३७

अस-साफ़्फ़ात

मक्की १८२ आयतें पारा २३
الصافات

सूरह अस-साफ़्फ़ात (الصافات) पवित्र क़ुरआन का ३७ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें १८२ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।

बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३७:१
وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِक़सम है सफ़ बाँधने वालों कीwal-ṣāfātiصَفًّۭاख़ूब सफ़ बाँधनाṣaffan١
क़सम है पंक्तिबद्ध (फ़रिश्तों) की!
३७:२
فَٱلزَّٰجِرَٰتِफिर डाँटने वालों कीfal-zājirātiزَجْرًۭاसख़्त डाँटनाzajran٢
फिर झिड़क कर डाँटने वालों की!
३७:३
فَٱلتَّـٰلِيَـٰتِफिर तिलावत करने वालों कीfal-tāliyātiذِكْرًاज़िक्र (क़ुरान) कीdhik'ran٣
फिर (अल्लाह के) ज़िक्र (वाणी) की तिलावत करने वालों की।1
३७:४
إِنَّबेशकinnaإِلَـٰهَكُمْइलाह तुम्हाराilāhakumلَوَٰحِدٌۭयक़ीनन एक ही हैlawāḥidun٤
निःसंदेह तुम्हारा पूज्य निश्चय एक ही है।
३७:५
رَّبُّरबrabbuٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन काwal-arḍiوَمَاऔर जोwamāبَيْنَهُمَاदर्मियान है उन दोनों केbaynahumāوَرَبُّऔर रबwarabbuٱلْمَشَـٰرِقِमशरिक़ों काl-mashāriqi٥
जो आकाशों और धरती का तथा उन दोनों के बीच की समस्त चीज़ों का स्वामी है और सूर्य के उदय होने के सभी स्थानों का मालिक है।
३७:६
إِنَّاबेशक हमinnāزَيَّنَّاमुज़य्यन किया हमनेzayyannāٱلسَّمَآءَआसमानेl-samāaٱلدُّنْيَاदुनिया कोl-dun'yāبِزِينَةٍज़ीनत सेbizīnatinٱلْكَوَاكِبِसितारों कीl-kawākibi٦
निःसंदेह हमने संसार के आकाश को एक सुंदर शृंगार के साथ सुशोभित किया है, जो सितारे हैं।
३७:७
وَحِفْظًۭاऔर हिफ़ाज़त के लिएwaḥif'ẓanمِّنagainstminكُلِّeverykulliشَيْطَـٰنٍۢहर शैतान सेshayṭāninمَّارِدٍۢजो सरकश हैmāridin٧
और प्रत्येक सरकश शैतान से सुरक्षित करने के लिए।
३७:८
لَّاNotيَسَّمَّعُونَनहीं वो कान लगाकर सुन सकतेyassammaʿūnaإِلَىtoilāٱلْمَلَإِthe assemblyl-mala-iٱلْأَعْلَىٰतरफ़ मलाए आला/मुक़र्रिब फ़रिश्तों केl-aʿlāوَيُقْذَفُونَऔर वो फेंके जाते हैंwayuq'dhafūnaمِنfromminكُلِّeverykulliجَانِبٍۢहर तरफ़ सेjānibin٨
वे सर्वोच्च सभा (मला-ए-आ'ला) के फ़रिश्तों की बात नहीं सुन सकते, तथा वे हर ओर से (उल्काओं से) मारे जाते हैं।
३७:९
دُحُورًۭا ۖभगाने के लिएduḥūranوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumعَذَابٌۭअज़ाब हैʿadhābunوَاصِبٌमुसलसलwāṣibun٩
भगाने के लिए। तथा उनके लिए स्थायी यातना है।
३७:१०
إِلَّاमगरillāمَنْजो कोईmanخَطِفَउचक ले जाएkhaṭifaٱلْخَطْفَةَउचक ले जानाl-khaṭfataفَأَتْبَعَهُۥतो पीछा करता है उसकाfa-atbaʿahuشِهَابٌۭएक शोलाshihābunثَاقِبٌۭचमकता हुआthāqibun١٠
परंतु जो कोई (शैतान फरिश्तों की किसी बात को) अचानक उचक ले जाए, तो एक दहकता हुआ अंगारा (उल्का)1 उसका पीछा करता है।
३७:११
فَٱسْتَفْتِهِمْपस पूछ लीजिए उनसेfa-is'taftihimأَهُمْक्या वोahumأَشَدُّज़्यादा सख़्त हैंashadduخَلْقًاपैदाइश मेंkhalqanأَمयाamمَّنْजिसेmanخَلَقْنَآ ۚपैदा किया हमनेkhalaqnāإِنَّاबेशक हमinnāخَلَقْنَـٰهُمपैदा किया हमने उन्हेंkhalaqnāhumمِّنfromminطِينٍۢमिट्टी सेṭīninلَّازِبٍۭचिपकने वालीlāzibin١١
तो आप इन (काफ़िरों) से पूछें कि क्या इन्हें पैदा करना अधिक कठिन है या उनका जिन्हें1 हम पैदा कर चुके? निःसंदेह हमने उन्हें2 एक लेसदार मिट्टी से पैदा किया है।
३७:१२
بَلْबल्किbalعَجِبْتَताअज्जुब किया आपनेʿajib'taوَيَسْخَرُونَऔर वो मज़ाक़ उड़ाते हैंwayaskharūna١٢
बल्कि आपने आश्चर्य किया और वे उपहास करते हैं।
३७:१३
وَإِذَاऔर जबwa-idhāذُكِّرُوا۟वो नसीहत किए जाते हैंdhukkirūلَاnotيَذْكُرُونَनहीं वो नसीहत पकड़तेyadhkurūna١٣
और जब उन्हें नसीहत की जाए, तो वे क़बूल नहीं करते।
३७:१४
وَإِذَاऔर जबwa-idhāرَأَوْا۟वो देखते हैंra-awءَايَةًۭकोई निशानीāyatanيَسْتَسْخِرُونَतो ख़ूब मज़ाक़ उड़ाते हैंyastaskhirūna١٤
और जब वे कोई निशानी देखते हैं, तो खूब उपहास करते हैं।
३७:१५
وَقَالُوٓا۟और कहते हैंwaqālūإِنْनहीं हैinهَـٰذَآयेhādhāإِلَّاमगरillāسِحْرٌۭएक जादूsiḥ'runمُّبِينٌखुल्लम-खुल्लाmubīnun١٥
तथा कहते हैं कि यह तो मात्र खुला जादू है।
३७:१६
أَءِذَاक्या जबa-idhāمِتْنَاमर जाऐंगे हमmit'nāوَكُنَّاऔर हो जाऐंगे हमwakunnāتُرَابًۭاमिट्टीturābanوَعِظَـٰمًاऔर हड्डियाँwaʿiẓāmanأَءِنَّاक्या बेशक हमa-innāلَمَبْعُوثُونَअलबत्ता दोबारा उठाए जाऐंगेlamabʿūthūna١٦
क्या जब हम मर गए और मिट्टी तथा हड्डियाँ हो चुके, तो क्या सचमुच हम अवश्य उठाए जाने वाले हैं?
३७:१७
أَوَءَابَآؤُنَاक्या भला आबा ओ अजदाद हमारेawaābāunāٱلْأَوَّلُونَजो पहले (गुज़र चुके)l-awalūna١٧
और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी (उठाए जाएँगे)?
३७:१८
قُلْकह दीजिएqulنَعَمْहाँnaʿamوَأَنتُمْऔर तुमwa-antumدَٰخِرُونَज़लील व ख़्वार होने वाले होdākhirūna١٨
आप कह दीजिए : हाँ! तथा तुम अपमानित (भी) होगे!
३७:१९
فَإِنَّمَاतो बेशकfa-innamāهِىَवोhiyaزَجْرَةٌۭडाँट होगीzajratunوَٰحِدَةٌۭएक हीwāḥidatunفَإِذَاतो यकायकfa-idhāهُمْवोhumيَنظُرُونَवो देख रहे होंगेyanẓurūna١٩
वह बस एक ही झिड़की होगी, तो एकाएक वे देख रहे होंगे।
३७:२०
وَقَالُوا۟और वो कहेंगेwaqālūيَـٰوَيْلَنَاहाय अफ़सोस हम परyāwaylanāهَـٰذَاये हैhādhāيَوْمُदिनyawmuٱلدِّينِबदले काl-dīni٢٠
तथा वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह तो बदले का दिन है।
३७:२१
هَـٰذَاये हैhādhāيَوْمُदिनyawmuٱلْفَصْلِफ़ैसले काl-faṣliٱلَّذِىवो जोalladhīكُنتُمथे तुमkuntumبِهِۦउसेbihiتُكَذِّبُونَतुम झुठलाया करतेtukadhibūna٢١
यही निर्णय का दिन है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।
३७:२२
۞ ٱحْشُرُوا۟इकट्ठा करोuḥ'shurūٱلَّذِينَउनको जिन्होंनेalladhīnaظَلَمُوا۟ज़ुल्म कियाẓalamūوَأَزْوَٰجَهُمْऔर उनके साथियों कोwa-azwājahumوَمَاऔर उन्हें जिनकीwamāكَانُوا۟थे वोkānūيَعْبُدُونَवो इबादत करतेyaʿbudūna٢٢
(आदेश होगा कि) इकट्ठा करो उन लोगों को जिन्होंने अत्याचार किया तथा उनके साथियों को और जिनकी वे उपासना किया करते थे ।
३७:२३
مِنBesidesminدُونِसिवाएdūniٱللَّهِअल्लाह केl-lahiفَٱهْدُوهُمْपस राह दिखाओ उन्हेंfa-ih'dūhumإِلَىٰtoilāصِرَٰطِतरफ़ रास्तेṣirāṭiٱلْجَحِيمِजहन्नम केl-jaḥīmi٢٣
अल्लाह के सिवा। फिर उन्हें जहन्नम की राह दिखा दो।
३७:२४
وَقِفُوهُمْ ۖठहराओ उन्हेंwaqifūhumإِنَّهُمबेशक वोinnahumمَّسْـُٔولُونَसवाल किए जाने वाले हैंmasūlūna٢٤
और उन्हें ठहराओ1, निःसंदेह वे प्रश्न किए जाने वाले हैं।
३७:२५
مَاक्या हैلَكُمْतुम्हेंlakumلَاनहींتَنَاصَرُونَतुम एक दूसरे की मदद करतेtanāṣarūna٢٥
तुम्हें क्या हुआ कि तुम एक-दूसरे की सहायता नहीं करते?
३७:२६
بَلْबल्किbalهُمُवोhumuٱلْيَوْمَआज के दिनl-yawmaمُسْتَسْلِمُونَफ़रमाबरदार हैंmus'taslimūna٢٦
बल्कि, आज वे सर्वथा आज्ञाकारी हैं।
३७:२७
وَأَقْبَلَऔर मुतावज्जे होंगेwa-aqbalaبَعْضُهُمْबाज़ उनकेbaʿḍuhumعَلَىٰtoʿalāبَعْضٍۢबाज़ परbaʿḍinيَتَسَآءَلُونَवो एक दूसरे से सवाल करेंगेyatasāalūna٢٧
और वे एक-दूसरे की ओर रुख़ करके परस्पर प्रश्न करेंगे।1
३७:२८
قَالُوٓا۟वो कहेंगेqālūإِنَّكُمْबेशक तुमinnakumكُنتُمْथे तुमkuntumتَأْتُونَنَاआते तुम हमारे पासtatūnanāعَنِfromʿaniٱلْيَمِينِदाऐं जानिब सेl-yamīni٢٨
वे कहेंगे : निःसंदेह तुम हमारे पास दाहिने1 से आया करते थे।
३७:२९
قَالُوا۟कहेंगेqālūبَلबल्किbalلَّمْनाlamتَكُونُوا۟थे तुमtakūnūمُؤْمِنِينَईमान लाने वालेmu'minīna٢٩
वे1 कहेंगे : बल्कि तुम (स्वयं) ईमान वाले न थे।
३७:३०
وَمَاऔर नाwamāكَانَथाkānaلَنَاहमारे लिएlanāعَلَيْكُمतुम परʿalaykumمِّنanyminسُلْطَـٰنٍۭ ۖकोई ज़ोरsul'ṭāninبَلْबल्किbalكُنتُمْथे तुमkuntumقَوْمًۭاएक क़ौमqawmanطَـٰغِينَसरकशṭāghīna٣٠
तथा हमारा तुमपर कोई ज़ोर1 न था, बल्कि तुम (स्वंय) हद से बढ़ने वाले लोग थे।
३७:३१
فَحَقَّतो सच होगईfaḥaqqaعَلَيْنَاतुम परʿalaynāقَوْلُबातqawluرَبِّنَآ ۖहमारे रब कीrabbināإِنَّاबेशक हमinnāلَذَآئِقُونَअलबत्ता चखने वाले हैंladhāiqūna٣١
तो हमपर हमारे पालनहार का कथन सिद्ध हो गया। निःसंदेह हम निश्चय (यातना) चखने वाले हैं।
३७:३२
فَأَغْوَيْنَـٰكُمْतो बहकाया हमने तुम्हेंfa-aghwaynākumإِنَّاबेशक हमinnāكُنَّاथे हम हीkunnāغَـٰوِينَबहके हुएghāwīna٣٢
तो हमने तुम्हें गुमराह किया। निःसंदेह हम स्वयं गुमराह थे।
३७:३३
فَإِنَّهُمْतो बेशक वोfa-innahumيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinفِىinٱلْعَذَابِअज़ाब मेंl-ʿadhābiمُشْتَرِكُونَबाहम शरीक होंगेmush'tarikūna٣٣
तो निश्चय ही वे उस दिन यातना में सहभागी होंगे।
३७:३४
إِنَّاबेशक हमinnāكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaنَفْعَلُहम करेंगेnafʿaluبِٱلْمُجْرِمِينَसाथ मुजरिमों केbil-muj'rimīna٣٤
निःसंदेह हम अपराधियों के साथ ऐसा ही किया करते हैं।
३७:३५
إِنَّهُمْबेशक वोinnahumكَانُوٓا۟थे वोkānūإِذَاजबidhāقِيلَकहा जाताqīlaلَهُمْउनसेlahumلَآनहींإِلَـٰهَकोई इलाह (बरहक़ )ilāhaإِلَّاसिवाएillāٱللَّهُअल्लाह केl-lahuيَسْتَكْبِرُونَवो तकब्बुर करते थेyastakbirūna٣٥
निःसंदेह वे ऐसे लोग थे कि जब उनसे कहा जाता कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य (इबादत के योग्य) नहीं, तो वे अभिमान करते थे।
३७:३६
وَيَقُولُونَऔर वो कहतेwayaqūlūnaأَئِنَّاक्या बेशक हमa-innāلَتَارِكُوٓا۟अलबत्ता छोड़ देने वाले हैंlatārikūءَالِهَتِنَاअपने माबूदों कोālihatināلِشَاعِرٍۢवास्ते एक शायरlishāʿirinمَّجْنُونٍۭमजनून केmajnūnin٣٦
तथा कहते थे : क्या सचमुच हम अपने पूज्यों को एक दीवाने कवि के कारण छोड़ देने वाले हैं?
३७:३७
بَلْबल्किbalجَآءَवो लाया हैjāaبِٱلْحَقِّहक़ कोbil-ḥaqiوَصَدَّقَऔर उसने तस्दीक़ कीwaṣaddaqaٱلْمُرْسَلِينَरसूलों कीl-mur'salīna٣٧
बल्कि वह सत्य लेकर आए हैं तथा उन्होंने सभी रसूलों की पुष्टि की है।
३७:३८
إِنَّكُمْबेशक तुमinnakumلَذَآئِقُوا۟अलबत्ता तुम चखने वाले होladhāiqūٱلْعَذَابِअज़ाबl-ʿadhābiٱلْأَلِيمِदर्दनाक कोl-alīmi٣٨
निःसंदेह तुम निश्चय दुःखदायी यातना चखने वाले हो।
३७:३९
وَمَاऔर नहींwamāتُجْزَوْنَतुम बदला दिए जाओगेtuj'zawnaإِلَّاमगरillāمَاजोكُنتُمْथे तुमkuntumتَعْمَلُونَतुम अमल करतेtaʿmalūna٣٩
तथा तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
३७:४०
إِلَّاसिवाएillāعِبَادَबन्देʿibādaٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلْمُخْلَصِينَजो ख़ालिस किए हुए हैंl-mukh'laṣīna٤٠
परंतु अल्लाह के ख़ालिस (विशुद्ध) किए हुए बंदे।
३७:४१
أُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaلَهُمْउनके लिएlahumرِزْقٌۭरिज़्क़ हैriz'qunمَّعْلُومٌۭमालूमmaʿlūmun٤١
यही लोग हैं, जिनके लिए निर्धारित रोज़ी है।
३७:४२
فَوَٰكِهُ ۖफल हैंfawākihuوَهُمऔर वोwahumمُّكْرَمُونَमोअज़्ज़िज़ होंगेmuk'ramūna٤٢
प्रत्येक प्रकार के फल। तथा वे सम्मानित किए गए हैं।
३७:४३
فِىInجَنَّـٰتِबाग़ात मेंjannātiٱلنَّعِيمِनेमतों केl-naʿīmi٤٣
नेमत के बाग़ों में।
३७:४४
عَلَىٰOnʿalāسُرُرٍۢतख़्तों परsururinمُّتَقَـٰبِلِينَआमने सामने बैठने वालेmutaqābilīna٤٤
तख़्तों पर आमने-सामने बैठे होंगे।
३७:४५
يُطَافُफिराया जाएगाyuṭāfuعَلَيْهِمउन परʿalayhimبِكَأْسٍۢभरा हुआ साग़रbikasinمِّنfromminمَّعِينٍۭबहते हुए चश्मे सेmaʿīnin٤٥
उनपर प्रवाहित शराब के प्याले फिराए जाएँगे।
३७:४६
بَيْضَآءَसफ़ेदbayḍāaلَذَّةٍۢलज़्जत का सबबladhatinلِّلشَّـٰرِبِينَपीने वालों के लिएlilshāribīna٤٦
जो सफ़ेद होगी, पीने वालों के लिए स्वादिष्ट होगी।
३७:४७
لَاनाفِيهَاउसमेंfīhāغَوْلٌۭसर दर्द होगीghawlunوَلَاऔर नाwalāهُمْवोhumعَنْهَاउससेʿanhāيُنزَفُونَवो अक़्ल ज़ाइल किए जाऐंगेyunzafūna٤٧
न उसमें कोई सिरदर्द होगा, और न वे उससे मदहोश होंगे।
३७:४८
وَعِندَهُمْऔर उनके पास होंगीwaʿindahumقَـٰصِرَٰتُनीची रखने वालियाँqāṣirātuٱلطَّرْفِनिगाहों कोl-ṭarfiعِينٌۭमोटी आँखों वालियाँʿīnun٤٨
तथा उनके पास दृष्टि नीची रखने वाली, बड़ी आँखों वाली स्त्रियाँ होंगी।
३७:४९
كَأَنَّهُنَّगोया कि वोka-annahunnaبَيْضٌۭअंडे हैंbayḍunمَّكْنُونٌۭछुपा कर रखे गएmaknūnun٤٩
मानो वे छिपाकर रखे हुए अंडे हों।1
३७:५०
فَأَقْبَلَतो मुतावज्जे होंगेfa-aqbalaبَعْضُهُمْबाज़ उनकेbaʿḍuhumعَلَىٰtoʿalāبَعْضٍۢबाज़ परbaʿḍinيَتَسَآءَلُونَवो एक दूसरे से सवाल करेंगेyatasāalūna٥٠
फिर वे एक-दूसरे के सम्मुख होकर आपस में प्रश्न करेंगे।
३७:५१
قَالَकहेगाqālaقَآئِلٌۭएक कहने वालाqāilunمِّنْهُمْउनमें सेmin'humإِنِّىबेशक मैंinnīكَانَथाkānaلِىमेराقَرِينٌۭएक साथीqarīnun٥١
उनमें से एक कहने वाला कहेगा : मेरा एक साथी था।
३७:५२
يَقُولُवो कहा करता थाyaqūluأَءِنَّكَक्या बेशक तुमa-innakaلَمِنَsurely oflaminaٱلْمُصَدِّقِينَअलबत्ता तस्दीक़ करने वालों में से होl-muṣadiqīna٥٢
वह कहा करता था कि क्या सचमुच तू भी (मरणोपरांत पुनर्जीवन को) मानने वालों में से है?
३७:५३
أَءِذَاक्या जबa-idhāمِتْنَاमर जाऐंगे हमmit'nāوَكُنَّاऔर हो जाऐंगे हमwakunnāتُرَابًۭاमिट्टीturābanوَعِظَـٰمًاऔर हड्डियाँwaʿiẓāmanأَءِنَّاक्या बेशक हमa-innāلَمَدِينُونَअलबत्ता बदला दिए जाने वाले हैंlamadīnūna٥٣
क्या जब हम मर गए और हम मिट्टी तथा हड्डियाँ हो गए, तो क्या सचमुच हम अवश्य बदला दिए जाने वाले हैं?
३७:५४
قَالَउसने कहाqālaهَلْक्याhalأَنتُمतुमantumمُّطَّلِعُونَझाँक कर देखने वाले होmuṭṭaliʿūna٥٤
वह कहेगा : क्या तुम झाँककर देखने वाले हो?
३७:५५
فَٱطَّلَعَतो वो झाँकेगाfa-iṭṭalaʿaفَرَءَاهُतो वो देखेगा उसेfaraāhuفِىinسَوَآءِवस्त/ दर्मियान मेंsawāiٱلْجَحِيمِजहन्नम केl-jaḥīmi٥٥
फिर वह झाँकेगा, तो उसे भड़कती हुई आग के बीच में देखेगा।
३७:५६
قَالَवो कहेगाqālaتَٱللَّهِक़सम अल्लाह कीtal-lahiإِنबेशकinكِدتَّक़रीब था तूkidttaلَتُرْدِينِअलबत्ता तू हलाक कर देता मुझेlatur'dīni٥٦
कहेगा : अल्लाह की कसम! निश्चय तू क़रीब था कि मुझे नष्ट ही कर दे।
३७:५७
وَلَوْلَاऔर अगर ना होतीwalawlāنِعْمَةُनेअमतniʿ'matuرَبِّىमेरे रब कीrabbīلَكُنتُअलबत्ता होता मैंlakuntuمِنَamongminaٱلْمُحْضَرِينَहाज़िर किए जाने वालों में सेl-muḥ'ḍarīna٥٧
और यदि मेरे पालनहार की अनुकंपा न होती, तो निश्चय मैं भी (जहन्नम में) उपस्थित किए गए लोगों में से होता।
३७:५८
أَفَمَاक्या भला नहींafamāنَحْنُहमnaḥnuبِمَيِّتِينَमरने वालेbimayyitīna٥٨
तो क्या (यह सही नहीं है) कि हम कभी मरने वाले नहीं हैं?
३७:५९
إِلَّاमगरillāمَوْتَتَنَاमौत हमारीmawtatanāٱلْأُولَىٰपहलीl-ūlāوَمَاऔर नहींwamāنَحْنُहमnaḥnuبِمُعَذَّبِينَअज़ाब दिए जाने वालेbimuʿadhabīna٥٩
सिवाय अपनी प्रथम मौत के, और न हम कभी यातना दिए जाने वाले हैं।
३७:६०
إِنَّबेशकinnaهَـٰذَاयेhādhāلَهُوَअलबत्ता वो हीlahuwaٱلْفَوْزُकामयाबी हैl-fawzuٱلْعَظِيمُबहुत बड़ीl-ʿaẓīmu٦٠
निश्चय यही तो बहुत बड़ी सफलता है।
३७:६१
لِمِثْلِमानिन्दlimith'liهَـٰذَاउसी केhādhāفَلْيَعْمَلِपस चाहिए कि अमल करेंfalyaʿmaliٱلْعَـٰمِلُونَअमल करने वालेl-ʿāmilūna٦١
इसी (जैसी सफलता) के लिए कर्म करने वालों को कर्म करना चाहिए।
३७:६२
أَذَٰلِكَक्या येadhālikaخَيْرٌۭबेहतरkhayrunنُّزُلًاमेहमानी हैnuzulanأَمْयाamشَجَرَةُदरख़्तshajaratuٱلزَّقُّومِथूहर काl-zaqūmi٦٢
क्या यह आतिथ्य उत्तम है या थोहड़ का वृक्ष?
३७:६३
إِنَّاबेशक हमinnāجَعَلْنَـٰهَاबनाया हमने उसेjaʿalnāhāفِتْنَةًۭफ़ितनाfit'natanلِّلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों क लिएlilẓẓālimīna٦٣
निःसंदेह हमने उसे अत्याचारियों के लिए एक परीक्षा बनाया है।
३७:६४
إِنَّهَاबेशक वोinnahāشَجَرَةٌۭएक दरख़्त हैshajaratunتَخْرُجُजो निकलता/उगता हैtakhrujuفِىٓinأَصْلِतह/जड़ मेंaṣliٱلْجَحِيمِजहन्नम कीl-jaḥīmi٦٤
निःसंदेह वह ऐसा वृक्ष है, जो जहन्नम के तल में उगता है।
३७:६५
طَلْعُهَاख़ोशे उसकेṭalʿuhāكَأَنَّهُۥगोया कि वोka-annahuرُءُوسُसर हैंruūsuٱلشَّيَـٰطِينِशैतानों केl-shayāṭīni٦٥
उसके गुच्छे ऐसे हैं मानो वे शैतानों के सिर हों।
३७:६६
فَإِنَّهُمْपस बेशक वोfa-innahumلَـَٔاكِلُونَअलबत्ता खाने वाले हैंlaākilūnaمِنْهَاउससेmin'hāفَمَالِـُٔونَफिर भरने वाले हैंfamāliūnaمِنْهَاउससेmin'hāٱلْبُطُونَपेटों कोl-buṭūna٦٦
तो वे (जहन्नमवासी) निश्चय उसमें से खाने वाले हैं। फिर उससे पेट भरने वाले हैं।
३७:६७
ثُمَّफिरthummaإِنَّबेशकinnaلَهُمْउनके लिएlahumعَلَيْهَاउस परʿalayhāلَشَوْبًۭاअलबत्ता आमेज़िश हैlashawbanمِّنْofminحَمِيمٍۢखौलते पानी कीḥamīmin٦٧
फिर निःसंदेह उनके लिए उसपर खौलते हुए पानी का मिश्रण है।
३७:६८
ثُمَّफिरthummaإِنَّबेशकinnaمَرْجِعَهُمْवापसी उनकीmarjiʿahumلَإِلَىअलबत्ता तरफ़la-ilāٱلْجَحِيمِजहन्नम के हैl-jaḥīmi٦٨
फिर निःसंदेह उनकी वापसी निश्चय उसी भड़कती हुई आग की ओर होगी।
३७:६९
إِنَّهُمْबेशक वोinnahumأَلْفَوْا۟उन्होंने पायाalfawءَابَآءَهُمْअपने आबा ओ अजदाद कोābāahumضَآلِّينَगुमराहḍāllīna٦٩
निःसंदेह उन्होंने अपने बाप-दादा को गुमराह पाया।
३७:७०
فَهُمْतो वोfahumعَلَىٰٓonʿalāءَاثَـٰرِهِمْउनके नक़्शे क़दम परāthārihimيُهْرَعُونَवो दौड़ाए जाते हैंyuh'raʿūna٧٠
तो वे उन्हीं के पदचिह्नों पर दौड़े चले जा रहे हैं।1
३७:७१
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadضَلَّभटक गएḍallaقَبْلَهُمْउनसे क़ब्लqablahumأَكْثَرُबहुत सेaktharuٱلْأَوَّلِينَपहले लोगl-awalīna٧١
और निःसंदेह इनसे पहले अगले लोगों में से अधिकतर लोग गुमराह हो चुके हैं।
३७:७२
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadأَرْسَلْنَاभेजे हमनेarsalnāفِيهِمउनमेंfīhimمُّنذِرِينَडराने वालेmundhirīna٧٢
तथा निःसंदेह हमने उनके अंदर कई डराने वाले भेजे।
३७:७३
فَٱنظُرْतो देखोfa-unẓurكَيْفَकैसाkayfaكَانَहुआkānaعَـٰقِبَةُअंजामʿāqibatuٱلْمُنذَرِينَडराए जाने वालों काl-mundharīna٧٣
तो देखो कि उन डराए जाने वालों का परिणाम1 कैसा हुआ?
३७:७४
إِلَّاमगरillāعِبَادَबन्देʿibādaٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلْمُخْلَصِينَजो ख़ालिस किए हुए हैंl-mukh'laṣīna٧٤
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।
३७:७५
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadنَادَىٰنَاपुकारा हमेंnādānāنُوحٌۭनूह नेnūḥunفَلَنِعْمَपस अलबत्ता कितने अच्छे हैंfalaniʿ'maٱلْمُجِيبُونَजवाब देने वालेl-mujībūna٧٥
तथा निःसंदेह नूह ने हमें पुकारा, तो निश्चय हम अच्छे स्वीकार करने वाले हैं।
३७:७६
وَنَجَّيْنَـٰهُऔर निजात दी हमने उसेwanajjaynāhuوَأَهْلَهُۥऔर उसके घर वालों कोwa-ahlahuمِنَfromminaٱلْكَرْبِमुसीबत सेl-karbiٱلْعَظِيمِबहुत बड़ीl-ʿaẓīmi٧٦
और हमने उसे और उसके घर वालों को बहुत बड़ी आपदा से बचा लिया।
३७:७७
وَجَعَلْنَاऔर रखा हमनेwajaʿalnāذُرِّيَّتَهُۥउसकी औलाद कोdhurriyyatahuهُمُवो हीhumuٱلْبَاقِينَबाक़ी रहने वालेl-bāqīna٧٧
तथा हमने उसकी संतति ही को बाक़ी रहने वाला1 बना दिया।
३७:७८
وَتَرَكْنَاऔर बाक़ी रखा हमनेwataraknāعَلَيْهِउस पर (ज़िक्र ख़ैर )ʿalayhiفِىamongٱلْـَٔاخِرِينَबाद वालों मेंl-ākhirīna٧٨
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
३७:७९
سَلَـٰمٌसलाम हैsalāmunعَلَىٰuponʿalāنُوحٍۢनूह परnūḥinفِىamongٱلْعَـٰلَمِينَतमाम जहान वालों मेंl-ʿālamīna٧٩
सर्व संसार में नूह़ पर सलाम1 हो।
३७:८०
إِنَّاबेशक हमinnāكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaنَجْزِىहम बदला देते हैंnajzīٱلْمُحْسِنِينَएहसान करने वालों कोl-muḥ'sinīna٨٠
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
३७:८१
إِنَّهُۥबेशक वोinnahuمِنْ(was) ofminعِبَادِنَاहमारे बन्दों में से थाʿibādināٱلْمُؤْمِنِينَजो मोमिन हैंl-mu'minīna٨١
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
३७:८२
ثُمَّफिरthummaأَغْرَقْنَاग़र्क़ किया हमनेaghraqnāٱلْـَٔاخَرِينَदूसरों कोl-ākharīna٨٢
फिर हमने दूसरों को डुबो दिया।
३७:८३
۞ وَإِنَّऔर बेशकwa-innaمِنamongminشِيعَتِهِۦउसके गिरोह में सेshīʿatihiلَإِبْرَٰهِيمَअलबत्ता इब्राहीम थाla-ib'rāhīma٨٣
और निःसंदेह उसी के तरीक़े पर चलने वालों में से निश्चय इबराहीम (भी) थे।
३७:८४
إِذْजबidhجَآءَवो आयाjāaرَبَّهُۥअपने रब के पासrabbahuبِقَلْبٍۢसाथ दिलbiqalbinسَلِيمٍसलामत केsalīmin٨٤
(उस समय को याद करें) जब वह अपने पालनहार के पास शुद्ध दिल लेकर आए।
३७:८५
إِذْजबidhقَالَउसने कहाqālaلِأَبِيهِअपने बाप सेli-abīhiوَقَوْمِهِۦऔर अपनी क़ौम सेwaqawmihiمَاذَاकिस कीmādhāتَعْبُدُونَतुम इबादत करते होtaʿbudūna٨٥
जब उसने अपने बाप तथा अपनी जाति से कहा : तुम किस चीज़ की इबादत करते हो?
३७:८६
أَئِفْكًاक्या गढ़े हुएa-if'kanءَالِهَةًۭमाबूदों कोālihatanدُونَसिवाएdūnaٱللَّهِअल्लाह केl-lahiتُرِيدُونَतुम चाहते होturīdūna٨٦
क्या अल्लाह को छोड़कर अपने गढ़े हुए पूज्यों को चाहते हो?
३७:८७
فَمَاतो क्या हैfamāظَنُّكُمगुमान तुम्हाराẓannukumبِرَبِّabout (the) Lordbirabbiٱلْعَـٰلَمِينَरब्बुल आलमीन के बारे मेंl-ʿālamīna٨٧
तो सर्व संसार के पालनहार के विषय में तुम्हारा क्या गुमान है?
३७:८८
فَنَظَرَतो उसने देखाfanaẓaraنَظْرَةًۭएक नज़रnaẓratanفِىatٱلنُّجُومِसितारों मेंl-nujūmi٨٨
फिर उसने एक दृष्टि तारों पर डाली।1
३७:८९
فَقَالَतो उसने कहाfaqālaإِنِّىबेशक मैंinnīسَقِيمٌۭबीमार हूँsaqīmun٨٩
फिर कहा : मैं तो बीमार हूँ।
३७:९०
فَتَوَلَّوْا۟तो वो लौट गएfatawallawعَنْهُउससेʿanhuمُدْبِرِينَपीठ फेर करmud'birīna٩٠
तो वे उससे पीठ फेरकर वापस चले गए।
३७:९१
فَرَاغَतो वो चुपके से गयाfarāghaإِلَىٰٓtoilāءَالِهَتِهِمْतरफ़ उनके इलाहों केālihatihimفَقَالَफिर उसने कहाfaqālaأَلَاक्या नहींalāتَأْكُلُونَतुम खातेtakulūna٩١
फिर वह चुपके से उनके पूज्यों की ओर गया और कहा : क्या तुम खाते नहीं?
३७:९२
مَاक्या हैلَكُمْतुम्हेंlakumلَاnotتَنطِقُونَनहीं तुम बोलतेtanṭiqūna٩٢
तुम्हें क्या हुआ कि तुम बोलते नहीं?
३७:९३
فَرَاغَफिर वो जा पड़ाfarāghaعَلَيْهِمْउन परʿalayhimضَرْبًۢاज़रब लगाते हुएḍarbanبِٱلْيَمِينِदाऐं हाथ सेbil-yamīni٩٣
फिर वह दाएँ हाथ से मारते हुए उनपर पिल पड़ा।
३७:९४
فَأَقْبَلُوٓا۟तो वो मुतावज्जा हुएfa-aqbalūإِلَيْهِतरफ़ उसकेilayhiيَزِفُّونَतेज़ दौड़ते हुएyaziffūna٩٤
फिर वे दौड़ते हुए उसकी ओर आए।
३७:९५
قَالَकहाqālaأَتَعْبُدُونَक्या तुम इबादत करते होataʿbudūnaمَاउनकी जिन्हेंتَنْحِتُونَतुम तराशते होtanḥitūna٩٥
उसने कहा : क्या तुम उसकी इबादत करते हो, जिसे ख़ुद तराशते हो?
३७:९६
وَٱللَّهُऔर अल्लाह नेwal-lahuخَلَقَكُمْपैदा किया तुम्हेंkhalaqakumوَمَاऔर उसे जोwamāتَعْمَلُونَतुम करते होtaʿmalūna٩٦
हालाँकि अल्लाह ही ने तुम्हें पैदा किया तथा उसे भी जो तुम करते हो।
३७:९७
قَالُوا۟उन्होंने कहाqālūٱبْنُوا۟बनाओib'nūلَهُۥउसके लिएlahuبُنْيَـٰنًۭاएक इमारतbun'yānanفَأَلْقُوهُफिर डालो उसेfa-alqūhuفِىintoٱلْجَحِيمِदहकती आग मेंl-jaḥīmi٩٧
उन्होंने कहा : इसके लिए एक इमारत (अग्नि-कुंड) बनाओ, फिर इसे भड़कती आग में फेंक दो।
३७:९८
فَأَرَادُوا۟तो उन्होंने इरादा कियाfa-arādūبِهِۦसाथ उसकेbihiكَيْدًۭاचाल चलने काkaydanفَجَعَلْنَـٰهُمُतो कर दिया हमने उन्हेंfajaʿalnāhumuٱلْأَسْفَلِينَसबसे निचलाl-asfalīna٩٨
अतः उन्होंने उसके साथ एक चाल चलनी चाही, तो हमने उन्हीं को सबसे नीचा कर दिया।
३७:९९
وَقَالَऔर उसने कहाwaqālaإِنِّىबेशक मैंinnīذَاهِبٌजाने वाला हूँdhāhibunإِلَىٰtoilāرَبِّىतरफ़ अपने रब केrabbīسَيَهْدِينِअनक़रीब वो रहनुमाई करेगा मेरीsayahdīni٩٩
तथा उसने कहा : निःसंदेह मैं अपने पालनहार की ओर1 जाने वाला हूँ। वह मुझे अवश्य सीधा रास्ता दिखाएगा।
३७:१००
رَبِّऐ मेरे रबrabbiهَبْअता करhabلِىमुझेمِنَofminaٱلصَّـٰلِحِينَसालेहीन में सेl-ṣāliḥīna١٠٠
ऐ मेरे पालनहार! मुझे एक सदाचारी पुत्र प्रदान कर।
३७:१०१
فَبَشَّرْنَـٰهُतो ख़ुशख़बरी दी हमने उसेfabasharnāhuبِغُلَـٰمٍएक लड़के कीbighulāminحَلِيمٍۢजो बुर्दबार थाḥalīmin١٠١
तो हमने उसे एक सहनशील पुत्र की शुभ सूचना दी।
३७:१०२
فَلَمَّاफिर जबfalammāبَلَغَवो पहुँचाbalaghaمَعَهُसाथ उसकेmaʿahuٱلسَّعْىَदौड़ धूप कोl-saʿyaقَالَकहाqālaيَـٰبُنَىَّऐ मेरे बेटेyābunayyaإِنِّىٓकि बेशक मैंinnīأَرَىٰमैं ने देखा हैarāفِىinٱلْمَنَامِख़्वाब मेंl-manāmiأَنِّىٓकि मैंannīأَذْبَحُكَमैं ज़िबह कर रहा हूँ तुझेadhbaḥukaفَٱنظُرْतो देखfa-unẓurمَاذَاक्या हैmādhāتَرَىٰ ۚतेरी रायtarāقَالَउसने कहाqālaيَـٰٓأَبَتِऐ मेरे अब्बाजानyāabatiٱفْعَلْआप कर डालिएif'ʿalمَاजोتُؤْمَرُ ۖआप हुक्म दिए गएtu'maruسَتَجِدُنِىٓज़रूर आप पाऐंगे मुझेsatajidunīإِنअगरinشَآءَचाहाshāaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuمِنَofminaٱلصَّـٰبِرِينَसब्र करने वालों में सेl-ṣābirīna١٠٢
फिर जब वह उसके साथ दौड़-धूप की आयु को पहुँचा, तो उसने कहा : ऐ मेरे प्रिय बेटे! निःसंदेह मैं स्वप्न में देखता हूँ कि मैं तुझे ज़बह कर रहा हूँ। तो अब देख, तेरा क्या विचार है? उसने कहा : ऐ मेरे पिता! आपको जो आदेश दिया जा रहा है उसे कर डालिए। अगर अल्लाह ने चाहा, तो आप अवश्य मुझे धैर्यवानों में से पाएँगे।
३७:१०३
فَلَمَّآफिर जबfalammāأَسْلَمَاवो दोनों मुतीअ हो गएaslamāوَتَلَّهُۥऔर उसने लिटा दिया उसेwatallahuلِلْجَبِينِपेशनी के बलlil'jabīni١٠٣
अंततः जब दोनों (अल्लाह के आदेश के प्रति) समर्पित हो गए, और उसने उसे पेशानी के एक किनारे पर गिरा दिया।
३७:१०४
وَنَـٰدَيْنَـٰهُऔर पुकारा हमने उसेwanādaynāhuأَنकिanيَـٰٓإِبْرَٰهِيمُऐ इब्राहीमyāib'rāhīmu١٠٤
और हमने उसे आवाज़ दी कि ऐ इबराहीम!
३७:१०५
قَدْतहक़ीक़qadصَدَّقْتَसच कर दिखाया तूनेṣaddaqtaٱلرُّءْيَآ ۚख़्वाब कोl-ru'yāإِنَّاबेशक हमinnāكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaنَجْزِىहम बदला देते हैंnajzīٱلْمُحْسِنِينَमोहसिनीन कोl-muḥ'sinīna١٠٥
निश्चय तूने स्वप्न को सच कर दिखाया। हम सदाचारियों को इसी तरह बदला प्रदान करते हैं।
३७:१०६
إِنَّबेशकinnaهَـٰذَاयेhādhāلَهُوَअलबत्ता वोlahuwaٱلْبَلَـٰٓؤُا۟आज़माइश थीl-balāuٱلْمُبِينُखुली-खुलीl-mubīnu١٠٦
निःसंदेह यही तो निश्चय खुला परीक्षण है।
३७:१०७
وَفَدَيْنَـٰهُऔर फ़िदया दिया हमने उसकाwafadaynāhuبِذِبْحٍसाथ एक क़ुर्बानीbidhib'ḥinعَظِيمٍۢबहुत बड़ी केʿaẓīmin١٠٧
और हमने उसके फ़िदया (छुड़ौती) में एक बहुत बड़ा ज़बीहा1 दिया।
३७:१०८
وَتَرَكْنَاऔर बाक़ी रखा हमनेwataraknāعَلَيْهِउस पर (ज़िक्र ख़ैर)ʿalayhiفِىamongٱلْـَٔاخِرِينَबाद वालों मेंl-ākhirīna١٠٨
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
३७:१०९
سَلَـٰمٌसलाम हैsalāmunعَلَىٰٓonʿalāإِبْرَٰهِيمَइब्राहीम परib'rāhīma١٠٩
सलाम हो इबराहीम पर।
३७:११०
كَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaنَجْزِىहम बदला देते हैंnajzīٱلْمُحْسِنِينَएहसान करने वालों कोl-muḥ'sinīna١١٠
हम इसी तरह सदाचारियों को बदला प्रदान करते हैं।
३७:१११
إِنَّهُۥबेशक वोinnahuمِنْofminعِبَادِنَاहमारे बन्दों में से थाʿibādināٱلْمُؤْمِنِينَजो मोमिन हैंl-mu'minīna١١١
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
३७:११२
وَبَشَّرْنَـٰهُऔर ख़ुशख़बरी दी हमने उसेwabasharnāhuبِإِسْحَـٰقَइस्हाक़ कीbi-is'ḥāqaنَبِيًّۭاएक नबीnabiyyanمِّنَamongminaٱلصَّـٰلِحِينَसालेहीन में सेl-ṣāliḥīna١١٢
तथा हमने उसे इसहाक़ की शुभ सूचना दी, जो नबी होगा, सदाचारियों में से (होगा)।1
३७:११३
وَبَـٰرَكْنَاऔर बरकत नाज़िल की हमनेwabāraknāعَلَيْهِउस परʿalayhiوَعَلَىٰٓand [on]waʿalāإِسْحَـٰقَ ۚऔर इस्हाक़ परis'ḥāqaوَمِنAnd ofwaminذُرِّيَّتِهِمَاऔर दोनों की औलादों में सेdhurriyyatihimāمُحْسِنٌۭकोई मोहसिन हैmuḥ'sinunوَظَالِمٌۭऔर कोई ज़ालिम हैwaẓālimunلِّنَفْسِهِۦअपने नफ़्स के लिएlinafsihiمُبِينٌۭखुल्लम-खुल्लाmubīnun١١٣
तथा हमने उसपर और इसहाक़ पर बरकत उतारी। और उन दोनों की संतति में से कोई सदाचारी है और कोई अपने आप पर खुला अत्याचार करने वाला है।
३७:११४
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadمَنَنَّاएहसान किया हमनेmanannāعَلَىٰuponʿalāمُوسَىٰऊपर मूसाmūsāوَهَـٰرُونَऔर हारून केwahārūna١١٤
तथा निःसंदेह हमने मूसा और हारून पर उपकार किया।
३७:११५
وَنَجَّيْنَـٰهُمَاऔर निजात दी हमने उन दोनों कोwanajjaynāhumāوَقَوْمَهُمَاऔर उन दोनों की क़ौम कोwaqawmahumāمِنَfromminaٱلْكَرْبِमुसीबत सेl-karbiٱلْعَظِيمِबहुत बड़ीl-ʿaẓīmi١١٥
और हमने उन दोनों को और उन दोनों की जाति को बहुत बड़ी विपत्ति से छुटकारा दिया।
३७:११६
وَنَصَرْنَـٰهُمْऔर मदद की हमने उनकीwanaṣarnāhumفَكَانُوا۟फिर हो गए वोfakānūهُمُवो हीhumuٱلْغَـٰلِبِينَग़ालिबl-ghālibīna١١٦
तथा हमने उनकी सहायता की, तो वही प्रभुत्वशाली रहे।
३७:११७
وَءَاتَيْنَـٰهُمَاऔर दी हमने उन दोनों कोwaātaynāhumāٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaٱلْمُسْتَبِينَवाज़ेहl-mus'tabīna١١٧
तथा हमने उन दोनों को अत्यंत स्पष्ट पुस्तक (तौरात) प्रदान की।
३७:११८
وَهَدَيْنَـٰهُمَاऔर हिदायत दी हमने उन दोनों कोwahadaynāhumāٱلصِّرَٰطَरास्तेl-ṣirāṭaٱلْمُسْتَقِيمَसीधे कीl-mus'taqīma١١٨
और हमने उन दोनों को सीधे मार्ग पर चलाया।
३७:११९
وَتَرَكْنَاऔर बाक़ी रखा हमनेwataraknāعَلَيْهِمَاउन दोनों पर ( ज़िक्र ख़ैर)ʿalayhimāفِىamongٱلْـَٔاخِرِينَबाद वालों मेंl-ākhirīna١١٩
और हमने पीछे आने वालों में उन दोनों का अच्छा स्मरण छोड़ा।
३७:१२०
سَلَـٰمٌसलाम होsalāmunعَلَىٰuponʿalāمُوسَىٰऊपर मूसाmūsāوَهَـٰرُونَऔर हारून कोwahārūna١٢٠
सलाम हो मूसा और हारून पर।
३७:१२१
إِنَّاयक़ीनन हमinnāكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaنَجْزِىहम बदला देते हैंnajzīٱلْمُحْسِنِينَमोहसिनीन कोl-muḥ'sinīna١٢١
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
३७:१२२
إِنَّهُمَاबेशक वो दोनोंinnahumāمِنْ(were) ofminعِبَادِنَاहमारे बन्दों में से थेʿibādināٱلْمُؤْمِنِينَजो मोमिन हैंl-mu'minīna١٢٢
निःसंदेह वे दोनों हमारे ईमान वाले बंदों में से थे।
३७:१२३
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaإِلْيَاسَइल्यासil'yāsaلَمِنَ(was) surely oflaminaٱلْمُرْسَلِينَअलबत्ता रसूलों में से थाl-mur'salīna١٢٣
तथा निःसंदेह इलयास निश्चय नबियों में से थे।
३७:१२४
إِذْजबidhقَالَउसने कहाqālaلِقَوْمِهِۦٓअपनी क़ौम कोliqawmihiأَلَاक्या नहींalāتَتَّقُونَतुम डरतेtattaqūna١٢٤
जब उसने अपनी जाति से कहा : क्या तुम डरते नहीं?
३७:१२५
أَتَدْعُونَक्या तुम पुकारते होatadʿūnaبَعْلًۭاबअल कोbaʿlanوَتَذَرُونَऔर तुम छोड़ देते हो (अल्लाह को)watadharūnaأَحْسَنَबेहतरीनaḥsanaٱلْخَـٰلِقِينَपैदा करने वाले कोl-khāliqīna١٢٥
क्या तुम 'बअ्ल' (नामक मूर्ति) को पुकारते हो? तथा पैदा करने वालों में सबस बेहतर को छोड़ देते हो?
३७:१२६
ٱللَّهَअल्लाहal-lahaرَبَّكُمْरब तुम्हाराrabbakumوَرَبَّऔर रबwarabbaءَابَآئِكُمُतुम्हारे आबा ओ अजदाद काābāikumuٱلْأَوَّلِينَपहलों काl-awalīna١٢٦
अल्लाह को, जो तुम्हारा पालनहार है तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।
३७:१२७
فَكَذَّبُوهُतो उन्होंने झुठला दिया उसेfakadhabūhuفَإِنَّهُمْतो बेशक वोfa-innahumلَمُحْضَرُونَज़रूर हाज़िर किए जाने वाले हैंlamuḥ'ḍarūna١٢٧
किंतु उन्होंने उसे झुठला दिया। तो निश्चय वे अवश्य हाज़िर किए जाने वाले हैं।
३७:१२८
إِلَّاमगरillāعِبَادَबन्देʿibādaٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلْمُخْلَصِينَजो ख़ालिस किए हुए हैंl-mukh'laṣīna١٢٨
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।
३७:१२९
وَتَرَكْنَاऔर बाक़ी रखा हमनेwataraknāعَلَيْهِउस पर (ज़िक्र ख़ैर )ʿalayhiفِىamongٱلْـَٔاخِرِينَबाद वालों मेंl-ākhirīna١٢٩
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
३७:१३०
سَلَـٰمٌसलाम होsalāmunعَلَىٰٓuponʿalāإِلْ يَاسِينَऊपर इल्यास केil yāsīna١٣٠
सलाम हो इल्यासीन1 पर।
३७:१३१
إِنَّاबेशक हमinnāكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaنَجْزِىहम बदला देते हैंnajzīٱلْمُحْسِنِينَमोहसिनीन कोl-muḥ'sinīna١٣١
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
३७:१३२
إِنَّهُۥऔर बेशक वोinnahuمِنْofminعِبَادِنَاहमारे बन्दों में से थाʿibādināٱلْمُؤْمِنِينَजो मोमिन हैंl-mu'minīna١٣٢
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
३७:१३३
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaلُوطًۭاलूतlūṭanلَّمِنَ(was) oflaminaٱلْمُرْسَلِينَअलबत्ता रसूलों में से थाl-mur'salīna١٣٣
और निःसंदेह लूत निश्चय रसूलों में से था।
३७:१३४
إِذْजबidhنَجَّيْنَـٰهُनिजात दी हमने उसेnajjaynāhuوَأَهْلَهُۥٓऔर उसके घरवालों कोwa-ahlahuأَجْمَعِينَसब के सब कोajmaʿīna١٣٤
जब हमने उसे तथा उसके सब घर वालों को बचाया।
३७:१३५
إِلَّاसिवाएillāعَجُوزًۭاएक बुढ़िया केʿajūzanفِى(was) amongٱلْغَـٰبِرِينَपीछे रह जाने वालों मेंl-ghābirīna١٣٥
सिवाय एक बुढ़िया1 के, जो पीछे रह जाने वालों में से थी।
३७:१३६
ثُمَّफिरthummaدَمَّرْنَاतबाह कर दिया हमनेdammarnāٱلْـَٔاخَرِينَदूसरों कोl-ākharīna١٣٦
फिर हमने दूसरों का विनाश कर दिया।
३७:१३७
وَإِنَّكُمْऔर बेशक तुमwa-innakumلَتَمُرُّونَअलबत्ता तुम गुज़रते होlatamurrūnaعَلَيْهِمउन परʿalayhimمُّصْبِحِينَइस हाल में कि सुबह करने वाले होmuṣ'biḥīna١٣٧
तथा निःसंदेह तुम1 निश्चय सुबह के समय जाते हुए उनपर से गुज़रते हो।
३७:१३८
وَبِٱلَّيْلِ ۗऔर रात कोwabi-al-layliأَفَلَاक्या भला नहींafalāتَعْقِلُونَतुम अक़्ल रखतेtaʿqilūna١٣٨
तथा रात के समय भी। तो क्या तुम समझते नहीं?
३७:१३९
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaيُونُسَयूनुसyūnusaلَمِنَ(was) surely oflaminaٱلْمُرْسَلِينَअलबत्ता रसूलों में से थाl-mur'salīna١٣٩
तथा निःसंदेह यूनुस निश्चय रसूलों में से था।
३७:१४०
إِذْजबidhأَبَقَजब वो भाग कर गयाabaqaإِلَىtoilāٱلْفُلْكِतरफ़ कश्तीl-ful'kiٱلْمَشْحُونِभरी हुई केl-mashḥūni١٤٠
जब वह भरी नाव की ओर भागकर गया।1
३७:१४१
فَسَاهَمَतो क़ुरअ डालाfasāhamaفَكَانَफिर वो हो गयाfakānaمِنَofminaٱلْمُدْحَضِينَहार जाने वालों में सेl-mud'ḥaḍīna١٤١
फिर वह क़ुर'आ में शामिल हुआ, तो हारने वालों में से हो गया।
३७:१४२
فَٱلْتَقَمَهُतो लुक़्मा बना लिया उसकाfal-taqamahuٱلْحُوتُमछली नेl-ḥūtuوَهُوَऔर वोwahuwaمُلِيمٌۭमलामत ज़दा थाmulīmun١٤٢
फिर मछली ने उसे निगल लिया, इस हाल में कि वह निंदनीय था।
३७:१४३
فَلَوْلَآफिर अगर नाfalawlāأَنَّهُۥये किannahuكَانَहोता वोkānaمِنَofminaٱلْمُسَبِّحِينَतस्बीह करने वालों में सेl-musabiḥīna١٤٣
फिर अगर यह बात न होती कि वह अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करने वालों में से था।
३७:१४४
لَلَبِثَअलबत्ता वो ठहरा रहताlalabithaفِىinبَطْنِهِۦٓउसके पेट मेंbaṭnihiإِلَىٰuntililāيَوْمِउस दिन तकyawmiيُبْعَثُونَ(जब) वो दोबारा उठाए जाऐंगेyub'ʿathūna١٤٤
तो निश्चय वह उसके पेट में उस दिन तक रहता, जिसमें लोग उठाए जाएँगे।1
३७:१४५
۞ فَنَبَذْنَـٰهُतो हमने फेंक दिया उसेfanabadhnāhuبِٱلْعَرَآءِचटियल मैदान मेंbil-ʿarāiوَهُوَइस हाल में कि वोwahuwaسَقِيمٌۭबीमार थाsaqīmun١٤٥
फिर हमने उसे चटियल मैदान में फेंक दिया, इस हाल में कि वह बीमार1 था।
३७:१४६
وَأَنۢبَتْنَاऔर उगाया हमनेwa-anbatnāعَلَيْهِउस परʿalayhiشَجَرَةًۭएक पौदाshajaratanمِّنofminيَقْطِينٍۢकद्दू की बेल काyaqṭīnin١٤٦
तथा हमने उसपर एक लता वाला वृक्ष उगा दिया।1
३७:१४७
وَأَرْسَلْنَـٰهُऔर भेजा हमने उसेwa-arsalnāhuإِلَىٰtoilāمِا۟ئَةِa hundredmi-atiأَلْفٍतरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) केalfinأَوْबल्किawيَزِيدُونَवो ज़्यादा होंगेyazīdūna١٤٧
तथा हमने उसे एक लाख की ओर भेजा, बल्कि वे अधिक होंगे।
३७:१४८
فَـَٔامَنُوا۟तो वो ईमान ले आएfaāmanūفَمَتَّعْنَـٰهُمْतो हमने फ़ायदा दिया उन्हेंfamattaʿnāhumإِلَىٰforilāحِينٍۢएक वक़्त तकḥīnin١٤٨
चुनाँचे वे ईमान ले आए, तो हमने उन्हें एक समय तक लाभ उठाने दिया।1
३७:१४९
فَٱسْتَفْتِهِمْपस पूछो उनसेfa-is'taftihimأَلِرَبِّكَक्या आपके रब के लिए हैंalirabbikaٱلْبَنَاتُबेटियाँl-banātuوَلَهُمُऔर उनके लिए हैंwalahumuٱلْبَنُونَबेटेl-banūna١٤٩
तो (ऐ नबी!) आप उनसे पूछें कि क्या आपके पालनहार के लिए बेटियाँ हैं और उनके लिए बेटे?
३७:१५०
أَمْयाamخَلَقْنَاबनाया हमनेkhalaqnāٱلْمَلَـٰٓئِكَةَफ़रिश्तों कोl-malāikataإِنَـٰثًۭاऔरतेंināthanوَهُمْजब कि वोwahumشَـٰهِدُونَहाज़िर थेshāhidūna١٥٠
या हमने फ़रिश्तों को मादा पैदा किया, जबकि वे उस समय उपस्थित1 थे?
३७:१५१
أَلَآख़बरदारalāإِنَّهُمबेशक वोinnahumمِّنْofminإِفْكِهِمْअपने झूठ ही सोif'kihimلَيَقُولُونَअलबत्ता वो कहते हैंlayaqūlūna١٥١
सुन लो! निःसंदेह वे निश्चय अपने झूठ ही से कहते हैं।
३७:१५२
وَلَدَकि जन्म दियाwaladaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuوَإِنَّهُمْऔर बेशक वोwa-innahumلَكَـٰذِبُونَअलबत्ता झूठे हैंlakādhibūna١٥٢
कि अल्लाह ने संतान बनाया है। और निःसंदेह वे निश्चय झूठे हैं।
३७:१५३
أَصْطَفَىक्या उसने चुन लियाaṣṭafāٱلْبَنَاتِबेटियों कोl-banātiعَلَىoverʿalāٱلْبَنِينَबेटों परl-banīna١٥٣
क्या उसने पुत्रियों को पुत्रों पर प्राथमिकता दी?
३७:१५४
مَاक्या हैلَكُمْतुम्हेंlakumكَيْفَकैसेkayfaتَحْكُمُونَतुम फ़ैसले करते होtaḥkumūna١٥٤
तुम्हें क्या हो गया है, तुम कैसा फ़ैसला कर रहे हो?
३७:१५५
أَفَلَاक्या भला नहींafalāتَذَكَّرُونَतुम नसीहत पकड़तेtadhakkarūna١٥٥
तो क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते?
३७:१५६
أَمْयाamلَكُمْतुम्हारे लिएlakumسُلْطَـٰنٌۭकोई दलील हैsul'ṭānunمُّبِينٌۭवाज़ेहmubīnun١٥٦
या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण है?
३७:१५७
فَأْتُوا۟पस ले आओfatūبِكِتَـٰبِكُمْअपनी किताबbikitābikumإِنअगरinكُنتُمْहो तुमkuntumصَـٰدِقِينَसच्चेṣādiqīna١٥٧
तो लाओ अपनी किताब, यदि तुम सच्चे हो?
३७:१५८
وَجَعَلُوا۟और उन्होंने बनायाwajaʿalūبَيْنَهُۥदर्मियान उसकेbaynahuوَبَيْنَऔर दर्मियानwabaynaٱلْجِنَّةِजिन्नों केl-jinatiنَسَبًۭا ۚएक रिश्ताnasabanوَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीकwalaqadعَلِمَتِजान लियाʿalimatiٱلْجِنَّةُजिन्नों नेl-jinatuإِنَّهُمْबेशक वोinnahumلَمُحْضَرُونَज़रूर हाज़िर किए जाऐंगेlamuḥ'ḍarūna١٥٨
और उन्होंने अल्लाह तथा जिन्नों के बीच रिश्तेदारी बना दी। हालाँकि निःसंदेह जिन्न जान चुके हैं कि निःसंदेह वे (मुश्रिक) अवश्य उपस्थित किए जाने वाले हैं।1
३७:१५९
سُبْحَـٰنَपाक हैsub'ḥānaٱللَّهِअल्लाहl-lahiعَمَّاउससे जोʿammāيَصِفُونَवो बयान करते हैंyaṣifūna١٥٩
अल्लाह उन बातों से पवित्र है, जो वे वर्णन करते हैं।
३७:१६०
إِلَّاसिवाएillāعِبَادَबन्देʿibādaٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلْمُخْلَصِينَजो ख़ालिस किए हुए हैंl-mukh'laṣīna١٦٠
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।1
३७:१६१
فَإِنَّكُمْपस बेशक तुम सबfa-innakumوَمَاऔर जिनकीwamāتَعْبُدُونَतुम इबादत करते होtaʿbudūna١٦١
अतः निःसंदेह तुम तथा जिनकी तुम पूजा करते हो।
३७:१६२
مَآनहींأَنتُمْतुमantumعَلَيْهِउसके ख़िलाफ़ʿalayhiبِفَـٰتِنِينَफ़ितने में डालने वालेbifātinīna١٦٢
तुम उसके विरुद्ध (किसी को) बहकाने वाले नहीं।
३७:१६३
إِلَّاमगरillāمَنْउसे जोmanهُوَवोhuwaصَالِदाख़िल होने वालाṣāliٱلْجَحِيمِजहन्नम मेंl-jaḥīmi١٦٣
परंतु उसको, जो भड़कती आग में प्रवेश करने वाला है।
३७:१६४
وَمَاऔर नहींwamāمِنَّآहम में से कोईminnāإِلَّاमगरillāلَهُۥउसके लिएlahuمَقَامٌۭएक मुक़ाम हैmaqāmunمَّعْلُومٌۭमालूमmaʿlūmun١٦٤
और हम (फ़रिश्तों) में से जो भी है उसका एक नियत स्थान है।
३७:१६५
وَإِنَّاऔर बेशक हमwa-innāلَنَحْنُअलबत्ता हमlanaḥnuٱلصَّآفُّونَसफ़ बाँधने वाले हैंl-ṣāfūna١٦٥
तथा निःसंदेह हम निश्चय पंक्तिबद्ध रहने वाले हैं।
३७:१६६
وَإِنَّاऔर बेशक हमwa-innāلَنَحْنُअलबत्ता हम हीlanaḥnuٱلْمُسَبِّحُونَतस्बीह करने वाले हैंl-musabiḥūna١٦٦
तथा निःसंदेह हम निश्चय तस्बीह़ (पवित्रता गान) करने वाले हैं।
३७:१६७
وَإِنऔर बेशकwa-inكَانُوا۟थे वोkānūلَيَقُولُونَअलबत्ता वो कहतेlayaqūlūna١٦٧
तथा निःसंदेह वे (मुश्रिक) तो कहा करते थे
३७:१६८
لَوْअगरlawأَنَّये कि (होती)annaعِندَنَاहमारे पासʿindanāذِكْرًۭاनसीहतdhik'ranمِّنَfromminaٱلْأَوَّلِينَपहलों में सेl-awalīna١٦٨
यदि हमारे पास पहले लोगों की कोई शिक्षा (किताब) होती,
३७:१६९
لَكُنَّاअलबत्ता होते हमlakunnāعِبَادَबन्देʿibādaٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلْمُخْلَصِينَजो ख़ालिस किए हुए हैंl-mukh'laṣīna١٦٩
तो हम अवश्य अल्लाह के ख़ालिस (चुने हुए) बंदे होते।
३७:१७०
فَكَفَرُوا۟तो उन्होंने कुफ़्र कियाfakafarūبِهِۦ ۖसाथ उसकेbihiفَسَوْفَतो अनक़रीबfasawfaيَعْلَمُونَवो जान लेंगेyaʿlamūna١٧٠
(फिर जब किताब आ गई) तो उन्होंने उसका इनकार कर दिया। अतः जल्द ही उन्हें पता चल जाएगा।
३७:१७१
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadسَبَقَتْपहले गुज़र चुकी हैsabaqatكَلِمَتُنَاबात हमारीkalimatunāلِعِبَادِنَاहमारे बन्दों के लिएliʿibādināٱلْمُرْسَلِينَजो भेजे हुए हैंl-mur'salīna١٧١
और निःसंदेह हमारे भेजे हुए बंदों के लिए हमारी बात पहले ही निश्चित हो चुकी
३७:१७२
إِنَّهُمْबेशक वोinnahumلَهُمُअलबत्ता वो हीlahumuٱلْمَنصُورُونَमदद किए जाऐंगेl-manṣūrūna١٧٢
कि निःसंदेह वही हैं, जिनकी सहायता की जाएगी।
३७:१७३
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaجُندَنَاलश्कर हमाराjundanāلَهُمُअलबत्ता वो ही हैlahumuٱلْغَـٰلِبُونَग़ालिब आने वालाl-ghālibūna١٧٣
तथा निःसंदेह हमारी सेना ही निश्चय प्रभुत्वशाली रहेगी।
३७:१७४
فَتَوَلَّतो मुँह फेर लीजिएfatawallaعَنْهُمْउनसेʿanhumحَتَّىٰuntilḥattāحِينٍۢएक वक़्त तकḥīnin١٧٤
तो आप कुछ समय तक के लिए उनसे मुँह फेर लें।
३७:१७५
وَأَبْصِرْهُمْऔर देखते रहिए उन्हेंwa-abṣir'humفَسَوْفَपस अनक़रीबfasawfaيُبْصِرُونَवो भी देखेंगेyub'ṣirūna١٧٥
तथा उन्हें देखते रहें। वे भी शीघ्र ही देख लेंगे।
३७:१७६
أَفَبِعَذَابِنَاक्या भला हमारे अज़ाब कोafabiʿadhābināيَسْتَعْجِلُونَवो जल्दी माँगते हैंyastaʿjilūna١٧٦
तो क्या वे हमारी यातना की शीघ्र माँग कर रहे हैं?
३७:१७७
فَإِذَاफिर जबfa-idhāنَزَلَवो उतरेगाnazalaبِسَاحَتِهِمْउनके सहन मेंbisāḥatihimفَسَآءَतो बहुत बुरी होगीfasāaصَبَاحُसुबहṣabāḥuٱلْمُنذَرِينَडराए जाने वालों कीl-mundharīna١٧٧
फिर जब वह उनके आँगन में उतरेगी, तो डराए गए लोगों की सुबह बहुत बुरी होगी।
३७:१७८
وَتَوَلَّऔर मुँह फेर लीजिएwatawallaعَنْهُمْउनसेʿanhumحَتَّىٰforḥattāحِينٍۢएक वक़्त तकḥīnin١٧٨
َऔर आप कुछ समय तक के लिए उनसे मुँह फेर लें।
३७:१७९
وَأَبْصِرْऔर देखते रहिएwa-abṣirفَسَوْفَतो अनक़रीबfasawfaيُبْصِرُونَवो भी देखेंगेyub'ṣirūna١٧٩
तथा देखते रहें। जल्द ही वे भी देख लेंगे।
३७:१८०
سُبْحَـٰنَपाक हैsub'ḥānaرَبِّكَरब आपकाrabbikaرَبِّरबrabbiٱلْعِزَّةِइज़्ज़त वालाl-ʿizatiعَمَّاउससे जोʿammāيَصِفُونَवो बयान करते हैंyaṣifūna١٨٠
पवित्र है आपका पालनहार, पराक्रम व शक्ति का स्वामी!, उस बात से, जो वे बयान करते हैं।
३७:१८१
وَسَلَـٰمٌऔर सलाम हैwasalāmunعَلَىuponʿalāٱلْمُرْسَلِينَसब रसूलों परl-mur'salīna١٨١
तथा सलाम हो रसूलों पर।
३७:१८२
وَٱلْحَمْدُऔर सब तारीफ़wal-ḥamduلِلَّهِअल्लाह के लिए हैlillahiرَبِّजो रब हैrabbiٱلْعَـٰلَمِينَतमाम जहानों काl-ʿālamīna١٨٢
और हर प्रकार की प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो सर्व संसार का पालनहार है।