१०५
अल-फ़ील
الفيل
सूरह अल-फ़ील (الفيل) पवित्र क़ुरआन का १०५ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें ५ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।
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बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१०५:१
أَلَمْक्या नहींalamتَرَआपने देखाtaraكَيْفَकिस तरहkayfaفَعَلَकियाfaʿalaرَبُّكَआपके रब नेrabbukaبِأَصْحَـٰبِwith (the) Companionsbi-aṣḥābiٱلْفِيلِहाथी वालों के साथl-fīli١
क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने हाथी वालों के साथ किस तरह किया?
१०५:२
أَلَمْक्या नहींalamيَجْعَلْउसने कर दिया थाyajʿalكَيْدَهُمْउनकी चाल कोkaydahumفِىgofīتَضْلِيلٍۢबेकार/ अकारतtaḍlīlin٢
क्या उसने उनकी चाल को विफल नहीं कर दिया?
१०५:३
وَأَرْسَلَऔर उसने भेजेwa-arsalaعَلَيْهِمْउन परʿalayhimطَيْرًاपरिन्देṭayranأَبَابِيلَझुंड के झुंडabābīla٣
और उनपर झुंड के झुंड पक्षी भेजे।
१०५:४
تَرْمِيهِمजो फेंकते थे उन परtarmīhimبِحِجَارَةٍۢपत्थरbiḥijāratinمِّنofminسِجِّيلٍۢकंकर की (क़िस्म ) केsijjīlin٤
जो उनपर पकी हुई मिट्टी (खंगर) की कंकड़ियाँ फेंक रहे थे।
१०५:५
فَجَعَلَهُمْतो उसने कर दिया उन्हेंfajaʿalahumكَعَصْفٍۢभूसे की तरहkaʿaṣfinمَّأْكُولٍۭखाए हुएmakūlin٥
तो उसने उन्हें खाए हुए भूसे की तरह कर दिया।1
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