९२

अल-लैल

मक्की २१ आयतें पारा १
الليل
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
९२:१
وَٱلَّيْلِ क़सम है रात की wa-al-layli
क़सम है रात की
إِذَا जब idhā
जब
يَغْشَىٰ वो छा जाए yaghshā
वो छा जाए
١ (1)
(1)
रात की क़सम, जब वह छा जाए।
९२:२
وَٱلنَّهَارِ और दिन की wal-nahāri
और दिन की
إِذَا जब idhā
जब
تَجَلَّىٰ वो रौशन हो tajallā
वो रौशन हो
٢ (2)
(2)
और दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!
९२:३
وَمَا और उसकी wamā
और उसकी
خَلَقَ जिसने पैदा किया khalaqa
जिसने पैदा किया
ٱلذَّكَرَ नर l-dhakara
नर
وَٱلْأُنثَىٰٓ और मादा को wal-unthā
और मादा को
٣ (3)
(3)
तथा नर और मादा को पैदा करने की क़सम।
९२:४
إِنَّ बेशक inna
बेशक
سَعْيَكُمْ कोशिश तुम्हारी saʿyakum
कोशिश तुम्हारी
لَشَتَّىٰ अलबत्ता मुख़्तलिफ़ तरह की है lashattā
अलबत्ता मुख़्तलिफ़ तरह की है
٤ (4)
(4)
निःसंदेह तुम्हारे प्रयास विविध हैं।1
९२:५
فَأَمَّا तो रहा वो fa-ammā
तो रहा वो
مَنْ जिसने man
जिसने
أَعْطَىٰ दिया aʿṭā
दिया
وَٱتَّقَىٰ और उसने तक़्वा किया wa-ittaqā
और उसने तक़्वा किया
٥ (5)
(5)
फिर जिसने (दान) दिया और (अवज्ञा से) बचा।
९२:६
وَصَدَّقَ और तस्दीक़ की waṣaddaqa
और तस्दीक़ की
بِٱلْحُسْنَىٰ भलाई की bil-ḥus'nā
भलाई की
٦ (6)
(6)
और सबसे अच्छी बात को सत्य माना।
९२:७
فَسَنُيَسِّرُهُۥ पस अनक़रीब हम आसानी देंगे उसे fasanuyassiruhu
पस अनक़रीब हम आसानी देंगे उसे
لِلْيُسْرَىٰ आसान(रास्ते)की lil'yus'rā
आसान(रास्ते)की
٧ (7)
(7)
तो निश्चय हम उसके लिए भलाई को आसान कर देंगे।
९२:८
وَأَمَّا और रहा वो wa-ammā
और रहा वो
مَنۢ जिसने man
जिसने
بَخِلَ बुख़्ल किया bakhila
बुख़्ल किया
وَٱسْتَغْنَىٰ और उसने बेपरवाई बरती wa-is'taghnā
और उसने बेपरवाई बरती
٨ (8)
(8)
लेकिन वह (व्यक्ति) जिसने कंजूसी की और बेपरवाही बरती।
९२:९
وَكَذَّبَ और उसने झुठलाया wakadhaba
और उसने झुठलाया
بِٱلْحُسْنَىٰ नेकी को bil-ḥus'nā
नेकी को
٩ (9)
(9)
और सबसे अच्छी बात को झुठलाया।
९२:१०
فَسَنُيَسِّرُهُۥ पस अनक़रीब हम आसानी देंगे उसे fasanuyassiruhu
पस अनक़रीब हम आसानी देंगे उसे
لِلْعُسْرَىٰ मुश्किल(रास्ते) की lil'ʿus'rā
मुश्किल(रास्ते) की
١٠ (10)
(10)
तो हम उसके लिए कठिनाई (बुराई का मार्ग) आसान कर देंगे।1
९२:११
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يُغْنِى काम आएगा yugh'nī
काम आएगा
عَنْهُ उसे ʿanhu
उसे
مَالُهُۥٓ माल उसका māluhu
माल उसका
إِذَا जब idhā
जब
تَرَدَّىٰٓ वो (जहन्नम में) गिरेगा taraddā
वो (जहन्नम में) गिरेगा
١١ (11)
(11)
और जब वह (जहन्नम के गड्ढे में) गिरेगा, तो उसका धन उसके किसी काम नहीं आएगा।
९२:१२
إِنَّ बेशक inna
बेशक
عَلَيْنَا हमारे ही ज़िम्मे है ʿalaynā
हमारे ही ज़िम्मे है
لَلْهُدَىٰ यक़ीनन हिदायत देना lalhudā
यक़ीनन हिदायत देना
١٢ (12)
(12)
निःसंदेह हमारा ही ज़िम्मे मार्ग दिखाना है।
९२:१३
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
لَنَا हमारे ही इख़्तियार में है lanā
हमारे ही इख़्तियार में है
لَلْـَٔاخِرَةَ यक़ीनन आख़िरत lalākhirata
यक़ीनन आख़िरत
وَٱلْأُولَىٰ और पहली (दुनिया) wal-ūlā
और पहली (दुनिया)
١٣ (13)
(13)
निःसंदेह हमारे ही अधिकार में आख़िरत और दुनिया है।
९२:१४
فَأَنذَرْتُكُمْ तो डरा दिया मैंने तुम्हें fa-andhartukum
तो डरा दिया मैंने तुम्हें
نَارًۭا एक आग से nāran
एक आग से
تَلَظَّىٰ जो भड़कती है talaẓẓā
जो भड़कती है
١٤ (14)
(14)
अतः मैंने तुम्हें भड़कती आग से सावधान कर दिया है।1
९२:१५
لَا Not
Not
يَصْلَىٰهَآ ना जलेगा उसमें yaṣlāhā
ना जलेगा उसमें
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْأَشْقَى निहायत बदबख़्त l-ashqā
निहायत बदबख़्त
١٥ (15)
(15)
जिसमें केवल सबसे बड़ा अभागा ही प्रवेश करेगा।
९२:१६
ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने
كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया
وَتَوَلَّىٰ और उसने मुँह मोड़ लिया watawallā
और उसने मुँह मोड़ लिया
١٦ (16)
(16)
जिसने झुठलाया तथा मुँह फेरा।
९२:१७
وَسَيُجَنَّبُهَا और अनक़रीब बचा लिया जाऐगा उससे wasayujannabuhā
और अनक़रीब बचा लिया जाऐगा उससे
ٱلْأَتْقَى निहायत परहेज़गार l-atqā
निहायत परहेज़गार
١٧ (17)
(17)
और उससे उस व्यक्ति को बचा लिया जाएगा, जो सबसे ज़्यादा परहेज़गार है।
९२:१८
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
يُؤْتِى देता है yu'tī
देता है
مَالَهُۥ माल अपना mālahu
माल अपना
يَتَزَكَّىٰ कि वो पाक हो yatazakkā
कि वो पाक हो
١٨ (18)
(18)
जो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।
९२:१९
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
لِأَحَدٍ किसी एक के लिए li-aḥadin
किसी एक के लिए
عِندَهُۥ उसके पास ʿindahu
उसके पास
مِن any min
any
نِّعْمَةٍۢ कोई नेअमत(एहसान) niʿ'matin
कोई नेअमत(एहसान)
تُجْزَىٰٓ बदला दिया जाएगा (जिसका) tuj'zā
बदला दिया जाएगा (जिसका)
١٩ (19)
(19)
और उसपर किसी का कोई उपकार नहीं है, जिसका बदला चुकाया जाए।
९२:२०
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए
وَجْهِ चेहरा wajhi
चेहरा
رَبِّهِ अपने रब का rabbihi
अपने रब का
ٱلْأَعْلَىٰ जो सबसे बुलन्द है l-aʿlā
जो सबसे बुलन्द है
٢٠ (20)
(20)
वह तो केवल अपने सर्वोच्च रब का चेहरा चाहता है।
९२:२१
وَلَسَوْفَ और यक़ीनन अनक़रीब walasawfa
और यक़ीनन अनक़रीब
يَرْضَىٰ वो राज़ी हो जाएगा yarḍā
वो राज़ी हो जाएगा
٢١ (21)
(21)
और निश्चय वह (बंदा) प्रसन्न हो जाएगा।1