५७

अल-हदीद

मदनी २९ आयतें पारा १
الحديد
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५७:१
سَبَّحَ तस्बीह की है sabbaḥa
तस्बीह की है
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
مَا हर उस चीज़ ने जो
हर उस चीज़ ने जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है
١ (1)
(1)
अल्लाह की पवित्रता का गान किया हर उस चीज़ ने जो आकाशों और धरती में है और वही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
५७:२
لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है
وَيُمِيتُ ۖ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
٢ (2)
(2)
उसी के लिए आकाशों तथा धरती का राज्य है। वह जीवन प्रदान करता और मौत देता है। तथा वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
५७:३
هُوَ वो ही huwa
वो ही
ٱلْأَوَّلُ अव्वल है l-awalu
अव्वल है
وَٱلْـَٔاخِرُ और आख़िर है wal-ākhiru
और आख़िर है
وَٱلظَّـٰهِرُ और ज़ाहिर है wal-ẓāhiru
और ज़ाहिर है
وَٱلْبَاطِنُ ۖ और बातिन है wal-bāṭinu
और बातिन है
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
بِكُلِّ हर bikulli
हर
شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को
عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
٣ (3)
(3)
वही सबसे पहले है और सबसे आख़िर है और ज़ाहिर (दृश्यमान) है और पोशीदा (अदृश्य) है और वह हर चीज़ को भली-भाँति जानने वाला है।
५७:४
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
فِى in
in
سِتَّةِ छ: sittati
छ:
أَيَّامٍۢ दिनों मे ayyāmin
दिनों मे
ثُمَّ फिर thumma
फिर
ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ
عَلَى over ʿalā
over
ٱلْعَرْشِ ۚ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
يَلِجُ दाख़िल होता है yaliju
दाख़िल होता है
فِى in(to)
in(to)
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
يَخْرُجُ निकलता है yakhruju
निकलता है
مِنْهَا उससे min'hā
उससे
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
يَنزِلُ उतरता है yanzilu
उतरता है
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
يَعْرُجُ चढ़ता है yaʿruju
चढ़ता है
فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
مَعَكُمْ तुम्हारे साथ है maʿakum
तुम्हारे साथ है
أَيْنَ wherever ayna
wherever
مَا जहाँ कहीं
जहाँ कहीं
كُنتُمْ ۚ हो तुम kuntum
हो तुम
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
٤ (4)
(4)
उसी ने आकाशों तथा धरती को छह दिनों में पैदा किया, फिर वह अर्श पर बुलंद हुआ। वह जानता है जो कुछ धरती में प्रवेश करता है और जो कुछ उससे निकलता है और जो कुछ आकाश से उतरता है और जो कुछ उसमें चढ़ता है और वह तुम्हारे साथ1 है, तुम जहाँ कहीं भी हो। और जो कुछ तुम करते हो, अल्लाह उसे ख़ूब देखने वाला है।
५७:५
لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
وَإِلَى and to wa-ilā
and to
ٱللَّهِ और अल्लाह ही की तरफ़ l-lahi
और अल्लाह ही की तरफ़
تُرْجَعُ लौटाए जाते हैं tur'jaʿu
लौटाए जाते हैं
ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम
٥ (5)
(5)
आकाशों और धरती का राज्य उसी का है और सारे मामले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।
५७:६
يُولِجُ वो दाख़िल करता है yūliju
वो दाख़िल करता है
ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को
فِى into
into
ٱلنَّهَارِ दिन में l-nahāri
दिन में
وَيُولِجُ और वो दाख़िल करता है wayūliju
और वो दाख़िल करता है
ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को
فِى into
into
ٱلَّيْلِ ۚ रात में al-layli
रात में
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِذَاتِ of what is in the breasts bidhāti
of what is in the breasts
ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद)
٦ (6)
(6)
वह रात्रि को दिन में दाखिल करता है और दिन को रात्रि में दाखिल करता है तथा वह सीनों की बातों को ख़ूब जानने वाला है।
५७:७
ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर
وَأَنفِقُوا۟ और ख़र्च करो wa-anfiqū
और ख़र्च करो
مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
جَعَلَكُم उसने बनाया तुम्हें jaʿalakum
उसने बनाया तुम्हें
مُّسْتَخْلَفِينَ जानशीन mus'takhlafīna
जानशीन
فِيهِ ۖ उस(माल) में fīhi
उस(माल) में
فَٱلَّذِينَ तो वो लोग जो fa-alladhīna
तो वो लोग जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
وَأَنفَقُوا۟ और उन्होंने ख़र्च किया wa-anfaqū
और उन्होंने ख़र्च किया
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
أَجْرٌۭ अजर है ajrun
अजर है
كَبِيرٌۭ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा
٧ (7)
(7)
अल्लाह तथा उसके रसूल पर ईमान लाओ और उसमें से खर्च करो जिसमें उसने तुम्हें उत्तराधिकारी बनाया है। फिर तुममें से जो लोग ईमान लाए और उन्होंने ख़र्च किए, उनके लिए बहुत बड़ा प्रतिफल है।
५७:८
وَمَا और क्या है wamā
और क्या है
لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें
لَا (that) not
(that) not
تُؤْمِنُونَ नहीं तुम ईमान लाते tu'minūna
नहीं तुम ईमान लाते
بِٱللَّهِ ۙ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَٱلرَّسُولُ जब कि रसूल wal-rasūlu
जब कि रसूल
يَدْعُوكُمْ वो दावत देता है तुम्हें yadʿūkum
वो दावत देता है तुम्हें
لِتُؤْمِنُوا۟ कि तुम ईमान लाओ litu'minū
कि तुम ईमान लाओ
بِرَبِّكُمْ अपने रब पर birabbikum
अपने रब पर
وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़
أَخَذَ उसने लिया है akhadha
उसने लिया है
مِيثَـٰقَكُمْ पुख़्ता अहद तुमसे mīthāqakum
पुख़्ता अहद तुमसे
إِن अगर in
अगर
كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
٨ (8)
(8)
और तुम्हें क्या हो गया है कि अल्लाह पर ईमान नहीं लाते, जबकि रसूल1 तुम्हें बुला रहा है कि अपने पालनहार पर ईमान लाओ, और निश्चय वह (अल्लाह) तुमसे दृढ़ वचन2 ले चुका है, यदि तुम ईमान वाले हो।
५७:९
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِى जो alladhī
जो
يُنَزِّلُ नाज़िल करता है yunazzilu
नाज़िल करता है
عَلَىٰ upon ʿalā
upon
عَبْدِهِۦٓ अपने बन्दे पर ʿabdihi
अपने बन्दे पर
ءَايَـٰتٍۭ आयात āyātin
आयात
بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह
لِّيُخْرِجَكُم ताकि वो निकाले तुम्हें liyukh'rijakum
ताकि वो निकाले तुम्हें
مِّنَ from mina
from
ٱلظُّلُمَـٰتِ अंधेरों से l-ẓulumāti
अंधेरों से
إِلَى into ilā
into
ٱلنُّورِ ۚ तरफ़ रौशनी के l-nūri
तरफ़ रौशनी के
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर
لَرَءُوفٌۭ अलबत्ता बहुत शफ़्क़त करने वाला है laraūfun
अलबत्ता बहुत शफ़्क़त करने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٩ (9)
(9)
वही है, जो अपने बंदे पर स्पष्ट निशानियाँ उतारता है, ताकि तुम्हें अँधेरों से प्रकाश की ओर निकाले। तथा निःसंदेह अल्लाह तुमपर निश्चय ही बड़ा करुणामय, अत्यंत दयावान् है।
५७:१०
وَمَا और क्या है wamā
और क्या है
لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें
أَلَّا कि नहीं allā
कि नहीं
تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करते tunfiqū
तुम ख़र्च करते
فِى in
in
سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way
ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में
وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है
مِيرَٰثُ मीरास mīrāthu
मीरास
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
لَا नहीं
नहीं
يَسْتَوِى बराबर हो सकता yastawī
बराबर हो सकता
مِنكُم तुम में से minkum
तुम में से
مَّنْ वो जिसने man
वो जिसने
أَنفَقَ ख़र्च किया anfaqa
ख़र्च किया
مِن before min
before
قَبْلِ पहले qabli
पहले
ٱلْفَتْحِ फ़तह के l-fatḥi
फ़तह के
وَقَـٰتَلَ ۚ और जंग की waqātala
और जंग की
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
أَعْظَمُ ज़्यादा बड़े aʿẓamu
ज़्यादा बड़े
دَرَجَةًۭ दर्जे में darajatan
दर्जे में
مِّنَ than mina
than
ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने
أَنفَقُوا۟ ख़र्च किया anfaqū
ख़र्च किया
مِنۢ afterwards min
afterwards
بَعْدُ उसके बाद baʿdu
उसके बाद
وَقَـٰتَلُوا۟ ۚ और उन्होंने जंग की waqātalū
और उन्होंने जंग की
وَكُلًّۭا और हर एक से wakullan
और हर एक से
وَعَدَ वादा किया waʿada
वादा किया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
ٱلْحُسْنَىٰ ۚ भलाई का l-ḥus'nā
भलाई का
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
خَبِيرٌۭ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है
١٠ (10)
(10)
और तुम्हें क्या हो गया है कि तुम अल्लाह की राह में ख़र्च नहीं करते, जबकि आसमानों और ज़मीन की मीरास अल्लाह ही के लिए है। तुममें से जिसने (मक्का की) विजय से पहले ख़र्च किया और लड़ाई की वह (बाद में ऐसा करने वालों के) बराबर नहीं है। ये लोग पद में उन लोगों से बड़े हैं, जिन्होंने बाद में1 ख़र्च किया और युद्ध किया। जबकि अल्लाह ने प्रत्येक से अच्छा बदला देने का वादा किया है तथा तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह उससे भली-भाँति सूचित है।
५७:११
مَّن Who (is) man
Who (is)
ذَا the one who dhā
the one who
ٱلَّذِى कौन है जो alladhī
कौन है जो
يُقْرِضُ क़र्ज़ देगा yuq'riḍu
क़र्ज़ देगा
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
قَرْضًا क़र्ज़ qarḍan
क़र्ज़
حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा
فَيُضَـٰعِفَهُۥ फिर वो दोगुना करेगा उसे fayuḍāʿifahu
फिर वो दोगुना करेगा उसे
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
وَلَهُۥٓ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है
أَجْرٌۭ अजर ajrun
अजर
كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला
١١ (11)
(11)
कौन है जो अल्लाह को अच्छा क़र्ज़1 दे, फिर वह उसे उसके लिए कई गुना कर दे और उसके लिए अच्छा (सम्मानजनक) बदला है?
५७:१२
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
تَرَى आप देखेंगे tarā
आप देखेंगे
ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों l-mu'minīna
मोमिन मर्दों
وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतों को wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों को
يَسْعَىٰ दौड़ता होगा yasʿā
दौड़ता होगा
نُورُهُم नूर उनका nūruhum
नूर उनका
بَيْنَ before them bayna
before them
أَيْدِيهِمْ उनके आगे-आगे aydīhim
उनके आगे-आगे
وَبِأَيْمَـٰنِهِم और उनके दाऐं जानिब wabi-aymānihim
और उनके दाऐं जानिब
بُشْرَىٰكُمُ ख़ुशख़बरी है तुम्हें bush'rākumu
ख़ुशख़बरी है तुम्हें
ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन
جَنَّـٰتٌۭ ऐसे बाग़ात की jannātun
ऐसे बाग़ात की
تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं
مِن from min
from
تَحْتِهَا जिनके नीचे से taḥtihā
जिनके नीचे से
ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें
ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है
هُوَ वो huwa
वो
ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी
ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी
١٢ (12)
(12)
जिस दिन तुम ईमान वाले पुरुषों तथा ईमान वाली स्त्रियों को देखोगे कि उनका प्रकाश उनके आगे तथा उनके दाहिनी ओर दौड़ रहा होगा।1 आज तुम्हें ऐसे बागों की शुभ-सूचना है, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, जिनमें तुम हमेशा रहोगे। यही तो बहुत बड़ी सफलता है।
५७:१३
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يَقُولُ कहेंगे yaqūlu
कहेंगे
ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ मर्द l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ मर्द
وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتُ और मुनाफ़िक़ औरतें wal-munāfiqātu
और मुनाफ़िक़ औरतें
لِلَّذِينَ उन्हें जो lilladhīna
उन्हें जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
ٱنظُرُونَا इन्तिज़ार करो हमारा unẓurūnā
इन्तिज़ार करो हमारा
نَقْتَبِسْ हम रौशनी हासिल करें naqtabis
हम रौशनी हासिल करें
مِن of min
of
نُّورِكُمْ तुम्हारे नूर से nūrikum
तुम्हारे नूर से
قِيلَ कह दिया जाएगा qīla
कह दिया जाएगा
ٱرْجِعُوا۟ लौट जाओ ir'jiʿū
लौट जाओ
وَرَآءَكُمْ अपने पीछे warāakum
अपने पीछे
فَٱلْتَمِسُوا۟ फिर तलाश करो fal-tamisū
फिर तलाश करो
نُورًۭا नूर को nūran
नूर को
فَضُرِبَ तो हाइल कर दी जाएगी faḍuriba
तो हाइल कर दी जाएगी
بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
بِسُورٍۢ एक दीवार bisūrin
एक दीवार
لَّهُۥ उसका lahu
उसका
بَابٌۢ एक दरवाज़ा होगा bābun
एक दरवाज़ा होगा
بَاطِنُهُۥ उसकी अन्दरूनी जानिब bāṭinuhu
उसकी अन्दरूनी जानिब
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
ٱلرَّحْمَةُ रहमत होगी l-raḥmatu
रहमत होगी
وَظَـٰهِرُهُۥ और उसकी बैरूनी जानिब waẓāhiruhu
और उसकी बैरूनी जानिब
مِن facing towards [it] min
facing towards [it]
قِبَلِهِ उस तरफ़ से qibalihi
उस तरफ़ से
ٱلْعَذَابُ अज़ाब होगा l-ʿadhābu
अज़ाब होगा
١٣ (13)
(13)
जिस दिन मुनाफ़िक़ पुरुष तथा मुनाफ़िक़ स्त्रियाँ ईमान वालों से कहेंगे कि हमारी प्रतीक्षा करो कि हम तुम्हारे प्रकाश में से कुछ प्रकाश प्राप्त कर लें। कहा जाएगा : अपने पीछे लौट जाओ, फिर कोई प्रकाश तलाश करो।1 फिर उनके बीच एक दीवार बना दी जाएगी, जिसमें एक द्वार होगा। उसके भीतरी भाग में दया होगी तथा उसके बाहरी भाग की ओर यातना होगी।
५७:१४
يُنَادُونَهُمْ वो पुकारेंगे उन्हें yunādūnahum
वो पुकारेंगे उन्हें
أَلَمْ क्या ना alam
क्या ना
نَكُن थे हम nakun
थे हम
مَّعَكُمْ ۖ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
وَلَـٰكِنَّكُمْ और लेकिन तुम walākinnakum
और लेकिन तुम
فَتَنتُمْ फ़ितने में डाला तुमने fatantum
फ़ितने में डाला तुमने
أَنفُسَكُمْ अपने आपको anfusakum
अपने आपको
وَتَرَبَّصْتُمْ और इन्तिज़ार में रहे तुम watarabbaṣtum
और इन्तिज़ार में रहे तुम
وَٱرْتَبْتُمْ और शक किया तुमने wa-ir'tabtum
और शक किया तुमने
وَغَرَّتْكُمُ और धोखे में डाला तुम्हें wagharratkumu
और धोखे में डाला तुम्हें
ٱلْأَمَانِىُّ तमन्नाओं ने l-amāniyu
तमन्नाओं ने
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
أَمْرُ फ़ैसला amru
फ़ैसला
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
وَغَرَّكُم और धोखे में डाला तुम्हें wagharrakum
और धोखे में डाला तुम्हें
بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में
ٱلْغَرُورُ उस बड़े धोखेबाज़ ने l-gharūru
उस बड़े धोखेबाज़ ने
١٤ (14)
(14)
वे उन्हें पुकारकर कहेंगे : क्या हम तुम्हारे साथ नहीं थे? वे कहेंगे : क्यों नहीं, परंतु तुमने अपने आपको फ़ितने (परीक्षा) में डाला, और तुम प्रतीक्षा1 करते रहे तथा तुमने संदेह किया और (झूठी) इच्छाओं ने तुम्हें धोखा दिया, यहाँ तक कि अल्लाह का आदेश आ गया, और इस धोखेबाज़ ने तुम्हें अल्लाह के बारे में धोखा दिया।
५७:१५
فَٱلْيَوْمَ तो आज fal-yawma
तो आज
لَا not
not
يُؤْخَذُ ना लिया जाएगा yu'khadhu
ना लिया जाएगा
مِنكُمْ तुमसे minkum
तुमसे
فِدْيَةٌۭ कोई फ़िदया fid'yatun
कोई फ़िदया
وَلَا और ना walā
और ना
مِنَ from mina
from
ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने
كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
مَأْوَىٰكُمُ ठिकाना तुम्हारा mawākumu
ठिकाना तुम्हारा
ٱلنَّارُ ۖ आग है l-nāru
आग है
هِىَ वो ही hiya
वो ही
مَوْلَىٰكُمْ ۖ दोस्त है तुम्हारी mawlākum
दोस्त है तुम्हारी
وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है
ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह
١٥ (15)
(15)
तो आज न तुमसे कोई छुड़ौती ली जाएगी और न उन लोगों से जिन्होंने कुफ़्र किया। तुम्हारा ठिकाना जहन्नम है। वही तुम्हारी दोस्त है और वह बुरा ठिकाना है।
५७:१६
۞ أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
يَأْنِ वक़्त आया yani
वक़्त आया
لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो
ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
أَن कि an
कि
تَخْشَعَ झुक जाऐं takhshaʿa
झुक जाऐं
قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके
لِذِكْرِ ज़िक्र के लिए lidhik'ri
ज़िक्र के लिए
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَمَا और जो wamā
और जो
نَزَلَ नाज़िल हुआ nazala
नाज़िल हुआ
مِنَ of mina
of
ٱلْحَقِّ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से
وَلَا और ना walā
और ना
يَكُونُوا۟ वो हो जाऐं yakūnū
वो हो जाऐं
كَٱلَّذِينَ उन लोगों की तरह जो ka-alladhīna
उन लोगों की तरह जो
أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए
ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब
مِن before min
before
قَبْلُ उससे क़ब्ल qablu
उससे क़ब्ल
فَطَالَ तो तवील हो गई faṭāla
तो तवील हो गई
عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर
ٱلْأَمَدُ मुद्दत l-amadu
मुद्दत
فَقَسَتْ तो सख़्त हो गए faqasat
तो सख़्त हो गए
قُلُوبُهُمْ ۖ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके
وَكَثِيرٌۭ और अक्सर wakathīrun
और अक्सर
مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
فَـٰسِقُونَ नाफ़रमान हैं fāsiqūna
नाफ़रमान हैं
١٦ (16)
(16)
क्या उन लोगों के लिए जो ईमान लाए, वह समय नहीं आया कि उनके दिल अल्लाह की याद के लिए और उस सत्य के लिए झुक जाएँ जो उतरा है, और वे उन लोगों की तरह न हो जाएँ, जिन्हें इससे पहले पुस्तक प्रदान की गई थी, फिर उनपर लंबा समय गुज़र गया, तो उनके दिल कठोर हो गए1 और उनमें बहुत-से लोग अवज्ञाकारी हैं?
५७:१७
ٱعْلَمُوٓا۟ जान लो iʿ'lamū
जान लो
أَنَّ बेशक anna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُحْىِ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है
ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
مَوْتِهَا ۚ उसकी मौत के mawtihā
उसकी मौत के
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
بَيَّنَّا बयान कर दीं हमने bayyannā
बयान कर दीं हमने
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो
١٧ (17)
(17)
जान लो कि निःसंदेह अल्लाह धरती को उसके मरने के पश्चात जीवित करता है। निःसंदेह हमने तुम्हारे लिए निशानियाँ खोलकर बयान कर दी हैं, ताकि तुम समझो।
५७:१८
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْمُصَّدِّقِينَ सदक़ा करने वाले मर्द l-muṣadiqīna
सदक़ा करने वाले मर्द
وَٱلْمُصَّدِّقَـٰتِ और सदक़ा करने वाली औरतें wal-muṣadiqāti
और सदक़ा करने वाली औरतें
وَأَقْرَضُوا۟ और जिन्होंने क़र्ज़ दिया wa-aqraḍū
और जिन्होंने क़र्ज़ दिया
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
قَرْضًا क़र्ज़ qarḍan
क़र्ज़
حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा
يُضَـٰعَفُ दोगुना कर दिया जाएगा yuḍāʿafu
दोगुना कर दिया जाएगा
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
وَلَهُمْ और उन्हीं के लिए है walahum
और उन्हीं के लिए है
أَجْرٌۭ अजर ajrun
अजर
كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला
١٨ (18)
(18)
निःसंदेह दान करने वाले पुरुष तथा दान करने वाली स्त्रियाँ और जिन्होंने अल्लाह को अच्छा ऋण1 दिया, उन्हें कई गुना दिया जाएगा और उनके लिए सम्मानित प्रतिफल है।
५७:१९
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرُسُلِهِۦٓ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلصِّدِّيقُونَ ۖ जो सच्चे हैं l-ṣidīqūna
जो सच्चे हैं
وَٱلشُّهَدَآءُ और गवाही देने वाले हैं wal-shuhadāu
और गवाही देने वाले हैं
عِندَ (are) with ʿinda
(are) with
رَبِّهِمْ अपने रब के पास rabbihim
अपने रब के पास
لَهُمْ उन्हीं के लिए है lahum
उन्हीं के लिए है
أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका
وَنُورُهُمْ ۖ और नूर उनका wanūruhum
और नूर उनका
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
وَكَذَّبُوا۟ और उन्होंने झुठलाया wakadhabū
और उन्होंने झुठलाया
بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी
ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के
١٩ (19)
(19)
तथा जो लोग अल्लाह और उसके रसूलों1 पर ईमान लाए, वही अपने रब के निकट सिद्दीक़ तथा शहीद2 (गवाही देने वाले) हैं, उन्हीं के लिए उनका प्रतिफल तथा उनका प्रकाश है। और वे लोग जिन्होंने इनकार किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वे भड़कती आग में रहने वाले हैं।
५७:२०
ٱعْلَمُوٓا۟ जान लो iʿ'lamū
जान लो
أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक
ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
لَعِبٌۭ खेल laʿibun
खेल
وَلَهْوٌۭ और तमाशा walahwun
और तमाशा
وَزِينَةٌۭ और ज़ीनत wazīnatun
और ज़ीनत
وَتَفَاخُرٌۢ और बाहम फ़ख़्र करना है watafākhurun
और बाहम फ़ख़्र करना है
بَيْنَكُمْ आपस में baynakum
आपस में
وَتَكَاثُرٌۭ और एक दूसरे पर कसरत हासिल करना है watakāthurun
और एक दूसरे पर कसरत हासिल करना है
فِى of
of
ٱلْأَمْوَٰلِ मालों में l-amwāli
मालों में
وَٱلْأَوْلَـٰدِ ۖ और औलाद में wal-awlādi
और औलाद में
كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल
غَيْثٍ बारिश के है ghaythin
बारिश के है
أَعْجَبَ ख़ुश कर दिया aʿjaba
ख़ुश कर दिया
ٱلْكُفَّارَ किसानों को l-kufāra
किसानों को
نَبَاتُهُۥ उसकी नबातात ने nabātuhu
उसकी नबातात ने
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَهِيجُ वो ख़ुश्क हो जाती है yahīju
वो ख़ुश्क हो जाती है
فَتَرَىٰهُ फिर आप देखते हैं उसे fatarāhu
फिर आप देखते हैं उसे
مُصْفَرًّۭا कि ज़र्द हो गई muṣ'farran
कि ज़र्द हो गई
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَكُونُ वो हो जाती है yakūnu
वो हो जाती है
حُطَـٰمًۭا ۖ चूरा-चूरा ḥuṭāman
चूरा-चूरा
وَفِى And in wafī
And in
ٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में
عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
شَدِيدٌۭ सख़्त shadīdun
सख़्त
وَمَغْفِرَةٌۭ और बख़्शिश wamaghfiratun
और बख़्शिश
مِّنَ from mina
from
ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से
وَرِضْوَٰنٌۭ ۚ और रज़ामन्दी wariḍ'wānun
और रज़ामन्दी
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी
ٱلدُّنْيَآ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
إِلَّا मगर illā
मगर
مَتَـٰعُ सामान matāʿu
सामान
ٱلْغُرُورِ धोखे का l-ghurūri
धोखे का
٢٠ (20)
(20)
जान लो कि वास्तव में संसार का जीवन केवल एक खेल है और मनोरंजन है और शोभा1 है, तथा तुम्हारा आपस में एक-दूसरे पर बड़ाई जताना है और धन एवं संतान में एक-दूसरे से बढ़ जाने की कोशिश करना है। उस वर्षा के समान जिससे उगने वाली खेती ने किसानों को प्रसन्न कर दिया, फिर वह पक जाती है, फिर तुम उसे देखते हो कि वह पीली हो गई, फिर वह चूरा हो जाती है। और आख़िरत में कड़ी यातना है और अल्लाह की ओर से बड़ी क्षमा और प्रसन्नता है, और संसार का जीवन धोखे के सामान के सिवा और कुछ नहीं।
५७:२१
سَابِقُوٓا۟ दौड़ो sābiqū
दौड़ो
إِلَىٰ to ilā
to
مَغْفِرَةٍۢ तरफ़ बख़्शिश के maghfiratin
तरफ़ बख़्शिश के
مِّن from min
from
رَّبِّكُمْ अपने रब की rabbikum
अपने रब की
وَجَنَّةٍ और जन्नत के wajannatin
और जन्नत के
عَرْضُهَا चौड़ाई जिसकी ʿarḍuhā
चौड़ाई जिसकी
كَعَرْضِ जैसे चौड़ाई kaʿarḍi
जैसे चौड़ाई
ٱلسَّمَآءِ आसमान l-samāi
आसमान
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
أُعِدَّتْ वो तैयार की गई uʿiddat
वो तैयार की गई
لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرُسُلِهِۦ ۚ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
فَضْلُ फ़ज़ल है faḍlu
फ़ज़ल है
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
يُؤْتِيهِ वो अता करता है उसे yu'tīhi
वो अता करता है उसे
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
ذُو (is) the Possessor of Bounty dhū
(is) the Possessor of Bounty
ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाल है l-faḍli
फ़ज़ल वाल है
ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े
٢١ (21)
(21)
अपने पालनहार की क्षमा तथा उस जन्नत की ओर एक-दूसरे से आगे बढ़ो, जिसका विस्तार आकाश तथा धरती के विस्तार के समान है, वह उन लोगों के लिए तैयार की गई है, जो अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाए। यह अल्लाह का अनुग्रह है। वह इसे उसको देता है जिसे चाहता है और अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है।
५७:२२
مَآ नहीं
नहीं
أَصَابَ पहुँचती aṣāba
पहुँचती
مِن any min
any
مُّصِيبَةٍۢ कोई मुसीबत muṣībatin
कोई मुसीबत
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَلَا और ना walā
और ना
فِىٓ in
in
أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों में anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों में
إِلَّا मगर illā
मगर
فِى in
in
كِتَـٰبٍۢ एक किताब में है kitābin
एक किताब में है
مِّن before min
before
قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले
أَن कि an
कि
نَّبْرَأَهَآ ۚ हम पैदा करें उसे nabra-ahā
हम पैदा करें उसे
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
عَلَى for ʿalā
for
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
يَسِيرٌۭ बहुत आसान है yasīrun
बहुत आसान है
٢٢ (22)
(22)
धरती में तथा तुम्हारे प्राणों पर जो भी विपदा आती है, वह एक किताब में अंकित है, इससे पहले कि हम उसे पैदा करें।1 निश्चय यह अल्लाह के लिए बहुत आसान है।
५७:२३
لِّكَيْلَا ताकि ना likaylā
ताकि ना
تَأْسَوْا۟ तुम अफ़सोस करो tasaw
तुम अफ़सोस करो
عَلَىٰ over ʿalā
over
مَا उस पर जो
उस पर जो
فَاتَكُمْ खो जाए तुमसे fātakum
खो जाए तुमसे
وَلَا और ना walā
और ना
تَفْرَحُوا۟ तुम इतराओ tafraḥū
तुम इतराओ
بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो
ءَاتَىٰكُمْ ۗ उसने दिया तुम्हें ātākum
उसने दिया तुम्हें
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
لَا नहीं
नहीं
يُحِبُّ वो पसंद करता yuḥibbu
वो पसंद करता
كُلَّ हर kulla
हर
مُخْتَالٍۢ ख़ुदपसंद mukh'tālin
ख़ुदपसंद
فَخُورٍ फ़ख़्र करने वाले को fakhūrin
फ़ख़्र करने वाले को
٢٣ (23)
(23)
ताकि तुम उसपर शोक न करो, जो तुमसे छूट जाए और उसपर फूल न जाओ, जो वह तुम्हें प्रदान करे। और अल्लाह किसी अहंकार करने वाले, बहुत गर्व करने वाले से प्रेम नहीं करता।
५७:२४
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يَبْخَلُونَ बुख़्ल करते हैं yabkhalūna
बुख़्ल करते हैं
وَيَأْمُرُونَ और वो हुक्म देते हैं wayamurūna
और वो हुक्म देते हैं
ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को
بِٱلْبُخْلِ ۗ बुख़्ल का bil-bukh'li
बुख़्ल का
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَتَوَلَّ मुँह फेरता है yatawalla
मुँह फेरता है
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْغَنِىُّ बहुत बेनियाज़ l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़
ٱلْحَمِيدُ ख़ूब तारीफ़ वाला l-ḥamīdu
ख़ूब तारीफ़ वाला
٢٤ (24)
(24)
वे लोग जो कंजूसी करते हैं और लोगों को कंजूसी करने का आदेश देते हैं। तथा जो मुँह फेर ले, तो निश्चय अल्लाह ही है जो बड़ा बेनियाज़, बहुत प्रशंसनीय है।
५७:२५
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
رُسُلَنَا अपने रसूलों को rusulanā
अपने रसूलों को
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के
وَأَنزَلْنَا और नाज़िल की हमने wa-anzalnā
और नाज़िल की हमने
مَعَهُمُ साथ उनके maʿahumu
साथ उनके
ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब
وَٱلْمِيزَانَ और मीज़ान wal-mīzāna
और मीज़ान
لِيَقُومَ ताकि क़ायम हों liyaqūma
ताकि क़ायम हों
ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग
بِٱلْقِسْطِ ۖ इन्साफ़ पर bil-qis'ṭi
इन्साफ़ पर
وَأَنزَلْنَا और उतारा हमने wa-anzalnā
और उतारा हमने
ٱلْحَدِيدَ लोहा l-ḥadīda
लोहा
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
بَأْسٌۭ ज़ोर है basun
ज़ोर है
شَدِيدٌۭ सख़्त shadīdun
सख़्त
وَمَنَـٰفِعُ और कई फ़ायदे हैं wamanāfiʿu
और कई फ़ायदे हैं
لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए
وَلِيَعْلَمَ और ताकि जान ले waliyaʿlama
और ताकि जान ले
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
مَن कौन man
कौन
يَنصُرُهُۥ मदद करता है उसकी yanṣuruhu
मदद करता है उसकी
وَرُسُلَهُۥ और उसके रसूलों की warusulahu
और उसके रसूलों की
بِٱلْغَيْبِ ۚ ग़ायबाना bil-ghaybi
ग़ायबाना
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
قَوِىٌّ बहुत क़ुव्वत वाला है qawiyyun
बहुत क़ुव्वत वाला है
عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है
٢٥ (25)
(25)
निःसंदेह हमने अपने रसूलों को स्पष्ट प्रमाणों के साथ भेजा तथा उनके साथ पुस्तक और तराज़ू उतारा, ताकि लोग न्याय पर क़ायम रहें। तथा हमने लोहा उतारा, जिसमें बहुत शक्ति1 है और लोगों के लिए बहुत-से लाभ हैं, और ताकि अल्लाह जान ले कि कौन उसकी तथा उसके रसूलों की बिना देखे सहायता करता है। निश्चय ही अल्लाह अति शक्तिशाली, सब पर प्रभुत्वशाली है।
५७:२६
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
نُوحًۭا नूह nūḥan
नूह
وَإِبْرَٰهِيمَ और इब्राहीम को wa-ib'rāhīma
और इब्राहीम को
وَجَعَلْنَا और रखी हमने wajaʿalnā
और रखी हमने
فِى in
in
ذُرِّيَّتِهِمَا उन दोनों की औलाद में dhurriyyatihimā
उन दोनों की औलाद में
ٱلنُّبُوَّةَ नुबूव्वत l-nubuwata
नुबूव्वत
وَٱلْكِتَـٰبَ ۖ और किताब wal-kitāba
और किताब
فَمِنْهُم तो कुछ उनमें से famin'hum
तो कुछ उनमें से
مُّهْتَدٍۢ ۖ हिदायत याफ़्ता हैं muh'tadin
हिदायत याफ़्ता हैं
وَكَثِيرٌۭ और अक्सर wakathīrun
और अक्सर
مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ हैं fāsiqūna
फ़ासिक़ हैं
٢٦ (26)
(26)
और निःसंदेह हमने नूह़ और इबराहीम को (रसूल बनाकर) भेजा, और उन दोनों की संतान में नुबुव्वत तथा पुस्तक रख दी। फिर उनमें से कुछ सीधे मार्ग पर चलने वाले हैं और उनमें से बहुत-से लोग अवज्ञाकारी हैं।
५७:२७
ثُمَّ फिर thumma
फिर
قَفَّيْنَا पै दर पै भेजे हमने qaffaynā
पै दर पै भेजे हमने
عَلَىٰٓ on ʿalā
on
ءَاثَـٰرِهِم उनके आसार पर āthārihim
उनके आसार पर
بِرُسُلِنَا अपने रसूल birusulinā
अपने रसूल
وَقَفَّيْنَا और पीछे भेजा हमने waqaffaynā
और पीछे भेजा हमने
بِعِيسَى with Isa biʿīsā
with Isa
ٱبْنِ son ib'ni
son
مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम को maryama
ईसा इब्ने मरियम को
وَءَاتَيْنَـٰهُ और अता किया हमने उसे waātaynāhu
और अता किया हमने उसे
ٱلْإِنجِيلَ इन्जील l-injīla
इन्जील
وَجَعَلْنَا और डाल दी हमने wajaʿalnā
और डाल दी हमने
فِى in
in
قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में
ٱلَّذِينَ उन लोगों के जिन्होंने alladhīna
उन लोगों के जिन्होंने
ٱتَّبَعُوهُ पैरवी की उसकी ittabaʿūhu
पैरवी की उसकी
رَأْفَةًۭ शफ़्क़त rafatan
शफ़्क़त
وَرَحْمَةًۭ और रहमत को waraḥmatan
और रहमत को
وَرَهْبَانِيَّةً और रहबानियत/तर्क दुनिया warahbāniyyatan
और रहबानियत/तर्क दुनिया
ٱبْتَدَعُوهَا उन्होंने ईजाद कर लिया उसे ib'tadaʿūhā
उन्होंने ईजाद कर लिया उसे
مَا not
not
كَتَبْنَـٰهَا नहीं फ़र्ज़ किया था हमने उसे katabnāhā
नहीं फ़र्ज़ किया था हमने उसे
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱبْتِغَآءَ हासिल करने को ib'tighāa
हासिल करने को
رِضْوَٰنِ रज़ा riḍ'wāni
रज़ा
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
رَعَوْهَا उन्होंने ख़्याल रखा उसका raʿawhā
उन्होंने ख़्याल रखा उसका
حَقَّ जैसे हक़ था ḥaqqa
जैसे हक़ था
رِعَايَتِهَا ۖ उसका ख़्याल रखने का riʿāyatihā
उसका ख़्याल रखने का
فَـَٔاتَيْنَا तो दिया हमने faātaynā
तो दिया हमने
ٱلَّذِينَ उन लोगों को जो alladhīna
उन लोगों को जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
أَجْرَهُمْ ۖ अजर उनका ajrahum
अजर उनका
وَكَثِيرٌۭ और अक्सर wakathīrun
और अक्सर
مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ हैं fāsiqūna
फ़ासिक़ हैं
٢٧ (27)
(27)
फिर हमने उनके पद्चिह्नों पर निरंतर अपने रसूल भेजे। और उनके पीछे मरयम के पुत्र ईसा को भेजा, और उसे इंजील प्रदान किया, और हमने उन लोगों के दिलों में जिन्होंने उसका अनुसरण किया नर्मी और मेहरबानी रख दी। रहा संन्यास, तो उन्होंने खुद इसका आविष्कार किया, हमने उसे उनके ऊपर अनिवार्य नहीं किया1 था, परंतु अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए (उन्होंने ऐसा किया)। फिर उन्होंने उसका पूर्ण रूप से पालन नहीं किया। फिर हमने उनमें से जो लोग ईमान लाए उन्हें उनका बदला प्रदान कर दिया और उनमें से बहुत-से लोग अवज्ञाकारी हैं।
५७:२८
يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe
ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَءَامِنُوا۟ और ईमान लाओ waāminū
और ईमान लाओ
بِرَسُولِهِۦ उसके रसूल पर birasūlihi
उसके रसूल पर
يُؤْتِكُمْ वो देगा तुम्हें yu'tikum
वो देगा तुम्हें
كِفْلَيْنِ दो हिस्से kif'layni
दो हिस्से
مِن of min
of
رَّحْمَتِهِۦ अपनी रहमत में से raḥmatihi
अपनी रहमत में से
وَيَجْعَل और वो बना देगा wayajʿal
और वो बना देगा
لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
نُورًۭا एक नूर nūran
एक नूर
تَمْشُونَ तुम चलोगे tamshūna
तुम चलोगे
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा
لَكُمْ ۚ तुम्हें lakum
तुम्हें
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٢٨ (28)
(28)
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! अल्लाह से डरो और उसके रसूल पर ईमान लाओ, वह तुम्हें अपनी दया का दोहरा हिस्सा1 प्रदान करेगा। और तुम्हें ऐसा प्रकाश देगा, जिसमें तुम चलोगे। तथा तुम्हें क्षमा कर देगा। और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
५७:२९
لِّئَلَّا ताकि li-allā
ताकि
يَعْلَمَ जान लें yaʿlama
जान लें
أَهْلُ (the) People ahlu
(the) People
ٱلْكِتَـٰبِ एहले किताब l-kitābi
एहले किताब
أَلَّا ये कि नहीं allā
ये कि नहीं
يَقْدِرُونَ वो क़ुदरत रखते yaqdirūna
वो क़ुदरत रखते
عَلَىٰ over ʿalā
over
شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर
مِّن from min
from
فَضْلِ फ़ज़ल में से faḍli
फ़ज़ल में से
ٱللَّهِ ۙ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
ٱلْفَضْلَ फ़ज़ल l-faḍla
फ़ज़ल
بِيَدِ (is) in Allah's Hand biyadi
(is) in Allah's Hand
ٱللَّهِ अल्लाह के हाथ में है l-lahi
अल्लाह के हाथ में है
يُؤْتِيهِ वो देता है उसे yu'tīhi
वो देता है उसे
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
ذُو (is) the Possessor of Bounty dhū
(is) the Possessor of Bounty
ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाला है l-faḍli
फ़ज़ल वाला है
ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े
٢٩ (29)
(29)
ताकि अह्ले किताब1 जान लें कि वे अल्लाह के अनुग्रह में से किसी चीज़ पर अधिकार नहीं रखते और यह कि सारा अनुग्रह अल्लाह के हाथ में है। वह जिसे चाहता है, प्रदान करता है और अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है।