५
अल-माइदा
المائدة
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५:१
يَـٰٓأَيُّهَا
O
yāayyuhā
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَوْفُوا۟ पूरा करो awfū
पूरा करो بِٱلْعُقُودِ ۚ अहदो पैमान को bil-ʿuqūdi
अहदो पैमान को أُحِلَّتْ हलाल कर दिए गए uḥillat
हलाल कर दिए गए لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بَهِيمَةُ चौपाए bahīmatu
चौपाए ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों के l-anʿāmi
मवेशियों के إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مَا उनके जो mā
उनके जो يُتْلَىٰ पढ़े जाऐंगे yut'lā
पढ़े जाऐंगे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غَيْرَ ना ghayra
ना مُحِلِّى हलाल करने वाले हो muḥillī
हलाल करने वाले हो ٱلصَّيْدِ शिकार को l-ṣaydi
शिकार को وَأَنتُمْ जबकि तुम wa-antum
जबकि तुम حُرُمٌ ۗ (हालत) ऐहराम में हो ḥurumun
(हालत) ऐहराम में हो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَحْكُمُ वो फ़ैसला करता है yaḥkumu
वो फ़ैसला करता है مَا जो mā
जो يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है ١ (1)
(1)
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَوْفُوا۟ पूरा करो awfū
पूरा करो بِٱلْعُقُودِ ۚ अहदो पैमान को bil-ʿuqūdi
अहदो पैमान को أُحِلَّتْ हलाल कर दिए गए uḥillat
हलाल कर दिए गए لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بَهِيمَةُ चौपाए bahīmatu
चौपाए ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों के l-anʿāmi
मवेशियों के إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مَا उनके जो mā
उनके जो يُتْلَىٰ पढ़े जाऐंगे yut'lā
पढ़े जाऐंगे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غَيْرَ ना ghayra
ना مُحِلِّى हलाल करने वाले हो muḥillī
हलाल करने वाले हो ٱلصَّيْدِ शिकार को l-ṣaydi
शिकार को وَأَنتُمْ जबकि तुम wa-antum
जबकि तुम حُرُمٌ ۗ (हालत) ऐहराम में हो ḥurumun
(हालत) ऐहराम में हो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَحْكُمُ वो फ़ैसला करता है yaḥkumu
वो फ़ैसला करता है مَا जो mā
जो يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है ١ (1)
(1)
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! प्रतिज्ञाओं (अनुबंधों)1 को पूरा करो। तुम्हारे लिए चौपाए जानवर (मवेशी) ह़लाल किए गए हैं, सिवाय उनके जो तुमपर पढ़े जाएँगे, इस हाल में कि शिकार को हलाल जानने वाले न हो, जबकि तुम एह़राम2 की हालत में हो। बेशक अल्लाह फैसला करता है जो चाहता है।
५:२
يَـٰٓأَيُّهَا
O
yāayyuhā
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تُحِلُّوا۟ ना तुम हलाल करो tuḥillū
ना तुम हलाल करो شَعَـٰٓئِرَ निशानियों को shaʿāira
निशानियों को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना ٱلشَّهْرَ माहे l-shahra
माहे ٱلْحَرَامَ हराम को l-ḥarāma
हराम को وَلَا और ना walā
और ना ٱلْهَدْىَ क़ुर्बानी के जानवर को l-hadya
क़ुर्बानी के जानवर को وَلَا और ना walā
और ना ٱلْقَلَـٰٓئِدَ पट्टे वाले जानवरों को l-qalāida
पट्टे वाले जानवरों को وَلَآ और ना walā
और ना ءَآمِّينَ इरादा करने वालों को āmmīna
इरादा करने वालों को ٱلْبَيْتَ (to) the House l-bayta
(to) the House ٱلْحَرَامَ बैतुल हराम का l-ḥarāma
बैतुल हराम का يَبْتَغُونَ जो चाहते हैं yabtaghūna
जो चाहते हैं فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّن of min
of رَّبِّهِمْ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से وَرِضْوَٰنًۭا ۚ और रज़ामन्दी wariḍ'wānan
और रज़ामन्दी وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब حَلَلْتُمْ हलाल हो जाओ तुम ḥalaltum
हलाल हो जाओ तुम فَٱصْطَادُوا۟ ۚ तो शिकार करो (अगर तुम चाहो) fa-iṣ'ṭādū
तो शिकार करो (अगर तुम चाहो) وَلَا और ना walā
और ना يَجْرِمَنَّكُمْ आमादा करे तुम्हें yajrimannakum
आमादा करे तुम्हें شَنَـَٔانُ दुश्मनी shanaānu
दुश्मनी قَوْمٍ किसी क़ौम की qawmin
किसी क़ौम की أَن कि an
कि صَدُّوكُمْ उन्होंने रोका तुम्हें ṣaddūkum
उन्होंने रोका तुम्हें عَنِ from ʿani
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid l-masjidi
Al-Masjid ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से أَن कि an
कि تَعْتَدُوا۟ ۘ तुम ज़्यादती करो taʿtadū
तुम ज़्यादती करो وَتَعَاوَنُوا۟ और तआवुन करो wataʿāwanū
और तआवुन करो عَلَى in ʿalā
in ٱلْبِرِّ नेकी पर l-biri
नेकी पर وَٱلتَّقْوَىٰ ۖ और तक़वा पर wal-taqwā
और तक़वा पर وَلَا और ना walā
और ना تَعَاوَنُوا۟ तुम तआवुन करो taʿāwanū
तुम तआवुन करो عَلَى in ʿalā
in ٱلْإِثْمِ गुनाह पर l-ith'mi
गुनाह पर وَٱلْعُدْوَٰنِ ۚ और ज़्यादती पर wal-ʿud'wāni
और ज़्यादती पर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۖ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢ (2)
(2)
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تُحِلُّوا۟ ना तुम हलाल करो tuḥillū
ना तुम हलाल करो شَعَـٰٓئِرَ निशानियों को shaʿāira
निशानियों को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना ٱلشَّهْرَ माहे l-shahra
माहे ٱلْحَرَامَ हराम को l-ḥarāma
हराम को وَلَا और ना walā
और ना ٱلْهَدْىَ क़ुर्बानी के जानवर को l-hadya
क़ुर्बानी के जानवर को وَلَا और ना walā
और ना ٱلْقَلَـٰٓئِدَ पट्टे वाले जानवरों को l-qalāida
पट्टे वाले जानवरों को وَلَآ और ना walā
और ना ءَآمِّينَ इरादा करने वालों को āmmīna
इरादा करने वालों को ٱلْبَيْتَ (to) the House l-bayta
(to) the House ٱلْحَرَامَ बैतुल हराम का l-ḥarāma
बैतुल हराम का يَبْتَغُونَ जो चाहते हैं yabtaghūna
जो चाहते हैं فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّن of min
of رَّبِّهِمْ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से وَرِضْوَٰنًۭا ۚ और रज़ामन्दी wariḍ'wānan
और रज़ामन्दी وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब حَلَلْتُمْ हलाल हो जाओ तुम ḥalaltum
हलाल हो जाओ तुम فَٱصْطَادُوا۟ ۚ तो शिकार करो (अगर तुम चाहो) fa-iṣ'ṭādū
तो शिकार करो (अगर तुम चाहो) وَلَا और ना walā
और ना يَجْرِمَنَّكُمْ आमादा करे तुम्हें yajrimannakum
आमादा करे तुम्हें شَنَـَٔانُ दुश्मनी shanaānu
दुश्मनी قَوْمٍ किसी क़ौम की qawmin
किसी क़ौम की أَن कि an
कि صَدُّوكُمْ उन्होंने रोका तुम्हें ṣaddūkum
उन्होंने रोका तुम्हें عَنِ from ʿani
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid l-masjidi
Al-Masjid ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से أَن कि an
कि تَعْتَدُوا۟ ۘ तुम ज़्यादती करो taʿtadū
तुम ज़्यादती करो وَتَعَاوَنُوا۟ और तआवुन करो wataʿāwanū
और तआवुन करो عَلَى in ʿalā
in ٱلْبِرِّ नेकी पर l-biri
नेकी पर وَٱلتَّقْوَىٰ ۖ और तक़वा पर wal-taqwā
और तक़वा पर وَلَا और ना walā
और ना تَعَاوَنُوا۟ तुम तआवुन करो taʿāwanū
तुम तआवुन करो عَلَى in ʿalā
in ٱلْإِثْمِ गुनाह पर l-ith'mi
गुनाह पर وَٱلْعُدْوَٰنِ ۚ और ज़्यादती पर wal-ʿud'wāni
और ज़्यादती पर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۖ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢ (2)
(2)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह की निशानियों1 का अनादर न करो, न सम्मानित महीने2 का, न ह़रम की क़ुर्बानी का, न पट्टे वाले जानवरों का, और न उन लोगों का जो अपने पालनहार के अनुग्रह और उसकी प्रसन्नता की खोज में सम्मानित घर (काबा) की ओर जा रहे हों। और जब एह़राम खोल दो, तो शिकार करो। और किसी गिरोह की दुश्मनी, इस कारण कि उन्होंने तुम्हें मस्जिदे-ह़राम से रोका था, तुम्हें इस बात पर न उभारे कि अत्याचार करने लगो। तथा नेकी और परहेज़गारी पर एक-दूसरे का सहयोग करो और पाप तथा अत्याचार पर एक-दूसरे की सहायता न करो। और अल्लाह से डरो। निःसंदेह अल्लाह कड़ी यातना देने वाला है।
५:३
حُرِّمَتْ
हराम किया गया
ḥurrimat
हराम किया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَيْتَةُ मुर्दार l-maytatu
मुर्दार وَٱلدَّمُ और ख़ून wal-damu
और ख़ून وَلَحْمُ और गोश्त walaḥmu
और गोश्त ٱلْخِنزِيرِ ख़िन्ज़ीर का l-khinzīri
ख़िन्ज़ीर का وَمَآ और जो wamā
और जो أُهِلَّ पुकारा गया uhilla
पुकारा गया لِغَيْرِ वास्ते ग़ैर lighayri
वास्ते ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بِهِۦ उसको bihi
उसको وَٱلْمُنْخَنِقَةُ और गला घुटकर मरने वाली wal-mun'khaniqatu
और गला घुटकर मरने वाली وَٱلْمَوْقُوذَةُ और चोट लगकर मरने वाली wal-mawqūdhatu
और चोट लगकर मरने वाली وَٱلْمُتَرَدِّيَةُ और बुलन्दी से गिर कर मरने वाली wal-mutaradiyatu
और बुलन्दी से गिर कर मरने वाली وَٱلنَّطِيحَةُ और सींग लग कर मरने वाली wal-naṭīḥatu
और सींग लग कर मरने वाली وَمَآ और जिसे wamā
और जिसे أَكَلَ खा जाए akala
खा जाए ٱلسَّبُعُ दरिन्दा l-sabuʿu
दरिन्दा إِلَّا मगर illā
मगर مَا जिसको mā
जिसको ذَكَّيْتُمْ ज़िबह कर लिया तुमने dhakkaytum
ज़िबह कर लिया तुमने وَمَا और जो wamā
और जो ذُبِحَ ज़िबह किया गया dhubiḥa
ज़िबह किया गया عَلَى on ʿalā
on ٱلنُّصُبِ आस्तानों पर l-nuṣubi
आस्तानों पर وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَسْتَقْسِمُوا۟ तुम क़िस्मत मालूम करो tastaqsimū
तुम क़िस्मत मालूम करो بِٱلْأَزْلَـٰمِ ۚ तीरों/पाँसों के ज़रिए bil-azlāmi
तीरों/पाँसों के ज़रिए ذَٰلِكُمْ ये सब dhālikum
ये सब فِسْقٌ ۗ गुनाह (के काम) हैं fis'qun
गुनाह (के काम) हैं ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन يَئِسَ मायूस हो गए ya-isa
मायूस हो गए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن of min
of دِينِكُمْ तुम्हारे दीन से dīnikum
तुम्हारे दीन से فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْشَوْهُمْ तुम डरो उनसे takhshawhum
तुम डरो उनसे وَٱخْشَوْنِ ۚ और डरो मुझसे wa-ikh'shawni
और डरो मुझसे ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन أَكْمَلْتُ मुकम्मल कर दिया मैंने akmaltu
मुकम्मल कर दिया मैंने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए دِينَكُمْ दीन तुम्हारा dīnakum
दीन तुम्हारा وَأَتْمَمْتُ और तमाम कर दी मैंने wa-atmamtu
और तमाम कर दी मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर نِعْمَتِى नेअमत अपनी niʿ'matī
नेअमत अपनी وَرَضِيتُ और पसंद कर लिया मैंने waraḍītu
और पसंद कर लिया मैंने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْإِسْلَـٰمَ इस्लाम को l-is'lāma
इस्लाम को دِينًۭا ۚ बतौर दीन dīnan
बतौर दीन فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱضْطُرَّ मजबूर किया गया uḍ'ṭurra
मजबूर किया गया فِى by fī
by مَخْمَصَةٍ भूख में makhmaṣatin
भूख में غَيْرَ (and) not ghayra
(and) not مُتَجَانِفٍۢ नहीं माइल होने वाला mutajānifin
नहीं माइल होने वाला لِّإِثْمٍۢ ۙ तरफ़ गुनाह के li-ith'min
तरफ़ गुनाह के فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣ (3)
(3)
हराम किया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَيْتَةُ मुर्दार l-maytatu
मुर्दार وَٱلدَّمُ और ख़ून wal-damu
और ख़ून وَلَحْمُ और गोश्त walaḥmu
और गोश्त ٱلْخِنزِيرِ ख़िन्ज़ीर का l-khinzīri
ख़िन्ज़ीर का وَمَآ और जो wamā
और जो أُهِلَّ पुकारा गया uhilla
पुकारा गया لِغَيْرِ वास्ते ग़ैर lighayri
वास्ते ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بِهِۦ उसको bihi
उसको وَٱلْمُنْخَنِقَةُ और गला घुटकर मरने वाली wal-mun'khaniqatu
और गला घुटकर मरने वाली وَٱلْمَوْقُوذَةُ और चोट लगकर मरने वाली wal-mawqūdhatu
और चोट लगकर मरने वाली وَٱلْمُتَرَدِّيَةُ और बुलन्दी से गिर कर मरने वाली wal-mutaradiyatu
और बुलन्दी से गिर कर मरने वाली وَٱلنَّطِيحَةُ और सींग लग कर मरने वाली wal-naṭīḥatu
और सींग लग कर मरने वाली وَمَآ और जिसे wamā
और जिसे أَكَلَ खा जाए akala
खा जाए ٱلسَّبُعُ दरिन्दा l-sabuʿu
दरिन्दा إِلَّا मगर illā
मगर مَا जिसको mā
जिसको ذَكَّيْتُمْ ज़िबह कर लिया तुमने dhakkaytum
ज़िबह कर लिया तुमने وَمَا और जो wamā
और जो ذُبِحَ ज़िबह किया गया dhubiḥa
ज़िबह किया गया عَلَى on ʿalā
on ٱلنُّصُبِ आस्तानों पर l-nuṣubi
आस्तानों पर وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَسْتَقْسِمُوا۟ तुम क़िस्मत मालूम करो tastaqsimū
तुम क़िस्मत मालूम करो بِٱلْأَزْلَـٰمِ ۚ तीरों/पाँसों के ज़रिए bil-azlāmi
तीरों/पाँसों के ज़रिए ذَٰلِكُمْ ये सब dhālikum
ये सब فِسْقٌ ۗ गुनाह (के काम) हैं fis'qun
गुनाह (के काम) हैं ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन يَئِسَ मायूस हो गए ya-isa
मायूस हो गए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن of min
of دِينِكُمْ तुम्हारे दीन से dīnikum
तुम्हारे दीन से فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْشَوْهُمْ तुम डरो उनसे takhshawhum
तुम डरो उनसे وَٱخْشَوْنِ ۚ और डरो मुझसे wa-ikh'shawni
और डरो मुझसे ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन أَكْمَلْتُ मुकम्मल कर दिया मैंने akmaltu
मुकम्मल कर दिया मैंने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए دِينَكُمْ दीन तुम्हारा dīnakum
दीन तुम्हारा وَأَتْمَمْتُ और तमाम कर दी मैंने wa-atmamtu
और तमाम कर दी मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर نِعْمَتِى नेअमत अपनी niʿ'matī
नेअमत अपनी وَرَضِيتُ और पसंद कर लिया मैंने waraḍītu
और पसंद कर लिया मैंने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْإِسْلَـٰمَ इस्लाम को l-is'lāma
इस्लाम को دِينًۭا ۚ बतौर दीन dīnan
बतौर दीन فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱضْطُرَّ मजबूर किया गया uḍ'ṭurra
मजबूर किया गया فِى by fī
by مَخْمَصَةٍ भूख में makhmaṣatin
भूख में غَيْرَ (and) not ghayra
(and) not مُتَجَانِفٍۢ नहीं माइल होने वाला mutajānifin
नहीं माइल होने वाला لِّإِثْمٍۢ ۙ तरफ़ गुनाह के li-ith'min
तरफ़ गुनाह के فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣ (3)
(3)
तुमपर ह़राम किया गया है मुर्दार, (बहता हुआ) रक्त, सूअर का माँस और वह जिसपर (ज़बह करते समय) अल्लाह के अलावा का नाम पुकारा जाए, तथा गला घुटने वाला जानवर, और जिसे चोट लगी हो, तथा गिरने वाला और जिसे सींग लगा हो और जिसे दरिंदे ने खाया हो, परंतु जो तुम (इनमें से) ज़बह2 कर लो। और जो थानों पर ज़बह किया गया हो और यह कि तुम तीरों के साथ भाग्य मालूम करो। यह सब (अल्लाह की) अवज्ञा है। आज वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, तुम्हारे धर्म से निराश3 हो गए। तो तुम उनसे न डरो, केवल मुझसे डरो। आज4 मैंने तुम्हारे लिए तुम्हारा धर्म परिपूर्ण कर दिया, तथा तुमपर अपनी नेमत पूरी कर दी और तुम्हारे लिए इस्लाम को धर्म के तौर पर पसंद कर लिया। फिर जो व्यक्ति भूख की किसी सूरत में मजूबर कर दिया जाए, इस हाल में कि किसी पाप की ओर झुकाव रखने वाला न हो, तो निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
५:४
يَسْـَٔلُونَكَ
वो सवाल करते हैं आपसे
yasalūnaka
वो सवाल करते हैं आपसे مَاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ أُحِلَّ हलाल किया गया uḥilla
हलाल किया गया لَهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أُحِلَّ हलाल की गईं uḥilla
हलाल की गईं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلطَّيِّبَـٰتُ ۙ पाकीज़ा चीज़ें l-ṭayibātu
पाकीज़ा चीज़ें وَمَا और जो wamā
और जो عَلَّمْتُم सिखाया तुमने ʿallamtum
सिखाया तुमने مِّنَ of mina
of ٱلْجَوَارِحِ शिकारी जानवरों को l-jawāriḥi
शिकारी जानवरों को مُكَلِّبِينَ शिकार की तालीम देने वाले mukallibīna
शिकार की तालीम देने वाले تُعَلِّمُونَهُنَّ तुम सिखाते हो उन्हें tuʿallimūnahunna
तुम सिखाते हो उन्हें مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عَلَّمَكُمُ सिखाया तुम्हें ʿallamakumu
सिखाया तुम्हें ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَكُلُوا۟ तो खाओ fakulū
तो खाओ مِمَّآ उसमें से जो mimmā
उसमें से जो أَمْسَكْنَ वो रोक रखें amsakna
वो रोक रखें عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَٱذْكُرُوا۟ और ज़िक्र करो wa-udh'kurū
और ज़िक्र करो ٱسْمَ नाम is'ma
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ ۖ उस पर ʿalayhi
उस पर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٤ (4)
(4)
वो सवाल करते हैं आपसे مَاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ أُحِلَّ हलाल किया गया uḥilla
हलाल किया गया لَهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أُحِلَّ हलाल की गईं uḥilla
हलाल की गईं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلطَّيِّبَـٰتُ ۙ पाकीज़ा चीज़ें l-ṭayibātu
पाकीज़ा चीज़ें وَمَا और जो wamā
और जो عَلَّمْتُم सिखाया तुमने ʿallamtum
सिखाया तुमने مِّنَ of mina
of ٱلْجَوَارِحِ शिकारी जानवरों को l-jawāriḥi
शिकारी जानवरों को مُكَلِّبِينَ शिकार की तालीम देने वाले mukallibīna
शिकार की तालीम देने वाले تُعَلِّمُونَهُنَّ तुम सिखाते हो उन्हें tuʿallimūnahunna
तुम सिखाते हो उन्हें مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عَلَّمَكُمُ सिखाया तुम्हें ʿallamakumu
सिखाया तुम्हें ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَكُلُوا۟ तो खाओ fakulū
तो खाओ مِمَّآ उसमें से जो mimmā
उसमें से जो أَمْسَكْنَ वो रोक रखें amsakna
वो रोक रखें عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَٱذْكُرُوا۟ और ज़िक्र करो wa-udh'kurū
और ज़िक्र करो ٱسْمَ नाम is'ma
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ ۖ उस पर ʿalayhi
उस पर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٤ (4)
(4)
वे आपसे पूछते हैं कि उनके लिए क्या हलाल किया गया है? आप कह दें कि तुम्हारे लिए अच्छी पवित्र चीजें हलाल की गई हैं। और शिकारी जानवरों में से जो तुमने सधाए हैं, (जिन्हें तुम) शिकारी बनाने वाले हो, उन्हें उसमें से सिखाते हो जो अल्लाह ने तुम्हें सिखाया है। तो उसमें से खाओ जो (शिकार) वे तुम्हारे लिए रोक रखें, और उसपर अल्लाह का नाम1 लो। तथा अल्लाह से डरो। निःसंदेह अल्लाह शीघ्र हिसाब लेने वाला है।
५:५
ٱلْيَوْمَ
आज के दिन
al-yawma
आज के दिन أُحِلَّ हलाल कर दी गईं uḥilla
हलाल कर दी गईं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلطَّيِّبَـٰتُ ۖ पाकीज़ा चीज़ें l-ṭayibātu
पाकीज़ा चीज़ें وَطَعَامُ और खाना waṭaʿāmu
और खाना ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब حِلٌّۭ हलाल है ḥillun
हलाल है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَطَعَامُكُمْ और खाना तुम्हारा waṭaʿāmukum
और खाना तुम्हारा حِلٌّۭ हलाल है ḥillun
हलाल है لَّهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए وَٱلْمُحْصَنَـٰتُ और पाक दामन औरतें wal-muḥ'ṣanātu
और पाक दामन औरतें مِنَ from mina
from ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ मोमिन औरतों में से l-mu'mināti
मोमिन औरतों में से وَٱلْمُحْصَنَـٰتُ और पाक दामन औरतें wal-muḥ'ṣanātu
और पाक दामन औरतें مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले إِذَآ जब idhā
जब ءَاتَيْتُمُوهُنَّ दे दो तुम उन्हें ātaytumūhunna
दे दो तुम उन्हें أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके مُحْصِنِينَ निकाह में लाने वाले muḥ'ṣinīna
निकाह में लाने वाले غَيْرَ not ghayra
not مُسَـٰفِحِينَ ना बदकारी करने वाले musāfiḥīna
ना बदकारी करने वाले وَلَا और ना walā
और ना مُتَّخِذِىٓ बनाने वाले muttakhidhī
बनाने वाले أَخْدَانٍۢ ۗ छुपे दोस्त akhdānin
छुपे दोस्त وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بِٱلْإِيمَـٰنِ साथ ईमान के bil-īmāni
साथ ईमान के فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ حَبِطَ ज़ाया हो गया ḥabiṭa
ज़ाया हो गया عَمَلُهُۥ अमल उसका ʿamaluhu
अमल उसका وَهُوَ और वो wahuwa
और वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنَ (will be) among mina
(will be) among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से होगा l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से होगा ٥ (5)
(5)
आज के दिन أُحِلَّ हलाल कर दी गईं uḥilla
हलाल कर दी गईं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلطَّيِّبَـٰتُ ۖ पाकीज़ा चीज़ें l-ṭayibātu
पाकीज़ा चीज़ें وَطَعَامُ और खाना waṭaʿāmu
और खाना ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब حِلٌّۭ हलाल है ḥillun
हलाल है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَطَعَامُكُمْ और खाना तुम्हारा waṭaʿāmukum
और खाना तुम्हारा حِلٌّۭ हलाल है ḥillun
हलाल है لَّهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए وَٱلْمُحْصَنَـٰتُ और पाक दामन औरतें wal-muḥ'ṣanātu
और पाक दामन औरतें مِنَ from mina
from ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ मोमिन औरतों में से l-mu'mināti
मोमिन औरतों में से وَٱلْمُحْصَنَـٰتُ और पाक दामन औरतें wal-muḥ'ṣanātu
और पाक दामन औरतें مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले إِذَآ जब idhā
जब ءَاتَيْتُمُوهُنَّ दे दो तुम उन्हें ātaytumūhunna
दे दो तुम उन्हें أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके مُحْصِنِينَ निकाह में लाने वाले muḥ'ṣinīna
निकाह में लाने वाले غَيْرَ not ghayra
not مُسَـٰفِحِينَ ना बदकारी करने वाले musāfiḥīna
ना बदकारी करने वाले وَلَا और ना walā
और ना مُتَّخِذِىٓ बनाने वाले muttakhidhī
बनाने वाले أَخْدَانٍۢ ۗ छुपे दोस्त akhdānin
छुपे दोस्त وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بِٱلْإِيمَـٰنِ साथ ईमान के bil-īmāni
साथ ईमान के فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ حَبِطَ ज़ाया हो गया ḥabiṭa
ज़ाया हो गया عَمَلُهُۥ अमल उसका ʿamaluhu
अमल उसका وَهُوَ और वो wahuwa
और वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنَ (will be) among mina
(will be) among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से होगा l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से होगा ٥ (5)
(5)
आज तुम्हारे लिए अच्छी पवित्र चीज़ें हलाल कर दी गईं और उन लोगों का खाना तुम्हारे लिए हलाल है जिन्हें किताब दी गई, और तुम्हारा खाना उनके लिए हलाल है, और ईमान वाली औरतों में से पाक-दामन औरतें तथा उन लोगों की पाक-दामन औरतें जिन्हें तुमसे पहले किताब दी गई, जब तुम उन्हें उनके महर दे दो, इस हाल में कि तुम विवाह में लाने वाले हो, व्यभिचार करने वाले नहीं और न चोरी-छिपे याराना करने वाले। और जो ईमान से इनकार करे, तो निश्चय उसका कर्म व्यर्थ हो गया तथा वह आख़िरत में घाटा उठाने वालों में से है।
५:६
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब قُمْتُمْ खड़े हो तुम qum'tum
खड़े हो तुम إِلَى for ilā
for ٱلصَّلَوٰةِ तरफ़ नमाज़ के l-ṣalati
तरफ़ नमाज़ के فَٱغْسِلُوا۟ तो धो लो तुम fa-igh'silū
तो धो लो तुम وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को وَأَيْدِيَكُمْ और अपने हाथों के wa-aydiyakum
और अपने हाथों के إِلَى till ilā
till ٱلْمَرَافِقِ कोहनियों तक l-marāfiqi
कोहनियों तक وَٱمْسَحُوا۟ और मसह कर लो wa-im'saḥū
और मसह कर लो بِرُءُوسِكُمْ अपने सरों का biruūsikum
अपने सरों का وَأَرْجُلَكُمْ और अपने पाँवों को (धो लो) wa-arjulakum
और अपने पाँवों को (धो लो) إِلَى till ilā
till ٱلْكَعْبَيْنِ ۚ टख़नों तक l-kaʿbayni
टख़नों तक وَإِن और अगर wa-in
और अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम جُنُبًۭا हालते जनाबत में junuban
हालते जनाबत में فَٱطَّهَّرُوا۟ ۚ तो ख़ूब पाक हो जाओ fa-iṭṭahharū
तो ख़ूब पाक हो जाओ وَإِن और अगर wa-in
और अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مَّرْضَىٰٓ बीमार marḍā
बीमार أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍ किसी सफ़र पर safarin
किसी सफ़र पर أَوْ या aw
या جَآءَ आया jāa
आया أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّنَ from mina
from ٱلْغَآئِطِ क़ज़ा-ए-हाजत से l-ghāiṭi
क़ज़ा-ए-हाजत से أَوْ या aw
या لَـٰمَسْتُمُ छुआ हो तुमने lāmastumu
छुआ हो तुमने ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ مَآءًۭ पानी māan
पानी فَتَيَمَّمُوا۟ तो तयम्मुम कर लो fatayammamū
तो तयम्मुम कर लो صَعِيدًۭا मिट्टी ṣaʿīdan
मिट्टी طَيِّبًۭا पाक से ṭayyiban
पाक से فَٱمْسَحُوا۟ फिर मसह करो fa-im'saḥū
फिर मसह करो بِوُجُوهِكُمْ अपने चेहरों का biwujūhikum
अपने चेहरों का وَأَيْدِيكُم और अपने हाथों का wa-aydīkum
और अपने हाथों का مِّنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे مَا नहीं mā
नहीं يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَجْعَلَ कि वो कर दे liyajʿala
कि वो कर दे عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنْ any min
any حَرَجٍۢ कोई तंगी ḥarajin
कोई तंगी وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है لِيُطَهِّرَكُمْ कि वो पाक कर दे तुम्हें liyuṭahhirakum
कि वो पाक कर दे तुम्हें وَلِيُتِمَّ और ताकि वो पूरा कर दे waliyutimma
और ताकि वो पूरा कर दे نِعْمَتَهُۥ अपनी नेअमत को niʿ'matahu
अपनी नेअमत को عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٦ (6)
(6)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब قُمْتُمْ खड़े हो तुम qum'tum
खड़े हो तुम إِلَى for ilā
for ٱلصَّلَوٰةِ तरफ़ नमाज़ के l-ṣalati
तरफ़ नमाज़ के فَٱغْسِلُوا۟ तो धो लो तुम fa-igh'silū
तो धो लो तुम وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को وَأَيْدِيَكُمْ और अपने हाथों के wa-aydiyakum
और अपने हाथों के إِلَى till ilā
till ٱلْمَرَافِقِ कोहनियों तक l-marāfiqi
कोहनियों तक وَٱمْسَحُوا۟ और मसह कर लो wa-im'saḥū
और मसह कर लो بِرُءُوسِكُمْ अपने सरों का biruūsikum
अपने सरों का وَأَرْجُلَكُمْ और अपने पाँवों को (धो लो) wa-arjulakum
और अपने पाँवों को (धो लो) إِلَى till ilā
till ٱلْكَعْبَيْنِ ۚ टख़नों तक l-kaʿbayni
टख़नों तक وَإِن और अगर wa-in
और अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम جُنُبًۭا हालते जनाबत में junuban
हालते जनाबत में فَٱطَّهَّرُوا۟ ۚ तो ख़ूब पाक हो जाओ fa-iṭṭahharū
तो ख़ूब पाक हो जाओ وَإِن और अगर wa-in
और अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مَّرْضَىٰٓ बीमार marḍā
बीमार أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍ किसी सफ़र पर safarin
किसी सफ़र पर أَوْ या aw
या جَآءَ आया jāa
आया أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّنَ from mina
from ٱلْغَآئِطِ क़ज़ा-ए-हाजत से l-ghāiṭi
क़ज़ा-ए-हाजत से أَوْ या aw
या لَـٰمَسْتُمُ छुआ हो तुमने lāmastumu
छुआ हो तुमने ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ مَآءًۭ पानी māan
पानी فَتَيَمَّمُوا۟ तो तयम्मुम कर लो fatayammamū
तो तयम्मुम कर लो صَعِيدًۭا मिट्टी ṣaʿīdan
मिट्टी طَيِّبًۭا पाक से ṭayyiban
पाक से فَٱمْسَحُوا۟ फिर मसह करो fa-im'saḥū
फिर मसह करो بِوُجُوهِكُمْ अपने चेहरों का biwujūhikum
अपने चेहरों का وَأَيْدِيكُم और अपने हाथों का wa-aydīkum
और अपने हाथों का مِّنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे مَا नहीं mā
नहीं يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَجْعَلَ कि वो कर दे liyajʿala
कि वो कर दे عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنْ any min
any حَرَجٍۢ कोई तंगी ḥarajin
कोई तंगी وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है لِيُطَهِّرَكُمْ कि वो पाक कर दे तुम्हें liyuṭahhirakum
कि वो पाक कर दे तुम्हें وَلِيُتِمَّ और ताकि वो पूरा कर दे waliyutimma
और ताकि वो पूरा कर दे نِعْمَتَهُۥ अपनी नेअमत को niʿ'matahu
अपनी नेअमत को عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٦ (6)
(6)
ऐ ईमान वालो! जब तुम नमाज़ के लिए उठो, तो अपने चेहरों को और अपने हाथों को कुहनियों समेत धो लो और अपने सिरों का मसह़1 करो तथा अपने पाँवों को टखनों समेत (धो लो)। और यदि तुम जनाबत2 की हालत में हो, तो स्नान कर लो। तथा यदि तुम बीमार हो, अथवा यात्रा में हो, अथवा तुममें से कोई शौचकर्म से आया हो, अथवा तुमने स्त्रियों से सहवास किया हो, फिर कोई पानी न पाओ, तो पाक मिट्टी का क़सद करो और उससे अपने चेहरों तथा हाथों पर मसह 3कर लो। अल्लाह नहीं चाहता कि तुमपर कोई तंगी करे। लेकिन वह चाहता है कि तुम्हें पाक करे और ताकि अपनी नेमत तुमपर पूरी करे, ताकि तुम शुक्र करो।
५:७
وَٱذْكُرُوا۟
और याद करो
wa-udh'kurū
और याद करो نِعْمَةَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर है ʿalaykum
जो तुम पर है وَمِيثَـٰقَهُ और उसका पुख़्ता अहद wamīthāqahu
और उसका पुख़्ता अहद ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो وَاثَقَكُم उसने तुमसे अहद लिया wāthaqakum
उसने तुमसे अहद लिया بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके إِذْ जब idh
जब قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَأَطَعْنَا ۖ और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ٧ (7)
(7)
और याद करो نِعْمَةَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर है ʿalaykum
जो तुम पर है وَمِيثَـٰقَهُ और उसका पुख़्ता अहद wamīthāqahu
और उसका पुख़्ता अहद ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो وَاثَقَكُم उसने तुमसे अहद लिया wāthaqakum
उसने तुमसे अहद लिया بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके إِذْ जब idh
जब قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَأَطَعْنَا ۖ और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ٧ (7)
(7)
तथा अपने ऊपर अल्लाह की नेमत याद करो और उसका वह वचन जो उसने तुमसे दृढ़ रूप से लिया है, जब तुमने कहा था : "हमने सुना और हमने मान लिया" तथा अल्लाह से डरो। निःसंदेह अल्लाह सीनों की बात को भली-भाँति जानने वाला है।
५:८
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُونُوا۟ हो जाओ तुम kūnū
हो जाओ तुम قَوَّٰمِينَ क़ायम रहने वाले qawwāmīna
क़ायम रहने वाले لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُهَدَآءَ गवाह shuhadāa
गवाह بِٱلْقِسْطِ ۖ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَلَا और ना walā
और ना يَجْرِمَنَّكُمْ हरगिज़ आमादा करे तुम्हें yajrimannakum
हरगिज़ आमादा करे तुम्हें شَنَـَٔانُ दुश्मनी shanaānu
दुश्मनी قَوْمٍ किसी क़ौम की qawmin
किसी क़ौम की عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْدِلُوا۟ ۚ तुम अदल करोगे taʿdilū
तुम अदल करोगे ٱعْدِلُوا۟ अदल करो iʿ'dilū
अदल करो هُوَ वो huwa
वो أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है لِلتَّقْوَىٰ ۖ तक़वा के lilttaqwā
तक़वा के وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٨ (8)
(8)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُونُوا۟ हो जाओ तुम kūnū
हो जाओ तुम قَوَّٰمِينَ क़ायम रहने वाले qawwāmīna
क़ायम रहने वाले لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُهَدَآءَ गवाह shuhadāa
गवाह بِٱلْقِسْطِ ۖ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَلَا और ना walā
और ना يَجْرِمَنَّكُمْ हरगिज़ आमादा करे तुम्हें yajrimannakum
हरगिज़ आमादा करे तुम्हें شَنَـَٔانُ दुश्मनी shanaānu
दुश्मनी قَوْمٍ किसी क़ौम की qawmin
किसी क़ौम की عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْدِلُوا۟ ۚ तुम अदल करोगे taʿdilū
तुम अदल करोगे ٱعْدِلُوا۟ अदल करो iʿ'dilū
अदल करो هُوَ वो huwa
वो أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है لِلتَّقْوَىٰ ۖ तक़वा के lilttaqwā
तक़वा के وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٨ (8)
(8)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह के लिए मज़बूती से क़ायम रहने वाले, न्याय के साथ गवाही देने वाले बन जाओ। तथा किसी समूह की शत्रुता तुम्हें इस बात पर हरगिज़ न उभारे कि तुम न्याय न करो। न्याय करो, यह तक़्वा (अल्लाह से डरने) के अधिक निकट1 है, और अल्लाह से डरो। निःसंदेह अल्लाह उससे भली-भाँति अवगत है जो तुम करते हो।
५:९
وَعَدَ
वादा किया
waʿada
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाए āmanū
जो ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ ۙ नेक l-ṣāliḥāti
नेक لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّغْفِرَةٌۭ मग़फ़िरत maghfiratun
मग़फ़िरत وَأَجْرٌ और अजर है wa-ajrun
और अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٩ (9)
(9)
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाए āmanū
जो ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ ۙ नेक l-ṣāliḥāti
नेक لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّغْفِرَةٌۭ मग़फ़िरत maghfiratun
मग़फ़िरत وَأَجْرٌ और अजर है wa-ajrun
और अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٩ (9)
(9)
अल्लाह ने उन लोगों से वादा किया है, जो ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए कि उनके लिए क्षमादान तथा बड़ा बदला है।
५:१०
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَكَذَّبُوا۟ और उन्होंने झुठलाया wakadhabū
और उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ١٠ (10)
(10)
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَكَذَّبُوا۟ और उन्होंने झुठलाया wakadhabū
और उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ١٠ (10)
(10)
तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वही भड़कती आग वाले हैं।
५:११
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर है ʿalaykum
जो तुम पर है إِذْ जब idh
जब هَمَّ इरादा किया hamma
इरादा किया قَوْمٌ एक क़ौम ने qawmun
एक क़ौम ने أَن कि an
कि يَبْسُطُوٓا۟ वो बढ़ाऐं yabsuṭū
वो बढ़ाऐं إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे أَيْدِيَهُمْ हाथ अपने aydiyahum
हाथ अपने فَكَفَّ तो उसने रोक दिए fakaffa
तो उसने रोक दिए أَيْدِيَهُمْ हाथ उनके aydiyahum
हाथ उनके عَنكُمْ ۖ तुमसे ʿankum
तुमसे وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान वाले l-mu'minūna
ईमान वाले ١١ (11)
(11)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर है ʿalaykum
जो तुम पर है إِذْ जब idh
जब هَمَّ इरादा किया hamma
इरादा किया قَوْمٌ एक क़ौम ने qawmun
एक क़ौम ने أَن कि an
कि يَبْسُطُوٓا۟ वो बढ़ाऐं yabsuṭū
वो बढ़ाऐं إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे أَيْدِيَهُمْ हाथ अपने aydiyahum
हाथ अपने فَكَفَّ तो उसने रोक दिए fakaffa
तो उसने रोक दिए أَيْدِيَهُمْ हाथ उनके aydiyahum
हाथ उनके عَنكُمْ ۖ तुमसे ʿankum
तुमसे وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान वाले l-mu'minūna
ईमान वाले ١١ (11)
(11)
ऐ ईमान वालो! अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो, जब कुछ लोगों ने इरादा किया कि तुम्हारी ओर अपने हाथ1 बढ़ाएँ, तो उसने उनके हाथों को तुमसे रोक दिया। तथा अल्लाह से डरो और ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
५:१२
۞ وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَخَذَ लिया akhadha
लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद بَنِىٓ (from the) Children banī
(from the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से وَبَعَثْنَا और मुक़र्रर किए हमने wabaʿathnā
और मुक़र्रर किए हमने مِنْهُمُ उनमें से min'humu
उनमें से ٱثْنَىْ two ith'nay
two عَشَرَ बारह ʿashara
बारह نَقِيبًۭا ۖ निगरान naqīban
निगरान وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُمْ ۖ साथ हूँ तुम्हारे maʿakum
साथ हूँ तुम्हारे لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَقَمْتُمُ क़ायम की तुमने aqamtumu
क़ायम की तुमने ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَيْتُمُ और दी तुमने waātaytumu
और दी तुमने ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَءَامَنتُم और ईमान लाए तुम waāmantum
और ईमान लाए तुम بِرُسُلِى मेरे रसूलों पर birusulī
मेरे रसूलों पर وَعَزَّرْتُمُوهُمْ और मदद की तुमने उनकी waʿazzartumūhum
और मदद की तुमने उनकी وَأَقْرَضْتُمُ और क़र्ज़ दिया तुमने wa-aqraḍtumu
और क़र्ज़ दिया तुमने ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قَرْضًا क़र्ज़ qarḍan
क़र्ज़ حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा لَّأُكَفِّرَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा la-ukaffiranna
अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराईयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराईयाँ तुम्हारी وَلَأُدْخِلَنَّكُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा wala-ud'khilannakum
और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۚ नहरें l-anhāru
नहरें فَمَن तो जिसने faman
तो जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया سَوَآءَ सीधे sawāa
सीधे ٱلسَّبِيلِ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से ١٢ (12)
(12)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَخَذَ लिया akhadha
लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद بَنِىٓ (from the) Children banī
(from the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से وَبَعَثْنَا और मुक़र्रर किए हमने wabaʿathnā
और मुक़र्रर किए हमने مِنْهُمُ उनमें से min'humu
उनमें से ٱثْنَىْ two ith'nay
two عَشَرَ बारह ʿashara
बारह نَقِيبًۭا ۖ निगरान naqīban
निगरान وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُمْ ۖ साथ हूँ तुम्हारे maʿakum
साथ हूँ तुम्हारे لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَقَمْتُمُ क़ायम की तुमने aqamtumu
क़ायम की तुमने ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَيْتُمُ और दी तुमने waātaytumu
और दी तुमने ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَءَامَنتُم और ईमान लाए तुम waāmantum
और ईमान लाए तुम بِرُسُلِى मेरे रसूलों पर birusulī
मेरे रसूलों पर وَعَزَّرْتُمُوهُمْ और मदद की तुमने उनकी waʿazzartumūhum
और मदद की तुमने उनकी وَأَقْرَضْتُمُ और क़र्ज़ दिया तुमने wa-aqraḍtumu
और क़र्ज़ दिया तुमने ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قَرْضًا क़र्ज़ qarḍan
क़र्ज़ حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा لَّأُكَفِّرَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा la-ukaffiranna
अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराईयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराईयाँ तुम्हारी وَلَأُدْخِلَنَّكُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा wala-ud'khilannakum
और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۚ नहरें l-anhāru
नहरें فَمَن तो जिसने faman
तो जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया سَوَآءَ सीधे sawāa
सीधे ٱلسَّبِيلِ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से ١٢ (12)
(12)
तथा निःसंदेह अल्लाह ने बनी इसराईल से दृढ़ वचन लिया और हमने उनमें से बारह प्रमुख नियुक्त किए। तथा अल्लाह ने फरमाया : निःसंदेह मैं तुम्हारे साथ हूँ, यदि तुमने नमाज़ क़ायम की और ज़कात अदा की और मेरे रसूलों पर ईमान लाए और उनका समर्थन किया तथा अल्लाह को अच्छा क़र्ज़1 दिया। तो निश्चय मैं तुमसे तुम्हारे पाप अवश्य क्षमा कर दूँगा और निश्चय तुम्हें ऐसे बाग़ों में अवश्य दाख़िल करूँगा, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। फिर जिसने इसके बाद तुममें से कुफ़्र किया, तो निश्चय वह सीधे रास्ते से भटक गया।
५:१३
فَبِمَا
तो बवजह
fabimā
तो बवजह نَقْضِهِم उनके तोड़ने के naqḍihim
उनके तोड़ने के مِّيثَـٰقَهُمْ अपने पुख़्ता अहद को mīthāqahum
अपने पुख़्ता अहद को لَعَنَّـٰهُمْ लानत की हमने उन पर laʿannāhum
लानत की हमने उन पर وَجَعَلْنَا और कर दिया हमने wajaʿalnā
और कर दिया हमने قُلُوبَهُمْ उनके दिलों को qulūbahum
उनके दिलों को قَـٰسِيَةًۭ ۖ सख़्त qāsiyatan
सख़्त يُحَرِّفُونَ वो तब्दील कर देते हैं yuḥarrifūna
वो तब्दील कर देते हैं ٱلْكَلِمَ अलफ़ाज़ को l-kalima
अलफ़ाज़ को عَن from ʿan
from مَّوَاضِعِهِۦ ۙ उनकी जगहों से mawāḍiʿihi
उनकी जगहों से وَنَسُوا۟ और वो भूल गए हैं wanasū
और वो भूल गए हैं حَظًّۭا बड़ा हिस्सा ḥaẓẓan
बड़ा हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦ ۚ जिसकी bihi
जिसकी وَلَا And not walā
And not تَزَالُ और हमेशा tazālu
और हमेशा تَطَّلِعُ आप इत्तिला पाते रहते हैं taṭṭaliʿu
आप इत्तिला पाते रहते हैं عَلَىٰ of ʿalā
of خَآئِنَةٍۢ किसी ना किसी ख़यानत पर khāinatin
किसी ना किसी ख़यानत पर مِّنْهُمْ उनकी तरफ़ से min'hum
उनकी तरफ़ से إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े مِّنْهُمْ ۖ उनमें से min'hum
उनमें से فَٱعْفُ पस माफ़ कर दीजिए fa-uʿ'fu
पस माफ़ कर दीजिए عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें وَٱصْفَحْ ۚ और दरगुज़र कीजिए wa-iṣ'faḥ
और दरगुज़र कीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो मोहब्बत करता है yuḥibbu
वो मोहब्बत करता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٣ (13)
(13)
तो बवजह نَقْضِهِم उनके तोड़ने के naqḍihim
उनके तोड़ने के مِّيثَـٰقَهُمْ अपने पुख़्ता अहद को mīthāqahum
अपने पुख़्ता अहद को لَعَنَّـٰهُمْ लानत की हमने उन पर laʿannāhum
लानत की हमने उन पर وَجَعَلْنَا और कर दिया हमने wajaʿalnā
और कर दिया हमने قُلُوبَهُمْ उनके दिलों को qulūbahum
उनके दिलों को قَـٰسِيَةًۭ ۖ सख़्त qāsiyatan
सख़्त يُحَرِّفُونَ वो तब्दील कर देते हैं yuḥarrifūna
वो तब्दील कर देते हैं ٱلْكَلِمَ अलफ़ाज़ को l-kalima
अलफ़ाज़ को عَن from ʿan
from مَّوَاضِعِهِۦ ۙ उनकी जगहों से mawāḍiʿihi
उनकी जगहों से وَنَسُوا۟ और वो भूल गए हैं wanasū
और वो भूल गए हैं حَظًّۭا बड़ा हिस्सा ḥaẓẓan
बड़ा हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦ ۚ जिसकी bihi
जिसकी وَلَا And not walā
And not تَزَالُ और हमेशा tazālu
और हमेशा تَطَّلِعُ आप इत्तिला पाते रहते हैं taṭṭaliʿu
आप इत्तिला पाते रहते हैं عَلَىٰ of ʿalā
of خَآئِنَةٍۢ किसी ना किसी ख़यानत पर khāinatin
किसी ना किसी ख़यानत पर مِّنْهُمْ उनकी तरफ़ से min'hum
उनकी तरफ़ से إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े مِّنْهُمْ ۖ उनमें से min'hum
उनमें से فَٱعْفُ पस माफ़ कर दीजिए fa-uʿ'fu
पस माफ़ कर दीजिए عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें وَٱصْفَحْ ۚ और दरगुज़र कीजिए wa-iṣ'faḥ
और दरगुज़र कीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो मोहब्बत करता है yuḥibbu
वो मोहब्बत करता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٣ (13)
(13)
तो उनके अपने वचन को भंग करने ही के कारण, हमने उन्हें धिक्कार दिया और उनके दिलों को कठोर कर दिया कि वे शब्दों को उनके स्थानों से फेर देते1 हैं। तथा वे उसमें से एक हिस्सा भूल गए जिसकी उन्हें नसीहत की गई थी। और आपको हमेशा उनके किसी न किसी विश्वासघात का पता चलता रहेगा, सिवाय उनके थोड़े-से लोगों के। अतः आप उन्हें क्षमा कर दें और उन्हें जाने दें। निःसंदेह अल्लाह उपकार करने वालों से प्रेम करता है।
५:१४
وَمِنَ
And from
wamina
And from ٱلَّذِينَ और उनमें से जिन्होंने alladhīna
और उनमें से जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम نَصَـٰرَىٰٓ नस्रानी हैं naṣārā
नस्रानी हैं أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَهُمْ पुख़्ता अहद उनका mīthāqahum
पुख़्ता अहद उनका فَنَسُوا۟ तो वो भूल गए fanasū
तो वो भूल गए حَظًّۭا एक हिस्सा ḥaẓẓan
एक हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी فَأَغْرَيْنَا तो डाल दिया हमने fa-aghraynā
तो डाल दिया हमने بَيْنَهُمُ दर्मियान उनके baynahumu
दर्मियान उनके ٱلْعَدَاوَةَ अदावत l-ʿadāwata
अदावत وَٱلْبَغْضَآءَ और बुग़्ज़ को wal-baghḍāa
और बुग़्ज़ को إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब يُنَبِّئُهُمُ ख़बर देगा उन्हें yunabbi-uhumu
ख़बर देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَصْنَعُونَ वो करते/बनाते yaṣnaʿūna
वो करते/बनाते ١٤ (14)
(14)
And from ٱلَّذِينَ और उनमें से जिन्होंने alladhīna
और उनमें से जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम نَصَـٰرَىٰٓ नस्रानी हैं naṣārā
नस्रानी हैं أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَهُمْ पुख़्ता अहद उनका mīthāqahum
पुख़्ता अहद उनका فَنَسُوا۟ तो वो भूल गए fanasū
तो वो भूल गए حَظًّۭا एक हिस्सा ḥaẓẓan
एक हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी فَأَغْرَيْنَا तो डाल दिया हमने fa-aghraynā
तो डाल दिया हमने بَيْنَهُمُ दर्मियान उनके baynahumu
दर्मियान उनके ٱلْعَدَاوَةَ अदावत l-ʿadāwata
अदावत وَٱلْبَغْضَآءَ और बुग़्ज़ को wal-baghḍāa
और बुग़्ज़ को إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब يُنَبِّئُهُمُ ख़बर देगा उन्हें yunabbi-uhumu
ख़बर देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَصْنَعُونَ वो करते/बनाते yaṣnaʿūna
वो करते/बनाते ١٤ (14)
(14)
तथा जिन लोगों ने कहा कि हम ईसाई हैं, हमने उनसे (भी) दृढ़ वचन लिया, फिर वे उसका एक हिस्सा भूल गए जिसका उन्हें उपदेश दिया गया था। अतः हमने उनके बीच क़ियामत के दिन तक के लिए दुश्मनी और द्वेष भड़का दिया। और शीघ्र ही अल्लाह उन्हें उसकी ख़बर1 देगा, जो वे किया करते थे।
५:१५
يَـٰٓأَهْلَ
O People
yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास رَسُولُنَا रसूल हमारा rasūlunā
रसूल हमारा يُبَيِّنُ जो वाज़ेह करता है yubayyinu
जो वाज़ेह करता है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए كَثِيرًۭا बकसरत kathīran
बकसरत مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تُخْفُونَ तुम छुपाते tukh'fūna
तुम छुपाते مِنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَيَعْفُوا۟ और वो दरगुज़र करता है wayaʿfū
और वो दरगुज़र करता है عَن of ʿan
of كَثِيرٍۢ ۚ बहुत सी (बातों) से kathīrin
बहुत सी (बातों) से قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से نُورٌۭ एक नूर nūrun
एक नूर وَكِتَـٰبٌۭ और किताब wakitābun
और किताब مُّبِينٌۭ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह ١٥ (15)
(15)
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास رَسُولُنَا रसूल हमारा rasūlunā
रसूल हमारा يُبَيِّنُ जो वाज़ेह करता है yubayyinu
जो वाज़ेह करता है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए كَثِيرًۭا बकसरत kathīran
बकसरत مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تُخْفُونَ तुम छुपाते tukh'fūna
तुम छुपाते مِنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَيَعْفُوا۟ और वो दरगुज़र करता है wayaʿfū
और वो दरगुज़र करता है عَن of ʿan
of كَثِيرٍۢ ۚ बहुत सी (बातों) से kathīrin
बहुत सी (बातों) से قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से نُورٌۭ एक नूर nūrun
एक नूर وَكِتَـٰبٌۭ और किताब wakitābun
और किताब مُّبِينٌۭ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह ١٥ (15)
(15)
ऐ किताब वालो! तुम्हारे पास हमारे रसूल1 आ गए हैं, जो तुम्हारे लिए उनमें से बहुत-सी बातें खोलकर बयान करते हैं, जिन्हें तुम किताब में से छिपाया करते थे और बहुत-सी बातों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। निःसंदेह तुम्हारे पास अल्लाह की ओर से एक प्रकाश तथा स्पष्ट पुस्तक (क़ुरआन) आई है।
५:१६
يَهْدِى
हिदायत देता है
yahdī
हिदायत देता है بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَنِ उसको जो mani
उसको जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे رِضْوَٰنَهُۥ उसकी रज़ामन्दी की riḍ'wānahu
उसकी रज़ामन्दी की سُبُلَ रास्तों की (तरफ़) subula
रास्तों की (तरफ़) ٱلسَّلَـٰمِ सलामती के l-salāmi
सलामती के وَيُخْرِجُهُم और वो निकालता है उन्हें wayukh'rijuhum
और वो निकालता है उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अंधेरों से l-ẓulumāti
अंधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ तरफ़ रोशनी के l-nūri
तरफ़ रोशनी के بِإِذْنِهِۦ अपने इज़्न से bi-idh'nihi
अपने इज़्न से وَيَهْدِيهِمْ और वो हिदायत देता है उन्हें wayahdīhim
और वो हिदायत देता है उन्हें إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ١٦ (16)
(16)
हिदायत देता है بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَنِ उसको जो mani
उसको जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे رِضْوَٰنَهُۥ उसकी रज़ामन्दी की riḍ'wānahu
उसकी रज़ामन्दी की سُبُلَ रास्तों की (तरफ़) subula
रास्तों की (तरफ़) ٱلسَّلَـٰمِ सलामती के l-salāmi
सलामती के وَيُخْرِجُهُم और वो निकालता है उन्हें wayukh'rijuhum
और वो निकालता है उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अंधेरों से l-ẓulumāti
अंधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ तरफ़ रोशनी के l-nūri
तरफ़ रोशनी के بِإِذْنِهِۦ अपने इज़्न से bi-idh'nihi
अपने इज़्न से وَيَهْدِيهِمْ और वो हिदायत देता है उन्हें wayahdīhim
और वो हिदायत देता है उन्हें إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ١٦ (16)
(16)
जिसके द्वारा अल्लाह उन लोगों को शांति के मार्ग दिखाता है, जो उसकी प्रसन्नता के पीछे चलें। और उन्हें अपनी अनुमति से अँधेरों से प्रकाश की ओर निकालता है और उन्हें सीधे रास्ते का मार्गदर्शन प्रदान करता है।
५:१७
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْمَسِيحُ (is) the Messiah l-masīḥu
(is) the Messiah ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ۚ मसीह इब्ने मरियम है maryama
मसीह इब्ने मरियम है قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَمَن तो कौन faman
तो कौन يَمْلِكُ मालिक होगा yamliku
मालिक होगा مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا किसी चीज़ का shayan
किसी चीज़ का إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया أَن कि an
कि يُهْلِكَ वो हलाक कर दे yuh'lika
वो हलाक कर दे ٱلْمَسِيحَ the Messiah l-masīḥa
the Messiah ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ मसीह इब्ने मरियम को maryama
मसीह इब्ने मरियम को وَأُمَّهُۥ और उसकी माँ को wa-ummahu
और उसकी माँ को وَمَن और जो भी waman
और जो भी فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا ۗ सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ بَيْنَهُمَا ۚ दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के يَخْلُقُ वो पैदा करता है yakhluqu
वो पैदा करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ादिर है qadīrun
ख़ूब क़ादिर है ١٧ (17)
(17)
अलबत्ता तहक़ीक़ كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْمَسِيحُ (is) the Messiah l-masīḥu
(is) the Messiah ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ۚ मसीह इब्ने मरियम है maryama
मसीह इब्ने मरियम है قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَمَن तो कौन faman
तो कौन يَمْلِكُ मालिक होगा yamliku
मालिक होगा مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا किसी चीज़ का shayan
किसी चीज़ का إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया أَن कि an
कि يُهْلِكَ वो हलाक कर दे yuh'lika
वो हलाक कर दे ٱلْمَسِيحَ the Messiah l-masīḥa
the Messiah ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ मसीह इब्ने मरियम को maryama
मसीह इब्ने मरियम को وَأُمَّهُۥ और उसकी माँ को wa-ummahu
और उसकी माँ को وَمَن और जो भी waman
और जो भी فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا ۗ सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ بَيْنَهُمَا ۚ दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के يَخْلُقُ वो पैदा करता है yakhluqu
वो पैदा करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ादिर है qadīrun
ख़ूब क़ादिर है ١٧ (17)
(17)
निश्चय वे लोग काफ़िर1 हो गए, जिन्होंने कहा कि निःसंदेह अल्लाह मरयम का पुत्र मसीह ही तो है। (ऐ नबी!) कह दें : यदि अल्लाह मसीह बिन मरयम और उसकी माता तथा धरती में मौजूद सभी लोगों को विनष्ट करना चाहे, तो कौन अल्लाह को रोकने का अधिकार रखता है? तथा अल्लाह ही के लिए आकाशों और धरती का राज्य है और उसकी भी जो उन दोनों के बीच है। वह पैदा करता है जो चाहता है तथा अल्लाह हर चीज़ का पूर्ण सामर्थ्य रखता है।
५:१८
وَقَالَتِ
और कहा
waqālati
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद l-yahūdu
यहूद وَٱلنَّصَـٰرَىٰ और नसारा ने wal-naṣārā
और नसारा ने نَحْنُ हम naḥnu
हम أَبْنَـٰٓؤُا۟ बेटे हैं abnāu
बेटे हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأَحِبَّـٰٓؤُهُۥ ۚ और उसके प्यारे हैं wa-aḥibbāuhu
और उसके प्यारे हैं قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَلِمَ फिर क्यों falima
फिर क्यों يُعَذِّبُكُم वो अज़ाब देता है तुम्हें yuʿadhibukum
वो अज़ाब देता है तुम्हें بِذُنُوبِكُم ۖ बवजह तुम्हारे गुनाहों के bidhunūbikum
बवजह तुम्हारे गुनाहों के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُم तुम antum
तुम بَشَرٌۭ एक इन्सान हो basharun
एक इन्सान हो مِّمَّنْ उनमें से जिन्हें mimman
उनमें से जिन्हें خَلَقَ ۚ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया يَغْفِرُ वो बख़्श देगा yaghfiru
वो बख़्श देगा لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देगा wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देगा مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا ۖ दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के وَإِلَيْهِ तरफ़ उसी के wa-ilayhi
तरफ़ उसी के ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है ١٨ (18)
(18)
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद l-yahūdu
यहूद وَٱلنَّصَـٰرَىٰ और नसारा ने wal-naṣārā
और नसारा ने نَحْنُ हम naḥnu
हम أَبْنَـٰٓؤُا۟ बेटे हैं abnāu
बेटे हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأَحِبَّـٰٓؤُهُۥ ۚ और उसके प्यारे हैं wa-aḥibbāuhu
और उसके प्यारे हैं قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَلِمَ फिर क्यों falima
फिर क्यों يُعَذِّبُكُم वो अज़ाब देता है तुम्हें yuʿadhibukum
वो अज़ाब देता है तुम्हें بِذُنُوبِكُم ۖ बवजह तुम्हारे गुनाहों के bidhunūbikum
बवजह तुम्हारे गुनाहों के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُم तुम antum
तुम بَشَرٌۭ एक इन्सान हो basharun
एक इन्सान हो مِّمَّنْ उनमें से जिन्हें mimman
उनमें से जिन्हें خَلَقَ ۚ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया يَغْفِرُ वो बख़्श देगा yaghfiru
वो बख़्श देगा لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देगा wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देगा مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا ۖ दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के وَإِلَيْهِ तरफ़ उसी के wa-ilayhi
तरफ़ उसी के ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है ١٨ (18)
(18)
तथा यहूदियों और ईसाइयों ने कहा कि हम अल्लाह के पुत्र और उसके प्यारे हैं। आप कह दें : फिर वह तुम्हें तुम्हारे पापों के कारण सज़ा क्यों देता है? बल्कि तुम (भी) उसके पैदा किए हुए प्राणियों में से एक मनुष्य हो। वह जिसे चाहता है, क्षमा करता है और जिसे चाहता है, सज़ा देता है। तथा अल्लाह ही के लिए आकाशों और धरती का राज्य1 है और उसका भी जो उन दोनों के बीच है। और उसी की ओर लौटकर जाना है।
५:१९
يَـٰٓأَهْلَ
O People
yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास رَسُولُنَا रसूल हमारा rasūlunā
रसूल हमारा يُبَيِّنُ वो वाज़ेह करता है yubayyinu
वो वाज़ेह करता है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] فَتْرَةٍۢ वक़्फ़े पर fatratin
वक़्फ़े पर مِّنَ of mina
of ٱلرُّسُلِ रसूलों के l-rusuli
रसूलों के أَن कि an
कि تَقُولُوا۟ तुम कहो (ना) taqūlū
तुम कहो (ना) مَا नहीं mā
नहीं جَآءَنَا आया हमारे पास jāanā
आया हमारे पास مِنۢ any min
any بَشِيرٍۢ कोई ख़ुशखबरी देने वाला bashīrin
कोई ख़ुशखबरी देने वाला وَلَا और ना walā
और ना نَذِيرٍۢ ۖ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास بَشِيرٌۭ ख़ुशख़बरी देने वाला bashīrun
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرٌۭ ۗ और डराने वाला wanadhīrun
और डराने वाला وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٩ (19)
(19)
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास رَسُولُنَا रसूल हमारा rasūlunā
रसूल हमारा يُبَيِّنُ वो वाज़ेह करता है yubayyinu
वो वाज़ेह करता है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] فَتْرَةٍۢ वक़्फ़े पर fatratin
वक़्फ़े पर مِّنَ of mina
of ٱلرُّسُلِ रसूलों के l-rusuli
रसूलों के أَن कि an
कि تَقُولُوا۟ तुम कहो (ना) taqūlū
तुम कहो (ना) مَا नहीं mā
नहीं جَآءَنَا आया हमारे पास jāanā
आया हमारे पास مِنۢ any min
any بَشِيرٍۢ कोई ख़ुशखबरी देने वाला bashīrin
कोई ख़ुशखबरी देने वाला وَلَا और ना walā
और ना نَذِيرٍۢ ۖ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास بَشِيرٌۭ ख़ुशख़बरी देने वाला bashīrun
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرٌۭ ۗ और डराने वाला wanadhīrun
और डराने वाला وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٩ (19)
(19)
ऐ किताब वालो! निःसंदेह तुम्हारे पास हमारा रसूल1 आया है, जो तुम्हारे लिए खोलकर बयान करता है, रसूलों के एक अंतराल के बाद, ताकि तुम यह न कहो कि हमारे पास न कोई शुभ सूचना देने वाला आया और न डराने वाला। तो निश्चय तुम्हारे पास एक शुभ सूचना देने वाला और डराने वाला आ चुका है। तथा अल्लाह हर चीज़ पर शक्ति रखने वाला है।
५:२०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَةَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर (हुई) ʿalaykum
जो तुम पर (हुई) إِذْ जब idh
जब جَعَلَ उसने बनाए jaʿala
उसने बनाए فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में أَنۢبِيَآءَ अम्बिया anbiyāa
अम्बिया وَجَعَلَكُم और उसने बनाया तुम्हें wajaʿalakum
और उसने बनाया तुम्हें مُّلُوكًۭا बादशाह mulūkan
बादशाह وَءَاتَىٰكُم और उसने दिया तुम्हें waātākum
और उसने दिया तुम्हें مَّا वो जो mā
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُؤْتِ उसने दिया yu'ti
उसने दिया أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को مِّنَ from mina
from ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में से ٢٠ (20)
(20)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَةَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर (हुई) ʿalaykum
जो तुम पर (हुई) إِذْ जब idh
जब جَعَلَ उसने बनाए jaʿala
उसने बनाए فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में أَنۢبِيَآءَ अम्बिया anbiyāa
अम्बिया وَجَعَلَكُم और उसने बनाया तुम्हें wajaʿalakum
और उसने बनाया तुम्हें مُّلُوكًۭا बादशाह mulūkan
बादशाह وَءَاتَىٰكُم और उसने दिया तुम्हें waātākum
और उसने दिया तुम्हें مَّا वो जो mā
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُؤْتِ उसने दिया yu'ti
उसने दिया أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को مِّنَ from mina
from ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में से ٢٠ (20)
(20)
तथा (याद करो) जब मूसा ने अपनी जाति से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो, जब उसने तुममें नबी बनाए और तुम्हें बादशाह बना दिया तथा तुम्हें वह कुछ दिया, जो समस्त संसार में किसी को नहीं दिया।
५:२१
يَـٰقَوْمِ
ऐ मेरी क़ौम
yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ ٱلْأَرْضَ अरदे l-arḍa
अरदे ٱلْمُقَدَّسَةَ मुक़द्दस में l-muqadasata
मुक़द्दस में ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَتَبَ लिख दी kataba
लिख दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَا और ना walā
और ना تَرْتَدُّوا۟ तुम फिर जाना tartaddū
तुम फिर जाना عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَدْبَارِكُمْ अपनी पुश्तों पर adbārikum
अपनी पुश्तों पर فَتَنقَلِبُوا۟ वरना तुम लौट जाओगे fatanqalibū
वरना तुम लौट जाओगे خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले होकर khāsirīna
ख़सारा पाने वाले होकर ٢١ (21)
(21)
ऐ मेरी क़ौम ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ ٱلْأَرْضَ अरदे l-arḍa
अरदे ٱلْمُقَدَّسَةَ मुक़द्दस में l-muqadasata
मुक़द्दस में ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَتَبَ लिख दी kataba
लिख दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَا और ना walā
और ना تَرْتَدُّوا۟ तुम फिर जाना tartaddū
तुम फिर जाना عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَدْبَارِكُمْ अपनी पुश्तों पर adbārikum
अपनी पुश्तों पर فَتَنقَلِبُوا۟ वरना तुम लौट जाओगे fatanqalibū
वरना तुम लौट जाओगे خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले होकर khāsirīna
ख़सारा पाने वाले होकर ٢١ (21)
(21)
ऐ मेरी जाति के लोगो! उस पवित्र धरती (बैतुल मक़दिस) में प्रवेश कर जाओ, जो अल्लाह ने तुम्हारे लिए लिख दी है और अपनी पीठों पर न फिर जाओ, अन्यथा घाटा उठाने वाले होकर लौटोगो।
५:२२
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنَّ बेशक inna
बेशक فِيهَا उसमें fīhā
उसमें قَوْمًۭا एक क़ौम है qawman
एक क़ौम है جَبَّارِينَ बड़े ज़बरदस्त लोगों की jabbārīna
बड़े ज़बरदस्त लोगों की وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना نَّدْخُلَهَا हम दाख़िल होंगे उसमें nadkhulahā
हम दाख़िल होंगे उसमें حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَخْرُجُوا۟ वो निकल जाऐं yakhrujū
वो निकल जाऐं مِنْهَا उससे min'hā
उससे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर يَخْرُجُوا۟ वो निकल जाऐं yakhrujū
वो निकल जाऐं مِنْهَا उससे min'hā
उससे فَإِنَّا तो बेशक हम fa-innā
तो बेशक हम دَٰخِلُونَ दाख़िल होने वाले हैं dākhilūna
दाख़िल होने वाले हैं ٢٢ (22)
(22)
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنَّ बेशक inna
बेशक فِيهَا उसमें fīhā
उसमें قَوْمًۭا एक क़ौम है qawman
एक क़ौम है جَبَّارِينَ बड़े ज़बरदस्त लोगों की jabbārīna
बड़े ज़बरदस्त लोगों की وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना نَّدْخُلَهَا हम दाख़िल होंगे उसमें nadkhulahā
हम दाख़िल होंगे उसमें حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَخْرُجُوا۟ वो निकल जाऐं yakhrujū
वो निकल जाऐं مِنْهَا उससे min'hā
उससे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर يَخْرُجُوا۟ वो निकल जाऐं yakhrujū
वो निकल जाऐं مِنْهَا उससे min'hā
उससे فَإِنَّا तो बेशक हम fa-innā
तो बेशक हम دَٰخِلُونَ दाख़िल होने वाले हैं dākhilūna
दाख़िल होने वाले हैं ٢٢ (22)
(22)
उन्होंने कहा : ऐ मूसा! उसमें बड़े बलवान लोग रहते हैं और निःसंदेह हम उसमें हरगिज़ प्रवेश न करेंगे, यहाँ तक कि वे उससे निकल जाएँ। यदि वे उससे निकल जाएँ, तो हम अवश्य प्रवेश करने वाले हैं।
५:२३
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَجُلَانِ दो आदमियों ने rajulāni
दो आदमियों ने مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उसमें से जो alladhīna
उसमें से जो يَخَافُونَ डरते थे yakhāfūna
डरते थे أَنْعَمَ इनाम किया था anʿama
इनाम किया था ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِمَا उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْبَابَ दरवाज़े से l-bāba
दरवाज़े से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब دَخَلْتُمُوهُ तुम दाख़िल हो जाओगे उसमें dakhaltumūhu
तुम दाख़िल हो जाओगे उसमें فَإِنَّكُمْ तो बेशक तुम fa-innakum
तो बेशक तुम غَـٰلِبُونَ ۚ ग़ालिब आने वाले हो ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हो وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَتَوَكَّلُوٓا۟ पस तुम तवक्कल करो fatawakkalū
पस तुम तवक्कल करो إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٣ (23)
(23)
कहा رَجُلَانِ दो आदमियों ने rajulāni
दो आदमियों ने مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उसमें से जो alladhīna
उसमें से जो يَخَافُونَ डरते थे yakhāfūna
डरते थे أَنْعَمَ इनाम किया था anʿama
इनाम किया था ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِمَا उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْبَابَ दरवाज़े से l-bāba
दरवाज़े से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब دَخَلْتُمُوهُ तुम दाख़िल हो जाओगे उसमें dakhaltumūhu
तुम दाख़िल हो जाओगे उसमें فَإِنَّكُمْ तो बेशक तुम fa-innakum
तो बेशक तुम غَـٰلِبُونَ ۚ ग़ालिब आने वाले हो ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हो وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَتَوَكَّلُوٓا۟ पस तुम तवक्कल करो fatawakkalū
पस तुम तवक्कल करो إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٣ (23)
(23)
दो व्यक्तियों ने कहा, जो उन लोगों में से थे जो (अल्लाह से) डरते थे, जिनपर अल्लाह ने अनुग्रह किया था : तुम उनपर दरवाज़े में प्रवेश कर जाओ। जब तुम वहाँ प्रवेश कर गए, तो निश्चय तुम विजेता हो। तथा अल्लाह ही पर भरोसा करो, यदि तुम ईमान वाले हो।
५:२४
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّدْخُلَهَآ हम दाख़िल होंगे उसमें nadkhulahā
हम दाख़िल होंगे उसमें أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी مَّا for mā
for دَامُوا۟ जब तक वो रहेंगे dāmū
जब तक वो रहेंगे فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें فَٱذْهَبْ पस जाओ fa-idh'hab
पस जाओ أَنتَ तुम anta
तुम وَرَبُّكَ और रब तुम्हारा warabbuka
और रब तुम्हारा فَقَـٰتِلَآ पस तुम दोनों जंग करो faqātilā
पस तुम दोनों जंग करो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम هَـٰهُنَا यहीं hāhunā
यहीं قَـٰعِدُونَ बैठने वाले हैं qāʿidūna
बैठने वाले हैं ٢٤ (24)
(24)
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّدْخُلَهَآ हम दाख़िल होंगे उसमें nadkhulahā
हम दाख़िल होंगे उसमें أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी مَّا for mā
for دَامُوا۟ जब तक वो रहेंगे dāmū
जब तक वो रहेंगे فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें فَٱذْهَبْ पस जाओ fa-idh'hab
पस जाओ أَنتَ तुम anta
तुम وَرَبُّكَ और रब तुम्हारा warabbuka
और रब तुम्हारा فَقَـٰتِلَآ पस तुम दोनों जंग करो faqātilā
पस तुम दोनों जंग करो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम هَـٰهُنَا यहीं hāhunā
यहीं قَـٰعِدُونَ बैठने वाले हैं qāʿidūna
बैठने वाले हैं ٢٤ (24)
(24)
उन्होंने कहा : ऐ मूसा! निःसंदेह हम हरगिज़ उसमें कभी प्रवेश नहीं करेंगे, जब तक वे उसमें मौजूद हैं। अतः तुम और तुम्हारा पालनहार जाओ। फिर तुम दोनों लड़ो, निःसंदेह हम यहीं बैठने वाले हैं।
५:२५
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَآ (do) not lā
(do) not أَمْلِكُ नहीं मैं मालिक amliku
नहीं मैं मालिक إِلَّا मगर illā
मगर نَفْسِى अपने नफ़्स का nafsī
अपने नफ़्स का وَأَخِى ۖ और अपने भाई का wa-akhī
और अपने भाई का فَٱفْرُقْ पस जुदाई डाल दे fa-uf'ruq
पस जुदाई डाल दे بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान ٱلْقَوْمِ उन लोगों के l-qawmi
उन लोगों के ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٢٥ (25)
(25)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَآ (do) not lā
(do) not أَمْلِكُ नहीं मैं मालिक amliku
नहीं मैं मालिक إِلَّا मगर illā
मगर نَفْسِى अपने नफ़्स का nafsī
अपने नफ़्स का وَأَخِى ۖ और अपने भाई का wa-akhī
और अपने भाई का فَٱفْرُقْ पस जुदाई डाल दे fa-uf'ruq
पस जुदाई डाल दे بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान ٱلْقَوْمِ उन लोगों के l-qawmi
उन लोगों के ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٢٥ (25)
(25)
उस (मूसा) ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मैं अपने और अपने भाई के सिवा किसी पर कोई अधिकार नहीं रखता। अतः तू हमारे तथा इन अवज्ञाकारी लोगों के बीच अलगाव कर दे।
५:२६
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया فَإِنَّهَا पस बेशक वो fa-innahā
पस बेशक वो مُحَرَّمَةٌ हराम कर दी गई muḥarramatun
हराम कर दी गई عَلَيْهِمْ ۛ उन पर ʿalayhim
उन पर أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस سَنَةًۭ ۛ साल sanatan
साल يَتِيهُونَ वो भटकते फिरेंगे yatīhūna
वो भटकते फिरेंगे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَلَا पस ना falā
पस ना تَأْسَ तुम अफ़सोस करो tasa
तुम अफ़सोस करो عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَوْمِ उन लोगों पर l-qawmi
उन लोगों पर ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٢٦ (26)
(26)
फ़रमाया فَإِنَّهَا पस बेशक वो fa-innahā
पस बेशक वो مُحَرَّمَةٌ हराम कर दी गई muḥarramatun
हराम कर दी गई عَلَيْهِمْ ۛ उन पर ʿalayhim
उन पर أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस سَنَةًۭ ۛ साल sanatan
साल يَتِيهُونَ वो भटकते फिरेंगे yatīhūna
वो भटकते फिरेंगे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَلَا पस ना falā
पस ना تَأْسَ तुम अफ़सोस करो tasa
तुम अफ़सोस करो عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَوْمِ उन लोगों पर l-qawmi
उन लोगों पर ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٢٦ (26)
(26)
(अल्लाह ने) कहा : निःसंदेह वह (धरती) उनपर चालीस वर्षों के लिए हराम (वर्जित) कर दी गई। (इस दौरान) वे धरती में भटकते रहेंगे। अतः तुम इन अवज्ञाकारी लोगों पर शोक न करो।1
५:२७
۞ وَٱتْلُ
और पढ़िए
wa-ut'lu
और पढ़िए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर نَبَأَ ख़बर naba-a
ख़बर ٱبْنَىْ दो बेटों की ib'nay
दो बेटों की ءَادَمَ आदम के ādama
आदम के بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِذْ जब idh
जब قَرَّبَا उन दोनों ने क़ुर्बानी की qarrabā
उन दोनों ने क़ुर्बानी की قُرْبَانًۭا क़ुर्बानी करना qur'bānan
क़ुर्बानी करना فَتُقُبِّلَ तो वो क़ुबूल कर ली गई fatuqubbila
तो वो क़ुबूल कर ली गई مِنْ from min
from أَحَدِهِمَا उन दोनों में से एक से aḥadihimā
उन दोनों में से एक से وَلَمْ और ना walam
और ना يُتَقَبَّلْ वो क़ुबूल की गई yutaqabbal
वो क़ुबूल की गई مِنَ from mina
from ٱلْـَٔاخَرِ दूसरे से l-ākhari
दूसरे से قَالَ कहा qāla
कहा لَأَقْتُلَنَّكَ ۖ अलबत्ता मैं ज़रूर क़त्ल करुँगा तुझे la-aqtulannaka
अलबत्ता मैं ज़रूर क़त्ल करुँगा तुझे قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يَتَقَبَّلُ क़ुबूल करता है yataqabbalu
क़ुबूल करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنَ from mina
from ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों से l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों से ٢٧ (27)
(27)
और पढ़िए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर نَبَأَ ख़बर naba-a
ख़बर ٱبْنَىْ दो बेटों की ib'nay
दो बेटों की ءَادَمَ आदम के ādama
आदम के بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِذْ जब idh
जब قَرَّبَا उन दोनों ने क़ुर्बानी की qarrabā
उन दोनों ने क़ुर्बानी की قُرْبَانًۭا क़ुर्बानी करना qur'bānan
क़ुर्बानी करना فَتُقُبِّلَ तो वो क़ुबूल कर ली गई fatuqubbila
तो वो क़ुबूल कर ली गई مِنْ from min
from أَحَدِهِمَا उन दोनों में से एक से aḥadihimā
उन दोनों में से एक से وَلَمْ और ना walam
और ना يُتَقَبَّلْ वो क़ुबूल की गई yutaqabbal
वो क़ुबूल की गई مِنَ from mina
from ٱلْـَٔاخَرِ दूसरे से l-ākhari
दूसरे से قَالَ कहा qāla
कहा لَأَقْتُلَنَّكَ ۖ अलबत्ता मैं ज़रूर क़त्ल करुँगा तुझे la-aqtulannaka
अलबत्ता मैं ज़रूर क़त्ल करुँगा तुझे قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يَتَقَبَّلُ क़ुबूल करता है yataqabbalu
क़ुबूल करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنَ from mina
from ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों से l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों से ٢٧ (27)
(27)
तथा उन्हें आदम के दो बेटों1 का समाचार सच्चाई के साथ सुना दो, जब उन दोनों ने कुछ क़ुर्बानी प्रस्तुत की, तो उनमें से एक की स्वीकार कर ली गई और दूसरे की स्वीकार न की गई। उस (दूसरे) ने कहा : मैं तुझे अवश्य ही क़त्ल कर दूँगा। उसने उत्तर दिया : निःसंदेह अल्लाह डरने वालों ही से स्वीकार करता है।
५:२८
لَئِنۢ
अलबत्ता अगर
la-in
अलबत्ता अगर بَسَطتَ बढ़ाया तूने basaṭta
बढ़ाया तूने إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना لِتَقْتُلَنِى ताकि तू क़त्ल कर दे मुझे litaqtulanī
ताकि तू क़त्ल कर दे मुझे مَآ नहीं mā
नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं بِبَاسِطٍۢ बढ़ाने वाला bibāsiṭin
बढ़ाने वाला يَدِىَ हाथ अपना yadiya
हाथ अपना إِلَيْكَ तरफ़ तेरे ilayka
तरफ़ तेरे لِأَقْتُلَكَ ۖ ताकि मैं क़त्ल कर दूँ तुझे li-aqtulaka
ताकि मैं क़त्ल कर दूँ तुझे إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّ जो रब है rabba
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٢٨ (28)
(28)
अलबत्ता अगर بَسَطتَ बढ़ाया तूने basaṭta
बढ़ाया तूने إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना لِتَقْتُلَنِى ताकि तू क़त्ल कर दे मुझे litaqtulanī
ताकि तू क़त्ल कर दे मुझे مَآ नहीं mā
नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं بِبَاسِطٍۢ बढ़ाने वाला bibāsiṭin
बढ़ाने वाला يَدِىَ हाथ अपना yadiya
हाथ अपना إِلَيْكَ तरफ़ तेरे ilayka
तरफ़ तेरे لِأَقْتُلَكَ ۖ ताकि मैं क़त्ल कर दूँ तुझे li-aqtulaka
ताकि मैं क़त्ल कर दूँ तुझे إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّ जो रब है rabba
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٢٨ (28)
(28)
यदि तूने मुझे मार डालने के लिए मेरी ओर अपना हाथ बढ़ाया1, तो मैं हरगिज़ अपना हाथ तेरी ओर इसलिए बढ़ाने वाला नहीं कि तुझे क़त्ल करूँ। निःसंदेह मैं अल्लाह से डरता हूँ, जो सारे संसार का पालनहार है।
५:२९
إِنِّىٓ
बेशक मैं
innī
बेशक मैं أُرِيدُ मैं चाहता हूँ urīdu
मैं चाहता हूँ أَن कि an
कि تَبُوٓأَ तू पलटे tabūa
तू पलटे بِإِثْمِى साथ मेरे गुनाह के bi-ith'mī
साथ मेरे गुनाह के وَإِثْمِكَ और अपने गुनाह के wa-ith'mika
और अपने गुनाह के فَتَكُونَ फिर तू हो जाएगा fatakūna
फिर तू हो जाएगा مِنْ among min
among أَصْحَـٰبِ साथियों में से aṣḥābi
साथियों में से ٱلنَّارِ ۚ आग के l-nāri
आग के وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये جَزَٰٓؤُا۟ बदला है jazāu
बदला है ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ٢٩ (29)
(29)
बेशक मैं أُرِيدُ मैं चाहता हूँ urīdu
मैं चाहता हूँ أَن कि an
कि تَبُوٓأَ तू पलटे tabūa
तू पलटे بِإِثْمِى साथ मेरे गुनाह के bi-ith'mī
साथ मेरे गुनाह के وَإِثْمِكَ और अपने गुनाह के wa-ith'mika
और अपने गुनाह के فَتَكُونَ फिर तू हो जाएगा fatakūna
फिर तू हो जाएगा مِنْ among min
among أَصْحَـٰبِ साथियों में से aṣḥābi
साथियों में से ٱلنَّارِ ۚ आग के l-nāri
आग के وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये جَزَٰٓؤُا۟ बदला है jazāu
बदला है ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ٢٩ (29)
(29)
मैं तो यह चाहता हूँ कि तू मेरे पाप और अपने पाप के साथ लौटे, फिर तू आग वालों में से हो जाए। और यही अत्याचारियों का बदला है।
५:३०
فَطَوَّعَتْ
तो आसान कर दिया
faṭawwaʿat
तो आसान कर दिया لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَفْسُهُۥ उसके नफ़्स ने nafsuhu
उसके नफ़्स ने قَتْلَ क़त्ल करना qatla
क़त्ल करना أَخِيهِ अपने भाई का akhīhi
अपने भाई का فَقَتَلَهُۥ तो उसने क़त्ल कर दिया उसे faqatalahu
तो उसने क़त्ल कर दिया उसे فَأَصْبَحَ पस वो हो गया fa-aṣbaḥa
पस वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ٣٠ (30)
(30)
तो आसान कर दिया لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَفْسُهُۥ उसके नफ़्स ने nafsuhu
उसके नफ़्स ने قَتْلَ क़त्ल करना qatla
क़त्ल करना أَخِيهِ अपने भाई का akhīhi
अपने भाई का فَقَتَلَهُۥ तो उसने क़त्ल कर दिया उसे faqatalahu
तो उसने क़त्ल कर दिया उसे فَأَصْبَحَ पस वो हो गया fa-aṣbaḥa
पस वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ٣٠ (30)
(30)
अंततः उसके मन ने उसके लिए अपने भाई की हत्या को सुसज्जित कर दिया, तो उसने उसे क़त्ल कर दिया, सो वह घाटा उठाने वालों में से हो गया।
५:३१
فَبَعَثَ
फिर भेजा
fabaʿatha
फिर भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने غُرَابًۭا एक कौआ ghurāban
एक कौआ يَبْحَثُ वो खोदता था yabḥathu
वो खोदता था فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में لِيُرِيَهُۥ ताकि वो दिखाए उसे liyuriyahu
ताकि वो दिखाए उसे كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह يُوَٰرِى वो छुपाए yuwārī
वो छुपाए سَوْءَةَ लाश sawata
लाश أَخِيهِ ۚ अपने भाई की akhīhi
अपने भाई की قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰوَيْلَتَىٰٓ हाय अफ़सोस मुझ पर yāwaylatā
हाय अफ़सोस मुझ पर أَعَجَزْتُ क्या आजिज़ हुआ मैं aʿajaztu
क्या आजिज़ हुआ मैं أَنْ इससे (भी) कि an
इससे (भी) कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْغُرَابِ कौए के l-ghurābi
कौए के فَأُوَٰرِىَ कि मैं छुपाऊँ fa-uwāriya
कि मैं छुपाऊँ سَوْءَةَ लाश sawata
लाश أَخِى ۖ अपने भाई की akhī
अपने भाई की فَأَصْبَحَ तो वो हो गया fa-aṣbaḥa
तो वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلنَّـٰدِمِينَ नादिम होने वालों में से l-nādimīna
नादिम होने वालों में से ٣١ (31)
(31)
फिर भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने غُرَابًۭا एक कौआ ghurāban
एक कौआ يَبْحَثُ वो खोदता था yabḥathu
वो खोदता था فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में لِيُرِيَهُۥ ताकि वो दिखाए उसे liyuriyahu
ताकि वो दिखाए उसे كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह يُوَٰرِى वो छुपाए yuwārī
वो छुपाए سَوْءَةَ लाश sawata
लाश أَخِيهِ ۚ अपने भाई की akhīhi
अपने भाई की قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰوَيْلَتَىٰٓ हाय अफ़सोस मुझ पर yāwaylatā
हाय अफ़सोस मुझ पर أَعَجَزْتُ क्या आजिज़ हुआ मैं aʿajaztu
क्या आजिज़ हुआ मैं أَنْ इससे (भी) कि an
इससे (भी) कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْغُرَابِ कौए के l-ghurābi
कौए के فَأُوَٰرِىَ कि मैं छुपाऊँ fa-uwāriya
कि मैं छुपाऊँ سَوْءَةَ लाश sawata
लाश أَخِى ۖ अपने भाई की akhī
अपने भाई की فَأَصْبَحَ तो वो हो गया fa-aṣbaḥa
तो वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلنَّـٰدِمِينَ नादिम होने वालों में से l-nādimīna
नादिम होने वालों में से ٣١ (31)
(31)
फिर अल्लाह ने एक कौआ भेजा, जो भूमि कुरेदता था, ताकि उसे दिखाए कि वह अपने भाई के शव को कैसे छिपाए। कहने लगा : हाय मेरा विनाश! क्या मैं इस कौए जैसा भी न हो सका कि अपने भाई का शव छिपा सकूँ। फिर वह लज्जित होने वालों में से हो गया।
५:३२
مِنْ
From
min
From أَجْلِ बवजह ajli
बवजह ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके كَتَبْنَا लिख दिया हमने katabnā
लिख दिया हमने عَلَىٰ on ʿalā
on بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल पर is'rāīla
बनी इस्राईल पर أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो مَن जिसने man
जिसने قَتَلَ क़त्ल किया qatala
क़त्ल किया نَفْسًۢا किसी जान को nafsan
किसी जान को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर نَفْسٍ किसी जान के nafsin
किसी जान के أَوْ या aw
या فَسَادٍۢ फ़साद करने के fasādin
फ़साद करने के فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَكَأَنَّمَا तो गोया कि faka-annamā
तो गोया कि قَتَلَ उसने क़त्ल कर दिया qatala
उसने क़त्ल कर दिया ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को جَمِيعًۭا सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको وَمَنْ और जिसने waman
और जिसने أَحْيَاهَا ज़िन्दगी बचाई उसकी aḥyāhā
ज़िन्दगी बचाई उसकी فَكَأَنَّمَآ तो गोया कि faka-annamā
तो गोया कि أَحْيَا उसने ज़िन्दा किया aḥyā
उसने ज़िन्दा किया ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को جَمِيعًۭا ۚ सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُنَا रसूल हमारे rusulunā
रसूल हमारे بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के ثُمَّ फिर thumma
फिर إِنَّ बेशक inna
बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में لَمُسْرِفُونَ अलबत्ता ज़्यादती करने वाले हैं lamus'rifūna
अलबत्ता ज़्यादती करने वाले हैं ٣٢ (32)
(32)
From أَجْلِ बवजह ajli
बवजह ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके كَتَبْنَا लिख दिया हमने katabnā
लिख दिया हमने عَلَىٰ on ʿalā
on بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल पर is'rāīla
बनी इस्राईल पर أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो مَن जिसने man
जिसने قَتَلَ क़त्ल किया qatala
क़त्ल किया نَفْسًۢا किसी जान को nafsan
किसी जान को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर نَفْسٍ किसी जान के nafsin
किसी जान के أَوْ या aw
या فَسَادٍۢ फ़साद करने के fasādin
फ़साद करने के فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَكَأَنَّمَا तो गोया कि faka-annamā
तो गोया कि قَتَلَ उसने क़त्ल कर दिया qatala
उसने क़त्ल कर दिया ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को جَمِيعًۭا सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको وَمَنْ और जिसने waman
और जिसने أَحْيَاهَا ज़िन्दगी बचाई उसकी aḥyāhā
ज़िन्दगी बचाई उसकी فَكَأَنَّمَآ तो गोया कि faka-annamā
तो गोया कि أَحْيَا उसने ज़िन्दा किया aḥyā
उसने ज़िन्दा किया ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को جَمِيعًۭا ۚ सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُنَا रसूल हमारे rusulunā
रसूल हमारे بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के ثُمَّ फिर thumma
फिर إِنَّ बेशक inna
बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में لَمُسْرِفُونَ अलबत्ता ज़्यादती करने वाले हैं lamus'rifūna
अलबत्ता ज़्यादती करने वाले हैं ٣٢ (32)
(32)
इसी कारण, हमने बनी इसराईल पर लिख दिया1 कि निःसंदेह जिसने किसी प्राणी की किसी प्राणी के खून (के बदले) अथवा धरती में विद्रोह के बिना हत्या कर दी, तो मानो उसने सारे इनसानों की हत्या2 कर दी, और जिसने उसे जीवन प्रदान किया, तो मानो उसने सारे इनसानों को जीवन प्रदान किया। तथा निःसंदेह उनके पास हमारे रसूल स्पष्ट प्रमाण लेकर आए। फिर निःसंदेह उनमें से बहुत से लोग उसके बाद भी धरती में निश्चय सीमा से आगे बढ़ने वाले हैं।
५:३३
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक جَزَٰٓؤُا۟ बदला jazāu
बदला ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो يُحَارِبُونَ जंग करते हैं yuḥāribūna
जंग करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल से warasūlahu
और उसके रसूल से وَيَسْعَوْنَ और वो दौड़ धूप करते हैं wayasʿawna
और वो दौड़ धूप करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَسَادًا फ़साद के लिए fasādan
फ़साद के लिए أَن ये कि an
ये कि يُقَتَّلُوٓا۟ वो क़त्ल कर दिए जाऐं yuqattalū
वो क़त्ल कर दिए जाऐं أَوْ या aw
या يُصَلَّبُوٓا۟ वो सूली चढ़ा दिए जाऐं yuṣallabū
वो सूली चढ़ा दिए जाऐं أَوْ or aw
or تُقَطَّعَ या काट दिए जाऐं tuqaṭṭaʿa
या काट दिए जाऐं أَيْدِيهِمْ हाथ उनके aydīhim
हाथ उनके وَأَرْجُلُهُم और पाँव उनके wa-arjuluhum
और पाँव उनके مِّنْ of min
of خِلَـٰفٍ मुख़ालिफ़ सिम्त से khilāfin
मुख़ालिफ़ सिम्त से أَوْ or aw
or يُنفَوْا۟ या वो निकाल दिए जाऐं yunfaw
या वो निकाल दिए जाऐं مِنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ۚ उस ज़मीन से l-arḍi
उस ज़मीन से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए خِزْىٌۭ रुस्वाई है khiz'yun
रुस्वाई है فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٣٣ (33)
(33)
बेशक جَزَٰٓؤُا۟ बदला jazāu
बदला ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो يُحَارِبُونَ जंग करते हैं yuḥāribūna
जंग करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल से warasūlahu
और उसके रसूल से وَيَسْعَوْنَ और वो दौड़ धूप करते हैं wayasʿawna
और वो दौड़ धूप करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَسَادًا फ़साद के लिए fasādan
फ़साद के लिए أَن ये कि an
ये कि يُقَتَّلُوٓا۟ वो क़त्ल कर दिए जाऐं yuqattalū
वो क़त्ल कर दिए जाऐं أَوْ या aw
या يُصَلَّبُوٓا۟ वो सूली चढ़ा दिए जाऐं yuṣallabū
वो सूली चढ़ा दिए जाऐं أَوْ or aw
or تُقَطَّعَ या काट दिए जाऐं tuqaṭṭaʿa
या काट दिए जाऐं أَيْدِيهِمْ हाथ उनके aydīhim
हाथ उनके وَأَرْجُلُهُم और पाँव उनके wa-arjuluhum
और पाँव उनके مِّنْ of min
of خِلَـٰفٍ मुख़ालिफ़ सिम्त से khilāfin
मुख़ालिफ़ सिम्त से أَوْ or aw
or يُنفَوْا۟ या वो निकाल दिए जाऐं yunfaw
या वो निकाल दिए जाऐं مِنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ۚ उस ज़मीन से l-arḍi
उस ज़मीन से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए خِزْىٌۭ रुस्वाई है khiz'yun
रुस्वाई है فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٣٣ (33)
(33)
जो लोग अल्लाह और उसके रसूल से जंग करते हैं तथा धरती में उपद्रव करने का प्रयास करते हैं, उनका दंड यही है कि उन्हें बुरी तरह क़त्ल कर दिया जाए, या उन्हें बुरी तरह सूली दी जाए, या उनके हाथ-पाँव विपरीत दिशाओं से बुरी तरह काट दिए जाएँ, या उन्हें (उस) देश से निकाल दिया जाए। यह उनके लिए दुनिया में अपमान है तथा आख़िरत में उनके लिए बहुत बड़ी यातना है।
५:३४
إِلَّا
सिवाय
illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो تَابُوا۟ तौबा करें tābū
तौबा करें مِن from min
from قَبْلِ इससे क़ब्ल qabli
इससे क़ब्ल أَن कि an
कि تَقْدِرُوا۟ तुम क़ादिर हो जाओ taqdirū
तुम क़ादिर हो जाओ عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣٤ (34)
(34)
सिवाय ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो تَابُوا۟ तौबा करें tābū
तौबा करें مِن from min
from قَبْلِ इससे क़ब्ल qabli
इससे क़ब्ल أَن कि an
कि تَقْدِرُوا۟ तुम क़ादिर हो जाओ taqdirū
तुम क़ादिर हो जाओ عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣٤ (34)
(34)
परंतु जो लोग इससे पहले तौबा कर लें कि तुम उनपर क़ाबू पाओ, तो जान लो कि निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
५:३५
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱبْتَغُوٓا۟ और तलाश करो wa-ib'taghū
और तलाश करो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके ٱلْوَسِيلَةَ वसीला/ज़रिया l-wasīlata
वसीला/ज़रिया وَجَـٰهِدُوا۟ और जिहाद करो wajāhidū
और जिहाद करो فِى in fī
in سَبِيلِهِۦ उसके रास्ते में sabīlihi
उसके रास्ते में لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ٣٥ (35)
(35)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱبْتَغُوٓا۟ और तलाश करो wa-ib'taghū
और तलाश करो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके ٱلْوَسِيلَةَ वसीला/ज़रिया l-wasīlata
वसीला/ज़रिया وَجَـٰهِدُوا۟ और जिहाद करो wajāhidū
और जिहाद करो فِى in fī
in سَبِيلِهِۦ उसके रास्ते में sabīlihi
उसके रास्ते में لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ٣٥ (35)
(35)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो और उसकी ओर निकटता1 तलाश करो तथा उसके मार्ग में जिहाद करो, ताकि तुम सफल हो जाओ।
५:३६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْ अगर law
अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक لَهُم उनके लिए हो lahum
उनके लिए हो مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सारे का सारा jamīʿan
सारे का सारा وَمِثْلَهُۥ और मानिन्द उसी के wamith'lahu
और मानिन्द उसी के مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके لِيَفْتَدُوا۟ ताकि वो फ़िदया दें liyaftadū
ताकि वो फ़िदया दें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنْ from min
from عَذَابِ अज़ाब से (बचने के लिए) ʿadhābi
अज़ाब से (बचने के लिए) يَوْمِ दिन yawmi
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مَا ना mā
ना تُقُبِّلَ वो क़ुबूल किया जाएगा tuqubbila
वो क़ुबूल किया जाएगा مِنْهُمْ ۖ उनसे min'hum
उनसे وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٣٦ (36)
(36)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْ अगर law
अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक لَهُم उनके लिए हो lahum
उनके लिए हो مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सारे का सारा jamīʿan
सारे का सारा وَمِثْلَهُۥ और मानिन्द उसी के wamith'lahu
और मानिन्द उसी के مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके لِيَفْتَدُوا۟ ताकि वो फ़िदया दें liyaftadū
ताकि वो फ़िदया दें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنْ from min
from عَذَابِ अज़ाब से (बचने के लिए) ʿadhābi
अज़ाब से (बचने के लिए) يَوْمِ दिन yawmi
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مَا ना mā
ना تُقُبِّلَ वो क़ुबूल किया जाएगा tuqubbila
वो क़ुबूल किया जाएगा مِنْهُمْ ۖ उनसे min'hum
उनसे وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٣٦ (36)
(36)
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, यदि उनके पास वह सब कुछ हो जो धरती में है और उतना ही उसके साथ और भी हो, ताकि वे यह सब कुछ क़ियामत के दिन की यातना से छुड़ौती के रूप मे दे दें, तो उनकी ओर से स्वीकार नहीं किया जाएगा और उनके लिए दर्दनाक यातना है।
५:३७
يُرِيدُونَ
वो चाहेंगे
yurīdūna
वो चाहेंगे أَن कि an
कि يَخْرُجُوا۟ वो निकल जाऐं yakhrujū
वो निकल जाऐं مِنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُم वो hum
वो بِخَـٰرِجِينَ निकलने वाले bikhārijīna
निकलने वाले مِنْهَا ۖ उससे min'hā
उससे وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّقِيمٌۭ क़ायम रहने वाला muqīmun
क़ायम रहने वाला ٣٧ (37)
(37)
वो चाहेंगे أَن कि an
कि يَخْرُجُوا۟ वो निकल जाऐं yakhrujū
वो निकल जाऐं مِنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُم वो hum
वो بِخَـٰرِجِينَ निकलने वाले bikhārijīna
निकलने वाले مِنْهَا ۖ उससे min'hā
उससे وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّقِيمٌۭ क़ायम रहने वाला muqīmun
क़ायम रहने वाला ٣٧ (37)
(37)
वे चाहेंगे कि आग से निकल जाएँ, हालाँकि वे उससे हरगिज़ निकलने वाले नहीं और उनके लिए हमेशा रहने वाली यातना है।
५:३८
وَٱلسَّارِقُ
और चोर मर्द
wal-sāriqu
और चोर मर्द وَٱلسَّارِقَةُ और चोर औरत wal-sāriqatu
और चोर औरत فَٱقْطَعُوٓا۟ पस काट दो fa-iq'ṭaʿū
पस काट दो أَيْدِيَهُمَا हाथ उन दोनों के aydiyahumā
हाथ उन दोनों के جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَا उन दोनों ने कमाया kasabā
उन दोनों ने कमाया نَكَـٰلًۭا इबरतनाक सज़ा है nakālan
इबरतनाक सज़ा है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٣٨ (38)
(38)
और चोर मर्द وَٱلسَّارِقَةُ और चोर औरत wal-sāriqatu
और चोर औरत فَٱقْطَعُوٓا۟ पस काट दो fa-iq'ṭaʿū
पस काट दो أَيْدِيَهُمَا हाथ उन दोनों के aydiyahumā
हाथ उन दोनों के جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَا उन दोनों ने कमाया kasabā
उन दोनों ने कमाया نَكَـٰلًۭا इबरतनाक सज़ा है nakālan
इबरतनाक सज़ा है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٣٨ (38)
(38)
और जो चोरी करने वाला (पुरुष) और जो चोरी करने वाली (स्त्री) है, सो दोनों के हाथ काट दो, उसके बदले में जो उन दोनों ने कमाया, अल्लाह की ओर से इबरत (भय)1 दिलाने के लिए। और अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
५:३९
فَمَن
तो जो कोई
faman
तो जो कोई تَابَ तौबा कर ले tāba
तौबा कर ले مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ظُلْمِهِۦ अपने ज़ुल्म के ẓul'mihi
अपने ज़ुल्म के وَأَصْلَحَ और वो इस्लाह कर ले wa-aṣlaḥa
और वो इस्लाह कर ले فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَتُوبُ वो मेहरबान होगा yatūbu
वो मेहरबान होगा عَلَيْهِ ۗ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣٩ (39)
(39)
तो जो कोई تَابَ तौबा कर ले tāba
तौबा कर ले مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ظُلْمِهِۦ अपने ज़ुल्म के ẓul'mihi
अपने ज़ुल्म के وَأَصْلَحَ और वो इस्लाह कर ले wa-aṣlaḥa
और वो इस्लाह कर ले فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَتُوبُ वो मेहरबान होगा yatūbu
वो मेहरबान होगा عَلَيْهِ ۗ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣٩ (39)
(39)
फिर जो व्यक्ति अपने अत्याचार (चोरी) के बाद तौबा कर ले और सुधार करे, तो निश्चय अल्लाह उसकी तौबा स्वीकार करेगा।1 निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
५:४०
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَعْلَمْ आपने जाना taʿlam
आपने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की يُعَذِّبُ वो अज़ाब देता है yuʿadhibu
वो अज़ाब देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَغْفِرُ और वो बख़्श देता है wayaghfiru
और वो बख़्श देता है لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٤٠ (40)
(40)
क्या नहीं تَعْلَمْ आपने जाना taʿlam
आपने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की يُعَذِّبُ वो अज़ाब देता है yuʿadhibu
वो अज़ाब देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَغْفِرُ और वो बख़्श देता है wayaghfiru
और वो बख़्श देता है لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٤٠ (40)
(40)
क्या तुमने नहीं जाना कि निःसंदेह अल्लाह ही है जिसके पास आकाशों तथा धरती का राज्य है? वह जिसे चाहता है, दंड देता है और जिसे चाहता है, क्षमा कर देता है। तथा अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
५:४१
۞ يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल لَا Let not lā
Let not يَحْزُنكَ ना ग़मगीन करें आपको yaḥzunka
ना ग़मगीन करें आपको ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يُسَـٰرِعُونَ दौड़ धूप करते हैं yusāriʿūna
दौड़ धूप करते हैं فِى in (to) fī
in (to) ٱلْكُفْرِ कुफ़्र में l-kuf'ri
कुफ़्र में مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन लोगों में से जो alladhīna
उन लोगों में से जो قَالُوٓا۟ कहते हैं qālū
कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِأَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं تُؤْمِن ईमान लाए tu'min
ईमान लाए قُلُوبُهُمْ ۛ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَمِنَ and from wamina
and from ٱلَّذِينَ और उनमें से जो alladhīna
और उनमें से जो هَادُوا۟ ۛ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए سَمَّـٰعُونَ बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं sammāʿūna
बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं لِلْكَذِبِ झूठ को lil'kadhibi
झूठ को سَمَّـٰعُونَ बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं sammāʿūna
बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं لِقَوْمٍ for people liqawmin
for people ءَاخَرِينَ दूसरी क़ौम के लिए ākharīna
दूसरी क़ौम के लिए لَمْ नहीं lam
नहीं يَأْتُوكَ ۖ वो आए आपके पास yatūka
वो आए आपके पास يُحَرِّفُونَ वो बदल देते हैं yuḥarrifūna
वो बदल देते हैं ٱلْكَلِمَ अलफ़ाज़ को l-kalima
अलफ़ाज़ को مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مَوَاضِعِهِۦ ۖ उनकी जगहें (मुक़र्रर होने के) mawāḍiʿihi
उनकी जगहें (मुक़र्रर होने के) يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं إِنْ अगर in
अगर أُوتِيتُمْ दिए जाओ तुम ūtītum
दिए जाओ तुम هَـٰذَا ये hādhā
ये فَخُذُوهُ तो ले लो उसे fakhudhūhu
तो ले लो उसे وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना تُؤْتَوْهُ तुम दिए जाओ उसे tu'tawhu
तुम दिए जाओ उसे فَٱحْذَرُوا۟ ۚ पस बचो fa-iḥ'dharū
पस बचो وَمَن और वो जो waman
और वो जो يُرِدِ इरादा कर ले yuridi
इरादा कर ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِتْنَتَهُۥ उसकी आज़माइश का fit'natahu
उसकी आज़माइश का فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَمْلِكَ आप मालिक हो सकते tamlika
आप मालिक हो सकते لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا ۚ किसी चीज़ के shayan
किसी चीज़ के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُرِدِ चाहा yuridi
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَن कि an
कि يُطَهِّرَ वो पाक करे yuṭahhira
वो पाक करे قُلُوبَهُمْ ۚ उनके दिलों को qulūbahum
उनके दिलों को لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में خِزْىٌۭ ۖ रुस्वाई है khiz'yun
रुस्वाई है وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٤١ (41)
(41)
ऐ ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल لَا Let not lā
Let not يَحْزُنكَ ना ग़मगीन करें आपको yaḥzunka
ना ग़मगीन करें आपको ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يُسَـٰرِعُونَ दौड़ धूप करते हैं yusāriʿūna
दौड़ धूप करते हैं فِى in (to) fī
in (to) ٱلْكُفْرِ कुफ़्र में l-kuf'ri
कुफ़्र में مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन लोगों में से जो alladhīna
उन लोगों में से जो قَالُوٓا۟ कहते हैं qālū
कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِأَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं تُؤْمِن ईमान लाए tu'min
ईमान लाए قُلُوبُهُمْ ۛ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَمِنَ and from wamina
and from ٱلَّذِينَ और उनमें से जो alladhīna
और उनमें से जो هَادُوا۟ ۛ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए سَمَّـٰعُونَ बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं sammāʿūna
बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं لِلْكَذِبِ झूठ को lil'kadhibi
झूठ को سَمَّـٰعُونَ बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं sammāʿūna
बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं لِقَوْمٍ for people liqawmin
for people ءَاخَرِينَ दूसरी क़ौम के लिए ākharīna
दूसरी क़ौम के लिए لَمْ नहीं lam
नहीं يَأْتُوكَ ۖ वो आए आपके पास yatūka
वो आए आपके पास يُحَرِّفُونَ वो बदल देते हैं yuḥarrifūna
वो बदल देते हैं ٱلْكَلِمَ अलफ़ाज़ को l-kalima
अलफ़ाज़ को مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مَوَاضِعِهِۦ ۖ उनकी जगहें (मुक़र्रर होने के) mawāḍiʿihi
उनकी जगहें (मुक़र्रर होने के) يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं إِنْ अगर in
अगर أُوتِيتُمْ दिए जाओ तुम ūtītum
दिए जाओ तुम هَـٰذَا ये hādhā
ये فَخُذُوهُ तो ले लो उसे fakhudhūhu
तो ले लो उसे وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना تُؤْتَوْهُ तुम दिए जाओ उसे tu'tawhu
तुम दिए जाओ उसे فَٱحْذَرُوا۟ ۚ पस बचो fa-iḥ'dharū
पस बचो وَمَن और वो जो waman
और वो जो يُرِدِ इरादा कर ले yuridi
इरादा कर ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِتْنَتَهُۥ उसकी आज़माइश का fit'natahu
उसकी आज़माइश का فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَمْلِكَ आप मालिक हो सकते tamlika
आप मालिक हो सकते لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا ۚ किसी चीज़ के shayan
किसी चीज़ के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُرِدِ चाहा yuridi
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَن कि an
कि يُطَهِّرَ वो पाक करे yuṭahhira
वो पाक करे قُلُوبَهُمْ ۚ उनके दिलों को qulūbahum
उनके दिलों को لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में خِزْىٌۭ ۖ रुस्वाई है khiz'yun
रुस्वाई है وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٤١ (41)
(41)
ऐ रसूल! वे लोग आपको शोकाकुल न करें, जो कुफ़्र में दौड़कर जाते हैं, उन लोगों में से जिन्होंने अपने मुँह से कहा कि हम ईमान लाए, हालाँकि उनके दिल ईमान नहीं लाए और उन लोगों में से जो यहूदी बने। बहुत सुनने वाले हैं झूठ को, बहुत सुनने वाले हैं दूसरे लोगों के लिए जो आपके पास नहीं आए, वे शब्दों को उनके स्थानों के बाद फेर देते हैं। वे कहते हैं : यदि तुम्हें यह दिया जाए तो ले लो, और यदि तुम्हें यह न दिया जाए, तो बचकर रहो। और जिसे अल्लाह अपनी परीक्षा में डालना चाहे, तो उसे (ऐ रसूल!) आप अल्लाह से बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकते। ये वे लोग हैं कि अल्लाह ने नहीं चाहा कि उनके दिलों को पवित्र करे। उनके लिए दुनिया में अपमान है और उनके लिए आख़िरत में बहुत बड़ी यातना1 है।
५:४२
سَمَّـٰعُونَ
बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं
sammāʿūna
बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं لِلْكَذِبِ झूठ को lil'kadhibi
झूठ को أَكَّـٰلُونَ बहुत ज़्यादा खाने वाले हैं akkālūna
बहुत ज़्यादा खाने वाले हैं لِلسُّحْتِ ۚ हराम को lilssuḥ'ti
हराम को فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर جَآءُوكَ वो आऐं आपके पास jāūka
वो आऐं आपके पास فَٱحْكُم तो फ़ैसला कीजिए fa-uḥ'kum
तो फ़ैसला कीजिए بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके أَوْ या aw
या أَعْرِضْ ऐराज़ कीजिए aʿriḍ
ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُعْرِضْ आप ऐराज़ करेंगे tuʿ'riḍ
आप ऐराज़ करेंगे عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يَضُرُّوكَ वो नुक़सान पहुँचा सकते आपको yaḍurrūka
वो नुक़सान पहुँचा सकते आपको شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर حَكَمْتَ फ़ैसला करें आप ḥakamta
फ़ैसला करें आप فَٱحْكُم तो फ़ैसला कीजिए fa-uḥ'kum
तो फ़ैसला कीजिए بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِٱلْقِسْطِ ۚ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो मोहब्बत रखता है yuḥibbu
वो मोहब्बत रखता है ٱلْمُقْسِطِينَ इन्साफ़ करने वालों से l-muq'siṭīna
इन्साफ़ करने वालों से ٤٢ (42)
(42)
बहुत ज़्यादा सुनने वाले हैं لِلْكَذِبِ झूठ को lil'kadhibi
झूठ को أَكَّـٰلُونَ बहुत ज़्यादा खाने वाले हैं akkālūna
बहुत ज़्यादा खाने वाले हैं لِلسُّحْتِ ۚ हराम को lilssuḥ'ti
हराम को فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर جَآءُوكَ वो आऐं आपके पास jāūka
वो आऐं आपके पास فَٱحْكُم तो फ़ैसला कीजिए fa-uḥ'kum
तो फ़ैसला कीजिए بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके أَوْ या aw
या أَعْرِضْ ऐराज़ कीजिए aʿriḍ
ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُعْرِضْ आप ऐराज़ करेंगे tuʿ'riḍ
आप ऐराज़ करेंगे عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يَضُرُّوكَ वो नुक़सान पहुँचा सकते आपको yaḍurrūka
वो नुक़सान पहुँचा सकते आपको شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर حَكَمْتَ फ़ैसला करें आप ḥakamta
फ़ैसला करें आप فَٱحْكُم तो फ़ैसला कीजिए fa-uḥ'kum
तो फ़ैसला कीजिए بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِٱلْقِسْطِ ۚ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो मोहब्बत रखता है yuḥibbu
वो मोहब्बत रखता है ٱلْمُقْسِطِينَ इन्साफ़ करने वालों से l-muq'siṭīna
इन्साफ़ करने वालों से ٤٢ (42)
(42)
बहुत सुनने वाले हैं झूठ को, बहुत खाने वाले हैं हराम को। फिर यदि वे आपके पास आएँ, तो आप उनके बीच निर्णय करें या उनसे मुँह फेर लें, और यदि आप उनसे मुँह फेर लें, तो वे आपको हरगिज़ कोई हानि नहीं पहुँचा सकेंगे और यदि आप निर्णय करें, तो उनके बीच न्याय के साथ निर्णय करें। निःसंदेह अल्लाह न्याय करने वालों से प्रेम करता है।
५:४३
وَكَيْفَ
और किस तरह
wakayfa
और किस तरह يُحَكِّمُونَكَ वो मुन्सिफ़ बनाते हैं आपको yuḥakkimūnaka
वो मुन्सिफ़ बनाते हैं आपको وَعِندَهُمُ हालाँकि उनके पास waʿindahumu
हालाँकि उनके पास ٱلتَّوْرَىٰةُ तौरात है l-tawrātu
तौरात है فِيهَا जिसमें fīhā
जिसमें حُكْمُ हुक्म है ḥuk'mu
हुक्म है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ثُمَّ फिर thumma
फिर يَتَوَلَّوْنَ वो मुँह मोड़ जाते हैं yatawallawna
वो मुँह मोड़ जाते हैं مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ ۚ इसके dhālika
इसके وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग بِٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bil-mu'minīna
ईमान लाने वाले ٤٣ (43)
(43)
और किस तरह يُحَكِّمُونَكَ वो मुन्सिफ़ बनाते हैं आपको yuḥakkimūnaka
वो मुन्सिफ़ बनाते हैं आपको وَعِندَهُمُ हालाँकि उनके पास waʿindahumu
हालाँकि उनके पास ٱلتَّوْرَىٰةُ तौरात है l-tawrātu
तौरात है فِيهَا जिसमें fīhā
जिसमें حُكْمُ हुक्म है ḥuk'mu
हुक्म है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ثُمَّ फिर thumma
फिर يَتَوَلَّوْنَ वो मुँह मोड़ जाते हैं yatawallawna
वो मुँह मोड़ जाते हैं مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ ۚ इसके dhālika
इसके وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग بِٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bil-mu'minīna
ईमान लाने वाले ٤٣ (43)
(43)
और वे आपको कैसे न्यायकर्ता बनाते हैं, जबकि उनके पास तौरात है, जिसमें अल्लाह का हुक्म (मौजूद) है! फिर वे उसके पश्चात मुँह फेर लेते हैं। और ये लोग कदापि ईमान वाले नहीं।1
५:४४
إِنَّآ
बेशक हम
innā
बेशक हम أَنزَلْنَا नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात l-tawrāta
तौरात فِيهَا उसमें fīhā
उसमें هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَنُورٌۭ ۚ और नूर था wanūrun
और नूर था يَحْكُمُ फ़ैसला करते थे yaḥkumu
फ़ैसला करते थे بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके ٱلنَّبِيُّونَ अम्बिया l-nabiyūna
अम्बिया ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أَسْلَمُوا۟ इस्लाम लाए थे aslamū
इस्लाम लाए थे لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए थे hādū
यहूदी बन गए थे وَٱلرَّبَّـٰنِيُّونَ और रब्बानी/रब वाले भी wal-rabāniyūna
और रब्बानी/रब वाले भी وَٱلْأَحْبَارُ और उलेमा/फ़ुक़्हा भी wal-aḥbāru
और उलेमा/फ़ुक़्हा भी بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो ٱسْتُحْفِظُوا۟ वो मुहाफ़िज़ बनाए गए थे us'tuḥ'fiẓū
वो मुहाफ़िज़ बनाए गए थे مِن of min
of كِتَـٰبِ (the) Book kitābi
(the) Book ٱللَّهِ अल्लाह की किताब के l-lahi
अल्लाह की किताब के وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर شُهَدَآءَ ۚ गवाह shuhadāa
गवाह فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْشَوُا۟ तुम डरो takhshawū
तुम डरो ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से وَٱخْشَوْنِ और डरो मुझसे wa-ikh'shawni
और डरो मुझसे وَلَا और ना walā
और ना تَشْتَرُوا۟ तुम लो tashtarū
तुम लो بِـَٔايَـٰتِى बदले मेरी आयात के biāyātī
बदले मेरी आयात के ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا ۚ थोड़ी qalīlan
थोड़ी وَمَن और जो waman
और जो لَّمْ ना lam
ना يَحْكُم फ़ैसला करे yaḥkum
फ़ैसला करे بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْكَـٰفِرُونَ जो काफ़िर हैं l-kāfirūna
जो काफ़िर हैं ٤٤ (44)
(44)
बेशक हम أَنزَلْنَا नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात l-tawrāta
तौरात فِيهَا उसमें fīhā
उसमें هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَنُورٌۭ ۚ और नूर था wanūrun
और नूर था يَحْكُمُ फ़ैसला करते थे yaḥkumu
फ़ैसला करते थे بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके ٱلنَّبِيُّونَ अम्बिया l-nabiyūna
अम्बिया ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أَسْلَمُوا۟ इस्लाम लाए थे aslamū
इस्लाम लाए थे لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए थे hādū
यहूदी बन गए थे وَٱلرَّبَّـٰنِيُّونَ और रब्बानी/रब वाले भी wal-rabāniyūna
और रब्बानी/रब वाले भी وَٱلْأَحْبَارُ और उलेमा/फ़ुक़्हा भी wal-aḥbāru
और उलेमा/फ़ुक़्हा भी بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो ٱسْتُحْفِظُوا۟ वो मुहाफ़िज़ बनाए गए थे us'tuḥ'fiẓū
वो मुहाफ़िज़ बनाए गए थे مِن of min
of كِتَـٰبِ (the) Book kitābi
(the) Book ٱللَّهِ अल्लाह की किताब के l-lahi
अल्लाह की किताब के وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर شُهَدَآءَ ۚ गवाह shuhadāa
गवाह فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْشَوُا۟ तुम डरो takhshawū
तुम डरो ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से وَٱخْشَوْنِ और डरो मुझसे wa-ikh'shawni
और डरो मुझसे وَلَا और ना walā
और ना تَشْتَرُوا۟ तुम लो tashtarū
तुम लो بِـَٔايَـٰتِى बदले मेरी आयात के biāyātī
बदले मेरी आयात के ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا ۚ थोड़ी qalīlan
थोड़ी وَمَن और जो waman
और जो لَّمْ ना lam
ना يَحْكُم फ़ैसला करे yaḥkum
फ़ैसला करे بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْكَـٰفِرُونَ जो काफ़िर हैं l-kāfirūna
जो काफ़िर हैं ٤٤ (44)
(44)
निःसंदेह हमने तौरात उतारी, जिसमें मार्गदर्शन और प्रकाश था। उसके अनुसार वे नबी जो आज्ञाकारी थे उन लोगों के लिए फ़ैसला करते थे, जो यहूदी बने, तथा अल्लाह वाले और विद्वान लोग भी (उसी के अनुसार फ़ैसला करते थे)। क्योंकि वे अल्लाह की पुस्तक के रक्षक बनाए गए थे और वे उसके (सत्य होने के) गवाह थे। अतः तुम लोगों से न डरो, केवल मुझसे डरो और मेरी आयतों के बदले तनिक मूल्य न खरीदो। और जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे जो अल्लाह ने उतारा है, तो वही लोग काफ़िर हैं।
५:४५
وَكَتَبْنَا
और लिख दिया हमने
wakatabnā
और लिख दिया हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلنَّفْسَ जान l-nafsa
जान بِٱلنَّفْسِ बदले जान के bil-nafsi
बदले जान के وَٱلْعَيْنَ और आँख wal-ʿayna
और आँख بِٱلْعَيْنِ बदले आँख के bil-ʿayni
बदले आँख के وَٱلْأَنفَ और नाक wal-anfa
और नाक بِٱلْأَنفِ बदले नाक के bil-anfi
बदले नाक के وَٱلْأُذُنَ और कान wal-udhuna
और कान بِٱلْأُذُنِ बदले कान के bil-udhuni
बदले कान के وَٱلسِّنَّ और दाँत wal-sina
और दाँत بِٱلسِّنِّ बदले दाँत के bil-sini
बदले दाँत के وَٱلْجُرُوحَ और तमाम ज़ख़्मों का भी wal-jurūḥa
और तमाम ज़ख़्मों का भी قِصَاصٌۭ ۚ बदला है qiṣāṣun
बदला है فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَصَدَّقَ सदक़ा (माफ़) कर दे taṣaddaqa
सदक़ा (माफ़) कर दे بِهِۦ उसको bihi
उसको فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो كَفَّارَةٌۭ कफ़्फ़ारा होगा kaffāratun
कफ़्फ़ारा होगा لَّهُۥ ۚ उसके लिए lahu
उसके लिए وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَحْكُم फ़ैसला करे yaḥkum
फ़ैसला करे بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़लिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़लिम हैं ٤٥ (45)
(45)
और लिख दिया हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلنَّفْسَ जान l-nafsa
जान بِٱلنَّفْسِ बदले जान के bil-nafsi
बदले जान के وَٱلْعَيْنَ और आँख wal-ʿayna
और आँख بِٱلْعَيْنِ बदले आँख के bil-ʿayni
बदले आँख के وَٱلْأَنفَ और नाक wal-anfa
और नाक بِٱلْأَنفِ बदले नाक के bil-anfi
बदले नाक के وَٱلْأُذُنَ और कान wal-udhuna
और कान بِٱلْأُذُنِ बदले कान के bil-udhuni
बदले कान के وَٱلسِّنَّ और दाँत wal-sina
और दाँत بِٱلسِّنِّ बदले दाँत के bil-sini
बदले दाँत के وَٱلْجُرُوحَ और तमाम ज़ख़्मों का भी wal-jurūḥa
और तमाम ज़ख़्मों का भी قِصَاصٌۭ ۚ बदला है qiṣāṣun
बदला है فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَصَدَّقَ सदक़ा (माफ़) कर दे taṣaddaqa
सदक़ा (माफ़) कर दे بِهِۦ उसको bihi
उसको فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो كَفَّارَةٌۭ कफ़्फ़ारा होगा kaffāratun
कफ़्फ़ारा होगा لَّهُۥ ۚ उसके लिए lahu
उसके लिए وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَحْكُم फ़ैसला करे yaḥkum
फ़ैसला करे بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़लिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़लिम हैं ٤٥ (45)
(45)
और हमने उस (तौरात) में उन (यहूदियों) पर लिख दिया कि प्राण के बदले प्राण है और आँख के बदले आँख, नाक के बदले नाक, कान के बदले कान, दाँत के बदले दाँत1 तथा सभी घावों में बराबर बदला है। फिर जो इस (बदला) को दान (माफ़) कर दे, तो वह उसके (पापों के) लिए प्रायश्चित है। तथा जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे जो अल्लाह ने उतारा है, तो वही लोग अत्याचारी हैं।
५:४६
وَقَفَّيْنَا
और पीछे भेजा हमने
waqaffaynā
और पीछे भेजा हमने عَلَىٰٓ on ʿalā
on ءَاثَـٰرِهِم उनके आसार पर āthārihim
उनके आसार पर بِعِيسَى Isa biʿīsā
Isa ٱبْنِ son ib'ni
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम को maryama
ईसा इब्ने मरियम को مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाला muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) between bayna
(was) between يَدَيْهِ पहले है इससे yadayhi
पहले है इससे مِنَ of mina
of ٱلتَّوْرَىٰةِ ۖ तौरात में से l-tawrāti
तौरात में से وَءَاتَيْنَـٰهُ और दी हमने उसे waātaynāhu
और दी हमने उसे ٱلْإِنجِيلَ इन्जील l-injīla
इन्जील فِيهِ उसमें थी fīhi
उसमें थी هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَنُورٌۭ और नूर wanūrun
और नूर وَمُصَدِّقًۭا और तसदीक़ करने वाली wamuṣaddiqan
और तसदीक़ करने वाली لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) between bayna
(was) between يَدَيْهِ पहले है इससे yadayhi
पहले है इससे مِنَ of mina
of ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में से l-tawrāti
तौरात में से وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَمَوْعِظَةًۭ और नसीहत wamawʿiẓatan
और नसीहत لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों से lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों से ٤٦ (46)
(46)
और पीछे भेजा हमने عَلَىٰٓ on ʿalā
on ءَاثَـٰرِهِم उनके आसार पर āthārihim
उनके आसार पर بِعِيسَى Isa biʿīsā
Isa ٱبْنِ son ib'ni
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम को maryama
ईसा इब्ने मरियम को مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाला muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) between bayna
(was) between يَدَيْهِ पहले है इससे yadayhi
पहले है इससे مِنَ of mina
of ٱلتَّوْرَىٰةِ ۖ तौरात में से l-tawrāti
तौरात में से وَءَاتَيْنَـٰهُ और दी हमने उसे waātaynāhu
और दी हमने उसे ٱلْإِنجِيلَ इन्जील l-injīla
इन्जील فِيهِ उसमें थी fīhi
उसमें थी هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَنُورٌۭ और नूर wanūrun
और नूर وَمُصَدِّقًۭا और तसदीक़ करने वाली wamuṣaddiqan
और तसदीक़ करने वाली لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) between bayna
(was) between يَدَيْهِ पहले है इससे yadayhi
पहले है इससे مِنَ of mina
of ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में से l-tawrāti
तौरात में से وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَمَوْعِظَةًۭ और नसीहत wamawʿiẓatan
और नसीहत لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों से lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों से ٤٦ (46)
(46)
और हमने उनके पीछे उन्हीं के पद-चिन्हों पर मरयम के बेटे ईसा को भेजा, जो उससे पहले (उतरने वाली) तौरात की पुष्टि करने वाला था तथा हमने उसे इंजील प्रदान की, जिसमें मार्गदर्शन और प्रकाश थी और वह उससे पूर्व (उतरने वाली किताब) तौरात की पुष्टि करने वाली थी तथा वह (अल्लाह से) डरने वालों के लिए सर्वथा मार्गदर्शन और उपदेश थी।
५:४७
وَلْيَحْكُمْ
और चाहिए कि फ़ैसला करें
walyaḥkum
और चाहिए कि फ़ैसला करें أَهْلُ (the) People ahlu
(the) People ٱلْإِنجِيلِ अहले इन्जील l-injīli
अहले इन्जील بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَمَن और जो waman
और जो لَّمْ ना lam
ना يَحْكُم फ़ैसला करे yaḥkum
फ़ैसला करे بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٤٧ (47)
(47)
और चाहिए कि फ़ैसला करें أَهْلُ (the) People ahlu
(the) People ٱلْإِنجِيلِ अहले इन्जील l-injīli
अहले इन्जील بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَمَن और जो waman
और जो لَّمْ ना lam
ना يَحْكُم फ़ैसला करे yaḥkum
फ़ैसला करे بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٤٧ (47)
(47)
और इंजील वालों को चाहिए कि उसी के अनुसार फ़ैसला करें, जो अल्लाह ने उसमें उतारा है। और जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे, जो अल्लाह ने उतारा है, तो वही लोग अवज्ञाकारी हैं।
५:४८
وَأَنزَلْنَآ
और नाज़िल की हमने
wa-anzalnā
और नाज़िल की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाली muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाली لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) before bayna
(was) before يَدَيْهِ पहले है इससे yadayhi
पहले है इससे مِنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताबों में से l-kitābi
किताबों में से وَمُهَيْمِنًا और निगहबान है wamuhayminan
और निगहबान है عَلَيْهِ ۖ उस पर ʿalayhi
उस पर فَٱحْكُم पस फ़ैसला कीजिए fa-uḥ'kum
पस फ़ैसला कीजिए بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी कीजिए tattabiʿ
आप पैरवी कीजिए أَهْوَآءَهُمْ उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की عَمَّا उससे (हट कर) जो ʿammā
उससे (हट कर) जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ ۚ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से لِكُلٍّۢ हर एक के लिए likullin
हर एक के लिए جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से شِرْعَةًۭ एक रास्ता shir'ʿatan
एक रास्ता وَمِنْهَاجًۭا ۚ और एक तरीक़ा wamin'hājan
और एक तरीक़ा وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَجَعَلَكُمْ अलबत्ता वो बना देता तुम्हें lajaʿalakum
अलबत्ता वो बना देता तुम्हें أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لِّيَبْلُوَكُمْ इस लिए कि वो आज़माए तुम्हें liyabluwakum
इस लिए कि वो आज़माए तुम्हें فِى in fī
in مَآ उसमें जो mā
उसमें जो ءَاتَىٰكُمْ ۖ उसने दिया तुम्हें ātākum
उसने दिया तुम्हें فَٱسْتَبِقُوا۟ पस सबक़त करो/आगे बढ़ो fa-is'tabiqū
पस सबक़त करो/आगे बढ़ो ٱلْخَيْرَٰتِ ۚ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में إِلَى To ilā
To ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
तरफ़ अल्लाह ही के مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा جَمِيعًۭا सबके-सबका jamīʿan
सबके-सबका فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बता देगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बता देगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते ٤٨ (48)
(48)
और नाज़िल की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाली muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाली لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) before bayna
(was) before يَدَيْهِ पहले है इससे yadayhi
पहले है इससे مِنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताबों में से l-kitābi
किताबों में से وَمُهَيْمِنًا और निगहबान है wamuhayminan
और निगहबान है عَلَيْهِ ۖ उस पर ʿalayhi
उस पर فَٱحْكُم पस फ़ैसला कीजिए fa-uḥ'kum
पस फ़ैसला कीजिए بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी कीजिए tattabiʿ
आप पैरवी कीजिए أَهْوَآءَهُمْ उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की عَمَّا उससे (हट कर) जो ʿammā
उससे (हट कर) जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ ۚ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से لِكُلٍّۢ हर एक के लिए likullin
हर एक के लिए جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से شِرْعَةًۭ एक रास्ता shir'ʿatan
एक रास्ता وَمِنْهَاجًۭا ۚ और एक तरीक़ा wamin'hājan
और एक तरीक़ा وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَجَعَلَكُمْ अलबत्ता वो बना देता तुम्हें lajaʿalakum
अलबत्ता वो बना देता तुम्हें أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لِّيَبْلُوَكُمْ इस लिए कि वो आज़माए तुम्हें liyabluwakum
इस लिए कि वो आज़माए तुम्हें فِى in fī
in مَآ उसमें जो mā
उसमें जो ءَاتَىٰكُمْ ۖ उसने दिया तुम्हें ātākum
उसने दिया तुम्हें فَٱسْتَبِقُوا۟ पस सबक़त करो/आगे बढ़ो fa-is'tabiqū
पस सबक़त करो/आगे बढ़ो ٱلْخَيْرَٰتِ ۚ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में إِلَى To ilā
To ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
तरफ़ अल्लाह ही के مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा جَمِيعًۭا सबके-सबका jamīʿan
सबके-सबका فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बता देगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बता देगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते ٤٨ (48)
(48)
और (ऐ नबी!) हमने आपकी ओर यह पुस्तक (क़ुरआन) सत्य के साथ उतारी, जो अपने पूर्व की पुस्तकों की पुष्टि करने वाली तथा उनकी संरक्षक1 है। अतः आप उनके बीच उसके अनुसार फ़ैसला करें, जो अल्लाह ने उतारा है, तथा आपके पास जो सत्य आया है, उससे मुँह मोड़कर उनकी इच्छाओं का पालन न करें। हमने तुममें से हर (समुदाय) के लिए एक शरीयत तथा एक मार्ग निर्धारित किया2 है। और यदि अल्लाह चाहता, तो तुम्हें एक समुदाय बना देता, लेकिन ताकि वह तुम्हारी उसमें परीक्षा ले, जो कुछ उसने तुम्हें दिया है। अतः भलाइयों में एक-दूसरे से आगे बढ़ो3, अल्लाह ही की ओर तुम सबको लौटकर जाना है। फिर वह तुम्हें बताएगा, जिन बातों में तुम मतभेद किया करते थे।
५:४९
وَأَنِ
और ये कि
wa-ani
और ये कि ٱحْكُم फैसला कीजिए uḥ'kum
फैसला कीजिए بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी कीजिए tattabiʿ
आप पैरवी कीजिए أَهْوَآءَهُمْ उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की وَٱحْذَرْهُمْ और मोहतात रहिए उनसे wa-iḥ'dharhum
और मोहतात रहिए उनसे أَن कि an
कि يَفْتِنُوكَ वो फ़ितना में ना डालें आपको yaftinūka
वो फ़ितना में ना डालें आपको عَنۢ from ʿan
from بَعْضِ बाज़ (उस) से baʿḍi
बाज़ (उस) से مَآ जो mā
जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَٱعْلَمْ तो जान लीजिए fa-iʿ'lam
तो जान लीजिए أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُصِيبَهُم वो पहुँचाए उन्हें (मुसीबत) yuṣībahum
वो पहुँचाए उन्हें (मुसीबत) بِبَعْضِ बवजह बाज़ bibaʿḍi
बवजह बाज़ ذُنُوبِهِمْ ۗ उनके गुनाहों के dhunūbihim
उनके गुनाहों के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ of mina
of ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से لَفَـٰسِقُونَ अलबत्ता फ़ासिक़ हैं lafāsiqūna
अलबत्ता फ़ासिक़ हैं ٤٩ (49)
(49)
और ये कि ٱحْكُم फैसला कीजिए uḥ'kum
फैसला कीजिए بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِمَآ उसके मुताबिक़ जो bimā
उसके मुताबिक़ जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी कीजिए tattabiʿ
आप पैरवी कीजिए أَهْوَآءَهُمْ उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की وَٱحْذَرْهُمْ और मोहतात रहिए उनसे wa-iḥ'dharhum
और मोहतात रहिए उनसे أَن कि an
कि يَفْتِنُوكَ वो फ़ितना में ना डालें आपको yaftinūka
वो फ़ितना में ना डालें आपको عَنۢ from ʿan
from بَعْضِ बाज़ (उस) से baʿḍi
बाज़ (उस) से مَآ जो mā
जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَٱعْلَمْ तो जान लीजिए fa-iʿ'lam
तो जान लीजिए أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُصِيبَهُم वो पहुँचाए उन्हें (मुसीबत) yuṣībahum
वो पहुँचाए उन्हें (मुसीबत) بِبَعْضِ बवजह बाज़ bibaʿḍi
बवजह बाज़ ذُنُوبِهِمْ ۗ उनके गुनाहों के dhunūbihim
उनके गुनाहों के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ of mina
of ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से لَفَـٰسِقُونَ अलबत्ता फ़ासिक़ हैं lafāsiqūna
अलबत्ता फ़ासिक़ हैं ٤٩ (49)
(49)
तथा (ऐ नबी!) आप उनके बीच उसी के अनुसार निर्णय करें, जो अल्लाह ने उतारा है, और उनकी इच्छाओं का पालन न करें, तथा उनसे सावधान रहें कि वे आपको किसी ऐसे हुक्म से बहका दें, जो अल्लाह ने आपकी ओर उतारा है। फिर यदि वे फिर जाएँ, तो जान लें कि अल्लाह यही चाहता है कि उन्हें उनके कुछ पापों का दंड पहुँचाए। और निःसंदेह बहुत-से लोग निश्चय उल्लंघनकारी हैं।
५:५०
أَفَحُكْمَ
क्या फिर फ़ैसला
afaḥuk'ma
क्या फिर फ़ैसला ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ जाहिलियत का l-jāhiliyati
जाहिलियत का يَبْغُونَ ۚ वो चाहते हैं yabghūna
वो चाहते हैं وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से حُكْمًۭا फ़ैसला करने में ḥuk'man
फ़ैसला करने में لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ٥٠ (50)
(50)
क्या फिर फ़ैसला ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ जाहिलियत का l-jāhiliyati
जाहिलियत का يَبْغُونَ ۚ वो चाहते हैं yabghūna
वो चाहते हैं وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से حُكْمًۭا फ़ैसला करने में ḥuk'man
फ़ैसला करने में لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ٥٠ (50)
(50)
फिर क्या वे जाहिलिय्यत (पूर्व-इस्लामिक काल) का फ़ैसला चाहते हैं? और अल्लाह से बेहतर फ़ैसला करने वाला कौन है, उन लोगों के लिए जो विश्वास रखते हैं?
५:५१
۞ يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ٱلْيَهُودَ यहूद l-yahūda
यहूद وَٱلنَّصَـٰرَىٰٓ और नसारा को wal-naṣārā
और नसारा को أَوْلِيَآءَ ۘ दोस्त awliyāa
दोस्त بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَلَّهُم दोस्त बनाएगा उन्हें yatawallahum
दोस्त बनाएगा उन्हें مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَإِنَّهُۥ पस बेशक वो fa-innahu
पस बेशक वो مِنْهُمْ ۗ उन्हीं में से हैं min'hum
उन्हीं में से हैं إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٥١ (51)
(51)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ٱلْيَهُودَ यहूद l-yahūda
यहूद وَٱلنَّصَـٰرَىٰٓ और नसारा को wal-naṣārā
और नसारा को أَوْلِيَآءَ ۘ दोस्त awliyāa
दोस्त بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَلَّهُم दोस्त बनाएगा उन्हें yatawallahum
दोस्त बनाएगा उन्हें مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَإِنَّهُۥ पस बेशक वो fa-innahu
पस बेशक वो مِنْهُمْ ۗ उन्हीं में से हैं min'hum
उन्हीं में से हैं إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٥١ (51)
(51)
ऐ ईमान वालो! तुम यहूदियों तथा ईसाइयों को मित्र न बनाओ। वे परस्पर एक-दूसरे के मित्र हैं। और तुममें से जो उन्हें मित्र बनाएगा, तो निश्चय वह उन्हीं में से है। निःसंदेह अल्लाह अत्याचारियों को मार्गदर्शन प्रदान नहीं करता।
५:५२
فَتَرَى
फिर आप देखेंगे
fatarā
फिर आप देखेंगे ٱلَّذِينَ उन्हें alladhīna
उन्हें فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके مَّرَضٌۭ बीमारी है maraḍun
बीमारी है يُسَـٰرِعُونَ वो दौड़ धूप करते हैं yusāriʿūna
वो दौड़ धूप करते हैं فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं نَخْشَىٰٓ हम डरते हैं nakhshā
हम डरते हैं أَن कि an
कि تُصِيبَنَا पहुँचेगी हमें tuṣībanā
पहुँचेगी हमें دَآئِرَ ةٌۭ ۚ कोई गर्दिश/मुसीबत dāiratun
कोई गर्दिश/मुसीबत فَعَسَى तो उम्मीद है faʿasā
तो उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَأْتِىَ वो ले आए yatiya
वो ले आए بِٱلْفَتْحِ फ़तह bil-fatḥi
फ़तह أَوْ या aw
या أَمْرٍۢ कोई हुक्म amrin
कोई हुक्म مِّنْ from min
from عِندِهِۦ अपनी तरफ़ से ʿindihi
अपनी तरफ़ से فَيُصْبِحُوا۟ फिर वो हो जाऐं fayuṣ'biḥū
फिर वो हो जाऐं عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَآ जो mā
जो أَسَرُّوا۟ उन्होंने छुपाया asarrū
उन्होंने छुपाया فِىٓ within fī
within أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों में anfusihim
अपने नफ़्सों में نَـٰدِمِينَ नादिम nādimīna
नादिम ٥٢ (52)
(52)
फिर आप देखेंगे ٱلَّذِينَ उन्हें alladhīna
उन्हें فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके مَّرَضٌۭ बीमारी है maraḍun
बीमारी है يُسَـٰرِعُونَ वो दौड़ धूप करते हैं yusāriʿūna
वो दौड़ धूप करते हैं فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं نَخْشَىٰٓ हम डरते हैं nakhshā
हम डरते हैं أَن कि an
कि تُصِيبَنَا पहुँचेगी हमें tuṣībanā
पहुँचेगी हमें دَآئِرَ ةٌۭ ۚ कोई गर्दिश/मुसीबत dāiratun
कोई गर्दिश/मुसीबत فَعَسَى तो उम्मीद है faʿasā
तो उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَأْتِىَ वो ले आए yatiya
वो ले आए بِٱلْفَتْحِ फ़तह bil-fatḥi
फ़तह أَوْ या aw
या أَمْرٍۢ कोई हुक्म amrin
कोई हुक्म مِّنْ from min
from عِندِهِۦ अपनी तरफ़ से ʿindihi
अपनी तरफ़ से فَيُصْبِحُوا۟ फिर वो हो जाऐं fayuṣ'biḥū
फिर वो हो जाऐं عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَآ जो mā
जो أَسَرُّوا۟ उन्होंने छुपाया asarrū
उन्होंने छुपाया فِىٓ within fī
within أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों में anfusihim
अपने नफ़्सों में نَـٰدِمِينَ नादिम nādimīna
नादिम ٥٢ (52)
(52)
फिर (ऐ नबी!) आप उन लोगों को देखेंगे जिनके दिलों में एक रोग है कि वे दौड़कर उनमें जाते हैं। वे कहते हैं : हम डरते हैं कि हमपर कोई विपत्ति (न) आ जाए। तो निकट है कि अल्लाह विजय प्रदान कर दे या अपनी ओर से कोई और मामला (प्रकट कर दे)। फिर वे उसपर, जो उन्होंने अपने दिलों में छिपाया था, लज्जित हो जाएँ।
५:५३
وَيَقُولُ
और कहते हैं
wayaqūlu
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَهَـٰٓؤُلَآءِ क्या ये हैं ahāulāi
क्या ये हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने أَقْسَمُوا۟ क़समें खाईं aqsamū
क़समें खाईं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की جَهْدَ पक्की jahda
पक्की أَيْمَـٰنِهِمْ ۙ क़समें अपनी aymānihim
क़समें अपनी إِنَّهُمْ कि बेशक वो innahum
कि बेशक वो لَمَعَكُمْ ۚ अलबत्ता साथ हैं तुम्हारे lamaʿakum
अलबत्ता साथ हैं तुम्हारे حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فَأَصْبَحُوا۟ पस वो हो गए fa-aṣbaḥū
पस वो हो गए خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले khāsirīna
ख़सारा पाने वाले ٥٣ (53)
(53)
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَهَـٰٓؤُلَآءِ क्या ये हैं ahāulāi
क्या ये हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने أَقْسَمُوا۟ क़समें खाईं aqsamū
क़समें खाईं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की جَهْدَ पक्की jahda
पक्की أَيْمَـٰنِهِمْ ۙ क़समें अपनी aymānihim
क़समें अपनी إِنَّهُمْ कि बेशक वो innahum
कि बेशक वो لَمَعَكُمْ ۚ अलबत्ता साथ हैं तुम्हारे lamaʿakum
अलबत्ता साथ हैं तुम्हारे حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فَأَصْبَحُوا۟ पस वो हो गए fa-aṣbaḥū
पस वो हो गए خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले khāsirīna
ख़सारा पाने वाले ٥٣ (53)
(53)
तथा ईमान वाले कहते हैं : क्या यही लोग हैं, जिन्होंने अपनी मज़बूत क़समें खाते हुए अल्लाह की क़सम खाई थी कि निःसंदेह वे निश्चय तुम्हारे साथ हैं। उनके कार्य नष्ट हो गए, अतः वे घाटा उठाने वाले हो गए।
५:५४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो مَن जो कोई man
जो कोई يَرْتَدَّ फिर जाएगा yartadda
फिर जाएगा مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से عَن from ʿan
from دِينِهِۦ अपने दीन से dīnihi
अपने दीन से فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَأْتِى ले आएगा yatī
ले आएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِقَوْمٍۢ ऐसे लोग biqawmin
ऐसे लोग يُحِبُّهُمْ वो मोहब्बत करेगा उनसे yuḥibbuhum
वो मोहब्बत करेगा उनसे وَيُحِبُّونَهُۥٓ और वो मोहब्बत करेंगे उससे wayuḥibbūnahu
और वो मोहब्बत करेंगे उससे أَذِلَّةٍ बहुत नर्म (होंगे) adhillatin
बहुत नर्म (होंगे) عَلَى towards ʿalā
towards ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर أَعِزَّةٍ बहुत सख़्त aʿizzatin
बहुत सख़्त عَلَى towards ʿalā
towards ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर يُجَـٰهِدُونَ वो जिहाद करेंगे yujāhidūna
वो जिहाद करेंगे فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَلَا और ना walā
और ना يَخَافُونَ वो डरेंगे yakhāfūna
वो डरेंगे لَوْمَةَ मलामत से lawmata
मलामत से لَآئِمٍۢ ۚ मलामत करने वाले की lāimin
मलामत करने वाले की ذَٰلِكَ ये dhālika
ये فَضْلُ फ़ज़ल है faḍlu
फ़ज़ल है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का يُؤْتِيهِ वो देता है उसे yu'tīhi
वो देता है उसे مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ٥٤ (54)
(54)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो مَن जो कोई man
जो कोई يَرْتَدَّ फिर जाएगा yartadda
फिर जाएगा مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से عَن from ʿan
from دِينِهِۦ अपने दीन से dīnihi
अपने दीन से فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَأْتِى ले आएगा yatī
ले आएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِقَوْمٍۢ ऐसे लोग biqawmin
ऐसे लोग يُحِبُّهُمْ वो मोहब्बत करेगा उनसे yuḥibbuhum
वो मोहब्बत करेगा उनसे وَيُحِبُّونَهُۥٓ और वो मोहब्बत करेंगे उससे wayuḥibbūnahu
और वो मोहब्बत करेंगे उससे أَذِلَّةٍ बहुत नर्म (होंगे) adhillatin
बहुत नर्म (होंगे) عَلَى towards ʿalā
towards ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर أَعِزَّةٍ बहुत सख़्त aʿizzatin
बहुत सख़्त عَلَى towards ʿalā
towards ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर يُجَـٰهِدُونَ वो जिहाद करेंगे yujāhidūna
वो जिहाद करेंगे فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَلَا और ना walā
और ना يَخَافُونَ वो डरेंगे yakhāfūna
वो डरेंगे لَوْمَةَ मलामत से lawmata
मलामत से لَآئِمٍۢ ۚ मलामत करने वाले की lāimin
मलामत करने वाले की ذَٰلِكَ ये dhālika
ये فَضْلُ फ़ज़ल है faḍlu
फ़ज़ल है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का يُؤْتِيهِ वो देता है उसे yu'tīhi
वो देता है उसे مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ٥٤ (54)
(54)
ऐ ईमान वालो! तुममें से जो कोई अपने धर्म से फिर जाए, तो अल्लाह निकट ही ऐसे लोग लाएगा, जिनसे वह प्रेम करेगा और वे उससे प्रेम करेंगे। वे ईमान वालों के प्रति बहुत नरम तथा काफ़िरों के प्रति बहुत कठोर1 होंगे, अल्लाह की राह में जिहाद करेंगे और किसी निंदा करने वाले की निंदा से नहीं डरेंगे। यह अल्लाह का अनुग्रह है, वह उसे देता है जिसको चाहता है और अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।
५:५५
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक وَلِيُّكُمُ दोस्त तुम्हारा waliyyukumu
दोस्त तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है وَرَسُولُهُۥ और उसका रसूल warasūluhu
और उसका रसूल وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो देते हैं wayu'tūna
और वो देते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَهُمْ और वो wahum
और वो رَٰكِعُونَ रुकुअ करने वाले हैं rākiʿūna
रुकुअ करने वाले हैं ٥٥ (55)
(55)
बेशक وَلِيُّكُمُ दोस्त तुम्हारा waliyyukumu
दोस्त तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है وَرَسُولُهُۥ और उसका रसूल warasūluhu
और उसका रसूल وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो देते हैं wayu'tūna
और वो देते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَهُمْ और वो wahum
और वो رَٰكِعُونَ रुकुअ करने वाले हैं rākiʿūna
रुकुअ करने वाले हैं ٥٥ (55)
(55)
तुम्हारे मित्र तो केवल अल्लाह और उसका रसूल तथा वे लोग हैं जो ईमान लाए, जो नमाज़ क़ायम करते और ज़कात देते हैं और वे (अल्लाह के आगे) झुकने वाले हैं।
५:५६
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَتَوَلَّ दोस्ती करेगा yatawalla
दोस्ती करेगा ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूलों से warasūlahu
और उसके रसूलों से وَٱلَّذِينَ और उनसे जो wa-alladhīna
और उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक حِزْبَ गिरोह ḥiz'ba
गिरोह ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाले हैं l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हैं ٥٦ (56)
(56)
और जो कोई يَتَوَلَّ दोस्ती करेगा yatawalla
दोस्ती करेगा ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूलों से warasūlahu
और उसके रसूलों से وَٱلَّذِينَ और उनसे जो wa-alladhīna
और उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक حِزْبَ गिरोह ḥiz'ba
गिरोह ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाले हैं l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हैं ٥٦ (56)
(56)
तथा जो कोई अल्लाह और उसके रसूल को और उन लोगों को दोस्त बनाए, जो ईमान लाए हैं, तो निश्चय अल्लाह का दल ही वे लोग हैं जो प्रभावी हैं।
५:५७
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया ittakhadhū
बना लिया دِينَكُمْ तुम्हारे दीन को dīnakum
तुम्हारे दीन को هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَلَعِبًۭا और खेल walaʿiban
और खेल مِّنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुम से पहले qablikum
तुम से पहले وَٱلْكُفَّارَ और काफ़िरों को wal-kufāra
और काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ ۚ दोस्त awliyāa
दोस्त وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٥٧ (57)
(57)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया ittakhadhū
बना लिया دِينَكُمْ तुम्हारे दीन को dīnakum
तुम्हारे दीन को هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَلَعِبًۭا और खेल walaʿiban
और खेल مِّنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुम से पहले qablikum
तुम से पहले وَٱلْكُفَّارَ और काफ़िरों को wal-kufāra
और काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ ۚ दोस्त awliyāa
दोस्त وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٥٧ (57)
(57)
ऐ ईमान वालो! उन लोगों को जिन्होंने तुम्हारे धर्म को उपहास और खेल बना लिया, उन लोगों में से जिन्हें तुमसे पहले पुस्तक दी गई है और काफ़िरों को मित्र न बनाओ और अल्लाह से डरो, यदि तुम ईमान वाले हो।
५:५८
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब نَادَيْتُمْ पुकारते हो तुम nādaytum
पुकारते हो तुम إِلَى for ilā
for ٱلصَّلَوٰةِ तरफ़ नमाज़ के l-ṣalati
तरफ़ नमाज़ के ٱتَّخَذُوهَا वो बना लेते हैं उसे ittakhadhūhā
वो बना लेते हैं उसे هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَلَعِبًۭا ۚ और खेल walaʿiban
और खेल ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं لَّا (who do) not lā
(who do) not يَعْقِلُونَ जो अक़्ल नहीं रखते yaʿqilūna
जो अक़्ल नहीं रखते ٥٨ (58)
(58)
और जब نَادَيْتُمْ पुकारते हो तुम nādaytum
पुकारते हो तुम إِلَى for ilā
for ٱلصَّلَوٰةِ तरफ़ नमाज़ के l-ṣalati
तरफ़ नमाज़ के ٱتَّخَذُوهَا वो बना लेते हैं उसे ittakhadhūhā
वो बना लेते हैं उसे هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَلَعِبًۭا ۚ और खेल walaʿiban
और खेल ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं لَّا (who do) not lā
(who do) not يَعْقِلُونَ जो अक़्ल नहीं रखते yaʿqilūna
जो अक़्ल नहीं रखते ٥٨ (58)
(58)
और जब तुम नमाज़ के लिए पुकारते हो, तो वे उसे उपहास और खेल बना लेते हैं। यह इसलिए कि वे ऐसे लोग हैं जो समझते नहीं।
५:५९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब هَلْ नहीं hal
नहीं تَنقِمُونَ तुम बैर/दुश्मनी रखते tanqimūna
तुम बैर/दुश्मनी रखते مِنَّآ हमसे minnā
हमसे إِلَّآ मगर illā
मगर أَنْ ये कि an
ये कि ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और जो कुछ wamā
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे وَمَآ और जो कुछ wamā
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक أَكْثَرَكُمْ अक्सर तुम्हारे aktharakum
अक्सर तुम्हारे فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ हैं fāsiqūna
फ़ासिक़ हैं ٥٩ (59)
(59)
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब هَلْ नहीं hal
नहीं تَنقِمُونَ तुम बैर/दुश्मनी रखते tanqimūna
तुम बैर/दुश्मनी रखते مِنَّآ हमसे minnā
हमसे إِلَّآ मगर illā
मगर أَنْ ये कि an
ये कि ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और जो कुछ wamā
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे وَمَآ और जो कुछ wamā
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक أَكْثَرَكُمْ अक्सर तुम्हारे aktharakum
अक्सर तुम्हारे فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ हैं fāsiqūna
फ़ासिक़ हैं ٥٩ (59)
(59)
(ऐ नबी!) आप कह दें : ऐ किताब वालो! तुम्हें हमारी केवल यह बात बुरी लगती है कि हम अल्लाह पर ईमान लाए और उसपर जो हमारी ओर उतारा गया और उसपर भी जो हमसे पहले उतारा गया और यह कि निःसंदेह तुममें से अधिकतर लोग अवज्ञाकारी हैं।
५:६०
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या أُنَبِّئُكُم मैं बताऊँ तुम्हें unabbi-ukum
मैं बताऊँ तुम्हें بِشَرٍّۢ बदतर bisharrin
बदतर مِّن than min
than ذَٰلِكَ उससे dhālika
उससे مَثُوبَةً बदले के ऐतबार से mathūbatan
बदले के ऐतबार से عِندَ from ʿinda
from ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक مَن वो जो man
वो जो لَّعَنَهُ लानत की हो उस पर laʿanahu
लानत की हो उस पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَغَضِبَ और वो ग़ज़बनाक हुआ waghaḍiba
और वो ग़ज़बनाक हुआ عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए مِنْهُمُ उनमें से min'humu
उनमें से ٱلْقِرَدَةَ बन्दर l-qiradata
बन्दर وَٱلْخَنَازِيرَ और ख़िन्ज़ीर wal-khanāzīra
और ख़िन्ज़ीर وَعَبَدَ और जिसने बंदगी की waʿabada
और जिसने बंदगी की ٱلطَّـٰغُوتَ ۚ ताग़ूत की l-ṭāghūta
ताग़ूत की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग ulāika
यही लोग شَرٌّۭ बदतरीन हैं sharrun
बदतरीन हैं مَّكَانًۭا दर्जे में makānan
दर्जे में وَأَضَلُّ और ज़्यादा भटके हुए wa-aḍallu
और ज़्यादा भटके हुए عَن from ʿan
from سَوَآءِ (the) even sawāi
(the) even ٱلسَّبِيلِ सीधे रास्ते से l-sabīli
सीधे रास्ते से ٦٠ (60)
(60)
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या أُنَبِّئُكُم मैं बताऊँ तुम्हें unabbi-ukum
मैं बताऊँ तुम्हें بِشَرٍّۢ बदतर bisharrin
बदतर مِّن than min
than ذَٰلِكَ उससे dhālika
उससे مَثُوبَةً बदले के ऐतबार से mathūbatan
बदले के ऐतबार से عِندَ from ʿinda
from ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक مَن वो जो man
वो जो لَّعَنَهُ लानत की हो उस पर laʿanahu
लानत की हो उस पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَغَضِبَ और वो ग़ज़बनाक हुआ waghaḍiba
और वो ग़ज़बनाक हुआ عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए مِنْهُمُ उनमें से min'humu
उनमें से ٱلْقِرَدَةَ बन्दर l-qiradata
बन्दर وَٱلْخَنَازِيرَ और ख़िन्ज़ीर wal-khanāzīra
और ख़िन्ज़ीर وَعَبَدَ और जिसने बंदगी की waʿabada
और जिसने बंदगी की ٱلطَّـٰغُوتَ ۚ ताग़ूत की l-ṭāghūta
ताग़ूत की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग ulāika
यही लोग شَرٌّۭ बदतरीन हैं sharrun
बदतरीन हैं مَّكَانًۭا दर्जे में makānan
दर्जे में وَأَضَلُّ और ज़्यादा भटके हुए wa-aḍallu
और ज़्यादा भटके हुए عَن from ʿan
from سَوَآءِ (the) even sawāi
(the) even ٱلسَّبِيلِ सीधे रास्ते से l-sabīli
सीधे रास्ते से ٦٠ (60)
(60)
आप कह दें : क्या मैं तुम्हें अल्लाह के निकट इससे अधिक बुरा बदला वाले लोग बताऊँ, वे लोग जिनपर अल्लाह ने ला'नत की और जिनपर क्रोधित हुआ, और जिनमें से बंदर और सूअर बना दिए और जिन्होंने 'ताग़ूत' की पूजा की। ये लोग दर्जे में अधिक बुरे तथा सीधे मार्ग से अधिक भटके हुए हैं।
५:६१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब جَآءُوكُمْ वो आते हैं तुम्हारे पास jāūkum
वो आते हैं तुम्हारे पास قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَقَد हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ دَّخَلُوا۟ वो दाख़िल हुए थे dakhalū
वो दाख़िल हुए थे بِٱلْكُفْرِ साथ कुफ़्र के bil-kuf'ri
साथ कुफ़्र के وَهُمْ और वो wahum
और वो قَدْ यक़ीनन qad
यक़ीनन خَرَجُوا۟ वो निकल गए kharajū
वो निकल गए بِهِۦ ۚ साथ उसी के bihi
साथ उसी के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْتُمُونَ वो छुपाते yaktumūna
वो छुपाते ٦١ (61)
(61)
और जब جَآءُوكُمْ वो आते हैं तुम्हारे पास jāūkum
वो आते हैं तुम्हारे पास قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَقَد हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ دَّخَلُوا۟ वो दाख़िल हुए थे dakhalū
वो दाख़िल हुए थे بِٱلْكُفْرِ साथ कुफ़्र के bil-kuf'ri
साथ कुफ़्र के وَهُمْ और वो wahum
और वो قَدْ यक़ीनन qad
यक़ीनन خَرَجُوا۟ वो निकल गए kharajū
वो निकल गए بِهِۦ ۚ साथ उसी के bihi
साथ उसी के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْتُمُونَ वो छुपाते yaktumūna
वो छुपाते ٦١ (61)
(61)
और जब वे1 तुम्हारे पास आते हैं, तो कहते हैं कि हम ईमान लाए, हालाँकि निश्चय वे कुफ़्र के साथ प्रवेश किए और निश्चय उसी के साथ वे निकल गए। तथा अल्लाह अधिक जानने वाला है, जो वे छिपाते थे।
५:६२
وَتَرَىٰ
और आप देखेंगे
watarā
और आप देखेंगे كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يُسَـٰرِعُونَ वो दौड़ धूप करते हैं yusāriʿūna
वो दौड़ धूप करते हैं فِى into fī
into ٱلْإِثْمِ गुनाह में l-ith'mi
गुनाह में وَٱلْعُدْوَٰنِ और ज़्यादती में wal-ʿud'wāni
और ज़्यादती में وَأَكْلِهِمُ और अपने खाने में wa-aklihimu
और अपने खाने में ٱلسُّحْتَ ۚ हराम को l-suḥ'ta
हराम को لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٦٢ (62)
(62)
और आप देखेंगे كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يُسَـٰرِعُونَ वो दौड़ धूप करते हैं yusāriʿūna
वो दौड़ धूप करते हैं فِى into fī
into ٱلْإِثْمِ गुनाह में l-ith'mi
गुनाह में وَٱلْعُدْوَٰنِ और ज़्यादती में wal-ʿud'wāni
और ज़्यादती में وَأَكْلِهِمُ और अपने खाने में wa-aklihimu
और अपने खाने में ٱلسُّحْتَ ۚ हराम को l-suḥ'ta
हराम को لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٦٢ (62)
(62)
तथा आप उनमें से बहुतों को देखेंगे कि वे पाप तथा अत्याचार और अपनी हरामख़ोरी में दौड़कर जाते हैं। निश्चय बहुत बुरा है, जो वे किया करते थे।
५:६३
لَوْلَا
क्यों नहीं
lawlā
क्यों नहीं يَنْهَىٰهُمُ रोकते उन्हें yanhāhumu
रोकते उन्हें ٱلرَّبَّـٰنِيُّونَ रब्बानी/रब वाले l-rabāniyūna
रब्बानी/रब वाले وَٱلْأَحْبَارُ और उलेमा wal-aḥbāru
और उलेमा عَن from ʿan
from قَوْلِهِمُ उनके क़ौल से qawlihimu
उनके क़ौल से ٱلْإِثْمَ गुनाह के l-ith'ma
गुनाह के وَأَكْلِهِمُ और उनके खाने से wa-aklihimu
और उनके खाने से ٱلسُّحْتَ ۚ हराम को l-suḥ'ta
हराम को لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَصْنَعُونَ वो करते/बनाते yaṣnaʿūna
वो करते/बनाते ٦٣ (63)
(63)
क्यों नहीं يَنْهَىٰهُمُ रोकते उन्हें yanhāhumu
रोकते उन्हें ٱلرَّبَّـٰنِيُّونَ रब्बानी/रब वाले l-rabāniyūna
रब्बानी/रब वाले وَٱلْأَحْبَارُ और उलेमा wal-aḥbāru
और उलेमा عَن from ʿan
from قَوْلِهِمُ उनके क़ौल से qawlihimu
उनके क़ौल से ٱلْإِثْمَ गुनाह के l-ith'ma
गुनाह के وَأَكْلِهِمُ और उनके खाने से wa-aklihimu
और उनके खाने से ٱلسُّحْتَ ۚ हराम को l-suḥ'ta
हराम को لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَصْنَعُونَ वो करते/बनाते yaṣnaʿūna
वो करते/बनाते ٦٣ (63)
(63)
उन्हें अल्लाह वाले तथा विद्वान उनके झूठ कहने तथा उनके हराम खाने से क्यों नहीं रोकते? निश्चय बुरा है, जो वे किया करते थे।
५:६४
وَقَالَتِ
और कहा
waqālati
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद ने l-yahūdu
यहूद ने يَدُ हाथ yadu
हाथ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَغْلُولَةٌ ۚ बँधा हुआ है maghlūlatun
बँधा हुआ है غُلَّتْ बाँध दिए गए ghullat
बाँध दिए गए أَيْدِيهِمْ हाथ उनके aydīhim
हाथ उनके وَلُعِنُوا۟ और वो लानत किए गए waluʿinū
और वो लानत किए गए بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَالُوا۟ ۘ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा بَلْ बल्कि bal
बल्कि يَدَاهُ उसके दोनों हाथ yadāhu
उसके दोनों हाथ مَبْسُوطَتَانِ दोनों खुले हुए हैं mabsūṭatāni
दोनों खुले हुए हैं يُنفِقُ वो ख़र्च करता है yunfiqu
वो ख़र्च करता है كَيْفَ जिस तरह kayfa
जिस तरह يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَلَيَزِيدَنَّ और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा walayazīdanna
और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّآ जो कुछ mā
जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से طُغْيَـٰنًۭا सरकशी में ṭugh'yānan
सरकशी में وَكُفْرًۭا ۚ और कुफ़्र में wakuf'ran
और कुफ़्र में وَأَلْقَيْنَا और डाल दी हमने wa-alqaynā
और डाल दी हमने بَيْنَهُمُ दर्मियान उनके baynahumu
दर्मियान उनके ٱلْعَدَٰوَةَ अदावत l-ʿadāwata
अदावत وَٱلْبَغْضَآءَ और बुग़्ज़ wal-baghḍāa
और बुग़्ज़ إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक كُلَّمَآ जब कभी kullamā
जब कभी أَوْقَدُوا۟ उन्होंने भड़काई awqadū
उन्होंने भड़काई نَارًۭا आग nāran
आग لِّلْحَرْبِ जंग के लिए lil'ḥarbi
जंग के लिए أَطْفَأَهَا बुझा दिया उसे aṭfa-ahā
बुझा दिया उसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَيَسْعَوْنَ और वो दौड़ धूप करते हैं wayasʿawna
और वो दौड़ धूप करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَسَادًۭا ۚ फ़साद की fasādan
फ़साद की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٦٤ (64)
(64)
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद ने l-yahūdu
यहूद ने يَدُ हाथ yadu
हाथ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَغْلُولَةٌ ۚ बँधा हुआ है maghlūlatun
बँधा हुआ है غُلَّتْ बाँध दिए गए ghullat
बाँध दिए गए أَيْدِيهِمْ हाथ उनके aydīhim
हाथ उनके وَلُعِنُوا۟ और वो लानत किए गए waluʿinū
और वो लानत किए गए بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَالُوا۟ ۘ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा بَلْ बल्कि bal
बल्कि يَدَاهُ उसके दोनों हाथ yadāhu
उसके दोनों हाथ مَبْسُوطَتَانِ दोनों खुले हुए हैं mabsūṭatāni
दोनों खुले हुए हैं يُنفِقُ वो ख़र्च करता है yunfiqu
वो ख़र्च करता है كَيْفَ जिस तरह kayfa
जिस तरह يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَلَيَزِيدَنَّ और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा walayazīdanna
और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّآ जो कुछ mā
जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से طُغْيَـٰنًۭا सरकशी में ṭugh'yānan
सरकशी में وَكُفْرًۭا ۚ और कुफ़्र में wakuf'ran
और कुफ़्र में وَأَلْقَيْنَا और डाल दी हमने wa-alqaynā
और डाल दी हमने بَيْنَهُمُ दर्मियान उनके baynahumu
दर्मियान उनके ٱلْعَدَٰوَةَ अदावत l-ʿadāwata
अदावत وَٱلْبَغْضَآءَ और बुग़्ज़ wal-baghḍāa
और बुग़्ज़ إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक كُلَّمَآ जब कभी kullamā
जब कभी أَوْقَدُوا۟ उन्होंने भड़काई awqadū
उन्होंने भड़काई نَارًۭا आग nāran
आग لِّلْحَرْبِ जंग के लिए lil'ḥarbi
जंग के लिए أَطْفَأَهَا बुझा दिया उसे aṭfa-ahā
बुझा दिया उसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَيَسْعَوْنَ और वो दौड़ धूप करते हैं wayasʿawna
और वो दौड़ धूप करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَسَادًۭا ۚ फ़साद की fasādan
फ़साद की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٦٤ (64)
(64)
तथा यहूदियों ने कहा कि अल्लाह का हाथ बँधा1 हुआ है। उनके हाथ बाँधे गए और उनपर ला'नत की गई, उसके कारण जो उन्होंने कहा। बल्कि उसके दोनों हाथ खुले हुए हैं। वह जैसे चाहता है, खर्च करता है। और निश्चय जो कुछ (ऐ रसूल!) आपकी ओर आपके पालनहार की तरफ़ से उतारा गया है, वह उनमें से बहुत-से लोगों को सरकशी (उद्दंडता) और कुफ़्र में अवश्य बढ़ा देगा। तथा हमने उनके बीच क़ियामत के दिन तक शत्रुता और द्वेष डाल दिया। जब कभी वे लड़ाई की कोई आग भड़काते हैं, अल्लाह उसे बुझा2 देता है। तथा वे धरती में उपद्रव का प्रयास करते रहते हैं और अल्लाह उपद्रव करने वालों से प्रेम नहीं करता।
५:६५
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक أَهْلَ (the) People ahla
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब l-kitābi
अहले किताब ءَامَنُوا۟ ईमान लाते āmanū
ईमान लाते وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा करते wa-ittaqaw
और तक़वा करते لَكَفَّرْنَا अलबत्ता दूर कर देते हम lakaffarnā
अलबत्ता दूर कर देते हम عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे سَيِّـَٔاتِهِمْ बुराईयाँ उनकी sayyiātihim
बुराईयाँ उनकी وَلَأَدْخَلْنَـٰهُمْ और अलबत्ता हम दाख़िल करते उन्हें wala-adkhalnāhum
और अलबत्ता हम दाख़िल करते उन्हें جَنَّـٰتِ बाग़ों में jannāti
बाग़ों में ٱلنَّعِيمِ नेअमतों वाले l-naʿīmi
नेअमतों वाले ٦٥ (65)
(65)
और अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक أَهْلَ (the) People ahla
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब l-kitābi
अहले किताब ءَامَنُوا۟ ईमान लाते āmanū
ईमान लाते وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा करते wa-ittaqaw
और तक़वा करते لَكَفَّرْنَا अलबत्ता दूर कर देते हम lakaffarnā
अलबत्ता दूर कर देते हम عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे سَيِّـَٔاتِهِمْ बुराईयाँ उनकी sayyiātihim
बुराईयाँ उनकी وَلَأَدْخَلْنَـٰهُمْ और अलबत्ता हम दाख़िल करते उन्हें wala-adkhalnāhum
और अलबत्ता हम दाख़िल करते उन्हें جَنَّـٰتِ बाग़ों में jannāti
बाग़ों में ٱلنَّعِيمِ नेअमतों वाले l-naʿīmi
नेअमतों वाले ٦٥ (65)
(65)
और यदि वास्तव में अह्ले किताब ईमान ले आते तथा (अल्लाह से) डरते, तो हम अवश्य उनकी बुराइयाँ उनसे दूर कर देते और उन्हें अवश्य नेमतों वाली जन्नतों में दाखिल करते।
५:६६
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो أَقَامُوا۟ क़ायम करते aqāmū
क़ायम करते ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात को l-tawrāta
तौरात को وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील को wal-injīla
और इन्जील को وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِم तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से لَأَكَلُوا۟ अलबत्ता वो खाते la-akalū
अलबत्ता वो खाते مِن from min
from فَوْقِهِمْ अपने ऊपर से fawqihim
अपने ऊपर से وَمِن and from wamin
and from تَحْتِ और नीचे से taḥti
और नीचे से أَرْجُلِهِم ۚ अपने पाँव के arjulihim
अपने पाँव के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أُمَّةٌۭ एक गिरोह ummatun
एक गिरोह مُّقْتَصِدَةٌۭ ۖ मयाना रु है muq'taṣidatun
मयाना रु है وَكَثِيرٌۭ और बहुत से wakathīrun
और बहुत से مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से سَآءَ बहुत बुरा है sāa
बहुत बुरा है مَا जो mā
जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٦٦ (66)
(66)
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो أَقَامُوا۟ क़ायम करते aqāmū
क़ायम करते ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात को l-tawrāta
तौरात को وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील को wal-injīla
और इन्जील को وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِم तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से لَأَكَلُوا۟ अलबत्ता वो खाते la-akalū
अलबत्ता वो खाते مِن from min
from فَوْقِهِمْ अपने ऊपर से fawqihim
अपने ऊपर से وَمِن and from wamin
and from تَحْتِ और नीचे से taḥti
और नीचे से أَرْجُلِهِم ۚ अपने पाँव के arjulihim
अपने पाँव के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أُمَّةٌۭ एक गिरोह ummatun
एक गिरोह مُّقْتَصِدَةٌۭ ۖ मयाना रु है muq'taṣidatun
मयाना रु है وَكَثِيرٌۭ और बहुत से wakathīrun
और बहुत से مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से سَآءَ बहुत बुरा है sāa
बहुत बुरा है مَا जो mā
जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٦٦ (66)
(66)
तथा यदि वे वास्तव में तौरात और इंजील का पालन1 करते और उसका जो उनके पालनहार की तरफ़ से उनकी ओर उतारा गया है, तो निश्चय वे अपने ऊपर से तथा अपने पैरों के नीचे से2 खाते। उनमें से एक समूह मध्यम मार्ग पर है और उनमें से बहुत-से लोग जो कर रहे हैं, वह बहुत बुरा है।
५:६७
۞ يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल بَلِّغْ पहुँचा दीजिए balligh
पहुँचा दीजिए مَآ जो mā
जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना تَفْعَلْ आपने किया (ऐसा) tafʿal
आपने किया (ऐसा) فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं بَلَّغْتَ पहुँचाया आपने ballaghta
पहुँचाया आपने رِسَالَتَهُۥ ۚ पैग़ाम उसका risālatahu
पैग़ाम उसका وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْصِمُكَ वो बचाएगा आपको yaʿṣimuka
वो बचाएगा आपको مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ ۗ लोगों से l-nāsi
लोगों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उस क़ौम को l-qawma
उस क़ौम को ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर है l-kāfirīna
जो काफ़िर है ٦٧ (67)
(67)
ऐ ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल بَلِّغْ पहुँचा दीजिए balligh
पहुँचा दीजिए مَآ जो mā
जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना تَفْعَلْ आपने किया (ऐसा) tafʿal
आपने किया (ऐसा) فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं بَلَّغْتَ पहुँचाया आपने ballaghta
पहुँचाया आपने رِسَالَتَهُۥ ۚ पैग़ाम उसका risālatahu
पैग़ाम उसका وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْصِمُكَ वो बचाएगा आपको yaʿṣimuka
वो बचाएगा आपको مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ ۗ लोगों से l-nāsi
लोगों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उस क़ौम को l-qawma
उस क़ौम को ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर है l-kāfirīna
जो काफ़िर है ٦٧ (67)
(67)
ऐ रसूल! जो कुछ आपपर आपके पालनहार की ओर से उतारा गया है, उसे पहुँचा दें। और यदि आपने (ऐसा) न किया, तो आपने उसका संदेश नहीं पहुँचाया। और अल्लाह आपको लोगों से बचाएगा।2 निःसंदेह अल्लाह काफ़िर लोगों को मार्गदर्शन नहीं प्रदान करता।
५:६८
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لَسْتُمْ नहीं हो तुम lastum
नहीं हो तुम عَلَىٰ on ʿalā
on شَىْءٍ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تُقِيمُوا۟ तुम क़ायम करो tuqīmū
तुम क़ायम करो ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात को l-tawrāta
तौरात को وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील को wal-injīla
और इन्जील को وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۗ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَلَيَزِيدَنَّ और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा walayazīdanna
और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّآ जो कुछ mā
जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से طُغْيَـٰنًۭا सरकशी में ṭugh'yānan
सरकशी में وَكُفْرًۭا ۖ और कुफ़्र में wakuf'ran
और कुफ़्र में فَلَا पस ना falā
पस ना تَأْسَ आप अफ़सोस कीजिए tasa
आप अफ़सोस कीजिए عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَوْمِ इस क़ौम पर l-qawmi
इस क़ौम पर ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर है l-kāfirīna
जो काफ़िर है ٦٨ (68)
(68)
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لَسْتُمْ नहीं हो तुम lastum
नहीं हो तुम عَلَىٰ on ʿalā
on شَىْءٍ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تُقِيمُوا۟ तुम क़ायम करो tuqīmū
तुम क़ायम करो ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात को l-tawrāta
तौरात को وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील को wal-injīla
और इन्जील को وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۗ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَلَيَزِيدَنَّ और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा walayazīdanna
और अलबत्ता वो ज़रूर ज़्यादा कर देगा كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّآ जो कुछ mā
जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से طُغْيَـٰنًۭا सरकशी में ṭugh'yānan
सरकशी में وَكُفْرًۭا ۖ और कुफ़्र में wakuf'ran
और कुफ़्र में فَلَا पस ना falā
पस ना تَأْسَ आप अफ़सोस कीजिए tasa
आप अफ़सोस कीजिए عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَوْمِ इस क़ौम पर l-qawmi
इस क़ौम पर ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर है l-kāfirīna
जो काफ़िर है ٦٨ (68)
(68)
(ऐ नबी!) आप कह दें : ऐ अह्ले किताब! तुम किसी चीज़ पर नहीं हो, यहाँ तक कि तुम तौरात और इंजील को क़ायम करो1 और उसको जो तुम्हारी ओर तुम्हारे पालनहार की तरफ़ से उतारा गया है। तथा निश्चय जो कुछ आपकी ओर आपके पालनहार की तरफ़ से उतारा गया है, वह उनमें से बहुत से लोगों को उल्लंघन और कुफ़्र में अवश्य बढ़ा देगा। अतः आप काफ़िर लोगों पर दुखी न हों।
५:६९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और जो wa-alladhīna
और जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए وَٱلصَّـٰبِـُٔونَ और जो साबी हैं wal-ṣābiūna
और जो साबी हैं وَٱلنَّصَـٰرَىٰ और जो नसारा हैं wal-naṣārā
और जो नसारा हैं مَنْ जो कोई man
जो कोई ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई खौफ़ होगा khawfun
कोई खौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٦٩ (69)
(69)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और जो wa-alladhīna
और जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए وَٱلصَّـٰبِـُٔونَ और जो साबी हैं wal-ṣābiūna
और जो साबी हैं وَٱلنَّصَـٰرَىٰ और जो नसारा हैं wal-naṣārā
और जो नसारा हैं مَنْ जो कोई man
जो कोई ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई खौफ़ होगा khawfun
कोई खौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٦٩ (69)
(69)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और जो यहूदी बने, तथा साबी और ईसाई, जो भी अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान लाया और उसने अच्छा कर्म किया, तो उनपर न कोई डर है और न वे शोकाकुल1 होंगे।
५:७०
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद بَنِىٓ (from the) Children banī
(from the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से وَأَرْسَلْنَآ और भेजे हमने wa-arsalnā
और भेजे हमने إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके رُسُلًۭا ۖ कई रसूल rusulan
कई रसूल كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी جَآءَهُمْ आया उनके पास jāahum
आया उनके पास رَسُولٌۢ कोई रसूल rasūlun
कोई रसूल بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो لَا not lā
not تَهْوَىٰٓ नहीं चाहते थे tahwā
नहीं चाहते थे أَنفُسُهُمْ नफ़्स उनके anfusuhum
नफ़्स उनके فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया وَفَرِيقًۭا और एक गिरोह को wafarīqan
और एक गिरोह को يَقْتُلُونَ वो क़त्ल करते थे yaqtulūna
वो क़त्ल करते थे ٧٠ (70)
(70)
अलबत्ता तहक़ीक़ أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद بَنِىٓ (from the) Children banī
(from the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से وَأَرْسَلْنَآ और भेजे हमने wa-arsalnā
और भेजे हमने إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके رُسُلًۭا ۖ कई रसूल rusulan
कई रसूल كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी جَآءَهُمْ आया उनके पास jāahum
आया उनके पास رَسُولٌۢ कोई रसूल rasūlun
कोई रसूल بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो لَا not lā
not تَهْوَىٰٓ नहीं चाहते थे tahwā
नहीं चाहते थे أَنفُسُهُمْ नफ़्स उनके anfusuhum
नफ़्स उनके فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया وَفَرِيقًۭا और एक गिरोह को wafarīqan
और एक गिरोह को يَقْتُلُونَ वो क़त्ल करते थे yaqtulūna
वो क़त्ल करते थे ٧٠ (70)
(70)
निःसंदेह हमने बनी इसराईल से दृढ़ वचन लिया तथा उनकी ओर कई रसूल भेजे। जब कभी कोई रसूल उनके पास वह चीज़ लेकर आया, जिसे उनके दिल नहीं चाहते थे, तो उन्होंने एक गिरोह को झुठला दिया तथा एक गिरोह को क़त्ल करते रहे।
५:७१
وَحَسِبُوٓا۟
और उन्होंने समझा
waḥasibū
और उन्होंने समझा أَلَّا कि ना allā
कि ना تَكُونَ होगा takūna
होगा فِتْنَةٌۭ कोई फ़ितना fit'natun
कोई फ़ितना فَعَمُوا۟ तो वो अन्धे हो गए faʿamū
तो वो अन्धे हो गए وَصَمُّوا۟ और वो बहरे हो गए waṣammū
और वो बहरे हो गए ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ मेहरबान हुआ tāba
मेहरबान हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ثُمَّ फिर thumma
फिर عَمُوا۟ वो अन्धे हो गए ʿamū
वो अन्धे हो गए وَصَمُّوا۟ और बहरे हो गए waṣammū
और बहरे हो गए كَثِيرٌۭ अक्सर kathīrun
अक्सर مِّنْهُمْ ۚ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٧١ (71)
(71)
और उन्होंने समझा أَلَّا कि ना allā
कि ना تَكُونَ होगा takūna
होगा فِتْنَةٌۭ कोई फ़ितना fit'natun
कोई फ़ितना فَعَمُوا۟ तो वो अन्धे हो गए faʿamū
तो वो अन्धे हो गए وَصَمُّوا۟ और वो बहरे हो गए waṣammū
और वो बहरे हो गए ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ मेहरबान हुआ tāba
मेहरबान हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ثُمَّ फिर thumma
फिर عَمُوا۟ वो अन्धे हो गए ʿamū
वो अन्धे हो गए وَصَمُّوا۟ और बहरे हो गए waṣammū
और बहरे हो गए كَثِيرٌۭ अक्सर kathīrun
अक्सर مِّنْهُمْ ۚ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٧١ (71)
(71)
तथा उन्होंने सोचा कि कोई फ़ितना (परीक्षण या दंड) नहीं होगा, इसलिए वे अंधे और बहरे हो गए। फिर अल्लाह ने उन्हें क्षमा कर दिया। फिर उनमें से बहुत से अंधे और बहरे हो गए। तथा अल्लाह ख़ूब देखने वाला है, जो वे करते हैं।
५:७२
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने alladhīna
उन लोगों ने قَالُوٓا۟ जिन्होंने कहा qālū
जिन्होंने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْمَسِيحُ (is) the Messiah l-masīḥu
(is) the Messiah ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ۖ मसीह इब्ने मरियम है maryama
मसीह इब्ने मरियम है وَقَالَ और कहा था waqāla
और कहा था ٱلْمَسِيحُ मसीह ने l-masīḥu
मसीह ने يَـٰبَنِىٓ O Children yābanī
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की رَبِّى जो रब है मेरा rabbī
जो रब है मेरा وَرَبَّكُمْ ۖ और रब है तुम्हारा warabbakum
और रब है तुम्हारा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो مَن जो man
जो يُشْرِكْ शिर्क करे yush'rik
शिर्क करे بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ حَرَّمَ हराम ठहरा दी ḥarrama
हराम ठहरा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْجَنَّةَ जन्नत l-janata
जन्नत وَمَأْوَىٰهُ और ठिकाना उसका wamawāhu
और ठिकाना उसका ٱلنَّارُ ۖ आग है l-nāru
आग है وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है لِلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़लिमों के लिए مِنْ any min
any أَنصَارٍۢ कोई मददगार anṣārin
कोई मददगार ٧٢ (72)
(72)
अलबत्ता तहक़ीक़ كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने alladhīna
उन लोगों ने قَالُوٓا۟ जिन्होंने कहा qālū
जिन्होंने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْمَسِيحُ (is) the Messiah l-masīḥu
(is) the Messiah ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ۖ मसीह इब्ने मरियम है maryama
मसीह इब्ने मरियम है وَقَالَ और कहा था waqāla
और कहा था ٱلْمَسِيحُ मसीह ने l-masīḥu
मसीह ने يَـٰبَنِىٓ O Children yābanī
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की رَبِّى जो रब है मेरा rabbī
जो रब है मेरा وَرَبَّكُمْ ۖ और रब है तुम्हारा warabbakum
और रब है तुम्हारा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो مَن जो man
जो يُشْرِكْ शिर्क करे yush'rik
शिर्क करे بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ حَرَّمَ हराम ठहरा दी ḥarrama
हराम ठहरा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْجَنَّةَ जन्नत l-janata
जन्नत وَمَأْوَىٰهُ और ठिकाना उसका wamawāhu
और ठिकाना उसका ٱلنَّارُ ۖ आग है l-nāru
आग है وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है لِلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़लिमों के लिए مِنْ any min
any أَنصَارٍۢ कोई मददगार anṣārin
कोई मददगार ٧٢ (72)
(72)
निःसंदेह उन लोगों ने कुफ़्र किया, जिन्होंने कहा कि निःसंदेह अल्लाह1 तो मरयम का बेटा मसीह ही है। जबकि मसीह ने कहा : ऐ बनी इसराईल! अल्लाह की इबादत करो, जो मेरा पालनहार तथा तुम्हारा पालनहार है। निःसंदेह सच्चाई यह है कि जो भी अल्लाह के साथ साझी बनाए, तो निश्चय उसपर अल्लाह ने जन्नत हराम (वर्जित) कर दी और उसका ठिकाना आग (जहन्नम) है। तथा अत्याचारियों के लिए कोई मदद करने वाले नहीं।
५:७३
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने alladhīna
उन लोगों ने قَالُوٓا۟ जिन्होंने कहा qālū
जिन्होंने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ثَالِثُ तीसरा है thālithu
तीसरा है ثَلَـٰثَةٍۢ ۘ तीन का thalāthatin
तीन का وَمَا और नहीं wamā
और नहीं مِنْ [of] min
[of] إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّآ मगर illā
मगर إِلَـٰهٌۭ इलाह ilāhun
इलाह وَٰحِدٌۭ ۚ एक ही wāḥidun
एक ही وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना يَنتَهُوا۟ वो बाज़ आए yantahū
वो बाज़ आए عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं لَيَمَسَّنَّ अलबत्ता ज़रूर पहुँचेगा layamassanna
अलबत्ता ज़रूर पहुँचेगा ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٣ (73)
(73)
अलबत्ता तहक़ीक़ كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने alladhīna
उन लोगों ने قَالُوٓا۟ जिन्होंने कहा qālū
जिन्होंने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ثَالِثُ तीसरा है thālithu
तीसरा है ثَلَـٰثَةٍۢ ۘ तीन का thalāthatin
तीन का وَمَا और नहीं wamā
और नहीं مِنْ [of] min
[of] إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّآ मगर illā
मगर إِلَـٰهٌۭ इलाह ilāhun
इलाह وَٰحِدٌۭ ۚ एक ही wāḥidun
एक ही وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना يَنتَهُوا۟ वो बाज़ आए yantahū
वो बाज़ आए عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं لَيَمَسَّنَّ अलबत्ता ज़रूर पहुँचेगा layamassanna
अलबत्ता ज़रूर पहुँचेगा ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٣ (73)
(73)
निःसंदेह उन लोगों ने कुफ़्र किया, जिन्होंने कहा : निःसंदेह अल्लाह तीन में से तीसरा है! हालाँकि कोई भी पूज्य नहीं है, परंतु एक पूज्य। और यदि वे उससे नहीं रुके जो वे कहते हैं, तो निश्चय उनमें से जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्हें अवश्य दर्दनाक यातना पहुँचेगी।
५:७४
أَفَلَا
क्या भला नहीं
afalā
क्या भला नहीं يَتُوبُونَ वो तौबा करेंगे yatūbūna
वो तौबा करेंगे إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَيَسْتَغْفِرُونَهُۥ ۚ और वो बख़्शिश माँगेंगे उससे wayastaghfirūnahu
और वो बख़्शिश माँगेंगे उससे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٧٤ (74)
(74)
क्या भला नहीं يَتُوبُونَ वो तौबा करेंगे yatūbūna
वो तौबा करेंगे إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَيَسْتَغْفِرُونَهُۥ ۚ और वो बख़्शिश माँगेंगे उससे wayastaghfirūnahu
और वो बख़्शिश माँगेंगे उससे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٧٤ (74)
(74)
तो क्या वे अल्लाह के समक्ष तौबा नहीं करते तथा उससे क्षमा याचना नहीं करते, और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
५:७५
مَّا
नहीं
mā
नहीं ٱلْمَسِيحُ (is) the Messiah l-masīḥu
(is) the Messiah ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ मसीह इब्ने मरियम maryama
मसीह इब्ने मरियम إِلَّا मगर illā
मगर رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुके khalat
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِهِ उससे क़ब्ल qablihi
उससे क़ब्ल ٱلرُّسُلُ कई रसूल l-rusulu
कई रसूल وَأُمُّهُۥ और उसकी माँ wa-ummuhu
और उसकी माँ صِدِّيقَةٌۭ ۖ बहुत सच्ची थी ṣiddīqatun
बहुत सच्ची थी كَانَا थे वो kānā
थे वो يَأْكُلَانِ वो दोनों खाया करते yakulāni
वो दोनों खाया करते ٱلطَّعَامَ ۗ खाना l-ṭaʿāma
खाना ٱنظُرْ देखिए unẓur
देखिए كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُبَيِّنُ हम वाज़ेह करते हैं nubayyinu
हम वाज़ेह करते हैं لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱنظُرْ देखिए unẓur
देखिए أَنَّىٰ कहाँ से annā
कहाँ से يُؤْفَكُونَ वो फेरे जाते हैं yu'fakūna
वो फेरे जाते हैं ٧٥ (75)
(75)
नहीं ٱلْمَسِيحُ (is) the Messiah l-masīḥu
(is) the Messiah ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ मसीह इब्ने मरियम maryama
मसीह इब्ने मरियम إِلَّا मगर illā
मगर رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुके khalat
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِهِ उससे क़ब्ल qablihi
उससे क़ब्ल ٱلرُّسُلُ कई रसूल l-rusulu
कई रसूल وَأُمُّهُۥ और उसकी माँ wa-ummuhu
और उसकी माँ صِدِّيقَةٌۭ ۖ बहुत सच्ची थी ṣiddīqatun
बहुत सच्ची थी كَانَا थे वो kānā
थे वो يَأْكُلَانِ वो दोनों खाया करते yakulāni
वो दोनों खाया करते ٱلطَّعَامَ ۗ खाना l-ṭaʿāma
खाना ٱنظُرْ देखिए unẓur
देखिए كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُبَيِّنُ हम वाज़ेह करते हैं nubayyinu
हम वाज़ेह करते हैं لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱنظُرْ देखिए unẓur
देखिए أَنَّىٰ कहाँ से annā
कहाँ से يُؤْفَكُونَ वो फेरे जाते हैं yu'fakūna
वो फेरे जाते हैं ٧٥ (75)
(75)
मरयम का बेटा मसीह एक रसूल के सिवा कुछ नहीं। निश्चय उससे पहले बहुत-से रसूल गुज़र चुके और उसकी माँ सिद्दीक़ा (अत्यंत सच्ची) है। दोनों खाना खाया करते थे। देखो, हम उनके लिए किस तरह निशानियाँ स्पष्ट करते हैं। फिर देखो, वे किस तरह फेरे1 जाते हैं।
५:७६
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَتَعْبُدُونَ क्या तुम इबादत करते हो ataʿbudūna
क्या तुम इबादत करते हो مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا not lā
not يَمْلِكُ नहीं मिल्कियत रखता yamliku
नहीं मिल्कियत रखता لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ضَرًّۭا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًۭا ۚ किसी नफ़ा के nafʿan
किसी नफ़ा के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला ٧٦ (76)
(76)
कह दीजिए أَتَعْبُدُونَ क्या तुम इबादत करते हो ataʿbudūna
क्या तुम इबादत करते हो مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا not lā
not يَمْلِكُ नहीं मिल्कियत रखता yamliku
नहीं मिल्कियत रखता لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ضَرًّۭا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًۭا ۚ किसी नफ़ा के nafʿan
किसी नफ़ा के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला ٧٦ (76)
(76)
आप कह दें : क्या तुम अल्लाह के सिवा उसकी इबादत करते हो, जो तुम्हारे लिए न किसी हानि का मालिक है और न लाभ का? तथा अल्लाह ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
५:७७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لَا (Do) not lā
(Do) not تَغْلُوا۟ ना तुम ग़ुलुव करो taghlū
ना तुम ग़ुलुव करो فِى in fī
in دِينِكُمْ अपने दीन में dīnikum
अपने दीन में غَيْرَ बग़ैर ghayra
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوٓا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो أَهْوَآءَ ख़्वाहिशात की ahwāa
ख़्वाहिशात की قَوْمٍۢ एक क़ौम की qawmin
एक क़ौम की قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो गुमराह हो गए ḍallū
वो गुमराह हो गए مِن from min
from قَبْلُ उससे पहले qablu
उससे पहले وَأَضَلُّوا۟ और उन्होंने गुमराह किया wa-aḍallū
और उन्होंने गुमराह किया كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को وَضَلُّوا۟ और वो भटक गए waḍallū
और वो भटक गए عَن from ʿan
from سَوَآءِ (the) right sawāi
(the) right ٱلسَّبِيلِ सीधे रास्ते से l-sabīli
सीधे रास्ते से ٧٧ (77)
(77)
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لَا (Do) not lā
(Do) not تَغْلُوا۟ ना तुम ग़ुलुव करो taghlū
ना तुम ग़ुलुव करो فِى in fī
in دِينِكُمْ अपने दीन में dīnikum
अपने दीन में غَيْرَ बग़ैर ghayra
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوٓا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो أَهْوَآءَ ख़्वाहिशात की ahwāa
ख़्वाहिशात की قَوْمٍۢ एक क़ौम की qawmin
एक क़ौम की قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो गुमराह हो गए ḍallū
वो गुमराह हो गए مِن from min
from قَبْلُ उससे पहले qablu
उससे पहले وَأَضَلُّوا۟ और उन्होंने गुमराह किया wa-aḍallū
और उन्होंने गुमराह किया كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को وَضَلُّوا۟ और वो भटक गए waḍallū
और वो भटक गए عَن from ʿan
from سَوَآءِ (the) right sawāi
(the) right ٱلسَّبِيلِ सीधे रास्ते से l-sabīli
सीधे रास्ते से ٧٧ (77)
(77)
(ऐ नबी!) कह दो : ऐ अह्ले किताब! अपने धर्म में नाहक़ अतिशयोक्ति न करो1 और उन लोगों की इच्छाओं के पीछे न चलो, जो इससे पहले पथभ्रष्ट2 हुए और बहुतों को पथभ्रष्ट किया और सीधे मार्ग से भटक गए।
५:७८
لُعِنَ
लानत किए गए
luʿina
लानत किए गए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنۢ from min
from بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल में से is'rāīla
बनी इस्राईल में से عَلَىٰ by ʿalā
by لِسَانِ ज़बान पर lisāni
ज़बान पर دَاوُۥدَ दाऊद की dāwūda
दाऊद की وَعِيسَى and Isa waʿīsā
and Isa ٱبْنِ son ib'ni
son مَرْيَمَ ۚ और ईसा इब्ने मरियम की maryama
और ईसा इब्ने मरियम की ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَصَوا۟ उन्होंने नाफ़रमानी की ʿaṣaw
उन्होंने नाफ़रमानी की وَّكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَعْتَدُونَ वो हद से बढ़ जाते yaʿtadūna
वो हद से बढ़ जाते ٧٨ (78)
(78)
लानत किए गए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنۢ from min
from بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल में से is'rāīla
बनी इस्राईल में से عَلَىٰ by ʿalā
by لِسَانِ ज़बान पर lisāni
ज़बान पर دَاوُۥدَ दाऊद की dāwūda
दाऊद की وَعِيسَى and Isa waʿīsā
and Isa ٱبْنِ son ib'ni
son مَرْيَمَ ۚ और ईसा इब्ने मरियम की maryama
और ईसा इब्ने मरियम की ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَصَوا۟ उन्होंने नाफ़रमानी की ʿaṣaw
उन्होंने नाफ़रमानी की وَّكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَعْتَدُونَ वो हद से बढ़ जाते yaʿtadūna
वो हद से बढ़ जाते ٧٨ (78)
(78)
बनी इसराईल में से जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनपर दाऊद तथा मरयम के बेटे ईसा की ज़बान पर ला'नत (धिक्कार)1 की गई। यह इस कारण कि उन्होंने अवज्ञा की तथा वे हद से आगे बढ़ते थे।
५:७९
كَانُوا۟
थे वो
kānū
थे वो لَا not lā
not يَتَنَاهَوْنَ ना वो रोकते एक दूसरे को yatanāhawna
ना वो रोकते एक दूसरे को عَن from ʿan
from مُّنكَرٍۢ किसी बुराई से munkarin
किसी बुराई से فَعَلُوهُ ۚ वो करते थे जिसे faʿalūhu
वो करते थे जिसे لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْعَلُونَ वो करते yafʿalūna
वो करते ٧٩ (79)
(79)
थे वो لَا not lā
not يَتَنَاهَوْنَ ना वो रोकते एक दूसरे को yatanāhawna
ना वो रोकते एक दूसरे को عَن from ʿan
from مُّنكَرٍۢ किसी बुराई से munkarin
किसी बुराई से فَعَلُوهُ ۚ वो करते थे जिसे faʿalūhu
वो करते थे जिसे لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْعَلُونَ वो करते yafʿalūna
वो करते ٧٩ (79)
(79)
वे एक-दूसरे को किसी बुराई से, जो उन्होंने की होती, रोकते न थे। निःसंदेह बहुत बुरा था, जो वे किया करते थे।1
५:८०
تَرَىٰ
आप देखेंगे
tarā
आप देखेंगे كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَتَوَلَّوْنَ वो दोस्ती करते हैं yatawallawna
वो दोस्ती करते हैं ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَنفُسُهُمْ उनके नफ़्सों ने anfusuhum
उनके नफ़्सों ने أَن ये कि an
ये कि سَخِطَ नाराज़ हुआ sakhiṭa
नाराज़ हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَفِى and in wafī
and in ٱلْعَذَابِ और अज़ाब में l-ʿadhābi
और अज़ाब में هُمْ वो hum
वो خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٨٠ (80)
(80)
आप देखेंगे كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَتَوَلَّوْنَ वो दोस्ती करते हैं yatawallawna
वो दोस्ती करते हैं ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَبِئْسَ अलबत्ता कितना बुरा है labi'sa
अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَنفُسُهُمْ उनके नफ़्सों ने anfusuhum
उनके नफ़्सों ने أَن ये कि an
ये कि سَخِطَ नाराज़ हुआ sakhiṭa
नाराज़ हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَفِى and in wafī
and in ٱلْعَذَابِ और अज़ाब में l-ʿadhābi
और अज़ाब में هُمْ वो hum
वो خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٨٠ (80)
(80)
आप उनमें से बहुतेरे लोगों को देखेंगे कि वे उन लोगों से मित्रता रखते हैं, जिन्होंने कुफ़्र किया। निश्चय बुरा है जो उन्होंने अपने लिए आगे भेजा कि अल्लाह उनपर क्रुद्ध हो गया तथा यातना ही में वे हमेशा रहने वाले हैं।
५:८१
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلنَّبِىِّ और नबी पर wal-nabiyi
और नबी पर وَمَآ और जो कुछ wamā
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِ तरफ़ उनके ilayhi
तरफ़ उनके مَا ना mā
ना ٱتَّخَذُوهُمْ वो बनाते उन्हें ittakhadhūhum
वो बनाते उन्हें أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से فَـٰسِقُونَ नाफ़रमान हैं fāsiqūna
नाफ़रमान हैं ٨١ (81)
(81)
और अगर كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلنَّبِىِّ और नबी पर wal-nabiyi
और नबी पर وَمَآ और जो कुछ wamā
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِ तरफ़ उनके ilayhi
तरफ़ उनके مَا ना mā
ना ٱتَّخَذُوهُمْ वो बनाते उन्हें ittakhadhūhum
वो बनाते उन्हें أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से فَـٰسِقُونَ नाफ़रमान हैं fāsiqūna
नाफ़रमान हैं ٨١ (81)
(81)
और यदि वे अल्लाह और नबी पर और उसपर ईमान रखते होते जो उसकी ओर उतारा गया है, तो उन्हें मित्र न बनाते1, लेकिन उनमें से बहुत से अवज्ञाकारी हैं।
५:८२
۞ لَتَجِدَنَّ
अलबत्ता आप ज़रूर पाऐंगे
latajidanna
अलबत्ता आप ज़रूर पाऐंगे أَشَدَّ सबसे ज़्यादा सख़्त ashadda
सबसे ज़्यादा सख़्त ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से عَدَٰوَةًۭ अदावत/दुश्मनी में ʿadāwatan
अदावत/दुश्मनी में لِّلَّذِينَ उन लोगों के लिए जो lilladhīna
उन लोगों के लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱلْيَهُودَ यहूद को l-yahūda
यहूद को وَٱلَّذِينَ और उनको जिन्होंने wa-alladhīna
और उनको जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ ۖ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया وَلَتَجِدَنَّ और अलबत्ता आप ज़रूर पाऐंगे walatajidanna
और अलबत्ता आप ज़रूर पाऐंगे أَقْرَبَهُم सबसे क़रीब उनमें aqrabahum
सबसे क़रीब उनमें مَّوَدَّةًۭ मोहब्बत में mawaddatan
मोहब्बत में لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम نَصَـٰرَىٰ ۚ नसारा हैं naṣārā
नसारा हैं ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّ बवजह उसके कि bi-anna
बवजह उसके कि مِنْهُمْ उनमें min'hum
उनमें قِسِّيسِينَ उलेमा हैं qissīsīna
उलेमा हैं وَرُهْبَانًۭا और राहिब हैं waruh'bānan
और राहिब हैं وَأَنَّهُمْ और बेशक वो wa-annahum
और बेशक वो لَا (are) not lā
(are) not يَسْتَكْبِرُونَ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते ٨٢ (82)
(82)
अलबत्ता आप ज़रूर पाऐंगे أَشَدَّ सबसे ज़्यादा सख़्त ashadda
सबसे ज़्यादा सख़्त ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से عَدَٰوَةًۭ अदावत/दुश्मनी में ʿadāwatan
अदावत/दुश्मनी में لِّلَّذِينَ उन लोगों के लिए जो lilladhīna
उन लोगों के लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱلْيَهُودَ यहूद को l-yahūda
यहूद को وَٱلَّذِينَ और उनको जिन्होंने wa-alladhīna
और उनको जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ ۖ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया وَلَتَجِدَنَّ और अलबत्ता आप ज़रूर पाऐंगे walatajidanna
और अलबत्ता आप ज़रूर पाऐंगे أَقْرَبَهُم सबसे क़रीब उनमें aqrabahum
सबसे क़रीब उनमें مَّوَدَّةًۭ मोहब्बत में mawaddatan
मोहब्बत में لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम نَصَـٰرَىٰ ۚ नसारा हैं naṣārā
नसारा हैं ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّ बवजह उसके कि bi-anna
बवजह उसके कि مِنْهُمْ उनमें min'hum
उनमें قِسِّيسِينَ उलेमा हैं qissīsīna
उलेमा हैं وَرُهْبَانًۭا और राहिब हैं waruh'bānan
और राहिब हैं وَأَنَّهُمْ और बेशक वो wa-annahum
और बेशक वो لَا (are) not lā
(are) not يَسْتَكْبِرُونَ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते ٨٢ (82)
(82)
(ऐ नबी!) निश्चय आप उन लोगों के लिए जो ईमान लाए हैं, सब लोगों से अधिक सख़्त दुश्मनी रखने वाले यहूदियों को तथा उन लोगों को पाएँगे, जिन्होंने शिर्क किया। तथा निश्चय आप उन लोगों के लिए जो ईमान लाए हैं, उनमें से मित्रता में सबसे निकट उनको पाएँगे, जिन्होंने कहा निःसंदेह हम ईसाई हैं। यह इसलिए कि निःसंदेह उनमें विद्वान तथा पादरी (उपासक) हैं और इसलिए कि निःसंदेह वे अभिमान1 नहीं करते।
५:८३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब سَمِعُوا۟ वो सुनते हैं samiʿū
वो सुनते हैं مَآ जो mā
जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَى to ilā
to ٱلرَّسُولِ तरफ़ रसूल के l-rasūli
तरफ़ रसूल के تَرَىٰٓ आप देखते हैं tarā
आप देखते हैं أَعْيُنَهُمْ उनकी आँखों को aʿyunahum
उनकी आँखों को تَفِيضُ बह पड़ती हैं tafīḍu
बह पड़ती हैं مِنَ with mina
with ٱلدَّمْعِ आँसुओं से l-damʿi
आँसुओं से مِمَّا इस (वजह) से जो mimmā
इस (वजह) से जो عَرَفُوا۟ उन्होंने पहचान लिया ʿarafū
उन्होंने पहचान लिया مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ ۖ हक़ को l-ḥaqi
हक़ को يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम فَٱكْتُبْنَا पस लिख दे हमें fa-uk'tub'nā
पस लिख दे हमें مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلشَّـٰهِدِينَ शहादत देने वालों के l-shāhidīna
शहादत देने वालों के ٨٣ (83)
(83)
और जब سَمِعُوا۟ वो सुनते हैं samiʿū
वो सुनते हैं مَآ जो mā
जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَى to ilā
to ٱلرَّسُولِ तरफ़ रसूल के l-rasūli
तरफ़ रसूल के تَرَىٰٓ आप देखते हैं tarā
आप देखते हैं أَعْيُنَهُمْ उनकी आँखों को aʿyunahum
उनकी आँखों को تَفِيضُ बह पड़ती हैं tafīḍu
बह पड़ती हैं مِنَ with mina
with ٱلدَّمْعِ आँसुओं से l-damʿi
आँसुओं से مِمَّا इस (वजह) से जो mimmā
इस (वजह) से जो عَرَفُوا۟ उन्होंने पहचान लिया ʿarafū
उन्होंने पहचान लिया مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ ۖ हक़ को l-ḥaqi
हक़ को يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम فَٱكْتُبْنَا पस लिख दे हमें fa-uk'tub'nā
पस लिख दे हमें مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلشَّـٰهِدِينَ शहादत देने वालों के l-shāhidīna
शहादत देने वालों के ٨٣ (83)
(83)
तथा जब वे उस (क़ुरआन) को सुनते हैं, जो रसूल की ओर उतारा गया है, तो आप देखते हैं कि उनकी आँखें आँसुओं से बह रही होती हैं, इस कारण कि उन्होंने सत्य को पहचान लिया। वे कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! हम ईमान ले आए। अतः हमें (सत्य) की गवाही देने वालों के साथ लिख1 ले।
५:८४
وَمَا
और क्या है
wamā
और क्या है لَنَا हमें lanā
हमें لَا not lā
not نُؤْمِنُ कि ना हम ईमान लाऐं nu'minu
कि ना हम ईमान लाऐं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَا और (उस पर) जो wamā
और (उस पर) जो جَآءَنَا आया हमारे पास jāanā
आया हमारे पास مِنَ from mina
from ٱلْحَقِّ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से وَنَطْمَعُ और हम उम्मीद रखते हैं wanaṭmaʿu
और हम उम्मीद रखते हैं أَن कि an
कि يُدْخِلَنَا दाख़िल करेगा हमें yud'khilanā
दाख़िल करेगा हमें رَبُّنَا रब हमारा rabbunā
रब हमारा مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْقَوْمِ उन लोगों के l-qawmi
उन लोगों के ٱلصَّـٰلِحِينَ जो सालेह हैं l-ṣāliḥīna
जो सालेह हैं ٨٤ (84)
(84)
और क्या है لَنَا हमें lanā
हमें لَا not lā
not نُؤْمِنُ कि ना हम ईमान लाऐं nu'minu
कि ना हम ईमान लाऐं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَا और (उस पर) जो wamā
और (उस पर) जो جَآءَنَا आया हमारे पास jāanā
आया हमारे पास مِنَ from mina
from ٱلْحَقِّ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से وَنَطْمَعُ और हम उम्मीद रखते हैं wanaṭmaʿu
और हम उम्मीद रखते हैं أَن कि an
कि يُدْخِلَنَا दाख़िल करेगा हमें yud'khilanā
दाख़िल करेगा हमें رَبُّنَا रब हमारा rabbunā
रब हमारा مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْقَوْمِ उन लोगों के l-qawmi
उन लोगों के ٱلصَّـٰلِحِينَ जो सालेह हैं l-ṣāliḥīna
जो सालेह हैं ٨٤ (84)
(84)
और हमें क्या है कि हम अल्लाह पर तथा उस सत्य पर ईमान न लाएँ, जो हमारे पास आया है? जबकि हम आशा रखते हैं कि हमारा पालनहार हमें सदाचारियों के साथ दाखिल कर लेगा।
५:८५
فَأَثَـٰبَهُمُ
पस बदले में दिया उन्हें
fa-athābahumu
पस बदले में दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात को jannātin
बाग़ात को تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये جَزَآءُ बदला है jazāu
बदला है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों का l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों का ٨٥ (85)
(85)
पस बदले में दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात को jannātin
बाग़ात को تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये جَزَآءُ बदला है jazāu
बदला है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों का l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों का ٨٥ (85)
(85)
तो अल्लाह ने उनके यह कहने के बदले में उन्हें ऐसे बाग़ प्रदान किए, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, जिनमें वे सदैव रहने वाले हैं तथा यही सत्कर्मियों का बदला है।
५:८६
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَكَذَّبُوا۟ और उन्होंने झुठलाया wakadhabū
और उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٨٦ (86)
(86)
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَكَذَّبُوا۟ और उन्होंने झुठलाया wakadhabū
और उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٨٦ (86)
(86)
तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वही लोग भड़कती आग वाले हैं।
५:८७
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تُحَرِّمُوا۟ ना तुम हराम करो tuḥarrimū
ना तुम हराम करो طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ें ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ें مَآ जो mā
जो أَحَلَّ हलाल कीं aḥalla
हलाल कीं ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَا और ना walā
और ना تَعْتَدُوٓا۟ ۚ तुम हद से तजावुज़ करो taʿtadū
तुम हद से तजावुज़ करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों को l-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों को ٨٧ (87)
(87)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تُحَرِّمُوا۟ ना तुम हराम करो tuḥarrimū
ना तुम हराम करो طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ें ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ें مَآ जो mā
जो أَحَلَّ हलाल कीं aḥalla
हलाल कीं ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَا और ना walā
और ना تَعْتَدُوٓا۟ ۚ तुम हद से तजावुज़ करो taʿtadū
तुम हद से तजावुज़ करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों को l-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों को ٨٧ (87)
(87)
ऐ ईमान वालो! उन स्वच्छ पवित्र चीज़ों को, जो अल्लाह ने तुम्हारे लिए हलाल (वैध) की हैं, हराम (अवैध)1 न ठहराओ और सीमा से आगे न बढ़ो। निःसंदेह अल्लाह हद से आगे बढ़ने वालों2 से प्रेम नहीं करता।
५:८८
وَكُلُوا۟
और खाओ
wakulū
और खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقَكُمُ रिज़्क़ दिया तुम्हें razaqakumu
रिज़्क़ दिया तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने حَلَـٰلًۭا हलाल ḥalālan
हलाल طَيِّبًۭا ۚ पाकीज़ा ṭayyiban
पाकीज़ा وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَنتُم तुम antum
तुम بِهِۦ जिस पर bihi
जिस पर مُؤْمِنُونَ ईमान रखते हो mu'minūna
ईमान रखते हो ٨٨ (88)
(88)
और खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقَكُمُ रिज़्क़ दिया तुम्हें razaqakumu
रिज़्क़ दिया तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने حَلَـٰلًۭا हलाल ḥalālan
हलाल طَيِّبًۭا ۚ पाकीज़ा ṭayyiban
पाकीज़ा وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَنتُم तुम antum
तुम بِهِۦ जिस पर bihi
जिस पर مُؤْمِنُونَ ईमान रखते हो mu'minūna
ईमान रखते हो ٨٨ (88)
(88)
तथा अल्लाह ने तुम्हें जो कुछ दिया है, उसमें से हलाल, पवित्र (चीज़) खाओ और उस अल्लाह से डरो, जिसपर तुम ईमान रखते हो।
५:८९
لَا
Not
lā
Not يُؤَاخِذُكُمُ नहीं मुआख़ज़ा करता तुम्हारा yuākhidhukumu
नहीं मुआख़ज़ा करता तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِٱللَّغْوِ लग़्व पर bil-laghwi
लग़्व पर فِىٓ in fī
in أَيْمَـٰنِكُمْ तुम्हारी क़समों में aymānikum
तुम्हारी क़समों में وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन يُؤَاخِذُكُم वो मुआख़ज़ा करता है तुम्हारा yuākhidhukum
वो मुआख़ज़ा करता है तुम्हारा بِمَا उन पर जो bimā
उन पर जो عَقَّدتُّمُ मज़बूत बाँधीं तुम ने ʿaqqadttumu
मज़बूत बाँधीं तुम ने ٱلْأَيْمَـٰنَ ۖ क़समें l-aymāna
क़समें فَكَفَّـٰرَتُهُۥٓ तो कफ़्फ़ारा है उसका fakaffāratuhu
तो कफ़्फ़ारा है उसका إِطْعَامُ खाना खिलाना iṭ'ʿāmu
खाना खिलाना عَشَرَةِ दस ʿasharati
दस مَسَـٰكِينَ मिस्कीनों को masākīna
मिस्कीनों को مِنْ of min
of أَوْسَطِ औसत दर्जे का awsaṭi
औसत दर्जे का مَا जो mā
जो تُطْعِمُونَ तुम खिलाते हो tuṭ'ʿimūna
तुम खिलाते हो أَهْلِيكُمْ अपने घर वालों को ahlīkum
अपने घर वालों को أَوْ या aw
या كِسْوَتُهُمْ कपड़े पहनाना उन्हें kis'watuhum
कपड़े पहनाना उन्हें أَوْ या aw
या تَحْرِيرُ आज़ाद करना taḥrīru
आज़ाद करना رَقَبَةٍۢ ۖ एक गर्दन का raqabatin
एक गर्दन का فَمَن पस जो कोई faman
पस जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَجِدْ पाए yajid
पाए فَصِيَامُ तो रोज़े रखना हैं faṣiyāmu
तो रोज़े रखना हैं ثَلَـٰثَةِ तीन thalāthati
तीन أَيَّامٍۢ ۚ दिनों के ayyāmin
दिनों के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये كَفَّـٰرَةُ कफ़्फ़ारा है kaffāratu
कफ़्फ़ारा है أَيْمَـٰنِكُمْ तुम्हारी क़समों का aymānikum
तुम्हारी क़समों का إِذَا जब idhā
जब حَلَفْتُمْ ۚ क़सम खाओ तुम ḥalaftum
क़सम खाओ तुम وَٱحْفَظُوٓا۟ और हिफ़ाज़त किया करो wa-iḥ'faẓū
और हिफ़ाज़त किया करो أَيْمَـٰنَكُمْ ۚ अपनी क़समों की aymānakum
अपनी क़समों की كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَـٰتِهِۦ अपनी आयात को āyātihi
अपनी आयात को لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र करो tashkurūna
तुम शुक्र करो ٨٩ (89)
(89)
Not يُؤَاخِذُكُمُ नहीं मुआख़ज़ा करता तुम्हारा yuākhidhukumu
नहीं मुआख़ज़ा करता तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِٱللَّغْوِ लग़्व पर bil-laghwi
लग़्व पर فِىٓ in fī
in أَيْمَـٰنِكُمْ तुम्हारी क़समों में aymānikum
तुम्हारी क़समों में وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन يُؤَاخِذُكُم वो मुआख़ज़ा करता है तुम्हारा yuākhidhukum
वो मुआख़ज़ा करता है तुम्हारा بِمَا उन पर जो bimā
उन पर जो عَقَّدتُّمُ मज़बूत बाँधीं तुम ने ʿaqqadttumu
मज़बूत बाँधीं तुम ने ٱلْأَيْمَـٰنَ ۖ क़समें l-aymāna
क़समें فَكَفَّـٰرَتُهُۥٓ तो कफ़्फ़ारा है उसका fakaffāratuhu
तो कफ़्फ़ारा है उसका إِطْعَامُ खाना खिलाना iṭ'ʿāmu
खाना खिलाना عَشَرَةِ दस ʿasharati
दस مَسَـٰكِينَ मिस्कीनों को masākīna
मिस्कीनों को مِنْ of min
of أَوْسَطِ औसत दर्जे का awsaṭi
औसत दर्जे का مَا जो mā
जो تُطْعِمُونَ तुम खिलाते हो tuṭ'ʿimūna
तुम खिलाते हो أَهْلِيكُمْ अपने घर वालों को ahlīkum
अपने घर वालों को أَوْ या aw
या كِسْوَتُهُمْ कपड़े पहनाना उन्हें kis'watuhum
कपड़े पहनाना उन्हें أَوْ या aw
या تَحْرِيرُ आज़ाद करना taḥrīru
आज़ाद करना رَقَبَةٍۢ ۖ एक गर्दन का raqabatin
एक गर्दन का فَمَن पस जो कोई faman
पस जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَجِدْ पाए yajid
पाए فَصِيَامُ तो रोज़े रखना हैं faṣiyāmu
तो रोज़े रखना हैं ثَلَـٰثَةِ तीन thalāthati
तीन أَيَّامٍۢ ۚ दिनों के ayyāmin
दिनों के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये كَفَّـٰرَةُ कफ़्फ़ारा है kaffāratu
कफ़्फ़ारा है أَيْمَـٰنِكُمْ तुम्हारी क़समों का aymānikum
तुम्हारी क़समों का إِذَا जब idhā
जब حَلَفْتُمْ ۚ क़सम खाओ तुम ḥalaftum
क़सम खाओ तुम وَٱحْفَظُوٓا۟ और हिफ़ाज़त किया करो wa-iḥ'faẓū
और हिफ़ाज़त किया करो أَيْمَـٰنَكُمْ ۚ अपनी क़समों की aymānakum
अपनी क़समों की كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَـٰتِهِۦ अपनी आयात को āyātihi
अपनी आयात को لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र करो tashkurūna
तुम शुक्र करो ٨٩ (89)
(89)
अल्लाह तुम्हें तुम्हारी व्यर्थ क़समों1 पर नहीं पकड़ता, परंतु तुम्हें उसपर पकड़ता है जो तुमने पक्के इरादे से क़समें खाई हैं। तो उसका प्रायश्चित2 दस निर्धनों को भोजन कराना है, औसत दर्जे का, जो तुम अपने घर वालों को खिलाते हो, अथवा उन्हें कपड़े पहनाना, अथवा एक दास मुक्त करना। फिर जो न पाए, तो तीन दिन के रोज़े रखना है। यह तुम्हारी क़समों का प्रायश्चित है, जब तुम क़सम खा लो तथा अपनी क़समों की रक्षा करो। इसी प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए अपनी आयतें (आदेश) खोलकर बयान करता है, ताकि तुम आभार व्यक्त करो।
५:९०
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْخَمْرُ शराब (नशा) l-khamru
शराब (नशा) وَٱلْمَيْسِرُ और जुआ wal-maysiru
और जुआ وَٱلْأَنصَابُ और बुत wal-anṣābu
और बुत وَٱلْأَزْلَـٰمُ और फ़ाल के तीर wal-azlāmu
और फ़ाल के तीर رِجْسٌۭ नापाक हैं rij'sun
नापाक हैं مِّنْ from min
from عَمَلِ अमल से हैं ʿamali
अमल से हैं ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के فَٱجْتَنِبُوهُ पस बचो इससे fa-ij'tanibūhu
पस बचो इससे لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पाओ ٩٠ (90)
(90)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْخَمْرُ शराब (नशा) l-khamru
शराब (नशा) وَٱلْمَيْسِرُ और जुआ wal-maysiru
और जुआ وَٱلْأَنصَابُ और बुत wal-anṣābu
और बुत وَٱلْأَزْلَـٰمُ और फ़ाल के तीर wal-azlāmu
और फ़ाल के तीर رِجْسٌۭ नापाक हैं rij'sun
नापाक हैं مِّنْ from min
from عَمَلِ अमल से हैं ʿamali
अमल से हैं ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के فَٱجْتَنِبُوهُ पस बचो इससे fa-ij'tanibūhu
पस बचो इससे لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पाओ ٩٠ (90)
(90)
ऐ ईमान वालो! बात यही है कि शराब1, जुआ, देवथान2 और फ़ाल निकालने के तीर3 सर्वथा गंदे और शैतानी कार्य हैं। अतः इनसे दूर रहो, ताकि तुम सफल हो।
५:९१
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान أَن कि an
कि يُوقِعَ वो डाल दे yūqiʿa
वो डाल दे بَيْنَكُمُ दर्मियान तुम्हारे baynakumu
दर्मियान तुम्हारे ٱلْعَدَٰوَةَ अदावत l-ʿadāwata
अदावत وَٱلْبَغْضَآءَ और बुग़्ज़ wal-baghḍāa
और बुग़्ज़ فِى through fī
through ٱلْخَمْرِ बवजह शराब (नशे) l-khamri
बवजह शराब (नशे) وَٱلْمَيْسِرِ और जुए के wal-maysiri
और जुए के وَيَصُدَّكُمْ और रोक दे तुम्हें wayaṣuddakum
और रोक दे तुम्हें عَن from ʿan
from ذِكْرِ ज़िक्र से dhik'ri
ज़िक्र से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَعَنِ and from waʿani
and from ٱلصَّلَوٰةِ ۖ और नमाज़ से l-ṣalati
और नमाज़ से فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّنتَهُونَ बाज़ आने वाले हो muntahūna
बाज़ आने वाले हो ٩١ (91)
(91)
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान أَن कि an
कि يُوقِعَ वो डाल दे yūqiʿa
वो डाल दे بَيْنَكُمُ दर्मियान तुम्हारे baynakumu
दर्मियान तुम्हारे ٱلْعَدَٰوَةَ अदावत l-ʿadāwata
अदावत وَٱلْبَغْضَآءَ और बुग़्ज़ wal-baghḍāa
और बुग़्ज़ فِى through fī
through ٱلْخَمْرِ बवजह शराब (नशे) l-khamri
बवजह शराब (नशे) وَٱلْمَيْسِرِ और जुए के wal-maysiri
और जुए के وَيَصُدَّكُمْ और रोक दे तुम्हें wayaṣuddakum
और रोक दे तुम्हें عَن from ʿan
from ذِكْرِ ज़िक्र से dhik'ri
ज़िक्र से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَعَنِ and from waʿani
and from ٱلصَّلَوٰةِ ۖ और नमाज़ से l-ṣalati
और नमाज़ से فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّنتَهُونَ बाज़ आने वाले हो muntahūna
बाज़ आने वाले हो ٩١ (91)
(91)
शैतान तो यही चाहता है कि शराब तथा जुए के द्वारा तुम्हारे बीच बैर तथा द्वेष डाल दे और तुम्हें अल्लाह के स्मरण तथा नमाज़ से रोक दे, तो क्या तुम रुकने वाले हो?
५:९२
وَأَطِيعُوا۟
और इताअत करो
wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की وَٱحْذَرُوا۟ ۚ और डरो wa-iḥ'dharū
और डरो فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّيْتُمْ मुँह मोड़ लिया तुमने tawallaytum
मुँह मोड़ लिया तुमने فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَسُولِنَا हमारे रसूल के ज़िम्मे rasūlinā
हमारे रसूल के ज़िम्मे ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचा देना है l-balāghu
पहुँचा देना है ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला ٩٢ (92)
(92)
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की وَٱحْذَرُوا۟ ۚ और डरो wa-iḥ'dharū
और डरो فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّيْتُمْ मुँह मोड़ लिया तुमने tawallaytum
मुँह मोड़ लिया तुमने فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَسُولِنَا हमारे रसूल के ज़िम्मे rasūlinā
हमारे रसूल के ज़िम्मे ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचा देना है l-balāghu
पहुँचा देना है ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला ٩٢ (92)
(92)
तथा अल्लाह का आज्ञापालन करो और रसूल का आज्ञापालन करो और (अवज्ञा से) सावधान रहो। फिर यदि तुम विमुख हुए, तो जान लो कि हमारे रसूल पर केवल स्पष्ट रूप से (संदेश) पहुँचा देना है।
५:९३
لَيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ ऊपर उनके जो alladhīna
ऊपर उनके जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक جُنَاحٌۭ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो طَعِمُوٓا۟ उन्होंने खाया ṭaʿimū
उन्होंने खाया إِذَا when idhā
when مَا जब mā
जब ٱتَّقَوا۟ उन्होंने तक़वा किया ittaqaw
उन्होंने तक़वा किया وَّءَامَنُوا۟ और वो ईमान लाए waāmanū
और वो ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّقَوا۟ उन्होंने तक़वा किया ittaqaw
उन्होंने तक़वा किया وَّءَامَنُوا۟ और वो ईमान लाए waāmanū
और वो ईमान लाए ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّقَوا۟ उन्होंने तक़वा किया ittaqaw
उन्होंने तक़वा किया وَّأَحْسَنُوا۟ ۗ और उन्होंने नेक काम किए wa-aḥsanū
और उन्होंने नेक काम किए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُحْسِنِينَ नेक काम करने वालों को l-muḥ'sinīna
नेक काम करने वालों को ٩٣ (93)
(93)
नहीं है عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ ऊपर उनके जो alladhīna
ऊपर उनके जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक جُنَاحٌۭ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो طَعِمُوٓا۟ उन्होंने खाया ṭaʿimū
उन्होंने खाया إِذَا when idhā
when مَا जब mā
जब ٱتَّقَوا۟ उन्होंने तक़वा किया ittaqaw
उन्होंने तक़वा किया وَّءَامَنُوا۟ और वो ईमान लाए waāmanū
और वो ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّقَوا۟ उन्होंने तक़वा किया ittaqaw
उन्होंने तक़वा किया وَّءَامَنُوا۟ और वो ईमान लाए waāmanū
और वो ईमान लाए ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّقَوا۟ उन्होंने तक़वा किया ittaqaw
उन्होंने तक़वा किया وَّأَحْسَنُوا۟ ۗ और उन्होंने नेक काम किए wa-aḥsanū
और उन्होंने नेक काम किए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُحْسِنِينَ नेक काम करने वालों को l-muḥ'sinīna
नेक काम करने वालों को ٩٣ (93)
(93)
उन लोगों पर जो ईमान लाए तथा उन्होंने अच्छे कर्म किए, उसमें कोई पाप नहीं जो वे खा चुके, जबकि वे अल्लाह से डरे तथा ईमान लाए और सत्कर्म किए, फिर वे डरते रहे और ईमान पर स्थिर रहे, फिर वे अल्लाह से डरे और उन्होंने अच्छे कार्य किए और अल्लाह अच्छे कार्य करने वालों से प्रेम करता1 है।
५:९४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَيَبْلُوَنَّكُمُ अलबत्ता ज़रूर आज़माएगा तुम्हें layabluwannakumu
अलबत्ता ज़रूर आज़माएगा तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِشَىْءٍۢ साथ एक चीज़ के bishayin
साथ एक चीज़ के مِّنَ of mina
of ٱلصَّيْدِ शिकार में से l-ṣaydi
शिकार में से تَنَالُهُۥٓ पा लेंगे उसे tanāluhu
पा लेंगे उसे أَيْدِيكُمْ हाथ तुम्हारे aydīkum
हाथ तुम्हारे وَرِمَاحُكُمْ और नेज़े तुम्हारे warimāḥukum
और नेज़े तुम्हारे لِيَعْلَمَ ताकि जान ले liyaʿlama
ताकि जान ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَن कौन man
कौन يَخَافُهُۥ डरता है उस से yakhāfuhu
डरता है उस से بِٱلْغَيْبِ ۚ ग़ायबाना तौर पर bil-ghaybi
ग़ायबाना तौर पर فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱعْتَدَىٰ ज़्यादती करे iʿ'tadā
ज़्यादती करे بَعْدَ after baʿda
after ذَٰلِكَ बाद इसके dhālika
बाद इसके فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٩٤ (94)
(94)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَيَبْلُوَنَّكُمُ अलबत्ता ज़रूर आज़माएगा तुम्हें layabluwannakumu
अलबत्ता ज़रूर आज़माएगा तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِشَىْءٍۢ साथ एक चीज़ के bishayin
साथ एक चीज़ के مِّنَ of mina
of ٱلصَّيْدِ शिकार में से l-ṣaydi
शिकार में से تَنَالُهُۥٓ पा लेंगे उसे tanāluhu
पा लेंगे उसे أَيْدِيكُمْ हाथ तुम्हारे aydīkum
हाथ तुम्हारे وَرِمَاحُكُمْ और नेज़े तुम्हारे warimāḥukum
और नेज़े तुम्हारे لِيَعْلَمَ ताकि जान ले liyaʿlama
ताकि जान ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَن कौन man
कौन يَخَافُهُۥ डरता है उस से yakhāfuhu
डरता है उस से بِٱلْغَيْبِ ۚ ग़ायबाना तौर पर bil-ghaybi
ग़ायबाना तौर पर فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱعْتَدَىٰ ज़्यादती करे iʿ'tadā
ज़्यादती करे بَعْدَ after baʿda
after ذَٰلِكَ बाद इसके dhālika
बाद इसके فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٩٤ (94)
(94)
ऐ ईमान वालो! निश्चय अल्लाह शिकार में से किसी चीज़ के साथ तुम्हारी अवश्य परीक्षा लेगा, जिसपर तुम्हारे हाथ तथा भाले पहुँचते होंगे, ताकि अल्लाह जान ले कि कौन उससे बिन देखे डरता है। फिर जो उसके पश्चात सीमा से बढ़े, तो उसके लिए दर्दनाक यातना है।
५:९५
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَقْتُلُوا۟ ना तुम मारो taqtulū
ना तुम मारो ٱلصَّيْدَ शिकार को l-ṣayda
शिकार को وَأَنتُمْ जब कि तुम wa-antum
जब कि तुम حُرُمٌۭ ۚ एहराम में हो ḥurumun
एहराम में हो وَمَن और जिसने waman
और जिसने قَتَلَهُۥ मारा उसे qatalahu
मारा उसे مِنكُم तुम में से minkum
तुम में से مُّتَعَمِّدًۭا जान बूझ कर mutaʿammidan
जान बूझ कर فَجَزَآءٌۭ तो बदला है fajazāon
तो बदला है مِّثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द مَا उसके जो mā
उसके जो قَتَلَ उसने मारा qatala
उसने मारा مِنَ of mina
of ٱلنَّعَمِ चौपायों में से l-naʿami
चौपायों में से يَحْكُمُ फ़ैसला करेंगे yaḥkumu
फ़ैसला करेंगे بِهِۦ उसका bihi
उसका ذَوَا two men dhawā
two men عَدْلٍۢ दो अदल वाले ʿadlin
दो अदल वाले مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से هَدْيًۢا बतौर क़ुर्बानी के hadyan
बतौर क़ुर्बानी के بَـٰلِغَ पहुँचने वाली bāligha
पहुँचने वाली ٱلْكَعْبَةِ काबा तक l-kaʿbati
काबा तक أَوْ या aw
या كَفَّـٰرَةٌۭ कफ़्फ़ारा है kaffāratun
कफ़्फ़ारा है طَعَامُ खाना खिलाना ṭaʿāmu
खाना खिलाना مَسَـٰكِينَ चंद मिस्कीनों का masākīna
चंद मिस्कीनों का أَوْ या aw
या عَدْلُ बराबर ʿadlu
बराबर ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके صِيَامًۭا रोज़े रखना है ṣiyāman
रोज़े रखना है لِّيَذُوقَ ताकि वो चखें liyadhūqa
ताकि वो चखें وَبَالَ वबाल wabāla
वबाल أَمْرِهِۦ ۗ अपने काम का amrihi
अपने काम का عَفَا दरगुज़र किया ʿafā
दरगुज़र किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो سَلَفَ ۚ गुज़र चुका salafa
गुज़र चुका وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई عَادَ लौटा ʿāda
लौटा فَيَنتَقِمُ तो इन्तिक़ाम लेगा fayantaqimu
तो इन्तिक़ाम लेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنْهُ ۗ उससे min'hu
उससे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है ذُو Owner dhū
Owner ٱنتِقَامٍ इन्तिक़ाम लेने वाला है intiqāmin
इन्तिक़ाम लेने वाला है ٩٥ (95)
(95)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَقْتُلُوا۟ ना तुम मारो taqtulū
ना तुम मारो ٱلصَّيْدَ शिकार को l-ṣayda
शिकार को وَأَنتُمْ जब कि तुम wa-antum
जब कि तुम حُرُمٌۭ ۚ एहराम में हो ḥurumun
एहराम में हो وَمَن और जिसने waman
और जिसने قَتَلَهُۥ मारा उसे qatalahu
मारा उसे مِنكُم तुम में से minkum
तुम में से مُّتَعَمِّدًۭا जान बूझ कर mutaʿammidan
जान बूझ कर فَجَزَآءٌۭ तो बदला है fajazāon
तो बदला है مِّثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द مَا उसके जो mā
उसके जो قَتَلَ उसने मारा qatala
उसने मारा مِنَ of mina
of ٱلنَّعَمِ चौपायों में से l-naʿami
चौपायों में से يَحْكُمُ फ़ैसला करेंगे yaḥkumu
फ़ैसला करेंगे بِهِۦ उसका bihi
उसका ذَوَا two men dhawā
two men عَدْلٍۢ दो अदल वाले ʿadlin
दो अदल वाले مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से هَدْيًۢا बतौर क़ुर्बानी के hadyan
बतौर क़ुर्बानी के بَـٰلِغَ पहुँचने वाली bāligha
पहुँचने वाली ٱلْكَعْبَةِ काबा तक l-kaʿbati
काबा तक أَوْ या aw
या كَفَّـٰرَةٌۭ कफ़्फ़ारा है kaffāratun
कफ़्फ़ारा है طَعَامُ खाना खिलाना ṭaʿāmu
खाना खिलाना مَسَـٰكِينَ चंद मिस्कीनों का masākīna
चंद मिस्कीनों का أَوْ या aw
या عَدْلُ बराबर ʿadlu
बराबर ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके صِيَامًۭا रोज़े रखना है ṣiyāman
रोज़े रखना है لِّيَذُوقَ ताकि वो चखें liyadhūqa
ताकि वो चखें وَبَالَ वबाल wabāla
वबाल أَمْرِهِۦ ۗ अपने काम का amrihi
अपने काम का عَفَا दरगुज़र किया ʿafā
दरगुज़र किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो سَلَفَ ۚ गुज़र चुका salafa
गुज़र चुका وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई عَادَ लौटा ʿāda
लौटा فَيَنتَقِمُ तो इन्तिक़ाम लेगा fayantaqimu
तो इन्तिक़ाम लेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنْهُ ۗ उससे min'hu
उससे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है ذُو Owner dhū
Owner ٱنتِقَامٍ इन्तिक़ाम लेने वाला है intiqāmin
इन्तिक़ाम लेने वाला है ٩٥ (95)
(95)
ऐ ईमान वालो! शिकार को न मारो1, जबकि तुम एहराम की स्थिति में हो। तथा तुममें से जो उसे जान-बूझकर मारे, तो चौपायों में से उसी जैसा बदला है जो उसने मारा है, जिसका निर्णय तुममें से दो न्यायप्रिय व्यक्ति करेंगे, जो क़ुर्बानी के रूप में काबा पहुँचने वाली है, या प्रायश्चित2 के रूप में निर्धनों को खाना खिलाना है, या उसके बराबर रोज़े रखने हैं, ताकि वह अपने किए का कष्ट चखे। अल्लाह ने क्षमा कर दिया जो कुछ हो चुका और जो फिर करे, तो अल्लाह उससे बदला लेगा और अल्लाह सबपर प्रभुत्वशाली, बदला लेने वाला है।
५:९६
أُحِلَّ
हलाल किया गया है
uḥilla
हलाल किया गया है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए صَيْدُ शिकार ṣaydu
शिकार ٱلْبَحْرِ समुन्दर का l-baḥri
समुन्दर का وَطَعَامُهُۥ और खाना उसका waṭaʿāmuhu
और खाना उसका مَتَـٰعًۭا फ़ायदामंद है matāʿan
फ़ायदामंद है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلِلسَّيَّارَةِ ۖ और क़ाफ़िले के लिए walilssayyārati
और क़ाफ़िले के लिए وَحُرِّمَ और हराम किया गया waḥurrima
और हराम किया गया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर صَيْدُ शिकार ṣaydu
शिकार ٱلْبَرِّ ख़ुश्की का l-bari
ख़ुश्की का مَا as mā
as دُمْتُمْ जब तक हो तुम dum'tum
जब तक हो तुम حُرُمًۭا ۗ ऐहराम में ḥuruman
ऐहराम में وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٩٦ (96)
(96)
हलाल किया गया है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए صَيْدُ शिकार ṣaydu
शिकार ٱلْبَحْرِ समुन्दर का l-baḥri
समुन्दर का وَطَعَامُهُۥ और खाना उसका waṭaʿāmuhu
और खाना उसका مَتَـٰعًۭا फ़ायदामंद है matāʿan
फ़ायदामंद है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلِلسَّيَّارَةِ ۖ और क़ाफ़िले के लिए walilssayyārati
और क़ाफ़िले के लिए وَحُرِّمَ और हराम किया गया waḥurrima
और हराम किया गया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर صَيْدُ शिकार ṣaydu
शिकार ٱلْبَرِّ ख़ुश्की का l-bari
ख़ुश्की का مَا as mā
as دُمْتُمْ जब तक हो तुम dum'tum
जब तक हो तुम حُرُمًۭا ۗ ऐहराम में ḥuruman
ऐहराम में وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٩٦ (96)
(96)
तथा तुम्हारे लिए समुद्र (जल) का शिकार और उसका खाना1 हलाल कर दिया गया, तुम्हारे तथा यात्रियों के लाभ के लिए, तथा तुमपर भूमि का शिकार हराम कर दिया गया है जब तक तुम एहराम की स्थिति में रहो, और अल्लाह (की अवज्ञा) से डरो, जिसकी ओर तुम एकत्र किए जाओगे।
५:९७
۞ جَعَلَ
बनाया
jaʿala
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْكَعْبَةَ काबा को l-kaʿbata
काबा को ٱلْبَيْتَ घर l-bayta
घर ٱلْحَرَامَ हुरमत वाला l-ḥarāma
हुरमत वाला قِيَـٰمًۭا क़याम का ज़रिया qiyāman
क़याम का ज़रिया لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَٱلشَّهْرَ और माहे wal-shahra
और माहे ٱلْحَرَامَ हराम को l-ḥarāma
हराम को وَٱلْهَدْىَ और क़ुर्बानी को wal-hadya
और क़ुर्बानी को وَٱلْقَلَـٰٓئِدَ ۚ और पट्टे वाले जानवरों को wal-qalāida
और पट्टे वाले जानवरों को ذَٰلِكَ ये (इसलिए) dhālika
ये (इसलिए) لِتَعْلَمُوٓا۟ ताकि तुम जान लो litaʿlamū
ताकि तुम जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٩٧ (97)
(97)
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْكَعْبَةَ काबा को l-kaʿbata
काबा को ٱلْبَيْتَ घर l-bayta
घर ٱلْحَرَامَ हुरमत वाला l-ḥarāma
हुरमत वाला قِيَـٰمًۭا क़याम का ज़रिया qiyāman
क़याम का ज़रिया لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَٱلشَّهْرَ और माहे wal-shahra
और माहे ٱلْحَرَامَ हराम को l-ḥarāma
हराम को وَٱلْهَدْىَ और क़ुर्बानी को wal-hadya
और क़ुर्बानी को وَٱلْقَلَـٰٓئِدَ ۚ और पट्टे वाले जानवरों को wal-qalāida
और पट्टे वाले जानवरों को ذَٰلِكَ ये (इसलिए) dhālika
ये (इसलिए) لِتَعْلَمُوٓا۟ ताकि तुम जान लो litaʿlamū
ताकि तुम जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٩٧ (97)
(97)
अल्लाह ने सम्मानित घर काबा को लोगों के लिए स्थापना का साधन बनाया है तथा सम्मानित महीनों1 और (हज्ज की) क़ुर्बानी के जानवरों तथा गर्दन में पट्टे लगे हुए जानवरों को। यह इसलिए कि तुम जान लो कि निःसंदेह अल्लाह जानता है, जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, तथा यह कि निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक वस्तु को ख़ूब जानने वाला है।
५:९८
ٱعْلَمُوٓا۟
जान लो
iʿ'lamū
जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٩٨ (98)
(98)
जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٩٨ (98)
(98)
जान लो! निःसंदेह अल्लाह बहुत कठोर दंड वाला है और निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
५:९९
مَّا
नहीं है
mā
नहीं है عَلَى on ʿalā
on ٱلرَّسُولِ रसूल पर l-rasūli
रसूल पर إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْبَلَـٰغُ ۗ पहुँचा देना l-balāghu
पहुँचा देना وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا जो mā
जो تُبْدُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tub'dūna
तुम ज़ाहिर करते हो وَمَا और जो wamā
और जो تَكْتُمُونَ तुम छुपाते हो taktumūna
तुम छुपाते हो ٩٩ (99)
(99)
नहीं है عَلَى on ʿalā
on ٱلرَّسُولِ रसूल पर l-rasūli
रसूल पर إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْبَلَـٰغُ ۗ पहुँचा देना l-balāghu
पहुँचा देना وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا जो mā
जो تُبْدُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tub'dūna
तुम ज़ाहिर करते हो وَمَا और जो wamā
और जो تَكْتُمُونَ तुम छुपाते हो taktumūna
तुम छुपाते हो ٩٩ (99)
(99)
रसूल पर (संदेश) पहुँचा देने के सिवा कुछ नहीं और अल्लाह जानता है जो तुम प्रकट करते हो और जो छिपाते हो।
५:१००
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّا Not lā
Not يَسْتَوِى नहीं बराबर हो सकते yastawī
नहीं बराबर हो सकते ٱلْخَبِيثُ नापाक l-khabīthu
नापाक وَٱلطَّيِّبُ और पाक wal-ṭayibu
और पाक وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَكَ अच्छी लगे तुम्हें aʿjabaka
अच्छी लगे तुम्हें كَثْرَةُ कसरत kathratu
कसरत ٱلْخَبِيثِ ۚ नापाक की l-khabīthi
नापाक की فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَـٰٓأُو۟لِى O men yāulī
O men ٱلْأَلْبَـٰبِ ऐ अक़्ल वालो l-albābi
ऐ अक़्ल वालो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ١٠٠ (100)
(100)
कह दीजिए لَّا Not lā
Not يَسْتَوِى नहीं बराबर हो सकते yastawī
नहीं बराबर हो सकते ٱلْخَبِيثُ नापाक l-khabīthu
नापाक وَٱلطَّيِّبُ और पाक wal-ṭayibu
और पाक وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَكَ अच्छी लगे तुम्हें aʿjabaka
अच्छी लगे तुम्हें كَثْرَةُ कसरत kathratu
कसरत ٱلْخَبِيثِ ۚ नापाक की l-khabīthi
नापाक की فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَـٰٓأُو۟لِى O men yāulī
O men ٱلْأَلْبَـٰبِ ऐ अक़्ल वालो l-albābi
ऐ अक़्ल वालो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ١٠٠ (100)
(100)
(ऐ नबी!) कह दो कि अपवित्र (बुरी चीज़) तथा पवित्र (अच्छी चीज़) समान नहीं, चाहे अपवित्र (बुरी चीज़) की बहुतायत तुम्हें भली लगे। तो ऐ बुद्धि वालो! अल्लाह से डरो, ताकि तुम सफल हो जाओ।1
५:१०१
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَسْـَٔلُوا۟ ना तुम सवाल करो tasalū
ना तुम सवाल करो عَنْ about ʿan
about أَشْيَآءَ ऐसी चीज़ों के बारे में ashyāa
ऐसी चीज़ों के बारे में إِن अगर in
अगर تُبْدَ वो ज़ाहिर कर दी जाऐं tub'da
वो ज़ाहिर कर दी जाऐं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए تَسُؤْكُمْ बुरी लगें तुम्हें tasu'kum
बुरी लगें तुम्हें وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَسْـَٔلُوا۟ तुम सवाल करोगे tasalū
तुम सवाल करोगे عَنْهَا उनके बारे में ʿanhā
उनके बारे में حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त يُنَزَّلُ नाज़िल किया जाता है yunazzalu
नाज़िल किया जाता है ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन تُبْدَ वो ज़ाहिर कर दी जाऐंगी tub'da
वो ज़ाहिर कर दी जाऐंगी لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَفَا दरगुज़र किया ʿafā
दरगुज़र किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنْهَا ۗ उनसे ʿanhā
उनसे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ١٠١ (101)
(101)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَسْـَٔلُوا۟ ना तुम सवाल करो tasalū
ना तुम सवाल करो عَنْ about ʿan
about أَشْيَآءَ ऐसी चीज़ों के बारे में ashyāa
ऐसी चीज़ों के बारे में إِن अगर in
अगर تُبْدَ वो ज़ाहिर कर दी जाऐं tub'da
वो ज़ाहिर कर दी जाऐं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए تَسُؤْكُمْ बुरी लगें तुम्हें tasu'kum
बुरी लगें तुम्हें وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَسْـَٔلُوا۟ तुम सवाल करोगे tasalū
तुम सवाल करोगे عَنْهَا उनके बारे में ʿanhā
उनके बारे में حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त يُنَزَّلُ नाज़िल किया जाता है yunazzalu
नाज़िल किया जाता है ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन تُبْدَ वो ज़ाहिर कर दी जाऐंगी tub'da
वो ज़ाहिर कर दी जाऐंगी لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَفَا दरगुज़र किया ʿafā
दरगुज़र किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنْهَا ۗ उनसे ʿanhā
उनसे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ١٠١ (101)
(101)
ऐ ईमान वालो! उन चीज़ों के विषय में प्रश्न न करो, जो यदि तुम्हारे लिए प्रकट कर दी जाएँ, तो तुम्हें बुरी लगें, तथा यदि तुम उनके विषय में उस समय प्रश्न करोगे, जब क़ुरआन उतारा जा रहा है, तो वे तुम्हारे लिए प्रकट कर दी जाएँगी। अल्लाह ने उन्हें क्षमा कर दिया और अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत सहनशील1 है।
५:१०२
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ سَأَلَهَا सवाल किया था उनके बारे में sa-alahā
सवाल किया था उनके बारे में قَوْمٌۭ एक क़ौम ने qawmun
एक क़ौम ने مِّن from min
from قَبْلِكُمْ तुम से पहले qablikum
तुम से पहले ثُمَّ फिर thumma
फिर أَصْبَحُوا۟ वो हो गए aṣbaḥū
वो हो गए بِهَا उनका bihā
उनका كَـٰفِرِينَ इन्कार करने वाले kāfirīna
इन्कार करने वाले ١٠٢ (102)
(102)
तहक़ीक़ سَأَلَهَا सवाल किया था उनके बारे में sa-alahā
सवाल किया था उनके बारे में قَوْمٌۭ एक क़ौम ने qawmun
एक क़ौम ने مِّن from min
from قَبْلِكُمْ तुम से पहले qablikum
तुम से पहले ثُمَّ फिर thumma
फिर أَصْبَحُوا۟ वो हो गए aṣbaḥū
वो हो गए بِهَا उनका bihā
उनका كَـٰفِرِينَ इन्कार करने वाले kāfirīna
इन्कार करने वाले ١٠٢ (102)
(102)
निःसंदेह तुमसे पहले कुछ लोगों ने ऐसी ही बातों के बारे में प्रश्न किया1, फिर वे इसके कारण काफ़िर हो गए।
५:१०३
مَا
नहीं
mā
नहीं جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنۢ of min
of بَحِيرَةٍۢ कोई बहीरह baḥīratin
कोई बहीरह وَلَا और ना walā
और ना سَآئِبَةٍۢ कोई साएबा sāibatin
कोई साएबा وَلَا और ना walā
और ना وَصِيلَةٍۢ कोई वसीला waṣīlatin
कोई वसीला وَلَا and not walā
and not حَامٍۢ ۙ और ना कोई हाम ḥāmin
और ना कोई हाम وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يَفْتَرُونَ वो गढ़ लेते हैं yaftarūna
वो गढ़ लेते हैं عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ ۖ झूठ l-kadhiba
झूठ وَأَكْثَرُهُمْ और अक्सर उनके wa-aktharuhum
और अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल रखते ١٠٣ (103)
(103)
नहीं جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنۢ of min
of بَحِيرَةٍۢ कोई बहीरह baḥīratin
कोई बहीरह وَلَا और ना walā
और ना سَآئِبَةٍۢ कोई साएबा sāibatin
कोई साएबा وَلَا और ना walā
और ना وَصِيلَةٍۢ कोई वसीला waṣīlatin
कोई वसीला وَلَا and not walā
and not حَامٍۢ ۙ और ना कोई हाम ḥāmin
और ना कोई हाम وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يَفْتَرُونَ वो गढ़ लेते हैं yaftarūna
वो गढ़ लेते हैं عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ ۖ झूठ l-kadhiba
झूठ وَأَكْثَرُهُمْ और अक्सर उनके wa-aktharuhum
और अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल रखते ١٠٣ (103)
(103)
अल्लाह ने कोई बह़ीरा, साइबा, वसीला और ह़ाम नियुक्त नहीं किया।1 परंतु जिन लोगों ने कुफ़्र किया वे अल्लाह पर झूठ बाँधते हैं और उनमें से अधिकतर नहीं समझते।
५:१०४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ مَآ उसके जो mā
उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَإِلَى and to wa-ilā
and to ٱلرَّسُولِ और तरफ़ रसूल के l-rasūli
और तरफ़ रसूल के قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं حَسْبُنَا काफ़ी है हमें ḥasbunā
काफ़ी है हमें مَا जो mā
जो وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَابَآءَنَآ ۚ अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को أَوَلَوْ क्या भला अगरचे awalaw
क्या भला अगरचे كَانَ हों kāna
हों ءَابَآؤُهُمْ आबा ओ अजदाद उनके ābāuhum
आबा ओ अजदाद उनके لَا (were) not lā
(were) not يَعْلَمُونَ ना वो इल्म रखते yaʿlamūna
ना वो इल्म रखते شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يَهْتَدُونَ वो हिदायत याफ़्ता हों yahtadūna
वो हिदायत याफ़्ता हों ١٠٤ (104)
(104)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ مَآ उसके जो mā
उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَإِلَى and to wa-ilā
and to ٱلرَّسُولِ और तरफ़ रसूल के l-rasūli
और तरफ़ रसूल के قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं حَسْبُنَا काफ़ी है हमें ḥasbunā
काफ़ी है हमें مَا जो mā
जो وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَابَآءَنَآ ۚ अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को أَوَلَوْ क्या भला अगरचे awalaw
क्या भला अगरचे كَانَ हों kāna
हों ءَابَآؤُهُمْ आबा ओ अजदाद उनके ābāuhum
आबा ओ अजदाद उनके لَا (were) not lā
(were) not يَعْلَمُونَ ना वो इल्म रखते yaʿlamūna
ना वो इल्म रखते شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يَهْتَدُونَ वो हिदायत याफ़्ता हों yahtadūna
वो हिदायत याफ़्ता हों ١٠٤ (104)
(104)
और जब उनसे कहा जाता है : आओ उसकी ओर जो अल्लाह ने उतारा है और रसूल की ओर, तो कहते हैं : हमें वही काफ़ी है, जिसपर हमने अपने बाप-दादा को पाया है। क्या अगरचे उनके बाप-दादा कुछ भी न जानते हों और न मार्गदर्शन पाते हों।
५:१०५
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो عَلَيْكُمْ लाज़िम है तुम पर (बचाना) ʿalaykum
लाज़िम है तुम पर (बचाना) أَنفُسَكُمْ ۖ अपनी जानों को anfusakum
अपनी जानों को لَا Not lā
Not يَضُرُّكُم ना नुक़सान देगा तुम्हें yaḍurrukum
ना नुक़सान देगा तुम्हें مَّن जो man
जो ضَلَّ भटक गया ḍalla
भटक गया إِذَا जब idhā
जब ٱهْتَدَيْتُمْ ۚ हिदायत पा चुके तुम ih'tadaytum
हिदायत पा चुके तुम إِلَى To ilā
To ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
तरफ़ अल्लाह ही के مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा جَمِيعًۭا सब का jamīʿan
सब का فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बता देगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बता देगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٠٥ (105)
(105)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो عَلَيْكُمْ लाज़िम है तुम पर (बचाना) ʿalaykum
लाज़िम है तुम पर (बचाना) أَنفُسَكُمْ ۖ अपनी जानों को anfusakum
अपनी जानों को لَا Not lā
Not يَضُرُّكُم ना नुक़सान देगा तुम्हें yaḍurrukum
ना नुक़सान देगा तुम्हें مَّن जो man
जो ضَلَّ भटक गया ḍalla
भटक गया إِذَا जब idhā
जब ٱهْتَدَيْتُمْ ۚ हिदायत पा चुके तुम ih'tadaytum
हिदायत पा चुके तुम إِلَى To ilā
To ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
तरफ़ अल्लाह ही के مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा جَمِيعًۭا सब का jamīʿan
सब का فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बता देगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बता देगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٠٥ (105)
(105)
ऐ ईमान वालो! तुमपर अपनी चिंता अनिवार्य है। तुम्हें वह व्यक्ति हानि नहीं पहुँचाएगा, जो गुमराह हो गया, जब तुम मार्गदर्शन पा चुके। अल्लाह ही की ओर तुम सबको लौटकर जाना है। फिर वह तुम्हें बताएगा, जो कुछ तुम किया करते थे।1
५:१०६
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो شَهَـٰدَةُ गवाही हो shahādatu
गवाही हो بَيْنِكُمْ तुम्हारे दर्मियान baynikum
तुम्हारे दर्मियान إِذَا जब idhā
जब حَضَرَ हाज़िर हो ḥaḍara
हाज़िर हो أَحَدَكُمُ तुम में से किसी एक को aḥadakumu
तुम में से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत حِينَ वक़्त ḥīna
वक़्त ٱلْوَصِيَّةِ वसीयत के l-waṣiyati
वसीयत के ٱثْنَانِ दो ith'nāni
दो ذَوَا men dhawā
men عَدْلٍۢ अदल वालों के ʿadlin
अदल वालों के مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَوْ या aw
या ءَاخَرَانِ दो और ākharāni
दो और مِنْ from min
from غَيْرِكُمْ तुम्हारे अलावा से ghayrikum
तुम्हारे अलावा से إِنْ अगर in
अगर أَنتُمْ तुम antum
तुम ضَرَبْتُمْ सफ़र कर रहे हो तुम ḍarabtum
सफ़र कर रहे हो तुम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَأَصَـٰبَتْكُم फिर पहुँचे तुम्हें fa-aṣābatkum
फिर पहुँचे तुम्हें مُّصِيبَةُ मुसीबत muṣībatu
मुसीबत ٱلْمَوْتِ ۚ मौत की l-mawti
मौत की تَحْبِسُونَهُمَا तुम रोक लो उन दोनों को taḥbisūnahumā
तुम रोक लो उन दोनों को مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ के l-ṣalati
नमाज़ के فَيُقْسِمَانِ फिर वो दोनों क़समें खाऐं fayuq'simāni
फिर वो दोनों क़समें खाऐं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنِ अगर ini
अगर ٱرْتَبْتُمْ शक करो तुम ir'tabtum
शक करो तुम لَا Not lā
Not نَشْتَرِى ना हम लेंगे nashtarī
ना हम लेंगे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके ثَمَنًۭا कोई क़ीमत thamanan
कोई क़ीमत وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانَ हो वो kāna
हो वो ذَا (of) dhā
(of) قُرْبَىٰ ۙ रिश्तेदार qur'bā
रिश्तेदार وَلَا और ना walā
और ना نَكْتُمُ हम छुपाऐंगे naktumu
हम छुपाऐंगे شَهَـٰدَةَ गवाही को shahādata
गवाही को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِذًۭا तब idhan
तब لَّمِنَ (will) surely (be) of lamina
(will) surely (be) of ٱلْـَٔاثِمِينَ अलबत्ता गुनाहगारों में से होंगे l-āthimīna
अलबत्ता गुनाहगारों में से होंगे ١٠٦ (106)
(106)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो شَهَـٰدَةُ गवाही हो shahādatu
गवाही हो بَيْنِكُمْ तुम्हारे दर्मियान baynikum
तुम्हारे दर्मियान إِذَا जब idhā
जब حَضَرَ हाज़िर हो ḥaḍara
हाज़िर हो أَحَدَكُمُ तुम में से किसी एक को aḥadakumu
तुम में से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत حِينَ वक़्त ḥīna
वक़्त ٱلْوَصِيَّةِ वसीयत के l-waṣiyati
वसीयत के ٱثْنَانِ दो ith'nāni
दो ذَوَا men dhawā
men عَدْلٍۢ अदल वालों के ʿadlin
अदल वालों के مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَوْ या aw
या ءَاخَرَانِ दो और ākharāni
दो और مِنْ from min
from غَيْرِكُمْ तुम्हारे अलावा से ghayrikum
तुम्हारे अलावा से إِنْ अगर in
अगर أَنتُمْ तुम antum
तुम ضَرَبْتُمْ सफ़र कर रहे हो तुम ḍarabtum
सफ़र कर रहे हो तुम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَأَصَـٰبَتْكُم फिर पहुँचे तुम्हें fa-aṣābatkum
फिर पहुँचे तुम्हें مُّصِيبَةُ मुसीबत muṣībatu
मुसीबत ٱلْمَوْتِ ۚ मौत की l-mawti
मौत की تَحْبِسُونَهُمَا तुम रोक लो उन दोनों को taḥbisūnahumā
तुम रोक लो उन दोनों को مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ के l-ṣalati
नमाज़ के فَيُقْسِمَانِ फिर वो दोनों क़समें खाऐं fayuq'simāni
फिर वो दोनों क़समें खाऐं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنِ अगर ini
अगर ٱرْتَبْتُمْ शक करो तुम ir'tabtum
शक करो तुम لَا Not lā
Not نَشْتَرِى ना हम लेंगे nashtarī
ना हम लेंगे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके ثَمَنًۭا कोई क़ीमत thamanan
कोई क़ीमत وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانَ हो वो kāna
हो वो ذَا (of) dhā
(of) قُرْبَىٰ ۙ रिश्तेदार qur'bā
रिश्तेदार وَلَا और ना walā
और ना نَكْتُمُ हम छुपाऐंगे naktumu
हम छुपाऐंगे شَهَـٰدَةَ गवाही को shahādata
गवाही को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِذًۭا तब idhan
तब لَّمِنَ (will) surely (be) of lamina
(will) surely (be) of ٱلْـَٔاثِمِينَ अलबत्ता गुनाहगारों में से होंगे l-āthimīna
अलबत्ता गुनाहगारों में से होंगे ١٠٦ (106)
(106)
ऐ ईमान वालो! जब तुममें से किसी की मृत्यु आ पहुँचे, तो वसिय्यत1 के समय तुम्हारे बीच गवाही (के लिए) तुममें से दो न्यायप्रिय व्यक्ति हों या तुम्हारे ग़ैरों में से दूसरे दो व्यक्ति हों, यदि तुम धरती में यात्रा कर रहे हो, फिर तुम्हें मरण की आपदा आ पहुँचे। तुम उन दोनों को नमाज़ के बाद रोक लोगे, यदि तुम्हें (उनपर) संदेह हो। फिर वे दोनों अल्लाह की क़सम खाएँगे कि हम उसके साथ कोई मूल्य नहीं लेंगे, यद्यपि वह निकट का संबंधी हो और न हम अल्लाह की गवाही छिपाएँगे, निःसंदेह हम उस समय निश्चय पापियों में से होंगे।
५:१०७
فَإِنْ
फिर अगर
fa-in
फिर अगर عُثِرَ इत्तिला हो जाए ʿuthira
इत्तिला हो जाए عَلَىٰٓ उस पर ʿalā
उस पर أَنَّهُمَا कि बेशक वो दोनों annahumā
कि बेशक वो दोनों ٱسْتَحَقَّآ वो मुस्तहिक़ हुए हैं is'taḥaqqā
वो मुस्तहिक़ हुए हैं إِثْمًۭا गुनाह के ith'man
गुनाह के فَـَٔاخَرَانِ पस दो दूसरे faākharāni
पस दो दूसरे يَقُومَانِ वो दोनों खड़े होंगे yaqūmāni
वो दोनों खड़े होंगे مَقَامَهُمَا उन दोनों की जगह maqāmahumā
उन दोनों की जगह مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उन लोगों में से alladhīna
उन लोगों में से ٱسْتَحَقَّ हक़ साबित हो गया is'taḥaqqa
हक़ साबित हो गया عَلَيْهِمُ जिन पर ʿalayhimu
जिन पर ٱلْأَوْلَيَـٰنِ दो क़रीब तरीन l-awlayāni
दो क़रीब तरीन فَيُقْسِمَانِ फिर वो दोनों क़समें खाऐंगे fayuq'simāni
फिर वो दोनों क़समें खाऐंगे بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَشَهَـٰدَتُنَآ अलबत्ता गवाही हमारी lashahādatunā
अलबत्ता गवाही हमारी أَحَقُّ ज़्यादा सच्ची है aḥaqqu
ज़्यादा सच्ची है مِن than min
than شَهَـٰدَتِهِمَا उन दोनों की गवाही से shahādatihimā
उन दोनों की गवाही से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱعْتَدَيْنَآ ज़्यादती की हमने iʿ'tadaynā
ज़्यादती की हमने إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِذًۭا तब idhan
तब لَّمِنَ (will be) of lamina
(will be) of ٱلظَّـٰلِمِينَ अलबत्ता ज़ालिमों में से होंगे l-ẓālimīna
अलबत्ता ज़ालिमों में से होंगे ١٠٧ (107)
(107)
फिर अगर عُثِرَ इत्तिला हो जाए ʿuthira
इत्तिला हो जाए عَلَىٰٓ उस पर ʿalā
उस पर أَنَّهُمَا कि बेशक वो दोनों annahumā
कि बेशक वो दोनों ٱسْتَحَقَّآ वो मुस्तहिक़ हुए हैं is'taḥaqqā
वो मुस्तहिक़ हुए हैं إِثْمًۭا गुनाह के ith'man
गुनाह के فَـَٔاخَرَانِ पस दो दूसरे faākharāni
पस दो दूसरे يَقُومَانِ वो दोनों खड़े होंगे yaqūmāni
वो दोनों खड़े होंगे مَقَامَهُمَا उन दोनों की जगह maqāmahumā
उन दोनों की जगह مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उन लोगों में से alladhīna
उन लोगों में से ٱسْتَحَقَّ हक़ साबित हो गया is'taḥaqqa
हक़ साबित हो गया عَلَيْهِمُ जिन पर ʿalayhimu
जिन पर ٱلْأَوْلَيَـٰنِ दो क़रीब तरीन l-awlayāni
दो क़रीब तरीन فَيُقْسِمَانِ फिर वो दोनों क़समें खाऐंगे fayuq'simāni
फिर वो दोनों क़समें खाऐंगे بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَشَهَـٰدَتُنَآ अलबत्ता गवाही हमारी lashahādatunā
अलबत्ता गवाही हमारी أَحَقُّ ज़्यादा सच्ची है aḥaqqu
ज़्यादा सच्ची है مِن than min
than شَهَـٰدَتِهِمَا उन दोनों की गवाही से shahādatihimā
उन दोनों की गवाही से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱعْتَدَيْنَآ ज़्यादती की हमने iʿ'tadaynā
ज़्यादती की हमने إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِذًۭا तब idhan
तब لَّمِنَ (will be) of lamina
(will be) of ٱلظَّـٰلِمِينَ अलबत्ता ज़ालिमों में से होंगे l-ẓālimīna
अलबत्ता ज़ालिमों में से होंगे ١٠٧ (107)
(107)
फिर यदि पता चले कि निःसंदेह वे दोनों (गवाह) किसी पाप के पात्र हुए हैं, तो उन दोनों के स्थान पर, दो अन्य गवाह खड़े हों, उनमें से जिनका हक़ दबाया गया है, जो (मरे हुए व्यक्ति के) अधिक निकट हों। फिर वे दोनों अल्लाह की क़समें खाएँ कि हमारी गवाही उन दोनों की गवाही से अधिक सच्ची है और हमने कोई ज़्यादती नहीं की। निःसंदेह हम उस समय निश्चय अत्याचारियों में से होंगे।
५:१०८
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये أَدْنَىٰٓ ज़्यादा क़रीब है adnā
ज़्यादा क़रीब है أَن कि an
कि يَأْتُوا۟ वो लाऐं yatū
वो लाऐं بِٱلشَّهَـٰدَةِ गवाही को bil-shahādati
गवाही को عَلَىٰ in ʿalā
in وَجْهِهَآ उसके (असल) रुख़ पर wajhihā
उसके (असल) रुख़ पर أَوْ या aw
या يَخَافُوٓا۟ वो डरें yakhāfū
वो डरें أَن कि an
कि تُرَدَّ रद्द कर दी जाऐंगी turadda
रद्द कर दी जाऐंगी أَيْمَـٰنٌۢ क़समें (उनकी) aymānun
क़समें (उनकी) بَعْدَ बाद baʿda
बाद أَيْمَـٰنِهِمْ ۗ उन (वुरसा) की क़समों के aymānihim
उन (वुरसा) की क़समों के وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱسْمَعُوا۟ ۗ और सुनो wa-is'maʿū
और सुनो وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ١٠٨ (108)
(108)
ये أَدْنَىٰٓ ज़्यादा क़रीब है adnā
ज़्यादा क़रीब है أَن कि an
कि يَأْتُوا۟ वो लाऐं yatū
वो लाऐं بِٱلشَّهَـٰدَةِ गवाही को bil-shahādati
गवाही को عَلَىٰ in ʿalā
in وَجْهِهَآ उसके (असल) रुख़ पर wajhihā
उसके (असल) रुख़ पर أَوْ या aw
या يَخَافُوٓا۟ वो डरें yakhāfū
वो डरें أَن कि an
कि تُرَدَّ रद्द कर दी जाऐंगी turadda
रद्द कर दी जाऐंगी أَيْمَـٰنٌۢ क़समें (उनकी) aymānun
क़समें (उनकी) بَعْدَ बाद baʿda
बाद أَيْمَـٰنِهِمْ ۗ उन (वुरसा) की क़समों के aymānihim
उन (वुरसा) की क़समों के وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱسْمَعُوا۟ ۗ और सुनो wa-is'maʿū
और सुनो وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ١٠٨ (108)
(108)
यह अधिक निकट है कि वे गवाही को उसके (वास्तविक) तरीक़े पर दें, अथवा इस बात से डरें कि (उनकी) क़समें उन (संबंधियों) की क़समों के बाद रद्द कर दी जाएँगी तथा अल्लाह से डरो और सुनो और अल्लाह अवज्ञाकारियों को मार्गदर्शन प्रदान नहीं करता।1
५:१०९
۞ يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يَجْمَعُ जमा करेगा yajmaʿu
जमा करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلرُّسُلَ रसूलों को l-rusula
रसूलों को فَيَقُولُ फिर कहेगा fayaqūlu
फिर कहेगा مَاذَآ क्या mādhā
क्या أُجِبْتُمْ ۖ जवाब दिए गए थे तुम ujib'tum
जवाब दिए गए थे तुम قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे لَا (There is) no lā
(There is) no عِلْمَ नहीं कोई इल्म ʿil'ma
नहीं कोई इल्म لَنَآ ۖ हमें lanā
हमें إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है عَلَّـٰمُ खूब जानने वाला ʿallāmu
खूब जानने वाला ٱلْغُيُوبِ ग़ैबों का l-ghuyūbi
ग़ैबों का ١٠٩ (109)
(109)
जिस दिन يَجْمَعُ जमा करेगा yajmaʿu
जमा करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلرُّسُلَ रसूलों को l-rusula
रसूलों को فَيَقُولُ फिर कहेगा fayaqūlu
फिर कहेगा مَاذَآ क्या mādhā
क्या أُجِبْتُمْ ۖ जवाब दिए गए थे तुम ujib'tum
जवाब दिए गए थे तुम قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे لَا (There is) no lā
(There is) no عِلْمَ नहीं कोई इल्म ʿil'ma
नहीं कोई इल्म لَنَآ ۖ हमें lanā
हमें إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है عَلَّـٰمُ खूब जानने वाला ʿallāmu
खूब जानने वाला ٱلْغُيُوبِ ग़ैबों का l-ghuyūbi
ग़ैबों का ١٠٩ (109)
(109)
जिस दिन अल्लाह रसूलों को एकत्र करेगा, फिर कहेगा : तुम्हें क्या उत्तर दिया गया? वे कहेंगे : हमें कोई ज्ञान नहीं।1 निःसंदेह तू ही छिपी बातों को ख़ूब जानने वाला है।
५:११०
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ फ़रमाएगा qāla
फ़रमाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَـٰعِيسَى O Isa yāʿīsā
O Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ऐ ईसा इब्ने मरियम maryama
ऐ ईसा इब्ने मरियम ٱذْكُرْ याद करो udh'kur
याद करो نِعْمَتِى मेरी नेअमत (जो) niʿ'matī
मेरी नेअमत (जो) عَلَيْكَ तुझ पर है ʿalayka
तुझ पर है وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon وَٰلِدَتِكَ और तेरी वालिदा पर wālidatika
और तेरी वालिदा पर إِذْ जब idh
जब أَيَّدتُّكَ ताईद की मैंने तुम्हारी ayyadttuka
ताईद की मैंने तुम्हारी بِرُوحِ with (the) Spirit birūḥi
with (the) Spirit ٱلْقُدُسِ साथ रूहुल क़ुदुस के l-qudusi
साथ रूहुल क़ुदुस के تُكَلِّمُ तू कलाम करता था tukallimu
तू कलाम करता था ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से فِى in fī
in ٱلْمَهْدِ गहवारे में l-mahdi
गहवारे में وَكَهْلًۭا ۖ और अधेड़ उम्र में wakahlan
और अधेड़ उम्र में وَإِذْ और जब wa-idh
और जब عَلَّمْتُكَ तालीम दी मैंने तुझे ʿallamtuka
तालीम दी मैंने तुझे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَٱلتَّوْرَىٰةَ और तौरात wal-tawrāta
और तौरात وَٱلْإِنجِيلَ ۖ और इन्जील की wal-injīla
और इन्जील की وَإِذْ और जब wa-idh
और जब تَخْلُقُ तू बनाता था takhluqu
तू बनाता था مِنَ from mina
from ٱلطِّينِ मिट्टी से l-ṭīni
मिट्टी से كَهَيْـَٔةِ मानिन्द शक्ल kahayati
मानिन्द शक्ल ٱلطَّيْرِ परिन्दे की l-ṭayri
परिन्दे की بِإِذْنِى मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से فَتَنفُخُ फिर तू फूँक मारता था fatanfukhu
फिर तू फूँक मारता था فِيهَا उस में fīhā
उस में فَتَكُونُ फिर वो हो जाता था fatakūnu
फिर वो हो जाता था طَيْرًۢا परिन्दा ṭayran
परिन्दा بِإِذْنِى ۖ मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से وَتُبْرِئُ और तू अच्छा कर देता था watub'ri-u
और तू अच्छा कर देता था ٱلْأَكْمَهَ पैदाइशी अँधे को l-akmaha
पैदाइशी अँधे को وَٱلْأَبْرَصَ और बर्स वाले को wal-abraṣa
और बर्स वाले को بِإِذْنِى ۖ मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से وَإِذْ और जब wa-idh
और जब تُخْرِجُ तू निकालता था tukh'riju
तू निकालता था ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को بِإِذْنِى ۖ मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से وَإِذْ और जब wa-idh
और जब كَفَفْتُ रोका मैंने kafaftu
रोका मैंने بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को عَنكَ तुझसे ʿanka
तुझसे إِذْ जब idh
जब جِئْتَهُم लाया तू उनके पास ji'tahum
लाया तू उनके पास بِٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियाँ bil-bayināti
वाज़ेह निशानियाँ فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जिन्होंने alladhīna
उन्होंने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١١٠ (110)
(110)
जब قَالَ फ़रमाएगा qāla
फ़रमाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَـٰعِيسَى O Isa yāʿīsā
O Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ऐ ईसा इब्ने मरियम maryama
ऐ ईसा इब्ने मरियम ٱذْكُرْ याद करो udh'kur
याद करो نِعْمَتِى मेरी नेअमत (जो) niʿ'matī
मेरी नेअमत (जो) عَلَيْكَ तुझ पर है ʿalayka
तुझ पर है وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon وَٰلِدَتِكَ और तेरी वालिदा पर wālidatika
और तेरी वालिदा पर إِذْ जब idh
जब أَيَّدتُّكَ ताईद की मैंने तुम्हारी ayyadttuka
ताईद की मैंने तुम्हारी بِرُوحِ with (the) Spirit birūḥi
with (the) Spirit ٱلْقُدُسِ साथ रूहुल क़ुदुस के l-qudusi
साथ रूहुल क़ुदुस के تُكَلِّمُ तू कलाम करता था tukallimu
तू कलाम करता था ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से فِى in fī
in ٱلْمَهْدِ गहवारे में l-mahdi
गहवारे में وَكَهْلًۭا ۖ और अधेड़ उम्र में wakahlan
और अधेड़ उम्र में وَإِذْ और जब wa-idh
और जब عَلَّمْتُكَ तालीम दी मैंने तुझे ʿallamtuka
तालीम दी मैंने तुझे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَٱلتَّوْرَىٰةَ और तौरात wal-tawrāta
और तौरात وَٱلْإِنجِيلَ ۖ और इन्जील की wal-injīla
और इन्जील की وَإِذْ और जब wa-idh
और जब تَخْلُقُ तू बनाता था takhluqu
तू बनाता था مِنَ from mina
from ٱلطِّينِ मिट्टी से l-ṭīni
मिट्टी से كَهَيْـَٔةِ मानिन्द शक्ल kahayati
मानिन्द शक्ल ٱلطَّيْرِ परिन्दे की l-ṭayri
परिन्दे की بِإِذْنِى मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से فَتَنفُخُ फिर तू फूँक मारता था fatanfukhu
फिर तू फूँक मारता था فِيهَا उस में fīhā
उस में فَتَكُونُ फिर वो हो जाता था fatakūnu
फिर वो हो जाता था طَيْرًۢا परिन्दा ṭayran
परिन्दा بِإِذْنِى ۖ मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से وَتُبْرِئُ और तू अच्छा कर देता था watub'ri-u
और तू अच्छा कर देता था ٱلْأَكْمَهَ पैदाइशी अँधे को l-akmaha
पैदाइशी अँधे को وَٱلْأَبْرَصَ और बर्स वाले को wal-abraṣa
और बर्स वाले को بِإِذْنِى ۖ मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से وَإِذْ और जब wa-idh
और जब تُخْرِجُ तू निकालता था tukh'riju
तू निकालता था ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को بِإِذْنِى ۖ मेरे इज़्न से bi-idh'nī
मेरे इज़्न से وَإِذْ और जब wa-idh
और जब كَفَفْتُ रोका मैंने kafaftu
रोका मैंने بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को عَنكَ तुझसे ʿanka
तुझसे إِذْ जब idh
जब جِئْتَهُم लाया तू उनके पास ji'tahum
लाया तू उनके पास بِٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियाँ bil-bayināti
वाज़ेह निशानियाँ فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जिन्होंने alladhīna
उन्होंने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١١٠ (110)
(110)
(तथा याद करो) जब अल्लाह कहेगा : ऐ मरयम के पुत्र ईसा! अपने ऊपर तथा अपनी माता के ऊपर मेरा अनुग्रह याद कर, जब मैंने पवित्रात्मा (जिबरील) द्वारा तेरी सहायता की। तू गोद (पालने) में तथा अधेड़ आयु में लोगों से बातें करता था। तथा जब मैंने तुझे किताब और हिकमत तथा तौरात और इंजील की शिक्षा दी। और जब तू मेरी अनुमति से मिट्टी से पक्षी की आकृति की तरह (रूप) बनाता था, फिर तू उसमें फूँक मारता तो वह मेरी अनुमति से पक्षी बन जाता था और तू जन्म से अंधे तथा कोढ़ी को मेरी अनुमति से स्वस्थ कर देता था और जब तू मुर्दों को मेरी अनुमति से निकाल (जीवित) खड़ा करता था। और जब मैंने बनी इसराईल को तुझसे रोका, जब तू उनके पास खुली निशानियाँ लेकर आया, तो उनमें से कुफ़्र करने वालों ने कहा : यह तो स्पष्ट जादू के सिवा कुछ नहीं।
५:१११
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَوْحَيْتُ वही की मैंने awḥaytu
वही की मैंने إِلَى to ilā
to ٱلْحَوَارِيِّـۧنَ तरफ़ हवारियों के l-ḥawāriyīna
तरफ़ हवारियों के أَنْ ये कि an
ये कि ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِى मुझ पर bī
मुझ पर وَبِرَسُولِى और मेरे रसूल पर wabirasūlī
और मेरे रसूल पर قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَٱشْهَدْ और गवाह रह wa-ish'had
और गवाह रह بِأَنَّنَا बेशक हम bi-annanā
बेशक हम مُسْلِمُونَ मुसलमान हैं mus'limūna
मुसलमान हैं ١١١ (111)
(111)
और जब أَوْحَيْتُ वही की मैंने awḥaytu
वही की मैंने إِلَى to ilā
to ٱلْحَوَارِيِّـۧنَ तरफ़ हवारियों के l-ḥawāriyīna
तरफ़ हवारियों के أَنْ ये कि an
ये कि ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِى मुझ पर bī
मुझ पर وَبِرَسُولِى और मेरे रसूल पर wabirasūlī
और मेरे रसूल पर قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَٱشْهَدْ और गवाह रह wa-ish'had
और गवाह रह بِأَنَّنَا बेशक हम bi-annanā
बेशक हम مُسْلِمُونَ मुसलमान हैं mus'limūna
मुसलमान हैं ١١١ (111)
(111)
तथा (याद कर) जब मैंने हवारियों के दिलों में यह बात डाल दी कि मुझपर तथा मेरे रसूल (ईसा) पर ईमान लाओ। उन्होंने कहा : हम ईमान लाए और तू गवाह रह कि हम आज्ञाकारी हैं।
५:११२
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ कहा qāla
कहा ٱلْحَوَارِيُّونَ हवारियों ने l-ḥawāriyūna
हवारियों ने يَـٰعِيسَى O Isa yāʿīsā
O Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ऐ ईसा इब्ने मरियम maryama
ऐ ईसा इब्ने मरियम هَلْ क्या hal
क्या يَسْتَطِيعُ इस्तिताअत रखता है yastaṭīʿu
इस्तिताअत रखता है رَبُّكَ रब तेरा rabbuka
रब तेरा أَن कि an
कि يُنَزِّلَ वो उतारे yunazzila
वो उतारे عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مَآئِدَةًۭ एक दस्तरख़्वान māidatan
एक दस्तरख़्वान مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ ۖ आसमान से l-samāi
आसमान से قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ मोमिन mu'minīna
मोमिन ١١٢ (112)
(112)
जब قَالَ कहा qāla
कहा ٱلْحَوَارِيُّونَ हवारियों ने l-ḥawāriyūna
हवारियों ने يَـٰعِيسَى O Isa yāʿīsā
O Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ऐ ईसा इब्ने मरियम maryama
ऐ ईसा इब्ने मरियम هَلْ क्या hal
क्या يَسْتَطِيعُ इस्तिताअत रखता है yastaṭīʿu
इस्तिताअत रखता है رَبُّكَ रब तेरा rabbuka
रब तेरा أَن कि an
कि يُنَزِّلَ वो उतारे yunazzila
वो उतारे عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مَآئِدَةًۭ एक दस्तरख़्वान māidatan
एक दस्तरख़्वान مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ ۖ आसमान से l-samāi
आसमान से قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ मोमिन mu'minīna
मोमिन ١١٢ (112)
(112)
जब हवारियों ने कहा : ऐ मरयम के पुत्र ईसा! क्या तेरा पालनहार यह कर सकता है कि हमपर आकाश से एक थाल (भोजन सहित दस्तर-ख़्वान) उतार दे? उस (ईसा) ने कहा : अल्लाह से डरो, यदि तुम ईमान वाले हो।
५:११३
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा نُرِيدُ हम चाहते हैं nurīdu
हम चाहते हैं أَن कि an
कि نَّأْكُلَ हम खाऐं nakula
हम खाऐं مِنْهَا उससे min'hā
उससे وَتَطْمَئِنَّ और मुत्मईन हो जाऐं wataṭma-inna
और मुत्मईन हो जाऐं قُلُوبُنَا दिल हमारे qulūbunā
दिल हमारे وَنَعْلَمَ और हम जान लें wanaʿlama
और हम जान लें أَن कि an
कि قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ صَدَقْتَنَا सच कहा तूने हम से ṣadaqtanā
सच कहा तूने हम से وَنَكُونَ और हम हो जाऐं wanakūna
और हम हो जाऐं عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों में से l-shāhidīna
गवाहों में से ١١٣ (113)
(113)
उन्होंने कहा نُرِيدُ हम चाहते हैं nurīdu
हम चाहते हैं أَن कि an
कि نَّأْكُلَ हम खाऐं nakula
हम खाऐं مِنْهَا उससे min'hā
उससे وَتَطْمَئِنَّ और मुत्मईन हो जाऐं wataṭma-inna
और मुत्मईन हो जाऐं قُلُوبُنَا दिल हमारे qulūbunā
दिल हमारे وَنَعْلَمَ और हम जान लें wanaʿlama
और हम जान लें أَن कि an
कि قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ صَدَقْتَنَا सच कहा तूने हम से ṣadaqtanā
सच कहा तूने हम से وَنَكُونَ और हम हो जाऐं wanakūna
और हम हो जाऐं عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों में से l-shāhidīna
गवाहों में से ١١٣ (113)
(113)
उन्होंने कहा : हम चाहते हैं कि उसमें से खाएँ और हमारे दिलों को संतोष हो जाए तथा हम जान लें कि निश्चय तूने हमसे सच कहा है और हम उसपर गवाहों में से हो जाएँ।
५:११४
قَالَ
कहा
qāla
कहा عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम ने maryama
ईसा इब्ने मरियम ने ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَنزِلْ उतार anzil
उतार عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مَآئِدَةًۭ एक दस्तरख़्वान māidatan
एक दस्तरख़्वान مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से تَكُونُ वो हो जाए takūnu
वो हो जाए لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए عِيدًۭا ईद ʿīdan
ईद لِّأَوَّلِنَا वास्ते हमारे पहलों के li-awwalinā
वास्ते हमारे पहलों के وَءَاخِرِنَا और हमारे पिछलों के waākhirinā
और हमारे पिछलों के وَءَايَةًۭ और एक निशानी waāyatan
और एक निशानी مِّنكَ ۖ तेरी तरफ़ से minka
तेरी तरफ़ से وَٱرْزُقْنَا और रिज़्क़ दे हमें wa-ur'zuq'nā
और रिज़्क़ दे हमें وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلرَّٰزِقِينَ सब रिज़्क़ देने वालों से l-rāziqīna
सब रिज़्क़ देने वालों से ١١٤ (114)
(114)
कहा عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम ने maryama
ईसा इब्ने मरियम ने ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَنزِلْ उतार anzil
उतार عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مَآئِدَةًۭ एक दस्तरख़्वान māidatan
एक दस्तरख़्वान مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से تَكُونُ वो हो जाए takūnu
वो हो जाए لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए عِيدًۭا ईद ʿīdan
ईद لِّأَوَّلِنَا वास्ते हमारे पहलों के li-awwalinā
वास्ते हमारे पहलों के وَءَاخِرِنَا और हमारे पिछलों के waākhirinā
और हमारे पिछलों के وَءَايَةًۭ और एक निशानी waāyatan
और एक निशानी مِّنكَ ۖ तेरी तरफ़ से minka
तेरी तरफ़ से وَٱرْزُقْنَا और रिज़्क़ दे हमें wa-ur'zuq'nā
और रिज़्क़ दे हमें وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلرَّٰزِقِينَ सब रिज़्क़ देने वालों से l-rāziqīna
सब रिज़्क़ देने वालों से ١١٤ (114)
(114)
मरयम के पुत्र ईसा ने प्रार्थना की : ऐ अल्लाह! ऐ हमारे पालनहार! हम पर आकाश से एक थाल उतार, जो हमारे तथा हमारे पश्चात् के लोगों के लिए उत्सव (का दिन) बन जाए तथा तेरी ओर से एक निशानी (हो)। तथा हमें जीविका प्रदान कर, तू ही सबसे उत्तम जीविका प्रदान करने वाला है।
५:११५
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مُنَزِّلُهَا नाज़िल करने वाला हूँ उसे munazziluhā
नाज़िल करने वाला हूँ उसे عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بَعْدُ बाद उसके baʿdu
बाद उसके مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَإِنِّىٓ तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं أُعَذِّبُهُۥ मैं अज़ाब दूँगा उसे uʿadhibuhu
मैं अज़ाब दूँगा उसे عَذَابًۭا ऐसा अज़ाब ʿadhāban
ऐसा अज़ाब لَّآ not lā
not أُعَذِّبُهُۥٓ नहीं मैं अज़ाब दूँगा वो uʿadhibuhu
नहीं मैं अज़ाब दूँगा वो أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को مِّنَ among mina
among ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में से ١١٥ (115)
(115)
फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مُنَزِّلُهَا नाज़िल करने वाला हूँ उसे munazziluhā
नाज़िल करने वाला हूँ उसे عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بَعْدُ बाद उसके baʿdu
बाद उसके مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَإِنِّىٓ तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं أُعَذِّبُهُۥ मैं अज़ाब दूँगा उसे uʿadhibuhu
मैं अज़ाब दूँगा उसे عَذَابًۭا ऐसा अज़ाब ʿadhāban
ऐसा अज़ाब لَّآ not lā
not أُعَذِّبُهُۥٓ नहीं मैं अज़ाब दूँगा वो uʿadhibuhu
नहीं मैं अज़ाब दूँगा वो أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को مِّنَ among mina
among ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में से ١١٥ (115)
(115)
अल्लाह ने कहा : निःसंदेह मैं उसे तुमपर उतारने1 वाला हूँ। फिर जो उसके बाद तुममें से कुफ़्र (अविश्वास) करेगा, तो निःसंदेह मैं उसे दंड दूँगा, ऐसा दंड कि संसार वासियों में से किसी को न दूँगा।
५:११६
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ फ़रमाएगा qāla
फ़रमाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَـٰعِيسَى O Isa yāʿīsā
O Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ऐ ईसा इब्ने मरियम maryama
ऐ ईसा इब्ने मरियम ءَأَنتَ क्या तूने a-anta
क्या तूने قُلْتَ कहा था तूने qul'ta
कहा था तूने لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से ٱتَّخِذُونِى बना लो मुझे ittakhidhūnī
बना लो मुझे وَأُمِّىَ और मेरी माँ को wa-ummiya
और मेरी माँ को إِلَـٰهَيْنِ दो इलाह ilāhayni
दो इलाह مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَالَ वो कहेंगे qāla
वो कहेंगे سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू مَا नहीं mā
नहीं يَكُونُ है yakūnu
है لِىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए أَنْ कि an
कि أَقُولَ मैं कहूँ (वो बात) aqūla
मैं कहूँ (वो बात) مَا जिसका mā
जिसका لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لِى मुझे lī
मुझे بِحَقٍّ ۚ कोई हक़ biḥaqqin
कोई हक़ إِن अगर in
अगर كُنتُ था मैं kuntu
था मैं قُلْتُهُۥ कहता मैं उसको qul'tuhu
कहता मैं उसको فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ عَلِمْتَهُۥ ۚ तू जान लेता उसे ʿalim'tahu
तू जान लेता उसे تَعْلَمُ तू जानता है taʿlamu
तू जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in نَفْسِى मेरे नफ़्स में है nafsī
मेरे नफ़्स में है وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَعْلَمُ मैं जानता aʿlamu
मैं जानता مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in نَفْسِكَ ۚ तेरे नफ़्स में है nafsika
तेरे नफ़्स में है إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है عَلَّـٰمُ ख़ूब जानने वाला ʿallāmu
ख़ूब जानने वाला ٱلْغُيُوبِ ग़ैबों का l-ghuyūbi
ग़ैबों का ١١٦ (116)
(116)
और जब قَالَ फ़रमाएगा qāla
फ़रमाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَـٰعِيسَى O Isa yāʿīsā
O Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ऐ ईसा इब्ने मरियम maryama
ऐ ईसा इब्ने मरियम ءَأَنتَ क्या तूने a-anta
क्या तूने قُلْتَ कहा था तूने qul'ta
कहा था तूने لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से ٱتَّخِذُونِى बना लो मुझे ittakhidhūnī
बना लो मुझे وَأُمِّىَ और मेरी माँ को wa-ummiya
और मेरी माँ को إِلَـٰهَيْنِ दो इलाह ilāhayni
दो इलाह مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَالَ वो कहेंगे qāla
वो कहेंगे سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू مَا नहीं mā
नहीं يَكُونُ है yakūnu
है لِىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए أَنْ कि an
कि أَقُولَ मैं कहूँ (वो बात) aqūla
मैं कहूँ (वो बात) مَا जिसका mā
जिसका لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لِى मुझे lī
मुझे بِحَقٍّ ۚ कोई हक़ biḥaqqin
कोई हक़ إِن अगर in
अगर كُنتُ था मैं kuntu
था मैं قُلْتُهُۥ कहता मैं उसको qul'tuhu
कहता मैं उसको فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ عَلِمْتَهُۥ ۚ तू जान लेता उसे ʿalim'tahu
तू जान लेता उसे تَعْلَمُ तू जानता है taʿlamu
तू जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in نَفْسِى मेरे नफ़्स में है nafsī
मेरे नफ़्स में है وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَعْلَمُ मैं जानता aʿlamu
मैं जानता مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in نَفْسِكَ ۚ तेरे नफ़्स में है nafsika
तेरे नफ़्स में है إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है عَلَّـٰمُ ख़ूब जानने वाला ʿallāmu
ख़ूब जानने वाला ٱلْغُيُوبِ ग़ैबों का l-ghuyūbi
ग़ैबों का ١١٦ (116)
(116)
तथा जब अल्लाह (क़ियामत के दिन) कहेगा : ऐ मरयम के पुत्र ईसा! क्या तुमने लोगों से कहा था कि मुझे तथा मेरी माँ को अल्लाह के अलावा दो पूज्य बना लो? वह कहेगा : तू पवित्र है, मुझसे यह कैसे हो सकता है कि ऐसी बात कहूँ, जिसका मुझे कोई अधिकार नहीं? यदि मैंने यह बात कही थी, तो निश्चय तूने उसे जान लिया। तू जानता है, जो मेरे मन में है और मैं नहीं जानता जो तेरे मन में है। निश्चय तू ही सब छिपी बातों (परोक्ष)) को बहुत ख़ूब जानने वाला है।
५:११७
مَا
नहीं
mā
नहीं قُلْتُ कहा था मैंने qul'tu
कहा था मैंने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर مَآ जो mā
जो أَمَرْتَنِى हुक्म दिया तूने मुझे amartanī
हुक्म दिया तूने मुझे بِهِۦٓ जिसका bihi
जिसका أَنِ कि ani
कि ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की رَبِّى जो रब है मेरा rabbī
जो रब है मेरा وَرَبَّكُمْ ۚ और रब है तुम्हारा warabbakum
और रब है तुम्हारा وَكُنتُ और था मैं wakuntu
और था मैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह مَّا that mā
that دُمْتُ जब तक मैं रहा dum'tu
जब तक मैं रहा فِيهِمْ ۖ उनमें fīhim
उनमें فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَوَفَّيْتَنِى फ़ौत कर दिया तूने मुझे tawaffaytanī
फ़ौत कर दिया तूने मुझे كُنتَ था तू kunta
था तू أَنتَ तू ही anta
तू ही ٱلرَّقِيبَ निगरान l-raqība
निगरान عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के شَهِيدٌ ख़ूब गवाह है shahīdun
ख़ूब गवाह है ١١٧ (117)
(117)
नहीं قُلْتُ कहा था मैंने qul'tu
कहा था मैंने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर مَآ जो mā
जो أَمَرْتَنِى हुक्म दिया तूने मुझे amartanī
हुक्म दिया तूने मुझे بِهِۦٓ जिसका bihi
जिसका أَنِ कि ani
कि ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की رَبِّى जो रब है मेरा rabbī
जो रब है मेरा وَرَبَّكُمْ ۚ और रब है तुम्हारा warabbakum
और रब है तुम्हारा وَكُنتُ और था मैं wakuntu
और था मैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह مَّا that mā
that دُمْتُ जब तक मैं रहा dum'tu
जब तक मैं रहा فِيهِمْ ۖ उनमें fīhim
उनमें فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَوَفَّيْتَنِى फ़ौत कर दिया तूने मुझे tawaffaytanī
फ़ौत कर दिया तूने मुझे كُنتَ था तू kunta
था तू أَنتَ तू ही anta
तू ही ٱلرَّقِيبَ निगरान l-raqība
निगरान عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के شَهِيدٌ ख़ूब गवाह है shahīdun
ख़ूब गवाह है ١١٧ (117)
(117)
मैंने उनसे उसके सिवा कुछ नहीं कहा, जिसका तूने मुझे आदेश दिया था कि अल्लाह की इबादत करो, जो मेरा पालनहार और तुम्हारा पालनहार है। और मैं उनपर गवाह था, जब तक उनमें रहा, फिर जब तूने मुझे उठा लिया1, तो तू ही उनपर निरीक्षक था और तू हर चीज़ पर गवाह है।
५:११८
إِن
अगर
in
अगर تُعَذِّبْهُمْ तू अज़ाब दे उन्हें tuʿadhib'hum
तू अज़ाब दे उन्हें فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो عِبَادُكَ ۖ बन्दे हैं तेरे ʿibāduka
बन्दे हैं तेरे وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَغْفِرْ तू बख़्श दे taghfir
तू बख़्श दे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فَإِنَّكَ तो बेशक तू fa-innaka
तो बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला ١١٨ (118)
(118)
अगर تُعَذِّبْهُمْ तू अज़ाब दे उन्हें tuʿadhib'hum
तू अज़ाब दे उन्हें فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो عِبَادُكَ ۖ बन्दे हैं तेरे ʿibāduka
बन्दे हैं तेरे وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَغْفِرْ तू बख़्श दे taghfir
तू बख़्श दे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فَإِنَّكَ तो बेशक तू fa-innaka
तो बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला ١١٨ (118)
(118)
यदि तू उन्हें दंड दे, तो निःसंदेह वे तेरे बंदे हैं और यदि तू उन्हें क्षमा कर दे, तो निःसंदेह तू ही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
५:११९
قَالَ
फ़रमाएगा
qāla
फ़रमाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह هَـٰذَا ये hādhā
ये يَوْمُ दिन है yawmu
दिन है يَنفَعُ नफ़ा देगा yanfaʿu
नफ़ा देगा ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों को l-ṣādiqīna
सच्चों को صِدْقُهُمْ ۚ सच उनका ṣid'quhum
सच उनका لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٌۭ बाग़ात हैं jannātun
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۚ अब्द तक /हमेशा abadan
अब्द तक /हमेशा رَّضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए عَنْهُ ۚ उससे ʿanhu
उससे ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١١٩ (119)
(119)
फ़रमाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह هَـٰذَا ये hādhā
ये يَوْمُ दिन है yawmu
दिन है يَنفَعُ नफ़ा देगा yanfaʿu
नफ़ा देगा ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों को l-ṣādiqīna
सच्चों को صِدْقُهُمْ ۚ सच उनका ṣid'quhum
सच उनका لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٌۭ बाग़ात हैं jannātun
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۚ अब्द तक /हमेशा abadan
अब्द तक /हमेशा رَّضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए عَنْهُ ۚ उससे ʿanhu
उससे ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١١٩ (119)
(119)
अल्लाह कहेगा : यह वह दिन है कि सच्चों को उनका सच ही लाभ देगा। उन के लिए ऐसे बाग़ हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, उनमें हमेशा-हमेशा के लिए रहने वाले हैं। अल्लाह उनसे प्रसन्न हो गया तथा वे अल्लाह से प्रसन्न हो गए, यही बहुत बड़ी सफलता है।
५:१२०
لِلَّهِ
अल्लाह ही के लिए है
lillahi
अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِيهِنَّ ۚ उनमें है fīhinna
उनमें है وَهُوَ और वो wahuwa
और वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۢ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ١٢٠ (120)
(120)
अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِيهِنَّ ۚ उनमें है fīhinna
उनमें है وَهُوَ और वो wahuwa
और वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۢ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ١٢٠ (120)
(120)
आकाशों और धरती तथा जो कुछ उनमें है, उन सबका राज्य अल्लाह ही1 के लिए है और वह हर चीज़ पर शक्ति रखने वाला है।