كَانَ है kāna
है مِقْدَارُهُۥٓ हिसाब/अंदाज़ा उसका miq'dāruhu
हिसाब/अंदाज़ा उसका أَلْفَ हज़ार alfa
हज़ार سَنَةٍۢ साल sanatin
साल مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَعُدُّونَ तुम शुमार करते हो taʿuddūna
तुम शुमार करते हो ٥ (5)
(5)
वह आकाश से धरती तक (प्रत्येक) कार्य का प्रबंध करता है। फिर वह (कार्य) उसकी ओर एक ऐसे दिन में ऊपर जाता है, जिसकी मात्रा तुम्हारे हिसाब के अनुसार एक हज़ार वर्ष है।
३२:६
ذَٰلِكَ
ये है
dhālika
ये है عَـٰلِمُ जानने वाला ʿālimu
जानने वाला ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर का wal-shahādati
और हाज़िर का ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٦ (6)
(6)
ये है عَـٰلِمُ जानने वाला ʿālimu
जानने वाला ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर का wal-shahādati
और हाज़िर का ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٦ (6)
(6)
वही परोक्ष और प्रत्यक्ष का जानने वाला, अत्यंत प्रभुत्वशाली, अति दयावान है।
३२:७
ٱلَّذِىٓ
वो जिसने
alladhī
वो जिसने أَحْسَنَ अच्छा बनाया aḥsana
अच्छा बनाया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को خَلَقَهُۥ ۖ उसने पैदा किया जिसे khalaqahu
उसने पैदा किया जिसे وَبَدَأَ और उसने इब्तिदा की wabada-a
और उसने इब्तिदा की خَلْقَ (the) creation khalqa
(the) creation ٱلْإِنسَـٰنِ इन्सान की तख़लीक़ की l-insāni
इन्सान की तख़लीक़ की مِن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से ٧ (7)
(7)
वो जिसने أَحْسَنَ अच्छा बनाया aḥsana
अच्छा बनाया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को خَلَقَهُۥ ۖ उसने पैदा किया जिसे khalaqahu
उसने पैदा किया जिसे وَبَدَأَ और उसने इब्तिदा की wabada-a
और उसने इब्तिदा की خَلْقَ (the) creation khalqa
(the) creation ٱلْإِنسَـٰنِ इन्सान की तख़लीक़ की l-insāni
इन्सान की तख़लीक़ की مِن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से ٧ (7)
(7)
जिसने अच्छा बनाया हर चीज़ को जो उसने पैदा की और उसने मनुष्य की रचना मिट्टी से शुरू की।
३२:८
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर جَعَلَ उसने बनाई jaʿala
उसने बनाई نَسْلَهُۥ नस्ल उसकी naslahu
नस्ल उसकी مِن from min
from سُلَـٰلَةٍۢ ख़ुलासे से sulālatin
ख़ुलासे से مِّن of min
of مَّآءٍۢ पानी की māin
पानी की مَّهِينٍۢ हक़ीर mahīnin
हक़ीर ٨ (8)
(8)
फिर جَعَلَ उसने बनाई jaʿala
उसने बनाई نَسْلَهُۥ नस्ल उसकी naslahu
नस्ल उसकी مِن from min
from سُلَـٰلَةٍۢ ख़ुलासे से sulālatin
ख़ुलासे से مِّن of min
of مَّآءٍۢ पानी की māin
पानी की مَّهِينٍۢ हक़ीर mahīnin
हक़ीर ٨ (8)
(8)
फिर उसके वंश को एक तुच्छ पानी के निचोड़ (वीर्य) से बनाया।
३२:९
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर سَوَّىٰهُ उसने दुरुस्त किया उसे sawwāhu
उसने दुरुस्त किया उसे وَنَفَخَ और उसने फूँक दिया wanafakha
और उसने फूँक दिया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِن from min
from رُّوحِهِۦ ۖ अपनी रूह से rūḥihi
अपनी रूह से وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान وَٱلْأَبْصَـٰرَ और आँखें wal-abṣāra
और आँखें وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۚ और दिल wal-afidata
और दिल قَلِيلًۭا little qalīlan
little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करते हो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करते हो ٩ (9)
(9)
फिर سَوَّىٰهُ उसने दुरुस्त किया उसे sawwāhu
उसने दुरुस्त किया उसे وَنَفَخَ और उसने फूँक दिया wanafakha
और उसने फूँक दिया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِن from min
from رُّوحِهِۦ ۖ अपनी रूह से rūḥihi
अपनी रूह से وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान وَٱلْأَبْصَـٰرَ और आँखें wal-abṣāra
और आँखें وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۚ और दिल wal-afidata
और दिल قَلِيلًۭا little qalīlan
little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करते हो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करते हो ٩ (9)
(9)
फिर उसे ठीक-ठाक किया, और उसमें अपनी एक आत्मा (प्राण) फूँकी, तथा तुम्हारे लिए कान और आँखें तथा दिल बनाए। तुम बहुत कम ही शुक्र करते हो।
३२:१०
وَقَالُوٓا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब ضَلَلْنَا गुम हो जाऐंगे हम ḍalalnā
गुम हो जाऐंगे हम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَفِى certainly be in lafī
certainly be in خَلْقٍۢ अलबत्ता पैदाइश में (होंगे) khalqin
अलबत्ता पैदाइश में (होंगे) جَدِيدٍۭ ۚ नई jadīdin
नई بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُم वो hum
वो بِلِقَآءِ मुलाक़ात से biliqāi
मुलाक़ात से رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की كَـٰفِرُونَ इन्कारी हैं kāfirūna
इन्कारी हैं ١٠ (10)
(10)
और उन्होंने कहा أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब ضَلَلْنَا गुम हो जाऐंगे हम ḍalalnā
गुम हो जाऐंगे हम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَفِى certainly be in lafī
certainly be in خَلْقٍۢ अलबत्ता पैदाइश में (होंगे) khalqin
अलबत्ता पैदाइश में (होंगे) جَدِيدٍۭ ۚ नई jadīdin
नई بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُم वो hum
वो بِلِقَآءِ मुलाक़ात से biliqāi
मुलाक़ात से رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की كَـٰفِرُونَ इन्कारी हैं kāfirūna
इन्कारी हैं ١٠ (10)
(10)
तथा उन्होंने कहा : क्या जब हम धरती में खो जाएँगे, तो क्या हम वास्तव में नए सिरे से पैदा किए जाएँगे? बल्कि वे अपने पालनहार से मिलने का इनकार करने वाले लोग हैं।
३२:११
۞ قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَتَوَفَّىٰكُم फ़ौत करेगा तुम्हें yatawaffākum
फ़ौत करेगा तुम्हें مَّلَكُ फ़रिश्ता malaku
फ़रिश्ता ٱلْمَوْتِ मौत का l-mawti
मौत का ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो وُكِّلَ मुक़र्रर किया गया wukkila
मुक़र्रर किया गया بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكُمْ तरफ़ अपने रब के rabbikum
तरफ़ अपने रब के تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ١١ (11)
(11)
कह दीजिए يَتَوَفَّىٰكُم फ़ौत करेगा तुम्हें yatawaffākum
फ़ौत करेगा तुम्हें مَّلَكُ फ़रिश्ता malaku
फ़रिश्ता ٱلْمَوْتِ मौत का l-mawti
मौत का ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो وُكِّلَ मुक़र्रर किया गया wukkila
मुक़र्रर किया गया بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكُمْ तरफ़ अपने रब के rabbikum
तरफ़ अपने रब के تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ١١ (11)
(11)
आप कह दें कि मौत का फ़रिश्ता तुम्हारे प्राण निकाल लेगा, जो तुमपर नियुक्त किया गया है, फिर तुम अपने पालनहार ही की ओर लौटाए जाओगे।1
३२:१२
وَلَوْ
और काश
walaw
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذِ जब idhi
जब ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम نَاكِسُوا۟ झुकाए हुए होंगे nākisū
झुकाए हुए होंगे رُءُوسِهِمْ अपने सरों को ruūsihim
अपने सरों को عِندَ before ʿinda
before رَبِّهِمْ अपने रब के पास (कहेंगे) rabbihim
अपने रब के पास (कहेंगे) رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَبْصَرْنَا देख लिया हमनें abṣarnā
देख लिया हमनें وَسَمِعْنَا और सुन लिया हमनें wasamiʿ'nā
और सुन लिया हमनें فَٱرْجِعْنَا पस लौटा दे हमें fa-ir'jiʿ'nā
पस लौटा दे हमें نَعْمَلْ हम अमल करेंगे naʿmal
हम अमल करेंगे صَـٰلِحًا नेक ṣāliḥan
नेक إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مُوقِنُونَ यक़ीन करने वाले हैं mūqinūna
यक़ीन करने वाले हैं ١٢ (12)
(12)
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذِ जब idhi
जब ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम نَاكِسُوا۟ झुकाए हुए होंगे nākisū
झुकाए हुए होंगे رُءُوسِهِمْ अपने सरों को ruūsihim
अपने सरों को عِندَ before ʿinda
before رَبِّهِمْ अपने रब के पास (कहेंगे) rabbihim
अपने रब के पास (कहेंगे) رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَبْصَرْنَا देख लिया हमनें abṣarnā
देख लिया हमनें وَسَمِعْنَا और सुन लिया हमनें wasamiʿ'nā
और सुन लिया हमनें فَٱرْجِعْنَا पस लौटा दे हमें fa-ir'jiʿ'nā
पस लौटा दे हमें نَعْمَلْ हम अमल करेंगे naʿmal
हम अमल करेंगे صَـٰلِحًا नेक ṣāliḥan
नेक إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مُوقِنُونَ यक़ीन करने वाले हैं mūqinūna
यक़ीन करने वाले हैं ١٢ (12)
(12)
और यदि आप देखें, जब अपराधी लोग अपने पालनहार के सामने अपने सिर झुकाए (खड़े) होंगे। (वे कहेंगे :) ऐ हमारे पालनहार! हमने देख लिया और सुन लिया। अतः हमें (दुनिया में) वापस भेज दे कि हम अच्छे कार्य करें। निःसंदेह हम विश्वास करने वाले हैं।
३२:१३
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर شِئْنَا चाहते हम shi'nā
चाहते हम لَـَٔاتَيْنَا अलबत्ता दे देते हम laātaynā
अलबत्ता दे देते हम كُلَّ हर kulla
हर نَفْسٍ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को هُدَىٰهَا हिदायत उसकी hudāhā
हिदायत उसकी وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन حَقَّ सच होगई ḥaqqa
सच होगई ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात مِنِّى मेरी तरफ़ से minnī
मेरी तरफ़ से لَأَمْلَأَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा la-amla-anna
अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को مِنَ with mina
with ٱلْجِنَّةِ जिन्नों से l-jinati
जिन्नों से وَٱلنَّاسِ और इन्सानों से wal-nāsi
और इन्सानों से أَجْمَعِينَ सब के सब से ajmaʿīna
सब के सब से ١٣ (13)
(13)
और अगर شِئْنَا चाहते हम shi'nā
चाहते हम لَـَٔاتَيْنَا अलबत्ता दे देते हम laātaynā
अलबत्ता दे देते हम كُلَّ हर kulla
हर نَفْسٍ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को هُدَىٰهَا हिदायत उसकी hudāhā
हिदायत उसकी وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन حَقَّ सच होगई ḥaqqa
सच होगई ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात مِنِّى मेरी तरफ़ से minnī
मेरी तरफ़ से لَأَمْلَأَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा la-amla-anna
अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को مِنَ with mina
with ٱلْجِنَّةِ जिन्नों से l-jinati
जिन्नों से وَٱلنَّاسِ और इन्सानों से wal-nāsi
और इन्सानों से أَجْمَعِينَ सब के सब से ajmaʿīna
सब के सब से ١٣ (13)
(13)
और यदि हम चाहते, तो प्रत्येक प्राणी को उसका मार्गदर्शन प्रदान कर देते। लेकिन मेरी ओर से बात प्रमाणित (निश्चित) हो चुकी कि मैं जहन्नम को जिन्नों तथा इनसानों, सबसे से ज़रूर भरूँगा।
३२:१४
فَذُوقُوا۟
तो चखो
fadhūqū
तो चखो بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो نَسِيتُمْ भूल गए तुम nasītum
भूल गए तुम لِقَآءَ मुलाक़ात को liqāa
मुलाक़ात को يَوْمِكُمْ (of) this Day of yours yawmikum
(of) this Day of yours هَـٰذَآ अपने इस दिन की hādhā
अपने इस दिन की إِنَّا बेशक हमने innā
बेशक हमने نَسِينَـٰكُمْ ۖ भुला दिया हमने तुम्हें nasīnākum
भुला दिया हमने तुम्हें وَذُوقُوا۟ और चखो wadhūqū
और चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْخُلْدِ हमेशगी का l-khul'di
हमेशगी का بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٤ (14)
(14)
तो चखो بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो نَسِيتُمْ भूल गए तुम nasītum
भूल गए तुम لِقَآءَ मुलाक़ात को liqāa
मुलाक़ात को يَوْمِكُمْ (of) this Day of yours yawmikum
(of) this Day of yours هَـٰذَآ अपने इस दिन की hādhā
अपने इस दिन की إِنَّا बेशक हमने innā
बेशक हमने نَسِينَـٰكُمْ ۖ भुला दिया हमने तुम्हें nasīnākum
भुला दिया हमने तुम्हें وَذُوقُوا۟ और चखो wadhūqū
और चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْخُلْدِ हमेशगी का l-khul'di
हमेशगी का بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٤ (14)
(14)
तो (अब यातना) चखो, इस कारण कि तुमने अपने इस दिन के मिलने को भुला दिया। निःसंदेह हमने तुम्हें भुला दिया।1 और जो तुम किया करते थे उसके कारण शाश्वत यातना का मज़ा चखो।
३२:१५
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक يُؤْمِنُ ईमान लाते हैं yu'minu
ईमान लाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग إِذَا जब idhā
जब ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए जाते हैं dhukkirū
वो नसीहत किए जाते हैं بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके خَرُّوا۟ वो गिर पड़ते हैं kharrū
वो गिर पड़ते हैं سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَسَبَّحُوا۟ और वो तस्बीह करते हैं wasabbaḥū
और वो तस्बीह करते हैं بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا are not arrogant lā
are not arrogant يَسْتَكْبِرُونَ ۩ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते ١٥ (15)
(15)
बेशक يُؤْمِنُ ईमान लाते हैं yu'minu
ईमान लाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग إِذَا जब idhā
जब ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए जाते हैं dhukkirū
वो नसीहत किए जाते हैं بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके خَرُّوا۟ वो गिर पड़ते हैं kharrū
वो गिर पड़ते हैं سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَسَبَّحُوا۟ और वो तस्बीह करते हैं wasabbaḥū
और वो तस्बीह करते हैं بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا are not arrogant lā
are not arrogant يَسْتَكْبِرُونَ ۩ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते ١٥ (15)
(15)
हमारी आयतों पर तो केवल वही लोग ईमान लाते हैं कि जब उन्हें उन (आयतों) के साथ नसीहत की जाती है, तो वे सजदा करते हुए गिर जाते हैं, और अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का गान करते हैं, और वे अभिमान नहीं करते।1
३२:१६
تَتَجَافَىٰ
अलग रहते हैं
tatajāfā
अलग रहते हैं جُنُوبُهُمْ पहलू उनके junūbuhum
पहलू उनके عَنِ from ʿani
from ٱلْمَضَاجِعِ बिस्तरों से l-maḍājiʿi
बिस्तरों से يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं رَبَّهُمْ अपने रब को rabbahum
अपने रब को خَوْفًۭا ख़ौफ़ khawfan
ख़ौफ़ وَطَمَعًۭا और उम्मीद से waṭamaʿan
और उम्मीद से وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ١٦ (16)
(16)
अलग रहते हैं جُنُوبُهُمْ पहलू उनके junūbuhum
पहलू उनके عَنِ from ʿani
from ٱلْمَضَاجِعِ बिस्तरों से l-maḍājiʿi
बिस्तरों से يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं رَبَّهُمْ अपने रब को rabbahum
अपने रब को خَوْفًۭا ख़ौफ़ khawfan
ख़ौफ़ وَطَمَعًۭا और उम्मीद से waṭamaʿan
और उम्मीद से وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ١٦ (16)
(16)
उनके पहलू बिस्तरों से अलग रहते हैं। वे अपने पालनहार को भय तथा आशा के साथ पुकारते हैं। तथा हमने जो कुछ उन्हें प्रदान किया है, उसमें से खर्च करते हैं।
३२:१७
فَلَا
पस नहीं
falā
पस नहीं تَعْلَمُ जानता taʿlamu
जानता نَفْسٌۭ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स مَّآ जो कुछ mā
जो कुछ أُخْفِىَ छुपाया गया है ukh'fiya
छुपाया गया है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن of min
of قُرَّةِ ठंडक से qurrati
ठंडक से أَعْيُنٍۢ आँखों की aʿyunin
आँखों की جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٧ (17)
(17)
पस नहीं تَعْلَمُ जानता taʿlamu
जानता نَفْسٌۭ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स مَّآ जो कुछ mā
जो कुछ أُخْفِىَ छुपाया गया है ukh'fiya
छुपाया गया है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن of min
of قُرَّةِ ठंडक से qurrati
ठंडक से أَعْيُنٍۢ आँखों की aʿyunin
आँखों की جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٧ (17)
(17)
तो कोई प्राणी नहीं जानता कि उनके लिए आँखों की ठंढक1 में से क्या कुछ छिपाकर रखा गया है, उसके बदले के तौर पर, जो वे (दुनिया में) किया करते थे।
३२:१८
أَفَمَن
क्या भला वो जो
afaman
क्या भला वो जो كَانَ है kāna
है مُؤْمِنًۭا मोमिन mu'minan
मोमिन كَمَن मानिन्द उसके kaman
मानिन्द उसके كَانَ हो सकता है kāna
हो सकता है فَاسِقًۭا ۚ जो फ़ासिक़ है fāsiqan
जो फ़ासिक़ है لَّا Not lā
Not يَسْتَوُۥنَ नहीं वो बराबर हो सकते yastawūna
नहीं वो बराबर हो सकते ١٨ (18)
(18)
क्या भला वो जो كَانَ है kāna
है مُؤْمِنًۭا मोमिन mu'minan
मोमिन كَمَن मानिन्द उसके kaman
मानिन्द उसके كَانَ हो सकता है kāna
हो सकता है فَاسِقًۭا ۚ जो फ़ासिक़ है fāsiqan
जो फ़ासिक़ है لَّا Not lā
Not يَسْتَوُۥنَ नहीं वो बराबर हो सकते yastawūna
नहीं वो बराबर हो सकते ١٨ (18)
(18)
तो क्या वह व्यक्ति जो ईमान वाला हो, वह उसके समान है, जो अवज्ञाकारी हो? वे समान नहीं हो सकते।
३२:१९
أَمَّا
रहे
ammā
रहे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَلَهُمْ तो उनके लिए falahum
तो उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात हैं jannātu
बाग़ात हैं ٱلْمَأْوَىٰ रहने के l-mawā
रहने के نُزُلًۢا महमानी होगी nuzulan
महमानी होगी بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٩ (19)
(19)
रहे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَلَهُمْ तो उनके लिए falahum
तो उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात हैं jannātu
बाग़ात हैं ٱلْمَأْوَىٰ रहने के l-mawā
रहने के نُزُلًۢا महमानी होगी nuzulan
महमानी होगी بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٩ (19)
(19)
लेकिन जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, तो उनके लिए रहने के बाग़ हैं, उन कार्यों के बदले में आतिथ्य स्वरूप, जो वे किया करते थे।
३२:२०
وَأَمَّا
और रहे वो
wa-ammā
और रहे वो ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने فَسَقُوا۟ नाफ़रमानी की fasaqū
नाफ़रमानी की فَمَأْوَىٰهُمُ पस ठिकाना उनका famawāhumu
पस ठिकाना उनका ٱلنَّارُ ۖ आग है l-nāru
आग है كُلَّمَآ जब कभी kullamā
जब कभी أَرَادُوٓا۟ वो इरादा करेंगे arādū
वो इरादा करेंगे أَن कि an
कि يَخْرُجُوا۟ वो निकल आऐं yakhrujū
वो निकल आऐं مِنْهَآ उससे min'hā
उससे أُعِيدُوا۟ वो लौटा दिए जाऐंगे uʿīdū
वो लौटा दिए जाऐंगे فِيهَا उसी में fīhā
उसी में وَقِيلَ और कह दिया जाएगा waqīla
और कह दिया जाएगा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلنَّارِ आग का l-nāri
आग का ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ जिसे bihi
जिसे تُكَذِّبُونَ तुम झुटलाते tukadhibūna
तुम झुटलाते ٢٠ (20)
(20)
और रहे वो ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने فَسَقُوا۟ नाफ़रमानी की fasaqū
नाफ़रमानी की فَمَأْوَىٰهُمُ पस ठिकाना उनका famawāhumu
पस ठिकाना उनका ٱلنَّارُ ۖ आग है l-nāru
आग है كُلَّمَآ जब कभी kullamā
जब कभी أَرَادُوٓا۟ वो इरादा करेंगे arādū
वो इरादा करेंगे أَن कि an
कि يَخْرُجُوا۟ वो निकल आऐं yakhrujū
वो निकल आऐं مِنْهَآ उससे min'hā
उससे أُعِيدُوا۟ वो लौटा दिए जाऐंगे uʿīdū
वो लौटा दिए जाऐंगे فِيهَا उसी में fīhā
उसी में وَقِيلَ और कह दिया जाएगा waqīla
और कह दिया जाएगा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلنَّارِ आग का l-nāri
आग का ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ जिसे bihi
जिसे تُكَذِّبُونَ तुम झुटलाते tukadhibūna
तुम झुटलाते ٢٠ (20)
(20)
और रहे वे लोग, जिन्होंने अवज्ञा की, तो उनका ठिकाना आग है। जब भी वे उससे निकलना चाहेंगे, उसी में लौटा दिए जाएँगे, तथा उनसे कहा जाएगा कि उस आग की यातना चखो, जिसे तुम झुठलाया करते थे।
३२:२१
وَلَنُذِيقَنَّهُم
और अलबत्ता हम ज़रूर चखाऐंगे उन्हें
walanudhīqannahum
और अलबत्ता हम ज़रूर चखाऐंगे उन्हें مِّنَ of mina
of ٱلْعَذَابِ अज़ाब में से l-ʿadhābi
अज़ाब में से ٱلْأَدْنَىٰ कमतर/हल्का l-adnā
कमतर/हल्का دُونَ अलावा dūna
अलावा ٱلْعَذَابِ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब ٱلْأَكْبَرِ बड़े के l-akbari
बड़े के لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَرْجِعُونَ वो लौट आऐं yarjiʿūna
वो लौट आऐं ٢١ (21)
(21)
और अलबत्ता हम ज़रूर चखाऐंगे उन्हें مِّنَ of mina
of ٱلْعَذَابِ अज़ाब में से l-ʿadhābi
अज़ाब में से ٱلْأَدْنَىٰ कमतर/हल्का l-adnā
कमतर/हल्का دُونَ अलावा dūna
अलावा ٱلْعَذَابِ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब ٱلْأَكْبَرِ बड़े के l-akbari
बड़े के لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَرْجِعُونَ वो लौट आऐं yarjiʿūna
वो लौट आऐं ٢١ (21)
(21)
और निश्चय हम उन्हें (आख़िरत की) सबसे बड़ी यातना से पहले (दुनिया की) निकटतम यातना अवश्य चखाएँगे, ताकि वे पलट आएँ।1
३२:२२
وَمَنْ
और कौन
waman
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो ذُكِّرَ नसीहत किया गया dhukkira
नसीहत किया गया بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के رَبِّهِۦ अपने रब की rabbihi
अपने रब की ثُمَّ फिर thumma
फिर أَعْرَضَ उसने मुँह मोड़ लिया aʿraḍa
उसने मुँह मोड़ लिया عَنْهَآ ۚ उनसे ʿanhā
उनसे إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مِنَ from mina
from ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों से l-muj'rimīna
मुजरिमों से مُنتَقِمُونَ इन्तिक़ाम लेने वाले हैं muntaqimūna
इन्तिक़ाम लेने वाले हैं ٢٢ (22)
(22)
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो ذُكِّرَ नसीहत किया गया dhukkira
नसीहत किया गया بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के رَبِّهِۦ अपने रब की rabbihi
अपने रब की ثُمَّ फिर thumma
फिर أَعْرَضَ उसने मुँह मोड़ लिया aʿraḍa
उसने मुँह मोड़ लिया عَنْهَآ ۚ उनसे ʿanhā
उनसे إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مِنَ from mina
from ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों से l-muj'rimīna
मुजरिमों से مُنتَقِمُونَ इन्तिक़ाम लेने वाले हैं muntaqimūna
इन्तिक़ाम लेने वाले हैं ٢٢ (22)
(22)
और उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जिसे उसके पालनहार की आयतों द्वारा नसीहत की गई, फिर वह उनसे विमुख हो गया। निश्चय ही हम अपराधियों से बदला लेने वाले हैं।
३२:२३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब فَلَا पस ना falā
पस ना تَكُن आप हों takun
आप हों فِى in fī
in مِرْيَةٍۢ शक में mir'yatin
शक में مِّن about min
about لِّقَآئِهِۦ ۖ उसकी मुलाक़ात से liqāihi
उसकी मुलाक़ात से وَجَعَلْنَـٰهُ और बनाया हमने उसे wajaʿalnāhu
और बनाया हमने उसे هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत لِّبَنِىٓ for the Children of Israel libanī
for the Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के लिए is'rāīla
बनी इस्राईल के लिए ٢٣ (23)
(23)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब فَلَا पस ना falā
पस ना تَكُن आप हों takun
आप हों فِى in fī
in مِرْيَةٍۢ शक में mir'yatin
शक में مِّن about min
about لِّقَآئِهِۦ ۖ उसकी मुलाक़ात से liqāihi
उसकी मुलाक़ात से وَجَعَلْنَـٰهُ और बनाया हमने उसे wajaʿalnāhu
और बनाया हमने उसे هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत لِّبَنِىٓ for the Children of Israel libanī
for the Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के लिए is'rāīla
बनी इस्राईल के लिए ٢٣ (23)
(23)
तथा निःसंदेह हमने मूसा को पुस्तक प्रदान की। तो आप उससे1 मिलने के बारे में किसी संदेह में न रहें। तथा हमने उस (तौरात) को इसराईल की संतान के लिए मार्गदर्शन बनाया।
३२:२४
وَجَعَلْنَا
और बनाए हमने
wajaʿalnā
और बनाए हमने مِنْهُمْ उनमें min'hum
उनमें أَئِمَّةًۭ इमाम a-immatan
इमाम يَهْدُونَ जो रहनुमाई करते थे yahdūna
जो रहनुमाई करते थे بِأَمْرِنَا हमारे हुक्म से bi-amrinā
हमारे हुक्म से لَمَّا जब lammā
जब صَبَرُوا۟ ۖ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते yūqinūna
वो यक़ीन रखते ٢٤ (24)
(24)
और बनाए हमने مِنْهُمْ उनमें min'hum
उनमें أَئِمَّةًۭ इमाम a-immatan
इमाम يَهْدُونَ जो रहनुमाई करते थे yahdūna
जो रहनुमाई करते थे بِأَمْرِنَا हमारे हुक्म से bi-amrinā
हमारे हुक्म से لَمَّا जब lammā
जब صَبَرُوا۟ ۖ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते yūqinūna
वो यक़ीन रखते ٢٤ (24)
(24)
और हमने उनमें से कई अगुवे (इमाम) बनाए, जो हमारे आदेश से मार्गदर्शन करते थे, जब उन्होंने धैर्य से काम लिया, तथा वे हमारी आयतों पर विश्वास करते थे।1
३२:२५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका هُوَ वो ही huwa
वो ही يَفْصِلُ वो फ़ैसला करेगा yafṣilu
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ٢٥ (25)
(25)
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका هُوَ वो ही huwa
वो ही يَفْصِلُ वो फ़ैसला करेगा yafṣilu
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ٢٥ (25)
(25)
निःसंदेह आपका पालनहार ही क़ियामत के दिन उनके बीच उस बारे में निर्णय करेगा, जिसमें वे मतभेद किया करते थे।
३२:२६
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَهْدِ रहनुमाई की yahdi
रहनुमाई की لَهُمْ उनकी कि lahum
उनकी कि كَمْ कितनी ही kam
कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने مِن before them min
before them قَبْلِهِم उनसे पहले qablihim
उनसे पहले مِّنَ of mina
of ٱلْقُرُونِ उम्मतें l-qurūni
उम्मतें يَمْشُونَ वो चलते फिरते हैं yamshūna
वो चलते फिरते हैं فِى in fī
in مَسَـٰكِنِهِمْ ۚ उनके घरों में masākinihim
उनके घरों में إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍ ۖ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं يَسْمَعُونَ वो सुनते हैं yasmaʿūna
वो सुनते हैं ٢٦ (26)
(26)
क्या भला नहीं يَهْدِ रहनुमाई की yahdi
रहनुमाई की لَهُمْ उनकी कि lahum
उनकी कि كَمْ कितनी ही kam
कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने مِن before them min
before them قَبْلِهِم उनसे पहले qablihim
उनसे पहले مِّنَ of mina
of ٱلْقُرُونِ उम्मतें l-qurūni
उम्मतें يَمْشُونَ वो चलते फिरते हैं yamshūna
वो चलते फिरते हैं فِى in fī
in مَسَـٰكِنِهِمْ ۚ उनके घरों में masākinihim
उनके घरों में إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍ ۖ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं يَسْمَعُونَ वो सुनते हैं yasmaʿūna
वो सुनते हैं ٢٦ (26)
(26)
और क्या उनके लिए यह स्पष्ट नहीं हुआ कि हमने उनसे पहले कितने ही समुदायों को विनष्ट कर दिया, जिनके रहने-सहने की जगहों में वे चलते-फिरते हैं? निश्चय इसमें बहुत-सी निशानियाँ (शिक्षाएँ) हैं। तो क्या वे सुनते नहीं?
३२:२७
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम نَسُوقُ चलाते हैं हम nasūqu
चलाते हैं हम ٱلْمَآءَ पानी को l-māa
पानी को إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ ज़मीन l-arḍi
तरफ़ ज़मीन ٱلْجُرُزِ बंजर के l-juruzi
बंजर के فَنُخْرِجُ फिर हम निकालते हैं fanukh'riju
फिर हम निकालते हैं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके زَرْعًۭا खेती को zarʿan
खेती को تَأْكُلُ खाते हैं takulu
खाते हैं مِنْهُ उससे min'hu
उससे أَنْعَـٰمُهُمْ उनके मवेशी anʿāmuhum
उनके मवेशी وَأَنفُسُهُمْ ۖ और वो ख़ुद भी wa-anfusuhum
और वो ख़ुद भी أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं يُبْصِرُونَ वो देखते yub'ṣirūna
वो देखते ٢٧ (27)
(27)
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम نَسُوقُ चलाते हैं हम nasūqu
चलाते हैं हम ٱلْمَآءَ पानी को l-māa
पानी को إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ ज़मीन l-arḍi
तरफ़ ज़मीन ٱلْجُرُزِ बंजर के l-juruzi
बंजर के فَنُخْرِجُ फिर हम निकालते हैं fanukh'riju
फिर हम निकालते हैं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके زَرْعًۭا खेती को zarʿan
खेती को تَأْكُلُ खाते हैं takulu
खाते हैं مِنْهُ उससे min'hu
उससे أَنْعَـٰمُهُمْ उनके मवेशी anʿāmuhum
उनके मवेशी وَأَنفُسُهُمْ ۖ और वो ख़ुद भी wa-anfusuhum
और वो ख़ुद भी أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं يُبْصِرُونَ वो देखते yub'ṣirūna
वो देखते ٢٧ (27)
(27)
और क्या उन्होंने नहीं देखा कि हम पानी को सूखी (बंजर) भूमि की ओर बहा ले जाते हैं, फिर हम उसके द्वारा खेती निकालते हैं, जिसमें से उनके चौपाये तथा वे स्वयं भी खाते हैं। तो क्या वे देखते नहीं?
३२:२८
وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
wayaqūlūna
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْفَتْحُ फ़ैसला l-fatḥu
फ़ैसला إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٢٨ (28)
(28)
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْفَتْحُ फ़ैसला l-fatḥu
फ़ैसला إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٢٨ (28)
(28)
तथा वे कहते हैं : यह निर्णय कब होगा, यदि तुम सच्चे हो?
३२:२९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْفَتْحِ फ़ैसले के l-fatḥi
फ़ैसले के لَا not lā
not يَنفَعُ ना नफ़ा देगा yanfaʿu
ना नफ़ा देगा ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِيمَـٰنُهُمْ ईमान लाना उनका īmānuhum
ईमान लाना उनका وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ٢٩ (29)
(29)
कह दीजिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْفَتْحِ फ़ैसले के l-fatḥi
फ़ैसले के لَا not lā
not يَنفَعُ ना नफ़ा देगा yanfaʿu
ना नफ़ा देगा ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِيمَـٰنُهُمْ ईमान लाना उनका īmānuhum
ईमान लाना उनका وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ٢٩ (29)
(29)
आप कह दें : निर्णय के दिन काफ़िरों को उनका ईमान लाना लाभ नहीं देगा और न उन्हें मोहलत दी जाएगी।1
३२:३०
فَأَعْرِضْ
पस ऐराज़ कीजिए
fa-aʿriḍ
पस ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَٱنتَظِرْ और इन्तिज़ार कीजिए wa-intaẓir
और इन्तिज़ार कीजिए إِنَّهُم बेशक वो (भी) innahum
बेशक वो (भी) مُّنتَظِرُونَ इन्तिज़ार करने वाले हैं muntaẓirūna
इन्तिज़ार करने वाले हैं ٣٠ (30)
(30)
पस ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَٱنتَظِرْ और इन्तिज़ार कीजिए wa-intaẓir
और इन्तिज़ार कीजिए إِنَّهُم बेशक वो (भी) innahum
बेशक वो (भी) مُّنتَظِرُونَ इन्तिज़ार करने वाले हैं muntaẓirūna
इन्तिज़ार करने वाले हैं ٣٠ (30)
(30)
अतः आप उनसे मुँह फेर लें तथा प्रतीक्षा करें। निश्चय वे (भी) प्रतीक्षा करने वाले हैं।