४४

अद-दुख़ान

मक्की ५९ आयतें पारा २५
الدخان
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४४:१
حمٓ ح م hha-meem
ح م
١ (1)
(1)
ह़ा, मीम।
४४:२
وَٱلْكِتَـٰبِ By the Book wal-kitābi
By the Book
ٱلْمُبِينِ क़सम है वाज़ेह किताब की l-mubīni
क़सम है वाज़ेह किताब की
٢ (2)
(2)
क़सम है स्पष्ट करने वाली पुस्तक की।
४४:३
إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम
أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे
فِى in
in
لَيْلَةٍۢ एक रात में laylatin
एक रात में
مُّبَـٰرَكَةٍ ۚ बरकत वाली mubārakatin
बरकत वाली
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम
مُنذِرِينَ डराने वाले mundhirīna
डराने वाले
٣ (3)
(3)
निःसंदेह हमने इसे1 एक बरकत वाली रात में उतारा है। निःसंदेह हम डराने वाले थे।
४४:४
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
يُفْرَقُ फ़ैसला किया जाता है yuf'raqu
फ़ैसला किया जाता है
كُلُّ हर kullu
हर
أَمْرٍ काम amrin
काम
حَكِيمٍ मोहकम का ḥakīmin
मोहकम का
٤ (4)
(4)
इसी (रात) में प्रत्येक अटल मामले का निर्णय किया जाता है।
४४:५
أَمْرًۭا एक हुक्म का amran
एक हुक्म का
مِّنْ from min
from
عِندِنَآ ۚ हमारे पास से ʿindinā
हमारे पास से
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
مُرْسِلِينَ भेजने वाले mur'silīna
भेजने वाले
٥ (5)
(5)
हमारी ओर से आदेश के कारण। निःसंदेह हम ही भेजने वाले थे।
४४:६
رَحْمَةًۭ बतौर रहमत raḥmatan
बतौर रहमत
مِّن from min
from
رَّبِّكَ ۚ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से
إِنَّهُۥ बेशक innahu
बेशक
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला
ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाला l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाला
٦ (6)
(6)
आपके पालनहार की दया के कारण। निश्चय वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
४४:७
رَبِّ रब है rabbi
रब है
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
وَمَا और जो wamā
और जो
بَيْنَهُمَآ ۖ दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के
إِن अगर in
अगर
كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम
مُّوقِنِينَ यक़ीन करने वाले mūqinīna
यक़ीन करने वाले
٧ (7)
(7)
जो आकाशों तथा धरती और उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों का पालनहार है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
४४:८
لَآ नहीं
नहीं
إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़)
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ वो ही huwa
वो ही
يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है
وَيُمِيتُ ۖ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है
رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा
وَرَبُّ और रब warabbu
और रब
ءَابَآئِكُمُ तुम्हारे आबा ओ अजदाद का ābāikumu
तुम्हारे आबा ओ अजदाद का
ٱلْأَوَّلِينَ जो पहले थे l-awalīna
जो पहले थे
٨ (8)
(8)
उसके अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य नहीं। वही जीवित करता और मारता है। तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादाओं का पालनहार है।
४४:९
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
هُمْ वो hum
वो
فِى (are) in
(are) in
شَكٍّۢ शक में shakkin
शक में
يَلْعَبُونَ वो खेल रहे हैं yalʿabūna
वो खेल रहे हैं
٩ (9)
(9)
बल्कि वे संदेह में पड़े खेल रहे हैं।
४४:१०
فَٱرْتَقِبْ पस इन्तज़ार कीजिए fa-ir'taqib
पस इन्तज़ार कीजिए
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
تَأْتِى आएगा tatī
आएगा
ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान
بِدُخَانٍۢ साथ धुएँ के bidukhānin
साथ धुएँ के
مُّبِينٍۢ खुले mubīnin
खुले
١٠ (10)
(10)
तो आप उस दिन की प्रतीक्षा करें, जब आकाश प्रत्यक्ष धुआँ1 लाएगा।
४४:११
يَغْشَى जो ढाँप लेगा yaghshā
जो ढाँप लेगा
ٱلنَّاسَ ۖ लोगों को l-nāsa
लोगों को
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
١١ (11)
(11)
जो लोगों को ढाँप लेगा। यह दुःखदायी यातना है।
४४:१२
رَّبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
ٱكْشِفْ हटा दे ik'shif
हटा दे
عَنَّا हम से ʿannā
हम से
ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
مُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले हैं mu'minūna
ईमान लाने वाले हैं
١٢ (12)
(12)
ऐ हमारे पालनहार! हमसे यह यातना दूर कर दे। निःसंदेह हम ईमान लाने वाले हैं।
४४:१३
أَنَّىٰ कहाँ से है annā
कहाँ से है
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلذِّكْرَىٰ नसीहत l-dhik'rā
नसीहत
وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़
جَآءَهُمْ आ चुका उनके पास jāahum
आ चुका उनके पास
رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल
مُّبِينٌۭ वाज़ेह करने वाला mubīnun
वाज़ेह करने वाला
١٣ (13)
(13)
उनके लिए नसीहत कहाँ? हालाँकि, निश्चित रूप से उनके पास स्पष्ट करने वाला रसूल आ चुका।
४४:१४
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ गए tawallaw
वो मुँह मोड़ गए
عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे
وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा
مُعَلَّمٌۭ सिखाया पढ़ाया muʿallamun
सिखाया पढ़ाया
مَّجْنُونٌ दीवाना है majnūnun
दीवाना है
١٤ (14)
(14)
फिर उन्होंने उससे मुँह फेर लिया और उन्होंने कहा : यह तो सिखाया हुआ है, यह पागल है।
४४:१५
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
كَاشِفُوا۟ हटाने वाले हैं kāshifū
हटाने वाले हैं
ٱلْعَذَابِ अज़ाब को l-ʿadhābi
अज़ाब को
قَلِيلًا ۚ थोड़ी देर के लिए qalīlan
थोड़ी देर के लिए
إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम
عَآئِدُونَ लौटने वाले हो ʿāidūna
लौटने वाले हो
١٥ (15)
(15)
निःसंदेह हम इस यातना को थोड़ी देर के लिए दूर करने वाले हैं। (परंतु) निःसंदेह तुम फिर वही कुछ करने वाले हो।
४४:१६
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
نَبْطِشُ हम पकड़ेंगे nabṭishu
हम पकड़ेंगे
ٱلْبَطْشَةَ पकड़ l-baṭshata
पकड़
ٱلْكُبْرَىٰٓ बहुत बड़ी l-kub'rā
बहुत बड़ी
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
مُنتَقِمُونَ इन्तक़ाम लेने वाले हैं muntaqimūna
इन्तक़ाम लेने वाले हैं
١٦ (16)
(16)
जिस दिन हम बड़ी पकड़1 पकड़ेंगे, निःसंदेह हम बदला लेने वाले हैं।
४४:१७
۞ وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
فَتَنَّا आज़माया हमने fatannā
आज़माया हमने
قَبْلَهُمْ उनसे क़ब्ल qablahum
उनसे क़ब्ल
قَوْمَ क़ौमे qawma
क़ौमे
فِرْعَوْنَ फ़िरऔन को fir'ʿawna
फ़िरऔन को
وَجَآءَهُمْ और आया उनके पास wajāahum
और आया उनके पास
رَسُولٌۭ रसूल rasūlun
रसूल
كَرِيمٌ मुअज़िज़ karīmun
मुअज़िज़
١٧ (17)
(17)
तथा निःसंदेह हमने इनसे पूर्व फ़िरऔन की जाति की परीक्षा ली तथा उनके पास एक अति सम्मानित रसूल आया।
४४:१८
أَنْ ये कि an
ये कि
أَدُّوٓا۟ हवाले कर दो addū
हवाले कर दो
إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़
عِبَادَ बन्दों को ʿibāda
बन्दों को
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
رَسُولٌ एक रसूल हूँ rasūlun
एक रसूल हूँ
أَمِينٌۭ अमानतदार amīnun
अमानतदार
١٨ (18)
(18)
यह कि अल्लाह के बंदों को मेरे हवाले कर दो। निश्चय मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
४४:१९
وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि
لَّا (do) not
(do) not
تَعْلُوا۟ ना तुम सरकशी करो taʿlū
ना तुम सरकशी करो
عَلَى against ʿalā
against
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह (के मुक़ाबले) पर l-lahi
अल्लाह (के मुक़ाबले) पर
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
ءَاتِيكُم लाया हूँ तुम्हारे पास ātīkum
लाया हूँ तुम्हारे पास
بِسُلْطَـٰنٍۢ दलील bisul'ṭānin
दलील
مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह
١٩ (19)
(19)
तथा यह कि अल्लाह के मुक़ाबले में सरकशी न करो, निःसंदेह मैं तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण लाने वाला हूँ।
४४:२०
وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं
عُذْتُ पनाह ले चुका मैं ʿudh'tu
पनाह ले चुका मैं
بِرَبِّى अपने रब की birabbī
अपने रब की
وَرَبِّكُمْ और तुम्हारे रब की warabbikum
और तुम्हारे रब की
أَن कि an
कि
تَرْجُمُونِ तुम संगसार करो मुझे tarjumūni
तुम संगसार करो मुझे
٢٠ (20)
(20)
तथा निःसंदेह मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की इससे शरण ली है कि तुम मुझपर पथराव कर मेरी जान ले लो।
४४:२१
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
لَّمْ नहीं lam
नहीं
تُؤْمِنُوا۟ तुम ईमान लाते tu'minū
तुम ईमान लाते
لِى मुझ पर
मुझ पर
فَٱعْتَزِلُونِ तो अलग हो जाओ मुझसे fa-iʿ'tazilūni
तो अलग हो जाओ मुझसे
٢١ (21)
(21)
और अगर तुम मेरी बात नहीं मानते, तो मुझसे दूर रहो।
४४:२२
فَدَعَا तो उसने पुकारा fadaʿā
तो उसने पुकारा
رَبَّهُۥٓ अपने रब को rabbahu
अपने रब को
أَنَّ बेशक anna
बेशक
هَـٰٓؤُلَآءِ ये hāulāi
ये
قَوْمٌۭ लोग qawmun
लोग
مُّجْرِمُونَ मुजरिम हैं muj'rimūna
मुजरिम हैं
٢٢ (22)
(22)
अंततः उसने अपने पालनहार को पुकारा कि निःसंदेह ये अपराधी लोग हैं।
४४:२३
فَأَسْرِ तो ले चलो fa-asri
तो ले चलो
بِعِبَادِى मेरे बन्दों को biʿibādī
मेरे बन्दों को
لَيْلًا रातों रात laylan
रातों रात
إِنَّكُم बेशक तुम innakum
बेशक तुम
مُّتَّبَعُونَ पीछा किए जाने वाले हो muttabaʿūna
पीछा किए जाने वाले हो
٢٣ (23)
(23)
अतः तुम मेरे बंदों को लेकर रातों-रात चले जाओ। निःसंदेह तुम्हारा पीछा किया जाएगा।
४४:२४
وَٱتْرُكِ और छोड़ दो wa-ut'ruki
और छोड़ दो
ٱلْبَحْرَ समुन्दर को l-baḥra
समुन्दर को
رَهْوًا ۖ साकिन rahwan
साकिन
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
جُندٌۭ लश्कर हैं jundun
लश्कर हैं
مُّغْرَقُونَ ग़र्क़ किए जाने वाले mugh'raqūna
ग़र्क़ किए जाने वाले
٢٤ (24)
(24)
तथा सागर को अपनी दशा पर ठहरा हुआ छोड़ दे। निःसंदेह वे एक ऐसी सेना हैं, जो डुबोए जाने वाले हैं।
४४:२५
كَمْ कितने ही kam
कितने ही
تَرَكُوا۟ वो छोड़ गए tarakū
वो छोड़ गए
مِن of min
of
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात jannātin
बाग़ात
وَعُيُونٍۢ और चश्मे waʿuyūnin
और चश्मे
٢٥ (25)
(25)
वे कितने ही बाग़ और जल स्रोत छोड़ गए।
४४:२६
وَزُرُوعٍۢ और खेतियाँ wazurūʿin
और खेतियाँ
وَمَقَامٍۢ और मक़ाम wamaqāmin
और मक़ाम
كَرِيمٍۢ उमदा karīmin
उमदा
٢٦ (26)
(26)
तथा खेतियाँ और बढ़िया स्थान।
४४:२७
وَنَعْمَةٍۢ और राहत व आसाइश wanaʿmatin
और राहत व आसाइश
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
فِيهَا जिसमें fīhā
जिसमें
فَـٰكِهِينَ ऐश करने वाले fākihīna
ऐश करने वाले
٢٧ (27)
(27)
तथा सुख-सामग्री, जिनमें वे आनंद ले रहे थे।
४४:२८
كَذَٰلِكَ ۖ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
وَأَوْرَثْنَـٰهَا और वारिस बना दिया हमने उनका wa-awrathnāhā
और वारिस बना दिया हमने उनका
قَوْمًا क़ौम qawman
क़ौम
ءَاخَرِينَ दूसरी ākharīna
दूसरी
٢٨ (28)
(28)
ऐसा ही हुआ और हमने उनका उत्तराधिकारी दूसरे1 लोगों को बना दिया।
४४:२९
فَمَا तो ना famā
तो ना
بَكَتْ रोए bakat
रोए
عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर
ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान
وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
مُنظَرِينَ मोहलत दिए जाने वाले munẓarīna
मोहलत दिए जाने वाले
٢٩ (29)
(29)
फिर न उनपर आकाश और धरती रोए और न वे मोहलत पाने वाले हुए।
४४:३०
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
نَجَّيْنَا निजात दी हमने najjaynā
निजात दी हमने
بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel
إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को
مِنَ from mina
from
ٱلْعَذَابِ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से
ٱلْمُهِينِ ज़िल्लत के l-muhīni
ज़िल्लत के
٣٠ (30)
(30)
तथा निःसंदेह हमने इसराईल की संतान को अपमानकारी यातना से बचा लिया।
४४:३१
مِن From min
From
فِرْعَوْنَ ۚ फ़िरऔन से fir'ʿawna
फ़िरऔन से
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
كَانَ था वो kāna
था वो
عَالِيًۭا सरकश ʿāliyan
सरकश
مِّنَ among mina
among
ٱلْمُسْرِفِينَ हद से बढ़ने वालों में से l-mus'rifīna
हद से बढ़ने वालों में से
٣١ (31)
(31)
फ़िरऔन से। निःसंदेह वह हद से बढ़ने वालों में से एक सरकश व्यक्ति था।
४४:३२
وَلَقَدِ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqadi
और अलबत्ता तहक़ीक़
ٱخْتَرْنَـٰهُمْ मुन्तख़ब कर लिया हमने उन्हें ikh'tarnāhum
मुन्तख़ब कर लिया हमने उन्हें
عَلَىٰ by ʿalā
by
عِلْمٍ इल्म की बिना पर ʿil'min
इल्म की बिना पर
عَلَى over ʿalā
over
ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों पर l-ʿālamīna
तमाम जहानों पर
٣٢ (32)
(32)
तथा निःसंदेह हमने उन्हें ज्ञान के आधार पर संसार वासियों पर चुन लिया।
४४:३३
وَءَاتَيْنَـٰهُم और दीं हमने उन्हें waātaynāhum
और दीं हमने उन्हें
مِّنَ of mina
of
ٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ l-āyāti
निशानियाँ
مَا जो
जो
فِيهِ उनमें fīhi
उनमें
بَلَـٰٓؤٌۭا۟ आज़माइश थी balāon
आज़माइश थी
مُّبِينٌ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह
٣٣ (33)
(33)
तथा हमने उन्हें ऐसी निशानियाँ प्रदान कीं, जिनमें खुली परीछा थी।
४४:३४
إِنَّ बेशक inna
बेशक
هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग
لَيَقُولُونَ अलबत्ता वो कहते हैं layaqūlūna
अलबत्ता वो कहते हैं
٣٤ (34)
(34)
निःसंदेह ये1 लोग निश्चय कहते हैं।
४४:३५
إِنْ नहीं in
नहीं
هِىَ ये hiya
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
مَوْتَتُنَا मौत हमारी mawtatunā
मौत हमारी
ٱلْأُولَىٰ पहली l-ūlā
पहली
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نَحْنُ हम naḥnu
हम
بِمُنشَرِينَ उठाए जाने वाले bimunsharīna
उठाए जाने वाले
٣٥ (35)
(35)
कि हमारी इस पहली मृत्यु के सिवा कोई (मृत्यु) नहीं, और न हम कभी दोबारा उठाए जाएँगे।
४४:३६
فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ
بِـَٔابَآئِنَآ हमारे आबा ओ अजदाद को biābāinā
हमारे आबा ओ अजदाद को
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे
٣٦ (36)
(36)
तो तुम हमारे बाप-दादा को ले आओ, यदि तुम सच्चे हो?
४४:३७
أَهُمْ क्या वो ahum
क्या वो
خَيْرٌ बेहतर हैं khayrun
बेहतर हैं
أَمْ या am
या
قَوْمُ क़ौम qawmu
क़ौम
تُبَّعٍۢ तुब्बअ की tubbaʿin
तुब्बअ की
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
مِن before them min
before them
قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
أَهْلَكْنَـٰهُمْ ۖ हलाक कर दिया हमने उन्हें ahlaknāhum
हलाक कर दिया हमने उन्हें
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
مُجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम
٣٧ (37)
(37)
क्या ये लोग बेहतर हैं, अथवा तुब्बा' की जाति1 तथा वे लोग जो उनसे पूर्व थे? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह वे अपराधी थे।
४४:३८
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
وَمَا और जो wamā
और जो
بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के
لَـٰعِبِينَ खेलते हुए lāʿibīna
खेलते हुए
٣٨ (38)
(38)
और हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है, खेलते हुए नहीं बनाया है।
४४:३९
مَا नहीं
नहीं
خَلَقْنَـٰهُمَآ पैदा किया हमने उन दोनों को khalaqnāhumā
पैदा किया हमने उन दोनों को
إِلَّا मगर illā
मगर
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
٣٩ (39)
(39)
हमने उन दोनों को सत्य ही के साथ पैदा किया है, किंतु उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
४४:४०
إِنَّ बेशक inna
बेशक
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْفَصْلِ फ़ैसले का l-faṣli
फ़ैसले का
مِيقَـٰتُهُمْ वक़्त मुक़र्रर है उनका mīqātuhum
वक़्त मुक़र्रर है उनका
أَجْمَعِينَ सब के सब का ajmaʿīna
सब के सब का
٤٠ (40)
(40)
निश्चय फ़ैसले1 का दिन उन सब का नियत समय है।
४४:४१
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
لَا not
not
يُغْنِى ना काम आएगा yugh'nī
ना काम आएगा
مَوْلًى कोई दोस्त mawlan
कोई दोस्त
عَن for ʿan
for
مَّوْلًۭى किसी दोस्त के mawlan
किसी दोस्त के
شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
وَلَا और ना walā
और ना
هُمْ वो hum
वो
يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे
٤١ (41)
(41)
जिस दिन कोई साथी किसी साथी के कुछ काम न आएगा और न उनकी सहायता की जाएगी।
४४:४२
إِلَّا मगर illā
मगर
مَن जिस पर man
जिस पर
رَّحِمَ रहम फ़रमाय raḥima
रहम फ़रमाय
ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
إِنَّهُۥ यक़ीनन innahu
यक़ीनन
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला
٤٢ (42)
(42)
किंतु जिसपर अल्लाह ने दया की, निःसंदेह वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान है।
४४:४३
إِنَّ बेशक inna
बेशक
شَجَرَتَ दरख़्त shajarata
दरख़्त
ٱلزَّقُّومِ जक़्क़ूम का l-zaqūmi
जक़्क़ूम का
٤٣ (43)
(43)
निःसंदेह ज़क़्क़ूम (थूहड़) का वृक्ष।
४४:४४
طَعَامُ खाना है ṭaʿāmu
खाना है
ٱلْأَثِيمِ गुनहगार का l-athīmi
गुनहगार का
٤٤ (44)
(44)
पापी का भोजन है।
४४:४५
كَٱلْمُهْلِ पिघले हुए ताँबे की तरह kal-muh'li
पिघले हुए ताँबे की तरह
يَغْلِى जोश खाएगा yaghlī
जोश खाएगा
فِى in
in
ٱلْبُطُونِ पेटों में l-buṭūni
पेटों में
٤٥ (45)
(45)
पिघले हुए ताँबे (या तलछट) की तरह, पेटों में खौलता है।
४४:४६
كَغَلْىِ मानिन्द जोश खाने kaghalyi
मानिन्द जोश खाने
ٱلْحَمِيمِ खौलते पानी के l-ḥamīmi
खौलते पानी के
٤٦ (46)
(46)
गर्म पानी के खौलने की तरह।
४४:४७
خُذُوهُ (कहा जाएगा) पकड़ो उसे khudhūhu
(कहा जाएगा) पकड़ो उसे
فَٱعْتِلُوهُ पस घसीटो उसे fa-iʿ'tilūhu
पस घसीटो उसे
إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़
سَوَآءِ दर्मियान sawāi
दर्मियान
ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के
٤٧ (47)
(47)
इसे पकड़ो, फिर इसे धधकती आग के बीच तक घसीटकर ले जाओ।
४४:४८
ثُمَّ फिर thumma
फिर
صُبُّوا۟ उन्डेल दो ṣubbū
उन्डेल दो
فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर
رَأْسِهِۦ उसके सिर के rasihi
उसके सिर के
مِنْ of min
of
عَذَابِ अज़ाब से ʿadhābi
अज़ाब से
ٱلْحَمِيمِ खौलते पानी के l-ḥamīmi
खौलते पानी के
٤٨ (48)
(48)
फिर खौलते हुए पानी की कुछ यातना उसके सिर पर उँडेल दो।1
४४:४९
ذُقْ (कहा जाऐगा) चखो dhuq
(कहा जाऐगा) चखो
إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम
أَنتَ तुम ही anta
तुम ही
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त
ٱلْكَرِيمُ इज़्ज़त वाले थे l-karīmu
इज़्ज़त वाले थे
٤٩ (49)
(49)
चख, निःसंदेह तू ही वह व्यक्ति है जो बड़ा बलशाली और सम्माननीय है।
४४:५०
إِنَّ बेशक inna
बेशक
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
مَا वो जो
वो जो
كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम
بِهِۦ उसमें bihi
उसमें
تَمْتَرُونَ तुम शक करते थे tamtarūna
तुम शक करते थे
٥٠ (50)
(50)
निःसंदे यह वही है जिसके बारे में तुम संदेह करते थे।
४४:५१
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोग l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोग
فِى (will be) in
(will be) in
مَقَامٍ जगह पर होंगे maqāmin
जगह पर होंगे
أَمِينٍۢ अमन वाली amīnin
अमन वाली
٥١ (51)
(51)
निःसंदेह परहेज़गार लोग शांति एवं सुरक्षा वाली जगह में होंगे।
४४:५२
فِى In
In
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ों में jannātin
बाग़ों में
وَعُيُونٍۢ और चश्मों में waʿuyūnin
और चश्मों में
٥٢ (52)
(52)
बाग़ों तथा जल स्रोतों में।
४४:५३
يَلْبَسُونَ वो पहनेंगे yalbasūna
वो पहनेंगे
مِن of min
of
سُندُسٍۢ बारीक रेशम से sundusin
बारीक रेशम से
وَإِسْتَبْرَقٍۢ और मोटे रेशम से wa-is'tabraqin
और मोटे रेशम से
مُّتَقَـٰبِلِينَ आमने-सामने बैठने वाले mutaqābilīna
आमने-सामने बैठने वाले
٥٣ (53)
(53)
वे बारीक और गाढ़े रेशम के वस्त्र पहनेंगे, आमने-सामने बैठे होंगे।
४४:५४
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
وَزَوَّجْنَـٰهُم और ब्याह देंगे हम उन्हें wazawwajnāhum
और ब्याह देंगे हम उन्हें
بِحُورٍ गोरी औरतों से biḥūrin
गोरी औरतों से
عِينٍۢ बड़ी आँखों वाली ʿīnin
बड़ी आँखों वाली
٥٤ (54)
(54)
ऐसा ही होगा और हम उनका विवाह गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतों से कर देंगे, जो बड़ी-बड़ी आँखों वाली होंगी।
४४:५५
يَدْعُونَ वो तलब करेंगे yadʿūna
वो तलब करेंगे
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
بِكُلِّ हर क़िस्म के bikulli
हर क़िस्म के
فَـٰكِهَةٍ फल fākihatin
फल
ءَامِنِينَ बेख़ौफ़ हो कर āminīna
बेख़ौफ़ हो कर
٥٥ (55)
(55)
वे उसमें निश्चिंत होकर हर प्रकार के फल मंगवाएँगे।
४४:५६
لَا Not
Not
يَذُوقُونَ ना वो चखेंगे yadhūqūna
ना वो चखेंगे
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
ٱلْمَوْتَ मौत को l-mawta
मौत को
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
ٱلْمَوْتَةَ मौत l-mawtata
मौत
ٱلْأُولَىٰ ۖ पहली के l-ūlā
पहली के
وَوَقَىٰهُمْ और वो बचा लेगा उन्हें wawaqāhum
और वो बचा लेगा उन्हें
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के
٥٦ (56)
(56)
वे उसमें मृत्यु1 का स्वाद नहीं चखेंगे, परंतु वह मृत्यु जो पहली थी, और वह (अल्लाह) उन्हें दहकती हुई आग के अज़ाब से बचा लेगा।
४४:५७
فَضْلًۭا फ़ज़ल है faḍlan
फ़ज़ल है
مِّن from min
from
رَّبِّكَ ۚ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से
ذَٰلِكَ यही dhālika
यही
هُوَ वो huwa
वो
ٱلْفَوْزُ कामयाबी है l-fawzu
कामयाबी है
ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी
٥٧ (57)
(57)
आपके पालनहार की ओर से अनुग्रह के कारण। यही बहुत बड़ी सफलता है।
४४:५८
فَإِنَّمَا पस बेशक fa-innamā
पस बेशक
يَسَّرْنَـٰهُ आसान कर दिया हमने उसे yassarnāhu
आसान कर दिया हमने उसे
بِلِسَانِكَ आपकी ज़बान पर bilisānika
आपकी ज़बान पर
لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो
يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें
٥٨ (58)
(58)
सो तथ्य यही है कि हमने इसे आपकी भाषा में आसान कर दिया है, ताकि वे नसीहत ग्रहण करें।
४४:५९
فَٱرْتَقِبْ पस इन्तज़ार कीजिए fa-ir'taqib
पस इन्तज़ार कीजिए
إِنَّهُم बेशक वो (भी) innahum
बेशक वो (भी)
مُّرْتَقِبُونَ इन्तज़ार करने वाले हैं mur'taqibūna
इन्तज़ार करने वाले हैं
٥٩ (59)
(59)
अतः आप प्रतीक्षा करें, निःसंदेह वे भी प्रतीक्षा करने वाले हैं।