७२

अल-जिन्न

मक्की २८ आयतें पारा २९
الجن
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
७२:१
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أُوحِىَ वही की गई ūḥiya
वही की गई
إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़
أَنَّهُ बेशक वो annahu
बेशक वो
ٱسْتَمَعَ ग़ौर से सुना is'tamaʿa
ग़ौर से सुना
نَفَرٌۭ एक गिरोह ने nafarun
एक गिरोह ने
مِّنَ of mina
of
ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से
فَقَالُوٓا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने
قُرْءَانًا क़ुरआन qur'ānan
क़ुरआन
عَجَبًۭا अजीब ʿajaban
अजीब
١ (1)
(1)
(ऐ नबी!) कह दें : मेरी ओर वह़्य1 की गई है कि जिन्नों के एक समूह ने (मेरे क़ुरआन पढ़ने को) ध्यान से सुना। फिर उन्होंने कहा : निःसंदेह हमने एक अद्भुत क़ुरआन सुना है।
७२:२
يَهْدِىٓ वो रहनुमाई करता है yahdī
वो रहनुमाई करता है
إِلَى to ilā
to
ٱلرُّشْدِ तरफ़ भलाई के l-rush'di
तरफ़ भलाई के
فَـَٔامَنَّا पस ईमान लाए हम faāmannā
पस ईमान लाए हम
بِهِۦ ۖ उस पर bihi
उस पर
وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं
نُّشْرِكَ हम शरीक करेंगे nush'rika
हम शरीक करेंगे
بِرَبِّنَآ साथ अपने रब के birabbinā
साथ अपने रब के
أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को
٢ (2)
(2)
जो सीधी राह दिखाता है, तो हम उसपर ईमान ले आए और (अब) हम अपने पालनहार के साथ किसी को कभी साझी नहीं बनाएँगे।
७२:३
وَأَنَّهُۥ और ये कि wa-annahu
और ये कि
تَعَـٰلَىٰ बहुत बुलन्द है taʿālā
बहुत बुलन्द है
جَدُّ शान jaddu
शान
رَبِّنَا हमारे रब की rabbinā
हमारे रब की
مَا नहीं
नहीं
ٱتَّخَذَ बनाई उसने ittakhadha
बनाई उसने
صَـٰحِبَةًۭ कोई बीवी ṣāḥibatan
कोई बीवी
وَلَا और ना walā
और ना
وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद
٣ (3)
(3)
तथा यह कि हमारे पालनहार की महिमा बहुत ऊँची है। उसने न (अपनी) कोई संगिनी (पत्नी) बनाई है और न कोई संतान।
७२:४
وَأَنَّهُۥ और ये कि wa-annahu
और ये कि
كَانَ थे kāna
थे
يَقُولُ कहा करते yaqūlu
कहा करते
سَفِيهُنَا बेवक़ूफ़ हमारे safīhunā
बेवक़ूफ़ हमारे
عَلَى against ʿalā
against
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
شَطَطًۭا ज़्यादती की बातें shaṭaṭan
ज़्यादती की बातें
٤ (4)
(4)
तथा यह कि हमारा मूर्ख अल्लाह के बारे में सत्य से हटी हुई बात कहा करता था।
७२:५
وَأَنَّا और बेशक हम wa-annā
और बेशक हम
ظَنَنَّآ गुमान किया हमने ẓanannā
गुमान किया हमने
أَن कि an
कि
لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
تَقُولَ कहेंगे taqūla
कहेंगे
ٱلْإِنسُ इन्सान l-insu
इन्सान
وَٱلْجِنُّ और जिन्न wal-jinu
और जिन्न
عَلَى against ʿalā
against
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
كَذِبًۭا कोई झूठ kadhiban
कोई झूठ
٥ (5)
(5)
और यह कि हमने समझ रखा था कि मनुष्य और जिन्न अल्लाह पर हरगिज़ कोई झूठी बात नहीं बोलेंगे।
७२:६
وَأَنَّهُۥ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो
كَانَ थे kāna
थे
رِجَالٌۭ कुछ लोग rijālun
कुछ लोग
مِّنَ among mina
among
ٱلْإِنسِ इन्सानों में से l-insi
इन्सानों में से
يَعُوذُونَ जो पनाह लेते थे yaʿūdhūna
जो पनाह लेते थे
بِرِجَالٍۢ कुछ लोगों की birijālin
कुछ लोगों की
مِّنَ from mina
from
ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से
فَزَادُوهُمْ तो उन्होंने ज़्यादा कर दिया उन्हें fazādūhum
तो उन्होंने ज़्यादा कर दिया उन्हें
رَهَقًۭا सरकशी में rahaqan
सरकशी में
٦ (6)
(6)
और वास्तविकता यह है कि मनुष्यों में से कुछ लोग, जिन्नों में से कुछ लोगों की शरण लिया करते थे। तो उन्होंने उन (जिन्नों) को सरकशी में बढ़ा दिया।
७२:७
وَأَنَّهُمْ और ये कि वो wa-annahum
और ये कि वो
ظَنُّوا۟ वो समझते थे ẓannū
वो समझते थे
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
ظَنَنتُمْ समझा हमने ẓanantum
समझा हमने
أَن कि an
कि
لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
يَبْعَثَ भेजेगा yabʿatha
भेजेगा
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को
٧ (7)
(7)
और यह कि उन (इनसानों) ने गुमान किया था, जैसे कि तुमने गुमान किया था कि अल्लाह किसी को कभी नहीं उठाएगा।
७२:८
وَأَنَّا और बेशक हम wa-annā
और बेशक हम
لَمَسْنَا छुआ हमने lamasnā
छुआ हमने
ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को
فَوَجَدْنَـٰهَا तो पाया हमने उसे fawajadnāhā
तो पाया हमने उसे
مُلِئَتْ भरा हुआ है muli-at
भरा हुआ है
حَرَسًۭا पहरेदारों से ḥarasan
पहरेदारों से
شَدِيدًۭا सख़्त shadīdan
सख़्त
وَشُهُبًۭا और शोलों से washuhuban
और शोलों से
٨ (8)
(8)
तथा यह कि हमने आकाश को टटोला, तो उसे सख़्त पहरेदारों और उल्काओं से भरा हुआ पाया।
७२:९
وَأَنَّا और बेशक हम wa-annā
और बेशक हम
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
نَقْعُدُ हम बैठते naqʿudu
हम बैठते
مِنْهَا उसकी min'hā
उसकी
مَقَـٰعِدَ बैठने की जगहों पर maqāʿida
बैठने की जगहों पर
لِلسَّمْعِ ۖ सुनने के लिए lilssamʿi
सुनने के लिए
فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई
يَسْتَمِعِ ग़ौर से सुनता है yastamiʿi
ग़ौर से सुनता है
ٱلْـَٔانَ अब l-āna
अब
يَجِدْ वो पाता है yajid
वो पाता है
لَهُۥ अपने लिए lahu
अपने लिए
شِهَابًۭا एक शोला shihāban
एक शोला
رَّصَدًۭا घात में raṣadan
घात में
٩ (9)
(9)
और यह कि हम उसके कई स्थानों में सुनने के लिए बैठा करते थे। परन्तु, अब जो सुनने का प्रयास करता है, वह अपने लिए एक उल्का घात में लगा हुआ पाता है।
७२:१०
وَأَنَّا औक बेशक हम wa-annā
औक बेशक हम
لَا not
not
نَدْرِىٓ नहीं हम जानते nadrī
नहीं हम जानते
أَشَرٌّ क्या शर/ बुराई का asharrun
क्या शर/ बुराई का
أُرِيدَ इरादा किया गया urīda
इरादा किया गया
بِمَن साथ उनके जो biman
साथ उनके जो
فِى (are) in
(are) in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में हैं l-arḍi
ज़मीन में हैं
أَمْ या am
या
أَرَادَ इरादा किया arāda
इरादा किया
بِهِمْ साथ उनके bihim
साथ उनके
رَبُّهُمْ उनके रब ने rabbuhum
उनके रब ने
رَشَدًۭا ख़ैर/भलाई का rashadan
ख़ैर/भलाई का
١٠ (10)
(10)
और यह कि हम नहीं जानते कि क्या धरती वालों के साथ किसी बुराई का इरादा किया गया है या उनके पालनहार ने उनके साथ किसी भलाई का इरादा किया है?
७२:११
وَأَنَّا और बेशक हम wa-annā
और बेशक हम
مِنَّا हम में से minnā
हम में से
ٱلصَّـٰلِحُونَ नेक हैं l-ṣāliḥūna
नेक हैं
وَمِنَّا और हम में से waminnā
और हम में से
دُونَ अलावा हैं dūna
अलावा हैं
ذَٰلِكَ ۖ उसके dhālika
उसके
كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम
طَرَآئِقَ तरीक़ों पर ṭarāiqa
तरीक़ों पर
قِدَدًۭا मुख़्तलिफ़ qidadan
मुख़्तलिफ़
١١ (11)
(11)
और यह कि हममें से कुछ सदाचारी हैं तथा हममें से कुछ इसके अलावा हैं। हम विभिन्न तरीक़ों पर हैं।
७२:१२
وَأَنَّا और बेशक हम wa-annā
और बेशक हम
ظَنَنَّآ यक़ीन रखते हैं हम ẓanannā
यक़ीन रखते हैं हम
أَن कि an
कि
لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
نُّعْجِزَ हम आजिज़ कर सकते nuʿ'jiza
हम आजिज़ कर सकते
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं
نُّعْجِزَهُۥ हम आजिज़ कर सकते उसे nuʿ'jizahu
हम आजिज़ कर सकते उसे
هَرَبًۭا भाग कर haraban
भाग कर
١٢ (12)
(12)
तथा यह कि हमें विश्वास हो गया कि निःसंदेह हम धरती में अल्लाह को कदापि विवश नहीं कर सकेंगे और न ही उसे भागकर कभी विवश कर सकेंगे।
७२:१३
وَأَنَّا और बेशक हमने wa-annā
और बेशक हमने
لَمَّا जब lammā
जब
سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने
ٱلْهُدَىٰٓ हिदायत को l-hudā
हिदायत को
ءَامَنَّا ईमान ले आए हम āmannā
ईमान ले आए हम
بِهِۦ ۖ उस पर bihi
उस पर
فَمَن पस जो कोई faman
पस जो कोई
يُؤْمِنۢ ईमान लाएगा yu'min
ईमान लाएगा
بِرَبِّهِۦ अपने रब पर birabbihi
अपने रब पर
فَلَا तो ना falā
तो ना
يَخَافُ वो डरेगा yakhāfu
वो डरेगा
بَخْسًۭا किसी कमी से bakhsan
किसी कमी से
وَلَا और ना walā
और ना
رَهَقًۭا किसी ज़्यादती से rahaqan
किसी ज़्यादती से
١٣ (13)
(13)
तथा यह कि जब हमने मार्गदर्शन की बात सुनी, तो उसपर ईमान ले आए। अब जो कोई अपने पालनहार पर ईमान लाएगा, तो वह न किसी हानि से डरेगा और न किसी अत्याचार से।
७२:१४
وَأَنَّا और बेशक हम wa-annā
और बेशक हम
مِنَّا हम में से कुछ minnā
हम में से कुछ
ٱلْمُسْلِمُونَ मुसलमान हैं l-mus'limūna
मुसलमान हैं
وَمِنَّا और हम में से कुछ waminnā
और हम में से कुछ
ٱلْقَـٰسِطُونَ ۖ ज़ालिम हैं l-qāsiṭūna
ज़ालिम हैं
فَمَنْ तो जो कोई faman
तो जो कोई
أَسْلَمَ फ़रमाबरदार हो गया aslama
फ़रमाबरदार हो गया
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
تَحَرَّوْا۟ जिन्होंने इरादा किया taḥarraw
जिन्होंने इरादा किया
رَشَدًۭا भलाई का rashadan
भलाई का
١٤ (14)
(14)
और यह कि हममें से कुछ आज्ञाकारी हैं और हममें से कुछ अत्याचारी हैं। फिर जो आज्ञाकारी हो गया, तो वही लोग हैं जिन्होंने सीधा रास्ता खोजा।
७२:१५
وَأَمَّا और रहे wa-ammā
और रहे
ٱلْقَـٰسِطُونَ ज़ालिम लोग l-qāsiṭūna
ज़ालिम लोग
فَكَانُوا۟ तो हैं वो fakānū
तो हैं वो
لِجَهَنَّمَ जहन्नम का lijahannama
जहन्नम का
حَطَبًۭا ईंधन ḥaṭaban
ईंधन
١٥ (15)
(15)
तथा जो अत्याचारी हैं, तो वे जहन्नम का ईंधन होंगे।
७२:१६
وَأَلَّوِ और ये कि अगर wa-allawi
और ये कि अगर
ٱسْتَقَـٰمُوا۟ वो क़ायम हो जाते is'taqāmū
वो क़ायम हो जाते
عَلَى on ʿalā
on
ٱلطَّرِيقَةِ रास्ते पर l-ṭarīqati
रास्ते पर
لَأَسْقَيْنَـٰهُم अलबत्ता पिलाते हम उन्हें la-asqaynāhum
अलबत्ता पिलाते हम उन्हें
مَّآءً पानी māan
पानी
غَدَقًۭا वाफ़र ghadaqan
वाफ़र
١٦ (16)
(16)
और यह (वह़्य की गई है) कि यदि वे सीधी राह पर क़ायम रहते, तो हम उन्हें अवश्य भरपूर जल से सैराब करते।
७२:१७
لِّنَفْتِنَهُمْ ताकि हम आज़माऐं उन्हें linaftinahum
ताकि हम आज़माऐं उन्हें
فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يُعْرِضْ ऐराज़ करेगा yuʿ'riḍ
ऐराज़ करेगा
عَن from ʿan
from
ذِكْرِ ज़िक्र से dhik'ri
ज़िक्र से
رَبِّهِۦ अपने रब के rabbihi
अपने रब के
يَسْلُكْهُ वो दाख़िल करेगा उसे yasluk'hu
वो दाख़िल करेगा उसे
عَذَابًۭا अज़ाब में ʿadhāban
अज़ाब में
صَعَدًۭا सख़्त ṣaʿadan
सख़्त
١٧ (17)
(17)
ताकि हम उसमें उनका परीक्षण करें। और जो अपने पालनहार की याद से विमुख होगा, वह उसे कड़ी यातना में दाख़िल करेगा।
७२:१८
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
ٱلْمَسَـٰجِدَ मस्जिदें l-masājida
मस्जिदें
لِلَّهِ अल्लाह के लिए हैं lillahi
अल्लाह के लिए हैं
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَدْعُوا۟ तुम पुकारो tadʿū
तुम पुकारो
مَعَ साथ maʿa
साथ
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को
١٨ (18)
(18)
और यह कि मस्जिदें1 केवल अल्लाह के लिए हैं। अतः अल्लाह के साथ किसी को भी मत पुकारो।
७२:१९
وَأَنَّهُۥ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो
لَمَّا जब lammā
जब
قَامَ खड़ा हुआ qāma
खड़ा हुआ
عَبْدُ बन्दा ʿabdu
बन्दा
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
يَدْعُوهُ कि वो पुकारे उसे yadʿūhu
कि वो पुकारे उसे
كَادُوا۟ क़रीब थे वो kādū
क़रीब थे वो
يَكُونُونَ कि वो हो जाऐं yakūnūna
कि वो हो जाऐं
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
لِبَدًۭا गिरोह दर गिरोह(हमला आवर) libadan
गिरोह दर गिरोह(हमला आवर)
١٩ (19)
(19)
और यह कि जब अल्लाह का बंदा1 उसे पुकारता हुआ खड़ा हुआ, तो निकट था कि वे उनपर जत्थे बनकर टूट पड़ते।
७२:२०
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أَدْعُوا۟ मैं पुकारता हूँ adʿū
मैं पुकारता हूँ
رَبِّى अपने रब को rabbī
अपने रब को
وَلَآ और नहीं walā
और नहीं
أُشْرِكُ मैं शरीक ठहराता ush'riku
मैं शरीक ठहराता
بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके
أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को
٢٠ (20)
(20)
आप कह दें : मैं तो केवल अपने पालनहार को पुकारता हूँ और उसके साथ किसी को साझी नहीं ठहराता।
७२:२१
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَآ (do) not
(do) not
أَمْلِكُ नहीं मैं मालिक हो सकता amliku
नहीं मैं मालिक हो सकता
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
ضَرًّۭا किसी नुक़्सान का ḍarran
किसी नुक़्सान का
وَلَا और ना walā
और ना
رَشَدًۭا किसी भलाई का rashadan
किसी भलाई का
٢١ (21)
(21)
आप कह दें : निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए न किसी हानि का अधिकार रखता हूँ और न किसी भलाई का।
७२:२२
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنِّى बेशक innī
बेशक
لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना
يُجِيرَنِى पनाह देगा मुझे yujīranī
पनाह देगा मुझे
مِنَ from mina
from
ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से
أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक
وَلَنْ और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना
أَجِدَ मैं पाऊँगा ajida
मैं पाऊँगा
مِن from min
from
دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
مُلْتَحَدًا कोई जाएपनाह mul'taḥadan
कोई जाएपनाह
٢٢ (22)
(22)
आप कह दें : निश्चय मुझे कदापि कोई अल्लाह से नहीं बचा सकेगा1 और न मैं उसके सिवा कभी कोई शरण का स्थान पाऊँगा।
७२:२३
إِلَّا मगर illā
मगर
بَلَـٰغًۭا पहुँचा देना है balāghan
पहुँचा देना है
مِّنَ from mina
from
ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से (हुक्म) l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से (हुक्म)
وَرِسَـٰلَـٰتِهِۦ ۚ और उसके पैग़ामात warisālātihi
और उसके पैग़ामात
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَعْصِ नाफ़रमानी करेगा yaʿṣi
नाफ़रमानी करेगा
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
نَارَ आग है nāra
आग है
جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें
أَبَدًا हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा
٢٣ (23)
(23)
परंतु (मैं तो केवल) अल्लाह के आदेश पहुँचाने और उसके संदेशों का (अधिकार रखता हूँ)। और जो अल्लाह तथा उसके रसूल की अवज्ञा करेगा, तो निश्चय उसी के लिए जहन्नम की आग है, जिसमें वे हमेशा के लिए रहने वाले हैं।
७२:२४
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
رَأَوْا۟ वो देखेंगे ra-aw
वो देखेंगे
مَا उसे जो
उसे जो
يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते हैं yūʿadūna
वो वादा किए जाते हैं
فَسَيَعْلَمُونَ तो अनक़रीब वो जान लेंगे fasayaʿlamūna
तो अनक़रीब वो जान लेंगे
مَنْ कौन man
कौन
أَضْعَفُ ज़्यादा कमज़ोर है aḍʿafu
ज़्यादा कमज़ोर है
نَاصِرًۭا मददगार के ऐतबार से nāṣiran
मददगार के ऐतबार से
وَأَقَلُّ और कौन ज़्यादा कम है wa-aqallu
और कौन ज़्यादा कम है
عَدَدًۭا तादाद के ऐतबार से ʿadadan
तादाद के ऐतबार से
٢٤ (24)
(24)
यहाँ तक कि जब वे उस चीज़ को देख लेंगे, जिसका उनसे वादा किया जाता है, तो अवश्य जान लेंगे कि कौन है जो सहायक की दृष्टि से अधिक कमज़ोर है और जो संख्या में अधिक कम है?
७२:२५
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنْ नहीं in
नहीं
أَدْرِىٓ मैं जानता adrī
मैं जानता
أَقَرِيبٌۭ क्या क़रीब है aqarībun
क्या क़रीब है
مَّا वो जो
वो जो
تُوعَدُونَ तुम वादा किए जाते हो tūʿadūna
तुम वादा किए जाते हो
أَمْ या am
या
يَجْعَلُ मुक़र्रर कर देगा yajʿalu
मुक़र्रर कर देगा
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब
أَمَدًا कोई मुद्दत amadan
कोई मुद्दत
٢٥ (25)
(25)
आप कह दें : मैं नहीं जानता कि जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जाता है, वह निकट है अथवा मेरा पालनहार उसके लिए कोई अवधि निर्धारित करेगा?
७२:२६
عَـٰلِمُ जानने वाला है ʿālimu
जानने वाला है
ٱلْغَيْبِ ग़ैब का l-ghaybi
ग़ैब का
فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं
يُظْهِرُ वो ज़ाहिर करता yuẓ'hiru
वो ज़ाहिर करता
عَلَىٰ from ʿalā
from
غَيْبِهِۦٓ अपने ग़ैब पर ghaybihi
अपने ग़ैब पर
أَحَدًا किसी एक को aḥadan
किसी एक को
٢٦ (26)
(26)
वही ग़ैब (प्रोक्ष) का जानने वाला है। वह अपने ग़ैब (प्रोक्ष) को किसी पर प्रकट नहीं करता।
७२:२७
إِلَّا मगर illā
मगर
مَنِ जिसे mani
जिसे
ٱرْتَضَىٰ वो पसंद करे ir'taḍā
वो पसंद करे
مِن of min
of
رَّسُولٍۢ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल
فَإِنَّهُۥ पस बेशक वो fa-innahu
पस बेशक वो
يَسْلُكُ वो लगा देता है yasluku
वो लगा देता है
مِنۢ from min
from
بَيْنِ before bayni
before
يَدَيْهِ उसके आगे yadayhi
उसके आगे
وَمِنْ and from wamin
and from
خَلْفِهِۦ और उसके पीछे khalfihi
और उसके पीछे
رَصَدًۭا मुहाफ़िज़ raṣadan
मुहाफ़िज़
٢٧ (27)
(27)
सिवाय किसी रसूल के, जिसे वह पसंद कर ले। तो निःसंदेह वह उसके आगे तथा उसके पीछे पहरेदार नियुक्त कर देता है।1
७२:२८
لِّيَعْلَمَ ताकि वो जान ले liyaʿlama
ताकि वो जान ले
أَن कि an
कि
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
أَبْلَغُوا۟ उन्होंने पहुँचा दिए ablaghū
उन्होंने पहुँचा दिए
رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात
رَبِّهِمْ अपने रब के rabbihim
अपने रब के
وَأَحَاطَ और उसने घेर रखा है wa-aḥāṭa
और उसने घेर रखा है
بِمَا उनको जो bimā
उनको जो
لَدَيْهِمْ उनके पास है ladayhim
उनके पास है
وَأَحْصَىٰ और उसने शुमार कर रखा है wa-aḥṣā
और उसने शुमार कर रखा है
كُلَّ हर kulla
हर
شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को
عَدَدًۢا अदद के ऐतबार से ʿadadan
अदद के ऐतबार से
٢٨ (28)
(28)
ताकि वह जान ले कि उन्होंने वास्तव में अपने पालनहार के संदेश1 पहुँचा दिए हैं। और उसने उन सभी चीज़ों को घेर रखा है, जो उनके पास हैं और प्रत्येक वस्तु को गिन रखा है।