६६
अत-तहरीम
التحريم
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
६६:१
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी لِمَ क्यों lima
क्यों تُحَرِّمُ आप हराम करते हैं tuḥarrimu
आप हराम करते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो أَحَلَّ हलाल किया aḥalla
हलाल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكَ ۖ आपके लिए laka
आपके लिए تَبْتَغِى आप चाहते हैं tabtaghī
आप चाहते हैं مَرْضَاتَ रज़ामन्दी marḍāta
रज़ामन्दी أَزْوَٰجِكَ ۚ अपनी बीवियों की azwājika
अपनी बीवियों की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١ (1)
(1)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी لِمَ क्यों lima
क्यों تُحَرِّمُ आप हराम करते हैं tuḥarrimu
आप हराम करते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो أَحَلَّ हलाल किया aḥalla
हलाल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكَ ۖ आपके लिए laka
आपके लिए تَبْتَغِى आप चाहते हैं tabtaghī
आप चाहते हैं مَرْضَاتَ रज़ामन्दी marḍāta
रज़ामन्दी أَزْوَٰجِكَ ۚ अपनी बीवियों की azwājika
अपनी बीवियों की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١ (1)
(1)
ऐ नबी! आप उस चीज़ को क्यों हराम करते हैं, जिसे अल्लाह ने आपके लिए हलाल किया है? आप अपनी पत्नियों की प्रसन्नता1 चाहते हैं? तथा अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
६६:२
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ فَرَضَ मुक़र्रर कर दिया है faraḍa
मुक़र्रर कर दिया है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए تَحِلَّةَ खोलना (कफ़्फ़ारा) taḥillata
खोलना (कफ़्फ़ारा) أَيْمَـٰنِكُمْ ۚ तुम्हारी क़समों का aymānikum
तुम्हारी क़समों का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مَوْلَىٰكُمْ ۖ मौला है तुम्हारा mawlākum
मौला है तुम्हारा وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाला l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाला ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला ٢ (2)
(2)
तहक़ीक़ فَرَضَ मुक़र्रर कर दिया है faraḍa
मुक़र्रर कर दिया है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए تَحِلَّةَ खोलना (कफ़्फ़ारा) taḥillata
खोलना (कफ़्फ़ारा) أَيْمَـٰنِكُمْ ۚ तुम्हारी क़समों का aymānikum
तुम्हारी क़समों का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مَوْلَىٰكُمْ ۖ मौला है तुम्हारा mawlākum
मौला है तुम्हारा وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाला l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाला ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला ٢ (2)
(2)
निश्चय अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारी क़समों का कफ़्फ़ारा1 निर्धारित कर दिया है। तथा अल्लाह तुम्हारा स्वामी है और वही सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
६६:३
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَسَرَّ छुपा कर की asarra
छुपा कर की ٱلنَّبِىُّ नबी ने l-nabiyu
नबी ने إِلَىٰ to ilā
to بَعْضِ तरफ़ बाज़ baʿḍi
तरफ़ बाज़ أَزْوَٰجِهِۦ अपनी बीवियों के azwājihi
अपनी बीवियों के حَدِيثًۭا एक बात ḥadīthan
एक बात فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَبَّأَتْ उसने ख़बर दे दी nabba-at
उसने ख़बर दे दी بِهِۦ उसकी bihi
उसकी وَأَظْهَرَهُ और ज़ाहिर कर दिया उसे wa-aẓharahu
और ज़ाहिर कर दिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर عَرَّفَ उसने बता दिया ʿarrafa
उसने बता दिया بَعْضَهُۥ बाज़ हिस्सा उसका baʿḍahu
बाज़ हिस्सा उसका وَأَعْرَضَ और उसने ऐराज़ किया wa-aʿraḍa
और उसने ऐराज़ किया عَنۢ [of] ʿan
[of] بَعْضٍۢ ۖ बाज़ से baʿḍin
बाज़ से فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَبَّأَهَا उसने ख़बर दी उसे nabba-ahā
उसने ख़बर दी उसे بِهِۦ उस (बात) की bihi
उस (बात) की قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी مَنْ किस ने man
किस ने أَنۢبَأَكَ ख़बर दी आपको anba-aka
ख़बर दी आपको هَـٰذَا ۖ इसकी hādhā
इसकी قَالَ कहा qāla
कहा نَبَّأَنِىَ ख़बर दी मुझे nabba-aniya
ख़बर दी मुझे ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाले ने l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाले ने ٱلْخَبِيرُ बहुत बाख़बर ने l-khabīru
बहुत बाख़बर ने ٣ (3)
(3)
और जब أَسَرَّ छुपा कर की asarra
छुपा कर की ٱلنَّبِىُّ नबी ने l-nabiyu
नबी ने إِلَىٰ to ilā
to بَعْضِ तरफ़ बाज़ baʿḍi
तरफ़ बाज़ أَزْوَٰجِهِۦ अपनी बीवियों के azwājihi
अपनी बीवियों के حَدِيثًۭا एक बात ḥadīthan
एक बात فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَبَّأَتْ उसने ख़बर दे दी nabba-at
उसने ख़बर दे दी بِهِۦ उसकी bihi
उसकी وَأَظْهَرَهُ और ज़ाहिर कर दिया उसे wa-aẓharahu
और ज़ाहिर कर दिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर عَرَّفَ उसने बता दिया ʿarrafa
उसने बता दिया بَعْضَهُۥ बाज़ हिस्सा उसका baʿḍahu
बाज़ हिस्सा उसका وَأَعْرَضَ और उसने ऐराज़ किया wa-aʿraḍa
और उसने ऐराज़ किया عَنۢ [of] ʿan
[of] بَعْضٍۢ ۖ बाज़ से baʿḍin
बाज़ से فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَبَّأَهَا उसने ख़बर दी उसे nabba-ahā
उसने ख़बर दी उसे بِهِۦ उस (बात) की bihi
उस (बात) की قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी مَنْ किस ने man
किस ने أَنۢبَأَكَ ख़बर दी आपको anba-aka
ख़बर दी आपको هَـٰذَا ۖ इसकी hādhā
इसकी قَالَ कहा qāla
कहा نَبَّأَنِىَ ख़बर दी मुझे nabba-aniya
ख़बर दी मुझे ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाले ने l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाले ने ٱلْخَبِيرُ बहुत बाख़बर ने l-khabīru
बहुत बाख़बर ने ٣ (3)
(3)
और उस समय को याद करो, जब नबी ने अपनी किसी पत्नी से गोपनीय रूप से एक बात1 कही। फिर जब उस (पत्नी) ने वह बात बता दी और अल्लाह ने नबी को उससे अवगत कर दिया, तो नबी ने (उस पत्नी को) उसमें से कुछ बात बताई और कुछ टाल गए। फिर जब नबी ने उस पत्नी को इसके बारे में बताया, तो उसने कहा : यह आपको किसने बताया? आपने कहा : मूझे उस (अल्लाह) ने बताया, जो सब कुछ जानने वाला, सब की खबर रखने वाला है।
६६:४
إِن
अगर
in
अगर تَتُوبَآ तुम दोनों तौबा करो tatūbā
तुम दोनों तौबा करो إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ صَغَتْ झुक पड़े हैं ṣaghat
झुक पड़े हैं قُلُوبُكُمَا ۖ दिल तुम दोनों के qulūbukumā
दिल तुम दोनों के وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَظَـٰهَرَا तुम एक दूसरे की मदद करोगी taẓāharā
तुम एक दूसरे की मदद करोगी عَلَيْهِ उसके ख़िलाफ़ ʿalayhi
उसके ख़िलाफ़ فَإِنَّ पस बेशक fa-inna
पस बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो huwa
वो مَوْلَىٰهُ मौला है उसका mawlāhu
मौला है उसका وَجِبْرِيلُ और जिबराईल wajib'rīlu
और जिबराईल وَصَـٰلِحُ और नेक waṣāliḥu
और नेक ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनीन l-mu'minīna
मोमिनीन وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके ظَهِيرٌ मददगार हैं ẓahīrun
मददगार हैं ٤ (4)
(4)
अगर تَتُوبَآ तुम दोनों तौबा करो tatūbā
तुम दोनों तौबा करो إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ صَغَتْ झुक पड़े हैं ṣaghat
झुक पड़े हैं قُلُوبُكُمَا ۖ दिल तुम दोनों के qulūbukumā
दिल तुम दोनों के وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَظَـٰهَرَا तुम एक दूसरे की मदद करोगी taẓāharā
तुम एक दूसरे की मदद करोगी عَلَيْهِ उसके ख़िलाफ़ ʿalayhi
उसके ख़िलाफ़ فَإِنَّ पस बेशक fa-inna
पस बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो huwa
वो مَوْلَىٰهُ मौला है उसका mawlāhu
मौला है उसका وَجِبْرِيلُ और जिबराईल wajib'rīlu
और जिबराईल وَصَـٰلِحُ और नेक waṣāliḥu
और नेक ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनीन l-mu'minīna
मोमिनीन وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके ظَهِيرٌ मददगार हैं ẓahīrun
मददगार हैं ٤ (4)
(4)
यदि तुम दोनों1 अल्लाह के समक्ष तौबा करो, क्योंकि निश्चय तुम दोनों के दिल झुक गए हैं। और यदि तुम उनके विरुद्ध एक-दूसरे की सहायता करोगी, तो निःसंदेह अल्लाह उनका सहायक है तथा जिब्रील और सदाचारी ईमान वाले और इसके बाद समस्त फ़रिश्ते (उनके) सहायक हैं।
६६:५
عَسَىٰ
उम्मीद है
ʿasā
उम्मीद है رَبُّهُۥٓ रब उसका rabbuhu
रब उसका إِن अगर in
अगर طَلَّقَكُنَّ वो तलाक़ दे दे तुम्हें ṭallaqakunna
वो तलाक़ दे दे तुम्हें أَن कि an
कि يُبْدِلَهُۥٓ वो बदल कर दे दे उसे yub'dilahu
वो बदल कर दे दे उसे أَزْوَٰجًا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّنكُنَّ तुम से minkunna
तुम से مُسْلِمَـٰتٍۢ मुसलमान mus'limātin
मुसलमान مُّؤْمِنَـٰتٍۢ मोमिन mu'minātin
मोमिन قَـٰنِتَـٰتٍۢ इताअत गुज़ार qānitātin
इताअत गुज़ार تَـٰٓئِبَـٰتٍ तौबा गुज़ार tāibātin
तौबा गुज़ार عَـٰبِدَٰتٍۢ इबादत गुज़ार ʿābidātin
इबादत गुज़ार سَـٰٓئِحَـٰتٍۢ रोज़ा दार sāiḥātin
रोज़ा दार ثَيِّبَـٰتٍۢ शौहर दीदा thayyibātin
शौहर दीदा وَأَبْكَارًۭا और कुवारियाँ wa-abkāran
और कुवारियाँ ٥ (5)
(5)
उम्मीद है رَبُّهُۥٓ रब उसका rabbuhu
रब उसका إِن अगर in
अगर طَلَّقَكُنَّ वो तलाक़ दे दे तुम्हें ṭallaqakunna
वो तलाक़ दे दे तुम्हें أَن कि an
कि يُبْدِلَهُۥٓ वो बदल कर दे दे उसे yub'dilahu
वो बदल कर दे दे उसे أَزْوَٰجًا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّنكُنَّ तुम से minkunna
तुम से مُسْلِمَـٰتٍۢ मुसलमान mus'limātin
मुसलमान مُّؤْمِنَـٰتٍۢ मोमिन mu'minātin
मोमिन قَـٰنِتَـٰتٍۢ इताअत गुज़ार qānitātin
इताअत गुज़ार تَـٰٓئِبَـٰتٍ तौबा गुज़ार tāibātin
तौबा गुज़ार عَـٰبِدَٰتٍۢ इबादत गुज़ार ʿābidātin
इबादत गुज़ार سَـٰٓئِحَـٰتٍۢ रोज़ा दार sāiḥātin
रोज़ा दार ثَيِّبَـٰتٍۢ शौहर दीदा thayyibātin
शौहर दीदा وَأَبْكَارًۭا और कुवारियाँ wa-abkāran
और कुवारियाँ ٥ (5)
(5)
यदि वह (नबी) तुम्हें तलाक़ दे दें, तो निकट है कि उनका पालनहार तुम्हारे बदले में उन्हें तुमसे बेहतर पत्नियाँ प्रदान कर दे, जो इस्लाम वालियाँ, ईमान वालियाँ, आज्ञापालन करने वालियाँ, तौबा करने वालियाँ, इबादत करने वालियाँ, रोज़ा रखने वालियाँ, पहले से शादीशुदा तथा कुँवारियाँ हों।
६६:६
يَـٰٓأَيُّهَا
O
yāayyuhā
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो قُوٓا۟ बचाओ qū
बचाओ أَنفُسَكُمْ अपने आपको anfusakum
अपने आपको وَأَهْلِيكُمْ और अपने घर वालों को wa-ahlīkum
और अपने घर वालों को نَارًۭا ऐसी आग से nāran
ऐसी आग से وَقُودُهَا ईंधन होगा उसका waqūduhā
ईंधन होगा उसका ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग وَٱلْحِجَارَةُ और पत्थर wal-ḥijāratu
और पत्थर عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर مَلَـٰٓئِكَةٌ फ़रिश्ते हैं malāikatun
फ़रिश्ते हैं غِلَاظٌۭ सख़्त ghilāẓun
सख़्त شِدَادٌۭ ज़बरदस्त shidādun
ज़बरदस्त لَّا not lā
not يَعْصُونَ नहीं वो नाफ़रमानी करते yaʿṣūna
नहीं वो नाफ़रमानी करते ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَآ उसमें जिसका mā
उसमें जिसका أَمَرَهُمْ उसने हुक्म दिया उन्हें amarahum
उसने हुक्म दिया उन्हें وَيَفْعَلُونَ और वो करते हैं wayafʿalūna
और वो करते हैं مَا जिसका mā
जिसका يُؤْمَرُونَ वो हुक्म दिए जाते हैं yu'marūna
वो हुक्म दिए जाते हैं ٦ (6)
(6)
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो قُوٓا۟ बचाओ qū
बचाओ أَنفُسَكُمْ अपने आपको anfusakum
अपने आपको وَأَهْلِيكُمْ और अपने घर वालों को wa-ahlīkum
और अपने घर वालों को نَارًۭا ऐसी आग से nāran
ऐसी आग से وَقُودُهَا ईंधन होगा उसका waqūduhā
ईंधन होगा उसका ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग وَٱلْحِجَارَةُ और पत्थर wal-ḥijāratu
और पत्थर عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर مَلَـٰٓئِكَةٌ फ़रिश्ते हैं malāikatun
फ़रिश्ते हैं غِلَاظٌۭ सख़्त ghilāẓun
सख़्त شِدَادٌۭ ज़बरदस्त shidādun
ज़बरदस्त لَّا not lā
not يَعْصُونَ नहीं वो नाफ़रमानी करते yaʿṣūna
नहीं वो नाफ़रमानी करते ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَآ उसमें जिसका mā
उसमें जिसका أَمَرَهُمْ उसने हुक्म दिया उन्हें amarahum
उसने हुक्म दिया उन्हें وَيَفْعَلُونَ और वो करते हैं wayafʿalūna
और वो करते हैं مَا जिसका mā
जिसका يُؤْمَرُونَ वो हुक्म दिए जाते हैं yu'marūna
वो हुक्म दिए जाते हैं ٦ (6)
(6)
ऐ ईमान वालो! अपने आपको और अपने घर वालों को उस आग से बचाओ1 जिसका ईंधन मनुष्य और पत्थर हैं। जिसपर कठोर दिल, बलशाली फ़रिश्ते नियुक्त हैं। जो अल्लाह उन्हें आदेश दे, उसकी अवज्ञा नहीं करते तथा वे वही करते हैं, जिसका उन्हें आदेश दिया जाता है।
६६:७
يَـٰٓأَيُّهَا
O
yāayyuhā
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जिन्होंने alladhīna
ऐ लोगो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَا (Do) not lā
(Do) not تَعْتَذِرُوا۟ ना तुम मअज़रत करो taʿtadhirū
ना तुम मअज़रत करो ٱلْيَوْمَ ۖ आज के दिन l-yawma
आज के दिन إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जा रहे हो tuj'zawna
तुम बदला दिए जा रहे हो مَا उसका जो mā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٧ (7)
(7)
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जिन्होंने alladhīna
ऐ लोगो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَا (Do) not lā
(Do) not تَعْتَذِرُوا۟ ना तुम मअज़रत करो taʿtadhirū
ना तुम मअज़रत करो ٱلْيَوْمَ ۖ आज के दिन l-yawma
आज के दिन إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जा रहे हो tuj'zawna
तुम बदला दिए जा रहे हो مَا उसका जो mā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٧ (7)
(7)
ऐ काफ़िरो! आज बहाने न बनाओ। तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
६६:८
يَـٰٓأَيُّهَا
O
yāayyuhā
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो تُوبُوٓا۟ तौबा करो tūbū
तौबा करो إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के تَوْبَةًۭ तौबा tawbatan
तौबा نَّصُوحًا ख़ालिस naṣūḥan
ख़ालिस عَسَىٰ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَن कि an
कि يُكَفِّرَ वो दूर कर देगा yukaffira
वो दूर कर देगा عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराइयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराइयाँ तुम्हारी وَيُدْخِلَكُمْ और वो दाख़िल कर देगा तुम्हें wayud'khilakum
और वो दाख़िल कर देगा तुम्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन لَا not lā
not يُخْزِى ना रुस्वा करेगा yukh'zī
ना रुस्वा करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلنَّبِىَّ नबी को l-nabiya
नबी को وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ ۖ साथ उसके maʿahu
साथ उसके نُورُهُمْ नूर उनका nūruhum
नूर उनका يَسْعَىٰ दौड़ता होगा yasʿā
दौड़ता होगा بَيْنَ before bayna
before أَيْدِيهِمْ उनके आगे aydīhim
उनके आगे وَبِأَيْمَـٰنِهِمْ और उनके दाऐं wabi-aymānihim
और उनके दाऐं يَقُولُونَ वो कहेंगे yaqūlūna
वो कहेंगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَتْمِمْ तमाम कर दे atmim
तमाम कर दे لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए نُورَنَا नूर हमारा nūranā
नूर हमारा وَٱغْفِرْ और बख़्श दे wa-igh'fir
और बख़्श दे لَنَآ ۖ हमें lanā
हमें إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٨ (8)
(8)
O ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो تُوبُوٓا۟ तौबा करो tūbū
तौबा करो إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के تَوْبَةًۭ तौबा tawbatan
तौबा نَّصُوحًا ख़ालिस naṣūḥan
ख़ालिस عَسَىٰ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَن कि an
कि يُكَفِّرَ वो दूर कर देगा yukaffira
वो दूर कर देगा عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराइयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराइयाँ तुम्हारी وَيُدْخِلَكُمْ और वो दाख़िल कर देगा तुम्हें wayud'khilakum
और वो दाख़िल कर देगा तुम्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन لَا not lā
not يُخْزِى ना रुस्वा करेगा yukh'zī
ना रुस्वा करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلنَّبِىَّ नबी को l-nabiya
नबी को وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ ۖ साथ उसके maʿahu
साथ उसके نُورُهُمْ नूर उनका nūruhum
नूर उनका يَسْعَىٰ दौड़ता होगा yasʿā
दौड़ता होगा بَيْنَ before bayna
before أَيْدِيهِمْ उनके आगे aydīhim
उनके आगे وَبِأَيْمَـٰنِهِمْ और उनके दाऐं wabi-aymānihim
और उनके दाऐं يَقُولُونَ वो कहेंगे yaqūlūna
वो कहेंगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَتْمِمْ तमाम कर दे atmim
तमाम कर दे لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए نُورَنَا नूर हमारा nūranā
नूर हमारा وَٱغْفِرْ और बख़्श दे wa-igh'fir
और बख़्श दे لَنَآ ۖ हमें lanā
हमें إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٨ (8)
(8)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह के आगे सच्ची तौबा1 करो। निकट है कि तुम्हारा पालनहार तुम्हारी बुराइयाँ तुमसे दूर कर दे तथा तुम्हें ऐसी जन्नतों में दाखिल करे, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। जिस दिन अल्लाह नबी को तथा उन लोगों को जो उनके साथ ईमान लाए हैं, अपमानित नहीं करेगा। उनका प्रकाश2 उनके आगे तथा उनके दाएँ दौड़ रहा होगा। वे कह रहे होंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमारे लिए हमारे प्रकाश को पूर्ण कर दे तथा हमें क्षमा कर दे। निःसंदेह तू हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
६६:९
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी جَـٰهِدِ जिहाद कीजिए jāhidi
जिहाद कीजिए ٱلْكُفَّارَ काफ़िरों से l-kufāra
काफ़िरों से وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ और मुनाफ़िक़ों से wal-munāfiqīna
और मुनाफ़िक़ों से وَٱغْلُظْ और सख़्ती कीजिए wa-ugh'luẓ
और सख़्ती कीजिए عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह ٩ (9)
(9)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी جَـٰهِدِ जिहाद कीजिए jāhidi
जिहाद कीजिए ٱلْكُفَّارَ काफ़िरों से l-kufāra
काफ़िरों से وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ और मुनाफ़िक़ों से wal-munāfiqīna
और मुनाफ़िक़ों से وَٱغْلُظْ और सख़्ती कीजिए wa-ugh'luẓ
और सख़्ती कीजिए عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह ٩ (9)
(9)
ऐ नबी! काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों से जिहाद करें और उनपर सख़्ती करें1 और उनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
६६:१०
ضَرَبَ
बयान की
ḍaraba
बयान की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَثَلًۭا एक मिसाल mathalan
एक मिसाल لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱمْرَأَتَ (the) wife im'ra-ata
(the) wife نُوحٍۢ नूह की बीवी की nūḥin
नूह की बीवी की وَٱمْرَأَتَ (and the) wife wa-im'ra-ata
(and the) wife لُوطٍۢ ۖ और लूत की बीवी की lūṭin
और लूत की बीवी की كَانَتَا वो दोनों थीं kānatā
वो दोनों थीं تَحْتَ नीचे taḥta
नीचे عَبْدَيْنِ दो बन्दों के ʿabdayni
दो बन्दों के مِنْ of min
of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से ʿibādinā
हमारे बन्दों में से صَـٰلِحَيْنِ जो दोनों नेक थे ṣāliḥayni
जो दोनों नेक थे فَخَانَتَاهُمَا तो उन दोनों ने ख़ियानत की fakhānatāhumā
तो उन दोनों ने ख़ियानत की فَلَمْ तो ना falam
तो ना يُغْنِيَا वो दोनों काम आ सके yugh'niyā
वो दोनों काम आ सके عَنْهُمَا उन दोनों के ʿanhumā
उन दोनों के مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَقِيلَ और कह दिया गया waqīla
और कह दिया गया ٱدْخُلَا दोनों दाख़िल हो जाओ ud'khulā
दोनों दाख़िल हो जाओ ٱلنَّارَ आग में l-nāra
आग में مَعَ with maʿa
with ٱلدَّٰخِلِينَ साथ दाख़िल होने वालों के l-dākhilīna
साथ दाख़िल होने वालों के ١٠ (10)
(10)
बयान की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَثَلًۭا एक मिसाल mathalan
एक मिसाल لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱمْرَأَتَ (the) wife im'ra-ata
(the) wife نُوحٍۢ नूह की बीवी की nūḥin
नूह की बीवी की وَٱمْرَأَتَ (and the) wife wa-im'ra-ata
(and the) wife لُوطٍۢ ۖ और लूत की बीवी की lūṭin
और लूत की बीवी की كَانَتَا वो दोनों थीं kānatā
वो दोनों थीं تَحْتَ नीचे taḥta
नीचे عَبْدَيْنِ दो बन्दों के ʿabdayni
दो बन्दों के مِنْ of min
of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से ʿibādinā
हमारे बन्दों में से صَـٰلِحَيْنِ जो दोनों नेक थे ṣāliḥayni
जो दोनों नेक थे فَخَانَتَاهُمَا तो उन दोनों ने ख़ियानत की fakhānatāhumā
तो उन दोनों ने ख़ियानत की فَلَمْ तो ना falam
तो ना يُغْنِيَا वो दोनों काम आ सके yugh'niyā
वो दोनों काम आ सके عَنْهُمَا उन दोनों के ʿanhumā
उन दोनों के مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَقِيلَ और कह दिया गया waqīla
और कह दिया गया ٱدْخُلَا दोनों दाख़िल हो जाओ ud'khulā
दोनों दाख़िल हो जाओ ٱلنَّارَ आग में l-nāra
आग में مَعَ with maʿa
with ٱلدَّٰخِلِينَ साथ दाख़िल होने वालों के l-dākhilīna
साथ दाख़िल होने वालों के ١٠ (10)
(10)
अल्लाह ने उन लोगों के लिए, जिन्होंने कुफ़्र किया, नूह की पत्नी तथा लूत की पत्नी का उदाहरण दिया है। वे दोनों हमारे बंदों में से दो नेक बंदों के विवाह में थीं। फिर उन दोनों (स्त्रियों) ने उनके साथ विश्वासघात1 किया। तो वे दोनों (रसूल) अल्लाह के यहाँ उनके कुछ काम न आए। तथा (दोनों स्त्रियों से) कहा गया : तुम दोनों जहन्नम में प्रवेश कर जाओ, प्रवेश करने वालों के साथ।
६६:११
وَضَرَبَ
और बयान की
waḍaraba
और बयान की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَثَلًۭا एक मिसाल mathalan
एक मिसाल لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱمْرَأَتَ (the) wife im'ra-ata
(the) wife فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की बीवी की fir'ʿawna
फ़िरऔन की बीवी की إِذْ जब idh
जब قَالَتْ उसने कहा qālat
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱبْنِ बना ib'ni
बना لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए عِندَكَ अपने पास ʿindaka
अपने पास بَيْتًۭا एक घर baytan
एक घर فِى in fī
in ٱلْجَنَّةِ जन्नत में l-janati
जन्नत में وَنَجِّنِى और निजात दे मुझे wanajjinī
और निजात दे मुझे مِن from min
from فِرْعَوْنَ फ़िरऔन से fir'ʿawna
फ़िरऔन से وَعَمَلِهِۦ और उसके अमल से waʿamalihi
और उसके अमल से وَنَجِّنِى और निजात दे मुझे wanajjinī
और निजात दे मुझे مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١١ (11)
(11)
और बयान की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَثَلًۭا एक मिसाल mathalan
एक मिसाल لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ٱمْرَأَتَ (the) wife im'ra-ata
(the) wife فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की बीवी की fir'ʿawna
फ़िरऔन की बीवी की إِذْ जब idh
जब قَالَتْ उसने कहा qālat
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱبْنِ बना ib'ni
बना لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए عِندَكَ अपने पास ʿindaka
अपने पास بَيْتًۭا एक घर baytan
एक घर فِى in fī
in ٱلْجَنَّةِ जन्नत में l-janati
जन्नत में وَنَجِّنِى और निजात दे मुझे wanajjinī
और निजात दे मुझे مِن from min
from فِرْعَوْنَ फ़िरऔन से fir'ʿawna
फ़िरऔन से وَعَمَلِهِۦ और उसके अमल से waʿamalihi
और उसके अमल से وَنَجِّنِى और निजात दे मुझे wanajjinī
और निजात दे मुझे مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١١ (11)
(11)
तथा अल्लाह ने उन लोगों के लिए, जो ईमान लाए, फ़िरऔन की पत्नी का उदाहरण1 दिया है। जब उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे लिए अपने पास जन्नत में एक घर बना तथा मुझे फ़िरऔन और उसके कर्म से बचा ले और मुझे अत्याचारी लोगों से छुटकारा दे।
६६:१२
وَمَرْيَمَ
और मरियम
wamaryama
और मरियम ٱبْنَتَ बेटी ib'nata
बेटी عِمْرَٰنَ इमरान की ʿim'rāna
इमरान की ٱلَّتِىٓ वो जिसने allatī
वो जिसने أَحْصَنَتْ महफ़ूज़ रखा aḥṣanat
महफ़ूज़ रखा فَرْجَهَا अपनी शर्मगाह को farjahā
अपनी शर्मगाह को فَنَفَخْنَا तो फ़ूँक दिया हमने fanafakhnā
तो फ़ूँक दिया हमने فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِن of min
of رُّوحِنَا अपनी रूह से rūḥinā
अपनी रूह से وَصَدَّقَتْ और उसने तस्दीक़ की waṣaddaqat
और उसने तस्दीक़ की بِكَلِمَـٰتِ कलमात की bikalimāti
कलमात की رَبِّهَا अपने रब के rabbihā
अपने रब के وَكُتُبِهِۦ और उसकी किताबों की wakutubihi
और उसकी किताबों की وَكَانَتْ और थी वो wakānat
और थी वो مِنَ of mina
of ٱلْقَـٰنِتِينَ फ़रमाबरदारों में से l-qānitīna
फ़रमाबरदारों में से ١٢ (12)
(12)
और मरियम ٱبْنَتَ बेटी ib'nata
बेटी عِمْرَٰنَ इमरान की ʿim'rāna
इमरान की ٱلَّتِىٓ वो जिसने allatī
वो जिसने أَحْصَنَتْ महफ़ूज़ रखा aḥṣanat
महफ़ूज़ रखा فَرْجَهَا अपनी शर्मगाह को farjahā
अपनी शर्मगाह को فَنَفَخْنَا तो फ़ूँक दिया हमने fanafakhnā
तो फ़ूँक दिया हमने فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِن of min
of رُّوحِنَا अपनी रूह से rūḥinā
अपनी रूह से وَصَدَّقَتْ और उसने तस्दीक़ की waṣaddaqat
और उसने तस्दीक़ की بِكَلِمَـٰتِ कलमात की bikalimāti
कलमात की رَبِّهَا अपने रब के rabbihā
अपने रब के وَكُتُبِهِۦ और उसकी किताबों की wakutubihi
और उसकी किताबों की وَكَانَتْ और थी वो wakānat
और थी वो مِنَ of mina
of ٱلْقَـٰنِتِينَ फ़रमाबरदारों में से l-qānitīna
फ़रमाबरदारों में से ١٢ (12)
(12)
तथा इमरान की बेटी मरयम का (उदाहरण प्रस्तुत किया है), जिसने अपने सतीत्व की रक्षा की, तो हमने उसमें अपनी एक रूह़ फूँक दी तथा उसने अपने पालनहार की बातों और उसकी पुस्तकों की पुष्टि की और वह इबादत करने वालों में से थी।