१०४
अल-हुमज़ा
الهمزة
सूरह अल-हुमज़ा (الهمزة) पवित्र क़ुरआन का १०४ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें ९ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।
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बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१०४:१
وَيْلٌۭहलाकत हैwaylunلِّكُلِّवास्ते हरlikulliهُمَزَةٍۢऐब लगाने वालेhumazatinلُّمَزَةٍग़ीबत करने वाले केlumazatin١
विनाश है प्रत्येक बहुत ग़ीबत करने वाले और बहुत दोष लगाने वाले के लिए।
१०४:२
ٱلَّذِىवो जिसनेalladhīجَمَعَजमा कियाjamaʿaمَالًۭاमालmālanوَعَدَّدَهُۥऔर उसने गिन-गिन कर रखा उसेwaʿaddadahu٢
जिसने धन एकत्र किया और उसे गिन-गिन कर रखा।
१०४:३
يَحْسَبُवो समझता हैyaḥsabuأَنَّकि बेशकannaمَالَهُۥٓमाल उसकाmālahuأَخْلَدَهُۥहमेशगी बख़्शेगा उसेakhladahu٣
वह समझता है कि उसके धन ने उसे हमेशा रहने वाला बना दिया?
१०४:४
كَلَّا ۖहरगिज़ नहींkallāلَيُنۢبَذَنَّअलबत्ता वो ज़रूर डाला जाएगाlayunbadhannaفِىinfīٱلْحُطَمَةِहुतामा मेंl-ḥuṭamati٤
कदापि नहीं, वह अवश्य 'ह़ुतमा' में फेंका जाएगा।
१०४:५
وَمَآऔर क्या चीज़wamāأَدْرَىٰكَबताए आपकोadrākaمَاक्या हैmāٱلْحُطَمَةُहुतामाl-ḥuṭamatu٥
और तुम क्या जानो कि वह 'हुतमा' क्या है?
१०४:६
نَارُआग हैnāruٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiٱلْمُوقَدَةُभड़काई हुईl-mūqadatu٦
वह अल्लाह की भड़काई हुई आग है।
१०४:७
ٱلَّتِىवो जोallatīتَطَّلِعُचढ़ आती हैtaṭṭaliʿuعَلَىtoʿalāٱلْأَفْـِٔدَةِदिलों परl-afidati٧
जो दिलों तक जा पहुँचेगी।
१०४:८
إِنَّهَاबेशक वोinnahāعَلَيْهِمउन परʿalayhimمُّؤْصَدَةٌۭबन्द की हुई हैmu'ṣadatun٨
निःसंदेह वह उनपर बंद कर दी जाएगी।
१०४:९
فِىInfīعَمَدٍۢसुतूनों मेंʿamadinمُّمَدَّدَةٍۭलम्बे-लम्बेmumaddadatin٩
लंबे-लंबे स्तंभों में।1
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