२०
ता-हा
طه
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२०:१
طه
ط ہ
tta-ha
ط ہ ١ (1)
(1)
ط ہ ١ (1)
(1)
ता, हा।
२०:२
مَآ
नहीं
mā
नहीं أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन لِتَشْقَىٰٓ कि आप मुसीबत में पड़ जाऐं litashqā
कि आप मुसीबत में पड़ जाऐं ٢ (2)
(2)
नहीं أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन لِتَشْقَىٰٓ कि आप मुसीबत में पड़ जाऐं litashqā
कि आप मुसीबत में पड़ जाऐं ٢ (2)
(2)
हमने आपपर यह क़ुरआन इसलिए नहीं अवतरित किया कि आप कष्ट में पड़ जाएँ।1
२०:३
إِلَّا
मगर
illā
मगर تَذْكِرَةًۭ एक नसीहत tadhkiratan
एक नसीहत لِّمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो يَخْشَىٰ डरता हो yakhshā
डरता हो ٣ (3)
(3)
मगर تَذْكِرَةًۭ एक नसीहत tadhkiratan
एक नसीहत لِّمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो يَخْشَىٰ डरता हो yakhshā
डरता हो ٣ (3)
(3)
परंतु उसकी याददहानी (नसीहत) के लिए, जो डरता1 है।
२०:४
تَنزِيلًۭا
नाज़िल करदा है
tanzīlan
नाज़िल करदा है مِّمَّنْ उसकी तरफ़ से जिसने mimman
उसकी तरफ़ से जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلْأَرْضَ ज़मीन l-arḍa
ज़मीन وَٱلسَّمَـٰوَٰتِ और आसमानों को wal-samāwāti
और आसमानों को ٱلْعُلَى जो बुलन्द हैं l-ʿulā
जो बुलन्द हैं ٤ (4)
(4)
नाज़िल करदा है مِّمَّنْ उसकी तरफ़ से जिसने mimman
उसकी तरफ़ से जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلْأَرْضَ ज़मीन l-arḍa
ज़मीन وَٱلسَّمَـٰوَٰتِ और आसमानों को wal-samāwāti
और आसमानों को ٱلْعُلَى जो बुलन्द हैं l-ʿulā
जो बुलन्द हैं ٤ (4)
(4)
उसकी ओर से उतारा हुआ है, जिसने पृथ्वी और ऊँचे आकाशों को बनाया।।
२०:५
ٱلرَّحْمَـٰنُ
वो रहमान है
al-raḥmānu
वो रहमान है عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَرْشِ जो अर्श पर l-ʿarshi
जो अर्श पर ٱسْتَوَىٰ बुलन्द हुआ is'tawā
बुलन्द हुआ ٥ (5)
(5)
वो रहमान है عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَرْشِ जो अर्श पर l-ʿarshi
जो अर्श पर ٱسْتَوَىٰ बुलन्द हुआ is'tawā
बुलन्द हुआ ٥ (5)
(5)
वह रहमान (अत्यंत दयावान् अल्लाह) अर्श (सिंहासन) पर बुलंद हुआ।
२०:६
لَهُۥ
उसी के लिए है
lahu
उसी के लिए है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो wamā
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के وَمَا और जो wamā
और जो تَحْتَ नीचे है taḥta
नीचे है ٱلثَّرَىٰ गीली मिट्टी के l-tharā
गीली मिट्टी के ٦ (6)
(6)
उसी के लिए है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो wamā
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के وَمَا और जो wamā
और जो تَحْتَ नीचे है taḥta
नीचे है ٱلثَّرَىٰ गीली मिट्टी के l-tharā
गीली मिट्टी के ٦ (6)
(6)
उसी का1 है, जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है और जो उन दोनों के बीच है तथा जो गीली मिट्टी के नीचे है।
२०:७
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर تَجْهَرْ आप बुलन्द आवाज़ से करें tajhar
आप बुलन्द आवाज़ से करें بِٱلْقَوْلِ बात को bil-qawli
बात को فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है ٱلسِّرَّ पोशीदा को l-sira
पोशीदा को وَأَخْفَى और ज़्यादा ख़ुफ़िया को wa-akhfā
और ज़्यादा ख़ुफ़िया को ٧ (7)
(7)
और अगर تَجْهَرْ आप बुलन्द आवाज़ से करें tajhar
आप बुलन्द आवाज़ से करें بِٱلْقَوْلِ बात को bil-qawli
बात को فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है ٱلسِّرَّ पोशीदा को l-sira
पोशीदा को وَأَخْفَى और ज़्यादा ख़ुफ़िया को wa-akhfā
और ज़्यादा ख़ुफ़िया को ٧ (7)
(7)
यदि तुम उच्च स्वर में बात करो, तो वह गुप्त और उससे भी अधिक गुप्त बात को जानता है।
२०:८
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही لَهُ उसी के लिए हैं lahu
उसी के लिए हैं ٱلْأَسْمَآءُ नाम l-asmāu
नाम ٱلْحُسْنَىٰ बहुत अच्छे l-ḥus'nā
बहुत अच्छे ٨ (8)
(8)
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही لَهُ उसी के लिए हैं lahu
उसी के लिए हैं ٱلْأَسْمَآءُ नाम l-asmāu
नाम ٱلْحُسْنَىٰ बहुत अच्छे l-ḥus'nā
बहुत अच्छे ٨ (8)
(8)
अल्लाह वह है जिसके सिवा कोई पूज्य नहीं, सबसे अच्छे नाम उसी के हैं।
२०:९
وَهَلْ
और क्या
wahal
और क्या أَتَىٰكَ आई आपके पास atāka
आई आपके पास حَدِيثُ ख़बर ḥadīthu
ख़बर مُوسَىٰٓ मूसा की mūsā
मूसा की ٩ (9)
(9)
और क्या أَتَىٰكَ आई आपके पास atāka
आई आपके पास حَدِيثُ ख़बर ḥadīthu
ख़बर مُوسَىٰٓ मूसा की mūsā
मूसा की ٩ (9)
(9)
और क्या (ऐ नबी!) आपके पास मूसा की ख़बर पहुँची?
२०:१०
إِذْ
जब
idh
जब رَءَا उसने देखी raā
उसने देखी نَارًۭا आग nāran
आग فَقَالَ पस कहा faqāla
पस कहा لِأَهْلِهِ अपने घर वालों से li-ahlihi
अपने घर वालों से ٱمْكُثُوٓا۟ ठहरो um'kuthū
ठहरो إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं ءَانَسْتُ देखी है मैंने ānastu
देखी है मैंने نَارًۭا एक आग nāran
एक आग لَّعَلِّىٓ शायद कि मैं laʿallī
शायद कि मैं ءَاتِيكُم मैं ले आऊँ तुम्हारे पास ātīkum
मैं ले आऊँ तुम्हारे पास مِّنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से بِقَبَسٍ शोला/अंगारा biqabasin
शोला/अंगारा أَوْ या aw
या أَجِدُ मैं पाऊँ ajidu
मैं पाऊँ عَلَى at ʿalā
at ٱلنَّارِ उस आग पर l-nāri
उस आग पर هُدًۭى रहनुमाई hudan
रहनुमाई ١٠ (10)
(10)
जब رَءَا उसने देखी raā
उसने देखी نَارًۭا आग nāran
आग فَقَالَ पस कहा faqāla
पस कहा لِأَهْلِهِ अपने घर वालों से li-ahlihi
अपने घर वालों से ٱمْكُثُوٓا۟ ठहरो um'kuthū
ठहरो إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं ءَانَسْتُ देखी है मैंने ānastu
देखी है मैंने نَارًۭا एक आग nāran
एक आग لَّعَلِّىٓ शायद कि मैं laʿallī
शायद कि मैं ءَاتِيكُم मैं ले आऊँ तुम्हारे पास ātīkum
मैं ले आऊँ तुम्हारे पास مِّنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से بِقَبَسٍ शोला/अंगारा biqabasin
शोला/अंगारा أَوْ या aw
या أَجِدُ मैं पाऊँ ajidu
मैं पाऊँ عَلَى at ʿalā
at ٱلنَّارِ उस आग पर l-nāri
उस आग पर هُدًۭى रहनुमाई hudan
रहनुमाई ١٠ (10)
(10)
जब उसने एक आग देखी, तो अपने घरवालों से कहा : ठहरो, निःसंदेह मैंने एक आग देखी है, शायद मैं तुम्हारे पास उससे कोई अंगार लाे आऊँ, अथवा उस आग पर कोई मार्गदर्शन पा लूँ।1
२०:११
فَلَمَّآ
फिर जब
falammā
फिर जब أَتَىٰهَا वो आया उसके पास atāhā
वो आया उसके पास نُودِىَ पुकारा गया nūdiya
पुकारा गया يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ١١ (11)
(11)
फिर जब أَتَىٰهَا वो आया उसके पास atāhā
वो आया उसके पास نُودِىَ पुकारा गया nūdiya
पुकारा गया يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ١١ (11)
(11)
फिर जब वह उसके पास आया तो उसे आवाज़ दी गई : ऐ मूसा!
२०:१२
إِنِّىٓ
बेशक मैं
innī
बेशक मैं أَنَا۠ मैं ही anā
मैं ही رَبُّكَ रब हूँ तुम्हारा rabbuka
रब हूँ तुम्हारा فَٱخْلَعْ पस उतार दो fa-ikh'laʿ
पस उतार दो نَعْلَيْكَ ۖ अपने दोनों जूते naʿlayka
अपने दोनों जूते إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम بِٱلْوَادِ वादी में हो bil-wādi
वादी में हो ٱلْمُقَدَّسِ मुक़द्दस l-muqadasi
मुक़द्दस طُوًۭى तुवा की ṭuwan
तुवा की ١٢ (12)
(12)
बेशक मैं أَنَا۠ मैं ही anā
मैं ही رَبُّكَ रब हूँ तुम्हारा rabbuka
रब हूँ तुम्हारा فَٱخْلَعْ पस उतार दो fa-ikh'laʿ
पस उतार दो نَعْلَيْكَ ۖ अपने दोनों जूते naʿlayka
अपने दोनों जूते إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम بِٱلْوَادِ वादी में हो bil-wādi
वादी में हो ٱلْمُقَدَّسِ मुक़द्दस l-muqadasi
मुक़द्दस طُوًۭى तुवा की ṭuwan
तुवा की ١٢ (12)
(12)
निःसंदेह मैं ही तेरा पालनहार हूँ, अतः अपने दोनों जूते उतार दे, निःसंदेह तू पवित्र वादी “तुवा” में है।
२०:१३
وَأَنَا
और मैं
wa-anā
और मैं ٱخْتَرْتُكَ चुन लिया मैंने तुझे ikh'tartuka
चुन लिया मैंने तुझे فَٱسْتَمِعْ पस ग़ौर से सुनो fa-is'tamiʿ
पस ग़ौर से सुनो لِمَا उसे जो limā
उसे जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है ١٣ (13)
(13)
और मैं ٱخْتَرْتُكَ चुन लिया मैंने तुझे ikh'tartuka
चुन लिया मैंने तुझे فَٱسْتَمِعْ पस ग़ौर से सुनो fa-is'tamiʿ
पस ग़ौर से सुनो لِمَا उसे जो limā
उसे जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है ١٣ (13)
(13)
और मैंने तुझे चुन1 लिया है। अतः ध्यान से सुन, जो वह़्य की जा रही है।
२०:१४
إِنَّنِىٓ
बेशक मैं
innanī
बेशक मैं أَنَا मैं ही anā
मैं ही ٱللَّهُ अल्लाह हूँ l-lahu
अल्लाह हूँ لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّآ मगर illā
मगर أَنَا۠ मैं ही anā
मैं ही فَٱعْبُدْنِى पस इबादत करो मेरी fa-uʿ'bud'nī
पस इबादत करो मेरी وَأَقِمِ और क़ायम करो wa-aqimi
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ لِذِكْرِىٓ मेरी याद के लिए lidhik'rī
मेरी याद के लिए ١٤ (14)
(14)
बेशक मैं أَنَا मैं ही anā
मैं ही ٱللَّهُ अल्लाह हूँ l-lahu
अल्लाह हूँ لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّآ मगर illā
मगर أَنَا۠ मैं ही anā
मैं ही فَٱعْبُدْنِى पस इबादत करो मेरी fa-uʿ'bud'nī
पस इबादत करो मेरी وَأَقِمِ और क़ायम करो wa-aqimi
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ لِذِكْرِىٓ मेरी याद के लिए lidhik'rī
मेरी याद के लिए ١٤ (14)
(14)
निःसंदेह मैं ही अल्लाह हूँ, मेरे सिवा कोई पूज्य नहीं, तो मेरी ही इबादत कर तथा मेरे स्मरण (याद) के लिए नमाज़ स्थापित कर।1
२०:१५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत ءَاتِيَةٌ आने वाली है ātiyatun
आने वाली है أَكَادُ क़रीब है कि मैं akādu
क़रीब है कि मैं أُخْفِيهَا मैं ख़ुफ़िया रखूँगा उसे ukh'fīhā
मैं ख़ुफ़िया रखूँगा उसे لِتُجْزَىٰ ताकि बदला दिया जाए lituj'zā
ताकि बदला दिया जाए كُلُّ every kullu
every نَفْسٍۭ हर नफ़्स nafsin
हर नफ़्स بِمَا उसका जो bimā
उसका जो تَسْعَىٰ उसने कोशिश की tasʿā
उसने कोशिश की ١٥ (15)
(15)
बेशक ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत ءَاتِيَةٌ आने वाली है ātiyatun
आने वाली है أَكَادُ क़रीब है कि मैं akādu
क़रीब है कि मैं أُخْفِيهَا मैं ख़ुफ़िया रखूँगा उसे ukh'fīhā
मैं ख़ुफ़िया रखूँगा उसे لِتُجْزَىٰ ताकि बदला दिया जाए lituj'zā
ताकि बदला दिया जाए كُلُّ every kullu
every نَفْسٍۭ हर नफ़्स nafsin
हर नफ़्स بِمَا उसका जो bimā
उसका जो تَسْعَىٰ उसने कोशिश की tasʿā
उसने कोशिश की ١٥ (15)
(15)
निश्चय क़ियामत आने वाली है, मैं क़रीब हूँ कि उसे छिपाकर रखूँ। ताकि प्रत्येक प्राणी को उसका बदला दिया जाए, जो वह प्रयास करता है।
२०:१६
فَلَا
पस ना
falā
पस ना يَصُدَّنَّكَ हरगिज़ रोके तुझे yaṣuddannaka
हरगिज़ रोके तुझे عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مَن वो जो man
वो जो لَّا (does) not lā
(does) not يُؤْمِنُ नहीं वो ईमान रखता yu'minu
नहीं वो ईमान रखता بِهَا उस पर bihā
उस पर وَٱتَّبَعَ और वो पैरवी करता है wa-ittabaʿa
और वो पैरवी करता है هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स की hawāhu
अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स की فَتَرْدَىٰ वरना तू हलाक हो जाएगा fatardā
वरना तू हलाक हो जाएगा ١٦ (16)
(16)
पस ना يَصُدَّنَّكَ हरगिज़ रोके तुझे yaṣuddannaka
हरगिज़ रोके तुझे عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مَن वो जो man
वो जो لَّا (does) not lā
(does) not يُؤْمِنُ नहीं वो ईमान रखता yu'minu
नहीं वो ईमान रखता بِهَا उस पर bihā
उस पर وَٱتَّبَعَ और वो पैरवी करता है wa-ittabaʿa
और वो पैरवी करता है هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स की hawāhu
अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स की فَتَرْدَىٰ वरना तू हलाक हो जाएगा fatardā
वरना तू हलाक हो जाएगा ١٦ (16)
(16)
अतः तुझे उससे वह व्यक्ति कहीं रोक न दे, जो उसपर ईमान (विश्वास) नहीं रखता और अपनी इच्छा के पालन में लगा है, अन्यथा तेरा नाश हो जाएगा।
२०:१७
وَمَا
और क्या है
wamā
और क्या है تِلْكَ ये til'ka
ये بِيَمِينِكَ तेरे दाऐं हाथ में biyamīnika
तेरे दाऐं हाथ में يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ١٧ (17)
(17)
और क्या है تِلْكَ ये til'ka
ये بِيَمِينِكَ तेरे दाऐं हाथ में biyamīnika
तेरे दाऐं हाथ में يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ١٧ (17)
(17)
और ऐ मूसा! यह तेरे दाहिने हाथ में क्या है?
२०:१८
قَالَ
कहा
qāla
कहा هِىَ ये hiya
ये عَصَاىَ मेरी लाठी/असा है ʿaṣāya
मेरी लाठी/असा है أَتَوَكَّؤُا۟ मैं सहारा लेता हूँ atawakka-u
मैं सहारा लेता हूँ عَلَيْهَا इस पर ʿalayhā
इस पर وَأَهُشُّ और मैं पत्ते झाड़ता हूँ wa-ahushu
और मैं पत्ते झाड़ता हूँ بِهَا साथ इसके bihā
साथ इसके عَلَىٰ for ʿalā
for غَنَمِى अपनी बकरियों पर ghanamī
अपनी बकरियों पर وَلِىَ और मेरे लिए waliya
और मेरे लिए فِيهَا इसमें fīhā
इसमें مَـَٔارِبُ फ़ायदे हैं maāribu
फ़ायदे हैं أُخْرَىٰ कुछ दूसरे ukh'rā
कुछ दूसरे ١٨ (18)
(18)
कहा هِىَ ये hiya
ये عَصَاىَ मेरी लाठी/असा है ʿaṣāya
मेरी लाठी/असा है أَتَوَكَّؤُا۟ मैं सहारा लेता हूँ atawakka-u
मैं सहारा लेता हूँ عَلَيْهَا इस पर ʿalayhā
इस पर وَأَهُشُّ और मैं पत्ते झाड़ता हूँ wa-ahushu
और मैं पत्ते झाड़ता हूँ بِهَا साथ इसके bihā
साथ इसके عَلَىٰ for ʿalā
for غَنَمِى अपनी बकरियों पर ghanamī
अपनी बकरियों पर وَلِىَ और मेरे लिए waliya
और मेरे लिए فِيهَا इसमें fīhā
इसमें مَـَٔارِبُ फ़ायदे हैं maāribu
फ़ायदे हैं أُخْرَىٰ कुछ दूसरे ukh'rā
कुछ दूसरे ١٨ (18)
(18)
उसने कहा : यह मेरी लाठी है। मैं इसपर टेक लगाता हूँ और इससे अपनी बकरियों के लिए पत्ते झाड़ता हूँ और मेरे लिए इसमें और भी कई ज़रूरतें हैं।
२०:१९
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया أَلْقِهَا डाल दो इसे alqihā
डाल दो इसे يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ١٩ (19)
(19)
फ़रमाया أَلْقِهَا डाल दो इसे alqihā
डाल दो इसे يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ١٩ (19)
(19)
फरमाया : इसे फेंक दे, ऐ मूसा!
२०:२०
فَأَلْقَىٰهَا
तो उसने डाल दिया उसे
fa-alqāhā
तो उसने डाल दिया उसे فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक هِىَ वो hiya
वो حَيَّةٌۭ साँप था ḥayyatun
साँप था تَسْعَىٰ दौड़ता हुआ tasʿā
दौड़ता हुआ ٢٠ (20)
(20)
तो उसने डाल दिया उसे فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक هِىَ वो hiya
वो حَيَّةٌۭ साँप था ḥayyatun
साँप था تَسْعَىٰ दौड़ता हुआ tasʿā
दौड़ता हुआ ٢٠ (20)
(20)
तो उसने उसे फेंक दिया और सहसा वह एक साँप था, जो दोड़ रहा था।
२०:२१
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया خُذْهَا पकड़ लो इसे khudh'hā
पकड़ लो इसे وَلَا और ना walā
और ना تَخَفْ ۖ तुम डरो takhaf
तुम डरो سَنُعِيدُهَا अनक़रीब हम लौटा देंगे इसे sanuʿīduhā
अनक़रीब हम लौटा देंगे इसे سِيرَتَهَا इसकी हालत पर sīratahā
इसकी हालत पर ٱلْأُولَىٰ पहली l-ūlā
पहली ٢١ (21)
(21)
फ़रमाया خُذْهَا पकड़ लो इसे khudh'hā
पकड़ लो इसे وَلَا और ना walā
और ना تَخَفْ ۖ तुम डरो takhaf
तुम डरो سَنُعِيدُهَا अनक़रीब हम लौटा देंगे इसे sanuʿīduhā
अनक़रीब हम लौटा देंगे इसे سِيرَتَهَا इसकी हालत पर sīratahā
इसकी हालत पर ٱلْأُولَىٰ पहली l-ūlā
पहली ٢١ (21)
(21)
फरमाया : इसे पकड़ ले और डर मत, जल्द ही हम इसे इसकी प्रथम स्थिति में लौटा देंगे।
२०:२२
وَٱضْمُمْ
और मिला लो
wa-uḍ'mum
और मिला लो يَدَكَ अपने हाथ को yadaka
अपने हाथ को إِلَىٰ to ilā
to جَنَاحِكَ अपने बाज़ू (पहलू) के साथ janāḥika
अपने बाज़ू (पहलू) के साथ تَخْرُجْ वो निकलेगा takhruj
वो निकलेगा بَيْضَآءَ सफ़ेद/रोशन bayḍāa
सफ़ेद/रोशन مِنْ without any min
without any غَيْرِ बग़ैर ghayri
बग़ैर سُوٓءٍ ऐब के sūin
ऐब के ءَايَةً निशानी āyatan
निशानी أُخْرَىٰ दूसरी ukh'rā
दूसरी ٢٢ (22)
(22)
और मिला लो يَدَكَ अपने हाथ को yadaka
अपने हाथ को إِلَىٰ to ilā
to جَنَاحِكَ अपने बाज़ू (पहलू) के साथ janāḥika
अपने बाज़ू (पहलू) के साथ تَخْرُجْ वो निकलेगा takhruj
वो निकलेगा بَيْضَآءَ सफ़ेद/रोशन bayḍāa
सफ़ेद/रोशन مِنْ without any min
without any غَيْرِ बग़ैर ghayri
बग़ैर سُوٓءٍ ऐब के sūin
ऐब के ءَايَةً निशानी āyatan
निशानी أُخْرَىٰ दूसरी ukh'rā
दूसरी ٢٢ (22)
(22)
और अपना हाथ अपनी कांख (बग़ल) की ओर लगा दे, वह बिना किसी दोष के सफेद (चमकता हुआ) निकलेगा, जबकि यह एक और निशानी है।
२०:२३
لِنُرِيَكَ
ताकि हम दिखाऐं तुझे
linuriyaka
ताकि हम दिखाऐं तुझे مِنْ of min
of ءَايَـٰتِنَا अपनी निशानियों से āyātinā
अपनी निशानियों से ٱلْكُبْرَى बड़ी-बड़ी l-kub'rā
बड़ी-बड़ी ٢٣ (23)
(23)
ताकि हम दिखाऐं तुझे مِنْ of min
of ءَايَـٰتِنَا अपनी निशानियों से āyātinā
अपनी निशानियों से ٱلْكُبْرَى बड़ी-बड़ी l-kub'rā
बड़ी-बड़ी ٢٣ (23)
(23)
ताकि हम तुझे अपनी कुछ बड़ी निशानियाँ दिखाएँ।
२०:२४
ٱذْهَبْ
जाओ
idh'hab
जाओ إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन के fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो طَغَىٰ सरकश हो गया है ṭaghā
सरकश हो गया है ٢٤ (24)
(24)
जाओ إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन के fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो طَغَىٰ सरकश हो गया है ṭaghā
सरकश हो गया है ٢٤ (24)
(24)
फ़िरऔन के पास जा, निश्चय वह सरकश हो गया है।
२०:२५
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱشْرَحْ खोल दे ish'raḥ
खोल दे لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए صَدْرِى सीना मेरा ṣadrī
सीना मेरा ٢٥ (25)
(25)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱشْرَحْ खोल दे ish'raḥ
खोल दे لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए صَدْرِى सीना मेरा ṣadrī
सीना मेरा ٢٥ (25)
(25)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे लिए मेरा सीना खोल दे।
२०:२६
وَيَسِّرْ
और आसान कर दे
wayassir
और आसान कर दे لِىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए أَمْرِى काम मेरा amrī
काम मेरा ٢٦ (26)
(26)
और आसान कर दे لِىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए أَمْرِى काम मेरा amrī
काम मेरा ٢٦ (26)
(26)
तथा मेरे लिए मेरा काम सरल कर दे।
२०:२७
وَٱحْلُلْ
और खोल दे
wa-uḥ'lul
और खोल दे عُقْدَةًۭ गिरह ʿuq'datan
गिरह مِّن from min
from لِّسَانِى मेरी ज़बान की lisānī
मेरी ज़बान की ٢٧ (27)
(27)
और खोल दे عُقْدَةًۭ गिरह ʿuq'datan
गिरह مِّن from min
from لِّسَانِى मेरी ज़बान की lisānī
मेरी ज़बान की ٢٧ (27)
(27)
और मेरी ज़बान की गाँठ खोल दे।
२०:२८
يَفْقَهُوا۟
(ताकि) वो समझ जाऐं
yafqahū
(ताकि) वो समझ जाऐं قَوْلِى बात मेरी qawlī
बात मेरी ٢٨ (28)
(28)
(ताकि) वो समझ जाऐं قَوْلِى बात मेरी qawlī
बात मेरी ٢٨ (28)
(28)
ताकि वे मेरी बात समझ लें।
२०:२९
وَٱجْعَل
और बना दे
wa-ij'ʿal
और बना दे لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए وَزِيرًۭا वज़ीर/मददगार wazīran
वज़ीर/मददगार مِّنْ from min
from أَهْلِى मेरे घर वालों में से ahlī
मेरे घर वालों में से ٢٩ (29)
(29)
और बना दे لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए وَزِيرًۭا वज़ीर/मददगार wazīran
वज़ीर/मददगार مِّنْ from min
from أَهْلِى मेरे घर वालों में से ahlī
मेरे घर वालों में से ٢٩ (29)
(29)
तथा मेरे लिए मेरे अपने घरवालों में से एक सहायकबना दे।
२०:३०
هَـٰرُونَ
हारून
hārūna
हारून أَخِى मेरे भाई को akhī
मेरे भाई को ٣٠ (30)
(30)
हारून أَخِى मेरे भाई को akhī
मेरे भाई को ٣٠ (30)
(30)
हारून को, जो मेरा भाई है।
२०:३१
ٱشْدُدْ
मज़बूत कर दे
ush'dud
मज़बूत कर दे بِهِۦٓ साथ इसके bihi
साथ इसके أَزْرِى क़ुव्वत/कमर मेरी azrī
क़ुव्वत/कमर मेरी ٣١ (31)
(31)
मज़बूत कर दे بِهِۦٓ साथ इसके bihi
साथ इसके أَزْرِى क़ुव्वत/कमर मेरी azrī
क़ुव्वत/कमर मेरी ٣١ (31)
(31)
उसके साथ मेरी पीठ मज़बूत़ कर दे।
२०:३२
وَأَشْرِكْهُ
और शरीक कर दे इसे
wa-ashrik'hu
और शरीक कर दे इसे فِىٓ [in] fī
[in] أَمْرِى मेरे काम में amrī
मेरे काम में ٣٢ (32)
(32)
और शरीक कर दे इसे فِىٓ [in] fī
[in] أَمْرِى मेरे काम में amrī
मेरे काम में ٣٢ (32)
(32)
और उसे मेरे काम में शरीक कर दे।
२०:३३
كَىْ
ताकि
kay
ताकि نُسَبِّحَكَ हम तस्बीह करें तेरी nusabbiḥaka
हम तस्बीह करें तेरी كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से ٣٣ (33)
(33)
ताकि نُسَبِّحَكَ हम तस्बीह करें तेरी nusabbiḥaka
हम तस्बीह करें तेरी كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से ٣٣ (33)
(33)
ताकि हम तेरी बहुत ज़्यादा पवित्रता बयान करें।
२०:३४
وَنَذْكُرَكَ
और हम याद करें तुझे
wanadhkuraka
और हम याद करें तुझे كَثِيرًا कसरत से kathīran
कसरत से ٣٤ (34)
(34)
और हम याद करें तुझे كَثِيرًا कसरत से kathīran
कसरत से ٣٤ (34)
(34)
तथा हम तुझे बहुत ज़्यादा याद करें।
२०:३५
إِنَّكَ
बेशक तू
innaka
बेशक तू كُنتَ तू ही है kunta
तू ही है بِنَا हमें binā
हमें بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٣٥ (35)
(35)
बेशक तू كُنتَ तू ही है kunta
तू ही है بِنَا हमें binā
हमें بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٣٥ (35)
(35)
निःसंदेह तू हमेशा हमारी स्थिति को भली प्रकार देखने वाला है।
२०:३६
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أُوتِيتَ तू दे दिया गया ūtīta
तू दे दिया गया سُؤْلَكَ सवाल अपना su'laka
सवाल अपना يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٣٦ (36)
(36)
फ़रमाया قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أُوتِيتَ तू दे दिया गया ūtīta
तू दे दिया गया سُؤْلَكَ सवाल अपना su'laka
सवाल अपना يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٣٦ (36)
(36)
फरमाया : निःसंदेह तुझे दिया गया जो तूने माँगा, ऐ मूसा!
२०:३७
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَنَنَّا एहसान किया था हमने manannā
एहसान किया था हमने عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर مَرَّةً एक बार marratan
एक बार أُخْرَىٰٓ और भी ukh'rā
और भी ٣٧ (37)
(37)
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَنَنَّا एहसान किया था हमने manannā
एहसान किया था हमने عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर مَرَّةً एक बार marratan
एक बार أُخْرَىٰٓ और भी ukh'rā
और भी ٣٧ (37)
(37)
और निश्चय ही हमने तुझपर एक और बार भी उपकार किया।1
२०:३८
إِذْ
जब
idh
जब أَوْحَيْنَآ वही (इल्हाम) की हमने awḥaynā
वही (इल्हाम) की हमने إِلَىٰٓ to ilā
to أُمِّكَ तरफ़ तेरी माँ के ummika
तरफ़ तेरी माँ के مَا जो mā
जो يُوحَىٰٓ वही (इल्हाम) की जाती है yūḥā
वही (इल्हाम) की जाती है ٣٨ (38)
(38)
जब أَوْحَيْنَآ वही (इल्हाम) की हमने awḥaynā
वही (इल्हाम) की हमने إِلَىٰٓ to ilā
to أُمِّكَ तरफ़ तेरी माँ के ummika
तरफ़ तेरी माँ के مَا जो mā
जो يُوحَىٰٓ वही (इल्हाम) की जाती है yūḥā
वही (इल्हाम) की जाती है ٣٨ (38)
(38)
जब हमने तेरी माँ की ओर वह़्य की, जो वह़्य की जाती थी।
२०:३९
أَنِ
कि
ani
कि ٱقْذِفِيهِ डाल दे इसे iq'dhifīhi
डाल दे इसे فِى in fī
in ٱلتَّابُوتِ ताबूत में l-tābūti
ताबूत में فَٱقْذِفِيهِ फिर डाल दे उसे fa-iq'dhifīhi
फिर डाल दे उसे فِى in fī
in ٱلْيَمِّ दरिया में l-yami
दरिया में فَلْيُلْقِهِ फिर ज़रूर डाल देगा उसे falyul'qihi
फिर ज़रूर डाल देगा उसे ٱلْيَمُّ दरिया l-yamu
दरिया بِٱلسَّاحِلِ साहिल पर bil-sāḥili
साहिल पर يَأْخُذْهُ पकड़ लेगा उसे yakhudh'hu
पकड़ लेगा उसे عَدُوٌّۭ दुश्मन ʿaduwwun
दुश्मन لِّى मेरा lī
मेरा وَعَدُوٌّۭ और दुश्मन waʿaduwwun
और दुश्मन لَّهُۥ ۚ उसका lahu
उसका وَأَلْقَيْتُ और डाल दी मैंने wa-alqaytu
और डाल दी मैंने عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर مَحَبَّةًۭ मोहब्बत maḥabbatan
मोहब्बत مِّنِّى अपनी तरफ़ से minnī
अपनी तरफ़ से وَلِتُصْنَعَ और ताकि तू परवरिश किया जाए walituṣ'naʿa
और ताकि तू परवरिश किया जाए عَلَىٰ under ʿalā
under عَيْنِىٓ मेरी आँखों के सामने ʿaynī
मेरी आँखों के सामने ٣٩ (39)
(39)
कि ٱقْذِفِيهِ डाल दे इसे iq'dhifīhi
डाल दे इसे فِى in fī
in ٱلتَّابُوتِ ताबूत में l-tābūti
ताबूत में فَٱقْذِفِيهِ फिर डाल दे उसे fa-iq'dhifīhi
फिर डाल दे उसे فِى in fī
in ٱلْيَمِّ दरिया में l-yami
दरिया में فَلْيُلْقِهِ फिर ज़रूर डाल देगा उसे falyul'qihi
फिर ज़रूर डाल देगा उसे ٱلْيَمُّ दरिया l-yamu
दरिया بِٱلسَّاحِلِ साहिल पर bil-sāḥili
साहिल पर يَأْخُذْهُ पकड़ लेगा उसे yakhudh'hu
पकड़ लेगा उसे عَدُوٌّۭ दुश्मन ʿaduwwun
दुश्मन لِّى मेरा lī
मेरा وَعَدُوٌّۭ और दुश्मन waʿaduwwun
और दुश्मन لَّهُۥ ۚ उसका lahu
उसका وَأَلْقَيْتُ और डाल दी मैंने wa-alqaytu
और डाल दी मैंने عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर مَحَبَّةًۭ मोहब्बत maḥabbatan
मोहब्बत مِّنِّى अपनी तरफ़ से minnī
अपनी तरफ़ से وَلِتُصْنَعَ और ताकि तू परवरिश किया जाए walituṣ'naʿa
और ताकि तू परवरिश किया जाए عَلَىٰ under ʿalā
under عَيْنِىٓ मेरी आँखों के सामने ʿaynī
मेरी आँखों के सामने ٣٩ (39)
(39)
यह कि तू इसे ताबूत (संदूक़) में रख दे, फिर उसे नदी में डाल दे, फिर नदी उसे किनारे पर डाल दे, उसे मेरा एक शत्रु और उसका शत्रु उठा लेगा1 और मैंने तुझपर अपनी ओर से एक प्रेम2 डाल दिया और ताकि तेरा पालन-पोषण मेरी आँखों के सामने किया जाए।
२०:४०
إِذْ
जब
idh
जब تَمْشِىٓ चलती थी tamshī
चलती थी أُخْتُكَ बहन तेरी ukh'tuka
बहन तेरी فَتَقُولُ फिर वो कहती थी fataqūlu
फिर वो कहती थी هَلْ क्या hal
क्या أَدُلُّكُمْ मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी adullukum
मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी عَلَىٰ [to] ʿalā
[to] مَن उस पर जो man
उस पर जो يَكْفُلُهُۥ ۖ किफ़ालत करेगा इसकी yakfuluhu
किफ़ालत करेगा इसकी فَرَجَعْنَـٰكَ तो लौटा दिया हमने तुझे farajaʿnāka
तो लौटा दिया हमने तुझे إِلَىٰٓ to ilā
to أُمِّكَ तरफ़ तेरी माँ के ummika
तरफ़ तेरी माँ के كَىْ that kay
that تَقَرَّ ताकि ठन्डी हो taqarra
ताकि ठन्डी हो عَيْنُهَا आँख उसकी ʿaynuhā
आँख उसकी وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنَ ۚ वो ग़म करे taḥzana
वो ग़म करे وَقَتَلْتَ और क़त्ल किया था तूने waqatalta
और क़त्ल किया था तूने نَفْسًۭا एक जान को nafsan
एक जान को فَنَجَّيْنَـٰكَ तो निजात दी हमने तुझे fanajjaynāka
तो निजात दी हमने तुझे مِنَ from mina
from ٱلْغَمِّ ग़म से l-ghami
ग़म से وَفَتَنَّـٰكَ और आज़माया था हमने तुझे wafatannāka
और आज़माया था हमने तुझे فُتُونًۭا ۚ ख़ूब आज़माना futūnan
ख़ूब आज़माना فَلَبِثْتَ फिर ठहरा रहा तू falabith'ta
फिर ठहरा रहा तू سِنِينَ कई साल sinīna
कई साल فِىٓ with fī
with أَهْلِ (the) people ahli
(the) people مَدْيَنَ अहले मदयन में madyana
अहले मदयन में ثُمَّ फिर thumma
फिर جِئْتَ आ गया तू ji'ta
आ गया तू عَلَىٰ at ʿalā
at قَدَرٍۢ मुकर्रर अंदाज़े पर qadarin
मुकर्रर अंदाज़े पर يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٤٠ (40)
(40)
जब تَمْشِىٓ चलती थी tamshī
चलती थी أُخْتُكَ बहन तेरी ukh'tuka
बहन तेरी فَتَقُولُ फिर वो कहती थी fataqūlu
फिर वो कहती थी هَلْ क्या hal
क्या أَدُلُّكُمْ मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी adullukum
मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी عَلَىٰ [to] ʿalā
[to] مَن उस पर जो man
उस पर जो يَكْفُلُهُۥ ۖ किफ़ालत करेगा इसकी yakfuluhu
किफ़ालत करेगा इसकी فَرَجَعْنَـٰكَ तो लौटा दिया हमने तुझे farajaʿnāka
तो लौटा दिया हमने तुझे إِلَىٰٓ to ilā
to أُمِّكَ तरफ़ तेरी माँ के ummika
तरफ़ तेरी माँ के كَىْ that kay
that تَقَرَّ ताकि ठन्डी हो taqarra
ताकि ठन्डी हो عَيْنُهَا आँख उसकी ʿaynuhā
आँख उसकी وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنَ ۚ वो ग़म करे taḥzana
वो ग़म करे وَقَتَلْتَ और क़त्ल किया था तूने waqatalta
और क़त्ल किया था तूने نَفْسًۭا एक जान को nafsan
एक जान को فَنَجَّيْنَـٰكَ तो निजात दी हमने तुझे fanajjaynāka
तो निजात दी हमने तुझे مِنَ from mina
from ٱلْغَمِّ ग़म से l-ghami
ग़म से وَفَتَنَّـٰكَ और आज़माया था हमने तुझे wafatannāka
और आज़माया था हमने तुझे فُتُونًۭا ۚ ख़ूब आज़माना futūnan
ख़ूब आज़माना فَلَبِثْتَ फिर ठहरा रहा तू falabith'ta
फिर ठहरा रहा तू سِنِينَ कई साल sinīna
कई साल فِىٓ with fī
with أَهْلِ (the) people ahli
(the) people مَدْيَنَ अहले मदयन में madyana
अहले मदयन में ثُمَّ फिर thumma
फिर جِئْتَ आ गया तू ji'ta
आ गया तू عَلَىٰ at ʿalā
at قَدَرٍۢ मुकर्रर अंदाज़े पर qadarin
मुकर्रर अंदाज़े पर يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٤٠ (40)
(40)
जब तेरी बहन1 चल रही थी और कह रही थी : क्या मैं तुम्हें उसका पता बता दूँ, जो इसका पालन-पोषण करे? फिर हमने तुझे तेरी माँ के पास लौटा दिया, ताकि उसकी आँख ठंडी हो और वह शोक न करे। तथा तूने एक आदमी को मार डाला2, तो हमने तुझे दुःखसे बचा लिया और हमने तुम्हारी अच्छी तरह से परीक्षा ली। फिर तू कई वर्ष मदयन वालों के बीच ठहरा रहा, फिर तू एक निश्चित अनुमान पर आया, ऐ मूसा!
२०:४१
وَٱصْطَنَعْتُكَ
और चुन लिया मैंने तुझे
wa-iṣ'ṭanaʿtuka
और चुन लिया मैंने तुझे لِنَفْسِى अपने लिए linafsī
अपने लिए ٤١ (41)
(41)
और चुन लिया मैंने तुझे لِنَفْسِى अपने लिए linafsī
अपने लिए ٤١ (41)
(41)
और मैंने तुझे विशेष रूप से अपने लिए बनाया है।
२०:४२
ٱذْهَبْ
जाओ
idh'hab
जाओ أَنتَ तुम anta
तुम وَأَخُوكَ और भाई तुम्हारा wa-akhūka
और भाई तुम्हारा بِـَٔايَـٰتِى साथ मेरी निशानियों के biāyātī
साथ मेरी निशानियों के وَلَا और ना walā
और ना تَنِيَا तुम दोनों सुस्ती करना taniyā
तुम दोनों सुस्ती करना فِى in fī
in ذِكْرِى मेरी याद में dhik'rī
मेरी याद में ٤٢ (42)
(42)
जाओ أَنتَ तुम anta
तुम وَأَخُوكَ और भाई तुम्हारा wa-akhūka
और भाई तुम्हारा بِـَٔايَـٰتِى साथ मेरी निशानियों के biāyātī
साथ मेरी निशानियों के وَلَا और ना walā
और ना تَنِيَا तुम दोनों सुस्ती करना taniyā
तुम दोनों सुस्ती करना فِى in fī
in ذِكْرِى मेरी याद में dhik'rī
मेरी याद में ٤٢ (42)
(42)
तू और तेरा भाई मेरी निशानियाँ लेकर जाओ और मुझे याद करने में आलस्य न करो।
२०:४३
ٱذْهَبَآ
दोनों जाओ
idh'habā
दोनों जाओ إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन के fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो طَغَىٰ सरकश हो गया है ṭaghā
सरकश हो गया है ٤٣ (43)
(43)
दोनों जाओ إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन के fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो طَغَىٰ सरकश हो गया है ṭaghā
सरकश हो गया है ٤٣ (43)
(43)
तुम दोनों फ़िरऔन के पास जाओ, निःसंदेह वह सरकश हो गया है।
२०:४४
فَقُولَا
पस दोनों कहो
faqūlā
पस दोनों कहो لَهُۥ उसे lahu
उसे قَوْلًۭا बात qawlan
बात لَّيِّنًۭا नर्म layyinan
नर्म لَّعَلَّهُۥ शायद कि वो laʿallahu
शायद कि वो يَتَذَكَّرُ वो नसीहत पकड़े yatadhakkaru
वो नसीहत पकड़े أَوْ या aw
या يَخْشَىٰ वो डर जाए yakhshā
वो डर जाए ٤٤ (44)
(44)
पस दोनों कहो لَهُۥ उसे lahu
उसे قَوْلًۭا बात qawlan
बात لَّيِّنًۭا नर्म layyinan
नर्म لَّعَلَّهُۥ शायद कि वो laʿallahu
शायद कि वो يَتَذَكَّرُ वो नसीहत पकड़े yatadhakkaru
वो नसीहत पकड़े أَوْ या aw
या يَخْشَىٰ वो डर जाए yakhshā
वो डर जाए ٤٤ (44)
(44)
तो उससे कोमल बात करो, आशा है कि वह उपदेश ग्रहण करे, या (अल्लाह से) डर जाए।
२०:४५
قَالَا
दोनों ने कहा
qālā
दोनों ने कहा رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّنَا बेशक हम innanā
बेशक हम نَخَافُ हम डरते हैं nakhāfu
हम डरते हैं أَن कि an
कि يَفْرُطَ वो ज़्यादती करेगा yafruṭa
वो ज़्यादती करेगा عَلَيْنَآ हम पर ʿalaynā
हम पर أَوْ या aw
या أَن ये कि an
ये कि يَطْغَىٰ वो सरकशी करेगा yaṭghā
वो सरकशी करेगा ٤٥ (45)
(45)
दोनों ने कहा رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّنَا बेशक हम innanā
बेशक हम نَخَافُ हम डरते हैं nakhāfu
हम डरते हैं أَن कि an
कि يَفْرُطَ वो ज़्यादती करेगा yafruṭa
वो ज़्यादती करेगा عَلَيْنَآ हम पर ʿalaynā
हम पर أَوْ या aw
या أَن ये कि an
ये कि يَطْغَىٰ वो सरकशी करेगा yaṭghā
वो सरकशी करेगा ٤٥ (45)
(45)
दोनों ने कहा : ऐ हमारे पालनहार! निश्चय ह डरते हैं कि वह हमपर अत्याचार करेगा, या हद से बढ़ जाएगा।
२०:४६
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَافَآ ۖ ना तुम दोनों डरो takhāfā
ना तुम दोनों डरो إِنَّنِى बेशक मैं innanī
बेशक मैं مَعَكُمَآ साथ हूँ तुम दोनों के maʿakumā
साथ हूँ तुम दोनों के أَسْمَعُ मैं सुन रहा हूँ asmaʿu
मैं सुन रहा हूँ وَأَرَىٰ और मैं देख रहा हूँ wa-arā
और मैं देख रहा हूँ ٤٦ (46)
(46)
फ़रमाया لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَافَآ ۖ ना तुम दोनों डरो takhāfā
ना तुम दोनों डरो إِنَّنِى बेशक मैं innanī
बेशक मैं مَعَكُمَآ साथ हूँ तुम दोनों के maʿakumā
साथ हूँ तुम दोनों के أَسْمَعُ मैं सुन रहा हूँ asmaʿu
मैं सुन रहा हूँ وَأَرَىٰ और मैं देख रहा हूँ wa-arā
और मैं देख रहा हूँ ٤٦ (46)
(46)
फरमाया : डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ, सब कुछ सुन रहा हूँ और सब कुछ देख रहा हूँ।
२०:४७
فَأْتِيَاهُ
पस दोनों जाओ उसके पास
fatiyāhu
पस दोनों जाओ उसके पास فَقُولَآ फिर दोनों कहो faqūlā
फिर दोनों कहो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम رَسُولَا रसूल हैं rasūlā
रसूल हैं رَبِّكَ तेरे रब के rabbika
तेरे रब के فَأَرْسِلْ पस भेज दे fa-arsil
पस भेज दे مَعَنَا साथ हमारे maʿanā
साथ हमारे بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को وَلَا और ना walā
और ना تُعَذِّبْهُمْ ۖ तो अज़ाब दे उन्हें tuʿadhib'hum
तो अज़ाब दे उन्हें قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جِئْنَـٰكَ लाए हैं हम तेरे पास ji'nāka
लाए हैं हम तेरे पास بِـَٔايَةٍۢ निशानी biāyatin
निशानी مِّن from min
from رَّبِّكَ ۖ तेरे रब की तरफ़ से rabbika
तेरे रब की तरफ़ से وَٱلسَّلَـٰمُ और सलाम है wal-salāmu
और सलाम है عَلَىٰ on ʿalā
on مَنِ उस पर जो mani
उस पर जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे ٱلْهُدَىٰٓ हिदायत की l-hudā
हिदायत की ٤٧ (47)
(47)
पस दोनों जाओ उसके पास فَقُولَآ फिर दोनों कहो faqūlā
फिर दोनों कहो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम رَسُولَا रसूल हैं rasūlā
रसूल हैं رَبِّكَ तेरे रब के rabbika
तेरे रब के فَأَرْسِلْ पस भेज दे fa-arsil
पस भेज दे مَعَنَا साथ हमारे maʿanā
साथ हमारे بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को وَلَا और ना walā
और ना تُعَذِّبْهُمْ ۖ तो अज़ाब दे उन्हें tuʿadhib'hum
तो अज़ाब दे उन्हें قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جِئْنَـٰكَ लाए हैं हम तेरे पास ji'nāka
लाए हैं हम तेरे पास بِـَٔايَةٍۢ निशानी biāyatin
निशानी مِّن from min
from رَّبِّكَ ۖ तेरे रब की तरफ़ से rabbika
तेरे रब की तरफ़ से وَٱلسَّلَـٰمُ और सलाम है wal-salāmu
और सलाम है عَلَىٰ on ʿalā
on مَنِ उस पर जो mani
उस पर जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे ٱلْهُدَىٰٓ हिदायत की l-hudā
हिदायत की ٤٧ (47)
(47)
अतः तुम दोनों उसके पास जाओ और कहो : हम तेरे पालनहार के रसूल हैं। अतः तू हमारे साथ बनी इसराईल को भेज दे और उन्हें यातना न दे, निश्चय हम तेरे पास तेरे पालनहार की ओर से एक निशानी लेकर आए हैं और सलामती है उसके लिए, जो मार्गदर्शन का अनुसरण करे।
२०:४८
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أُوحِىَ वही की गई ūḥiya
वही की गई إِلَيْنَآ तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلْعَذَابَ अज़ाब है l-ʿadhāba
अज़ाब है عَلَىٰ (will be) on ʿalā
(will be) on مَن उस पर जो man
उस पर जो كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए وَتَوَلَّىٰ और मुँह मोड़े watawallā
और मुँह मोड़े ٤٨ (48)
(48)
बेशक हम قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أُوحِىَ वही की गई ūḥiya
वही की गई إِلَيْنَآ तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلْعَذَابَ अज़ाब है l-ʿadhāba
अज़ाब है عَلَىٰ (will be) on ʿalā
(will be) on مَن उस पर जो man
उस पर जो كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए وَتَوَلَّىٰ और मुँह मोड़े watawallā
और मुँह मोड़े ٤٨ (48)
(48)
निःसंदेह हमारी ओर वह़्य (प्रकाशना) की गई है कि निश्चय ही यातना उसके लिए है, जिसने झुठलाया और मुँह फेरा।
२०:४९
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा فَمَن फिर कौन है faman
फिर कौन है رَّبُّكُمَا रब तुम दोनों का rabbukumā
रब तुम दोनों का يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٤٩ (49)
(49)
उसने कहा فَمَن फिर कौन है faman
फिर कौन है رَّبُّكُمَا रब तुम दोनों का rabbukumā
रब तुम दोनों का يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٤٩ (49)
(49)
उसने कहा : तुम दोनों का पालनहार कौन है, ऐ मूसा!?
२०:५०
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبُّنَا हमारा रब rabbunā
हमारा रब ٱلَّذِىٓ वो है जिसने alladhī
वो है जिसने أَعْطَىٰ अता की aʿṭā
अता की كُلَّ (to) every kulla
(to) every شَىْءٍ हर चीज़ को shayin
हर चीज़ को خَلْقَهُۥ सूरत उसकी khalqahu
सूरत उसकी ثُمَّ फिर thumma
फिर هَدَىٰ रहनुमाई की hadā
रहनुमाई की ٥٠ (50)
(50)
कहा رَبُّنَا हमारा रब rabbunā
हमारा रब ٱلَّذِىٓ वो है जिसने alladhī
वो है जिसने أَعْطَىٰ अता की aʿṭā
अता की كُلَّ (to) every kulla
(to) every شَىْءٍ हर चीज़ को shayin
हर चीज़ को خَلْقَهُۥ सूरत उसकी khalqahu
सूरत उसकी ثُمَّ फिर thumma
फिर هَدَىٰ रहनुमाई की hadā
रहनुमाई की ٥٠ (50)
(50)
(मूसा ने) कहा : हमारा पालनहार वह है, जिसने हर चीज़ को उसका आकार और रूप दिया, फिर रास्ता दिखाया।1
२०:५१
قَالَ
कहा
qāla
कहा فَمَا पस क्या famā
पस क्या بَالُ हाल है bālu
हाल है ٱلْقُرُونِ क़ौमों का l-qurūni
क़ौमों का ٱلْأُولَىٰ पहली l-ūlā
पहली ٥١ (51)
(51)
कहा فَمَا पस क्या famā
पस क्या بَالُ हाल है bālu
हाल है ٱلْقُرُونِ क़ौमों का l-qurūni
क़ौमों का ٱلْأُولَىٰ पहली l-ūlā
पहली ٥١ (51)
(51)
उसने कहा : अच्छा, तो पहले ज़माने के लोगों का क्या हाल है?
२०:५२
قَالَ
कहा
qāla
कहा عِلْمُهَا इल्म उनका ʿil'muhā
इल्म उनका عِندَ पास है ʿinda
पास है رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के فِى in fī
in كِتَـٰبٍۢ ۖ एक किताब में kitābin
एक किताब में لَّا Not lā
Not يَضِلُّ नहीं भटकता yaḍillu
नहीं भटकता رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब وَلَا और ना walā
और ना يَنسَى वो भूलता है yansā
वो भूलता है ٥٢ (52)
(52)
कहा عِلْمُهَا इल्म उनका ʿil'muhā
इल्म उनका عِندَ पास है ʿinda
पास है رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के فِى in fī
in كِتَـٰبٍۢ ۖ एक किताब में kitābin
एक किताब में لَّا Not lā
Not يَضِلُّ नहीं भटकता yaḍillu
नहीं भटकता رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब وَلَا और ना walā
और ना يَنسَى वो भूलता है yansā
वो भूलता है ٥٢ (52)
(52)
(मूसा ने) कहा : उनका ज्ञान मेरे रब के पास एक किताब में है, मेरा रब न भटकता है और न भूलता है।1
२०:५३
ٱلَّذِى
वो जिसने
alladhī
वो जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को مَهْدًۭا बिछौना mahdan
बिछौना وَسَلَكَ और उसने जारी किया wasalaka
और उसने जारी किया لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سُبُلًۭا रास्तों को subulan
रास्तों को وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجْنَا फिर निकालीं हमने fa-akhrajnā
फिर निकालीं हमने بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके أَزْوَٰجًۭا कई अक़साम azwājan
कई अक़साम مِّن of min
of نَّبَاتٍۢ पोधौं में से nabātin
पोधौं में से شَتَّىٰ मुख़्तलिफ़ shattā
मुख़्तलिफ़ ٥٣ (53)
(53)
वो जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को مَهْدًۭا बिछौना mahdan
बिछौना وَسَلَكَ और उसने जारी किया wasalaka
और उसने जारी किया لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سُبُلًۭا रास्तों को subulan
रास्तों को وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجْنَا फिर निकालीं हमने fa-akhrajnā
फिर निकालीं हमने بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके أَزْوَٰجًۭا कई अक़साम azwājan
कई अक़साम مِّن of min
of نَّبَاتٍۢ पोधौं में से nabātin
पोधौं में से شَتَّىٰ मुख़्तलिफ़ shattā
मुख़्तलिफ़ ٥٣ (53)
(53)
वही है जिसने तुम्हारे लिए ज़मीन को बिछौना बनाया और उसमें तुम्हारे लिए रास्ते बनाए और आसमान से कुछ पानी उतारा, फिर हमने उसके द्वारा विभिन्न पौधों की कई क़िस्में निकालीं।
२०:५४
كُلُوا۟
खाओ
kulū
खाओ وَٱرْعَوْا۟ और चराओ wa-ir'ʿaw
और चराओ أَنْعَـٰمَكُمْ ۗ अपने मवेशियों को anʿāmakum
अपने मवेशियों को إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّأُو۟لِى for possessors li-ulī
for possessors ٱلنُّهَىٰ अक़्ल वालों के लिए l-nuhā
अक़्ल वालों के लिए ٥٤ (54)
(54)
खाओ وَٱرْعَوْا۟ और चराओ wa-ir'ʿaw
और चराओ أَنْعَـٰمَكُمْ ۗ अपने मवेशियों को anʿāmakum
अपने मवेशियों को إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّأُو۟لِى for possessors li-ulī
for possessors ٱلنُّهَىٰ अक़्ल वालों के लिए l-nuhā
अक़्ल वालों के लिए ٥٤ (54)
(54)
खाओ और अपने चौपायों को चराओ, निःसंदेह इसमें बुद्धि वाले लोगों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं।
२०:५५
۞ مِنْهَا
इसी से
min'hā
इसी से خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया हमने तुम्हें وَفِيهَا और इसी में wafīhā
और इसी में نُعِيدُكُمْ हम लौटाऐंगे तुम्हें nuʿīdukum
हम लौटाऐंगे तुम्हें وَمِنْهَا और इसी में से wamin'hā
और इसी में से نُخْرِجُكُمْ हम निकालेंगे तुम्हें nukh'rijukum
हम निकालेंगे तुम्हें تَارَةً time tāratan
time أُخْرَىٰ दूसरी मर्तबा ukh'rā
दूसरी मर्तबा ٥٥ (55)
(55)
इसी से خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया हमने तुम्हें وَفِيهَا और इसी में wafīhā
और इसी में نُعِيدُكُمْ हम लौटाऐंगे तुम्हें nuʿīdukum
हम लौटाऐंगे तुम्हें وَمِنْهَا और इसी में से wamin'hā
और इसी में से نُخْرِجُكُمْ हम निकालेंगे तुम्हें nukh'rijukum
हम निकालेंगे तुम्हें تَارَةً time tāratan
time أُخْرَىٰ दूसरी मर्तबा ukh'rā
दूसरी मर्तबा ٥٥ (55)
(55)
इसी से हमने तुम्हें पैदा किया और इसी में हम तुम्हें लौटाएँगे और इसी से हम तुम्हें एक बार फिर1 निकालेंगे।
२०:५६
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرَيْنَـٰهُ दिखाईं हमने उसे araynāhu
दिखाईं हमने उसे ءَايَـٰتِنَا निशानियाँ अपनी āyātinā
निशानियाँ अपनी كُلَّهَا सारी की सारी kullahā
सारी की सारी فَكَذَّبَ तो उसे झुठला दिया fakadhaba
तो उसे झुठला दिया وَأَبَىٰ और इन्कार किया wa-abā
और इन्कार किया ٥٦ (56)
(56)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرَيْنَـٰهُ दिखाईं हमने उसे araynāhu
दिखाईं हमने उसे ءَايَـٰتِنَا निशानियाँ अपनी āyātinā
निशानियाँ अपनी كُلَّهَا सारी की सारी kullahā
सारी की सारी فَكَذَّبَ तो उसे झुठला दिया fakadhaba
तो उसे झुठला दिया وَأَبَىٰ और इन्कार किया wa-abā
और इन्कार किया ٥٦ (56)
(56)
और निःसंदेह हमने उसे अपनी सब निशानियाँ दिखाईं, तो उसने झुठलाया और इनकार किया।
२०:५७
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَجِئْتَنَا क्या आया है तू हमारे पास aji'tanā
क्या आया है तू हमारे पास لِتُخْرِجَنَا ताकि तू निकाले हमें litukh'rijanā
ताकि तू निकाले हमें مِنْ of min
of أَرْضِنَا हमारी ज़मीन से arḍinā
हमारी ज़मीन से بِسِحْرِكَ साथ अपने जादू के bisiḥ'rika
साथ अपने जादू के يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٥٧ (57)
(57)
उसने कहा أَجِئْتَنَا क्या आया है तू हमारे पास aji'tanā
क्या आया है तू हमारे पास لِتُخْرِجَنَا ताकि तू निकाले हमें litukh'rijanā
ताकि तू निकाले हमें مِنْ of min
of أَرْضِنَا हमारी ज़मीन से arḍinā
हमारी ज़मीन से بِسِحْرِكَ साथ अपने जादू के bisiḥ'rika
साथ अपने जादू के يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٥٧ (57)
(57)
उसने कहा : क्या तू हमारे पास इसलिए आया है कि हमें हमारी धरती से अपने जादू के द्वारा निकाल दे, ऐ मूसा!?
२०:५८
فَلَنَأْتِيَنَّكَ
पस अलबत्ता हम ज़रूर लाऐंगे तेरे पास
falanatiyannaka
पस अलबत्ता हम ज़रूर लाऐंगे तेरे पास بِسِحْرٍۢ जादू bisiḥ'rin
जादू مِّثْلِهِۦ ऐसा ही mith'lihi
ऐसा ही فَٱجْعَلْ पस मुक़र्रर कर fa-ij'ʿal
पस मुक़र्रर कर بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَكَ और दर्मियान अपने wabaynaka
और दर्मियान अपने مَوْعِدًۭا वादे का वक़्त mawʿidan
वादे का वक़्त لَّا not lā
not نُخْلِفُهُۥ नहीं हम ख़िलाफ़ करेंगे उससे nukh'lifuhu
नहीं हम ख़िलाफ़ करेंगे उससे نَحْنُ हम naḥnu
हम وَلَآ और ना walā
और ना أَنتَ तुम anta
तुम مَكَانًۭا एक जगह हो makānan
एक जगह हो سُوًۭى हमवार suwan
हमवार ٥٨ (58)
(58)
पस अलबत्ता हम ज़रूर लाऐंगे तेरे पास بِسِحْرٍۢ जादू bisiḥ'rin
जादू مِّثْلِهِۦ ऐसा ही mith'lihi
ऐसा ही فَٱجْعَلْ पस मुक़र्रर कर fa-ij'ʿal
पस मुक़र्रर कर بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَكَ और दर्मियान अपने wabaynaka
और दर्मियान अपने مَوْعِدًۭا वादे का वक़्त mawʿidan
वादे का वक़्त لَّا not lā
not نُخْلِفُهُۥ नहीं हम ख़िलाफ़ करेंगे उससे nukh'lifuhu
नहीं हम ख़िलाफ़ करेंगे उससे نَحْنُ हम naḥnu
हम وَلَآ और ना walā
और ना أَنتَ तुम anta
तुम مَكَانًۭا एक जगह हो makānan
एक जगह हो سُوًۭى हमवार suwan
हमवार ٥٨ (58)
(58)
तो हम भी अवश्य तेरे पास ऐसा ही जादू लाएँगे, अतः तू हमारे और अपने बीच वादे का एक समय निर्धारित कर दे, कि न हम उसके ख़िलाफ़ हों और न तू, ऐसी जगह जो बराबर हो।
२०:५९
قَالَ
कहा
qāla
कहा مَوْعِدُكُمْ वादे का वक़्त तुम्हारा mawʿidukum
वादे का वक़्त तुम्हारा يَوْمُ दिन है yawmu
दिन है ٱلزِّينَةِ ज़ीनत (जशन) का l-zīnati
ज़ीनत (जशन) का وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि يُحْشَرَ इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'shara
इकट्ठे किए जाऐंगे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग ضُحًۭى चाश्त के वक़्त ḍuḥan
चाश्त के वक़्त ٥٩ (59)
(59)
कहा مَوْعِدُكُمْ वादे का वक़्त तुम्हारा mawʿidukum
वादे का वक़्त तुम्हारा يَوْمُ दिन है yawmu
दिन है ٱلزِّينَةِ ज़ीनत (जशन) का l-zīnati
ज़ीनत (जशन) का وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि يُحْشَرَ इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'shara
इकट्ठे किए जाऐंगे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग ضُحًۭى चाश्त के वक़्त ḍuḥan
चाश्त के वक़्त ٥٩ (59)
(59)
(मूसा ने) कहा : तुम्हारे वादे का समय उत्सव का दिन1 है तथा यह कि लोग दिन चढ़े इकट्ठे हो जाएँ।
२०:६०
فَتَوَلَّىٰ
तो पलटा
fatawallā
तो पलटा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन fir'ʿawnu
फ़िरऔन فَجَمَعَ फिर उसने जमा की fajamaʿa
फिर उसने जमा की كَيْدَهُۥ चाल अपनी kaydahu
चाल अपनी ثُمَّ फिर thumma
फिर أَتَىٰ आ गया atā
आ गया ٦٠ (60)
(60)
तो पलटा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन fir'ʿawnu
फ़िरऔन فَجَمَعَ फिर उसने जमा की fajamaʿa
फिर उसने जमा की كَيْدَهُۥ चाल अपनी kaydahu
चाल अपनी ثُمَّ फिर thumma
फिर أَتَىٰ आ गया atā
आ गया ٦٠ (60)
(60)
फिर फ़िरऔन वापस लौटा, उसने अपने सारे हथकंडे जुटाए, फिर आ गया।
२०:६१
قَالَ
कहा
qāla
कहा لَهُم उन्हें lahum
उन्हें مُّوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने وَيْلَكُمْ अफ़सोस तुम पर waylakum
अफ़सोस तुम पर لَا (Do) not lā
(Do) not تَفْتَرُوا۟ ना तुम गढ़ो taftarū
ना तुम गढ़ो عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ فَيُسْحِتَكُم वरना वो फ़ना कर देगा तुम्हें fayus'ḥitakum
वरना वो फ़ना कर देगा तुम्हें بِعَذَابٍۢ ۖ साथ अज़ाब के biʿadhābin
साथ अज़ाब के وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَابَ वो नामुराद हुआ khāba
वो नामुराद हुआ مَنِ जिसने mani
जिसने ٱفْتَرَىٰ गढ़ लिया झूठ if'tarā
गढ़ लिया झूठ ٦١ (61)
(61)
कहा لَهُم उन्हें lahum
उन्हें مُّوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने وَيْلَكُمْ अफ़सोस तुम पर waylakum
अफ़सोस तुम पर لَا (Do) not lā
(Do) not تَفْتَرُوا۟ ना तुम गढ़ो taftarū
ना तुम गढ़ो عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ فَيُسْحِتَكُم वरना वो फ़ना कर देगा तुम्हें fayus'ḥitakum
वरना वो फ़ना कर देगा तुम्हें بِعَذَابٍۢ ۖ साथ अज़ाब के biʿadhābin
साथ अज़ाब के وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَابَ वो नामुराद हुआ khāba
वो नामुराद हुआ مَنِ जिसने mani
जिसने ٱفْتَرَىٰ गढ़ लिया झूठ if'tarā
गढ़ लिया झूठ ٦١ (61)
(61)
मूसा ने उन (जादूगरों) से कहा : तुम्हारा विनाश हो! अल्लाह पर कोई झूठ मत गढ़ना, नहीं तो वह तुम्हें यातना देकर नष्ट कर देगा और निश्चय विफल हुआ, जिसने झूठ गढ़ा।
२०:६२
فَتَنَـٰزَعُوٓا۟
तो वो झगड़ने लगे
fatanāzaʿū
तो वो झगड़ने लगे أَمْرَهُم अपने मामले में amrahum
अपने मामले में بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में وَأَسَرُّوا۟ और उन्होंने चुपके-चुपके की wa-asarrū
और उन्होंने चुपके-चुपके की ٱلنَّجْوَىٰ सरगोशी l-najwā
सरगोशी ٦٢ (62)
(62)
तो वो झगड़ने लगे أَمْرَهُم अपने मामले में amrahum
अपने मामले में بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में وَأَسَرُّوا۟ और उन्होंने चुपके-चुपके की wa-asarrū
और उन्होंने चुपके-चुपके की ٱلنَّجْوَىٰ सरगोशी l-najwā
सरगोशी ٦٢ (62)
(62)
तो वे अपने मामले में आपस में मतभेद करने लगे1 और उन्होंने चुपके-चुपके कानाफूसी की।
२०:६३
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा إِنْ यक़ीनन in
यक़ीनन هَـٰذَٰنِ ये दोनों hādhāni
ये दोनों لَسَـٰحِرَٰنِ अलबत्ता जादूगर हैं lasāḥirāni
अलबत्ता जादूगर हैं يُرِيدَانِ वो दोनों चाहते हैं yurīdāni
वो दोनों चाहते हैं أَن कि an
कि يُخْرِجَاكُم वो दोनों निकाल दें तुम्हें yukh'rijākum
वो दोनों निकाल दें तुम्हें مِّنْ of min
of أَرْضِكُم तुम्हारी ज़मीन से arḍikum
तुम्हारी ज़मीन से بِسِحْرِهِمَا साथ अपने जादू के bisiḥ'rihimā
साथ अपने जादू के وَيَذْهَبَا और वो दोनों ले जाऐं wayadhhabā
और वो दोनों ले जाऐं بِطَرِيقَتِكُمُ तुम्हारे तरीक़े को biṭarīqatikumu
तुम्हारे तरीक़े को ٱلْمُثْلَىٰ जो इन्तिहाई मिसाली है l-muth'lā
जो इन्तिहाई मिसाली है ٦٣ (63)
(63)
उन्होंने कहा إِنْ यक़ीनन in
यक़ीनन هَـٰذَٰنِ ये दोनों hādhāni
ये दोनों لَسَـٰحِرَٰنِ अलबत्ता जादूगर हैं lasāḥirāni
अलबत्ता जादूगर हैं يُرِيدَانِ वो दोनों चाहते हैं yurīdāni
वो दोनों चाहते हैं أَن कि an
कि يُخْرِجَاكُم वो दोनों निकाल दें तुम्हें yukh'rijākum
वो दोनों निकाल दें तुम्हें مِّنْ of min
of أَرْضِكُم तुम्हारी ज़मीन से arḍikum
तुम्हारी ज़मीन से بِسِحْرِهِمَا साथ अपने जादू के bisiḥ'rihimā
साथ अपने जादू के وَيَذْهَبَا और वो दोनों ले जाऐं wayadhhabā
और वो दोनों ले जाऐं بِطَرِيقَتِكُمُ तुम्हारे तरीक़े को biṭarīqatikumu
तुम्हारे तरीक़े को ٱلْمُثْلَىٰ जो इन्तिहाई मिसाली है l-muth'lā
जो इन्तिहाई मिसाली है ٦٣ (63)
(63)
(कुछ ने) कहा : निःसंदेह ये दोनों जादूगर हैं, वे अपने जादू द्वारा तुम्हें तुम्हारे भूभाग से निकाल देना चाहते हैं और तुम्हारे सबसे अच्छे रास्ते (आदर्श प्रणाली) को समाप्त कर देना चाहते हैं।
२०:६४
فَأَجْمِعُوا۟
तो जमा करो
fa-ajmiʿū
तो जमा करो كَيْدَكُمْ चाल अपनी kaydakum
चाल अपनी ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱئْتُوا۟ आ जाओ i'tū
आ जाओ صَفًّۭا ۚ सफ़ बनाकर ṣaffan
सफ़ बनाकर وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ أَفْلَحَ फ़लाह पा गया aflaḥa
फ़लाह पा गया ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज مَنِ वो जो mani
वो जो ٱسْتَعْلَىٰ ग़ालिब हुआ is'taʿlā
ग़ालिब हुआ ٦٤ (64)
(64)
तो जमा करो كَيْدَكُمْ चाल अपनी kaydakum
चाल अपनी ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱئْتُوا۟ आ जाओ i'tū
आ जाओ صَفًّۭا ۚ सफ़ बनाकर ṣaffan
सफ़ बनाकर وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ أَفْلَحَ फ़लाह पा गया aflaḥa
फ़लाह पा गया ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज مَنِ वो जो mani
वो जो ٱسْتَعْلَىٰ ग़ालिब हुआ is'taʿlā
ग़ालिब हुआ ٦٤ (64)
(64)
अतः तुम अपने उपाय को मज़बूत कर लो, फिर पंक्तिबद्ध होकर आ जाओ और निश्चय आज वही सफल होगा, जो हावी रहेगा।
२०:६५
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِمَّآ या तो immā
या तो أَن ये कि an
ये कि تُلْقِىَ तुम डालो tul'qiya
तुम डालो وَإِمَّآ और या wa-immā
और या أَن ये कि an
ये कि نَّكُونَ हों हम nakūna
हों हम أَوَّلَ पहले awwala
पहले مَنْ जो man
जो أَلْقَىٰ डालें alqā
डालें ٦٥ (65)
(65)
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِمَّآ या तो immā
या तो أَن ये कि an
ये कि تُلْقِىَ तुम डालो tul'qiya
तुम डालो وَإِمَّآ और या wa-immā
और या أَن ये कि an
ये कि نَّكُونَ हों हम nakūna
हों हम أَوَّلَ पहले awwala
पहले مَنْ जो man
जो أَلْقَىٰ डालें alqā
डालें ٦٥ (65)
(65)
उन्होंने कहा : ऐ मूसा! या तो तुम फेंको या यह कि हम पहले फेंकने वाले हो जाएँ।
२०:६६
قَالَ
कहा
qāla
कहा بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَلْقُوا۟ ۖ तुम डालो alqū
तुम डालो فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक حِبَالُهُمْ रस्सियाँ उनकी ḥibāluhum
रस्सियाँ उनकी وَعِصِيُّهُمْ और लाठियाँ उनकी waʿiṣiyyuhum
और लाठियाँ उनकी يُخَيَّلُ ख़्याल डाला गया yukhayyalu
ख़्याल डाला गया إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके مِن by min
by سِحْرِهِمْ उनके जादू की वजह से siḥ'rihim
उनके जादू की वजह से أَنَّهَا कि बेशक वो annahā
कि बेशक वो تَسْعَىٰ वो दौड़ रही हैं tasʿā
वो दौड़ रही हैं ٦٦ (66)
(66)
कहा بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَلْقُوا۟ ۖ तुम डालो alqū
तुम डालो فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक حِبَالُهُمْ रस्सियाँ उनकी ḥibāluhum
रस्सियाँ उनकी وَعِصِيُّهُمْ और लाठियाँ उनकी waʿiṣiyyuhum
और लाठियाँ उनकी يُخَيَّلُ ख़्याल डाला गया yukhayyalu
ख़्याल डाला गया إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके مِن by min
by سِحْرِهِمْ उनके जादू की वजह से siḥ'rihim
उनके जादू की वजह से أَنَّهَا कि बेशक वो annahā
कि बेशक वो تَسْعَىٰ वो दौड़ रही हैं tasʿā
वो दौड़ रही हैं ٦٦ (66)
(66)
(मूसा ने) कहा : बल्कि तुम्हीं फेंको। फिर उनकी रस्सियाँ तथा लाठियाँ, उसकी कल्पना में आता था कि उनके जादू के कारण सचमुच दौड़ रही हैं।
२०:६७
فَأَوْجَسَ
तो महसूस किया
fa-awjasa
तो महसूस किया فِى in fī
in نَفْسِهِۦ अपने दिल में nafsihi
अपने दिल में خِيفَةًۭ ख़ौफ़ को khīfatan
ख़ौफ़ को مُّوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने ٦٧ (67)
(67)
तो महसूस किया فِى in fī
in نَفْسِهِۦ अपने दिल में nafsihi
अपने दिल में خِيفَةًۭ ख़ौफ़ को khīfatan
ख़ौफ़ को مُّوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने ٦٧ (67)
(67)
तो मूसा ने अपने मन में एक डर महसूस किया।1
२०:६८
قُلْنَا
कहा हमने
qul'nā
कहा हमने لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَفْ ना तुम डरो takhaf
ना तुम डरो إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम أَنتَ तुम ही anta
तुम ही ٱلْأَعْلَىٰ ग़ालिब (रहोगे) l-aʿlā
ग़ालिब (रहोगे) ٦٨ (68)
(68)
कहा हमने لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَفْ ना तुम डरो takhaf
ना तुम डरो إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम أَنتَ तुम ही anta
तुम ही ٱلْأَعْلَىٰ ग़ालिब (रहोगे) l-aʿlā
ग़ालिब (रहोगे) ٦٨ (68)
(68)
हमने कहा : डरो मत, निश्चित रूप से तू ही प्रबल होगा।
२०:६९
وَأَلْقِ
और डाल दो
wa-alqi
और डाल दो مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in يَمِينِكَ तुम्हारे दाऐं हाथ में है yamīnika
तुम्हारे दाऐं हाथ में है تَلْقَفْ वो निगल जाएगा talqaf
वो निगल जाएगा مَا उसको जो mā
उसको जो صَنَعُوٓا۟ ۖ उन्होंने बनाया ṣanaʿū
उन्होंने बनाया إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक صَنَعُوا۟ जो उन्होंने बनाया ṣanaʿū
जो उन्होंने बनाया كَيْدُ चाल है kaydu
चाल है سَـٰحِرٍۢ ۖ एक जादूगर की sāḥirin
एक जादूगर की وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُفْلِحُ फ़लाह पा सकता yuf'liḥu
फ़लाह पा सकता ٱلسَّاحِرُ जादूगर l-sāḥiru
जादूगर حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं أَتَىٰ वो आए atā
वो आए ٦٩ (69)
(69)
और डाल दो مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in يَمِينِكَ तुम्हारे दाऐं हाथ में है yamīnika
तुम्हारे दाऐं हाथ में है تَلْقَفْ वो निगल जाएगा talqaf
वो निगल जाएगा مَا उसको जो mā
उसको जो صَنَعُوٓا۟ ۖ उन्होंने बनाया ṣanaʿū
उन्होंने बनाया إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक صَنَعُوا۟ जो उन्होंने बनाया ṣanaʿū
जो उन्होंने बनाया كَيْدُ चाल है kaydu
चाल है سَـٰحِرٍۢ ۖ एक जादूगर की sāḥirin
एक जादूगर की وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُفْلِحُ फ़लाह पा सकता yuf'liḥu
फ़लाह पा सकता ٱلسَّاحِرُ जादूगर l-sāḥiru
जादूगर حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं أَتَىٰ वो आए atā
वो आए ٦٩ (69)
(69)
और फेंक दे, जो तेरे दाहिने हाथ में है, वह निगल जाएगा जो कुछ उन्होंने रचा है। निःसंदेह उन्होंने जो कुछ रचा है, वह जादूगर की चाल है और जादूगर जहाँ भी आए, सफल नहीं होता।
२०:७०
فَأُلْقِىَ
तो गिरा दिए गए
fa-ul'qiya
तो गिरा दिए गए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर سُجَّدًۭا सजदे में sujjadan
सजदे में قَالُوٓا۟ कहने लगे qālū
कहने लगे ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِرَبِّ रब पर birabbi
रब पर هَـٰرُونَ हारून hārūna
हारून وَمُوسَىٰ और मूसा के wamūsā
और मूसा के ٧٠ (70)
(70)
तो गिरा दिए गए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर سُجَّدًۭا सजदे में sujjadan
सजदे में قَالُوٓا۟ कहने लगे qālū
कहने लगे ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِرَبِّ रब पर birabbi
रब पर هَـٰرُونَ हारून hārūna
हारून وَمُوسَىٰ और मूसा के wamūsā
और मूसा के ٧٠ (70)
(70)
फिर जादूगर सजदे में गिर गए, उन्होंने कहा : हम हारून और मूसा के रब पर ईमान लाए।
२०:७१
قَالَ
कहा (फ़िरऔन) ने
qāla
कहा (फ़िरऔन) ने ءَامَنتُمْ ईमान ले आए तुम āmantum
ईमान ले आए तुम لَهُۥ इस पर lahu
इस पर قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَنْ कि an
कि ءَاذَنَ मैं इजाज़त दूँ ādhana
मैं इजाज़त दूँ لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكَبِيرُكُمُ अलबत्ता lakabīrukumu
अलबत्ता ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने عَلَّمَكُمُ सिखाया तुम्हें ʿallamakumu
सिखाया तुम्हें ٱلسِّحْرَ ۖ जादू l-siḥ'ra
जादू فَلَأُقَطِّعَنَّ तो अलबत्ता मैं ज़रूर काट डालूँगा fala-uqaṭṭiʿanna
तो अलबत्ता मैं ज़रूर काट डालूँगा أَيْدِيَكُمْ तुम्हारे हाथों को aydiyakum
तुम्हारे हाथों को وَأَرْجُلَكُم और तुम्हारे पाँवों को wa-arjulakum
और तुम्हारे पाँवों को مِّنْ of min
of خِلَـٰفٍۢ मुख़ालिफ़ (सिम्त) से khilāfin
मुख़ालिफ़ (सिम्त) से وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें wala-uṣallibannakum
और अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें فِى on fī
on جُذُوعِ तनों पर judhūʿi
तनों पर ٱلنَّخْلِ खजूर के दरख़्त के l-nakhli
खजूर के दरख़्त के وَلَتَعْلَمُنَّ और अलबत्ता तुम ज़रूर जान लोगे walataʿlamunna
और अलबत्ता तुम ज़रूर जान लोगे أَيُّنَآ कौन सा हम में से ayyunā
कौन सा हम में से أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त है ashaddu
ज़्यादा सख़्त है عَذَابًۭا सज़ा देने में ʿadhāban
सज़ा देने में وَأَبْقَىٰ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला ٧١ (71)
(71)
कहा (फ़िरऔन) ने ءَامَنتُمْ ईमान ले आए तुम āmantum
ईमान ले आए तुम لَهُۥ इस पर lahu
इस पर قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَنْ कि an
कि ءَاذَنَ मैं इजाज़त दूँ ādhana
मैं इजाज़त दूँ لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكَبِيرُكُمُ अलबत्ता lakabīrukumu
अलबत्ता ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने عَلَّمَكُمُ सिखाया तुम्हें ʿallamakumu
सिखाया तुम्हें ٱلسِّحْرَ ۖ जादू l-siḥ'ra
जादू فَلَأُقَطِّعَنَّ तो अलबत्ता मैं ज़रूर काट डालूँगा fala-uqaṭṭiʿanna
तो अलबत्ता मैं ज़रूर काट डालूँगा أَيْدِيَكُمْ तुम्हारे हाथों को aydiyakum
तुम्हारे हाथों को وَأَرْجُلَكُم और तुम्हारे पाँवों को wa-arjulakum
और तुम्हारे पाँवों को مِّنْ of min
of خِلَـٰفٍۢ मुख़ालिफ़ (सिम्त) से khilāfin
मुख़ालिफ़ (सिम्त) से وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें wala-uṣallibannakum
और अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें فِى on fī
on جُذُوعِ तनों पर judhūʿi
तनों पर ٱلنَّخْلِ खजूर के दरख़्त के l-nakhli
खजूर के दरख़्त के وَلَتَعْلَمُنَّ और अलबत्ता तुम ज़रूर जान लोगे walataʿlamunna
और अलबत्ता तुम ज़रूर जान लोगे أَيُّنَآ कौन सा हम में से ayyunā
कौन सा हम में से أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त है ashaddu
ज़्यादा सख़्त है عَذَابًۭا सज़ा देने में ʿadhāban
सज़ा देने में وَأَبْقَىٰ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला ٧١ (71)
(71)
उसने कहा : तुम उसपर ईमान ले आए इससे पहले कि मैं तुम्हें अनुमति दूँ? निश्चय ही यह तुम्हारा बड़ा है, जिसने तुम्हें जादू सिखाया है। इसलिए निश्चित रूप से मैं तुम्हारे हाथ और तुम्हारे पैर विपरीत दिशा1 से बुरी तरह काट दूँगा, और अवश्य ही तुम्हें खजूर के तनों पर सूली दूँगा तथा निश्चय ही तुम अवश्य जान लोगे कि हममें से कौन अधिक कठोर एवं स्थायी यातना देने वाला है।
२०:७२
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْثِرَكَ हम तरजीह देंगे तुझे nu'thiraka
हम तरजीह देंगे तुझे عَلَىٰ over ʿalā
over مَا उस पर जो mā
उस पर जो جَآءَنَا आ गया हमारे पास jāanā
आ गया हमारे पास مِنَ of mina
of ٱلْبَيِّنَـٰتِ खुली निशानियों में से l-bayināti
खुली निशानियों में से وَٱلَّذِى और उस पर जिसने wa-alladhī
और उस पर जिसने فَطَرَنَا ۖ पैदा किया हमें faṭaranā
पैदा किया हमें فَٱقْضِ पस तू फ़ैसला कर दे fa-iq'ḍi
पस तू फ़ैसला कर दे مَآ जो mā
जो أَنتَ तू anta
तू قَاضٍ ۖ फ़ैसला करने वाला है qāḍin
फ़ैसला करने वाला है إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक تَقْضِى तू फ़ैसला कर सकता है taqḍī
तू फ़ैसला कर सकता है هَـٰذِهِ इसी hādhihi
इसी ٱلْحَيَوٰةَ life l-ḥayata
life ٱلدُّنْيَآ दुनिया की ज़िन्दगी का l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी का ٧٢ (72)
(72)
उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْثِرَكَ हम तरजीह देंगे तुझे nu'thiraka
हम तरजीह देंगे तुझे عَلَىٰ over ʿalā
over مَا उस पर जो mā
उस पर जो جَآءَنَا आ गया हमारे पास jāanā
आ गया हमारे पास مِنَ of mina
of ٱلْبَيِّنَـٰتِ खुली निशानियों में से l-bayināti
खुली निशानियों में से وَٱلَّذِى और उस पर जिसने wa-alladhī
और उस पर जिसने فَطَرَنَا ۖ पैदा किया हमें faṭaranā
पैदा किया हमें فَٱقْضِ पस तू फ़ैसला कर दे fa-iq'ḍi
पस तू फ़ैसला कर दे مَآ जो mā
जो أَنتَ तू anta
तू قَاضٍ ۖ फ़ैसला करने वाला है qāḍin
फ़ैसला करने वाला है إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक تَقْضِى तू फ़ैसला कर सकता है taqḍī
तू फ़ैसला कर सकता है هَـٰذِهِ इसी hādhihi
इसी ٱلْحَيَوٰةَ life l-ḥayata
life ٱلدُّنْيَآ दुनिया की ज़िन्दगी का l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी का ٧٢ (72)
(72)
उन्होंने कहा : हम तुझे कदापि तरजीह नहीं देंगे उन स्पष्ट तर्कों पर जो हमारे पास आए हैं और उसपर, जिसने हमें पैदा किया है। अतः फैसला कर, जो तू फ़ैसला करने वाला है। तू केवल इस दुनिया के जीवन का फ़ैसला कर सकता है।
२०:७३
إِنَّآ
बेशक हम
innā
बेशक हम ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِرَبِّنَا अपने रब पर birabbinā
अपने रब पर لِيَغْفِرَ ताकि वो बख़्श दे liyaghfira
ताकि वो बख़्श दे لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए خَطَـٰيَـٰنَا ख़ताऐं हमारी khaṭāyānā
ख़ताऐं हमारी وَمَآ और उसे जो wamā
और उसे जो أَكْرَهْتَنَا मजबूर किया हमें तूने akrahtanā
मजबूर किया हमें तूने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर مِنَ of mina
of ٱلسِّحْرِ ۗ जादू की वजह से l-siḥ'ri
जादू की वजह से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَبْقَىٰٓ और बाक़ी रहने वाला है wa-abqā
और बाक़ी रहने वाला है ٧٣ (73)
(73)
बेशक हम ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِرَبِّنَا अपने रब पर birabbinā
अपने रब पर لِيَغْفِرَ ताकि वो बख़्श दे liyaghfira
ताकि वो बख़्श दे لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए خَطَـٰيَـٰنَا ख़ताऐं हमारी khaṭāyānā
ख़ताऐं हमारी وَمَآ और उसे जो wamā
और उसे जो أَكْرَهْتَنَا मजबूर किया हमें तूने akrahtanā
मजबूर किया हमें तूने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर مِنَ of mina
of ٱلسِّحْرِ ۗ जादू की वजह से l-siḥ'ri
जादू की वजह से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَبْقَىٰٓ और बाक़ी रहने वाला है wa-abqā
और बाक़ी रहने वाला है ٧٣ (73)
(73)
निःसंदेह हम अपने पालनहार पर ईमान लाए हैं, ताकि वह हमारे लिए हमारे पापों और जादू के उन कामों को क्षमा कर दे, जो तूने हमें करने के लिए मजबूर किया है और अल्लाह सर्वोत्तम और सदा रहने वाला है।1
२०:७४
إِنَّهُۥ
बेशक वो
innahu
बेशक वो مَن जो man
जो يَأْتِ आएगा yati
आएगा رَبَّهُۥ अपने रब के पास rabbahu
अपने रब के पास مُجْرِمًۭا मुजरिम होकर muj'riman
मुजरिम होकर فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَهَنَّمَ जहन्नम है jahannama
जहन्नम है لَا Not lā
Not يَمُوتُ ना वो मरेगा yamūtu
ना वो मरेगा فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَا और ना walā
और ना يَحْيَىٰ वो ज़िन्दा रहेगा yaḥyā
वो ज़िन्दा रहेगा ٧٤ (74)
(74)
बेशक वो مَن जो man
जो يَأْتِ आएगा yati
आएगा رَبَّهُۥ अपने रब के पास rabbahu
अपने रब के पास مُجْرِمًۭا मुजरिम होकर muj'riman
मुजरिम होकर فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَهَنَّمَ जहन्नम है jahannama
जहन्नम है لَا Not lā
Not يَمُوتُ ना वो मरेगा yamūtu
ना वो मरेगा فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَا और ना walā
और ना يَحْيَىٰ वो ज़िन्दा रहेगा yaḥyā
वो ज़िन्दा रहेगा ٧٤ (74)
(74)
निःसंदेह तथ्य यह है कि जो अपने पालनहार के पास अपराधी बनकर आएगा, तो निश्चित रूप से उसी के लिए नरक है, जिसमें न वह मरेगा और न जिएगा।
२०:७५
وَمَن
और जो
waman
और जो يَأْتِهِۦ आएगा उसके पास yatihi
आएगा उसके पास مُؤْمِنًۭا मोमिन होकर mu'minan
मोमिन होकर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَمِلَ उसने अमल किए ʿamila
उसने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلدَّرَجَـٰتُ दर्जे हैं l-darajātu
दर्जे हैं ٱلْعُلَىٰ बुलँद l-ʿulā
बुलँद ٧٥ (75)
(75)
और जो يَأْتِهِۦ आएगा उसके पास yatihi
आएगा उसके पास مُؤْمِنًۭا मोमिन होकर mu'minan
मोमिन होकर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَمِلَ उसने अमल किए ʿamila
उसने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلدَّرَجَـٰتُ दर्जे हैं l-darajātu
दर्जे हैं ٱلْعُلَىٰ बुलँद l-ʿulā
बुलँद ٧٥ (75)
(75)
तथा जो उसके पास मोमिन बनकर आएगा कि उसने अच्छे कर्म किए होंगे, तो यही लोग हैं जिनके लिए सर्वोच्च पद हैं।
२०:७६
جَنَّـٰتُ
बाग़ात
jannātu
बाग़ात عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये جَزَآءُ बदला है jazāu
बदला है مَن उसका जो man
उसका जो تَزَكَّىٰ पाकीज़गी इख़्तियार करे tazakkā
पाकीज़गी इख़्तियार करे ٧٦ (76)
(76)
बाग़ात عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये جَزَآءُ बदला है jazāu
बदला है مَن उसका जो man
उसका जो تَزَكَّىٰ पाकीज़गी इख़्तियार करे tazakkā
पाकीज़गी इख़्तियार करे ٧٦ (76)
(76)
स्थायी निवास के बाग़, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, उनमें हमेशा के लिए रहने वाले हैं और यह उसका प्रतिफल है, जो पवित्र हुआ।
२०:७७
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के أَنْ कि an
कि أَسْرِ ले चलो रात को asri
ले चलो रात को بِعِبَادِى मेरे बन्दों को biʿibādī
मेरे बन्दों को فَٱضْرِبْ पस बना लो fa-iḍ'rib
पस बना लो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए طَرِيقًۭا एक रास्ता ṭarīqan
एक रास्ता فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में يَبَسًۭا ख़ुश्क yabasan
ख़ुश्क لَّا not lā
not تَخَـٰفُ ना तुझे ख़ौफ़ होगा takhāfu
ना तुझे ख़ौफ़ होगा دَرَكًۭا पा लेने का darakan
पा लेने का وَلَا और ना walā
और ना تَخْشَىٰ तू डरेगा takhshā
तू डरेगा ٧٧ (77)
(77)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के أَنْ कि an
कि أَسْرِ ले चलो रात को asri
ले चलो रात को بِعِبَادِى मेरे बन्दों को biʿibādī
मेरे बन्दों को فَٱضْرِبْ पस बना लो fa-iḍ'rib
पस बना लो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए طَرِيقًۭا एक रास्ता ṭarīqan
एक रास्ता فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में يَبَسًۭا ख़ुश्क yabasan
ख़ुश्क لَّا not lā
not تَخَـٰفُ ना तुझे ख़ौफ़ होगा takhāfu
ना तुझे ख़ौफ़ होगा دَرَكًۭا पा लेने का darakan
पा लेने का وَلَا और ना walā
और ना تَخْشَىٰ तू डरेगा takhshā
तू डरेगा ٧٧ (77)
(77)
और निश्चय ही हमने मूसा की ओर वह़्य की कि मेरे बंदो को रातों-रात ले जा, फिर उनके लिए समुद्र में एक सूखा मार्ग बना, न तू पकड़े जाने से भय खाएगा और न डरेगा।
२०:७८
فَأَتْبَعَهُمْ
तो पीछा किया उनका
fa-atbaʿahum
तो पीछा किया उनका فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने بِجُنُودِهِۦ साथ अपने लश्करों के bijunūdihi
साथ अपने लश्करों के فَغَشِيَهُم तो ढाँप लिया उन्हें faghashiyahum
तो ढाँप लिया उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلْيَمِّ समुन्दर से l-yami
समुन्दर से مَا जिसने mā
जिसने غَشِيَهُمْ ढाँप लिया उन्हें ghashiyahum
ढाँप लिया उन्हें ٧٨ (78)
(78)
तो पीछा किया उनका فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने بِجُنُودِهِۦ साथ अपने लश्करों के bijunūdihi
साथ अपने लश्करों के فَغَشِيَهُم तो ढाँप लिया उन्हें faghashiyahum
तो ढाँप लिया उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلْيَمِّ समुन्दर से l-yami
समुन्दर से مَا जिसने mā
जिसने غَشِيَهُمْ ढाँप लिया उन्हें ghashiyahum
ढाँप लिया उन्हें ٧٨ (78)
(78)
फिर फ़िरऔन ने अपनी सेना के साथ उनका पीछा किया, तो उन्हें समुद्र से उस चीज़ ने ढाँप लिया जिसने उन्हें ढाँप लिया।
२०:७९
وَأَضَلَّ
और भटका दिया
wa-aḍalla
और भटका दिया فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम को qawmahu
अपनी क़ौम को وَمَا और ना wamā
और ना هَدَىٰ रहनुमाई की hadā
रहनुमाई की ٧٩ (79)
(79)
और भटका दिया فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम को qawmahu
अपनी क़ौम को وَمَا और ना wamā
और ना هَدَىٰ रहनुमाई की hadā
रहनुमाई की ٧٩ (79)
(79)
और फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को गुमराह किया और उन्हें सीधे रास्ते पर न चलाया।
२०:८०
يَـٰبَنِىٓ
O Children of Israel
yābanī
O Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَنجَيْنَـٰكُم निजात दी हमने तुम्हें anjaynākum
निजात दी हमने तुम्हें مِّنْ from min
from عَدُوِّكُمْ तुम्हारे दुश्मन से ʿaduwwikum
तुम्हारे दुश्मन से وَوَٰعَدْنَـٰكُمْ और वादा किया हमने तुमसे wawāʿadnākum
और वादा किया हमने तुमसे جَانِبَ on (the) side jāniba
on (the) side ٱلطُّورِ (of) the Mount l-ṭūri
(of) the Mount ٱلْأَيْمَنَ तूर की दाईं जानिब का l-aymana
तूर की दाईं जानिब का وَنَزَّلْنَا और उतारा हमने wanazzalnā
और उतारा हमने عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَنَّ मन्न l-mana
मन्न وَٱلسَّلْوَىٰ और सलवा wal-salwā
और सलवा ٨٠ (80)
(80)
O Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَنجَيْنَـٰكُم निजात दी हमने तुम्हें anjaynākum
निजात दी हमने तुम्हें مِّنْ from min
from عَدُوِّكُمْ तुम्हारे दुश्मन से ʿaduwwikum
तुम्हारे दुश्मन से وَوَٰعَدْنَـٰكُمْ और वादा किया हमने तुमसे wawāʿadnākum
और वादा किया हमने तुमसे جَانِبَ on (the) side jāniba
on (the) side ٱلطُّورِ (of) the Mount l-ṭūri
(of) the Mount ٱلْأَيْمَنَ तूर की दाईं जानिब का l-aymana
तूर की दाईं जानिब का وَنَزَّلْنَا और उतारा हमने wanazzalnā
और उतारा हमने عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَنَّ मन्न l-mana
मन्न وَٱلسَّلْوَىٰ और सलवा wal-salwā
और सलवा ٨٠ (80)
(80)
ऐ बनी इसराईल! निःसंदेह हमने तुम्हें तुम्हारे शत्रुओं से छुड़ाया और तुम्हें पर्वत के दाहिनी ओर1 का वचन दिया और तुमपर 'मन्न' और 'सल्वा' उतारा।2
२०:८१
كُلُوا۟
खाओ
kulū
खाओ مِن of min
of طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें razaqnākum
रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें وَلَا और ना walā
और ना تَطْغَوْا۟ तुम सरकशी करो taṭghaw
तुम सरकशी करो فِيهِ इसमें fīhi
इसमें فَيَحِلَّ वरना उतरेगा fayaḥilla
वरना उतरेगा عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غَضَبِى ۖ ग़ज़ब मेरा ghaḍabī
ग़ज़ब मेरा وَمَن और वो जो waman
और वो जो يَحْلِلْ उतरे yaḥlil
उतरे عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर غَضَبِى ग़ज़ब मेरा ghaḍabī
ग़ज़ब मेरा فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ هَوَىٰ वो हलाक हो गया hawā
वो हलाक हो गया ٨١ (81)
(81)
खाओ مِن of min
of طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें razaqnākum
रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें وَلَا और ना walā
और ना تَطْغَوْا۟ तुम सरकशी करो taṭghaw
तुम सरकशी करो فِيهِ इसमें fīhi
इसमें فَيَحِلَّ वरना उतरेगा fayaḥilla
वरना उतरेगा عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غَضَبِى ۖ ग़ज़ब मेरा ghaḍabī
ग़ज़ब मेरा وَمَن और वो जो waman
और वो जो يَحْلِلْ उतरे yaḥlil
उतरे عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर غَضَبِى ग़ज़ब मेरा ghaḍabī
ग़ज़ब मेरा فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ هَوَىٰ वो हलाक हो गया hawā
वो हलाक हो गया ٨١ (81)
(81)
खाओ उन पवित्र चीज़ों में से, जो हमने तुम्हें प्रदान की हैं तथा उनमें हद से न बढ़ो। अन्यथा तुमपर मेरा प्रकोप उतरेगा और जिसपर मेरा प्रकोप उतरा, तो निश्चय उसका सर्वनाश हो गया।
२०:८२
وَإِنِّى
और बेशक मैं
wa-innī
और बेशक मैं لَغَفَّارٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला हूँ laghaffārun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला हूँ لِّمَن उसे जिसने liman
उसे जिसने تَابَ तौबा की tāba
तौबा की وَءَامَنَ और वो ईमान लाया waāmana
और वो ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱهْتَدَىٰ वो हिदायत पर रहा ih'tadā
वो हिदायत पर रहा ٨٢ (82)
(82)
और बेशक मैं لَغَفَّارٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला हूँ laghaffārun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला हूँ لِّمَن उसे जिसने liman
उसे जिसने تَابَ तौबा की tāba
तौबा की وَءَامَنَ और वो ईमान लाया waāmana
और वो ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱهْتَدَىٰ वो हिदायत पर रहा ih'tadā
वो हिदायत पर रहा ٨٢ (82)
(82)
और निःसंदेह मैं निश्चय उसको बहुत क्षमा करने वाला हूँ, जो तौबा करे और ईमान लाए और अच्छा कर्म करे, फिर सीधे मार्ग पर चले।
२०:८३
۞ وَمَآ
और क्या चीज़
wamā
और क्या चीज़ أَعْجَلَكَ जल्दी ले आई तुझे aʿjalaka
जल्दी ले आई तुझे عَن from ʿan
from قَوْمِكَ तेरी क़ौम से qawmika
तेरी क़ौम से يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٨٣ (83)
(83)
और क्या चीज़ أَعْجَلَكَ जल्दी ले आई तुझे aʿjalaka
जल्दी ले आई तुझे عَن from ʿan
from قَوْمِكَ तेरी क़ौम से qawmika
तेरी क़ौम से يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٨٣ (83)
(83)
और तुझे तेरी जाति से जल्दी क्या चीज़ ले आई ऐ मूसा!?
२०:८४
قَالَ
कहा
qāla
कहा هُمْ वो hum
वो أُو۟لَآءِ सब लोग ulāi
सब लोग عَلَىٰٓ upon ʿalā
upon أَثَرِى मेरे नक़्शे क़दम पर हैं atharī
मेरे नक़्शे क़दम पर हैं وَعَجِلْتُ और जल्दी की मैंने waʿajil'tu
और जल्दी की मैंने إِلَيْكَ तरफ़ तेरे ilayka
तरफ़ तेरे رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لِتَرْضَىٰ ताकि तू राज़ी हो जाए litarḍā
ताकि तू राज़ी हो जाए ٨٤ (84)
(84)
कहा هُمْ वो hum
वो أُو۟لَآءِ सब लोग ulāi
सब लोग عَلَىٰٓ upon ʿalā
upon أَثَرِى मेरे नक़्शे क़दम पर हैं atharī
मेरे नक़्शे क़दम पर हैं وَعَجِلْتُ और जल्दी की मैंने waʿajil'tu
और जल्दी की मैंने إِلَيْكَ तरफ़ तेरे ilayka
तरफ़ तेरे رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لِتَرْضَىٰ ताकि तू राज़ी हो जाए litarḍā
ताकि तू राज़ी हो जाए ٨٤ (84)
(84)
उसने कहा : वे मेरे पीछे ही हैं और मैं तेरी ओर जल्दी आ गया, ऐ मेरे पालनहार! ताकि तू प्रसन्न हो जाए।
२०:८५
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया فَإِنَّا पस बेशक हमने fa-innā
पस बेशक हमने قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ فَتَنَّا आज़माइश में डाला हमने fatannā
आज़माइश में डाला हमने قَوْمَكَ तेरी क़ौम को qawmaka
तेरी क़ौम को مِنۢ after you min
after you بَعْدِكَ तेरे बाद baʿdika
तेरे बाद وَأَضَلَّهُمُ और भटका दिया उन्हें wa-aḍallahumu
और भटका दिया उन्हें ٱلسَّامِرِىُّ सामरी ने l-sāmiriyu
सामरी ने ٨٥ (85)
(85)
फ़रमाया فَإِنَّا पस बेशक हमने fa-innā
पस बेशक हमने قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ فَتَنَّا आज़माइश में डाला हमने fatannā
आज़माइश में डाला हमने قَوْمَكَ तेरी क़ौम को qawmaka
तेरी क़ौम को مِنۢ after you min
after you بَعْدِكَ तेरे बाद baʿdika
तेरे बाद وَأَضَلَّهُمُ और भटका दिया उन्हें wa-aḍallahumu
और भटका दिया उन्हें ٱلسَّامِرِىُّ सामरी ने l-sāmiriyu
सामरी ने ٨٥ (85)
(85)
(अल्लाह ने) फरमाया : तो निश्चय हमने तेरे पीछे तेरी जाति के लोगों को परीक्षा में डाल दिया है और सामिरी ने उन्हें पथभ्रष्ट कर दिया है।
२०:८६
فَرَجَعَ
पस पलटा
farajaʿa
पस पलटा مُوسَىٰٓ मूसा mūsā
मूसा إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِۦ तरफ़ अपनी कौम के qawmihi
तरफ़ अपनी कौम के غَضْبَـٰنَ सख़्त ग़ज़बनाक ghaḍbāna
सख़्त ग़ज़बनाक أَسِفًۭا ۚ ग़मगीन होकर asifan
ग़मगीन होकर قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يَعِدْكُمْ वादा किया था तुमसे yaʿid'kum
वादा किया था तुमसे رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने وَعْدًا वादा waʿdan
वादा حَسَنًا ۚ अच्छा ḥasanan
अच्छा أَفَطَالَ क्या फिर तवील हो गई afaṭāla
क्या फिर तवील हो गई عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْعَهْدُ वो मुद्दत l-ʿahdu
वो मुद्दत أَمْ या am
या أَرَدتُّمْ चाहा तुमने aradttum
चाहा तुमने أَن कि an
कि يَحِلَّ उतरे yaḥilla
उतरे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غَضَبٌۭ ग़ज़ब ghaḍabun
ग़ज़ब مِّن of min
of رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَأَخْلَفْتُم तो ख़िलाफ़ किया तुमने fa-akhlaftum
तो ख़िलाफ़ किया तुमने مَّوْعِدِى मेरे वादे के mawʿidī
मेरे वादे के ٨٦ (86)
(86)
पस पलटा مُوسَىٰٓ मूसा mūsā
मूसा إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِۦ तरफ़ अपनी कौम के qawmihi
तरफ़ अपनी कौम के غَضْبَـٰنَ सख़्त ग़ज़बनाक ghaḍbāna
सख़्त ग़ज़बनाक أَسِفًۭا ۚ ग़मगीन होकर asifan
ग़मगीन होकर قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يَعِدْكُمْ वादा किया था तुमसे yaʿid'kum
वादा किया था तुमसे رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने وَعْدًا वादा waʿdan
वादा حَسَنًا ۚ अच्छा ḥasanan
अच्छा أَفَطَالَ क्या फिर तवील हो गई afaṭāla
क्या फिर तवील हो गई عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْعَهْدُ वो मुद्दत l-ʿahdu
वो मुद्दत أَمْ या am
या أَرَدتُّمْ चाहा तुमने aradttum
चाहा तुमने أَن कि an
कि يَحِلَّ उतरे yaḥilla
उतरे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غَضَبٌۭ ग़ज़ब ghaḍabun
ग़ज़ब مِّن of min
of رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَأَخْلَفْتُم तो ख़िलाफ़ किया तुमने fa-akhlaftum
तो ख़िलाफ़ किया तुमने مَّوْعِدِى मेरे वादे के mawʿidī
मेरे वादे के ٨٦ (86)
(86)
फिर मूसा ग़ुस्से से भरा हुआ, खेद में डूबा हुआ अपनी जाति की ओर वापस आया। उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या तुम्हारे रब ने तुम्हें अच्छा वादा नहीं दिया था? तो क्या वह अवधि तुम पर लंबी हो गई, या तुमने चाहा कि तुमपर तुम्हारे रब का कोई प्रकोप उतरे? तो तुमने मेरा वादा3 तोड़ दिया।
२०:८७
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा مَآ नहीं mā
नहीं أَخْلَفْنَا ख़िलाफ़ किया हमने akhlafnā
ख़िलाफ़ किया हमने مَوْعِدَكَ तेरे वादे के mawʿidaka
तेरे वादे के بِمَلْكِنَا अपने इख़्तियार से bimalkinā
अपने इख़्तियार से وَلَـٰكِنَّا बल्कि हम walākinnā
बल्कि हम حُمِّلْنَآ उठवाए गए हम ḥummil'nā
उठवाए गए हम أَوْزَارًۭا बोझ awzāran
बोझ مِّن from min
from زِينَةِ ज़ेवर में से zīnati
ज़ेवर में से ٱلْقَوْمِ लोगों के l-qawmi
लोगों के فَقَذَفْنَـٰهَا तो फेंक दिया हमने उन्हें faqadhafnāhā
तो फेंक दिया हमने उन्हें فَكَذَٰلِكَ फिर इसी तरह fakadhālika
फिर इसी तरह أَلْقَى डाल दिया alqā
डाल दिया ٱلسَّامِرِىُّ सामरी ने l-sāmiriyu
सामरी ने ٨٧ (87)
(87)
उन्होंने कहा مَآ नहीं mā
नहीं أَخْلَفْنَا ख़िलाफ़ किया हमने akhlafnā
ख़िलाफ़ किया हमने مَوْعِدَكَ तेरे वादे के mawʿidaka
तेरे वादे के بِمَلْكِنَا अपने इख़्तियार से bimalkinā
अपने इख़्तियार से وَلَـٰكِنَّا बल्कि हम walākinnā
बल्कि हम حُمِّلْنَآ उठवाए गए हम ḥummil'nā
उठवाए गए हम أَوْزَارًۭا बोझ awzāran
बोझ مِّن from min
from زِينَةِ ज़ेवर में से zīnati
ज़ेवर में से ٱلْقَوْمِ लोगों के l-qawmi
लोगों के فَقَذَفْنَـٰهَا तो फेंक दिया हमने उन्हें faqadhafnāhā
तो फेंक दिया हमने उन्हें فَكَذَٰلِكَ फिर इसी तरह fakadhālika
फिर इसी तरह أَلْقَى डाल दिया alqā
डाल दिया ٱلسَّامِرِىُّ सामरी ने l-sāmiriyu
सामरी ने ٨٧ (87)
(87)
उन्होंने कहा : हमने अपने अधिकार से आपके वचन का उल्लंघन नहीं किया, लेकिन लोगों1 के गहनों का कुछ बोझ हमपर लाद दिया गया था, तो हमने उन्हें फेंक2 दिया और ऐसे ही सामिरी3 ने फेंक दिया।
२०:८८
فَأَخْرَجَ
फिर उसने निकाला
fa-akhraja
फिर उसने निकाला لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عِجْلًۭا एक बछड़ा ʿij'lan
एक बछड़ा جَسَدًۭا मुजस्सम jasadan
मुजस्सम لَّهُۥ जिसकी थी lahu
जिसकी थी خُوَارٌۭ गाय की आवाज़ khuwārun
गाय की आवाज़ فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा هَـٰذَآ यही hādhā
यही إِلَـٰهُكُمْ इलाह है तुम्हारा ilāhukum
इलाह है तुम्हारा وَإِلَـٰهُ और इलाह wa-ilāhu
और इलाह مُوسَىٰ मूसा का mūsā
मूसा का فَنَسِىَ पस वो भूल गया fanasiya
पस वो भूल गया ٨٨ (88)
(88)
फिर उसने निकाला لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عِجْلًۭا एक बछड़ा ʿij'lan
एक बछड़ा جَسَدًۭا मुजस्सम jasadan
मुजस्सम لَّهُۥ जिसकी थी lahu
जिसकी थी خُوَارٌۭ गाय की आवाज़ khuwārun
गाय की आवाज़ فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा هَـٰذَآ यही hādhā
यही إِلَـٰهُكُمْ इलाह है तुम्हारा ilāhukum
इलाह है तुम्हारा وَإِلَـٰهُ और इलाह wa-ilāhu
और इलाह مُوسَىٰ मूसा का mūsā
मूसा का فَنَسِىَ पस वो भूल गया fanasiya
पस वो भूल गया ٨٨ (88)
(88)
फिर उसने1 उनके लिए एक बछड़ा निकाला, जो मात्र शरीर था, जिसकी गाय की सी आवाज़ थी। तो उन्होंने कहा : यही तुम्हारा पूज्य तथा मूसा का पूज्य है, सो वह भूल गया है।
२०:८९
أَفَلَا
क्या फिर नहीं
afalā
क्या फिर नहीं يَرَوْنَ वो देखते yarawna
वो देखते أَلَّا कि बेशक नहीं allā
कि बेशक नहीं يَرْجِعُ वो लौटाता yarjiʿu
वो लौटाता إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके قَوْلًۭا बात को qawlan
बात को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَمْلِكُ वो इख़्तियार रखता yamliku
वो इख़्तियार रखता لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए ضَرًّۭا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًۭا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का ٨٩ (89)
(89)
क्या फिर नहीं يَرَوْنَ वो देखते yarawna
वो देखते أَلَّا कि बेशक नहीं allā
कि बेशक नहीं يَرْجِعُ वो लौटाता yarjiʿu
वो लौटाता إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके قَوْلًۭا बात को qawlan
बात को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَمْلِكُ वो इख़्तियार रखता yamliku
वो इख़्तियार रखता لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए ضَرًّۭا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًۭا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का ٨٩ (89)
(89)
तो क्या वे देखते नहीं कि वह न उनकी किसी बात का उत्तर देता है और न वह उनके किसी नुक़सान का मालिक है और न किसी लाभ का।1
२०:९०
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ قَالَ कहा qāla
कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें هَـٰرُونُ हारून ने hārūnu
हारून ने مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक فُتِنتُم आज़माइश में डाले गए तुम futintum
आज़माइश में डाले गए तुम بِهِۦ ۖ इसके ज़रिए bihi
इसके ज़रिए وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक رَبَّكُمُ रब तुम्हारा rabbakumu
रब तुम्हारा ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान है l-raḥmānu
रहमान है فَٱتَّبِعُونِى पस पैरवी करो मेरी fa-ittabiʿūnī
पस पैरवी करो मेरी وَأَطِيعُوٓا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो أَمْرِى मेरे हुक्म की amrī
मेरे हुक्म की ٩٠ (90)
(90)
और अलबत्ता तहक़ीक़ قَالَ कहा qāla
कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें هَـٰرُونُ हारून ने hārūnu
हारून ने مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक فُتِنتُم आज़माइश में डाले गए तुम futintum
आज़माइश में डाले गए तुम بِهِۦ ۖ इसके ज़रिए bihi
इसके ज़रिए وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक رَبَّكُمُ रब तुम्हारा rabbakumu
रब तुम्हारा ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान है l-raḥmānu
रहमान है فَٱتَّبِعُونِى पस पैरवी करो मेरी fa-ittabiʿūnī
पस पैरवी करो मेरी وَأَطِيعُوٓا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो أَمْرِى मेरे हुक्म की amrī
मेरे हुक्म की ٩٠ (90)
(90)
और निःसंदेह हारून उनसे पहले ही कह चुका था : ऐ मेरी जाति के लोगो! बात यह है कि इसके द्वारा तुम्हारी परीक्षा की गई है और निश्चय तुम्हारा पालनहार रहमान (अत्यंत दयावान् अल्लाह) ही है। अतः मेरा अनुसरण करो तथा मेरे आदेश का पालन करो।
२०:९१
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा لَن Never lan
Never نَّبْرَحَ हम तो हमेशा रहेंगे nabraḥa
हम तो हमेशा रहेंगे عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर عَـٰكِفِينَ जम कर बैठने वाले ʿākifīna
जम कर बैठने वाले حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرْجِعَ लौट आए yarjiʿa
लौट आए إِلَيْنَا तरफ हमारे ilaynā
तरफ हमारे مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा ٩١ (91)
(91)
उन्होंने कहा لَن Never lan
Never نَّبْرَحَ हम तो हमेशा रहेंगे nabraḥa
हम तो हमेशा रहेंगे عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर عَـٰكِفِينَ जम कर बैठने वाले ʿākifīna
जम कर बैठने वाले حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرْجِعَ लौट आए yarjiʿa
लौट आए إِلَيْنَا तरफ हमारे ilaynā
तरफ हमारे مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा ٩١ (91)
(91)
उन्होंने कहा : हम इसी पर जमें बैठे रहेंगे, यहाँ तक कि मूसा हमारे पास वापस आ जाए।
२०:९२
قَالَ
कहा
qāla
कहा يَـٰهَـٰرُونُ ऐ हारून yāhārūnu
ऐ हारून مَا किस चीज़ ने mā
किस चीज़ ने مَنَعَكَ मना किया तुझे manaʿaka
मना किया तुझे إِذْ जब idh
जब رَأَيْتَهُمْ देखा तूने उन्हें ra-aytahum
देखा तूने उन्हें ضَلُّوٓا۟ कि वो भटक गए हैं ḍallū
कि वो भटक गए हैं ٩٢ (92)
(92)
कहा يَـٰهَـٰرُونُ ऐ हारून yāhārūnu
ऐ हारून مَا किस चीज़ ने mā
किस चीज़ ने مَنَعَكَ मना किया तुझे manaʿaka
मना किया तुझे إِذْ जब idh
जब رَأَيْتَهُمْ देखा तूने उन्हें ra-aytahum
देखा तूने उन्हें ضَلُّوٓا۟ कि वो भटक गए हैं ḍallū
कि वो भटक गए हैं ٩٢ (92)
(92)
(मूसा ने) कहा : ऐ हारून! तुझे किस बात ने रोका, जब तूने उन्हें देखा कि वे पथभ्रष्ट हो गए हैं?
२०:९३
أَلَّا
कि ना
allā
कि ना تَتَّبِعَنِ ۖ तू पैरवी करे मेरी tattabiʿani
तू पैरवी करे मेरी أَفَعَصَيْتَ क्या फिर नाफ़रमानी की तू ने afaʿaṣayta
क्या फिर नाफ़रमानी की तू ने أَمْرِى मेरे हुक्म की amrī
मेरे हुक्म की ٩٣ (93)
(93)
कि ना تَتَّبِعَنِ ۖ तू पैरवी करे मेरी tattabiʿani
तू पैरवी करे मेरी أَفَعَصَيْتَ क्या फिर नाफ़रमानी की तू ने afaʿaṣayta
क्या फिर नाफ़रमानी की तू ने أَمْرِى मेरे हुक्म की amrī
मेरे हुक्म की ٩٣ (93)
(93)
कि तू मेरा अनुसरण न करे? तो क्या तूने मेरे आदेश की अवहेलना की?
२०:९४
قَالَ
कहा
qāla
कहा يَبْنَؤُمَّ ऐ मेरी माँ के बेटे yabna-umma
ऐ मेरी माँ के बेटे لَا (Do) not lā
(Do) not تَأْخُذْ ना तुम पकड़ो takhudh
ना तुम पकड़ो بِلِحْيَتِى मेरी दाढ़ी को biliḥ'yatī
मेरी दाढ़ी को وَلَا और ना walā
और ना بِرَأْسِىٓ ۖ मेरे सर को birasī
मेरे सर को إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं خَشِيتُ डरा मैं khashītu
डरा मैं أَن कि an
कि تَقُولَ तुम कहोगे taqūla
तुम कहोगे فَرَّقْتَ तफ़रक़ा डाल दिया तूने farraqta
तफ़रक़ा डाल दिया तूने بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के is'rāīla
बनी इस्राईल के وَلَمْ और ना walam
और ना تَرْقُبْ तुम ने इन्तिज़ार किया tarqub
तुम ने इन्तिज़ार किया قَوْلِى मेरी बात का qawlī
मेरी बात का ٩٤ (94)
(94)
कहा يَبْنَؤُمَّ ऐ मेरी माँ के बेटे yabna-umma
ऐ मेरी माँ के बेटे لَا (Do) not lā
(Do) not تَأْخُذْ ना तुम पकड़ो takhudh
ना तुम पकड़ो بِلِحْيَتِى मेरी दाढ़ी को biliḥ'yatī
मेरी दाढ़ी को وَلَا और ना walā
और ना بِرَأْسِىٓ ۖ मेरे सर को birasī
मेरे सर को إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं خَشِيتُ डरा मैं khashītu
डरा मैं أَن कि an
कि تَقُولَ तुम कहोगे taqūla
तुम कहोगे فَرَّقْتَ तफ़रक़ा डाल दिया तूने farraqta
तफ़रक़ा डाल दिया तूने بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के is'rāīla
बनी इस्राईल के وَلَمْ और ना walam
और ना تَرْقُبْ तुम ने इन्तिज़ार किया tarqub
तुम ने इन्तिज़ार किया قَوْلِى मेरी बात का qawlī
मेरी बात का ٩٤ (94)
(94)
उसने कहा : ऐ मेरी माँ के बेटे! न मेरी दाढ़ी पकड़ और न मेरा सिर। मैं तो इससे डरा कि तू कहेगा : तूने बनी इसराईल में फूट डाल दी और मेरी बात की प्रतीक्षा नहीं की।
२०:९५
قَالَ
कहा
qāla
कहा فَمَا तो क्या है famā
तो क्या है خَطْبُكَ मामला तेरा khaṭbuka
मामला तेरा يَـٰسَـٰمِرِىُّ ऐ सामरी yāsāmiriyyu
ऐ सामरी ٩٥ (95)
(95)
कहा فَمَا तो क्या है famā
तो क्या है خَطْبُكَ मामला तेरा khaṭbuka
मामला तेरा يَـٰسَـٰمِرِىُّ ऐ सामरी yāsāmiriyyu
ऐ सामरी ٩٥ (95)
(95)
(मूसा ने) कहा : तो ऐ सामिरी! तोरा मामला क्या है?
२०:९६
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा بَصُرْتُ देखा मैंने baṣur'tu
देखा मैंने بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَبْصُرُوا۟ उन्होंने देखा yabṣurū
उन्होंने देखा بِهِۦ जिसे bihi
जिसे فَقَبَضْتُ पस मुट्ठी भर ली मैंने faqabaḍtu
पस मुट्ठी भर ली मैंने قَبْضَةًۭ एक मुट्ठी qabḍatan
एक मुट्ठी مِّنْ from min
from أَثَرِ नक़्शे क़दम से athari
नक़्शे क़दम से ٱلرَّسُولِ रसूल के l-rasūli
रसूल के فَنَبَذْتُهَا तो डाल दिया मैंने उसे fanabadhtuhā
तो डाल दिया मैंने उसे وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह سَوَّلَتْ अच्छा करके दिखाया sawwalat
अच्छा करके दिखाया لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए نَفْسِى मेरे नफ़्स ने nafsī
मेरे नफ़्स ने ٩٦ (96)
(96)
उसने कहा بَصُرْتُ देखा मैंने baṣur'tu
देखा मैंने بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَبْصُرُوا۟ उन्होंने देखा yabṣurū
उन्होंने देखा بِهِۦ जिसे bihi
जिसे فَقَبَضْتُ पस मुट्ठी भर ली मैंने faqabaḍtu
पस मुट्ठी भर ली मैंने قَبْضَةًۭ एक मुट्ठी qabḍatan
एक मुट्ठी مِّنْ from min
from أَثَرِ नक़्शे क़दम से athari
नक़्शे क़दम से ٱلرَّسُولِ रसूल के l-rasūli
रसूल के فَنَبَذْتُهَا तो डाल दिया मैंने उसे fanabadhtuhā
तो डाल दिया मैंने उसे وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह سَوَّلَتْ अच्छा करके दिखाया sawwalat
अच्छा करके दिखाया لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए نَفْسِى मेरे नफ़्स ने nafsī
मेरे नफ़्स ने ٩٦ (96)
(96)
उसने कहा : मैंने वह चीज़ देखी, जो इन लोगों नहीं देखी, तो मैंने रसूल के पदचिह्न से एक मुट्ठी उठाली, फिर मैंने उसे डाल दिया और मेरे दिल ने इसी तरह करना मेरे लिए सुसज्जित कर दिया।1
२०:९७
قَالَ
कहा
qāla
कहा فَٱذْهَبْ पस जाओ fa-idh'hab
पस जाओ فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَكَ तेरे लिए है laka
तेरे लिए है فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में أَن ये कि an
ये कि تَقُولَ तू कहता रहे taqūla
तू कहता रहे لَا (Do) not lā
(Do) not مِسَاسَ ۖ ना छूना misāsa
ना छूना وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए مَوْعِدًۭا वादा का एक वक़्त मुक़र्रर है mawʿidan
वादा का एक वक़्त मुक़र्रर है لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تُخْلَفَهُۥ ۖ तू पीछे छोड़ा जाएगा इससे tukh'lafahu
तू पीछे छोड़ा जाएगा इससे وَٱنظُرْ और देख wa-unẓur
और देख إِلَىٰٓ at ilā
at إِلَـٰهِكَ तरफ़ अपने इलाह के ilāhika
तरफ़ अपने इलाह के ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो ظَلْتَ रहा तू ẓalta
रहा तू عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर عَاكِفًۭا ۖ जम कर बैठने वाला ʿākifan
जम कर बैठने वाला لَّنُحَرِّقَنَّهُۥ अलबत्ता हम ज़रूर जला डालेंगे उसे lanuḥarriqannahu
अलबत्ता हम ज़रूर जला डालेंगे उसे ثُمَّ फिर thumma
फिर لَنَنسِفَنَّهُۥ अलबत्ता हम ज़रूर बिखेर देंगे उसे lanansifannahu
अलबत्ता हम ज़रूर बिखेर देंगे उसे فِى in fī
in ٱلْيَمِّ दरिया में l-yami
दरिया में نَسْفًا बिखेर देना nasfan
बिखेर देना ٩٧ (97)
(97)
कहा فَٱذْهَبْ पस जाओ fa-idh'hab
पस जाओ فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَكَ तेरे लिए है laka
तेरे लिए है فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में أَن ये कि an
ये कि تَقُولَ तू कहता रहे taqūla
तू कहता रहे لَا (Do) not lā
(Do) not مِسَاسَ ۖ ना छूना misāsa
ना छूना وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए مَوْعِدًۭا वादा का एक वक़्त मुक़र्रर है mawʿidan
वादा का एक वक़्त मुक़र्रर है لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تُخْلَفَهُۥ ۖ तू पीछे छोड़ा जाएगा इससे tukh'lafahu
तू पीछे छोड़ा जाएगा इससे وَٱنظُرْ और देख wa-unẓur
और देख إِلَىٰٓ at ilā
at إِلَـٰهِكَ तरफ़ अपने इलाह के ilāhika
तरफ़ अपने इलाह के ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो ظَلْتَ रहा तू ẓalta
रहा तू عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर عَاكِفًۭا ۖ जम कर बैठने वाला ʿākifan
जम कर बैठने वाला لَّنُحَرِّقَنَّهُۥ अलबत्ता हम ज़रूर जला डालेंगे उसे lanuḥarriqannahu
अलबत्ता हम ज़रूर जला डालेंगे उसे ثُمَّ फिर thumma
फिर لَنَنسِفَنَّهُۥ अलबत्ता हम ज़रूर बिखेर देंगे उसे lanansifannahu
अलबत्ता हम ज़रूर बिखेर देंगे उसे فِى in fī
in ٱلْيَمِّ दरिया में l-yami
दरिया में نَسْفًا बिखेर देना nasfan
बिखेर देना ٩٧ (97)
(97)
(मूसा ने) कहा : "बस चला जा, निःसंदेह तेरे लिए जीवन भर यह है कि तू कहता रहे : मुझे स्पर्श न करना।1 और निःसंदेह तेरे लिए एक और भी वादा2 है, जो तुझसे कदापि न टलेगा। तथा अपने पूज्य को देख, जिसका तू पुजारी बना रहा, निश्चय हम उसे अवश्य अच्छी तरह जलाएँगे, फिर निश्चय ही उसे समुद्र में अच्छी तरह से उड़ा देंगे।
२०:९८
إِنَّمَآ
बेशक
innamā
बेशक إِلَـٰهُكُمُ इलाह तुम्हारा ilāhukumu
इलाह तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही وَسِعَ उसने घेर रखा है wasiʿa
उसने घेर रखा है كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عِلْمًۭا इल्म से ʿil'man
इल्म से ٩٨ (98)
(98)
बेशक إِلَـٰهُكُمُ इलाह तुम्हारा ilāhukumu
इलाह तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही وَسِعَ उसने घेर रखा है wasiʿa
उसने घेर रखा है كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عِلْمًۭا इल्म से ʿil'man
इल्म से ٩٨ (98)
(98)
तुम्हारा पूज्य तो अल्लाह ही है, जिसके अलावा कोई पूज्य नहीं, उसने हर चीज को ज्ञान से घेर रखा है।
२०:९९
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
kadhālika
इसी तरह نَقُصُّ हम बयान करते हैं naquṣṣu
हम बयान करते हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنْ from min
from أَنۢبَآءِ कुछ ख़बरें anbāi
कुछ ख़बरें مَا वो जो mā
वो जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَبَقَ ۚ गुज़र चुकीं sabaqa
गुज़र चुकीं وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ ءَاتَيْنَـٰكَ दिया हमने आपको ātaynāka
दिया हमने आपको مِن from min
from لَّدُنَّا अपने पास से ladunnā
अपने पास से ذِكْرًۭا ज़िक्र dhik'ran
ज़िक्र ٩٩ (99)
(99)
इसी तरह نَقُصُّ हम बयान करते हैं naquṣṣu
हम बयान करते हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنْ from min
from أَنۢبَآءِ कुछ ख़बरें anbāi
कुछ ख़बरें مَا वो जो mā
वो जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَبَقَ ۚ गुज़र चुकीं sabaqa
गुज़र चुकीं وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ ءَاتَيْنَـٰكَ दिया हमने आपको ātaynāka
दिया हमने आपको مِن from min
from لَّدُنَّا अपने पास से ladunnā
अपने पास से ذِكْرًۭا ज़िक्र dhik'ran
ज़िक्र ٩٩ (99)
(99)
इसी प्रकार हम आपको कुछ ऐसी ख़बरें सुनाते हैं जो गुज़र चुकी हैं और निःसंदेह हमने आपको अपनी तरफ़ से एक नसीहत प्रदान की है।
२०:१००
مَّنْ
जिसने
man
जिसने أَعْرَضَ मुँह मोड़ा aʿraḍa
मुँह मोड़ा عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो يَحْمِلُ वो उठाएगा yaḥmilu
वो उठाएगा يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وِزْرًا एक भारी बोझ wiz'ran
एक भारी बोझ ١٠٠ (100)
(100)
जिसने أَعْرَضَ मुँह मोड़ा aʿraḍa
मुँह मोड़ा عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो يَحْمِلُ वो उठाएगा yaḥmilu
वो उठाएगा يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وِزْرًا एक भारी बोझ wiz'ran
एक भारी बोझ ١٠٠ (100)
(100)
जो उससे मुँह फेरेगा, तो निश्चय ही वह क़ियामत के दिन एक भारी1 बोझ उठाएगा।
२०:१०१
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهِ ۖ उसमें fīhi
उसमें وَسَآءَ और बहुत बुरा है wasāa
और बहुत बुरा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के حِمْلًۭا बोझ उठाना ḥim'lan
बोझ उठाना ١٠١ (101)
(101)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهِ ۖ उसमें fīhi
उसमें وَسَآءَ और बहुत बुरा है wasāa
और बहुत बुरा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के حِمْلًۭا बोझ उठाना ḥim'lan
बोझ उठाना ١٠١ (101)
(101)
वे उसमें हमेशा रहने वाले होंगे और क़ियामत के दिन वह उनके लिए बुरा बोझ होगा।
२०:१०२
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يُنفَخُ फूँका जाएगा yunfakhu
फूँका जाएगा فِى in fī
in ٱلصُّورِ ۚ सूर में l-ṣūri
सूर में وَنَحْشُرُ और हम इकट्ठा करेंगे wanaḥshuru
और हम इकट्ठा करेंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन زُرْقًۭا नीली आँखों वाले zur'qan
नीली आँखों वाले ١٠٢ (102)
(102)
जिस दिन يُنفَخُ फूँका जाएगा yunfakhu
फूँका जाएगा فِى in fī
in ٱلصُّورِ ۚ सूर में l-ṣūri
सूर में وَنَحْشُرُ और हम इकट्ठा करेंगे wanaḥshuru
और हम इकट्ठा करेंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन زُرْقًۭا नीली आँखों वाले zur'qan
नीली आँखों वाले ١٠٢ (102)
(102)
जिस दिन सूर1 में फूँका जाएगा और हम अपराधियों को उस दिन इस दशा में इकट्ठा करेंगे कि नीली आँखों वाले होंगे।
२०:१०३
يَتَخَـٰفَتُونَ
वो सरगोशियाँ करेंगे
yatakhāfatūna
वो सरगोशियाँ करेंगे بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में إِن नहीं in
नहीं لَّبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम إِلَّا मगर illā
मगर عَشْرًۭا दस (दिन) ʿashran
दस (दिन) ١٠٣ (103)
(103)
वो सरगोशियाँ करेंगे بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में إِن नहीं in
नहीं لَّبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम إِلَّا मगर illā
मगर عَشْرًۭا दस (दिन) ʿashran
दस (दिन) ١٠٣ (103)
(103)
वे आपस में चुपके-चुपके कह रहे होंगे, तुम (संसार में) दस दिन के सिवा नहीं ठहरे।
२०:१०४
نَّحْنُ
हम
naḥnu
हम أَعْلَمُ ज़्यादा जानते हैं aʿlamu
ज़्यादा जानते हैं بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَقُولُونَ वो कहेंगे yaqūlūna
वो कहेंगे إِذْ जब idh
जब يَقُولُ कहेगा yaqūlu
कहेगा أَمْثَلُهُمْ सबसे मिसाली उनका amthaluhum
सबसे मिसाली उनका طَرِيقَةً तरीक़ा/रविश में ṭarīqatan
तरीक़ा/रविश में إِن नहीं in
नहीं لَّبِثْتُمْ ठहरे हम labith'tum
ठहरे हम إِلَّا मगर illā
मगर يَوْمًۭا एक दिन yawman
एक दिन ١٠٤ (104)
(104)
हम أَعْلَمُ ज़्यादा जानते हैं aʿlamu
ज़्यादा जानते हैं بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَقُولُونَ वो कहेंगे yaqūlūna
वो कहेंगे إِذْ जब idh
जब يَقُولُ कहेगा yaqūlu
कहेगा أَمْثَلُهُمْ सबसे मिसाली उनका amthaluhum
सबसे मिसाली उनका طَرِيقَةً तरीक़ा/रविश में ṭarīqatan
तरीक़ा/रविश में إِن नहीं in
नहीं لَّبِثْتُمْ ठहरे हम labith'tum
ठहरे हम إِلَّا मगर illā
मगर يَوْمًۭا एक दिन yawman
एक दिन ١٠٤ (104)
(104)
हम अधिक जानने वाले हैं जो कुछ वे कह रहे होंगे, जब उनका सबसे समझदार व्यक्ति कह रहा होगा कि तुम केवल एक दिन ठहरे हो।
२०:१०५
وَيَسْـَٔلُونَكَ
और वो सवाल करते हैं आपसे
wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْجِبَالِ पहाड़ों के बारे में l-jibāli
पहाड़ों के बारे में فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए يَنسِفُهَا बिखेर देगा उन्हें yansifuhā
बिखेर देगा उन्हें رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब نَسْفًۭا बिखेर देना nasfan
बिखेर देना ١٠٥ (105)
(105)
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْجِبَالِ पहाड़ों के बारे में l-jibāli
पहाड़ों के बारे में فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए يَنسِفُهَا बिखेर देगा उन्हें yansifuhā
बिखेर देगा उन्हें رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब نَسْفًۭا बिखेर देना nasfan
बिखेर देना ١٠٥ (105)
(105)
वे आपसे पहाड़ों के विषय में पूछते हैं। आप कह दें कि मेरा पालनहार उन्हें उड़ाकर तितर-बितर कर देगा।
२०:१०६
فَيَذَرُهَا
पस वो छोड़ देगा उस (ज़मीन) को
fayadharuhā
पस वो छोड़ देगा उस (ज़मीन) को قَاعًۭا मैदान qāʿan
मैदान صَفْصَفًۭا चटियल बनाकर ṣafṣafan
चटियल बनाकर ١٠٦ (106)
(106)
पस वो छोड़ देगा उस (ज़मीन) को قَاعًۭا मैदान qāʿan
मैदान صَفْصَفًۭا चटियल बनाकर ṣafṣafan
चटियल बनाकर ١٠٦ (106)
(106)
फिर धरती को एक समतल मैदान बनाकर छोड़ेगा।
२०:१०७
لَّا
Not
lā
Not تَرَىٰ ना तुम देखोगे tarā
ना तुम देखोगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें عِوَجًۭا कोई टेढ़ापन ʿiwajan
कोई टेढ़ापन وَلَآ और ना walā
और ना أَمْتًۭا कोई टीला amtan
कोई टीला ١٠٧ (107)
(107)
Not تَرَىٰ ना तुम देखोगे tarā
ना तुम देखोगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें عِوَجًۭا कोई टेढ़ापन ʿiwajan
कोई टेढ़ापन وَلَآ और ना walā
और ना أَمْتًۭا कोई टीला amtan
कोई टीला ١٠٧ (107)
(107)
तुम उसमें कोई टेढ़ापन और नीच-ऊँच नहीं देखोगे।
२०:१०८
يَوْمَئِذٍۢ
जिस दिन
yawma-idhin
जिस दिन يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करेंगे yattabiʿūna
वो पैरवी करेंगे ٱلدَّاعِىَ पुकारने वाले की l-dāʿiya
पुकारने वाले की لَا no lā
no عِوَجَ नहीं कोई कजी ʿiwaja
नहीं कोई कजी لَهُۥ ۖ जिसके लिए lahu
जिसके लिए وَخَشَعَتِ और दब जाऐंगी wakhashaʿati
और दब जाऐंगी ٱلْأَصْوَاتُ आवाज़ें l-aṣwātu
आवाज़ें لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए فَلَا तो ना falā
तो ना تَسْمَعُ तुम सुनोगे tasmaʿu
तुम सुनोगे إِلَّا सिवाय illā
सिवाय هَمْسًۭا आहट के hamsan
आहट के ١٠٨ (108)
(108)
जिस दिन يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करेंगे yattabiʿūna
वो पैरवी करेंगे ٱلدَّاعِىَ पुकारने वाले की l-dāʿiya
पुकारने वाले की لَا no lā
no عِوَجَ नहीं कोई कजी ʿiwaja
नहीं कोई कजी لَهُۥ ۖ जिसके लिए lahu
जिसके लिए وَخَشَعَتِ और दब जाऐंगी wakhashaʿati
और दब जाऐंगी ٱلْأَصْوَاتُ आवाज़ें l-aṣwātu
आवाज़ें لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए فَلَا तो ना falā
तो ना تَسْمَعُ तुम सुनोगे tasmaʿu
तुम सुनोगे إِلَّا सिवाय illā
सिवाय هَمْسًۭا आहट के hamsan
आहट के ١٠٨ (108)
(108)
उस दिन वे पुकारने वाले का अनुसरण करेंगे, उसका अनुसरण करने से कोई विमुख नहीं होगा, और सभी आवाजें रहमान के लिए धीमी हो जाएँगी, फिर तुम एक बहुत ही धीमी आवाज के अलावा कुछ भी नहीं सुनोगे।
२०:१०९
يَوْمَئِذٍۢ
उस दिन
yawma-idhin
उस दिन لَّا not lā
not تَنفَعُ ना फ़ायदा देगी tanfaʿu
ना फ़ायदा देगी ٱلشَّفَـٰعَةُ शफ़ाअत l-shafāʿatu
शफ़ाअत إِلَّا मगर illā
मगर مَنْ उसकी man
उसकी أَذِنَ इजाज़त दे adhina
इजाज़त दे لَهُ जिसे lahu
जिसे ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान وَرَضِىَ और वो पसंद करे waraḍiya
और वो पसंद करे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए قَوْلًۭا बात को qawlan
बात को ١٠٩ (109)
(109)
उस दिन لَّا not lā
not تَنفَعُ ना फ़ायदा देगी tanfaʿu
ना फ़ायदा देगी ٱلشَّفَـٰعَةُ शफ़ाअत l-shafāʿatu
शफ़ाअत إِلَّا मगर illā
मगर مَنْ उसकी man
उसकी أَذِنَ इजाज़त दे adhina
इजाज़त दे لَهُ जिसे lahu
जिसे ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान وَرَضِىَ और वो पसंद करे waraḍiya
और वो पसंद करे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए قَوْلًۭا बात को qawlan
बात को ١٠٩ (109)
(109)
उस दिन सिफ़ारिश लाभ नहीं देगी, परंतु जिसके लिए रहमान अनुज्ञा दे और जिसके लिए वह बात करना पसंद करे।
२०:११०
يَعْلَمُ
वो जानता है
yaʿlamu
वो जानता है مَا जो mā
जो بَيْنَ (is) before them bayna
(is) before them أَيْدِيهِمْ उनके आगे है aydīhim
उनके आगे है وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَهُمْ उनके पीछे है khalfahum
उनके पीछे है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحِيطُونَ वो अहाता कर सकते yuḥīṭūna
वो अहाता कर सकते بِهِۦ उसके bihi
उसके عِلْمًۭا इल्म का ʿil'man
इल्म का ١١٠ (110)
(110)
वो जानता है مَا जो mā
जो بَيْنَ (is) before them bayna
(is) before them أَيْدِيهِمْ उनके आगे है aydīhim
उनके आगे है وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَهُمْ उनके पीछे है khalfahum
उनके पीछे है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحِيطُونَ वो अहाता कर सकते yuḥīṭūna
वो अहाता कर सकते بِهِۦ उसके bihi
उसके عِلْمًۭا इल्म का ʿil'man
इल्म का ١١٠ (110)
(110)
वह जानता है जो कुछ उनके आगे है और जो कुछ उनके पीछे है और वे उसे अपने ज्ञान के घेरे में नहीं ला सकते।
२०:१११
۞ وَعَنَتِ
और झुक जाऐंगे
waʿanati
और झुक जाऐंगे ٱلْوُجُوهُ चेहरे l-wujūhu
चेहरे لِلْحَىِّ वास्ते ज़िन्दा रहने वाले lil'ḥayyi
वास्ते ज़िन्दा रहने वाले ٱلْقَيُّومِ ۖ क़ायम रहने वाले के l-qayūmi
क़ायम रहने वाले के وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَابَ वो नामुराद हुआ khāba
वो नामुराद हुआ مَنْ जिसने man
जिसने حَمَلَ उठाया ḥamala
उठाया ظُلْمًۭا ज़ुल्म को ẓul'man
ज़ुल्म को ١١١ (111)
(111)
और झुक जाऐंगे ٱلْوُجُوهُ चेहरे l-wujūhu
चेहरे لِلْحَىِّ वास्ते ज़िन्दा रहने वाले lil'ḥayyi
वास्ते ज़िन्दा रहने वाले ٱلْقَيُّومِ ۖ क़ायम रहने वाले के l-qayūmi
क़ायम रहने वाले के وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَابَ वो नामुराद हुआ khāba
वो नामुराद हुआ مَنْ जिसने man
जिसने حَمَلَ उठाया ḥamala
उठाया ظُلْمًۭا ज़ुल्म को ẓul'man
ज़ुल्म को ١١١ (111)
(111)
तथा सभी चेहरे उस जीवित रहने वाले, क़ायम रखने वाले लिए झुक जाएँगे और निश्चय विफल हो गया, जिसने अत्याचार का बोझ1 उठाया।
२०:११२
وَمَن
औ जो कोई
waman
औ जो कोई يَعْمَلْ अमल करेगा yaʿmal
अमल करेगा مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेकियों में से l-ṣāliḥāti
नेकियों में से وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَلَا तो ना falā
तो ना يَخَافُ वो डरेगा yakhāfu
वो डरेगा ظُلْمًۭا ज़ुल्म से ẓul'man
ज़ुल्म से وَلَا और ना walā
और ना هَضْمًۭا किसी कमी/नुक़सान से haḍman
किसी कमी/नुक़सान से ١١٢ (112)
(112)
औ जो कोई يَعْمَلْ अमल करेगा yaʿmal
अमल करेगा مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेकियों में से l-ṣāliḥāti
नेकियों में से وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَلَا तो ना falā
तो ना يَخَافُ वो डरेगा yakhāfu
वो डरेगा ظُلْمًۭا ज़ुल्म से ẓul'man
ज़ुल्म से وَلَا और ना walā
और ना هَضْمًۭا किसी कमी/नुक़सान से haḍman
किसी कमी/नुक़सान से ١١٢ (112)
(112)
तथा जो व्यक्ति नेक काम करे और वह मोमिन हो, तो वह न किसी अत्याचार से डरेगा और न अधिकार हनन से।
२०:११३
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे قُرْءَانًا क़ुरआन qur'ānan
क़ुरआन عَرَبِيًّۭا अरबी ʿarabiyyan
अरबी وَصَرَّفْنَا और फेर-फेर कर लाए हम waṣarrafnā
और फेर-फेर कर लाए हम فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِنَ of mina
of ٱلْوَعِيدِ वईदों/तम्बीहात में से l-waʿīdi
वईदों/तम्बीहात में से لَعَلَّهُمْ शायद की वो laʿallahum
शायद की वो يَتَّقُونَ वो डर जाऐं yattaqūna
वो डर जाऐं أَوْ या aw
या يُحْدِثُ वो पैदा कर दे yuḥ'dithu
वो पैदा कर दे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए ذِكْرًۭا कोई नसीहत dhik'ran
कोई नसीहत ١١٣ (113)
(113)
और इसी तरह أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे قُرْءَانًا क़ुरआन qur'ānan
क़ुरआन عَرَبِيًّۭا अरबी ʿarabiyyan
अरबी وَصَرَّفْنَا और फेर-फेर कर लाए हम waṣarrafnā
और फेर-फेर कर लाए हम فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِنَ of mina
of ٱلْوَعِيدِ वईदों/तम्बीहात में से l-waʿīdi
वईदों/तम्बीहात में से لَعَلَّهُمْ शायद की वो laʿallahum
शायद की वो يَتَّقُونَ वो डर जाऐं yattaqūna
वो डर जाऐं أَوْ या aw
या يُحْدِثُ वो पैदा कर दे yuḥ'dithu
वो पैदा कर दे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए ذِكْرًۭا कोई नसीहत dhik'ran
कोई नसीहत ١١٣ (113)
(113)
और इसी प्रकार हमने इसे अरबी क़ुरआन बनाकर अवतरित किया तथा इसमें चेतावनी की बातें विभिन्न प्रकार से वर्णन कीं, शायद कि वे डर जाएँ, अथवा यह उनके लिए कोई उपदेश पैदा कर दे।
२०:११४
فَتَعَـٰلَى
पस बहुत बुलन्द है
fataʿālā
पस बहुत बुलन्द है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمَلِكُ बादशाह l-maliku
बादशाह ٱلْحَقُّ ۗ हक़ीक़ी l-ḥaqu
हक़ीक़ी وَلَا और ना walā
और ना تَعْجَلْ आप जल्दी करें taʿjal
आप जल्दी करें بِٱلْقُرْءَانِ साथ क़ुरआन के bil-qur'āni
साथ क़ुरआन के مِن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि يُقْضَىٰٓ पूरी की जाए yuq'ḍā
पूरी की जाए إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَحْيُهُۥ ۖ वही उसकी waḥyuhu
वही उसकी وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब زِدْنِى ज़्यादा कर दे मुझे zid'nī
ज़्यादा कर दे मुझे عِلْمًۭا इल्म में ʿil'man
इल्म में ١١٤ (114)
(114)
पस बहुत बुलन्द है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمَلِكُ बादशाह l-maliku
बादशाह ٱلْحَقُّ ۗ हक़ीक़ी l-ḥaqu
हक़ीक़ी وَلَا और ना walā
और ना تَعْجَلْ आप जल्दी करें taʿjal
आप जल्दी करें بِٱلْقُرْءَانِ साथ क़ुरआन के bil-qur'āni
साथ क़ुरआन के مِن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि يُقْضَىٰٓ पूरी की जाए yuq'ḍā
पूरी की जाए إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَحْيُهُۥ ۖ वही उसकी waḥyuhu
वही उसकी وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब زِدْنِى ज़्यादा कर दे मुझे zid'nī
ज़्यादा कर दे मुझे عِلْمًۭا इल्म में ʿil'man
इल्म में ١١٤ (114)
(114)
अतः सर्वोच्च है अल्लाह, जो सच्चा बादशाह है, और क़ुरआन को पढ़ने में जल्दी1 न करें, इससे पूर्व कि आपकी ओर उसकी वह़्य पूरी की जाए तथा कहें : ऐ मेरे पालनहार! मुझे ज्ञान में बढ़ा दे।
२०:११५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَهِدْنَآ अहद लिया हमने ʿahid'nā
अहद लिया हमने إِلَىٰٓ with ilā
with ءَادَمَ आदम से ādama
आदम से مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَنَسِىَ तो वो भूल गया fanasiya
तो वो भूल गया وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं نَجِدْ पाया हमने najid
पाया हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَزْمًۭا कोई अज़्म ʿazman
कोई अज़्म ١١٥ (115)
(115)
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَهِدْنَآ अहद लिया हमने ʿahid'nā
अहद लिया हमने إِلَىٰٓ with ilā
with ءَادَمَ आदम से ādama
आदम से مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَنَسِىَ तो वो भूल गया fanasiya
तो वो भूल गया وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं نَجِدْ पाया हमने najid
पाया हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَزْمًۭا कोई अज़्म ʿazman
कोई अज़्म ١١٥ (115)
(115)
और निःसंदेह हमने इससे पहले आदम को ताकीद की, फिर वह भूल गया और हमने उसमें कोई दृढ़ संकल्प नहीं पाया ।
२०:११६
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के أَبَىٰ उसने इन्कार किया abā
उसने इन्कार किया ١١٦ (116)
(116)
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के أَبَىٰ उसने इन्कार किया abā
उसने इन्कार किया ١١٦ (116)
(116)
तथा जब हमने फ़रिश्तों से कहा : आदम को सजदा करो। तो उन्होंने सजदा किया, सिवाय इबलीस के, उसने इनकार किया।
२०:११७
فَقُلْنَا
तो कहा हमने
faqul'nā
तो कहा हमने يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है لَّكَ तुम्हारा laka
तुम्हारा وَلِزَوْجِكَ और तुम्हारी बीवी का walizawjika
और तुम्हारी बीवी का فَلَا पस ना falā
पस ना يُخْرِجَنَّكُمَا वो हरगिज़ निकलवाए तुम दोनों को yukh'rijannakumā
वो हरगिज़ निकलवाए तुम दोनों को مِنَ from mina
from ٱلْجَنَّةِ जन्नत से l-janati
जन्नत से فَتَشْقَىٰٓ वरना तुम मुसीबत में पड़ जाओगे fatashqā
वरना तुम मुसीबत में पड़ जाओगे ١١٧ (117)
(117)
तो कहा हमने يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है لَّكَ तुम्हारा laka
तुम्हारा وَلِزَوْجِكَ और तुम्हारी बीवी का walizawjika
और तुम्हारी बीवी का فَلَا पस ना falā
पस ना يُخْرِجَنَّكُمَا वो हरगिज़ निकलवाए तुम दोनों को yukh'rijannakumā
वो हरगिज़ निकलवाए तुम दोनों को مِنَ from mina
from ٱلْجَنَّةِ जन्नत से l-janati
जन्नत से فَتَشْقَىٰٓ वरना तुम मुसीबत में पड़ जाओगे fatashqā
वरना तुम मुसीबत में पड़ जाओगे ١١٧ (117)
(117)
तो हमने कहा : निःसंदेह यह तुम्हारा और तुम्हारी पत्नी का दुश्मन है, इसलिए कहीं तुम दोनों को जन्नत से न निकलवा दे कि तुम मुसीबत में पड़ जाओगे।
२०:११८
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक لَكَ तुम्हारे लिए है laka
तुम्हारे लिए है أَلَّا ये कि ना allā
ये कि ना تَجُوعَ तुम भूखे होगे tajūʿa
तुम भूखे होगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَا और ना walā
और ना تَعْرَىٰ तुम उरयाँ होगे taʿrā
तुम उरयाँ होगे ١١٨ (118)
(118)
बेशक لَكَ तुम्हारे लिए है laka
तुम्हारे लिए है أَلَّا ये कि ना allā
ये कि ना تَجُوعَ तुम भूखे होगे tajūʿa
तुम भूखे होगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَا और ना walā
और ना تَعْرَىٰ तुम उरयाँ होगे taʿrā
तुम उरयाँ होगे ١١٨ (118)
(118)
निःसंदेह तुम्हारे लिए यह है कि तुम इसमें न भूखे होगे और न नग्न होगे।
२०:११९
وَأَنَّكَ
और बेशक तुम
wa-annaka
और बेशक तुम لَا not lā
not تَظْمَؤُا۟ ना तुम प्यासे होगे taẓma-u
ना तुम प्यासे होगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَا और ना walā
और ना تَضْحَىٰ तुम्हें धूप लगेगी taḍḥā
तुम्हें धूप लगेगी ١١٩ (119)
(119)
और बेशक तुम لَا not lā
not تَظْمَؤُا۟ ना तुम प्यासे होगे taẓma-u
ना तुम प्यासे होगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَا और ना walā
और ना تَضْحَىٰ तुम्हें धूप लगेगी taḍḥā
तुम्हें धूप लगेगी ١١٩ (119)
(119)
और यह कि निश्चय ही तुम इसमें न प्यासे होगे और न धूप खाओगा।
२०:१२०
فَوَسْوَسَ
पस वसवसा डाला
fawaswasa
पस वसवसा डाला إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम هَلْ क्या hal
क्या أَدُلُّكَ मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी adulluka
मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी عَلَىٰ to ʿalā
to شَجَرَةِ दरख़्त पर shajarati
दरख़्त पर ٱلْخُلْدِ हमेशगी के l-khul'di
हमेशगी के وَمُلْكٍۢ और बादशाहत के wamul'kin
और बादशाहत के لَّا not lā
not يَبْلَىٰ जो ना पुरानी होगी yablā
जो ना पुरानी होगी ١٢٠ (120)
(120)
पस वसवसा डाला إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम هَلْ क्या hal
क्या أَدُلُّكَ मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी adulluka
मैं रहनुमाई करुँ तुम्हारी عَلَىٰ to ʿalā
to شَجَرَةِ दरख़्त पर shajarati
दरख़्त पर ٱلْخُلْدِ हमेशगी के l-khul'di
हमेशगी के وَمُلْكٍۢ और बादशाहत के wamul'kin
और बादशाहत के لَّا not lā
not يَبْلَىٰ जो ना पुरानी होगी yablā
जो ना पुरानी होगी ١٢٠ (120)
(120)
तो शैतान ने उसके दिल में विचार डाला, कहने लगा : ऐ आदम! क्या मैं तुम्हें अनंत जीवन का वृक्ष और ऐसा राज्य दिखाऊँ जो कभी पुराना न हो?
२०:१२१
فَأَكَلَا
तो दोनों ने खा लिया
fa-akalā
तो दोनों ने खा लिया مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से فَبَدَتْ तो ज़ाहिर हो गईं fabadat
तो ज़ाहिर हो गईं لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए سَوْءَٰتُهُمَا शर्मगाहें उन दोनों की sawātuhumā
शर्मगाहें उन दोनों की وَطَفِقَا and they began waṭafiqā
and they began يَخْصِفَانِ और वो दोनों चिपकाने लगे yakhṣifāni
और वो दोनों चिपकाने लगे عَلَيْهِمَا अपने ऊपर ʿalayhimā
अपने ऊपर مِن from min
from وَرَقِ पत्तों से waraqi
पत्तों से ٱلْجَنَّةِ ۚ जन्नत के l-janati
जन्नत के وَعَصَىٰٓ और नाफ़रमानी की waʿaṣā
और नाफ़रमानी की ءَادَمُ आदम ने ādamu
आदम ने رَبَّهُۥ अपने रब की rabbahu
अपने रब की فَغَوَىٰ तो वो भटक गया faghawā
तो वो भटक गया ١٢١ (121)
(121)
तो दोनों ने खा लिया مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से فَبَدَتْ तो ज़ाहिर हो गईं fabadat
तो ज़ाहिर हो गईं لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए سَوْءَٰتُهُمَا शर्मगाहें उन दोनों की sawātuhumā
शर्मगाहें उन दोनों की وَطَفِقَا and they began waṭafiqā
and they began يَخْصِفَانِ और वो दोनों चिपकाने लगे yakhṣifāni
और वो दोनों चिपकाने लगे عَلَيْهِمَا अपने ऊपर ʿalayhimā
अपने ऊपर مِن from min
from وَرَقِ पत्तों से waraqi
पत्तों से ٱلْجَنَّةِ ۚ जन्नत के l-janati
जन्नत के وَعَصَىٰٓ और नाफ़रमानी की waʿaṣā
और नाफ़रमानी की ءَادَمُ आदम ने ādamu
आदम ने رَبَّهُۥ अपने रब की rabbahu
अपने रब की فَغَوَىٰ तो वो भटक गया faghawā
तो वो भटक गया ١٢١ (121)
(121)
अंततः उन दोनों ने उसमें से खा लिया, तो उन दोनों के लिए उनके गुप्तांग प्रकट हो गए और वे दोनों अपने ऊपर जन्नत के पत्ते चिपकाने लगे और आदम ने अपने रब की अवज्ञा की, तो वह भटक गया।
२०:१२२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर ٱجْتَبَـٰهُ चुन लिया उसे ij'tabāhu
चुन लिया उसे رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने فَتَابَ पस वो मेहरबान हुआ fatāba
पस वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَهَدَىٰ और उसने हिदायत बख़्शी wahadā
और उसने हिदायत बख़्शी ١٢٢ (122)
(122)
फिर ٱجْتَبَـٰهُ चुन लिया उसे ij'tabāhu
चुन लिया उसे رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने فَتَابَ पस वो मेहरबान हुआ fatāba
पस वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَهَدَىٰ और उसने हिदायत बख़्शी wahadā
और उसने हिदायत बख़्शी ١٢٢ (122)
(122)
फिर उसके रब ने उसे चुन लिया, तो उसकी तौबा क़बूल कर ली और उसे मार्गदर्शन प्रदान किया।
२०:१२३
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया ٱهْبِطَا दोनों उतर जाओ ih'biṭā
दोनों उतर जाओ مِنْهَا इससे min'hā
इससे جَمِيعًۢا ۖ इकट्ठे jamīʿan
इकट्ठे بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे لِبَعْضٍ बाज़ के libaʿḍin
बाज़ के عَدُوٌّۭ ۖ दुश्मन हैं ʿaduwwun
दुश्मन हैं فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर يَأْتِيَنَّكُم आ जाए तुम्हारे पास yatiyannakum
आ जाए तुम्हारे पास مِّنِّى मेरी तरफ़ से minnī
मेरी तरफ़ से هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत فَمَنِ तो जिसने famani
तो जिसने ٱتَّبَعَ पैरवी की ittabaʿa
पैरवी की هُدَاىَ मेरी हिदायत की hudāya
मेरी हिदायत की فَلَا तो ना falā
तो ना يَضِلُّ वो भटकेगा yaḍillu
वो भटकेगा وَلَا और ना walā
और ना يَشْقَىٰ वो मुसीबत में पड़ेगा yashqā
वो मुसीबत में पड़ेगा ١٢٣ (123)
(123)
फ़रमाया ٱهْبِطَا दोनों उतर जाओ ih'biṭā
दोनों उतर जाओ مِنْهَا इससे min'hā
इससे جَمِيعًۢا ۖ इकट्ठे jamīʿan
इकट्ठे بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे لِبَعْضٍ बाज़ के libaʿḍin
बाज़ के عَدُوٌّۭ ۖ दुश्मन हैं ʿaduwwun
दुश्मन हैं فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर يَأْتِيَنَّكُم आ जाए तुम्हारे पास yatiyannakum
आ जाए तुम्हारे पास مِّنِّى मेरी तरफ़ से minnī
मेरी तरफ़ से هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत فَمَنِ तो जिसने famani
तो जिसने ٱتَّبَعَ पैरवी की ittabaʿa
पैरवी की هُدَاىَ मेरी हिदायत की hudāya
मेरी हिदायत की فَلَا तो ना falā
तो ना يَضِلُّ वो भटकेगा yaḍillu
वो भटकेगा وَلَا और ना walā
और ना يَشْقَىٰ वो मुसीबत में पड़ेगा yashqā
वो मुसीबत में पड़ेगा ١٢٣ (123)
(123)
फरमाया : तुम दोनों यहाँ से एक साथ उतर जाओ, तुम एक-दूसरे के शत्रु हो। फिर अगर कभी मेरी ओर से तुम्हारे पास कोई हिदायत आए, तो जो कोई मेरी हिदायत पर चला, तो न वह भटकेगा और न मुसीबत में पड़ेगा।
२०:१२४
وَمَنْ
और जिसने
waman
और जिसने أَعْرَضَ ऐराज़ किया aʿraḍa
ऐराज़ किया عَن from ʿan
from ذِكْرِى मेरे ज़िक्र से dhik'rī
मेरे ज़िक्र से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مَعِيشَةًۭ मईशत/गुज़रान maʿīshatan
मईशत/गुज़रान ضَنكًۭا तंग ḍankan
तंग وَنَحْشُرُهُۥ और हम उठाऐंगे उसे wanaḥshuruhu
और हम उठाऐंगे उसे يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के أَعْمَىٰ अँधा aʿmā
अँधा ١٢٤ (124)
(124)
और जिसने أَعْرَضَ ऐराज़ किया aʿraḍa
ऐराज़ किया عَن from ʿan
from ذِكْرِى मेरे ज़िक्र से dhik'rī
मेरे ज़िक्र से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مَعِيشَةًۭ मईशत/गुज़रान maʿīshatan
मईशत/गुज़रान ضَنكًۭا तंग ḍankan
तंग وَنَحْشُرُهُۥ और हम उठाऐंगे उसे wanaḥshuruhu
और हम उठाऐंगे उसे يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के أَعْمَىٰ अँधा aʿmā
अँधा ١٢٤ (124)
(124)
तथा जिसने मेरी नसीहत से मुँह फेरा, तो निःसंदेह उसके लिए तंग1 जीवन है और हम उसे क़ियामत के दिन अंधा करके उठाएँगे।
२०:१२५
قَالَ
वो कहेगा
qāla
वो कहेगा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لِمَ क्यों lima
क्यों حَشَرْتَنِىٓ उठाया तूने मुझे ḥashartanī
उठाया तूने मुझे أَعْمَىٰ अँधा aʿmā
अँधा وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ كُنتُ था मैं kuntu
था मैं بَصِيرًۭا देखने वाला baṣīran
देखने वाला ١٢٥ (125)
(125)
वो कहेगा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لِمَ क्यों lima
क्यों حَشَرْتَنِىٓ उठाया तूने मुझे ḥashartanī
उठाया तूने मुझे أَعْمَىٰ अँधा aʿmā
अँधा وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ كُنتُ था मैं kuntu
था मैं بَصِيرًۭا देखने वाला baṣīran
देखने वाला ١٢٥ (125)
(125)
वह कहेगा : ऐ मेरे पालनहार! तूने मुझे अंधा करके क्यों उठाया? हालाँकि, मैं तो देखने वाला था।
२०:१२६
قَالَ
वो फ़रमाएगा
qāla
वो फ़रमाएगा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह أَتَتْكَ आई थीं तेरे पास atatka
आई थीं तेरे पास ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी فَنَسِيتَهَا ۖ पस भूल गया तू उन्हें fanasītahā
पस भूल गया तू उन्हें وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह ٱلْيَوْمَ आ जाए तुम्हारे पास l-yawma
आ जाए तुम्हारे पास تُنسَىٰ तू भुलाया जाएगा tunsā
तू भुलाया जाएगा ١٢٦ (126)
(126)
वो फ़रमाएगा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह أَتَتْكَ आई थीं तेरे पास atatka
आई थीं तेरे पास ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी فَنَسِيتَهَا ۖ पस भूल गया तू उन्हें fanasītahā
पस भूल गया तू उन्हें وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह ٱلْيَوْمَ आ जाए तुम्हारे पास l-yawma
आ जाए तुम्हारे पास تُنسَىٰ तू भुलाया जाएगा tunsā
तू भुलाया जाएगा ١٢٦ (126)
(126)
(अल्लाह) फरमाएगा : इसी प्रकार तेरे पास हमारी आयतें आईं, तो तू उन्हें भूल गया और इसी प्रकार आज तू भुलाया जाएगा।
२०:१२७
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं مَنْ उसको जो man
उसको जो أَسْرَفَ हद से गुज़र जाए asrafa
हद से गुज़र जाए وَلَمْ और ना walam
और ना يُؤْمِنۢ वो ईमान लाए yu'min
वो ईमान लाए بِـَٔايَـٰتِ आयात पर biāyāti
आयात पर رَبِّهِۦ ۚ अपने रब की rabbihi
अपने रब की وَلَعَذَابُ और अलबत्ता अज़ाब walaʿadhābu
और अलबत्ता अज़ाब ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का أَشَدُّ ज़्यादा शदीद है ashaddu
ज़्यादा शदीद है وَأَبْقَىٰٓ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला ١٢٧ (127)
(127)
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं مَنْ उसको जो man
उसको जो أَسْرَفَ हद से गुज़र जाए asrafa
हद से गुज़र जाए وَلَمْ और ना walam
और ना يُؤْمِنۢ वो ईमान लाए yu'min
वो ईमान लाए بِـَٔايَـٰتِ आयात पर biāyāti
आयात पर رَبِّهِۦ ۚ अपने रब की rabbihi
अपने रब की وَلَعَذَابُ और अलबत्ता अज़ाब walaʿadhābu
और अलबत्ता अज़ाब ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का أَشَدُّ ज़्यादा शदीद है ashaddu
ज़्यादा शदीद है وَأَبْقَىٰٓ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला ١٢٧ (127)
(127)
तथा इसी प्रकार हम उस व्यक्ति को बदला देते हैं, जो हद से बढ़ जाए और अपने पालनहार की आयतों पर ईमान न लाए और निश्चय आख़िरत की यातना अधिक कठोर और अधिक स्थायी है।
२०:१२८
أَفَلَمْ
क्या फिर नहीं
afalam
क्या फिर नहीं يَهْدِ रहनुमाई की yahdi
रहनुमाई की لَهُمْ उनकी lahum
उनकी كَمْ कि कितनी ही kam
कि कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने قَبْلَهُم उनसे पहले qablahum
उनसे पहले مِّنَ of mina
of ٱلْقُرُونِ बस्तियाँ l-qurūni
बस्तियाँ يَمْشُونَ वो चलते फिरते हैं yamshūna
वो चलते फिरते हैं فِى in fī
in مَسَـٰكِنِهِمْ ۗ उनके घरों में masākinihim
उनके घरों में إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّأُو۟لِى for possessors li-ulī
for possessors ٱلنُّهَىٰ अक़्ल वालों के लिए l-nuhā
अक़्ल वालों के लिए ١٢٨ (128)
(128)
क्या फिर नहीं يَهْدِ रहनुमाई की yahdi
रहनुमाई की لَهُمْ उनकी lahum
उनकी كَمْ कि कितनी ही kam
कि कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने قَبْلَهُم उनसे पहले qablahum
उनसे पहले مِّنَ of mina
of ٱلْقُرُونِ बस्तियाँ l-qurūni
बस्तियाँ يَمْشُونَ वो चलते फिरते हैं yamshūna
वो चलते फिरते हैं فِى in fī
in مَسَـٰكِنِهِمْ ۗ उनके घरों में masākinihim
उनके घरों में إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّأُو۟لِى for possessors li-ulī
for possessors ٱلنُّهَىٰ अक़्ल वालों के लिए l-nuhā
अक़्ल वालों के लिए ١٢٨ (128)
(128)
फिर क्या इस बात ने उन्हें मार्गदर्शन नहीं दिया कि हमने उनसे पहले कितने ही समुदायों को विनष्ट कर दिया, जिनके घरों में वे चलते-फिरते हैं। निःसंदेह इसमें बुद्धियों वालों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं।
२०:१२९
وَلَوْلَا
और अगर ना होती
walawlā
और अगर ना होती كَلِمَةٌۭ एक बात kalimatun
एक बात سَبَقَتْ जो गुज़र चुकी sabaqat
जो गुज़र चुकी مِن from min
from رَّبِّكَ आप के रब की तरफ़ से rabbika
आप के रब की तरफ़ से لَكَانَ अलबत्ता हो जाता lakāna
अलबत्ता हो जाता لِزَامًۭا लाज़िम (अज़ाब) lizāman
लाज़िम (अज़ाब) وَأَجَلٌۭ और वक़्त (अगर ना होता) wa-ajalun
और वक़्त (अगर ना होता) مُّسَمًّۭى मुकर्रर musamman
मुकर्रर ١٢٩ (129)
(129)
और अगर ना होती كَلِمَةٌۭ एक बात kalimatun
एक बात سَبَقَتْ जो गुज़र चुकी sabaqat
जो गुज़र चुकी مِن from min
from رَّبِّكَ आप के रब की तरफ़ से rabbika
आप के रब की तरफ़ से لَكَانَ अलबत्ता हो जाता lakāna
अलबत्ता हो जाता لِزَامًۭا लाज़िम (अज़ाब) lizāman
लाज़िम (अज़ाब) وَأَجَلٌۭ और वक़्त (अगर ना होता) wa-ajalun
और वक़्त (अगर ना होता) مُّسَمًّۭى मुकर्रर musamman
मुकर्रर ١٢٩ (129)
(129)
और यदि वह बात न होती जो तुम्हारे पालनहार की ओर से पहले निश्चित हो चुकी और एक नियत समय न होता, तो वही (अगले लोगों का अज़ाब) आवश्यक हो जाता।1
२०:१३०
فَٱصْبِرْ
पस सब्र कीजिए
fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए عَلَىٰ over ʿalā
over مَا उस पर जो mā
उस पर जो يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं وَسَبِّحْ और तस्बीह कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह कीजिए بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की قَبْلَ पहले qabla
पहले طُلُوعِ (the) rising ṭulūʿi
(the) rising ٱلشَّمْسِ सूरज तुलूअ होने से l-shamsi
सूरज तुलूअ होने से وَقَبْلَ और पहले waqabla
और पहले غُرُوبِهَا ۖ उसके ग़ुरुब होने से ghurūbihā
उसके ग़ुरुब होने से وَمِنْ और कुछ wamin
और कुछ ءَانَآئِ घड़ियाँ ānāi
घड़ियाँ ٱلَّيْلِ रात की al-layli
रात की فَسَبِّحْ पस तस्बीह कीजिए fasabbiḥ
पस तस्बीह कीजिए وَأَطْرَافَ और किनारों पर wa-aṭrāfa
और किनारों पर ٱلنَّهَارِ दिन के l-nahāri
दिन के لَعَلَّكَ ताकि आप laʿallaka
ताकि आप تَرْضَىٰ आप राज़ी हो जाऐं tarḍā
आप राज़ी हो जाऐं ١٣٠ (130)
(130)
पस सब्र कीजिए عَلَىٰ over ʿalā
over مَا उस पर जो mā
उस पर जो يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं وَسَبِّحْ और तस्बीह कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह कीजिए بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की قَبْلَ पहले qabla
पहले طُلُوعِ (the) rising ṭulūʿi
(the) rising ٱلشَّمْسِ सूरज तुलूअ होने से l-shamsi
सूरज तुलूअ होने से وَقَبْلَ और पहले waqabla
और पहले غُرُوبِهَا ۖ उसके ग़ुरुब होने से ghurūbihā
उसके ग़ुरुब होने से وَمِنْ और कुछ wamin
और कुछ ءَانَآئِ घड़ियाँ ānāi
घड़ियाँ ٱلَّيْلِ रात की al-layli
रात की فَسَبِّحْ पस तस्बीह कीजिए fasabbiḥ
पस तस्बीह कीजिए وَأَطْرَافَ और किनारों पर wa-aṭrāfa
और किनारों पर ٱلنَّهَارِ दिन के l-nahāri
दिन के لَعَلَّكَ ताकि आप laʿallaka
ताकि आप تَرْضَىٰ आप राज़ी हो जाऐं tarḍā
आप राज़ी हो जाऐं ١٣٠ (130)
(130)
अतः जो कुछ वे कहते हैं, उसपर सब्र करें तथा सूर्य उगने से पहले1 और उसके डूबने से पहले2 अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता बयान करें, और रात की कुछ घड़ियों3 में भी पवित्रता बयान करें, और दिन के किनारों4 में, ताकि आप प्रसन्न हो जाएँ।
२०:१३१
وَلَا
और ना
walā
और ना تَمُدَّنَّ हरगिज़ आप दराज़ करें tamuddanna
हरगिज़ आप दराज़ करें عَيْنَيْكَ अपनी दोनों आँखें ʿaynayka
अपनी दोनों आँखें إِلَىٰ towards ilā
towards مَا तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो مَتَّعْنَا फ़ायदा दिया हमने mattaʿnā
फ़ायदा दिया हमने بِهِۦٓ साथ इसके bihi
साथ इसके أَزْوَٰجًۭا मुख़्तलिफ़ लोगों को azwājan
मुख़्तलिफ़ लोगों को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से زَهْرَةَ रौनक़ के लिए zahrata
रौनक़ के लिए ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की لِنَفْتِنَهُمْ ताकि हम आज़माऐं उन्हें linaftinahum
ताकि हम आज़माऐं उन्हें فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَرِزْقُ और रिज़्क़ wariz'qu
और रिज़्क़ رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَبْقَىٰ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला ١٣١ (131)
(131)
और ना تَمُدَّنَّ हरगिज़ आप दराज़ करें tamuddanna
हरगिज़ आप दराज़ करें عَيْنَيْكَ अपनी दोनों आँखें ʿaynayka
अपनी दोनों आँखें إِلَىٰ towards ilā
towards مَا तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो مَتَّعْنَا फ़ायदा दिया हमने mattaʿnā
फ़ायदा दिया हमने بِهِۦٓ साथ इसके bihi
साथ इसके أَزْوَٰجًۭا मुख़्तलिफ़ लोगों को azwājan
मुख़्तलिफ़ लोगों को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से زَهْرَةَ रौनक़ के लिए zahrata
रौनक़ के लिए ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की لِنَفْتِنَهُمْ ताकि हम आज़माऐं उन्हें linaftinahum
ताकि हम आज़माऐं उन्हें فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَرِزْقُ और रिज़्क़ wariz'qu
और रिज़्क़ رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَبْقَىٰ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला ١٣١ (131)
(131)
और अपनी आँखों को उन चीज़ों की ओर कदापि न उठाएँ जो हमने उनके1 विभिन्न प्रकार के लोगों को सांसारिक जीवन के लिए आभूषण के रूप में उपयोग करने के लिए दी हैं, ताकि हम उसमें उनकी परीक्षा लें, और आपके पालनहार का दिया2 हुआ सबसे अच्छा और सबसे अधिक स्थायी है।
२०:१३२
وَأْمُرْ
और हुक्म दीजिए
wamur
और हुक्म दीजिए أَهْلَكَ अपने घर वालों को ahlaka
अपने घर वालों को بِٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का bil-ṣalati
नमाज़ का وَٱصْطَبِرْ और क़ायम रहिए wa-iṣ'ṭabir
और क़ायम रहिए عَلَيْهَا ۖ इस पर ʿalayhā
इस पर لَا Not lā
Not نَسْـَٔلُكَ नहीं हम सवाल करते आपसे nasaluka
नहीं हम सवाल करते आपसे رِزْقًۭا ۖ किसी रिज़्क़ का riz'qan
किसी रिज़्क़ का نَّحْنُ हम naḥnu
हम نَرْزُقُكَ ۗ हम रिज़्क़ देते है आप को narzuquka
हम रिज़्क़ देते है आप को وَٱلْعَـٰقِبَةُ और (अच्छा) अंजाम wal-ʿāqibatu
और (अच्छा) अंजाम لِلتَّقْوَىٰ तक़वा वालों के लिए है lilttaqwā
तक़वा वालों के लिए है ١٣٢ (132)
(132)
और हुक्म दीजिए أَهْلَكَ अपने घर वालों को ahlaka
अपने घर वालों को بِٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का bil-ṣalati
नमाज़ का وَٱصْطَبِرْ और क़ायम रहिए wa-iṣ'ṭabir
और क़ायम रहिए عَلَيْهَا ۖ इस पर ʿalayhā
इस पर لَا Not lā
Not نَسْـَٔلُكَ नहीं हम सवाल करते आपसे nasaluka
नहीं हम सवाल करते आपसे رِزْقًۭا ۖ किसी रिज़्क़ का riz'qan
किसी रिज़्क़ का نَّحْنُ हम naḥnu
हम نَرْزُقُكَ ۗ हम रिज़्क़ देते है आप को narzuquka
हम रिज़्क़ देते है आप को وَٱلْعَـٰقِبَةُ और (अच्छा) अंजाम wal-ʿāqibatu
और (अच्छा) अंजाम لِلتَّقْوَىٰ तक़वा वालों के लिए है lilttaqwā
तक़वा वालों के लिए है ١٣٢ (132)
(132)
और आप अपने घरवालों को नमाज़ का आदेश दें और स्वयं भी उसपर स्थित रहें, हम आपसे कोई जीविका नहीं माँगते, हम ही आपको जीविका प्रदान करते हैं और अच्छा परिणाम परहेज़गारी का है।
२०:१३३
وَقَالُوا۟
और वो कहते हैं
waqālū
और वो कहते हैं لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं يَأْتِينَا वो लाता हमारे पास yatīnā
वो लाता हमारे पास بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦٓ ۚ अपने रब की तरफ़ से rabbihi
अपने रब की तरफ़ से أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं تَأْتِهِم आई उनके पास tatihim
आई उनके पास بَيِّنَةُ वाज़ेह दलील bayyinatu
वाज़ेह दलील مَا जो mā
जो فِى (was) in fī
(was) in ٱلصُّحُفِ सहीफ़ों में है l-ṣuḥufi
सहीफ़ों में है ٱلْأُولَىٰ पहले l-ūlā
पहले ١٣٣ (133)
(133)
और वो कहते हैं لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं يَأْتِينَا वो लाता हमारे पास yatīnā
वो लाता हमारे पास بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦٓ ۚ अपने रब की तरफ़ से rabbihi
अपने रब की तरफ़ से أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं تَأْتِهِم आई उनके पास tatihim
आई उनके पास بَيِّنَةُ वाज़ेह दलील bayyinatu
वाज़ेह दलील مَا जो mā
जो فِى (was) in fī
(was) in ٱلصُّحُفِ सहीफ़ों में है l-ṣuḥufi
सहीफ़ों में है ٱلْأُولَىٰ पहले l-ūlā
पहले ١٣٣ (133)
(133)
तथा उन्होंने कहा : यह हमारे पास अपने रब की ओर से कोई निशानी क्यों नहीं लाता? और क्या उनके पास वह स्पष्ट प्रमाण नहीं आया जो पहली किताबों में है?
२०:१३४
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّآ बेशक हम annā
बेशक हम أَهْلَكْنَـٰهُم हलाक कर देते हम उन्हें ahlaknāhum
हलाक कर देते हम उन्हें بِعَذَابٍۢ साथ किसी अज़ाब के biʿadhābin
साथ किसी अज़ाब के مِّن before him min
before him قَبْلِهِۦ इससे पहले qablihi
इससे पहले لَقَالُوا۟ अलबत्ता वो कहते laqālū
अलबत्ता वो कहते رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أَرْسَلْتَ भेजा तूने arsalta
भेजा तूने إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल فَنَتَّبِعَ तो हम पैरवी करते fanattabiʿa
तो हम पैरवी करते ءَايَـٰتِكَ तेरी आयात की āyātika
तेरी आयात की مِن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि نَّذِلَّ हम ज़लील होते nadhilla
हम ज़लील होते وَنَخْزَىٰ और हम रुस्वा होते wanakhzā
और हम रुस्वा होते ١٣٤ (134)
(134)
और अगर أَنَّآ बेशक हम annā
बेशक हम أَهْلَكْنَـٰهُم हलाक कर देते हम उन्हें ahlaknāhum
हलाक कर देते हम उन्हें بِعَذَابٍۢ साथ किसी अज़ाब के biʿadhābin
साथ किसी अज़ाब के مِّن before him min
before him قَبْلِهِۦ इससे पहले qablihi
इससे पहले لَقَالُوا۟ अलबत्ता वो कहते laqālū
अलबत्ता वो कहते رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أَرْسَلْتَ भेजा तूने arsalta
भेजा तूने إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल فَنَتَّبِعَ तो हम पैरवी करते fanattabiʿa
तो हम पैरवी करते ءَايَـٰتِكَ तेरी आयात की āyātika
तेरी आयात की مِن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि نَّذِلَّ हम ज़लील होते nadhilla
हम ज़लील होते وَنَخْزَىٰ और हम रुस्वा होते wanakhzā
और हम रुस्वा होते ١٣٤ (134)
(134)
और यदि हम वास्तव में उन्हें इससे पहले किसी अज़ाब से विनष्ट कर देते, तो ये लोग अवश्य कहते : ऐ हमारे रब! तूने हमारी ओर कोई रसूल क्यों नहीं भेजा कि हम तेरी आयतों की पैरवी करते, इससे1 पहले कि हम ज़लील और रुसवा हों?
२०:१३५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए كُلٌّۭ सबके सब kullun
सबके सब مُّتَرَبِّصٌۭ इन्तिज़ार करने वाले हैं mutarabbiṣun
इन्तिज़ार करने वाले हैं فَتَرَبَّصُوا۟ ۖ तो तुम भी इन्तिज़ार करो fatarabbaṣū
तो तुम भी इन्तिज़ार करो فَسَتَعْلَمُونَ पस अनक़रीब तुम जान लोगे fasataʿlamūna
पस अनक़रीब तुम जान लोगे مَنْ कौन man
कौन أَصْحَـٰبُ साथी हैं aṣḥābu
साथी हैं ٱلصِّرَٰطِ रास्ते l-ṣirāṭi
रास्ते ٱلسَّوِىِّ सीधे के l-sawiyi
सीधे के وَمَنِ और किसने wamani
और किसने ٱهْتَدَىٰ हिदायत पाई ih'tadā
हिदायत पाई ١٣٥ (135)
(135)
कह दीजिए كُلٌّۭ सबके सब kullun
सबके सब مُّتَرَبِّصٌۭ इन्तिज़ार करने वाले हैं mutarabbiṣun
इन्तिज़ार करने वाले हैं فَتَرَبَّصُوا۟ ۖ तो तुम भी इन्तिज़ार करो fatarabbaṣū
तो तुम भी इन्तिज़ार करो فَسَتَعْلَمُونَ पस अनक़रीब तुम जान लोगे fasataʿlamūna
पस अनक़रीब तुम जान लोगे مَنْ कौन man
कौन أَصْحَـٰبُ साथी हैं aṣḥābu
साथी हैं ٱلصِّرَٰطِ रास्ते l-ṣirāṭi
रास्ते ٱلسَّوِىِّ सीधे के l-sawiyi
सीधे के وَمَنِ और किसने wamani
और किसने ٱهْتَدَىٰ हिदायत पाई ih'tadā
हिदायत पाई ١٣٥ (135)
(135)
आप कह दें : हर एक प्रतीक्षारत है। अतः तुम (भी) प्रतीक्षा करो। फिर शीघ्र ही तुम जान लोगे कि सीधे मार्ग वाले कौन हैं और कौन है जिसे मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।