५०

क़ाफ़

मक्की ४५ आयतें पारा २६
ق
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५०:१
قٓ ۚ ق qaf
ق
وَٱلْقُرْءَانِ क़सम है क़ुरआन की wal-qur'āni
क़सम है क़ुरआन की
ٱلْمَجِيدِ जो बड़ी शान वाला है l-majīdi
जो बड़ी शान वाला है
١ (1)
(1)
क़ाफ़। क़सम है सम्मानित क़ुरआन की!
५०:२
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
عَجِبُوٓا۟ उन्हें ताअज्जुब हुआ ʿajibū
उन्हें ताअज्जुब हुआ
أَن कि an
कि
جَآءَهُم आ गया उनके पास jāahum
आ गया उनके पास
مُّنذِرٌۭ एक डराने वाला mundhirun
एक डराने वाला
مِّنْهُمْ उन्हीं में से min'hum
उन्हीं में से
فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा
ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िरों ने l-kāfirūna
काफ़िरों ने
هَـٰذَا ये hādhā
ये
شَىْءٌ एक चीज़ है shayon
एक चीज़ है
عَجِيبٌ अजीब ʿajībun
अजीब
٢ (2)
(2)
बल्कि उन्हें आश्चर्य हुआ कि उनके पास उन्हीं में से एक डराने वाला आया। तो काफ़िरों ने कहा : यह बड़ी विचित्र बात है।1
५०:३
أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब
مِتْنَا मर जाऐंगे हम mit'nā
मर जाऐंगे हम
وَكُنَّا और हो जाऐंगे हम wakunnā
और हो जाऐंगे हम
تُرَابًۭا ۖ मिट्टी turāban
मिट्टी
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
رَجْعٌۢ पलटना है rajʿun
पलटना है
بَعِيدٌۭ बहुत दूर का baʿīdun
बहुत दूर का
٣ (3)
(3)
क्या जब हम मर गए और मिट्टी हो गए (तो दोबारा उठाए जाएँगे)? यह पलटना तो बहुत दूर की बात है।
५०:४
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
عَلِمْنَا जान लिया हमने ʿalim'nā
जान लिया हमने
مَا जो
जो
تَنقُصُ कम करती है tanquṣu
कम करती है
ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन
مِنْهُمْ ۖ उनमें से min'hum
उनमें से
وَعِندَنَا और हमारे पास waʿindanā
और हमारे पास
كِتَـٰبٌ एक किताब है kitābun
एक किताब है
حَفِيظٌۢ ख़ूब हिफ़ाज़त करने वाली ḥafīẓun
ख़ूब हिफ़ाज़त करने वाली
٤ (4)
(4)
निश्चय हमें मालूम है जो कुछ धरती उनमें से कम करती है और हमारे पास एक पुस्तक1 है, जो ख़ूब सुरक्षित रखने वाली है।
५०:५
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया
بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को
لَمَّا जब lammā
जब
جَآءَهُمْ वो आ गया उनके पास jāahum
वो आ गया उनके पास
فَهُمْ तो वो fahum
तो वो
فِىٓ (are) in
(are) in
أَمْرٍۢ एक मामले में है amrin
एक मामले में है
مَّرِيجٍ उलझे हुए marījin
उलझे हुए
٥ (5)
(5)
बल्कि उनहोंने सत्य को झुठला दिया, जब वह उनके पास आया। अतः वे एक उलझे हुए मामले में हैं।
५०:६
أَفَلَمْ क्या भला नहीं afalam
क्या भला नहीं
يَنظُرُوٓا۟ उन्होंने देखा yanẓurū
उन्होंने देखा
إِلَى at ilā
at
ٱلسَّمَآءِ तरफ़ आसमान के l-samāi
तरफ़ आसमान के
فَوْقَهُمْ अपने ऊपर fawqahum
अपने ऊपर
كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह
بَنَيْنَـٰهَا बनाया हमने उसे banaynāhā
बनाया हमने उसे
وَزَيَّنَّـٰهَا और मुज़य्यन किया हमने उसे wazayyannāhā
और मुज़य्यन किया हमने उसे
وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है
لَهَا उसमें lahā
उसमें
مِن any min
any
فُرُوجٍۢ कोई शगाफ़ furūjin
कोई शगाफ़
٦ (6)
(6)
तो क्या उन्होंने अपने ऊपर आकाश की ओर नहीं देखा कि हमने उसे कैसे बनाया और उसे सजाया और उसमें कोई दरार नहीं है?
५०:७
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन wal-arḍa
और ज़मीन
مَدَدْنَـٰهَا फैलाया हमने उसे madadnāhā
फैलाया हमने उसे
وَأَلْقَيْنَا और डाले हमने wa-alqaynā
और डाले हमने
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
رَوَٰسِىَ पहाड़ rawāsiya
पहाड़
وَأَنۢبَتْنَا और उगाए हमने wa-anbatnā
और उगाए हमने
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
مِن of min
of
كُلِّ हर क़िस्म के kulli
हर क़िस्म के
زَوْجٍۭ जोड़े zawjin
जोड़े
بَهِيجٍۢ बारौनक़ bahījin
बारौनक़
٧ (7)
(7)
और हमने धरती को फैलाया और उसमें पर्वत डाल दिए और उसमें हर प्रकार की सुंदर चीज़ें उगाईं।
५०:८
تَبْصِرَةًۭ बतौर बसीरत tabṣiratan
बतौर बसीरत
وَذِكْرَىٰ और नसीहत wadhik'rā
और नसीहत
لِكُلِّ for every likulli
for every
عَبْدٍۢ वास्ते हर बन्दे ʿabdin
वास्ते हर बन्दे
مُّنِيبٍۢ रुजूअ करने वाले के munībin
रुजूअ करने वाले के
٨ (8)
(8)
हर उस बंदे को दिखाने और याद दिलाने के लिए, जो (अपने पालनहार की ओर) लौटने वाला है।
५०:९
وَنَزَّلْنَا और उतारा हमने wanazzalnā
और उतारा हमने
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۭ पानी māan
पानी
مُّبَـٰرَكًۭا बरकत वाला mubārakan
बरकत वाला
فَأَنۢبَتْنَا फिर उगाए हमने fa-anbatnā
फिर उगाए हमने
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात jannātin
बाग़ात
وَحَبَّ और अनाज waḥabba
और अनाज
ٱلْحَصِيدِ कटी हुई खेती के l-ḥaṣīdi
कटी हुई खेती के
٩ (9)
(9)
तथा हमने आकाश से बहुत बरकत वाला पानी उतारा, फिर हमने उसके द्वारा बाग़ तथा काटी जाने वाली (खेती) के दाने उगाए।
५०:१०
وَٱلنَّخْلَ और खजूर के दरख़्त wal-nakhla
और खजूर के दरख़्त
بَاسِقَـٰتٍۢ बुलन्द व बाला bāsiqātin
बुलन्द व बाला
لَّهَا उनके लिए lahā
उनके लिए
طَلْعٌۭ ख़ोशे हैं ṭalʿun
ख़ोशे हैं
نَّضِيدٌۭ तह ब तह/ऊपर नीचे naḍīdun
तह ब तह/ऊपर नीचे
١٠ (10)
(10)
तथा खजूरों के लंबे-लंबे ऊँचे पेड़, जिनके गुच्छे परत दर परत हैं।
५०:११
رِّزْقًۭا रिज़्क़ है riz'qan
रिज़्क़ है
لِّلْعِبَادِ ۖ बन्दों के लिए lil'ʿibādi
बन्दों के लिए
وَأَحْيَيْنَا और ज़िन्दा किया हमने wa-aḥyaynā
और ज़िन्दा किया हमने
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
بَلْدَةًۭ शहर baldatan
शहर
مَّيْتًۭا ۚ मुर्दा को maytan
मुर्दा को
كَذَٰلِكَ इसी तरह होगा kadhālika
इसी तरह होगा
ٱلْخُرُوجُ निकलना l-khurūju
निकलना
١١ (11)
(11)
बंदों को रोज़ी देने के लिए। तथा हमने उसके साथ एक मुर्दा शहर को जीवित कर दिया। इसी प्रकार निकलना है।
५०:१२
كَذَّبَتْ झुठलाया kadhabat
झुठलाया
قَبْلَهُمْ उनसे क़ब्ल qablahum
उनसे क़ब्ल
قَوْمُ क़ौमे qawmu
क़ौमे
نُوحٍۢ नूह nūḥin
नूह
وَأَصْحَـٰبُ and (the) companions wa-aṣḥābu
and (the) companions
ٱلرَّسِّ और असहाबे-रस l-rasi
और असहाबे-रस
وَثَمُودُ और समूद ने wathamūdu
और समूद ने
١٢ (12)
(12)
इनसे पहले नूह की जाति ने और कुएँ वालों ने और समूद ने झुठलाया।
५०:१३
وَعَادٌۭ और आद waʿādun
और आद
وَفِرْعَوْنُ और फ़िरऔन wafir'ʿawnu
और फ़िरऔन
وَإِخْوَٰنُ and (the) brothers wa-ikh'wānu
and (the) brothers
لُوطٍۢ और लूत के भाइयों ने lūṭin
और लूत के भाइयों ने
١٣ (13)
(13)
तथा आद और फ़िरऔन ने और लूत के भाइयों ने।
५०:१४
وَأَصْحَـٰبُ And (the) companions wa-aṣḥābu
And (the) companions
ٱلْأَيْكَةِ और असहाबे ऐका(जंगल वालों) l-aykati
और असहाबे ऐका(जंगल वालों)
وَقَوْمُ and (the) people waqawmu
and (the) people
تُبَّعٍۢ ۚ और क़ौमे तुब्बअ ने tubbaʿin
और क़ौमे तुब्बअ ने
كُلٌّۭ सब ने kullun
सब ने
كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया
ٱلرُّسُلَ रसूलों को l-rusula
रसूलों को
فَحَقَّ तो साबित हो गई faḥaqqa
तो साबित हो गई
وَعِيدِ वईद मेरी waʿīdi
वईद मेरी
١٤ (14)
(14)
तथा ''ऐका'' के वासियों ने और ''तुब्बा''1 की जाति ने। प्रत्येक ने रसूलों को झुठलाया।2 तो उनपर मेरे अज़ाब का वादा साबित हो गया।
५०:१५
أَفَعَيِينَا क्या भला थक गए हम afaʿayīnā
क्या भला थक गए हम
بِٱلْخَلْقِ with the creation bil-khalqi
with the creation
ٱلْأَوَّلِ ۚ पहली तख़लीक़ से l-awali
पहली तख़लीक़ से
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
هُمْ वो hum
वो
فِى (are) in
(are) in
لَبْسٍۢ शक में हैं labsin
शक में हैं
مِّنْ about min
about
خَلْقٍۢ a creation khalqin
a creation
جَدِيدٍۢ नई पैदाइश से jadīdin
नई पैदाइश से
١٥ (15)
(15)
तो क्या हम प्रथम बार पैदा करके थक गए हैं? बल्कि वे नए पैदा किए जाने के बारे में संदेह में पड़े हुए हैं।
५०:१६
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
وَنَعْلَمُ और हम जानते हैं wanaʿlamu
और हम जानते हैं
مَا जो
जो
تُوَسْوِسُ वस्वसा डालता है tuwaswisu
वस्वसा डालता है
بِهِۦ उसे bihi
उसे
نَفْسُهُۥ ۖ नफ़्स उसका nafsuhu
नफ़्स उसका
وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम
أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब हैं aqrabu
ज़्यादा क़रीब हैं
إِلَيْهِ उसके ilayhi
उसके
مِنْ than min
than
حَبْلِ (his) jugular vein ḥabli
(his) jugular vein
ٱلْوَرِيدِ शह रग से l-warīdi
शह रग से
١٦ (16)
(16)
निःसंदेह हमने मनुष्य को पैदा किया और हम जानते हैं जो कुछ विचार उसके मन में आता है और हम उसके गले की उस नस से भी अधिक क़रीब हैं जो दिल से जुड़ी होती है।
५०:१७
إِذْ जब idh
जब
يَتَلَقَّى ले लेते हैं yatalaqqā
ले लेते हैं
ٱلْمُتَلَقِّيَانِ दो लेने वाले l-mutalaqiyāni
दो लेने वाले
عَنِ on ʿani
on
ٱلْيَمِينِ दाईं तरफ़ से l-yamīni
दाईं तरफ़ से
وَعَنِ and on waʿani
and on
ٱلشِّمَالِ और बाईं तरफ़ से l-shimāli
और बाईं तरफ़ से
قَعِيدٌۭ बैठे हुए qaʿīdun
बैठे हुए
١٧ (17)
(17)
जब दो लेने वाले (उसके हर कथन और कर्म को) लेते हैं, जो दाहिनी और बाईं ओर बैठे हैं।1
५०:१८
مَّا नहीं
नहीं
يَلْفِظُ वो बोलता yalfiẓu
वो बोलता
مِن any min
any
قَوْلٍ कोई बात qawlin
कोई बात
إِلَّا मगर illā
मगर
لَدَيْهِ उसके पास है ladayhi
उसके पास है
رَقِيبٌ एक मुहाफ़िज़/निगरान raqībun
एक मुहाफ़िज़/निगरान
عَتِيدٌۭ तैयार ʿatīdun
तैयार
١٨ (18)
(18)
वह कोई बात नहीं बोलता, परंतु उसके पास एक निरीक्षक तैयार रहता है।
५०:१९
وَجَآءَتْ और आ गई wajāat
और आ गई
سَكْرَةُ बेहोशी sakratu
बेहोशी
ٱلْمَوْتِ मौत की l-mawti
मौत की
بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है
مَا वो जो
वो जो
كُنتَ था तू kunta
था तू
مِنْهُ उस से min'hu
उस से
تَحِيدُ तू भागता taḥīdu
तू भागता
١٩ (19)
(19)
और मौत की बेहोशी सत्य के साथ आ गई। यही है वह जिससे तू भागता था।
५०:२०
وَنُفِخَ और फूँका जाएगा wanufikha
और फूँका जाएगा
فِى [in]
[in]
ٱلصُّورِ ۚ सूर में l-ṣūri
सूर में
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
يَوْمُ दिन है yawmu
दिन है
ٱلْوَعِيدِ वादे का l-waʿīdi
वादे का
٢٠ (20)
(20)
और सूर में फूँक दिया गया। यही यातना के वादे का दिन है।
५०:२१
وَجَآءَتْ और आएगा wajāat
और आएगा
كُلُّ हर kullu
हर
نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स
مَّعَهَا उसके साथ(होगा) maʿahā
उसके साथ(होगा)
سَآئِقٌۭ एक हाँकने वाला sāiqun
एक हाँकने वाला
وَشَهِيدٌۭ और एक गवाही देने वाला washahīdun
और एक गवाही देने वाला
٢١ (21)
(21)
तथा प्रत्येक व्यक्ति इस दशा में आएगा कि उसके साथ एक हाँकने वाला1 और एक गवाह होगा।
५०:२२
لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
كُنتَ था तू kunta
था तू
فِى in
in
غَفْلَةٍۢ गफ़लत में ghaflatin
गफ़लत में
مِّنْ of min
of
هَـٰذَا उससे hādhā
उससे
فَكَشَفْنَا तो हटा दिया हमने fakashafnā
तो हटा दिया हमने
عَنكَ तुझ से ʿanka
तुझ से
غِطَآءَكَ पर्दा तेरा ghiṭāaka
पर्दा तेरा
فَبَصَرُكَ तो निगाह तेरी fabaṣaruka
तो निगाह तेरी
ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज
حَدِيدٌۭ बहुत तेज़ है ḥadīdun
बहुत तेज़ है
٢٢ (22)
(22)
निःसंदेह तू इससे बड़ी ग़फ़लत में था। सो हमने तुझसे तेरा परदा हटा दिया। तो तेरी दृष्टि आज बड़ी पैनी है।
५०:२३
وَقَالَ और कहेगा waqāla
और कहेगा
قَرِينُهُۥ साथी(फ़रिश्ता) उसका qarīnuhu
साथी(फ़रिश्ता) उसका
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
مَا जो
जो
لَدَىَّ मेरे पास है ladayya
मेरे पास है
عَتِيدٌ तैयार ʿatīdun
तैयार
٢٣ (23)
(23)
तथा उसका साथी1 कहेगा : यह है (उसके कर्मों का विवरण) जो मेरे पास तैयार है।
५०:२४
أَلْقِيَا तुम दोनों डाल दो alqiyā
तुम दोनों डाल दो
فِى in (to)
in (to)
جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में
كُلَّ हर kulla
हर
كَفَّارٍ बहुत नाशुक्रे kaffārin
बहुत नाशुक्रे
عَنِيدٍۢ बहुत अनाद रखने वाले को ʿanīdin
बहुत अनाद रखने वाले को
٢٤ (24)
(24)
तुम दोनों नरक में फेंक दो हर बड़े कृतघ्न को, जो (सत्य से) बहुत दुराग्रह रखने वाला है।
५०:२५
مَّنَّاعٍۢ बहुत रोकने वाले को mannāʿin
बहुत रोकने वाले को
لِّلْخَيْرِ ख़ैर से lil'khayri
ख़ैर से
مُعْتَدٍۢ हद से निकलने वाले muʿ'tadin
हद से निकलने वाले
مُّرِيبٍ शक में पड़े हुए को murībin
शक में पड़े हुए को
٢٥ (25)
(25)
जो भलाई को बहुत रोकने वाला, सीमा को लाँघने वाला, संदेह करने वाला है।
५०:२६
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
جَعَلَ बना लिया jaʿala
बना लिया
مَعَ साथ maʿa
साथ
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِلَـٰهًا एक इलाह ilāhan
एक इलाह
ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा
فَأَلْقِيَاهُ पस तुम दोनों डाल दो उसे fa-alqiyāhu
पस तुम दोनों डाल दो उसे
فِى in(to)
in(to)
ٱلْعَذَابِ the punishment l-ʿadhābi
the punishment
ٱلشَّدِيدِ शदीद अज़ाब में l-shadīdi
शदीद अज़ाब में
٢٦ (26)
(26)
जिसने अल्लाह के साथ दूसरा पूज्य बना लिया। अतः तुम दोनों उसे कठोर यातना में डाल दो।
५०:२७
۞ قَالَ कहेगा qāla
कहेगा
قَرِينُهُۥ साथी (शैतान) उसका qarīnuhu
साथी (शैतान) उसका
رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
مَآ नहीं
नहीं
أَطْغَيْتُهُۥ सरकश बनाया मैं ने उसे aṭghaytuhu
सरकश बनाया मैं ने उसे
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
كَانَ था वो kāna
था वो
فِى in
in
ضَلَـٰلٍۭ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में
بَعِيدٍۢ बहुत दूर की baʿīdin
बहुत दूर की
٢٧ (27)
(27)
उसका साथी (शैतान) कहेगा : ऐ हमारे पालनहार! मैंने उसे सरकश नहीं बनाया। परंतु वह खुद ही दूर की गुमराही में था।
५०:२८
قَالَ वो फ़रमायगा qāla
वो फ़रमायगा
لَا (Do) not
(Do) not
تَخْتَصِمُوا۟ ना तुम झगड़ा करो takhtaṣimū
ना तुम झगड़ा करो
لَدَىَّ मेरे पास ladayya
मेरे पास
وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़
قَدَّمْتُ पहले भेज दी मैं ने qaddamtu
पहले भेज दी मैं ने
إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे
بِٱلْوَعِيدِ वईद bil-waʿīdi
वईद
٢٨ (28)
(28)
(अल्लाह ने) फरमाया : मेरे पास झगड़ा मत करो। हालाँकि मैंने तो तुम्हारी ओर चेतावनी का संदेश पहले ही भेज दिया था।
५०:२९
مَا नहीं
नहीं
يُبَدَّلُ बदली जाती yubaddalu
बदली जाती
ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात
لَدَىَّ मेरे पास ladayya
मेरे पास
وَمَآ और नहीं हूँ wamā
और नहीं हूँ
أَنَا۠ मैं anā
मैं
بِظَلَّـٰمٍۢ कोई ज़ुल्म करने वाला biẓallāmin
कोई ज़ुल्म करने वाला
لِّلْعَبِيدِ बन्दों पर lil'ʿabīdi
बन्दों पर
٢٩ (29)
(29)
मेरे यहाँ बात बदली नहीं जाती1 तथा मैं बंदों पर कदापि कोई अत्याचार करने वाला नहीं।
५०:३०
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
نَقُولُ हम कहेंगे naqūlu
हम कहेंगे
لِجَهَنَّمَ जहन्नम से lijahannama
जहन्नम से
هَلِ क्या hali
क्या
ٱمْتَلَأْتِ भर गई तू im'talati
भर गई तू
وَتَقُولُ और वो कहेगी wataqūlu
और वो कहेगी
هَلْ क्या है hal
क्या है
مِن (there) any min
(there) any
مَّزِيدٍۢ कुछ मज़ीद mazīdin
कुछ मज़ीद
٣٠ (30)
(30)
जिस दिन हम जहन्नम से कहेंगे : क्या तू भर गया? और वह कहेगा : क्या कुछ और है?
५०:३१
وَأُزْلِفَتِ और क़रीब लाई जाएगी wa-uz'lifati
और क़रीब लाई जाएगी
ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत
لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए
غَيْرَ not ghayra
not
بَعِيدٍ कुछ दूर ना होगी baʿīdin
कुछ दूर ना होगी
٣١ (31)
(31)
तथा जन्नत परहेज़गारों के लिए निकट कर दी जाएगी, जो कुछ दूर न होगी।
५०:३२
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
مَا वो जो
वो जो
تُوعَدُونَ तुम वादा किए जाते थे tūʿadūna
तुम वादा किए जाते थे
لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर
أَوَّابٍ बहुत रुजूअ करने वाले awwābin
बहुत रुजूअ करने वाले
حَفِيظٍۢ बहुत हिफ़ाज़त करने वाले के ḥafīẓin
बहुत हिफ़ाज़त करने वाले के
٣٢ (32)
(32)
यही है जिसका तुमसे वादा किया जाता था, हर उस व्यक्ति के लिए जो (अपने रब की ओर) बहुत लौटने वाला, (उसके आदेशों की) रक्षा करने वाला हो।
५०:३३
مَّنْ जो man
जो
خَشِىَ डरा khashiya
डरा
ٱلرَّحْمَـٰنَ रहमान से l-raḥmāna
रहमान से
بِٱلْغَيْبِ ग़ायबाना/ बिन देखे bil-ghaybi
ग़ायबाना/ बिन देखे
وَجَآءَ और वो लाया wajāa
और वो लाया
بِقَلْبٍۢ दिल biqalbin
दिल
مُّنِيبٍ रुजूअ करने वाला munībin
रुजूअ करने वाला
٣٣ (33)
(33)
जो 'रहमान' (अत्यंत दयावान्) से बिन देखे डरा तथा (उसकी ओर बहुत ज़्यादा) लौटने वाला दिल लेकर आया।
५०:३४
ٱدْخُلُوهَا दाख़िल हो जाओ उसमें ud'khulūhā
दाख़िल हो जाओ उसमें
بِسَلَـٰمٍۢ ۖ साथ सलामती के bisalāmin
साथ सलामती के
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
يَوْمُ दिन है yawmu
दिन है
ٱلْخُلُودِ हमेशगी का l-khulūdi
हमेशगी का
٣٤ (34)
(34)
इसमें शांति के साथ दाख़िल हो जाओ। यही हमेशा रहने का दिन है।
५०:३५
لَهُم उनके लिए होगा lahum
उनके लिए होगा
مَّا जो
जो
يَشَآءُونَ वो चाहेंगे yashāūna
वो चाहेंगे
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
وَلَدَيْنَا और हमारे पास waladaynā
और हमारे पास
مَزِيدٌۭ मज़ीद है mazīdun
मज़ीद है
٣٥ (35)
(35)
उनके लिए उसमें वह सब कुछ होगा, जो वे चाहेंगे। तथा हमारे पास और भी बहुत कुछ है।1
५०:३६
وَكَمْ और कितनी ही wakam
और कितनी ही
أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने
قَبْلَهُم उनसे पहले qablahum
उनसे पहले
مِّن of min
of
قَرْنٍ उम्मतें qarnin
उम्मतें
هُمْ वो hum
वो
أَشَدُّ ज़्यादा शदीद थीं ashaddu
ज़्यादा शदीद थीं
مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे
بَطْشًۭا पकड़ में baṭshan
पकड़ में
فَنَقَّبُوا۟ तो उन्होंने छान मारा था fanaqqabū
तो उन्होंने छान मारा था
فِى throughout
throughout
ٱلْبِلَـٰدِ मुल्कों को l-bilādi
मुल्कों को
هَلْ क्या है hal
क्या है
مِن any min
any
مَّحِيصٍ कोई जाए पनाह maḥīṣin
कोई जाए पनाह
٣٦ (36)
(36)
तथा हमने इनसे पहले बहुत-से समुदायों को विनष्ट कर दिया, जो शक्ति में इनसे कहीं बढ़-चढ़कर थे। तो उन्होंने नगरों को छान मारा, क्या भागने की कोई जहग है?
५०:३७
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَذِكْرَىٰ अलबत्ता नसीहत है ladhik'rā
अलबत्ता नसीहत है
لِمَن वास्ते उसके जो liman
वास्ते उसके जो
كَانَ हो kāna
हो
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
قَلْبٌ दिल qalbun
दिल
أَوْ या aw
या
أَلْقَى वो लगाए alqā
वो लगाए
ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान
وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो
شَهِيدٌۭ हाज़िर हो shahīdun
हाज़िर हो
٣٧ (37)
(37)
निःसंदेह इसमें उस व्यक्ति के लिए निश्चय नसीहत है, जिसके पास दिल हो, या वह कान लगाए, इस हाल में कि उसका दिल उपस्थित हो।
५०:३८
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
وَمَا और जो wamā
और जो
بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के
فِى in
in
سِتَّةِ six sittati
six
أَيَّامٍۢ छ: दिनों में ayyāmin
छ: दिनों में
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
مَسَّنَا छुआ हमें massanā
छुआ हमें
مِن any min
any
لُّغُوبٍۢ किसी थकावट ने lughūbin
किसी थकावट ने
٣٨ (38)
(38)
तथा निश्चय हमने आकाशों एवं धरती को और जो कुछ उन दोनों के बीच है, छह दिनों में पैदा किया और हमें कोई थकान नहीं हुई।
५०:३९
فَٱصْبِرْ पस सब्र कीजिए fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
مَا उसके जो
उसके जो
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
وَسَبِّحْ और तस्बीह कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह कीजिए
بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के
رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की
قَبْلَ पहले qabla
पहले
طُلُوعِ तुलूअ होने से ṭulūʿi
तुलूअ होने से
ٱلشَّمْسِ सूरज के l-shamsi
सूरज के
وَقَبْلَ और पहले waqabla
और पहले
ٱلْغُرُوبِ ग़ुरूब होने से l-ghurūbi
ग़ुरूब होने से
٣٩ (39)
(39)
अतः जो कुछ वे कहते हैं, उसपर सब्र से काम लें तथा सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त से पहले1 अपने रब की प्रशंसा के साथ पवित्रता बयान करें।
५०:४०
وَمِنَ And of wamina
And of
ٱلَّيْلِ और रात में से al-layli
और रात में से
فَسَبِّحْهُ पस तस्बीह कीजिए उसकी fasabbiḥ'hu
पस तस्बीह कीजिए उसकी
وَأَدْبَـٰرَ और बाद wa-adbāra
और बाद
ٱلسُّجُودِ सजदों के l-sujūdi
सजदों के
٤٠ (40)
(40)
तथा रात के कुछ भाग में फिर उसकी पवित्रता का वर्णन करें और सजदे के बाद की घड़ियों में भी।
५०:४१
وَٱسْتَمِعْ और ग़ौर से सुनिए wa-is'tamiʿ
और ग़ौर से सुनिए
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يُنَادِ पुकारेगा yunādi
पुकारेगा
ٱلْمُنَادِ पुकारने वाला l-munādi
पुकारने वाला
مِن from min
from
مَّكَانٍۢ एक जगह से makānin
एक जगह से
قَرِيبٍۢ क़रीब की qarībin
क़रीब की
٤١ (41)
(41)
तथा कान लगाकर सुनें, जिस दिन पुकारने वाला1 एक निकट स्थान से पुकारेगा।
५०:४२
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يَسْمَعُونَ वो सुनेंगे yasmaʿūna
वो सुनेंगे
ٱلصَّيْحَةَ चिंघाड़ को l-ṣayḥata
चिंघाड़ को
بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
ذَٰلِكَ ये होगा dhālika
ये होगा
يَوْمُ दिन yawmu
दिन
ٱلْخُرُوجِ निकलने का l-khurūji
निकलने का
٤٢ (42)
(42)
जिस दिन वे भयंकर आवाज़ को सत्य के साथ सुनेंगे। यह निकलने का दिन है।
५०:४३
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही
نُحْىِۦ हम ज़िन्दा करते हैं nuḥ'yī
हम ज़िन्दा करते हैं
وَنُمِيتُ और हम मौत देते हैं wanumītu
और हम मौत देते हैं
وَإِلَيْنَا और तरफ़ हमारे ही wa-ilaynā
और तरफ़ हमारे ही
ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है
٤٣ (43)
(43)
निश्चय हम ही जीवन देते हैं और हम ही मारते हैं और हमारी ही ओर लौटकर आना है।
५०:४४
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
تَشَقَّقُ शक़ हो जाएगी tashaqqaqu
शक़ हो जाएगी
ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन
عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे
سِرَاعًۭا ۚ तेज़ दौड़ने वाले होंगे sirāʿan
तेज़ दौड़ने वाले होंगे
ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है
حَشْرٌ इकट्ठा करना / हशर ḥashrun
इकट्ठा करना / हशर
عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर
يَسِيرٌۭ बहुत आसान yasīrun
बहुत आसान
٤٤ (44)
(44)
जिस दिन धरती उनसे फट जाएगी, जबकि वे तेज़ दौड़ने वाले होंगे। यह एकत्र करना हमारे लिए बहुत सरल है।
५०:४५
نَّحْنُ हम naḥnu
हम
أَعْلَمُ ज़्यादा जानते हैं aʿlamu
ज़्यादा जानते हैं
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
يَقُولُونَ ۖ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتَ आप anta
आप
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
بِجَبَّارٍۢ ۖ ज़बरदस्ती करने वाले bijabbārin
ज़बरदस्ती करने वाले
فَذَكِّرْ पस नसीहत कीजिए fadhakkir
पस नसीहत कीजिए
بِٱلْقُرْءَانِ साथ क़ुरआन के bil-qur'āni
साथ क़ुरआन के
مَن उसे जो man
उसे जो
يَخَافُ डरता हो yakhāfu
डरता हो
وَعِيدِ मेरी वईद से waʿīdi
मेरी वईद से
٤٥ (45)
(45)
हम उसे अधिक जानने वाले हैं, जो कुछ वे कहते हैं। और आप उनपर कोई ज़बरदस्ती करने वाले नहीं हैं। अतः आप क़ुरआन द्वारा उस व्यक्ति को उपदेश दें, जो मेरे अज़ाब के वादे से डरता है।