४२

अश-शूरा

मक्की ५३ आयतें पारा २५
الشورى
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४२:१
حمٓ ح م hha-meem
ح م
١ (1)
(1)
ह़ा, मीम।
४२:२
عٓسٓقٓ ع س ق ain-seen-qaf
ع س ق
٢ (2)
(2)
ऐन, सीन, क़ाफ़।
४२:३
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
يُوحِىٓ वही करता है yūḥī
वही करता है
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
وَإِلَى और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़
ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो
مِن before you min
before you
قَبْلِكَ आपसे पहले थे qablika
आपसे पहले थे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْعَزِيزُ जो बड़ा ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
जो बड़ा ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है
٣ (3)
(3)
इसी प्रकार, आपकी ओर और आपसे पहले के नबियों की ओर, वह अल्लाह वह़्य (प्रकाशना)1 करता (रहा) है, जो सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
४२:४
لَهُۥ उसी के लिए ही है lahu
उसी के लिए ही है
مَا जो
जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो wamā
और जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْعَلِىُّ बहुत बुलन्द है l-ʿaliyu
बहुत बुलन्द है
ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ा है l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ा है
٤ (4)
(4)
उसी का है जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है और वह सर्वोच्च, सबसे महान है।
४२:५
تَكَادُ क़रीब है कि takādu
क़रीब है कि
ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान
يَتَفَطَّرْنَ वो फट पड़ें yatafaṭṭarna
वो फट पड़ें
مِن from min
from
فَوْقِهِنَّ ۚ अपने ऊपर से fawqihinna
अपने ऊपर से
وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते
يُسَبِّحُونَ वो तस्बीह करते हैं yusabbiḥūna
वो तस्बीह करते हैं
بِحَمْدِ साथ तारीफ़ के biḥamdi
साथ तारीफ़ के
رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की
وَيَسْتَغْفِرُونَ और वो बख़्शिश माँगते हैं wayastaghfirūna
और वो बख़्शिश माँगते हैं
لِمَن उनके लिए जो liman
उनके लिए जो
فِى on
on
ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में हैं l-arḍi
ज़मीन में हैं
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला
٥ (5)
(5)
निकट है कि आकाश अपने ऊपर से फट1 पड़ें, और फ़रिश्ते अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ पवित्रता गान करते हैं तथा उनके लिए क्षमायाचना करते हैं, जो धरती में हैं। सुन लो! निःसंदेह अल्लाह ही अत्यंत क्षमा करने वाला, असीम दया करने वाला है।
४२:६
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया ittakhadhū
बना लिया
مِن besides min
besides
دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
أَوْلِيَآءَ हिमायती / दोस्त awliyāa
हिमायती / दोस्त
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
حَفِيظٌ ख़ूब निगहबान है ḥafīẓun
ख़ूब निगहबान है
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتَ आप anta
आप
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
بِوَكِيلٍۢ कोई ज़िम्मेदार biwakīlin
कोई ज़िम्मेदार
٦ (6)
(6)
तथा जिन लोगों ने अल्लाह के सिवा दूसरे संरक्षक बना लिए, अल्लाह उनपर निगरानी रखे हुए है और आप कदापि उनके उत्तरदायी1 नहीं हैं।
४२:७
وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह
أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
قُرْءَانًا क़ुरान qur'ānan
क़ुरान
عَرَبِيًّۭا अर्बी ʿarabiyyan
अर्बी
لِّتُنذِرَ ताकि आप डराऐं litundhira
ताकि आप डराऐं
أُمَّ (the) mother umma
(the) mother
ٱلْقُرَىٰ मक्का वालों को l-qurā
मक्का वालों को
وَمَنْ और उनको जो waman
और उनको जो
حَوْلَهَا इर्द -गिर्द हैं उसके ḥawlahā
इर्द -गिर्द हैं उसके
وَتُنذِرَ और आप डराऐं watundhira
और आप डराऐं
يَوْمَ (of the) Day yawma
(of the) Day
ٱلْجَمْعِ जमा होने के दिन से l-jamʿi
जमा होने के दिन से
لَا (there is) no
(there is) no
رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक
فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें
فَرِيقٌۭ एक गिरोह ( होगा ) farīqun
एक गिरोह ( होगा )
فِى (will be) in
(will be) in
ٱلْجَنَّةِ जन्नत में l-janati
जन्नत में
وَفَرِيقٌۭ और एक गिरोह (होगा) wafarīqun
और एक गिरोह (होगा)
فِى in
in
ٱلسَّعِيرِ दोज़ख़ में l-saʿīri
दोज़ख़ में
٧ (7)
(7)
तथा इसी प्रकार, हमने आपकी ओर अरबी क़ुरआन की वह़्य (प्रकाशना) भेजी है, ताकि आप मक्का1 वासियों को और उसके आस-पास के लोगों को सावधान कर दें, और एकत्र होने के दिन2 से सचेत कर दें, जिसमें कोई संदेह नहीं। एक समूह जन्नत में तथा एक समूह भड़कती आग में होगा।
४२:८
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
شَآءَ चाहता shāa
चाहता
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَجَعَلَهُمْ अलबत्ता वो बना देता उन्हें lajaʿalahum
अलबत्ता वो बना देता उन्हें
أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत
وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
يُدْخِلُ वो दाख़िल करता है yud'khilu
वो दाख़िल करता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
فِى in (to)
in (to)
رَحْمَتِهِۦ ۚ अपनी रहमत में raḥmatihi
अपनी रहमत में
وَٱلظَّـٰلِمُونَ और जो ज़ालिम हैं wal-ẓālimūna
और जो ज़ालिम हैं
مَا नहीं
नहीं
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّن any min
any
وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त
وَلَا और ना walā
और ना
نَصِيرٍ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार
٨ (8)
(8)
और यदि अल्लाह चाहता, तो अवश्य उन्हें एक समुदाय1 बना देता। परंतु वह जिसे चाहता है अपनी रहमत में दाख़िल करता है और ज़ालिमों का न तो कोई दोस्त है और न कोई मददगार।
४२:९
أَمِ या ami
या
ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना रखे हैं ittakhadhū
उन्होंने बना रखे हैं
مِن besides Him min
besides Him
دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
أَوْلِيَآءَ ۖ कारसाज़ awliyāa
कारसाज़
فَٱللَّهُ पस अल्लाह fal-lahu
पस अल्लाह
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْوَلِىُّ कारसाज़ l-waliyu
कारसाज़
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
يُحْىِ वो ज़िन्दा करेगा yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करेगा
ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
٩ (9)
(9)
या उन्होंने उसके सिवा अन्य संरक्षक बना रखे हैं? सो अल्लाह ही वास्तविक संरक्षक है और वही मुर्दों को जीवित करेगा और वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।1
४२:१०
وَمَا और जो भी wamā
और जो भी
ٱخْتَلَفْتُمْ इख़्तिलाफ़ किया तुमने ikh'talaftum
इख़्तिलाफ़ किया तुमने
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
مِن of min
of
شَىْءٍۢ किसी चीज़ से shayin
किसी चीज़ से
فَحُكْمُهُۥٓ तो फ़ैसला उसका faḥuk'muhu
तो फ़ैसला उसका
إِلَى (is) to ilā
(is) to
ٱللَّهِ ۚ तरफ़ अल्लाह के है l-lahi
तरफ़ अल्लाह के है
ذَٰلِكُمُ ये है dhālikumu
ये है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
عَلَيْهِ उसी पर ʿalayhi
उसी पर
تَوَكَّلْتُ तवक्कल किया मैं ने tawakkaltu
तवक्कल किया मैं ने
وَإِلَيْهِ और उसका की तरफ़ wa-ilayhi
और उसका की तरफ़
أُنِيبُ मैं रुजूअ करता हूँ unību
मैं रुजूअ करता हूँ
١٠ (10)
(10)
और तुम जिस चीज़ के बारे में भी मतभेद करो, उसका निर्णय अल्लाह की ओर है।1 वही अल्लाह मेरा रब है, उसी पर मैंने भरोसा किया है तथा उसी की ओर मैं लौटता हूँ।
४२:११
فَاطِرُ पैदा करने वाला fāṭiru
पैदा करने वाला
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
جَعَلَ उसने बनाए jaʿala
उसने बनाए
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ from min
from
أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों से anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों से
أَزْوَٰجًۭا जोड़े azwājan
जोड़े
وَمِنَ and among wamina
and among
ٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशियों से l-anʿāmi
और मवेशियों से
أَزْوَٰجًۭا ۖ जोड़े azwājan
जोड़े
يَذْرَؤُكُمْ वो फैलाता है तुम्हें yadhra-ukum
वो फैलाता है तुम्हें
فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें
لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है
كَمِثْلِهِۦ उसकी मानिन्द kamith'lihi
उसकी मानिन्द
شَىْءٌۭ ۖ कोई चीज़ shayon
कोई चीज़
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है
ٱلْبَصِيرُ ख़ूब देखने वाला है l-baṣīru
ख़ूब देखने वाला है
١١ (11)
(11)
(वह) आकाशों तथा धरती का रचयिता है। उसने तुम्हारे लिए तुम्हारी अपनी ही जाति से जोड़े बनाए तथा पशुओं से भी जोड़े। वह तुम्हें इसमें फैलाता है। उसके जैसी1 कोई चीज़ नहीं और वह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है।
४२:१२
لَهُۥ उसी के लिए हैं lahu
उसी के लिए हैं
مَقَالِيدُ कुंजियाँ maqālīdu
कुंजियाँ
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
يَبْسُطُ वो फैलाता है yabsuṭu
वो फैलाता है
ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ l-riz'qa
रिज़्क़
لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَقْدِرُ ۚ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
بِكُلِّ हर bikulli
हर
شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को
عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
١٢ (12)
(12)
आकाशों तथा धरती की कुंजियाँ उसी के पास हैं। वह जिसके लिए चाहता है, रोज़ी कुशादा कर देता है और (जिसकी चाहता है) तंग कर देता है। निःसंदेह वह प्रत्येक वस्तु को ख़ूब जानने वाला है।1
४२:१३
۞ شَرَعَ उसने मुक़र्रर किया sharaʿa
उसने मुक़र्रर किया
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنَ of mina
of
ٱلدِّينِ दीन में से l-dīni
दीन में से
مَا वो जो
वो जो
وَصَّىٰ उसने वसीयत की waṣṣā
उसने वसीयत की
بِهِۦ उसकी bihi
उसकी
نُوحًۭا नूह को nūḥan
नूह को
وَٱلَّذِىٓ और वो जो wa-alladhī
और वो जो
أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
وَمَا और वो जो wamā
और वो जो
وَصَّيْنَا वसीयत की हमने waṣṣaynā
वसीयत की हमने
بِهِۦٓ उसकी bihi
उसकी
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम
وَمُوسَىٰ और मूसा wamūsā
और मूसा
وَعِيسَىٰٓ ۖ और ईसा को waʿīsā
और ईसा को
أَنْ कि an
कि
أَقِيمُوا۟ क़ायम करो aqīmū
क़ायम करो
ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को
وَلَا और ना walā
और ना
تَتَفَرَّقُوا۟ तुम तफ़रक़ा डालो tatafarraqū
तुम तफ़रक़ा डालो
فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें
كَبُرَ बड़ा ( भारी ) है kabura
बड़ा ( भारी ) है
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों पर l-mush'rikīna
मुशरिकों पर
مَا जो
जो
تَدْعُوهُمْ तुम बुलाते हो उन्हें tadʿūhum
तुम बुलाते हो उन्हें
إِلَيْهِ ۚ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
يَجْتَبِىٓ वो चुन लेता है yajtabī
वो चुन लेता है
إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَهْدِىٓ और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है
إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़
مَن उसे जो man
उसे जो
يُنِيبُ रुजूअ करता है yunību
रुजूअ करता है
١٣ (13)
(13)
उसने तुम्हारे लिए वही धर्म निर्धारित1 किया है, जिसका आदेश उसने नूह़ को दिया और जिसकी वह़्य हमने आपकी ओर की, तथा जिसका आदेश हमने इबराहीम तथा मूसा और ईसा को दिया, यह कि इस धर्म को क़ायम करो और उसके विषय में अलग-अलग न हो जाओ। बहुदेववादियों पर वह बात भारी है जिसकी ओर आप उन्हें बुलाते हैं। अल्लाह जिसे चाहता है, अपने लिए चुन लेता है और अपनी ओर मार्ग उसी को दिखाता है, जो उसकी ओर लौटता है।
४२:१४
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
تَفَرَّقُوٓا۟ उन्होंने तफ़रक़ा डाला tafarraqū
उन्होंने तफ़रक़ा डाला
إِلَّا मगर illā
मगर
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके
مَا जो
जो
جَآءَهُمُ आ गया उनके पास jāahumu
आ गया उनके पास
ٱلْعِلْمُ इल्म l-ʿil'mu
इल्म
بَغْيًۢا सरकशी की वजह से baghyan
सरकशी की वजह से
بَيْنَهُمْ ۚ आपस में baynahum
आपस में
وَلَوْلَا और अगर ना होती walawlā
और अगर ना होती
كَلِمَةٌۭ एक बात kalimatun
एक बात
سَبَقَتْ जो पहले गुज़र चुकी sabaqat
जो पहले गुज़र चुकी
مِن from min
from
رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से
إِلَىٰٓ for ilā
for
أَجَلٍۢ एक वक़्त तक ajalin
एक वक़्त तक
مُّسَمًّۭى मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर
لَّقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता
بَيْنَهُمْ ۚ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
أُورِثُوا۟ वारिस बनाए गए ūrithū
वारिस बनाए गए
ٱلْكِتَـٰبَ किताब के l-kitāba
किताब के
مِنۢ after them min
after them
بَعْدِهِمْ उनके बाद baʿdihim
उनके बाद
لَفِى (are) surely in lafī
(are) surely in
شَكٍّۢ अलबत्ता शक में हैं shakkin
अलबत्ता शक में हैं
مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से
مُرِيبٍۢ जो बेचैन करने वाला है murībin
जो बेचैन करने वाला है
١٤ (14)
(14)
और वे1 लोग आपस की ज़िद के कारण इसके पश्चात् अलग-अलग हुए कि उनके पास ज्ञान आ चुका था। तथा यदि वह बात न होती जो आपके पालनहार की ओर से एक निश्चित समय के लिए पहले तय2 हो चुकी, तो अवश्य उनके बीच निर्णय कर दिया जाता। और निःसंदेह वे लोग जो उनके पश्चात् पुस्तक के उत्तराधिकारी बनाए3 गए, वे इस (क़ुरआन) के बारे में दुविधा में डालने वाले संदेह में पड़े हैं।
४२:१५
فَلِذَٰلِكَ तो इसी ( दीन) के लिए falidhālika
तो इसी ( दीन) के लिए
فَٱدْعُ ۖ पस दावत दीजिए fa-ud'ʿu
पस दावत दीजिए
وَٱسْتَقِمْ और क़ायम रहिए wa-is'taqim
और क़ायम रहिए
كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि
أُمِرْتَ ۖ हुक्म दिए गए आप umir'ta
हुक्म दिए गए आप
وَلَا और ना walā
और ना
تَتَّبِعْ आप पैरवी कीजिए tattabiʿ
आप पैरवी कीजिए
أَهْوَآءَهُمْ ۖ उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की
وَقُلْ और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए
ءَامَنتُ ईमान लाया मैं āmantu
ईमान लाया मैं
بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो
أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مِن of min
of
كِتَـٰبٍۢ ۖ किताब से kitābin
किताब से
وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया है मुझे wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया है मुझे
لِأَعْدِلَ कि मैं अदल करूँ li-aʿdila
कि मैं अदल करूँ
بَيْنَكُمُ ۖ दर्मियान तुम्हारे baynakumu
दर्मियान तुम्हारे
ٱللَّهُ अल्लाह ही l-lahu
अल्लाह ही
رَبُّنَا रब है हमारा rabbunā
रब है हमारा
وَرَبُّكُمْ ۖ और रब तुम्हारा warabbukum
और रब तुम्हारा
لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए
أَعْمَـٰلُنَا आमाल हमारे aʿmālunā
आमाल हमारे
وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए
أَعْمَـٰلُكُمْ ۖ आमाल तुम्हारे aʿmālukum
आमाल तुम्हारे
لَا (There is) no
(There is) no
حُجَّةَ नहीं कोई झगड़ा ḥujjata
नहीं कोई झगड़ा
بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे
وَبَيْنَكُمُ ۖ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakumu
और दर्मियान तुम्हारे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
يَجْمَعُ वो जमा कर देगा yajmaʿu
वो जमा कर देगा
بَيْنَنَا ۖ हमें आपस में baynanā
हमें आपस में
وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के
ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है
١٥ (15)
(15)
अतः आप लोगों को इसी (धर्म) की ओर बुलाएँ और (उसपर) जमें रहें, जैसाकि आपको आदेश दिया गया है और उनकी इच्छाओं का पालन न करें, तथा कह दें कि अल्लाह ने जो भी किताब उतारी1 है मैं उसपर ईमान लाया। तथा मुझे आदेश दिया गया है कि मैं तुम्हारे बीच न्याय करूँ। अल्लाह ही हमारा पालनहार तथा तुम्हारा पालनहार है। हमारे लिए हमारे कर्म हैं तथा तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्म। हमारे और तुम्हारे बीच कोई झगड़ा नहीं। अल्लाह हम सभी को एकत्र करेगा तथा उसी की ओर लौटकर जाना है।2
४२:१६
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
يُحَآجُّونَ झगड़ते हैं yuḥājjūna
झगड़ते हैं
فِى concerning
concerning
ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके
مَا जो
जो
ٱسْتُجِيبَ क़ुबूल कर लिया गया us'tujība
क़ुबूल कर लिया गया
لَهُۥ उसी के लिए lahu
उसी के लिए
حُجَّتُهُمْ हुज्जत /दलील उनकी ḥujjatuhum
हुज्जत /दलील उनकी
دَاحِضَةٌ ज़ायल होने वाली है dāḥiḍatun
ज़ायल होने वाली है
عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक
رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के
وَعَلَيْهِمْ और उन पर waʿalayhim
और उन पर
غَضَبٌۭ ग़ज़ब है ghaḍabun
ग़ज़ब है
وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए
عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
شَدِيدٌ सख़्त shadīdun
सख़्त
١٦ (16)
(16)
तथा जो लोग अल्लाह के (धर्म के) बारे में झगड़ते हैं, इसके पश्चात कि उसे1 स्वीकार कर लिया गया, उनका तर्क उनके रब के यहाँ बातिल (व्यर्थ) है, तथा उनपर बड़ा प्रकोप है और उनके लिए बुहत कड़ी यातना है।
४२:१७
ٱللَّهُ अल्लाह al-lahu
अल्लाह
ٱلَّذِىٓ वो है जिसने alladhī
वो है जिसने
أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया
ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَٱلْمِيزَانَ ۗ और मीज़ान को wal-mīzāna
और मीज़ान को
وَمَا और क्या चीज़ wamā
और क्या चीज़
يُدْرِيكَ बताए आपको yud'rīka
बताए आपको
لَعَلَّ शायद कि laʿalla
शायद कि
ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत
قَرِيبٌۭ क़रीब हो qarībun
क़रीब हो
١٧ (17)
(17)
अल्लाह ही है जिसने सत्य के साथ यह पुस्तक उतारी तथा तराज़ू1 भी, और आपको क्या चीज़ सूचित करती है शायद कि क़ियामत क़रीब हो।
४२:१८
يَسْتَعْجِلُ जल्दी माँगते है yastaʿjilu
जल्दी माँगते है
بِهَا उसे bihā
उसे
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
بِهَا ۖ उस पर bihā
उस पर
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हैं āmanū
ईमान लाए हैं
مُشْفِقُونَ डरने वाले हैं mush'fiqūna
डरने वाले हैं
مِنْهَا उससे min'hā
उससे
وَيَعْلَمُونَ और वो इल्म रखते हैं wayaʿlamūna
और वो इल्म रखते हैं
أَنَّهَا कि बेशक वो annahā
कि बेशक वो
ٱلْحَقُّ ۗ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
يُمَارُونَ झगड़ते हैं yumārūna
झगड़ते हैं
فِى concerning
concerning
ٱلسَّاعَةِ क़यामत के बारे में l-sāʿati
क़यामत के बारे में
لَفِى (are) certainly in lafī
(are) certainly in
ضَلَـٰلٍۭ अलबत्ता गुमराही में हैं ḍalālin
अलबत्ता गुमराही में हैं
بَعِيدٍ दूर की baʿīdin
दूर की
١٨ (18)
(18)
उसे वे लोग शीघ्र माँगते हैं, जो उसपर ईमान नहीं रखते, तथा वे लोग जो उसपर विश्वास रखते हैं, वे उससे डरने वाले हैं और जानते हैं कि निःसंदेह वह सत्य है। सुनो! निःसंदेह जो लोग क़ियामत के विषय में बहस (संदेह) करते हैं, निश्चय वे बहुत दूर की गुमराही में हैं।
४२:१९
ٱللَّهُ अल्लाह al-lahu
अल्लाह
لَطِيفٌۢ बहुत महरबान है laṭīfun
बहुत महरबान है
بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों पर biʿibādihi
अपने बन्दों पर
يَرْزُقُ वो रिज़्क़ देता है yarzuqu
वो रिज़्क़ देता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۖ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْقَوِىُّ बहुत क़ुव्वत वाला है l-qawiyu
बहुत क़ुव्वत वाला है
ٱلْعَزِيزُ ख़ूब ग़लबे वाला है l-ʿazīzu
ख़ूब ग़लबे वाला है
١٩ (19)
(19)
अल्लाह अपने बंदों पर बड़ा दयालु है। वह जिसे चाहता है रोज़ी देता है और वही सर्वशक्तिमान, सब पर प्रभुत्वशाली है।
४२:२०
مَن जो कोई man
जो कोई
كَانَ है kāna
है
يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता
حَرْثَ खेती ḥartha
खेती
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत की l-ākhirati
आख़िरत की
نَزِدْ हम ज़्यादा कर देंगे nazid
हम ज़्यादा कर देंगे
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
فِى in
in
حَرْثِهِۦ ۖ उसकी खेती में ḥarthihi
उसकी खेती में
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
كَانَ है kāna
है
يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता
حَرْثَ खेती ḥartha
खेती
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
نُؤْتِهِۦ हम देते हैं उसे nu'tihi
हम देते हैं उसे
مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से
وَمَا और नहीं होगा wamā
और नहीं होगा
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
فِى in
in
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में
مِن any min
any
نَّصِيبٍ कोई हिस्सा naṣībin
कोई हिस्सा
٢٠ (20)
(20)
जो कोई आख़िरत की खेती1 चाहता है, हम उसके लिए उसकी खेती में बढ़ोतरी कर देंगे, और जो कोई दुनिया की खेती चाहता है, हम उसे उसमें से कुछ दे देंगे, और आख़िरत में उसका कोई हिस्सा नहीं होगा।
४२:२१
أَمْ या am
या
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
شُرَكَـٰٓؤُا۟ कुछ शरीक हैं shurakāu
कुछ शरीक हैं
شَرَعُوا۟ उन्होंने मुक़र्रर कर दिया sharaʿū
उन्होंने मुक़र्रर कर दिया
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّنَ of mina
of
ٱلدِّينِ दीन में से l-dīni
दीन में से
مَا वो जो
वो जो
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَأْذَنۢ इजाज़त दी yadhan
इजाज़त दी
بِهِ उसकी bihi
उसकी
ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
وَلَوْلَا और अगर ना होती walawlā
और अगर ना होती
كَلِمَةُ बात kalimatu
बात
ٱلْفَصْلِ फ़ैसले की l-faṣli
फ़ैसले की
لَقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता
بَيْنَهُمْ ۗ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम लोग l-ẓālimīna
ज़ालिम लोग
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٢١ (21)
(21)
या इन (मुश्रिकों) के कुछ ऐसे साझी1 हैं, जिन्होंने उनके लिए धर्म का एक ऐसा नियम निर्धारित किया है जिसकी अल्लाह ने अनुमति नहीं दी है? और यदि नियत की हुई बात न होती, तो अवश्य उनके बीच निर्णय कर दिया जाता तथा निश्चय ही अत्याचारियों के लिए दुखद यातना है।
४२:२२
تَرَى आप देखेंगे tarā
आप देखेंगे
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों को l-ẓālimīna
ज़लिमों को
مُشْفِقِينَ डरने वाले होंगे mush'fiqīna
डरने वाले होंगे
مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
وَاقِعٌۢ वाक़ेअ होने वाला है wāqiʿun
वाक़ेअ होने वाला है
بِهِمْ ۗ उन पर bihim
उन पर
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
فِى (will be) in
(will be) in
رَوْضَاتِ बाग़ों में होंगे rawḍāti
बाग़ों में होंगे
ٱلْجَنَّاتِ ۖ जन्नतों के l-janāti
जन्नतों के
لَهُم उनके लिए होगा lahum
उनके लिए होगा
مَّا जो
जो
يَشَآءُونَ वो चाहेंगे yashāūna
वो चाहेंगे
عِندَ पास ʿinda
पास
رَبِّهِمْ ۚ उनके रब के rabbihim
उनके रब के
ذَٰلِكَ यही dhālika
यही
هُوَ वो huwa
वो
ٱلْفَضْلُ फ़ज़ल है l-faḍlu
फ़ज़ल है
ٱلْكَبِيرُ बहुत बड़ा l-kabīru
बहुत बड़ा
٢٢ (22)
(22)
आप अत्याचारियों को देखेंगे कि वे उससे डरने वाले होंगे जो उन्होंने कमाया, हालाँकि वह उनपर आकर रहने वाला है, तथा जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, वे जन्नतों के बागों में होंगे। उनके लिए जो कुछ भी वे चाहेंगे उनके रब के पास होगा। यही बहुत बड़ा अनुग्रह है।
४२:२३
ذَٰلِكَ ये वो ही है dhālika
ये वो ही है
ٱلَّذِى जिसकी alladhī
जिसकी
يُبَشِّرُ ख़ुशख़बरी देता है yubashiru
ख़ुशख़बरी देता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عِبَادَهُ अपने बन्दों को ʿibādahu
अपने बन्दों को
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ ۗ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
لَّآ नहीं
नहीं
أَسْـَٔلُكُمْ मैं माँगता तुमसे asalukum
मैं माँगता तुमसे
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
أَجْرًا कोई अजर ajran
कोई अजर
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
ٱلْمَوَدَّةَ मुहब्बत के l-mawadata
मुहब्बत के
فِى among
among
ٱلْقُرْبَىٰ ۗ क़राबत दारी में l-qur'bā
क़राबत दारी में
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَقْتَرِفْ कमायेगा yaqtarif
कमायेगा
حَسَنَةًۭ कोई नेकी ḥasanatan
कोई नेकी
نَّزِدْ हम ज़्यादा कर देंगे nazid
हम ज़्यादा कर देंगे
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
حُسْنًا ۚ ख़ूबी को ḥus'nan
ख़ूबी को
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
شَكُورٌ ख़ूब क़द्रदान है shakūrun
ख़ूब क़द्रदान है
٢٣ (23)
(23)
यही वह चीज़ है, जिसकी शुभ-सूचना अल्लाह अपने उन बंदों को देता है, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कार्य किए। आप कह दें : मैं इसपर तुमसे कोई पारिश्रमिक नहीं माँगता, रिश्तेदारी के कारण प्रेम-भाव के सिवा।1 और जो कोई नेकी कमाएगा, हम उसके लिए उसमें अच्छाई की अभिवृद्धि करेंगे। निश्चय अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, अति गुण-ग्राहक है।
४२:२४
أَمْ या am
या
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
ٱفْتَرَىٰ उसने गढ़ लिया if'tarā
उसने गढ़ लिया
عَلَى about ʿalā
about
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
كَذِبًۭا ۖ झूठ kadhiban
झूठ
فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर
يَشَإِ चाहता yasha-i
चाहता
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
يَخْتِمْ वो मुहर लगा देता yakhtim
वो मुहर लगा देता
عَلَىٰ [over] ʿalā
[over]
قَلْبِكَ ۗ आपके दिल पर qalbika
आपके दिल पर
وَيَمْحُ और जल्द मिटा देता है wayamḥu
और जल्द मिटा देता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْبَـٰطِلَ बातिल को l-bāṭila
बातिल को
وَيُحِقُّ और वो हक़ कर दिखाता है wayuḥiqqu
और वो हक़ कर दिखाता है
ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को
بِكَلِمَـٰتِهِۦٓ ۚ अपने कलमात से bikalimātihi
अपने कलमात से
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِذَاتِ of what bidhāti
of what
ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद)
٢٤ (24)
(24)
या वे कहते हैं कि उसने अल्लाह पर झूठ गढ़ लिया है? तो यदि अल्लाह चाहे, तो आपके दिल पर मुहर लगा दे।1 और अल्लाह असत्य को मिटा देता है और सत्य को अपने शब्दों (प्रमाणों) द्वारा साबित कर देता है। निश्चय वह सीनों (दिलों) की बातों को ख़ूब जानने वाला है।
४२:२५
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِى जो alladhī
जो
يَقْبَلُ क़ुबूल करता है yaqbalu
क़ुबूल करता है
ٱلتَّوْبَةَ तौबा l-tawbata
तौबा
عَنْ of ʿan
of
عِبَادِهِۦ अपने बन्दों से ʿibādihi
अपने बन्दों से
وَيَعْفُوا۟ और वो दरगुज़र करता है wayaʿfū
और वो दरगुज़र करता है
عَنِ [of] ʿani
[of]
ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुराइयों से l-sayiāti
बुराइयों से
وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है
مَا जो
जो
تَفْعَلُونَ तुम करते हो tafʿalūna
तुम करते हो
٢٥ (25)
(25)
वही है, जो अपने बंदों की तौबा क़बूल करता है और बुराइयों1 को माफ़ करता है और जो कुछ तुम करते हो, उसे जानता है।
४२:२६
وَيَسْتَجِيبُ और वो (दुआ) क़ुबूल करता है wayastajību
और वो (दुआ) क़ुबूल करता है
ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
وَيَزِيدُهُم और वो ज़्यादा देता है उन्हें wayazīduhum
और वो ज़्यादा देता है उन्हें
مِّن from min
from
فَضْلِهِۦ ۚ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से
وَٱلْكَـٰفِرُونَ और जो काफ़िर हैं wal-kāfirūna
और जो काफ़िर हैं
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
شَدِيدٌۭ शदीद shadīdun
शदीद
٢٦ (26)
(26)
और उन लोगों की प्रार्थना स्वीकार करता है, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कार्य किए तथा उन्हें अपने अनुग्रह से अधिक प्रदान करता है और जो काफ़िर हैं उनके लिए कड़ी यातना है।
४२:२७
۞ وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
بَسَطَ खोल दे basaṭa
खोल दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ को l-riz'qa
रिज़्क़ को
لِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों के लिए liʿibādihi
अपने बन्दों के लिए
لَبَغَوْا۟ अलबत्ता वो सरकशी करें labaghaw
अलबत्ता वो सरकशी करें
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
يُنَزِّلُ वो उतारता है yunazzilu
वो उतारता है
بِقَدَرٍۢ साथ एक अंदाज़े के biqadarin
साथ एक अंदाज़े के
مَّا जो
जो
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों से biʿibādihi
अपने बन्दों से
خَبِيرٌۢ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है
بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
٢٧ (27)
(27)
और यदि अल्लाह अपने (सब) बंदों के लिए रोज़ी कुशादा कर देता, तो वे धरती में सरकशी1 करते। परंतु वह एक अनुमान से उतारता है, जितना चाहता है। निश्चय वह अपने बंदों से भली-भाँति अवगत, भली-भाँति देखने वाला है।
४२:२८
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِى जो alladhī
जो
يُنَزِّلُ उतारता है yunazzilu
उतारता है
ٱلْغَيْثَ बारिश को l-ghaytha
बारिश को
مِنۢ after min
after
بَعْدِ इसके बाद baʿdi
इसके बाद
مَا जो
जो
قَنَطُوا۟ वो मायूस हो गए qanaṭū
वो मायूस हो गए
وَيَنشُرُ और वो फैला देता है wayanshuru
और वो फैला देता है
رَحْمَتَهُۥ ۚ अपनी रहमत को raḥmatahu
अपनी रहमत को
وَهُوَ और वो ही wahuwa
और वो ही
ٱلْوَلِىُّ मददगार है l-waliyu
मददगार है
ٱلْحَمِيدُ बहुत तारीफ़ वाला है l-ḥamīdu
बहुत तारीफ़ वाला है
٢٨ (28)
(28)
तथा वही है जो बारिश बरसाता है, इसके बाद कि वे निराश हो चुके होते हैं और अपनी दया फैला1 देता है और वही संरक्षक, सराहनीय है।
४२:२९
وَمِنْ And among wamin
And among
ءَايَـٰتِهِۦ और उसकी निशानियों में से है āyātihi
और उसकी निशानियों में से है
خَلْقُ पैदाइश khalqu
पैदाइश
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
وَمَا और जो भी wamā
और जो भी
بَثَّ उसने फैला दिए batha
उसने फैला दिए
فِيهِمَا इन दोनों में fīhimā
इन दोनों में
مِن of min
of
دَآبَّةٍۢ ۚ कोई जानदार dābbatin
कोई जानदार
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ (is) over ʿalā
(is) over
جَمْعِهِمْ उनके जमा करने पर jamʿihim
उनके जमा करने पर
إِذَا जब idhā
जब
يَشَآءُ वो चाहे yashāu
वो चाहे
قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
٢٩ (29)
(29)
तथा उसकी निशानियों में से आकाशों और धरती का पैदा करना है और वे प्राणी जो उसने उन दोनों में फैला रखे हैं, और वह उन्हें इकट्ठा करने में जब चाहे पूर्ण सक्षम है।
४२:३०
وَمَآ और जो भी wamā
और जो भी
أَصَـٰبَكُم पहुँची तुम्हें aṣābakum
पहुँची तुम्हें
مِّن of min
of
مُّصِيبَةٍۢ कोई मुसीबत muṣībatin
कोई मुसीबत
فَبِمَا पस बवजह उसके जो fabimā
पस बवजह उसके जो
كَسَبَتْ कमाई की kasabat
कमाई की
أَيْدِيكُمْ तुम्हारे हाथों ने aydīkum
तुम्हारे हाथों ने
وَيَعْفُوا۟ और वो दरगुज़र करता है wayaʿfū
और वो दरगुज़र करता है
عَن [from] ʿan
[from]
كَثِيرٍۢ बहुत कुछ से kathīrin
बहुत कुछ से
٣٠ (30)
(30)
तथा जो भी विपत्ति तुम्हें पहुँची, वह उसके कारण है जो तुम्हारे हाथों ने कमाया। तथा वह बहुत-सी चीज़ों को क्षमा कर देता है।1
४२:३१
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتُم तुम antum
तुम
بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّن besides min
besides
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
مِن any min
any
وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त
وَلَا और ना walā
और ना
نَصِيرٍۢ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार
٣١ (31)
(31)
और तुम धरती में (अल्लाह को) विवश करने वाले नहीं हो और न अल्लाह के सिवा तुम्हारा कोई संरक्षक है और न कोई सहायक।
४२:३२
وَمِنْ And among wamin
And among
ءَايَـٰتِهِ और उसकी निशानियों में से हैं āyātihi
और उसकी निशानियों में से हैं
ٱلْجَوَارِ कश्तियाँ l-jawāri
कश्तियाँ
فِى in
in
ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में
كَٱلْأَعْلَـٰمِ पहाड़ों की तरह kal-aʿlāmi
पहाड़ों की तरह
٣٢ (32)
(32)
तथा उसकी निशानियों में से समुद्र में चलने वाले जहाज़ हैं, जो पहाड़ों के समान हैं।
४२:३३
إِن अगर in
अगर
يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे
يُسْكِنِ वो साकिन कर दे yus'kini
वो साकिन कर दे
ٱلرِّيحَ हवा को l-rīḥa
हवा को
فَيَظْلَلْنَ तो वो रह जाऐं fayaẓlalna
तो वो रह जाऐं
رَوَاكِدَ खड़ी हुई rawākida
खड़ी हुई
عَلَىٰ on ʿalā
on
ظَهْرِهِۦٓ ۚ उसकी पुश्त पर ẓahrihi
उसकी पुश्त पर
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं
لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर
صَبَّارٍۢ बहुत सब्र करने वाले ṣabbārin
बहुत सब्र करने वाले
شَكُورٍ बहुत शुक्र गुज़ार के shakūrin
बहुत शुक्र गुज़ार के
٣٣ (33)
(33)
यदि वह चाहे तो वायु को ठहरा दे, तो वे उसकी सतह पर खड़े रह जाएँ। निःसंदेह इसमें हर ऐसे व्यक्ति के लिए निश्चय कई निशानियाँ हैं जो बहुत धैर्यवान, बड़ा कृतज्ञ है।
४२:३४
أَوْ या aw
या
يُوبِقْهُنَّ वो हलाक कर दे उन्हें yūbiq'hunna
वो हलाक कर दे उन्हें
بِمَا बवजह इसके जो bimā
बवजह इसके जो
كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की
وَيَعْفُ और वो दरगुज़र कर दे wayaʿfu
और वो दरगुज़र कर दे
عَن [from] ʿan
[from]
كَثِيرٍۢ बहुत सों सो kathīrin
बहुत सों सो
٣٤ (34)
(34)
या वह उन्हें उसके कारण विनष्ट1 कर दे जो उन्होंने कमाया और वह बहुत-से पापों को क्षमा कर देता है।
४२:३५
وَيَعْلَمَ और (ताकि) जान लें wayaʿlama
और (ताकि) जान लें
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يُجَـٰدِلُونَ झगड़ते हैं yujādilūna
झगड़ते हैं
فِىٓ concerning
concerning
ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात में āyātinā
हमारी आयात में
مَا नहीं
नहीं
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّن any min
any
مَّحِيصٍۢ कोई जाए पनाह maḥīṣin
कोई जाए पनाह
٣٥ (35)
(35)
तथा वे लोग जान लें, जो हमारी आयतों में झगड़ते हैं कि उनके लिए भागने का कोई स्थान नहीं है।
४२:३६
فَمَآ पस जो भी famā
पस जो भी
أُوتِيتُم दिए गए हो तुम ūtītum
दिए गए हो तुम
مِّن of min
of
شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़
فَمَتَـٰعُ तो सामान है famatāʿu
तो सामान है
ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का
ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
وَمَا और जो wamā
और जो
عِندَ पास है ʿinda
पास है
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
وَأَبْقَىٰ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला है wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला है
لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon
رَبِّهِمْ और अपने रब पर ही rabbihim
और अपने रब पर ही
يَتَوَكَّلُونَ वो तवक्कल करते है yatawakkalūna
वो तवक्कल करते है
٣٦ (36)
(36)
तुम्हें जो चीज़ भी दी गई है, वह सांसारिक जीवन का सामान है, तथा जो कुछ अल्लाह के पास है, वह उत्तम और स्थायी1 है, उन लोगों के लिए जो अल्लाह पर ईमान लाए तथा केवल अपने पालनहार पर भरोसा रखते हैं।
४२:३७
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
يَجْتَنِبُونَ इजतिनाब करते हैं yajtanibūna
इजतिनाब करते हैं
كَبَـٰٓئِرَ कबीरा kabāira
कबीरा
ٱلْإِثْمِ गुनाहों से l-ith'mi
गुनाहों से
وَٱلْفَوَٰحِشَ और बेहयाई के कामों से wal-fawāḥisha
और बेहयाई के कामों से
وَإِذَا and when wa-idhā
and when
مَا और जब भी
और जब भी
غَضِبُوا۟ वो ग़ज़बनाक होते है ghaḍibū
वो ग़ज़बनाक होते है
هُمْ वो hum
वो
يَغْفِرُونَ वो माफ़ कर देते हैं yaghfirūna
वो माफ़ कर देते हैं
٣٧ (37)
(37)
तथा वे लोग जो बड़े पापों एवं निर्लज्जता के कामों से बचते हैं और जब भी गुस्सा आए तो माफ कर देते हैं।
४२:३८
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
ٱسْتَجَابُوا۟ लब्बैक कही (अपने रब की बात को) is'tajābū
लब्बैक कही (अपने रब की बात को)
لِرَبِّهِمْ अपने रब के लिए lirabbihim
अपने रब के लिए
وَأَقَامُوا۟ और उन्होंने क़ायम की wa-aqāmū
और उन्होंने क़ायम की
ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़
وَأَمْرُهُمْ और काम उनका wa-amruhum
और काम उनका
شُورَىٰ मश्वरा करना है shūrā
मश्वरा करना है
بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में
وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो
رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें
يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं
٣٨ (38)
(38)
तथा जिन लोगों ने अपने रब का हुक्म माना और नमाज़ क़ायम की और उनका काम आपस में परामर्श करना है1 और जो कुछ हमने उन्हें दिया है उसमें से ख़र्च करते हैं।
४२:३९
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
إِذَآ जब idhā
जब
أَصَابَهُمُ पहुँचती है उन्हें aṣābahumu
पहुँचती है उन्हें
ٱلْبَغْىُ कोई ज़्यादती l-baghyu
कोई ज़्यादती
هُمْ वो hum
वो
يَنتَصِرُونَ वो बदला लेते है yantaṣirūna
वो बदला लेते है
٣٩ (39)
(39)
और वे लोग कि जब उनपर अत्याचार होता है, तो वे बदला लेते हैं।
४२:४०
وَجَزَٰٓؤُا۟ और बदला wajazāu
और बदला
سَيِّئَةٍۢ बुराई का sayyi-atin
बुराई का
سَيِّئَةٌۭ बुराई है sayyi-atun
बुराई है
مِّثْلُهَا ۖ उसकी मसल mith'luhā
उसकी मसल
فَمَنْ पस जो कोई faman
पस जो कोई
عَفَا माफ़ कर दे ʿafā
माफ़ कर दे
وَأَصْلَحَ और वो इस्लाह करे wa-aṣlaḥa
और वो इस्लाह करे
فَأَجْرُهُۥ तो अजर उसका fa-ajruhu
तो अजर उसका
عَلَى (is) on ʿalā
(is) on
ٱللَّهِ ۚ ज़िम्मे है अल्लाह के l-lahi
ज़िम्मे है अल्लाह के
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَا (does) not
(does) not
يُحِبُّ नहीं वो मुहब्बत करता yuḥibbu
नहीं वो मुहब्बत करता
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों से l-ẓālimīna
ज़ालिमों से
٤٠ (40)
(40)
और किसी बुराई का बदला उसी जैसी बुराई1 है। फिर जो क्षमा कर दे तथा सुधार कर ले, तो उसका प्रतिफल अल्लाह के ज़िम्मे है। निःसंदेह वह अत्याचारियों से प्रेम नहीं करता।
४२:४१
وَلَمَنِ और अलबत्ता जो कोई walamani
और अलबत्ता जो कोई
ٱنتَصَرَ बदला ले intaṣara
बदला ले
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
ظُلْمِهِۦ अपने (ऊपर) ज़ुल्म के ẓul'mihi
अपने (ऊपर) ज़ुल्म के
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
مَا नहीं
नहीं
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مِّن any min
any
سَبِيلٍ कोई मुआख़िज़ा sabīlin
कोई मुआख़िज़ा
٤١ (41)
(41)
तथा जो अपने ऊपर अत्याचार होने के पश्चात् बदला ले ले, तो ये वे लोग हैं जिनपर कोई दोष नहीं।
४२:४२
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
ٱلسَّبِيلُ मुआख़िज़ा तो l-sabīlu
मुआख़िज़ा तो
عَلَى against ʿalā
against
ٱلَّذِينَ उन पर है जो alladhīna
उन पर है जो
يَظْلِمُونَ ज़ुल्म करते है yaẓlimūna
ज़ुल्म करते है
ٱلنَّاسَ लोगों पर l-nāsa
लोगों पर
وَيَبْغُونَ और वो बग़ावत करते है wayabghūna
और वो बग़ावत करते है
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर
ٱلْحَقِّ ۚ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٤٢ (42)
(42)
दोष तो केवल उन्हीं पर है, जो लोगों पर अत्याचार करते हैं और धरती पर बिना अधिकार के सरकशी करते हैं। यही लोग हैं जिनके लिए कष्टदायक यातना है।
४२:४३
وَلَمَن और अलबत्ता जिसने walaman
और अलबत्ता जिसने
صَبَرَ सब्र किया ṣabara
सब्र किया
وَغَفَرَ और उसने माफ़ कर दिया waghafara
और उसने माफ़ कर दिया
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
لَمِنْ (is) surely of lamin
(is) surely of
عَزْمِ matters of determination ʿazmi
matters of determination
ٱلْأُمُورِ अलबत्ता हिम्मत के कामों में से है l-umūri
अलबत्ता हिम्मत के कामों में से है
٤٣ (43)
(43)
और निःसंदेह जो सब्र करे तथा क्षमा कर दे, तो निःसदंहे यह निश्चय बड़े साहस के कामों में से है।1
४२:४४
وَمَن और जिसे waman
और जिसे
يُضْلِلِ भटका दे yuḍ'lili
भटका दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِن any min
any
وَلِىٍّۢ कोई करसाज़ waliyyin
कोई करसाज़
مِّنۢ after Him min
after Him
بَعْدِهِۦ ۗ उसके बाद baʿdihi
उसके बाद
وَتَرَى और आप देखेंगे watarā
और आप देखेंगे
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को
لَمَّا जब lammā
जब
رَأَوُا۟ वो देख लेंगे ra-awū
वो देख लेंगे
ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब
يَقُولُونَ वो कहेंगे yaqūlūna
वो कहेंगे
هَلْ क्या है hal
क्या है
إِلَىٰ (there) for ilā
(there) for
مَرَدٍّۢ वापस लौटने की तरफ़ maraddin
वापस लौटने की तरफ़
مِّن any min
any
سَبِيلٍۢ कोई रास्ता sabīlin
कोई रास्ता
٤٤ (44)
(44)
तथा जिसे अल्लाह गुमराह कर दे, तो उसके बाद उसका कोई सहायक नहीं। तथा आप अत्याचारियों को देखेंगे कि जब वे यातना देखेंगे, तो कहेंगे : क्या वापसी का कोई रास्ता है?
४२:४५
وَتَرَىٰهُمْ और आप देखेंगे उन्हें watarāhum
और आप देखेंगे उन्हें
يُعْرَضُونَ वो पेश किए जाऐंगे yuʿ'raḍūna
वो पेश किए जाऐंगे
عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर
خَـٰشِعِينَ झुके हुए khāshiʿīna
झुके हुए
مِنَ by mina
by
ٱلذُّلِّ ज़िल्लत की वजह से l-dhuli
ज़िल्लत की वजह से
يَنظُرُونَ वो देखेंगे yanẓurūna
वो देखेंगे
مِن with min
with
طَرْفٍ a glance ṭarfin
a glance
خَفِىٍّۢ ۗ झुकी आँख /कनअखियों से khafiyyin
झुकी आँख /कनअखियों से
وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले l-khāsirīna
ख़सारा पाने वाले
ٱلَّذِينَ वो हैं जिन्होंने alladhīna
वो हैं जिन्होंने
خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला
أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को
وَأَهْلِيهِمْ और अपने घर वालों को wa-ahlīhim
और अपने घर वालों को
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम लोग l-ẓālimīna
ज़ालिम लोग
فِى (are) in
(are) in
عَذَابٍۢ अज़ाब में होंगे ʿadhābin
अज़ाब में होंगे
مُّقِيمٍۢ मुक़ीम /दाइमी muqīmin
मुक़ीम /दाइमी
٤٥ (45)
(45)
तथा आप उन्हें देखेंगे कि वे उस (आग) पर इस दशा में पेश किए जाएँगे कि अपमान से झुके हुए, छिपी आँखों से देख रहे होंगे। तथा ईमान वाले कहेंगे : वास्तव में, असल घाटा उठाने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने क़ियामत के दिन अपने आपको और अपने परिवार को घाटे में डाल दिया। सुन लो! निःसंदेह अत्याचारी लोग स्थायी यातना में होंगे।
४२:४६
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ होंगे kāna
होंगे
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّنْ any min
any
أَوْلِيَآءَ कोई मददगार awliyāa
कोई मददगार
يَنصُرُونَهُم जो मदद करें उनकी yanṣurūnahum
जो मदद करें उनकी
مِّن besides min
besides
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَمَن और जिसे waman
और जिसे
يُضْلِلِ भटका दे yuḍ'lili
भटका दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِن any min
any
سَبِيلٍ कोई रास्ता sabīlin
कोई रास्ता
٤٦ (46)
(46)
तथा उनके कोई सहायक नहीं होंगे, जो अल्लाह के मुक़ाबले में उनकी सहायता करें। और जिसे अल्लाह राह से भटका दे, फिर उसके लिए कोई मार्ग नहीं।
४२:४७
ٱسْتَجِيبُوا۟ लब्बैक कहो is'tajībū
लब्बैक कहो
لِرَبِّكُم अपने रब के लिए lirabbikum
अपने रब के लिए
مِّن before min
before
قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले
أَن कि an
कि
يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए
يَوْمٌۭ एक दिन yawmun
एक दिन
لَّا (there is) no
(there is) no
مَرَدَّ नहीं कोई टलना maradda
नहीं कोई टलना
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِنَ from mina
from
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से
مَا नहीं
नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّن any min
any
مَّلْجَإٍۢ कोई जाए पनाह malja-in
कोई जाए पनाह
يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّن any min
any
نَّكِيرٍۢ कोई इन्कार करना nakīrin
कोई इन्कार करना
٤٧ (47)
(47)
अपने पालनहार का निमंत्रण स्वीकार करो, इससे पहले कि वह दिन आए, जिसे अल्लाह की ओर से टलना नहीं। उस दिन तुम्हारे लिए न कोई शरण स्थल होगा और न तुम्हारे लिए इनकार का कोई रास्ता होगा।
४२:४८
فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर
أَعْرَضُوا۟ वो ऐराज़ करें aʿraḍū
वो ऐराज़ करें
فَمَآ तो नहीं famā
तो नहीं
أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
حَفِيظًا ۖ निगेहबान बना कर ḥafīẓan
निगेहबान बना कर
إِنْ नहीं in
नहीं
عَلَيْكَ आपके ज़िम्मे ʿalayka
आपके ज़िम्मे
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْبَلَـٰغُ ۗ पहुँचा देना l-balāghu
पहुँचा देना
وَإِنَّآ और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
إِذَآ जब idhā
जब
أَذَقْنَا चखाते हैं हम adhaqnā
चखाते हैं हम
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
مِنَّا अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से
رَحْمَةًۭ कोई रहमत raḥmatan
कोई रहमत
فَرِحَ वो ख़ुश हो जाता है fariḥa
वो ख़ुश हो जाता है
بِهَا ۖ उस पर bihā
उस पर
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
تُصِبْهُمْ पहुँचती है उन्हें tuṣib'hum
पहुँचती है उन्हें
سَيِّئَةٌۢ कोई तक्लीफ़ sayyi-atun
कोई तक्लीफ़
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा
أَيْدِيهِمْ उनके हाथों ने aydīhim
उनके हाथों ने
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान l-insāna
इन्सान
كَفُورٌۭ सख़्त नाशुक्रा है kafūrun
सख़्त नाशुक्रा है
٤٨ (48)
(48)
फिर यदि वे मुँह फेर लें, तो हमने आपको उनपर कोई संरक्षक बनाकर नहीं भेजा। आपका दायित्व तो केवल (संदेश) पहुँचा देना है। और निःसंदेह जब हम मनुष्य को अपनी ओर से कोई दया चखाते हैं, तो वह उससे खुश हो जाता है, और यदि उनपर उसके कारण कोई विपत्ति आ पड़ती है, जो उनके हाथों ने आगे भेजा है, तो निःसंदेह मनुष्य बड़ा नाशुक्रा है।
४२:४९
لِّلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है
مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
يَخْلُقُ वो पैदा करता है yakhluqu
वो पैदा करता है
مَا जो
जो
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
يَهَبُ वो अता करता है yahabu
वो अता करता है
لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
إِنَـٰثًۭا लड़कियाँ ināthan
लड़कियाँ
وَيَهَبُ और वो अता करता है wayahabu
और वो अता करता है
لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
ٱلذُّكُورَ लड़के l-dhukūra
लड़के
٤٩ (49)
(49)
आकाशों तथा धरती का राज्य अल्लाह ही का है। वह जो चाहता है पैदा करता है, जिसे चाहता है बेटियाँ देता है और जिसे चाहता है बेटे देता है।
४२:५०
أَوْ या aw
या
يُزَوِّجُهُمْ वो मिला- जुला कर देता है उन्हें yuzawwijuhum
वो मिला- जुला कर देता है उन्हें
ذُكْرَانًۭا लड़के dhuk'rānan
लड़के
وَإِنَـٰثًۭا ۖ और लड़कियाँ wa-ināthan
और लड़कियाँ
وَيَجْعَلُ और वो बना देता है wayajʿalu
और वो बना देता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
عَقِيمًا ۚ बाँझ ʿaqīman
बाँझ
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है
قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत वाला है
٥٠ (50)
(50)
या उन्हें बेटे-बेटियाँ1 मिलाकर देता है और जिसे चाहता है बाँझ कर देता है। निश्चय ही वह सब कुछ जानने वाला, हर चीज़ की शक्ति रखने वाला है।
४२:५१
۞ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كَانَ है kāna
है
لِبَشَرٍ किसी इन्सान के लिए libasharin
किसी इन्सान के लिए
أَن कि an
कि
يُكَلِّمَهُ कलाम करे उससे yukallimahu
कलाम करे उससे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
إِلَّا मगर illā
मगर
وَحْيًا वही के तौर waḥyan
वही के तौर
أَوْ या aw
या
مِن from min
from
وَرَآئِ पीछे से warāi
पीछे से
حِجَابٍ पर्दे के ḥijābin
पर्दे के
أَوْ या aw
या
يُرْسِلَ वो भेजे yur'sila
वो भेजे
رَسُولًۭا कोई रसूल(फ़रिश्ता) rasūlan
कोई रसूल(फ़रिश्ता)
فَيُوحِىَ तो वो वही पहुँचाता है fayūḥiya
तो वो वही पहुँचाता है
بِإِذْنِهِۦ उसके इज़्न से bi-idh'nihi
उसके इज़्न से
مَا जो
जो
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो
عَلِىٌّ बहुत बुलन्द है ʿaliyyun
बहुत बुलन्द है
حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है
٥١ (51)
(51)
और किसी मनुष्य के लिए संभव नहीं कि अल्लाह उससे बात करे, परंतु वह़्य1 के द्वारा, अथवा पर्दे के पीछे से, अथवा यह कि कोई दूत (फ़रिश्ता) भेजे, फिर वह उसकी अनुमति से वह़्य करे, जो कुछ वह चाहे। निःसंदेह वह सबसे ऊँचा, पूर्ण हिकमत वाला है।
४२:५२
وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह
أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने
إِلَيْكَ आपकी तरफ़ ilayka
आपकी तरफ़
رُوحًۭا एक रूह (क़ुरान ) की rūḥan
एक रूह (क़ुरान ) की
مِّنْ by min
by
أَمْرِنَا ۚ अपने हुक्म से amrinā
अपने हुक्म से
مَا ना
ना
كُنتَ थे आप kunta
थे आप
تَدْرِى आप जानते tadrī
आप जानते
مَا क्या है
क्या है
ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब
وَلَا और ना walā
और ना
ٱلْإِيمَـٰنُ ईमान l-īmānu
ईमान
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
جَعَلْنَـٰهُ बनाया हमने उसे jaʿalnāhu
बनाया हमने उसे
نُورًۭا ऐसा नूर nūran
ऐसा नूर
نَّهْدِى हम हिदायत देते हैं nahdī
हम हिदायत देते हैं
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
مَن जिसे man
जिसे
نَّشَآءُ हम चाहते हैं nashāu
हम चाहते हैं
مِنْ of min
of
عِبَادِنَا ۚ अपने बन्दों में से ʿibādinā
अपने बन्दों में से
وَإِنَّكَ और बेशक आप wa-innaka
और बेशक आप
لَتَهْدِىٓ अलबत्ता आप रहनुमाई करते हैं latahdī
अलबत्ता आप रहनुमाई करते हैं
إِلَىٰ to ilā
to
صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के
٥٢ (52)
(52)
और इसी प्रकार हमने आपकी ओर अपने आदेश से एक रूह़ (क़ुरआन) की वह़्य की। आप नहीं जानते थे कि पुस्तक क्या है और न यह कि ईमान1 क्या है। परंतु हमने उसे एक ऐसा प्रकाश बनाया दिया है, जिसके द्वारा हम अपने बंदों में से जिसे चाहते हैं, मार्ग दिखाते हैं। और निःसंदेह आप सीधी राह2 की ओर मार्गदर्शन करते हैं।
४२:५३
صِرَٰطِ रास्ता ṣirāṭi
रास्ता
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
لَهُۥ उसका के लिए है lahu
उसका के लिए है
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِلَى To ilā
To
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
तरफ़ अल्लाह ही के
تَصِيرُ लौटते हैं taṣīru
लौटते हैं
ٱلْأُمُورُ तमाम मामलात l-umūru
तमाम मामलात
٥٣ (53)
(53)
उस अल्लाह की राह की ओर कि जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, उसी का है। सुनो! सभी मामले अल्लाह ही की ओर लौटते हैं।