५५
अर-रहमान
الرحمن
सूरह अर-रहमान (الرحمن) पवित्र क़ुरआन का ५५ वाँ अध्याय है — यह एक मदनी सूरह है जिसमें ७८ आयतें हैं। मदनी सूरहें प्रवास के बाद उतरीं और प्रायः इबादत, क़ानून और मुस्लिम समाज के जीवन से संबंधित हैं।
Bookmarks (0)
No bookmarks yet. Click the bookmark icon next to any ayah to save it.
बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५५:१
ٱلرَّحْمَـٰنُरहमानal-raḥmānu١
अत्यंत दयावान् ने।
५५:२
عَلَّمَउसने तालीम दीʿallamaٱلْقُرْءَانَक़ुरआन कीl-qur'āna٢
यह क़ुरआन सिखाया।
५५:३
خَلَقَउसने पैदा कियाkhalaqaٱلْإِنسَـٰنَइन्सान कोl-insāna٣
उसने मनुष्य को पैदा किया।
५५:४
عَلَّمَهُसिखाया उसेʿallamahuٱلْبَيَانَबोलनाl-bayāna٤
उसे बात करना सिखाया।
५५:५
ٱلشَّمْسُसूरजal-shamsuوَٱلْقَمَرُऔर चाँदwal-qamaruبِحُسْبَانٍۢएक हिसाब के साथ हैंbiḥus'bānin٥
सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।
५५:६
وَٱلنَّجْمُऔर सितारे/बेलेंwal-najmuوَٱلشَّجَرُऔर दरख़्तwal-shajaruيَسْجُدَانِवो दोनों सजदा कर रहे हैंyasjudāni٦
तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।
५५:७
وَٱلسَّمَآءَऔर आसमानwal-samāaرَفَعَهَاउसने बुलन्द किया उसेrafaʿahāوَوَضَعَऔर उसने रख दियाwawaḍaʿaٱلْمِيزَانَमीज़ानl-mīzāna٧
और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।1
५५:८
أَلَّاकि नाallāتَطْغَوْا۟तुम ज़्यादती करोtaṭghawفِىinfīٱلْمِيزَانِमीज़ान मेंl-mīzāni٨
ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।
५५:९
وَأَقِيمُوا۟और क़ायम करोwa-aqīmūٱلْوَزْنَवज़्न कोl-waznaبِٱلْقِسْطِसाथ इन्साफ़ केbil-qis'ṭiوَلَاऔर नाwalāتُخْسِرُوا۟तुम कमी करोtukh'sirūٱلْمِيزَانَतोल मेंl-mīzāna٩
तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।
५५:१०
وَٱلْأَرْضَऔर ज़मीनwal-arḍaوَضَعَهَاउसने रख दिया उसेwaḍaʿahāلِلْأَنَامِमख़लूक़ात के लिएlil'anāmi١٠
और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।
५५:११
فِيهَاउसमेंfīhāفَـٰكِهَةٌۭफल हैंfākihatunوَٱلنَّخْلُऔर खजूर के दरख़्तwal-nakhluذَاتُhavingdhātuٱلْأَكْمَامِख़ोशों वालेl-akmāmi١١
उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।
५५:१२
وَٱلْحَبُّऔर ग़ल्ले हैंwal-ḥabuذُوhavingdhūٱلْعَصْفِभुस वालेl-ʿaṣfiوَٱلرَّيْحَانُऔर ख़ुशबूदार फ़ूल हैंwal-rayḥānu١٢
और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।
५५:१३
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni١٣
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:१४
خَلَقَउसने पैदा कियाkhalaqaٱلْإِنسَـٰنَइन्सान कोl-insānaمِنfromminصَلْصَـٰلٍۢबजने वाली मिट्टी सेṣalṣālinكَٱلْفَخَّارِठीकरी की तरहkal-fakhāri١٤
उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।
५५:१५
وَخَلَقَऔर उसने पैदा कियाwakhalaqaٱلْجَآنَّजिन्न कोl-jānaمِنfromminمَّارِجٍۢशोले सेmārijinمِّنofminنَّارٍۢआग केnārin١٥
तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।
५५:१६
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni١٦
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:१७
رَبُّरब हैrabbuٱلْمَشْرِقَيْنِदो मशरिक़ों काl-mashriqayniوَرَبُّऔर रब हैwarabbuٱلْمَغْرِبَيْنِदो मग़रिबों काl-maghribayni١٧
(वह) सूर्योदय1 के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।
५५:१८
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों काālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni١٨
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:१९
مَرَجَउसने छोड़ दियाmarajaٱلْبَحْرَيْنِदो समुन्दरों कोl-baḥrayniيَلْتَقِيَانِवो दोनों बाहम मिलते हैंyaltaqiyāni١٩
उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।
५५:२०
بَيْنَهُمَاउन दोनों के दर्मियानbaynahumāبَرْزَخٌۭएक पर्दा हैbarzakhunلَّاnotlāيَبْغِيَانِनहीं वो दोनों तजावुज़ करतेyabghiyāni٢٠
उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।
५५:२१
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٢١
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२२
يَخْرُجُनिकलते हैंyakhrujuمِنْهُمَاउन दोनों सेmin'humāٱللُّؤْلُؤُमोतीl-lu'lu-uوَٱلْمَرْجَانُऔर मूँगेwal-marjānu٢٢
उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।
५५:२३
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاउपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٢٣
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२४
وَلَهُऔर उसी के लिए हैंwalahuٱلْجَوَارِजहाज़l-jawāriٱلْمُنشَـَٔاتُऊँचे उठने वालेl-munshaātuفِىinfīٱلْبَحْرِसमुन्दर मेंl-baḥriكَٱلْأَعْلَـٰمِऊँचे पहाड़ों की तरहkal-aʿlāmi٢٤
तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।
५५:२५
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٢٥
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२६
كُلُّसबkulluمَنْजोmanعَلَيْهَاउस पर हैंʿalayhāفَانٍۢफ़ना होनो वाले हैंfānin٢٦
हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।
५५:२७
وَيَبْقَىٰऔर बाक़ी रहेगाwayabqāوَجْهُचेहराwajhuرَبِّكَआपके रब काrabbikaذُو(the) Ownerdhūٱلْجَلَـٰلِबुज़ुर्गी वालाl-jalāliوَٱلْإِكْرَامِऔर इज़्ज़त वालाwal-ik'rāmi٢٧
तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।
५५:२८
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٢٨
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२९
يَسْـَٔلُهُۥमाँगता है उसी सेyasaluhuمَنजो भीmanفِى(is) infīٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमनों मेंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِ ۚऔर ज़मीन में हैwal-arḍiكُلَّहरkullaيَوْمٍदिनyawminهُوَवोhuwaفِى(is) infīشَأْنٍۢएक नई शान में हैshanin٢٩
उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।1
५५:३०
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٣٠
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३१
سَنَفْرُغُअनक़रीब हम फ़ारिग़ हो जाऐंगेsanafrughuلَكُمْतुम्हारे लिएlakumأَيُّهَऐayyuhaٱلثَّقَلَانِदो बोझो (जिन्न व इन्स)l-thaqalāni٣١
हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे1 ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)2
५५:३२
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٣٢
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३३
يَـٰمَعْشَرَऐ गिरोहyāmaʿsharaٱلْجِنِّजिन्नोंl-jiniوَٱلْإِنسِऔर इन्सानों केwal-insiإِنِअगरiniٱسْتَطَعْتُمْतुम इस्तिताअत रखते होis'taṭaʿtumأَنकिanتَنفُذُوا۟तुम निकल जाओtanfudhūمِنْ[of]minأَقْطَارِकिनारों सेaqṭāriٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन केwal-arḍiفَٱنفُذُوا۟ ۚतो निकल जाओfa-unfudhūلَاNotlāتَنفُذُونَनहीं तुम निकल सकतेtanfudhūnaإِلَّاमगरillāبِسُلْطَـٰنٍۢसाथ एक क़ुव्वत केbisul'ṭānin٣٣
ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।1
५५:३४
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٣٤
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३५
يُرْسَلُछोड़ दिया जाएगाyur'saluعَلَيْكُمَاतुम दोनों परʿalaykumāشُوَاظٌۭएक शोलाshuwāẓunمِّنofminنَّارٍۢआग काnārinوَنُحَاسٌۭऔर धुवाँwanuḥāsunفَلَاतो नाfalāتَنتَصِرَانِतुम दोनों मुक़ाबला कर सकोगेtantaṣirāni٣٥
तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।
५५:३६
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٣٦
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३७
فَإِذَاफिर जबfa-idhāٱنشَقَّتِफट जाएगाinshaqqatiٱلسَّمَآءُआसमानl-samāuفَكَانَتْतो वो हो जाएगाfakānatوَرْدَةًۭसुर्ख़wardatanكَٱلدِّهَانِमानिन्द सुर्ख़ चमड़े केkal-dihāni٣٧
फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।
५५:३८
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٣٨
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३९
فَيَوْمَئِذٍۢतो उस दिनfayawma-idhinلَّاnotlāيُسْـَٔلُना पूछा जाएगाyus'aluعَنaboutʿanذَنۢبِهِۦٓअपने गुनाह के बारे मेंdhanbihiإِنسٌۭकोई इन्सानinsunوَلَاऔर नाwalāجَآنٌّۭकोई जिन्नjānnun٣٩
फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।
५५:४०
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٤٠
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४१
يُعْرَفُपहचाने जाऐंगेyuʿ'rafuٱلْمُجْرِمُونَमुजरिमl-muj'rimūnaبِسِيمَـٰهُمْअपने चेहरों की अलामत सेbisīmāhumفَيُؤْخَذُतो वो पकड़े जाऐंगेfayu'khadhuبِٱلنَّوَٰصِىपेशानी के बालों सेbil-nawāṣīوَٱلْأَقْدَامِऔर क़दमों सेwal-aqdāmi٤١
अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।
५५:४२
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٤٢
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४३
هَـٰذِهِۦये हैhādhihiجَهَنَّمُजहन्नमjahannamuٱلَّتِىवो जोallatīيُكَذِّبُझुठलाते थेyukadhibuبِهَاउसेbihāٱلْمُجْرِمُونَमुजरिमl-muj'rimūna٤٣
यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।
५५:४४
يَطُوفُونَवो गर्दिश करेंगेyaṭūfūnaبَيْنَهَاदर्मियान उसकेbaynahāوَبَيْنَऔर दर्मियानwabaynaحَمِيمٍसख़्त गर्म पानीḥamīminءَانٍۢखौलते हुए केānin٤٤
वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।
५५:४५
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٤٥
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४६
وَلِمَنْऔर उसके लिए जोwalimanخَافَडरेkhāfaمَقَامَखड़ा होने सेmaqāmaرَبِّهِۦअपने रब के सामनेrabbihiجَنَّتَانِदो बाग़ हैjannatāni٤٦
और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।
५५:४७
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٤٧
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४८
ذَوَاتَآHavingdhawātāأَفْنَانٍۢदोनों बहुत शाख़ों वाले हैंafnānin٤٨
दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।
५५:४९
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٤٩
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५०
فِيهِمَاउन दोनों मेंfīhimāعَيْنَانِदो चश्मे हैंʿaynāniتَجْرِيَانِवो दोनों बहते होंगेtajriyāni٥٠
उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।
५५:५१
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٥١
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५२
فِيهِمَاउन दोनों मेंfīhimāمِن[of]minكُلِّहरkulliفَـٰكِهَةٍۢफल कीfākihatinزَوْجَانِदो क़िस्में हैंzawjāni٥٢
उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।
५५:५३
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٥٣
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५४
مُتَّكِـِٔينَतकिया लगाए हुए होंगेmuttakiīnaعَلَىٰonʿalāفُرُشٍۭऐसे बिस्तरों परfurushinبَطَآئِنُهَاअस्तर जिनकेbaṭāinuhāمِنْ(are) ofminإِسْتَبْرَقٍۢ ۚमोटे रेशम के होंगेis'tabraqinوَجَنَىऔर फलwajanāٱلْجَنَّتَيْنِदोनों बाग़ों केl-janatayniدَانٍۢझुके हुए होंगेdānin٥٤
ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।
५५:५५
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٥٥
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५६
فِيهِنَّउनमें होंगीfīhinnaقَـٰصِرَٰتُझुकाने वालियाँqāṣirātuٱلطَّرْفِनिगाहों कोl-ṭarfiلَمْनहींlamيَطْمِثْهُنَّछुआ उन्हेंyaṭmith'hunnaإِنسٌۭकिसी इन्सान नेinsunقَبْلَهُمْउन से पहलेqablahumوَلَاऔर नाwalāجَآنٌّۭकिसी जिन्न नेjānnun٥٦
उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।
५५:५७
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٥٧
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५८
كَأَنَّهُنَّगोया कि वो हैंka-annahunnaٱلْيَاقُوتُयाक़ूतl-yāqūtuوَٱلْمَرْجَانُऔर मरजानwal-marjānu٥٨
मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।
५५:५९
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٥٩
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६०
هَلْनहींhalجَزَآءُबदला हैjazāuٱلْإِحْسَـٰنِएहसान काl-iḥ'sāniإِلَّاमगरillāٱلْإِحْسَـٰنُएहसान हीl-iḥ'sānu٦٠
एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?
५५:६१
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٦١
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६२
وَمِنBesides these twowaminدُونِهِمَاऔर उन दोनों के अलावाdūnihimāجَنَّتَانِदो बाग़ हैंjannatāni٦٢
तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।
५५:६३
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٦٣
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६४
مُدْهَآمَّتَانِदोनों गहरे सब्ज़ हैंmud'hāmmatāni٦٤
दोनों गहरे हरे रंग के हैं।
५५:६५
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٦٥
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६६
فِيهِمَاउन दोनों मेंfīhimāعَيْنَانِदो चश्मे हैंʿaynāniنَضَّاخَتَانِदोनों जोश मारने वालेnaḍḍākhatāni٦٦
उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।
५५:६७
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٦٧
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६८
فِيهِمَاउन दोनों मेंfīhimāفَـٰكِهَةٌۭफल हैंfākihatunوَنَخْلٌۭऔर खजूर के दरख़्तwanakhlunوَرُمَّانٌۭऔर अनार हैंwarummānun٦٨
उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।
५५:६९
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٦٩
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७०
فِيهِنَّउन मेंfīhinnaخَيْرَٰتٌनेक औरतें हैंkhayrātunحِسَانٌۭख़ूबसूरतḥisānun٧٠
उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।
५५:७१
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٧١
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७२
حُورٌۭहूरेंḥūrunمَّقْصُورَٰتٌۭठहराई हुईंmaqṣūrātunفِىinfīٱلْخِيَامِख़ेमों मेंl-khiyāmi٧٢
हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।
५५:७३
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٧٣
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७४
لَمْनहींlamيَطْمِثْهُنَّछुआ उन्हेंyaṭmith'hunnaإِنسٌۭकिसी इन्सान नेinsunقَبْلَهُمْउनसे पहलेqablahumوَلَاऔर नाwalāجَآنٌّۭकिसी जिन्न नेjānnun٧٤
उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।1
५५:७५
فَبِأَىِّतो कौन साfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٧٥
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७६
مُتَّكِـِٔينَतकिया लगाए हुए होंगेmuttakiīnaعَلَىٰonʿalāرَفْرَفٍक़ालीनों परrafrafinخُضْرٍۢसब्ज़khuḍ'rinوَعَبْقَرِىٍّऔर नादिरwaʿabqariyyinحِسَانٍۢख़ूबसूरतḥisānin٧٦
वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।
५५:७७
فَبِأَىِّतो कौन सीfabi-ayyiءَالَآءِनेअमतों कोālāiرَبِّكُمَاअपने रब कीrabbikumāتُكَذِّبَانِतुम दोनों झुठलाओगेtukadhibāni٧٧
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७८
تَبَـٰرَكَबहुत बाबरकत हैtabārakaٱسْمُनामus'muرَبِّكَआपके रब काrabbikaذِىOwnerdhīٱلْجَلَـٰلِजो बुज़ुर्गी वाला हैl-jalāliوَٱلْإِكْرَامِऔर इज़्ज़त वाला हैwal-ik'rāmi٧٨
बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।
—
—
—
—
Loading…