४८
अल-फ़त्ह
الفتح
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४८:१
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम فَتَحْنَا फ़तह अता की हमने fataḥnā
फ़तह अता की हमने لَكَ आपको laka
आपको فَتْحًۭا फ़तह fatḥan
फ़तह مُّبِينًۭا खुली mubīnan
खुली ١ (1)
(1)
बेशक हम فَتَحْنَا फ़तह अता की हमने fataḥnā
फ़तह अता की हमने لَكَ आपको laka
आपको فَتْحًۭا फ़तह fatḥan
फ़तह مُّبِينًۭا खुली mubīnan
खुली ١ (1)
(1)
निःसंदेह हमने आपको एक स्पष्ट विजय1 प्रदान की।
४८:२
لِّيَغْفِرَ
ताकि बख़्श दे
liyaghfira
ताकि बख़्श दे لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا जो mā
जो تَقَدَّمَ पहले हुआ taqaddama
पहले हुआ مِن of min
of ذَنۢبِكَ आपके क़ुसूर में से dhanbika
आपके क़ुसूर में से وَمَا और जो wamā
और जो تَأَخَّرَ बाद में हुआ ta-akhara
बाद में हुआ وَيُتِمَّ और वो पूरा कर दे wayutimma
और वो पूरा कर दे نِعْمَتَهُۥ अपनी नेअमत को niʿ'matahu
अपनी नेअमत को عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَيَهْدِيَكَ और वो रहनुमाई करे आपकी wayahdiyaka
और वो रहनुमाई करे आपकी صِرَٰطًۭا (तरफ़) रास्ते ṣirāṭan
(तरफ़) रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे के mus'taqīman
सीधे के ٢ (2)
(2)
ताकि बख़्श दे لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا जो mā
जो تَقَدَّمَ पहले हुआ taqaddama
पहले हुआ مِن of min
of ذَنۢبِكَ आपके क़ुसूर में से dhanbika
आपके क़ुसूर में से وَمَا और जो wamā
और जो تَأَخَّرَ बाद में हुआ ta-akhara
बाद में हुआ وَيُتِمَّ और वो पूरा कर दे wayutimma
और वो पूरा कर दे نِعْمَتَهُۥ अपनी नेअमत को niʿ'matahu
अपनी नेअमत को عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَيَهْدِيَكَ और वो रहनुमाई करे आपकी wayahdiyaka
और वो रहनुमाई करे आपकी صِرَٰطًۭا (तरफ़) रास्ते ṣirāṭan
(तरफ़) रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे के mus'taqīman
सीधे के ٢ (2)
(2)
ताकि अल्लाह आपके अगले और पिछले गुनाहों को क्षमा1 कर दे तथा आपपर अपनी अनुकंपा पूर्ण कर दे और आपको सीधे मार्ग पर चलाए।
४८:३
وَيَنصُرَكَ
और मदद फ़रमाए आपकी
wayanṣuraka
और मदद फ़रमाए आपकी ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَصْرًا मदद naṣran
मदद عَزِيزًا ज़बरदस्त ʿazīzan
ज़बरदस्त ٣ (3)
(3)
और मदद फ़रमाए आपकी ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَصْرًا मदद naṣran
मदद عَزِيزًا ज़बरदस्त ʿazīzan
ज़बरदस्त ٣ (3)
(3)
तथा अल्लाह आपकी भरपूर सहायता करे।
४८:४
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की ٱلسَّكِينَةَ सकीनत l-sakīnata
सकीनत فِى in(to) fī
in(to) قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के لِيَزْدَادُوٓا۟ ताकि वो बढ़ जाऐं liyazdādū
ताकि वो बढ़ जाऐं إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में مَّعَ साथ maʿa
साथ إِيمَـٰنِهِمْ ۗ अपने ईमान के īmānihim
अपने ईमान के وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए हैं walillahi
और अल्लाह ही के लिए हैं جُنُودُ लश्कर junūdu
लश्कर ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ٤ (4)
(4)
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की ٱلسَّكِينَةَ सकीनत l-sakīnata
सकीनत فِى in(to) fī
in(to) قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के لِيَزْدَادُوٓا۟ ताकि वो बढ़ जाऐं liyazdādū
ताकि वो बढ़ जाऐं إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में مَّعَ साथ maʿa
साथ إِيمَـٰنِهِمْ ۗ अपने ईमान के īmānihim
अपने ईमान के وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए हैं walillahi
और अल्लाह ही के लिए हैं جُنُودُ लश्कर junūdu
लश्कर ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ٤ (4)
(4)
वही है, जिसने ईमान वालों के दिलों में शांति उतारी, ताकि वे अपने ईमान के साथ ईमान में और बढ़ जाएँ। और आकाशों तथा धरती की सेनाएँ अल्लाह ही की हैं। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
४८:५
لِّيُدْخِلَ
ताकि वो दाख़िल करे
liyud'khila
ताकि वो दाख़िल करे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों l-mu'minīna
मोमिन मर्दों وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतों को wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों को جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَيُكَفِّرَ और वो दूर कर दे wayukaffira
और वो दूर कर दे عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे سَيِّـَٔاتِهِمْ ۚ बुराइयाँ उनकी sayyiātihim
बुराइयाँ उनकी وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक فَوْزًا कामयाबी fawzan
कामयाबी عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٥ (5)
(5)
ताकि वो दाख़िल करे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों l-mu'minīna
मोमिन मर्दों وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतों को wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों को جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَيُكَفِّرَ और वो दूर कर दे wayukaffira
और वो दूर कर दे عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे سَيِّـَٔاتِهِمْ ۚ बुराइयाँ उनकी sayyiātihim
बुराइयाँ उनकी وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक فَوْزًا कामयाबी fawzan
कामयाबी عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٥ (5)
(5)
ताकि वह ईमान वाले पुरुषों तथा ईमान वाली स्त्रियों को ऐसे बागों में दाखिल करे, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, वे उनमें सदैव रहेंगे। तथा उनसे उनकी बुराइयाँ दूर कर दे और यह अल्लाह के निकट हमेशा बड़ी कामयाबी है।
४८:६
وَيُعَذِّبَ
और वो अज़ाब दे
wayuʿadhiba
और वो अज़ाब दे ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ मर्दों l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ मर्दों وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتِ और मुनाफ़िक़ औरतों को wal-munāfiqāti
और मुनाफ़िक़ औरतों को وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिक मर्दों wal-mush'rikīna
और मुशरिक मर्दों وَٱلْمُشْرِكَـٰتِ और मुशरिक औरतों को wal-mush'rikāti
और मुशरिक औरतों को ٱلظَّآنِّينَ जो गुमान करने वाले हैं l-ẓānīna
जो गुमान करने वाले हैं بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में ظَنَّ गुमान ẓanna
गुमान ٱلسَّوْءِ ۚ बुरा l-sawi
बुरा عَلَيْهِمْ उन्हीं पर है ʿalayhim
उन्हीं पर है دَآئِرَةُ गर्दिश dāiratu
गर्दिश ٱلسَّوْءِ ۖ बुरी l-sawi
बुरी وَغَضِبَ और ग़ज़बनाक हुआ waghaḍiba
और ग़ज़बनाक हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَعَنَهُمْ और उसने लानत की उन पर walaʿanahum
और उसने लानत की उन पर وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَهَنَّمَ ۖ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को وَسَآءَتْ और वो बहुत ही बुरा wasāat
और वो बहुत ही बुरा مَصِيرًۭا ठिकाना है maṣīran
ठिकाना है ٦ (6)
(6)
और वो अज़ाब दे ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ मर्दों l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ मर्दों وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتِ और मुनाफ़िक़ औरतों को wal-munāfiqāti
और मुनाफ़िक़ औरतों को وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिक मर्दों wal-mush'rikīna
और मुशरिक मर्दों وَٱلْمُشْرِكَـٰتِ और मुशरिक औरतों को wal-mush'rikāti
और मुशरिक औरतों को ٱلظَّآنِّينَ जो गुमान करने वाले हैं l-ẓānīna
जो गुमान करने वाले हैं بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में ظَنَّ गुमान ẓanna
गुमान ٱلسَّوْءِ ۚ बुरा l-sawi
बुरा عَلَيْهِمْ उन्हीं पर है ʿalayhim
उन्हीं पर है دَآئِرَةُ गर्दिश dāiratu
गर्दिश ٱلسَّوْءِ ۖ बुरी l-sawi
बुरी وَغَضِبَ और ग़ज़बनाक हुआ waghaḍiba
और ग़ज़बनाक हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَعَنَهُمْ और उसने लानत की उन पर walaʿanahum
और उसने लानत की उन पर وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَهَنَّمَ ۖ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को وَسَآءَتْ और वो बहुत ही बुरा wasāat
और वो बहुत ही बुरा مَصِيرًۭا ठिकाना है maṣīran
ठिकाना है ٦ (6)
(6)
और (ताकि) उन मुनाफ़िक़ पुरुषों एवं मुनाफ़िक़ स्त्रियों तथा मुश्रिक पुरुषों एवं मुश्रिक स्त्रियों को यातना दे, जो अल्लाह के संबंध में बुरा गुमान रखते हैं। बुराई का फेरा उन्हीं पर है। उनपर अल्लाह का प्रकोप हुआ और उसने उनपर लानत की तथा उनके लिए जहन्नम तैयार कर रखी है और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
४८:७
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए हैं
walillahi
और अल्लाह ही के लिए हैं جُنُودُ लश्कर junūdu
लश्कर ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ٧ (7)
(7)
और अल्लाह ही के लिए हैं جُنُودُ लश्कर junūdu
लश्कर ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ٧ (7)
(7)
तथा अल्लाह ही के लिए आकाशों और धरती की सेनाएँ हैं और अल्लाह हमेशा से सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।1
४८:८
إِنَّآ
बेशक हम
innā
बेशक हम أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको شَـٰهِدًۭا गवाही देने वाला shāhidan
गवाही देने वाला وَمُبَشِّرًۭا और ख़ुशख़बरी देने वाला wamubashiran
और ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला बनाकर wanadhīran
और डराने वाला बनाकर ٨ (8)
(8)
बेशक हम أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको شَـٰهِدًۭا गवाही देने वाला shāhidan
गवाही देने वाला وَمُبَشِّرًۭا और ख़ुशख़बरी देने वाला wamubashiran
और ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला बनाकर wanadhīran
और डराने वाला बनाकर ٨ (8)
(8)
निःसंदेह हमने आपको गवाही देने वाला और खुशख़बरी देने वाला और सावधान करने वाला बनाकर भेजा है।
४८:९
لِّتُؤْمِنُوا۟
ताकि तुम ईमान लाओ
litu'minū
ताकि तुम ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर وَتُعَزِّرُوهُ और तुम क़ुव्वत दो उसे watuʿazzirūhu
और तुम क़ुव्वत दो उसे وَتُوَقِّرُوهُ और तुम ताज़ीम करो उसकी watuwaqqirūhu
और तुम ताज़ीम करो उसकी وَتُسَبِّحُوهُ और तुम तस्बीह बयान करो watusabbiḥūhu
और तुम तस्बीह बयान करो بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَأَصِيلًا और शाम wa-aṣīlan
और शाम ٩ (9)
(9)
ताकि तुम ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर وَتُعَزِّرُوهُ और तुम क़ुव्वत दो उसे watuʿazzirūhu
और तुम क़ुव्वत दो उसे وَتُوَقِّرُوهُ और तुम ताज़ीम करो उसकी watuwaqqirūhu
और तुम ताज़ीम करो उसकी وَتُسَبِّحُوهُ और तुम तस्बीह बयान करो watusabbiḥūhu
और तुम तस्बीह बयान करो بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَأَصِيلًا और शाम wa-aṣīlan
और शाम ٩ (9)
(9)
ताकि तुम अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाओ और उसकी मदद करो और उसका सम्मान करो और दिन के आरंभ एवं अंत में उसकी पवित्रता का गान करो।
४८:१०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يُبَايِعُونَكَ बैअत करते हैं आपसे yubāyiʿūnaka
बैअत करते हैं आपसे إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُبَايِعُونَ वो बैअत करते है yubāyiʿūna
वो बैअत करते है ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَدُ हाथ yadu
हाथ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का فَوْقَ ऊपर है fawqa
ऊपर है أَيْدِيهِمْ ۚ उनके हाथों के aydīhim
उनके हाथों के فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई نَّكَثَ अहद तोड़ दे nakatha
अहद तोड़ दे فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَنكُثُ वो अहद तोड़ता है yankuthu
वो अहद तोड़ता है عَلَىٰ against ʿalā
against نَفْسِهِۦ ۖ अपने ही नफ़्स पर nafsihi
अपने ही नफ़्स पर وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई أَوْفَىٰ पूरा करे awfā
पूरा करे بِمَا उसे जो bimā
उसे जो عَـٰهَدَ अहद किया था उसने ʿāhada
अहद किया था उसने عَلَيْهُ उस पर ʿalayhu
उस पर ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से فَسَيُؤْتِيهِ तो अनक़रीब वो देगा उसे fasayu'tīhi
तो अनक़रीब वो देगा उसे أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٠ (10)
(10)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يُبَايِعُونَكَ बैअत करते हैं आपसे yubāyiʿūnaka
बैअत करते हैं आपसे إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُبَايِعُونَ वो बैअत करते है yubāyiʿūna
वो बैअत करते है ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَدُ हाथ yadu
हाथ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का فَوْقَ ऊपर है fawqa
ऊपर है أَيْدِيهِمْ ۚ उनके हाथों के aydīhim
उनके हाथों के فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई نَّكَثَ अहद तोड़ दे nakatha
अहद तोड़ दे فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَنكُثُ वो अहद तोड़ता है yankuthu
वो अहद तोड़ता है عَلَىٰ against ʿalā
against نَفْسِهِۦ ۖ अपने ही नफ़्स पर nafsihi
अपने ही नफ़्स पर وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई أَوْفَىٰ पूरा करे awfā
पूरा करे بِمَا उसे जो bimā
उसे जो عَـٰهَدَ अहद किया था उसने ʿāhada
अहद किया था उसने عَلَيْهُ उस पर ʿalayhu
उस पर ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से فَسَيُؤْتِيهِ तो अनक़रीब वो देगा उसे fasayu'tīhi
तो अनक़रीब वो देगा उसे أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٠ (10)
(10)
निःसंदेह वे लोग, जो आपसे बैअत करते हैं, वे असल में अल्लाह से बैअत1 करते हैं, अल्लाह का हाथ उनके हाथों के ऊपर है। फिर जिस किसी ने वचन तोड़ा, तो वह अपने आप ही पर वचन तोड़ता है। तथा जिसने, अल्लाह से जो वादा किया था, उसे पूरा किया, तो वह जल्द ही उसे बहुत बड़ा प्रतिफल देगा।
४८:११
سَيَقُولُ
अनक़रीब कहेंगे
sayaqūlu
अनक़रीब कहेंगे لَكَ आपको laka
आपको ٱلْمُخَلَّفُونَ पीछे रहने वाले l-mukhalafūna
पीछे रहने वाले مِنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहाती/ बदवियों में से l-aʿrābi
देहाती/ बदवियों में से شَغَلَتْنَآ कि मश्ग़ूल कर लिया हमें shaghalatnā
कि मश्ग़ूल कर लिया हमें أَمْوَٰلُنَا हमारे मालों ने amwālunā
हमारे मालों ने وَأَهْلُونَا और हमारे घर वालों ने wa-ahlūnā
और हमारे घर वालों ने فَٱسْتَغْفِرْ पस बख़्शिश माँगिए fa-is'taghfir
पस बख़्शिश माँगिए لَنَا ۚ हमारे लिए lanā
हमारे लिए يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं بِأَلْسِنَتِهِم अपनी ज़बानों से bi-alsinatihim
अपनी ज़बानों से مَّا जो mā
जो لَيْسَ नहीं laysa
नहीं فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ ۚ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَمَن पस कौन faman
पस कौन يَمْلِكُ मालिक होगा yamliku
मालिक होगा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا किसी चीज़ क shayan
किसी चीज़ क إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ ضَرًّا किसी नुक़्सान का ḍarran
किसी नुक़्सान का أَوْ या aw
या أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ نَفْعًۢا ۚ किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का بَلْ बल्कि bal
बल्कि كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۢا पूरा बाख़बर khabīran
पूरा बाख़बर ١١ (11)
(11)
अनक़रीब कहेंगे لَكَ आपको laka
आपको ٱلْمُخَلَّفُونَ पीछे रहने वाले l-mukhalafūna
पीछे रहने वाले مِنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहाती/ बदवियों में से l-aʿrābi
देहाती/ बदवियों में से شَغَلَتْنَآ कि मश्ग़ूल कर लिया हमें shaghalatnā
कि मश्ग़ूल कर लिया हमें أَمْوَٰلُنَا हमारे मालों ने amwālunā
हमारे मालों ने وَأَهْلُونَا और हमारे घर वालों ने wa-ahlūnā
और हमारे घर वालों ने فَٱسْتَغْفِرْ पस बख़्शिश माँगिए fa-is'taghfir
पस बख़्शिश माँगिए لَنَا ۚ हमारे लिए lanā
हमारे लिए يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं بِأَلْسِنَتِهِم अपनी ज़बानों से bi-alsinatihim
अपनी ज़बानों से مَّا जो mā
जो لَيْسَ नहीं laysa
नहीं فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ ۚ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَمَن पस कौन faman
पस कौन يَمْلِكُ मालिक होगा yamliku
मालिक होगा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا किसी चीज़ क shayan
किसी चीज़ क إِنْ अगर in
अगर أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ ضَرًّا किसी नुक़्सान का ḍarran
किसी नुक़्सान का أَوْ या aw
या أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया بِكُمْ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ نَفْعًۢا ۚ किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का بَلْ बल्कि bal
बल्कि كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۢا पूरा बाख़बर khabīran
पूरा बाख़बर ١١ (11)
(11)
शीघ्र ही देहातियों में से पीछे छोड़ दिए जाने वाले1 लोग आपसे कहेंगे : हमारे धन और हमारे घरवालों ने हमें व्यस्त रखा। अतः आप हमारे लिए क्षमा की प्रार्थना करें। वे अपनी ज़बानों से वह बात कहते हैं, जो उनके दिलों में नहीं है। आप कह दीजिए कि कौन है, जो अल्लाह के मुकाबले में तुम्हारे लिए किसी चीज़ का अधिकार रखता है, यदि वह तुम्हें कोई हानि पहुँचाना चाहे या तुम्हें कोई लाभ पहुँचाने का इरादा करे? बल्कि तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह हमेशा से उसकी खबर रखता है।
४८:१२
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि ظَنَنتُمْ गुमान किया तुमने ẓanantum
गुमान किया तुमने أَن कि an
कि لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَنقَلِبَ पलट कर आऐंगे yanqaliba
पलट कर आऐंगे ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल وَٱلْمُؤْمِنُونَ और मोमिन wal-mu'minūna
और मोमिन إِلَىٰٓ to ilā
to أَهْلِيهِمْ तरफ़ अपने घर वालों के ahlīhim
तरफ़ अपने घर वालों के أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी وَزُيِّنَ और मुज़य्यन कर दी गई wazuyyina
और मुज़य्यन कर दी गई ذَٰلِكَ ये (बात) dhālika
ये (बात) فِى in fī
in قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों में qulūbikum
तुम्हारे दिलों में وَظَنَنتُمْ और गुमान किया तुमने waẓanantum
और गुमान किया तुमने ظَنَّ गुमान ẓanna
गुमान ٱلسَّوْءِ बुरा l-sawi
बुरा وَكُنتُمْ और हो तुम wakuntum
और हो तुम قَوْمًۢا लोग qawman
लोग بُورًۭا हलाक होने वाले būran
हलाक होने वाले ١٢ (12)
(12)
बल्कि ظَنَنتُمْ गुमान किया तुमने ẓanantum
गुमान किया तुमने أَن कि an
कि لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَنقَلِبَ पलट कर आऐंगे yanqaliba
पलट कर आऐंगे ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल وَٱلْمُؤْمِنُونَ और मोमिन wal-mu'minūna
और मोमिन إِلَىٰٓ to ilā
to أَهْلِيهِمْ तरफ़ अपने घर वालों के ahlīhim
तरफ़ अपने घर वालों के أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी وَزُيِّنَ और मुज़य्यन कर दी गई wazuyyina
और मुज़य्यन कर दी गई ذَٰلِكَ ये (बात) dhālika
ये (बात) فِى in fī
in قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों में qulūbikum
तुम्हारे दिलों में وَظَنَنتُمْ और गुमान किया तुमने waẓanantum
और गुमान किया तुमने ظَنَّ गुमान ẓanna
गुमान ٱلسَّوْءِ बुरा l-sawi
बुरा وَكُنتُمْ और हो तुम wakuntum
और हो तुम قَوْمًۢا लोग qawman
लोग بُورًۭا हलाक होने वाले būran
हलाक होने वाले ١٢ (12)
(12)
बल्कि, तुमने सोचा था कि रसूल और ईमान वाले अपने परिजनों की ओर कभी वापस ही नहीं आएँगे, और यह बात तुम्हारे दिलों में सुंदर बना दी गई। और तुमने बहुत बुरा गुमान किया, और तुम नाश होने वाले लोग थे।
४८:१३
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई لَّمْ ना lam
ना يُؤْمِنۢ वो ईमान लाया yu'min
वो ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर فَإِنَّآ तो बेशक हम fa-innā
तो बेशक हम أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए سَعِيرًۭا भड़कती हुई आग को saʿīran
भड़कती हुई आग को ١٣ (13)
(13)
और जो कोई لَّمْ ना lam
ना يُؤْمِنۢ वो ईमान लाया yu'min
वो ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर فَإِنَّآ तो बेशक हम fa-innā
तो बेशक हम أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए سَعِيرًۭا भड़कती हुई आग को saʿīran
भड़कती हुई आग को ١٣ (13)
(13)
और जो व्यक्ति अल्लाह तथा उसके रसूल पर ईमान न लाया, तो निश्चय हमने इनकार करने वालों के लिए दहकती हुई आग तैयार कर रखी है।
४८:१४
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की يَغْفِرُ वो बख़्श देगा yaghfiru
वो बख़्श देगा لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देगा wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देगा مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٤ (14)
(14)
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की يَغْفِرُ वो बख़्श देगा yaghfiru
वो बख़्श देगा لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देगा wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देगा مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٤ (14)
(14)
और आकाशों तथा धरती का राज्य अल्लाह ही के लिए है। वह जिसे चाहता है क्षमा कर देता है और जिसे चाहता है दंड देता है, और अल्लाह बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
४८:१५
سَيَقُولُ
अनक़रीब कहेंगे
sayaqūlu
अनक़रीब कहेंगे ٱلْمُخَلَّفُونَ पीछे रहने वाले l-mukhalafūna
पीछे रहने वाले إِذَا जब idhā
जब ٱنطَلَقْتُمْ चलोगे तुम inṭalaqtum
चलोगे तुम إِلَىٰ towards ilā
towards مَغَانِمَ तरफ़ ग़नीमतों के maghānima
तरफ़ ग़नीमतों के لِتَأْخُذُوهَا ताकि तुम ले सको उन्हें litakhudhūhā
ताकि तुम ले सको उन्हें ذَرُونَا छोड़ दो हमें dharūnā
छोड़ दो हमें نَتَّبِعْكُمْ ۖ हम पीछे चलें तुम्हारे nattabiʿ'kum
हम पीछे चलें तुम्हारे يُرِيدُونَ वो चाहते है yurīdūna
वो चाहते है أَن कि an
कि يُبَدِّلُوا۟ वो बदल डालें yubaddilū
वो बदल डालें كَلَـٰمَ कलाम kalāma
कलाम ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَتَّبِعُونَا तुम पीछे आओगे हमारे tattabiʿūnā
तुम पीछे आओगे हमारे كَذَٰلِكُمْ इसी तरह kadhālikum
इसी तरह قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن before min
before قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले فَسَيَقُولُونَ पस ज़रूर वो कहेंगे fasayaqūlūna
पस ज़रूर वो कहेंगे بَلْ बल्कि bal
बल्कि تَحْسُدُونَنَا ۚ तुम हसद करते हो हम से taḥsudūnanā
तुम हसद करते हो हम से بَلْ बल्कि bal
बल्कि كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो لَا not lā
not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत कम qalīlan
बहुत कम ١٥ (15)
(15)
अनक़रीब कहेंगे ٱلْمُخَلَّفُونَ पीछे रहने वाले l-mukhalafūna
पीछे रहने वाले إِذَا जब idhā
जब ٱنطَلَقْتُمْ चलोगे तुम inṭalaqtum
चलोगे तुम إِلَىٰ towards ilā
towards مَغَانِمَ तरफ़ ग़नीमतों के maghānima
तरफ़ ग़नीमतों के لِتَأْخُذُوهَا ताकि तुम ले सको उन्हें litakhudhūhā
ताकि तुम ले सको उन्हें ذَرُونَا छोड़ दो हमें dharūnā
छोड़ दो हमें نَتَّبِعْكُمْ ۖ हम पीछे चलें तुम्हारे nattabiʿ'kum
हम पीछे चलें तुम्हारे يُرِيدُونَ वो चाहते है yurīdūna
वो चाहते है أَن कि an
कि يُبَدِّلُوا۟ वो बदल डालें yubaddilū
वो बदल डालें كَلَـٰمَ कलाम kalāma
कलाम ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَتَّبِعُونَا तुम पीछे आओगे हमारे tattabiʿūnā
तुम पीछे आओगे हमारे كَذَٰلِكُمْ इसी तरह kadhālikum
इसी तरह قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن before min
before قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले فَسَيَقُولُونَ पस ज़रूर वो कहेंगे fasayaqūlūna
पस ज़रूर वो कहेंगे بَلْ बल्कि bal
बल्कि تَحْسُدُونَنَا ۚ तुम हसद करते हो हम से taḥsudūnanā
तुम हसद करते हो हम से بَلْ बल्कि bal
बल्कि كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो لَا not lā
not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत कम qalīlan
बहुत कम ١٥ (15)
(15)
शीघ्र ही पीछे छोड़ दिए जाने वाले लोग कहेंगे, जब तुम कुछ ग़नीमतों को प्राप्त करने के लिए चलोगे : हमें छोड़ो कि हम तुम्हारे साथ चलें।1 वे चाहते हैं कि अल्लाह के वचन को बदल दें। आप कह दें : तुम हमारे साथ कभी नहीं जाओगे, इसी तरह अल्लाह ने पहले ही कह दिया है। तो वे अवश्य कहेंगे : बल्कि तुम हमसे जलते हो। बल्कि वे बहुत कम समझते हैं।
४८:१६
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لِّلْمُخَلَّفِينَ पीछे रहने वालों से lil'mukhallafīna
पीछे रहने वालों से مِنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहाती /बदवियों में से l-aʿrābi
देहाती /बदवियों में से سَتُدْعَوْنَ अनक़रीब तुम बुलाए जाओगे satud'ʿawna
अनक़रीब तुम बुलाए जाओगे إِلَىٰ to ilā
to قَوْمٍ तरफ़ एक क़ौम के qawmin
तरफ़ एक क़ौम के أُو۟لِى possessors of military might ulī
possessors of military might بَأْسٍۢ possessors of military might basin
possessors of military might شَدِيدٍۢ सख़्त जंगजू/ लड़ने वाली shadīdin
सख़्त जंगजू/ लड़ने वाली تُقَـٰتِلُونَهُمْ तुम जंग करोगे उनसे tuqātilūnahum
तुम जंग करोगे उनसे أَوْ या aw
या يُسْلِمُونَ ۖ वो मुसलमान हो जाऐंगे yus'limūna
वो मुसलमान हो जाऐंगे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تُطِيعُوا۟ तुम इताअत करोगे tuṭīʿū
तुम इताअत करोगे يُؤْتِكُمُ देगा तुम्हें yu'tikumu
देगा तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَجْرًا अजर ajran
अजर حَسَنًۭا ۖ अच्छा ḥasanan
अच्छा وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَتَوَلَّوْا۟ तुम मुँह मोड़ गए tatawallaw
तुम मुँह मोड़ गए كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि تَوَلَّيْتُم तुमने मुँह मोड़ा था tawallaytum
तुमने मुँह मोड़ा था مِّن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले يُعَذِّبْكُمْ वो अज़ाब देगा तुम्हें yuʿadhib'kum
वो अज़ाब देगा तुम्हें عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٦ (16)
(16)
कह दीजिए لِّلْمُخَلَّفِينَ पीछे रहने वालों से lil'mukhallafīna
पीछे रहने वालों से مِنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहाती /बदवियों में से l-aʿrābi
देहाती /बदवियों में से سَتُدْعَوْنَ अनक़रीब तुम बुलाए जाओगे satud'ʿawna
अनक़रीब तुम बुलाए जाओगे إِلَىٰ to ilā
to قَوْمٍ तरफ़ एक क़ौम के qawmin
तरफ़ एक क़ौम के أُو۟لِى possessors of military might ulī
possessors of military might بَأْسٍۢ possessors of military might basin
possessors of military might شَدِيدٍۢ सख़्त जंगजू/ लड़ने वाली shadīdin
सख़्त जंगजू/ लड़ने वाली تُقَـٰتِلُونَهُمْ तुम जंग करोगे उनसे tuqātilūnahum
तुम जंग करोगे उनसे أَوْ या aw
या يُسْلِمُونَ ۖ वो मुसलमान हो जाऐंगे yus'limūna
वो मुसलमान हो जाऐंगे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تُطِيعُوا۟ तुम इताअत करोगे tuṭīʿū
तुम इताअत करोगे يُؤْتِكُمُ देगा तुम्हें yu'tikumu
देगा तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَجْرًا अजर ajran
अजर حَسَنًۭا ۖ अच्छा ḥasanan
अच्छा وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَتَوَلَّوْا۟ तुम मुँह मोड़ गए tatawallaw
तुम मुँह मोड़ गए كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि تَوَلَّيْتُم तुमने मुँह मोड़ा था tawallaytum
तुमने मुँह मोड़ा था مِّن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले يُعَذِّبْكُمْ वो अज़ाब देगा तुम्हें yuʿadhib'kum
वो अज़ाब देगा तुम्हें عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٦ (16)
(16)
आप पीछे रह जाने वाले बद्दुओं से कह दें : जल्द ही तुम एक भयंकर युद्ध करने वाली जाति (से युद्ध) की ओर1 बुलाए जाओगे। तुम उनसे युद्ध करोगे, या वे मुसलमान बन जाएँगे। फिर यदि तुम आज्ञा का पालन करोगे, तो अल्लाह तुम्हें उत्तम प्रतिफल प्रदान करेगा और यदि तुम फिर जाओगे, जैसे तुम इससे पहले फिर गए थे, तो वह तुम्हें दर्दनाक यातना देगा।
४८:१७
لَّيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْأَعْمَىٰ अंधे पर l-aʿmā
अंधे पर حَرَجٌۭ कोई गुनाह ḥarajun
कोई गुनाह وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلْأَعْرَجِ लंगड़े पर l-aʿraji
लंगड़े पर حَرَجٌۭ कोई गुनाह ḥarajun
कोई गुनाह وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلْمَرِيضِ मरीज़ पर l-marīḍi
मरीज़ पर حَرَجٌۭ ۗ कोई गुनाह ḥarajun
कोई गुनाह وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की يُدْخِلْهُ वो दाख़िल करेगा उसे yud'khil'hu
वो दाख़िल करेगा उसे جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَلَّ मुँह फेरेगा yatawalla
मुँह फेरेगा يُعَذِّبْهُ वो अज़ाब देगा उसे yuʿadhib'hu
वो अज़ाब देगा उसे عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٧ (17)
(17)
नहीं है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْأَعْمَىٰ अंधे पर l-aʿmā
अंधे पर حَرَجٌۭ कोई गुनाह ḥarajun
कोई गुनाह وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلْأَعْرَجِ लंगड़े पर l-aʿraji
लंगड़े पर حَرَجٌۭ कोई गुनाह ḥarajun
कोई गुनाह وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلْمَرِيضِ मरीज़ पर l-marīḍi
मरीज़ पर حَرَجٌۭ ۗ कोई गुनाह ḥarajun
कोई गुनाह وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की يُدْخِلْهُ वो दाख़िल करेगा उसे yud'khil'hu
वो दाख़िल करेगा उसे جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَلَّ मुँह फेरेगा yatawalla
मुँह फेरेगा يُعَذِّبْهُ वो अज़ाब देगा उसे yuʿadhib'hu
वो अज़ाब देगा उसे عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٧ (17)
(17)
न अंधे पर कोई दोष1 है और न लंगड़े पर कोई दोष है और न रोगी पर कोई दोष है। तथा जो अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करेगा, वह उसे ऐसे बाग़ों में दाख़िल करेगा, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। और जो मुँह फेरेगा, वह उसे दर्दनाक यातना देगा।
४८:१८
۞ لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ رَضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنِ with ʿani
with ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों से l-mu'minīna
मोमिनों से إِذْ जब idh
जब يُبَايِعُونَكَ वो बैअत कर रहे थे आपसे yubāyiʿūnaka
वो बैअत कर रहे थे आपसे تَحْتَ नीचे taḥta
नीचे ٱلشَّجَرَةِ दरख़्त के l-shajarati
दरख़्त के فَعَلِمَ तो उसने जान लिया faʿalima
तो उसने जान लिया مَا जो mā
जो فِى (was) in fī
(was) in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में था qulūbihim
उनके दिलों में था فَأَنزَلَ तो उसने उतारी fa-anzala
तो उसने उतारी ٱلسَّكِينَةَ सकीनत /तस्कीन l-sakīnata
सकीनत /तस्कीन عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَثَـٰبَهُمْ और अता की उन्हें wa-athābahum
और अता की उन्हें فَتْحًۭا फ़तह fatḥan
फ़तह قَرِيبًۭا क़रीबी qarīban
क़रीबी ١٨ (18)
(18)
अलबत्ता तहक़ीक़ رَضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنِ with ʿani
with ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों से l-mu'minīna
मोमिनों से إِذْ जब idh
जब يُبَايِعُونَكَ वो बैअत कर रहे थे आपसे yubāyiʿūnaka
वो बैअत कर रहे थे आपसे تَحْتَ नीचे taḥta
नीचे ٱلشَّجَرَةِ दरख़्त के l-shajarati
दरख़्त के فَعَلِمَ तो उसने जान लिया faʿalima
तो उसने जान लिया مَا जो mā
जो فِى (was) in fī
(was) in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में था qulūbihim
उनके दिलों में था فَأَنزَلَ तो उसने उतारी fa-anzala
तो उसने उतारी ٱلسَّكِينَةَ सकीनत /तस्कीन l-sakīnata
सकीनत /तस्कीन عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَثَـٰبَهُمْ और अता की उन्हें wa-athābahum
और अता की उन्हें فَتْحًۭا फ़तह fatḥan
फ़तह قَرِيبًۭا क़रीबी qarīban
क़रीबी ١٨ (18)
(18)
निःसंदेह अल्लाह ईमान वालों से प्रसन्न हो गया, जब वे वृक्ष के नीचे आपसे बैअत कर रहे थे। तो उसने जान लिया जो कुछ उनके दिलों में था। अतः उनपर शांति उतार दी और उन्हें बदले में एक निकट विजय1 प्रदान की।
४८:१९
وَمَغَانِمَ
और ग़नीमतें
wamaghānima
और ग़नीमतें كَثِيرَةًۭ बहुत सी kathīratan
बहुत सी يَأْخُذُونَهَا ۗ वो हासिल करेंगे जिन्हें yakhudhūnahā
वो हासिल करेंगे जिन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٩ (19)
(19)
और ग़नीमतें كَثِيرَةًۭ बहुत सी kathīratan
बहुत सी يَأْخُذُونَهَا ۗ वो हासिल करेंगे जिन्हें yakhudhūnahā
वो हासिल करेंगे जिन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٩ (19)
(19)
तथा बहुत-से ग़नीमत के धन, जिन्हें वे प्राप्त करेंगे और अल्लाह हमेशा से सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
४८:२०
وَعَدَكُمُ
वादा किया तुमसे
waʿadakumu
वादा किया तुमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَغَانِمَ ग़नीमतों का maghānima
ग़नीमतों का كَثِيرَةًۭ बहुत सी kathīratan
बहुत सी تَأْخُذُونَهَا तुम हासिल करोगे जिन्हें takhudhūnahā
तुम हासिल करोगे जिन्हें فَعَجَّلَ तो उसने जल्दी दी faʿajjala
तो उसने जल्दी दी لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये وَكَفَّ और उसने रोक दिए wakaffa
और उसने रोक दिए أَيْدِىَ हाथ aydiya
हाथ ٱلنَّاسِ लोगों क l-nāsi
लोगों क عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से وَلِتَكُونَ और ताकि वो हो जाए walitakūna
और ताकि वो हो जाए ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के लिए lil'mu'minīna
मोमिनों के लिए وَيَهْدِيَكُمْ और वो हिदायत दे तुम्हें wayahdiyakum
और वो हिदायत दे तुम्हें صِرَٰطًۭا (तरफ़) रास्ते ṣirāṭan
(तरफ़) रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे के mus'taqīman
सीधे के ٢٠ (20)
(20)
वादा किया तुमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَغَانِمَ ग़नीमतों का maghānima
ग़नीमतों का كَثِيرَةًۭ बहुत सी kathīratan
बहुत सी تَأْخُذُونَهَا तुम हासिल करोगे जिन्हें takhudhūnahā
तुम हासिल करोगे जिन्हें فَعَجَّلَ तो उसने जल्दी दी faʿajjala
तो उसने जल्दी दी لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये وَكَفَّ और उसने रोक दिए wakaffa
और उसने रोक दिए أَيْدِىَ हाथ aydiya
हाथ ٱلنَّاسِ लोगों क l-nāsi
लोगों क عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से وَلِتَكُونَ और ताकि वो हो जाए walitakūna
और ताकि वो हो जाए ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के लिए lil'mu'minīna
मोमिनों के लिए وَيَهْدِيَكُمْ और वो हिदायत दे तुम्हें wayahdiyakum
और वो हिदायत दे तुम्हें صِرَٰطًۭا (तरफ़) रास्ते ṣirāṭan
(तरफ़) रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे के mus'taqīman
सीधे के ٢٠ (20)
(20)
अल्लाह ने तुमसे बहुत-सी ग़नीमतों का वादा किया है, जिन्हें तुम प्राप्त करोगे। फिर उसने तुम्हें यह जल्दी प्रदान कर दी। तथा लोगों के हाथ तुमसे रोक दिए और ताकि1 यह ईमान वालों के लिए एक निशानी बन जाए और (ताकि) वह तुम्हें सीधी राह पर चलाए।
४८:२१
وَأُخْرَىٰ
और दूसरी (ग़नीमतें )
wa-ukh'rā
और दूसरी (ग़नीमतें ) لَمْ नहीं lam
नहीं تَقْدِرُوا۟ तुम क़ादिर हो taqdirū
तुम क़ादिर हो عَلَيْهَا जिन पर ʿalayhā
जिन पर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَحَاطَ घेर रखा है aḥāṭa
घेर रखा है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَا ۚ उन्हें bihā
उन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرًۭا ख़ूब क़ुदरत रखने वाला qadīran
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला ٢١ (21)
(21)
और दूसरी (ग़नीमतें ) لَمْ नहीं lam
नहीं تَقْدِرُوا۟ तुम क़ादिर हो taqdirū
तुम क़ादिर हो عَلَيْهَا जिन पर ʿalayhā
जिन पर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَحَاطَ घेर रखा है aḥāṭa
घेर रखा है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَا ۚ उन्हें bihā
उन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرًۭا ख़ूब क़ुदरत रखने वाला qadīran
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला ٢١ (21)
(21)
तथा कई अन्य (ग़नीमतों का भी), जिन्हें तुम प्राप्त करने में सक्षम नहीं हुए। निश्चय अल्लाह ने उन्हें घेर रखा है। तथा अल्लाह हमेशा से हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
४८:२२
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर قَـٰتَلَكُمُ जंग करते तुमसे qātalakumu
जंग करते तुमसे ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوَلَّوُا۟ अलबत्ता वो फेर लेते lawallawū
अलबत्ता वो फेर लेते ٱلْأَدْبَـٰرَ पुश्तें l-adbāra
पुश्तें ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يَجِدُونَ ना वो पाते yajidūna
ना वो पाते وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٢٢ (22)
(22)
और अगर قَـٰتَلَكُمُ जंग करते तुमसे qātalakumu
जंग करते तुमसे ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوَلَّوُا۟ अलबत्ता वो फेर लेते lawallawū
अलबत्ता वो फेर लेते ٱلْأَدْبَـٰرَ पुश्तें l-adbāra
पुश्तें ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يَجِدُونَ ना वो पाते yajidūna
ना वो पाते وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٢٢ (22)
(22)
और यदि काफ़िर1 लोग तुमसे युद्ध करते, तो अवश्य पीठ फेर जाते, फिर न उन्हें कोई समर्थक मिलेगा और न कोई सहायक।
४८:२३
سُنَّةَ
तरीक़ा
sunnata
तरीक़ा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ वो गुज़र चुका khalat
वो गुज़र चुका مِن before min
before قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لِسُنَّةِ तरीक़े को lisunnati
तरीक़े को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تَبْدِيلًۭا बदलने वाला tabdīlan
बदलने वाला ٢٣ (23)
(23)
तरीक़ा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ वो गुज़र चुका khalat
वो गुज़र चुका مِن before min
before قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لِسُنَّةِ तरीक़े को lisunnati
तरीक़े को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تَبْدِيلًۭا बदलने वाला tabdīlan
बदलने वाला ٢٣ (23)
(23)
अल्लाह के उस नियम के अनुसार जो पहले से चला आ रहा है, तथा आप अल्लाह के नियम में कदापि कोई बदलाव नहीं पाएँगे।
४८:२४
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने كَفَّ रोक दिया kaffa
रोक दिया أَيْدِيَهُمْ उनके हाथों को aydiyahum
उनके हाथों को عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से وَأَيْدِيَكُمْ और तुम्हारे हाथों को wa-aydiyakum
और तुम्हारे हाथों को عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे بِبَطْنِ वादी में bibaṭni
वादी में مَكَّةَ मक्का की makkata
मक्का की مِنۢ after min
after بَعْدِ उसके बाद baʿdi
उसके बाद أَنْ कि an
कि أَظْفَرَكُمْ उसने कामयाब किया तुम्हें aẓfarakum
उसने कामयाब किया तुम्हें عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرًا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٢٤ (24)
(24)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने كَفَّ रोक दिया kaffa
रोक दिया أَيْدِيَهُمْ उनके हाथों को aydiyahum
उनके हाथों को عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से وَأَيْدِيَكُمْ और तुम्हारे हाथों को wa-aydiyakum
और तुम्हारे हाथों को عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे بِبَطْنِ वादी में bibaṭni
वादी में مَكَّةَ मक्का की makkata
मक्का की مِنۢ after min
after بَعْدِ उसके बाद baʿdi
उसके बाद أَنْ कि an
कि أَظْفَرَكُمْ उसने कामयाब किया तुम्हें aẓfarakum
उसने कामयाब किया तुम्हें عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرًا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٢٤ (24)
(24)
तथा वही है जिसने मक्का की वादी में उनके हाथों को तुमसे तथा तुम्हारे हाथों को उनसे रोक दिया1, इसके बाद कि वह तुम्हें उनपर विजय दिला चुका था। और जो कुछ तुम करते हो, अल्लाह उसे हमेशा से खूब देखने वाला है।
४८:२५
هُمُ
वो ही हैं
humu
वो ही हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَصَدُّوكُمْ और उन्होंने रोका तुम्हें waṣaddūkum
और उन्होंने रोका तुम्हें عَنِ from ʿani
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid Al-Haraam l-masjidi
Al-Masjid Al-Haraam ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से وَٱلْهَدْىَ और क़ुर्बानी के जानवरों को wal-hadya
और क़ुर्बानी के जानवरों को مَعْكُوفًا जो रोके हुए थे maʿkūfan
जो रोके हुए थे أَن कि an
कि يَبْلُغَ वो पहुँचें yablugha
वो पहुँचें مَحِلَّهُۥ ۚ अपनी हलाल गाह को maḥillahu
अपनी हलाल गाह को وَلَوْلَا और अगर ना होते walawlā
और अगर ना होते رِجَالٌۭ कुछ मर्द rijālun
कुछ मर्द مُّؤْمِنُونَ मोमिन mu'minūna
मोमिन وَنِسَآءٌۭ और औरतें wanisāon
और औरतें مُّؤْمِنَـٰتٌۭ मोमिन mu'minātun
मोमिन لَّمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوهُمْ तुम जानते उन्हें taʿlamūhum
तुम जानते उन्हें أَن कि an
कि تَطَـُٔوهُمْ तुम पामाल कर दोगे उन्हें taṭaūhum
तुम पामाल कर दोगे उन्हें فَتُصِيبَكُم फिर पहुँचती तुम्हें fatuṣībakum
फिर पहुँचती तुम्हें مِّنْهُم उन(की वजह) से min'hum
उन(की वजह) से مَّعَرَّةٌۢ कोई तक्लीफ़ maʿarratun
कोई तक्लीफ़ بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ ۖ इल्म के ʿil'min
इल्म के لِّيُدْخِلَ ताकि दाख़िल करे liyud'khila
ताकि दाख़िल करे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى to fī
to رَحْمَتِهِۦ अपनी रहमत में raḥmatihi
अपनी रहमत में مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहे yashāu
वो चाहे لَوْ अगर law
अगर تَزَيَّلُوا۟ वो अलग हो गए होते tazayyalū
वो अलग हो गए होते لَعَذَّبْنَا अलबत्ता अज़ाब देते हम laʿadhabnā
अलबत्ता अज़ाब देते हम ٱلَّذِينَ उन लोगों को जिन्होंने alladhīna
उन लोगों को जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ٢٥ (25)
(25)
वो ही हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَصَدُّوكُمْ और उन्होंने रोका तुम्हें waṣaddūkum
और उन्होंने रोका तुम्हें عَنِ from ʿani
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid Al-Haraam l-masjidi
Al-Masjid Al-Haraam ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से وَٱلْهَدْىَ और क़ुर्बानी के जानवरों को wal-hadya
और क़ुर्बानी के जानवरों को مَعْكُوفًا जो रोके हुए थे maʿkūfan
जो रोके हुए थे أَن कि an
कि يَبْلُغَ वो पहुँचें yablugha
वो पहुँचें مَحِلَّهُۥ ۚ अपनी हलाल गाह को maḥillahu
अपनी हलाल गाह को وَلَوْلَا और अगर ना होते walawlā
और अगर ना होते رِجَالٌۭ कुछ मर्द rijālun
कुछ मर्द مُّؤْمِنُونَ मोमिन mu'minūna
मोमिन وَنِسَآءٌۭ और औरतें wanisāon
और औरतें مُّؤْمِنَـٰتٌۭ मोमिन mu'minātun
मोमिन لَّمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوهُمْ तुम जानते उन्हें taʿlamūhum
तुम जानते उन्हें أَن कि an
कि تَطَـُٔوهُمْ तुम पामाल कर दोगे उन्हें taṭaūhum
तुम पामाल कर दोगे उन्हें فَتُصِيبَكُم फिर पहुँचती तुम्हें fatuṣībakum
फिर पहुँचती तुम्हें مِّنْهُم उन(की वजह) से min'hum
उन(की वजह) से مَّعَرَّةٌۢ कोई तक्लीफ़ maʿarratun
कोई तक्लीफ़ بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ ۖ इल्म के ʿil'min
इल्म के لِّيُدْخِلَ ताकि दाख़िल करे liyud'khila
ताकि दाख़िल करे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى to fī
to رَحْمَتِهِۦ अपनी रहमत में raḥmatihi
अपनी रहमत में مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहे yashāu
वो चाहे لَوْ अगर law
अगर تَزَيَّلُوا۟ वो अलग हो गए होते tazayyalū
वो अलग हो गए होते لَعَذَّبْنَا अलबत्ता अज़ाब देते हम laʿadhabnā
अलबत्ता अज़ाब देते हम ٱلَّذِينَ उन लोगों को जिन्होंने alladhīna
उन लोगों को जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ٢٥ (25)
(25)
ये वही लोग हैं, जिन्होंने कुफ़्र किया और तुम्हें मस्जिदे-ह़राम से रोका तथा क़ुर्बानी के बंधे हुए जानवरों को भी इससे रोका कि वे अपने ज़बह होने के स्थान पर पहुँचें। और यदि यह बात न होती कि तुम कुछ मुसलमान पुरुषों तथा कुछ मुसलमान स्त्रियों को, जिन्हें तुम नहीं जानते, रौंद डालोगे, तो तुमपर अनजाने में उनके कारण दोष आ जाएगा1 (तो उनपर आक्रमण कर दिया जाता); ताकि अल्लाह जिसे चाहे, अपनी दया में दाख़िल करे। यदि वे (मुसलमान एवं काफ़िर) अलग-अगल हो गए होते, तो हम अवश्य उनमें से कुफ़्र करने वालों को दर्दनाक यातना देते।
४८:२६
إِذْ
जब
idh
जब جَعَلَ रख लिया jaʿala
रख लिया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فِى in fī
in قُلُوبِهِمُ अपने दिलों में qulūbihimu
अपने दिलों में ٱلْحَمِيَّةَ हमीयत(ज़िद) को l-ḥamiyata
हमीयत(ज़िद) को حَمِيَّةَ (जैसे) हमीयत ḥamiyyata
(जैसे) हमीयत ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ जाहिलियत की l-jāhiliyati
जाहिलियत की فَأَنزَلَ तो नाज़िल की fa-anzala
तो नाज़िल की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَكِينَتَهُۥ सकीनत अपनी sakīnatahu
सकीनत अपनी عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَسُولِهِۦ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَعَلَى and upon waʿalā
and upon ٱلْمُؤْمِنِينَ और मोमिनों पर l-mu'minīna
और मोमिनों पर وَأَلْزَمَهُمْ और उसने लाज़िम कर दी उन पर wa-alzamahum
और उसने लाज़िम कर दी उन पर كَلِمَةَ बात kalimata
बात ٱلتَّقْوَىٰ तक़्वा की l-taqwā
तक़्वा की وَكَانُوٓا۟ और थे वो wakānū
और थे वो أَحَقَّ ज़्यादा हक़दार aḥaqqa
ज़्यादा हक़दार بِهَا उसके bihā
उसके وَأَهْلَهَا ۚ और अहल उसके wa-ahlahā
और अहल उसके وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٢٦ (26)
(26)
जब جَعَلَ रख लिया jaʿala
रख लिया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فِى in fī
in قُلُوبِهِمُ अपने दिलों में qulūbihimu
अपने दिलों में ٱلْحَمِيَّةَ हमीयत(ज़िद) को l-ḥamiyata
हमीयत(ज़िद) को حَمِيَّةَ (जैसे) हमीयत ḥamiyyata
(जैसे) हमीयत ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ जाहिलियत की l-jāhiliyati
जाहिलियत की فَأَنزَلَ तो नाज़िल की fa-anzala
तो नाज़िल की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَكِينَتَهُۥ सकीनत अपनी sakīnatahu
सकीनत अपनी عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَسُولِهِۦ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَعَلَى and upon waʿalā
and upon ٱلْمُؤْمِنِينَ और मोमिनों पर l-mu'minīna
और मोमिनों पर وَأَلْزَمَهُمْ और उसने लाज़िम कर दी उन पर wa-alzamahum
और उसने लाज़िम कर दी उन पर كَلِمَةَ बात kalimata
बात ٱلتَّقْوَىٰ तक़्वा की l-taqwā
तक़्वा की وَكَانُوٓا۟ और थे वो wakānū
और थे वो أَحَقَّ ज़्यादा हक़दार aḥaqqa
ज़्यादा हक़दार بِهَا उसके bihā
उसके وَأَهْلَهَا ۚ और अहल उसके wa-ahlahā
और अहल उसके وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٢٦ (26)
(26)
जब काफ़िरों ने अपने दिलों में हठ कर लिया, जाहिलिय्यत (पूर्व-इस्लामी युग) का हठ, तो अल्लाह ने अपने रसूल पर और ईमान वालों पर अपनी शांति उतार दी और उन्हें परहेज़गारी की बात1 पर सुदृढ़ कर दिया। तथा वे उसके अधिक हक़दार और उसके योग्य थे। और अल्लाह सदैव हर चीज़ को भली-भाँति जानने वाला है।
४८:२७
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ صَدَقَ सच्ची ख़बर दी ṣadaqa
सच्ची ख़बर दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने رَسُولَهُ अपने रसूल को rasūlahu
अपने रसूल को ٱلرُّءْيَا ख़्वाब में l-ru'yā
ख़्वाब में بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لَتَدْخُلُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर दाख़िल होगे latadkhulunna
अलबत्ता तुम ज़रूर दाख़िल होगे ٱلْمَسْجِدَ मस्जिदे l-masjida
मस्जिदे ٱلْحَرَامَ हराम में l-ḥarāma
हराम में إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ءَامِنِينَ अमन की हालत में āminīna
अमन की हालत में مُحَلِّقِينَ मुंडवाए हुए muḥalliqīna
मुंडवाए हुए رُءُوسَكُمْ अपने सिरों को ruūsakum
अपने सिरों को وَمُقَصِّرِينَ और तरशवाए हुए wamuqaṣṣirīna
और तरशवाए हुए لَا not lā
not تَخَافُونَ ۖ नहीं तुम्हें ख़ौफ़ होगा takhāfūna
नहीं तुम्हें ख़ौफ़ होगा فَعَلِمَ तो उसने जान लिया faʿalima
तो उसने जान लिया مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوا۟ तुम जानते थे taʿlamū
तुम जानते थे فَجَعَلَ तो उसने कर दी fajaʿala
तो उसने कर दी مِن besides min
besides دُونِ अलावा dūni
अलावा ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके فَتْحًۭا फ़तह fatḥan
फ़तह قَرِيبًا क़रीबी qarīban
क़रीबी ٢٧ (27)
(27)
अलबत्ता तहक़ीक़ صَدَقَ सच्ची ख़बर दी ṣadaqa
सच्ची ख़बर दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने رَسُولَهُ अपने रसूल को rasūlahu
अपने रसूल को ٱلرُّءْيَا ख़्वाब में l-ru'yā
ख़्वाब में بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لَتَدْخُلُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर दाख़िल होगे latadkhulunna
अलबत्ता तुम ज़रूर दाख़िल होगे ٱلْمَسْجِدَ मस्जिदे l-masjida
मस्जिदे ٱلْحَرَامَ हराम में l-ḥarāma
हराम में إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ءَامِنِينَ अमन की हालत में āminīna
अमन की हालत में مُحَلِّقِينَ मुंडवाए हुए muḥalliqīna
मुंडवाए हुए رُءُوسَكُمْ अपने सिरों को ruūsakum
अपने सिरों को وَمُقَصِّرِينَ और तरशवाए हुए wamuqaṣṣirīna
और तरशवाए हुए لَا not lā
not تَخَافُونَ ۖ नहीं तुम्हें ख़ौफ़ होगा takhāfūna
नहीं तुम्हें ख़ौफ़ होगा فَعَلِمَ तो उसने जान लिया faʿalima
तो उसने जान लिया مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوا۟ तुम जानते थे taʿlamū
तुम जानते थे فَجَعَلَ तो उसने कर दी fajaʿala
तो उसने कर दी مِن besides min
besides دُونِ अलावा dūni
अलावा ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके فَتْحًۭا फ़तह fatḥan
फ़तह قَرِيبًا क़रीबी qarīban
क़रीबी ٢٧ (27)
(27)
निःसंदेह अल्लाह ने अपने रसूल को हक़ के साथ सच्चा सपना दिखाया कि यदि अल्लाह ने चाहा तो तुम अवश्य मस्जिदे-ह़राम में प्रवेश करोगे, सुरक्षित होकर, अपने सिर मुँडाते तथा बाल कतरवाते हुए, तुम्हें किसी प्रकार का भय नहीं होगा।1 तो उसने वह बात जान ली जो तुमने नहीं जानी। इसिलए उससे पहले एक निकट विजय2 रख दी।
४८:२८
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा رَسُولَهُۥ अपने रसूल को rasūlahu
अपने रसूल को بِٱلْهُدَىٰ साथ हिदायत bil-hudā
साथ हिदायत وَدِينِ and (the) religion wadīni
and (the) religion ٱلْحَقِّ और दीने हक़ के l-ḥaqi
और दीने हक़ के لِيُظْهِرَهُۥ ताकि वो ग़ालिब कर दे liyuẓ'hirahu
ताकि वो ग़ालिब कर दे عَلَى over ʿalā
over ٱلدِّينِ ऊपर दीन l-dīni
ऊपर दीन كُلِّهِۦ ۚ तमाम उसके kullihi
तमाम उसके وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ٢٨ (28)
(28)
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा رَسُولَهُۥ अपने रसूल को rasūlahu
अपने रसूल को بِٱلْهُدَىٰ साथ हिदायत bil-hudā
साथ हिदायत وَدِينِ and (the) religion wadīni
and (the) religion ٱلْحَقِّ और दीने हक़ के l-ḥaqi
और दीने हक़ के لِيُظْهِرَهُۥ ताकि वो ग़ालिब कर दे liyuẓ'hirahu
ताकि वो ग़ालिब कर दे عَلَى over ʿalā
over ٱلدِّينِ ऊपर दीन l-dīni
ऊपर दीन كُلِّهِۦ ۚ तमाम उसके kullihi
तमाम उसके وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ٢٨ (28)
(28)
वही है जिसने अपने रसूल को मार्गदर्शन तथा सत्य धर्म (इस्लाम) के साथ भेजा, ताकि उसे प्रत्येक धर्म पर प्रभुत्व प्रदान कर दे। और गवाह के तौर पर अल्लाह काफ़ी है।
४८:२९
مُّحَمَّدٌۭ
मोहम्मद
muḥammadun
मोहम्मद رَّسُولُ रसूल हैं rasūlu
रसूल हैं ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो مَعَهُۥٓ साथ हैं उनके maʿahu
साथ हैं उनके أَشِدَّآءُ सख़्त हैं ashiddāu
सख़्त हैं عَلَى against ʿalā
against ٱلْكُفَّارِ काफ़िरों पर l-kufāri
काफ़िरों पर رُحَمَآءُ मेहरबान हैं ruḥamāu
मेहरबान हैं بَيْنَهُمْ ۖ आपस में baynahum
आपस में تَرَىٰهُمْ आप देखेंगे उन्हें tarāhum
आप देखेंगे उन्हें رُكَّعًۭا रुकूअ करते हुए rukkaʿan
रुकूअ करते हुए سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए يَبْتَغُونَ वो तलाश करते हैं yabtaghūna
वो तलाश करते हैं فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّنَ from Allah mina
from Allah ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرِضْوَٰنًۭا ۖ और रज़ामंदी wariḍ'wānan
और रज़ामंदी سِيمَاهُمْ अलामत उनकी sīmāhum
अलामत उनकी فِى (is) on fī
(is) on وُجُوهِهِم उनके चेहरों में है wujūhihim
उनके चेहरों में है مِّنْ from min
from أَثَرِ (the) trace athari
(the) trace ٱلسُّجُودِ ۚ सजदों के असर से l-sujūdi
सजदों के असर से ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है مَثَلُهُمْ मिसाल उनकी mathaluhum
मिसाल उनकी فِى in fī
in ٱلتَّوْرَىٰةِ ۚ तौरात में l-tawrāti
तौरात में وَمَثَلُهُمْ और मिसाल उनकी wamathaluhum
और मिसाल उनकी فِى in fī
in ٱلْإِنجِيلِ इन्जील में l-injīli
इन्जील में كَزَرْعٍ मानिन्द एक खेती के kazarʿin
मानिन्द एक खेती के أَخْرَجَ जिसने निकाली akhraja
जिसने निकाली شَطْـَٔهُۥ कोंपल अपनी shaṭahu
कोंपल अपनी فَـَٔازَرَهُۥ फिर उसने मज़बूत किया उसको faāzarahu
फिर उसने मज़बूत किया उसको فَٱسْتَغْلَظَ फिर वो सख़्त हो गई fa-is'taghlaẓa
फिर वो सख़्त हो गई فَٱسْتَوَىٰ फिर वो खड़ी हो गई fa-is'tawā
फिर वो खड़ी हो गई عَلَىٰ upon ʿalā
upon سُوقِهِۦ अपने तने पर sūqihi
अपने तने पर يُعْجِبُ वो ख़ुश करती है yuʿ'jibu
वो ख़ुश करती है ٱلزُّرَّاعَ काश्तकारों को l-zurāʿa
काश्तकारों को لِيَغِيظَ ताकि वो ग़ज़बनाक कर दे liyaghīẓa
ताकि वो ग़ज़बनाक कर दे بِهِمُ उनके ज़रिए bihimu
उनके ज़रिए ٱلْكُفَّارَ ۗ काफ़िरों को l-kufāra
काफ़िरों को وَعَدَ वादा किया waʿada
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उन लोगों से जो alladhīna
उन लोगों से जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّغْفِرَةًۭ बख़्शिश का maghfiratan
बख़्शिश का وَأَجْرًا और अजर wa-ajran
और अजर عَظِيمًۢا बहुत बड़े का ʿaẓīman
बहुत बड़े का ٢٩ (29)
(29)
मोहम्मद رَّسُولُ रसूल हैं rasūlu
रसूल हैं ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो مَعَهُۥٓ साथ हैं उनके maʿahu
साथ हैं उनके أَشِدَّآءُ सख़्त हैं ashiddāu
सख़्त हैं عَلَى against ʿalā
against ٱلْكُفَّارِ काफ़िरों पर l-kufāri
काफ़िरों पर رُحَمَآءُ मेहरबान हैं ruḥamāu
मेहरबान हैं بَيْنَهُمْ ۖ आपस में baynahum
आपस में تَرَىٰهُمْ आप देखेंगे उन्हें tarāhum
आप देखेंगे उन्हें رُكَّعًۭا रुकूअ करते हुए rukkaʿan
रुकूअ करते हुए سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए يَبْتَغُونَ वो तलाश करते हैं yabtaghūna
वो तलाश करते हैं فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّنَ from Allah mina
from Allah ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرِضْوَٰنًۭا ۖ और रज़ामंदी wariḍ'wānan
और रज़ामंदी سِيمَاهُمْ अलामत उनकी sīmāhum
अलामत उनकी فِى (is) on fī
(is) on وُجُوهِهِم उनके चेहरों में है wujūhihim
उनके चेहरों में है مِّنْ from min
from أَثَرِ (the) trace athari
(the) trace ٱلسُّجُودِ ۚ सजदों के असर से l-sujūdi
सजदों के असर से ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है مَثَلُهُمْ मिसाल उनकी mathaluhum
मिसाल उनकी فِى in fī
in ٱلتَّوْرَىٰةِ ۚ तौरात में l-tawrāti
तौरात में وَمَثَلُهُمْ और मिसाल उनकी wamathaluhum
और मिसाल उनकी فِى in fī
in ٱلْإِنجِيلِ इन्जील में l-injīli
इन्जील में كَزَرْعٍ मानिन्द एक खेती के kazarʿin
मानिन्द एक खेती के أَخْرَجَ जिसने निकाली akhraja
जिसने निकाली شَطْـَٔهُۥ कोंपल अपनी shaṭahu
कोंपल अपनी فَـَٔازَرَهُۥ फिर उसने मज़बूत किया उसको faāzarahu
फिर उसने मज़बूत किया उसको فَٱسْتَغْلَظَ फिर वो सख़्त हो गई fa-is'taghlaẓa
फिर वो सख़्त हो गई فَٱسْتَوَىٰ फिर वो खड़ी हो गई fa-is'tawā
फिर वो खड़ी हो गई عَلَىٰ upon ʿalā
upon سُوقِهِۦ अपने तने पर sūqihi
अपने तने पर يُعْجِبُ वो ख़ुश करती है yuʿ'jibu
वो ख़ुश करती है ٱلزُّرَّاعَ काश्तकारों को l-zurāʿa
काश्तकारों को لِيَغِيظَ ताकि वो ग़ज़बनाक कर दे liyaghīẓa
ताकि वो ग़ज़बनाक कर दे بِهِمُ उनके ज़रिए bihimu
उनके ज़रिए ٱلْكُفَّارَ ۗ काफ़िरों को l-kufāra
काफ़िरों को وَعَدَ वादा किया waʿada
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उन लोगों से जो alladhīna
उन लोगों से जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّغْفِرَةًۭ बख़्शिश का maghfiratan
बख़्शिश का وَأَجْرًا और अजर wa-ajran
और अजर عَظِيمًۢا बहुत बड़े का ʿaẓīman
बहुत बड़े का ٢٩ (29)
(29)
मुहम्मद1 अल्लाह के रसूल हैं और वे लोग जो उनके साथ हैं, काफ़िरों पर बहुत सख़्त हैं, आपस में बहुत दयालु हैं। तुम उन्हें रुकू' करते हुए, सजदा करते हुए, अल्लाह का अनुग्रह और (उसकी) प्रसन्नता तलाश करते हुए देखोगे। उनकी निशानी उनके चेहरों पर है, सजदों के चिह्न से। यह उनका विवरण तौरात में है। तथा इंजील में उनका विवरण उस खेती की तरह है, जिसने अपना अंकुर निकाला, फिर उसे प्रबल किया, फिर वह मोटा हो गया, फिर वह अपने तने पर सीधा खड़ा हो गया। वह किसानों को खुश करता है, ताकि उनके द्वारा काफिरों को गुस्सा दिलाए। अल्लाह ने उनमें से उन लोगों से, जो ईमान लाए तथा उन्होंने अच्छे कर्म किए, बड़ी क्षमा तथा बहुत बड़े प्रतिफल का वादा किया है।