६४
अत-तग़ाबुन
التغابن
सूरह अत-तग़ाबुन (التغابن) पवित्र क़ुरआन का ६४ वाँ अध्याय है — यह एक मदनी सूरह है जिसमें १८ आयतें हैं। मदनी सूरहें प्रवास के बाद उतरीं और प्रायः इबादत, क़ानून और मुस्लिम समाज के जीवन से संबंधित हैं।
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बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
६४:१
يُسَبِّحُतस्बीह करती हैyusabbiḥuلِلَّهِअल्लाह के लिएlillahiمَاहर वो चीज़ जोmāفِى(is) infīٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों में हैl-samāwātiوَمَاऔर जोwamāفِى(is) infīٱلْأَرْضِ ۖज़मीन में हैl-arḍiلَهُउसी के लिए हैlahuٱلْمُلْكُबादशाहतl-mul'kuوَلَهُऔर उसी के लिए हैwalahuٱلْحَمْدُ ۖसब तारीफ़l-ḥamduوَهُوَऔर वोwahuwaعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinقَدِيرٌख़ूब क़ुदरत रखन वाला हैqadīrun١
अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करती है प्रत्येक चीज़, जो आकाशों में है तथा जो धरती में है। उसी का राज्य है और उसी की सब प्रशंसा है तथा वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
६४:२
هُوَवो ही हैhuwaٱلَّذِىजिसनेalladhīخَلَقَكُمْपैदा किया तुम्हेंkhalaqakumفَمِنكُمْतो तुम में सेfaminkumكَافِرٌۭकोई काफ़िर हैkāfirunوَمِنكُمऔर तुम में सेwaminkumمُّؤْمِنٌۭ ۚकोई मोमिन हैmu'minunوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبِمَاउसे जोbimāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūnaبَصِيرٌख़ूब देखने वाला हैbaṣīrun٢
वही है जिसने तुम्हें पैदा किया। फिर तुममें से कोई काफ़िर है और तुममें से कोई ईमान वाला है। तथा तुम जो कुछ भी करते हो, अल्लाह उसे खूब देखने वाला है।1
६४:३
خَلَقَउसने पैदा कियाkhalaqaٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضَऔर ज़मीन कोwal-arḍaبِٱلْحَقِّसाथ हक़ केbil-ḥaqiوَصَوَّرَكُمْऔर उसने सूरत बनाई तुम्हारीwaṣawwarakumفَأَحْسَنَतो उसने अच्छी बनाईंfa-aḥsanaصُوَرَكُمْ ۖसूरतें तुम्हारीṣuwarakumوَإِلَيْهِऔर तरफ़ उसी केwa-ilayhiٱلْمَصِيرُलौटना हैl-maṣīru٣
उसने आकाशों तथा धरती को सत्य के साथ पैदा किया। तथा उसने तुम्हारे रूप बनाए, तो तुम्हारे रूप अच्छे बनाए। और उसी की ओर लौटकर जाना है।1
६४:४
يَعْلَمُवो जानता हैyaʿlamuمَاजो कुछmāفِى(is) infīٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों में हैl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन मेंwal-arḍiوَيَعْلَمُऔर वो जानता हैwayaʿlamuمَاजो कुछmāتُسِرُّونَतुम छुपाते होtusirrūnaوَمَاऔर जो कुछwamāتُعْلِنُونَ ۚतुम ज़ाहिर करते होtuʿ'linūnaوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلِيمٌۢख़ूब जानने वाला हैʿalīmunبِذَاتِof whatbidhātiٱلصُّدُورِसीनों वाले (भेद)l-ṣudūri٤
वह जानता है जो कुछ आकाशों और धरती में है। तथा वह जानता है जो कुछ तुम छिपाते हो और जो कुछ तुम प्रकट करते हो। और अल्लाह दिलों के भेद को भली-भाँति जानने वाला है।
६४:५
أَلَمْक्या नहींalamيَأْتِكُمْआई तुम्हारे पासyatikumنَبَؤُا۟ख़बरnaba-uٱلَّذِينَउनकी जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūمِنfromminقَبْلُइससे पहलेqabluفَذَاقُوا۟फिर उन्होंने चखाfadhāqūوَبَالَवबालwabālaأَمْرِهِمْअपने काम काamrihimوَلَهُمْऔर उनके लिए हैwalahumعَذَابٌअज़ाबʿadhābunأَلِيمٌۭदर्दनाकalīmun٥
क्या तुम्हारे पास उन लोगों की खबर नहीं आई, जिन्होंने इससे पहले कुफ़्र किया। फिर उन्होंने अपने कर्म का दुष्परिणाम चखा? और उनके लिए दुःखदायी यातना है।1
६४:६
ذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُۥबवजह उसके कि वोbi-annahuكَانَتथेkānatتَّأْتِيهِمْआते उनके पासtatīhimرُسُلُهُمरसूल उनकेrusuluhumبِٱلْبَيِّنَـٰتِसाथ वाज़ेह आयात केbil-bayinātiفَقَالُوٓا۟तो वो कहतेfaqālūأَبَشَرٌۭक्या इन्सानabasharunيَهْدُونَنَاरहनुमाई करेंगे हमारीyahdūnanāفَكَفَرُوا۟तो उन्होंने कुफ़्र कियाfakafarūوَتَوَلَّوا۟ ۚऔर वो मुँह मोड़ गएwatawallawوَّٱسْتَغْنَىऔर परवाह ना कीwa-is'taghnāٱللَّهُ ۚअल्लाह नेl-lahuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuغَنِىٌّबहुत बेनियाज़ हैghaniyyunحَمِيدٌۭख़ूब तारीफ़ वाला हैḥamīdun٦
यह इस कारण कि उनके पास उनके रसूल खुली निशानियाँ लेकर आते थे। तो उन्होंने कहा : क्या मनुष्य हमें मार्गदर्शन1 करेंगे? चुनाँचे उन्होंने इनकार किया और मुँह फेर लिया। और अल्लाह ने परवाह न की तथा अल्लाह बेनियाज़, सर्व प्रशंसित है।
६४:७
زَعَمَदावा कियाzaʿamaٱلَّذِينَउन लोगों ने जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوٓا۟कुफ़्र कियाkafarūأَنकिanلَّنहरगिज़ नहींlanيُبْعَثُوا۟ ۚवो उठाए जाऐंगेyub'ʿathūقُلْकह दीजिएqulبَلَىٰक्यों नहींbalāوَرَبِّىक़सम है मेरे रब कीwarabbīلَتُبْعَثُنَّअलबत्ता तुम ज़रूर उठाए जाओगेlatub'ʿathunnaثُمَّफिरthummaلَتُنَبَّؤُنَّअलबत्ता तुम ज़रूर ख़बर दिए जाओगेlatunabba-unnaبِمَاउसकी जोbimāعَمِلْتُمْ ۚअमल किए तुमनेʿamil'tumوَذَٰلِكَऔर येwadhālikaعَلَىforʿalāٱللَّهِअल्लाह परl-lahiيَسِيرٌۭबहुत आसान हैyasīrun٧
काफ़िरों ने समझ रखा है कि वे कदापि पुनर्जीवित नहीं किए जाएँगे। आप कह दें : क्यों नहीं? मेरे पालनहार की क़सम! निश्चय तुम अवश्य पुनर्जीवित किए जाओगे। फिर निश्चय तुम्हें अवश्य बताया जाएगा कि तुमने (संसार में) क्या किया है तथा यह अल्लाह के लिए अति सरल है।
६४:८
فَـَٔامِنُوا۟पस ईमान लाओfaāminūبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَرَسُولِهِۦऔर उसके रसूल परwarasūlihiوَٱلنُّورِऔर उस नूर परwal-nūriٱلَّذِىٓवो जोalladhīأَنزَلْنَا ۚनाज़िल किया हमनेanzalnāوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبِمَاउसकी जोbimāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūnaخَبِيرٌۭख़ूब ख़बर रखने वाला हैkhabīrun٨
अतः तुम ईमान लाओ अल्लाह तथा उसके रसूल1 पर एवं उस नूर (प्रकाश)2 पर, जिसे हमने उतारा है। तथा अल्लाह, जो तुम करते हो, उससे भली-भाँति अवगत है।
६४:९
يَوْمَजिस दिनyawmaيَجْمَعُكُمْवो जमा करेगा तुम्हेंyajmaʿukumلِيَوْمِfor (the) Dayliyawmiٱلْجَمْعِ ۖजमा होने के दिन के लिएl-jamʿiذَٰلِكَयेdhālikaيَوْمُदिन होगाyawmuٱلتَّغَابُنِ ۗहार जीत काl-taghābuniوَمَنऔर जो कोईwamanيُؤْمِنۢईमान लाएगाyu'minبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَيَعْمَلْऔर वो अमल करेगाwayaʿmalصَـٰلِحًۭاनेकṣāliḥanيُكَفِّرْवो दूर कर देगाyukaffirعَنْهُउससेʿanhuسَيِّـَٔاتِهِۦबुराइयाँ उसकीsayyiātihiوَيُدْخِلْهُऔर वो दाख़िल करेगा उसेwayud'khil'huجَنَّـٰتٍۢबाग़ात मेंjannātinتَجْرِىबहती हैंtajrīمِنfromminتَحْتِهَاउनके नीचे सेtaḥtihāٱلْأَنْهَـٰرُनहरेंl-anhāruخَـٰلِدِينَहमेशा रहने वाले हैंkhālidīnaفِيهَآउनमेंfīhāأَبَدًۭا ۚहमेशा-हमेशाabadanذَٰلِكَयहीdhālikaٱلْفَوْزُकामयाबी हैl-fawzuٱلْعَظِيمُबहुत बड़ीl-ʿaẓīmu٩
जिस दिन वह तुम्हें, एकत्र होने के दिन एकत्रित करेगा, वही दिन है हार जीत का। और जो अल्लाह पर ईमान लाए और सत्कर्म करे, अल्लाह उसकी बुराइयों को उससे दूर कर देगा और उसे ऐसी जन्नतों में दाख़िल करेगा, जिनके नीचे से नहरें बहतीं होंगी। वे वहाँ हमेशा रहेंगे। यही बड़ी सफलता है।
६४:१०
وَٱلَّذِينَऔर वो जिन्होंनेwa-alladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūوَكَذَّبُوا۟और झुठलायाwakadhabūبِـَٔايَـٰتِنَآहमारी आयात कोbiāyātināأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaأَصْحَـٰبُसाथीaṣḥābuٱلنَّارِआग केl-nāriخَـٰلِدِينَहमेशा रहने वाले हैंkhālidīnaفِيهَا ۖउसमेंfīhāوَبِئْسَऔर कितनी बुरी हैwabi'saٱلْمَصِيرُलौटने की जगहl-maṣīru١٠
और जिन लोगों ने कुफ़्र किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वही जहन्नम वाले हैं, जो उसमें हमेशा रहने वाले हैं। तथा वह बुरा ठिकाना है।
६४:११
مَآनहींmāأَصَابَपहुँचतीaṣābaمِنanyminمُّصِيبَةٍकोई मुसीबतmuṣībatinإِلَّاमगरillāبِإِذْنِby (the) permissionbi-idh'niٱللَّهِ ۗअल्लाह के इज़्न सेl-lahiوَمَنऔर जो कोईwamanيُؤْمِنۢईमान लाता हैyu'minبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiيَهْدِवो हिदायत देता हैyahdiقَلْبَهُۥ ۚउसके दिल कोqalbahuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبِكُلِّहरbikulliشَىْءٍचीज़ कshayinعَلِيمٌۭख़ूब जानने वाला हैʿalīmun١١
कोई भी विपत्ति नहीं पहुँची परंतु अल्लाह की अनुमति से। तथा जो अल्लाह पर ईमान1 लाए, वह उसके दिल को मार्गदर्शन प्रदान करता2 है। तथा अल्लाह प्रत्येक वस्तु को भली-भाँति जानने वाला है।
६४:१२
وَأَطِيعُوا۟और इताअत करोwa-aṭīʿūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَأَطِيعُوا۟और इताअत करोwa-aṭīʿūٱلرَّسُولَ ۚरसूल कीl-rasūlaفَإِنफिर अगरfa-inتَوَلَّيْتُمْमुँह मोड़ते हो तुमtawallaytumفَإِنَّمَاतो बेशकfa-innamāعَلَىٰuponʿalāرَسُولِنَاऊपर हमारे रसूल केrasūlināٱلْبَلَـٰغُपहुँचा देना हैl-balāghuٱلْمُبِينُखुल्लम-खुल्लाl-mubīnu١٢
तथा अल्लाह का आज्ञापालन करो और रसूल का आज्ञापालन करो। फिर यदि तुम विमुख हुए, तो हमारे रसूल का दायित्व केवल स्पष्ट रूप से पहुँचा देना है।
६४:१३
ٱللَّهُअल्लाहal-lahuلَآनहींlāإِلَـٰهَकोई इलाह(बरहक़ )ilāhaإِلَّاमगरillāهُوَ ۚवो हीhuwaوَعَلَىAnd uponwaʿalāٱللَّهِऔर अल्लाह ही परl-lahiفَلْيَتَوَكَّلِपस चाहिए कि तवक्कुल करेंfalyatawakkaliٱلْمُؤْمِنُونَमोमिनl-mu'minūna١٣
अल्लाह वह है, जिसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं है। अतः, ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
६४:१४
يَـٰٓأَيُّهَاOyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوٓا۟ईमान लाए होāmanūإِنَّबेशकinnaمِنْfromminأَزْوَٰجِكُمْतुम्हारी बीवियों में सेazwājikumوَأَوْلَـٰدِكُمْऔर तुम्हारी औलाद में सेwa-awlādikumعَدُوًّۭاदुश्मन हैंʿaduwwanلَّكُمْतुम्हारेlakumفَٱحْذَرُوهُمْ ۚपस मोहतात रहो उनसेfa-iḥ'dharūhumوَإِنऔर अगरwa-inتَعْفُوا۟तुम माफ़ कर दोtaʿfūوَتَصْفَحُوا۟और तुम दरगुज़र करोwataṣfaḥūوَتَغْفِرُوا۟और तुम बख़्श दोwataghfirūفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaغَفُورٌۭबहुत बख़्शने वाला हैghafūrunرَّحِيمٌनिहायत रहम करने वाला हैraḥīmun١٤
ऐ ईमान वालो! निःसंदेह तुम्हारी पत्नियों और तुम्हारी संतान में से कुछ तुम्हारे शत्रु1 हैं। अतः उनसे सावधान रहो। और यदि तुम माफ़ करो तथा दरगुज़र करो और क्षमा कर दो, तो निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
६४:१५
إِنَّمَآबेशकinnamāأَمْوَٰلُكُمْमाल तुम्हारेamwālukumوَأَوْلَـٰدُكُمْऔर औलाद तुम्हारीwa-awlādukumفِتْنَةٌۭ ۚआज़माइश हैंfit'natunوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعِندَهُۥٓउसी के पासʿindahuأَجْرٌअजर हैajrunعَظِيمٌۭबहुत बड़ाʿaẓīmun١٥
निःसंदेह तुम्हारे धन और तुम्हारी संतान एक परीक्षा हैं तथा अल्लाह ही के पास बड़ा प्रतिफल1 है।
६४:१६
فَٱتَّقُوا۟पस डरोfa-ittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaمَاजितनीmāٱسْتَطَعْتُمْइस्तिताअत रखते हो तुमis'taṭaʿtumوَٱسْمَعُوا۟और सुनोwa-is'maʿūوَأَطِيعُوا۟और इताअत करोwa-aṭīʿūوَأَنفِقُوا۟और ख़र्च करोwa-anfiqūخَيْرًۭاबेहतर हैkhayranلِّأَنفُسِكُمْ ۗतुम्हारे नफ़्सों के लिएli-anfusikumوَمَنऔर जो कोईwamanيُوقَबचा लिया गयाyūqaشُحَّबख़ीली सेshuḥḥaنَفْسِهِۦअपने नफ़्स कीnafsihiفَأُو۟لَـٰٓئِكَतो यही लोग हैंfa-ulāikaهُمُवोhumuٱلْمُفْلِحُونَजो फ़लाह पाने वाले हैंl-muf'liḥūna١٦
अतः अल्लाह से डरते रहो, जितना तुमसे हो सके, तथा सुनो और आज्ञापालन करो और खर्च करो। यह तुम्हारे लिए उत्तम है। तथा जो अपने मन की कंजूसी (लालच) से बचा लिया जाए, तो वही लोग सफल होने वाले हैं।
६४:१७
إِنअगरinتُقْرِضُوا۟तुम क़र्ज़ दोगेtuq'riḍūٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaقَرْضًاक़र्ज़qarḍanحَسَنًۭاअच्छाḥasananيُضَـٰعِفْهُवो कई गुना कर देगा उसेyuḍāʿif'huلَكُمْतुम्हारे लिएlakumوَيَغْفِرْऔर वो बख़्श देगाwayaghfirلَكُمْ ۚतुम्हेंlakumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuشَكُورٌबहुत क़द्रदान हैshakūrunحَلِيمٌनिहायत बुर्दबार हैḥalīmun١٧
यदि तुम अल्लाह को उत्तम ऋण1 दोगो, तो वह उसे तुम्हारे लिए कई गुना कर देगा और तुम्हें क्षमा कर देगा और अल्लाह बड़ा गुणग्राही, अपार सहनशील है।
६४:१८
عَـٰلِمُजानने वाला हैʿālimuٱلْغَيْبِग़ैबl-ghaybiوَٱلشَّهَـٰدَةِऔर हाज़िर कोwal-shahādatiٱلْعَزِيزُबहुत ज़बरदस्त हैl-ʿazīzuٱلْحَكِيمُख़ूब हिकमत वाला हैl-ḥakīmu١٨
वह हर परोक्ष और प्रत्यक्ष को जानने वाला, सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
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