८
अल-अनफ़ाल
الأنفال
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८:१
يَسْـَٔلُونَكَ
वो सवाल करते हैं आप से
yasalūnaka
वो सवाल करते हैं आप से عَنِ about ʿani
about ٱلْأَنفَالِ ۖ ग़नीमतों के बारे में l-anfāli
ग़नीमतों के बारे में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلْأَنفَالُ ग़नीमतें l-anfālu
ग़नीमतें لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَٱلرَّسُولِ ۖ और रसूल के लिए हैं wal-rasūli
और रसूल के लिए हैं فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَأَصْلِحُوا۟ और इस्लाह करो wa-aṣliḥū
और इस्लाह करो ذَاتَ that dhāta
that بَيْنِكُمْ ۖ आपस में baynikum
आपस में وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥٓ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١ (1)
(1)
वो सवाल करते हैं आप से عَنِ about ʿani
about ٱلْأَنفَالِ ۖ ग़नीमतों के बारे में l-anfāli
ग़नीमतों के बारे में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلْأَنفَالُ ग़नीमतें l-anfālu
ग़नीमतें لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَٱلرَّسُولِ ۖ और रसूल के लिए हैं wal-rasūli
और रसूल के लिए हैं فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَأَصْلِحُوا۟ और इस्लाह करो wa-aṣliḥū
और इस्लाह करो ذَاتَ that dhāta
that بَيْنِكُمْ ۖ आपस में baynikum
आपस में وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥٓ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١ (1)
(1)
(ऐ नबी!) वे (आपके साथी) आपसे युद्ध में प्राप्त धन के विषय में पूछते हैं। आप कह दें कि युद्ध में प्राप्त धन अल्लाह और रसूल के हैं। अतः अल्लाह से डरो और आपस में सुधार रखो तथा अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो1, यदि तुम ईमान वाले हो।
८:२
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन तो l-mu'minūna
मोमिन तो ٱلَّذِينَ वो हैं alladhīna
वो हैं إِذَا जब idhā
जब ذُكِرَ ज़िक्र किया जाता है dhukira
ज़िक्र किया जाता है ٱللَّهُ अल्लाह का l-lahu
अल्लाह का وَجِلَتْ डर जाते हैं wajilat
डर जाते हैं قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब تُلِيَتْ पढ़ी जाती हैं tuliyat
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُهُۥ आयात उसकी āyātuhu
आयात उसकी زَادَتْهُمْ वो ज़्यादा कर देती है उन्हें zādathum
वो ज़्यादा कर देती है उन्हें إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon رَبِّهِمْ और अपने रब पर ही rabbihim
और अपने रब पर ही يَتَوَكَّلُونَ वो तवक्कल करते हैं yatawakkalūna
वो तवक्कल करते हैं ٢ (2)
(2)
बेशक ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन तो l-mu'minūna
मोमिन तो ٱلَّذِينَ वो हैं alladhīna
वो हैं إِذَا जब idhā
जब ذُكِرَ ज़िक्र किया जाता है dhukira
ज़िक्र किया जाता है ٱللَّهُ अल्लाह का l-lahu
अल्लाह का وَجِلَتْ डर जाते हैं wajilat
डर जाते हैं قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब تُلِيَتْ पढ़ी जाती हैं tuliyat
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُهُۥ आयात उसकी āyātuhu
आयात उसकी زَادَتْهُمْ वो ज़्यादा कर देती है उन्हें zādathum
वो ज़्यादा कर देती है उन्हें إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon رَبِّهِمْ और अपने रब पर ही rabbihim
और अपने रब पर ही يَتَوَكَّلُونَ वो तवक्कल करते हैं yatawakkalūna
वो तवक्कल करते हैं ٢ (2)
(2)
(वास्तव में) ईमान वाले तो वही हैं कि जब अल्लाह का ज़िक्र किया जाए, तो उनके दिल काँप उठते हैं, और जब उनके सामने उसकी आयतें पढ़ी जाएँ, तो उनका ईमान बढ़ा देती हैं, और वे अपने पालनहार ही पर भरोसा रखते हैं।
८:३
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ٣ (3)
(3)
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ٣ (3)
(3)
वे लोग जो नमाज़ स्थापित करते हैं तथा हमने उन्हें जो कुछ प्रदान किया है, उसमें से ख़र्च करते हैं।
८:४
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُؤْمِنُونَ जो मोमिन हैं l-mu'minūna
जो मोमिन हैं حَقًّۭا ۚ सच्चे ḥaqqan
सच्चे لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए دَرَجَـٰتٌ दर्जे हैं darajātun
दर्जे हैं عِندَ with ʿinda
with رَبِّهِمْ उनके रब के पास rabbihim
उनके रब के पास وَمَغْفِرَةٌۭ और बख़्शिश wamaghfiratun
और बख़्शिश وَرِزْقٌۭ और रिज़्क़ है wariz'qun
और रिज़्क़ है كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला ٤ (4)
(4)
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُؤْمِنُونَ जो मोमिन हैं l-mu'minūna
जो मोमिन हैं حَقًّۭا ۚ सच्चे ḥaqqan
सच्चे لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए دَرَجَـٰتٌ दर्जे हैं darajātun
दर्जे हैं عِندَ with ʿinda
with رَبِّهِمْ उनके रब के पास rabbihim
उनके रब के पास وَمَغْفِرَةٌۭ और बख़्शिश wamaghfiratun
और बख़्शिश وَرِزْقٌۭ और रिज़्क़ है wariz'qun
और रिज़्क़ है كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला ٤ (4)
(4)
वही सच्चे ईमान वाले हैं, उन्हीं के लिए उनके पालनहार के पास बहुत से दर्जे तथा बड़ी क्षमा और सम्मानित (उत्तम) जीविका है।
८:५
كَمَآ
जैसा कि
kamā
जैसा कि أَخْرَجَكَ निकाला आपको akhrajaka
निकाला आपको رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने مِنۢ from min
from بَيْتِكَ आपके घर से baytika
आपके घर से بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक فَرِيقًۭا गिरोह farīqan
गिरोह مِّنَ among mina
among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से لَكَـٰرِهُونَ अलबत्ता नापसंद करने वाला था lakārihūna
अलबत्ता नापसंद करने वाला था ٥ (5)
(5)
जैसा कि أَخْرَجَكَ निकाला आपको akhrajaka
निकाला आपको رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने مِنۢ from min
from بَيْتِكَ आपके घर से baytika
आपके घर से بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक فَرِيقًۭا गिरोह farīqan
गिरोह مِّنَ among mina
among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से لَكَـٰرِهُونَ अलबत्ता नापसंद करने वाला था lakārihūna
अलबत्ता नापसंद करने वाला था ٥ (5)
(5)
जिस प्रकार1 आपके पालनहार ने आपको आपके घर (मदीना) से (बहुदेववादियों से युद्ध के लिए) सत्य के साथ निकाला, हालाँकि निश्चय ईमान वालों का एक समूह तो (इसे) नापसंद करने वाला था।
८:६
يُجَـٰدِلُونَكَ
वो झगड़ते थे आप से
yujādilūnaka
वो झगड़ते थे आप से فِى concerning fī
concerning ٱلْحَقِّ हक़ में l-ḥaqi
हक़ में بَعْدَ مَا बाद उसके जो baʿdamā
बाद उसके जो تَبَيَّنَ वो वाज़ेह हो गया था tabayyana
वो वाज़ेह हो गया था كَأَنَّمَا गोया कि ka-annamā
गोया कि يُسَاقُونَ वो हाँके जा रहे थे yusāqūna
वो हाँके जा रहे थे إِلَى to ilā
to ٱلْمَوْتِ तरफ़ मौत के l-mawti
तरफ़ मौत के وَهُمْ और वो wahum
और वो يَنظُرُونَ वो देख रहे थे yanẓurūna
वो देख रहे थे ٦ (6)
(6)
वो झगड़ते थे आप से فِى concerning fī
concerning ٱلْحَقِّ हक़ में l-ḥaqi
हक़ में بَعْدَ مَا बाद उसके जो baʿdamā
बाद उसके जो تَبَيَّنَ वो वाज़ेह हो गया था tabayyana
वो वाज़ेह हो गया था كَأَنَّمَا गोया कि ka-annamā
गोया कि يُسَاقُونَ वो हाँके जा रहे थे yusāqūna
वो हाँके जा रहे थे إِلَى to ilā
to ٱلْمَوْتِ तरफ़ मौत के l-mawti
तरफ़ मौत के وَهُمْ और वो wahum
और वो يَنظُرُونَ वो देख रहे थे yanẓurūna
वो देख रहे थे ٦ (6)
(6)
वे आपसे सच के बारे में झगड़ते थे, इसके बाद कि वह स्पष्ट हो चुका था, जैसे उन्हें मौत की ओर हाँका जा रहा है और वे उसे देख रहे हैं।
८:७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब يَعِدُكُمُ वादा कर रहा था तुमसे yaʿidukumu
वादा कर रहा था तुमसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِحْدَى एक का iḥ'dā
एक का ٱلطَّآئِفَتَيْنِ दो गिरोहों में से l-ṭāifatayni
दो गिरोहों में से أَنَّهَا बेशक वो annahā
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारे लिए है lakum
तुम्हारे लिए है وَتَوَدُّونَ और तुम चाहते थे watawaddūna
और तुम चाहते थे أَنَّ बेशक anna
बेशक غَيْرَ बग़ैर ghayra
बग़ैर ذَاتِ that dhāti
that ٱلشَّوْكَةِ हथियार वाला l-shawkati
हथियार वाला تَكُونُ हो जाए takūnu
हो जाए لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَيُرِيدُ और चाहता था wayurīdu
और चाहता था ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُحِقَّ वो साबित कर दे yuḥiqqa
वो साबित कर दे ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِكَلِمَـٰتِهِۦ अपने कलिमात से bikalimātihi
अपने कलिमात से وَيَقْطَعَ और वो काट डाले wayaqṭaʿa
और वो काट डाले دَابِرَ जड़ dābira
जड़ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की ٧ (7)
(7)
और जब يَعِدُكُمُ वादा कर रहा था तुमसे yaʿidukumu
वादा कर रहा था तुमसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِحْدَى एक का iḥ'dā
एक का ٱلطَّآئِفَتَيْنِ दो गिरोहों में से l-ṭāifatayni
दो गिरोहों में से أَنَّهَا बेशक वो annahā
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारे लिए है lakum
तुम्हारे लिए है وَتَوَدُّونَ और तुम चाहते थे watawaddūna
और तुम चाहते थे أَنَّ बेशक anna
बेशक غَيْرَ बग़ैर ghayra
बग़ैर ذَاتِ that dhāti
that ٱلشَّوْكَةِ हथियार वाला l-shawkati
हथियार वाला تَكُونُ हो जाए takūnu
हो जाए لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَيُرِيدُ और चाहता था wayurīdu
और चाहता था ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُحِقَّ वो साबित कर दे yuḥiqqa
वो साबित कर दे ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِكَلِمَـٰتِهِۦ अपने कलिमात से bikalimātihi
अपने कलिमात से وَيَقْطَعَ और वो काट डाले wayaqṭaʿa
और वो काट डाले دَابِرَ जड़ dābira
जड़ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की ٧ (7)
(7)
तथा (वह समय याद करो) जब अल्लाह तुम्हें वचन दे रहा था कि दो गिरोहों1 में से एक तुम्हारे हाथ आएगा और तुम चाहते थे कि निर्बल (निःशस्त्र) गिरोह तुम्हारे हाथ लगे। और अल्लाह चाहता था कि अपने वचन द्वारा सत्य को सिद्ध कर दे और काफ़िरों की जड़ काट दे।
८:८
لِيُحِقَّ
ताकि वो साबित कर दे
liyuḥiqqa
ताकि वो साबित कर दे ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَيُبْطِلَ और वो बातिल कर दे wayub'ṭila
और वो बातिल कर दे ٱلْبَـٰطِلَ बातिल को l-bāṭila
बातिल को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम लोग l-muj'rimūna
मुजरिम लोग ٨ (8)
(8)
ताकि वो साबित कर दे ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَيُبْطِلَ और वो बातिल कर दे wayub'ṭila
और वो बातिल कर दे ٱلْبَـٰطِلَ बातिल को l-bāṭila
बातिल को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम लोग l-muj'rimūna
मुजरिम लोग ٨ (8)
(8)
ताकि वह सत्य को सत्य कर दे और असत्य को असत्य कर दे, यद्यपि अपराधियों को बुरा लगे।
८:९
إِذْ
जब
idh
जब تَسْتَغِيثُونَ तुम फ़रियाद कर रहे थे tastaghīthūna
तुम फ़रियाद कर रहे थे رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से فَٱسْتَجَابَ तो उसने (दुआ) क़ुबूल कर ली fa-is'tajāba
तो उसने (दुआ) क़ुबूल कर ली لَكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी أَنِّى कि बेशक मैं annī
कि बेशक मैं مُمِدُّكُم मदद देने वाला हूँ तुम्हें mumiddukum
मदद देने वाला हूँ तुम्हें بِأَلْفٍۢ साथ एक हज़ार bi-alfin
साथ एक हज़ार مِّنَ of mina
of ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों के l-malāikati
फ़रिश्तों के مُرْدِفِينَ एक दूसरे के पीछे आने वाले mur'difīna
एक दूसरे के पीछे आने वाले ٩ (9)
(9)
जब تَسْتَغِيثُونَ तुम फ़रियाद कर रहे थे tastaghīthūna
तुम फ़रियाद कर रहे थे رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से فَٱسْتَجَابَ तो उसने (दुआ) क़ुबूल कर ली fa-is'tajāba
तो उसने (दुआ) क़ुबूल कर ली لَكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी أَنِّى कि बेशक मैं annī
कि बेशक मैं مُمِدُّكُم मदद देने वाला हूँ तुम्हें mumiddukum
मदद देने वाला हूँ तुम्हें بِأَلْفٍۢ साथ एक हज़ार bi-alfin
साथ एक हज़ार مِّنَ of mina
of ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों के l-malāikati
फ़रिश्तों के مُرْدِفِينَ एक दूसरे के पीछे आने वाले mur'difīna
एक दूसरे के पीछे आने वाले ٩ (9)
(9)
जब तुम अपने पालनहार से (बद्र के युद्ध के समय) मदद माँग रहे थे, तो उसने तुम्हारी प्रार्थना स्वीकार कर ली कि निःसंदेह मैं एक हज़ार फ़रिश्तों के साथ तुम्हारी सहायता करने वाला हूँ, जो एक-दूसरे के पीछे आने वाले हैं।1
८:१०
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं جَعَلَهُ बनाया उसे jaʿalahu
बनाया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بُشْرَىٰ ख़ुशख़बरी bush'rā
ख़ुशख़बरी وَلِتَطْمَئِنَّ और ताकि मुत्मईन हो जाऐं walitaṭma-inna
और ताकि मुत्मईन हो जाऐं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके قُلُوبُكُمْ ۚ दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلنَّصْرُ मदद l-naṣru
मदद إِلَّا मगर illā
मगर مِنْ from min
from عِندِ [of] ʿindi
[of] ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ١٠ (10)
(10)
और नहीं جَعَلَهُ बनाया उसे jaʿalahu
बनाया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بُشْرَىٰ ख़ुशख़बरी bush'rā
ख़ुशख़बरी وَلِتَطْمَئِنَّ और ताकि मुत्मईन हो जाऐं walitaṭma-inna
और ताकि मुत्मईन हो जाऐं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके قُلُوبُكُمْ ۚ दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلنَّصْرُ मदद l-naṣru
मदद إِلَّا मगर illā
मगर مِنْ from min
from عِندِ [of] ʿindi
[of] ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ١٠ (10)
(10)
और अल्लाह ने यह इसलिए किया कि (तुम्हारे लिए) शुभ सूचना हो और ताकि इसके साथ तुम्हारे दिल संतुष्ट हो जाएँ। अन्यथा सहायता तो अल्लाह ही की ओर से होती है। निःसंदेह अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:११
إِذْ
जब
idh
जब يُغَشِّيكُمُ उसने ढांप दी तुम पर yughashīkumu
उसने ढांप दी तुम पर ٱلنُّعَاسَ ऊँघ l-nuʿāsa
ऊँघ أَمَنَةًۭ अमन के लिए amanatan
अमन के लिए مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से وَيُنَزِّلُ और वो उतार रहा था wayunazzilu
और वो उतार रहा था عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी لِّيُطَهِّرَكُم ताकि वो पाक कर दे तुम्हें liyuṭahhirakum
ताकि वो पाक कर दे तुम्हें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَيُذْهِبَ और वो ले जाए wayudh'hiba
और वो ले जाए عَنكُمْ तुमसे ʿankum
तुमसे رِجْزَ नजासत rij'za
नजासत ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की l-shayṭāni
शैतान की وَلِيَرْبِطَ और ताकि वो मज़बूत कर दे waliyarbiṭa
और ताकि वो मज़बूत कर दे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों को qulūbikum
तुम्हारे दिलों को وَيُثَبِّتَ और वो जमा दे wayuthabbita
और वो जमा दे بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْأَقْدَامَ क़दमों को l-aqdāma
क़दमों को ١١ (11)
(11)
जब يُغَشِّيكُمُ उसने ढांप दी तुम पर yughashīkumu
उसने ढांप दी तुम पर ٱلنُّعَاسَ ऊँघ l-nuʿāsa
ऊँघ أَمَنَةًۭ अमन के लिए amanatan
अमन के लिए مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से وَيُنَزِّلُ और वो उतार रहा था wayunazzilu
और वो उतार रहा था عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी لِّيُطَهِّرَكُم ताकि वो पाक कर दे तुम्हें liyuṭahhirakum
ताकि वो पाक कर दे तुम्हें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَيُذْهِبَ और वो ले जाए wayudh'hiba
और वो ले जाए عَنكُمْ तुमसे ʿankum
तुमसे رِجْزَ नजासत rij'za
नजासत ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की l-shayṭāni
शैतान की وَلِيَرْبِطَ और ताकि वो मज़बूत कर दे waliyarbiṭa
और ताकि वो मज़बूत कर दे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों को qulūbikum
तुम्हारे दिलों को وَيُثَبِّتَ और वो जमा दे wayuthabbita
और वो जमा दे بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْأَقْدَامَ क़दमों को l-aqdāma
क़दमों को ١١ (11)
(11)
और वह समय याद करो जब अल्लाह अपनी ओर से शांति के लिए तुमपर ऊँघ डाल रहा था और तुमपर आकाश से जल बरसा रहा था, ताकि उसके द्वारा तुम्हें पाक कर दे और तुमसे शैतान की मलिनता दूर कर दे और तुम्हारे दिलों को मज़बूत कर दे और उसके द्वारा (तुम्हारे) पाँव जमा दे।1
८:१२
إِذْ
जब
idh
जब يُوحِى वही कर रहा था yūḥī
वही कर रहा था رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका إِلَى to ilā
to ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ तरफ़ फ़रिश्तों के l-malāikati
तरफ़ फ़रिश्तों के أَنِّى बेशक मैं annī
बेशक मैं مَعَكُمْ साथ हों तुम्हारे maʿakum
साथ हों तुम्हारे فَثَبِّتُوا۟ पस साबित रखो fathabbitū
पस साबित रखो ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ۚ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए سَأُلْقِى अनक़रीब मैं डाल दूँगा sa-ul'qī
अनक़रीब मैं डाल दूँगा فِى in fī
in قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلرُّعْبَ रौब को l-ruʿ'ba
रौब को فَٱضْرِبُوا۟ पस मारो fa-iḍ'ribū
पस मारो فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर ٱلْأَعْنَاقِ गर्दनों के l-aʿnāqi
गर्दनों के وَٱضْرِبُوا۟ और मारो wa-iḍ'ribū
और मारो مِنْهُمْ उनके min'hum
उनके كُلَّ हर kulla
हर بَنَانٍۢ पोर पर banānin
पोर पर ١٢ (12)
(12)
जब يُوحِى वही कर रहा था yūḥī
वही कर रहा था رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका إِلَى to ilā
to ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ तरफ़ फ़रिश्तों के l-malāikati
तरफ़ फ़रिश्तों के أَنِّى बेशक मैं annī
बेशक मैं مَعَكُمْ साथ हों तुम्हारे maʿakum
साथ हों तुम्हारे فَثَبِّتُوا۟ पस साबित रखो fathabbitū
पस साबित रखो ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ۚ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए سَأُلْقِى अनक़रीब मैं डाल दूँगा sa-ul'qī
अनक़रीब मैं डाल दूँगा فِى in fī
in قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلرُّعْبَ रौब को l-ruʿ'ba
रौब को فَٱضْرِبُوا۟ पस मारो fa-iḍ'ribū
पस मारो فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर ٱلْأَعْنَاقِ गर्दनों के l-aʿnāqi
गर्दनों के وَٱضْرِبُوا۟ और मारो wa-iḍ'ribū
और मारो مِنْهُمْ उनके min'hum
उनके كُلَّ हर kulla
हर بَنَانٍۢ पोर पर banānin
पोर पर ١٢ (12)
(12)
जब आपका पालनहार फ़रिश्तों की ओर वह़्य कर रहा था कि निःसंदेह मैं तुम्हारे साथ हूँ। अतः तुम ईमान वालों को स्थिर रखो। शीघ्र ही मैं काफ़िरों के दिलों में भय डाल दूँगा। तो (ऐ मुसलमानों!) तुम उनकी गरदनों के ऊपर मारो तथा उनके पोर-पोर पर आघात पहुँचाओ।
८:१३
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह इसके कि उन्होंने شَآقُّوا۟ मुख़ालिफ़त की shāqqū
मुख़ालिफ़त की ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ ۚ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُشَاقِقِ मुख़ालिफ़त करेगा yushāqiqi
मुख़ालिफ़त करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ١٣ (13)
(13)
ये بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह इसके कि उन्होंने شَآقُّوا۟ मुख़ालिफ़त की shāqqū
मुख़ालिफ़त की ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ ۚ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُشَاقِقِ मुख़ालिफ़त करेगा yushāqiqi
मुख़ालिफ़त करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ١٣ (13)
(13)
यह इसलिए कि निःसंदेह उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का विरोध किया तथा जो अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करे, तो निःसंदेह अल्लाह कड़ी यातना देने वाला है।
८:१४
ذَٰلِكُمْ
ये है ( सज़ा)
dhālikum
ये है ( सज़ा) فَذُوقُوهُ पस चख़ो इसे fadhūqūhu
पस चख़ो इसे وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابَ अज़ाब है ʿadhāba
अज़ाब है ٱلنَّارِ आग का l-nāri
आग का ١٤ (14)
(14)
ये है ( सज़ा) فَذُوقُوهُ पस चख़ो इसे fadhūqūhu
पस चख़ो इसे وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابَ अज़ाब है ʿadhāba
अज़ाब है ٱلنَّارِ आग का l-nāri
आग का ١٤ (14)
(14)
यह है (तुम्हारी यातना), तो इसका स्वाद चखो और (जान लो कि) निःसंदेह काफ़िरों के लिए जहन्नम की यातना (भी) है।
८:१५
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब لَقِيتُمُ मुलाक़ात करो तुम laqītumu
मुलाक़ात करो तुम ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया زَحْفًۭا मैदाने जंग में zaḥfan
मैदाने जंग में فَلَا पस ना falā
पस ना تُوَلُّوهُمُ तुम फेरो उनसे tuwallūhumu
तुम फेरो उनसे ٱلْأَدْبَارَ पुश्तों को l-adbāra
पुश्तों को ١٥ (15)
(15)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब لَقِيتُمُ मुलाक़ात करो तुम laqītumu
मुलाक़ात करो तुम ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया زَحْفًۭا मैदाने जंग में zaḥfan
मैदाने जंग में فَلَا पस ना falā
पस ना تُوَلُّوهُمُ तुम फेरो उनसे tuwallūhumu
तुम फेरो उनसे ٱلْأَدْبَارَ पुश्तों को l-adbāra
पुश्तों को ١٥ (15)
(15)
ऐ ईमान वालो! जब तुम काफ़िरों की सेना से भिड़ो, तो उनसे पीठें न फेरो।
८:१६
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يُوَلِّهِمْ फेरेगा उनसे yuwallihim
फेरेगा उनसे يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन دُبُرَهُۥٓ पुश्त अपनी duburahu
पुश्त अपनी إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مُتَحَرِّفًۭا पैंतरा बदलने वाले के mutaḥarrifan
पैंतरा बदलने वाले के لِّقِتَالٍ जंग के लिए liqitālin
जंग के लिए أَوْ या aw
या مُتَحَيِّزًا पनाह लेने वाले के mutaḥayyizan
पनाह लेने वाले के إِلَىٰ to ilā
to فِئَةٍۢ तरफ़ एक गिरोह के fi-atin
तरफ़ एक गिरोह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ بَآءَ वो पलटा bāa
वो पलटा بِغَضَبٍۢ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَمَأْوَىٰهُ और ठिकाना उसका wamawāhu
और ठिकाना उसका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْمَصِيرُ ठिकाना l-maṣīru
ठिकाना ١٦ (16)
(16)
और जो कोई يُوَلِّهِمْ फेरेगा उनसे yuwallihim
फेरेगा उनसे يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन دُبُرَهُۥٓ पुश्त अपनी duburahu
पुश्त अपनी إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مُتَحَرِّفًۭا पैंतरा बदलने वाले के mutaḥarrifan
पैंतरा बदलने वाले के لِّقِتَالٍ जंग के लिए liqitālin
जंग के लिए أَوْ या aw
या مُتَحَيِّزًا पनाह लेने वाले के mutaḥayyizan
पनाह लेने वाले के إِلَىٰ to ilā
to فِئَةٍۢ तरफ़ एक गिरोह के fi-atin
तरफ़ एक गिरोह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ بَآءَ वो पलटा bāa
वो पलटा بِغَضَبٍۢ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَمَأْوَىٰهُ और ठिकाना उसका wamawāhu
और ठिकाना उसका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْمَصِيرُ ठिकाना l-maṣīru
ठिकाना ١٦ (16)
(16)
और जो कोई उस दिन उनसे अपनी पीठ फेरे, सिवाय उसके जो पलटकर आक्रमण करने वाला अथवा (अपने) किसी गिरोह से मिलने वाला हो, तो निश्चय वह अल्लाह के प्रकोप के साथ लौटा, और उसका ठिकाना जहन्नम है और वह लौटने की बुरी जगह है।
८:१७
فَلَمْ
तो नहीं
falam
तो नहीं تَقْتُلُوهُمْ तुम ने क़त्ल किया उन्हें taqtulūhum
तुम ने क़त्ल किया उन्हें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने قَتَلَهُمْ ۚ क़त्ल किया उन्हें qatalahum
क़त्ल किया उन्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं رَمَيْتَ फेंका आपने ramayta
फेंका आपने إِذْ जब idh
जब رَمَيْتَ फेंका था आपने ramayta
फेंका था आपने وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने رَمَىٰ ۚ फेंका था ramā
फेंका था وَلِيُبْلِىَ और ताकि वो आज़माए waliyub'liya
और ताकि वो आज़माए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को مِنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से بَلَآءً आज़माइश balāan
आज़माइश حَسَنًا ۚ अच्छी से ḥasanan
अच्छी से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٧ (17)
(17)
तो नहीं تَقْتُلُوهُمْ तुम ने क़त्ल किया उन्हें taqtulūhum
तुम ने क़त्ल किया उन्हें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने قَتَلَهُمْ ۚ क़त्ल किया उन्हें qatalahum
क़त्ल किया उन्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं رَمَيْتَ फेंका आपने ramayta
फेंका आपने إِذْ जब idh
जब رَمَيْتَ फेंका था आपने ramayta
फेंका था आपने وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने رَمَىٰ ۚ फेंका था ramā
फेंका था وَلِيُبْلِىَ और ताकि वो आज़माए waliyub'liya
और ताकि वो आज़माए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को مِنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से بَلَآءً आज़माइश balāan
आज़माइश حَسَنًا ۚ अच्छी से ḥasanan
अच्छी से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٧ (17)
(17)
अतः (रणक्षेत्र में) तुमने उन्हें क़त्ल नहीं किया, परंतु अल्लाह ने उन्हें क़त्ल किया। और (ऐ नबी!) आपने नहीं फेंका जब आपने फेंका, परंतु अल्लाह ने फेंका। और (यह इसलिए हुआ) ताकि वह इसके द्वारा ईमान वालों को अच्छी तरह आज़माए। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।1
८:१८
ذَٰلِكُمْ
ये है
dhālikum
ये है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُوهِنُ कमज़ोर करने वाला है mūhinu
कमज़ोर करने वाला है كَيْدِ चाल को kaydi
चाल को ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की ١٨ (18)
(18)
ये है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُوهِنُ कमज़ोर करने वाला है mūhinu
कमज़ोर करने वाला है كَيْدِ चाल को kaydi
चाल को ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की ١٨ (18)
(18)
यह सब अल्लाह की ओर से है और निश्चय अल्लाह काफ़िरों की चालों को कमज़ोर करने वाला है।
८:१९
إِن
अगर
in
अगर تَسْتَفْتِحُوا۟ तुम फ़ैसला चाहते हो tastaftiḥū
तुम फ़ैसला चाहते हो فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ جَآءَكُمُ आ गया तुम्हारे पास jāakumu
आ गया तुम्हारे पास ٱلْفَتْحُ ۖ फ़ैसला l-fatḥu
फ़ैसला وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَنتَهُوا۟ तुम बाज़ आ जाओ tantahū
तुम बाज़ आ जाओ فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَعُودُوا۟ तुम लौटोगे taʿūdū
तुम लौटोगे نَعُدْ हम भी लौटेंगे naʿud
हम भी लौटेंगे وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تُغْنِىَ काम आएगा tugh'niya
काम आएगा عَنكُمْ तुम्हें ʿankum
तुम्हें فِئَتُكُمْ गिरोह तुम्हारा fi-atukum
गिरोह तुम्हारा شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَثُرَتْ वो बकसरत हों kathurat
वो बकसरत हों وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के l-mu'minīna
ईमान लाने वालों के ١٩ (19)
(19)
अगर تَسْتَفْتِحُوا۟ तुम फ़ैसला चाहते हो tastaftiḥū
तुम फ़ैसला चाहते हो فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ جَآءَكُمُ आ गया तुम्हारे पास jāakumu
आ गया तुम्हारे पास ٱلْفَتْحُ ۖ फ़ैसला l-fatḥu
फ़ैसला وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَنتَهُوا۟ तुम बाज़ आ जाओ tantahū
तुम बाज़ आ जाओ فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَعُودُوا۟ तुम लौटोगे taʿūdū
तुम लौटोगे نَعُدْ हम भी लौटेंगे naʿud
हम भी लौटेंगे وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تُغْنِىَ काम आएगा tugh'niya
काम आएगा عَنكُمْ तुम्हें ʿankum
तुम्हें فِئَتُكُمْ गिरोह तुम्हारा fi-atukum
गिरोह तुम्हारा شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَثُرَتْ वो बकसरत हों kathurat
वो बकसरत हों وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के l-mu'minīna
ईमान लाने वालों के ١٩ (19)
(19)
यदि तुम1 निर्णय चाहते हो, तो तुम्हारे पास निर्णय आ चुका, और यदि तुम रुक जाओ, तो वह तुम्हारे लिए बेहतर है। और यदि तुम फिर पहले जैसा करोगे, तो हम (भी) वैसा ही करेंगे, और तुम्हारा जत्था हरगिज़ तुम्हारे कुछ काम न आएगा, चाहे वह बहुत अधिक हो। और निश्चय अल्लाह ईमान वालों के साथ है।
८:२०
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَطِيعُوا۟ इताअत करो aṭīʿū
इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَلَا और ना walā
और ना تَوَلَّوْا۟ तुम मुँह फेरो tawallaw
तुम मुँह फेरो عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَأَنتُمْ जब कि तुम wa-antum
जब कि तुम تَسْمَعُونَ तुम सुन रहे हो tasmaʿūna
तुम सुन रहे हो ٢٠ (20)
(20)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَطِيعُوا۟ इताअत करो aṭīʿū
इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَلَا और ना walā
और ना تَوَلَّوْا۟ तुम मुँह फेरो tawallaw
तुम मुँह फेरो عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَأَنتُمْ जब कि तुम wa-antum
जब कि तुम تَسْمَعُونَ तुम सुन रहे हो tasmaʿūna
तुम सुन रहे हो ٢٠ (20)
(20)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह और उसके रसूल का आज्ञापालन करो और उससे मुँह न फेरो, जबकि तुम सुन रहे हो।
८:२१
وَلَا
और ना
walā
और ना تَكُونُوا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ उनकी तरह जिन्होंने ka-alladhīna
उनकी तरह जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो لَا (do) not lā
(do) not يَسْمَعُونَ नहीं वो सुनते yasmaʿūna
नहीं वो सुनते ٢١ (21)
(21)
और ना تَكُونُوا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ उनकी तरह जिन्होंने ka-alladhīna
उनकी तरह जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो لَا (do) not lā
(do) not يَسْمَعُونَ नहीं वो सुनते yasmaʿūna
नहीं वो सुनते ٢١ (21)
(21)
तथा उन लोगों के समान1 न हो जाओ, जिन्होंने कहा कि हमने सुन लिया, हालाँकि वे नहीं सुनते।
८:२२
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक شَرَّ बदतरीन sharra
बदतरीन ٱلدَّوَآبِّ जानदार l-dawābi
जानदार عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱلصُّمُّ वो बहरे l-ṣumu
वो बहरे ٱلْبُكْمُ गूँगे हैं l-buk'mu
गूँगे हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल से काम लेते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल से काम लेते ٢٢ (22)
(22)
बेशक شَرَّ बदतरीन sharra
बदतरीन ٱلدَّوَآبِّ जानदार l-dawābi
जानदार عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱلصُّمُّ वो बहरे l-ṣumu
वो बहरे ٱلْبُكْمُ गूँगे हैं l-buk'mu
गूँगे हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल से काम लेते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल से काम लेते ٢٢ (22)
(22)
निःसंदेह अल्लाह के निकट सब जानवरों से बुरे वे बहरे-गूँगे हैं, जो समझते नहीं।
८:२३
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर عَلِمَ जान लेता ʿalima
जान लेता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें خَيْرًۭا कोई भलाई khayran
कोई भलाई لَّأَسْمَعَهُمْ ۖ अलबत्ता वो सुनवा देता उन्हें la-asmaʿahum
अलबत्ता वो सुनवा देता उन्हें وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَسْمَعَهُمْ वो सुनवा देता उन्हें asmaʿahum
वो सुनवा देता उन्हें لَتَوَلَّوا۟ यक़ीनन वो मुँह फेर जाते latawallaw
यक़ीनन वो मुँह फेर जाते وَّهُم और वो हैं ही wahum
और वो हैं ही مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले ٢٣ (23)
(23)
और अगर عَلِمَ जान लेता ʿalima
जान लेता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें خَيْرًۭا कोई भलाई khayran
कोई भलाई لَّأَسْمَعَهُمْ ۖ अलबत्ता वो सुनवा देता उन्हें la-asmaʿahum
अलबत्ता वो सुनवा देता उन्हें وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَسْمَعَهُمْ वो सुनवा देता उन्हें asmaʿahum
वो सुनवा देता उन्हें لَتَوَلَّوا۟ यक़ीनन वो मुँह फेर जाते latawallaw
यक़ीनन वो मुँह फेर जाते وَّهُم और वो हैं ही wahum
और वो हैं ही مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले ٢٣ (23)
(23)
और यदि अल्लाह उनके अंदर कोई भलाई जानता, तो उन्हें अवश्य सुना देता और यदि वह उन्हें सुना देता, तो भी वे मुँह फेर जाते, इस हाल में कि वे उपेक्षा करने वाले होते।
८:२४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱسْتَجِيبُوا۟ क़ुबूल कर लो (हुक्म) is'tajībū
क़ुबूल कर लो (हुक्म) لِلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَلِلرَّسُولِ और रसूल का walilrrasūli
और रसूल का إِذَا जब idhā
जब دَعَاكُمْ वो पुकारे तुम्हें daʿākum
वो पुकारे तुम्हें لِمَا उसके लिए जो limā
उसके लिए जो يُحْيِيكُمْ ۖ ज़िन्दगी बख़्शता है तुम्हें yuḥ'yīkum
ज़िन्दगी बख़्शता है तुम्हें وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَحُولُ वो हाइल होता है yaḥūlu
वो हाइल होता है بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْمَرْءِ आदमी l-mari
आदमी وَقَلْبِهِۦ और उसके दिल के waqalbihi
और उसके दिल के وَأَنَّهُۥٓ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٢٤ (24)
(24)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱسْتَجِيبُوا۟ क़ुबूल कर लो (हुक्म) is'tajībū
क़ुबूल कर लो (हुक्म) لِلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَلِلرَّسُولِ और रसूल का walilrrasūli
और रसूल का إِذَا जब idhā
जब دَعَاكُمْ वो पुकारे तुम्हें daʿākum
वो पुकारे तुम्हें لِمَا उसके लिए जो limā
उसके लिए जो يُحْيِيكُمْ ۖ ज़िन्दगी बख़्शता है तुम्हें yuḥ'yīkum
ज़िन्दगी बख़्शता है तुम्हें وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَحُولُ वो हाइल होता है yaḥūlu
वो हाइल होता है بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْمَرْءِ आदमी l-mari
आदमी وَقَلْبِهِۦ और उसके दिल के waqalbihi
और उसके दिल के وَأَنَّهُۥٓ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٢٤ (24)
(24)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह और उसके रसूल के बुलावे को स्वीकार करो, जब वह तुम्हें उस चीज़ के लिए बुलाए, जो तुम्हें1 जीवन प्रदान करती है। और जान लो कि निःसंदेह अल्लाह आदमी और उसके दिल के बीच रुकावट2 बन जाता है। और यह कि निःसंदेह तुम उसी की ओर लौटाए जाओगे।
८:२५
وَٱتَّقُوا۟
और डरो
wa-ittaqū
और डरो فِتْنَةًۭ फ़ितने से (उस) fit'natan
फ़ितने से (उस) لَّا not lā
not تُصِيبَنَّ जो हरगिज़ ना पहुँचेगा tuṣībanna
जो हरगिज़ ना पहुँचेगा ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से خَآصَّةًۭ ۖ ख़ासकर khāṣṣatan
ख़ासकर وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢٥ (25)
(25)
और डरो فِتْنَةًۭ फ़ितने से (उस) fit'natan
फ़ितने से (उस) لَّا not lā
not تُصِيبَنَّ जो हरगिज़ ना पहुँचेगा tuṣībanna
जो हरगिज़ ना पहुँचेगा ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से خَآصَّةًۭ ۖ ख़ासकर khāṣṣatan
ख़ासकर وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢٥ (25)
(25)
तथा उस फ़ितने से बचो, जो तुममें से विशेष रूप से अत्याचारियों ही पर नहीं आएगा और जान लो कि अल्लाह कड़ी यातना1 देने वाला है।
८:२६
وَٱذْكُرُوٓا۟
और याद करो
wa-udh'kurū
और याद करो إِذْ जब idh
जब أَنتُمْ तुम antum
तुम قَلِيلٌۭ थोड़े थे qalīlun
थोड़े थे مُّسْتَضْعَفُونَ कमज़ोर समझे जाते थे mus'taḍʿafūna
कमज़ोर समझे जाते थे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में تَخَافُونَ तुम डरते थे takhāfūna
तुम डरते थे أَن कि an
कि يَتَخَطَّفَكُمُ उचक लेंगे तुम्हें yatakhaṭṭafakumu
उचक लेंगे तुम्हें ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग فَـَٔاوَىٰكُمْ फिर उसने ठिकाना दिया तुम्हें faāwākum
फिर उसने ठिकाना दिया तुम्हें وَأَيَّدَكُم और उसने ताईद की तुम्हारी wa-ayyadakum
और उसने ताईद की तुम्हारी بِنَصْرِهِۦ अपनी मदद से binaṣrihi
अपनी मदद से وَرَزَقَكُم और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें warazaqakum
और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٢٦ (26)
(26)
और याद करो إِذْ जब idh
जब أَنتُمْ तुम antum
तुम قَلِيلٌۭ थोड़े थे qalīlun
थोड़े थे مُّسْتَضْعَفُونَ कमज़ोर समझे जाते थे mus'taḍʿafūna
कमज़ोर समझे जाते थे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में تَخَافُونَ तुम डरते थे takhāfūna
तुम डरते थे أَن कि an
कि يَتَخَطَّفَكُمُ उचक लेंगे तुम्हें yatakhaṭṭafakumu
उचक लेंगे तुम्हें ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग فَـَٔاوَىٰكُمْ फिर उसने ठिकाना दिया तुम्हें faāwākum
फिर उसने ठिकाना दिया तुम्हें وَأَيَّدَكُم और उसने ताईद की तुम्हारी wa-ayyadakum
और उसने ताईद की तुम्हारी بِنَصْرِهِۦ अपनी मदद से binaṣrihi
अपनी मदद से وَرَزَقَكُم और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें warazaqakum
और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٢٦ (26)
(26)
तथा वह समय याद करो, जब तुम बहुत थोड़े थे, धरती (मक्का) में बहुत कमज़ोर समझे गए थे। तुम डरते थे कि लोग तुम्हें उचक कर ले जाएँगे। तो उस (अल्लाह) ने तुम्हें (मदीना में) शरण दी और अपनी सहायता द्वारा तुम्हें शक्ति प्रदान की और तुम्हें पवित्र चीज़ों से जीविका प्रदान की, ताकि तुम शुक्रिया अदा करो।
८:२७
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَخُونُوا۟ ना तुम ख़यानत करो takhūnū
ना तुम ख़यानत करो ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह وَٱلرَّسُولَ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की وَتَخُونُوٓا۟ और (ना) तुम ख़यानत करो watakhūnū
और (ना) तुम ख़यानत करो أَمَـٰنَـٰتِكُمْ अपनी अमानतों में amānātikum
अपनी अमानतों में وَأَنتُمْ जबकि तुम wa-antum
जबकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ٢٧ (27)
(27)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَخُونُوا۟ ना तुम ख़यानत करो takhūnū
ना तुम ख़यानत करो ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह وَٱلرَّسُولَ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की وَتَخُونُوٓا۟ और (ना) तुम ख़यानत करो watakhūnū
और (ना) तुम ख़यानत करो أَمَـٰنَـٰتِكُمْ अपनी अमानतों में amānātikum
अपनी अमानतों में وَأَنتُمْ जबकि तुम wa-antum
जबकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ٢٧ (27)
(27)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह तथा उसके रसूल के साथ विश्वासघात न करो और न अपनी अमानतों में ख़यानत1 करो, जबकि तुम जानते हो।
८:२८
وَٱعْلَمُوٓا۟
और जान लो
wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّمَآ बेशक annamā
बेशक أَمْوَٰلُكُمْ माल तुम्हारे amwālukum
माल तुम्हारे وَأَوْلَـٰدُكُمْ और औलाद तुम्हारी wa-awlādukum
और औलाद तुम्हारी فِتْنَةٌۭ आज़माइश हैं fit'natun
आज़माइश हैं وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عِندَهُۥٓ उसके पास ʿindahu
उसके पास أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٢٨ (28)
(28)
और जान लो أَنَّمَآ बेशक annamā
बेशक أَمْوَٰلُكُمْ माल तुम्हारे amwālukum
माल तुम्हारे وَأَوْلَـٰدُكُمْ और औलाद तुम्हारी wa-awlādukum
और औलाद तुम्हारी فِتْنَةٌۭ आज़माइश हैं fit'natun
आज़माइश हैं وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عِندَهُۥٓ उसके पास ʿindahu
उसके पास أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٢٨ (28)
(28)
तथा जान लो कि तुम्हारे धन और तुम्हारी संतान एक परीक्षण हैं और यह कि निश्चय अल्लाह के पास बहुत बड़ा प्रतिफल है।
८:२९
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلَّذِينَ लोगो जो alladhīna
लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِن अगर in
अगर تَتَّقُوا۟ तुम डरोगे tattaqū
तुम डरोगे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَجْعَل वो बना देगा yajʿal
वो बना देगा لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فُرْقَانًۭا फ़ुरक़ान fur'qānan
फ़ुरक़ान وَيُكَفِّرْ और वो दूर कर देगा wayukaffir
और वो दूर कर देगा عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराइयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराइयाँ तुम्हारी وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ ۗ तुम्हें lakum
तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is) the Possessor dhū
(is) the Possessor ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाला है l-faḍli
फ़ज़ल वाला है ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ٢٩ (29)
(29)
ऐ ٱلَّذِينَ लोगो जो alladhīna
लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِن अगर in
अगर تَتَّقُوا۟ तुम डरोगे tattaqū
तुम डरोगे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَجْعَل वो बना देगा yajʿal
वो बना देगा لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فُرْقَانًۭا फ़ुरक़ान fur'qānan
फ़ुरक़ान وَيُكَفِّرْ और वो दूर कर देगा wayukaffir
और वो दूर कर देगा عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराइयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराइयाँ तुम्हारी وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ ۗ तुम्हें lakum
तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is) the Possessor dhū
(is) the Possessor ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाला है l-faḍli
फ़ज़ल वाला है ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ٢٩ (29)
(29)
ऐ ईमान वालो! यदि तुम अल्लाह से डरोगे, तो वह तुम्हें (सत्य और असत्य के बीच) अंतर करने की शक्ति1 प्रदान करेगा तथा तुमसे तुम्हारी बुराइयाँ दूर कर देगा और तुम्हे क्षमा कर देगा। और अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है।
८:३०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब يَمْكُرُ चालें चल रहे थे yamkuru
चालें चल रहे थे بِكَ साथ आपके bika
साथ आपके ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِيُثْبِتُوكَ ताकि वो क़ैद कर लें आपको liyuth'bitūka
ताकि वो क़ैद कर लें आपको أَوْ या aw
या يَقْتُلُوكَ वो क़त्ल कर दें आपको yaqtulūka
वो क़त्ल कर दें आपको أَوْ या aw
या يُخْرِجُوكَ ۚ वो निकाल दें आपको yukh'rijūka
वो निकाल दें आपको وَيَمْكُرُونَ और वो चालें चल रहे थे wayamkurūna
और वो चालें चल रहे थे وَيَمْكُرُ और तदबीर कर रहा था wayamkuru
और तदबीर कर रहा था ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْمَـٰكِرِينَ सब तदबीर करने वालों से l-mākirīna
सब तदबीर करने वालों से ٣٠ (30)
(30)
और जब يَمْكُرُ चालें चल रहे थे yamkuru
चालें चल रहे थे بِكَ साथ आपके bika
साथ आपके ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِيُثْبِتُوكَ ताकि वो क़ैद कर लें आपको liyuth'bitūka
ताकि वो क़ैद कर लें आपको أَوْ या aw
या يَقْتُلُوكَ वो क़त्ल कर दें आपको yaqtulūka
वो क़त्ल कर दें आपको أَوْ या aw
या يُخْرِجُوكَ ۚ वो निकाल दें आपको yukh'rijūka
वो निकाल दें आपको وَيَمْكُرُونَ और वो चालें चल रहे थे wayamkurūna
और वो चालें चल रहे थे وَيَمْكُرُ और तदबीर कर रहा था wayamkuru
और तदबीर कर रहा था ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْمَـٰكِرِينَ सब तदबीर करने वालों से l-mākirīna
सब तदबीर करने वालों से ٣٠ (30)
(30)
तथा (ऐ नबी! वह समय याद करो) जब (मक्का में) काफ़िर आपके विरुद्ध गुप्त उपाय कर रहे थे, ताकि आपको क़ैद कर दें, अथवा आपका वध कर दें अथवा आपको (देश से) बाहर निकाल दें। तथा वे गुप्त उपाय कर रहे थे और अल्लाह भी गुप्त उपाय कर रहा था और अल्लाह सब गुप्त उपाय करने वालों से बेहतर गुप्त उपाय करने वाला है।1
८:३१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَمِعْنَا सुन लिया हमने samiʿ'nā
सुन लिया हमने لَوْ अगर law
अगर نَشَآءُ हम चाहें nashāu
हम चाहें لَقُلْنَا अलबत्ता कह लें हम laqul'nā
अलबत्ता कह लें हम مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द هَـٰذَآ ۙ इसी के hādhā
इसी के إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ asāṭīru
कहानियाँ ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٣١ (31)
(31)
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَمِعْنَا सुन लिया हमने samiʿ'nā
सुन लिया हमने لَوْ अगर law
अगर نَشَآءُ हम चाहें nashāu
हम चाहें لَقُلْنَا अलबत्ता कह लें हम laqul'nā
अलबत्ता कह लें हम مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द هَـٰذَآ ۙ इसी के hādhā
इसी के إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ asāṭīru
कहानियाँ ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٣١ (31)
(31)
और जब उनके सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती है, तो वे कहते हैं : निःसंदेह हमने सुन लिया। यदि हम चाहें, तो निश्चय इस (क़ुरआन) जैसा हम भी कह दें। यह तो पहले लोगों की काल्पनिक कहानियों के सिवा कुछ नहीं।
८:३२
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है هَـٰذَا ये hādhā
ये هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْحَقَّ जो हक़ है l-ḥaqa
जो हक़ है مِنْ [of] min
[of] عِندِكَ तेरे पास से ʿindika
तेरे पास से فَأَمْطِرْ तो बरसा fa-amṭir
तो बरसा عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर حِجَارَةًۭ पत्थर ḥijāratan
पत्थर مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से أَوِ या awi
या ٱئْتِنَا ले आ हम पर i'tinā
ले आ हम पर بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍۢ दर्दनाक alīmin
दर्दनाक ٣٢ (32)
(32)
और जब قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है هَـٰذَا ये hādhā
ये هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْحَقَّ जो हक़ है l-ḥaqa
जो हक़ है مِنْ [of] min
[of] عِندِكَ तेरे पास से ʿindika
तेरे पास से فَأَمْطِرْ तो बरसा fa-amṭir
तो बरसा عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर حِجَارَةًۭ पत्थर ḥijāratan
पत्थर مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से أَوِ या awi
या ٱئْتِنَا ले आ हम पर i'tinā
ले आ हम पर بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍۢ दर्दनाक alīmin
दर्दनाक ٣٢ (32)
(32)
तथा (याद करो) जब उन्होंने कहा : ऐ अल्लाह! यदि यही1 तेरी ओर से सत्य है, तो हमपर आकाश से पत्थरों की वर्षा कर दे अथवा हमपर कोई दुःखदायी यातना ले आ।
८:३३
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُعَذِّبَهُمْ कि वो अज़ाब दे उन्हें liyuʿadhibahum
कि वो अज़ाब दे उन्हें وَأَنتَ जबकि आप wa-anta
जबकि आप فِيهِمْ ۚ उनमें (मौजूद हों) fīhim
उनमें (मौजूद हों) وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مُعَذِّبَهُمْ अज़ाब देने वाला है उन्हें muʿadhibahum
अज़ाब देने वाला है उन्हें وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो يَسْتَغْفِرُونَ वो इस्तग़फ़ार कर रहे हों yastaghfirūna
वो इस्तग़फ़ार कर रहे हों ٣٣ (33)
(33)
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُعَذِّبَهُمْ कि वो अज़ाब दे उन्हें liyuʿadhibahum
कि वो अज़ाब दे उन्हें وَأَنتَ जबकि आप wa-anta
जबकि आप فِيهِمْ ۚ उनमें (मौजूद हों) fīhim
उनमें (मौजूद हों) وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مُعَذِّبَهُمْ अज़ाब देने वाला है उन्हें muʿadhibahum
अज़ाब देने वाला है उन्हें وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो يَسْتَغْفِرُونَ वो इस्तग़फ़ार कर रहे हों yastaghfirūna
वो इस्तग़फ़ार कर रहे हों ٣٣ (33)
(33)
और अल्लाह कभी ऐसा नहीं कि उनमें आपके होते हुए उन्हें यातना दे, और अल्लाह उन्हें कभी यातना देने वाला नहीं, जब कि वे क्षमा याचना करते हों।
८:३४
وَمَا
और क्या है
wamā
और क्या है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें أَلَّا कि ना allā
कि ना يُعَذِّبَهُمُ अज़ाब देगा उन्हें yuʿadhibahumu
अज़ाब देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَصُدُّونَ वो रोकते हैं yaṣuddūna
वो रोकते हैं عَنِ from ʿani
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid l-masjidi
Al-Masjid ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं كَانُوٓا۟ हैं वो kānū
हैं वो أَوْلِيَآءَهُۥٓ ۚ मुतवल्ली उसके awliyāahu
मुतवल्ली उसके إِنْ नहीं in
नहीं أَوْلِيَآؤُهُۥٓ मुतवल्ली उसके awliyāuhu
मुतवल्ली उसके إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْمُتَّقُونَ मुत्तक़ी लोग l-mutaqūna
मुत्तक़ी लोग وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٣٤ (34)
(34)
और क्या है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें أَلَّا कि ना allā
कि ना يُعَذِّبَهُمُ अज़ाब देगा उन्हें yuʿadhibahumu
अज़ाब देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَصُدُّونَ वो रोकते हैं yaṣuddūna
वो रोकते हैं عَنِ from ʿani
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid l-masjidi
Al-Masjid ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं كَانُوٓا۟ हैं वो kānū
हैं वो أَوْلِيَآءَهُۥٓ ۚ मुतवल्ली उसके awliyāahu
मुतवल्ली उसके إِنْ नहीं in
नहीं أَوْلِيَآؤُهُۥٓ मुतवल्ली उसके awliyāuhu
मुतवल्ली उसके إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْمُتَّقُونَ मुत्तक़ी लोग l-mutaqūna
मुत्तक़ी लोग وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٣٤ (34)
(34)
और उन्हें क्या है कि अल्लाह उन्हें यातना न दे, जबकि वे 'मस्जिदे ह़राम' (का'बा) से रोक रहे हैं, हालाँकि वे उसके संरक्षक नहीं। उसके संरक्षक तो केवल अल्लाह के डरने वाले बंदे हैं। परंतु उनके अधिकांश लोग नहीं जानते।
८:३५
وَمَا
और ना
wamā
और ना كَانَ थी kāna
थी صَلَاتُهُمْ नमाज़ उनकी ṣalātuhum
नमाज़ उनकी عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْبَيْتِ बैतुल्लाह के l-bayti
बैतुल्लाह के إِلَّا मगर illā
मगर مُكَآءًۭ सीटियाँ बजाना mukāan
सीटियाँ बजाना وَتَصْدِيَةًۭ ۚ और तालियाँ बजाना wataṣdiyatan
और तालियाँ बजाना فَذُوقُوا۟ पस चख़ो fadhūqū
पस चख़ो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ٣٥ (35)
(35)
और ना كَانَ थी kāna
थी صَلَاتُهُمْ नमाज़ उनकी ṣalātuhum
नमाज़ उनकी عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْبَيْتِ बैतुल्लाह के l-bayti
बैतुल्लाह के إِلَّا मगर illā
मगर مُكَآءًۭ सीटियाँ बजाना mukāan
सीटियाँ बजाना وَتَصْدِيَةًۭ ۚ और तालियाँ बजाना wataṣdiyatan
और तालियाँ बजाना فَذُوقُوا۟ पस चख़ो fadhūqū
पस चख़ो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ٣٥ (35)
(35)
और उनकी नमाज़ उस घर (काबा) के पास सीटियाँ बजाने और तालियाँ बजाने के सिवा कुछ भी नहीं होती। तो अब अपने कुफ़्र (इनकार) के बदले यातना1 का स्वाद चखो।
८:३६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को لِيَصُدُّوا۟ ताकि वो रोकें liyaṣuddū
ताकि वो रोकें عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से فَسَيُنفِقُونَهَا पस अनक़रीब वो ख़र्च करेंगे उसे fasayunfiqūnahā
पस अनक़रीब वो ख़र्च करेंगे उसे ثُمَّ फिर thumma
फिर تَكُونُ वो हो जाएगा takūnu
वो हो जाएगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَسْرَةًۭ हसरत (का सबब ) ḥasratan
हसरत (का सबब ) ثُمَّ फिर thumma
फिर يُغْلَبُونَ ۗ वो मग़लूब किए जाऐंगे yugh'labūna
वो मग़लूब किए जाऐंगे وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के يُحْشَرُونَ वो इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharūna
वो इकट्ठे किए जाऐंगे ٣٦ (36)
(36)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को لِيَصُدُّوا۟ ताकि वो रोकें liyaṣuddū
ताकि वो रोकें عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से فَسَيُنفِقُونَهَا पस अनक़रीब वो ख़र्च करेंगे उसे fasayunfiqūnahā
पस अनक़रीब वो ख़र्च करेंगे उसे ثُمَّ फिर thumma
फिर تَكُونُ वो हो जाएगा takūnu
वो हो जाएगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَسْرَةًۭ हसरत (का सबब ) ḥasratan
हसरत (का सबब ) ثُمَّ फिर thumma
फिर يُغْلَبُونَ ۗ वो मग़लूब किए जाऐंगे yugh'labūna
वो मग़लूब किए जाऐंगे وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के يُحْشَرُونَ वो इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharūna
वो इकट्ठे किए जाऐंगे ٣٦ (36)
(36)
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे अपने धन ख़र्च करते हैं ताकि अल्लाह के रास्ते से रोकें। तो वे उन्हें ख़र्च करते रहेंगे, फिर (ऐसा समय आएगा कि) वह उनके लिए पछतावे का कारण होगा। फिर वे पराजित होंगे। तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे जहन्नम की ओर एकत्र किए जाएँगे।
८:३७
لِيَمِيزَ
ताकि जुदा कर दे
liyamīza
ताकि जुदा कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को مِنَ from mina
from ٱلطَّيِّبِ पाक से l-ṭayibi
पाक से وَيَجْعَلَ और वो कर दे wayajʿala
और वो कर दे ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को بَعْضَهُۥ उसके बाज़ को baʿḍahu
उसके बाज़ को عَلَىٰ on ʿalā
on بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर فَيَرْكُمَهُۥ फिर वो ढेर लगा दे उसका fayarkumahu
फिर वो ढेर लगा दे उसका جَمِيعًۭا सबका jamīʿan
सबका فَيَجْعَلَهُۥ फिर वो डाल दे उसे fayajʿalahu
फिर वो डाल दे उसे فِى in fī
in جَهَنَّمَ ۚ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٣٧ (37)
(37)
ताकि जुदा कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को مِنَ from mina
from ٱلطَّيِّبِ पाक से l-ṭayibi
पाक से وَيَجْعَلَ और वो कर दे wayajʿala
और वो कर दे ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को بَعْضَهُۥ उसके बाज़ को baʿḍahu
उसके बाज़ को عَلَىٰ on ʿalā
on بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर فَيَرْكُمَهُۥ फिर वो ढेर लगा दे उसका fayarkumahu
फिर वो ढेर लगा दे उसका جَمِيعًۭا सबका jamīʿan
सबका فَيَجْعَلَهُۥ फिर वो डाल दे उसे fayajʿalahu
फिर वो डाल दे उसे فِى in fī
in جَهَنَّمَ ۚ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٣٧ (37)
(37)
ताकि अल्लाह अपवित्र को पवित्र से अलग कर दे, तथा अपवित्र को एक पर एक रखकर ढेर बना दे। फिर उसे जहन्नम में फेंक दे। यही लोग घाटे में पड़ने वाले हैं।
८:३८
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِن अगर in
अगर يَنتَهُوا۟ वो बाज़ आ जाऐं yantahū
वो बाज़ आ जाऐं يُغْفَرْ बख़्श दिया जाएगा yugh'far
बख़्श दिया जाएगा لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो mā
जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَلَفَ पहले हो गया salafa
पहले हो गया وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَعُودُوا۟ वो पलटेंगे yaʿūdū
वो पलटेंगे فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ مَضَتْ गुज़र चुकी maḍat
गुज़र चुकी سُنَّتُ सुन्नत sunnatu
सुन्नत ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की (तरीक़ा) l-awalīna
पहलों की (तरीक़ा) ٣٨ (38)
(38)
कह दीजिए لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِن अगर in
अगर يَنتَهُوا۟ वो बाज़ आ जाऐं yantahū
वो बाज़ आ जाऐं يُغْفَرْ बख़्श दिया जाएगा yugh'far
बख़्श दिया जाएगा لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो mā
जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَلَفَ पहले हो गया salafa
पहले हो गया وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَعُودُوا۟ वो पलटेंगे yaʿūdū
वो पलटेंगे فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ مَضَتْ गुज़र चुकी maḍat
गुज़र चुकी سُنَّتُ सुन्नत sunnatu
सुन्नत ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की (तरीक़ा) l-awalīna
पहलों की (तरीक़ा) ٣٨ (38)
(38)
(ऐ नबी!) इन काफ़िरों से कह दें : यदि वे बाज़ आ जाएँ1, तो जो कुछ हो चुका, उन्हें क्षमा कर दिया जाएगा, और यदि वे फिर ऐसा ही करें, तो पहले लोगों (के बारे में अल्लाह) का तरीक़ा गुज़र ही चुका है।
८:३९
وَقَـٰتِلُوهُمْ
और जंग करो उनसे
waqātilūhum
और जंग करो उनसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि لَا not lā
not تَكُونَ ना रहे takūna
ना रहे فِتْنَةٌۭ कोई फ़ितना fit'natun
कोई फ़ितना وَيَكُونَ और हो जाए wayakūna
और हो जाए ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन كُلُّهُۥ सारे का सारा kulluhu
सारे का सारा لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱنتَهَوْا۟ वो बाज़ आ जाऐं intahaw
वो बाज़ आ जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٣٩ (39)
(39)
और जंग करो उनसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि لَا not lā
not تَكُونَ ना रहे takūna
ना रहे فِتْنَةٌۭ कोई फ़ितना fit'natun
कोई फ़ितना وَيَكُونَ और हो जाए wayakūna
और हो जाए ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन كُلُّهُۥ सारे का सारा kulluhu
सारे का सारा لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱنتَهَوْا۟ वो बाज़ आ जाऐं intahaw
वो बाज़ आ जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٣٩ (39)
(39)
तथा उनसे युद्ध करो, यहाँ तक कि कोई फ़ितना1 न रह जाए और धर्म पूरा का पूरा अल्लाह के लिए हो जाए। फिर यदि वे बाज़ आ जाएँ, तो निःसंदेह अल्लाह जो कुछ वे कर रहे हैं, उसे खूब देखने वाला है।
८:४०
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَوْلَىٰكُمْ ۚ मौला है तुम्हारा mawlākum
मौला है तुम्हारा نِعْمَ कितना अच्छा है niʿ'ma
कितना अच्छा है ٱلْمَوْلَىٰ मौला l-mawlā
मौला وَنِعْمَ और कितना अच्छा है waniʿ'ma
और कितना अच्छा है ٱلنَّصِيرُ मददगार l-naṣīru
मददगार ٤٠ (40)
(40)
और अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَوْلَىٰكُمْ ۚ मौला है तुम्हारा mawlākum
मौला है तुम्हारा نِعْمَ कितना अच्छा है niʿ'ma
कितना अच्छा है ٱلْمَوْلَىٰ मौला l-mawlā
मौला وَنِعْمَ और कितना अच्छा है waniʿ'ma
और कितना अच्छा है ٱلنَّصِيرُ मददगार l-naṣīru
मददगार ٤٠ (40)
(40)
और यदि वे मुँह फेरें, तो जान लो कि निश्चय अल्लाह तुम्हारा संरक्षक है। वह बहुत अच्छा संरक्षक तथा बहुत अच्छा सहायक है।
८:४१
۞ وَٱعْلَمُوٓا۟
और जान लो
wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّمَا कि बेशक जो annamā
कि बेशक जो غَنِمْتُم ग़नीमत में पाओ तुम ghanim'tum
ग़नीमत में पाओ तुम مِّن of min
of شَىْءٍۢ कोई भी चीज़ shayin
कोई भी चीज़ فَأَنَّ तो बेशक fa-anna
तो बेशक لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है خُمُسَهُۥ पाँचवां हिस्सा उसका khumusahu
पाँचवां हिस्सा उसका وَلِلرَّسُولِ और रसूल के लिए walilrrasūli
और रसूल के लिए وَلِذِى and for the walidhī
and for the ٱلْقُرْبَىٰ और क़राबतदारों के लिए l-qur'bā
और क़राबतदारों के लिए وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों wal-yatāmā
और यतीमों وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों wal-masākīni
और मिस्कीनों وَٱبْنِ and the wa-ib'ni
and the ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िर के लिए l-sabīli
और मुसाफ़िर के लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और उस पर जो wamā
और उस पर जो أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने عَلَىٰ to ʿalā
to عَبْدِنَا अपने बन्दे पर ʿabdinā
अपने बन्दे पर يَوْمَ (on the) day yawma
(on the) day ٱلْفُرْقَانِ फ़ैसले के दिन l-fur'qāni
फ़ैसले के दिन يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन ٱلْتَقَى आमने-सामने हुईं l-taqā
आमने-सामने हुईं ٱلْجَمْعَانِ ۗ दो जमाअतें l-jamʿāni
दो जमाअतें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٤١ (41)
(41)
और जान लो أَنَّمَا कि बेशक जो annamā
कि बेशक जो غَنِمْتُم ग़नीमत में पाओ तुम ghanim'tum
ग़नीमत में पाओ तुम مِّن of min
of شَىْءٍۢ कोई भी चीज़ shayin
कोई भी चीज़ فَأَنَّ तो बेशक fa-anna
तो बेशक لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है خُمُسَهُۥ पाँचवां हिस्सा उसका khumusahu
पाँचवां हिस्सा उसका وَلِلرَّسُولِ और रसूल के लिए walilrrasūli
और रसूल के लिए وَلِذِى and for the walidhī
and for the ٱلْقُرْبَىٰ और क़राबतदारों के लिए l-qur'bā
और क़राबतदारों के लिए وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों wal-yatāmā
और यतीमों وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों wal-masākīni
और मिस्कीनों وَٱبْنِ and the wa-ib'ni
and the ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िर के लिए l-sabīli
और मुसाफ़िर के लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और उस पर जो wamā
और उस पर जो أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने عَلَىٰ to ʿalā
to عَبْدِنَا अपने बन्दे पर ʿabdinā
अपने बन्दे पर يَوْمَ (on the) day yawma
(on the) day ٱلْفُرْقَانِ फ़ैसले के दिन l-fur'qāni
फ़ैसले के दिन يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन ٱلْتَقَى आमने-सामने हुईं l-taqā
आमने-सामने हुईं ٱلْجَمْعَانِ ۗ दो जमाअतें l-jamʿāni
दो जमाअतें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٤١ (41)
(41)
और जान लो1 कि निःसंदेह तुम्हें जो कुछ भी ग़नीमत के रूप में मिले, तो निश्चय उसका पाँचवाँ भाग अल्लाह के लिए तथा रसूल के लिए और (आपके) निकट-संबंधियों तथा अनाथों, निर्धनों और यात्रियों के लिए है, यदि तुम अल्लाह पर तथा उस चीज़ पर ईमान लाए हो, जो हमने अपने बंदे2 पर निर्णय के दिन उतारी। जिस दिन, दो सेनाएँ भिड़ गईं और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
८:४२
إِذْ
जब
idh
जब أَنتُم तुम antum
तुम بِٱلْعُدْوَةِ किनारे पर थे bil-ʿud'wati
किनारे पर थे ٱلدُّنْيَا क़रीब के l-dun'yā
क़रीब के وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْعُدْوَةِ किनारे पर थे bil-ʿud'wati
किनारे पर थे ٱلْقُصْوَىٰ दूर के l-quṣ'wā
दूर के وَٱلرَّكْبُ और क़ाफ़िला wal-rakbu
और क़ाफ़िला أَسْفَلَ नीचे था asfala
नीचे था مِنكُمْ ۚ तुमसे minkum
तुमसे وَلَوْ और अगर walaw
और अगर تَوَاعَدتُّمْ आपस में वादा करते तुम tawāʿadttum
आपस में वादा करते तुम لَٱخْتَلَفْتُمْ अलबत्ता इख़्तिलाफ़ करते तुम la-ikh'talaftum
अलबत्ता इख़्तिलाफ़ करते तुम فِى in fī
in ٱلْمِيعَـٰدِ ۙ मुक़र्रर वक़्त/जगह के बारे में l-mīʿādi
मुक़र्रर वक़्त/जगह के बारे में وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لِّيَقْضِىَ ताकि पूरा कर दे liyaqḍiya
ताकि पूरा कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَمْرًۭا एक काम को amran
एक काम को كَانَ जो था kāna
जो था مَفْعُولًۭا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला لِّيَهْلِكَ ताकि वो हलाक हो liyahlika
ताकि वो हलाक हो مَنْ जो man
जो هَلَكَ हलाक हो halaka
हलाक हो عَنۢ on ʿan
on بَيِّنَةٍۢ साथ वाज़ेह दलील के bayyinatin
साथ वाज़ेह दलील के وَيَحْيَىٰ और वो ज़िन्दा रहे wayaḥyā
और वो ज़िन्दा रहे مَنْ जो man
जो حَىَّ ज़िन्दा रहे ḥayya
ज़िन्दा रहे عَنۢ on ʿan
on بَيِّنَةٍۢ ۗ साथ वाज़ेह दलील के bayyinatin
साथ वाज़ेह दलील के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَسَمِيعٌ अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है lasamīʿun
अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٤٢ (42)
(42)
जब أَنتُم तुम antum
तुम بِٱلْعُدْوَةِ किनारे पर थे bil-ʿud'wati
किनारे पर थे ٱلدُّنْيَا क़रीब के l-dun'yā
क़रीब के وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْعُدْوَةِ किनारे पर थे bil-ʿud'wati
किनारे पर थे ٱلْقُصْوَىٰ दूर के l-quṣ'wā
दूर के وَٱلرَّكْبُ और क़ाफ़िला wal-rakbu
और क़ाफ़िला أَسْفَلَ नीचे था asfala
नीचे था مِنكُمْ ۚ तुमसे minkum
तुमसे وَلَوْ और अगर walaw
और अगर تَوَاعَدتُّمْ आपस में वादा करते तुम tawāʿadttum
आपस में वादा करते तुम لَٱخْتَلَفْتُمْ अलबत्ता इख़्तिलाफ़ करते तुम la-ikh'talaftum
अलबत्ता इख़्तिलाफ़ करते तुम فِى in fī
in ٱلْمِيعَـٰدِ ۙ मुक़र्रर वक़्त/जगह के बारे में l-mīʿādi
मुक़र्रर वक़्त/जगह के बारे में وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لِّيَقْضِىَ ताकि पूरा कर दे liyaqḍiya
ताकि पूरा कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَمْرًۭا एक काम को amran
एक काम को كَانَ जो था kāna
जो था مَفْعُولًۭا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला لِّيَهْلِكَ ताकि वो हलाक हो liyahlika
ताकि वो हलाक हो مَنْ जो man
जो هَلَكَ हलाक हो halaka
हलाक हो عَنۢ on ʿan
on بَيِّنَةٍۢ साथ वाज़ेह दलील के bayyinatin
साथ वाज़ेह दलील के وَيَحْيَىٰ और वो ज़िन्दा रहे wayaḥyā
और वो ज़िन्दा रहे مَنْ जो man
जो حَىَّ ज़िन्दा रहे ḥayya
ज़िन्दा रहे عَنۢ on ʿan
on بَيِّنَةٍۢ ۗ साथ वाज़ेह दलील के bayyinatin
साथ वाज़ेह दलील के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَسَمِيعٌ अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है lasamīʿun
अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٤٢ (42)
(42)
तथा उस समय को याद करो, जब तुम (घाटी के) निकटवर्ती छोर पर थे तथा वे (तुम्हारे शत्रु) दूरस्थ छोर पर थे और क़ाफ़िला तुमसे नीचे की ओर था। और अगर तुमने एक-दूसरे से वादा किया होता, तो तुम निश्चित रूप से नियत समय के बारे में आगे-पीछे हो जाते। लेकिन ताकि अल्लाह उस काम को पूरा कर दे, जो किया जाने वाला था। ताकि जो नष्ट हो, वह स्पष्ट प्रमाण के साथ नष्ट हो और जो जीवित रहे वह स्पष्ट प्रमाण के साथ जीवित रहे, और निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
८:४३
إِذْ
जब
idh
जब يُرِيكَهُمُ दिखाया आपको उन्हें yurīkahumu
दिखाया आपको उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in مَنَامِكَ आपके ख़्वाब में manāmika
आपके ख़्वाब में قَلِيلًۭا ۖ थोड़े qalīlan
थोड़े وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَرَىٰكَهُمْ वो दिखाता आपको उन्हें arākahum
वो दिखाता आपको उन्हें كَثِيرًۭا ज़्यादा kathīran
ज़्यादा لَّفَشِلْتُمْ अलबत्ता हिम्मत हार जाते तुम lafashil'tum
अलबत्ता हिम्मत हार जाते तुम وَلَتَنَـٰزَعْتُمْ और अलबत्ता बाहम झगड़ने लगते तुम walatanāzaʿtum
और अलबत्ता बाहम झगड़ने लगते तुम فِى in fī
in ٱلْأَمْرِ मामले में l-amri
मामले में وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने سَلَّمَ ۗ सलामत रखा sallama
सलामत रखा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what is in bidhāti
of what is in ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ٤٣ (43)
(43)
जब يُرِيكَهُمُ दिखाया आपको उन्हें yurīkahumu
दिखाया आपको उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in مَنَامِكَ आपके ख़्वाब में manāmika
आपके ख़्वाब में قَلِيلًۭا ۖ थोड़े qalīlan
थोड़े وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَرَىٰكَهُمْ वो दिखाता आपको उन्हें arākahum
वो दिखाता आपको उन्हें كَثِيرًۭا ज़्यादा kathīran
ज़्यादा لَّفَشِلْتُمْ अलबत्ता हिम्मत हार जाते तुम lafashil'tum
अलबत्ता हिम्मत हार जाते तुम وَلَتَنَـٰزَعْتُمْ और अलबत्ता बाहम झगड़ने लगते तुम walatanāzaʿtum
और अलबत्ता बाहम झगड़ने लगते तुम فِى in fī
in ٱلْأَمْرِ मामले में l-amri
मामले में وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने سَلَّمَ ۗ सलामत रखा sallama
सलामत रखा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what is in bidhāti
of what is in ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ٤٣ (43)
(43)
जब अल्लाह आपको आपके सपने1 में उन्हें थोड़े दिखा रहा था, और यदि वह आपको उन्हें अधिक दिखाता, तो तुम अवश्य साहस खो देते और अवश्य इस मामले में आपस में झगड़ पड़ते। परंतु अल्लाह ने बचा लिया। निःसंदेह वह सीनों की बातों से भली-भाँति अवगत है।
८:४४
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब يُرِيكُمُوهُمْ वो दिखा रहा था तुम्हें उनको yurīkumūhum
वो दिखा रहा था तुम्हें उनको إِذِ जब idhi
जब ٱلْتَقَيْتُمْ आमने-सामने हुए तुम l-taqaytum
आमने-सामने हुए तुम فِىٓ in fī
in أَعْيُنِكُمْ तुम्हारी निगाहों में aʿyunikum
तुम्हारी निगाहों में قَلِيلًۭا थोड़े qalīlan
थोड़े وَيُقَلِّلُكُمْ और वो थोड़ा दिखा रहा था तुम्हें wayuqallilukum
और वो थोड़ा दिखा रहा था तुम्हें فِىٓ in fī
in أَعْيُنِهِمْ उनकी निगाहों में aʿyunihim
उनकी निगाहों में لِيَقْضِىَ ताकि वो पूरा कर दे liyaqḍiya
ताकि वो पूरा कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَمْرًۭا काम amran
काम كَانَ था जो kāna
था जो مَفْعُولًۭا ۗ होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला وَإِلَى And to wa-ilā
And to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के تُرْجَعُ लौटाए जाते हैं tur'jaʿu
लौटाए जाते हैं ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम ٤٤ (44)
(44)
और जब يُرِيكُمُوهُمْ वो दिखा रहा था तुम्हें उनको yurīkumūhum
वो दिखा रहा था तुम्हें उनको إِذِ जब idhi
जब ٱلْتَقَيْتُمْ आमने-सामने हुए तुम l-taqaytum
आमने-सामने हुए तुम فِىٓ in fī
in أَعْيُنِكُمْ तुम्हारी निगाहों में aʿyunikum
तुम्हारी निगाहों में قَلِيلًۭا थोड़े qalīlan
थोड़े وَيُقَلِّلُكُمْ और वो थोड़ा दिखा रहा था तुम्हें wayuqallilukum
और वो थोड़ा दिखा रहा था तुम्हें فِىٓ in fī
in أَعْيُنِهِمْ उनकी निगाहों में aʿyunihim
उनकी निगाहों में لِيَقْضِىَ ताकि वो पूरा कर दे liyaqḍiya
ताकि वो पूरा कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَمْرًۭا काम amran
काम كَانَ था जो kāna
था जो مَفْعُولًۭا ۗ होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला وَإِلَى And to wa-ilā
And to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के تُرْجَعُ लौटाए जाते हैं tur'jaʿu
लौटाए जाते हैं ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम ٤٤ (44)
(44)
तथा जब वह तुम्हें, जब तुम्हारी परस्पर मुठभेड़ हुई, उनको तुम्हारी नज़रों में थोड़े दिखाता था, और तुमको उनकी नज़रों में बहुत कम करके दिखाता था, ताकि अल्लाह उस काम को पूरा कर दे, जो किया जाने वाला था। और सारे मामले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।1
८:४५
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब لَقِيتُمْ मुक़ाबला हो तुम्हारा laqītum
मुक़ाबला हो तुम्हारा فِئَةًۭ किसी गिरोह से fi-atan
किसी गिरोह से فَٱثْبُتُوا۟ तो साबित क़दम रहो fa-uth'butū
तो साबित क़दम रहो وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से لَّعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पाओ ٤٥ (45)
(45)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब لَقِيتُمْ मुक़ाबला हो तुम्हारा laqītum
मुक़ाबला हो तुम्हारा فِئَةًۭ किसी गिरोह से fi-atan
किसी गिरोह से فَٱثْبُتُوا۟ तो साबित क़दम रहो fa-uth'butū
तो साबित क़दम रहो وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को كَثِيرًۭا कसरत से kathīran
कसरत से لَّعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पाओ ٤٥ (45)
(45)
ऐ ईमान वालो! जब तुम किसी गिरोह से भिड़ो, तो जमे रहो तथा अल्लाह को बहुत याद करो, ताकि तुम्हें सफलता प्राप्त हो।
८:४६
وَأَطِيعُوا۟
और इताअत करो
wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَلَا और ना walā
और ना تَنَـٰزَعُوا۟ तुम बाहम झगड़ो tanāzaʿū
तुम बाहम झगड़ो فَتَفْشَلُوا۟ वरना तुम कम हिम्मत हो जाओगे fatafshalū
वरना तुम कम हिम्मत हो जाओगे وَتَذْهَبَ और जाती रहेगी watadhhaba
और जाती रहेगी رِيحُكُمْ ۖ हवा (शान) तुम्हारी rīḥukum
हवा (शान) तुम्हारी وَٱصْبِرُوٓا۟ ۚ और सब्र करो wa-iṣ'birū
और सब्र करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ٤٦ (46)
(46)
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَلَا और ना walā
और ना تَنَـٰزَعُوا۟ तुम बाहम झगड़ो tanāzaʿū
तुम बाहम झगड़ो فَتَفْشَلُوا۟ वरना तुम कम हिम्मत हो जाओगे fatafshalū
वरना तुम कम हिम्मत हो जाओगे وَتَذْهَبَ और जाती रहेगी watadhhaba
और जाती रहेगी رِيحُكُمْ ۖ हवा (शान) तुम्हारी rīḥukum
हवा (शान) तुम्हारी وَٱصْبِرُوٓا۟ ۚ और सब्र करो wa-iṣ'birū
और सब्र करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ٤٦ (46)
(46)
तथा अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो और आपस में विवाद न करो, अन्यथा तुम कायर बन जाओगे और तुम्हारी हवा उखड़ जाएगी। तथा धैर्य रखो, निःसंदेह अल्लाह धैर्य रखने वालों के साथ है।
८:४७
وَلَا
और ना
walā
और ना تَكُونُوا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ मानिन्द उनके जो ka-alladhīna
मानिन्द उनके जो خَرَجُوا۟ निकले kharajū
निकले مِن from min
from دِيَـٰرِهِم अपने घरों से diyārihim
अपने घरों से بَطَرًۭا इतराते हुए baṭaran
इतराते हुए وَرِئَآءَ और दिखावा करते हुए wariāa
और दिखावा करते हुए ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को وَيَصُدُّونَ और वो रोकते थे wayaṣuddūna
और वो रोकते थे عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं مُحِيطٌۭ घेरने वाला है muḥīṭun
घेरने वाला है ٤٧ (47)
(47)
और ना تَكُونُوا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ मानिन्द उनके जो ka-alladhīna
मानिन्द उनके जो خَرَجُوا۟ निकले kharajū
निकले مِن from min
from دِيَـٰرِهِم अपने घरों से diyārihim
अपने घरों से بَطَرًۭا इतराते हुए baṭaran
इतराते हुए وَرِئَآءَ और दिखावा करते हुए wariāa
और दिखावा करते हुए ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को وَيَصُدُّونَ और वो रोकते थे wayaṣuddūna
और वो रोकते थे عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं مُحِيطٌۭ घेरने वाला है muḥīṭun
घेरने वाला है ٤٧ (47)
(47)
और उन1 लोगों के समान न हो जाओ, जो अपने घरों से इतराते हुए तथा लोगों को दिखावा करते हुए निकले। और वे अल्लाह के मार्ग से रोकते थे। हालाँकि जो कुछ वे कर रहे थे, अल्लाह उसे (अपने ज्ञान के) घेरे में लिए हुए है।
८:४८
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब زَيَّنَ मुज़य्यन कर दिया zayyana
मुज़य्यन कर दिया لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने أَعْمَـٰلَهُمْ उनके आमाल को aʿmālahum
उनके आमाल को وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा لَا नहीं lā
नहीं غَالِبَ कोई ग़ालिब आने वाला ghāliba
कोई ग़ालिब आने वाला لَكُمُ तुम पर lakumu
तुम पर ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं جَارٌۭ हमसाया/हिमायती हूँ jārun
हमसाया/हिमायती हूँ لَّكُمْ ۖ तुम्हारा lakum
तुम्हारा فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब تَرَآءَتِ एक-दूसरे को देखा tarāati
एक-दूसरे को देखा ٱلْفِئَتَانِ दोनों जमाअतों ने l-fi-atāni
दोनों जमाअतों ने نَكَصَ वो पलट गया nakaṣa
वो पलट गया عَلَىٰ on ʿalā
on عَقِبَيْهِ अपनी दोनों एड़ियों पर ʿaqibayhi
अपनी दोनों एड़ियों पर وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं بَرِىٓءٌۭ बरी उज़ ज़िम्मा हूँ barīon
बरी उज़ ज़िम्मा हूँ مِّنكُمْ तुम से minkum
तुम से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَرَىٰ मैं देख रहा हूँ arā
मैं देख रहा हूँ مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَرَوْنَ नहीं तुम देख रहे tarawna
नहीं तुम देख रहे إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٤٨ (48)
(48)
और जब زَيَّنَ मुज़य्यन कर दिया zayyana
मुज़य्यन कर दिया لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने أَعْمَـٰلَهُمْ उनके आमाल को aʿmālahum
उनके आमाल को وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा لَا नहीं lā
नहीं غَالِبَ कोई ग़ालिब आने वाला ghāliba
कोई ग़ालिब आने वाला لَكُمُ तुम पर lakumu
तुम पर ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं جَارٌۭ हमसाया/हिमायती हूँ jārun
हमसाया/हिमायती हूँ لَّكُمْ ۖ तुम्हारा lakum
तुम्हारा فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब تَرَآءَتِ एक-दूसरे को देखा tarāati
एक-दूसरे को देखा ٱلْفِئَتَانِ दोनों जमाअतों ने l-fi-atāni
दोनों जमाअतों ने نَكَصَ वो पलट गया nakaṣa
वो पलट गया عَلَىٰ on ʿalā
on عَقِبَيْهِ अपनी दोनों एड़ियों पर ʿaqibayhi
अपनी दोनों एड़ियों पर وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं بَرِىٓءٌۭ बरी उज़ ज़िम्मा हूँ barīon
बरी उज़ ज़िम्मा हूँ مِّنكُمْ तुम से minkum
तुम से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَرَىٰ मैं देख रहा हूँ arā
मैं देख रहा हूँ مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَرَوْنَ नहीं तुम देख रहे tarawna
नहीं तुम देख रहे إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٤٨ (48)
(48)
और जब शैतान1 ने उनके लिए उनके कर्मों को सुंदर बना दिया और कहा : आज लोगों में से कोई भी तुमपर प्रबल नहीं होगा और निश्चय मैं तुम्हारा समर्थक हूँ। फिर जब दोनों समूह आमने-सामने हुए, तो वह अपनी एड़ियों के बल फिर गया और उसने कहा : निःसंदेह मैं तुमसे अलग हूँ। निःसंदेह मैं वह कुछ देख रहा हूँ, जो तुम नहीं देखते। निश्चय मैं अल्लाह से डरता हूँ और अल्लाह बहुत कठोर यातना देने वाला है।
८:४९
إِذْ
जब
idh
जब يَقُولُ कह रह थे yaqūlu
कह रह थे ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ وَٱلَّذِينَ और वो लोग wa-alladhīna
और वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके مَّرَضٌ बीमारी थी maraḍun
बीमारी थी غَرَّ धोखे में डाल दिया है gharra
धोखे में डाल दिया है هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों को hāulāi
उन लोगों को دِينُهُمْ ۗ उनके दीन ने dīnuhum
उनके दीन ने وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَكَّلْ तवक्कल करेगा yatawakkal
तवक्कल करेगा عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٤٩ (49)
(49)
जब يَقُولُ कह रह थे yaqūlu
कह रह थे ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ وَٱلَّذِينَ और वो लोग wa-alladhīna
और वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके مَّرَضٌ बीमारी थी maraḍun
बीमारी थी غَرَّ धोखे में डाल दिया है gharra
धोखे में डाल दिया है هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों को hāulāi
उन लोगों को دِينُهُمْ ۗ उनके दीन ने dīnuhum
उनके दीन ने وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَكَّلْ तवक्कल करेगा yatawakkal
तवक्कल करेगा عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٤٩ (49)
(49)
जब मुनाफ़िक़ तथा वे लोग जिनके दिलों में बीमारी थे, कह रहे थे : इन लोगों को इनके धर्म ने धोखा दिया है। हालाँकि जो अल्लाह पर भरोसा करे, तो निःसंदेह अल्लाह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:५०
وَلَوْ
और काश
walaw
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذْ जब idh
जब يَتَوَفَّى फ़ौत करते हैं yatawaffā
फ़ौत करते हैं ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۙ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते يَضْرِبُونَ वो मारते हैं yaḍribūna
वो मारते हैं وُجُوهَهُمْ उनके चेहरों पर wujūhahum
उनके चेहरों पर وَأَدْبَـٰرَهُمْ और उनकी पीठों पर wa-adbārahum
और उनकी पीठों पर وَذُوقُوا۟ और (वो कहते हैं) चखो wadhūqū
और (वो कहते हैं) चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْحَرِيقِ आग का l-ḥarīqi
आग का ٥٠ (50)
(50)
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذْ जब idh
जब يَتَوَفَّى फ़ौत करते हैं yatawaffā
फ़ौत करते हैं ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۙ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते يَضْرِبُونَ वो मारते हैं yaḍribūna
वो मारते हैं وُجُوهَهُمْ उनके चेहरों पर wujūhahum
उनके चेहरों पर وَأَدْبَـٰرَهُمْ और उनकी पीठों पर wa-adbārahum
और उनकी पीठों पर وَذُوقُوا۟ और (वो कहते हैं) चखो wadhūqū
और (वो कहते हैं) चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْحَرِيقِ आग का l-ḥarīqi
आग का ٥٠ (50)
(50)
और काश! आप देखें, जब फ़रिश्ते काफ़िरों के प्राण निकालते हैं, उनके चेहरों और उनकी पीठों पर मारते हैं (और कहते हैं) जलाने वाली यातना1 का मज़ा चखो।
८:५१
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيكُمْ तुम्हारे हाथों ने aydīkum
तुम्हारे हाथों ने وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِظَلَّـٰمٍۢ कोई ज़ुल्म करने वाला biẓallāmin
कोई ज़ुल्म करने वाला لِّلْعَبِيدِ बन्दों पर lil'ʿabīdi
बन्दों पर ٥١ (51)
(51)
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيكُمْ तुम्हारे हाथों ने aydīkum
तुम्हारे हाथों ने وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِظَلَّـٰمٍۢ कोई ज़ुल्म करने वाला biẓallāmin
कोई ज़ुल्म करने वाला لِّلْعَبِيدِ बन्दों पर lil'ʿabīdi
बन्दों पर ٥١ (51)
(51)
यह उसके बदले में है जो तुम्हारे हाथों ने आगे भेजा और इसलिए कि निश्चय अल्लाह बंदों पर तनिक भी अत्याचार नहीं करता।
८:५२
كَدَأْبِ
जैसी हालत थी
kadabi
जैसी हालत थी ءَالِ (of) people āli
(of) people فِرْعَوْنَ ۙ आले फ़िरऔन की fir'ʿawna
आले फ़िरऔन की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِ in (the) Signs biāyāti
in (the) Signs ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का فَأَخَذَهُمُ फिर पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
फिर पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِذُنُوبِهِمْ ۗ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह قَوِىٌّۭ बहुत क़ुव्वत वाला है qawiyyun
बहुत क़ुव्वत वाला है شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٥٢ (52)
(52)
जैसी हालत थी ءَالِ (of) people āli
(of) people فِرْعَوْنَ ۙ आले फ़िरऔन की fir'ʿawna
आले फ़िरऔन की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِ in (the) Signs biāyāti
in (the) Signs ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का فَأَخَذَهُمُ फिर पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
फिर पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِذُنُوبِهِمْ ۗ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह قَوِىٌّۭ बहुत क़ुव्वत वाला है qawiyyun
बहुत क़ुव्वत वाला है شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٥٢ (52)
(52)
(इनका हाल) फ़िरऔनियों तथा उनसे पहले के लोगों के हाल की तरह हुआ। उन्होंने अल्लाह की निशानियों का इनकार किया, तो अल्लाह ने उन्हें उनके गुनाहों के कारण पकड़ लिया। निःसंदेह अल्लाह बहुत शक्तिशाली, बहुत कठोर दंड वाला है।
८:५३
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِأَنَّ बवजह इसके कि bi-anna
बवजह इसके कि ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَمْ नहीं lam
नहीं يَكُ है वो yaku
है वो مُغَيِّرًۭا तब्दील करने वाला mughayyiran
तब्दील करने वाला نِّعْمَةً किसी नेअमत को niʿ'matan
किसी नेअमत को أَنْعَمَهَا उसने इनाम किया हो जिसे anʿamahā
उसने इनाम किया हो जिसे عَلَىٰ on ʿalā
on قَوْمٍ किसी क़ौम पर qawmin
किसी क़ौम पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُغَيِّرُوا۟ वो तब्दील कर दें yughayyirū
वो तब्दील कर दें مَا उसे जो mā
उसे जो بِأَنفُسِهِمْ ۙ उनके नफ़्सों में है bi-anfusihim
उनके नफ़्सों में है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٥٣ (53)
(53)
ये بِأَنَّ बवजह इसके कि bi-anna
बवजह इसके कि ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَمْ नहीं lam
नहीं يَكُ है वो yaku
है वो مُغَيِّرًۭا तब्दील करने वाला mughayyiran
तब्दील करने वाला نِّعْمَةً किसी नेअमत को niʿ'matan
किसी नेअमत को أَنْعَمَهَا उसने इनाम किया हो जिसे anʿamahā
उसने इनाम किया हो जिसे عَلَىٰ on ʿalā
on قَوْمٍ किसी क़ौम पर qawmin
किसी क़ौम पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُغَيِّرُوا۟ वो तब्दील कर दें yughayyirū
वो तब्दील कर दें مَا उसे जो mā
उसे जो بِأَنفُسِهِمْ ۙ उनके नफ़्सों में है bi-anfusihim
उनके नफ़्सों में है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٥٣ (53)
(53)
यह इस कारण (हुआ) कि अल्लाह कभी भी उस नेमत को बदलने वाला नहीं है, जो उसने किसी जाति पर की हो, यहाँ तक कि वे (स्वयं) बदल दें जो उनके दिलों में है। और इसलिए कि अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
८:५४
كَدَأْبِ
जैसी हालत थी
kadabi
जैसी हालत थी ءَالِ (of) people āli
(of) people فِرْعَوْنَ ۙ आले फ़िरऔन की fir'ʿawna
आले फ़िरऔन की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِ आयात को biāyāti
आयात को رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की فَأَهْلَكْنَـٰهُم तो हलाक कर दिया हमने उन्हें fa-ahlaknāhum
तो हलाक कर दिया हमने उन्हें بِذُنُوبِهِمْ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَأَغْرَقْنَآ और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ ۚ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को وَكُلٌّۭ और सबके सब wakullun
और सबके सब كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ٥٤ (54)
(54)
जैसी हालत थी ءَالِ (of) people āli
(of) people فِرْعَوْنَ ۙ आले फ़िरऔन की fir'ʿawna
आले फ़िरऔन की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِ आयात को biāyāti
आयात को رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की فَأَهْلَكْنَـٰهُم तो हलाक कर दिया हमने उन्हें fa-ahlaknāhum
तो हलाक कर दिया हमने उन्हें بِذُنُوبِهِمْ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَأَغْرَقْنَآ और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ ۚ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को وَكُلٌّۭ और सबके सब wakullun
और सबके सब كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ٥٤ (54)
(54)
इनकी दशा फ़िरऔनियों तथा उन लोगों जैसी हुई, जो उनसे पहले थे। उन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया, तो हमने उन्हें उनके पापों के कारण विनष्ट कर दिया तथा फ़िरऔनियों को डुबो दिया। और वे सभी अत्याचारी थे।1
८:५५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक شَرَّ बदतरीन sharra
बदतरीन ٱلدَّوَآبِّ जानदारों में l-dawābi
जानदारों में عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱلَّذِينَ वो हैं जिन्होंने alladhīna
वो हैं जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (will) not lā
(will) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٥٥ (55)
(55)
बेशक شَرَّ बदतरीन sharra
बदतरीन ٱلدَّوَآبِّ जानदारों में l-dawābi
जानदारों में عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱلَّذِينَ वो हैं जिन्होंने alladhīna
वो हैं जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (will) not lā
(will) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٥٥ (55)
(55)
निःसंदेह अल्लाह की दृष्टि में सभी जानवरों से बुरे वे लोग हैं, जिन्होंने कुफ़्र किया, इसलिए वे ईमान नहीं लाते।
८:५६
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो عَـٰهَدتَّ अहद लिया आपने ʿāhadtta
अहद लिया आपने مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे ثُمَّ फिर thumma
फिर يَنقُضُونَ वो तोड़ देते हैं yanquḍūna
वो तोड़ देते हैं عَهْدَهُمْ अपने अहद को ʿahdahum
अपने अहद को فِى [in] fī
[in] كُلِّ हर kulli
हर مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not lā
(do) not يَتَّقُونَ नहीं वो डरते yattaqūna
नहीं वो डरते ٥٦ (56)
(56)
वो लोग जो عَـٰهَدتَّ अहद लिया आपने ʿāhadtta
अहद लिया आपने مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे ثُمَّ फिर thumma
फिर يَنقُضُونَ वो तोड़ देते हैं yanquḍūna
वो तोड़ देते हैं عَهْدَهُمْ अपने अहद को ʿahdahum
अपने अहद को فِى [in] fī
[in] كُلِّ हर kulli
हर مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not lā
(do) not يَتَّقُونَ नहीं वो डरते yattaqūna
नहीं वो डरते ٥٦ (56)
(56)
वे लोग1 जिनसे तूने संधि की। फिर वे हर बार अपना वचन भंग कर देते हैं। और वे (अल्लाह से) नहीं डरते।
८:५७
فَإِمَّا
फिर अगर
fa-immā
फिर अगर تَثْقَفَنَّهُمْ आप पाऐं उन्हें tathqafannahum
आप पाऐं उन्हें فِى in fī
in ٱلْحَرْبِ जंग में l-ḥarbi
जंग में فَشَرِّدْ तो मार भगाऐं fasharrid
तो मार भगाऐं بِهِم उनके ज़रिए bihim
उनके ज़रिए مَّنْ उन्हें जो man
उन्हें जो خَلْفَهُمْ पीछे हैं उनके khalfahum
पीछे हैं उनके لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٥٧ (57)
(57)
फिर अगर تَثْقَفَنَّهُمْ आप पाऐं उन्हें tathqafannahum
आप पाऐं उन्हें فِى in fī
in ٱلْحَرْبِ जंग में l-ḥarbi
जंग में فَشَرِّدْ तो मार भगाऐं fasharrid
तो मार भगाऐं بِهِم उनके ज़रिए bihim
उनके ज़रिए مَّنْ उन्हें जो man
उन्हें जो خَلْفَهُمْ पीछे हैं उनके khalfahum
पीछे हैं उनके لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٥٧ (57)
(57)
तो यदि कभी तुम उन्हें युद्ध में पा जाओ, तो उनपर भारी प्रहार करने के साथ उन लोगों को भगा दो, जो उनके पीछे हैं, ताकि वे सीख ग्रहण करें।
८:५८
وَإِمَّا
और अगर
wa-immā
और अगर تَخَافَنَّ आप वाक़ई ख़ौफ़ रखते हैं takhāfanna
आप वाक़ई ख़ौफ़ रखते हैं مِن from min
from قَوْمٍ किसी क़ौम से qawmin
किसी क़ौम से خِيَانَةًۭ ख़यानत का khiyānatan
ख़यानत का فَٱنۢبِذْ पस फेंक दीजिए (अहद) fa-inbidh
पस फेंक दीजिए (अहद) إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके عَلَىٰ on ʿalā
on سَوَآءٍ ۚ बराबरी पर sawāin
बराबरी पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْخَآئِنِينَ ख़यानत करने वालों को l-khāinīna
ख़यानत करने वालों को ٥٨ (58)
(58)
और अगर تَخَافَنَّ आप वाक़ई ख़ौफ़ रखते हैं takhāfanna
आप वाक़ई ख़ौफ़ रखते हैं مِن from min
from قَوْمٍ किसी क़ौम से qawmin
किसी क़ौम से خِيَانَةًۭ ख़यानत का khiyānatan
ख़यानत का فَٱنۢبِذْ पस फेंक दीजिए (अहद) fa-inbidh
पस फेंक दीजिए (अहद) إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके عَلَىٰ on ʿalā
on سَوَآءٍ ۚ बराबरी पर sawāin
बराबरी पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْخَآئِنِينَ ख़यानत करने वालों को l-khāinīna
ख़यानत करने वालों को ٥٨ (58)
(58)
और यदि कभी आपको किसी जाति की ओर से किसी विश्वासघात का भय हो, तो समानता के आधार पर उनका वचन उन पर फेंक दें।1 निःसंदेह अल्लाह विश्वासघात करने वालों से प्रेम नहीं करता।
८:५९
وَلَا
और ना
walā
और ना يَحْسَبَنَّ हरगिज़ गुमान करें yaḥsabanna
हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया سَبَقُوٓا۟ ۚ कि वो सबक़त ले गए sabaqū
कि वो सबक़त ले गए إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَا (can) not lā
(can) not يُعْجِزُونَ नहीं वो आजिज़ कर सकते yuʿ'jizūna
नहीं वो आजिज़ कर सकते ٥٩ (59)
(59)
और ना يَحْسَبَنَّ हरगिज़ गुमान करें yaḥsabanna
हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया سَبَقُوٓا۟ ۚ कि वो सबक़त ले गए sabaqū
कि वो सबक़त ले गए إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَا (can) not lā
(can) not يُعْجِزُونَ नहीं वो आजिज़ कर सकते yuʿ'jizūna
नहीं वो आजिज़ कर सकते ٥٩ (59)
(59)
जिन लोगों ने कुफ़्र किया, हरगिज़ न समझें कि वे बचकर निकले गए। निश्चय वे (हमें) विवश नहीं कर सकेंगे।
८:६०
وَأَعِدُّوا۟
और तैयार रखो
wa-aʿiddū
और तैयार रखो لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो mā
जो ٱسْتَطَعْتُم इस्तिताअत रखते हो तुम is'taṭaʿtum
इस्तिताअत रखते हो तुम مِّن of min
of قُوَّةٍۢ क़ुव्वत में से quwwatin
क़ुव्वत में से وَمِن and of wamin
and of رِّبَاطِ tethered ribāṭi
tethered ٱلْخَيْلِ और बाँधे हुए घोड़ों से l-khayli
और बाँधे हुए घोड़ों से تُرْهِبُونَ तुम डराओगे tur'hibūna
तुम डराओगे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عَدُوَّ (the) enemy ʿaduwwa
(the) enemy ٱللَّهِ अल्लाह के दुश्मनों को l-lahi
अल्लाह के दुश्मनों को وَعَدُوَّكُمْ और अपने दुश्मनों को waʿaduwwakum
और अपने दुश्मनों को وَءَاخَرِينَ और कुछ दूसरों को waākharīna
और कुछ दूसरों को مِن from min
from دُونِهِمْ उनके अलावा dūnihim
उनके अलावा لَا not lā
not تَعْلَمُونَهُمُ नहीं तुम जानते उन्हें taʿlamūnahumu
नहीं तुम जानते उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَعْلَمُهُمْ ۚ वो जानता है उन्हें yaʿlamuhum
वो जानता है उन्हें وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِن from min
from شَىْءٍۢ कुछ भी shayin
कुछ भी فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में يُوَفَّ वो पूरा-पूरा दिया जाएगा yuwaffa
वो पूरा-पूरा दिया जाएगा إِلَيْكُمْ तुम्हें ilaykum
तुम्हें وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (will) not lā
(will) not تُظْلَمُونَ ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे ٦٠ (60)
(60)
और तैयार रखो لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो mā
जो ٱسْتَطَعْتُم इस्तिताअत रखते हो तुम is'taṭaʿtum
इस्तिताअत रखते हो तुम مِّن of min
of قُوَّةٍۢ क़ुव्वत में से quwwatin
क़ुव्वत में से وَمِن and of wamin
and of رِّبَاطِ tethered ribāṭi
tethered ٱلْخَيْلِ और बाँधे हुए घोड़ों से l-khayli
और बाँधे हुए घोड़ों से تُرْهِبُونَ तुम डराओगे tur'hibūna
तुम डराओगे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عَدُوَّ (the) enemy ʿaduwwa
(the) enemy ٱللَّهِ अल्लाह के दुश्मनों को l-lahi
अल्लाह के दुश्मनों को وَعَدُوَّكُمْ और अपने दुश्मनों को waʿaduwwakum
और अपने दुश्मनों को وَءَاخَرِينَ और कुछ दूसरों को waākharīna
और कुछ दूसरों को مِن from min
from دُونِهِمْ उनके अलावा dūnihim
उनके अलावा لَا not lā
not تَعْلَمُونَهُمُ नहीं तुम जानते उन्हें taʿlamūnahumu
नहीं तुम जानते उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَعْلَمُهُمْ ۚ वो जानता है उन्हें yaʿlamuhum
वो जानता है उन्हें وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِن from min
from شَىْءٍۢ कुछ भी shayin
कुछ भी فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में يُوَفَّ वो पूरा-पूरा दिया जाएगा yuwaffa
वो पूरा-पूरा दिया जाएगा إِلَيْكُمْ तुम्हें ilaykum
तुम्हें وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (will) not lā
(will) not تُظْلَمُونَ ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे ٦٠ (60)
(60)
तथा जहाँ तक तुमसे हो सके, अपनी शक्ति बढ़ाकर और घोड़ों को तैयार करके उनके (मुक़ाबले के) लिए अपने उपकरण तैयार करो, जिसके साथ तुम अल्लाह के दुश्मन और अपने दुश्मन को और उनके अलावा कुछ और लोगों को भयभीत1 करोगे, जिन्हें तुम नहीं जानते, अल्लाह उन्हें जानता है। और तुम जो चीज़ भी अल्लाह की राह में खर्च करोगे, वह तुम्हें पूरी-पूरी लौटा दी जाएगी और तुमपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
८:६१
۞ وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर جَنَحُوا۟ वो माइल हों janaḥū
वो माइल हों لِلسَّلْمِ सुलह के लिए lilssalmi
सुलह के लिए فَٱجْنَحْ तो आप भी माइल हो जाइए fa-ij'naḥ
तो आप भी माइल हो जाइए لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए وَتَوَكَّلْ और तवक्कल कीजिए watawakkal
और तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला ٦١ (61)
(61)
और अगर جَنَحُوا۟ वो माइल हों janaḥū
वो माइल हों لِلسَّلْمِ सुलह के लिए lilssalmi
सुलह के लिए فَٱجْنَحْ तो आप भी माइल हो जाइए fa-ij'naḥ
तो आप भी माइल हो जाइए لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए وَتَوَكَّلْ और तवक्कल कीजिए watawakkal
और तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला ٦١ (61)
(61)
और यदि वे (शत्रु) संधि की ओर झुकें, तो आप भी उसकी ओर झुक जाएँ और अल्लाह पर भरोसा रखें। निःसंदेह वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
८:६२
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर يُرِيدُوٓا۟ वो चाहें yurīdū
वो चाहें أَن कि an
कि يَخْدَعُوكَ वो धोखा दें आपको yakhdaʿūka
वो धोखा दें आपको فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक حَسْبَكَ काफ़ी है आपको ḥasbaka
काफ़ी है आपको ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَيَّدَكَ ताईद की आपकी ayyadaka
ताईद की आपकी بِنَصْرِهِۦ साथ अपनी मदद के binaṣrihi
साथ अपनी मदद के وَبِٱلْمُؤْمِنِينَ और साथ मोमिनों के wabil-mu'minīna
और साथ मोमिनों के ٦٢ (62)
(62)
और अगर يُرِيدُوٓا۟ वो चाहें yurīdū
वो चाहें أَن कि an
कि يَخْدَعُوكَ वो धोखा दें आपको yakhdaʿūka
वो धोखा दें आपको فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक حَسْبَكَ काफ़ी है आपको ḥasbaka
काफ़ी है आपको ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَيَّدَكَ ताईद की आपकी ayyadaka
ताईद की आपकी بِنَصْرِهِۦ साथ अपनी मदद के binaṣrihi
साथ अपनी मदद के وَبِٱلْمُؤْمِنِينَ और साथ मोमिनों के wabil-mu'minīna
और साथ मोमिनों के ٦٢ (62)
(62)
और यदि वे यह चाहें कि आपको धोखा दें, तो निःसंदेह आपके लिए अल्लाह ही काफ़ी है। वही है जिसने आपको अपनी मदद से और मोमिनों के द्वारा शक्ति प्रदान की।
८:६३
وَأَلَّفَ
और उसने उलफ़त डाल दी
wa-allafa
और उसने उलफ़त डाल दी بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान قُلُوبِهِمْ ۚ उनके दिलों के qulūbihim
उनके दिलों के لَوْ अगर law
अगर أَنفَقْتَ ख़र्च करते आप anfaqta
ख़र्च करते आप مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सारे का सारा jamīʿan
सारे का सारा مَّآ ना mā
ना أَلَّفْتَ उलफ़त डाल सकते थे आप allafta
उलफ़त डाल सकते थे आप بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान قُلُوبِهِمْ उनके दिलों के qulūbihim
उनके दिलों के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने أَلَّفَ उलफ़त डाल दी allafa
उलफ़त डाल दी بَيْنَهُمْ ۚ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٦٣ (63)
(63)
और उसने उलफ़त डाल दी بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान قُلُوبِهِمْ ۚ उनके दिलों के qulūbihim
उनके दिलों के لَوْ अगर law
अगर أَنفَقْتَ ख़र्च करते आप anfaqta
ख़र्च करते आप مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सारे का सारा jamīʿan
सारे का सारा مَّآ ना mā
ना أَلَّفْتَ उलफ़त डाल सकते थे आप allafta
उलफ़त डाल सकते थे आप بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान قُلُوبِهِمْ उनके दिलों के qulūbihim
उनके दिलों के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने أَلَّفَ उलफ़त डाल दी allafa
उलफ़त डाल दी بَيْنَهُمْ ۚ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٦٣ (63)
(63)
और उसने उनके दिलों को आपस में जोड़ दिया। यदि आप धरती में जो कुछ है, सब खर्च कर देते, तो भी उनके दिलों को जोड़ न पाते। लेकिन अल्लाह ने उन्हें आपस में जोड़ दिया। निःसंदेह वह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:६४
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी حَسْبُكَ काफ़ी है आपको ḥasbuka
काफ़ी है आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَمَنِ और उसे जो wamani
और उसे जो ٱتَّبَعَكَ पैरवी करे आपकी ittabaʿaka
पैरवी करे आपकी مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से ٦٤ (64)
(64)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी حَسْبُكَ काफ़ी है आपको ḥasbuka
काफ़ी है आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَمَنِ और उसे जो wamani
और उसे जो ٱتَّبَعَكَ पैरवी करे आपकी ittabaʿaka
पैरवी करे आपकी مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से ٦٤ (64)
(64)
ऐ नबी! आपके लिए तथा आपके पीछे चलने वाले ईमानवालों के लिए अल्लाह काफ़ी है।
८:६५
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी حَرِّضِ रग़बत दिलाइए ḥarriḍi
रग़बत दिलाइए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को عَلَى to ʿalā
to ٱلْقِتَالِ ۚ जंग पर l-qitāli
जंग पर إِن अगर in
अगर يَكُن होंगे yakun
होंगे مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से عِشْرُونَ बीस ʿish'rūna
बीस صَـٰبِرُونَ सब्र करने वाले ṣābirūna
सब्र करने वाले يَغْلِبُوا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे مِا۟ئَتَيْنِ ۚ दो सौ पर mi-atayni
दो सौ पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُن होंगे yakun
होंगे مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّا۟ئَةٌۭ एक सौ mi-atun
एक सौ يَغْلِبُوٓا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे أَلْفًۭا एक हज़ार पर alfan
एक हज़ार पर مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनमें से जिन्होंने alladhīna
उनमें से जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं لَّا (who do) not lā
(who do) not يَفْقَهُونَ जो समझ नहीं रखते yafqahūna
जो समझ नहीं रखते ٦٥ (65)
(65)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी حَرِّضِ रग़बत दिलाइए ḥarriḍi
रग़बत दिलाइए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को عَلَى to ʿalā
to ٱلْقِتَالِ ۚ जंग पर l-qitāli
जंग पर إِن अगर in
अगर يَكُن होंगे yakun
होंगे مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से عِشْرُونَ बीस ʿish'rūna
बीस صَـٰبِرُونَ सब्र करने वाले ṣābirūna
सब्र करने वाले يَغْلِبُوا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे مِا۟ئَتَيْنِ ۚ दो सौ पर mi-atayni
दो सौ पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُن होंगे yakun
होंगे مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّا۟ئَةٌۭ एक सौ mi-atun
एक सौ يَغْلِبُوٓا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे أَلْفًۭا एक हज़ार पर alfan
एक हज़ार पर مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनमें से जिन्होंने alladhīna
उनमें से जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं لَّا (who do) not lā
(who do) not يَفْقَهُونَ जो समझ नहीं रखते yafqahūna
जो समझ नहीं रखते ٦٥ (65)
(65)
ऐ नबी! ईमान वालों को लड़ाई पर उभारें।1 यदि तुममें से बीस धैर्य रखने वाले हों, तो वे दो सौ पर विजय प्राप्त करेंगे, और यदि तुममें से एक सौ हों, तो वे कुफ़्र करने वालों में से एक हज़ार पर विजय प्राप्त करेंगे। यह इसलिए कि निःसंदेह वे ऐसे लोग हैं जो समझते नहीं।
८:६६
ٱلْـَٔـٰنَ
अब
al-āna
अब خَفَّفَ हल्का कर दिया (बोझ) khaffafa
हल्का कर दिया (बोझ) ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنكُمْ तुमसे ʿankum
तुमसे وَعَلِمَ और उसने जान लिया waʿalima
और उसने जान लिया أَنَّ बेशक anna
बेशक فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में ضَعْفًۭا ۚ कमज़ोरी है ḍaʿfan
कमज़ोरी है فَإِن पस अगर fa-in
पस अगर يَكُن हों yakun
हों مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّا۟ئَةٌۭ एक सौ mi-atun
एक सौ صَابِرَةٌۭ सब्र करने वाले ṣābiratun
सब्र करने वाले يَغْلِبُوا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे مِا۟ئَتَيْنِ ۚ दो सौ पर mi-atayni
दो सौ पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُن हों yakun
हों مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَلْفٌۭ एक हज़ार alfun
एक हज़ार يَغْلِبُوٓا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे أَلْفَيْنِ दो हज़ार पर alfayni
दो हज़ार पर بِإِذْنِ with (the) permission bi-idh'ni
with (the) permission ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ٦٦ (66)
(66)
अब خَفَّفَ हल्का कर दिया (बोझ) khaffafa
हल्का कर दिया (बोझ) ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنكُمْ तुमसे ʿankum
तुमसे وَعَلِمَ और उसने जान लिया waʿalima
और उसने जान लिया أَنَّ बेशक anna
बेशक فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में ضَعْفًۭا ۚ कमज़ोरी है ḍaʿfan
कमज़ोरी है فَإِن पस अगर fa-in
पस अगर يَكُن हों yakun
हों مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّا۟ئَةٌۭ एक सौ mi-atun
एक सौ صَابِرَةٌۭ सब्र करने वाले ṣābiratun
सब्र करने वाले يَغْلِبُوا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे مِا۟ئَتَيْنِ ۚ दो सौ पर mi-atayni
दो सौ पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُن हों yakun
हों مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَلْفٌۭ एक हज़ार alfun
एक हज़ार يَغْلِبُوٓا۟ वो ग़ालिब आ जाऐंगे yaghlibū
वो ग़ालिब आ जाऐंगे أَلْفَيْنِ दो हज़ार पर alfayni
दो हज़ार पर بِإِذْنِ with (the) permission bi-idh'ni
with (the) permission ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ٦٦ (66)
(66)
अब अल्लाह ने तुम्हारा बोझ हल्का कर दिया और जान लिया कि तुम्हारे अंदर कुछ कमज़ोरी है। तो यदि तुममें से सौ धैर्य रखने वाले हों, तो दो सौ पर विजय प्राप्त करेंगे, और यदि तुममें से एक हज़ार आदमी हों, तो अल्लाह के हुक्म से दो हज़ार पर विजय प्राप्त करेंगे, और अल्लाह धैर्य रखने वालों के साथ है।1
८:६७
مَا
नहीं
mā
नहीं كَانَ है kāna
है لِنَبِىٍّ किसी नबी के लिए linabiyyin
किसी नबी के लिए أَن कि an
कि يَكُونَ हों yakūna
हों لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए أَسْرَىٰ क़ैदी asrā
क़ैदी حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُثْخِنَ वो अच्छी तरह ख़ून बहा दे yuth'khina
वो अच्छी तरह ख़ून बहा दे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो عَرَضَ सामान ʿaraḍa
सामान ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلْـَٔاخِرَةَ ۗ आख़िरत l-ākhirata
आख़िरत وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٦٧ (67)
(67)
नहीं كَانَ है kāna
है لِنَبِىٍّ किसी नबी के लिए linabiyyin
किसी नबी के लिए أَن कि an
कि يَكُونَ हों yakūna
हों لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए أَسْرَىٰ क़ैदी asrā
क़ैदी حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُثْخِنَ वो अच्छी तरह ख़ून बहा दे yuth'khina
वो अच्छी तरह ख़ून बहा दे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो عَرَضَ सामान ʿaraḍa
सामान ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلْـَٔاخِرَةَ ۗ आख़िरत l-ākhirata
आख़िरत وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٦٧ (67)
(67)
किसी नबी के लिए उचित नहीं कि उसके पास बंदी हों, यहाँ तक कि वह धरती में (उनका) अच्छी तरह खून बहा ले। तुम संसार की सामग्री चाहते हो और अल्लाह आख़िरत (परलोक) चाहता है। और अल्लाह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:६८
لَّوْلَا
अगर ना होता
lawlā
अगर ना होता كِتَـٰبٌۭ लिखा हुआ kitābun
लिखा हुआ مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से سَبَقَ जो गुज़र चुका है sabaqa
जो गुज़र चुका है لَمَسَّكُمْ अलबत्ता पहुँचता तुम्हें lamassakum
अलबत्ता पहुँचता तुम्हें فِيمَآ उसके (बदले) में जो fīmā
उसके (बदले) में जो أَخَذْتُمْ लिया तुमने akhadhtum
लिया तुमने عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٦٨ (68)
(68)
अगर ना होता كِتَـٰبٌۭ लिखा हुआ kitābun
लिखा हुआ مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से سَبَقَ जो गुज़र चुका है sabaqa
जो गुज़र चुका है لَمَسَّكُمْ अलबत्ता पहुँचता तुम्हें lamassakum
अलबत्ता पहुँचता तुम्हें فِيمَآ उसके (बदले) में जो fīmā
उसके (बदले) में जो أَخَذْتُمْ लिया तुमने akhadhtum
लिया तुमने عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٦٨ (68)
(68)
यदि अल्लाह के द्वारा लिखी गई बात न होती, जो पहले तय हो चुकी, तो तुमने जो कुछ भी लिया1 उसके कारण तुम्हें बहुत बड़ी यातना पहुँचती।
८:६९
فَكُلُوا۟
पस खाओ
fakulū
पस खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो غَنِمْتُمْ ग़नीमत पाई तुमने ghanim'tum
ग़नीमत पाई तुमने حَلَـٰلًۭا हलाल ḥalālan
हलाल طَيِّبًۭا ۚ पाक ṭayyiban
पाक وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٦٩ (69)
(69)
पस खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो غَنِمْتُمْ ग़नीमत पाई तुमने ghanim'tum
ग़नीमत पाई तुमने حَلَـٰلًۭا हलाल ḥalālan
हलाल طَيِّبًۭا ۚ पाक ṭayyiban
पाक وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٦٩ (69)
(69)
तो जो ग़नीमत का धन तुमने प्राप्त किया है, उसमें से खाओ1, इस हाल में कि हलाल और पवित्र है, और अल्लाह से डरो। निःसंदेह अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान है।
८:७०
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّمَن उनसे जो liman
उनसे जो فِىٓ (is) in fī
(is) in أَيْدِيكُم तुम्हारे हाथों में है aydīkum
तुम्हारे हाथों में है مِّنَ of mina
of ٱلْأَسْرَىٰٓ क़ैदियों में से l-asrā
क़ैदियों में से إِن अगर in
अगर يَعْلَمِ जान लेगा yaʿlami
जान लेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى in fī
in قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों में qulūbikum
तुम्हारे दिलों में خَيْرًۭا कोई भलाई khayran
कोई भलाई يُؤْتِكُمْ वो देगा तुम्हें yu'tikum
वो देगा तुम्हें خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّمَّآ उससे जो mimmā
उससे जो أُخِذَ ले लिया गया ukhidha
ले लिया गया مِنكُمْ तुम से minkum
तुम से وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ ۗ तुम्हें lakum
तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٧٠ (70)
(70)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّمَن उनसे जो liman
उनसे जो فِىٓ (is) in fī
(is) in أَيْدِيكُم तुम्हारे हाथों में है aydīkum
तुम्हारे हाथों में है مِّنَ of mina
of ٱلْأَسْرَىٰٓ क़ैदियों में से l-asrā
क़ैदियों में से إِن अगर in
अगर يَعْلَمِ जान लेगा yaʿlami
जान लेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى in fī
in قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों में qulūbikum
तुम्हारे दिलों में خَيْرًۭا कोई भलाई khayran
कोई भलाई يُؤْتِكُمْ वो देगा तुम्हें yu'tikum
वो देगा तुम्हें خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّمَّآ उससे जो mimmā
उससे जो أُخِذَ ले लिया गया ukhidha
ले लिया गया مِنكُمْ तुम से minkum
तुम से وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ ۗ तुम्हें lakum
तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٧٠ (70)
(70)
ऐ नबी! तुम्हारे हाथों में जो बंदी हैं, उनसे कह दो : यदि अल्लाह तुम्हारे दिलों में कोई भलाई जानेगा, तो तुम्हें उससे बेहतर प्रदान करेगा, जो तुमसे लिया गया है और तुम्हें क्षमा कर देगा। और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
८:७१
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर يُرِيدُوا۟ वो इरादा करेंगे yurīdū
वो इरादा करेंगे خِيَانَتَكَ आपसे ख़यानत का khiyānataka
आपसे ख़यानत का فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ خَانُوا۟ उन्होंने ख़यानत की khānū
उन्होंने ख़यानत की ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَأَمْكَنَ तो उसने क़ाबू में दे दिया fa-amkana
तो उसने क़ाबू में दे दिया مِنْهُمْ ۗ उन्हें min'hum
उन्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٧١ (71)
(71)
और अगर يُرِيدُوا۟ वो इरादा करेंगे yurīdū
वो इरादा करेंगे خِيَانَتَكَ आपसे ख़यानत का khiyānataka
आपसे ख़यानत का فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ خَانُوا۟ उन्होंने ख़यानत की khānū
उन्होंने ख़यानत की ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَأَمْكَنَ तो उसने क़ाबू में दे दिया fa-amkana
तो उसने क़ाबू में दे दिया مِنْهُمْ ۗ उन्हें min'hum
उन्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٧١ (71)
(71)
और यदि वे आपके साथ विश्वासघात करना चाहें, तो निःसंदेह वे इससे पहले अल्लाह के साथ विश्वासघात कर चुके हैं। तो उसने (आपको) उनपर नियंत्रण दे दिया। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:७२
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमाम लाए āmanū
ईमाम लाए وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और उन्होंने जिहाद किया wajāhadū
और उन्होंने जिहाद किया بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों bi-amwālihim
साथ अपने मालों وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ءَاوَوا۟ पनाह दी āwaw
पनाह दी وَّنَصَرُوٓا۟ और मदद की wanaṣarū
और मदद की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُهَاجِرُوا۟ उन्होंने हिजरत की yuhājirū
उन्होंने हिजरत की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن (of) min
(of) وَلَـٰيَتِهِم उनकी दोस्ती में से walāyatihim
उनकी दोस्ती में से مِّن (in) min
(in) شَىْءٍ कोई भी चीज़ shayin
कोई भी चीज़ حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُهَاجِرُوا۟ ۚ वो हिजरत कर जाऐं yuhājirū
वो हिजरत कर जाऐं وَإِنِ और अगर wa-ini
और अगर ٱسْتَنصَرُوكُمْ वो मदद माँगें तुमसे is'tanṣarūkum
वो मदद माँगें तुमसे فِى in fī
in ٱلدِّينِ दीन के मामले में l-dīni
दीन के मामले में فَعَلَيْكُمُ तो तुम पर (लाज़िम) है faʿalaykumu
तो तुम पर (लाज़िम) है ٱلنَّصْرُ मदद करना l-naṣru
मदद करना إِلَّا मगर illā
मगर عَلَىٰ against ʿalā
against قَوْمٍۭ उस क़ौम के ख़िलाफ़ qawmin
उस क़ौम के ख़िलाफ़ بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُم और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके مِّيثَـٰقٌۭ ۗ पुख़्ता मुआहिदा है mīthāqun
पुख़्ता मुआहिदा है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٧٢ (72)
(72)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमाम लाए āmanū
ईमाम लाए وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और उन्होंने जिहाद किया wajāhadū
और उन्होंने जिहाद किया بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों bi-amwālihim
साथ अपने मालों وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ءَاوَوا۟ पनाह दी āwaw
पनाह दी وَّنَصَرُوٓا۟ और मदद की wanaṣarū
और मदद की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُهَاجِرُوا۟ उन्होंने हिजरत की yuhājirū
उन्होंने हिजरत की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن (of) min
(of) وَلَـٰيَتِهِم उनकी दोस्ती में से walāyatihim
उनकी दोस्ती में से مِّن (in) min
(in) شَىْءٍ कोई भी चीज़ shayin
कोई भी चीज़ حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُهَاجِرُوا۟ ۚ वो हिजरत कर जाऐं yuhājirū
वो हिजरत कर जाऐं وَإِنِ और अगर wa-ini
और अगर ٱسْتَنصَرُوكُمْ वो मदद माँगें तुमसे is'tanṣarūkum
वो मदद माँगें तुमसे فِى in fī
in ٱلدِّينِ दीन के मामले में l-dīni
दीन के मामले में فَعَلَيْكُمُ तो तुम पर (लाज़िम) है faʿalaykumu
तो तुम पर (लाज़िम) है ٱلنَّصْرُ मदद करना l-naṣru
मदद करना إِلَّا मगर illā
मगर عَلَىٰ against ʿalā
against قَوْمٍۭ उस क़ौम के ख़िलाफ़ qawmin
उस क़ौम के ख़िलाफ़ بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُم और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके مِّيثَـٰقٌۭ ۗ पुख़्ता मुआहिदा है mīthāqun
पुख़्ता मुआहिदा है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٧٢ (72)
(72)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने हिजरत की तथा अल्लाह के मार्ग में अपने धन और अपने प्राण के साथ जिहाद किया, तथा जिन लोगों ने (उन्हें) शरण दिया और सहायता की, ये लोग आपस में मित्र हैं। और जो लोग ईमान लाए और हिजरत नहीं की, तुम्हारे लिए उनकी मित्रता में से कुछ भी नहीं, यहाँ तक कि वे हिजरत करें। और यदि वे धर्म के बारें में तुमसे सहायता माँगें, तो तुमपर सहायता करना आवश्यक है। परंतु किसी ऐसी जाति के विरुद्ध नहीं, जिनके और तुम्हारे बीच कोई संधि हो। तथा जो कुछ तुम कर रहे हो, अल्लाह उसे ख़ूब देखने वाला है।
८:७३
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ मददगार हैं awliyāu
मददगार हैं بَعْضٍ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के إِلَّا अगर नहीं illā
अगर नहीं تَفْعَلُوهُ तुम करोगे ऐसा tafʿalūhu
तुम करोगे ऐसा تَكُن होगा takun
होगा فِتْنَةٌۭ फ़ितना fit'natun
फ़ितना فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَفَسَادٌۭ और फ़साद wafasādun
और फ़साद كَبِيرٌۭ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा ٧٣ (73)
(73)
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ मददगार हैं awliyāu
मददगार हैं بَعْضٍ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के إِلَّا अगर नहीं illā
अगर नहीं تَفْعَلُوهُ तुम करोगे ऐसा tafʿalūhu
तुम करोगे ऐसा تَكُن होगा takun
होगा فِتْنَةٌۭ फ़ितना fit'natun
फ़ितना فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَفَسَادٌۭ और फ़साद wafasādun
और फ़साद كَبِيرٌۭ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा ٧٣ (73)
(73)
और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं। यदि तुम ऐसा न करोगे, तो धरती में बड़ा फ़ितना तथा बहुत बड़ा बिगाड़ पैदा होगा।
८:७४
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और उन्होंने जिहाद किया wajāhadū
और उन्होंने जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ءَاوَوا۟ पनाह दी āwaw
पनाह दी وَّنَصَرُوٓا۟ और मदद की wanaṣarū
और मदद की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُؤْمِنُونَ जो मोमिन हैं l-mu'minūna
जो मोमिन हैं حَقًّۭا ۚ सच्चे ḥaqqan
सच्चे لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश है maghfiratun
बख़्शिश है وَرِزْقٌۭ और रिज़्क़ wariz'qun
और रिज़्क़ كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला ٧٤ (74)
(74)
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और उन्होंने जिहाद किया wajāhadū
और उन्होंने जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ءَاوَوا۟ पनाह दी āwaw
पनाह दी وَّنَصَرُوٓا۟ और मदद की wanaṣarū
और मदद की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُؤْمِنُونَ जो मोमिन हैं l-mu'minūna
जो मोमिन हैं حَقًّۭا ۚ सच्चे ḥaqqan
सच्चे لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश है maghfiratun
बख़्शिश है وَرِزْقٌۭ और रिज़्क़ wariz'qun
और रिज़्क़ كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला ٧٤ (74)
(74)
तथ जो लोग ईमान लाए और उन्होंने हिजरत की और अल्लाह के मार्ग में जिहाद किया और जिन लोगों ने (उन्हें) शरण दी और सहायता की, वही सच्चे मोमिन हैं। उन्हीं के लिए बड़ी क्षमा और सम्मानजनक जीविका है।
८:७५
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مِنۢ from min
from بَعْدُ बाज़ उसके baʿdu
बाज़ उसके وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और जिहाद किया wajāhadū
और जिहाद किया مَعَكُمْ तुम्हारे साथ maʿakum
तुम्हारे साथ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं مِنكُمْ ۚ तुम में से minkum
तुम में से وَأُو۟لُوا۟ But those wa-ulū
But those ٱلْأَرْحَامِ और रहम/रिश्तों वाले l-arḥāmi
और रहम/रिश्तों वाले بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلَىٰ ज़्यादा क़रीब हैं awlā
ज़्यादा क़रीब हैं بِبَعْضٍۢ बाज़ के bibaʿḍin
बाज़ के فِى in fī
in كِتَـٰبِ (the) Book kitābi
(the) Book ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की किताब में l-lahi
अल्लाह की किताब में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٧٥ (75)
(75)
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مِنۢ from min
from بَعْدُ बाज़ उसके baʿdu
बाज़ उसके وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और जिहाद किया wajāhadū
और जिहाद किया مَعَكُمْ तुम्हारे साथ maʿakum
तुम्हारे साथ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं مِنكُمْ ۚ तुम में से minkum
तुम में से وَأُو۟لُوا۟ But those wa-ulū
But those ٱلْأَرْحَامِ और रहम/रिश्तों वाले l-arḥāmi
और रहम/रिश्तों वाले بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلَىٰ ज़्यादा क़रीब हैं awlā
ज़्यादा क़रीब हैं بِبَعْضٍۢ बाज़ के bibaʿḍin
बाज़ के فِى in fī
in كِتَـٰبِ (the) Book kitābi
(the) Book ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की किताब में l-lahi
अल्लाह की किताब में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٧٥ (75)
(75)
तथा जो लोग बाद में ईमान लाए और हिजरत की और तुम्हारे साथ मिलकर जिहाद किया, तो वे तुम ही में से हैं। और अल्लाह की किताब में रिश्तेदार एक-दूसरे के अधिक हक़दार1 हैं। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक चीज़ को भली-भाँति जानने वाला है।