५८

अल-मुजादला

मदनी २२ आयतें पारा २८
المجادلة
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५८:१
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
سَمِعَ सुन ली samiʿa
सुन ली
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
قَوْلَ बात qawla
बात
ٱلَّتِى उस औरत की जो allatī
उस औरत की जो
تُجَـٰدِلُكَ झगड़ रही थी आपसे tujādiluka
झगड़ रही थी आपसे
فِى concerning
concerning
زَوْجِهَا अपने शौहर के बारे में zawjihā
अपने शौहर के बारे में
وَتَشْتَكِىٓ और वो शिकायत कर रही थी watashtakī
और वो शिकायत कर रही थी
إِلَى to ilā
to
ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
يَسْمَعُ वो सुन रहा था yasmaʿu
वो सुन रहा था
تَحَاوُرَكُمَآ ۚ गुफ़्तगू तुम दोनों की taḥāwurakumā
गुफ़्तगू तुम दोनों की
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
سَمِيعٌۢ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है
بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
١ (1)
(1)
निश्चय अल्लाह ने उस स्त्री की बात सुन ली, जो (ऐ रसूल) आपसे अपने पति के बारे में झगड़ रही थी तथा अल्लाह से शिकायत कर रही थी और अल्लाह तुम दोनों का वार्तालाप सुन रहा था। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है।
५८:२
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يُظَـٰهِرُونَ ज़िहार करते हैं yuẓāhirūna
ज़िहार करते हैं
مِنكُم तुम में से minkum
तुम में से
مِّن [from] min
[from]
نِّسَآئِهِم अपनी बीवियों से nisāihim
अपनी बीवियों से
مَّا नहीं हैं
नहीं हैं
هُنَّ वो hunna
वो
أُمَّهَـٰتِهِمْ ۖ माँऐं उनकी ummahātihim
माँऐं उनकी
إِنْ नहीं in
नहीं
أُمَّهَـٰتُهُمْ माँऐं उनकी ummahātuhum
माँऐं उनकी
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلَّـٰٓـِٔى वो जिन्होंने allāī
वो जिन्होंने
وَلَدْنَهُمْ ۚ जन्म दिया उन्हें waladnahum
जन्म दिया उन्हें
وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो
لَيَقُولُونَ अलबत्ता वो कहते हैं layaqūlūna
अलबत्ता वो कहते हैं
مُنكَرًۭا नामाक़ूल/नापसंदीदा munkaran
नामाक़ूल/नापसंदीदा
مِّنَ [of] mina
[of]
ٱلْقَوْلِ बात l-qawli
बात
وَزُورًۭا ۚ और झूठ wazūran
और झूठ
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
لَعَفُوٌّ अलबत्ता बहुत माफ़ करने वाला है laʿafuwwun
अलबत्ता बहुत माफ़ करने वाला है
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
٢ (2)
(2)
तुममें से जो लोग अपनी पत्नियों से ज़िहार1 करते हैं, वे उनकी माएँ नहीं हैं। उनकी माएँ तो वही हैं, जिन्होंने उन्हें जन्म दिया है। निःसंदेह वे निश्चित रूप से एक अनुचित बात और झूठ कहते हैं। और निःसंदेह अल्लाह निश्चित रूप से बहुत माफ़ करने वाला, अत्यंत क्षमाशील है।
५८:३
وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो
يُظَـٰهِرُونَ ज़िहार करते हैं yuẓāhirūna
ज़िहार करते हैं
مِن [from] min
[from]
نِّسَآئِهِمْ अपनी बीवियों से nisāihim
अपनी बीवियों से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَعُودُونَ वो रुजूअ कर लेते हैं yaʿūdūna
वो रुजूअ कर लेते हैं
لِمَا उससे जो limā
उससे जो
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
فَتَحْرِيرُ पस आज़ाद करना है fataḥrīru
पस आज़ाद करना है
رَقَبَةٍۢ एक गर्दन का raqabatin
एक गर्दन का
مِّن before min
before
قَبْلِ इससे क़ब्ल qabli
इससे क़ब्ल
أَن कि an
कि
يَتَمَآسَّا ۚ वो दोनों एक दूसरे को छुऐं yatamāssā
वो दोनों एक दूसरे को छुऐं
ذَٰلِكُمْ ये है dhālikum
ये है
تُوعَظُونَ तुम नसीहत किए जाते हो tūʿaẓūna
तुम नसीहत किए जाते हो
بِهِۦ ۚ जिसकी bihi
जिसकी
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उससे जो bimā
उससे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है
٣ (3)
(3)
और जो लोग अपनी पत्नियों से ज़िहार कर लेते हैं, फिर अपनी कही हुई बात वापस लेना चाहते हैं, तो (उसका कफ़्फ़ारा यह है कि उन्हें) एक-दूसरे को हाथ लगाने1 से पहले एक दास मुक्त करना है। यह है वह (हुक्म) जिसकी तुम्हें शिक्षा दी जाती है और अल्लाह उससे जो तुम करते हो, भली-भाँति अवगत है।
५८:४
فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई
لَّمْ ना lam
ना
يَجِدْ पाए (ग़ुलाम) yajid
पाए (ग़ुलाम)
فَصِيَامُ तो रोज़े रखना है faṣiyāmu
तो रोज़े रखना है
شَهْرَيْنِ दो माह के shahrayni
दो माह के
مُتَتَابِعَيْنِ मुसलसल mutatābiʿayni
मुसलसल
مِن before min
before
قَبْلِ इससे क़ब्ल qabli
इससे क़ब्ल
أَن कि an
कि
يَتَمَآسَّا ۖ वो दोनों एक दूसरे को छुऐं yatamāssā
वो दोनों एक दूसरे को छुऐं
فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई
لَّمْ ना lam
ना
يَسْتَطِعْ इस्तिताअत रखता हो yastaṭiʿ
इस्तिताअत रखता हो
فَإِطْعَامُ तो खाना खिलाना है fa-iṭ'ʿāmu
तो खाना खिलाना है
سِتِّينَ साठ sittīna
साठ
مِسْكِينًۭا ۚ मिसकीनों का mis'kīnan
मिसकीनों का
ذَٰلِكَ ये (इस लिए है) dhālika
ये (इस लिए है)
لِتُؤْمِنُوا۟ ताकि तुम ईमान लाओ litu'minū
ताकि तुम ईमान लाओ
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرَسُولِهِۦ ۚ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर
وَتِلْكَ और ये watil'ka
और ये
حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं
ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
وَلِلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों के लिए walil'kāfirīna
और काफ़िरों के लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٤ (4)
(4)
फिर जो व्यक्ति (दास) न पाए, तो उसे एक-दूसरे को हाथ लगाने से पहले निरंतर दो महीने रोज़े रखना है। फिर जो इसका (भी) सामर्थ्य न रखे, उसे साठ निर्धनों को भोजन कराना है। यह (आदेश) इसलिए है, ताकि तुम अल्लाह तथा उसके रसूल पर ईमान लाओ। और ये अल्लाह की सीमाएँ हैं तथा काफ़िरों के लिए दुःखदायी यातना है।
५८:५
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يُحَآدُّونَ मुख़ालिफ़त करते हैं yuḥāddūna
मुख़ालिफ़त करते हैं
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की
كُبِتُوا۟ वो ज़लील किए जाऐंगे kubitū
वो ज़लील किए जाऐंगे
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
كُبِتَ ज़लील किए गए थे kubita
ज़लील किए गए थे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
مِن before them min
before them
قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़
أَنزَلْنَآ नाज़िल कीं हमने anzalnā
नाज़िल कीं हमने
ءَايَـٰتٍۭ आयात āyātin
आयात
بَيِّنَـٰتٍۢ ۚ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह
وَلِلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों के लिए है walil'kāfirīna
और काफ़िरों के लिए है
عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
مُّهِينٌۭ रुस्वा करने वाला muhīnun
रुस्वा करने वाला
٥ (5)
(5)
निश्चय जो लोग अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करते हैं, वे अपमानित किए जाएँगे, जैसे उनसे पहले के लोग अपमानित किए गए। और हमने स्पष्ट आयतें उतार दी हैं। और काफ़िरों के लिए अपमानकारी यातना है।
५८:६
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يَبْعَثُهُمُ उठाएगा उन्हें yabʿathuhumu
उठाएगा उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
جَمِيعًۭا सब के सब को jamīʿan
सब के सब को
فَيُنَبِّئُهُم फिर वो बताएगा उन्हें fayunabbi-uhum
फिर वो बताएगा उन्हें
بِمَا वो जो bimā
वो जो
عَمِلُوٓا۟ ۚ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए
أَحْصَىٰهُ गिन रखा है उसे aḥṣāhu
गिन रखा है उसे
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
وَنَسُوهُ ۚ जब कि वो भूल चुके हैं उसे wanasūhu
जब कि वो भूल चुके हैं उसे
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
شَهِيدٌ गवाह है shahīdun
गवाह है
٦ (6)
(6)
जिस दिन अल्लाह उन सब को जीवित कर उठाएगा, फिर उन्हें बताएगा जो उन्होंने किया। अल्लाह ने उसे संरक्षित कर रखा है और वे उसे भूल गए। और अल्लाह प्रत्येक वस्तु पर गवाह है।
५८:७
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा
أَنَّ बेशक anna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
مَا नहीं
नहीं
يَكُونُ होती yakūnu
होती
مِن any min
any
نَّجْوَىٰ कोई सरगोशी najwā
कोई सरगोशी
ثَلَـٰثَةٍ तीन (लोगों) की thalāthatin
तीन (लोगों) की
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ वो huwa
वो
رَابِعُهُمْ चौथा है उनका rābiʿuhum
चौथा है उनका
وَلَا और ना walā
और ना
خَمْسَةٍ पाँच (लोगों) की khamsatin
पाँच (लोगों) की
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ वो huwa
वो
سَادِسُهُمْ छठा है उनका sādisuhum
छठा है उनका
وَلَآ और ना walā
और ना
أَدْنَىٰ कम adnā
कम
مِن than min
than
ذَٰلِكَ इससे dhālika
इससे
وَلَآ और ना walā
और ना
أَكْثَرَ ज़्यादा akthara
ज़्यादा
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ वो huwa
वो
مَعَهُمْ साथ है उनके maʿahum
साथ है उनके
أَيْنَ wherever ayna
wherever
مَا जहाँ-कहीं
जहाँ-कहीं
كَانُوا۟ ۖ वो हों kānū
वो हों
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يُنَبِّئُهُم वो बताएगा उन्हें yunabbi-uhum
वो बताएगा उन्हें
بِمَا जो bimā
जो
عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
بِكُلِّ हर bikulli
हर
شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को
عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
٧ (7)
(7)
क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह जानता है, जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है? तीन व्यक्तियों की कोई कानाफूसी नहीं होती, परंतु वह (अल्लाह) उनका चौथा होता है। और न पाँच (आदमियों) की, परंतु वह उनका छठा होता है। और न इससे कम और न अधिक की, परंतु वह उनके साथ होता1 है, वे जहाँ भी हों। फिर वह क़ियामत के दिन उन्हें उनके कर्मों से सूचित कर देगा। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक वस्तु से भली-भाँति अवगत है।
५८:८
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा
إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़
ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो
نُهُوا۟ रोके गए nuhū
रोके गए
عَنِ from ʿani
from
ٱلنَّجْوَىٰ सरगोशी से l-najwā
सरगोशी से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَعُودُونَ वो लौटते हैं yaʿūdūna
वो लौटते हैं
لِمَا तरफ़ उसके जो limā
तरफ़ उसके जो
نُهُوا۟ वो रोके गए थे nuhū
वो रोके गए थे
عَنْهُ जिससे ʿanhu
जिससे
وَيَتَنَـٰجَوْنَ और वो बाहम सरगोशियाँ करते हैं wayatanājawna
और वो बाहम सरगोशियाँ करते हैं
بِٱلْإِثْمِ गुनाह की bil-ith'mi
गुनाह की
وَٱلْعُدْوَٰنِ और ज़्यादाती की wal-ʿud'wāni
और ज़्यादाती की
وَمَعْصِيَتِ and disobedience wamaʿṣiyati
and disobedience
ٱلرَّسُولِ और रसूल की नाफ़रमानी की l-rasūli
और रसूल की नाफ़रमानी की
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
جَآءُوكَ वो आते हैं आपके पास jāūka
वो आते हैं आपके पास
حَيَّوْكَ वो सलाम करते हैं आपको ḥayyawka
वो सलाम करते हैं आपको
بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो
لَمْ नहीं lam
नहीं
يُحَيِّكَ सलाम कहा आपको yuḥayyika
सलाम कहा आपको
بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं
فِىٓ among
among
أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों में anfusihim
अपने नफ़्सों में
لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं
يُعَذِّبُنَا अज़ाब देता हमें yuʿadhibunā
अज़ाब देता हमें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
نَقُولُ ۚ हम कहते हैं naqūlu
हम कहते हैं
حَسْبُهُمْ काफ़ी है उन्हें ḥasbuhum
काफ़ी है उन्हें
جَهَنَّمُ जहन्नम jahannamu
जहन्नम
يَصْلَوْنَهَا ۖ वो जलेंगे उसमें yaṣlawnahā
वो जलेंगे उसमें
فَبِئْسَ पस कितनी बुरी है fabi'sa
पस कितनी बुरी है
ٱلْمَصِيرُ लौटने जगह l-maṣīru
लौटने जगह
٨ (8)
(8)
क्या आपने उन लोगों को नहीं देखा, जिन्हें कानाफूसी1 से रोका गया, फिर वे वही करते हैं, जिससे उन्हें मना किया गया था? तथा आपस में पाप, अत्याचार और रसूल की अवज्ञा की कानाफूसी करते हैं। और जब आपके पास आते हैं, तो आपको (ऐसे शब्दों के साथ) सलाम करते हैं, जिनके साथ अल्लाह ने आपको सलाम नहीं किया। तथा अपने दिलों में कहते हैं : हम जो कुछ कहते हैं, उसपर अल्लाह हमें यातना2 क्यों नहीं देता? उनके लिए जहन्नम ही काफ़ी है, जिसमें वे दाखिल होंगे। वह बहुत बुरा ठिकाना है।
५८:९
يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe
ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो
ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
إِذَا जब idhā
जब
تَنَـٰجَيْتُمْ तुम बाहम सरगोशी करो tanājaytum
तुम बाहम सरगोशी करो
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَتَنَـٰجَوْا۟ तुम सरगोशी करो tatanājaw
तुम सरगोशी करो
بِٱلْإِثْمِ गुनाह की bil-ith'mi
गुनाह की
وَٱلْعُدْوَٰنِ और ज़्यादती की wal-ʿud'wāni
और ज़्यादती की
وَمَعْصِيَتِ and disobedience wamaʿṣiyati
and disobedience
ٱلرَّسُولِ और रसूल की नाफ़रमानी की l-rasūli
और रसूल की नाफ़रमानी की
وَتَنَـٰجَوْا۟ बल्कि सरगोशी करो watanājaw
बल्कि सरगोशी करो
بِٱلْبِرِّ नेकी की bil-biri
नेकी की
وَٱلتَّقْوَىٰ ۖ और तक़्वा की wal-taqwā
और तक़्वा की
وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे
٩ (9)
(9)
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! जब तुम कानाफूसी करो, तो पाप तथा अत्याचार एवं रसूल की अवज्ञा की कानाफूसी न करो, बल्कि नेकी तथा तक़वा की कानाफूसी करो, और अल्लाह से डरते रहो, जिसकी ओर तुम एकत्रित किए जाओगे।
५८:१०
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
ٱلنَّجْوَىٰ सरगोशी l-najwā
सरगोशी
مِنَ (are) from mina
(are) from
ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की तरफ़ से है l-shayṭāni
शैतान की तरफ़ से है
لِيَحْزُنَ ताकि वो ग़मगीन करे liyaḥzuna
ताकि वो ग़मगीन करे
ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَلَيْسَ हालाँकि नहीं वो walaysa
हालाँकि नहीं वो
بِضَآرِّهِمْ नुक़्सान देने वाले उन्हें biḍārrihim
नुक़्सान देने वाले उन्हें
شَيْـًٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
إِلَّا मगर illā
मगर
بِإِذْنِ by Allah's permission bi-idh'ni
by Allah's permission
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न स l-lahi
अल्लाह के इज़्न स
وَعَلَى And upon waʿalā
And upon
ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर
فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए की तवक्कुल करें falyatawakkali
पस चाहिए की तवक्कुल करें
ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन l-mu'minūna
मोमिन
١٠ (10)
(10)
यह कानाफूसी तो मात्र शैतान की ओर से है, ताकि वह ईमान वालों को दुखी1 करे, हालाँकि वह अल्लाह की अनुमति के बिना उन्हें कुछ भी नुकसान नहीं पहुँचा सकता। और ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा रखना चाहिए।
५८:११
يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
إِذَا जब idhā
जब
قِيلَ कहा जाए qīla
कहा जाए
لَكُمْ तुमसे lakum
तुमसे
تَفَسَّحُوا۟ कुशादगी करो tafassaḥū
कुशादगी करो
فِى in
in
ٱلْمَجَـٰلِسِ मजलिसों में l-majālisi
मजलिसों में
فَٱفْسَحُوا۟ तो कुशादगी किया करो fa-if'saḥū
तो कुशादगी किया करो
يَفْسَحِ कुशादगी कर देगा yafsaḥi
कुशादगी कर देगा
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
قِيلَ कहा जाए qīla
कहा जाए
ٱنشُزُوا۟ उठ जाओ unshuzū
उठ जाओ
فَٱنشُزُوا۟ तो उठ जाया करो fa-unshuzū
तो उठ जाया करो
يَرْفَعِ बुलन्द करता है yarfaʿi
बुलन्द करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلَّذِينَ उन लोगों को जो alladhīna
उन लोगों को जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए
ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म
دَرَجَـٰتٍۢ ۚ दरजात में darajātin
दरजात में
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उससे जो bimā
उससे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है
١١ (11)
(11)
ऐ ईमान वालो! जब तुमसे कहा जाए कि सभाओं में जगह कुशादा1 कर दो, तो कुशादा कर दिया करो। अल्लाह तुम्हारे लिए विस्तार पैदा करेगा। तथा जब कहा जाए कि उठ जाओ, तो उठ जाया करो। अल्लाह तुममें से उन लोगों के दर्जे ऊँचे2 कर देगा, जो ईमान लाए तथा जिन्हें ज्ञान प्रदान किया गया है। तथा तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह उससे भली-भाँति अवगत है।
५८:१२
يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe
ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो
ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
إِذَا जब idhā
जब
نَـٰجَيْتُمُ सरगोशी करो तुम nājaytumu
सरगोशी करो तुम
ٱلرَّسُولَ रसूल से l-rasūla
रसूल से
فَقَدِّمُوا۟ तो पेश करो faqaddimū
तो पेश करो
بَيْنَ before bayna
before
يَدَىْ पहले yaday
पहले
نَجْوَىٰكُمْ उपने सरगोशी के najwākum
उपने सरगोशी के
صَدَقَةًۭ ۚ सदक़ा ṣadaqatan
सदक़ा
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
وَأَطْهَرُ ۚ और ज़्यादा पाकीज़ा wa-aṭharu
और ज़्यादा पाकीज़ा
فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर
لَّمْ ना lam
ना
تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
١٢ (12)
(12)
ऐ ईमान वालो! जब तुम रसूल से गुप्त रूप से बात करो, तो गुप्त रूप से बात करने से पहले कुछ दान करो।1 यह तुम्हारे लिए उत्तम तथा अधिक पवित्र है। फिर यदि तुम (दान के लिए कुछ) न पाओ, तो अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
५८:१३
ءَأَشْفَقْتُمْ क्या डर गए तुम a-ashfaqtum
क्या डर गए तुम
أَن कि an
कि
تُقَدِّمُوا۟ तुम पेश करो tuqaddimū
तुम पेश करो
بَيْنَ before bayna
before
يَدَىْ पहले yaday
पहले
نَجْوَىٰكُمْ अपनी सरगोशी से najwākum
अपनी सरगोशी से
صَدَقَـٰتٍۢ ۚ सदाक़त ṣadaqātin
सदाक़त
فَإِذْ फिर जब fa-idh
फिर जब
لَمْ ना lam
ना
تَفْعَلُوا۟ तुमने किया tafʿalū
तुमने किया
وَتَابَ और महरबान हुआ watāba
और महरबान हुआ
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
فَأَقِيمُوا۟ तो क़ायम करो fa-aqīmū
तो क़ायम करो
ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़
وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो
ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात
وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
وَرَسُولَهُۥ ۚ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
خَبِيرٌۢ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है
بِمَا उससे जो bimā
उससे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
١٣ (13)
(13)
क्या तुम इससे डर गए कि अपनी गुप्त रूप से बात-चीत से पहले कुछ दान करो? सो, जब तुमने ऐसा नहीं किया और अल्लाह ने तुम्हें क्षमा कर दिया, तो नमाज़ कायम करो तथा ज़कात दो और अल्लाह तथा उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो और तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह उससे पूरी तरह अवगत है।
५८:१४
۞ أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आप ने देखा tara
आप ने देखा
إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़
ٱلَّذِينَ उन लोगों के जिन्होंने alladhīna
उन लोगों के जिन्होंने
تَوَلَّوْا۟ दोस्त बनाया tawallaw
दोस्त बनाया
قَوْمًا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को
غَضِبَ ग़ज़बनाक हुआ ghaḍiba
ग़ज़बनाक हुआ
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مَّا नहीं
नहीं
هُم वो hum
वो
مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
وَلَا और ना walā
और ना
مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
وَيَحْلِفُونَ और वो क़समें खाते हैं wayaḥlifūna
और वो क़समें खाते हैं
عَلَى to ʿalā
to
ٱلْكَذِبِ झूठ पर l-kadhibi
झूठ पर
وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो
يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं
١٤ (14)
(14)
क्या आपने उन लोगों को नहीं देखा1, जिन्होंने उस समुदाय को मित्र बना लिया, जिसपर अल्लाह क्रोधित हुआ? वे न तुममें से हैं और न उनमें से। और वे जान-बूझकर झूठी बात पर क़समें खाते हैं।
५८:१५
أَعَدَّ तैयार कर रखा है aʿadda
तैयार कर रखा है
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब
شَدِيدًا ۖ सख़्त shadīdan
सख़्त
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है
مَا जो
जो
كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
١٥ (15)
(15)
अल्लाह ने उनके लिए बड़ी कठोर यातना तैयार कर रखी है। निःसंदेह वह बहुत बुरा है, जो वे करते रहे हैं।
५८:१६
ٱتَّخَذُوٓا۟ उन्होंने बना लिया ittakhadhū
उन्होंने बना लिया
أَيْمَـٰنَهُمْ अपनी क़समों को aymānahum
अपनी क़समों को
جُنَّةًۭ ढाल junnatan
ढाल
فَصَدُّوا۟ फिर उन्होंने रोका faṣaddū
फिर उन्होंने रोका
عَن from ʿan
from
سَبِيلِ (the) way of Allah sabīli
(the) way of Allah
ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से
فَلَهُمْ पस उनके लिए falahum
पस उनके लिए
عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
مُّهِينٌۭ रुस्वा करने वाला muhīnun
रुस्वा करने वाला
١٦ (16)
(16)
उन्होंने अपनी क़समों को ढाल बना लिया। फिर (लोगों को) अल्लाह के मार्ग से रोका। अतः उनके लिए अपमानकारी यातना है।
५८:१७
لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना
تُغْنِىَ काम आऐंगे tugh'niya
काम आऐंगे
عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें
أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके
وَلَآ और ना walā
और ना
أَوْلَـٰدُهُم औलाद उनकी awlāduhum
औलाद उनकी
مِّنَ against mina
against
ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से
شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी
ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के
هُمْ वो hum
वो
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं
١٧ (17)
(17)
उनके धन और उनकी संतान अल्लाह के समक्ष हरगिज़ उनके किसी काम न आएँगे। ये लोग जहन्नम के वासी हैं। वे उसमें हमेशा रहेंगे।
५८:१८
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يَبْعَثُهُمُ उठाएगा उन्हें yabʿathuhumu
उठाएगा उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
جَمِيعًۭا सब के सब को jamīʿan
सब के सब को
فَيَحْلِفُونَ फिर वो क़समें खाऐंगे fayaḥlifūna
फिर वो क़समें खाऐंगे
لَهُۥ उसके सामने lahu
उसके सामने
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
يَحْلِفُونَ वो क़समें खाते हैं yaḥlifūna
वो क़समें खाते हैं
لَكُمْ ۖ तुम्हारे सामने lakum
तुम्हारे सामने
وَيَحْسَبُونَ और वो समझते हैं wayaḥsabūna
और वो समझते हैं
أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
شَىْءٍ ۚ एक चीज़ के हैं shayin
एक चीज़ के हैं
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
هُمُ वो ही humu
वो ही
ٱلْكَـٰذِبُونَ झूठे हैं l-kādhibūna
झूठे हैं
١٨ (18)
(18)
जिस दिन अल्लाह उन सब को उठाएगा, तो वे उसके सामने क़समें खाएँगे, जिस तरह तुम्हारे सामने क़समें खाते हैं। और वे समझेंगे कि वे किसी चीज़ (आधार)1 पर (क़ायम) हैं। सुन लो! निश्चय वही झूठे हैं।
५८:१९
ٱسْتَحْوَذَ ग़लबा पा लिया is'taḥwadha
ग़लबा पा लिया
عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर
ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने
فَأَنسَىٰهُمْ तो उसने भुला दिया उन्हें fa-ansāhum
तो उसने भुला दिया उन्हें
ذِكْرَ ज़िक्र dhik'ra
ज़िक्र
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
حِزْبُ गिरोह ḥiz'bu
गिरोह
ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान का l-shayṭāni
शैतान का
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
حِزْبَ गिरोह ḥiz'ba
गिरोह
ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान का l-shayṭāni
शैतान का
هُمُ वो ही हैं humu
वो ही हैं
ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं
١٩ (19)
(19)
उनपर शैतान हावी1 हो गया है और उसने उन्हें अल्लाह की याद भुला दी है। ये लोग शैतान का समूह हैं। सुन लो! निःसंदेह शैतान का समूह ही घाटा उठाने वाला है।
५८:२०
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يُحَآدُّونَ मुख़ालिफ़त करते हैं yuḥāddūna
मुख़ालिफ़त करते हैं
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَرَسُولَهُۥٓ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
فِى (will be) among
(will be) among
ٱلْأَذَلِّينَ ज़लील तरीन (मख़्लूक़) में l-adhalīna
ज़लील तरीन (मख़्लूक़) में
٢٠ (20)
(20)
निःसंदेह जो लोग अल्लाह तथा उसके रसूल का विरोध करते हैं, वही सबसे अधिक अपमानित लोगों में से हैं।
५८:२१
كَتَبَ लिख दिया kataba
लिख दिया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
لَأَغْلِبَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर ग़ालिब रहूँगा la-aghlibanna
अलबत्ता मैं ज़रूर ग़ालिब रहूँगा
أَنَا۠ मैं anā
मैं
وَرُسُلِىٓ ۚ और मेरे रसूल warusulī
और मेरे रसूल
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
قَوِىٌّ बहुत क़ुव्वत वाला है qawiyyun
बहुत क़ुव्वत वाला है
عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है
٢١ (21)
(21)
अल्लाह ने लिख दिया है कि अवश्य मैं और मेरे रसूल ही ग़ालिब (विजयी)1 रहेंगे। निःसंदेह अल्लाह अति शक्तिशाली,अत्यंत प्रभुत्वशाली है।
५८:२२
لَّا You will not find
You will not find
تَجِدُ ना आप पाऐंगे tajidu
ना आप पाऐंगे
قَوْمًۭا उन लोगों को qawman
उन लोगों को
يُؤْمِنُونَ जो ईमान रखते हों yu'minūna
जो ईमान रखते हों
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day
ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर
يُوَآدُّونَ कि वो दोस्ती रखते हों yuwāddūna
कि वो दोस्ती रखते हों
مَنْ उनसे जिन्होंने man
उनसे जिन्होंने
حَآدَّ मुख़ालिफ़त की ḥādda
मुख़ालिफ़त की
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की
وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे
كَانُوٓا۟ हों वो kānū
हों वो
ءَابَآءَهُمْ बाप उनके ābāahum
बाप उनके
أَوْ या aw
या
أَبْنَآءَهُمْ बेटे उनके abnāahum
बेटे उनके
أَوْ या aw
या
إِخْوَٰنَهُمْ भाई उनके ikh'wānahum
भाई उनके
أَوْ या aw
या
عَشِيرَتَهُمْ ۚ क़बीला उनका ʿashīratahum
क़बीला उनका
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
كَتَبَ उसने लिख दिया kataba
उसने लिख दिया
فِى within
within
قُلُوبِهِمُ उनके दिलों में qulūbihimu
उनके दिलों में
ٱلْإِيمَـٰنَ ईमान l-īmāna
ईमान
وَأَيَّدَهُم और उसने ताइद की उनकी wa-ayyadahum
और उसने ताइद की उनकी
بِرُوحٍۢ साथ रूह के birūḥin
साथ रूह के
مِّنْهُ ۖ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से
وَيُدْخِلُهُمْ और वो दाख़िल करेगा उन्हें wayud'khiluhum
और वो दाख़िल करेगा उन्हें
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात मे jannātin
बाग़ात मे
تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं
مِن from min
from
تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से
ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें
رَضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे
وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए
عَنْهُ ۚ उससे ʿanhu
उससे
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
حِزْبُ गिरोह ḥiz'bu
गिरोह
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
حِزْبَ गिरोह ḥiz'ba
गिरोह
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
هُمُ वो ही हैं humu
वो ही हैं
ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं
٢٢ (22)
(22)
आप उन लोगों को जो अल्लाह तथा अंतिम दिवस पर ईमान रखते हैं, ऐसा नहीं पाएँगे कि वे उन लोगों से दोस्ती रखते हों, जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का विरोध किया, चाहे वे उनके पिता या उनके पुत्र या उनके भाई या उनके परिजन1 हों। वही लोग हैं, जिनके दिलों में उसने ईमान लिख दिया है और अपनी ओर से एक आत्मा के साथ उन्हें शक्ति प्रदान की है। तथा उन्हें ऐसी जन्नतों में दाख़िल करेगा, जिनके नीचे से नहरें बहती होंगी, वे उनके अंदर हमेशा रहेंगे। अल्लाह उनसे प्रसन्न हो गया तथा वे उससे प्रसन्न हो गए। ये लोग अल्लाह का दल हैं। सुन लो, निःसंदेह अल्लाह का दल ही सफल होने वाला है।