५२

अत-तूर

मक्की ४९ आयतें पारा २७
الطور
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५२:१
وَٱلطُّورِ क़सम है तूर की wal-ṭūri
क़सम है तूर की
١ (1)
(1)
क़सम है तूर1 (पर्वत) की!
५२:२
وَكِتَـٰبٍۢ और किताब wakitābin
और किताब
مَّسْطُورٍۢ लिखी हुई की masṭūrin
लिखी हुई की
٢ (2)
(2)
और एक पुस्तक{2] की जो लिखी हुई है!
५२:३
فِى In
In
رَقٍّۢ वर्क़ में raqqin
वर्क़ में
مَّنشُورٍۢ खुले हुए manshūrin
खुले हुए
٣ (3)
(3)
ऐसे पन्ने में जो खुला हुआ है।
५२:४
وَٱلْبَيْتِ और घर की wal-bayti
और घर की
ٱلْمَعْمُورِ जो आबाद है l-maʿmūri
जो आबाद है
٤ (4)
(4)
तथा बैतुल-मा'मूर (आबाद घर)1 की!
५२:५
وَٱلسَّقْفِ और छत की wal-saqfi
और छत की
ٱلْمَرْفُوعِ जो ऊँची उठाई गई है l-marfūʿi
जो ऊँची उठाई गई है
٥ (5)
(5)
तथा ऊँची उठाई हुई छत (आकाश) की!
५२:६
وَٱلْبَحْرِ और समुन्दर की wal-baḥri
और समुन्दर की
ٱلْمَسْجُورِ भड़काया हुआ है l-masjūri
भड़काया हुआ है
٦ (6)
(6)
और लबालब भरे हुए समुद्र की!
५२:७
إِنَّ बेशक inna
बेशक
عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब
رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का
لَوَٰقِعٌۭ यक़ीनन वाक़ेअ होने वाला है lawāqiʿun
यक़ीनन वाक़ेअ होने वाला है
٧ (7)
(7)
कि निश्चय आपके पालनहार की यातना अवश्चय घटित होने वाली है।
५२:८
مَّا नहीं
नहीं
لَهُۥ उसे lahu
उसे
مِن कोई min
कोई
دَافِعٍۢ कोई दूर करने वाला dāfiʿin
कोई दूर करने वाला
٨ (8)
(8)
उसे कोई टालने वाला नहीं।
५२:९
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
تَمُورُ लरज़ेगा tamūru
लरज़ेगा
ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान
مَوْرًۭا सख़्त लरज़ना mawran
सख़्त लरज़ना
٩ (9)
(9)
जिस दिन आकाश बुरी तरह डगमगाएगा।
५२:१०
وَتَسِيرُ और चलेंगे watasīru
और चलेंगे
ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़
سَيْرًۭا बहुत चलना sayran
बहुत चलना
١٠ (10)
(10)
तथा पर्वत बहुत तेज़ी से चलेंगे।
५२:११
فَوَيْلٌۭ पस हलाकत है fawaylun
पस हलाकत है
يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन
لِّلْمُكَذِّبِينَ झुटलाने वालों के लिए lil'mukadhibīna
झुटलाने वालों के लिए
١١ (11)
(11)
तो उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ी तबाही है।
५२:१२
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
هُمْ वो hum
वो
فِى in
in
خَوْضٍۢ बहस में khawḍin
बहस में
يَلْعَبُونَ वो खेल रहे हैं yalʿabūna
वो खेल रहे हैं
١٢ (12)
(12)
जो व्यर्थ बातों में पड़े खेल रहे हैं।
५२:१३
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يُدَعُّونَ वो ढकेले जाऐंगे yudaʿʿūna
वो ढकेले जाऐंगे
إِلَىٰ (in)to ilā
(in)to
نَارِ तरफ़ आग के nāri
तरफ़ आग के
جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की
دَعًّا सख़्त ढकेले जाना daʿʿan
सख़्त ढकेले जाना
١٣ (13)
(13)
जिस दिन उन्हें ज़ोर से धक्का देकर जहन्नम की आग में धकेला जाएगा।
५२:१४
هَـٰذِهِ ये है hādhihi
ये है
ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग
ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो
كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम
بِهَا उसको bihā
उसको
تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाते tukadhibūna
तुम झुठलाते
١٤ (14)
(14)
यही है वह आग, जिसे तुम झुठलाते थे।
५२:१५
أَفَسِحْرٌ क्या भला जादू है afasiḥ'run
क्या भला जादू है
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
أَمْ या am
या
أَنتُمْ तुम antum
तुम
لَا (do) not
(do) not
تُبْصِرُونَ नहीं तुम देखते tub'ṣirūna
नहीं तुम देखते
١٥ (15)
(15)
तो क्या यह जादू है, या तुम नहीं देख रहे?
५२:१६
ٱصْلَوْهَا जलो उसमें iṣ'lawhā
जलो उसमें
فَٱصْبِرُوٓا۟ पस सब्र करो fa-iṣ'birū
पस सब्र करो
أَوْ या aw
या
لَا (do) not
(do) not
تَصْبِرُوا۟ ना तुम सब्र करो taṣbirū
ना तुम सब्र करो
سَوَآءٌ बराबर है sawāon
बराबर है
عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाते हो tuj'zawna
तुम बदला दिए जाते हो
مَا उसका जो
उसका जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते
١٦ (16)
(16)
इसमें प्रवेश कर जाओ। फिर सब्र करो या सब्र न करो, तुम्हारे लिए बराबर है। तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
५२:१७
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोग l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोग
فِى (will be) in
(will be) in
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में
وَنَعِيمٍۢ और नेअमतों में होंगे wanaʿīmin
और नेअमतों में होंगे
١٧ (17)
(17)
निःसंदेह डरने वाले लोग बागों और बड़ी नेमत में हैं।
५२:१८
فَـٰكِهِينَ मज़े करने वाले होंगे fākihīna
मज़े करने वाले होंगे
بِمَآ साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो
ءَاتَىٰهُمْ अता किया उन्हें ātāhum
अता किया उन्हें
رَبُّهُمْ उनके रब ने rabbuhum
उनके रब ने
وَوَقَىٰهُمْ और बचा लेगा उन्हें wawaqāhum
और बचा लेगा उन्हें
رَبُّهُمْ रब उनका rabbuhum
रब उनका
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के
١٨ (18)
(18)
उसका आनंद लेने वाले हैं जो उनके रब ने उन्हें दिया और उनके रब ने उन्हें दहकती हुई आग की यातना से बचा लिया।
५२:१९
كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ
وَٱشْرَبُوا۟ और पियो wa-ish'rabū
और पियो
هَنِيٓـًٔۢا मज़े से hanīan
मज़े से
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते
١٩ (19)
(19)
मज़े से खाओ और पियो, उसके बदले जो तुम किया करते थे।
५२:२०
مُتَّكِـِٔينَ तकिया लगाए हुए होंगे muttakiīna
तकिया लगाए हुए होंगे
عَلَىٰ on ʿalā
on
سُرُرٍۢ तख़्तों पर sururin
तख़्तों पर
مَّصْفُوفَةٍۢ ۖ क़तार में रखे हुए maṣfūfatin
क़तार में रखे हुए
وَزَوَّجْنَـٰهُم और ब्याह देंगे हम उन्हें wazawwajnāhum
और ब्याह देंगे हम उन्हें
بِحُورٍ साथ गोरी औरतों के biḥūrin
साथ गोरी औरतों के
عِينٍۢ बड़ी आँखों वाली ʿīnin
बड़ी आँखों वाली
٢٠ (20)
(20)
पंक्तिबद्ध तख़्तों पर तकिया लगाए हुए होंगे और हमने उनका विवाह गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतों से कर दिया, जो बड़ी-बड़ी आँखों वाली हैं।
५२:२१
وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَٱتَّبَعَتْهُمْ और पैरवी की उनकी wa-ittabaʿathum
और पैरवी की उनकी
ذُرِّيَّتُهُم उनकी औलाद ने dhurriyyatuhum
उनकी औलाद ने
بِإِيمَـٰنٍ साथ ईमान के biīmānin
साथ ईमान के
أَلْحَقْنَا मिला देंगे हम alḥaqnā
मिला देंगे हम
بِهِمْ साथ उनके bihim
साथ उनके
ذُرِّيَّتَهُمْ उनकी औलाद को dhurriyyatahum
उनकी औलाद को
وَمَآ और ना wamā
और ना
أَلَتْنَـٰهُم कमी करेंगे हम उनसे alatnāhum
कमी करेंगे हम उनसे
مِّنْ of min
of
عَمَلِهِم उनके अमल में से ʿamalihim
उनके अमल में से
مِّن (in) any min
(in) any
شَىْءٍۢ ۚ कुछ भी shayin
कुछ भी
كُلُّ हर kullu
हर
ٱمْرِئٍۭ शख़्स im'ri-in
शख़्स
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كَسَبَ उसने कमाई की kasaba
उसने कमाई की
رَهِينٌۭ रेहन/गिरवी है rahīnun
रेहन/गिरवी है
٢١ (21)
(21)
और जो लोग ईमान लाए और उनकी संतान ने ईमान के साथ उनका अनुसरण किया, हम उनकी संतान को उनके साथ मिला देंगे तथा उनके कर्मों में उनसे कुछ भी कम न करेंगे। प्रत्येक व्यक्ति उसके बदले में जो उसने कमाया, गिरवी1 रखा हुआ है।
५२:२२
وَأَمْدَدْنَـٰهُم और हम दिए चले जाऐंगे उन्हें wa-amdadnāhum
और हम दिए चले जाऐंगे उन्हें
بِفَـٰكِهَةٍۢ फल bifākihatin
फल
وَلَحْمٍۢ और गोश्त walaḥmin
और गोश्त
مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
يَشْتَهُونَ वो ख़्वाहिश करेंगे yashtahūna
वो ख़्वाहिश करेंगे
٢٢ (22)
(22)
तथा हम उन्हें और अधिक फल और मांस देंगे उसमें से जो वे चाहेंगे।
५२:२३
يَتَنَـٰزَعُونَ वो एक दूसरे से छीना-झपटी करेंगे yatanāzaʿūna
वो एक दूसरे से छीना-झपटी करेंगे
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
كَأْسًۭا जामे शराब पर kasan
जामे शराब पर
لَّا no
no
لَغْوٌۭ ना कोई बेहूदा गोई होगी laghwun
ना कोई बेहूदा गोई होगी
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
وَلَا और ना walā
और ना
تَأْثِيمٌۭ कोई गुनाह(की बात) tathīmun
कोई गुनाह(की बात)
٢٣ (23)
(23)
वे उसमें एक-दूसरे से मदिरा का प्याला लेंगे, जिसमें न कोई व्यर्थ बात होगी और न गुनाह में डालना।
५२:२४
۞ وَيَطُوفُ और घूम रहे होंगे wayaṭūfu
और घूम रहे होंगे
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
غِلْمَانٌۭ नौउम्र ख़ादिम ghil'mānun
नौउम्र ख़ादिम
لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
كَأَنَّهُمْ गोया कि वो ka-annahum
गोया कि वो
لُؤْلُؤٌۭ मोती हैं lu'lu-on
मोती हैं
مَّكْنُونٌۭ छुपाए हुए maknūnun
छुपाए हुए
٢٤ (24)
(24)
तथा उनके आस-पास चक्कर लगाते रहेंगे उन्हीं के बच्चे, जैसे वे छुपाए हुए मोती हों।
५२:२५
وَأَقْبَلَ और मुतावज्जह होंगे wa-aqbala
और मुतावज्जह होंगे
بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके
عَلَىٰ to ʿalā
to
بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर
يَتَسَآءَلُونَ वो एक दूसरे से सवाल करेंगे yatasāalūna
वो एक दूसरे से सवाल करेंगे
٢٥ (25)
(25)
और वे एक-दूसरे की ओर मुतवज्जह होकर आपस में सवाल करेंगे।
५२:२६
قَالُوٓا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले
فِىٓ among
among
أَهْلِنَا अपन घर वालों में ahlinā
अपन घर वालों में
مُشْفِقِينَ डरने वाले mush'fiqīna
डरने वाले
٢٦ (26)
(26)
वे कहेंगे : निःसंदेह हम इससे पहले1 अपने घरवालों में डरने वाले थे।
५२:२७
فَمَنَّ पस एहसान किया famanna
पस एहसान किया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर
وَوَقَىٰنَا और उसने बचा लिया हमें wawaqānā
और उसने बचा लिया हमें
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
ٱلسَّمُومِ लू/ निहायत गर्म हवा के l-samūmi
लू/ निहायत गर्म हवा के
٢٧ (27)
(27)
तो अल्लाह ने हमपर उपकार किया और हमें विषैली लू की यातना से बचा लिया।
५२:२८
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
مِن before min
before
قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले
نَدْعُوهُ ۖ हम पुकारते उसको nadʿūhu
हम पुकारते उसको
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْبَرُّ बहुत एहसान करने वाला l-baru
बहुत एहसान करने वाला
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला
٢٨ (28)
(28)
निःसंदेह हम इससे पहले1 ही उसे पुकारा करते थे। निश्चय वही तो अति परोपकारी, अत्यंत दयावान् है।
५२:२९
فَذَكِّرْ पस नसीहत कीजिए fadhakkir
पस नसीहत कीजिए
فَمَآ पस नहीं famā
पस नहीं
أَنتَ आप anta
आप
بِنِعْمَتِ फ़ज़ल से biniʿ'mati
फ़ज़ल से
رَبِّكَ अपने रब के rabbika
अपने रब के
بِكَاهِنٍۢ कोई काहिन bikāhinin
कोई काहिन
وَلَا और ना walā
और ना
مَجْنُونٍ मजनून majnūnin
मजनून
٢٩ (29)
(29)
अतः आप नसीहत करें। क्योंकि अपने पालनहार के अनुग्रह से आप न तो काहिन हैं और न ही पागल।1
५२:३०
أَمْ या am
या
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
شَاعِرٌۭ एक शायर है shāʿirun
एक शायर है
نَّتَرَبَّصُ हम इन्तिज़ार कर रहें हैं natarabbaṣu
हम इन्तिज़ार कर रहें हैं
بِهِۦ उसके बारे में bihi
उसके बारे में
رَيْبَ a misfortune of time rayba
a misfortune of time
ٱلْمَنُونِ गर्दिशे ज़माना (मौत) का l-manūni
गर्दिशे ज़माना (मौत) का
٣٠ (30)
(30)
या वे कहते है कि यह एक कवि है जिसपर हम ज़माने की घटनाओं का इंतज़ार करते हैं?
५२:३१
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
تَرَبَّصُوا۟ इन्तिज़ार करो tarabbaṣū
इन्तिज़ार करो
فَإِنِّى पस बेशक मैं fa-innī
पस बेशक मैं
مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे
مِّنَ among mina
among
ٱلْمُتَرَبِّصِينَ इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ l-mutarabiṣīna
इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ
٣١ (31)
(31)
आप कह दें कि तुम प्रतीक्षा करते रहो, मैं (भी) तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ।
५२:३२
أَمْ या am
या
تَأْمُرُهُمْ हुक्म देती हैं उन्हें tamuruhum
हुक्म देती हैं उन्हें
أَحْلَـٰمُهُم अक़्लें उनकी aḥlāmuhum
अक़्लें उनकी
بِهَـٰذَآ ۚ उसका bihādhā
उसका
أَمْ या am
या
هُمْ वो hum
वो
قَوْمٌۭ लोग हैं qawmun
लोग हैं
طَاغُونَ सरकश ṭāghūna
सरकश
٣٢ (32)
(32)
क्या उन्हें उनकी बुद्धियाँ इस बात का आदेश देती हैं, ये वे स्वयं ही सरकश लोग हैं?
५२:३३
أَمْ या am
या
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
تَقَوَّلَهُۥ ۚ उसने गढ़ लिया उसे taqawwalahu
उसने गढ़ लिया उसे
بَل बल्कि bal
बल्कि
لَّا not
not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
٣٣ (33)
(33)
या वे कहते हैं कि उसने इसे स्वयं गढ़ लिया है? बल्कि वे ईमान नहीं लाते।
५२:३४
فَلْيَأْتُوا۟ पस चाहिए कि वो लाऐं falyatū
पस चाहिए कि वो लाऐं
بِحَدِيثٍۢ कोई बात biḥadīthin
कोई बात
مِّثْلِهِۦٓ इस जैसी mith'lihi
इस जैसी
إِن अगर in
अगर
كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो
صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे
٣٤ (34)
(34)
तो फिर वे इस (क़ुरआन) के समान एक ही बात बनाकर ले आएँ, यदि वे सच्चे हैं।
५२:३५
أَمْ या am
या
خُلِقُوا۟ वो पैदा किए गए khuliqū
वो पैदा किए गए
مِنْ of min
of
غَيْرِ बग़ैर ghayri
बग़ैर
شَىْءٍ किसी चीज़ के shayin
किसी चीज़ के
أَمْ या am
या
هُمُ वो humu
वो
ٱلْخَـٰلِقُونَ पैदा करने वाले हैं l-khāliqūna
पैदा करने वाले हैं
٣٥ (35)
(35)
या वे बिना किसी चीज़ के1 पैदा हो गए हैं, या वे (स्वयं) पैदा करने वाले हैं?
५२:३६
أَمْ या am
या
خَلَقُوا۟ उन्होंने पैदा किया khalaqū
उन्होंने पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ ۚ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
بَل बल्कि bal
बल्कि
لَّا not
not
يُوقِنُونَ नहीं वो यक़ीन करते yūqinūna
नहीं वो यक़ीन करते
٣٦ (36)
(36)
या उन्होंने आकाशों और धरती को पैदा किया है? बल्कि वे विश्वास ही नहीं करते।
५२:३७
أَمْ या am
या
عِندَهُمْ उनके पास ʿindahum
उनके पास
خَزَآئِنُ ख़ज़ाने हैं khazāinu
ख़ज़ाने हैं
رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के
أَمْ या am
या
هُمُ वो humu
वो
ٱلْمُصَۣيْطِرُونَ निगहबान हैं l-muṣayṭirūna
निगहबान हैं
٣٧ (37)
(37)
या उनके पास आपके पालनहार के ख़ज़ाने हैं, या वही अधिकार चलाने वाले हैं?
५२:३८
أَمْ या am
या
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
سُلَّمٌۭ कोई सीढ़ी है sullamun
कोई सीढ़ी है
يَسْتَمِعُونَ वो ग़ौर से सुनते हों yastamiʿūna
वो ग़ौर से सुनते हों
فِيهِ ۖ उसमें (चढ़ कर) fīhi
उसमें (चढ़ कर)
فَلْيَأْتِ पस चाहिए कि लाए falyati
पस चाहिए कि लाए
مُسْتَمِعُهُم उनका सुनने वाला mus'tamiʿuhum
उनका सुनने वाला
بِسُلْطَـٰنٍۢ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील
مُّبِينٍ खुली mubīnin
खुली
٣٨ (38)
(38)
या उनके पास कोई सीढ़ी है, जिसपर वे अच्छी तरह सुन1 लेते हैं? तो उनके सुनने वाले को चाहिए कि वह कोई स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत करे।
५२:३९
أَمْ या am
या
لَهُ उसके लिए हैं lahu
उसके लिए हैं
ٱلْبَنَـٰتُ बेटियाँ l-banātu
बेटियाँ
وَلَكُمُ और तुम्हारे लिए हैं walakumu
और तुम्हारे लिए हैं
ٱلْبَنُونَ बेटे l-banūna
बेटे
٣٩ (39)
(39)
या उस (अल्लाह) के लिए तो बेटियाँ है और तुम्हारे लिए बेटे?
५२:४०
أَمْ या am
या
تَسْـَٔلُهُمْ आप माँगते हैं उनसे tasaluhum
आप माँगते हैं उनसे
أَجْرًۭا कोई अजर ajran
कोई अजर
فَهُم तो वो fahum
तो वो
مِّن from min
from
مَّغْرَمٍۢ तावान से maghramin
तावान से
مُّثْقَلُونَ बोझल हैं muth'qalūna
बोझल हैं
٤٠ (40)
(40)
या आप उनसे कोई पारिश्रमिक1 माँगते हैं? तो वे उस तावान के बोझ से दबे जा रहे हैं।
५२:४१
أَمْ या am
या
عِندَهُمُ उनके पास ʿindahumu
उनके पास
ٱلْغَيْبُ ग़ैब है l-ghaybu
ग़ैब है
فَهُمْ तो वो fahum
तो वो
يَكْتُبُونَ वो लिख रहे हैं yaktubūna
वो लिख रहे हैं
٤١ (41)
(41)
या उनके पास परोक्ष (का ज्ञान) है? तो वे उसे लिखते1 रहते हैं।
५२:४२
أَمْ या am
या
يُرِيدُونَ वो इरादा करते हैं yurīdūna
वो इरादा करते हैं
كَيْدًۭا ۖ एक चाल का kaydan
एक चाल का
فَٱلَّذِينَ तो वो जिन्होंने fa-alladhīna
तो वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
هُمُ वो ही humu
वो ही
ٱلْمَكِيدُونَ चाल में आने वाले हैं l-makīdūna
चाल में आने वाले हैं
٤٢ (42)
(42)
या वे कोई चाल चलना चाहते हैं? तो जिन लोगों ने इनकार किया, वही चाल में आने वाले हैं।
५२:४३
أَمْ या am
या
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
إِلَـٰهٌ कोई इलाह है ilāhun
कोई इलाह है
غَيْرُ सिवाए ghayru
सिवाए
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है
ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह
عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो
يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं
٤٣ (43)
(43)
या उनका अल्लाह के सिवा कोई पूज्य है? पवित्र है अल्लाह उससे जो वे साझी ठहराते हैं।
५२:४४
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
يَرَوْا۟ वो देखें yaraw
वो देखें
كِسْفًۭا कोई टुकड़ा kis'fan
कोई टुकड़ा
مِّنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
سَاقِطًۭا गिरने वाला sāqiṭan
गिरने वाला
يَقُولُوا۟ वो कहेंगे yaqūlū
वो कहेंगे
سَحَابٌۭ बादल हैं saḥābun
बादल हैं
مَّرْكُومٌۭ तह-ब-तह markūmun
तह-ब-तह
٤٤ (44)
(44)
और यदि वे आकाश से कोई टुकड़ा गिरता हुआ देख लें, तो कह देंगे कि यह परत दर परत बादल है।1
५२:४५
فَذَرْهُمْ पस छोड़ दो उन्हें fadharhum
पस छोड़ दो उन्हें
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
يُلَـٰقُوا۟ वो जा मिलें yulāqū
वो जा मिलें
يَوْمَهُمُ अपने (उस) दिन से yawmahumu
अपने (उस) दिन से
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
يُصْعَقُونَ वो बेहोश किए जाऐंगे yuṣ'ʿaqūna
वो बेहोश किए जाऐंगे
٤٥ (45)
(45)
अतः आप उन्हें छोड़ दें, यहाँ तक कि वे अपने उस दिन को जा मिलें, जिसमें1 वे बेहोश किए जाएँगे।
५२:४६
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
لَا not
not
يُغْنِى ना काम आएगी yugh'nī
ना काम आएगी
عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें
كَيْدُهُمْ चाल उनकी kayduhum
चाल उनकी
شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
وَلَا और ना walā
और ना
هُمْ वो hum
वो
يُنصَرُونَ वो मदद दिए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद दिए जाऐंगे
٤٦ (46)
(46)
जिस दिन न तो उनकी चाल काम आएगी और न उनकी सहायता की जाएगी।
५२:४७
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
عَذَابًۭا एक अज़ाब है ʿadhāban
एक अज़ाब है
دُونَ अलावा dūna
अलावा
ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
٤٧ (47)
(47)
तथा निश्चय उन लोगों के लिए जिन्होंने अत्याचार किया, उस (आख़िरत) से पहले भी एक यातना1 है। परंतु उनमें से अक्सर लोग नहीं जानते।
५२:४८
وَٱصْبِرْ और सब्र कीजिए wa-iṣ'bir
और सब्र कीजिए
لِحُكْمِ हुक्म के लिए liḥuk'mi
हुक्म के लिए
رَبِّكَ अपने रब के rabbika
अपने रब के
فَإِنَّكَ पस बेशक आप fa-innaka
पस बेशक आप
بِأَعْيُنِنَا ۖ हमारी निगाहों के सामने हैं bi-aʿyuninā
हमारी निगाहों के सामने हैं
وَسَبِّحْ और तस्बीह कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह कीजिए
بِحَمْدِ साथ तारीफ़ के biḥamdi
साथ तारीफ़ के
رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की
حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त
تَقُومُ आप खड़े होते हैं taqūmu
आप खड़े होते हैं
٤٨ (48)
(48)
और (ऐ नबी!) आप अपने पालनहार का आदेश आने तक धैर्य रखें। निःसंदेह आप हमारी आँखों के सामने हैं। तथा जब आप उठें, तो अपने रब की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता बयान करें।
५२:४९
وَمِنَ And of wamina
And of
ٱلَّيْلِ और रात को al-layli
और रात को
فَسَبِّحْهُ पस तस्बीह कीजिए उसकी fasabbiḥ'hu
पस तस्बीह कीजिए उसकी
وَإِدْبَـٰرَ और पलटने के बाद wa-id'bāra
और पलटने के बाद
ٱلنُّجُومِ सितारों के l-nujūmi
सितारों के
٤٩ (49)
(49)
तथा रात के कुछ भाग में फिर उसकी पवित्रता का वर्णन करें और सितारों के चले जाने के बाद भी।1