३३
अल-अहज़ाब
الأحزاب
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३३:१
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी ٱتَّقِ डरिए ittaqi
डरिए ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَلَا और ना walā
और ना تُطِعِ आप इताअत कीजिए tuṭiʿi
आप इताअत कीजिए ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों l-kāfirīna
काफ़िरों وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ ۗ मुनाफ़िक़ों की wal-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ١ (1)
(1)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी ٱتَّقِ डरिए ittaqi
डरिए ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَلَا और ना walā
और ना تُطِعِ आप इताअत कीजिए tuṭiʿi
आप इताअत कीजिए ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों l-kāfirīna
काफ़िरों وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ ۗ मुनाफ़िक़ों की wal-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ١ (1)
(1)
ऐ नबी! अल्लाह से डरें, और काफ़िरों तथा मुनाफ़िक़ों का कहना न मानें। निश्चय अल्लाह सब कुछ जानने वाला, बड़ी हिकमत वाला है।1
३३:२
وَٱتَّبِعْ
और पैरवी कीजिए
wa-ittabiʿ
और पैरवी कीजिए مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती yūḥā
वही की जाती إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ ۚ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ٢ (2)
(2)
और पैरवी कीजिए مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती yūḥā
वही की जाती إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ ۚ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ٢ (2)
(2)
तथा उसका अनुसरण करें, जो आपके पालनहार की तरफ से आपकी ओर वह़्य की जा रही है। निश्चय अल्लाह उसकी पूरी ख़बर रखने वाला है, जो तुम कर रहे हो।
३३:३
وَتَوَكَّلْ
और तवकक्कल कीजिए
watawakkal
और तवकक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٣ (3)
(3)
और तवकक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٣ (3)
(3)
और अल्लाह पर भरोसा रखें तथा अल्लाह संरक्षक के रूप में काफ़ी है।
३३:४
مَّا
नहीं
mā
नहीं جَعَلَ बनाए jaʿala
बनाए ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لِرَجُلٍۢ किसी शख़्स के लिए lirajulin
किसी शख़्स के लिए مِّن [of] min
[of] قَلْبَيْنِ दो दिल qalbayni
दो दिल فِى in fī
in جَوْفِهِۦ ۚ उसके सीने में jawfihi
उसके सीने में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلَ उसने बनाया jaʿala
उसने बनाया أَزْوَٰجَكُمُ तुम्हारी बीवियों को azwājakumu
तुम्हारी बीवियों को ٱلَّـٰٓـِٔى वो जो allāī
वो जो تُظَـٰهِرُونَ तुम ज़िहार करते हो tuẓāhirūna
तुम ज़िहार करते हो مِنْهُنَّ जिनसे min'hunna
जिनसे أُمَّهَـٰتِكُمْ ۚ माँऐं तुम्हारी ummahātikum
माँऐं तुम्हारी وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلَ उसने बनाया jaʿala
उसने बनाया أَدْعِيَآءَكُمْ तुम्हारे मुँह बोले बेटों को adʿiyāakum
तुम्हारे मुँह बोले बेटों को أَبْنَآءَكُمْ ۚ बेटे तुम्हारे abnāakum
बेटे तुम्हारे ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये قَوْلُكُم बात है तुम्हारी qawlukum
बात है तुम्हारी بِأَفْوَٰهِكُمْ ۖ तुम्हारे मुँहों से bi-afwāhikum
तुम्हारे मुँहों से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَقُولُ फ़रमाता है yaqūlu
फ़रमाता है ٱلْحَقَّ हक़ l-ḥaqa
हक़ وَهُوَ और वो ही wahuwa
और वो ही يَهْدِى वो रहनुमाई करता है yahdī
वो रहनुमाई करता है ٱلسَّبِيلَ रास्ते की l-sabīla
रास्ते की ٤ (4)
(4)
नहीं جَعَلَ बनाए jaʿala
बनाए ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لِرَجُلٍۢ किसी शख़्स के लिए lirajulin
किसी शख़्स के लिए مِّن [of] min
[of] قَلْبَيْنِ दो दिल qalbayni
दो दिल فِى in fī
in جَوْفِهِۦ ۚ उसके सीने में jawfihi
उसके सीने में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلَ उसने बनाया jaʿala
उसने बनाया أَزْوَٰجَكُمُ तुम्हारी बीवियों को azwājakumu
तुम्हारी बीवियों को ٱلَّـٰٓـِٔى वो जो allāī
वो जो تُظَـٰهِرُونَ तुम ज़िहार करते हो tuẓāhirūna
तुम ज़िहार करते हो مِنْهُنَّ जिनसे min'hunna
जिनसे أُمَّهَـٰتِكُمْ ۚ माँऐं तुम्हारी ummahātikum
माँऐं तुम्हारी وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلَ उसने बनाया jaʿala
उसने बनाया أَدْعِيَآءَكُمْ तुम्हारे मुँह बोले बेटों को adʿiyāakum
तुम्हारे मुँह बोले बेटों को أَبْنَآءَكُمْ ۚ बेटे तुम्हारे abnāakum
बेटे तुम्हारे ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये قَوْلُكُم बात है तुम्हारी qawlukum
बात है तुम्हारी بِأَفْوَٰهِكُمْ ۖ तुम्हारे मुँहों से bi-afwāhikum
तुम्हारे मुँहों से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَقُولُ फ़रमाता है yaqūlu
फ़रमाता है ٱلْحَقَّ हक़ l-ḥaqa
हक़ وَهُوَ और वो ही wahuwa
और वो ही يَهْدِى वो रहनुमाई करता है yahdī
वो रहनुमाई करता है ٱلسَّبِيلَ रास्ते की l-sabīla
रास्ते की ٤ (4)
(4)
अल्लाह ने किसी व्यक्ति के लिए उसके सीने में दो दिल नहीं बनाए, और न उसने तुम्हारी उन पत्नियों को जिनसे तुम ज़िहार करते हो, तुम्हारी माएँ बनाया है, और न तुम्हारे मुँह बोले बेटों को तुम्हारे बेटे बनाया है। यह तो तुम्हारा अपने मुँह से कहना है और अल्लाह सच कहता है तथा वही सीधी राह दिखाता है।1
३३:५
ٱدْعُوهُمْ
पुकारो उन्हें
id'ʿūhum
पुकारो उन्हें لِـَٔابَآئِهِمْ उनके बापों के (नाम) से liābāihim
उनके बापों के (नाम) से هُوَ वो huwa
वो أَقْسَطُ ज़्यादा इन्साफ़ वाला है aqsaṭu
ज़्यादा इन्साफ़ वाला है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوٓا۟ तुम जानते taʿlamū
तुम जानते ءَابَآءَهُمْ उनके बापों को ābāahum
उनके बापों को فَإِخْوَٰنُكُمْ तो भाई हैं तुम्हारे fa-ikh'wānukum
तो भाई हैं तुम्हारे فِى in fī
in ٱلدِّينِ दीन में l-dīni
दीन में وَمَوَٰلِيكُمْ ۚ और दोस्त हैं तुम्हारे wamawālīkum
और दोस्त हैं तुम्हारे وَلَيْسَ और नहीं walaysa
और नहीं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌۭ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह فِيمَآ इस मामले में जो fīmā
इस मामले में जो أَخْطَأْتُم ख़ता की तुमने akhṭatum
ख़ता की तुमने بِهِۦ उसमें bihi
उसमें وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन مَّا जो mā
जो تَعَمَّدَتْ इरादा करें taʿammadat
इरादा करें قُلُوبُكُمْ ۚ दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٥ (5)
(5)
पुकारो उन्हें لِـَٔابَآئِهِمْ उनके बापों के (नाम) से liābāihim
उनके बापों के (नाम) से هُوَ वो huwa
वो أَقْسَطُ ज़्यादा इन्साफ़ वाला है aqsaṭu
ज़्यादा इन्साफ़ वाला है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوٓا۟ तुम जानते taʿlamū
तुम जानते ءَابَآءَهُمْ उनके बापों को ābāahum
उनके बापों को فَإِخْوَٰنُكُمْ तो भाई हैं तुम्हारे fa-ikh'wānukum
तो भाई हैं तुम्हारे فِى in fī
in ٱلدِّينِ दीन में l-dīni
दीन में وَمَوَٰلِيكُمْ ۚ और दोस्त हैं तुम्हारे wamawālīkum
और दोस्त हैं तुम्हारे وَلَيْسَ और नहीं walaysa
और नहीं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌۭ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह فِيمَآ इस मामले में जो fīmā
इस मामले में जो أَخْطَأْتُم ख़ता की तुमने akhṭatum
ख़ता की तुमने بِهِۦ उसमें bihi
उसमें وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन مَّا जो mā
जो تَعَمَّدَتْ इरादा करें taʿammadat
इरादा करें قُلُوبُكُمْ ۚ दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٥ (5)
(5)
उन्हें उनके बापों की ओर मनसूब करके पुकारो। यह अल्लाह के निकट अधिक न्याय की बात है और यदि तुम उनके बापों को न जानो, तो वे तुम्हारे धार्मिक भाई तथा तुम्हारे मित्र हैं। और तुमपर उसमें कोई दोष नहीं है, जो ग़लती से हो जाए, लेकिन (उसमें दोष है) जो दिल के इरादे से करो। तथा अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, अति दयावान् है।
३३:६
ٱلنَّبِىُّ
नबी
al-nabiyu
नबी أَوْلَىٰ क़रीबतर है awlā
क़रीबतर है بِٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के bil-mu'minīna
मोमिनों के مِنْ than min
than أَنفُسِهِمْ ۖ उनके नफ़्सों से anfusihim
उनके नफ़्सों से وَأَزْوَٰجُهُۥٓ और बीवियाँ उसकी wa-azwājuhu
और बीवियाँ उसकी أُمَّهَـٰتُهُمْ ۗ माँऐं हैं उनकी ummahātuhum
माँऐं हैं उनकी وَأُو۟لُوا۟ And possessors wa-ulū
And possessors ٱلْأَرْحَامِ और रहम वाले (रिश्तेदार) l-arḥāmi
और रहम वाले (रिश्तेदार) بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلَىٰ नज़दीकतर हैं awlā
नज़दीकतर हैं بِبَعْضٍۢ बाज़ के bibaʿḍin
बाज़ के فِى in fī
in كِتَـٰبِ किताब में kitābi
किताब में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مِنَ than mina
than ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से وَٱلْمُهَـٰجِرِينَ और मोहाजिरीन में से wal-muhājirīna
और मोहाजिरीन में से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَفْعَلُوٓا۟ तुम करे tafʿalū
तुम करे إِلَىٰٓ to ilā
to أَوْلِيَآئِكُم तरफ़ अपने दोस्तों के awliyāikum
तरफ़ अपने दोस्तों के مَّعْرُوفًۭا ۚ कोई भलाई maʿrūfan
कोई भलाई كَانَ है kāna
है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مَسْطُورًۭا लिखा हुआ masṭūran
लिखा हुआ ٦ (6)
(6)
नबी أَوْلَىٰ क़रीबतर है awlā
क़रीबतर है بِٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के bil-mu'minīna
मोमिनों के مِنْ than min
than أَنفُسِهِمْ ۖ उनके नफ़्सों से anfusihim
उनके नफ़्सों से وَأَزْوَٰجُهُۥٓ और बीवियाँ उसकी wa-azwājuhu
और बीवियाँ उसकी أُمَّهَـٰتُهُمْ ۗ माँऐं हैं उनकी ummahātuhum
माँऐं हैं उनकी وَأُو۟لُوا۟ And possessors wa-ulū
And possessors ٱلْأَرْحَامِ और रहम वाले (रिश्तेदार) l-arḥāmi
और रहम वाले (रिश्तेदार) بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلَىٰ नज़दीकतर हैं awlā
नज़दीकतर हैं بِبَعْضٍۢ बाज़ के bibaʿḍin
बाज़ के فِى in fī
in كِتَـٰبِ किताब में kitābi
किताब में ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مِنَ than mina
than ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से وَٱلْمُهَـٰجِرِينَ और मोहाजिरीन में से wal-muhājirīna
और मोहाजिरीन में से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَفْعَلُوٓا۟ तुम करे tafʿalū
तुम करे إِلَىٰٓ to ilā
to أَوْلِيَآئِكُم तरफ़ अपने दोस्तों के awliyāikum
तरफ़ अपने दोस्तों के مَّعْرُوفًۭا ۚ कोई भलाई maʿrūfan
कोई भलाई كَانَ है kāna
है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مَسْطُورًۭا लिखा हुआ masṭūran
लिखा हुआ ٦ (6)
(6)
यह नबी1 ईमान वालों पर उनके अपने प्राणों से अधिक हक़ रखने वाले हैं। और नबी की पत्नियाँ उनकी माताएँ2 हैं। और रिश्तेदार, अल्लाह की किताब के अनुसार, (अन्य) ईमान वालों और मुहाजिरों से एक-दूसरे के अधिक हक़दार3 हैं। सिवाय इसके कि तुम अपने मित्रों के साथ कोई भलाई करो। यह पुस्तक में लिखा हुआ है।
३३:७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِنَ from mina
from ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों से l-nabiyīna
नबियों से مِيثَـٰقَهُمْ पुख़्ता अहद उनका mīthāqahum
पुख़्ता अहद उनका وَمِنكَ और आपसे waminka
और आपसे وَمِن and from wamin
and from نُّوحٍۢ और नूह nūḥin
और नूह وَإِبْرَٰهِيمَ और इब्राहीम wa-ib'rāhīma
और इब्राहीम وَمُوسَىٰ और मूसा wamūsā
और मूसा وَعِيسَى and Isa waʿīsā
and Isa ٱبْنِ son ib'ni
son مَرْيَمَ ۖ और ईसा इब्ने मरयम से maryama
और ईसा इब्ने मरयम से وَأَخَذْنَا और लिया हमने wa-akhadhnā
और लिया हमने مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे مِّيثَـٰقًا अहद mīthāqan
अहद غَلِيظًۭا पुख़्ता /पक्का ghalīẓan
पुख़्ता /पक्का ٧ (7)
(7)
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِنَ from mina
from ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों से l-nabiyīna
नबियों से مِيثَـٰقَهُمْ पुख़्ता अहद उनका mīthāqahum
पुख़्ता अहद उनका وَمِنكَ और आपसे waminka
और आपसे وَمِن and from wamin
and from نُّوحٍۢ और नूह nūḥin
और नूह وَإِبْرَٰهِيمَ और इब्राहीम wa-ib'rāhīma
और इब्राहीम وَمُوسَىٰ और मूसा wamūsā
और मूसा وَعِيسَى and Isa waʿīsā
and Isa ٱبْنِ son ib'ni
son مَرْيَمَ ۖ और ईसा इब्ने मरयम से maryama
और ईसा इब्ने मरयम से وَأَخَذْنَا और लिया हमने wa-akhadhnā
और लिया हमने مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे مِّيثَـٰقًا अहद mīthāqan
अहद غَلِيظًۭا पुख़्ता /पक्का ghalīẓan
पुख़्ता /पक्का ٧ (7)
(7)
तथा (याद करो) जब हमने नबियों से उनका वचन1 लिया। तथा (विशेष रूप से) आपसे और नूह और इबराहीम और मूसा और मरयम के पुत्र ईसा से। और हमने उनसे दृढ़ वचन लिया।
३३:८
لِّيَسْـَٔلَ
ताकि वो सवाल करे
liyasala
ताकि वो सवाल करे ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों से l-ṣādiqīna
सच्चों से عَن about ʿan
about صِدْقِهِمْ ۚ उनके सच के बारे में ṣid'qihim
उनके सच के बारे में وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ٨ (8)
(8)
ताकि वो सवाल करे ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों से l-ṣādiqīna
सच्चों से عَن about ʿan
about صِدْقِهِمْ ۚ उनके सच के बारे में ṣid'qihim
उनके सच के बारे में وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ٨ (8)
(8)
ताकि वह सच्चे लोगों से उनकी सच्चाई के बारे में पूछे1 तथा उसने काफ़िरों के लिए दर्दनाक यातना तैयार कर रखी है।
३३:९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَةَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ अपने ऊपर ʿalaykum
अपने ऊपर إِذْ जब idh
जब جَآءَتْكُمْ आए तुम्हारे पास jāatkum
आए तुम्हारे पास جُنُودٌۭ कई लश्कर junūdun
कई लश्कर فَأَرْسَلْنَا तो भेजी हमने fa-arsalnā
तो भेजी हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर رِيحًۭا एक आँधी rīḥan
एक आँधी وَجُنُودًۭا और कुछ लश्कर wajunūdan
और कुछ लश्कर لَّمْ नहीं lam
नहीं تَرَوْهَا ۚ तुम ने देखा उन्हें tarawhā
तुम ने देखा उन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرًا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٩ (9)
(9)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَةَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ अपने ऊपर ʿalaykum
अपने ऊपर إِذْ जब idh
जब جَآءَتْكُمْ आए तुम्हारे पास jāatkum
आए तुम्हारे पास جُنُودٌۭ कई लश्कर junūdun
कई लश्कर فَأَرْسَلْنَا तो भेजी हमने fa-arsalnā
तो भेजी हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर رِيحًۭا एक आँधी rīḥan
एक आँधी وَجُنُودًۭا और कुछ लश्कर wajunūdan
और कुछ लश्कर لَّمْ नहीं lam
नहीं تَرَوْهَا ۚ तुम ने देखा उन्हें tarawhā
तुम ने देखा उन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرًا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٩ (9)
(9)
ऐ ईमान वालो! अपने ऊपर अल्लाह के उपकार को याद करो, जब सेनाएँ तुमपर चढ़ आईं, तो हमने उनपर आँधी भेज दी और ऐसी सेनाएँ, जिन्हें तुमने नहीं देखा। और जो कुछ तुम कर रहे थे, अल्लाह उसे खूब देखने वाला था।
३३:१०
إِذْ
जब
idh
जब جَآءُوكُم वो आए तुम पर jāūkum
वो आए तुम पर مِّن from min
from فَوْقِكُمْ तुम्हारे ऊपर से fawqikum
तुम्हारे ऊपर से وَمِنْ and from wamin
and from أَسْفَلَ और नीचे से asfala
और नीचे से مِنكُمْ तुम्हारे minkum
तुम्हारे وَإِذْ और जब wa-idh
और जब زَاغَتِ फिर गईं zāghati
फिर गईं ٱلْأَبْصَـٰرُ निगाहें l-abṣāru
निगाहें وَبَلَغَتِ और पहुँच गए wabalaghati
और पहुँच गए ٱلْقُلُوبُ दिल l-qulūbu
दिल ٱلْحَنَاجِرَ गलों तक l-ḥanājira
गलों तक وَتَظُنُّونَ और तुम गुमान कर रहे थे wataẓunnūna
और तुम गुमान कर रहे थे بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में ٱلظُّنُونَا۠ बहुत से गुमान l-ẓunūnā
बहुत से गुमान ١٠ (10)
(10)
जब جَآءُوكُم वो आए तुम पर jāūkum
वो आए तुम पर مِّن from min
from فَوْقِكُمْ तुम्हारे ऊपर से fawqikum
तुम्हारे ऊपर से وَمِنْ and from wamin
and from أَسْفَلَ और नीचे से asfala
और नीचे से مِنكُمْ तुम्हारे minkum
तुम्हारे وَإِذْ और जब wa-idh
और जब زَاغَتِ फिर गईं zāghati
फिर गईं ٱلْأَبْصَـٰرُ निगाहें l-abṣāru
निगाहें وَبَلَغَتِ और पहुँच गए wabalaghati
और पहुँच गए ٱلْقُلُوبُ दिल l-qulūbu
दिल ٱلْحَنَاجِرَ गलों तक l-ḥanājira
गलों तक وَتَظُنُّونَ और तुम गुमान कर रहे थे wataẓunnūna
और तुम गुमान कर रहे थे بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में ٱلظُّنُونَا۠ बहुत से गुमान l-ẓunūnā
बहुत से गुमान ١٠ (10)
(10)
जब वे तुमपर, तुम्हारे ऊपर से तथा तुम्हारे नीचे से चढ़ आए, तथा जब आँखें फिर गईं, और दिल गले तक पहुँच गए, तथा तुम अल्लाह के बारे में तरह-तरह के गुमान करने लगे।1
३३:११
هُنَالِكَ
उस वक़्त
hunālika
उस वक़्त ٱبْتُلِىَ आज़माए गए ub'tuliya
आज़माए गए ٱلْمُؤْمِنُونَ सब मोमिन l-mu'minūna
सब मोमिन وَزُلْزِلُوا۟ और वो हिला मारे गए wazul'zilū
और वो हिला मारे गए زِلْزَالًۭا हिला मारा जाना zil'zālan
हिला मारा जाना شَدِيدًۭا शिद्दत का shadīdan
शिद्दत का ١١ (11)
(11)
उस वक़्त ٱبْتُلِىَ आज़माए गए ub'tuliya
आज़माए गए ٱلْمُؤْمِنُونَ सब मोमिन l-mu'minūna
सब मोमिन وَزُلْزِلُوا۟ और वो हिला मारे गए wazul'zilū
और वो हिला मारे गए زِلْزَالًۭا हिला मारा जाना zil'zālan
हिला मारा जाना شَدِيدًۭا शिद्दत का shadīdan
शिद्दत का ١١ (11)
(11)
इस जगह ईमान वाले आज़माए गए और वे पूर्ण रूप से झंझोड़ दिए गए।
३३:१२
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब يَقُولُ कह रहे थे yaqūlu
कह रहे थे ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ وَٱلَّذِينَ और वो लोग wa-alladhīna
और वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم जिनके दिलों में qulūbihim
जिनके दिलों में مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है مَّا नहीं mā
नहीं وَعَدَنَا वादा किया हमसे waʿadanā
वादा किया हमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥٓ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने إِلَّا मगर illā
मगर غُرُورًۭا धोके का ghurūran
धोके का ١٢ (12)
(12)
और जब يَقُولُ कह रहे थे yaqūlu
कह रहे थे ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ وَٱلَّذِينَ और वो लोग wa-alladhīna
और वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم जिनके दिलों में qulūbihim
जिनके दिलों में مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है مَّا नहीं mā
नहीं وَعَدَنَا वादा किया हमसे waʿadanā
वादा किया हमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥٓ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने إِلَّا मगर illā
मगर غُرُورًۭا धोके का ghurūran
धोके का ١٢ (12)
(12)
और जब मुनाफ़िक़ और वे लोग जिनके दिलों में रोग है, कह रहे थे : अल्लाह और उसके रसूल ने हमसे जो वादा किया था, वह मात्र धोखा था।
३३:१३
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَت कहा qālat
कहा طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَـٰٓأَهْلَ ऐ अहले yāahla
ऐ अहले يَثْرِبَ यसरब yathriba
यसरब لَا No lā
No مُقَامَ नहीं कोई जगह ठहरने की muqāma
नहीं कोई जगह ठहरने की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَٱرْجِعُوا۟ ۚ पस लौट चलो fa-ir'jiʿū
पस लौट चलो وَيَسْتَـْٔذِنُ और इजाज़त माँग रहा था wayastadhinu
और इजाज़त माँग रहा था فَرِيقٌۭ एक गिरोह farīqun
एक गिरोह مِّنْهُمُ उनमें से min'humu
उनमें से ٱلنَّبِىَّ नबी से l-nabiya
नबी से يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे إِنَّ बेशक inna
बेशक بُيُوتَنَا हमारे घर तो buyūtanā
हमारे घर तो عَوْرَةٌۭ ग़ैर महफ़ूज़ हैं ʿawratun
ग़ैर महफ़ूज़ हैं وَمَا हालाँकि नहीं थे wamā
हालाँकि नहीं थे هِىَ वो hiya
वो بِعَوْرَةٍ ۖ ग़ैर महफ़ूज़ biʿawratin
ग़ैर महफ़ूज़ إِن नहीं in
नहीं يُرِيدُونَ वो चाहते थे yurīdūna
वो चाहते थे إِلَّا मगर illā
मगर فِرَارًۭا फ़रार होना firāran
फ़रार होना ١٣ (13)
(13)
और जब قَالَت कहा qālat
कहा طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَـٰٓأَهْلَ ऐ अहले yāahla
ऐ अहले يَثْرِبَ यसरब yathriba
यसरब لَا No lā
No مُقَامَ नहीं कोई जगह ठहरने की muqāma
नहीं कोई जगह ठहरने की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَٱرْجِعُوا۟ ۚ पस लौट चलो fa-ir'jiʿū
पस लौट चलो وَيَسْتَـْٔذِنُ और इजाज़त माँग रहा था wayastadhinu
और इजाज़त माँग रहा था فَرِيقٌۭ एक गिरोह farīqun
एक गिरोह مِّنْهُمُ उनमें से min'humu
उनमें से ٱلنَّبِىَّ नबी से l-nabiya
नबी से يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे إِنَّ बेशक inna
बेशक بُيُوتَنَا हमारे घर तो buyūtanā
हमारे घर तो عَوْرَةٌۭ ग़ैर महफ़ूज़ हैं ʿawratun
ग़ैर महफ़ूज़ हैं وَمَا हालाँकि नहीं थे wamā
हालाँकि नहीं थे هِىَ वो hiya
वो بِعَوْرَةٍ ۖ ग़ैर महफ़ूज़ biʿawratin
ग़ैर महफ़ूज़ إِن नहीं in
नहीं يُرِيدُونَ वो चाहते थे yurīdūna
वो चाहते थे إِلَّا मगर illā
मगर فِرَارًۭا फ़रार होना firāran
फ़रार होना ١٣ (13)
(13)
और जब उनके एक गिरोह ने कहा : ऐ यसरिब1 वालो! तुम्हारे लिए ठहरने का कोई अवसर नहीं है। अतः लौट2 चलो। तथा उनमें से एक गिरोह नबी से (वापसी की) अनुमति माँगता था। वे कहते थे : हमारे घर असुरक्षित हैं। हालाँकि वे असुरक्षित नहीं हैं। वे तो केवल भागना चाहते हैं।
३३:१४
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर دُخِلَتْ दाख़िल किए जाते dukhilat
दाख़िल किए जाते عَلَيْهِم उन पर (लश्कर) ʿalayhim
उन पर (लश्कर) مِّنْ from min
from أَقْطَارِهَا उनके अतराफ़ से aqṭārihā
उनके अतराफ़ से ثُمَّ फिर thumma
फिर سُئِلُوا۟ वो सवाल किए जाते su-ilū
वो सवाल किए जाते ٱلْفِتْنَةَ फ़ितना बरपा करने का l-fit'nata
फ़ितना बरपा करने का لَـَٔاتَوْهَا अलबत्ता वो आते उसे laātawhā
अलबत्ता वो आते उसे وَمَا और ना wamā
और ना تَلَبَّثُوا۟ वो इन्तिज़ार करते talabbathū
वो इन्तिज़ार करते بِهَآ उसका bihā
उसका إِلَّا मगर illā
मगर يَسِيرًۭا बहुत थोड़ा yasīran
बहुत थोड़ा ١٤ (14)
(14)
और अगर دُخِلَتْ दाख़िल किए जाते dukhilat
दाख़िल किए जाते عَلَيْهِم उन पर (लश्कर) ʿalayhim
उन पर (लश्कर) مِّنْ from min
from أَقْطَارِهَا उनके अतराफ़ से aqṭārihā
उनके अतराफ़ से ثُمَّ फिर thumma
फिर سُئِلُوا۟ वो सवाल किए जाते su-ilū
वो सवाल किए जाते ٱلْفِتْنَةَ फ़ितना बरपा करने का l-fit'nata
फ़ितना बरपा करने का لَـَٔاتَوْهَا अलबत्ता वो आते उसे laātawhā
अलबत्ता वो आते उसे وَمَا और ना wamā
और ना تَلَبَّثُوا۟ वो इन्तिज़ार करते talabbathū
वो इन्तिज़ार करते بِهَآ उसका bihā
उसका إِلَّا मगर illā
मगर يَسِيرًۭا बहुत थोड़ा yasīran
बहुत थोड़ा ١٤ (14)
(14)
और यदि उनपर उस (मदीने) की चारों ओर से सेनाएँ दाखिल की जातीं, फिर उनसे फितने1 का अह्वान किया जाता, तो वे निश्चित रूप से ऐसा कर डालते और उसमें केवल थोड़ा ही संकोच करते।
३३:१५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो عَـٰهَدُوا۟ वो अहद कर चुके ʿāhadū
वो अहद कर चुके ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले لَا not lā
not يُوَلُّونَ कि नहीं वो फेरेंगे yuwallūna
कि नहीं वो फेरेंगे ٱلْأَدْبَـٰرَ ۚ पुश्तें l-adbāra
पुश्तें وَكَانَ और है wakāna
और है عَهْدُ अहद ʿahdu
अहद ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَسْـُٔولًۭا पूछा जाने वाला masūlan
पूछा जाने वाला ١٥ (15)
(15)
और अलबत्ता तहक़ीक़ كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो عَـٰهَدُوا۟ वो अहद कर चुके ʿāhadū
वो अहद कर चुके ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले لَا not lā
not يُوَلُّونَ कि नहीं वो फेरेंगे yuwallūna
कि नहीं वो फेरेंगे ٱلْأَدْبَـٰرَ ۚ पुश्तें l-adbāra
पुश्तें وَكَانَ और है wakāna
और है عَهْدُ अहद ʿahdu
अहद ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَسْـُٔولًۭا पूछा जाने वाला masūlan
पूछा जाने वाला ١٥ (15)
(15)
जबकि उन्होंने इससे पूर्व अल्लाह से प्रतिज्ञा की थी कि वे पीठ नहीं फेरेंगे। और अल्लाह से की गई प्रतिज्ञा के बारे में तो पूछा ही जाएगा।
३३:१६
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَنفَعَكُمُ फ़ायदा देगा तुम्हें yanfaʿakumu
फ़ायदा देगा तुम्हें ٱلْفِرَارُ भागना l-firāru
भागना إِن अगर in
अगर فَرَرْتُم भागे तुम farartum
भागे तुम مِّنَ from mina
from ٱلْمَوْتِ मौत से l-mawti
मौत से أَوِ या awi
या ٱلْقَتْلِ क़त्ल से l-qatli
क़त्ल से وَإِذًۭا और तब wa-idhan
और तब لَّا not lā
not تُمَتَّعُونَ ना तुम फ़ायदा दिए जाओगे tumattaʿūna
ना तुम फ़ायदा दिए जाओगे إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ١٦ (16)
(16)
कह दीजिए لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَنفَعَكُمُ फ़ायदा देगा तुम्हें yanfaʿakumu
फ़ायदा देगा तुम्हें ٱلْفِرَارُ भागना l-firāru
भागना إِن अगर in
अगर فَرَرْتُم भागे तुम farartum
भागे तुम مِّنَ from mina
from ٱلْمَوْتِ मौत से l-mawti
मौत से أَوِ या awi
या ٱلْقَتْلِ क़त्ल से l-qatli
क़त्ल से وَإِذًۭا और तब wa-idhan
और तब لَّا not lā
not تُمَتَّعُونَ ना तुम फ़ायदा दिए जाओगे tumattaʿūna
ना तुम फ़ायदा दिए जाओगे إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ١٦ (16)
(16)
आप कह दें : यदि तुम मौत से या क़त्ल होने से भागते हो, तो भागना तुम्हें कदापि लाभ नहीं देगा। और उस समय तुम्हें (जीवन का) बहुत थोड़ा1 लाभ दिया जाएगा ।
३३:१७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَن कौन है man
कौन है ذَا (is) it that dhā
(is) it that ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَعْصِمُكُم बचाएगा तुम्हें yaʿṣimukum
बचाएगा तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ سُوٓءًا बुराई का sūan
बुराई का أَوْ या aw
या أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ رَحْمَةًۭ ۚ रहमत का raḥmatan
रहमत का وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَجِدُونَ वो पाऐंगे yajidūna
वो पाऐंगे لَهُم अपने लिए lahum
अपने लिए مِّن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ١٧ (17)
(17)
कह दीजिए مَن कौन है man
कौन है ذَا (is) it that dhā
(is) it that ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَعْصِمُكُم बचाएगा तुम्हें yaʿṣimukum
बचाएगा तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ سُوٓءًا बुराई का sūan
बुराई का أَوْ या aw
या أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ رَحْمَةًۭ ۚ रहमत का raḥmatan
रहमत का وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَجِدُونَ वो पाऐंगे yajidūna
वो पाऐंगे لَهُم अपने लिए lahum
अपने लिए مِّن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ١٧ (17)
(17)
आप कह दीजिए : वह कौन है, जो तुम्हें अल्लाह से बचाएगा, यदि वह तुम्हारे साथ कोई बुराई चाहे अथवा तुम पर कोई दया करना चाहे? और वे अपने लिए अल्लाह के सिवा न कोई संरक्षक पाएँगे और न कोई सहायक।
३३:१८
۞ قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُعَوِّقِينَ रोकने वालों को l-muʿawiqīna
रोकने वालों को مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَٱلْقَآئِلِينَ और कहने वालों को wal-qāilīna
और कहने वालों को لِإِخْوَٰنِهِمْ अपने भाईयों से li-ikh'wānihim
अपने भाईयों से هَلُمَّ आओ halumma
आओ إِلَيْنَا ۖ तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَأْتُونَ वो आते yatūna
वो आते ٱلْبَأْسَ लड़ाई को l-basa
लड़ाई को إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े ١٨ (18)
(18)
तहक़ीक़ يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُعَوِّقِينَ रोकने वालों को l-muʿawiqīna
रोकने वालों को مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَٱلْقَآئِلِينَ और कहने वालों को wal-qāilīna
और कहने वालों को لِإِخْوَٰنِهِمْ अपने भाईयों से li-ikh'wānihim
अपने भाईयों से هَلُمَّ आओ halumma
आओ إِلَيْنَا ۖ तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَأْتُونَ वो आते yatūna
वो आते ٱلْبَأْسَ लड़ाई को l-basa
लड़ाई को إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े ١٨ (18)
(18)
निश्चय अल्लाह तुम में से उन लोगों को भली-भाँति जानता है, जो (जिहाद से) रोकने वाले हैं और जो अपने भाइयों से कहते हैं कि हमारे पास चले आओ और वे युद्ध में बहुत कम आते हैं।
३३:१९
أَشِحَّةً
बख़ील हैं
ashiḥḥatan
बख़ील हैं عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आता है jāa
आता है ٱلْخَوْفُ ख़ौफ़ l-khawfu
ख़ौफ़ رَأَيْتَهُمْ देखते हैं आप उन्हें ra-aytahum
देखते हैं आप उन्हें يَنظُرُونَ वो देखते हैं yanẓurūna
वो देखते हैं إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके تَدُورُ घूमती हैं tadūru
घूमती हैं أَعْيُنُهُمْ आँखें उनकी aʿyunuhum
आँखें उनकी كَٱلَّذِى उस शख़्स की तरह ka-alladhī
उस शख़्स की तरह يُغْشَىٰ ग़शी तारी की जा रही हो yugh'shā
ग़शी तारी की जा रही हो عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर مِنَ from mina
from ٱلْمَوْتِ ۖ मौत की l-mawti
मौत की فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब ذَهَبَ चला जाता है dhahaba
चला जाता है ٱلْخَوْفُ ख़ौफ़ l-khawfu
ख़ौफ़ سَلَقُوكُم बदज़बानी करते हैं आपसे salaqūkum
बदज़बानी करते हैं आपसे بِأَلْسِنَةٍ साथ ज़बानों के bi-alsinatin
साथ ज़बानों के حِدَادٍ तेज़ ḥidādin
तेज़ أَشِحَّةً हिर्स/बुख़्ल करते हुए ashiḥḥatan
हिर्स/बुख़्ल करते हुए عَلَى towards ʿalā
towards ٱلْخَيْرِ ۚ माल पर l-khayri
माल पर أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَمْ नहीं lam
नहीं يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाए yu'minū
वो ईमान लाए فَأَحْبَطَ तो ज़ाया कर दिया fa-aḥbaṭa
तो ज़ाया कर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَعْمَـٰلَهُمْ ۚ उनके अमाल को aʿmālahum
उनके अमाल को وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًۭا बहुत आसान yasīran
बहुत आसान ١٩ (19)
(19)
बख़ील हैं عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आता है jāa
आता है ٱلْخَوْفُ ख़ौफ़ l-khawfu
ख़ौफ़ رَأَيْتَهُمْ देखते हैं आप उन्हें ra-aytahum
देखते हैं आप उन्हें يَنظُرُونَ वो देखते हैं yanẓurūna
वो देखते हैं إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके تَدُورُ घूमती हैं tadūru
घूमती हैं أَعْيُنُهُمْ आँखें उनकी aʿyunuhum
आँखें उनकी كَٱلَّذِى उस शख़्स की तरह ka-alladhī
उस शख़्स की तरह يُغْشَىٰ ग़शी तारी की जा रही हो yugh'shā
ग़शी तारी की जा रही हो عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर مِنَ from mina
from ٱلْمَوْتِ ۖ मौत की l-mawti
मौत की فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब ذَهَبَ चला जाता है dhahaba
चला जाता है ٱلْخَوْفُ ख़ौफ़ l-khawfu
ख़ौफ़ سَلَقُوكُم बदज़बानी करते हैं आपसे salaqūkum
बदज़बानी करते हैं आपसे بِأَلْسِنَةٍ साथ ज़बानों के bi-alsinatin
साथ ज़बानों के حِدَادٍ तेज़ ḥidādin
तेज़ أَشِحَّةً हिर्स/बुख़्ल करते हुए ashiḥḥatan
हिर्स/बुख़्ल करते हुए عَلَى towards ʿalā
towards ٱلْخَيْرِ ۚ माल पर l-khayri
माल पर أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَمْ नहीं lam
नहीं يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाए yu'minū
वो ईमान लाए فَأَحْبَطَ तो ज़ाया कर दिया fa-aḥbaṭa
तो ज़ाया कर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَعْمَـٰلَهُمْ ۚ उनके अमाल को aʿmālahum
उनके अमाल को وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًۭا बहुत आसान yasīran
बहुत आसान ١٩ (19)
(19)
वे तुम्हारे बारे में बड़े कंजूस हैं। फिर जब भय1 का समय आ जाए, तो आप उन्हें देखेंगे कि वे आपकी ओर ऐसे देखते हैं कि उनकी आँखें उस व्यक्ति की तरह घूमती हैं, जिसपर मौत की बेहोशी छा रही हो। फिर जब भय दूर हो जाए, तो तुम्हें तेज़ ज़बानों2 के साथ कष्ट पहुँचाएँगे, इस हाल में कि धन के बहुत लोभी हैं। ये लोग ईमान लाए ही नहीं हैं। इसलिए अल्लाह ने उनके कार्यों को व्यर्थ कर दिया। तथा यह अल्लाह पर अति सरल है।
३३:२०
يَحْسَبُونَ
वो समझते हैं
yaḥsabūna
वो समझते हैं ٱلْأَحْزَابَ गिरोहों /लश्करों को l-aḥzāba
गिरोहों /लश्करों को لَمْ कि नहीं lam
कि नहीं يَذْهَبُوا۟ ۖ वो गए yadhhabū
वो गए وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَأْتِ आ जाऐं yati
आ जाऐं ٱلْأَحْزَابُ गिरोह/लश्कर l-aḥzābu
गिरोह/लश्कर يَوَدُّوا۟ वो चाहेंगे yawaddū
वो चाहेंगे لَوْ काश law
काश أَنَّهُم ये कि वो annahum
ये कि वो بَادُونَ बाहर रहने वाले होते bādūna
बाहर रहने वाले होते فِى among fī
among ٱلْأَعْرَابِ बद्दुओं /एराबियों में l-aʿrābi
बद्दुओं /एराबियों में يَسْـَٔلُونَ वो पूछ लिया करते yasalūna
वो पूछ लिया करते عَنْ about ʿan
about أَنۢبَآئِكُمْ ۖ ख़बरें तुम्हारी anbāikum
ख़बरें तुम्हारी وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كَانُوا۟ वो होते kānū
वो होते فِيكُم तुम में fīkum
तुम में مَّا ना mā
ना قَـٰتَلُوٓا۟ वो जंग करते qātalū
वो जंग करते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत कम qalīlan
बहुत कम ٢٠ (20)
(20)
वो समझते हैं ٱلْأَحْزَابَ गिरोहों /लश्करों को l-aḥzāba
गिरोहों /लश्करों को لَمْ कि नहीं lam
कि नहीं يَذْهَبُوا۟ ۖ वो गए yadhhabū
वो गए وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَأْتِ आ जाऐं yati
आ जाऐं ٱلْأَحْزَابُ गिरोह/लश्कर l-aḥzābu
गिरोह/लश्कर يَوَدُّوا۟ वो चाहेंगे yawaddū
वो चाहेंगे لَوْ काश law
काश أَنَّهُم ये कि वो annahum
ये कि वो بَادُونَ बाहर रहने वाले होते bādūna
बाहर रहने वाले होते فِى among fī
among ٱلْأَعْرَابِ बद्दुओं /एराबियों में l-aʿrābi
बद्दुओं /एराबियों में يَسْـَٔلُونَ वो पूछ लिया करते yasalūna
वो पूछ लिया करते عَنْ about ʿan
about أَنۢبَآئِكُمْ ۖ ख़बरें तुम्हारी anbāikum
ख़बरें तुम्हारी وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كَانُوا۟ वो होते kānū
वो होते فِيكُم तुम में fīkum
तुम में مَّا ना mā
ना قَـٰتَلُوٓا۟ वो जंग करते qātalū
वो जंग करते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत कम qalīlan
बहुत कम ٢٠ (20)
(20)
वे समझते हैं कि सैन्य दल (अभी) नहीं गए1 हैं। और यदि सेनाएँ (दोबारा) आ जाएँ, तो वे चाहेंगे कि काश! वे देहातियों के साथ देहातों में चले जाते और (वहीं से) तुम्हारे समाचार मालूम करते रहते। और अगर वे तुम्हारे साथ होते भी, तो युद्ध में कम ही भाग लेते।
३३:२१
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كَانَ है kāna
है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فِى in fī
in رَسُولِ (the) Messenger rasūli
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल में l-lahi
अल्लाह के रसूल में أُسْوَةٌ नमूना us'watun
नमूना حَسَنَةٌۭ अच्छा ḥasanatun
अच्छा لِّمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो كَانَ हो kāna
हो يَرْجُوا۟ उम्मीद रखता yarjū
उम्मीद रखता ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلْيَوْمَ and the Day wal-yawma
and the Day ٱلْـَٔاخِرَ और आख़िरी दिन की l-ākhira
और आख़िरी दिन की وَذَكَرَ और वो याद करे wadhakara
और वो याद करे ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से ٢١ (21)
(21)
अलबत्ता तहक़ीक़ كَانَ है kāna
है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فِى in fī
in رَسُولِ (the) Messenger rasūli
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल में l-lahi
अल्लाह के रसूल में أُسْوَةٌ नमूना us'watun
नमूना حَسَنَةٌۭ अच्छा ḥasanatun
अच्छा لِّمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो كَانَ हो kāna
हो يَرْجُوا۟ उम्मीद रखता yarjū
उम्मीद रखता ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلْيَوْمَ and the Day wal-yawma
and the Day ٱلْـَٔاخِرَ और आख़िरी दिन की l-ākhira
और आख़िरी दिन की وَذَكَرَ और वो याद करे wadhakara
और वो याद करे ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से ٢١ (21)
(21)
निःसंदेह तुम्हारे लिए अल्लाह के रसूल में उत्तम1 आदर्श है। उसके लिए, जो अल्लाह और अंतिम दिन की आशा रखता हो, तथा अल्लाह को अत्यधिक याद करता हो।
३३:२२
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब رَءَا देखा raā
देखा ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिनों ने l-mu'minūna
मोमिनों ने ٱلْأَحْزَابَ गिरोहों को l-aḥzāba
गिरोहों को قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे هَـٰذَا ये है hādhā
ये है مَا वो ही जो mā
वो ही जो وَعَدَنَا वादा किया हमसे waʿadanā
वादा किया हमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَصَدَقَ और सच फ़रमाया waṣadaqa
और सच फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ ۚ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَمَا और नहीं wamā
और नहीं زَادَهُمْ उसने ज़्यादा किया उन्हें zādahum
उसने ज़्यादा किया उन्हें إِلَّآ मगर illā
मगर إِيمَـٰنًۭا ईमान īmānan
ईमान وَتَسْلِيمًۭا और सुपुर्दगी में wataslīman
और सुपुर्दगी में ٢٢ (22)
(22)
और जब رَءَا देखा raā
देखा ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिनों ने l-mu'minūna
मोमिनों ने ٱلْأَحْزَابَ गिरोहों को l-aḥzāba
गिरोहों को قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे هَـٰذَا ये है hādhā
ये है مَا वो ही जो mā
वो ही जो وَعَدَنَا वादा किया हमसे waʿadanā
वादा किया हमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَصَدَقَ और सच फ़रमाया waṣadaqa
और सच फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ ۚ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَمَا और नहीं wamā
और नहीं زَادَهُمْ उसने ज़्यादा किया उन्हें zādahum
उसने ज़्यादा किया उन्हें إِلَّآ मगर illā
मगर إِيمَـٰنًۭا ईमान īmānan
ईमान وَتَسْلِيمًۭا और सुपुर्दगी में wataslīman
और सुपुर्दगी में ٢٢ (22)
(22)
और जब ईमान वालों ने सेनाएँ देखीं, तो पुकार उठे : यह वही चीज़ है, जिसका अल्लाह और उसके रसूल ने हमसे वादा किया था और अल्लाह और उसके रसूल ने सच कहा। और इस चीज़ ने उनके ईमान तथा आज्ञापालन को और बढ़ा दिया।
३३:२३
مِّنَ
Among
mina
Among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से رِجَالٌۭ कुछ मर्द हैं rijālun
कुछ मर्द हैं صَدَقُوا۟ जिन्होंने सच्चा कर दिया ṣadaqū
जिन्होंने सच्चा कर दिया مَا जो mā
जो عَـٰهَدُوا۟ उन्होंने अहद किया था ʿāhadū
उन्होंने अहद किया था ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से عَلَيْهِ ۖ जिस पर ʿalayhi
जिस पर فَمِنْهُم तो उनमें से वो है famin'hum
तो उनमें से वो है مَّن जो man
जो قَضَىٰ पूरी कर चुका qaḍā
पूरी कर चुका نَحْبَهُۥ नज़र अपनी naḥbahu
नज़र अपनी وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَنتَظِرُ ۖ मुन्तज़िर है yantaẓiru
मुन्तज़िर है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं بَدَّلُوا۟ उन्होंने तब्दीली की baddalū
उन्होंने तब्दीली की تَبْدِيلًۭا तब्दीली करना tabdīlan
तब्दीली करना ٢٣ (23)
(23)
Among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से رِجَالٌۭ कुछ मर्द हैं rijālun
कुछ मर्द हैं صَدَقُوا۟ जिन्होंने सच्चा कर दिया ṣadaqū
जिन्होंने सच्चा कर दिया مَا जो mā
जो عَـٰهَدُوا۟ उन्होंने अहद किया था ʿāhadū
उन्होंने अहद किया था ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से عَلَيْهِ ۖ जिस पर ʿalayhi
जिस पर فَمِنْهُم तो उनमें से वो है famin'hum
तो उनमें से वो है مَّن जो man
जो قَضَىٰ पूरी कर चुका qaḍā
पूरी कर चुका نَحْبَهُۥ नज़र अपनी naḥbahu
नज़र अपनी وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَنتَظِرُ ۖ मुन्तज़िर है yantaẓiru
मुन्तज़िर है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं بَدَّلُوا۟ उन्होंने तब्दीली की baddalū
उन्होंने तब्दीली की تَبْدِيلًۭا तब्दीली करना tabdīlan
तब्दीली करना ٢٣ (23)
(23)
ईमान वालों में से कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अल्लाह से जो प्रतिज्ञा की थी, उसे सच कर दिखाया। फिर उनमें से कुछ तो अपना प्रण1 पूरा कर चुके, और उनमें से कुछ लोग (अभी) प्रतीक्षा कर रहे हैं। और उन्होंने (अपनी प्रतिज्ञा में) तनिक भी परिवर्तन नहीं किया।
३३:२४
لِّيَجْزِىَ
ताकि बदला दे
liyajziya
ताकि बदला दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों को l-ṣādiqīna
सच्चों को بِصِدْقِهِمْ उनकी सच्चाई का biṣid'qihim
उनकी सच्चाई का وَيُعَذِّبَ और वो अज़ाब दे wayuʿadhiba
और वो अज़ाब दे ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को إِن अगर in
अगर شَآءَ वो चाहे shāa
वो चाहे أَوْ या aw
या يَتُوبَ वो मेहरबान होजाए yatūba
वो मेहरबान होजाए عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٢٤ (24)
(24)
ताकि बदला दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों को l-ṣādiqīna
सच्चों को بِصِدْقِهِمْ उनकी सच्चाई का biṣid'qihim
उनकी सच्चाई का وَيُعَذِّبَ और वो अज़ाब दे wayuʿadhiba
और वो अज़ाब दे ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को إِن अगर in
अगर شَآءَ वो चाहे shāa
वो चाहे أَوْ या aw
या يَتُوبَ वो मेहरबान होजाए yatūba
वो मेहरबान होजाए عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٢٤ (24)
(24)
ताकि अल्लाह सच्चे लोगों को उनके सच का बदला प्रदान करे, और मुनाफ़िक़ों को, यदि चाहे तो यातना दे या उनकी तौबा क़बूल कर ले। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
३३:२५
وَرَدَّ
और फेर दिया
waradda
और फेर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِغَيْظِهِمْ साथ उनके ग़ुस्से के bighayẓihim
साथ उनके ग़ुस्से के لَمْ नहीं lam
नहीं يَنَالُوا۟ उन्होंने पाई yanālū
उन्होंने पाई خَيْرًۭا ۚ कोई भलाई khayran
कोई भलाई وَكَفَى और काफ़ी हो गया wakafā
और काफ़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ٱلْقِتَالَ ۚ जंग में l-qitāla
जंग में وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह قَوِيًّا बहुत क़ुव्वत वाला qawiyyan
बहुत क़ुव्वत वाला عَزِيزًۭا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त ٢٥ (25)
(25)
और फेर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِغَيْظِهِمْ साथ उनके ग़ुस्से के bighayẓihim
साथ उनके ग़ुस्से के لَمْ नहीं lam
नहीं يَنَالُوا۟ उन्होंने पाई yanālū
उन्होंने पाई خَيْرًۭا ۚ कोई भलाई khayran
कोई भलाई وَكَفَى और काफ़ी हो गया wakafā
और काफ़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ٱلْقِتَالَ ۚ जंग में l-qitāla
जंग में وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह قَوِيًّا बहुत क़ुव्वत वाला qawiyyan
बहुत क़ुव्वत वाला عَزِيزًۭا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त ٢٥ (25)
(25)
तथा अल्लाह ने काफ़िरों को (मदीना से) उनके क्रोध सहित लौटा दिया, उन्होंने कोई भलाई प्राप्त न की। और अल्लाह ईमान वालों को लड़ाई से काफी हो गया। और अल्लाह बड़ा शक्तिशाली, अत्यंत प्रभुत्वशाली है।
३३:२६
وَأَنزَلَ
और उसने उतारा
wa-anzala
और उसने उतारा ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ظَـٰهَرُوهُم मदद की उनकी ẓāharūhum
मदद की उनकी مِّنْ among min
among أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से مِن from min
from صَيَاصِيهِمْ उनके क़िलों से ṣayāṣīhim
उनके क़िलों से وَقَذَفَ और उसने डाल दिया waqadhafa
और उसने डाल दिया فِى into fī
into قُلُوبِهِمُ उनके दिलों में qulūbihimu
उनके दिलों में ٱلرُّعْبَ रोब l-ruʿ'ba
रोब فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल कर रहे थे taqtulūna
तुम क़त्ल कर रहे थे وَتَأْسِرُونَ और तुम क़ैद कर रहे थे watasirūna
और तुम क़ैद कर रहे थे فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को ٢٦ (26)
(26)
और उसने उतारा ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ظَـٰهَرُوهُم मदद की उनकी ẓāharūhum
मदद की उनकी مِّنْ among min
among أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से مِن from min
from صَيَاصِيهِمْ उनके क़िलों से ṣayāṣīhim
उनके क़िलों से وَقَذَفَ और उसने डाल दिया waqadhafa
और उसने डाल दिया فِى into fī
into قُلُوبِهِمُ उनके दिलों में qulūbihimu
उनके दिलों में ٱلرُّعْبَ रोब l-ruʿ'ba
रोब فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल कर रहे थे taqtulūna
तुम क़त्ल कर रहे थे وَتَأْسِرُونَ और तुम क़ैद कर रहे थे watasirūna
और तुम क़ैद कर रहे थे فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को ٢٦ (26)
(26)
और अल्लाह ने उन किताब वालों को, जिन्होंने उन (काफ़िरों) की सहायता की थी, उनके क़िलों से उतार दिया तथा उनके दिलों में भय1 डाल दिया। तुम उनके एक समूह को क़त्ल करते थे और एक समूह को बंदी बनाते थे।
३३:२७
وَأَوْرَثَكُمْ
और उसने वारिस बनादिया तुम्हें
wa-awrathakum
और उसने वारिस बनादिया तुम्हें أَرْضَهُمْ उनकी ज़मीन का arḍahum
उनकी ज़मीन का وَدِيَـٰرَهُمْ और उनके घरों का wadiyārahum
और उनके घरों का وَأَمْوَٰلَهُمْ और उनके मालों का wa-amwālahum
और उनके मालों का وَأَرْضًۭا और ज़मीन का wa-arḍan
और ज़मीन का لَّمْ नहीं lam
नहीं تَطَـُٔوهَا ۚ तुम ने पामाला किया जिसे taṭaūhā
तुम ने पामाला किया जिसे وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرًۭا ख़ूब क़ुदरत रखने वाला qadīran
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला ٢٧ (27)
(27)
और उसने वारिस बनादिया तुम्हें أَرْضَهُمْ उनकी ज़मीन का arḍahum
उनकी ज़मीन का وَدِيَـٰرَهُمْ और उनके घरों का wadiyārahum
और उनके घरों का وَأَمْوَٰلَهُمْ और उनके मालों का wa-amwālahum
और उनके मालों का وَأَرْضًۭا और ज़मीन का wa-arḍan
और ज़मीन का لَّمْ नहीं lam
नहीं تَطَـُٔوهَا ۚ तुम ने पामाला किया जिसे taṭaūhā
तुम ने पामाला किया जिसे وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرًۭا ख़ूब क़ुदरत रखने वाला qadīran
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला ٢٧ (27)
(27)
और तुम्हें उनकी भूमि तथा उनके घरों और उनके धनों का वारिस बना दिया और उस भूमि का भी जिसपर तुमने क़दम नहीं रखा। और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३३:२८
يَـٰٓأَيُّهَا
O Prophet
yāayyuhā
O Prophet ٱلنَّبِىُّ ऐ नबी l-nabiyu
ऐ नबी قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّأَزْوَٰجِكَ अपनी बीवियों से li-azwājika
अपनी बीवियों से إِن अगर in
अगर كُنتُنَّ हो तुम kuntunna
हो तुम تُرِدْنَ तुम चाहती turid'na
तुम चाहती ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَزِينَتَهَا और ज़ीनत उसकी wazīnatahā
और ज़ीनत उसकी فَتَعَالَيْنَ तो आओ fataʿālayna
तो आओ أُمَتِّعْكُنَّ मैं कुछ सामान दे दूँ तुम्हें umattiʿ'kunna
मैं कुछ सामान दे दूँ तुम्हें وَأُسَرِّحْكُنَّ और मैं रुख़्सत कर दूँ तुम्हें wa-usarriḥ'kunna
और मैं रुख़्सत कर दूँ तुम्हें سَرَاحًۭا रुख़्सत करना sarāḥan
रुख़्सत करना جَمِيلًۭا अच्छे तरीक़े से jamīlan
अच्छे तरीक़े से ٢٨ (28)
(28)
O Prophet ٱلنَّبِىُّ ऐ नबी l-nabiyu
ऐ नबी قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّأَزْوَٰجِكَ अपनी बीवियों से li-azwājika
अपनी बीवियों से إِن अगर in
अगर كُنتُنَّ हो तुम kuntunna
हो तुम تُرِدْنَ तुम चाहती turid'na
तुम चाहती ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَزِينَتَهَا और ज़ीनत उसकी wazīnatahā
और ज़ीनत उसकी فَتَعَالَيْنَ तो आओ fataʿālayna
तो आओ أُمَتِّعْكُنَّ मैं कुछ सामान दे दूँ तुम्हें umattiʿ'kunna
मैं कुछ सामान दे दूँ तुम्हें وَأُسَرِّحْكُنَّ और मैं रुख़्सत कर दूँ तुम्हें wa-usarriḥ'kunna
और मैं रुख़्सत कर दूँ तुम्हें سَرَاحًۭا रुख़्सत करना sarāḥan
रुख़्सत करना جَمِيلًۭا अच्छे तरीक़े से jamīlan
अच्छे तरीक़े से ٢٨ (28)
(28)
ऐ नबी! आप अपनी पत्नियों से कह दें कि यदि तुम सांसारिक जीवन और उसकी शोभा चाहती हो, तो आओ, मैं तुम्हें कुछ सामान दे दूँ और अच्छे तरीक़े से रुख़्सत कर दूँ।
३३:२९
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर كُنتُنَّ हो तुम kuntunna
हो तुम تُرِدْنَ तुम चाहती turid'na
तुम चाहती ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल को warasūlahu
और उसके रसूल को وَٱلدَّارَ और घर को wal-dāra
और घर को ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत के l-ākhirata
आख़िरत के فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने أَعَدَّ तैयार कर रखा है aʿadda
तैयार कर रखा है لِلْمُحْسِنَـٰتِ नेकी करने वालों के लिए lil'muḥ'sināti
नेकी करने वालों के लिए مِنكُنَّ तुम में से minkunna
तुम में से أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٢٩ (29)
(29)
और अगर كُنتُنَّ हो तुम kuntunna
हो तुम تُرِدْنَ तुम चाहती turid'na
तुम चाहती ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल को warasūlahu
और उसके रसूल को وَٱلدَّارَ और घर को wal-dāra
और घर को ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत के l-ākhirata
आख़िरत के فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने أَعَدَّ तैयार कर रखा है aʿadda
तैयार कर रखा है لِلْمُحْسِنَـٰتِ नेकी करने वालों के लिए lil'muḥ'sināti
नेकी करने वालों के लिए مِنكُنَّ तुम में से minkunna
तुम में से أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٢٩ (29)
(29)
और यदि तुम अल्लाह और उसके रसूल तथा आख़िरत के घर को चाहती हो, तो अल्लाह ने तुममें से अच्छे कार्य करने वालियों के लिए बहुत बड़ा बदला1 तैयार कर रखा है।
३३:३०
يَـٰنِسَآءَ
O wives
yānisāa
O wives ٱلنَّبِىِّ ऐ नबी की बीवियो l-nabiyi
ऐ नबी की बीवियो مَن जो कोई man
जो कोई يَأْتِ आएगी yati
आएगी مِنكُنَّ तुम में से minkunna
तुम में से بِفَـٰحِشَةٍۢ बेहयाई को bifāḥishatin
बेहयाई को مُّبَيِّنَةٍۢ खुली mubayyinatin
खुली يُضَـٰعَفْ बढ़ा दिया जाएगा yuḍāʿaf
बढ़ा दिया जाएगा لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब ضِعْفَيْنِ ۚ दोगुना ḍiʿ'fayni
दोगुना وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًۭا बहुत आसान yasīran
बहुत आसान ٣٠ (30)
(30)
O wives ٱلنَّبِىِّ ऐ नबी की बीवियो l-nabiyi
ऐ नबी की बीवियो مَن जो कोई man
जो कोई يَأْتِ आएगी yati
आएगी مِنكُنَّ तुम में से minkunna
तुम में से بِفَـٰحِشَةٍۢ बेहयाई को bifāḥishatin
बेहयाई को مُّبَيِّنَةٍۢ खुली mubayyinatin
खुली يُضَـٰعَفْ बढ़ा दिया जाएगा yuḍāʿaf
बढ़ा दिया जाएगा لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब ضِعْفَيْنِ ۚ दोगुना ḍiʿ'fayni
दोगुना وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًۭا बहुत आसान yasīran
बहुत आसान ٣٠ (30)
(30)
ऐ नबी की पत्नियो! तुममें से जो खुला दुराचार करेगी, उसे दुगनी यातना दी जाएगी। और यह अल्लाह पर अति सरल है।
३३:३१
۞ وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَقْنُتْ इताअत करेगी yaqnut
इताअत करेगी مِنكُنَّ तुम में से minkunna
तुम में से لِلَّهِ अल्लाह की lillahi
अल्लाह की وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल की warasūlihi
और उसके रसूल की وَتَعْمَلْ और वो अमल करेगी wataʿmal
और वो अमल करेगी صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक نُّؤْتِهَآ हम देंगे उसे nu'tihā
हम देंगे उसे أَجْرَهَا अजर उसका ajrahā
अजर उसका مَرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए رِزْقًۭا रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़ كَرِيمًۭا बाइज़्ज़त /उमदा karīman
बाइज़्ज़त /उमदा ٣١ (31)
(31)
और जो कोई يَقْنُتْ इताअत करेगी yaqnut
इताअत करेगी مِنكُنَّ तुम में से minkunna
तुम में से لِلَّهِ अल्लाह की lillahi
अल्लाह की وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल की warasūlihi
और उसके रसूल की وَتَعْمَلْ और वो अमल करेगी wataʿmal
और वो अमल करेगी صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक نُّؤْتِهَآ हम देंगे उसे nu'tihā
हम देंगे उसे أَجْرَهَا अजर उसका ajrahā
अजर उसका مَرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए رِزْقًۭا रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़ كَرِيمًۭا बाइज़्ज़त /उमदा karīman
बाइज़्ज़त /उमदा ٣١ (31)
(31)
तथा तुममें से जो अल्लाह और उसके रसूल का आज्ञापालन करेगी और सत्कर्म करेगी, हम उसे उसका दोहरा प्रतिफल प्रदान करेंगे, और हमने उसके लिए सम्मानजनक जीविका1 तैयार कर रखी है।
३३:३२
يَـٰنِسَآءَ
O wives
yānisāa
O wives ٱلنَّبِىِّ ऐ नबी की बीवियो l-nabiyi
ऐ नबी की बीवियो لَسْتُنَّ नहीं हो तुम lastunna
नहीं हो तुम كَأَحَدٍۢ किसी एक की तरह ka-aḥadin
किसी एक की तरह مِّنَ among mina
among ٱلنِّسَآءِ ۚ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से إِنِ अगर ini
अगर ٱتَّقَيْتُنَّ तुम तक़वा इख़्तियार करो ittaqaytunna
तुम तक़वा इख़्तियार करो فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْضَعْنَ तुम लोच पैदा करना takhḍaʿna
तुम लोच पैदा करना بِٱلْقَوْلِ बात में bil-qawli
बात में فَيَطْمَعَ वरना तमअ करेगा fayaṭmaʿa
वरना तमअ करेगा ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स فِى in fī
in قَلْبِهِۦ जिसके दिल में qalbihi
जिसके दिल में مَرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है وَقُلْنَ और कहो waqul'na
और कहो قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا भली/मारूफ़ maʿrūfan
भली/मारूफ़ ٣٢ (32)
(32)
O wives ٱلنَّبِىِّ ऐ नबी की बीवियो l-nabiyi
ऐ नबी की बीवियो لَسْتُنَّ नहीं हो तुम lastunna
नहीं हो तुम كَأَحَدٍۢ किसी एक की तरह ka-aḥadin
किसी एक की तरह مِّنَ among mina
among ٱلنِّسَآءِ ۚ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से إِنِ अगर ini
अगर ٱتَّقَيْتُنَّ तुम तक़वा इख़्तियार करो ittaqaytunna
तुम तक़वा इख़्तियार करो فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْضَعْنَ तुम लोच पैदा करना takhḍaʿna
तुम लोच पैदा करना بِٱلْقَوْلِ बात में bil-qawli
बात में فَيَطْمَعَ वरना तमअ करेगा fayaṭmaʿa
वरना तमअ करेगा ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स فِى in fī
in قَلْبِهِۦ जिसके दिल में qalbihi
जिसके दिल में مَرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है وَقُلْنَ और कहो waqul'na
और कहो قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا भली/मारूफ़ maʿrūfan
भली/मारूफ़ ٣٢ (32)
(32)
ऐ नबी की पत्नियो! तुम अन्य स्त्रियों के समान नहीं हो। यदि तुम अल्लाह से डरती हो, तो कोमल भाव से बात न करो कि वह व्यक्ति लोभ करने लगे, जिसके दिल में रोग हो। और सभ्य बात बोलो।
३३:३३
وَقَرْنَ
और क़रार पकड़ो
waqarna
और क़रार पकड़ो فِى in fī
in بُيُوتِكُنَّ अपने घरों में buyūtikunna
अपने घरों में وَلَا और ना walā
और ना تَبَرَّجْنَ तुम इज़हारे ज़ीनत करो tabarrajna
तुम इज़हारे ज़ीनत करो تَبَرُّجَ इज़हारे ज़ीनत tabarruja
इज़हारे ज़ीनत ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ जाहिलियत l-jāhiliyati
जाहिलियत ٱلْأُولَىٰ ۖ पहली का l-ūlā
पहली का وَأَقِمْنَ और क़ायम करो wa-aqim'na
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتِينَ और अदा करो waātīna
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَأَطِعْنَ और इताअत करो wa-aṭiʿ'na
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥٓ ۚ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُذْهِبَ कि वो ले जाए liyudh'hiba
कि वो ले जाए عَنكُمُ तुम से ʿankumu
तुम से ٱلرِّجْسَ नापाकी को l-rij'sa
नापाकी को أَهْلَ (O) People ahla
(O) People ٱلْبَيْتِ ऐ अहले बैत l-bayti
ऐ अहले बैत وَيُطَهِّرَكُمْ और वो पाक कर दे तुम्हें wayuṭahhirakum
और वो पाक कर दे तुम्हें تَطْهِيرًۭا ख़ूब पाक करना taṭhīran
ख़ूब पाक करना ٣٣ (33)
(33)
और क़रार पकड़ो فِى in fī
in بُيُوتِكُنَّ अपने घरों में buyūtikunna
अपने घरों में وَلَا और ना walā
और ना تَبَرَّجْنَ तुम इज़हारे ज़ीनत करो tabarrajna
तुम इज़हारे ज़ीनत करो تَبَرُّجَ इज़हारे ज़ीनत tabarruja
इज़हारे ज़ीनत ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ जाहिलियत l-jāhiliyati
जाहिलियत ٱلْأُولَىٰ ۖ पहली का l-ūlā
पहली का وَأَقِمْنَ और क़ायम करो wa-aqim'na
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتِينَ और अदा करो waātīna
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَأَطِعْنَ और इताअत करो wa-aṭiʿ'na
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥٓ ۚ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُذْهِبَ कि वो ले जाए liyudh'hiba
कि वो ले जाए عَنكُمُ तुम से ʿankumu
तुम से ٱلرِّجْسَ नापाकी को l-rij'sa
नापाकी को أَهْلَ (O) People ahla
(O) People ٱلْبَيْتِ ऐ अहले बैत l-bayti
ऐ अहले बैत وَيُطَهِّرَكُمْ और वो पाक कर दे तुम्हें wayuṭahhirakum
और वो पाक कर दे तुम्हें تَطْهِيرًۭا ख़ूब पाक करना taṭhīran
ख़ूब पाक करना ٣٣ (33)
(33)
और अपने घरों में ठहरी रहो, और विगत अज्ञानता के युग की तरह श्रृंगार का प्रदर्शन न करो, तथा नमाज़ क़ायम करो, ज़कात दो तथा अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो। ऐ नबी की घर वालियो! अल्लाह चाहता है कि तुमसे मलिनता को दूर कर दे और तुम्हें पूर्ण रूप से पवित्र कर दे।
३३:३४
وَٱذْكُرْنَ
और याद रखो
wa-udh'kur'na
और याद रखो مَا उसको जो mā
उसको जो يُتْلَىٰ पढ़ा जाता है yut'lā
पढ़ा जाता है فِى in fī
in بُيُوتِكُنَّ तुम्हारे घरों में buyūtikunna
तुम्हारे घरों में مِنْ of min
of ءَايَـٰتِ आयात में से āyāti
आयात में से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱلْحِكْمَةِ ۚ और हिकमत में से wal-ḥik'mati
और हिकमत में से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है لَطِيفًا बहुत बारीक बीन laṭīfan
बहुत बारीक बीन خَبِيرًا ख़ूब बाख़बर khabīran
ख़ूब बाख़बर ٣٤ (34)
(34)
और याद रखो مَا उसको जो mā
उसको जो يُتْلَىٰ पढ़ा जाता है yut'lā
पढ़ा जाता है فِى in fī
in بُيُوتِكُنَّ तुम्हारे घरों में buyūtikunna
तुम्हारे घरों में مِنْ of min
of ءَايَـٰتِ आयात में से āyāti
आयात में से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱلْحِكْمَةِ ۚ और हिकमत में से wal-ḥik'mati
और हिकमत में से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है لَطِيفًا बहुत बारीक बीन laṭīfan
बहुत बारीक बीन خَبِيرًا ख़ूब बाख़बर khabīran
ख़ूब बाख़बर ٣٤ (34)
(34)
तथा तुम्हारे घरों में जो अल्लाह की आयतें और हिकमत1 पढ़ी जाती हैं, उन्हें याद रखो। निःसंदेह अल्लाह सूक्ष्मदर्शी, हर चीज़ की खबर रखनेवाला है।
३३:३५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमान मर्द l-mus'limīna
मुसलमान मर्द وَٱلْمُسْلِمَـٰتِ और मुसलमान औरतें wal-mus'limāti
और मुसलमान औरतें وَٱلْمُؤْمِنِينَ और मोमिन मर्द wal-mu'minīna
और मोमिन मर्द وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतें wal-mu'mināti
और मोमिन औरतें وَٱلْقَـٰنِتِينَ और फ़रमाबरदार मर्द wal-qānitīna
और फ़रमाबरदार मर्द وَٱلْقَـٰنِتَـٰتِ और फ़रमाबरदार औरतें wal-qānitāti
और फ़रमाबरदार औरतें وَٱلصَّـٰدِقِينَ और सच्चे मर्द wal-ṣādiqīna
और सच्चे मर्द وَٱلصَّـٰدِقَـٰتِ और सच्ची औरतें wal-ṣādiqāti
और सच्ची औरतें وَٱلصَّـٰبِرِينَ और सब्र करने वाले मर्द wal-ṣābirīna
और सब्र करने वाले मर्द وَٱلصَّـٰبِرَٰتِ और सब्र करने वाली औरतें wal-ṣābirāti
और सब्र करने वाली औरतें وَٱلْخَـٰشِعِينَ और ख़ुशूअ करने वाले मर्द wal-khāshiʿīna
और ख़ुशूअ करने वाले मर्द وَٱلْخَـٰشِعَـٰتِ और ख़ुशूअ करने वाली औरतें wal-khāshiʿāti
और ख़ुशूअ करने वाली औरतें وَٱلْمُتَصَدِّقِينَ और सदक़ा देने वाले मर्द wal-mutaṣadiqīna
और सदक़ा देने वाले मर्द وَٱلْمُتَصَدِّقَـٰتِ और सदक़ा देने वाली औरतें wal-mutaṣadiqāti
और सदक़ा देने वाली औरतें وَٱلصَّـٰٓئِمِينَ और रोज़ा रखने वाले मर्द wal-ṣāimīna
और रोज़ा रखने वाले मर्द وَٱلصَّـٰٓئِمَـٰتِ और रोज़ा रखने वाली औरतें wal-ṣāimāti
और रोज़ा रखने वाली औरतें وَٱلْحَـٰفِظِينَ और हिफ़ाज़त करने वाले मर्द wal-ḥāfiẓīna
और हिफ़ाज़त करने वाले मर्द فُرُوجَهُمْ अपनी शर्म गाहों की furūjahum
अपनी शर्म गाहों की وَٱلْحَـٰفِظَـٰتِ और हिफ़ाज़त करने वाली औरतें wal-ḥāfiẓāti
और हिफ़ाज़त करने वाली औरतें وَٱلذَّٰكِرِينَ और ज़िक्र करने वाले मर्द wal-dhākirīna
और ज़िक्र करने वाले मर्द ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा وَٱلذَّٰكِرَٰتِ और ज़िक्र करने वाली औरतें wal-dhākirāti
और ज़िक्र करने वाली औरतें أَعَدَّ तैयार कर रखी है aʿadda
तैयार कर रखी है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّغْفِرَةًۭ मग़फ़िरत maghfiratan
मग़फ़िरत وَأَجْرًا और अजर wa-ajran
और अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٣٥ (35)
(35)
बेशक ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमान मर्द l-mus'limīna
मुसलमान मर्द وَٱلْمُسْلِمَـٰتِ और मुसलमान औरतें wal-mus'limāti
और मुसलमान औरतें وَٱلْمُؤْمِنِينَ और मोमिन मर्द wal-mu'minīna
और मोमिन मर्द وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतें wal-mu'mināti
और मोमिन औरतें وَٱلْقَـٰنِتِينَ और फ़रमाबरदार मर्द wal-qānitīna
और फ़रमाबरदार मर्द وَٱلْقَـٰنِتَـٰتِ और फ़रमाबरदार औरतें wal-qānitāti
और फ़रमाबरदार औरतें وَٱلصَّـٰدِقِينَ और सच्चे मर्द wal-ṣādiqīna
और सच्चे मर्द وَٱلصَّـٰدِقَـٰتِ और सच्ची औरतें wal-ṣādiqāti
और सच्ची औरतें وَٱلصَّـٰبِرِينَ और सब्र करने वाले मर्द wal-ṣābirīna
और सब्र करने वाले मर्द وَٱلصَّـٰبِرَٰتِ और सब्र करने वाली औरतें wal-ṣābirāti
और सब्र करने वाली औरतें وَٱلْخَـٰشِعِينَ और ख़ुशूअ करने वाले मर्द wal-khāshiʿīna
और ख़ुशूअ करने वाले मर्द وَٱلْخَـٰشِعَـٰتِ और ख़ुशूअ करने वाली औरतें wal-khāshiʿāti
और ख़ुशूअ करने वाली औरतें وَٱلْمُتَصَدِّقِينَ और सदक़ा देने वाले मर्द wal-mutaṣadiqīna
और सदक़ा देने वाले मर्द وَٱلْمُتَصَدِّقَـٰتِ और सदक़ा देने वाली औरतें wal-mutaṣadiqāti
और सदक़ा देने वाली औरतें وَٱلصَّـٰٓئِمِينَ और रोज़ा रखने वाले मर्द wal-ṣāimīna
और रोज़ा रखने वाले मर्द وَٱلصَّـٰٓئِمَـٰتِ और रोज़ा रखने वाली औरतें wal-ṣāimāti
और रोज़ा रखने वाली औरतें وَٱلْحَـٰفِظِينَ और हिफ़ाज़त करने वाले मर्द wal-ḥāfiẓīna
और हिफ़ाज़त करने वाले मर्द فُرُوجَهُمْ अपनी शर्म गाहों की furūjahum
अपनी शर्म गाहों की وَٱلْحَـٰفِظَـٰتِ और हिफ़ाज़त करने वाली औरतें wal-ḥāfiẓāti
और हिफ़ाज़त करने वाली औरतें وَٱلذَّٰكِرِينَ और ज़िक्र करने वाले मर्द wal-dhākirīna
और ज़िक्र करने वाले मर्द ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा وَٱلذَّٰكِرَٰتِ और ज़िक्र करने वाली औरतें wal-dhākirāti
और ज़िक्र करने वाली औरतें أَعَدَّ तैयार कर रखी है aʿadda
तैयार कर रखी है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّغْفِرَةًۭ मग़फ़िरत maghfiratan
मग़फ़िरत وَأَجْرًا और अजर wa-ajran
और अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٣٥ (35)
(35)
निःसंदेह मुसलमान पुरुष और मुसलमान स्त्रियाँ, ईमान वाले पुरुष और ईमान वाली स्त्रियाँ, आज्ञाकारी पुरुष और आज्ञाकारिणी स्त्रियाँ, सच्चे पुरुष और सच्ची स्त्रियाँ, धैर्यवान पुरुष और धैर्यवान स्त्रियाँ, विनम्रता दिखाने वाले पुरुष और विनम्रता दिखाने वाली स्त्रियाँ, सदक़ा (दान) देने वाले पुरुष और सदक़ा देने वाली स्त्रियाँ, रोज़ा रखने वाले पुरुष और रोज़ा रखने वाली स्त्रियाँ, अपने गुप्तांगों की रक्षा करने वाले पुरुष और रक्षा करने वाली स्त्रियाँ तथा अल्लाह को अत्यधिक याद करने वाले पुरुष और याद करने वाली स्त्रियाँ, अल्लाह ने इनके लिए क्षमा तथा महान प्रतिफल तैयार कर रखा है।1
३३:३६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है لِمُؤْمِنٍۢ किसी मोमिन मर्द के लिए limu'minin
किसी मोमिन मर्द के लिए وَلَا और ना walā
और ना مُؤْمِنَةٍ किसी मोमिन औरत के लिए mu'minatin
किसी मोमिन औरत के लिए إِذَا जब idhā
जब قَضَى फ़ैसला कर दे qaḍā
फ़ैसला कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَرَسُولُهُۥٓ और उसका रसूल warasūluhu
और उसका रसूल أَمْرًا किसी मामले का amran
किसी मामले का أَن कि an
कि يَكُونَ हो yakūna
हो لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْخِيَرَةُ कोई इख़्तियार l-khiyaratu
कोई इख़्तियार مِنْ about min
about أَمْرِهِمْ ۗ अपने मामले में से amrihim
अपने मामले में से وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَعْصِ नाफ़रमानी करेगा yaʿṣi
नाफ़रमानी करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَقَدْ तो तहक़ीक faqad
तो तहक़ीक ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया ضَلَـٰلًۭا भटकना ḍalālan
भटकना مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ٣٦ (36)
(36)
और नहीं كَانَ है kāna
है لِمُؤْمِنٍۢ किसी मोमिन मर्द के लिए limu'minin
किसी मोमिन मर्द के लिए وَلَا और ना walā
और ना مُؤْمِنَةٍ किसी मोमिन औरत के लिए mu'minatin
किसी मोमिन औरत के लिए إِذَا जब idhā
जब قَضَى फ़ैसला कर दे qaḍā
फ़ैसला कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَرَسُولُهُۥٓ और उसका रसूल warasūluhu
और उसका रसूल أَمْرًا किसी मामले का amran
किसी मामले का أَن कि an
कि يَكُونَ हो yakūna
हो لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْخِيَرَةُ कोई इख़्तियार l-khiyaratu
कोई इख़्तियार مِنْ about min
about أَمْرِهِمْ ۗ अपने मामले में से amrihim
अपने मामले में से وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَعْصِ नाफ़रमानी करेगा yaʿṣi
नाफ़रमानी करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَقَدْ तो तहक़ीक faqad
तो तहक़ीक ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया ضَلَـٰلًۭا भटकना ḍalālan
भटकना مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ٣٦ (36)
(36)
तथा किसी ईमान वाले पुरुष और ईमान वाली स्त्री को यह अधिकार नहीं कि जब अल्लाह और उसका रसूल किसी मामले का निर्णय कर दें, तो उनके लिए अपने मामले में कोई अख़्तियार बाक़ी रहे। और जो अल्लाह और उसके रसूल की अवज्ञा करे, वह खुली गुमराही में पड़ गया।1
३३:३७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब تَقُولُ आप कह रहे थे taqūlu
आप कह रहे थे لِلَّذِىٓ उस शख़्स से lilladhī
उस शख़्स से أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर وَأَنْعَمْتَ और इनाम किया आपने wa-anʿamta
और इनाम किया आपने عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर أَمْسِكْ रोक रख amsik
रोक रख عَلَيْكَ अपने पास ʿalayka
अपने पास زَوْجَكَ अपनी बीवी को zawjaka
अपनी बीवी को وَٱتَّقِ और डर wa-ittaqi
और डर ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَتُخْفِى और आप छुपाते थे watukh'fī
और आप छुपाते थे فِى within fī
within نَفْسِكَ अपने दिल में nafsika
अपने दिल में مَا वो जो mā
वो जो ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مُبْدِيهِ ज़ाहिर करने वाला था उसे mub'dīhi
ज़ाहिर करने वाला था उसे وَتَخْشَى और आप डर रहे थे watakhshā
और आप डर रहे थे ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से وَٱللَّهُ हालाँकि अल्लाह wal-lahu
हालाँकि अल्लाह أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि تَخْشَىٰهُ ۖ आप डरें उससे takhshāhu
आप डरें उससे فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब قَضَىٰ पूरी कर चुका qaḍā
पूरी कर चुका زَيْدٌۭ ज़ैद zaydun
ज़ैद مِّنْهَا उससे min'hā
उससे وَطَرًۭا हाजत waṭaran
हाजत زَوَّجْنَـٰكَهَا निकाह कर दिया हमने आपका उससे zawwajnākahā
निकाह कर दिया हमने आपका उससे لِكَىْ so that likay
so that لَا ताकि ना lā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो عَلَى on ʿalā
on ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर حَرَجٌۭ कोई तंगी ḥarajun
कोई तंगी فِىٓ concerning fī
concerning أَزْوَٰجِ बीवियों के मामले में azwāji
बीवियों के मामले में أَدْعِيَآئِهِمْ अपने मुँह बोले बेटों की adʿiyāihim
अपने मुँह बोले बेटों की إِذَا जब idhā
जब قَضَوْا۟ वो पूरा कर चुकें qaḍaw
वो पूरा कर चुकें مِنْهُنَّ उनसे min'hunna
उनसे وَطَرًۭا ۚ हाजत waṭaran
हाजत وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَفْعُولًۭا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला ٣٧ (37)
(37)
और जब تَقُولُ आप कह रहे थे taqūlu
आप कह रहे थे لِلَّذِىٓ उस शख़्स से lilladhī
उस शख़्स से أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर وَأَنْعَمْتَ और इनाम किया आपने wa-anʿamta
और इनाम किया आपने عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर أَمْسِكْ रोक रख amsik
रोक रख عَلَيْكَ अपने पास ʿalayka
अपने पास زَوْجَكَ अपनी बीवी को zawjaka
अपनी बीवी को وَٱتَّقِ और डर wa-ittaqi
और डर ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَتُخْفِى और आप छुपाते थे watukh'fī
और आप छुपाते थे فِى within fī
within نَفْسِكَ अपने दिल में nafsika
अपने दिल में مَا वो जो mā
वो जो ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مُبْدِيهِ ज़ाहिर करने वाला था उसे mub'dīhi
ज़ाहिर करने वाला था उसे وَتَخْشَى और आप डर रहे थे watakhshā
और आप डर रहे थे ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से وَٱللَّهُ हालाँकि अल्लाह wal-lahu
हालाँकि अल्लाह أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि تَخْشَىٰهُ ۖ आप डरें उससे takhshāhu
आप डरें उससे فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब قَضَىٰ पूरी कर चुका qaḍā
पूरी कर चुका زَيْدٌۭ ज़ैद zaydun
ज़ैद مِّنْهَا उससे min'hā
उससे وَطَرًۭا हाजत waṭaran
हाजत زَوَّجْنَـٰكَهَا निकाह कर दिया हमने आपका उससे zawwajnākahā
निकाह कर दिया हमने आपका उससे لِكَىْ so that likay
so that لَا ताकि ना lā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो عَلَى on ʿalā
on ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर حَرَجٌۭ कोई तंगी ḥarajun
कोई तंगी فِىٓ concerning fī
concerning أَزْوَٰجِ बीवियों के मामले में azwāji
बीवियों के मामले में أَدْعِيَآئِهِمْ अपने मुँह बोले बेटों की adʿiyāihim
अपने मुँह बोले बेटों की إِذَا जब idhā
जब قَضَوْا۟ वो पूरा कर चुकें qaḍaw
वो पूरा कर चुकें مِنْهُنَّ उनसे min'hunna
उनसे وَطَرًۭا ۚ हाजत waṭaran
हाजत وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَفْعُولًۭا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला ٣٧ (37)
(37)
तथा (ऐ नबी!) आप (वह समय याद करें) जब आप उस व्यक्ति से, जिसपर अल्लाह ने उपकार किया तथा जिसपर आपने (भी) उपकार किया था, कह रहे थे : अपनी पत्नी को अपने पास रोके रखो तथा अल्लाह से डरो। और आप अपने मन में वह बात छिपा रहे थे, जिसे अल्लाह प्रकट करने वाला1 था। तथा आप लोगों से डर रहे थे, हालाँकि अल्लाह अधिक योग्य है कि आप उससे डरें। फिर जब ज़ैद ने उस (स्त्री) से अपनी आवश्यकता पूरी कर ली, तो हमने आपसे उसका विवाह कर दिया, ताकि ईमान वालों पर अपने मुँह बोले (लेपालक) बेटों की पत्नियों के विषय2 में कोई तंगी न रहे, जब वे उनसे अपनी आवश्यकता पूरी कर लें। तथा अल्लाह का आदेश तो पूरा होकर ही रहता है।
३३:३८
مَّا
नहीं
mā
नहीं كَانَ है kāna
है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلنَّبِىِّ नबी पर l-nabiyi
नबी पर مِنْ any min
any حَرَجٍۢ कोई तंगी ḥarajin
कोई तंगी فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो فَرَضَ मुक़र्रर किया faraḍa
मुक़र्रर किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَهُۥ ۖ उसके लिए lahu
उसके लिए سُنَّةَ तरीक़ा है sunnata
तरीक़ा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का فِى concerning fī
concerning ٱلَّذِينَ उन लोगों में जो alladhīna
उन लोगों में जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके khalaw
गुज़र चुके مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का قَدَرًۭا एक अंदाज़ा qadaran
एक अंदाज़ा مَّقْدُورًا मुक़र्रर किया हुआ maqdūran
मुक़र्रर किया हुआ ٣٨ (38)
(38)
नहीं كَانَ है kāna
है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلنَّبِىِّ नबी पर l-nabiyi
नबी पर مِنْ any min
any حَرَجٍۢ कोई तंगी ḥarajin
कोई तंगी فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो فَرَضَ मुक़र्रर किया faraḍa
मुक़र्रर किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَهُۥ ۖ उसके लिए lahu
उसके लिए سُنَّةَ तरीक़ा है sunnata
तरीक़ा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का فِى concerning fī
concerning ٱلَّذِينَ उन लोगों में जो alladhīna
उन लोगों में जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके khalaw
गुज़र चुके مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का قَدَرًۭا एक अंदाज़ा qadaran
एक अंदाज़ा مَّقْدُورًا मुक़र्रर किया हुआ maqdūran
मुक़र्रर किया हुआ ٣٨ (38)
(38)
नबी पर उस कार्य में कोई तंगी (पाप) नहीं है, जो अल्लाह ने उसके लिए निर्धारित किया है।1 अल्लाह का यही नियम रहा है उन लोगों के बारे में भी जो पहले गुज़र चुके हैं। तथा अल्लाह का आदेश एक निश्चित निर्णय होता है।
३३:३९
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يُبَلِّغُونَ पहुँचाते हैं yuballighūna
पहुँचाते हैं رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَيَخْشَوْنَهُۥ और वो डरते हैं उससे wayakhshawnahu
और वो डरते हैं उससे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَخْشَوْنَ वो डरते yakhshawna
वो डरते أَحَدًا किसी एक से भी aḥadan
किसी एक से भी إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهَ ۗ अल्लाह के l-laha
अल्लाह के وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह حَسِيبًۭا हिसाब लेने वाला ḥasīban
हिसाब लेने वाला ٣٩ (39)
(39)
वो लोग जो يُبَلِّغُونَ पहुँचाते हैं yuballighūna
पहुँचाते हैं رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَيَخْشَوْنَهُۥ और वो डरते हैं उससे wayakhshawnahu
और वो डरते हैं उससे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَخْشَوْنَ वो डरते yakhshawna
वो डरते أَحَدًا किसी एक से भी aḥadan
किसी एक से भी إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهَ ۗ अल्लाह के l-laha
अल्लाह के وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह حَسِيبًۭا हिसाब लेने वाला ḥasīban
हिसाब लेने वाला ٣٩ (39)
(39)
जो अल्लाह के संदेश पहुँचाते हैं तथा उससे डरते हैं और अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरते, और अल्लाह हिसाब लेने के लिए काफ़ी है।
३३:४०
مَّا
नहीं
mā
नहीं كَانَ हैं kāna
हैं مُحَمَّدٌ मुहम्मद muḥammadun
मुहम्मद أَبَآ बाप abā
बाप أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّن of min
of رِّجَالِكُمْ तुम्हारे मर्दों में से rijālikum
तुम्हारे मर्दों में से وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन رَّسُولَ रसूल हैं rasūla
रसूल हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَخَاتَمَ and Seal wakhātama
and Seal ٱلنَّبِيِّـۧنَ ۗ और ख़ात्म अन नबिय्यीन हैं l-nabiyīna
और ख़ात्म अन नबिय्यीन हैं وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٤٠ (40)
(40)
नहीं كَانَ हैं kāna
हैं مُحَمَّدٌ मुहम्मद muḥammadun
मुहम्मद أَبَآ बाप abā
बाप أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّن of min
of رِّجَالِكُمْ तुम्हारे मर्दों में से rijālikum
तुम्हारे मर्दों में से وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन رَّسُولَ रसूल हैं rasūla
रसूल हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَخَاتَمَ and Seal wakhātama
and Seal ٱلنَّبِيِّـۧنَ ۗ और ख़ात्म अन नबिय्यीन हैं l-nabiyīna
और ख़ात्म अन नबिय्यीन हैं وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٤٠ (40)
(40)
मुहम्मद तुम्हारे पुरुषों में से किसी के पिता1 नहीं हैं। बल्कि वह अल्लाह के रसूल और नबियों के समापक2 हैं। और अल्लाह प्रत्येक वस्तु को भली-भाँति जानने वाला है।
३३:४१
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाए हो āmanū
जो ईमान लाए हो ٱذْكُرُوا۟ ज़िक्र करो udh'kurū
ज़िक्र करो ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का ذِكْرًۭا ज़िक्र करना dhik'ran
ज़िक्र करना كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से ٤١ (41)
(41)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाए हो āmanū
जो ईमान लाए हो ٱذْكُرُوا۟ ज़िक्र करो udh'kurū
ज़िक्र करो ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का ذِكْرًۭا ज़िक्र करना dhik'ran
ज़िक्र करना كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से ٤١ (41)
(41)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह को बहुलता से याद करो।1
३३:४२
وَسَبِّحُوهُ
और तस्बीह करो उसकी
wasabbiḥūhu
और तस्बीह करो उसकी بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَأَصِيلًا और शाम wa-aṣīlan
और शाम ٤٢ (42)
(42)
और तस्बीह करो उसकी بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَأَصِيلًا और शाम wa-aṣīlan
और शाम ٤٢ (42)
(42)
तथा सुबह व शाम उसकी पवित्रता बयान करो।
३३:४३
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُصَلِّى रहमत भेजता है yuṣallī
रहमत भेजता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَمَلَـٰٓئِكَتُهُۥ और उसके फ़रिश्ते(दुआ करते हैं) wamalāikatuhu
और उसके फ़रिश्ते(दुआ करते हैं) لِيُخْرِجَكُم ताकि वो निकाले तुम्हें liyukh'rijakum
ताकि वो निकाले तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अंधेरों से l-ẓulumāti
अंधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ ۚ तरफ़ रौशनी के l-nūri
तरफ़ रौशनी के وَكَانَ और है वो wakāna
और है वो بِٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर bil-mu'minīna
मोमिनों पर رَحِيمًۭا ख़ूब रहम फ़रमाने वाला raḥīman
ख़ूब रहम फ़रमाने वाला ٤٣ (43)
(43)
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُصَلِّى रहमत भेजता है yuṣallī
रहमत भेजता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَمَلَـٰٓئِكَتُهُۥ और उसके फ़रिश्ते(दुआ करते हैं) wamalāikatuhu
और उसके फ़रिश्ते(दुआ करते हैं) لِيُخْرِجَكُم ताकि वो निकाले तुम्हें liyukh'rijakum
ताकि वो निकाले तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अंधेरों से l-ẓulumāti
अंधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ ۚ तरफ़ रौशनी के l-nūri
तरफ़ रौशनी के وَكَانَ और है वो wakāna
और है वो بِٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर bil-mu'minīna
मोमिनों पर رَحِيمًۭا ख़ूब रहम फ़रमाने वाला raḥīman
ख़ूब रहम फ़रमाने वाला ٤٣ (43)
(43)
वही है, जो तुमपर दया अवतरित करता है और उसके फ़रिश्ते भी (तुम्हारे लिए प्रार्थना करते हैं), ताकि वह तुम्हें अँधेरों से निकाल कर प्रकाश1 की ओर लाए। तथा वह ईमान वालों पर बहुत दयालु है।
३३:४४
تَحِيَّتُهُمْ
उनकी दुआ होगी
taḥiyyatuhum
उनकी दुआ होगी يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَلْقَوْنَهُۥ वो मिलेंगे उससे yalqawnahu
वो मिलेंगे उससे سَلَـٰمٌۭ ۚ सलाम salāmun
सलाम وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجْرًۭا अजर ajran
अजर كَرِيمًۭا उम्दा/बाइज़्ज़त karīman
उम्दा/बाइज़्ज़त ٤٤ (44)
(44)
उनकी दुआ होगी يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَلْقَوْنَهُۥ वो मिलेंगे उससे yalqawnahu
वो मिलेंगे उससे سَلَـٰمٌۭ ۚ सलाम salāmun
सलाम وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجْرًۭا अजर ajran
अजर كَرِيمًۭا उम्दा/बाइज़्ज़त karīman
उम्दा/बाइज़्ज़त ٤٤ (44)
(44)
जिस दिन वे अपने पालनहार से मिलेंगे, उनका अभिवादन सलाम होगा। और उसने उनके लिए सम्मानजनका प्रतिफल तैयार कर रखा है।
३३:४५
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको شَـٰهِدًۭا गवाही देने वाला shāhidan
गवाही देने वाला وَمُبَشِّرًۭا और ख़ुशख़बरी देने वाला wamubashiran
और ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला (बना कर) wanadhīran
और डराने वाला (बना कर) ٤٥ (45)
(45)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको شَـٰهِدًۭا गवाही देने वाला shāhidan
गवाही देने वाला وَمُبَشِّرًۭا और ख़ुशख़बरी देने वाला wamubashiran
और ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला (बना कर) wanadhīran
और डराने वाला (बना कर) ٤٥ (45)
(45)
ऐ नबी! हमने आपको गवाही1 देने वाला, शुभ सूचना देने वाला2 और डराने वाला3 बनाकर भेजा है।
३३:४६
وَدَاعِيًا
और दावत देने वाला
wadāʿiyan
और दावत देने वाला إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के بِإِذْنِهِۦ उसके इज़न से bi-idh'nihi
उसके इज़न से وَسِرَاجًۭا और चिराग़ wasirājan
और चिराग़ مُّنِيرًۭا रौशन munīran
रौशन ٤٦ (46)
(46)
और दावत देने वाला إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के بِإِذْنِهِۦ उसके इज़न से bi-idh'nihi
उसके इज़न से وَسِرَاجًۭا और चिराग़ wasirājan
और चिराग़ مُّنِيرًۭا रौशन munīran
रौशन ٤٦ (46)
(46)
तथा अल्लाह की अनुमति से उसकी ओर बुलाने वाला और एक प्रकाशमान दीप (बनाकर भेजा है)।1
३३:४७
وَبَشِّرِ
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए
wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को بِأَنَّ कि बेशक bi-anna
कि बेशक لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से है فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٤٧ (47)
(47)
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को بِأَنَّ कि बेशक bi-anna
कि बेशक لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से है فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٤٧ (47)
(47)
तथा आप ईमान वालों को शुभ सूचना दे दें कि उनके लिए अल्लाह की ओर से बड़ा अनुग्रह है।
३३:४८
وَلَا
और ना
walā
और ना تُطِعِ आप इताअत कीजिए tuṭiʿi
आप इताअत कीजिए ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ और मुनाफ़िक़ों की wal-munāfiqīna
और मुनाफ़िक़ों की وَدَعْ और नज़र अंदाज़ कर दीजिए wadaʿ
और नज़र अंदाज़ कर दीजिए أَذَىٰهُمْ उनकी अज़ियत रसानी को adhāhum
उनकी अज़ियत रसानी को وَتَوَكَّلْ और तवक्कल कीजिए watawakkal
और तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٤٨ (48)
(48)
और ना تُطِعِ आप इताअत कीजिए tuṭiʿi
आप इताअत कीजिए ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ और मुनाफ़िक़ों की wal-munāfiqīna
और मुनाफ़िक़ों की وَدَعْ और नज़र अंदाज़ कर दीजिए wadaʿ
और नज़र अंदाज़ कर दीजिए أَذَىٰهُمْ उनकी अज़ियत रसानी को adhāhum
उनकी अज़ियत रसानी को وَتَوَكَّلْ और तवक्कल कीजिए watawakkal
और तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٤٨ (48)
(48)
तथा आप काफ़िरों और मुनाफ़िकों की बात न मानें, तथा उनके कष्ट पहुँचाने की परवाह न करें, और अल्लाह ही पर भरोसा रखें, तथा अल्लाह काम बनाने के लिए काफ़ी है।
३३:४९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब نَكَحْتُمُ निकाह करो तुम nakaḥtumu
निकाह करो तुम ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ मोमिन औरतों से l-mu'mināti
मोमिन औरतों से ثُمَّ फिर thumma
फिर طَلَّقْتُمُوهُنَّ तलाक़ दे दो तुम उन्हें ṭallaqtumūhunna
तलाक़ दे दो तुम उन्हें مِن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَمَسُّوهُنَّ तुम छुओ उन्हें tamassūhunna
तुम छुओ उन्हें فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْهِنَّ उन पर ʿalayhinna
उन पर مِنْ any min
any عِدَّةٍۢ कोई इद्दत ʿiddatin
कोई इद्दत تَعْتَدُّونَهَا ۖ तुम शुमार करो उसे taʿtaddūnahā
तुम शुमार करो उसे فَمَتِّعُوهُنَّ तो कुछ फ़ायदा दो उन्हें famattiʿūhunna
तो कुछ फ़ायदा दो उन्हें وَسَرِّحُوهُنَّ और रुख़्सत करो उन्हें wasarriḥūhunna
और रुख़्सत करो उन्हें سَرَاحًۭا रुख़्सत करना sarāḥan
रुख़्सत करना جَمِيلًۭا भले तरीक़े से jamīlan
भले तरीक़े से ٤٩ (49)
(49)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब نَكَحْتُمُ निकाह करो तुम nakaḥtumu
निकाह करो तुम ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ मोमिन औरतों से l-mu'mināti
मोमिन औरतों से ثُمَّ फिर thumma
फिर طَلَّقْتُمُوهُنَّ तलाक़ दे दो तुम उन्हें ṭallaqtumūhunna
तलाक़ दे दो तुम उन्हें مِن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَمَسُّوهُنَّ तुम छुओ उन्हें tamassūhunna
तुम छुओ उन्हें فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْهِنَّ उन पर ʿalayhinna
उन पर مِنْ any min
any عِدَّةٍۢ कोई इद्दत ʿiddatin
कोई इद्दत تَعْتَدُّونَهَا ۖ तुम शुमार करो उसे taʿtaddūnahā
तुम शुमार करो उसे فَمَتِّعُوهُنَّ तो कुछ फ़ायदा दो उन्हें famattiʿūhunna
तो कुछ फ़ायदा दो उन्हें وَسَرِّحُوهُنَّ और रुख़्सत करो उन्हें wasarriḥūhunna
और रुख़्सत करो उन्हें سَرَاحًۭا रुख़्सत करना sarāḥan
रुख़्सत करना جَمِيلًۭا भले तरीक़े से jamīlan
भले तरीक़े से ٤٩ (49)
(49)
ऐ ईमान वालो! जब तुम ईमान वाली स्त्रियों से विवाह करो, फिर उन्हें हाथ लगाने से पहले ही तलाक़ दे दो, तो तुम्हारे लिए उनपर कोई इद्दत1 नहीं, जिसकी तुम गिनती करो। अतः तुम उन्हें कुछ सामान दे दो और उन्हें भलाई के साथ विदा कर दो।
३३:५०
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَحْلَلْنَا हलाल कर दीं हमने aḥlalnā
हलाल कर दीं हमने لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए أَزْوَٰجَكَ बीवियाँ आपकी azwājaka
बीवियाँ आपकी ٱلَّـٰتِىٓ वो जिन्हें allātī
वो जिन्हें ءَاتَيْتَ दिए आपने ātayta
दिए आपने أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके وَمَا और जिनका wamā
और जिनका مَلَكَتْ मालिक है malakat
मालिक है يَمِينُكَ दायाँ हाथ आपका yamīnuka
दायाँ हाथ आपका مِمَّآ उसमें से जो mimmā
उसमें से जो أَفَآءَ लौटाया afāa
लौटाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ عَمِّكَ आपके चचा की ʿammika
आपके चचा की وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ عَمَّـٰتِكَ आपकी फ़ूफ़ीयों की ʿammātika
आपकी फ़ूफ़ीयों की وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ خَالِكَ आपके मामूं की khālika
आपके मामूं की وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ خَـٰلَـٰتِكَ आपकी ख़ालाओं की khālātika
आपकी ख़ालाओं की ٱلَّـٰتِى वो जिन्होंने allātī
वो जिन्होंने هَاجَرْنَ हिजरत की hājarna
हिजरत की مَعَكَ आपके साथ maʿaka
आपके साथ وَٱمْرَأَةًۭ और कोई औरत wa-im'ra-atan
और कोई औरत مُّؤْمِنَةً मोमिना mu'minatan
मोमिना إِن अगर in
अगर وَهَبَتْ वो हिबा कर दे wahabat
वो हिबा कर दे نَفْسَهَا अपने नफ़्स को nafsahā
अपने नफ़्स को لِلنَّبِىِّ नबी के लिए lilnnabiyyi
नबी के लिए إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ इरादा करें arāda
इरादा करें ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी أَن कि an
कि يَسْتَنكِحَهَا वो निकाह करें उससे yastankiḥahā
वो निकाह करें उससे خَالِصَةًۭ ख़ास है khāliṣatan
ख़ास है لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِن excluding min
excluding دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱلْمُؤْمِنِينَ ۗ मोमिनें के l-mu'minīna
मोमिनें के قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَلِمْنَا जान लिया हमने ʿalim'nā
जान लिया हमने مَا जो mā
जो فَرَضْنَا फ़र्ज़ किया हमने faraḍnā
फ़र्ज़ किया हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर فِىٓ concerning fī
concerning أَزْوَٰجِهِمْ उनकी बीवियों के मामले में azwājihim
उनकी बीवियों के मामले में وَمَا और जिनके wamā
और जिनके مَلَكَتْ मालिक हैं malakat
मालिक हैं أَيْمَـٰنُهُمْ दाऐं हाथ उनके aymānuhum
दाऐं हाथ उनके لِكَيْلَا ताकि ना likaylā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर حَرَجٌۭ ۗ कोई तंगी ḥarajun
कोई तंगी وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٥٠ (50)
(50)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَحْلَلْنَا हलाल कर दीं हमने aḥlalnā
हलाल कर दीं हमने لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए أَزْوَٰجَكَ बीवियाँ आपकी azwājaka
बीवियाँ आपकी ٱلَّـٰتِىٓ वो जिन्हें allātī
वो जिन्हें ءَاتَيْتَ दिए आपने ātayta
दिए आपने أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके وَمَا और जिनका wamā
और जिनका مَلَكَتْ मालिक है malakat
मालिक है يَمِينُكَ दायाँ हाथ आपका yamīnuka
दायाँ हाथ आपका مِمَّآ उसमें से जो mimmā
उसमें से जो أَفَآءَ लौटाया afāa
लौटाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ عَمِّكَ आपके चचा की ʿammika
आपके चचा की وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ عَمَّـٰتِكَ आपकी फ़ूफ़ीयों की ʿammātika
आपकी फ़ूफ़ीयों की وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ خَالِكَ आपके मामूं की khālika
आपके मामूं की وَبَنَاتِ और बेटियाँ wabanāti
और बेटियाँ خَـٰلَـٰتِكَ आपकी ख़ालाओं की khālātika
आपकी ख़ालाओं की ٱلَّـٰتِى वो जिन्होंने allātī
वो जिन्होंने هَاجَرْنَ हिजरत की hājarna
हिजरत की مَعَكَ आपके साथ maʿaka
आपके साथ وَٱمْرَأَةًۭ और कोई औरत wa-im'ra-atan
और कोई औरत مُّؤْمِنَةً मोमिना mu'minatan
मोमिना إِن अगर in
अगर وَهَبَتْ वो हिबा कर दे wahabat
वो हिबा कर दे نَفْسَهَا अपने नफ़्स को nafsahā
अपने नफ़्स को لِلنَّبِىِّ नबी के लिए lilnnabiyyi
नबी के लिए إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ इरादा करें arāda
इरादा करें ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी أَن कि an
कि يَسْتَنكِحَهَا वो निकाह करें उससे yastankiḥahā
वो निकाह करें उससे خَالِصَةًۭ ख़ास है khāliṣatan
ख़ास है لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِن excluding min
excluding دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱلْمُؤْمِنِينَ ۗ मोमिनें के l-mu'minīna
मोमिनें के قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَلِمْنَا जान लिया हमने ʿalim'nā
जान लिया हमने مَا जो mā
जो فَرَضْنَا फ़र्ज़ किया हमने faraḍnā
फ़र्ज़ किया हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर فِىٓ concerning fī
concerning أَزْوَٰجِهِمْ उनकी बीवियों के मामले में azwājihim
उनकी बीवियों के मामले में وَمَا और जिनके wamā
और जिनके مَلَكَتْ मालिक हैं malakat
मालिक हैं أَيْمَـٰنُهُمْ दाऐं हाथ उनके aymānuhum
दाऐं हाथ उनके لِكَيْلَا ताकि ना likaylā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर حَرَجٌۭ ۗ कोई तंगी ḥarajun
कोई तंगी وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٥٠ (50)
(50)
ऐ नबी! निःसंदेह हमने आपके लिए आपकी वे पत्नियाँ हलाल (वैध) कर दी हैं, जिन्हें आपने उनका महर चुका दिया है, तथा वे लौंडियाँ (भी) जो आपके स्वामित्व में हैं, उन लौंडियों में से जो अल्लाह ने ग़नीमत के धन से आपको1 प्रदान की हैं। तथा आपके चाचा की बेटियाँ, आपकी फूफियों की बेटियाँ, आपके मामा की बेटियाँ और आपकी मौसियों की बेटियाँ, जिन्होंने आपके साथ हिजरत की है। तथा वह ईमान वाली महिला भी, जो स्वयं को नबी के लिए दान कर दे, यदि नबी उससे विवाह करना चाहे। यह विशेष रूप से आपके लिए है, अन्य ईमान वालों के लिए नहीं। निश्चय ही हम जानते हैं जो कुछ हमने उनपर उनकी पत्नियों तथा उनके स्वामित्व में आई हुई दासियों के संबंध2 में फ़र्ज़ किया है; ताकि तुमपर कोई तंगी न रहे। और अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयालु है।
३३:५१
۞ تُرْجِى
आप दूर रखें
tur'jī
आप दूर रखें مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ आप चाहें tashāu
आप चाहें مِنْهُنَّ उनमें से min'hunna
उनमें से وَتُـْٔوِىٓ और आप जगह दें watu'wī
और आप जगह दें إِلَيْكَ अपने पास ilayka
अपने पास مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ ۖ आप चाहें tashāu
आप चाहें وَمَنِ और जिसे wamani
और जिसे ٱبْتَغَيْتَ तलब करें आप ib'taghayta
तलब करें आप مِمَّنْ उनमें से जिसे mimman
उनमें से जिसे عَزَلْتَ अलग कर दिया हो आपने ʿazalta
अलग कर दिया हो आपने فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكَ ۚ आप पर ʿalayka
आप पर ذَٰلِكَ ये dhālika
ये أَدْنَىٰٓ क़रीबतर है adnā
क़रीबतर है أَن कि an
कि تَقَرَّ ठंडी हों taqarra
ठंडी हों أَعْيُنُهُنَّ आँखें उनकी aʿyunuhunna
आँखें उनकी وَلَا और ना walā
और ना يَحْزَنَّ वो ग़मगीन हों yaḥzanna
वो ग़मगीन हों وَيَرْضَيْنَ और वो राज़ी रहें wayarḍayna
और वो राज़ी रहें بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो ءَاتَيْتَهُنَّ दें आप उन्हें ātaytahunna
दें आप उन्हें كُلُّهُنَّ ۚ सब की सब kulluhunna
सब की सब وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِكُمْ ۚ तुम्हारे दिलों में है qulūbikum
तुम्हारे दिलों में है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَلِيمًۭا ख़ूब हिल्म वाला ḥalīman
ख़ूब हिल्म वाला ٥١ (51)
(51)
आप दूर रखें مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ आप चाहें tashāu
आप चाहें مِنْهُنَّ उनमें से min'hunna
उनमें से وَتُـْٔوِىٓ और आप जगह दें watu'wī
और आप जगह दें إِلَيْكَ अपने पास ilayka
अपने पास مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ ۖ आप चाहें tashāu
आप चाहें وَمَنِ और जिसे wamani
और जिसे ٱبْتَغَيْتَ तलब करें आप ib'taghayta
तलब करें आप مِمَّنْ उनमें से जिसे mimman
उनमें से जिसे عَزَلْتَ अलग कर दिया हो आपने ʿazalta
अलग कर दिया हो आपने فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكَ ۚ आप पर ʿalayka
आप पर ذَٰلِكَ ये dhālika
ये أَدْنَىٰٓ क़रीबतर है adnā
क़रीबतर है أَن कि an
कि تَقَرَّ ठंडी हों taqarra
ठंडी हों أَعْيُنُهُنَّ आँखें उनकी aʿyunuhunna
आँखें उनकी وَلَا और ना walā
और ना يَحْزَنَّ वो ग़मगीन हों yaḥzanna
वो ग़मगीन हों وَيَرْضَيْنَ और वो राज़ी रहें wayarḍayna
और वो राज़ी रहें بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो ءَاتَيْتَهُنَّ दें आप उन्हें ātaytahunna
दें आप उन्हें كُلُّهُنَّ ۚ सब की सब kulluhunna
सब की सब وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِكُمْ ۚ तुम्हारे दिलों में है qulūbikum
तुम्हारे दिलों में है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَلِيمًۭا ख़ूब हिल्म वाला ḥalīman
ख़ूब हिल्म वाला ٥١ (51)
(51)
आप अपनी पत्नियों में से जिसे चाहें (उसकी बारी) स्थगित कर दें, और जिसे चाहें अपने साथ रखें, और जिन्हें आपने अलग रखा है, उनमें से जिसकी भी आप (अपने पास रखने की) इच्छा करें, तो इसमें आपपर कोई दोष नहीं है। यह इस बात के अधिक निकट है कि उनकी आँखें ठंडी रहें और वे शोकाकुल न हों, तथा जो कुछ आप उन्हें दें, उससे वे सब संतुष्ट रहें। और जो कुछ तुम्हारे दिलों1 में है, अल्लाह उससे अवगत है। और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, बहुत सहनशील2 है।
३३:५२
لَّا
(It is) not
lā
(It is) not يَحِلُّ नहीं हलाल yaḥillu
नहीं हलाल لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلنِّسَآءُ औरतें l-nisāu
औरतें مِنۢ after (this) min
after (this) بَعْدُ बाद उसके baʿdu
बाद उसके وَلَآ और ना walā
और ना أَن कि an
कि تَبَدَّلَ आप बदल लें tabaddala
आप बदल लें بِهِنَّ उनके बदले bihinna
उनके बदले مِنْ for min
for أَزْوَٰجٍۢ कोई और बीवियाँ azwājin
कोई और बीवियाँ وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَكَ पसंद आए आपको aʿjabaka
पसंद आए आपको حُسْنُهُنَّ हुसन उनका ḥus'nuhunna
हुसन उनका إِلَّا मगर illā
मगर مَا जिनका mā
जिनका مَلَكَتْ मालिक है malakat
मालिक है يَمِينُكَ ۗ दायाँ हाथ आपका yamīnuka
दायाँ हाथ आपका وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के رَّقِيبًۭا ख़ूब निगरान raqīban
ख़ूब निगरान ٥٢ (52)
(52)
(It is) not يَحِلُّ नहीं हलाल yaḥillu
नहीं हलाल لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلنِّسَآءُ औरतें l-nisāu
औरतें مِنۢ after (this) min
after (this) بَعْدُ बाद उसके baʿdu
बाद उसके وَلَآ और ना walā
और ना أَن कि an
कि تَبَدَّلَ आप बदल लें tabaddala
आप बदल लें بِهِنَّ उनके बदले bihinna
उनके बदले مِنْ for min
for أَزْوَٰجٍۢ कोई और बीवियाँ azwājin
कोई और बीवियाँ وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَكَ पसंद आए आपको aʿjabaka
पसंद आए आपको حُسْنُهُنَّ हुसन उनका ḥus'nuhunna
हुसन उनका إِلَّا मगर illā
मगर مَا जिनका mā
जिनका مَلَكَتْ मालिक है malakat
मालिक है يَمِينُكَ ۗ दायाँ हाथ आपका yamīnuka
दायाँ हाथ आपका وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के رَّقِيبًۭا ख़ूब निगरान raqīban
ख़ूब निगरान ٥٢ (52)
(52)
(ऐ नबी!) इसके पश्चात् आपके लिए अन्य स्त्रियाँ हलाल (वैध) नहीं हैं, और न यह कि आप उन्हें दूसरी पत्नियों से बदलें1, यद्यपि उनका सौंदर्य आपको भा जाए, सिवाय उन दासियों के जो आपके स्वामित्व में आ जाएँ। तथा अल्लाह प्रत्येक वस्तु का निरीक्षक है।
३३:५३
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَدْخُلُوا۟ ना तुम दाख़िल हो tadkhulū
ना तुम दाख़िल हो بُيُوتَ घरों में buyūta
घरों में ٱلنَّبِىِّ नबी के l-nabiyi
नबी के إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يُؤْذَنَ इजाज़त दी जाए yu'dhana
इजाज़त दी जाए لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें إِلَىٰ for ilā
for طَعَامٍ तरफ़ खाने के ṭaʿāmin
तरफ़ खाने के غَيْرَ ना ghayra
ना نَـٰظِرِينَ इन्तिज़ार करने वाले हो nāẓirīna
इन्तिज़ार करने वाले हो إِنَىٰهُ उसकी तैयारी का ināhu
उसकी तैयारी का وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन إِذَا जब idhā
जब دُعِيتُمْ बुलाए जाओ तुम duʿītum
बुलाए जाओ तुम فَٱدْخُلُوا۟ तो दाख़िल हो जाओ fa-ud'khulū
तो दाख़िल हो जाओ فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब طَعِمْتُمْ खाना खालो तुम ṭaʿim'tum
खाना खालो तुम فَٱنتَشِرُوا۟ तो मुन्तशिर हो जाओ fa-intashirū
तो मुन्तशिर हो जाओ وَلَا और ना हो walā
और ना हो مُسْتَـْٔنِسِينَ दिल लगाने वाले mus'tanisīna
दिल लगाने वाले لِحَدِيثٍ ۚ बातों के लिए liḥadīthin
बातों के लिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये كَانَ है kāna
है يُؤْذِى ईज़ा देता yu'dhī
ईज़ा देता ٱلنَّبِىَّ नबी को l-nabiya
नबी को فَيَسْتَحْىِۦ तो वो शर्माते हैं fayastaḥyī
तो वो शर्माते हैं مِنكُمْ ۖ तुम से minkum
तुम से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا is not shy lā
is not shy يَسْتَحْىِۦ नहीं शर्माता yastaḥyī
नहीं शर्माता مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ ۚ हक़ से l-ḥaqi
हक़ से وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब سَأَلْتُمُوهُنَّ सवाल करो तुम उनसे sa-altumūhunna
सवाल करो तुम उनसे مَتَـٰعًۭا किसी चीज़ का matāʿan
किसी चीज़ का فَسْـَٔلُوهُنَّ तो सवाल करो उनसे fasalūhunna
तो सवाल करो उनसे مِن from min
from وَرَآءِ पीछे से warāi
पीछे से حِجَابٍۢ ۚ पर्दे के ḥijābin
पर्दे के ذَٰلِكُمْ ये बात dhālikum
ये बात أَطْهَرُ ज़्यादा पाकीज़ा है aṭharu
ज़्यादा पाकीज़ा है لِقُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों के लिए liqulūbikum
तुम्हारे दिलों के लिए وَقُلُوبِهِنَّ ۚ और उनके दिलों के लिए waqulūbihinna
और उनके दिलों के लिए وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है (मुनासिब) kāna
है (मुनासिब) لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تُؤْذُوا۟ तुम ईज़ा दो tu'dhū
तुम ईज़ा दो رَسُولَ (the) Messenger rasūla
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल को l-lahi
अल्लाह के रसूल को وَلَآ और ना walā
और ना أَن ये कि an
ये कि تَنكِحُوٓا۟ तुम निकाह करो tankiḥū
तुम निकाह करो أَزْوَٰجَهُۥ उनकी बीवियों से azwājahu
उनकी बीवियों से مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦٓ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके أَبَدًا ۚ कभी भी abadan
कभी भी إِنَّ बेशक inna
बेशक ذَٰلِكُمْ ये (बात) dhālikum
ये (बात) كَانَ है kāna
है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के عَظِيمًا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٥٣ (53)
(53)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَدْخُلُوا۟ ना तुम दाख़िल हो tadkhulū
ना तुम दाख़िल हो بُيُوتَ घरों में buyūta
घरों में ٱلنَّبِىِّ नबी के l-nabiyi
नबी के إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يُؤْذَنَ इजाज़त दी जाए yu'dhana
इजाज़त दी जाए لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें إِلَىٰ for ilā
for طَعَامٍ तरफ़ खाने के ṭaʿāmin
तरफ़ खाने के غَيْرَ ना ghayra
ना نَـٰظِرِينَ इन्तिज़ार करने वाले हो nāẓirīna
इन्तिज़ार करने वाले हो إِنَىٰهُ उसकी तैयारी का ināhu
उसकी तैयारी का وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन إِذَا जब idhā
जब دُعِيتُمْ बुलाए जाओ तुम duʿītum
बुलाए जाओ तुम فَٱدْخُلُوا۟ तो दाख़िल हो जाओ fa-ud'khulū
तो दाख़िल हो जाओ فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब طَعِمْتُمْ खाना खालो तुम ṭaʿim'tum
खाना खालो तुम فَٱنتَشِرُوا۟ तो मुन्तशिर हो जाओ fa-intashirū
तो मुन्तशिर हो जाओ وَلَا और ना हो walā
और ना हो مُسْتَـْٔنِسِينَ दिल लगाने वाले mus'tanisīna
दिल लगाने वाले لِحَدِيثٍ ۚ बातों के लिए liḥadīthin
बातों के लिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये كَانَ है kāna
है يُؤْذِى ईज़ा देता yu'dhī
ईज़ा देता ٱلنَّبِىَّ नबी को l-nabiya
नबी को فَيَسْتَحْىِۦ तो वो शर्माते हैं fayastaḥyī
तो वो शर्माते हैं مِنكُمْ ۖ तुम से minkum
तुम से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا is not shy lā
is not shy يَسْتَحْىِۦ नहीं शर्माता yastaḥyī
नहीं शर्माता مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ ۚ हक़ से l-ḥaqi
हक़ से وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब سَأَلْتُمُوهُنَّ सवाल करो तुम उनसे sa-altumūhunna
सवाल करो तुम उनसे مَتَـٰعًۭا किसी चीज़ का matāʿan
किसी चीज़ का فَسْـَٔلُوهُنَّ तो सवाल करो उनसे fasalūhunna
तो सवाल करो उनसे مِن from min
from وَرَآءِ पीछे से warāi
पीछे से حِجَابٍۢ ۚ पर्दे के ḥijābin
पर्दे के ذَٰلِكُمْ ये बात dhālikum
ये बात أَطْهَرُ ज़्यादा पाकीज़ा है aṭharu
ज़्यादा पाकीज़ा है لِقُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों के लिए liqulūbikum
तुम्हारे दिलों के लिए وَقُلُوبِهِنَّ ۚ और उनके दिलों के लिए waqulūbihinna
और उनके दिलों के लिए وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है (मुनासिब) kāna
है (मुनासिब) لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تُؤْذُوا۟ तुम ईज़ा दो tu'dhū
तुम ईज़ा दो رَسُولَ (the) Messenger rasūla
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल को l-lahi
अल्लाह के रसूल को وَلَآ और ना walā
और ना أَن ये कि an
ये कि تَنكِحُوٓا۟ तुम निकाह करो tankiḥū
तुम निकाह करो أَزْوَٰجَهُۥ उनकी बीवियों से azwājahu
उनकी बीवियों से مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦٓ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके أَبَدًا ۚ कभी भी abadan
कभी भी إِنَّ बेशक inna
बेशक ذَٰلِكُمْ ये (बात) dhālikum
ये (बात) كَانَ है kāna
है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के عَظِيمًا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٥٣ (53)
(53)
ऐ ईमान वालो! नबी के घरों में प्रवेश न करो, सिवाय इसके कि तुम्हें भोजन के लिए अनुमति दी जाए। परंतु भोजन पकने की प्रतीक्षा में (देर तक बैठे) न रहो। बल्कि जब बुलाए जाओ, तो प्रवेश करो। फिर जब भोजन कर लो, तो निकल जाओ। बातों में न लगे रहो। निश्चय ही इससे नबी को कष्ट पहुँचता है। लेकिन उन्हें तुमसे (बाहर जाने को कहने में) शर्म आती है। किंतु अल्लाह सत्य बात से नहीं शरमाता।1 तथा जब तुम नबी की पत्नियों से कुछ माँगो, तो पर्दे के पीछे से माँगो। यह तुम्हारे दिलों तथा उनके दिलों के लिए अधिक पवित्रता का कारण है। और तुम्हारे लिए यह उचित नहीं है कि तुम अल्लाह के रसूल को कष्ट पहुँचाओ, और न यह कि तुम उनके पश्चात् कभी उनकी पत्नियों से विवाह करो। निःसंदेह यह अल्लाह के निकट बहुत बड़ा (पाप) है।
३३:५४
إِن
अगर
in
अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करोगे tub'dū
तुम ज़ाहिर करोगे شَيْـًٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ أَوْ या aw
या تُخْفُوهُ तुम छुपाओगे उसे tukh'fūhu
तुम छुपाओगे उसे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٥٤ (54)
(54)
अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करोगे tub'dū
तुम ज़ाहिर करोगे شَيْـًٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ أَوْ या aw
या تُخْفُوهُ तुम छुपाओगे उसे tukh'fūhu
तुम छुपाओगे उसे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٥٤ (54)
(54)
यदि तुम किसी चीज़ को प्रकट करो अथवा उसे गुप्त रखो, अल्लाह प्रत्येक वस्तु को अच्छी तरह जानता है।
३३:५५
لَّا
(There is) no
lā
(There is) no جُنَاحَ नहीं कोई गुनाह junāḥa
नहीं कोई गुनाह عَلَيْهِنَّ उन(औरतों)पर ʿalayhinna
उन(औरतों)पर فِىٓ concerning fī
concerning ءَابَآئِهِنَّ अपने बापों(के सामने आने)में ābāihinna
अपने बापों(के सामने आने)में وَلَآ और ना walā
और ना أَبْنَآئِهِنَّ अपने बेटों के abnāihinna
अपने बेटों के وَلَآ और ना walā
और ना إِخْوَٰنِهِنَّ अपने भाईयों के ikh'wānihinna
अपने भाईयों के وَلَآ और ना walā
और ना أَبْنَآءِ बेटों के abnāi
बेटों के إِخْوَٰنِهِنَّ अपने भाईयों के ikh'wānihinna
अपने भाईयों के وَلَآ और ना walā
और ना أَبْنَآءِ बेटों के abnāi
बेटों के أَخَوَٰتِهِنَّ अपनी बहनों के akhawātihinna
अपनी बहनों के وَلَا और ना walā
और ना نِسَآئِهِنَّ अपनी औरतों के nisāihinna
अपनी औरतों के وَلَا और ना walā
और ना مَا उनके जो mā
उनके जो مَلَكَتْ मालिक हैं malakat
मालिक हैं أَيْمَـٰنُهُنَّ ۗ दाऐं हाथ उनके aymānuhunna
दाऐं हाथ उनके وَٱتَّقِينَ और डरती रहो wa-ittaqīna
और डरती रहो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के شَهِيدًا ख़ूब गवाह shahīdan
ख़ूब गवाह ٥٥ (55)
(55)
(There is) no جُنَاحَ नहीं कोई गुनाह junāḥa
नहीं कोई गुनाह عَلَيْهِنَّ उन(औरतों)पर ʿalayhinna
उन(औरतों)पर فِىٓ concerning fī
concerning ءَابَآئِهِنَّ अपने बापों(के सामने आने)में ābāihinna
अपने बापों(के सामने आने)में وَلَآ और ना walā
और ना أَبْنَآئِهِنَّ अपने बेटों के abnāihinna
अपने बेटों के وَلَآ और ना walā
और ना إِخْوَٰنِهِنَّ अपने भाईयों के ikh'wānihinna
अपने भाईयों के وَلَآ और ना walā
और ना أَبْنَآءِ बेटों के abnāi
बेटों के إِخْوَٰنِهِنَّ अपने भाईयों के ikh'wānihinna
अपने भाईयों के وَلَآ और ना walā
और ना أَبْنَآءِ बेटों के abnāi
बेटों के أَخَوَٰتِهِنَّ अपनी बहनों के akhawātihinna
अपनी बहनों के وَلَا और ना walā
और ना نِسَآئِهِنَّ अपनी औरतों के nisāihinna
अपनी औरतों के وَلَا और ना walā
और ना مَا उनके जो mā
उनके जो مَلَكَتْ मालिक हैं malakat
मालिक हैं أَيْمَـٰنُهُنَّ ۗ दाऐं हाथ उनके aymānuhunna
दाऐं हाथ उनके وَٱتَّقِينَ और डरती रहो wa-ittaqīna
और डरती रहो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के شَهِيدًا ख़ूब गवाह shahīdan
ख़ूब गवाह ٥٥ (55)
(55)
स्त्रियों पर अपने पिताओं, अपने बेटों, अपने भाइयों, अपने भाइयों के बेटों (भतीजों), अपनी बहनों के बेटों (भांजों), अपनी (मेल-जोल की) स्त्रियों और उन (दासों एवं दासियों) से, जो उनके स्वामित्व में हैं, पर्दा न करने में कोई पाप नहीं है। और (ऐ स्त्रियो) तुम अल्लाह से डरती रहो। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक चीज़ का साक्षी है।
३३:५६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह وَمَلَـٰٓئِكَتَهُۥ और उसके फ़रिश्ते wamalāikatahu
और उसके फ़रिश्ते يُصَلُّونَ सलात/दरूद भेजते हैं yuṣallūna
सलात/दरूद भेजते हैं عَلَى upon ʿalā
upon ٱلنَّبِىِّ ۚ नबी पर l-nabiyi
नबी पर يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो صَلُّوا۟ सलात/दरूद भेजो ṣallū
सलात/दरूद भेजो عَلَيْهِ आप पर ʿalayhi
आप पर وَسَلِّمُوا۟ और सलाम भेजो wasallimū
और सलाम भेजो تَسْلِيمًا ख़ूब सलाम भेजना taslīman
ख़ूब सलाम भेजना ٥٦ (56)
(56)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह وَمَلَـٰٓئِكَتَهُۥ और उसके फ़रिश्ते wamalāikatahu
और उसके फ़रिश्ते يُصَلُّونَ सलात/दरूद भेजते हैं yuṣallūna
सलात/दरूद भेजते हैं عَلَى upon ʿalā
upon ٱلنَّبِىِّ ۚ नबी पर l-nabiyi
नबी पर يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो صَلُّوا۟ सलात/दरूद भेजो ṣallū
सलात/दरूद भेजो عَلَيْهِ आप पर ʿalayhi
आप पर وَسَلِّمُوا۟ और सलाम भेजो wasallimū
और सलाम भेजो تَسْلِيمًا ख़ूब सलाम भेजना taslīman
ख़ूब सलाम भेजना ٥٦ (56)
(56)
निःसंदेह अल्लाह तथा उसके फ़रिश्ते नबी पर दुरूद1 भेजते हैं। ऐ ईमान वालो! तुम (भी) उनपर दुरूद तथा बहुत सलाम भेजा करो।
३३:५७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُؤْذُونَ ईज़ा देते हैं yu'dhūna
ईज़ा देते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल को warasūlahu
और उसके रसूल को لَعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुसवा करने वाला muhīnan
रुसवा करने वाला ٥٧ (57)
(57)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُؤْذُونَ ईज़ा देते हैं yu'dhūna
ईज़ा देते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल को warasūlahu
और उसके रसूल को لَعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुसवा करने वाला muhīnan
रुसवा करने वाला ٥٧ (57)
(57)
निःसंदेह जो लोग अल्लाह तथा उसके रसूल को कष्ट पहुँचाते हैं, अल्लाह ने उन्हें दुनिया एवं आखिरत में धिक्कार दिया है और उनके लिए अपमानकारी यातना तैयार की है।
३३:५८
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يُؤْذُونَ ईज़ा देते हैं yu'dhūna
ईज़ा देते हैं ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों को l-mu'minīna
मोमिन मर्दों को وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतों को wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों को بِغَيْرِ बग़ैर( किसी गुनाह के) bighayri
बग़ैर( किसी गुनाह के) مَا जो mā
जो ٱكْتَسَبُوا۟ उन्होंने कमाया ik'tasabū
उन्होंने कमाया فَقَدِ तो तहक़ीक़ faqadi
तो तहक़ीक़ ٱحْتَمَلُوا۟ उन्होंने उठा लिया iḥ'tamalū
उन्होंने उठा लिया بُهْتَـٰنًۭا बोहतान buh'tānan
बोहतान وَإِثْمًۭا और गुनाह wa-ith'man
और गुनाह مُّبِينًۭا खुला mubīnan
खुला ٥٨ (58)
(58)
और वो जो يُؤْذُونَ ईज़ा देते हैं yu'dhūna
ईज़ा देते हैं ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों को l-mu'minīna
मोमिन मर्दों को وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतों को wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों को بِغَيْرِ बग़ैर( किसी गुनाह के) bighayri
बग़ैर( किसी गुनाह के) مَا जो mā
जो ٱكْتَسَبُوا۟ उन्होंने कमाया ik'tasabū
उन्होंने कमाया فَقَدِ तो तहक़ीक़ faqadi
तो तहक़ीक़ ٱحْتَمَلُوا۟ उन्होंने उठा लिया iḥ'tamalū
उन्होंने उठा लिया بُهْتَـٰنًۭا बोहतान buh'tānan
बोहतान وَإِثْمًۭا और गुनाह wa-ith'man
और गुनाह مُّبِينًۭا खुला mubīnan
खुला ٥٨ (58)
(58)
और जो लोग ईमान वाले पुरुषों तथा ईमान वाली स्त्रियों को कष्ट पहुँचाते हैं, बिना इसके कि उन्होंने कुछ (अपराध) किया हो, तो उन्होंने मिथ्यारोपण और स्पष्ट पाप का बोझ उठाया।
३३:५९
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّأَزْوَٰجِكَ अपनी बीवियों से li-azwājika
अपनी बीवियों से وَبَنَاتِكَ और अपनी बेटियों से wabanātika
और अपनी बेटियों से وَنِسَآءِ और औरतों से wanisāi
और औरतों से ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों की l-mu'minīna
मोमिनों की يُدْنِينَ कि वो लटका लें yud'nīna
कि वो लटका लें عَلَيْهِنَّ अपने ऊपर ʿalayhinna
अपने ऊपर مِن [of] min
[of] جَلَـٰبِيبِهِنَّ ۚ अपनी चादरों में से jalābībihinna
अपनी चादरों में से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये أَدْنَىٰٓ क़रीबतर है adnā
क़रीबतर है أَن कि an
कि يُعْرَفْنَ वो पहचान ली जाऐं yuʿ'rafna
वो पहचान ली जाऐं فَلَا फिर ना falā
फिर ना يُؤْذَيْنَ ۗ वो ईज़ा दी जाऐं yu'dhayna
वो ईज़ा दी जाऐं وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٥٩ (59)
(59)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّأَزْوَٰجِكَ अपनी बीवियों से li-azwājika
अपनी बीवियों से وَبَنَاتِكَ और अपनी बेटियों से wabanātika
और अपनी बेटियों से وَنِسَآءِ और औरतों से wanisāi
और औरतों से ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों की l-mu'minīna
मोमिनों की يُدْنِينَ कि वो लटका लें yud'nīna
कि वो लटका लें عَلَيْهِنَّ अपने ऊपर ʿalayhinna
अपने ऊपर مِن [of] min
[of] جَلَـٰبِيبِهِنَّ ۚ अपनी चादरों में से jalābībihinna
अपनी चादरों में से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये أَدْنَىٰٓ क़रीबतर है adnā
क़रीबतर है أَن कि an
कि يُعْرَفْنَ वो पहचान ली जाऐं yuʿ'rafna
वो पहचान ली जाऐं فَلَا फिर ना falā
फिर ना يُؤْذَيْنَ ۗ वो ईज़ा दी जाऐं yu'dhayna
वो ईज़ा दी जाऐं وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٥٩ (59)
(59)
ऐ नबी! अपनी पत्नियों, अपनी बेटियों और ईमान वाले लोगों की स्त्रियों से कह दें कि वे अपने ऊपर अपनी चादरें डाल लिया करें। यह इसके अधिक निकट है कि वे पहचान ली जाएँ, फिर उन्हें कष्ट न पहुँचाया1 जाए। और अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
३३:६०
۞ لَّئِن
अलबत्ता अगर
la-in
अलबत्ता अगर لَّمْ ना lam
ना يَنتَهِ बाज़ आए yantahi
बाज़ आए ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में उनके qulūbihim
दिलों में उनके مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है وَٱلْمُرْجِفُونَ और झूठी ख़बरें उड़ाने वाले wal-mur'jifūna
और झूठी ख़बरें उड़ाने वाले فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ मदीने में l-madīnati
मदीने में لَنُغْرِيَنَّكَ अलबत्ता हम ज़रूर मुसल्लत कर देंगे आपको lanugh'riyannaka
अलबत्ता हम ज़रूर मुसल्लत कर देंगे आपको بِهِمْ उन पर bihim
उन पर ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُجَاوِرُونَكَ ना वो हमसाए रहेंगे आपके yujāwirūnaka
ना वो हमसाए रहेंगे आपके فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٦٠ (60)
(60)
अलबत्ता अगर لَّمْ ना lam
ना يَنتَهِ बाज़ आए yantahi
बाज़ आए ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में उनके qulūbihim
दिलों में उनके مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है وَٱلْمُرْجِفُونَ और झूठी ख़बरें उड़ाने वाले wal-mur'jifūna
और झूठी ख़बरें उड़ाने वाले فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ मदीने में l-madīnati
मदीने में لَنُغْرِيَنَّكَ अलबत्ता हम ज़रूर मुसल्लत कर देंगे आपको lanugh'riyannaka
अलबत्ता हम ज़रूर मुसल्लत कर देंगे आपको بِهِمْ उन पर bihim
उन पर ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُجَاوِرُونَكَ ना वो हमसाए रहेंगे आपके yujāwirūnaka
ना वो हमसाए रहेंगे आपके فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٦٠ (60)
(60)
यदि मुनाफ़िक़1 तथा वे लोग जिनके दिलों में रोग है और मदीना में अफ़वाह फैलाने वाले बाज़ नहीं आए, तो हम आपको उनके पीछे लगा देंगे। फिर वे आपके साथ उसमें थोड़े ही समय के लिए रह सकेंगे।
३३:६१
مَّلْعُونِينَ ۖ
लानत किए गए
malʿūnīna
लानत किए गए أَيْنَمَا जहाँ कहीं aynamā
जहाँ कहीं ثُقِفُوٓا۟ वो पाऐ जाऐं thuqifū
वो पाऐ जाऐं أُخِذُوا۟ वो पकड़ लिए जाऐं ukhidhū
वो पकड़ लिए जाऐं وَقُتِّلُوا۟ और क़त्ल कर दिए जाऐं waquttilū
और क़त्ल कर दिए जाऐं تَقْتِيلًۭا बुरी तरह क़त्ल किया जाना taqtīlan
बुरी तरह क़त्ल किया जाना ٦١ (61)
(61)
लानत किए गए أَيْنَمَا जहाँ कहीं aynamā
जहाँ कहीं ثُقِفُوٓا۟ वो पाऐ जाऐं thuqifū
वो पाऐ जाऐं أُخِذُوا۟ वो पकड़ लिए जाऐं ukhidhū
वो पकड़ लिए जाऐं وَقُتِّلُوا۟ और क़त्ल कर दिए जाऐं waquttilū
और क़त्ल कर दिए जाऐं تَقْتِيلًۭا बुरी तरह क़त्ल किया जाना taqtīlan
बुरी तरह क़त्ल किया जाना ٦١ (61)
(61)
वे धिक्कारे हुए हैं। जहाँ भी वे पाए जाएँ, पकड़ लिए जाएँगे तथा बुरी तरह वध कर दिए जाएँगे।
३३:६२
سُنَّةَ
तरीक़ा है
sunnata
तरीक़ा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का فِى with fī
with ٱلَّذِينَ उनके बारे में जो alladhīna
उनके बारे में जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके khalaw
गुज़र चुके مِن before min
before قَبْلُ ۖ उससे पहले qablu
उससे पहले وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لِسُنَّةِ तरीक़े में lisunnati
तरीक़े में ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تَبْدِيلًۭا कोई तब्दीली tabdīlan
कोई तब्दीली ٦٢ (62)
(62)
तरीक़ा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का فِى with fī
with ٱلَّذِينَ उनके बारे में जो alladhīna
उनके बारे में जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके khalaw
गुज़र चुके مِن before min
before قَبْلُ ۖ उससे पहले qablu
उससे पहले وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لِسُنَّةِ तरीक़े में lisunnati
तरीक़े में ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تَبْدِيلًۭا कोई तब्दीली tabdīlan
कोई तब्दीली ٦٢ (62)
(62)
यही अल्लाह का नियम रहा है उन लोगों के विषय में, जो इनसे पहले गुज़र चुके हैं, तथा आप अल्लाह के नियम में कदापि कोई परिवर्तन नहीं पाएँगे।
३३:६३
يَسْـَٔلُكَ
सवाल करते हैं आप से
yasaluka
सवाल करते हैं आप से ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग عَنِ about ʿani
about ٱلسَّاعَةِ ۖ क़यामत के बारे में l-sāʿati
क़यामत के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक عِلْمُهَا इल्म उसका ʿil'muhā
इल्म उसका عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और क्या चीज़ wamā
और क्या चीज़ يُدْرِيكَ बताए आपको yud'rīka
बताए आपको لَعَلَّ शायद कि laʿalla
शायद कि ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत تَكُونُ हो वो takūnu
हो वो قَرِيبًا क़रीब ही qarīban
क़रीब ही ٦٣ (63)
(63)
सवाल करते हैं आप से ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग عَنِ about ʿani
about ٱلسَّاعَةِ ۖ क़यामत के बारे में l-sāʿati
क़यामत के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक عِلْمُهَا इल्म उसका ʿil'muhā
इल्म उसका عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और क्या चीज़ wamā
और क्या चीज़ يُدْرِيكَ बताए आपको yud'rīka
बताए आपको لَعَلَّ शायद कि laʿalla
शायद कि ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत تَكُونُ हो वो takūnu
हो वो قَرِيبًا क़रीब ही qarīban
क़रीब ही ٦٣ (63)
(63)
(ऐ रसूल!) लोग1 आपसे क़ियामत के विषय में पूछते हैं। आप कह दें कि उसका ज्ञान तो मात्र अल्लाह ही के पास है। और आपको क्या मालूम शायद क़ियामत निकट ही हो?
३३:६४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने لَعَنَ लानत की है laʿana
लानत की है ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَعِيرًا भड़कती आग को saʿīran
भड़कती आग को ٦٤ (64)
(64)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने لَعَنَ लानत की है laʿana
लानत की है ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَعِيرًا भड़कती आग को saʿīran
भड़कती आग को ٦٤ (64)
(64)
निःसंदेह अल्लाह ने काफ़िरों को धिक्कार दिया है और उनके लिए भड़कती हुई आग तैयार कर रखी है।
३३:६५
خَـٰلِدِينَ
हमेश रहने वाले हैं
khālidīna
हमेश रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَبَدًۭا ۖ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा لَّا not lā
not يَجِدُونَ ना वो पाऐंगे yajidūna
ना वो पाऐंगे وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٦٥ (65)
(65)
हमेश रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَبَدًۭا ۖ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा لَّا not lā
not يَجِدُونَ ना वो पाऐंगे yajidūna
ना वो पाऐंगे وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٦٥ (65)
(65)
वे उसमें सदैव रहेंगे। वे न कोई दोस्त पाएँगे और न कोई सहायक।
३३:६६
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन تُقَلَّبُ उलट-पलट किए जाऐंगे tuqallabu
उलट-पलट किए जाऐंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे उनके wujūhuhum
चेहरे उनके فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में يَقُولُونَ वो कहेंगे yaqūlūna
वो कहेंगे يَـٰلَيْتَنَآ ऐ काश कि हम yālaytanā
ऐ काश कि हम أَطَعْنَا इताअत करते हम aṭaʿnā
इताअत करते हम ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَأَطَعْنَا और इताअत करते हम wa-aṭaʿnā
और इताअत करते हम ٱلرَّسُولَا۠ रसूल की l-rasūlā
रसूल की ٦٦ (66)
(66)
जिस दिन تُقَلَّبُ उलट-पलट किए जाऐंगे tuqallabu
उलट-पलट किए जाऐंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे उनके wujūhuhum
चेहरे उनके فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में يَقُولُونَ वो कहेंगे yaqūlūna
वो कहेंगे يَـٰلَيْتَنَآ ऐ काश कि हम yālaytanā
ऐ काश कि हम أَطَعْنَا इताअत करते हम aṭaʿnā
इताअत करते हम ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَأَطَعْنَا और इताअत करते हम wa-aṭaʿnā
और इताअत करते हम ٱلرَّسُولَا۠ रसूल की l-rasūlā
रसूल की ٦٦ (66)
(66)
जिस दिन उनके चेहरे आग में उलटे-पलटे जाएँगे, तो वे कहेंगे : ऐ काश, हमने अल्लाह का आज्ञापालन किया होता और हमने रसूल का आज्ञापालन किया होता।
३३:६७
وَقَالُوا۟
और वो कहेंगे
waqālū
और वो कहेंगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَطَعْنَا इताअत की हमने aṭaʿnā
इताअत की हमने سَادَتَنَا अपने सरदारों की sādatanā
अपने सरदारों की وَكُبَرَآءَنَا और अपने बड़ों की wakubarāanā
और अपने बड़ों की فَأَضَلُّونَا तो उन्होंने भटका दिया हमें fa-aḍallūnā
तो उन्होंने भटका दिया हमें ٱلسَّبِيلَا۠ रास्ते से l-sabīlā
रास्ते से ٦٧ (67)
(67)
और वो कहेंगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَطَعْنَا इताअत की हमने aṭaʿnā
इताअत की हमने سَادَتَنَا अपने सरदारों की sādatanā
अपने सरदारों की وَكُبَرَآءَنَا और अपने बड़ों की wakubarāanā
और अपने बड़ों की فَأَضَلُّونَا तो उन्होंने भटका दिया हमें fa-aḍallūnā
तो उन्होंने भटका दिया हमें ٱلسَّبِيلَا۠ रास्ते से l-sabīlā
रास्ते से ٦٧ (67)
(67)
तथा वे कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमने अपने सरदारों और बड़े लोगों का कहा माना, तो उन्होंने हमें सीधे रास्ते से भटका दिया।
३३:६८
رَبَّنَآ
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब ءَاتِهِمْ दे उन्हें ātihim
दे उन्हें ضِعْفَيْنِ दोगुना ḍiʿ'fayni
दोगुना مِنَ [of] mina
[of] ٱلْعَذَابِ अज़ाब में से l-ʿadhābi
अज़ाब में से وَٱلْعَنْهُمْ और लानत फ़रमा उन पर wal-ʿanhum
और लानत फ़रमा उन पर لَعْنًۭا लानत laʿnan
लानत كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٦٨ (68)
(68)
ऐ हमारे रब ءَاتِهِمْ दे उन्हें ātihim
दे उन्हें ضِعْفَيْنِ दोगुना ḍiʿ'fayni
दोगुना مِنَ [of] mina
[of] ٱلْعَذَابِ अज़ाब में से l-ʿadhābi
अज़ाब में से وَٱلْعَنْهُمْ और लानत फ़रमा उन पर wal-ʿanhum
और लानत फ़रमा उन पर لَعْنًۭا लानत laʿnan
लानत كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٦٨ (68)
(68)
ऐ हमारे पालनहार! उन्हें दोहरी यातना दे और उनपर बड़ी धिक्कार कर।
३३:६९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَكُونُوا۟ ना तुम हो जाओ takūnū
ना तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ उनकी तरह जिन्होंने ka-alladhīna
उनकी तरह जिन्होंने ءَاذَوْا۟ अज़ीयतें दीं ādhaw
अज़ीयतें दीं مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को فَبَرَّأَهُ तो बरी कर दिया उसे fabarra-ahu
तो बरी कर दिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो قَالُوا۟ ۚ उन्होंने कहा था qālū
उन्होंने कहा था وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَجِيهًۭا बहुत बाइज़्ज़त wajīhan
बहुत बाइज़्ज़त ٦٩ (69)
(69)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَكُونُوا۟ ना तुम हो जाओ takūnū
ना तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ उनकी तरह जिन्होंने ka-alladhīna
उनकी तरह जिन्होंने ءَاذَوْا۟ अज़ीयतें दीं ādhaw
अज़ीयतें दीं مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को فَبَرَّأَهُ तो बरी कर दिया उसे fabarra-ahu
तो बरी कर दिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो قَالُوا۟ ۚ उन्होंने कहा था qālū
उन्होंने कहा था وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَجِيهًۭا बहुत बाइज़्ज़त wajīhan
बहुत बाइज़्ज़त ٦٩ (69)
(69)
ऐ ईमान वालो! उन लोगों के समान न हो जाओ, जिन्होंने मूसा को कष्ट पहुँचाया, तो अल्लाह ने उन्हें उनकी कही हुई बातों से बरी1 कर दिया, और वह अल्लाह के यहाँ प्रतिष्ठावान थे।
३३:७०
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो قَوْلًۭا बात qawlan
बात سَدِيدًۭا सीधी sadīdan
सीधी ٧٠ (70)
(70)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो قَوْلًۭا बात qawlan
बात سَدِيدًۭا सीधी sadīdan
सीधी ٧٠ (70)
(70)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो तथा सही और सच्ची बात कहो।
३३:७१
يُصْلِحْ
वो इस्लाह कर देगा
yuṣ'liḥ
वो इस्लाह कर देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَعْمَـٰلَكُمْ तुम्हारे आमाल की aʿmālakum
तुम्हारे आमाल की وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ذُنُوبَكُمْ ۗ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbakum
तुम्हारे गुनाहों को وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ فَازَ वो कामयाब हुआ fāza
वो कामयाब हुआ فَوْزًا कामयाब होना fawzan
कामयाब होना عَظِيمًا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٧١ (71)
(71)
वो इस्लाह कर देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَعْمَـٰلَكُمْ तुम्हारे आमाल की aʿmālakum
तुम्हारे आमाल की وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ذُنُوبَكُمْ ۗ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbakum
तुम्हारे गुनाहों को وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ فَازَ वो कामयाब हुआ fāza
वो कामयाब हुआ فَوْزًا कामयाब होना fawzan
कामयाब होना عَظِيمًا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٧١ (71)
(71)
वह तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्मों को सुधार देगा, तथा तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा और जो अल्लाह तथा उसके रसूल का आज्ञापालन करे, उसने बड़ी सफलता प्राप्त कर ली।
३३:७२
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम عَرَضْنَا पेश किया हमने ʿaraḍnā
पेश किया हमने ٱلْأَمَانَةَ अमानत को l-amānata
अमानत को عَلَى to ʿalā
to ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों पर l-samāwāti
आसमानों पर وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन पर wal-arḍi
और ज़मीन पर وَٱلْجِبَالِ और पहाड़ों पर wal-jibāli
और पहाड़ों पर فَأَبَيْنَ तो उन्होंने इन्कार कर दिया fa-abayna
तो उन्होंने इन्कार कर दिया أَن कि an
कि يَحْمِلْنَهَا वो उठाऐं उसे yaḥmil'nahā
वो उठाऐं उसे وَأَشْفَقْنَ और वो डर गए wa-ashfaqna
और वो डर गए مِنْهَا उससे min'hā
उससे وَحَمَلَهَا और उठा लिया उसे waḥamalahā
और उठा लिया उसे ٱلْإِنسَـٰنُ ۖ इन्सान ने l-insānu
इन्सान ने إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है kāna
है ظَلُومًۭا बहुत ज़ालिम ẓalūman
बहुत ज़ालिम جَهُولًۭا बहुत जाहिल jahūlan
बहुत जाहिल ٧٢ (72)
(72)
बेशक हम عَرَضْنَا पेश किया हमने ʿaraḍnā
पेश किया हमने ٱلْأَمَانَةَ अमानत को l-amānata
अमानत को عَلَى to ʿalā
to ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों पर l-samāwāti
आसमानों पर وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन पर wal-arḍi
और ज़मीन पर وَٱلْجِبَالِ और पहाड़ों पर wal-jibāli
और पहाड़ों पर فَأَبَيْنَ तो उन्होंने इन्कार कर दिया fa-abayna
तो उन्होंने इन्कार कर दिया أَن कि an
कि يَحْمِلْنَهَا वो उठाऐं उसे yaḥmil'nahā
वो उठाऐं उसे وَأَشْفَقْنَ और वो डर गए wa-ashfaqna
और वो डर गए مِنْهَا उससे min'hā
उससे وَحَمَلَهَا और उठा लिया उसे waḥamalahā
और उठा लिया उसे ٱلْإِنسَـٰنُ ۖ इन्सान ने l-insānu
इन्सान ने إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है kāna
है ظَلُومًۭا बहुत ज़ालिम ẓalūman
बहुत ज़ालिम جَهُولًۭا बहुत जाहिल jahūlan
बहुत जाहिल ٧٢ (72)
(72)
हमने अमानत1 को आकाशों और धरती तथा पर्वतों के समक्ष प्रस्तुत किया, लेकिन उन सबने उसका भार उठाने से इनकार कर दिया और वे उससे डर गए। परंतु इनसान ने उसे उठा लिया। निःसंदेह वह बड़ा ही अत्याचारी2 औ बहुत अज्ञानी है।
३३:७३
لِّيُعَذِّبَ
ताकि अज़ाब दे
liyuʿadhiba
ताकि अज़ाब दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ मर्दों l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ मर्दों وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتِ और मुनाफ़िक़ औरतों को wal-munāfiqāti
और मुनाफ़िक़ औरतों को وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिक मर्दों को wal-mush'rikīna
और मुशरिक मर्दों को وَٱلْمُشْرِكَـٰتِ और मुशरिक औरतों को wal-mush'rikāti
और मुशरिक औरतों को وَيَتُوبَ और मेहरबान हो जाए wayatūba
और मेहरबान हो जाए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَى to ʿalā
to ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों पर l-mu'minīna
मोमिन मर्दों पर وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ ۗ और मोमिन औरतों पर wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۢا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٧٣ (73)
(73)
ताकि अज़ाब दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ मर्दों l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ मर्दों وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتِ और मुनाफ़िक़ औरतों को wal-munāfiqāti
और मुनाफ़िक़ औरतों को وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिक मर्दों को wal-mush'rikīna
और मुशरिक मर्दों को وَٱلْمُشْرِكَـٰتِ और मुशरिक औरतों को wal-mush'rikāti
और मुशरिक औरतों को وَيَتُوبَ और मेहरबान हो जाए wayatūba
और मेहरबान हो जाए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَى to ʿalā
to ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों पर l-mu'minīna
मोमिन मर्दों पर وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ ۗ और मोमिन औरतों पर wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۢا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٧٣ (73)
(73)
ताकि अल्लाह मुनाफ़िक़ पुरुषों तथा मुनाफ़िक़ स्त्रियों और मुश्रिक पुरुषों तथा मुश्रिक स्त्रियों को यातना दे, तथा अल्लाह ईमान वाले पुरुषों तथा ईमान वाली स्त्रियों की तौबा क़बूल करे। और अल्लाह अति क्षमाशील, बड़ा दयावान् है।