५३

अन-नज्म

मक्की ६२ आयतें पारा २७
النجم
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५३:१
وَٱلنَّجْمِ क़सम है सितारे की wal-najmi
क़सम है सितारे की
إِذَا जब idhā
जब
هَوَىٰ वो गिरे hawā
वो गिरे
١ (1)
(1)
क़सम है तारे की जब वह गिरे!
५३:२
مَا नहीं
नहीं
ضَلَّ राह भूला ḍalla
राह भूला
صَاحِبُكُمْ साथी तुम्हारा ṣāḥibukum
साथी तुम्हारा
وَمَا और ना ही wamā
और ना ही
غَوَىٰ वो बहका ghawā
वो बहका
٢ (2)
(2)
तुम्हारा साथी न तो रास्ते से भटका है और न ही गलत रास्ते पर चला है।
५३:३
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَنطِقُ वो बोलता yanṭiqu
वो बोलता
عَنِ from ʿani
from
ٱلْهَوَىٰٓ ख़्वाहिशे नफ़्स से l-hawā
ख़्वाहिशे नफ़्स से
٣ (3)
(3)
और न वह अपनी इच्छा से बोलता है।
५३:४
إِنْ नहीं in
नहीं
هُوَ वो huwa
वो
إِلَّا मगर illā
मगर
وَحْىٌۭ एक वही waḥyun
एक वही
يُوحَىٰ जो वही की जाती है yūḥā
जो वही की जाती है
٤ (4)
(4)
वह तो केवल वह़्य है, जो उतारी जाती है।
५३:५
عَلَّمَهُۥ सिखाया उसे ʿallamahu
सिखाया उसे
شَدِيدُ बहुत ज़बरदस्त shadīdu
बहुत ज़बरदस्त
ٱلْقُوَىٰ क़ुव्वत वाले ने l-quwā
क़ुव्वत वाले ने
٥ (5)
(5)
उसे बहुत मज़ूबत शक्तियों वाले (फ़रिश्ते)1 ने सिखाया है।
५३:६
ذُو Possessor of soundness dhū
Possessor of soundness
مِرَّةٍۢ जो बड़ा ज़ोर आवर है mirratin
जो बड़ा ज़ोर आवर है
فَٱسْتَوَىٰ फेर वो सीधा खड़ा हो गया fa-is'tawā
फेर वो सीधा खड़ा हो गया
٦ (6)
(6)
जो बड़ा बलशाली है। फिर वह बुलंद हुआ (अपने असली रूप में प्रकट हुआ)।
५३:७
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
بِٱلْأُفُقِ किनारे पर था bil-ufuqi
किनारे पर था
ٱلْأَعْلَىٰ बुलन्द l-aʿlā
बुलन्द
٧ (7)
(7)
जबकि वह आकाश के सबसे ऊँचे क्षितिज (पूर्वी किनारे) पर था।
५३:८
ثُمَّ फिर thumma
फिर
دَنَا वो क़रीब हुआ danā
वो क़रीब हुआ
فَتَدَلَّىٰ पस वो उतर आया fatadallā
पस वो उतर आया
٨ (8)
(8)
फिर वह निकट हुआ और उतर आया।
५३:९
فَكَانَ तो वो हो गया fakāna
तो वो हो गया
قَابَ बक़द्र qāba
बक़द्र
قَوْسَيْنِ दो कमानों के qawsayni
दो कमानों के
أَوْ या aw
या
أَدْنَىٰ उससे ज़्यादा क़रीब adnā
उससे ज़्यादा क़रीब
٩ (9)
(9)
फिर वह दो धनुषों की दूरी पर था, या उससे भी निकट।
५३:१०
فَأَوْحَىٰٓ तो उसने वही पहुँचाई fa-awḥā
तो उसने वही पहुँचाई
إِلَىٰ to ilā
to
عَبْدِهِۦ उस(अल्लाह) के बन्दे की तरफ़ ʿabdihi
उस(अल्लाह) के बन्दे की तरफ़
مَآ जो
जो
أَوْحَىٰ उसने वही पहुँचाई awḥā
उसने वही पहुँचाई
١٠ (10)
(10)
फिर उसने अल्लाह के बंदे1 की ओर वह़्य की, जो भी वह़्य की।
५३:११
مَا नहीं
नहीं
كَذَبَ झूठ बोला kadhaba
झूठ बोला
ٱلْفُؤَادُ दिल ने l-fuādu
दिल ने
مَا जो कुछ
जो कुछ
رَأَىٰٓ उसने देखा raā
उसने देखा
١١ (11)
(11)
दिल ने झूठ नहीं बोला, जो कुछ उसने देखा।
५३:१२
أَفَتُمَـٰرُونَهُۥ क्या फिर तुम झगड़ते हो उससे afatumārūnahu
क्या फिर तुम झगड़ते हो उससे
عَلَىٰ about ʿalā
about
مَا ऊपर उसके जो
ऊपर उसके जो
يَرَىٰ वो देखता है yarā
वो देखता है
١٢ (12)
(12)
फिर क्या तुम उससे उसपर झगड़ते हो, जो वह देखता है?
५३:१३
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
رَءَاهُ उसने देखा उसे raāhu
उसने देखा उसे
نَزْلَةً एक बार उतरते nazlatan
एक बार उतरते
أُخْرَىٰ और भी ukh'rā
और भी
١٣ (13)
(13)
हालाँकि, निश्चित रूप से उसने उसे एक और बार उतरते हुए भी देखा है।
५३:१४
عِندَ पास ʿinda
पास
سِدْرَةِ (the) Lote Tree sid'rati
(the) Lote Tree
ٱلْمُنتَهَىٰ सिदरतुल मुन्तहा के l-muntahā
सिदरतुल मुन्तहा के
١٤ (14)
(14)
सिदरतुल-मुनतहा'1 के पास।
५३:१५
عِندَهَا उसी के पास है ʿindahā
उसी के पास है
جَنَّةُ (is the) Garden jannatu
(is the) Garden
ٱلْمَأْوَىٰٓ जन्नतुल मावा l-mawā
जन्नतुल मावा
١٥ (15)
(15)
उसी के पास 'जन्नतुल मावा' (शाश्वत स्वर्ग) है।
५३:१६
إِذْ जब idh
जब
يَغْشَى छा रहा था yaghshā
छा रहा था
ٱلسِّدْرَةَ बेरी के दरख़्त पर l-sid'rata
बेरी के दरख़्त पर
مَا जो कुछ
जो कुछ
يَغْشَىٰ छा रहा था yaghshā
छा रहा था
١٦ (16)
(16)
जब सिदरा पर छा रहा था, जो कुछ छा रहा था।1
५३:१७
مَا ना
ना
زَاغَ कजी की zāgha
कजी की
ٱلْبَصَرُ निगाह ने l-baṣaru
निगाह ने
وَمَا और ना wamā
और ना
طَغَىٰ वो हद से बढ़ी ṭaghā
वो हद से बढ़ी
١٧ (17)
(17)
न निगाह इधर-उधर हुई और न सीमा से आगे बढ़ी।
५३:१८
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
رَأَىٰ उसने देखीं raā
उसने देखीं
مِنْ of min
of
ءَايَـٰتِ निशानियाँ āyāti
निशानियाँ
رَبِّهِ अपने रब की rabbihi
अपने रब की
ٱلْكُبْرَىٰٓ बड़ी-बड़ी l-kub'rā
बड़ी-बड़ी
١٨ (18)
(18)
निःसंदेह उसने अपने पालनहार की कुछ बहुत बड़ी निशानियाँ1 देखीं।
५३:१९
أَفَرَءَيْتُمُ क्या फिर देखा तुमने afara-aytumu
क्या फिर देखा तुमने
ٱللَّـٰتَ लात l-lāta
लात
وَٱلْعُزَّىٰ और उज़्ज़ा को wal-ʿuzā
और उज़्ज़ा को
١٩ (19)
(19)
फिर क्या तुमने लात और उज़्ज़ा को देखा।
५३:२०
وَمَنَوٰةَ और मनात wamanata
और मनात
ٱلثَّالِثَةَ तीसरी l-thālithata
तीसरी
ٱلْأُخْرَىٰٓ एक और को l-ukh'rā
एक और को
٢٠ (20)
(20)
तथा तीसरी एक और (मूर्ति) मनात को?
५३:२१
أَلَكُمُ क्या तुम्हारे लिए हैं alakumu
क्या तुम्हारे लिए हैं
ٱلذَّكَرُ लड़के l-dhakaru
लड़के
وَلَهُ और उसके लिए हैं walahu
और उसके लिए हैं
ٱلْأُنثَىٰ लड़कियाँ l-unthā
लड़कियाँ
٢١ (21)
(21)
क्या तुम्हारे लिए पुत्र हैं और उस (अल्लाह) के लिए पुत्रियाँ?
५३:२२
تِلْكَ ये til'ka
ये
إِذًۭا तब idhan
तब
قِسْمَةٌۭ एक तक़सीम है qis'matun
एक तक़सीम है
ضِيزَىٰٓ ना इन्साफ़ी की ḍīzā
ना इन्साफ़ी की
٢٢ (22)
(22)
तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।
५३:२३
إِنْ नहीं in
नहीं
هِىَ वो hiya
वो
إِلَّآ मगर illā
मगर
أَسْمَآءٌۭ कुछ नाम हैं asmāon
कुछ नाम हैं
سَمَّيْتُمُوهَآ नाम रखे तुमने उनके sammaytumūhā
नाम रखे तुमने उनके
أَنتُمْ तुमने antum
तुमने
وَءَابَآؤُكُم और तुम्हारे आबा ओ अजदाद ने waābāukum
और तुम्हारे आबा ओ अजदाद ने
مَّآ नहीं
नहीं
أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
بِهَا उनकी bihā
उनकी
مِن any min
any
سُلْطَـٰنٍ ۚ कोई दलील sul'ṭānin
कोई दलील
إِن नहीं in
नहीं
يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करते yattabiʿūna
वो पैरवी करते
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلظَّنَّ गुमान की l-ẓana
गुमान की
وَمَا और उसकी जो wamā
और उसकी जो
تَهْوَى ख़्वाहिश करते हैं tahwā
ख़्वाहिश करते हैं
ٱلْأَنفُسُ ۖ नफ़्स l-anfusu
नफ़्स
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
جَآءَهُم आई उनके पास jāahum
आई उनके पास
مِّن from min
from
رَّبِّهِمُ उनके रब की तरफ़ से rabbihimu
उनके रब की तरफ़ से
ٱلْهُدَىٰٓ हिदायत l-hudā
हिदायत
٢٣ (23)
(23)
ये (मूर्तियाँ) कुछ नामों के सिवा कुछ भी नहीं हैं, जो तुमने तथा तुम्हारे बाप-दादा ने रख लिए हैं। अल्लाह ने इनका कोई प्रमाण नहीं उतारा है। ये लोग केवल अटकल1 के और उन चीज़ों के पीछे चल रहे हैं जो उनके दिल चाहते हैं। जबकि निःसंदेह उनके पास उनके पालनहार की ओर से मार्गदर्शन आ चुका है।
५३:२४
أَمْ क्या है am
क्या है
لِلْإِنسَـٰنِ इन्सान को lil'insāni
इन्सान को
مَا जो
जो
تَمَنَّىٰ वो तमन्ना करे tamannā
वो तमन्ना करे
٢٤ (24)
(24)
क्या मनुष्य को वह मिल जाएगा, जिसकी वह कामना करे?
५३:२५
فَلِلَّهِ तो अल्लाह ही के लिए है falillahi
तो अल्लाह ही के लिए है
ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत l-ākhiratu
आख़िरत
وَٱلْأُولَىٰ और पहली (दुनिया) wal-ūlā
और पहली (दुनिया)
٢٥ (25)
(25)
(नहीं, ऐसा नहीं है) क्योंकि आख़िरत और दुनिया अल्लाह ही के अधिकार में है।
५३:२६
۞ وَكَم और कितने ही wakam
और कितने ही
مِّن of min
of
مَّلَكٍۢ फ़रिश्ते हैं malakin
फ़रिश्ते हैं
فِى in
in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
لَا not
not
تُغْنِى ना काम आएगी tugh'nī
ना काम आएगी
شَفَـٰعَتُهُمْ सिफ़ारिश उनकी shafāʿatuhum
सिफ़ारिश उनकी
شَيْـًٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
إِلَّا मगर illā
मगर
مِنۢ after min
after
بَعْدِ इसके बाद baʿdi
इसके बाद
أَن कि an
कि
يَأْذَنَ इजाज़त दे yadhana
इजाज़त दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
يَشَآءُ वो चाहे yashāu
वो चाहे
وَيَرْضَىٰٓ और वो राज़ी हो जाए wayarḍā
और वो राज़ी हो जाए
٢٦ (26)
(26)
और आकाशों में कितने ही फ़रिश्ते हैं कि उनकी सिफ़ारिश कुछ लाभ नहीं देती, परंतु इसके पश्चात कि अल्लाह अनुमति दे जिसके लिए चाहे तथा (जिसे) पसंद करे।1
५३:२७
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर
لَيُسَمُّونَ अलबत्ता वो नाम रखते हैं layusammūna
अलबत्ता वो नाम रखते हैं
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों के l-malāikata
फ़रिश्तों के
تَسْمِيَةَ नाम tasmiyata
नाम
ٱلْأُنثَىٰ औरतों जैसे l-unthā
औरतों जैसे
٢٧ (27)
(27)
निःसंदेह वे लोग जो आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, निश्चय वे फ़रिश्तों के नाम औरतों के नामों की तरह रखते हैं।
५३:२८
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
لَهُم उन्हें lahum
उन्हें
بِهِۦ उसका bihi
उसका
مِنْ any min
any
عِلْمٍ ۖ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म
إِن नहीं in
नहीं
يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करते yattabiʿūna
वो पैरवी करते
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلظَّنَّ ۖ गुमान की l-ẓana
गुमान की
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
ٱلظَّنَّ गुमान l-ẓana
गुमान
لَا (does) not
(does) not
يُغْنِى नहीं वो काम आता yugh'nī
नहीं वो काम आता
مِنَ against mina
against
ٱلْحَقِّ हक़ के (मुक़ाबले पर) l-ḥaqi
हक़ के (मुक़ाबले पर)
شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
٢٨ (28)
(28)
हालाँकि उन्हें इसके बारे में कोई ज्ञान नहीं। वे केवल अनुमान के पीछे चल रहे हैं। और निःसंदेह अनुमान सच्चाई की तुलना में किसी काम नहीं आता।
५३:२९
فَأَعْرِضْ तो ऐराज़ कीजिए fa-aʿriḍ
तो ऐराज़ कीजिए
عَن उससे ʿan
उससे
مَّن जो man
जो
تَوَلَّىٰ मुँह मोड़े tawallā
मुँह मोड़े
عَن from ʿan
from
ذِكْرِنَا हमारे ज़िक्र से dhik'rinā
हमारे ज़िक्र से
وَلَمْ और ना walam
और ना
يُرِدْ वो चाहे yurid
वो चाहे
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
٢٩ (29)
(29)
अतः आप उससे मुँह फेर लें, जिसने हमारी नसीहत से मुँह मोड़ लिया और जिसने दुनिया के जीवन के सिवा कुछ नहीं चाहा।
५३:३०
ذَٰلِكَ यही dhālika
यही
مَبْلَغُهُم इन्तिहा है उनकी mablaghuhum
इन्तिहा है उनकी
مِّنَ of mina
of
ٱلْعِلْمِ ۚ इल्म में l-ʿil'mi
इल्म में
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
هُوَ वो huwa
वो
أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है
بِمَن उसे जो biman
उसे जो
ضَلَّ भटक गया ḍalla
भटक गया
عَن from ʿan
from
سَبِيلِهِۦ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है
بِمَنِ उसे जो bimani
उसे जो
ٱهْتَدَىٰ हिदायत पा गया ih'tadā
हिदायत पा गया
٣٠ (30)
(30)
यही उनके ज्ञान की सीमा है। निश्चित रूप से आपका पालनहार ही उसे अधिक जानने वाला है, जो उसके मार्ग से भटक गया और वही उसे भी ज़्यादा जानने वाला है, जो सीधे मार्ग पर चला।
५३:३१
وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
لِيَجْزِىَ ताकि वो बदला दे liyajziya
ताकि वो बदला दे
ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने
أَسَـٰٓـُٔوا۟ बुरा किया asāū
बुरा किया
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए
وَيَجْزِىَ और वो बदला दे wayajziya
और वो बदला दे
ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने
أَحْسَنُوا۟ अच्छा किया aḥsanū
अच्छा किया
بِٱلْحُسْنَى साथ भलाई के bil-ḥus'nā
साथ भलाई के
٣١ (31)
(31)
तथा जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, सब अल्लाह ही का है, ताकि वह बुराई करने वालों को उनके किए का बदला दे, और भलाई करने वालों को अच्छा बदला दे।
५३:३२
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يَجْتَنِبُونَ इज्तिनाब करते हैं yajtanibūna
इज्तिनाब करते हैं
كَبَـٰٓئِرَ कबीरा kabāira
कबीरा
ٱلْإِثْمِ गुनाहों से l-ith'mi
गुनाहों से
وَٱلْفَوَٰحِشَ और बेहयाई से wal-fawāḥisha
और बेहयाई से
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
ٱللَّمَمَ ۚ छोटे गुनाहों के l-lamama
छोटे गुनाहों के
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
وَٰسِعُ वसीअ wāsiʿu
वसीअ
ٱلْمَغْفِرَةِ ۚ मग़्फ़िरत वाला है l-maghfirati
मग़्फ़िरत वाला है
هُوَ वो huwa
वो
أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है
بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें
إِذْ जब idh
जब
أَنشَأَكُم उसने पैदा किया तुम्हें ansha-akum
उसने पैदा किया तुम्हें
مِّنَ from mina
from
ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से
وَإِذْ और जब wa-idh
और जब
أَنتُمْ तुम antum
तुम
أَجِنَّةٌۭ जनीन थे ajinnatun
जनीन थे
فِى in
in
بُطُونِ पेटों में buṭūni
पेटों में
أُمَّهَـٰتِكُمْ ۖ अपनी माओं के ummahātikum
अपनी माओं के
فَلَا पस ना falā
पस ना
تُزَكُّوٓا۟ तुम पाक ठहराओ tuzakkū
तुम पाक ठहराओ
أَنفُسَكُمْ ۖ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को
هُوَ वो huwa
वो
أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है
بِمَنِ उसे जिसने bimani
उसे जिसने
ٱتَّقَىٰٓ तक़्वा इख़्तियार किया ittaqā
तक़्वा इख़्तियार किया
٣٢ (32)
(32)
वे लोग जो बड़े गुनाहों तथा अश्लील कार्यों1 से दूर रहते हैं, सिवाय कुछ छोटे गुनाहों के। निःसंदेह आपका पालनहार बड़ा क्षमा करने वाला है। वह तुम्हें अधिक जानने वाला है जब उसने तुम्हें धरती2 से पैदा किया और जब तुम अपनी माँओं के पेटों में बच्चे थे। अतः अपनी पवित्रता का दावा मत करो, वह उसे ज़्यादा जानने वाला है जो वास्तव में परहेज़गार है।
५३:३३
أَفَرَءَيْتَ क्या भला देखा आपने afara-ayta
क्या भला देखा आपने
ٱلَّذِى उसे जो alladhī
उसे जो
تَوَلَّىٰ मुँह मोड़ गया tawallā
मुँह मोड़ गया
٣٣ (33)
(33)
फिर क्या आपने उसे देखा जिसने मुँह फेर लिया?
५३:३४
وَأَعْطَىٰ और उसने दिया wa-aʿṭā
और उसने दिया
قَلِيلًۭا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा
وَأَكْدَىٰٓ और उसने रोक लिया wa-akdā
और उसने रोक लिया
٣٤ (34)
(34)
और थोड़ा-सा दिया फिर रोक लिया।
५३:३५
أَعِندَهُۥ क्या उसके पास aʿindahu
क्या उसके पास
عِلْمُ इल्म है ʿil'mu
इल्म है
ٱلْغَيْبِ ग़ैब का l-ghaybi
ग़ैब का
فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो
يَرَىٰٓ वो देख रहा है yarā
वो देख रहा है
٣٥ (35)
(35)
क्या उसके पास परोक्ष का ज्ञान है? अतः वह देख रहा है।1
५३:३६
أَمْ या am
या
لَمْ नहीं lam
नहीं
يُنَبَّأْ वो ख़बर दिया गया yunabba
वो ख़बर दिया गया
بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो
فِى (was) in
(was) in
صُحُفِ सहीफ़ों में है ṣuḥufi
सहीफ़ों में है
مُوسَىٰ मूसा के mūsā
मूसा के
٣٦ (36)
(36)
या उसे उन बातों की सूचना नहीं दी गई, जो मूसा के ग्रंथों में हैं?
५३:३७
وَإِبْرَٰهِيمَ और इब्राहीम के wa-ib'rāhīma
और इब्राहीम के
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
وَفَّىٰٓ वफ़ा की waffā
वफ़ा की
٣٧ (37)
(37)
और इबराहीम के (ग्रंथों में), जिसने (कर्तव्य) पूरा किया।
५३:३८
أَلَّا कि ना allā
कि ना
تَزِرُ बोझ उठाएगी taziru
बोझ उठाएगी
وَازِرَةٌۭ कोई बोझ उठाने वाली wāziratun
कोई बोझ उठाने वाली
وِزْرَ बोझ wiz'ra
बोझ
أُخْرَىٰ किसी दूसरे की ukh'rā
किसी दूसरे की
٣٨ (38)
(38)
कि कोई बोझ उठाने वाला किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा।
५३:३९
وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि
لَّيْسَ नहीं है laysa
नहीं है
لِلْإِنسَـٰنِ इन्सान के लिए lil'insāni
इन्सान के लिए
إِلَّا मगर illā
मगर
مَا जो
जो
سَعَىٰ उसने कोशिश की saʿā
उसने कोशिश की
٣٩ (39)
(39)
और यह कि मनुष्य के लिए केवल वही है, जिसके लिए उसने प्रयास किया।
५३:४०
وَأَنَّ और ये कि wa-anna
और ये कि
سَعْيَهُۥ कोशिश उसकी saʿyahu
कोशिश उसकी
سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब
يُرَىٰ वो देखी जाएगी yurā
वो देखी जाएगी
٤٠ (40)
(40)
और यह कि निश्चय उसका प्रयास शीघ्र ही देखा जाएगा।
५३:४१
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يُجْزَىٰهُ बदला दिया जाएगा उसे yuj'zāhu
बदला दिया जाएगा उसे
ٱلْجَزَآءَ बदला l-jazāa
बदला
ٱلْأَوْفَىٰ पूरा-पूरा l-awfā
पूरा-पूरा
٤١ (41)
(41)
फिर उसे उसका पूरा प्रतिफल दिया जाएगा।
५३:४२
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
إِلَىٰ to ilā
to
رَبِّكَ आपके रब की तरफ़ ही rabbika
आपके रब की तरफ़ ही
ٱلْمُنتَهَىٰ इन्तिहा है l-muntahā
इन्तिहा है
٤٢ (42)
(42)
और यह कि निःसंदेह आपके पालनहार ही की ओर अंततः पहुँचना है।
५३:४३
وَأَنَّهُۥ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
أَضْحَكَ जिसने हँसाया aḍḥaka
जिसने हँसाया
وَأَبْكَىٰ और उसने रुलाया wa-abkā
और उसने रुलाया
٤٣ (43)
(43)
तथा यह कि निःसंदह वही है, जिसने हँसाया तथा रुलाया।
५३:४४
وَأَنَّهُۥ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
أَمَاتَ जिसने मौत दी amāta
जिसने मौत दी
وَأَحْيَا और उसने ज़िन्दा किया wa-aḥyā
और उसने ज़िन्दा किया
٤٤ (44)
(44)
तथा यह कि निःसंदेह वही है, जिसने मृत्यु दी और जीवन दिया।
५३:४५
وَأَنَّهُۥ और बेशक वो ही है wa-annahu
और बेशक वो ही है
خَلَقَ जिसने पैदा किया khalaqa
जिसने पैदा किया
ٱلزَّوْجَيْنِ जोड़ों को l-zawjayni
जोड़ों को
ٱلذَّكَرَ नर l-dhakara
नर
وَٱلْأُنثَىٰ और मादा को wal-unthā
और मादा को
٤٥ (45)
(45)
और यह कि निःसंदेह उसी ने दो प्रकार : नर और मादा पैदा किए।
५३:४६
مِن From min
From
نُّطْفَةٍ नुत्फ़े से nuṭ'fatin
नुत्फ़े से
إِذَا जब idhā
जब
تُمْنَىٰ वो टपकाया जाता है tum'nā
वो टपकाया जाता है
٤٦ (46)
(46)
एक बूँद से, जब वह टपकाई जाती है।
५३:४७
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
عَلَيْهِ उसी के ज़िम्मे है ʿalayhi
उसी के ज़िम्मे है
ٱلنَّشْأَةَ पैदाइश l-nashata
पैदाइश
ٱلْأُخْرَىٰ दूसरी मरतबा l-ukh'rā
दूसरी मरतबा
٤٧ (47)
(47)
और यह कि निःसंदेह उसी के ज़िम्मे दूसरी बार1 पैदा करना है।
५३:४८
وَأَنَّهُۥ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
أَغْنَىٰ जिसने ग़नी किया aghnā
जिसने ग़नी किया
وَأَقْنَىٰ और उसने मालदार बनाया wa-aqnā
और उसने मालदार बनाया
٤٨ (48)
(48)
और यह कि निःसंदेह उसी ने धनी बनाया और कोष प्रदान किया।
५३:४९
وَأَنَّهُۥ और बेशक वो wa-annahu
और बेशक वो
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
رَبُّ रब rabbu
रब
ٱلشِّعْرَىٰ शिअरा (सितारे) का l-shiʿ'rā
शिअरा (सितारे) का
٤٩ (49)
(49)
और यह कि निःसंदेह वही ''शे'रा'' का रब है।
५३:५०
وَأَنَّهُۥٓ और बेशक वो ही है wa-annahu
और बेशक वो ही है
أَهْلَكَ जिसने हलाक किया ahlaka
जिसने हलाक किया
عَادًا आदे ʿādan
आदे
ٱلْأُولَىٰ ऊला को l-ūlā
ऊला को
٥٠ (50)
(50)
और यह कि निःसंदेह उसी ने प्रथम 'आद' को विनष्ट किया।
५३:५१
وَثَمُودَا۟ और समूद को wathamūdā
और समूद को
فَمَآ पस ना famā
पस ना
أَبْقَىٰ उसने बाक़ी छोड़ा abqā
उसने बाक़ी छोड़ा
٥١ (51)
(51)
तथा समूद को, फिर (किसी को) बाक़ी न छोड़ा।
५३:५२
وَقَوْمَ और क़ौमे waqawma
और क़ौमे
نُوحٍۢ नूह को nūḥin
नूह को
مِّن before min
before
قَبْلُ ۖ उससे क़ब्ल qablu
उससे क़ब्ल
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
هُمْ वो hum
वो
أَظْلَمَ बहुत ज़ालिम aẓlama
बहुत ज़ालिम
وَأَطْغَىٰ और ज़्यादा सरकश wa-aṭghā
और ज़्यादा सरकश
٥٢ (52)
(52)
तथा इनसे पहले नूह़ की जाति को। निःसंदेह वे बहुत ही ज़ालिम और बड़े ही सरकश थे।
५३:५३
وَٱلْمُؤْتَفِكَةَ और उलट जाने वाली बस्ती को wal-mu'tafikata
और उलट जाने वाली बस्ती को
أَهْوَىٰ उसने नीचे दे मारा ahwā
उसने नीचे दे मारा
٥٣ (53)
(53)
और उलट जाने वाली बस्ती1 को उसने उठाकर धरती पर दे मारा।
५३:५४
فَغَشَّىٰهَا तो ढाँप लिया उन्हें faghashāhā
तो ढाँप लिया उन्हें
مَا जिसने
जिसने
غَشَّىٰ ढाँपा ghashā
ढाँपा
٥٤ (54)
(54)
तो ढाँप दिया1 उसे जिस चीज़ से ढाँपा।
५३:५५
فَبِأَىِّ पस कौन सी fabi-ayyi
पस कौन सी
ءَالَآءِ नेअमतों पर ālāi
नेअमतों पर
رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की
تَتَمَارَىٰ तुम शक करते हो tatamārā
तुम शक करते हो
٥٥ (55)
(55)
तो (ऐ इनसान!) तू अपने पालनहार की ने'मतों में से किस-किस में संदेह करेगा?
५३:५६
هَـٰذَا ये hādhā
ये
نَذِيرٌۭ एक डराने वाला है nadhīrun
एक डराने वाला है
مِّنَ from mina
from
ٱلنُّذُرِ डराने वालों में से l-nudhuri
डराने वालों में से
ٱلْأُولَىٰٓ पहले l-ūlā
पहले
٥٦ (56)
(56)
यह1 पहले डराने वालों में से एक डराने वाला है।
५३:५७
أَزِفَتِ नज़दीक आ गई azifati
नज़दीक आ गई
ٱلْـَٔازِفَةُ नज़दीक आने वाली l-āzifatu
नज़दीक आने वाली
٥٧ (57)
(57)
निकट आने वाली निकट आ गई।
५३:५८
لَيْسَ नहीं laysa
नहीं
لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए
مِن besides min
besides
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
كَاشِفَةٌ कोई हटाने वाला kāshifatun
कोई हटाने वाला
٥٨ (58)
(58)
जिसे अल्लाह के सिवा कोई हटाने वाला नहीं।
५३:५९
أَفَمِنْ क्या भला afamin
क्या भला
هَـٰذَا इस hādhā
इस
ٱلْحَدِيثِ बात से l-ḥadīthi
बात से
تَعْجَبُونَ तुम ताअज्जुब करते हो taʿjabūna
तुम ताअज्जुब करते हो
٥٩ (59)
(59)
तो क्या तुम इस बात पर आश्चर्य करते हो?
५३:६०
وَتَضْحَكُونَ और तुम हँसते हो wataḍḥakūna
और तुम हँसते हो
وَلَا and (do) not walā
and (do) not
تَبْكُونَ और नहीं तुम रोते tabkūna
और नहीं तुम रोते
٦٠ (60)
(60)
तथा हँसते हो और रोते नहीं हो?
५३:६१
وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम
سَـٰمِدُونَ ग़ाफ़िल हो sāmidūna
ग़ाफ़िल हो
٦١ (61)
(61)
तथा तुम ग़ाफ़िल हो!
५३:६२
فَٱسْجُدُوا۟ पस सजदा करो fa-us'judū
पस सजदा करो
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
وَٱعْبُدُوا۟ ۩ और इबादत करो wa-uʿ'budū
और इबादत करो
٦٢ (62)
(62)
अतः अल्लाह को सजदा करो और उसी की इबादत1 करो।