६७

अल-मुल्क

मक्की ३० आयतें पारा २९
الملك
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
६७:१
تَبَـٰرَكَ बहुत बाबरकत है tabāraka
बहुत बाबरकत है
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
بِيَدِهِ उसी के हाथ में है biyadihi
उसी के हाथ में है
ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
١ (1)
(1)
बहुत बरकत वाला है वह (अल्लाह) जिसके हाथ में सारा राज्य है और वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान् है।
६७:२
ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
ٱلْمَوْتَ मौत l-mawta
मौत
وَٱلْحَيَوٰةَ और ज़िन्दगी को wal-ḥayata
और ज़िन्दगी को
لِيَبْلُوَكُمْ ताकि वो आज़माए तुम्हें liyabluwakum
ताकि वो आज़माए तुम्हें
أَيُّكُمْ कौन तुम में से ayyukum
कौन तुम में से
أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है
عَمَلًۭا ۚ अमल में ʿamalan
अमल में
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला है l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला है
٢ (2)
(2)
जिसने मृत्यु तथा जीवन को पैदा किया, ताकि तुम्हारा परीक्षण करे कि तुम में किसका कर्म अधिक अच्छा है? तथा वही प्रभुत्वशाली, अति क्षमावान् है।1
६७:३
ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने
خَلَقَ पैदा किए khalaqa
पैदा किए
سَبْعَ सात sabʿa
सात
سَمَـٰوَٰتٍۢ आसमान samāwātin
आसमान
طِبَاقًۭا ۖ ऊपर तले ṭibāqan
ऊपर तले
مَّا नहीं
नहीं
تَرَىٰ तुम देखोगे tarā
तुम देखोगे
فِى in
in
خَلْقِ तख़लीक़ में khalqi
तख़लीक़ में
ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की l-raḥmāni
रहमान की
مِن any min
any
تَفَـٰوُتٍۢ ۖ कोई ख़लल tafāwutin
कोई ख़लल
فَٱرْجِعِ फिर लौटाओ fa-ir'jiʿi
फिर लौटाओ
ٱلْبَصَرَ निगाह को l-baṣara
निगाह को
هَلْ क्या hal
क्या
تَرَىٰ तुम देखते हो tarā
तुम देखते हो
مِن any min
any
فُطُورٍۢ कोई शिगाफ़ fuṭūrin
कोई शिगाफ़
٣ (3)
(3)
जिसने ऊपर-तले सात आकाश बनाए। तुम अत्यंत दयावान् की रचना में कोई असंगति नहीं देखोगे। फिर पुनः देखो, क्या तुम्हें कोई दरार दिखाई देता है?
६७:४
ثُمَّ फिर thumma
फिर
ٱرْجِعِ लौटाओ ir'jiʿi
लौटाओ
ٱلْبَصَرَ निगाह को l-baṣara
निगाह को
كَرَّتَيْنِ बार-बार karratayni
बार-बार
يَنقَلِبْ लौट आएगी yanqalib
लौट आएगी
إِلَيْكَ तेरी तरफ़ ilayka
तेरी तरफ़
ٱلْبَصَرُ निगाह l-baṣaru
निगाह
خَاسِئًۭا ज़लील हो कर khāsi-an
ज़लील हो कर
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
حَسِيرٌۭ थकी हुई होगी ḥasīrun
थकी हुई होगी
٤ (4)
(4)
फिर बार-बार निगाह दौड़ाओ। निगाह असफल होकर तुम्हारी ओर पलट आएगी और वह थकी हुई होगी।
६७:५
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
زَيَّنَّا मुज़य्यन किया हमने zayyannā
मुज़य्यन किया हमने
ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को
ٱلدُّنْيَا दुनिया के l-dun'yā
दुनिया के
بِمَصَـٰبِيحَ साथ चिराग़ों के bimaṣābīḥa
साथ चिराग़ों के
وَجَعَلْنَـٰهَا और बनाया हमने उन्हें wajaʿalnāhā
और बनाया हमने उन्हें
رُجُومًۭا मारने की चीज़ rujūman
मारने की चीज़
لِّلشَّيَـٰطِينِ ۖ शैतानों के लिए lilshayāṭīni
शैतानों के लिए
وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब
ٱلسَّعِيرِ भड़कती आग का l-saʿīri
भड़कती आग का
٥ (5)
(5)
और निःसंदेह हमने (धरती से) निकटतम आकाश को दीपों से सजाया है तथा हमने उन्हें शैतानों1 को मार भगाने का साधन बनाया है और हमने उनके लिए भड़कती हुई आग की यातना तैयार कर रखी है।
६७:६
وَلِلَّذِينَ और उनके लिए जिन्होंने walilladhīna
और उनके लिए जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
بِرَبِّهِمْ साथ अपने रब के birabbihim
साथ अपने रब के
عَذَابُ अज़ाब है ʿadhābu
अज़ाब है
جَهَنَّمَ ۖ जहन्नम का jahannama
जहन्नम का
وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है
ٱلْمَصِيرُ ठिकाना l-maṣīru
ठिकाना
٦ (6)
(6)
और उन लोगों के लिए जिन्होंने अपने पालनहार का इनकार किया, जहन्नम की यातना है और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
६७:७
إِذَآ जब idhā
जब
أُلْقُوا۟ वो डाले जाऐंगे ul'qū
वो डाले जाऐंगे
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
سَمِعُوا۟ वो सुनेंगे samiʿū
वो सुनेंगे
لَهَا उसका lahā
उसका
شَهِيقًۭا चिल्लाना/ दहाड़ना shahīqan
चिल्लाना/ दहाड़ना
وَهِىَ और वो wahiya
और वो
تَفُورُ जोश खा रही होगी tafūru
जोश खा रही होगी
٧ (7)
(7)
जब वे उसमें फेंके जाएँगे, तो उसकी दहाड़ सुनेंगे और वह उबल रहा होगा।
६७:८
تَكَادُ क़रीब है कि takādu
क़रीब है कि
تَمَيَّزُ वो फट जाए tamayyazu
वो फट जाए
مِنَ from mina
from
ٱلْغَيْظِ ۖ ग़ज़ब से l-ghayẓi
ग़ज़ब से
كُلَّمَآ जब भी kullamā
जब भी
أُلْقِىَ डाली जाएगी ul'qiya
डाली जाएगी
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
فَوْجٌۭ कोई जमाअत fawjun
कोई जमाअत
سَأَلَهُمْ पूछेंगे उनसे sa-alahum
पूछेंगे उनसे
خَزَنَتُهَآ निगरान उनके khazanatuhā
निगरान उनके
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
يَأْتِكُمْ आया था तुम्हारे पास yatikum
आया था तुम्हारे पास
نَذِيرٌۭ कोई डराने वाला nadhīrun
कोई डराने वाला
٨ (8)
(8)
क़रीब होगा कि वह क्रोध से फट जाए। जब भी कोई समूह उसमें फेंका जाएगा, तो उसके प्रहरी उनसे पूछेंगे : क्या तुम्हारे पास कोई सावधान करने वाला नहीं आया?
६७:९
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
جَآءَنَا आया हमारे पास jāanā
आया हमारे पास
نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला
فَكَذَّبْنَا तो झुठला दिया हमने fakadhabnā
तो झुठला दिया हमने
وَقُلْنَا और कहा हमने waqul'nā
और कहा हमने
مَا नहीं
नहीं
نَزَّلَ नाज़िल की nazzala
नाज़िल की
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مِن any min
any
شَىْءٍ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़
إِنْ नहीं in
नहीं
أَنتُمْ तुम antum
तुम
إِلَّا मगर illā
मगर
فِى in
in
ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में
كَبِيرٍۢ बहुत बड़ी kabīrin
बहुत बड़ी
٩ (9)
(9)
वे कहेंगे : क्यों नहीं, निश्चय हमारे पास सावधान करने वाला आया था। पर, हमने झुठला दिया और हमने कहा कि अल्लाह ने कुछ नहीं उतारा है। तुम तो बहुत बड़ी गुमराही में पड़े हुए हो।
६७:१०
وَقَالُوا۟ और वो कहेंगे waqālū
और वो कहेंगे
لَوْ अगर law
अगर
كُنَّا होते हम kunnā
होते हम
نَسْمَعُ हम सुनते nasmaʿu
हम सुनते
أَوْ या aw
या
نَعْقِلُ हम समझते naʿqilu
हम समझते
مَا ना
ना
كُنَّا होते हम kunnā
होते हम
فِىٓ among
among
أَصْحَـٰبِ साथियों में aṣḥābi
साथियों में
ٱلسَّعِيرِ भड़कती आग के l-saʿīri
भड़कती आग के
١٠ (10)
(10)
तथा वे कहेंगे : यदि हम सुनते होते या समझते होते, तो भड़कती हुई आग वालों में न होते।
६७:११
فَٱعْتَرَفُوا۟ तो वो ऐतराफ़ करेंगे fa-iʿ'tarafū
तो वो ऐतराफ़ करेंगे
بِذَنۢبِهِمْ अपने गुनाह का bidhanbihim
अपने गुनाह का
فَسُحْقًۭا तो दूरी(लानत) है fasuḥ'qan
तो दूरी(लानत) है
لِّأَصْحَـٰبِ साथियों को लिए li-aṣḥābi
साथियों को लिए
ٱلسَّعِيرِ भड़कती आग के l-saʿīri
भड़कती आग के
١١ (11)
(11)
इस तरह, वे अपने पाप को स्वीकार करेंगे। तो दूरी1 है भड़कती हुई आग वालों के लिए।
६७:१२
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
يَخْشَوْنَ डरते हैं yakhshawna
डरते हैं
رَبَّهُم अपने रब से rabbahum
अपने रब से
بِٱلْغَيْبِ ग़ायबाना bil-ghaybi
ग़ायबाना
لَهُم उनके लिए है lahum
उनके लिए है
مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश maghfiratun
बख़्शिश
وَأَجْرٌۭ और अजर wa-ajrun
और अजर
كَبِيرٌۭ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा
١٢ (12)
(12)
निःसंदेह जो लोग अपने रब से बिन देखे डरते हैं, उनके लिए क्षमा तथा बड़ा प्रतिफल है।1
६७:१३
وَأَسِرُّوا۟ और छुपाओ wa-asirrū
और छुपाओ
قَوْلَكُمْ बात अपनी qawlakum
बात अपनी
أَوِ या awi
या
ٱجْهَرُوا۟ ज़ाहिर करो ij'harū
ज़ाहिर करो
بِهِۦٓ ۖ उसे bihi
उसे
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِذَاتِ of what (is in) bidhāti
of what (is in)
ٱلصُّدُورِ सीनों वाले(भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले(भेद)
١٣ (13)
(13)
और तुम अपनी बात छिपाओ या उसे ज़ोर से कहो, निश्चय वह सीनों के भेदों को भी जानता है।
६७:१४
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
يَعْلَمُ वो जानेगा yaʿlamu
वो जानेगा
مَنْ जिसने man
जिसने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱللَّطِيفُ बहुत बारीक बीन l-laṭīfu
बहुत बारीक बीन
ٱلْخَبِيرُ ख़ूब बाख़बर l-khabīru
ख़ूब बाख़बर
١٤ (14)
(14)
क्या वह नहीं जानेगा जिसने पैदा किया?! जबकि वह सूक्ष्मदर्शी1, पूर्ण ख़बर रखने वाला है।
६७:१५
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को
ذَلُولًۭا ताबेअ dhalūlan
ताबेअ
فَٱمْشُوا۟ पस चलो fa-im'shū
पस चलो
فِى in
in
مَنَاكِبِهَا उसके अतराफ़ में manākibihā
उसके अतराफ़ में
وَكُلُوا۟ और खाओ wakulū
और खाओ
مِن of min
of
رِّزْقِهِۦ ۖ उसके रिज़्क़ में से riz'qihi
उसके रिज़्क़ में से
وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के
ٱلنُّشُورُ दोबारा उठना है l-nushūru
दोबारा उठना है
١٥ (15)
(15)
वही है जिसने तुम्हारे लिए धरती को वशीभूत कर दिया, अतः उसके रास्तों में चलो-फिरो तथा उसकी प्रदान की हुई रोज़ी में से खाओ। और उसी की ओर तुम्हें फिर जीवित हो कर जाना है।
६७:१६
ءَأَمِنتُم क्या बेख़ौफ़ हो गए तुम a-amintum
क्या बेख़ौफ़ हो गए तुम
مَّن उससे जो man
उससे जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَآءِ आसमान में है l-samāi
आसमान में है
أَن कि an
कि
يَخْسِفَ वो धँसा दे yakhsifa
वो धँसा दे
بِكُمُ तुम्हें bikumu
तुम्हें
ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में
فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक
هِىَ वो hiya
वो
تَمُورُ वो लरज़ने लगे tamūru
वो लरज़ने लगे
١٦ (16)
(16)
क्या तुम उससे निर्भय हो गए हो, जो आकाश में है कि वह तुम्हें धरती में धँसा दे, फिर वह अचानक काँपने लगे?
६७:१७
أَمْ क्या am
क्या
أَمِنتُم बेख़ौफ़ हो गए तुम amintum
बेख़ौफ़ हो गए तुम
مَّن उससे जो man
उससे जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَآءِ आसमान में है l-samāi
आसमान में है
أَن कि an
कि
يُرْسِلَ वो भेजे yur'sila
वो भेजे
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
حَاصِبًۭا ۖ पत्थरों की आँधी ḥāṣiban
पत्थरों की आँधी
فَسَتَعْلَمُونَ पस अनक़रीब तुम जान लोगे fasataʿlamūna
पस अनक़रीब तुम जान लोगे
كَيْفَ कैसा था kayfa
कैसा था
نَذِيرِ डराना मेरा nadhīri
डराना मेरा
١٧ (17)
(17)
अथवा तुम उससे निर्भय हो गए हो, जो आकाश में है कि वह तुम पर पत्थर बरसा दे, फिर तुम जान लोगे कि मेरा डराना कैसा है?
६७:१८
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن from min
from
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
فَكَيْفَ तो कैसा fakayfa
तो कैसा
كَانَ था kāna
था
نَكِيرِ अज़ाब मेरा nakīri
अज़ाब मेरा
١٨ (18)
(18)
तथा निश्चय इनसे पहले के लोग1 भी झुठला चुके हैं, फिर किस तरह था मेरा इनकार?
६७:१९
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा
إِلَى [to] ilā
[to]
ٱلطَّيْرِ तरफ़ परिन्दों के l-ṭayri
तरफ़ परिन्दों के
فَوْقَهُمْ अपने ऊपर fawqahum
अपने ऊपर
صَـٰٓفَّـٰتٍۢ पर फैलाए हुए ṣāffātin
पर फैलाए हुए
وَيَقْبِضْنَ ۚ और वो समेट लेते हैं wayaqbiḍ'na
और वो समेट लेते हैं
مَا नहीं
नहीं
يُمْسِكُهُنَّ थामता उन्हें yum'sikuhunna
थामता उन्हें
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلرَّحْمَـٰنُ ۚ रहमान l-raḥmānu
रहमान
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
بِكُلِّ हर bikulli
हर
شَىْءٍۭ चीज़ को shayin
चीज़ को
بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
١٩ (19)
(19)
क्या उन्होंने अपने ऊपर पंख फैलाते तथा समेटते हुए पक्षियों को नहीं देखे? अत्यंत दयावान् के सिवा कोई उन्हें थाम नहीं रहा होता। निःसंदेह वह प्रत्येक चीज़ को खूब देखने वाला है।
६७:२०
أَمَّنْ या कौन है amman
या कौन है
هَـٰذَا वो hādhā
वो
ٱلَّذِى जो alladhī
जो
هُوَ वो huwa
वो
جُندٌۭ लश्कर हो jundun
लश्कर हो
لَّكُمْ तुम्हारा lakum
तुम्हारा
يَنصُرُكُم वो मदद करे तुम्हारी yanṣurukum
वो मदद करे तुम्हारी
مِّن from min
from
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱلرَّحْمَـٰنِ ۚ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के
إِنِ नहीं हैं ini
नहीं हैं
ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर
إِلَّا मगर illā
मगर
فِى in
in
غُرُورٍ धोखे में ghurūrin
धोखे में
٢٠ (20)
(20)
या वह कौन है जो तुम्हारी सेना बनकर अल्लाह के विरुद्ध तुम्हारी सहायता करे? इनकार करने वाले तो मात्र धोखे में पड़े हैं।
६७:२१
أَمَّنْ या कौन है amman
या कौन है
هَـٰذَا वो hādhā
वो
ٱلَّذِى जो alladhī
जो
يَرْزُقُكُمْ रिज़्क़ देगा तुम्हें yarzuqukum
रिज़्क़ देगा तुम्हें
إِنْ अगर in
अगर
أَمْسَكَ वो रोक ले amsaka
वो रोक ले
رِزْقَهُۥ ۚ रिज़्क़ अपना riz'qahu
रिज़्क़ अपना
بَل बल्कि bal
बल्कि
لَّجُّوا۟ वो अड़े हुए हैं lajjū
वो अड़े हुए हैं
فِى in
in
عُتُوٍّۢ सरकशी में ʿutuwwin
सरकशी में
وَنُفُورٍ और बिदकने में wanufūrin
और बिदकने में
٢١ (21)
(21)
या वह कौन है जो तुम्हें रोज़ी दे, यदि वह अपनी रोज़ी रोक ले? बल्कि वे सरकशी तथा बिदकने पर अड़े हुए हैं।1
६७:२२
أَفَمَن क्या फिर जो afaman
क्या फिर जो
يَمْشِى चलता है yamshī
चलता है
مُكِبًّا औंधा mukibban
औंधा
عَلَىٰ on ʿalā
on
وَجْهِهِۦٓ उपने चेहरे पर wajhihi
उपने चेहरे पर
أَهْدَىٰٓ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता है ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता है
أَمَّن या जो amman
या जो
يَمْشِى चलता है yamshī
चलता है
سَوِيًّا सीधा sawiyyan
सीधा
عَلَىٰ on ʿalā
on
صِرَٰطٍۢ ऊपर रास्ते ṣirāṭin
ऊपर रास्ते
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के
٢٢ (22)
(22)
तो क्या वह व्यक्ति जो अपने मुँह के बल उलटा होकर चलता है, अधिक मार्गदर्शन पर है या वह जो सीधा होकर सीधे मार्ग पर चलता है?
६७:२३
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने
أَنشَأَكُمْ पैदा किया तुम्हें ansha-akum
पैदा किया तुम्हें
وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान
وَٱلْأَبْصَـٰرَ और आँखें wal-abṣāra
और आँखें
وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۖ और दिल wal-afidata
और दिल
قَلِيلًۭا Little qalīlan
Little
مَّا कितना कम
कितना कम
تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करते हो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करते हो
٢٣ (23)
(23)
आप कह दें : वही है जिसने तुम्हें पैदा किया तथा तुम्हारे लिए कान तथा आँखें और दिल बनाए। तुम बहुत कम आभार प्रकट करते हो।
६७:२४
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
ذَرَأَكُمْ फैलाया तुम्हें dhara-akum
फैलाया तुम्हें
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के
تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे
٢٤ (24)
(24)
आप कह दें : वही है जिसने तुम्हें धरती में फैलाया और तुम उसी की ओर एकत्र1 किए जाओगे।
६७:२५
وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं
مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा
هَـٰذَا ये hādhā
ये
ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे
٢٥ (25)
(25)
तथा वे कहते हैं : (क़ियामत का) यह वचन कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?
६७:२६
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
ٱلْعِلْمُ इल्म (उसका) l-ʿil'mu
इल्म (उसका)
عِندَ पास है ʿinda
पास है
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَإِنَّمَآ और बेशक wa-innamā
और बेशक
أَنَا۠ मैं anā
मैं
نَذِيرٌۭ डराने वाल हूँ nadhīrun
डराने वाल हूँ
مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
٢٦ (26)
(26)
आप कह दें : इसका ज्ञान तो केवल अल्लाह के पास है। और मैं तो मात्र एक स्पष्ट डराने वाला हूँ।
६७:२७
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
رَأَوْهُ वो देख लेंगे उसे ra-awhu
वो देख लेंगे उसे
زُلْفَةًۭ नज़दीक zul'fatan
नज़दीक
سِيٓـَٔتْ बिगड़ जाऐंगे sīat
बिगड़ जाऐंगे
وُجُوهُ चेहरे wujūhu
चेहरे
ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
وَقِيلَ और कह दिया जाएगा waqīla
और कह दिया जाएगा
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम
بِهِۦ जिसको bihi
जिसको
تَدَّعُونَ तुम माँगा करते taddaʿūna
तुम माँगा करते
٢٧ (27)
(27)
फिर जब वे उसे निकट देखेंगे, तो उन लोगों के चेहरे बिगड़ जाएँगे जिन्होंने इनकार किया और कहा जाएगा : यही है वह जो तुम माँगा करते थे।
६७:२८
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने
إِنْ अगर in
अगर
أَهْلَكَنِىَ हलाक कर दे मुझे ahlakaniya
हलाक कर दे मुझे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
وَمَن और उसे जो waman
और उसे जो
مَّعِىَ मेरे साथ है maʿiya
मेरे साथ है
أَوْ या aw
या
رَحِمَنَا वो रहम करे हम पर raḥimanā
वो रहम करे हम पर
فَمَن तो कौन faman
तो कौन
يُجِيرُ पनाह देगा yujīru
पनाह देगा
ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को
مِنْ from min
from
عَذَابٍ अज़ाब से ʿadhābin
अज़ाब से
أَلِيمٍۢ दर्दनाक alīmin
दर्दनाक
٢٨ (28)
(28)
आप कह दें : भला बताओ तो सही, यदि अल्लाह मुझे और उनको, जो मेरे साथ हैं, विनष्ट कर दे या हम पर दया करे, तो काफ़िरों को दर्दनाक यातना1 से कौन शरण देगा?
६७:२९
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
هُوَ वो ही huwa
वो ही
ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान है l-raḥmānu
रहमान है
ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम
بِهِۦ उस पर bihi
उस पर
وَعَلَيْهِ और उसी पर waʿalayhi
और उसी पर
تَوَكَّلْنَا ۖ तवक्कुल किया हमने tawakkalnā
तवक्कुल किया हमने
فَسَتَعْلَمُونَ पस अनक़रीब तुम जान लोगे fasataʿlamūna
पस अनक़रीब तुम जान लोगे
مَنْ कौन है man
कौन है
هُوَ जो huwa
जो
فِى (that is) in
(that is) in
ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में है ḍalālin
गुमराही में है
مُّبِينٍۢ खुली-खुली mubīnin
खुली-खुली
٢٩ (29)
(29)
आप कह दें : वही अत्यंत दयावान् है। हम उसपर ईमान लाए तथा हमने उसी पर भरोसा किया। तो शीघ्र ही तुम जान लोगे कि वह कौन है जो खुली गुमराही में है।
६७:३०
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने
إِنْ अगर in
अगर
أَصْبَحَ हो जाए aṣbaḥa
हो जाए
مَآؤُكُمْ पानी तुम्हारा māukum
पानी तुम्हारा
غَوْرًۭا गहरा ghawran
गहरा
فَمَن तो कौन है जो faman
तो कौन है जो
يَأْتِيكُم लाए तुम्हारे पास yatīkum
लाए तुम्हारे पास
بِمَآءٍۢ पानी bimāin
पानी
مَّعِينٍۭ बहता हुआ maʿīnin
बहता हुआ
٣٠ (30)
(30)
आप कह दें : भला बताओ तो सही, यदि तुम्हारा पानी गहराई में चला जाए, तो कौन है जो तुम्हारे पास बहता हुआ पानी लाएगा?