९३
अज़-ज़ुहा
الضحى
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
९३:१
وَٱلضُّحَىٰ
क़सम है चाश्त की
wal-ḍuḥā
क़सम है चाश्त की ١ (1)
(1)
क़सम है चाश्त की ١ (1)
(1)
कस़म है धूप चढ़ने के समय की!
९३:२
وَٱلَّيْلِ
और रात की
wa-al-layli
और रात की إِذَا जब idhā
जब سَجَىٰ वो छा जाए sajā
वो छा जाए ٢ (2)
(2)
और रात की إِذَا जब idhā
जब سَجَىٰ वो छा जाए sajā
वो छा जाए ٢ (2)
(2)
और क़सम है रात की, जब वह छा जाए।
९३:३
مَا
नहीं
mā
नहीं وَدَّعَكَ छोड़ा आपको waddaʿaka
छोड़ा आपको رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने وَمَا और ना wamā
और ना قَلَىٰ वो नाराज़ हुआ qalā
वो नाराज़ हुआ ٣ (3)
(3)
नहीं وَدَّعَكَ छोड़ा आपको waddaʿaka
छोड़ा आपको رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने وَمَا और ना wamā
और ना قَلَىٰ वो नाराज़ हुआ qalā
वो नाराज़ हुआ ٣ (3)
(3)
(ऐ नबी!) तेरे पालनहार ने तुझे न तो छोड़ा और न नाराज़ हुआ।
९३:४
وَلَلْـَٔاخِرَةُ
और यक़ीनन आख़िरत
walalākhiratu
और यक़ीनन आख़िरत خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ than mina
than ٱلْأُولَىٰ पहली (दुनिया) से l-ūlā
पहली (दुनिया) से ٤ (4)
(4)
और यक़ीनन आख़िरत خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ than mina
than ٱلْأُولَىٰ पहली (दुनिया) से l-ūlā
पहली (दुनिया) से ٤ (4)
(4)
और निश्चित रूप से आख़िरत आपके लिए दुनिया से बेहतर है।
९३:५
وَلَسَوْفَ
और यक़ीनन अनक़रीब
walasawfa
और यक़ीनन अनक़रीब يُعْطِيكَ अता करेगा आपको yuʿ'ṭīka
अता करेगा आपको رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका فَتَرْضَىٰٓ तो आप राज़ी हो जाऐंगे fatarḍā
तो आप राज़ी हो जाऐंगे ٥ (5)
(5)
और यक़ीनन अनक़रीब يُعْطِيكَ अता करेगा आपको yuʿ'ṭīka
अता करेगा आपको رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका فَتَرْضَىٰٓ तो आप राज़ी हो जाऐंगे fatarḍā
तो आप राज़ी हो जाऐंगे ٥ (5)
(5)
और निश्चय तेरा पालनहार तुझे प्रदान करेगा, तो तू प्रसन्न हो जाएगा।
९३:६
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَجِدْكَ उसने पाया आपको yajid'ka
उसने पाया आपको يَتِيمًۭا यतीम yatīman
यतीम فَـَٔاوَىٰ फिर उसने ठिकान फ़राहम किया faāwā
फिर उसने ठिकान फ़राहम किया ٦ (6)
(6)
क्या नहीं يَجِدْكَ उसने पाया आपको yajid'ka
उसने पाया आपको يَتِيمًۭا यतीम yatīman
यतीम فَـَٔاوَىٰ फिर उसने ठिकान फ़राहम किया faāwā
फिर उसने ठिकान फ़राहम किया ٦ (6)
(6)
क्या उसने आपको अनाथ पाकर शरण नहीं दी?
९३:७
وَوَجَدَكَ
और उसने पाया आपको
wawajadaka
और उसने पाया आपको ضَآلًّۭا राह भूला ḍāllan
राह भूला فَهَدَىٰ तो उसने रहनुमाई की fahadā
तो उसने रहनुमाई की ٧ (7)
(7)
और उसने पाया आपको ضَآلًّۭا राह भूला ḍāllan
राह भूला فَهَدَىٰ तो उसने रहनुमाई की fahadā
तो उसने रहनुमाई की ٧ (7)
(7)
और आपको मार्ग से अनभिज्ञ पाया, तो सीधा मार्ग दिखाया।
९३:८
وَوَجَدَكَ
और उसने पाया आपको
wawajadaka
और उसने पाया आपको عَآئِلًۭا तंग दस्त ʿāilan
तंग दस्त فَأَغْنَىٰ तो उसने ग़नी कर दिया fa-aghnā
तो उसने ग़नी कर दिया ٨ (8)
(8)
और उसने पाया आपको عَآئِلًۭا तंग दस्त ʿāilan
तंग दस्त فَأَغْنَىٰ तो उसने ग़नी कर दिया fa-aghnā
तो उसने ग़नी कर दिया ٨ (8)
(8)
और उसने आपको निर्धन पाया, तो संपन्न कर दिया।
९३:९
فَأَمَّا
तो रहा
fa-ammā
तो रहा ٱلْيَتِيمَ यतीम l-yatīma
यतीम فَلَا पस ना falā
पस ना تَقْهَرْ आप सख़्ती कीजिए(उस पर) taqhar
आप सख़्ती कीजिए(उस पर) ٩ (9)
(9)
तो रहा ٱلْيَتِيمَ यतीम l-yatīma
यतीम فَلَا पस ना falā
पस ना تَقْهَرْ आप सख़्ती कीजिए(उस पर) taqhar
आप सख़्ती कीजिए(उस पर) ٩ (9)
(9)
अतः आप अनाथ पर कठोरता न दिखाएँ।1
९३:१०
وَأَمَّا
और रहा
wa-ammā
और रहा ٱلسَّآئِلَ सवाली l-sāila
सवाली فَلَا पस ना falā
पस ना تَنْهَرْ आप झिड़कये (उसे) tanhar
आप झिड़कये (उसे) ١٠ (10)
(10)
और रहा ٱلسَّآئِلَ सवाली l-sāila
सवाली فَلَا पस ना falā
पस ना تَنْهَرْ आप झिड़कये (उसे) tanhar
आप झिड़कये (उसे) ١٠ (10)
(10)
और माँगने वाले को न झिड़कें।
९३:११
وَأَمَّا
और लेकिन
wa-ammā
और लेकिन بِنِعْمَةِ (the) Favor biniʿ'mati
(the) Favor رَبِّكَ अपने रब की नेअमत को rabbika
अपने रब की नेअमत को فَحَدِّثْ पस बयान कीजिए faḥaddith
पस बयान कीजिए ١١ (11)
(11)
और लेकिन بِنِعْمَةِ (the) Favor biniʿ'mati
(the) Favor رَبِّكَ अपने रब की नेअमत को rabbika
अपने रब की नेअमत को فَحَدِّثْ पस बयान कीजिए faḥaddith
पस बयान कीजिए ١١ (11)
(11)
और अपने रब के उपकार का वर्णन करते रहें।1