१०२

अत-तकासुर

मक्की ८ आयतें पारा १
التكاثر

सूरह अत-तकासुर (التكاثر) पवित्र क़ुरआन का १०२ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें ८ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।

बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१०२:१
أَلْهَىٰكُمُगाफ़िल कर दिया तुम्हेंalhākumuٱلتَّكَاثُرُकसरत की तलब नेl-takāthuru١
तुम्हें (धन, संतान की) बहुतायत पर गर्व ने ग़ाफ़िल कर दिया।
१०२:२
حَتَّىٰयहाँ तक किḥattāزُرْتُمُजा पहुँचे तुमzur'tumuٱلْمَقَابِرَक़ब्रों मेl-maqābira٢
यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।1
१०२:३
كَلَّاहरगिज़ नहींkallāسَوْفَअनक़रीबsawfaتَعْلَمُونَतुम जान लोगेtaʿlamūna٣
कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
१०२:४
ثُمَّफिरthummaكَلَّاहरगिज़ नहींkallāسَوْفَअनक़रीबsawfaتَعْلَمُونَतुम जान लोगेtaʿlamūna٤
फिर कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
१०२:५
كَلَّاहरगिज़ नहींkallāلَوْकाशlawتَعْلَمُونَतुम जान लेतेtaʿlamūnaعِلْمَजाननाʿil'maٱلْيَقِينِयक़ीन काl-yaqīni٥
कदापि नहीं, यदि तुम निश्चित ज्ञान के साथ जान लेते (तो ऐसा न करते)।1
१०२:६
لَتَرَوُنَّअलबत्ता तुम ज़रूर देखोगेlatarawunnaٱلْجَحِيمَजहन्नम कोl-jaḥīma٦
निश्चय तुम अवश्य जहन्नम को देखोगे।
१०२:७
ثُمَّफिरthummaلَتَرَوُنَّهَاअलबत्ता तुम ज़रूर देखोगे उसेlatarawunnahāعَيْنَआँख सेʿaynaٱلْيَقِينِयक़ीन कीl-yaqīni٧
फिर निश्चय तुम उसे अवश्य विश्वास की आँख से देखोगे।
१०२:८
ثُمَّफिरthummaلَتُسْـَٔلُنَّअलबत्ता तुम ज़रूर पूछे जाओगेlatus'alunnaيَوْمَئِذٍउस दिनyawma-idhinعَنِaboutʿaniٱلنَّعِيمِनेअमतों के बारे मेंl-naʿīmi٨
फिर निश्चय तुम उस दिन नेमतों के बारे में अवश्य पूछे जाओगे।1