१०६

क़ुरैश

मक्की ४ आयतें पारा १
قريش
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१०६:१
لِإِيلَـٰفِ मानूस करने के लिए liīlāfi
मानूस करने के लिए
قُرَيْشٍ क़ुरैश को qurayshin
क़ुरैश को
١ (1)
(1)
क़ुरैश को मानूस कर देने के कारण।
१०६:२
إِۦلَـٰفِهِمْ मानूस करना उन्हें īlāfihim
मानूस करना उन्हें
رِحْلَةَ सफ़र से riḥ'lata
सफ़र से
ٱلشِّتَآءِ सर्दी के l-shitāi
सर्दी के
وَٱلصَّيْفِ और गर्मा के wal-ṣayfi
और गर्मा के
٢ (2)
(2)
उन्हें जाड़े तथा गर्मी की यात्रा से मानूस कर देने के कारण।1
१०६:३
فَلْيَعْبُدُوا۟ पस चाहिए कि वो इबादत करें falyaʿbudū
पस चाहिए कि वो इबादत करें
رَبَّ रब की rabba
रब की
هَـٰذَا उस hādhā
उस
ٱلْبَيْتِ घर के l-bayti
घर के
٣ (3)
(3)
अतः उन्हें चाहिए कि इस घर (काबा) के मालिक की इबादत करें।1
१०६:४
ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने
أَطْعَمَهُم खिलाया उन्हें aṭʿamahum
खिलाया उन्हें
مِّن [from] min
[from]
جُوعٍۢ भूख में jūʿin
भूख में
وَءَامَنَهُم और उसने अमन दिया उन्हें waāmanahum
और उसने अमन दिया उन्हें
مِّنْ from min
from
خَوْفٍۭ ख़ौफ़ से khawfin
ख़ौफ़ से
٤ (4)
(4)
जिसने उन्हें भूख में खिलाया तथा उन्हें भय से सुरक्षित किया।