५५

अर-रहमान

मदनी ७८ आयतें पारा २७
الرحمن
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५५:१
ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान al-raḥmānu
रहमान
١ (1)
(1)
अत्यंत दयावान् ने।
५५:२
عَلَّمَ उसने तालीम दी ʿallama
उसने तालीम दी
ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन की l-qur'āna
क़ुरआन की
٢ (2)
(2)
यह क़ुरआन सिखाया।
५५:३
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
٣ (3)
(3)
उसने मनुष्य को पैदा किया।
५५:४
عَلَّمَهُ सिखाया उसे ʿallamahu
सिखाया उसे
ٱلْبَيَانَ बोलना l-bayāna
बोलना
٤ (4)
(4)
उसे बात करना सिखाया।
५५:५
ٱلشَّمْسُ सूरज al-shamsu
सूरज
وَٱلْقَمَرُ और चाँद wal-qamaru
और चाँद
بِحُسْبَانٍۢ एक हिसाब के साथ हैं biḥus'bānin
एक हिसाब के साथ हैं
٥ (5)
(5)
सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।
५५:६
وَٱلنَّجْمُ और सितारे/बेलें wal-najmu
और सितारे/बेलें
وَٱلشَّجَرُ और दरख़्त wal-shajaru
और दरख़्त
يَسْجُدَانِ वो दोनों सजदा कर रहे हैं yasjudāni
वो दोनों सजदा कर रहे हैं
٦ (6)
(6)
तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।
५५:७
وَٱلسَّمَآءَ और आसमान wal-samāa
और आसमान
رَفَعَهَا उसने बुलन्द किया उसे rafaʿahā
उसने बुलन्द किया उसे
وَوَضَعَ और उसने रख दिया wawaḍaʿa
और उसने रख दिया
ٱلْمِيزَانَ मीज़ान l-mīzāna
मीज़ान
٧ (7)
(7)
और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।1
५५:८
أَلَّا कि ना allā
कि ना
تَطْغَوْا۟ तुम ज़्यादती करो taṭghaw
तुम ज़्यादती करो
فِى in
in
ٱلْمِيزَانِ मीज़ान में l-mīzāni
मीज़ान में
٨ (8)
(8)
ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।
५५:९
وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो
ٱلْوَزْنَ वज़्न को l-wazna
वज़्न को
بِٱلْقِسْطِ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के
وَلَا और ना walā
और ना
تُخْسِرُوا۟ तुम कमी करो tukh'sirū
तुम कमी करो
ٱلْمِيزَانَ तोल में l-mīzāna
तोल में
٩ (9)
(9)
तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।
५५:१०
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन wal-arḍa
और ज़मीन
وَضَعَهَا उसने रख दिया उसे waḍaʿahā
उसने रख दिया उसे
لِلْأَنَامِ मख़लूक़ात के लिए lil'anāmi
मख़लूक़ात के लिए
١٠ (10)
(10)
और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।
५५:११
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
فَـٰكِهَةٌۭ फल हैं fākihatun
फल हैं
وَٱلنَّخْلُ और खजूर के दरख़्त wal-nakhlu
और खजूर के दरख़्त
ذَاتُ having dhātu
having
ٱلْأَكْمَامِ ख़ोशों वाले l-akmāmi
ख़ोशों वाले
١١ (11)
(11)
उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।
५५:१२
وَٱلْحَبُّ और ग़ल्ले हैं wal-ḥabu
और ग़ल्ले हैं
ذُو having dhū
having
ٱلْعَصْفِ भुस वाले l-ʿaṣfi
भुस वाले
وَٱلرَّيْحَانُ और ख़ुशबूदार फ़ूल हैं wal-rayḥānu
और ख़ुशबूदार फ़ूल हैं
١٢ (12)
(12)
और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।
५५:१३
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
١٣ (13)
(13)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:१४
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
مِن from min
from
صَلْصَـٰلٍۢ बजने वाली मिट्टी से ṣalṣālin
बजने वाली मिट्टी से
كَٱلْفَخَّارِ ठीकरी की तरह kal-fakhāri
ठीकरी की तरह
١٤ (14)
(14)
उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।
५५:१५
وَخَلَقَ और उसने पैदा किया wakhalaqa
और उसने पैदा किया
ٱلْجَآنَّ जिन्न को l-jāna
जिन्न को
مِن from min
from
مَّارِجٍۢ शोले से mārijin
शोले से
مِّن of min
of
نَّارٍۢ आग के nārin
आग के
١٥ (15)
(15)
तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।
५५:१६
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
١٦ (16)
(16)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:१७
رَبُّ रब है rabbu
रब है
ٱلْمَشْرِقَيْنِ दो मशरिक़ों का l-mashriqayni
दो मशरिक़ों का
وَرَبُّ और रब है warabbu
और रब है
ٱلْمَغْرِبَيْنِ दो मग़रिबों का l-maghribayni
दो मग़रिबों का
١٧ (17)
(17)
(वह) सूर्योदय1 के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।
५५:१८
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों का ālāi
नेअमतों का
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
١٨ (18)
(18)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:१९
مَرَجَ उसने छोड़ दिया maraja
उसने छोड़ दिया
ٱلْبَحْرَيْنِ दो समुन्दरों को l-baḥrayni
दो समुन्दरों को
يَلْتَقِيَانِ वो दोनों बाहम मिलते हैं yaltaqiyāni
वो दोनों बाहम मिलते हैं
١٩ (19)
(19)
उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।
५५:२०
بَيْنَهُمَا उन दोनों के दर्मियान baynahumā
उन दोनों के दर्मियान
بَرْزَخٌۭ एक पर्दा है barzakhun
एक पर्दा है
لَّا not
not
يَبْغِيَانِ नहीं वो दोनों तजावुज़ करते yabghiyāni
नहीं वो दोनों तजावुज़ करते
٢٠ (20)
(20)
उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।
५५:२१
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٢١ (21)
(21)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२२
يَخْرُجُ निकलते हैं yakhruju
निकलते हैं
مِنْهُمَا उन दोनों से min'humā
उन दोनों से
ٱللُّؤْلُؤُ मोती l-lu'lu-u
मोती
وَٱلْمَرْجَانُ और मूँगे wal-marjānu
और मूँगे
٢٢ (22)
(22)
उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।
५५:२३
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا उपने रब की rabbikumā
उपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٢٣ (23)
(23)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२४
وَلَهُ और उसी के लिए हैं walahu
और उसी के लिए हैं
ٱلْجَوَارِ जहाज़ l-jawāri
जहाज़
ٱلْمُنشَـَٔاتُ ऊँचे उठने वाले l-munshaātu
ऊँचे उठने वाले
فِى in
in
ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में
كَٱلْأَعْلَـٰمِ ऊँचे पहाड़ों की तरह kal-aʿlāmi
ऊँचे पहाड़ों की तरह
٢٤ (24)
(24)
तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।
५५:२५
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٢٥ (25)
(25)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२६
كُلُّ सब kullu
सब
مَنْ जो man
जो
عَلَيْهَا उस पर हैं ʿalayhā
उस पर हैं
فَانٍۢ फ़ना होनो वाले हैं fānin
फ़ना होनो वाले हैं
٢٦ (26)
(26)
हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।
५५:२७
وَيَبْقَىٰ और बाक़ी रहेगा wayabqā
और बाक़ी रहेगा
وَجْهُ चेहरा wajhu
चेहरा
رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का
ذُو (the) Owner dhū
(the) Owner
ٱلْجَلَـٰلِ बुज़ुर्गी वाला l-jalāli
बुज़ुर्गी वाला
وَٱلْإِكْرَامِ और इज़्ज़त वाला wal-ik'rāmi
और इज़्ज़त वाला
٢٧ (27)
(27)
तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।
५५:२८
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٢٨ (28)
(28)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:२९
يَسْـَٔلُهُۥ माँगता है उसी से yasaluhu
माँगता है उसी से
مَن जो भी man
जो भी
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमनों में l-samāwāti
आसमनों में
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है
كُلَّ हर kulla
हर
يَوْمٍ दिन yawmin
दिन
هُوَ वो huwa
वो
فِى (is) in
(is) in
شَأْنٍۢ एक नई शान में है shanin
एक नई शान में है
٢٩ (29)
(29)
उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।1
५५:३०
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٣٠ (30)
(30)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३१
سَنَفْرُغُ अनक़रीब हम फ़ारिग़ हो जाऐंगे sanafrughu
अनक़रीब हम फ़ारिग़ हो जाऐंगे
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
أَيُّهَ ayyuha
ٱلثَّقَلَانِ दो बोझो (जिन्न व इन्स) l-thaqalāni
दो बोझो (जिन्न व इन्स)
٣١ (31)
(31)
हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे1 ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)2
५५:३२
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٣٢ (32)
(32)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३३
يَـٰمَعْشَرَ ऐ गिरोह yāmaʿshara
ऐ गिरोह
ٱلْجِنِّ जिन्नों l-jini
जिन्नों
وَٱلْإِنسِ और इन्सानों के wal-insi
और इन्सानों के
إِنِ अगर ini
अगर
ٱسْتَطَعْتُمْ तुम इस्तिताअत रखते हो is'taṭaʿtum
तुम इस्तिताअत रखते हो
أَن कि an
कि
تَنفُذُوا۟ तुम निकल जाओ tanfudhū
तुम निकल जाओ
مِنْ [of] min
[of]
أَقْطَارِ किनारों से aqṭāri
किनारों से
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के
فَٱنفُذُوا۟ ۚ तो निकल जाओ fa-unfudhū
तो निकल जाओ
لَا Not
Not
تَنفُذُونَ नहीं तुम निकल सकते tanfudhūna
नहीं तुम निकल सकते
إِلَّا मगर illā
मगर
بِسُلْطَـٰنٍۢ साथ एक क़ुव्वत के bisul'ṭānin
साथ एक क़ुव्वत के
٣٣ (33)
(33)
ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।1
५५:३४
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٣٤ (34)
(34)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३५
يُرْسَلُ छोड़ दिया जाएगा yur'salu
छोड़ दिया जाएगा
عَلَيْكُمَا तुम दोनों पर ʿalaykumā
तुम दोनों पर
شُوَاظٌۭ एक शोला shuwāẓun
एक शोला
مِّن of min
of
نَّارٍۢ आग का nārin
आग का
وَنُحَاسٌۭ और धुवाँ wanuḥāsun
और धुवाँ
فَلَا तो ना falā
तो ना
تَنتَصِرَانِ तुम दोनों मुक़ाबला कर सकोगे tantaṣirāni
तुम दोनों मुक़ाबला कर सकोगे
٣٥ (35)
(35)
तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।
५५:३६
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٣٦ (36)
(36)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३७
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
ٱنشَقَّتِ फट जाएगा inshaqqati
फट जाएगा
ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान
فَكَانَتْ तो वो हो जाएगा fakānat
तो वो हो जाएगा
وَرْدَةًۭ सुर्ख़ wardatan
सुर्ख़
كَٱلدِّهَانِ मानिन्द सुर्ख़ चमड़े के kal-dihāni
मानिन्द सुर्ख़ चमड़े के
٣٧ (37)
(37)
फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।
५५:३८
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٣٨ (38)
(38)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:३९
فَيَوْمَئِذٍۢ तो उस दिन fayawma-idhin
तो उस दिन
لَّا not
not
يُسْـَٔلُ ना पूछा जाएगा yus'alu
ना पूछा जाएगा
عَن about ʿan
about
ذَنۢبِهِۦٓ अपने गुनाह के बारे में dhanbihi
अपने गुनाह के बारे में
إِنسٌۭ कोई इन्सान insun
कोई इन्सान
وَلَا और ना walā
और ना
جَآنٌّۭ कोई जिन्न jānnun
कोई जिन्न
٣٩ (39)
(39)
फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।
५५:४०
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٤٠ (40)
(40)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४१
يُعْرَفُ पहचाने जाऐंगे yuʿ'rafu
पहचाने जाऐंगे
ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम
بِسِيمَـٰهُمْ अपने चेहरों की अलामत से bisīmāhum
अपने चेहरों की अलामत से
فَيُؤْخَذُ तो वो पकड़े जाऐंगे fayu'khadhu
तो वो पकड़े जाऐंगे
بِٱلنَّوَٰصِى पेशानी के बालों से bil-nawāṣī
पेशानी के बालों से
وَٱلْأَقْدَامِ और क़दमों से wal-aqdāmi
और क़दमों से
٤١ (41)
(41)
अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।
५५:४२
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٤٢ (42)
(42)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४३
هَـٰذِهِۦ ये है hādhihi
ये है
جَهَنَّمُ जहन्नम jahannamu
जहन्नम
ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो
يُكَذِّبُ झुठलाते थे yukadhibu
झुठलाते थे
بِهَا उसे bihā
उसे
ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम
٤٣ (43)
(43)
यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।
५५:४४
يَطُوفُونَ वो गर्दिश करेंगे yaṭūfūna
वो गर्दिश करेंगे
بَيْنَهَا दर्मियान उसके baynahā
दर्मियान उसके
وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान
حَمِيمٍ सख़्त गर्म पानी ḥamīmin
सख़्त गर्म पानी
ءَانٍۢ खौलते हुए के ānin
खौलते हुए के
٤٤ (44)
(44)
वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।
५५:४५
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٤٥ (45)
(45)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४६
وَلِمَنْ और उसके लिए जो waliman
और उसके लिए जो
خَافَ डरे khāfa
डरे
مَقَامَ खड़ा होने से maqāma
खड़ा होने से
رَبِّهِۦ अपने रब के सामने rabbihi
अपने रब के सामने
جَنَّتَانِ दो बाग़ है jannatāni
दो बाग़ है
٤٦ (46)
(46)
और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।
५५:४७
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٤٧ (47)
(47)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:४८
ذَوَاتَآ Having dhawātā
Having
أَفْنَانٍۢ दोनों बहुत शाख़ों वाले हैं afnānin
दोनों बहुत शाख़ों वाले हैं
٤٨ (48)
(48)
दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।
५५:४९
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٤٩ (49)
(49)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५०
فِيهِمَا उन दोनों में fīhimā
उन दोनों में
عَيْنَانِ दो चश्मे हैं ʿaynāni
दो चश्मे हैं
تَجْرِيَانِ वो दोनों बहते होंगे tajriyāni
वो दोनों बहते होंगे
٥٠ (50)
(50)
उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।
५५:५१
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٥١ (51)
(51)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५२
فِيهِمَا उन दोनों में fīhimā
उन दोनों में
مِن [of] min
[of]
كُلِّ हर kulli
हर
فَـٰكِهَةٍۢ फल की fākihatin
फल की
زَوْجَانِ दो क़िस्में हैं zawjāni
दो क़िस्में हैं
٥٢ (52)
(52)
उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।
५५:५३
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٥٣ (53)
(53)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५४
مُتَّكِـِٔينَ तकिया लगाए हुए होंगे muttakiīna
तकिया लगाए हुए होंगे
عَلَىٰ on ʿalā
on
فُرُشٍۭ ऐसे बिस्तरों पर furushin
ऐसे बिस्तरों पर
بَطَآئِنُهَا अस्तर जिनके baṭāinuhā
अस्तर जिनके
مِنْ (are) of min
(are) of
إِسْتَبْرَقٍۢ ۚ मोटे रेशम के होंगे is'tabraqin
मोटे रेशम के होंगे
وَجَنَى और फल wajanā
और फल
ٱلْجَنَّتَيْنِ दोनों बाग़ों के l-janatayni
दोनों बाग़ों के
دَانٍۢ झुके हुए होंगे dānin
झुके हुए होंगे
٥٤ (54)
(54)
ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।
५५:५५
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٥٥ (55)
(55)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५६
فِيهِنَّ उनमें होंगी fīhinna
उनमें होंगी
قَـٰصِرَٰتُ झुकाने वालियाँ qāṣirātu
झुकाने वालियाँ
ٱلطَّرْفِ निगाहों को l-ṭarfi
निगाहों को
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَطْمِثْهُنَّ छुआ उन्हें yaṭmith'hunna
छुआ उन्हें
إِنسٌۭ किसी इन्सान ने insun
किसी इन्सान ने
قَبْلَهُمْ उन से पहले qablahum
उन से पहले
وَلَا और ना walā
और ना
جَآنٌّۭ किसी जिन्न ने jānnun
किसी जिन्न ने
٥٦ (56)
(56)
उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।
५५:५७
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٥٧ (57)
(57)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:५८
كَأَنَّهُنَّ गोया कि वो हैं ka-annahunna
गोया कि वो हैं
ٱلْيَاقُوتُ याक़ूत l-yāqūtu
याक़ूत
وَٱلْمَرْجَانُ और मरजान wal-marjānu
और मरजान
٥٨ (58)
(58)
मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।
५५:५९
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٥٩ (59)
(59)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६०
هَلْ नहीं hal
नहीं
جَزَآءُ बदला है jazāu
बदला है
ٱلْإِحْسَـٰنِ एहसान का l-iḥ'sāni
एहसान का
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْإِحْسَـٰنُ एहसान ही l-iḥ'sānu
एहसान ही
٦٠ (60)
(60)
एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?
५५:६१
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٦١ (61)
(61)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६२
وَمِن Besides these two wamin
Besides these two
دُونِهِمَا और उन दोनों के अलावा dūnihimā
और उन दोनों के अलावा
جَنَّتَانِ दो बाग़ हैं jannatāni
दो बाग़ हैं
٦٢ (62)
(62)
तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।
५५:६३
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٦٣ (63)
(63)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६४
مُدْهَآمَّتَانِ दोनों गहरे सब्ज़ हैं mud'hāmmatāni
दोनों गहरे सब्ज़ हैं
٦٤ (64)
(64)
दोनों गहरे हरे रंग के हैं।
५५:६५
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٦٥ (65)
(65)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६६
فِيهِمَا उन दोनों में fīhimā
उन दोनों में
عَيْنَانِ दो चश्मे हैं ʿaynāni
दो चश्मे हैं
نَضَّاخَتَانِ दोनों जोश मारने वाले naḍḍākhatāni
दोनों जोश मारने वाले
٦٦ (66)
(66)
उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।
५५:६७
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٦٧ (67)
(67)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:६८
فِيهِمَا उन दोनों में fīhimā
उन दोनों में
فَـٰكِهَةٌۭ फल हैं fākihatun
फल हैं
وَنَخْلٌۭ और खजूर के दरख़्त wanakhlun
और खजूर के दरख़्त
وَرُمَّانٌۭ और अनार हैं warummānun
और अनार हैं
٦٨ (68)
(68)
उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।
५५:६९
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٦٩ (69)
(69)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७०
فِيهِنَّ उन में fīhinna
उन में
خَيْرَٰتٌ नेक औरतें हैं khayrātun
नेक औरतें हैं
حِسَانٌۭ ख़ूबसूरत ḥisānun
ख़ूबसूरत
٧٠ (70)
(70)
उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।
५५:७१
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٧١ (71)
(71)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७२
حُورٌۭ हूरें ḥūrun
हूरें
مَّقْصُورَٰتٌۭ ठहराई हुईं maqṣūrātun
ठहराई हुईं
فِى in
in
ٱلْخِيَامِ ख़ेमों में l-khiyāmi
ख़ेमों में
٧٢ (72)
(72)
हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।
५५:७३
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٧٣ (73)
(73)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७४
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَطْمِثْهُنَّ छुआ उन्हें yaṭmith'hunna
छुआ उन्हें
إِنسٌۭ किसी इन्सान ने insun
किसी इन्सान ने
قَبْلَهُمْ उनसे पहले qablahum
उनसे पहले
وَلَا और ना walā
और ना
جَآنٌّۭ किसी जिन्न ने jānnun
किसी जिन्न ने
٧٤ (74)
(74)
उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।1
५५:७५
فَبِأَىِّ तो कौन सा fabi-ayyi
तो कौन सा
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٧٥ (75)
(75)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७६
مُتَّكِـِٔينَ तकिया लगाए हुए होंगे muttakiīna
तकिया लगाए हुए होंगे
عَلَىٰ on ʿalā
on
رَفْرَفٍ क़ालीनों पर rafrafin
क़ालीनों पर
خُضْرٍۢ सब्ज़ khuḍ'rin
सब्ज़
وَعَبْقَرِىٍّ और नादिर waʿabqariyyin
और नादिर
حِسَانٍۢ ख़ूबसूरत ḥisānin
ख़ूबसूरत
٧٦ (76)
(76)
वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।
५५:७७
فَبِأَىِّ तो कौन सी fabi-ayyi
तो कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों को ālāi
नेअमतों को
رَبِّكُمَا अपने रब की rabbikumā
अपने रब की
تُكَذِّبَانِ तुम दोनों झुठलाओगे tukadhibāni
तुम दोनों झुठलाओगे
٧٧ (77)
(77)
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
५५:७८
تَبَـٰرَكَ बहुत बाबरकत है tabāraka
बहुत बाबरकत है
ٱسْمُ नाम us'mu
नाम
رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का
ذِى Owner dhī
Owner
ٱلْجَلَـٰلِ जो बुज़ुर्गी वाला है l-jalāli
जो बुज़ुर्गी वाला है
وَٱلْإِكْرَامِ और इज़्ज़त वाला है wal-ik'rāmi
और इज़्ज़त वाला है
٧٨ (78)
(78)
बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।