३७
अस-साफ़्फ़ात
الصافات
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३७:१
وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِ
क़सम है सफ़ बाँधने वालों की
wal-ṣāfāti
क़सम है सफ़ बाँधने वालों की صَفًّۭا ख़ूब सफ़ बाँधना ṣaffan
ख़ूब सफ़ बाँधना ١ (1)
(1)
क़सम है सफ़ बाँधने वालों की صَفًّۭا ख़ूब सफ़ बाँधना ṣaffan
ख़ूब सफ़ बाँधना ١ (1)
(1)
क़सम है पंक्तिबद्ध (फ़रिश्तों) की!
३७:२
فَٱلزَّٰجِرَٰتِ
फिर डाँटने वालों की
fal-zājirāti
फिर डाँटने वालों की زَجْرًۭا सख़्त डाँटना zajran
सख़्त डाँटना ٢ (2)
(2)
फिर डाँटने वालों की زَجْرًۭا सख़्त डाँटना zajran
सख़्त डाँटना ٢ (2)
(2)
फिर झिड़क कर डाँटने वालों की!
३७:३
فَٱلتَّـٰلِيَـٰتِ
फिर तिलावत करने वालों की
fal-tāliyāti
फिर तिलावत करने वालों की ذِكْرًا ज़िक्र (क़ुरान) की dhik'ran
ज़िक्र (क़ुरान) की ٣ (3)
(3)
फिर तिलावत करने वालों की ذِكْرًا ज़िक्र (क़ुरान) की dhik'ran
ज़िक्र (क़ुरान) की ٣ (3)
(3)
फिर (अल्लाह के) ज़िक्र (वाणी) की तिलावत करने वालों की।1
३७:४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक إِلَـٰهَكُمْ इलाह तुम्हारा ilāhakum
इलाह तुम्हारा لَوَٰحِدٌۭ यक़ीनन एक ही है lawāḥidun
यक़ीनन एक ही है ٤ (4)
(4)
बेशक إِلَـٰهَكُمْ इलाह तुम्हारा ilāhakum
इलाह तुम्हारा لَوَٰحِدٌۭ यक़ीनन एक ही है lawāḥidun
यक़ीनन एक ही है ٤ (4)
(4)
निःसंदेह तुम्हारा पूज्य निश्चय एक ही है।
३७:५
رَّبُّ
रब
rabbu
रब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के وَرَبُّ और रब warabbu
और रब ٱلْمَشَـٰرِقِ मशरिक़ों का l-mashāriqi
मशरिक़ों का ٥ (5)
(5)
रब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के وَرَبُّ और रब warabbu
और रब ٱلْمَشَـٰرِقِ मशरिक़ों का l-mashāriqi
मशरिक़ों का ٥ (5)
(5)
जो आकाशों और धरती का तथा उन दोनों के बीच की समस्त चीज़ों का स्वामी है और सूर्य के उदय होने के सभी स्थानों का मालिक है।
३७:६
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम زَيَّنَّا मुज़य्यन किया हमने zayyannā
मुज़य्यन किया हमने ٱلسَّمَآءَ आसमाने l-samāa
आसमाने ٱلدُّنْيَا दुनिया को l-dun'yā
दुनिया को بِزِينَةٍ ज़ीनत से bizīnatin
ज़ीनत से ٱلْكَوَاكِبِ सितारों की l-kawākibi
सितारों की ٦ (6)
(6)
बेशक हम زَيَّنَّا मुज़य्यन किया हमने zayyannā
मुज़य्यन किया हमने ٱلسَّمَآءَ आसमाने l-samāa
आसमाने ٱلدُّنْيَا दुनिया को l-dun'yā
दुनिया को بِزِينَةٍ ज़ीनत से bizīnatin
ज़ीनत से ٱلْكَوَاكِبِ सितारों की l-kawākibi
सितारों की ٦ (6)
(6)
निःसंदेह हमने संसार के आकाश को एक सुंदर शृंगार के साथ सुशोभित किया है, जो सितारे हैं।
३७:७
وَحِفْظًۭا
और हिफ़ाज़त के लिए
waḥif'ẓan
और हिफ़ाज़त के लिए مِّن against min
against كُلِّ every kulli
every شَيْطَـٰنٍۢ हर शैतान से shayṭānin
हर शैतान से مَّارِدٍۢ जो सरकश है māridin
जो सरकश है ٧ (7)
(7)
और हिफ़ाज़त के लिए مِّن against min
against كُلِّ every kulli
every شَيْطَـٰنٍۢ हर शैतान से shayṭānin
हर शैतान से مَّارِدٍۢ जो सरकश है māridin
जो सरकश है ٧ (7)
(7)
और प्रत्येक सरकश शैतान से सुरक्षित करने के लिए।
३७:८
لَّا
Not
lā
Not يَسَّمَّعُونَ नहीं वो कान लगाकर सुन सकते yassammaʿūna
नहीं वो कान लगाकर सुन सकते إِلَى to ilā
to ٱلْمَلَإِ the assembly l-mala-i
the assembly ٱلْأَعْلَىٰ तरफ़ मलाए आला/मुक़र्रिब फ़रिश्तों के l-aʿlā
तरफ़ मलाए आला/मुक़र्रिब फ़रिश्तों के وَيُقْذَفُونَ और वो फेंके जाते हैं wayuq'dhafūna
और वो फेंके जाते हैं مِن from min
from كُلِّ every kulli
every جَانِبٍۢ हर तरफ़ से jānibin
हर तरफ़ से ٨ (8)
(8)
Not يَسَّمَّعُونَ नहीं वो कान लगाकर सुन सकते yassammaʿūna
नहीं वो कान लगाकर सुन सकते إِلَى to ilā
to ٱلْمَلَإِ the assembly l-mala-i
the assembly ٱلْأَعْلَىٰ तरफ़ मलाए आला/मुक़र्रिब फ़रिश्तों के l-aʿlā
तरफ़ मलाए आला/मुक़र्रिब फ़रिश्तों के وَيُقْذَفُونَ और वो फेंके जाते हैं wayuq'dhafūna
और वो फेंके जाते हैं مِن from min
from كُلِّ every kulli
every جَانِبٍۢ हर तरफ़ से jānibin
हर तरफ़ से ٨ (8)
(8)
वे सर्वोच्च सभा (मला-ए-आ'ला) के फ़रिश्तों की बात नहीं सुन सकते, तथा वे हर ओर से (उल्काओं से) मारे जाते हैं।
३७:९
دُحُورًۭا ۖ
भगाने के लिए
duḥūran
भगाने के लिए وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है وَاصِبٌ मुसलसल wāṣibun
मुसलसल ٩ (9)
(9)
भगाने के लिए وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है وَاصِبٌ मुसलसल wāṣibun
मुसलसल ٩ (9)
(9)
भगाने के लिए। तथा उनके लिए स्थायी यातना है।
३७:१०
إِلَّا
मगर
illā
मगर مَنْ जो कोई man
जो कोई خَطِفَ उचक ले जाए khaṭifa
उचक ले जाए ٱلْخَطْفَةَ उचक ले जाना l-khaṭfata
उचक ले जाना فَأَتْبَعَهُۥ तो पीछा करता है उसका fa-atbaʿahu
तो पीछा करता है उसका شِهَابٌۭ एक शोला shihābun
एक शोला ثَاقِبٌۭ चमकता हुआ thāqibun
चमकता हुआ ١٠ (10)
(10)
मगर مَنْ जो कोई man
जो कोई خَطِفَ उचक ले जाए khaṭifa
उचक ले जाए ٱلْخَطْفَةَ उचक ले जाना l-khaṭfata
उचक ले जाना فَأَتْبَعَهُۥ तो पीछा करता है उसका fa-atbaʿahu
तो पीछा करता है उसका شِهَابٌۭ एक शोला shihābun
एक शोला ثَاقِبٌۭ चमकता हुआ thāqibun
चमकता हुआ ١٠ (10)
(10)
परंतु जो कोई (शैतान फरिश्तों की किसी बात को) अचानक उचक ले जाए, तो एक दहकता हुआ अंगारा (उल्का)1 उसका पीछा करता है।
३७:११
فَٱسْتَفْتِهِمْ
पस पूछ लीजिए उनसे
fa-is'taftihim
पस पूछ लीजिए उनसे أَهُمْ क्या वो ahum
क्या वो أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त हैं ashaddu
ज़्यादा सख़्त हैं خَلْقًا पैदाइश में khalqan
पैदाइश में أَم या am
या مَّنْ जिसे man
जिसे خَلَقْنَآ ۚ पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम خَلَقْنَـٰهُم पैदा किया हमने उन्हें khalaqnāhum
पैदा किया हमने उन्हें مِّن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से لَّازِبٍۭ चिपकने वाली lāzibin
चिपकने वाली ١١ (11)
(11)
पस पूछ लीजिए उनसे أَهُمْ क्या वो ahum
क्या वो أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त हैं ashaddu
ज़्यादा सख़्त हैं خَلْقًا पैदाइश में khalqan
पैदाइश में أَم या am
या مَّنْ जिसे man
जिसे خَلَقْنَآ ۚ पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम خَلَقْنَـٰهُم पैदा किया हमने उन्हें khalaqnāhum
पैदा किया हमने उन्हें مِّن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से لَّازِبٍۭ चिपकने वाली lāzibin
चिपकने वाली ١١ (11)
(11)
तो आप इन (काफ़िरों) से पूछें कि क्या इन्हें पैदा करना अधिक कठिन है या उनका जिन्हें1 हम पैदा कर चुके? निःसंदेह हमने उन्हें2 एक लेसदार मिट्टी से पैदा किया है।
३७:१२
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि عَجِبْتَ ताअज्जुब किया आपने ʿajib'ta
ताअज्जुब किया आपने وَيَسْخَرُونَ और वो मज़ाक़ उड़ाते हैं wayaskharūna
और वो मज़ाक़ उड़ाते हैं ١٢ (12)
(12)
बल्कि عَجِبْتَ ताअज्जुब किया आपने ʿajib'ta
ताअज्जुब किया आपने وَيَسْخَرُونَ और वो मज़ाक़ उड़ाते हैं wayaskharūna
और वो मज़ाक़ उड़ाते हैं ١٢ (12)
(12)
बल्कि आपने आश्चर्य किया और वे उपहास करते हैं।
३७:१३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए जाते हैं dhukkirū
वो नसीहत किए जाते हैं لَا not lā
not يَذْكُرُونَ नहीं वो नसीहत पकड़ते yadhkurūna
नहीं वो नसीहत पकड़ते ١٣ (13)
(13)
और जब ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए जाते हैं dhukkirū
वो नसीहत किए जाते हैं لَا not lā
not يَذْكُرُونَ नहीं वो नसीहत पकड़ते yadhkurūna
नहीं वो नसीहत पकड़ते ١٣ (13)
(13)
और जब उन्हें नसीहत की जाए, तो वे क़बूल नहीं करते।
३७:१४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब رَأَوْا۟ वो देखते हैं ra-aw
वो देखते हैं ءَايَةًۭ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी يَسْتَسْخِرُونَ तो ख़ूब मज़ाक़ उड़ाते हैं yastaskhirūna
तो ख़ूब मज़ाक़ उड़ाते हैं ١٤ (14)
(14)
और जब رَأَوْا۟ वो देखते हैं ra-aw
वो देखते हैं ءَايَةًۭ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी يَسْتَسْخِرُونَ तो ख़ूब मज़ाक़ उड़ाते हैं yastaskhirūna
तो ख़ूब मज़ाक़ उड़ाते हैं ١٤ (14)
(14)
और जब वे कोई निशानी देखते हैं, तो खूब उपहास करते हैं।
३७:१५
وَقَالُوٓا۟
और कहते हैं
waqālū
और कहते हैं إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ एक जादू siḥ'run
एक जादू مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٥ (15)
(15)
और कहते हैं إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ एक जादू siḥ'run
एक जादू مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٥ (15)
(15)
तथा कहते हैं कि यह तो मात्र खुला जादू है।
३७:१६
أَءِذَا
क्या जब
a-idhā
क्या जब مِتْنَا मर जाऐंगे हम mit'nā
मर जाऐंगे हम وَكُنَّا और हो जाऐंगे हम wakunnā
और हो जाऐंगे हम تُرَابًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी وَعِظَـٰمًا और हड्डियाँ waʿiẓāman
और हड्डियाँ أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَبْعُوثُونَ अलबत्ता दोबारा उठाए जाऐंगे lamabʿūthūna
अलबत्ता दोबारा उठाए जाऐंगे ١٦ (16)
(16)
क्या जब مِتْنَا मर जाऐंगे हम mit'nā
मर जाऐंगे हम وَكُنَّا और हो जाऐंगे हम wakunnā
और हो जाऐंगे हम تُرَابًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी وَعِظَـٰمًا और हड्डियाँ waʿiẓāman
और हड्डियाँ أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَبْعُوثُونَ अलबत्ता दोबारा उठाए जाऐंगे lamabʿūthūna
अलबत्ता दोबारा उठाए जाऐंगे ١٦ (16)
(16)
क्या जब हम मर गए और मिट्टी तथा हड्डियाँ हो चुके, तो क्या सचमुच हम अवश्य उठाए जाने वाले हैं?
३७:१७
أَوَءَابَآؤُنَا
क्या भला आबा ओ अजदाद हमारे
awaābāunā
क्या भला आबा ओ अजदाद हमारे ٱلْأَوَّلُونَ जो पहले (गुज़र चुके) l-awalūna
जो पहले (गुज़र चुके) ١٧ (17)
(17)
क्या भला आबा ओ अजदाद हमारे ٱلْأَوَّلُونَ जो पहले (गुज़र चुके) l-awalūna
जो पहले (गुज़र चुके) ١٧ (17)
(17)
और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी (उठाए जाएँगे)?
३७:१८
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए نَعَمْ हाँ naʿam
हाँ وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम دَٰخِرُونَ ज़लील व ख़्वार होने वाले हो dākhirūna
ज़लील व ख़्वार होने वाले हो ١٨ (18)
(18)
कह दीजिए نَعَمْ हाँ naʿam
हाँ وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम دَٰخِرُونَ ज़लील व ख़्वार होने वाले हो dākhirūna
ज़लील व ख़्वार होने वाले हो ١٨ (18)
(18)
आप कह दीजिए : हाँ! तथा तुम अपमानित (भी) होगे!
३७:१९
فَإِنَّمَا
तो बेशक
fa-innamā
तो बेशक هِىَ वो hiya
वो زَجْرَةٌۭ डाँट होगी zajratun
डाँट होगी وَٰحِدَةٌۭ एक ही wāḥidatun
एक ही فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هُمْ वो hum
वो يَنظُرُونَ वो देख रहे होंगे yanẓurūna
वो देख रहे होंगे ١٩ (19)
(19)
तो बेशक هِىَ वो hiya
वो زَجْرَةٌۭ डाँट होगी zajratun
डाँट होगी وَٰحِدَةٌۭ एक ही wāḥidatun
एक ही فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هُمْ वो hum
वो يَنظُرُونَ वो देख रहे होंगे yanẓurūna
वो देख रहे होंगे ١٩ (19)
(19)
वह बस एक ही झिड़की होगी, तो एकाएक वे देख रहे होंगे।
३७:२०
وَقَالُوا۟
और वो कहेंगे
waqālū
और वो कहेंगे يَـٰوَيْلَنَا हाय अफ़सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़सोस हम पर هَـٰذَا ये है hādhā
ये है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلدِّينِ बदले का l-dīni
बदले का ٢٠ (20)
(20)
और वो कहेंगे يَـٰوَيْلَنَا हाय अफ़सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़सोस हम पर هَـٰذَا ये है hādhā
ये है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلدِّينِ बदले का l-dīni
बदले का ٢٠ (20)
(20)
तथा वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह तो बदले का दिन है।
३७:२१
هَـٰذَا
ये है
hādhā
ये है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلْفَصْلِ फ़ैसले का l-faṣli
फ़ैसले का ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ उसे bihi
उसे تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाया करते tukadhibūna
तुम झुठलाया करते ٢١ (21)
(21)
ये है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلْفَصْلِ फ़ैसले का l-faṣli
फ़ैसले का ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ उसे bihi
उसे تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाया करते tukadhibūna
तुम झुठलाया करते ٢١ (21)
(21)
यही निर्णय का दिन है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।
३७:२२
۞ ٱحْشُرُوا۟
इकट्ठा करो
uḥ'shurū
इकट्ठा करो ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया وَأَزْوَٰجَهُمْ और उनके साथियों को wa-azwājahum
और उनके साथियों को وَمَا और उन्हें जिनकी wamā
और उन्हें जिनकी كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْبُدُونَ वो इबादत करते yaʿbudūna
वो इबादत करते ٢٢ (22)
(22)
इकट्ठा करो ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया وَأَزْوَٰجَهُمْ और उनके साथियों को wa-azwājahum
और उनके साथियों को وَمَا और उन्हें जिनकी wamā
और उन्हें जिनकी كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْبُدُونَ वो इबादत करते yaʿbudūna
वो इबादत करते ٢٢ (22)
(22)
(आदेश होगा कि) इकट्ठा करो उन लोगों को जिन्होंने अत्याचार किया तथा उनके साथियों को और जिनकी वे उपासना किया करते थे ।
३७:२३
مِن
Besides
min
Besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَٱهْدُوهُمْ पस राह दिखाओ उन्हें fa-ih'dūhum
पस राह दिखाओ उन्हें إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطِ तरफ़ रास्ते ṣirāṭi
तरफ़ रास्ते ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٢٣ (23)
(23)
Besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَٱهْدُوهُمْ पस राह दिखाओ उन्हें fa-ih'dūhum
पस राह दिखाओ उन्हें إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطِ तरफ़ रास्ते ṣirāṭi
तरफ़ रास्ते ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٢٣ (23)
(23)
अल्लाह के सिवा। फिर उन्हें जहन्नम की राह दिखा दो।
३७:२४
وَقِفُوهُمْ ۖ
ठहराओ उन्हें
waqifūhum
ठहराओ उन्हें إِنَّهُم बेशक वो innahum
बेशक वो مَّسْـُٔولُونَ सवाल किए जाने वाले हैं masūlūna
सवाल किए जाने वाले हैं ٢٤ (24)
(24)
ठहराओ उन्हें إِنَّهُم बेशक वो innahum
बेशक वो مَّسْـُٔولُونَ सवाल किए जाने वाले हैं masūlūna
सवाल किए जाने वाले हैं ٢٤ (24)
(24)
और उन्हें ठहराओ1, निःसंदेह वे प्रश्न किए जाने वाले हैं।
३७:२५
مَا
क्या है
mā
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें لَا नहीं lā
नहीं تَنَاصَرُونَ तुम एक दूसरे की मदद करते tanāṣarūna
तुम एक दूसरे की मदद करते ٢٥ (25)
(25)
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें لَا नहीं lā
नहीं تَنَاصَرُونَ तुम एक दूसरे की मदद करते tanāṣarūna
तुम एक दूसरे की मदद करते ٢٥ (25)
(25)
तुम्हें क्या हुआ कि तुम एक-दूसरे की सहायता नहीं करते?
३७:२६
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि هُمُ वो humu
वो ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन مُسْتَسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'taslimūna
फ़रमाबरदार हैं ٢٦ (26)
(26)
बल्कि هُمُ वो humu
वो ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन مُسْتَسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'taslimūna
फ़रमाबरदार हैं ٢٦ (26)
(26)
बल्कि, आज वे सर्वथा आज्ञाकारी हैं।
३७:२७
وَأَقْبَلَ
और मुतावज्जे होंगे
wa-aqbala
और मुतावज्जे होंगे بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके عَلَىٰ to ʿalā
to بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर يَتَسَآءَلُونَ वो एक दूसरे से सवाल करेंगे yatasāalūna
वो एक दूसरे से सवाल करेंगे ٢٧ (27)
(27)
और मुतावज्जे होंगे بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके عَلَىٰ to ʿalā
to بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर يَتَسَآءَلُونَ वो एक दूसरे से सवाल करेंगे yatasāalūna
वो एक दूसरे से सवाल करेंगे ٢٧ (27)
(27)
और वे एक-दूसरे की ओर रुख़ करके परस्पर प्रश्न करेंगे।1
३७:२८
قَالُوٓا۟
वो कहेंगे
qālū
वो कहेंगे إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَأْتُونَنَا आते तुम हमारे पास tatūnanā
आते तुम हमारे पास عَنِ from ʿani
from ٱلْيَمِينِ दाऐं जानिब से l-yamīni
दाऐं जानिब से ٢٨ (28)
(28)
वो कहेंगे إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَأْتُونَنَا आते तुम हमारे पास tatūnanā
आते तुम हमारे पास عَنِ from ʿani
from ٱلْيَمِينِ दाऐं जानिब से l-yamīni
दाऐं जानिब से ٢٨ (28)
(28)
वे कहेंगे : निःसंदेह तुम हमारे पास दाहिने1 से आया करते थे।
३७:२९
قَالُوا۟
कहेंगे
qālū
कहेंगे بَل बल्कि bal
बल्कि لَّمْ ना lam
ना تَكُونُوا۟ थे तुम takūnū
थे तुम مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٩ (29)
(29)
कहेंगे بَل बल्कि bal
बल्कि لَّمْ ना lam
ना تَكُونُوا۟ थे तुम takūnū
थे तुम مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٩ (29)
(29)
वे1 कहेंगे : बल्कि तुम (स्वयं) ईमान वाले न थे।
३७:३०
وَمَا
और ना
wamā
और ना كَانَ था kāna
था لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّن any min
any سُلْطَـٰنٍۭ ۖ कोई ज़ोर sul'ṭānin
कोई ज़ोर بَلْ बल्कि bal
बल्कि كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम قَوْمًۭا एक क़ौम qawman
एक क़ौम طَـٰغِينَ सरकश ṭāghīna
सरकश ٣٠ (30)
(30)
और ना كَانَ था kāna
था لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّن any min
any سُلْطَـٰنٍۭ ۖ कोई ज़ोर sul'ṭānin
कोई ज़ोर بَلْ बल्कि bal
बल्कि كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम قَوْمًۭا एक क़ौम qawman
एक क़ौम طَـٰغِينَ सरकश ṭāghīna
सरकश ٣٠ (30)
(30)
तथा हमारा तुमपर कोई ज़ोर1 न था, बल्कि तुम (स्वंय) हद से बढ़ने वाले लोग थे।
३७:३१
فَحَقَّ
तो सच होगई
faḥaqqa
तो सच होगई عَلَيْنَا तुम पर ʿalaynā
तुम पर قَوْلُ बात qawlu
बात رَبِّنَآ ۖ हमारे रब की rabbinā
हमारे रब की إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَذَآئِقُونَ अलबत्ता चखने वाले हैं ladhāiqūna
अलबत्ता चखने वाले हैं ٣١ (31)
(31)
तो सच होगई عَلَيْنَا तुम पर ʿalaynā
तुम पर قَوْلُ बात qawlu
बात رَبِّنَآ ۖ हमारे रब की rabbinā
हमारे रब की إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَذَآئِقُونَ अलबत्ता चखने वाले हैं ladhāiqūna
अलबत्ता चखने वाले हैं ٣١ (31)
(31)
तो हमपर हमारे पालनहार का कथन सिद्ध हो गया। निःसंदेह हम निश्चय (यातना) चखने वाले हैं।
३७:३२
فَأَغْوَيْنَـٰكُمْ
तो बहकाया हमने तुम्हें
fa-aghwaynākum
तो बहकाया हमने तुम्हें إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही غَـٰوِينَ बहके हुए ghāwīna
बहके हुए ٣٢ (32)
(32)
तो बहकाया हमने तुम्हें إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही غَـٰوِينَ बहके हुए ghāwīna
बहके हुए ٣٢ (32)
(32)
तो हमने तुम्हें गुमराह किया। निःसंदेह हम स्वयं गुमराह थे।
३७:३३
فَإِنَّهُمْ
तो बेशक वो
fa-innahum
तो बेशक वो يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فِى in fī
in ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में مُشْتَرِكُونَ बाहम शरीक होंगे mush'tarikūna
बाहम शरीक होंगे ٣٣ (33)
(33)
तो बेशक वो يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فِى in fī
in ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में مُشْتَرِكُونَ बाहम शरीक होंगे mush'tarikūna
बाहम शरीक होंगे ٣٣ (33)
(33)
तो निश्चय ही वे उस दिन यातना में सहभागी होंगे।
३७:३४
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَفْعَلُ हम करेंगे nafʿalu
हम करेंगे بِٱلْمُجْرِمِينَ साथ मुजरिमों के bil-muj'rimīna
साथ मुजरिमों के ٣٤ (34)
(34)
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَفْعَلُ हम करेंगे nafʿalu
हम करेंगे بِٱلْمُجْرِمِينَ साथ मुजरिमों के bil-muj'rimīna
साथ मुजरिमों के ٣٤ (34)
(34)
निःसंदेह हम अपराधियों के साथ ऐसा ही किया करते हैं।
३७:३५
إِنَّهُمْ
बेशक वो
innahum
बेशक वो كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो إِذَا जब idhā
जब قِيلَ कहा जाता qīla
कहा जाता لَهُمْ उनसे lahum
उनसे لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهُ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के يَسْتَكْبِرُونَ वो तकब्बुर करते थे yastakbirūna
वो तकब्बुर करते थे ٣٥ (35)
(35)
बेशक वो كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो إِذَا जब idhā
जब قِيلَ कहा जाता qīla
कहा जाता لَهُمْ उनसे lahum
उनसे لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهُ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के يَسْتَكْبِرُونَ वो तकब्बुर करते थे yastakbirūna
वो तकब्बुर करते थे ٣٥ (35)
(35)
निःसंदेह वे ऐसे लोग थे कि जब उनसे कहा जाता कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य (इबादत के योग्य) नहीं, तो वे अभिमान करते थे।
३७:३६
وَيَقُولُونَ
और वो कहते
wayaqūlūna
और वो कहते أَئِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَتَارِكُوٓا۟ अलबत्ता छोड़ देने वाले हैं latārikū
अलबत्ता छोड़ देने वाले हैं ءَالِهَتِنَا अपने माबूदों को ālihatinā
अपने माबूदों को لِشَاعِرٍۢ वास्ते एक शायर lishāʿirin
वास्ते एक शायर مَّجْنُونٍۭ मजनून के majnūnin
मजनून के ٣٦ (36)
(36)
और वो कहते أَئِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَتَارِكُوٓا۟ अलबत्ता छोड़ देने वाले हैं latārikū
अलबत्ता छोड़ देने वाले हैं ءَالِهَتِنَا अपने माबूदों को ālihatinā
अपने माबूदों को لِشَاعِرٍۢ वास्ते एक शायर lishāʿirin
वास्ते एक शायर مَّجْنُونٍۭ मजनून के majnūnin
मजनून के ٣٦ (36)
(36)
तथा कहते थे : क्या सचमुच हम अपने पूज्यों को एक दीवाने कवि के कारण छोड़ देने वाले हैं?
३७:३७
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि جَآءَ वो लाया है jāa
वो लाया है بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को وَصَدَّقَ और उसने तस्दीक़ की waṣaddaqa
और उसने तस्दीक़ की ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों की l-mur'salīna
रसूलों की ٣٧ (37)
(37)
बल्कि جَآءَ वो लाया है jāa
वो लाया है بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को وَصَدَّقَ और उसने तस्दीक़ की waṣaddaqa
और उसने तस्दीक़ की ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों की l-mur'salīna
रसूलों की ٣٧ (37)
(37)
बल्कि वह सत्य लेकर आए हैं तथा उन्होंने सभी रसूलों की पुष्टि की है।
३७:३८
إِنَّكُمْ
बेशक तुम
innakum
बेशक तुम لَذَآئِقُوا۟ अलबत्ता तुम चखने वाले हो ladhāiqū
अलबत्ता तुम चखने वाले हो ٱلْعَذَابِ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब ٱلْأَلِيمِ दर्दनाक को l-alīmi
दर्दनाक को ٣٨ (38)
(38)
बेशक तुम لَذَآئِقُوا۟ अलबत्ता तुम चखने वाले हो ladhāiqū
अलबत्ता तुम चखने वाले हो ٱلْعَذَابِ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब ٱلْأَلِيمِ दर्दनाक को l-alīmi
दर्दनाक को ٣٨ (38)
(38)
निःसंदेह तुम निश्चय दुःखदायी यातना चखने वाले हो।
३७:३९
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٣٩ (39)
(39)
और नहीं تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٣٩ (39)
(39)
तथा तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
३७:४०
إِلَّا
सिवाए
illā
सिवाए عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ٤٠ (40)
(40)
सिवाए عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ٤٠ (40)
(40)
परंतु अल्लाह के ख़ालिस (विशुद्ध) किए हुए बंदे।
३७:४१
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए رِزْقٌۭ रिज़्क़ है riz'qun
रिज़्क़ है مَّعْلُومٌۭ मालूम maʿlūmun
मालूम ٤١ (41)
(41)
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए رِزْقٌۭ रिज़्क़ है riz'qun
रिज़्क़ है مَّعْلُومٌۭ मालूम maʿlūmun
मालूम ٤١ (41)
(41)
यही लोग हैं, जिनके लिए निर्धारित रोज़ी है।
३७:४२
فَوَٰكِهُ ۖ
फल हैं
fawākihu
फल हैं وَهُم और वो wahum
और वो مُّكْرَمُونَ मोअज़्ज़िज़ होंगे muk'ramūna
मोअज़्ज़िज़ होंगे ٤٢ (42)
(42)
फल हैं وَهُم और वो wahum
और वो مُّكْرَمُونَ मोअज़्ज़िज़ होंगे muk'ramūna
मोअज़्ज़िज़ होंगे ٤٢ (42)
(42)
प्रत्येक प्रकार के फल। तथा वे सम्मानित किए गए हैं।
३७:४३
فِى
In
fī
In جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में ٱلنَّعِيمِ नेमतों के l-naʿīmi
नेमतों के ٤٣ (43)
(43)
In جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में ٱلنَّعِيمِ नेमतों के l-naʿīmi
नेमतों के ٤٣ (43)
(43)
नेमत के बाग़ों में।
३७:४४
عَلَىٰ
On
ʿalā
On سُرُرٍۢ तख़्तों पर sururin
तख़्तों पर مُّتَقَـٰبِلِينَ आमने सामने बैठने वाले mutaqābilīna
आमने सामने बैठने वाले ٤٤ (44)
(44)
On سُرُرٍۢ तख़्तों पर sururin
तख़्तों पर مُّتَقَـٰبِلِينَ आमने सामने बैठने वाले mutaqābilīna
आमने सामने बैठने वाले ٤٤ (44)
(44)
तख़्तों पर आमने-सामने बैठे होंगे।
३७:४५
يُطَافُ
फिराया जाएगा
yuṭāfu
फिराया जाएगा عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِكَأْسٍۢ भरा हुआ साग़र bikasin
भरा हुआ साग़र مِّن from min
from مَّعِينٍۭ बहते हुए चश्मे से maʿīnin
बहते हुए चश्मे से ٤٥ (45)
(45)
फिराया जाएगा عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِكَأْسٍۢ भरा हुआ साग़र bikasin
भरा हुआ साग़र مِّن from min
from مَّعِينٍۭ बहते हुए चश्मे से maʿīnin
बहते हुए चश्मे से ٤٥ (45)
(45)
उनपर प्रवाहित शराब के प्याले फिराए जाएँगे।
३७:४६
بَيْضَآءَ
सफ़ेद
bayḍāa
सफ़ेद لَذَّةٍۢ लज़्जत का सबब ladhatin
लज़्जत का सबब لِّلشَّـٰرِبِينَ पीने वालों के लिए lilshāribīna
पीने वालों के लिए ٤٦ (46)
(46)
सफ़ेद لَذَّةٍۢ लज़्जत का सबब ladhatin
लज़्जत का सबब لِّلشَّـٰرِبِينَ पीने वालों के लिए lilshāribīna
पीने वालों के लिए ٤٦ (46)
(46)
जो सफ़ेद होगी, पीने वालों के लिए स्वादिष्ट होगी।
३७:४७
لَا
ना
lā
ना فِيهَا उसमें fīhā
उसमें غَوْلٌۭ सर दर्द होगी ghawlun
सर दर्द होगी وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे يُنزَفُونَ वो अक़्ल ज़ाइल किए जाऐंगे yunzafūna
वो अक़्ल ज़ाइल किए जाऐंगे ٤٧ (47)
(47)
ना فِيهَا उसमें fīhā
उसमें غَوْلٌۭ सर दर्द होगी ghawlun
सर दर्द होगी وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे يُنزَفُونَ वो अक़्ल ज़ाइल किए जाऐंगे yunzafūna
वो अक़्ल ज़ाइल किए जाऐंगे ٤٧ (47)
(47)
न उसमें कोई सिरदर्द होगा, और न वे उससे मदहोश होंगे।
३७:४८
وَعِندَهُمْ
और उनके पास होंगी
waʿindahum
और उनके पास होंगी قَـٰصِرَٰتُ नीची रखने वालियाँ qāṣirātu
नीची रखने वालियाँ ٱلطَّرْفِ निगाहों को l-ṭarfi
निगाहों को عِينٌۭ मोटी आँखों वालियाँ ʿīnun
मोटी आँखों वालियाँ ٤٨ (48)
(48)
और उनके पास होंगी قَـٰصِرَٰتُ नीची रखने वालियाँ qāṣirātu
नीची रखने वालियाँ ٱلطَّرْفِ निगाहों को l-ṭarfi
निगाहों को عِينٌۭ मोटी आँखों वालियाँ ʿīnun
मोटी आँखों वालियाँ ٤٨ (48)
(48)
तथा उनके पास दृष्टि नीची रखने वाली, बड़ी आँखों वाली स्त्रियाँ होंगी।
३७:४९
كَأَنَّهُنَّ
गोया कि वो
ka-annahunna
गोया कि वो بَيْضٌۭ अंडे हैं bayḍun
अंडे हैं مَّكْنُونٌۭ छुपा कर रखे गए maknūnun
छुपा कर रखे गए ٤٩ (49)
(49)
गोया कि वो بَيْضٌۭ अंडे हैं bayḍun
अंडे हैं مَّكْنُونٌۭ छुपा कर रखे गए maknūnun
छुपा कर रखे गए ٤٩ (49)
(49)
मानो वे छिपाकर रखे हुए अंडे हों।1
३७:५०
فَأَقْبَلَ
तो मुतावज्जे होंगे
fa-aqbala
तो मुतावज्जे होंगे بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके عَلَىٰ to ʿalā
to بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर يَتَسَآءَلُونَ वो एक दूसरे से सवाल करेंगे yatasāalūna
वो एक दूसरे से सवाल करेंगे ٥٠ (50)
(50)
तो मुतावज्जे होंगे بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके عَلَىٰ to ʿalā
to بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर يَتَسَآءَلُونَ वो एक दूसरे से सवाल करेंगे yatasāalūna
वो एक दूसरे से सवाल करेंगे ٥٠ (50)
(50)
फिर वे एक-दूसरे के सम्मुख होकर आपस में प्रश्न करेंगे।
३७:५१
قَالَ
कहेगा
qāla
कहेगा قَآئِلٌۭ एक कहने वाला qāilun
एक कहने वाला مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं كَانَ था kāna
था لِى मेरा lī
मेरा قَرِينٌۭ एक साथी qarīnun
एक साथी ٥١ (51)
(51)
कहेगा قَآئِلٌۭ एक कहने वाला qāilun
एक कहने वाला مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं كَانَ था kāna
था لِى मेरा lī
मेरा قَرِينٌۭ एक साथी qarīnun
एक साथी ٥١ (51)
(51)
उनमें से एक कहने वाला कहेगा : मेरा एक साथी था।
३७:५२
يَقُولُ
वो कहा करता था
yaqūlu
वो कहा करता था أَءِنَّكَ क्या बेशक तुम a-innaka
क्या बेशक तुम لَمِنَ surely of lamina
surely of ٱلْمُصَدِّقِينَ अलबत्ता तस्दीक़ करने वालों में से हो l-muṣadiqīna
अलबत्ता तस्दीक़ करने वालों में से हो ٥٢ (52)
(52)
वो कहा करता था أَءِنَّكَ क्या बेशक तुम a-innaka
क्या बेशक तुम لَمِنَ surely of lamina
surely of ٱلْمُصَدِّقِينَ अलबत्ता तस्दीक़ करने वालों में से हो l-muṣadiqīna
अलबत्ता तस्दीक़ करने वालों में से हो ٥٢ (52)
(52)
वह कहा करता था कि क्या सचमुच तू भी (मरणोपरांत पुनर्जीवन को) मानने वालों में से है?
३७:५३
أَءِذَا
क्या जब
a-idhā
क्या जब مِتْنَا मर जाऐंगे हम mit'nā
मर जाऐंगे हम وَكُنَّا और हो जाऐंगे हम wakunnā
और हो जाऐंगे हम تُرَابًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी وَعِظَـٰمًا और हड्डियाँ waʿiẓāman
और हड्डियाँ أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَدِينُونَ अलबत्ता बदला दिए जाने वाले हैं lamadīnūna
अलबत्ता बदला दिए जाने वाले हैं ٥٣ (53)
(53)
क्या जब مِتْنَا मर जाऐंगे हम mit'nā
मर जाऐंगे हम وَكُنَّا और हो जाऐंगे हम wakunnā
और हो जाऐंगे हम تُرَابًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी وَعِظَـٰمًا और हड्डियाँ waʿiẓāman
और हड्डियाँ أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَدِينُونَ अलबत्ता बदला दिए जाने वाले हैं lamadīnūna
अलबत्ता बदला दिए जाने वाले हैं ٥٣ (53)
(53)
क्या जब हम मर गए और हम मिट्टी तथा हड्डियाँ हो गए, तो क्या सचमुच हम अवश्य बदला दिए जाने वाले हैं?
३७:५४
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा هَلْ क्या hal
क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّطَّلِعُونَ झाँक कर देखने वाले हो muṭṭaliʿūna
झाँक कर देखने वाले हो ٥٤ (54)
(54)
उसने कहा هَلْ क्या hal
क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّطَّلِعُونَ झाँक कर देखने वाले हो muṭṭaliʿūna
झाँक कर देखने वाले हो ٥٤ (54)
(54)
वह कहेगा : क्या तुम झाँककर देखने वाले हो?
३७:५५
فَٱطَّلَعَ
तो वो झाँकेगा
fa-iṭṭalaʿa
तो वो झाँकेगा فَرَءَاهُ तो वो देखेगा उसे faraāhu
तो वो देखेगा उसे فِى in fī
in سَوَآءِ वस्त/ दर्मियान में sawāi
वस्त/ दर्मियान में ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٥٥ (55)
(55)
तो वो झाँकेगा فَرَءَاهُ तो वो देखेगा उसे faraāhu
तो वो देखेगा उसे فِى in fī
in سَوَآءِ वस्त/ दर्मियान में sawāi
वस्त/ दर्मियान में ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ٥٥ (55)
(55)
फिर वह झाँकेगा, तो उसे भड़कती हुई आग के बीच में देखेगा।
३७:५६
قَالَ
वो कहेगा
qāla
वो कहेगा تَٱللَّهِ क़सम अल्लाह की tal-lahi
क़सम अल्लाह की إِن बेशक in
बेशक كِدتَّ क़रीब था तू kidtta
क़रीब था तू لَتُرْدِينِ अलबत्ता तू हलाक कर देता मुझे latur'dīni
अलबत्ता तू हलाक कर देता मुझे ٥٦ (56)
(56)
वो कहेगा تَٱللَّهِ क़सम अल्लाह की tal-lahi
क़सम अल्लाह की إِن बेशक in
बेशक كِدتَّ क़रीब था तू kidtta
क़रीब था तू لَتُرْدِينِ अलबत्ता तू हलाक कर देता मुझे latur'dīni
अलबत्ता तू हलाक कर देता मुझे ٥٦ (56)
(56)
कहेगा : अल्लाह की कसम! निश्चय तू क़रीब था कि मुझे नष्ट ही कर दे।
३७:५७
وَلَوْلَا
और अगर ना होती
walawlā
और अगर ना होती نِعْمَةُ नेअमत niʿ'matu
नेअमत رَبِّى मेरे रब की rabbī
मेरे रब की لَكُنتُ अलबत्ता होता मैं lakuntu
अलबत्ता होता मैं مِنَ among mina
among ٱلْمُحْضَرِينَ हाज़िर किए जाने वालों में से l-muḥ'ḍarīna
हाज़िर किए जाने वालों में से ٥٧ (57)
(57)
और अगर ना होती نِعْمَةُ नेअमत niʿ'matu
नेअमत رَبِّى मेरे रब की rabbī
मेरे रब की لَكُنتُ अलबत्ता होता मैं lakuntu
अलबत्ता होता मैं مِنَ among mina
among ٱلْمُحْضَرِينَ हाज़िर किए जाने वालों में से l-muḥ'ḍarīna
हाज़िर किए जाने वालों में से ٥٧ (57)
(57)
और यदि मेरे पालनहार की अनुकंपा न होती, तो निश्चय मैं भी (जहन्नम में) उपस्थित किए गए लोगों में से होता।
३७:५८
أَفَمَا
क्या भला नहीं
afamā
क्या भला नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمَيِّتِينَ मरने वाले bimayyitīna
मरने वाले ٥٨ (58)
(58)
क्या भला नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمَيِّتِينَ मरने वाले bimayyitīna
मरने वाले ٥٨ (58)
(58)
तो क्या (यह सही नहीं है) कि हम कभी मरने वाले नहीं हैं?
३७:५९
إِلَّا
मगर
illā
मगर مَوْتَتَنَا मौत हमारी mawtatanā
मौत हमारी ٱلْأُولَىٰ पहली l-ūlā
पहली وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمُعَذَّبِينَ अज़ाब दिए जाने वाले bimuʿadhabīna
अज़ाब दिए जाने वाले ٥٩ (59)
(59)
मगर مَوْتَتَنَا मौत हमारी mawtatanā
मौत हमारी ٱلْأُولَىٰ पहली l-ūlā
पहली وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمُعَذَّبِينَ अज़ाब दिए जाने वाले bimuʿadhabīna
अज़ाब दिए जाने वाले ٥٩ (59)
(59)
सिवाय अपनी प्रथम मौत के, और न हम कभी यातना दिए जाने वाले हैं।
३७:६०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो ही lahuwa
अलबत्ता वो ही ٱلْفَوْزُ कामयाबी है l-fawzu
कामयाबी है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٦٠ (60)
(60)
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो ही lahuwa
अलबत्ता वो ही ٱلْفَوْزُ कामयाबी है l-fawzu
कामयाबी है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٦٠ (60)
(60)
निश्चय यही तो बहुत बड़ी सफलता है।
३७:६१
لِمِثْلِ
मानिन्द
limith'li
मानिन्द هَـٰذَا उसी के hādhā
उसी के فَلْيَعْمَلِ पस चाहिए कि अमल करें falyaʿmali
पस चाहिए कि अमल करें ٱلْعَـٰمِلُونَ अमल करने वाले l-ʿāmilūna
अमल करने वाले ٦١ (61)
(61)
मानिन्द هَـٰذَا उसी के hādhā
उसी के فَلْيَعْمَلِ पस चाहिए कि अमल करें falyaʿmali
पस चाहिए कि अमल करें ٱلْعَـٰمِلُونَ अमल करने वाले l-ʿāmilūna
अमल करने वाले ٦١ (61)
(61)
इसी (जैसी सफलता) के लिए कर्म करने वालों को कर्म करना चाहिए।
३७:६२
أَذَٰلِكَ
क्या ये
adhālika
क्या ये خَيْرٌۭ बेहतर khayrun
बेहतर نُّزُلًا मेहमानी है nuzulan
मेहमानी है أَمْ या am
या شَجَرَةُ दरख़्त shajaratu
दरख़्त ٱلزَّقُّومِ थूहर का l-zaqūmi
थूहर का ٦٢ (62)
(62)
क्या ये خَيْرٌۭ बेहतर khayrun
बेहतर نُّزُلًا मेहमानी है nuzulan
मेहमानी है أَمْ या am
या شَجَرَةُ दरख़्त shajaratu
दरख़्त ٱلزَّقُّومِ थूहर का l-zaqūmi
थूहर का ٦٢ (62)
(62)
क्या यह आतिथ्य उत्तम है या थोहड़ का वृक्ष?
३७:६३
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम جَعَلْنَـٰهَا बनाया हमने उसे jaʿalnāhā
बनाया हमने उसे فِتْنَةًۭ फ़ितना fit'natan
फ़ितना لِّلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों क लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों क लिए ٦٣ (63)
(63)
बेशक हम جَعَلْنَـٰهَا बनाया हमने उसे jaʿalnāhā
बनाया हमने उसे فِتْنَةًۭ फ़ितना fit'natan
फ़ितना لِّلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों क लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों क लिए ٦٣ (63)
(63)
निःसंदेह हमने उसे अत्याचारियों के लिए एक परीक्षा बनाया है।
३७:६४
إِنَّهَا
बेशक वो
innahā
बेशक वो شَجَرَةٌۭ एक दरख़्त है shajaratun
एक दरख़्त है تَخْرُجُ जो निकलता/उगता है takhruju
जो निकलता/उगता है فِىٓ in fī
in أَصْلِ तह/जड़ में aṣli
तह/जड़ में ٱلْجَحِيمِ जहन्नम की l-jaḥīmi
जहन्नम की ٦٤ (64)
(64)
बेशक वो شَجَرَةٌۭ एक दरख़्त है shajaratun
एक दरख़्त है تَخْرُجُ जो निकलता/उगता है takhruju
जो निकलता/उगता है فِىٓ in fī
in أَصْلِ तह/जड़ में aṣli
तह/जड़ में ٱلْجَحِيمِ जहन्नम की l-jaḥīmi
जहन्नम की ٦٤ (64)
(64)
निःसंदेह वह ऐसा वृक्ष है, जो जहन्नम के तल में उगता है।
३७:६५
طَلْعُهَا
ख़ोशे उसके
ṭalʿuhā
ख़ोशे उसके كَأَنَّهُۥ गोया कि वो ka-annahu
गोया कि वो رُءُوسُ सर हैं ruūsu
सर हैं ٱلشَّيَـٰطِينِ शैतानों के l-shayāṭīni
शैतानों के ٦٥ (65)
(65)
ख़ोशे उसके كَأَنَّهُۥ गोया कि वो ka-annahu
गोया कि वो رُءُوسُ सर हैं ruūsu
सर हैं ٱلشَّيَـٰطِينِ शैतानों के l-shayāṭīni
शैतानों के ٦٥ (65)
(65)
उसके गुच्छे ऐसे हैं मानो वे शैतानों के सिर हों।
३७:६६
فَإِنَّهُمْ
पस बेशक वो
fa-innahum
पस बेशक वो لَـَٔاكِلُونَ अलबत्ता खाने वाले हैं laākilūna
अलबत्ता खाने वाले हैं مِنْهَا उससे min'hā
उससे فَمَالِـُٔونَ फिर भरने वाले हैं famāliūna
फिर भरने वाले हैं مِنْهَا उससे min'hā
उससे ٱلْبُطُونَ पेटों को l-buṭūna
पेटों को ٦٦ (66)
(66)
पस बेशक वो لَـَٔاكِلُونَ अलबत्ता खाने वाले हैं laākilūna
अलबत्ता खाने वाले हैं مِنْهَا उससे min'hā
उससे فَمَالِـُٔونَ फिर भरने वाले हैं famāliūna
फिर भरने वाले हैं مِنْهَا उससे min'hā
उससे ٱلْبُطُونَ पेटों को l-buṭūna
पेटों को ٦٦ (66)
(66)
तो वे (जहन्नमवासी) निश्चय उसमें से खाने वाले हैं। फिर उससे पेट भरने वाले हैं।
३७:६७
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर إِنَّ बेशक inna
बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर لَشَوْبًۭا अलबत्ता आमेज़िश है lashawban
अलबत्ता आमेज़िश है مِّنْ of min
of حَمِيمٍۢ खौलते पानी की ḥamīmin
खौलते पानी की ٦٧ (67)
(67)
फिर إِنَّ बेशक inna
बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर لَشَوْبًۭا अलबत्ता आमेज़िश है lashawban
अलबत्ता आमेज़िश है مِّنْ of min
of حَمِيمٍۢ खौलते पानी की ḥamīmin
खौलते पानी की ٦٧ (67)
(67)
फिर निःसंदेह उनके लिए उसपर खौलते हुए पानी का मिश्रण है।
३७:६८
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर إِنَّ बेशक inna
बेशक مَرْجِعَهُمْ वापसी उनकी marjiʿahum
वापसी उनकी لَإِلَى अलबत्ता तरफ़ la-ilā
अलबत्ता तरफ़ ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के है l-jaḥīmi
जहन्नम के है ٦٨ (68)
(68)
फिर إِنَّ बेशक inna
बेशक مَرْجِعَهُمْ वापसी उनकी marjiʿahum
वापसी उनकी لَإِلَى अलबत्ता तरफ़ la-ilā
अलबत्ता तरफ़ ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के है l-jaḥīmi
जहन्नम के है ٦٨ (68)
(68)
फिर निःसंदेह उनकी वापसी निश्चय उसी भड़कती हुई आग की ओर होगी।
३७:६९
إِنَّهُمْ
बेशक वो
innahum
बेशक वो أَلْفَوْا۟ उन्होंने पाया alfaw
उन्होंने पाया ءَابَآءَهُمْ अपने आबा ओ अजदाद को ābāahum
अपने आबा ओ अजदाद को ضَآلِّينَ गुमराह ḍāllīna
गुमराह ٦٩ (69)
(69)
बेशक वो أَلْفَوْا۟ उन्होंने पाया alfaw
उन्होंने पाया ءَابَآءَهُمْ अपने आबा ओ अजदाद को ābāahum
अपने आबा ओ अजदाद को ضَآلِّينَ गुमराह ḍāllīna
गुमराह ٦٩ (69)
(69)
निःसंदेह उन्होंने अपने बाप-दादा को गुमराह पाया।
३७:७०
فَهُمْ
तो वो
fahum
तो वो عَلَىٰٓ on ʿalā
on ءَاثَـٰرِهِمْ उनके नक़्शे क़दम पर āthārihim
उनके नक़्शे क़दम पर يُهْرَعُونَ वो दौड़ाए जाते हैं yuh'raʿūna
वो दौड़ाए जाते हैं ٧٠ (70)
(70)
तो वो عَلَىٰٓ on ʿalā
on ءَاثَـٰرِهِمْ उनके नक़्शे क़दम पर āthārihim
उनके नक़्शे क़दम पर يُهْرَعُونَ वो दौड़ाए जाते हैं yuh'raʿūna
वो दौड़ाए जाते हैं ٧٠ (70)
(70)
तो वे उन्हीं के पदचिह्नों पर दौड़े चले जा रहे हैं।1
३७:७१
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ضَلَّ भटक गए ḍalla
भटक गए قَبْلَهُمْ उनसे क़ब्ल qablahum
उनसे क़ब्ल أَكْثَرُ बहुत से aktharu
बहुत से ٱلْأَوَّلِينَ पहले लोग l-awalīna
पहले लोग ٧١ (71)
(71)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ضَلَّ भटक गए ḍalla
भटक गए قَبْلَهُمْ उनसे क़ब्ल qablahum
उनसे क़ब्ल أَكْثَرُ बहुत से aktharu
बहुत से ٱلْأَوَّلِينَ पहले लोग l-awalīna
पहले लोग ٧١ (71)
(71)
और निःसंदेह इनसे पहले अगले लोगों में से अधिकतर लोग गुमराह हो चुके हैं।
३७:७२
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजे हमने arsalnā
भेजे हमने فِيهِم उनमें fīhim
उनमें مُّنذِرِينَ डराने वाले mundhirīna
डराने वाले ٧٢ (72)
(72)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजे हमने arsalnā
भेजे हमने فِيهِم उनमें fīhim
उनमें مُّنذِرِينَ डराने वाले mundhirīna
डराने वाले ٧٢ (72)
(72)
तथा निःसंदेह हमने उनके अंदर कई डराने वाले भेजे।
३७:७३
فَٱنظُرْ
तो देखो
fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों का l-mundharīna
डराए जाने वालों का ٧٣ (73)
(73)
तो देखो كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों का l-mundharīna
डराए जाने वालों का ٧٣ (73)
(73)
तो देखो कि उन डराए जाने वालों का परिणाम1 कैसा हुआ?
३७:७४
إِلَّا
मगर
illā
मगर عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ٧٤ (74)
(74)
मगर عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ٧٤ (74)
(74)
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।
३७:७५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ نَادَىٰنَا पुकारा हमें nādānā
पुकारा हमें نُوحٌۭ नूह ने nūḥun
नूह ने فَلَنِعْمَ पस अलबत्ता कितने अच्छे हैं falaniʿ'ma
पस अलबत्ता कितने अच्छे हैं ٱلْمُجِيبُونَ जवाब देने वाले l-mujībūna
जवाब देने वाले ٧٥ (75)
(75)
और अलबत्ता तहक़ीक़ نَادَىٰنَا पुकारा हमें nādānā
पुकारा हमें نُوحٌۭ नूह ने nūḥun
नूह ने فَلَنِعْمَ पस अलबत्ता कितने अच्छे हैं falaniʿ'ma
पस अलबत्ता कितने अच्छे हैं ٱلْمُجِيبُونَ जवाब देने वाले l-mujībūna
जवाब देने वाले ٧٥ (75)
(75)
तथा निःसंदेह नूह ने हमें पुकारा, तो निश्चय हम अच्छे स्वीकार करने वाले हैं।
३७:७६
وَنَجَّيْنَـٰهُ
और निजात दी हमने उसे
wanajjaynāhu
और निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को مِنَ from mina
from ٱلْكَرْبِ मुसीबत से l-karbi
मुसीबत से ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmi
बहुत बड़ी ٧٦ (76)
(76)
और निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को مِنَ from mina
from ٱلْكَرْبِ मुसीबत से l-karbi
मुसीबत से ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmi
बहुत बड़ी ٧٦ (76)
(76)
और हमने उसे और उसके घर वालों को बहुत बड़ी आपदा से बचा लिया।
३७:७७
وَجَعَلْنَا
और रखा हमने
wajaʿalnā
और रखा हमने ذُرِّيَّتَهُۥ उसकी औलाद को dhurriyyatahu
उसकी औलाद को هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْبَاقِينَ बाक़ी रहने वाले l-bāqīna
बाक़ी रहने वाले ٧٧ (77)
(77)
और रखा हमने ذُرِّيَّتَهُۥ उसकी औलाद को dhurriyyatahu
उसकी औलाद को هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْبَاقِينَ बाक़ी रहने वाले l-bāqīna
बाक़ी रहने वाले ٧٧ (77)
(77)
तथा हमने उसकी संतति ही को बाक़ी रहने वाला1 बना दिया।
३७:७८
وَتَرَكْنَا
और बाक़ी रखा हमने
wataraknā
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِ उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) ʿalayhi
उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ٧٨ (78)
(78)
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِ उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) ʿalayhi
उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ٧٨ (78)
(78)
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
३७:७९
سَلَـٰمٌ
सलाम है
salāmun
सलाम है عَلَىٰ upon ʿalā
upon نُوحٍۢ नूह पर nūḥin
नूह पर فِى among fī
among ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में ٧٩ (79)
(79)
सलाम है عَلَىٰ upon ʿalā
upon نُوحٍۢ नूह पर nūḥin
नूह पर فِى among fī
among ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में ٧٩ (79)
(79)
सर्व संसार में नूह़ पर सलाम1 हो।
३७:८०
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ٨٠ (80)
(80)
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ٨٠ (80)
(80)
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
३७:८१
إِنَّهُۥ
बेशक वो
innahu
बेशक वो مِنْ (was) of min
(was) of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से था ʿibādinā
हमारे बन्दों में से था ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ٨١ (81)
(81)
बेशक वो مِنْ (was) of min
(was) of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से था ʿibādinā
हमारे बन्दों में से था ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ٨١ (81)
(81)
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
३७:८२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَغْرَقْنَا ग़र्क़ किया हमने aghraqnā
ग़र्क़ किया हमने ٱلْـَٔاخَرِينَ दूसरों को l-ākharīna
दूसरों को ٨٢ (82)
(82)
फिर أَغْرَقْنَا ग़र्क़ किया हमने aghraqnā
ग़र्क़ किया हमने ٱلْـَٔاخَرِينَ दूसरों को l-ākharīna
दूसरों को ٨٢ (82)
(82)
फिर हमने दूसरों को डुबो दिया।
३७:८३
۞ وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक مِن among min
among شِيعَتِهِۦ उसके गिरोह में से shīʿatihi
उसके गिरोह में से لَإِبْرَٰهِيمَ अलबत्ता इब्राहीम था la-ib'rāhīma
अलबत्ता इब्राहीम था ٨٣ (83)
(83)
और बेशक مِن among min
among شِيعَتِهِۦ उसके गिरोह में से shīʿatihi
उसके गिरोह में से لَإِبْرَٰهِيمَ अलबत्ता इब्राहीम था la-ib'rāhīma
अलबत्ता इब्राहीम था ٨٣ (83)
(83)
और निःसंदेह उसी के तरीक़े पर चलने वालों में से निश्चय इबराहीम (भी) थे।
३७:८४
إِذْ
जब
idh
जब جَآءَ वो आया jāa
वो आया رَبَّهُۥ अपने रब के पास rabbahu
अपने रब के पास بِقَلْبٍۢ साथ दिल biqalbin
साथ दिल سَلِيمٍ सलामत के salīmin
सलामत के ٨٤ (84)
(84)
जब جَآءَ वो आया jāa
वो आया رَبَّهُۥ अपने रब के पास rabbahu
अपने रब के पास بِقَلْبٍۢ साथ दिल biqalbin
साथ दिल سَلِيمٍ सलामत के salīmin
सलामत के ٨٤ (84)
(84)
(उस समय को याद करें) जब वह अपने पालनहार के पास शुद्ध दिल लेकर आए।
३७:८५
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से وَقَوْمِهِۦ और अपनी क़ौम से waqawmihi
और अपनी क़ौम से مَاذَا किस की mādhā
किस की تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो ٨٥ (85)
(85)
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से وَقَوْمِهِۦ और अपनी क़ौम से waqawmihi
और अपनी क़ौम से مَاذَا किस की mādhā
किस की تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो ٨٥ (85)
(85)
जब उसने अपने बाप तथा अपनी जाति से कहा : तुम किस चीज़ की इबादत करते हो?
३७:८६
أَئِفْكًا
क्या गढ़े हुए
a-if'kan
क्या गढ़े हुए ءَالِهَةًۭ माबूदों को ālihatan
माबूदों को دُونَ सिवाए dūna
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो ٨٦ (86)
(86)
क्या गढ़े हुए ءَالِهَةًۭ माबूदों को ālihatan
माबूदों को دُونَ सिवाए dūna
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो ٨٦ (86)
(86)
क्या अल्लाह को छोड़कर अपने गढ़े हुए पूज्यों को चाहते हो?
३७:८७
فَمَا
तो क्या है
famā
तो क्या है ظَنُّكُم गुमान तुम्हारा ẓannukum
गुमान तुम्हारा بِرَبِّ about (the) Lord birabbi
about (the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन के बारे में l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन के बारे में ٨٧ (87)
(87)
तो क्या है ظَنُّكُم गुमान तुम्हारा ẓannukum
गुमान तुम्हारा بِرَبِّ about (the) Lord birabbi
about (the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन के बारे में l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन के बारे में ٨٧ (87)
(87)
तो सर्व संसार के पालनहार के विषय में तुम्हारा क्या गुमान है?
३७:८८
فَنَظَرَ
तो उसने देखा
fanaẓara
तो उसने देखा نَظْرَةًۭ एक नज़र naẓratan
एक नज़र فِى at fī
at ٱلنُّجُومِ सितारों में l-nujūmi
सितारों में ٨٨ (88)
(88)
तो उसने देखा نَظْرَةًۭ एक नज़र naẓratan
एक नज़र فِى at fī
at ٱلنُّجُومِ सितारों में l-nujūmi
सितारों में ٨٨ (88)
(88)
फिर उसने एक दृष्टि तारों पर डाली।1
३७:८९
فَقَالَ
तो उसने कहा
faqāla
तो उसने कहा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं سَقِيمٌۭ बीमार हूँ saqīmun
बीमार हूँ ٨٩ (89)
(89)
तो उसने कहा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं سَقِيمٌۭ बीमार हूँ saqīmun
बीमार हूँ ٨٩ (89)
(89)
फिर कहा : मैं तो बीमार हूँ।
३७:९०
فَتَوَلَّوْا۟
तो वो लौट गए
fatawallaw
तो वो लौट गए عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे مُدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٩٠ (90)
(90)
तो वो लौट गए عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे مُدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٩٠ (90)
(90)
तो वे उससे पीठ फेरकर वापस चले गए।
३७:९१
فَرَاغَ
तो वो चुपके से गया
farāgha
तो वो चुपके से गया إِلَىٰٓ to ilā
to ءَالِهَتِهِمْ तरफ़ उनके इलाहों के ālihatihim
तरफ़ उनके इलाहों के فَقَالَ फिर उसने कहा faqāla
फिर उसने कहा أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं تَأْكُلُونَ तुम खाते takulūna
तुम खाते ٩١ (91)
(91)
तो वो चुपके से गया إِلَىٰٓ to ilā
to ءَالِهَتِهِمْ तरफ़ उनके इलाहों के ālihatihim
तरफ़ उनके इलाहों के فَقَالَ फिर उसने कहा faqāla
फिर उसने कहा أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं تَأْكُلُونَ तुम खाते takulūna
तुम खाते ٩١ (91)
(91)
फिर वह चुपके से उनके पूज्यों की ओर गया और कहा : क्या तुम खाते नहीं?
३७:९२
مَا
क्या है
mā
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें لَا not lā
not تَنطِقُونَ नहीं तुम बोलते tanṭiqūna
नहीं तुम बोलते ٩٢ (92)
(92)
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें لَا not lā
not تَنطِقُونَ नहीं तुम बोलते tanṭiqūna
नहीं तुम बोलते ٩٢ (92)
(92)
तुम्हें क्या हुआ कि तुम बोलते नहीं?
३७:९३
فَرَاغَ
फिर वो जा पड़ा
farāgha
फिर वो जा पड़ा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ضَرْبًۢا ज़रब लगाते हुए ḍarban
ज़रब लगाते हुए بِٱلْيَمِينِ दाऐं हाथ से bil-yamīni
दाऐं हाथ से ٩٣ (93)
(93)
फिर वो जा पड़ा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ضَرْبًۢا ज़रब लगाते हुए ḍarban
ज़रब लगाते हुए بِٱلْيَمِينِ दाऐं हाथ से bil-yamīni
दाऐं हाथ से ٩٣ (93)
(93)
फिर वह दाएँ हाथ से मारते हुए उनपर पिल पड़ा।
३७:९४
فَأَقْبَلُوٓا۟
तो वो मुतावज्जा हुए
fa-aqbalū
तो वो मुतावज्जा हुए إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके يَزِفُّونَ तेज़ दौड़ते हुए yaziffūna
तेज़ दौड़ते हुए ٩٤ (94)
(94)
तो वो मुतावज्जा हुए إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके يَزِفُّونَ तेज़ दौड़ते हुए yaziffūna
तेज़ दौड़ते हुए ٩٤ (94)
(94)
फिर वे दौड़ते हुए उसकी ओर आए।
३७:९५
قَالَ
कहा
qāla
कहा أَتَعْبُدُونَ क्या तुम इबादत करते हो ataʿbudūna
क्या तुम इबादत करते हो مَا उनकी जिन्हें mā
उनकी जिन्हें تَنْحِتُونَ तुम तराशते हो tanḥitūna
तुम तराशते हो ٩٥ (95)
(95)
कहा أَتَعْبُدُونَ क्या तुम इबादत करते हो ataʿbudūna
क्या तुम इबादत करते हो مَا उनकी जिन्हें mā
उनकी जिन्हें تَنْحِتُونَ तुम तराशते हो tanḥitūna
तुम तराशते हो ٩٥ (95)
(95)
उसने कहा : क्या तुम उसकी इबादत करते हो, जिसे ख़ुद तराशते हो?
३७:९६
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
और अल्लाह ने خَلَقَكُمْ पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें وَمَا और उसे जो wamā
और उसे जो تَعْمَلُونَ तुम करते हो taʿmalūna
तुम करते हो ٩٦ (96)
(96)
और अल्लाह ने خَلَقَكُمْ पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें وَمَا और उसे जो wamā
और उसे जो تَعْمَلُونَ तुम करते हो taʿmalūna
तुम करते हो ٩٦ (96)
(96)
हालाँकि अल्लाह ही ने तुम्हें पैदा किया तथा उसे भी जो तुम करते हो।
३७:९७
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ٱبْنُوا۟ बनाओ ib'nū
बनाओ لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए بُنْيَـٰنًۭا एक इमारत bun'yānan
एक इमारत فَأَلْقُوهُ फिर डालो उसे fa-alqūhu
फिर डालो उसे فِى into fī
into ٱلْجَحِيمِ दहकती आग में l-jaḥīmi
दहकती आग में ٩٧ (97)
(97)
उन्होंने कहा ٱبْنُوا۟ बनाओ ib'nū
बनाओ لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए بُنْيَـٰنًۭا एक इमारत bun'yānan
एक इमारत فَأَلْقُوهُ फिर डालो उसे fa-alqūhu
फिर डालो उसे فِى into fī
into ٱلْجَحِيمِ दहकती आग में l-jaḥīmi
दहकती आग में ٩٧ (97)
(97)
उन्होंने कहा : इसके लिए एक इमारत (अग्नि-कुंड) बनाओ, फिर इसे भड़कती आग में फेंक दो।
३७:९८
فَأَرَادُوا۟
तो उन्होंने इरादा किया
fa-arādū
तो उन्होंने इरादा किया بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके كَيْدًۭا चाल चलने का kaydan
चाल चलने का فَجَعَلْنَـٰهُمُ तो कर दिया हमने उन्हें fajaʿalnāhumu
तो कर दिया हमने उन्हें ٱلْأَسْفَلِينَ सबसे निचला l-asfalīna
सबसे निचला ٩٨ (98)
(98)
तो उन्होंने इरादा किया بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके كَيْدًۭا चाल चलने का kaydan
चाल चलने का فَجَعَلْنَـٰهُمُ तो कर दिया हमने उन्हें fajaʿalnāhumu
तो कर दिया हमने उन्हें ٱلْأَسْفَلِينَ सबसे निचला l-asfalīna
सबसे निचला ٩٨ (98)
(98)
अतः उन्होंने उसके साथ एक चाल चलनी चाही, तो हमने उन्हीं को सबसे नीचा कर दिया।
३७:९९
وَقَالَ
और उसने कहा
waqāla
और उसने कहा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ذَاهِبٌ जाने वाला हूँ dhāhibun
जाने वाला हूँ إِلَىٰ to ilā
to رَبِّى तरफ़ अपने रब के rabbī
तरफ़ अपने रब के سَيَهْدِينِ अनक़रीब वो रहनुमाई करेगा मेरी sayahdīni
अनक़रीब वो रहनुमाई करेगा मेरी ٩٩ (99)
(99)
और उसने कहा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ذَاهِبٌ जाने वाला हूँ dhāhibun
जाने वाला हूँ إِلَىٰ to ilā
to رَبِّى तरफ़ अपने रब के rabbī
तरफ़ अपने रब के سَيَهْدِينِ अनक़रीब वो रहनुमाई करेगा मेरी sayahdīni
अनक़रीब वो रहनुमाई करेगा मेरी ٩٩ (99)
(99)
तथा उसने कहा : निःसंदेह मैं अपने पालनहार की ओर1 जाने वाला हूँ। वह मुझे अवश्य सीधा रास्ता दिखाएगा।
३७:१००
رَبِّ
ऐ मेरे रब
rabbi
ऐ मेरे रब هَبْ अता कर hab
अता कर لِى मुझे lī
मुझे مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन में से l-ṣāliḥīna
सालेहीन में से ١٠٠ (100)
(100)
ऐ मेरे रब هَبْ अता कर hab
अता कर لِى मुझे lī
मुझे مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन में से l-ṣāliḥīna
सालेहीन में से ١٠٠ (100)
(100)
ऐ मेरे पालनहार! मुझे एक सदाचारी पुत्र प्रदान कर।
३७:१०१
فَبَشَّرْنَـٰهُ
तो ख़ुशख़बरी दी हमने उसे
fabasharnāhu
तो ख़ुशख़बरी दी हमने उसे بِغُلَـٰمٍ एक लड़के की bighulāmin
एक लड़के की حَلِيمٍۢ जो बुर्दबार था ḥalīmin
जो बुर्दबार था ١٠١ (101)
(101)
तो ख़ुशख़बरी दी हमने उसे بِغُلَـٰمٍ एक लड़के की bighulāmin
एक लड़के की حَلِيمٍۢ जो बुर्दबार था ḥalīmin
जो बुर्दबार था ١٠١ (101)
(101)
तो हमने उसे एक सहनशील पुत्र की शुभ सूचना दी।
३७:१०२
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब بَلَغَ वो पहुँचा balagha
वो पहुँचा مَعَهُ साथ उसके maʿahu
साथ उसके ٱلسَّعْىَ दौड़ धूप को l-saʿya
दौड़ धूप को قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰبُنَىَّ ऐ मेरे बेटे yābunayya
ऐ मेरे बेटे إِنِّىٓ कि बेशक मैं innī
कि बेशक मैं أَرَىٰ मैं ने देखा है arā
मैं ने देखा है فِى in fī
in ٱلْمَنَامِ ख़्वाब में l-manāmi
ख़्वाब में أَنِّىٓ कि मैं annī
कि मैं أَذْبَحُكَ मैं ज़िबह कर रहा हूँ तुझे adhbaḥuka
मैं ज़िबह कर रहा हूँ तुझे فَٱنظُرْ तो देख fa-unẓur
तो देख مَاذَا क्या है mādhā
क्या है تَرَىٰ ۚ तेरी राय tarā
तेरी राय قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰٓأَبَتِ ऐ मेरे अब्बाजान yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान ٱفْعَلْ आप कर डालिए if'ʿal
आप कर डालिए مَا जो mā
जो تُؤْمَرُ ۖ आप हुक्म दिए गए tu'maru
आप हुक्म दिए गए سَتَجِدُنِىٓ ज़रूर आप पाऐंगे मुझे satajidunī
ज़रूर आप पाऐंगे मुझे إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों में से l-ṣābirīna
सब्र करने वालों में से ١٠٢ (102)
(102)
फिर जब بَلَغَ वो पहुँचा balagha
वो पहुँचा مَعَهُ साथ उसके maʿahu
साथ उसके ٱلسَّعْىَ दौड़ धूप को l-saʿya
दौड़ धूप को قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰبُنَىَّ ऐ मेरे बेटे yābunayya
ऐ मेरे बेटे إِنِّىٓ कि बेशक मैं innī
कि बेशक मैं أَرَىٰ मैं ने देखा है arā
मैं ने देखा है فِى in fī
in ٱلْمَنَامِ ख़्वाब में l-manāmi
ख़्वाब में أَنِّىٓ कि मैं annī
कि मैं أَذْبَحُكَ मैं ज़िबह कर रहा हूँ तुझे adhbaḥuka
मैं ज़िबह कर रहा हूँ तुझे فَٱنظُرْ तो देख fa-unẓur
तो देख مَاذَا क्या है mādhā
क्या है تَرَىٰ ۚ तेरी राय tarā
तेरी राय قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰٓأَبَتِ ऐ मेरे अब्बाजान yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान ٱفْعَلْ आप कर डालिए if'ʿal
आप कर डालिए مَا जो mā
जो تُؤْمَرُ ۖ आप हुक्म दिए गए tu'maru
आप हुक्म दिए गए سَتَجِدُنِىٓ ज़रूर आप पाऐंगे मुझे satajidunī
ज़रूर आप पाऐंगे मुझे إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों में से l-ṣābirīna
सब्र करने वालों में से ١٠٢ (102)
(102)
फिर जब वह उसके साथ दौड़-धूप की आयु को पहुँचा, तो उसने कहा : ऐ मेरे प्रिय बेटे! निःसंदेह मैं स्वप्न में देखता हूँ कि मैं तुझे ज़बह कर रहा हूँ। तो अब देख, तेरा क्या विचार है? उसने कहा : ऐ मेरे पिता! आपको जो आदेश दिया जा रहा है उसे कर डालिए। अगर अल्लाह ने चाहा, तो आप अवश्य मुझे धैर्यवानों में से पाएँगे।
३७:१०३
فَلَمَّآ
फिर जब
falammā
फिर जब أَسْلَمَا वो दोनों मुतीअ हो गए aslamā
वो दोनों मुतीअ हो गए وَتَلَّهُۥ और उसने लिटा दिया उसे watallahu
और उसने लिटा दिया उसे لِلْجَبِينِ पेशनी के बल lil'jabīni
पेशनी के बल ١٠٣ (103)
(103)
फिर जब أَسْلَمَا वो दोनों मुतीअ हो गए aslamā
वो दोनों मुतीअ हो गए وَتَلَّهُۥ और उसने लिटा दिया उसे watallahu
और उसने लिटा दिया उसे لِلْجَبِينِ पेशनी के बल lil'jabīni
पेशनी के बल ١٠٣ (103)
(103)
अंततः जब दोनों (अल्लाह के आदेश के प्रति) समर्पित हो गए, और उसने उसे पेशानी के एक किनारे पर गिरा दिया।
३७:१०४
وَنَـٰدَيْنَـٰهُ
और पुकारा हमने उसे
wanādaynāhu
और पुकारा हमने उसे أَن कि an
कि يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ऐ इब्राहीम yāib'rāhīmu
ऐ इब्राहीम ١٠٤ (104)
(104)
और पुकारा हमने उसे أَن कि an
कि يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ऐ इब्राहीम yāib'rāhīmu
ऐ इब्राहीम ١٠٤ (104)
(104)
और हमने उसे आवाज़ दी कि ऐ इबराहीम!
३७:१०५
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ صَدَّقْتَ सच कर दिखाया तूने ṣaddaqta
सच कर दिखाया तूने ٱلرُّءْيَآ ۚ ख़्वाब को l-ru'yā
ख़्वाब को إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन को l-muḥ'sinīna
मोहसिनीन को ١٠٥ (105)
(105)
तहक़ीक़ صَدَّقْتَ सच कर दिखाया तूने ṣaddaqta
सच कर दिखाया तूने ٱلرُّءْيَآ ۚ ख़्वाब को l-ru'yā
ख़्वाब को إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन को l-muḥ'sinīna
मोहसिनीन को ١٠٥ (105)
(105)
निश्चय तूने स्वप्न को सच कर दिखाया। हम सदाचारियों को इसी तरह बदला प्रदान करते हैं।
३७:१०६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْبَلَـٰٓؤُا۟ आज़माइश थी l-balāu
आज़माइश थी ٱلْمُبِينُ खुली-खुली l-mubīnu
खुली-खुली ١٠٦ (106)
(106)
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْبَلَـٰٓؤُا۟ आज़माइश थी l-balāu
आज़माइश थी ٱلْمُبِينُ खुली-खुली l-mubīnu
खुली-खुली ١٠٦ (106)
(106)
निःसंदेह यही तो निश्चय खुला परीक्षण है।
३७:१०७
وَفَدَيْنَـٰهُ
और फ़िदया दिया हमने उसका
wafadaynāhu
और फ़िदया दिया हमने उसका بِذِبْحٍ साथ एक क़ुर्बानी bidhib'ḥin
साथ एक क़ुर्बानी عَظِيمٍۢ बहुत बड़ी के ʿaẓīmin
बहुत बड़ी के ١٠٧ (107)
(107)
और फ़िदया दिया हमने उसका بِذِبْحٍ साथ एक क़ुर्बानी bidhib'ḥin
साथ एक क़ुर्बानी عَظِيمٍۢ बहुत बड़ी के ʿaẓīmin
बहुत बड़ी के ١٠٧ (107)
(107)
और हमने उसके फ़िदया (छुड़ौती) में एक बहुत बड़ा ज़बीहा1 दिया।
३७:१०८
وَتَرَكْنَا
और बाक़ी रखा हमने
wataraknā
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِ उस पर (ज़िक्र ख़ैर) ʿalayhi
उस पर (ज़िक्र ख़ैर) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ١٠٨ (108)
(108)
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِ उस पर (ज़िक्र ख़ैर) ʿalayhi
उस पर (ज़िक्र ख़ैर) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ١٠٨ (108)
(108)
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
३७:१०९
سَلَـٰمٌ
सलाम है
salāmun
सलाम है عَلَىٰٓ on ʿalā
on إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम पर ib'rāhīma
इब्राहीम पर ١٠٩ (109)
(109)
सलाम है عَلَىٰٓ on ʿalā
on إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम पर ib'rāhīma
इब्राहीम पर ١٠٩ (109)
(109)
सलाम हो इबराहीम पर।
३७:११०
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ١١٠ (110)
(110)
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ١١٠ (110)
(110)
हम इसी तरह सदाचारियों को बदला प्रदान करते हैं।
३७:१११
إِنَّهُۥ
बेशक वो
innahu
बेशक वो مِنْ of min
of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से था ʿibādinā
हमारे बन्दों में से था ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ١١١ (111)
(111)
बेशक वो مِنْ of min
of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से था ʿibādinā
हमारे बन्दों में से था ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ١١١ (111)
(111)
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
३७:११२
وَبَشَّرْنَـٰهُ
और ख़ुशख़बरी दी हमने उसे
wabasharnāhu
और ख़ुशख़बरी दी हमने उसे بِإِسْحَـٰقَ इस्हाक़ की bi-is'ḥāqa
इस्हाक़ की نَبِيًّۭا एक नबी nabiyyan
एक नबी مِّنَ among mina
among ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन में से l-ṣāliḥīna
सालेहीन में से ١١٢ (112)
(112)
और ख़ुशख़बरी दी हमने उसे بِإِسْحَـٰقَ इस्हाक़ की bi-is'ḥāqa
इस्हाक़ की نَبِيًّۭا एक नबी nabiyyan
एक नबी مِّنَ among mina
among ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन में से l-ṣāliḥīna
सालेहीन में से ١١٢ (112)
(112)
तथा हमने उसे इसहाक़ की शुभ सूचना दी, जो नबी होगा, सदाचारियों में से (होगा)।1
३७:११३
وَبَـٰرَكْنَا
और बरकत नाज़िल की हमने
wabāraknā
और बरकत नाज़िल की हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَعَلَىٰٓ and [on] waʿalā
and [on] إِسْحَـٰقَ ۚ और इस्हाक़ पर is'ḥāqa
और इस्हाक़ पर وَمِن And of wamin
And of ذُرِّيَّتِهِمَا और दोनों की औलादों में से dhurriyyatihimā
और दोनों की औलादों में से مُحْسِنٌۭ कोई मोहसिन है muḥ'sinun
कोई मोहसिन है وَظَالِمٌۭ और कोई ज़ालिम है waẓālimun
और कोई ज़ालिम है لِّنَفْسِهِۦ अपने नफ़्स के लिए linafsihi
अपने नफ़्स के लिए مُبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١١٣ (113)
(113)
और बरकत नाज़िल की हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَعَلَىٰٓ and [on] waʿalā
and [on] إِسْحَـٰقَ ۚ और इस्हाक़ पर is'ḥāqa
और इस्हाक़ पर وَمِن And of wamin
And of ذُرِّيَّتِهِمَا और दोनों की औलादों में से dhurriyyatihimā
और दोनों की औलादों में से مُحْسِنٌۭ कोई मोहसिन है muḥ'sinun
कोई मोहसिन है وَظَالِمٌۭ और कोई ज़ालिम है waẓālimun
और कोई ज़ालिम है لِّنَفْسِهِۦ अपने नफ़्स के लिए linafsihi
अपने नफ़्स के लिए مُبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١١٣ (113)
(113)
तथा हमने उसपर और इसहाक़ पर बरकत उतारी। और उन दोनों की संतति में से कोई सदाचारी है और कोई अपने आप पर खुला अत्याचार करने वाला है।
३७:११४
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَنَنَّا एहसान किया हमने manannā
एहसान किया हमने عَلَىٰ upon ʿalā
upon مُوسَىٰ ऊपर मूसा mūsā
ऊपर मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून के wahārūna
और हारून के ١١٤ (114)
(114)
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَنَنَّا एहसान किया हमने manannā
एहसान किया हमने عَلَىٰ upon ʿalā
upon مُوسَىٰ ऊपर मूसा mūsā
ऊपर मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून के wahārūna
और हारून के ١١٤ (114)
(114)
तथा निःसंदेह हमने मूसा और हारून पर उपकार किया।
३७:११५
وَنَجَّيْنَـٰهُمَا
और निजात दी हमने उन दोनों को
wanajjaynāhumā
और निजात दी हमने उन दोनों को وَقَوْمَهُمَا और उन दोनों की क़ौम को waqawmahumā
और उन दोनों की क़ौम को مِنَ from mina
from ٱلْكَرْبِ मुसीबत से l-karbi
मुसीबत से ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmi
बहुत बड़ी ١١٥ (115)
(115)
और निजात दी हमने उन दोनों को وَقَوْمَهُمَا और उन दोनों की क़ौम को waqawmahumā
और उन दोनों की क़ौम को مِنَ from mina
from ٱلْكَرْبِ मुसीबत से l-karbi
मुसीबत से ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmi
बहुत बड़ी ١١٥ (115)
(115)
और हमने उन दोनों को और उन दोनों की जाति को बहुत बड़ी विपत्ति से छुटकारा दिया।
३७:११६
وَنَصَرْنَـٰهُمْ
और मदद की हमने उनकी
wanaṣarnāhum
और मदद की हमने उनकी فَكَانُوا۟ फिर हो गए वो fakānū
फिर हो गए वो هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْغَـٰلِبِينَ ग़ालिब l-ghālibīna
ग़ालिब ١١٦ (116)
(116)
और मदद की हमने उनकी فَكَانُوا۟ फिर हो गए वो fakānū
फिर हो गए वो هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْغَـٰلِبِينَ ग़ालिब l-ghālibīna
ग़ालिब ١١٦ (116)
(116)
तथा हमने उनकी सहायता की, तो वही प्रभुत्वशाली रहे।
३७:११७
وَءَاتَيْنَـٰهُمَا
और दी हमने उन दोनों को
waātaynāhumā
और दी हमने उन दोनों को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब ٱلْمُسْتَبِينَ वाज़ेह l-mus'tabīna
वाज़ेह ١١٧ (117)
(117)
और दी हमने उन दोनों को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब ٱلْمُسْتَبِينَ वाज़ेह l-mus'tabīna
वाज़ेह ١١٧ (117)
(117)
तथा हमने उन दोनों को अत्यंत स्पष्ट पुस्तक (तौरात) प्रदान की।
३७:११८
وَهَدَيْنَـٰهُمَا
और हिदायत दी हमने उन दोनों को
wahadaynāhumā
और हिदायत दी हमने उन दोनों को ٱلصِّرَٰطَ रास्ते l-ṣirāṭa
रास्ते ٱلْمُسْتَقِيمَ सीधे की l-mus'taqīma
सीधे की ١١٨ (118)
(118)
और हिदायत दी हमने उन दोनों को ٱلصِّرَٰطَ रास्ते l-ṣirāṭa
रास्ते ٱلْمُسْتَقِيمَ सीधे की l-mus'taqīma
सीधे की ١١٨ (118)
(118)
और हमने उन दोनों को सीधे मार्ग पर चलाया।
३७:११९
وَتَرَكْنَا
और बाक़ी रखा हमने
wataraknā
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِمَا उन दोनों पर ( ज़िक्र ख़ैर) ʿalayhimā
उन दोनों पर ( ज़िक्र ख़ैर) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ١١٩ (119)
(119)
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِمَا उन दोनों पर ( ज़िक्र ख़ैर) ʿalayhimā
उन दोनों पर ( ज़िक्र ख़ैर) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ١١٩ (119)
(119)
और हमने पीछे आने वालों में उन दोनों का अच्छा स्मरण छोड़ा।
३७:१२०
سَلَـٰمٌ
सलाम हो
salāmun
सलाम हो عَلَىٰ upon ʿalā
upon مُوسَىٰ ऊपर मूसा mūsā
ऊपर मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून को wahārūna
और हारून को ١٢٠ (120)
(120)
सलाम हो عَلَىٰ upon ʿalā
upon مُوسَىٰ ऊपर मूसा mūsā
ऊपर मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून को wahārūna
और हारून को ١٢٠ (120)
(120)
सलाम हो मूसा और हारून पर।
३७:१२१
إِنَّا
यक़ीनन हम
innā
यक़ीनन हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन को l-muḥ'sinīna
मोहसिनीन को ١٢١ (121)
(121)
यक़ीनन हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन को l-muḥ'sinīna
मोहसिनीन को ١٢١ (121)
(121)
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
३७:१२२
إِنَّهُمَا
बेशक वो दोनों
innahumā
बेशक वो दोनों مِنْ (were) of min
(were) of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से थे ʿibādinā
हमारे बन्दों में से थे ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ١٢٢ (122)
(122)
बेशक वो दोनों مِنْ (were) of min
(were) of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से थे ʿibādinā
हमारे बन्दों में से थे ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ١٢٢ (122)
(122)
निःसंदेह वे दोनों हमारे ईमान वाले बंदों में से थे।
३७:१२३
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक إِلْيَاسَ इल्यास il'yāsa
इल्यास لَمِنَ (was) surely of lamina
(was) surely of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से था l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से था ١٢٣ (123)
(123)
और बेशक إِلْيَاسَ इल्यास il'yāsa
इल्यास لَمِنَ (was) surely of lamina
(was) surely of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से था l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से था ١٢٣ (123)
(123)
तथा निःसंदेह इलयास निश्चय नबियों में से थे।
३७:१२४
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम को liqawmihi
अपनी क़ौम को أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते ١٢٤ (124)
(124)
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम को liqawmihi
अपनी क़ौम को أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते ١٢٤ (124)
(124)
जब उसने अपनी जाति से कहा : क्या तुम डरते नहीं?
३७:१२५
أَتَدْعُونَ
क्या तुम पुकारते हो
atadʿūna
क्या तुम पुकारते हो بَعْلًۭا बअल को baʿlan
बअल को وَتَذَرُونَ और तुम छोड़ देते हो (अल्लाह को) watadharūna
और तुम छोड़ देते हो (अल्लाह को) أَحْسَنَ बेहतरीन aḥsana
बेहतरीन ٱلْخَـٰلِقِينَ पैदा करने वाले को l-khāliqīna
पैदा करने वाले को ١٢٥ (125)
(125)
क्या तुम पुकारते हो بَعْلًۭا बअल को baʿlan
बअल को وَتَذَرُونَ और तुम छोड़ देते हो (अल्लाह को) watadharūna
और तुम छोड़ देते हो (अल्लाह को) أَحْسَنَ बेहतरीन aḥsana
बेहतरीन ٱلْخَـٰلِقِينَ पैदा करने वाले को l-khāliqīna
पैदा करने वाले को ١٢٥ (125)
(125)
क्या तुम 'बअ्ल' (नामक मूर्ति) को पुकारते हो? तथा पैदा करने वालों में सबस बेहतर को छोड़ देते हो?
३७:१२६
ٱللَّهَ
अल्लाह
al-laha
अल्लाह رَبَّكُمْ रब तुम्हारा rabbakum
रब तुम्हारा وَرَبَّ और रब warabba
और रब ءَابَآئِكُمُ तुम्हारे आबा ओ अजदाद का ābāikumu
तुम्हारे आबा ओ अजदाद का ٱلْأَوَّلِينَ पहलों का l-awalīna
पहलों का ١٢٦ (126)
(126)
अल्लाह رَبَّكُمْ रब तुम्हारा rabbakum
रब तुम्हारा وَرَبَّ और रब warabba
और रब ءَابَآئِكُمُ तुम्हारे आबा ओ अजदाद का ābāikumu
तुम्हारे आबा ओ अजदाद का ٱلْأَوَّلِينَ पहलों का l-awalīna
पहलों का ١٢٦ (126)
(126)
अल्लाह को, जो तुम्हारा पालनहार है तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।
३७:१२७
فَكَذَّبُوهُ
तो उन्होंने झुठला दिया उसे
fakadhabūhu
तो उन्होंने झुठला दिया उसे فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो لَمُحْضَرُونَ ज़रूर हाज़िर किए जाने वाले हैं lamuḥ'ḍarūna
ज़रूर हाज़िर किए जाने वाले हैं ١٢٧ (127)
(127)
तो उन्होंने झुठला दिया उसे فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो لَمُحْضَرُونَ ज़रूर हाज़िर किए जाने वाले हैं lamuḥ'ḍarūna
ज़रूर हाज़िर किए जाने वाले हैं ١٢٧ (127)
(127)
किंतु उन्होंने उसे झुठला दिया। तो निश्चय वे अवश्य हाज़िर किए जाने वाले हैं।
३७:१२८
إِلَّا
मगर
illā
मगर عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ١٢٨ (128)
(128)
मगर عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ١٢٨ (128)
(128)
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।
३७:१२९
وَتَرَكْنَا
और बाक़ी रखा हमने
wataraknā
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِ उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) ʿalayhi
उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ١٢٩ (129)
(129)
और बाक़ी रखा हमने عَلَيْهِ उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) ʿalayhi
उस पर (ज़िक्र ख़ैर ) فِى among fī
among ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में ١٢٩ (129)
(129)
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
३७:१३०
سَلَـٰمٌ
सलाम हो
salāmun
सलाम हो عَلَىٰٓ upon ʿalā
upon إِلْ يَاسِينَ ऊपर इल्यास के il yāsīna
ऊपर इल्यास के ١٣٠ (130)
(130)
सलाम हो عَلَىٰٓ upon ʿalā
upon إِلْ يَاسِينَ ऊपर इल्यास के il yāsīna
ऊपर इल्यास के ١٣٠ (130)
(130)
सलाम हो इल्यासीन1 पर।
३७:१३१
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन को l-muḥ'sinīna
मोहसिनीन को ١٣١ (131)
(131)
बेशक हम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ मोहसिनीन को l-muḥ'sinīna
मोहसिनीन को ١٣١ (131)
(131)
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
३७:१३२
إِنَّهُۥ
और बेशक वो
innahu
और बेशक वो مِنْ of min
of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से था ʿibādinā
हमारे बन्दों में से था ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ١٣٢ (132)
(132)
और बेशक वो مِنْ of min
of عِبَادِنَا हमारे बन्दों में से था ʿibādinā
हमारे बन्दों में से था ٱلْمُؤْمِنِينَ जो मोमिन हैं l-mu'minīna
जो मोमिन हैं ١٣٢ (132)
(132)
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
३७:१३३
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक لُوطًۭا लूत lūṭan
लूत لَّمِنَ (was) of lamina
(was) of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से था l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से था ١٣٣ (133)
(133)
और बेशक لُوطًۭا लूत lūṭan
लूत لَّمِنَ (was) of lamina
(was) of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से था l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से था ١٣٣ (133)
(133)
और निःसंदेह लूत निश्चय रसूलों में से था।
३७:१३४
إِذْ
जब
idh
जब نَجَّيْنَـٰهُ निजात दी हमने उसे najjaynāhu
निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥٓ और उसके घरवालों को wa-ahlahu
और उसके घरवालों को أَجْمَعِينَ सब के सब को ajmaʿīna
सब के सब को ١٣٤ (134)
(134)
जब نَجَّيْنَـٰهُ निजात दी हमने उसे najjaynāhu
निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥٓ और उसके घरवालों को wa-ahlahu
और उसके घरवालों को أَجْمَعِينَ सब के सब को ajmaʿīna
सब के सब को ١٣٤ (134)
(134)
जब हमने उसे तथा उसके सब घर वालों को बचाया।
३७:१३५
إِلَّا
सिवाए
illā
सिवाए عَجُوزًۭا एक बुढ़िया के ʿajūzan
एक बुढ़िया के فِى (was) among fī
(was) among ٱلْغَـٰبِرِينَ पीछे रह जाने वालों में l-ghābirīna
पीछे रह जाने वालों में ١٣٥ (135)
(135)
सिवाए عَجُوزًۭا एक बुढ़िया के ʿajūzan
एक बुढ़िया के فِى (was) among fī
(was) among ٱلْغَـٰبِرِينَ पीछे रह जाने वालों में l-ghābirīna
पीछे रह जाने वालों में ١٣٥ (135)
(135)
सिवाय एक बुढ़िया1 के, जो पीछे रह जाने वालों में से थी।
३७:१३६
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर دَمَّرْنَا तबाह कर दिया हमने dammarnā
तबाह कर दिया हमने ٱلْـَٔاخَرِينَ दूसरों को l-ākharīna
दूसरों को ١٣٦ (136)
(136)
फिर دَمَّرْنَا तबाह कर दिया हमने dammarnā
तबाह कर दिया हमने ٱلْـَٔاخَرِينَ दूसरों को l-ākharīna
दूसरों को ١٣٦ (136)
(136)
फिर हमने दूसरों का विनाश कर दिया।
३७:१३७
وَإِنَّكُمْ
और बेशक तुम
wa-innakum
और बेशक तुम لَتَمُرُّونَ अलबत्ता तुम गुज़रते हो latamurrūna
अलबत्ता तुम गुज़रते हो عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مُّصْبِحِينَ इस हाल में कि सुबह करने वाले हो muṣ'biḥīna
इस हाल में कि सुबह करने वाले हो ١٣٧ (137)
(137)
और बेशक तुम لَتَمُرُّونَ अलबत्ता तुम गुज़रते हो latamurrūna
अलबत्ता तुम गुज़रते हो عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مُّصْبِحِينَ इस हाल में कि सुबह करने वाले हो muṣ'biḥīna
इस हाल में कि सुबह करने वाले हो ١٣٧ (137)
(137)
तथा निःसंदेह तुम1 निश्चय सुबह के समय जाते हुए उनपर से गुज़रते हो।
३७:१३८
وَبِٱلَّيْلِ ۗ
और रात को
wabi-al-layli
और रात को أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١٣٨ (138)
(138)
और रात को أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١٣٨ (138)
(138)
तथा रात के समय भी। तो क्या तुम समझते नहीं?
३७:१३९
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक يُونُسَ यूनुस yūnusa
यूनुस لَمِنَ (was) surely of lamina
(was) surely of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से था l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से था ١٣٩ (139)
(139)
और बेशक يُونُسَ यूनुस yūnusa
यूनुस لَمِنَ (was) surely of lamina
(was) surely of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से था l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से था ١٣٩ (139)
(139)
तथा निःसंदेह यूनुस निश्चय रसूलों में से था।
३७:१४०
إِذْ
जब
idh
जब أَبَقَ जब वो भाग कर गया abaqa
जब वो भाग कर गया إِلَى to ilā
to ٱلْفُلْكِ तरफ़ कश्ती l-ful'ki
तरफ़ कश्ती ٱلْمَشْحُونِ भरी हुई के l-mashḥūni
भरी हुई के ١٤٠ (140)
(140)
जब أَبَقَ जब वो भाग कर गया abaqa
जब वो भाग कर गया إِلَى to ilā
to ٱلْفُلْكِ तरफ़ कश्ती l-ful'ki
तरफ़ कश्ती ٱلْمَشْحُونِ भरी हुई के l-mashḥūni
भरी हुई के ١٤٠ (140)
(140)
जब वह भरी नाव की ओर भागकर गया।1
३७:१४१
فَسَاهَمَ
तो क़ुरअ डाला
fasāhama
तो क़ुरअ डाला فَكَانَ फिर वो हो गया fakāna
फिर वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْمُدْحَضِينَ हार जाने वालों में से l-mud'ḥaḍīna
हार जाने वालों में से ١٤١ (141)
(141)
तो क़ुरअ डाला فَكَانَ फिर वो हो गया fakāna
फिर वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْمُدْحَضِينَ हार जाने वालों में से l-mud'ḥaḍīna
हार जाने वालों में से ١٤١ (141)
(141)
फिर वह क़ुर'आ में शामिल हुआ, तो हारने वालों में से हो गया।
३७:१४२
فَٱلْتَقَمَهُ
तो लुक़्मा बना लिया उसका
fal-taqamahu
तो लुक़्मा बना लिया उसका ٱلْحُوتُ मछली ने l-ḥūtu
मछली ने وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُلِيمٌۭ मलामत ज़दा था mulīmun
मलामत ज़दा था ١٤٢ (142)
(142)
तो लुक़्मा बना लिया उसका ٱلْحُوتُ मछली ने l-ḥūtu
मछली ने وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُلِيمٌۭ मलामत ज़दा था mulīmun
मलामत ज़दा था ١٤٢ (142)
(142)
फिर मछली ने उसे निगल लिया, इस हाल में कि वह निंदनीय था।
३७:१४३
فَلَوْلَآ
फिर अगर ना
falawlā
फिर अगर ना أَنَّهُۥ ये कि annahu
ये कि كَانَ होता वो kāna
होता वो مِنَ of mina
of ٱلْمُسَبِّحِينَ तस्बीह करने वालों में से l-musabiḥīna
तस्बीह करने वालों में से ١٤٣ (143)
(143)
फिर अगर ना أَنَّهُۥ ये कि annahu
ये कि كَانَ होता वो kāna
होता वो مِنَ of mina
of ٱلْمُسَبِّحِينَ तस्बीह करने वालों में से l-musabiḥīna
तस्बीह करने वालों में से ١٤٣ (143)
(143)
फिर अगर यह बात न होती कि वह अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करने वालों में से था।
३७:१४४
لَلَبِثَ
अलबत्ता वो ठहरा रहता
lalabitha
अलबत्ता वो ठहरा रहता فِى in fī
in بَطْنِهِۦٓ उसके पेट में baṭnihi
उसके पेट में إِلَىٰ until ilā
until يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक يُبْعَثُونَ (जब) वो दोबारा उठाए जाऐंगे yub'ʿathūna
(जब) वो दोबारा उठाए जाऐंगे ١٤٤ (144)
(144)
अलबत्ता वो ठहरा रहता فِى in fī
in بَطْنِهِۦٓ उसके पेट में baṭnihi
उसके पेट में إِلَىٰ until ilā
until يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक يُبْعَثُونَ (जब) वो दोबारा उठाए जाऐंगे yub'ʿathūna
(जब) वो दोबारा उठाए जाऐंगे ١٤٤ (144)
(144)
तो निश्चय वह उसके पेट में उस दिन तक रहता, जिसमें लोग उठाए जाएँगे।1
३७:१४५
۞ فَنَبَذْنَـٰهُ
तो हमने फेंक दिया उसे
fanabadhnāhu
तो हमने फेंक दिया उसे بِٱلْعَرَآءِ चटियल मैदान में bil-ʿarāi
चटियल मैदान में وَهُوَ इस हाल में कि वो wahuwa
इस हाल में कि वो سَقِيمٌۭ बीमार था saqīmun
बीमार था ١٤٥ (145)
(145)
तो हमने फेंक दिया उसे بِٱلْعَرَآءِ चटियल मैदान में bil-ʿarāi
चटियल मैदान में وَهُوَ इस हाल में कि वो wahuwa
इस हाल में कि वो سَقِيمٌۭ बीमार था saqīmun
बीमार था ١٤٥ (145)
(145)
फिर हमने उसे चटियल मैदान में फेंक दिया, इस हाल में कि वह बीमार1 था।
३७:१४६
وَأَنۢبَتْنَا
और उगाया हमने
wa-anbatnā
और उगाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर شَجَرَةًۭ एक पौदा shajaratan
एक पौदा مِّن of min
of يَقْطِينٍۢ कद्दू की बेल का yaqṭīnin
कद्दू की बेल का ١٤٦ (146)
(146)
और उगाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर شَجَرَةًۭ एक पौदा shajaratan
एक पौदा مِّن of min
of يَقْطِينٍۢ कद्दू की बेल का yaqṭīnin
कद्दू की बेल का ١٤٦ (146)
(146)
तथा हमने उसपर एक लता वाला वृक्ष उगा दिया।1
३७:१४७
وَأَرْسَلْنَـٰهُ
और भेजा हमने उसे
wa-arsalnāhu
और भेजा हमने उसे إِلَىٰ to ilā
to مِا۟ئَةِ a hundred mi-ati
a hundred أَلْفٍ तरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) के alfin
तरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) के أَوْ बल्कि aw
बल्कि يَزِيدُونَ वो ज़्यादा होंगे yazīdūna
वो ज़्यादा होंगे ١٤٧ (147)
(147)
और भेजा हमने उसे إِلَىٰ to ilā
to مِا۟ئَةِ a hundred mi-ati
a hundred أَلْفٍ तरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) के alfin
तरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) के أَوْ बल्कि aw
बल्कि يَزِيدُونَ वो ज़्यादा होंगे yazīdūna
वो ज़्यादा होंगे ١٤٧ (147)
(147)
तथा हमने उसे एक लाख की ओर भेजा, बल्कि वे अधिक होंगे।
३७:१४८
فَـَٔامَنُوا۟
तो वो ईमान ले आए
faāmanū
तो वो ईमान ले आए فَمَتَّعْنَـٰهُمْ तो हमने फ़ायदा दिया उन्हें famattaʿnāhum
तो हमने फ़ायदा दिया उन्हें إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ١٤٨ (148)
(148)
तो वो ईमान ले आए فَمَتَّعْنَـٰهُمْ तो हमने फ़ायदा दिया उन्हें famattaʿnāhum
तो हमने फ़ायदा दिया उन्हें إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ١٤٨ (148)
(148)
चुनाँचे वे ईमान ले आए, तो हमने उन्हें एक समय तक लाभ उठाने दिया।1
३७:१४९
فَٱسْتَفْتِهِمْ
पस पूछो उनसे
fa-is'taftihim
पस पूछो उनसे أَلِرَبِّكَ क्या आपके रब के लिए हैं alirabbika
क्या आपके रब के लिए हैं ٱلْبَنَاتُ बेटियाँ l-banātu
बेटियाँ وَلَهُمُ और उनके लिए हैं walahumu
और उनके लिए हैं ٱلْبَنُونَ बेटे l-banūna
बेटे ١٤٩ (149)
(149)
पस पूछो उनसे أَلِرَبِّكَ क्या आपके रब के लिए हैं alirabbika
क्या आपके रब के लिए हैं ٱلْبَنَاتُ बेटियाँ l-banātu
बेटियाँ وَلَهُمُ और उनके लिए हैं walahumu
और उनके लिए हैं ٱلْبَنُونَ बेटे l-banūna
बेटे ١٤٩ (149)
(149)
तो (ऐ नबी!) आप उनसे पूछें कि क्या आपके पालनहार के लिए बेटियाँ हैं और उनके लिए बेटे?
३७:१५०
أَمْ
या
am
या خَلَقْنَا बनाया हमने khalaqnā
बनाया हमने ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को إِنَـٰثًۭا औरतें ināthan
औरतें وَهُمْ जब कि वो wahum
जब कि वो شَـٰهِدُونَ हाज़िर थे shāhidūna
हाज़िर थे ١٥٠ (150)
(150)
या خَلَقْنَا बनाया हमने khalaqnā
बनाया हमने ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को إِنَـٰثًۭا औरतें ināthan
औरतें وَهُمْ जब कि वो wahum
जब कि वो شَـٰهِدُونَ हाज़िर थे shāhidūna
हाज़िर थे ١٥٠ (150)
(150)
या हमने फ़रिश्तों को मादा पैदा किया, जबकि वे उस समय उपस्थित1 थे?
३७:१५१
أَلَآ
ख़बरदार
alā
ख़बरदार إِنَّهُم बेशक वो innahum
बेशक वो مِّنْ of min
of إِفْكِهِمْ अपने झूठ ही सो if'kihim
अपने झूठ ही सो لَيَقُولُونَ अलबत्ता वो कहते हैं layaqūlūna
अलबत्ता वो कहते हैं ١٥١ (151)
(151)
ख़बरदार إِنَّهُم बेशक वो innahum
बेशक वो مِّنْ of min
of إِفْكِهِمْ अपने झूठ ही सो if'kihim
अपने झूठ ही सो لَيَقُولُونَ अलबत्ता वो कहते हैं layaqūlūna
अलबत्ता वो कहते हैं ١٥١ (151)
(151)
सुन लो! निःसंदेह वे निश्चय अपने झूठ ही से कहते हैं।
३७:१५२
وَلَدَ
कि जन्म दिया
walada
कि जन्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ١٥٢ (152)
(152)
कि जन्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ١٥٢ (152)
(152)
कि अल्लाह ने संतान बनाया है। और निःसंदेह वे निश्चय झूठे हैं।
३७:१५३
أَصْطَفَى
क्या उसने चुन लिया
aṣṭafā
क्या उसने चुन लिया ٱلْبَنَاتِ बेटियों को l-banāti
बेटियों को عَلَى over ʿalā
over ٱلْبَنِينَ बेटों पर l-banīna
बेटों पर ١٥٣ (153)
(153)
क्या उसने चुन लिया ٱلْبَنَاتِ बेटियों को l-banāti
बेटियों को عَلَى over ʿalā
over ٱلْبَنِينَ बेटों पर l-banīna
बेटों पर ١٥٣ (153)
(153)
क्या उसने पुत्रियों को पुत्रों पर प्राथमिकता दी?
३७:१५४
مَا
क्या है
mā
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें كَيْفَ कैसे kayfa
कैसे تَحْكُمُونَ तुम फ़ैसले करते हो taḥkumūna
तुम फ़ैसले करते हो ١٥٤ (154)
(154)
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें كَيْفَ कैसे kayfa
कैसे تَحْكُمُونَ तुम फ़ैसले करते हो taḥkumūna
तुम फ़ैसले करते हो ١٥٤ (154)
(154)
तुम्हें क्या हो गया है, तुम कैसा फ़ैसला कर रहे हो?
३७:१५५
أَفَلَا
क्या भला नहीं
afalā
क्या भला नहीं تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ١٥٥ (155)
(155)
क्या भला नहीं تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ١٥٥ (155)
(155)
तो क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते?
३७:१५६
أَمْ
या
am
या لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए سُلْطَـٰنٌۭ कोई दलील है sul'ṭānun
कोई दलील है مُّبِينٌۭ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह ١٥٦ (156)
(156)
या لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए سُلْطَـٰنٌۭ कोई दलील है sul'ṭānun
कोई दलील है مُّبِينٌۭ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह ١٥٦ (156)
(156)
या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण है?
३७:१५७
فَأْتُوا۟
पस ले आओ
fatū
पस ले आओ بِكِتَـٰبِكُمْ अपनी किताब bikitābikum
अपनी किताब إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٥٧ (157)
(157)
पस ले आओ بِكِتَـٰبِكُمْ अपनी किताब bikitābikum
अपनी किताब إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٥٧ (157)
(157)
तो लाओ अपनी किताब, यदि तुम सच्चे हो?
३७:१५८
وَجَعَلُوا۟
और उन्होंने बनाया
wajaʿalū
और उन्होंने बनाया بَيْنَهُۥ दर्मियान उसके baynahu
दर्मियान उसके وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान ٱلْجِنَّةِ जिन्नों के l-jinati
जिन्नों के نَسَبًۭا ۚ एक रिश्ता nasaban
एक रिश्ता وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक عَلِمَتِ जान लिया ʿalimati
जान लिया ٱلْجِنَّةُ जिन्नों ने l-jinatu
जिन्नों ने إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَمُحْضَرُونَ ज़रूर हाज़िर किए जाऐंगे lamuḥ'ḍarūna
ज़रूर हाज़िर किए जाऐंगे ١٥٨ (158)
(158)
और उन्होंने बनाया بَيْنَهُۥ दर्मियान उसके baynahu
दर्मियान उसके وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान ٱلْجِنَّةِ जिन्नों के l-jinati
जिन्नों के نَسَبًۭا ۚ एक रिश्ता nasaban
एक रिश्ता وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक عَلِمَتِ जान लिया ʿalimati
जान लिया ٱلْجِنَّةُ जिन्नों ने l-jinatu
जिन्नों ने إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَمُحْضَرُونَ ज़रूर हाज़िर किए जाऐंगे lamuḥ'ḍarūna
ज़रूर हाज़िर किए जाऐंगे ١٥٨ (158)
(158)
और उन्होंने अल्लाह तथा जिन्नों के बीच रिश्तेदारी बना दी। हालाँकि निःसंदेह जिन्न जान चुके हैं कि निःसंदेह वे (मुश्रिक) अवश्य उपस्थित किए जाने वाले हैं।1
३७:१५९
سُبْحَـٰنَ
पाक है
sub'ḥāna
पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं ١٥٩ (159)
(159)
पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं ١٥٩ (159)
(159)
अल्लाह उन बातों से पवित्र है, जो वे वर्णन करते हैं।
३७:१६०
إِلَّا
सिवाए
illā
सिवाए عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ١٦٠ (160)
(160)
सिवाए عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ١٦٠ (160)
(160)
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।1
३७:१६१
فَإِنَّكُمْ
पस बेशक तुम सब
fa-innakum
पस बेशक तुम सब وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो ١٦١ (161)
(161)
पस बेशक तुम सब وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो ١٦١ (161)
(161)
अतः निःसंदेह तुम तथा जिनकी तुम पूजा करते हो।
३७:१६२
مَآ
नहीं
mā
नहीं أَنتُمْ तुम antum
तुम عَلَيْهِ उसके ख़िलाफ़ ʿalayhi
उसके ख़िलाफ़ بِفَـٰتِنِينَ फ़ितने में डालने वाले bifātinīna
फ़ितने में डालने वाले ١٦٢ (162)
(162)
नहीं أَنتُمْ तुम antum
तुम عَلَيْهِ उसके ख़िलाफ़ ʿalayhi
उसके ख़िलाफ़ بِفَـٰتِنِينَ फ़ितने में डालने वाले bifātinīna
फ़ितने में डालने वाले ١٦٢ (162)
(162)
तुम उसके विरुद्ध (किसी को) बहकाने वाले नहीं।
३७:१६३
إِلَّا
मगर
illā
मगर مَنْ उसे जो man
उसे जो هُوَ वो huwa
वो صَالِ दाख़िल होने वाला ṣāli
दाख़िल होने वाला ٱلْجَحِيمِ जहन्नम में l-jaḥīmi
जहन्नम में ١٦٣ (163)
(163)
मगर مَنْ उसे जो man
उसे जो هُوَ वो huwa
वो صَالِ दाख़िल होने वाला ṣāli
दाख़िल होने वाला ٱلْجَحِيمِ जहन्नम में l-jaḥīmi
जहन्नम में ١٦٣ (163)
(163)
परंतु उसको, जो भड़कती आग में प्रवेश करने वाला है।
३७:१६४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं مِنَّآ हम में से कोई minnā
हम में से कोई إِلَّا मगर illā
मगर لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مَقَامٌۭ एक मुक़ाम है maqāmun
एक मुक़ाम है مَّعْلُومٌۭ मालूम maʿlūmun
मालूम ١٦٤ (164)
(164)
और नहीं مِنَّآ हम में से कोई minnā
हम में से कोई إِلَّا मगर illā
मगर لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مَقَامٌۭ एक मुक़ाम है maqāmun
एक मुक़ाम है مَّعْلُومٌۭ मालूम maʿlūmun
मालूम ١٦٤ (164)
(164)
और हम (फ़रिश्तों) में से जो भी है उसका एक नियत स्थान है।
३७:१६५
وَإِنَّا
और बेशक हम
wa-innā
और बेशक हम لَنَحْنُ अलबत्ता हम lanaḥnu
अलबत्ता हम ٱلصَّآفُّونَ सफ़ बाँधने वाले हैं l-ṣāfūna
सफ़ बाँधने वाले हैं ١٦٥ (165)
(165)
और बेशक हम لَنَحْنُ अलबत्ता हम lanaḥnu
अलबत्ता हम ٱلصَّآفُّونَ सफ़ बाँधने वाले हैं l-ṣāfūna
सफ़ बाँधने वाले हैं ١٦٥ (165)
(165)
तथा निःसंदेह हम निश्चय पंक्तिबद्ध रहने वाले हैं।
३७:१६६
وَإِنَّا
और बेशक हम
wa-innā
और बेशक हम لَنَحْنُ अलबत्ता हम ही lanaḥnu
अलबत्ता हम ही ٱلْمُسَبِّحُونَ तस्बीह करने वाले हैं l-musabiḥūna
तस्बीह करने वाले हैं ١٦٦ (166)
(166)
और बेशक हम لَنَحْنُ अलबत्ता हम ही lanaḥnu
अलबत्ता हम ही ٱلْمُسَبِّحُونَ तस्बीह करने वाले हैं l-musabiḥūna
तस्बीह करने वाले हैं ١٦٦ (166)
(166)
तथा निःसंदेह हम निश्चय तस्बीह़ (पवित्रता गान) करने वाले हैं।
३७:१६७
وَإِن
और बेशक
wa-in
और बेशक كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لَيَقُولُونَ अलबत्ता वो कहते layaqūlūna
अलबत्ता वो कहते ١٦٧ (167)
(167)
और बेशक كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لَيَقُولُونَ अलबत्ता वो कहते layaqūlūna
अलबत्ता वो कहते ١٦٧ (167)
(167)
तथा निःसंदेह वे (मुश्रिक) तो कहा करते थे
३७:१६८
لَوْ
अगर
law
अगर أَنَّ ये कि (होती) anna
ये कि (होती) عِندَنَا हमारे पास ʿindanā
हमारे पास ذِكْرًۭا नसीहत dhik'ran
नसीहत مِّنَ from mina
from ٱلْأَوَّلِينَ पहलों में से l-awalīna
पहलों में से ١٦٨ (168)
(168)
अगर أَنَّ ये कि (होती) anna
ये कि (होती) عِندَنَا हमारे पास ʿindanā
हमारे पास ذِكْرًۭا नसीहत dhik'ran
नसीहत مِّنَ from mina
from ٱلْأَوَّلِينَ पहलों में से l-awalīna
पहलों में से ١٦٨ (168)
(168)
यदि हमारे पास पहले लोगों की कोई शिक्षा (किताब) होती,
३७:१६९
لَكُنَّا
अलबत्ता होते हम
lakunnā
अलबत्ता होते हम عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ١٦٩ (169)
(169)
अलबत्ता होते हम عِبَادَ बन्दे ʿibāda
बन्दे ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلْمُخْلَصِينَ जो ख़ालिस किए हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो ख़ालिस किए हुए हैं ١٦٩ (169)
(169)
तो हम अवश्य अल्लाह के ख़ालिस (चुने हुए) बंदे होते।
३७:१७०
فَكَفَرُوا۟
तो उन्होंने कुफ़्र किया
fakafarū
तो उन्होंने कुफ़्र किया بِهِۦ ۖ साथ उसके bihi
साथ उसके فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे ١٧٠ (170)
(170)
तो उन्होंने कुफ़्र किया بِهِۦ ۖ साथ उसके bihi
साथ उसके فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे ١٧٠ (170)
(170)
(फिर जब किताब आ गई) तो उन्होंने उसका इनकार कर दिया। अतः जल्द ही उन्हें पता चल जाएगा।
३७:१७१
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ سَبَقَتْ पहले गुज़र चुकी है sabaqat
पहले गुज़र चुकी है كَلِمَتُنَا बात हमारी kalimatunā
बात हमारी لِعِبَادِنَا हमारे बन्दों के लिए liʿibādinā
हमारे बन्दों के लिए ٱلْمُرْسَلِينَ जो भेजे हुए हैं l-mur'salīna
जो भेजे हुए हैं ١٧١ (171)
(171)
और अलबत्ता तहक़ीक़ سَبَقَتْ पहले गुज़र चुकी है sabaqat
पहले गुज़र चुकी है كَلِمَتُنَا बात हमारी kalimatunā
बात हमारी لِعِبَادِنَا हमारे बन्दों के लिए liʿibādinā
हमारे बन्दों के लिए ٱلْمُرْسَلِينَ जो भेजे हुए हैं l-mur'salīna
जो भेजे हुए हैं ١٧١ (171)
(171)
और निःसंदेह हमारे भेजे हुए बंदों के लिए हमारी बात पहले ही निश्चित हो चुकी
३७:१७२
إِنَّهُمْ
बेशक वो
innahum
बेशक वो لَهُمُ अलबत्ता वो ही lahumu
अलबत्ता वो ही ٱلْمَنصُورُونَ मदद किए जाऐंगे l-manṣūrūna
मदद किए जाऐंगे ١٧٢ (172)
(172)
बेशक वो لَهُمُ अलबत्ता वो ही lahumu
अलबत्ता वो ही ٱلْمَنصُورُونَ मदद किए जाऐंगे l-manṣūrūna
मदद किए जाऐंगे ١٧٢ (172)
(172)
कि निःसंदेह वही हैं, जिनकी सहायता की जाएगी।
३७:१७३
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक جُندَنَا लश्कर हमारा jundanā
लश्कर हमारा لَهُمُ अलबत्ता वो ही है lahumu
अलबत्ता वो ही है ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाला l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाला ١٧٣ (173)
(173)
और बेशक جُندَنَا लश्कर हमारा jundanā
लश्कर हमारा لَهُمُ अलबत्ता वो ही है lahumu
अलबत्ता वो ही है ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाला l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाला ١٧٣ (173)
(173)
तथा निःसंदेह हमारी सेना ही निश्चय प्रभुत्वशाली रहेगी।
३७:१७४
فَتَوَلَّ
तो मुँह फेर लीजिए
fatawalla
तो मुँह फेर लीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे حَتَّىٰ until ḥattā
until حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ١٧٤ (174)
(174)
तो मुँह फेर लीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे حَتَّىٰ until ḥattā
until حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ١٧٤ (174)
(174)
तो आप कुछ समय तक के लिए उनसे मुँह फेर लें।
३७:१७५
وَأَبْصِرْهُمْ
और देखते रहिए उन्हें
wa-abṣir'hum
और देखते रहिए उन्हें فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब يُبْصِرُونَ वो भी देखेंगे yub'ṣirūna
वो भी देखेंगे ١٧٥ (175)
(175)
और देखते रहिए उन्हें فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब يُبْصِرُونَ वो भी देखेंगे yub'ṣirūna
वो भी देखेंगे ١٧٥ (175)
(175)
तथा उन्हें देखते रहें। वे भी शीघ्र ही देख लेंगे।
३७:१७६
أَفَبِعَذَابِنَا
क्या भला हमारे अज़ाब को
afabiʿadhābinā
क्या भला हमारे अज़ाब को يَسْتَعْجِلُونَ वो जल्दी माँगते हैं yastaʿjilūna
वो जल्दी माँगते हैं ١٧٦ (176)
(176)
क्या भला हमारे अज़ाब को يَسْتَعْجِلُونَ वो जल्दी माँगते हैं yastaʿjilūna
वो जल्दी माँगते हैं ١٧٦ (176)
(176)
तो क्या वे हमारी यातना की शीघ्र माँग कर रहे हैं?
३७:१७७
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब نَزَلَ वो उतरेगा nazala
वो उतरेगा بِسَاحَتِهِمْ उनके सहन में bisāḥatihim
उनके सहन में فَسَآءَ तो बहुत बुरी होगी fasāa
तो बहुत बुरी होगी صَبَاحُ सुबह ṣabāḥu
सुबह ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों की l-mundharīna
डराए जाने वालों की ١٧٧ (177)
(177)
फिर जब نَزَلَ वो उतरेगा nazala
वो उतरेगा بِسَاحَتِهِمْ उनके सहन में bisāḥatihim
उनके सहन में فَسَآءَ तो बहुत बुरी होगी fasāa
तो बहुत बुरी होगी صَبَاحُ सुबह ṣabāḥu
सुबह ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों की l-mundharīna
डराए जाने वालों की ١٧٧ (177)
(177)
फिर जब वह उनके आँगन में उतरेगी, तो डराए गए लोगों की सुबह बहुत बुरी होगी।
३७:१७८
وَتَوَلَّ
और मुँह फेर लीजिए
watawalla
और मुँह फेर लीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे حَتَّىٰ for ḥattā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ١٧٨ (178)
(178)
और मुँह फेर लीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे حَتَّىٰ for ḥattā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ١٧٨ (178)
(178)
َऔर आप कुछ समय तक के लिए उनसे मुँह फेर लें।
३७:१७९
وَأَبْصِرْ
और देखते रहिए
wa-abṣir
और देखते रहिए فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يُبْصِرُونَ वो भी देखेंगे yub'ṣirūna
वो भी देखेंगे ١٧٩ (179)
(179)
और देखते रहिए فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يُبْصِرُونَ वो भी देखेंगे yub'ṣirūna
वो भी देखेंगे ١٧٩ (179)
(179)
तथा देखते रहें। जल्द ही वे भी देख लेंगे।
३७:१८०
سُبْحَـٰنَ
पाक है
sub'ḥāna
पाक है رَبِّكَ रब आपका rabbika
रब आपका رَبِّ रब rabbi
रब ٱلْعِزَّةِ इज़्ज़त वाला l-ʿizati
इज़्ज़त वाला عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं ١٨٠ (180)
(180)
पाक है رَبِّكَ रब आपका rabbika
रब आपका رَبِّ रब rabbi
रब ٱلْعِزَّةِ इज़्ज़त वाला l-ʿizati
इज़्ज़त वाला عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं ١٨٠ (180)
(180)
पवित्र है आपका पालनहार, पराक्रम व शक्ति का स्वामी!, उस बात से, जो वे बयान करते हैं।
३७:१८१
وَسَلَـٰمٌ
और सलाम है
wasalāmun
और सलाम है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُرْسَلِينَ सब रसूलों पर l-mur'salīna
सब रसूलों पर ١٨١ (181)
(181)
और सलाम है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُرْسَلِينَ सब रसूलों पर l-mur'salīna
सब रसूलों पर ١٨١ (181)
(181)
तथा सलाम हो रसूलों पर।
३७:१८२
وَٱلْحَمْدُ
और सब तारीफ़
wal-ḥamdu
और सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ١٨٢ (182)
(182)
और सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ١٨٢ (182)
(182)
और हर प्रकार की प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो सर्व संसार का पालनहार है।